डूंगरपुर – सादिक़ अली : आधा दर्जन से अधिक गाँवों के लोग एक सड़क को लेकर काफ़ी लम्बे अरसे से दिन-रात परेशान।सड़क नवीनीकरण को लेकर ठेकेदार की मनमानी के चलते 12 किलोमीटर की सड़क को पार करने में ग्रामीणों को लग रहे 2 घण्टे से भी ज्यादा समय।
डूंगरपुर जिले में सीमलवाड़ा से मांडली सड़क काफी लंबे समय से विवाद का पर्याय बनी है। सड़क के नवीनीकरण कार्य को लेकर लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी राशि और टेंडर राशि मे बड़ा अंतर आने की वजह से सड़क कई बार विवाद में फँसते हुए रह गई।सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ फिर बंद हुआ जिसके बाद विभाग द्वारा ठेकेदार को नोटिस जारी किए जाने पर निर्माण कार्य में गुणवत्ता को दरकिनार करते हुए ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य फिर से शुरू किया गया।
दरअसल व्यापारिक दृष्टिकोण से महत्व रखने वाली यह सड़क गुजरात के कई व्यापारिक शहरों से जुड़ती है। जिसको लेकर इस सड़क पर भारी मात्रा में वाहनों का आवागमन रहता है, ऐसे में यह सड़क पिछले कई सालों से खस्ताहाल एवं जर्जर हाल अवस्था में होने से वाहनो को सड़क से गुजरने में काफी परेशानीयो का सामना करना पड़ रहा है । वहीं नवीनीकरण निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। इसी बात से आक्रोशित जनप्रतिनिधियों द्वारा आधा दर्जन से अधिक ग्रामीणों की माँग पर सरकार तक इस सड़क को लेकर हो रही वेदना को पहुचाया गया।
फेस-3 की सड़कें स्तरहीन :
जिले में फेस-3 अंतर्गत निर्मित होने वाली सड़के स्तरहीन बनाई जा रही है। अनूपपुर, कोतमा व पुष्पराजगढ़ में निर्माणाधीन मार्ग में भ्रष्टाचार किया जा रहा है, लेेकिन महाप्रबंधक के द्वारा मैदानी स्तर पर निरीक्षण तक नहीं किया जाता। इतना ही नहीं ठेकेदार के द्वारा सोल्डर गुणवत्ताहीन बनाने के साथ सीलकोट अधूरे व पुलिया का स्ट्रक्चर परिवर्तित कर मनमाने तरीके से कार्य किया गया है, इसके बावजूद भी किसी भी प्रकार की कार्यवाही न होना विभाग के जिम्मेदारों पर प्रश्रचिन्ह खड़ा करता है।
Read More : क्यों खास है सोहरवर्दी छोटे सरकार की दरगाह, जहां सभी धर्म के लोग मांगते हैं मन्नत

