Friday, April 10, 2026
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झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कुर्सी पर संकट के बादल गहराए

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कुर्सी पर संकट के बादल गहरा गए हैं। संवैधानिक और संसदीय विशेषज्ञों की राय है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है यदि चुनाव आयोग की रिपोर्ट में राज्यपाल से यह सिफारिश की गई है कि उन्हें ‘लाभ के पद के कारण राज्य के सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित किया जाए।’ लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अगर उनकी पार्टी उन्हें फिर से फ्लोर लीडर के रूप में नामित करती है| तो उनके मुख्यमंत्री बनने पर कोई कानूनी रोक नहीं हो सकती। वही आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में अपने आवास पर सत्तारूढ़ दल के मंत्रियों और विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता की |

इन सब के बीच चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 9 (ए) के तहत दोषी मानते हुए उन्हें विधायक के पद से अयोग्य किए जाने की रिपोर्ट राज्यपाल रमेश बैस को सौंप दिया है। अब आखिरी फैसला राज्यपाल के हाथ में है। राजभवन के फैसले पर सभी की निगाहे हैं। माना जा रहा है कि राज्यपाल रमेश बैस आज आयोग की रिपोर्ट पर निर्णय दे सकते हैं। वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कहना है कि अगर उन्हें विधायक के रूप में अयोग्य घोषित किया जाता है तो वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। वहीं पार्टी का कहना है कि सरकार को कोई खतरा नहीं है, हमारे पास पूर्ण बहुमत है। इसी बीच ऐसी अटकले हैं कि सोरेन अपनी जगह पत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बना सकते हैं।

आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक सूत्र ने कहा, ‘वे मानसिक रूप से तैयार हैं। यदि फैसला उनके खिलाफ आता है और उन्हें अयोग्य घोषित किया जाता है,तो वह फिर से निर्वाचित होने तक सरकार का चेहरा (कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में) बने रहेंगे। यदि उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगती है तो किसी नए चेहरे को मौका दिया जाएगा। लेकिन, इतना तय है कि हम कोर्ट का रुख करेंगे।’

गठबंधन में दिखी असहमति

हालात को देखते हुए सरकार में सहयोगी दलों के बीच असहमति खुल कर सामने आ गई है | मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक में पहुंचे कई विधायकों ने मीडिया में अपने नाम का उल्लेख नहीं करने की शर्त पर बातचीत की | बताया कि विकल्पों पर चर्चा में केवल झारखंड मुक्ति मोर्चा के लोगों का नाम आ रहा था | इस वजह से भी आपसी समन्वय सभी दलों के बीच नही बनी | सहमति बनाने के लिए ही एक बार फिर बैठक आज देर शाम मुख्यमंत्री आवास में ही रखा गया है | वहीं सभी विधायकों को राजधानी रांची में ही रहने का निर्देश दिया गया है |

फिर चर्चा में निशिकांत दुबे का ट्वीट

भाजपा के गोंडा सांसद निशिकांत दुबे का एक ट्वीट एक बार फिर चर्चा में है | सांसद निशिकांत दुबे ने ट्वीट कर कहा कि सत्तारूढ़ दल के सभी विधायकों को तीन बसों में भरकर छत्तीसगढ़ ले जाने की तैयारी है | इस बैठक के बाद , हालांकि बैठक से बाहर निकले विधायकों से इस बाबत पूछने पर उन्होंने कहा कि हम राज्य से कहीं बाहर नहीं जा रहे | हम यहीं रहकर सभी तरह की परिस्थितियों का सामना करेंगे | पहले राजभवन का फैसला तो आने दीजिए उसके बाद ही विकल्प पर मुहर लगेगी |

read more : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ओएसडी मोतीलाल सिंह की सड़क दुर्घटना में हुई मौत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ओएसडी मोतीलाल सिंह की सड़क दुर्घटना में हुई मौत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) मोतीलाल सिंह की बस्ती में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई जबकि उनकी पत्नी गंभीर रुप से घायल है। लखनऊ जा रहे मोतीलाल सिंह (ओएसडी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय-गोरखनाथ मंदिर/ पूर्व उपजिलाधिकारी चौरीचौरा) की सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा बस्ती में हुआ। जबकि उनकी पत्नी और वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को गोरखपुर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। मोतीलाल सिंह योगी सरकार के पहले कार्यकाल में भी ओएसडी थे। दूसरे कार्यकाल में भी जिम्मेदारी मिली थी। गोरखनाथ मंदिर परिसर में ही मुख्यमंत्री का कैम्प कार्यालय बना है, जहां बैठकर जनसुनवाई करते थे।

सुबह ली अंतिम सांस

मोतीलाल सिंह का स्थायी निवास ग्राम बुढ़नपुर, पोस्ट कोयलास और जनपद आजमगढ़ था। वह गोरखपुर में सिविल लाइंस, निकट एसपी सिटी आवास, सहारा प्रेस के बगल में रहते थे। बताया जा रहा है कि उन्हें सुबह चार बजे गुरु गोरखनाथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सुबह 6.30 बजे के लगभग में इनका निधन हो गया। कहा जा रहा है कि ये हादसा पशुओं को बचाने के चक्कर में हुआ। जानकारी के मुताबिक गोरखपुर स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में तैनात पूर्व पीसीएस अधिकारी गुरुवार देर रात गोरखपुर से लखनऊ जा रहे थे तभी खजौला के पास ये हादसा हुआ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया शोक व्यक्त

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ओएसडी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय ने सड़क हादसे में मोतीलाल सिंह की मौत होने की पुष्टि करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर शोक व्यक्त किया है।उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए महाराज जी ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

हादसा जिले के मुंडेरवा क्षेत्र में हाईवे पर हुआ

बस्ती पुलिस ने भी मोतीलाल लाल सिंह की सड़क दुर्घटना में मौत होने की पुष्टि करते हुए बताया कि यह हादसा जिले के मुंडेरवा क्षेत्र में हाईवे पर उनकी कार के सामने किसी आवारा जानवर के आने के कारण हुआ। जानकारी के अनुसार मोतीलाल सिंह गुरूवार की रात में स्कार्पियो कार से पत्नी के साथ लखनऊ जा रहे थे। तभी मुंडेरवा के पास हाईवे पर उनकी गाड़ी किसी जानवर को बचाने के चक्कर में अनियंत्रित होकर दुर्घटना की शिकार हो गई। इस हादसे में मोतीलाल सिंह की मौके पर ही मृत्यु हो गई,जबकि उनकी पत्नी और वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हैं।

read more : कांग्रेस के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद ने दिया सभी पदों से इस्तीफा

कांग्रेस के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद ने दिया सभी पदों से इस्तीफा

कांग्रेस के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। वे लंबे अर्से से पार्टी से नाराज चल रहे थे। वे पार्टी के अंदर बदलाव की मुहिम चलाने के समर्थक माने जाते थे। गुलाम नबी आजाद ने कुछ दिन पहले प्रचार समिति से भी इस्तीफा दे दिया था। गुलाम नबी आजाद ने पांच पेज का इस्तीफा सोनिया गांधी को भेजा है। उन्होंने अपने इस्तीफे की चिट्ठी में लिखा-बहुत अफसोस और बेहद भावुक दिल के साथ मैंने कांग्रेस से अपना आधा सदी पुराना रिश्ता तोड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने अपनी चिट्ठी में इस बात का उल्लेख किया है कि कांग्रेस को भारत जोड़ो यात्रा की जगह कांग्रेस जोड़ो यात्रा निकालनी चाहिए।

यही नहीं कांग्रेस से 51 साल पुराना नाता तोड़ते हुए उन्होंने राहुल गांधी पर भी सीधा हमला बोला। गुलाम नबी आजाद ने इंदिरा गांधी से लेकर अब तक के दौर को याद दिलाते हुए सोनिया गांधी से कहा कि आपकी अध्यक्षता में पार्टी अच्छे से काम कर रही थी और सबसे मशविरा लिया जाता था। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कांग्रेस की यह व्यवस्था राहुल गांधी की 2013 में एंट्री के बाद खत्म होती चली गई।

‘राहुल गांधी के आने के बाद चापलूस दरबारियों को कमान’

गुलाम नबी आजाद ने लिखा, ‘दुर्भाग्य से राहुल गांधी की राजनीति में एंट्री के बाद और खासतौर पर जनवरी 2013 में कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनने के बाद सलाह-मशविरे के साथ चलने की जो परंपरा थी, वह ध्वस्त हो गई।’ गुलाम नबी आजाद ने कहा कि राहुल गांधी के आने के बाद सारे वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को किनारे लगा दिया गया। उनकी जगह गैर-अनुभवी और चापलूस दरबारियों ने ले ली। यही नहीं इन्हीं लोगों के हाथों में पार्टी के मामलों की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई। इसका अपरिपक्वता का बड़ा उदाहरण वह था, जब राहुल गांधी ने मीडिया की मौजूदगी में सरकार के अध्यादेश को ही फाड़ दिया। उस अध्यादेश पर कांग्रेस के कोर ग्रुप में चर्चा हुई थी और कैबिनेट से मंजूरी भी दी गई थी।

जी-23 ग्रुप के नेताओं में काफी मुखर थे गुलाम नबी आजाद

गुलाम नबी आजाद की गिनती पार्टी के बेहद सीनियर नेताओं में होती थी और वे गांधी परिवार के बेहद करीबी नेताओं में एक माने जाते थे। लेकिन 2019 के बाद से पार्टी के अंदर बदलाव की आवाज उठने लगी और फिर जी-23 ग्रुप का उभार हुआ। इसमें वो नेता शामिल थे जो पार्टी में आमूलचूल परिवर्तन की मांग उठा रहे थे। इन नेताओं में गुलाम नबी आजाद भी बेहद मुखर थे। इससे गांधी परिवार से उनकी दूरी बढ़ती जा रही थी।

राजनीति से संन्यास लेने का संकेत

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद को पद्मभूषण सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। इसी संबंध में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की तरफ से एक कार्यक्रम में उन्होंने राजनीति से संन्यास लेने का संकेत दिया था। उन्होंने अपने संबोधन में कहा-‘हमको समाज में बदलाव लाना है। कभी-कभी मैं सोचता हूं, और कोई बड़ी बात नहीं है कि अचानक आप सुनें कि मैं रिटायर हो गया हूं और समाजसेवा में लग गया हूं।’

read more : उत्तर प्रदेश सरकार ने टोमाटो फ्लू को लेकर जारी की एडवाइजरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने टोमाटो फ्लू को लेकर जारी की एडवाइजरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने टोमाटो फ्लू, हाथ, पैर और मुंह की बीमारी (एचएफएमडी) पर एक एडवाइजरी जारी की है। उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण का कहर अभी पूरी तरह से खत्म भी नहीं हुआ था | एक नए तरीके के संक्रमण या यूं कहें कि नई बीमारी ने दस्तक दे दी है। इसे बीमारी का नाम टोमैटो फ्लू है। लखनऊ में कुछ बच्चों में इसके लक्षण पाए गए हैं। इस बीमारी में टोमाटो के आकार के फफोले के लक्षण से पहचाना जाता है।

संक्रामक रोग/ वेक्टर जनित रोग विभाग द्वारा राज्य के 75 जिलों के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) के साथ शेयर की गई एडवाइजरी में लिखा है कि बीमारी के रोकथाम के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि आस-पास को उचित तरीके से साफ और स्वच्छ बनाए रखें। एडवाइजरी में कहा गया है कि माता-पिता को अपने बच्चों को बुखार या दाने के लक्षण वाले अन्य बच्चों को गले लगाने या छूने के लिए नहीं कहना चाहिए।

10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में होता है, टोमैटो फ्लू

यह रोग मुख्य रूप से 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में होता है, लेकिन वयस्क भी संक्रमित हो सकते हैं। एडवाइजरी में कहा गया है कि टोमाटो फ्लू में अन्य वायरल संक्रमण (बुखार, थकान, शरीर में दर्द और चकत्ते) के समान लक्षण होते हैं, लेकिन यह SARS-CoV2, मंकीपॉक्स, डेंगू या चिकनगुनिया से संबंधित नहीं है।एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल डॉक्टर्स के महासचिव, डॉ अभिषेक शुक्ला ने कहा कि बच्चों में, प्राथमिक लक्षण अन्य वायरल संक्रमण जैसे बुखार, चकत्ते और जोड़ों में दर्द जैसे होते हैं। टोमाटो फ्लू एक स्व-सीमित बीमारी है और इसका इलाज करने के लिए कोई विशिष्ट दवा नहीं है। इसलिए, सबसे अच्छा विकल्प उचित स्वच्छता के निवारक उपायों का पालन करना है।

लखनऊ में करीब 12 बच्चों में दिखे लक्षण

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी टोमैटो फ्लू पैर पसार रहा है, यही वजह है कि इससे जुड़े लक्षण वाले कई मामले कुछ दिनों में ही सामने आ गए हैं। वहीं बताया जा रहा है कि इससे पहले केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और उड़ीसा में भी टोमैटो फ्लू लक्षण वाले केस मिल चुके हैं।जानकारी के मुताबिक टोमैटो फ्लू की चपेट में राजधानी लखनऊ के कई मासूम बच्चे आ गए हैं, जिनका इलाज लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में चल रहा है। इनकी संख्या 12 से ज्यादा बताई जा रही है जो हाल ही में इस टोमैटो फ्लू का शिकार हो गए हैं। एसजीपीजीआई के पीडियाट्रिक विभाग के डॉक्टर पीड़ित बच्चों का इलाज कर रहे हैं।

लखनऊ के सीएमओ मनोज अग्रवाल ने कहा कि हमने प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए केजीएमयू, एसजीपीजीआई, जिला स्तर के अस्पतालों और निजी अस्पतालों सहित सभी चिकित्सा संस्थानों को सलाह दी है। भारत का पहला टोमाटो फ्लू का मामला केरल के कोल्लम जिले में 6 मई को सामने आया था। जिसके बाद अन्य राज्यों की सरकार भी सतर्क हो गई है।

read more : देश में पहली बार गिरेगी 102 मीटर ऊंची इमारत,3700 किलो विस्फोटक लगाए गए

देश में पहली बार गिरेगी 102 मीटर ऊंची इमारत,3700 किलो विस्फोटक लगाए गए

देश में पहली बार 102 मीटर ऊंची इमारत को गिराया जा रहा है। घड़ी की टिक-टिक शुरू हो चुकी है। चंद घंटे बाद नोएडा में आसमान छूते ट्विन टावर जमीन में मिल जाएंगे। तैयारी पूरी हो चुकी है। सेक्टर 93 ए स्थित 32 और 29 मंजिला दोनों टावर में 3700 किलो विस्फोटक लगाए गए हैं, जो महज 9-12 सेकेंड में इन्हें मलबे के ढेर में बदल देंगे। 102 मीटर ऊंचे टावर 11 मीटर मलबे के ढेर में बदल जाएंगे।

ट्विन टावर को गिराए जाने से पहले आसपास की कुछ सोसायटी को एहतियातन खाली कराया जा चुका है। करीब 7 हजार परिवारों को घर छोड़ना पड़ा है। इलाके के सभी रास्ते सील कर दिए गए हैं। छह सोसायटी के लोगों को छत पर जाने से मना किया गया है। हालांकि, टावर गिराने की जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी और विशेषज्ञों का दावा है कि आसपास की इमारतों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

प्रदूषण विभाग नही लगा पा रहा अनुमान

ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण के बाद कितनी धूल और धुएं का गुबार पैदा होगा और उसे छंटने में कितने घंटे लगेंगे व दायरा कितना होगा। प्रदूषण विभाग इसका अनुमान अभी नहीं लगा पा रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ट्विन टावर से दो किमी के दायरे में प्रदूषण रहने की संभावना है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने बुधवार को मौके पर निरीक्षण किया। इस दौरान ट्विन टावर से डेढ़ किमी की दूरी तक प्रदूषण मापने की दो मशीनें लगाने का फैसला किया गया है। इसके लिए जगह चिह्नित की जा रही है। उसी समय पता चल सकेगा कि प्रदूषण की स्थिति क्या है और कब तक रहेगा। प्रदूषण से निबटने के जो भी इंतजाम पहले से किए जा सकते हैं। उन्हें लेकर दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

पहले भी गिरायी जा चुकी है 65 मीटर ऊंची इमारत

इससे पहले केरल के कोच्चि में अपार्टमेंट कॉम्पलेक्स को इसी कंपनी ने गिराया था। सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में कोच्चि के मराडू में नियम विरूद्ध बनाए गए चार आपर्टमेंट ध्वस्त करने का आदेश दिया था। यह इमारत 65 मीटर ऊंची थी। जनवरी 2020 में इसे गिराया गया था। इसमें 343 फ्लैट बने थे। ध्वस्तीकरण से आसपास की इमारतों में कोई नुकसान नहीं हुआ।

read more : सुप्रीम कोर्ट ने तीखी टिप्पणी -दोषियों के फैसले में दिमाग का इस्तेमाल किया गया या नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने तीखी टिप्पणी -दोषियों के फैसले में दिमाग का इस्तेमाल किया गया या नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा की दोषियों की रिहाई के फैसले में दिमाग का इस्तेमाल किया गया या नहीं | बिलकिस बानो गैंगरेप केस के 11 दोषियों को रिहा किए जाने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने तीखी टिप्पणी की है। गुरुवार को दोषियों की गुजरात सरकार की ओर से रिहा किए जाने के खिलाफ दायर अर्जी पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और गुजरात सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने कहा कि हमें यह देखना होगा कि दोषियों की रिहाई के फैसले में दिमाग का इस्तेमाल किया गया या नहीं। इस अदालत ने दोषियों की रिहाई का आदेश नहीं दिया था। सरकार को सिर्फ इस अपनी रिहाई नीति के आधार पर विचार करने को कहा था। यही नहीं कोर्ट ने इस मामले में रिहा हुए 11 दोषियों को भी पार्टी बनाने को कहा है।

अब इस मामले की अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी। बता दें कि गोधरा कांड के बाद गुजरात में दंगे भड़क गए थे और इसी दंगे के दौरान बिलकिस बानों के परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी गई थी। इतना ही नहीं दंगाइयों ने बिलकिस बानो के साथ सामूहिक दुष्कर्म भी किया था। मुंबई की एक विशेष सीबीआई अदालत ने 21 जनवरी, 2008 को हत्या और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सभी 11 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने उनकी सजा को बरकरार रखा।

दोषियों की रिहाई पर होगा सख्त फैसला 

सुप्रीम कोर्ट के रुख से साफ है कि बिलकिस बानो के रेप के दोषियों की रिहाई पर वह कोई सख्त फैसला ले सकता है। केस की सुनवाई के दौरान दोषियों के वकील ने अदालत से गुजारिश की थी कि पहले उनके तर्कों को सुना जाए कि यह याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा करने से इनकार कर दिया।

देश भर में सवाल उठे हैं और शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन

बिलकिस बानो के दोषियों की रिहाई के खिलाफ सीपीएम की नेता सुभाषिनी अली, पत्रकार रेवती लाल और ऐक्टिविस्ट रूप रेखा रानी ने अर्जी दाखिल की थी। बता दें कि गुजरात सरकार ने बीते सप्ताह बिलकिस बानो से रेप के 11 दोषियों को रिहा कर दिया था। इस पर गुजरात समेत देश भर में सवाल उठे हैं और विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं। यही नहीं इस मामले में केंद्र और गुजरात सरकार की राय भी अलग नजर आई है। होम मिनिस्ट्री ने इस मसले पर विवाद के बताया था कि उसने इन लोगों को रिहा करने की बात नहीं कही थी। ऐसे में अब देखना होगा कि गुजरात और केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में क्या जवाब दिया जाता है।

एक औरत को दिए गए न्याय का अंत यही है: बिलकिस बानो

बिलकिस बानो ने भावुक होते हुए कहा कि जब मैंने सुना कि 11 अपराधी जिन्होंने मेरे परिवार और मेरे जीवन को तबाह कर दिया और मेरी 3 साल की बेटी को मुझसे छीन लिया, वे आज मुक्त हो गए तो मैं पूरी तरह से निःशब्द हो गई। मैं अभी भी स्तब्ध हूं। आज मैं बस इतना ही कह सकती हूं – किसी भी महिला के लिए न्याय इस तरह कैसे खत्म हो सकता है? मुझे अपने देश की सर्वोच्च अदालतों पर भरोसा था। दोषियों की रिहाई ने मेरी शांति छीन ली है और न्याय में मेरे विश्वास को हिला दिया है। विश्वास सिर्फ मेरे लिए नहीं बल्कि हर उस महिला के लिए है जो अदालतों में न्याय के लिए संघर्ष कर रही है।

read more : सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास पर विधायकों की बैठक संपन्न

सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास पर विधायकों की बैठक संपन्न

सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास पर आप विधायकों की बैठक संपन्न हो गई है। बैठक के बाद आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने बताया कि जो विधायक बैठक में मौजूद नहीं थे, उनसे फोन पर बात हुई तो उन्होंने कहा कि वे सीएम अरविंद केजरीवाल के साथ हैं। आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक और सीएम अरविंद केजरीवाल की ओर से बुलाई गई |  विधायकों की बैठक से यह साफ हो गया है कि पार्टी के सभी विधायक एकजुट हैं और सरकार पर कोई खतरा नहीं है। सीएम अरविंद केजरीवाल की बैठक में 53 विधायक पहुंचे, जबकि 8 विभिन्न कारणों से दिल्ली से बाहर हैं। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन जेल में बंद होने की वजह से नहीं आ पाए।

आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि सिसोदिया के आवास पर सीबीआई को कुछ नहीं मिला। बैठक में 54 विधायक मौजूद रहे। बैठक के बाद प्रेस वार्ता में आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आप विधायकों को 20-20 करोड़ रुपये का लालच दिया गया। जो विधायक विभिन्न कारणों से बैठक में मौजूद नहीं रहे, उनसे संपर्क किया गया तो सभी ने कहा है कि वे अंतिम सांस तक अरविंद केजरीवाल के साथ हैं। अब सभी विधायक राजघाट जाएंगे।

आखिरी सांस तक रहेंगे आप के साथ

स्पीकर राम निवास गोयल देश से बाहर हैं। वहीं उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया हिमचाल में हैं। कुछ और विधायक शहर से बाहर हैं और सीएम अरविंद केजरीवाल की सभी से फोन पर बात हुई। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा सभी विधायकों ने सीएम को भरोसा दिलाया कि वे आखिरी सांस तक साथ हैं। भारद्वाज ने यह भी कहा कि ऑपरेशन लोटस फेल कर दिया गया है।आम आदमी पार्टी का आरोप है कि बीजेपी उसकी सरकार गिराने की कोशिश कर रही है। पहले खुद मनीष सिसोदिया ने बीजेपी से ऑफर मिलने की बाद कही तो बुधवार को पार्टी ने 4 विधायकों को मीडिया के सामने पेश करते हुए दावा किया कि उन्हें 20-25 करोड़ रुपए का लालच दिया जा रहा है। साथ ही मनीष सिसोदिया की तरह फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है।

भारतीय जनता पार्टी ने बताया ड्रामा

भारतीय जनता पार्टी ने सरकार गिराए जाने की कोशिशों के आरोपों को ड्रामा बताया है। भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि केजरीवाल सरकार शराब घोटाले से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की बातें कर रही है। बीजेपी नेता और केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा, ”हमें आपकी सरकार तोड़ने की जरूरत नहीं है। हम लोग ‘वादा पूरा करने’ की बात करते हैं यही ‘ऑपरेशन लोटस’ है जो पूरे देश में चल रहा है और देश ने देखा है कि 2014 से आज तक सरकार ने कैसा काम किया है।

read more :मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में जीता विश्वासमत

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में जीता विश्वासमत

नीतीश कुमार सरकार ने विधानसभा में विश्वासमत जीत लिया है | दो हफ्ते पहले बीजेपी से गठबंधन तोड़ आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन के साथ मिलकर सरकार बनाने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में बीजेपी के वॉकआउट के बीच ध्वनिमत से बहुमत साबित किया। विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 160 विधायक रहे। इस दौरान भाजपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया। इसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन पर तंज कसते हुए कहा कि आप सब भाग रहे हैं, जरूर आलाकमान ने आपसे ऐसा करने को कहा होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा,महागठबंधन बिहार के विकास के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया है।

देश भर के नेताओं ने मुझे फोन किया और इस फैसले पर बधाई दी और मैंने उन सभी से 2024 के चुनाव में एक साथ लड़ने का आग्रह किया। सरकार के आग्रह पर वोटिंग की प्रक्रिया शुरू कराई गई | जिस पर बीजेपी के विधायकों ने लौटकर विरोध जताया और दोबारा सदन से वॉकआउट कर गए। सरकार के पक्ष में 160 वोट पड़े और विपक्ष में शून्य वोट।

नहीं था वहा मेरा सम्मान

सदन में अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए छोड़कर महागठबंधन की सरकार बनाने को लेकर कहा कि वहां मेरा सम्मान नहीं था। विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और आडवाणी जैसे नेताओं ने मुझे सम्मान दिया था। मैंने भाजपा से ताल्लुक 2013 में तब खत्म किया | जब इन नेताओं को किनारे लगाया जाने लगा था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने भाषण में पीएम नरेंद्र मोदी सीधे निशाना साधा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आज दिल्ली में लोग प्रचार-प्रसार में ही व्यस्त हैं। उन्होंने इस दौरान 2024 का प्लान भी पेश किया और कहा कि एकजुट विपक्ष ही पीएम नरेंद्र मोदी को चुनौती देगा।

नीतीश बोले, पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा नहीं दिया गया

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा सिर्फ 2020 के विधानसभा चुनाव की बात मत करो,अतीत के चुनावों को याद करें जब जद (यू) ने भाजपा से अधिक सीटें जीती थीं। तब पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा देने का मेरा अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया। 2017 में जब मैंने पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा देने की मांग की तो किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। अब केंद्र सरकार अपने काम का बखान करने के लिए ऐसा ही करेंगे। बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने विधानसभा में कहा, जहां भी भाजपा सत्ता में नहीं है, वो वहा अपने तीन दामाद भेज देती है | ईडी, सीबीआई और आईटी। जब मैं विदेश जाता हूं,तो भाजपा मेरे खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करती है | जब नीरव मोदी जैसे धोखेबाज भाग जाते हैं, तो वे कुछ नहीं करते। ये क्षेत्रीय दलों को खत्म करना चाहते हैं।

read more :सोनिया गांधी से अपील 2024 तक पद पर बनी रहें अध्यक्ष

सोनिया गांधी से अपील 2024 तक पद पर बनी रहें अध्यक्ष

पार्टी के सीनियर नेताओं ने सोनिया गांधी से ही अपील की है कि वह 2024 तक पद पर बनी रहें। राहुल गांधी के नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है और कांग्रेसी उनसे पद संभालने की अपील भी कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने इस पर अनिच्छा जाहिर की है। इस बीच कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी के सीनियर नेताओं ने सोनिया गांधी से ही अपील की है कि वह 2024 तक पद पर बनी रहें। इन नेताओं का कहना है कि गांधी परिवार के अलावा कोई भी पार्टी को एकजुट नहीं रख सकता। ऐसा नहीं हुआ तो पार्टी टूट सकती है और प्रियंका गांधी को 2024 के बाद कमान सौंप दी जाए।

गांधी परिवार से किसी के आगे न आने के चलते अब अशोक गहलोत का नाम ही सबसे आगे चल रहा है। सोनिया गांधी ने अशोक गहलोत के नाम का सुझाव दिया है। सोनिया गाँधी कहना है कि यदि गांधी परिवार से कोई अध्यक्ष नहीं बनता है तो फिर अशोक गहलोत को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना देना चाहिए।

चुनाव के लिए शेड्यूल का होगा ऐलान

सोनिया गांधी इलाज के लिए विदेश जाने वाली है। दरअसल सोनिया गांधी का चेकअप होने वाला है और इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी उनके साथ रहेंगे। अगले कुछ दिनों में ही कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के लिए शेड्यूल का ऐलान होने वाला है। इस संबंध में 28 अगस्त को मीटिंग होने वाली है। कांग्रेस ने बताया कि अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया 21 अगस्त से शुरू होगी और 20 सितंबर तक चलेगी। हालांकि अब तक राहुल गांधी ने अपना स्टैंड क्लियर नहीं किया है। किसी और नेता का नाम भी सामने नहीं आया है।

इसके अलावा मुकुल वासनिक, केसी वेणुगोपाल, कुमारी शैलजा, मल्लिकार्जुन खड़गे, भूपेश बघेल के नाम भी अध्यक्ष पद को लेकर चर्चा में हैं। इस बीच कांग्रेस ने 7 सितंबर से कन्याकुमारी से यात्रा निकालने का फैसला लिया है। यह यात्रा 148 दिनों तक चलेगी और कश्मीर तक जा कर इसका समापन होगा । 5 महीने की इस यात्रा में 3,500 किलोमीटर का सफर तय किया जाएगा। हर दिन 25 किलोमीटर यात्रा चलेगी।

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लोन लेकर किश्तें न चुका पाना पड़ा भरी,परिवार संग की आत्महत्या

ऑनलाइन एप से लोन लेकर किश्तें न चुका पाना इंदौर के एक नौकरीपेशा को इतना भारी पड़ा | उसने पहले बच्चों, फिर पत्नी और आखिरी में अपनी जान ले ली। पेशे से इंजीनियर सागर के अमित यादव ने बच्चों व पत्नी को मारने और खुद आत्महत्या करने से एक दिन पहले ही दो पेज का सुसाइड नोट लिखा था। जिसमें अमित यादव बताया कि वह अपनी मां और छोटे भाई से बहुत प्यार करता था। उसने लिखा ‘जीने की आरजू है मेरी… लेकिन अब हालात ऐसे नहीं। मैं वापस आउंगा भाई, तू बहुत बड़ा आदमी बनेगा’, वहीं मां के लिए लिखा ‘मम्मी मैं जा रहा हूं। अमित यादव पर करीब तीन लाख रुपए का कर्ज था।

क्या था पूरा मामला

मध्य प्रदेश के सागर के रहने वाले पेशे से इंजीनियर अमित यादव इन दिनों इंदौर में अपने परिवार के साथ रहते थे | अमित ने जब मंगलवार सुबह अपने परिवार वालों का फोन नहीं उठाया तो भागीरथपुरा में ही रहने वाले उनके ससुराल पक्ष को सूचित किया गया | इसके बाद उनकी सास और परिवार वाले किराए पर लिए रूम पर पहुंचे तो कोई भी दरवाजा नहीं खोल रहा था | ऐसे में बाणगंगा पुलिस को सूचना दी गई | पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़ा गया तो अमित यादव का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला | पास में ही दोनों बच्चे और पत्नी बिस्तर पर मूर्छित अवस्था अवस्था में पड़े थे | जब उनकी नब्ज टटोली गई तो वह मृत पाए गए | अमित ने पहले पत्नी और बच्चे की हत्या की फिर खुद फांसी पर झूल गया |

इस मामले में प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी दुख जताते हुए, इंदौर पुलिस कमिश्नर को इस एप लोन के तरीके की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, यदि एप लोन के तरीके आपत्तिजनक मिले तो कार्रवाई की जाएगी। मैं खुद साइबर टीम को इस काम पर लगाऊंगा |

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सैफ अली खान और ऋतिक रोशन फिर एक साथ दिखाई देंगे,फिल्म विक्रम वेधा में

सैफ अली खान और ऋतिक रोशन को एक बार फिर से स्क्रीन पर साथ में देखने के लिए हर कोई उत्साहित है। साल 2002 के बाद एक बार फिर से दोनों फिल्म ‘विक्रम वेधा’ में साथ नजर आएंगे। इस फिल्म में ड्रामे के साथ-साथ दोनों के बीच जबरदस्त फाइट और एक्शन सीन भी देखने को मिलेंगे। बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन और सैफ अली खान की फिल्म ‘विक्रम वेधा’ का टीजर बुधवार को रिलीज कर दिया गया। पुष्कर और गायत्री के निर्देशन में बनी इस फिल्म विक्रम वेधा का फैंस लंबे वक्त से इंतजार कर रहे हैं | विक्रम वेधा के टीजर ने दर्शकों का एक्साइटमेंट कई गुना बढ़ा दिया है। कहानी में सैफ और ऋतिक रोशन दोनों ही निगेटिव रोल कर रहे हैं लेकिन ऋतिक रोशन का लुक दिल दहलाने वाला है।

टीजर में ऋतिक रोशन की पहली झलक

टीजर की शुरुआत होती है उस सीन से जिसमें सैफ अली खान और ऋतिक रोशन को किसी इंटेरोगेशन रूम जैसी जगह पर बैठकर बात करते दिखाया गया है। दोनों एक दूसरे के सामने बैठे हैं और यहीं पर हमें मिलती है टीजर से ऋतिक रोशन की पहली झलक। बढ़ी हुई दाड़ी और लंबे बाल,कहना होगा कि ऋतिक रोशन खतरनाक लगे हैं। इस टीजर की शुरुआत होती है ऋतिक रोशन के सैफ अली खान को कहानी सुनाने से। जहां ऋतिक रोशन ,सैफ को कहते हैं कि इस कहानी को सब्र और ध्यान दोनों से सुनियेगा।

इसके बाद इस पूरे टीजर ने ऋतिक रोशन के जहां जबरदस्त डायलॉग और एक्शन हैं, तो वही सैफ अली खान का इस दमदार टीजर में रफ एंड टफ लुक दिखाई दे रहा। विक्रम वेधा के टीजर में ऋतिक रोशन ये भी कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि इस बार अच्छाई की बुराई से नहीं, बल्कि बुरे की बुरे से लड़ाई है।

ग्रे शेड में दिखेंगे ऋतिक रोशन

सैफ अली खान ने कोई डायलॉग नहीं बोला है, लेकिन अपने एक्सप्रेशन से वह सबका दिल जीतते नजर आ रहे हैं। ऋतिक रोशन ने परदे पर हमेशा सुपरहीरो का किरदार निभाया है, लेकिन ये पहली बार है जब ऋतिक रोशन परदे पर ग्रे शेड में नजर आ रहे हैं। उनके नकारात्मक किरदार के साथ-साथ उनके लुक की भी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है।

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सत्ता तक पहुंच वाले प्रेम प्रकाश के 17 ठिकानों पर ईडी का छापा ,दो एके-47 मिलने की सूचना

राजनेताओं व नौकरशाहों के करीबी प्रेम प्रकाश से जुड़े 17 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी चल रही है। ये ठिकाने झारखंड, बिहार, दिल्ली व तमिलनाडु में बताये जा रहे हैं। इन ठिकानों पर सुबह साढ़े सात बजे ही ईडी की टीम ने दस्तक दी है। अवैध खनन और मनरेगा घोटाले में मनी लांड्रिंग के तहत जांच के क्रम में प्रेम प्रकाश का नाम सामने आया था। इसके बाद ईडी ने लंबे समय तक प्रेम प्रकाश से पूछताछ भी की थी और पूर्व में उनसे जुड़े लगभग दर्जनभर ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। तब ईडी को विदेशी नस्ल का कछुआ और करोड़ों के लेनदेन संबंधित दस्तावेज भी हाथ लगे थे। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा और अन्य से पूछताछ के बाद ईडी की ओर से आज नए सिरे से छापेमारी की जा रही है।

एके-47 मिलने की खबर

झारखंड के चर्चित कारोबारी और राजनीतिक गलियारों में पैठ रखने वाले प्रेम प्रकाश उर्फ पीपी के रांची में हरमू स्थित ठिकाने से एके-47 मिलने की खबर है। इसके बाद केंद्रीय एजेंसी हैरान है। इसकी अधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी | केंद्रीय प्रवर्त्तन निदेशालय (ईडी) की टीम अवैध खनन से जुड़े मामले में रांची समेत अन्य एक दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। यह छापेमारी रांची के अलावा झारखंड-बिहार समेत अन्य दूसरे राज्यों के ठिकानों पर चल रही है।

ईडी की यह छापेमारी सत्ता शीर्ष से जुड़े प्रेम प्रकाश और अन्य ठिकानों पर चल रही है। प्रेम प्रकाश का झारखंड के नौकरशाह और राजनीतिक दलों में मजबूत पकड़ मानी जाती है और अपने प्रभाव से उनपर कई अनुचित काम कराने का आरोप लंबे समय से लगते रहे हैं। बताया गया है कि रांची के अरगोड़ा और अशोकनगर समेत 11 स्थानों पर ईडी की छापेमारी चल रही है। रांची के एक बड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट जे. जयपुरियार के रांची के मोरहाबादी व अशोक नगर स्थित ठिकानों पर भी ईडी की छापेमारी चल रही है। बताया जा रहा है कि जे. जयपुरियार का प्रेम प्रकाश ही नहीं, कई बड़े राजनेताओं व नौकरशाहों से घनिष्ठ व्यवसायिक संबंध हैं।

भाजपा ने कहा- NIA करे जांच

प्रेम प्रकाश के घर से हथियार बरामदगी के बाद भाजपा ने एनआईए जांच की मांग की है। गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, ”झारखंड के मुख्यमंत्री जी और उनके पारिवारिक मित्र अमित अग्रवाल जी के सहयोगी झारखंड के दलालों के सरगना प्रेम प्रकाश जी के यहां सूत्रों के अनुसार ईडी ने AK 47 बरामद किया है, यानी वह आतंकवादी और नक्सलियों का सरगना है। एनआईए को जांच अपने हाथों में लेना चाहिए।

read more :फ्लोर टेस्ट से पहले,सीबीआई ने रेलवे में नौकरी घोटाले को लेकर मारा छापा

फ्लोर टेस्ट से पहले,सीबीआई ने रेलवे में नौकरी घोटाले को लेकर मारा छापा

बिहार की राजधानी पटना में सीबीआई ने रेलवे में नौकरी घोटाले को लेकर छापा मारा है। सीबीआई ने राजद नेताओं के ठिकानों पर छापा मारा है। बिहार विधानसभा में आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सरकार फ्लोर टेस्ट में उतरने वाली है। इस बीच सीबीआई ने रेलवे में नौकरी के बदले जमीन घोटाले की जांच तेज कर दी है। इस मामले में आरजेडी के एमएलसी सुनील सिंह समेत 4 नेताओं के ठिकानों पर बिहार में छापेमारी की है। यही नहीं इस जांच का दायरा गुरुग्राम तक पहुंच गया है। जानकारी के मुताबिक, गुरुग्राम के सेक्टर-71 स्थित अर्बन क्यूब्स मॉल में भी सीबीआई की टीम पहुंची। मॉल अभी निर्माणाधीन है। टीम के बुधवार सुबह 10 बजे के आसपास पहुंचने की प्राथमिक सूचना है। बताया जा रहा है कि मॉल में बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और उनके एक करीबी की हिस्सेदारी है।

अर्बन क्यूब सेक्टर-71 मॉल का निर्माण व्हाइट लैंड कार्पोरेशन लिमिटेड के द्वारा किया जा रहा है। इससे पहले सीबीआई ने राजद के चार बड़े नेताओं के घर पर सीबीआई ने छापेमारी की है। जानकारी के मुताबिक, राजद सांसद अशफाक करीम, फैयाज अहमद के अलावा एमएलसी सुनील सिंह और पूर्व एमएलसी सुबोध राय के आवास पर सीबीआई ने नौकरी घोटाले में कथित जमीन को लेकर छापेमारी की है। इसस मामले में सीबीआई ने तीसरी बार बिहार में छापेमारी की है। इससे पहले राजद के पूर्व विधायक और लालू यादव के ओएसडी भोला यादव को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। उनके कई ठिकानों पर भी छापेमारी की गई थी। वहीं सीबीआई के छापे पर एमएलसी सुनील सिंह ने भाजपा पर आरोप लगाया है। उन्होंने इस छापे को राजनीति से प्रेरित बताया। कहा,यह जानबूझकर किया जा रहा है। इसका कोई मतलब नहीं है।

नौकरी देने के बदले जमीन लेने का आरोप

ये मामला साल 2004-2009 के रेलवे भर्ती घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि लालू यादव जब रेल मंत्री थे तब उस समय नौकरी के बदले जमीन देने के लिए कहा जाता था। चूंकि, पैसे लेने में रिस्क था इसलिए नौकरी के बदले जमीन ही ली जाती थी। अवैध काम को अंजाम देने के लिए लालू के उस समय के OSD भोला यादव को ही जिम्मेदारी दी गई थी। वही बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का कहना है कि हम इस तरह के छापों से डरते नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाफ ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सदन में ही इन छापों को लेकर जवाब देने की बात कही है। उन्होंने मीडिया से कहा कि आप लोग भी सदन में रहना। हम वहीं पर इन सभी बातों का जवाब देंगे।

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50 खोके एकदम ओके का नारा लगाने का आरोप

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को देखकर ठाकरे गुट पर ’50 खोके एकदम ओके’ का नारा लगाने का आरोप है | महाराष्ट्र में शिवसेना दो गुटों में बंट गई है – एक गुट में उद्धव ठाकरे का है तो दूसरा गुट मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का है | वर्तमान में राज्य में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट और भारतीय जनता पार्टी की सरकार है | इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मराठी में मातोश्री पर आए शिवसैनिकों को संबोधित किया है |

उन्होंने कहा कि जनता की भावना हमारे साथ है | जनता चुनाव की राह देख रही है कि कब चुनाव आएंगे और हम इन गद्दारों को सबक सिखाएंगे | महाराष्ट्र में जब से नई सरकार का गठन हुआ है,तभी से सत्ता पक्ष और विपक्ष में तकरार की घटना सामने आ रही है। इस बीच मानसून सत्र के पांचवें दिन विधानमंडल बाहर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवा वाले गुट और विपक्षी विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। हाल में राज्य विधानसभा का सत्र शुरू हुआ है. इस दौरान विवाद में अब महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी एंट्री मारी है |

उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमारे यहां कार्यकताओं की निष्टा के खोके आ रहे हैं|  इन खोकों के अंदर क्या है, इसे खोलकर देखना चाहिए | आपको बता दें कि पिछले चार दिनों में विपक्ष ने जमकर नारेबाजी की थी। इसके खिलाफ भाजपा के विधायक बुधवार सुबह से ही धरना दे रहे थे। इन विधायकों ने कोविड भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी बैनर लगाए। रोहित पवार और अमोल मितकारी के नेतृत्व में विपक्ष के विधायक उन्हें जवाब देने के लिए पहुंचे। वे भी तख्तियां लेकर नारेबाजी करने लगे।यह सब चल ही रहा था कि सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के विधायकों के आक्रामक होने पर हाथापाई हो गई।

आला रे आला, गद्दार आला

इस मौके पर विपक्ष के विधायकों ने ‘गाजर देना बंद करो, सूखा घोषित करो’ जैसे नारे लगे। मानसून सत्र के पहले चार दिनों के दौरान महाविकास अघाड़ी के विधायकों ने विधानमंडल की सीढ़ियों पर अपनी नारेबाजी से सबका ध्यान खींचा था। महाविकास अघाड़ी ने ‘आला रे आला, गद्दार आला’, ’50 खोखे एकदम ओके’,चलो चले गुवाहाटी’ जैसे नारों से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समूह और भाजपा को परेशान कर दिया था। इससे सत्ता पक्ष के विधायक दुविधा में थे ।

महाविकास अघाड़ी के विधायकों की तरह भाजपा विधायक बुधवार को भी विधानमंडल की सीढ़ियों पर बैठ गए। इन विधायकों ने महाविकास अघाड़ी के ’50 खोके-ओक्के’ का करारा जवाब दिया। भाजपा के इन विधायकों ने बैनर लगाए। एनसीपी नेता अमोल मितकारी गुस्से में सत्ताधारी विधायकों पर दौड़ते नजर आए। इससे विधानसभा परिसर में भारी हंगामा हुआ। अंत में विपक्ष के नेता अजीत पवार ने हस्तक्षेप किया और विपक्षी विधायकों को एक तरफ ले गए। इसके बाद मामला शांत हुआ।

 

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भाजपा नेता सोनाली फोगाट हुआ निधन

भाजपा नेता सोनाली फोगाट निधन दिल का दौरा पड़ने की वजह से मौत हो गयी है | टॉक स्टार और भाजपा नेता सोनाली फोगाट के निधन से हर कोई स्तब्ध है। फतेहाबाद जिले का भूथन कलां सोनाली फोगाट का पैतृक गांव है। सोनाली का जन्म किसान परिवार में हुआ था। उनके निधन की सूचना मिलते ही छोटा भाई रिंकू ढाका गोवा रवाना हो गया। वहीं परिवार में मातम का माहौल है। भारतीय जनता पार्टी की नेता (BJP) सोनाली फोगाट की दिल का दौरा पड़ने की वजह से मौत हो गई है | सोनाली फोगाट अपने स्टाफ के साथ गोवा गई थीं | गोवा में दिल का दौरा पड़ने की वजह से 42 साल की भाजपा नेता का निधन हो गया है | बता दें कि 2019 में सोनाली फोगाट ने हरियाणा चुनाव में भाजपा के टिकट पर आदमपुर से विधानसभा का चुनाव लड़ा था | सोनाली भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं | सोनाली फोगाट अपनी टिकटॉक वीडियोज के लिए काफी चर्चा में आई थीं | उनकी बहन रेमन फोगाट का बड़ा बयान सामने आया है। बहन रेमन फोगाट ने बताया कि सोनाली की उनकी मां से रात को फोन पर बात हुई थी। सोनाली ने कहा था कि मुझे मेरे खाने में गड़बड़ लग रही है | मेरे शरीर में भी दिक्‍कत महसूस हो रही है,जैसे किसी ने मेरे ऊपर कुछ किया हो। हमने कहा था कि डाक्‍टर को दिखा लो मगर सुबह उनकी मौत की खबर हमारे पास पहुंची। यह बयान सामने आने क बाद अब इस मामले में विवाद खड़ा हो गया है।

मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा

सुबह उनकी मौत की खबर हमारे पास पहुंची | अब तक सोनाली फोगाट की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है । हालांकि मौत के कारणों को लेकर पोस्‍टमार्टम में ही स्‍पष्‍ट हो सकेगा। सोनाली की बहन रेमन सोनाली की देवरानी भी है क्‍योंकि उनकी शादी सोनाली के पति के भाई से हुई है। वहीं सोनाली फोगाट के जेठ कुलदीप फोगाट ने कहा हैै कि हम किसी तरह की जांच नहीं चाहते, क्‍योंकि साेनाली से किसी की दुश्‍मनी नहीं थी। मगर बहन के बयान के बाद यह बात साफ हो गई है कि इस मामले में जांच जरूर होगी। पोस्‍टमार्टम पर सभी की नजर बनी रहेगी। सोनाली फोगाट 22 से 25 अगस्‍त तक शूटिंग के लिए गोवा गईं थी। कल ही वे हिसार से गोवा के लिए रवाना हुई थी और 26 अगस्‍त को वापस लौटना था। सोनाली की मां ने कहा कि मेरा बेटा सोनाली का शव लेने गोवा के लिए रवाना हो गया है। वह पहले दिल्ली जाएगा वहां से फ्लाइट लेकर गोवा जाएगा। गोवा पुलिस पोस्टमार्टम के बाद शव देगी। आज रात या कल दोपहर तक सोनाली का शव हिसार पहुंच जाएगा। सोनाली फोगााट की अचानक मौत होने से समर्थकों में भी मौत के कारणों को लेकर जानने की उत्‍सुकता बनी हुई है।

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तेलंगाना के भाजपा विधायक टी राजा गिरफ्तार

तेलंगाना के भाजपा विधायक टी राजा को गिरफ्तार कर लिया गया है। भाजपा नेता टी राजा सिंह को एक धर्म विशेष के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने के आरोप में हैदराबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया। भाजपा विधायक टी राजा सिंह ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था। इस वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी की थी। उनका यह पोस्ट वायरल हो गया | जिसके बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। भाजपा ने भी तत्काल कार्रवाई करते हुए अपनी पार्टी विधायक टी राजा को सस्पेंड कर दिया है और 10 दिन के भीतर जवाब मांगा है | विधायक टी राजा ने स्टैंड-अप कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी और एक धर्म विशेष के खिलाफ आलोचना करते हुए एक वीडियो जारी किया था | वीडियो में भाजपा विधायक टी राजा सिंह कथित तौर पर एक धर्म विशेष के खिलाफ कुछ टिप्पणी करते दिख रहे हैं | भाजपा नेता की गिरफ्तारी की मांग करते हुए समुदाय के कई लोगों ने पुराने शहर में धरना भी दिया था | टी राजा सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है | इस वीडियो को लेकर उन्होंने पैगंबर मोहम्मद को लेकर कथित तौर पर टिप्पणी की थी। उनका यह पोस्ट वायरल हो गया और देखते ही देखते देर रात में दबीरपुरा, भवानी नगर, मिचौक, रेनबाजार में लोग पुलिस स्टेशनों में पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे।

कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी को निशाना बनाते हुए टिप्पणियां कीं

इसमें उन्होंने विवादों में रहने वाले कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी को निशाना बनाते हुए टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा, ”एक कॉमेडियन है जो थर्ड क्लास कॉमेडी करता है और हिंदुओं, भाजपा के बड़े अधिकारियों को टारगेट करता है। भगवान रामचंद्र और सीता मैया के बारे में अपशब्द कहता है। आरोप है कि इस वीडियो में उन्होंने अपमानजनक टिप्पणियां भी कीं। बाद में वे वीडियो में कह रहे हैं,”जो जिस भाषा में सुनेगा, उसे टी राजा सिंह उसी भाषा में जवाब देगा। मेरा ऐसा कोई उद्देश्य नहीं था, लेकिन इसकी वजह है कि एक व्यक्ति ने मेरे राम और मेरी सीता माता के बारे में अपशब्द कहे और हमारे भगवानों पर कॉमेडी की। इसलिए आज मजबूरन मुझे भी ये कॉमेडी करनी पड़ रही है।

कई पुलिस थानों में दर्ज कराई गई शिकायत

पुलिस ने बताया कि टी राजा के खिलाफ कई पुलिस थानों में शिकायत दर्ज कराई गई है। दबीरपुर पुलिस थाने के निरीक्षक जी कोटेश्वर राव ने बताया कि उन्हें एक शिकायत मिली है,जिसमें आरोप लगाया गया है कि भाजपा विधायक टी राजा ने एक धर्म विशेष के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की हैं। राव के मुताबिक,टी राजा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों में शत्रुता को बढ़ावा देने,जानबूझकर और दुर्भावनार्पूण कृत्य करने का मामला दर्ज हुआ है। साथ ही धर्म और धार्मिक मान्यताओं का अपमान करके किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने की मंशा व आपराधिक धमकी के आरोप में भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।

वीडियो का दूसरा पार्ट करूंगा अपलोड

गोशामहल से भाजपा विधायक टी राजा ने गिरफ्तारी के दौरान पत्रकारों से कहा कि उन्होंने जिस सोशल मीडिया साइट पर अपना वीडियो साझा किया था | उसे हटा दिया गया है और वह रिहा होने के बाद इस वीडियो क्लिप का ‘दूसरा हिस्सा’ अपलोड करेंगे। भाजपा विधायक टी राजा ने कहा, ‘उन्होंने यूट्यूब से मेरी वीडियो हटा दी। मुझे नहीं पता कि पुलिस क्या करने जा रही है। जब मैं रिहा हो जाऊंगा तो निश्चित तौर पर वीडियो का दूसरा हिस्सा अपलोड करूंगा। मैं यह धर्म के लिए कर रहा हूं। मैं धर्म के लिए मरने को भी तैयार हूं।

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अडानी ग्रुप के शेयर में ज़बरदस्त हुई तेज़ी

अडानी ग्रुप के एक शेयर में आज जबरदस्त तेजी है। यह शेयर अडानी पावर का है। अडानी पावर के शेयर आज 4.66% से ज्यादा की तेजी देखी गई। यह 431.15 रुपये प्रति शेयर के भाव पर पहुंच गया। कंपनी के शेयरों में यह तेजी एक बड़ी डील के बाद देखी जा रही है। यह डील 7,017 करोड़ रुपये की है। दरअसल, अडानी पावर ने डीबी पावर के साथ 7,017 करोड़ रुपये की डील की घोषणा की है। गौतम अडानी समूह की कंपनी अडानी पावर छत्तीसगढ़ के डीबी पावर के अधिग्रहण का ऐलान किया है। यह डील 7,017 करोड़ रुपये की है। दोनों कंपनियों के बीच एमओयू की शुरुआती अवधि 31 अक्टूबर 2022 तक होगी, लेकिन आपसी सहमति से इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।शेयर की कीमत में तेज रैली के बाद अडानी पावर ने मार्केट-कैप के मामले में राज्य के स्वामित्व वाली इलेक्ट्रिक यूटिलिटीज कंपनी एनटीपीसी (NTPC) को पीछे छोड़ दिया। नियामक फाइलिंग में अडानी समूह की कंपनी ने कहा, “अधिग्रहण से कंपनी को छत्तीसगढ़ राज्य में थर्मल पावर का विस्तार करने में मदद मिलेगी। इस डील को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग से मंजूरी मिलना जरूरी है। आपको बता दें कि डीबी पावर, छत्तीसगढ़ के जिला जांजगीर चांपा में चल रहे 2×600 मेगावाट के थर्मल पावर प्लांट का संचालन करती है। यह कंपनी अक्टूबर 2006 की है |

 शेयरों का तगड़ा रिटर्न

अडानी पावर के शेयरों ने पिछले एक साल में 485.80% का छप्पर फाड़ रिटर्न दिया है। कंपनी के शेयर सालभर में 73 रुपये से बढ़कर 431 रुपये के पार पहुंच गई है। इस साल YTD में यह शेयर 325.62% का तगड़ा रिटर्न दिया है। पिछले एक महीने में यह शेयर 48.01% और पिछले पांच कारोबारी दिन में 21% तक का रिटर्न दिया है। शेयर की कीमत में तेज रैली के बाद अडानी पावर ने मार्केट-कैप के मामले में राज्य के स्वामित्व वाली इलेक्ट्रिक यूटिलिटीज कंपनी एनटीपीसी (NTPC) को पीछे छोड़ दिया। अडानी पावर के शेयर की कीमत में एनटीपीसी के बाजार प्राइस में 6 प्रतिशत की वृद्धि की तुलना में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

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टीम इंडिया और विकल्प भी आजमाने चाहिए – इरफ़ान पठान

पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान का मानना है कि विराट की जगह टीम इंडिया और विकल्प भी आजमाने चाहिए। टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली क्रिकेट से ब्रेक पर थे। इंग्लैंड दौरे पर खेलने के बाद उन्हें वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे दौरे से आराम दिया गया। विराट अब एशिया कप 2022 के साथ मैदान पर वापसी करेंगे, जो 27 अगस्त से यूएई में खेला जाना है। भारत का पहला मैच पाकिस्तान से है, जो 28 अगस्त को दुबई में खेला जाना है। विराट लंबे समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं और अब इसको लेकर तमाम दिग्गज क्रिकेटर्स अपनी राय देने लगे हैं। पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान का मानना है कि विराट की जगह टीम इंडिया और विकल्प भी आजमाने चाहिए।उन्होंने आगे कहा, ‘तो ऐसे में टीम इंडिया को टॉप फॉर्म वाले विराट कोहली की जरूरत होगी। वह एशिया कप से टॉप फॉर्म में आते हैं, तो मेरे लिए यह भारतीय टीम के लिए विन-विन सिचुएशन है। लेकिन अगर वह फेल हो गए तो? टीम इंडिया के पास काफी सारे विकल्प मौजूद हैं, उन्हें उन्हीं विकल्पो से किसी को चुनना है। क्योंकि आप चाहते हैं कि खिलाड़ी बेस्ट फॉर्म के साथ ऑस्ट्रेलिया जाए। आप वर्ल्ड कप में फॉर्म हासिल नहीं कर सकते। इन दिनों कोहली के फॉर्म को लेकर बहुत चर्चा हो रही है ऐसे में एशिया कप का मंच उनके लिए फार्म में आने का सबसे बेहतर प्लेफॉर्म साबित हो सकता है। लेकिन भारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान की सोच कुछ अलग ही है। पठान के अनुसार विराट कोहली की जरूरत टीम को एशिया कप से ज्यादा टी20 वर्ल्ड कप में है।

लम्बे समय से नहीं निकली सेंचुरी

विराट कोहली के बल्ले से नवंबर 2019 के बाद से कोई सेंचुरी नहीं निकली है। एशिया कप 2022 के लिए भारतीय टीम का ऐलान पहले ही हो चुका है और विराट कोहली इसका हिस्सा हैं। क्या विराट को प्लेइंग XI में शामिल किया जाना चाहिए? इसको लेकर इरफान ने चौंकाने वाली बात कही है। स्टार स्पोर्ट्स के गेम प्लान शो पर पठान ने कहा, ‘जहां तक दिमाग की बात है, विराट कोहली क्या सोच रहे होंगे? वह किस माइंडसेट के साथ खेलने उतरेंगे? हां, एशिया कप बहुत अहम है, लेकिन जब मैं वर्ल्ड कप को देखता हूं, जो ऑस्ट्रेलिया में खेला जाना है, जहां पिच काफी अच्छी होंगी, जो उन्हें पसंद है, वह वहां जबर्दस्त बैटिंग कर चुके हैं।’

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पटना में C TET और B TET पास शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

बिहार सरकार के खिलाफ वहां की राजधानी पटना में C TET और B TET पास शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है। डाकबंगला चौराहे पर अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। प्रदर्शनकारी शिक्षक अभियार्थी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि सातवें चरण के शिक्षक नियोजन की विज्ञप्ति निकले बगैर वे वापस नहीं जाएंगे। पुलिस के पदाधिकारी और पटना सदर एसडीएम उन्हें समझाने में लगे हैं। इस दौरान चौराहे पर जाम लग गया है। इसमें बड़ी संख्या में गाड़ियां फंसी होने से ट्रैफिक जाम हो गया है। लोगों की परेशानी हो रही है,पर प्रदर्शनकारी शिक्षक अभियार्थी अपनी बात पर डटे हुए हैं। लगभग 5000 से ज्यादा शिक्षक अभियार्थी डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का जत्था सचिवालय की ओर बढ़ रहा था जिसे इनकम टैक्स के पास रोक दिया गया। उसके बाद अभियार्थी डाकबंगला पर आकर सड़क पर बैठ गए। अभियर्थियों ने पटना में सीएम नीतीश कुमार की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस प्रदर्शन में कई महिला अभियार्थी भी शामिल हैं। प्रदर्शनकारी शिक्षक अभियार्थी सातवें चरण की बहाली की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि राज्य के प्राथमिकऔर माध्यमिक स्कूलों के लिए अविलंब बहाली की विज्ञप्ति निकाला जाए। नीतीश सरकार के शिक्षा विभाग का तर्क है | अभी छठे चरण के नियोजन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इस चरण के लगभग 53 हजार पद अभी खाली हैं। इस पर टीईटी पास अभ्यर्थियों का कहना है कि रिक्ति वाले विषय में रोस्टर के अनुसार आवेदक नहीं होने से यह रिक्ति बनी हुई है। इन 53 हजार पदों को सातवें चरण में सम्मिलित करके नई विज्ञप्ति प्रकाशित किया जाए। सरकार इस पर उन्हें आश्वासवन दे रही है पर कोई बहाली नहीं हो रही है।

टीईटी का आयोजन 8 साल बाद हुआ आयोजन 

2019 में टीईटी पास कर चुके शिक्षक अभ्यर्थियों ने बताया कि टीईटी का आयोजन 8 साल बाद हुआ। नोटिफिकेशन 2019 में जारी किया गया। जनवरी 2020 में ऑफलाइन मोड में परीक्षा ली गई। मगर, कुछ परीक्षा केंद्रों पर फर्जीवाड़े की बात सामने आने पर उसे रद्द कर दिया गया। दोबारा इस परीक्षा का आयोजन सितंबर 2020 में किया गया। तब इसे ऑनलाइन मोड में किया गया | ये अभियार्थी 3 साल से नौकरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं,लेकिन सरकार इन लोगों का नियोजन नहीं कर रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि इस मामले में शिक्षा मंत्री कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। बात करने पर शिक्षा विभाग हमारी मांग को अनसुनी करती रही है। यही कारण है कि नई सरकार बनने के बाद आज से प्रदर्शन शुरू किया गया है। जब तक एसटीईटी उतीर्ण अभ्यर्थियों का नियोजन नहीं किया जाएगा, तब तक ऐसे ही प्रदर्शन जारी रहेगा।

टीईटी योग्यता प्रमाण पत्र की वैधता अवधि बढ़ाने का फैसला

अभी हाल के समय में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने घोषणा की थी | सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) योग्यता प्रमाण पत्र की वैधता अवधि बढ़ाने का फैसला किया है। पहले इसकी वैधता सात साल के लिए थी लेकिन अब यह 2011 से पूर्वव्यापी प्रभाव से जीवन भर के लिए वैध होगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने कहा था कि शिक्षण क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम होगा। इस बीच मौके पर तैनात एक पदाधिकारी ने एक प्रदर्शनकारी की लाठियों से पिटाई कर दी। उनके साथ सुरक्षा में तैनात सिपाहियों ने भी सड़क पर गिरे अभियार्थी को लाठी से पीटा। डाकबंगला चौराहे पर दंडाधिकारी के रूप मे तैनात एडीएम लॉ एंड ऑर्डर के के सिंह ने उस अभियार्थी की पिटाई की। एक साथी की पिटाई से प्रदर्शनकारी जब और ज्यादा उग्र होने लगे तो के के सिंह को वहां से डटा दिया गया। उनके जाने के बाद सदर एसडीएम डाकबंगला पहुंच गए हैं। इसी दौरान पप्पू यादव की पार्टी के कार्यकर्ता भी महंगाई को लेकर यहां पहुंच गए हैं। वाटर कैनन और वज्र वाहन के साथ पुलिस मौके पर पहुंची है। स्थिति को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।

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जंतर-मंतर पर आज किसानों की महापंचायत

दिल्ली के जंतर-मंतर पर संयुक्त किसान मोर्चा ने महापंचायत का ऐलान किया है। जिसके मद्देनज़र जंतर-मंतर पर आज किसानों की महापंचायत जारी है | वो एक दिन की महापंचायत कर रहे हैं | देश के अलग-अलग राज्यों से इस महापंचायत में किसानों का जत्था शामिल होने के लिए राजधानी की तरफ कूच कर रहा है। वहीं कुछ किसानों का शनिवार से ही दिल्ली पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। इस महापंचायत में किसानों के तकरीबन 40 संगठन हिस्सा ले रहे हैं | किसान नेता शिवकुमार कक्का इस महापंचायत अगुवाई कर रहे हैं | सबसे अहम बात यह है कि महापंचायत में किसान आंदोलन के बड़े चेहरे राकेश टिकैत, राजेवाल, गुरनाम सिंह चढूनी, हन्नान मोल्लाह और योगेंद्र यादव शामिल नहीं हो रहे हैं | इस महापंचायत के लिए सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं | दिल्ली से लगे 3 बॉर्डर- गाजीपुर, सिंघू और टिकरी पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं | संयुक्त किसान मोर्चा की अगुवाई में किसानों की ये महापंचायत बुलाई गई है | इसमें किसान नेता इस बात की समीक्षा करेंगे कि किसान आंदोलन की वापसी के वक्त केंद्र सरकार ने किसानों से जो वादे किए थे उन पर कितना अमल हुआ ? जिसमें एमएसपी गारंटी कानून लागू का भरोसा भी शामिल था | एमएसपी गारंटी कानून को लेकर केंद्र सरकार के रुख से किसानों में भारी निराशा और आक्रोश है | किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है | जंतर मंतर पर चल रही महापंचायत शाम के 4:00 बजे तक होगी |

दिल्ली पुलिस ने नहीं दी इजाज़त

दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी है। ऐसे में महापंचायत के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। बिना जांच किसी वाहन को राजधानी में प्रवेश करने नहीं दिया जा रहा है। बेरोजगारी, महंगाई, एमएसपी गारंटी कानून, बिजली बिल माफ, इसके अलावा किसान स्वामीनाथन आयोग के C2+50% फॉर्मूले के अनुसार एमएसपी की गारंटी का कानून बनाया जाने, देश के किसानों की कर्ज माफी सहित कई मांगों को लेकर किसान महापंचायत कर रहे हैं। इसको लेकर द‍िल्‍ली के तमाम बॉर्डरों पर ट्रैफिक जाम की स्‍थ‍िति बनी हुई | द‍िल्‍ली ट्रैफिक पुल‍िस की ओर से अपने ट्व‍िटर हैंडल पर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर लोगों को इन रास्‍तों से बचने के ल‍िए भी सलाह दी है | बावजूद इसके ट्रेफ‍िक की हालत तमाम जगहों पर काफी खराब हो गई | लोग घंटों जाम में फंसे हुए हैं | करीब 4000 से ज्‍यादा पुल‍िस पर्सनल को तमाम बॉर्डरों और अलग-अलग जगहों पर तैनात क‍िया गया है | किसानों का कहना है कि वह महापंचायत के समापन के बाद राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपेंगे | संयुक्त किसान मोर्चा अराजनैतिक का कहना है कि यदि सरकार किसी भी तरह का व्यवधान डालने का प्रयास करेगी तो उसके लिए सरकार स्वयं जिम्मेदार होगी | वही दूसरी तरफ महापंचायत को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने सफाई दी है। एसकेएम का कहना है कि जंतर-मंतर पर बुलाई गई महापंचायत का उसने आह्वान नहीं किया है। कुछ किसान संघ जो 2020-21 में विरोध के दौरान एसकेएम का हिस्सा थे, इसका आयोजन कर रहे हैं।

किसानों की ये हैं माँगे :

1 स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार एमएसपी की गारंटी दी जाए. एमएसपी की गारंटी को कानूनी रूप दिया जाए
2 लखीमपुर खीरी नरसंहार कांड के पीड़ितों को इंसाफ मिले,केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी की गिरफ्तारी हो | उन किसानों को रिहा किया जाए,जो 9 महीनों से जेल में हैं |
3 देश के सभी किसानों के सभी तरह के ऋण माफ किए जाएं
4 बिजली संशोधन बिल 2020 को रद्द किया जाए
5 गन्ना के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी हो और गन्ना की बकाया राशि का भुगतान किया जाए
6 भारत को WTO से बाहर आना चाहिए और सभी व्यापार समझौतों को कैंसिल करना चाहिए
7 किसान आंदोलन के वक्त किसानों पर लगाए गए सभी तरह के मुकदमों की वापसी हो
8 प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बकाया राशि का भुगतान तुरंत हो
9 अग्निपथ योजना को रद्द किया जाए

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डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने बीजेपी पर लगाया बड़ा आरोप

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया है | जनता पार्टी (भाजपा) ने डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया आदमी पार्टी (आप) को तोड़ने को कहा है और इसके बदले सीबीआई-ईडी केस बंद कराने का लालच दिया गया है। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने इसको लेकर ट्वीट किया है| उन्होंने लिखा, “मेरे पास भाजपा का संदेश आया है- “आप” तोड़कर भाजपा में आ जाओ, सारे सीबीआई,ईडी के केस बंद करवा देंगे। मेरा भाजपा को जवाब- मैं महाराणा प्रताप का वंशज हूं, राजपूत हूं। सर कटा लूंगा लेकिन भ्रष्टाचारियो-षड्यंत्रकारियों के सामने झुकूंगा नहीं। मेरे खिलाफ सारे केस झूठे हैं। जो करना है कर लो।” डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया आज गुजरात के लिए रवाना हो गए हैं | उन्होंने बताया कि वो अरविंद केजरीवाल के साथ दो दिनों के दौरे पर गुजरात जा रहे हैं | दो दिन के गुजरात दौरे पर के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया एक सभा को संबोधित करेंगे और साल के अंत में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र युवाओं के साथ रोजगार और शिक्षा के मुद्दों पर चर्चा करेंगे | डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा जिस प्रकार से दिल्ली में काम हुआ है और जिस प्रकार से पंजाब में काम हो रहे हैं | इससे प्रभावित होकर गुजरात की जनता केजरीवाल को एक मौका देना चाहती है। पिछले 27 साल में भाजपा ने गुजरात के लिए जो नहीं किया वो केजरीवाल की सरकार करके दिखाएगी | दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने भी भाजपा पर निशाना साधा है | उन्होंने कहा की भाजपा नीत सरकार जांच एजेंसियो दुरुपयोग करने और चुनी हुई सरकारों को गिराने की साज़िश रचने में लगी हुई है | जबकि लोग आसमान छूती महंगाई,रुपये की गिरती कीमतों और और बेरोजगारी से परेशान है |

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी किया पलटवार

केजरीवाल सरकार पर एक बार फिर बरसते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह पहली बार है कि किसी एक ही व्यक्ति के पास शिक्षा विभाग भी है और शराब का विभाग भी है। यह सरकार कट्टर भ्रष्टाचार करती है। यदि इनकी शराब नीति इतनी ही शानदार है तो फिर क्यों सीबीआई ने दस्तक दी है। अरविंद केजरीवाल सर्टिफिकेट देते सत्येंद्र जैन को और वह आज जेल में हैं। अब मनीष सिसोदिया को अरविंद केजरीवाल सर्टिफिकेट दे रहे हैं। इनका पूरा मॉडल की करप्शन का है। यह स्वराज नहीं है बल्कि शराब राज है।

सिसोदिया के खिलाफ जारी हुआ सर्कुलर नोटिस

दरअसल शराब घोटाले मामले में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं | सिसोदिया समेत 14 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई ने लुकआउट सर्कुलर जारी किया था | वहीं डिप्टी सिसोदिया के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी होने के बाद उन्होंने कहा कि ये क्या नौटकी है? मैं दिल्ली में खुलेआम घूम रहा हूं, बताइए कहां आना है ?

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डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की मुश्किलें बढ़ी

दिल्ली के डिप्टी मनीष सिसोदिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दिल्ली आबकारी नीति को लेकर अब राजधानी में सियासत लगातार गर्माती जा रही है। दिल्ली के डिप्टी सीएम और आम आदमी पार्टी के कद्दावर नेता मनीष सिसोदिया की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। एक्साइज पॉलिसी को लेकर जहां सीबीआई ने शुक्रवार को 14 घंटे उनके घर पर छापेमारी की है | वही सीबीआई ने इस मामले में एक एफआईआर भी दर्ज की है | जिसमें डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और चार आबकारी अधिकारियों के नाम शामिल हैं | बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कुछ सीक्रेट दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं |

इसके अलावा सीबीआई अधिकारी डिप्टी मनीष सिसोदिया का फोन, लैपटॉप और विभाग की कुछ फाइलें भी साथ लेकर गए हैं | वहीं इस मामले को लेकर अब राजधानी में सियासत भी गर्माती जा रही है। एक तरफ बीजेपी लगातार आम आदमी पार्टी और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर हमलावर है तो वहीं अब कांग्रेस ने भी डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के कार्यकर्ता आम आदमी पार्टी के ऑफिस के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। यही नहीं कांग्रेस ने सीबीआई छापेमारी के बाद डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के इस्तीफे के भी मांग की है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी की अगुवाई में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता AAP दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन प्रदर्शनकारियों की मांग है कि आबकारी नीति में हुई गड़बड़ी और सीबीआई रेड के बाद आम आदमी पार्टी नेता और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया इस्तीफा दे दें।

युवाओं की बर्बादी के जिम्मेदार डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया इस्तीफा दो

प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां और तिरंगा लेकर डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के हाथों में जो तख्तियां है उन पर लिखा है- मनीष सिसोदिया इस्तीफा दो, युवाओं की बर्बादी के जिम्मेदार मनीष सिसोदिया इस्तीफा दो, सिसोदिया- शराब माफियाओं के रिश्तों की सच्चाई, जांच कर रही सीबीआई जैसे नारे लिखे हैं। दिल्ली में मनीष सिसोदिया के घर सीबीआई छापे को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच वाकयुद्ध छिड़ा हुआ है | बीजेपी ने आप पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। बीजेपी नेता तरुण चुघ ने मनीष सिसोदिया से पूछा है कि, सिसोदिया जी कह रहे हैं हम कट्टर ईमानदार हैं हमने दिल्ली में स्कूल और अस्पताल बनवाये। सिसोदिया जी कितने स्कूल और अस्पताल बनवाये जरा ये भी तो जनता को बता देते।

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