Friday, April 10, 2026
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चौकीदारों का सिर फोड़कर हत्या करने वाला सीरियल किलर हुआ गिरफ्तार

चार चौकीदारों का सिर फोड़कर हत्या करने वाले सिरफिरे सीरियल किलर को भोपाल के बैरागढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया है। मध्य प्रदेश के सागर और भोपाल में 2-2 हत्याएं कर चुका था। मध्य प्रदेश सागर जिले में चौकीदारों को मौत के घाट उतारने वाले साइको किलर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है | साइको किलर को राजधानी भोपाल से गिरफ्तार किया गया है | जानकारी के मुताबिक हत्यारे ने भोपाल में गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात भी एक हत्या की है | आरोपी को गिरफ्तार करके सागर ले जाया गया है | पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान सीसीटीवी कैमरे के आधार पर हुई। आरोपी ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है।

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री ने कहा, बहुत कठिन टास्क था सागर पुलिस को बधाई देता हूं | सीरियल किलर है पूछताछ जारी है सागर के बाद भोपाल में भी उसने एक हत्या की थी। बता दें कि करीब 15 दिन पहले भैंसा में एक वर्क शॉप के पास चौकीदार की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई थी | जहां पर उसका मोबाइल उस जगह से लापता था | इसके बाद सिविल लाइन थाना अंतर्गत आर्ट एंड कॉमर्स कॉलेज के अंदर भी एक चौकीदार का शव मिला,जिसके सिर पत्थर से कुचला हुआ मिला | इस चौकीदार का मोबाइल भी मौके से लापता था |

मशहूर होने के लिए करता था मर्डर- पुलिस

गिरफ्तार होने पर उसने पुलिस टीम के एक सदस्य को बताया कि वह केजीएफ फिल्म से इंस्पायर है और मशहूर होने के लिए लोगों के मर्डर करता है | उसने कुछ और भी जगह हत्या करने की बात कबूल की है | जिसे पुलिस वेरीफाई कर रही है| इस साइको किलर ने सागर में चार चौकीदारों की सर फोड़कर हत्या कर दी थी | शुरुआती जानकारी के मुताबिक आरोपी मोबाइल चोरी और पैसे के लिए हत्या की वारदात को अंजाम देता था | कहा जा रहा है कि आरोपी मानसिक रूप से विक्षिप्त है | इस किलर ने सागर जिले और भोपाल में हत्याएं की हैं |

सोने वाले चौकीदारों को मारने के मिशन पर था

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि, “हत्यारे की पहचान शिवप्रसाद के रूप में हुई है। वो केसली, सागर का रहने वाला है। अभी तक की पूछताछ में आरोपी पूरा सहयोग कर रहा है | उसने हत्याओं की बात कबूल कर ली है। पूछने पर उसने बताया कि वो चौकीदारों को मारने के मिशन पर है। वो ऐसे चौकीदारों को टार्गेट करता था जो ड्यूटी के दौरान सोते रहते थे।

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आईएनएस विक्रांत समंदर की सभी चुनौतियों को भारत का जवाब – प्रधानमंत्री मोदी

देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समंदर की सभी चुनौतियों को भारत का जवाब है। प्रधानमंत्री मोदी ने आज देश को पहला स्वदेशी महाबली विमानवाहक पोत सौंप दिया है। प्रधानमंत्री मोदी कहा कि आज यहां केरल के समुद्र तट पर हर भारतवासी देश के नए सूर्योदय का साक्षी बन रहा है। आईएनएस विक्रांत पर हो रहा यह आयोजन विश्व के क्षितिज पर भारत के बुलंद होते हौसलों की हुंकार है। आजादी के आंदोलन में हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस सक्षम भारत का सपना देखा था | उसकी एक सशक्त तस्वीर आज हम यहां देख रहे है। विक्रांत विशाल है, विराट है और विहंगम है। प्रधानमंत्री मोदी ने आईएनएस विक्रांत को चालू किया और सपने से जुड़े हर व्यक्ति को उस उपलब्धि को हासिल करने के लिए बधाई दी |

जो भारत को उन देशों के क्लब में शामिल करता है जिनके पास स्वदेशी विमानवाहक पोत है। आईएनएस विक्रांत पर इस्तेमाल किया जाने वाला स्टील भारत में बना है। आईएनएस विक्रांत में प्रयुक्त केबल कोच्चि से काशी तक फैल सकते हैं। आईएनएस विक्रांत दो फुटबॉल मैदान जितना बड़ा है। इससे जो बिजली पैदा हो सकती है वह 5,000 घरों को रोशन कर सकती है | प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आईएनएस विक्रांत एक तैरता हुआ हवाई क्षेत्र है और एक तैरता हुआ शहर है।

प्रधानमंत्री मोदी ने आईएनएस विक्रांत के कमीशनिंग समारोह में शिवाजी से प्रेरित नौसैनिक ध्वज का अनावरण किया | आईएनएस विक्रांत बड़ा,भव्य आईएनएस विक्रांत अलग विक्रांत विशेष है। आईएनएस विक्रांत सिर्फ एक युद्धपोत नहीं है, बल्कि यह 21वीं सदी के भारत की कड़ी मेहनत, प्रतिभा, प्रभाव और प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

विकसित भारत की दिशा में भारत ने बढ़ा दिया है कदम

विकसित देशों से भारत की तुलना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी तक इस तरह के एयरक्राफ्ट कैरियर केवल विकसित देश ही बनाते थे। आज भारत ने इस लीग में शामिल होकर विकसित राष्ट्र की दिशा में एक और कदम बढ़ा दिया है। साथियों जल परिवहन के क्षेत्र में भारत का गौरवमयी इतिहास रहा है। हमारी समृद्ध विरासत रही है। वैदिक काल से लेकर गुप्त और मौर्य काल तक भारत के समुद्री सामर्थ्य का डंका पूरे विश्व में बजता था।

नौसेना के झंडे से हट गया गुलामी का निशान,अब शिवाजी हुए पहचान

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं यह नया ध्वज छत्रपति वीर शिवाजी महाराज को समर्पित करता हूं। मुझे विश्वास है कि भारतीयता की भावना से ओतप्रोत नौसेना के आत्मबल को नई ऊर्जा देगा। आईएनएस विक्रांत जब हमारे समुद्री क्षेत्र की रक्षा के लिए उतरेगा तो उस पर नौसेना की अनेक महिला सैनिक भी तैनात रहेंगी। समंदर की अथाह शक्ति के साथ असीम महिला शक्ति नए भारत की बुलंद पहचान बन रही है।

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एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस हाज़िर हो,पटियाला हाउस कोर्ट ने समन किया जारी

बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने समन जारी करते हुए 26 सितंबर को अदालत में हाज़िर होने का निर्देश दिया है। महाठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसी बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस के खिलाफ दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर पटियाला हाउस कोर्ट ने संज्ञान लिया | सुकेश चंद्रशेखर मनी लॉन्ड्रिंग केस में सह-आरोपी बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने समन जारी करते हुए अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है।

अदालत ने हाल ही में इस मामले में दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट (पूरक आरोपपत्र) पर संज्ञान लेते हुए ये निर्देश दिए हैं। प्रवर्तन निदेशालय पहले ही सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ 2 सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर कर चुकी है |इस मामले में सुकेश चंद्रशेखर समेत सभी आरोपी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुए थे | वहीं अभिनेत्री जैकलीन फर्नाडीज़ ने एक फिल्म की शूटिंग के लिए पोलैंड जाने की इजाजत कोर्ट से मांगी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया |

पहले भी कई बार जैकलीन फर्नांडिस से इस मामले को लेकर हो चुकी है पूछताछ

सुकेश चंद्रशेखर के 215 करोड़ रुपये की वसूली के केस में फंसी जैकलीन फर्नांडिस से इस केस को लेकर पहले कई राउंड पूछताछ हो चुकी है। इस मामले को पहले हुई जांच में सामने आ चुका है कि जैकलीन को सुकेश ने करीब 10 करोड़ रुपये के गिफ्ट्स दिए थे। ईडी ने जैकलीन की 7 करोड़ रुपये की संपत्ति को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग ऐक्ट के तहत अटैच किया है। जांच में सामने आया है कि सुकेश ने जैकलीन फर्नांडिस ही नहीं बल्कि उनके परिवार के लोगों को भी कीमती तोहफे दिए थे।

ईडी ने एक बयान में कहा था कि जांच के दौरान यह पता चला है कि सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन फर्नांडिस को जबरन वसूली सहित आपराधिक गतिविधियों से कमाए गए से 5.71 करोड़ रुपये के गिफ्ट दिए थे | सुकेश चंद्रशेखर ने इस मामले में अपनी लंबे समय से सहयोगी और आरोपी पिंकी ईरानी के जरिये ये गिफ्ट दिए थे |

नोरा फतेही गवाह तो मैं आरोपी क्यों ?

जैकलीन फर्नांडिस ई डी पर इस मामले की जांच के दौरान पक्षपात के आरोप भी लगाए हैं। जैकलीन फर्नांडिस ने आरोप लगाया कि नोरा फतेही और कुछ दूसरे सिलेब्स को भी सुकेश चंद्रशेखर ने गिफ्ट्स देकर ठगा था,लेकिन उन्हें गवाह बना लिया गया और मुझे आरोपी। यह साफ-साफ दर्शाता है कि जांच एजेंसी बदनीयती, प्रेरित और पक्षपात पूर्ण रवैये के साथ जांच कर रही है | जिसकी अनदेखी नहीं की जा सकती है।

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सोशल मीडिया के लिए बड़ा इवेंट था कटरीना कैफ की शादी

कटरीना कैफ की शादी सोशल मीडिया के लिए बड़ा इवेंट था। विकी-कटरीना कैफ ने पूरी कोशिश की कि उनकी शादी की भनक किसी को न लगे। हालांकि सब लीक होता रहा। अब कटरीना कैफ ने राज खोला है कि इसके पीछे आखिर मेन वजह क्या थी। कटरीना कैफ और विकी कौशल ने बीते साल दिसंबर में राजस्थान के एक रेजॉर्ट में शादी की थी। दोनों ने पूरी कोशिश की थी कि शादी की खबर मीडिया को न लगे, हालांकि सबकुछ लीक हो गया था। वहीं उनके वेडिंग वेन्यू पर भी सुरक्षा के कड़े पहरे थे। शादी तक दोनों मीडिया से कुछ नहीं बोले फिर बाद में अपने फोटोज खुद सोशल मीडिया पर शेयर कर दिए थे। शादी को इतना सीक्रेट रखने को लेकर काफी मीम्स भी बने थे। अब कटरीना कैफ ने खुद बताया है कि अपनी शादी तक वह और विकी कौशल चुप क्यों रहे थे।

बताया क्यों गुपचुप शादी

विकी कौशल और कटरीना कैफ फिल्मफेयर अवॉर्ड्स के रेड कार्पेट पर थे। दोनों कई मेहमानों के बीच साथ में बैठे दिखाई दिए। विकी को जब सरदार उधम सिंह के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला तो कटरीना ने उनके गाल पर किस भी किया। कटरीना से जब पूछा गया कि गुपचुप शादी क्यों कि तो उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि प्राइवेट रखने से ज्यादा हम कोविड-19 से जुड़े प्रतिबंधों के चलते मजबूर थे। मेरे परिवार के लोगों को भी हुआ था तो इसे हमें सीरियसली लेना था।

मजाक से शुरू हुई कहानी

करण जौहर के चैट शो लव स्टोरी काफी मजेदार अंदाज में शुरू हुई थी। कटरीना और विक्की की कहानी करण जौहर के चेट शो से शुरू हुई थी। इस शो में जब विक्की कौशल बतौर गेस्ट आए थे | जब करण जौहर ने विक्की कौशल से कहा था कि कटरीना कैफ उनके साथ काम करना चाहती हैं और उन्हें लगता है कि पर्दे पर दोनों की जोड़ी अच्छी लगेगी। करण जौहर की ये बात सुनकर विक्की काफी खुश हो गए थे और उन्होंने बेहोश होने का नाटक भी किया था।

बोलीं, शादी के बाद दोनों हैं खुश

कटरीना कैफ बताती हैं कि मुझे लगता है यह साल काफी बेहतर रहा है, लेकिन हम कोविड की वजह से कुछ ज्यादा सतर्क रहना चाहते थे। लेकिन शादी बहुत अच्छी रही। मुझे लगता है कि हम दोनों बहुत खुश हैं। कटरीना कैफ के वर्क फ्रंट पर बात करें तो वह हॉरर कॉमेडी फोन-भूत में नजर आएंगी। उनके साथ ईशान खट्टर और सिद्धांत चतुर्वेदी होंगे। फिल्म 4 नवंबर को रिलीज होगी। वहीं सलमान खान के साथ टाइगर की तीसरी फ्रैंचाइजी में भी काम पूरा कर चुकी हैं।

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उत्तर प्रदेश में इनकम टैक्स की बड़ी कार्रवाई,22 ठिकानों पर छापेमारी

उत्तर प्रदेश में इनकम टैक्स की बड़ी कार्रवाई चल रही है। उत्तर प्रदेश में भ्रष्‍टाचार को लेकर बड़ा ऐक्‍शन शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश में 12 से अधिक भ्रष्ट और घूसखोर अफसरों के खिलाफ इनकम टैक्स विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ 22 ठिकानों पर छापेमारी की है | लखनऊ और कानपुर समेत 22 जगहों पर इनकम टैक्स की टीम ने एक साथ छापेमारी की है | आयकर विभाग के निशाने पर 12 से अधिक अफसर हैं | बताया जा रहा है कि UPICON से जुड़े ठेकेदारों पर भी इनकम टैक्स का छापा पड़ा है।

जानकारी के मुताबिक लखनऊ के तीन स्थान जनीनगर, फरीदी नगर व गोमती नगर में आयकर के छापेमारी चल रही है। उत्तर प्रदेश के कई विभागों में तैनात करीब डेढ़ दर्जन अधिकारी अब इनकम टैक्स विभाग के रडार पर हैं | उद्धयमिता प्रशिक्षण संस्थान संस्था, उद्योग विभाग, यूपी इंडस्ट्रियल कंसलटेंट लिमिटेड, उद्यम विभाग के साथ कुछ प्राइवेट इंडस्ट्रियलिस्ट के यहां छापेमारी चल रही है | बताया जा रहा है कि गुपचुप तरीके से शुरू हुई इस छापेमारी के बाद हड़कंप मचा हुआ है |

ऑपरेशन बाबू साहब पार्ट-2 के तहत यह कार्रवाई

ऑपरेशन बाबू साहब पार्ट-2 के तहत यह कार्रवाई की जा रही है | भ्रष्ट नौकरशाहों और उनके करीबियों पर इनकम टैक्स विभाग ने दोबारा छापेमारी कर दी। इसकी शुरुआत 18 जून को दिल्ली से शुरू हुई थी | अब इसकी आंच उत्तर प्रदेश के लखनऊ और कानपुर तक पहुंच चुकी है | मिल रही जानकारी के मुताबिक इनकम टैक्स विभाग को इनपुट मिले थे कि टेंडर से लेकर कई योजनाओं में इन विभागों के अफसर लिप्त रहे हैं | साक्ष्य मिलने के बाद अब औचक छापेमारी शुरू की गई है |

यहां चल रही छापेमारी

मिल रही जानकारी के मुताबिक इनकम टैक्स की टीम दिल्ली के शाहदरा स्थित आवास से डीपी सिंह के यहां आज पहुंची थी | इनकम टैक्स की टीम उन्हें अपने साथ लखनऊ लेकर गई है | डी पी सिंह फिलहाल कानपुर में कार्यरत हैं | 31 अगस्त को दिल्ली के एक लोकेशन,कानपुर के 10 लोकेशन और लखनऊ के 10 लोकेशन सहित दो अन्य ठिकानों पर छापेमारी चल रही है | इससे पहले 18 जून को उपायुक्त उद्योग राजेश यादव, मंगलानी ग्रुप और गोल्डन बास्केट फर्म पर छापे मारकर करोड़ों रुपए सीज किए गए थे। वरिष्ठ नौकरशाहों के करीबी बताए जा रहे राजू चौहान और देशराज के ठिकानों पर कानपुर में छापे मारे गए। लखनऊ समेत 22 जगह छापेमारी चल रही है। इनकम टैक्स के सूत्र के मुताबिक करीब एक दर्जन भ्रष्ट ब्यूरोक्रेट रडार पर हैं।

read more : प्रधानमंत्री ने किया जिस अस्पताल का उद्घाटन, वहीं के पहले मरीज भी बन गए!

प्रधानमंत्री ने किया जिस अस्पताल का उद्घाटन, वहीं के पहले मरीज भी बन गए!

जिस ने प्रधानमंत्री इस अस्पताल का उद्घाटन किया था,वही प्रधानमंत्री इस अस्पताल का पहला मरीज बन गया था | आइये बताते है,ऐसा क्या हुआ की प्रधानमंत्री को एडमिट होना पड़ा | केरल का तिरुअनंतपुरम मेडिकल कॉलेज एवम अस्पताल राज्य के सबसे अहम अस्पतालों में से हैं | हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने टीएमसी अस्पताल की 70वीं वर्षगांठ के मौके पर कार्यक्रम में शिरकत की थी | ये केरल के सबसे पुराने अस्पतालों में से एक है, जो साल 1951 और 1954 में खोले गए थे | भारत के आजाद होने के कुछ दिन बाद ही केरल को दो बड़े अस्पताल मिले थे | 1954 से लोगों को अपनी सेवा दे रहा अस्पताल इसलिए भी खास है, क्योंकि जिस वक्त इसका उद्घाटन हुआ था, वो दिन इतिहास में बेहद खास है |

इसका कारण ये है कि जिस प्रधानमंत्री ने इस अस्पताल का उद्घाटन किया था, वो प्रधानमंत्री ही इस अस्पताल के पहले मरीज बन गए थे | जी हां, जिस दिन अस्पताल का उद्घाटन हुआ,उसी वक्त प्रधानमंत्री को डॉक्टर्स की जरुरत पड़ गई | ऐसे में जानते हैं कि इस अस्पताल का उद्घाटन किसने किया था और उद्घाटन के वक्त ऐसा क्या हुआ कि वो पीएम ही उस अस्पताल के पहले मरीज बन गए |

क्या है पूरा किस्सा ?

बता दें कि साल 1954 में इस अस्पताल का उद्घाटन हुआ था और उस वक्त देश के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू थे | दरअसल, भारत के आजाद होने के बाद भारत में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होने लगा था | केरल के इस अस्पताल का जवाहर लाल नेहरू ने उद्घाटन किया और इसके 3 साल पहले ही जवाहर लाल नेहरू ने टीसीएच अस्पताल का उद्घाटन किया था |

1954 के फरवरी में जब मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का उद्घाटन हुआ तो प्रधानमंत्री उसी वक्त चोटिल हो गए तो वहां ही उनका इलाज करना पड़ा |Dr Kesavan Nair: Vaidyasastrathile Ithihasam नाम की एक किताब में छपे इस किस्से में बताया गया है कि अस्पताल के उद्घाटन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को बिल्डिंग में किसी मैटेरियल की ग्रिल से चोट लग गई | ग्रिल में अंगुली फंसने से उनकी अंगुली में चोट आई और उद्घाटन के तुरंत बाद ही उनका इलाज करना पड़ा |

इस वक्त मशहूर सर्जन रहे डॉ आर केसवन नायर ने उनका इलाज किया,जो मेडिकल कॉलेज के संस्थापक अधीक्षक भी थे | जिसके बाद इस अस्पताल के लिए कहा जाता है कि ये ऐसा अस्पताल है, जिसका उद्घाटन करने वाले प्रधानमंत्री ही इसके पहले मरीज बन गए थे |

read more :सियासी गुरु कहे जाने वाले अन्ना हजारे का अरविंद केजरीवाल को पत्र

सियासी गुरु कहे जाने वाले अन्ना हजारे का अरविंद केजरीवाल को पत्र

अरविंद केजरीवाल के सियासी गुरु कहे जाने वाले अन्ना हजारे ने उन्हें पत्र लिखा है। इस पत्र में अन्ना हजारे ने अरविंद केजरीवाल से कहा है कि वह दिल्ली में शराब की दुकानों को बंद कर दें। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने स्वराज पुस्तक में बड़ी-बड़ी बातें की थीं, लेकिन उनके आचरण पर उसका असर नहीं दिख रहा है। अन्ना हजारे ने अपनी चिट्ठी में अरविंद केजरीवाल को संबोधित करते हुए लिखा, ‘आपके मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार मैं आपको खत लिख रहा हूं। पिछले कई दिनों से दिल्ली सरकार की शराब नीति को लेकर जो खबरें आ रही हैं, उन्हें पढ़कर दुख होता है।’ अन्ना हजारे ने अपने पत्र में अरविंद केजरीवाल द्वारा लिखित किताब ‘स्वराज’ के उस अंश को भी शामिल किया है |

जिसमें अरविन्द केजरीवाल ने शराब की दुकानों के आवंटन और शराब नीति को लेकर सख्त टिप्पणी की है | अन्ना हज़ारे लिखा है कि ‘आपने स्वराज नाम की पुस्तक में कितनी आदर्श बातें लिखी थी, तब से आपसे बड़ी उम्मीद थी | ऐसा लगता है राजनीति में जाकर और मुख्यमंत्री बनने के बाद आप आदर्श विचारधारा भूल गए है | अन्ना हज़ारे ने अपने पत्र में कहा है कि इससे शराब की बिक्री और पीने को बढ़ावा मिल सकता है |

मिलेगा भ्रष्टाचार को बढ़ावा

गली गली में शराब की दुकाने खुलवाई जा सकती है | इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा | अन्ना हजारे ने कहा कि महात्मा गांधी के ‘गांव की ओर चलो’ के विचार से प्रेरित होकर मैंने अपनी जिंदगी गांव, समाज और देश के लिए समर्पित की है।पिछले 47 सालों से ग्राम विकास के लिए काम कर रहा हूं और भ्रष्टाचार के विरोध में आंदोलन कर रहा हूं। अरविंद केजरीवाल को पुराने दिन याद दिलाते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि आप हमारे गांव रालेगण सिद्धि आ चुके हैं। यहां आपने शराब, बीड़ी, सिगरेट आदि पर रोक की प्रशंसा की थी।

शराब जैसा ही होता है सत्ता का भी नशा-अन्ना हजारे 

आपकी सरकार ने दिल्ली में नई शराब नीति बनाई, जिसे देखकर ऐसा लगता है कि इससे शराब की बिक्री और उसे पीने को बढ़ावा मिल सकता है। गली-गली में शराब की दुकानें खुलवाई जा सकती हैं। इससे भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलेगा और यह जनता के हित में नहीं है। इसके बाद भी आप ऐसी शराब की नीति लाए हैं। इससे ऐसा लगता है कि जैसे शराब का नशा होता है, उसी तरह सत्ता का भी नशा होता है। आप भी ऐसी सत्ता के नशे में डूब गए हो,

10 साल पहले की मीटिंग और उद्देश्य दिलाए याद

अन्ना हजारे ने लिखा, ’10 साल पहले 18 सितंबर 2012 को दिल्ली में टीम अन्ना के सदस्यों की मीटिंग हुई थी। उस वक्त आपने राजनीतिक रास्ता अपनाने की बात कही थी। लेकिन आप भूल गए कि राजनीतिक दल बनाना हमारे आंदोलन का उद्देश्य नहीं था। उस वक्त जनता में टीम अन्ना के प्रति भरोसा था और मुझे लगता था कि हमें लोकशिक्षण और लोकजागृति का काम करना चाहिए। यदि लोकशिक्षण का काम होता तो देश में कहीं भी इस तरह की शराब नीति नहीं बनती।

read more : एशिया कप का तीसरा मुकाबला आज,अफगानिस्तान और बांग्लादेश के बीच होगा मैच

एशिया कप का तीसरा मुकाबला आज,अफगानिस्तान और बांग्लादेश के बीच होगा मैच

एशिया कप का तीसरा मुकाबला आज अफगानिस्तान और बांग्लादेश के बीच खेला जाएगा। शारजाह के शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में आज का ये मैच खेला जाएगा। अभी तक दोनों मैच दुबई में खेले गए थे। ये सीजन का पहला मैच है, जो शारजाह के छोटे से मैदान पर आयोजित होगा। इस मैच मे बांग्लादेश की टीम के सामने अफगानिस्तान की चुनौती होगी। यह पूल-बी का दूसरा मुकाबला होगा। अफगानिस्तान ने अपने पहले मैच में पांच बार की चैंपियन श्रीलंका को हराया था। वह अंक तालिका में फिलहाल पहले स्थान पर है। उसके दो अंक हैं। नेट रनरेट की बात करें तो वह +5.176 है। शर्मनाक हार के बाद श्रीलंका का नेट रनरेट -5.176 है।

पूरे मैच मे अफगानिस्तान ने बल्ले और गेंद दोनों से श्रीलंका के खिलाफ दबदबा बनाया था | अफगानिस्तान टीम ने एक बार फिर दिखाया कि वे वास्तव में सबसे छोटे प्रारूप में अच्छा प्रदर्शन कने की ताकत रखते हैं। एक समय श्रीलंका का स्कोर 75/9 था, जिसमें राशिद खान ने एक भी विकेट नहीं लिया था। टीम 105 रन बना सकी थी। उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 12 रन ही दिए थे और दबाव के कारण श्रीलंका की टीम विकेट खोती रही।

आज से अभियान की शुरुआत

बांग्लादेश की टीम अपने अभियान की शुरुआत करेगी, जबकि अफगानिस्तान की टीम का हौसला सातवें आसमान पर होगा। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के पास इस टूर्नामेंट की मेजबानी का अधिकार है। शाकिब अल हसन की कप्तानी वाली बांग्लादेश की टीम की बात करें तो इस टीम ने पिछले कुछ मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अफगानिस्तान की टीम भी अच्छी लय में है।

सुपर 4 तक पहुंचना तय

बता दें कि अगर अफगानिस्तान के खिलाफ बांग्लादेश को इस मैच में छोटे-मोटे अंतर से जीत मिल भी जाती है तो भी अफगानिस्तान की टीम का सुपर 4 तक पहुंचना तय माना जा रहा है, क्योंकि मोहम्मद नबी की कप्तानी वाली टीम का नेट रन रेट +5.176 है और उसे सुपर 4 में पहुंचने के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। हालांकि, बांग्लादेश और श्रीलंका में से कौन आगे जाएगा, ये देखने वाली बात होगी।

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सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्याकांड का मुख्य आरोपी हिरासत में

सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मुख्य आरोपी कहे जाने वाले सचिन बिश्नोई को अजरबैजान में पुलिस ने हिरासत में लिया गया है। पंजाब पुलिस और भारत की एजेंसियां अजरबैजान के संपर्क में हैं | उसके प्रत्यर्पण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सचिन बिश्नोई पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के हत्याकांड की साजिश रचने वाले लॉरेंस बिश्नोई का भाई है। माना जा रहा है कि हत्याकांड की साजिश होते ही वह दिल्ली एयरपोर्ट से फ्लाइट लेकर देश से बाहर चला गया था। उसका पकड़ में आना सिंगर सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में बड़ी कामयाबी है। लॉरेंस बिश्नोई पहले से ही पुलिस की गिरफ्त में है और जेल में बंद है। बता दें कि सिंगर सिद्धू मूसेवाला की 30 मई को मानसा के जवाहर के गांव में गोलियां बरसाकर बदमाशों ने हत्या कर दी थी।

करीब एक सप्ताह के बाद पुलिस इस हत्याकांड के बारे में खुलासा कर पाई थी और कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। वहीं अमृतसर में पाकिस्तान की सीमा से सटे गांव में एनकाउंटर के दौरान भी तीन बदमाश मारे गए थे। उन्हें लेकर भी पुलिस ने बताया था कि ये तीनों ही सिंगर सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में संलिप्त थे और उनकी तलाश में पुलिस पहुंची थी। टीम को देखते ही उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी और जवाबी ऐक्शन में वे मारे गए थे।

शुक्रवार को पेश किया था चालान

सिंगर मूसेवाला हत्याकांड में मानसा पुलिस ने बीते शुक्रवार को चालान पेश किया था। 1850 पन्नों के चालान में 24 आरोपियों के नाम शामिल हैं। इनमें से 20 को गिरफ्तार किया जा चुका है। कहा गया था कि चार आरोपी विदेश में छिपे हैं। हत्याकांड का मास्टरमाइंड गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को बताया गया है, जो इस समय पंजाब पुलिस की हिरासत में है। जिन आरोपियों के विदेश में छुपे होने की बात कही गई थी, उसमें मुख्य आरोपी गोल्डी बराड़, सचिन बिश्नोई, अनमोल बिश्नोई और लिजिन नेहरा शामिल थे।

34 अरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया था मामला

इस मामले में एसएसपी गौरव तोरा ने बताया था कि 34 आरोपियों पर मामला दर्ज किया गया था। 24 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। हत्या में शामिल जगरूप रूपा और मनप्रीत मनु कुस्सा पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। अदालत को उनके मुठभेड़ के बारे में सूचित कर दिया गया है।

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दिल्ली एलजी वीके सक्सेना पर 1400 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप

आम आदमी पार्टी के विधायक दुर्गेश पाठक ने दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना पर 1400 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में सोमवार को विश्वास प्रस्ताव पेश किया | वहीं इस दौरान सदन में इस विश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए आम आदमी पार्टी के विधायक दुर्गेश पाठक ने आरोप लगाया कि खादी ग्रामोद्योग के प्रमुख रहते हुए एलजी वीके सक्सेना के नाम ने कालेधन को सफेद किया। विधानसभा को संबोधित करते हुए विधायक दुर्गेश पाठक ने आरोप लगाया कि खादी विभाग में गांधी के नाम पर 1400 करोड़ का घोटाला हुआ है | विधायक दुर्गेश पाठक ने कहा, ‘इस घोटाले को लेकर सीबीआई में मामला दर्ज हुआ |

लेकिन इसमें एलजी का नाम तक नहीं लिखा गया | न सीबीआई ने रेड की, न FIR में नाम लिखा, लीपा पोती कर दी गई | विधायक दुर्गेश पाठक ने एलजी वीके सक्सेना को ‘भ्रष्ट’ कहते हुए उनके खिलाफ सीबीआई-ईडी की जांच और रेड की मांग की। इस दौरान सभी विधायकों ने हाथ में पोस्टर और बैनर लेकर पहले सदन के अंदर और फिर बाहर प्रदर्शन किया। इस पर ‘विनय सक्सेना चोर है, विनय सक्सेना को गिरफ्तार करो’ जैसे नारे लिखे हुए थे।

घोटाला राष्ट्रपति महात्मागांधी और खादी के नाम पर…..

विधायक दुर्गेश पाठक ने कॉन्फिडेंश मोशन पर चर्चा के दौरान कहा, ”यह घोटाला राष्ट्रपति महात्मागांधी और खादी के नाम पर हुआ। बड़े दुख और शर्म के साथ कह रहा हूँ | यह किसी और ने नहीं बल्कि दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने किया जब वह खादी के चेयरमैन थे। तीन दिन पहले मेरे पास एक फाइल आई है, यह पढ़ने के बाद मैं दंग रह गया कि किस तरह नोटबंदी के दौरान जब सैकेड़ों लोगों की जान चली गई | हजारों लोग बेघर हो गए, लाखों लोगों की नौकरी चली गई | लोग अन्न के लिए तरस रहे थे तब हमारे एलजी साहब 1400 करोड़ के भ्रष्टाचार में लिप्त थे।

एफआईआर में एलजी वीके सक्सेना का नाम डाला जाए

विधायक दुर्गेश पाठक ने कहा, ”मैं इस सदन के माध्यम से मांग करता हूं कि सीबीआई के एफआईआर में एलजी वीके सक्सेना का नाम डाला जाए। इनके खिलाफ छापेमारी होनी चाहिए, ईडी की रेड होनी चाहिए। मनी लॉन्ड्रिंग है। इनके खिलाफ जांच होनी चाहिए, जब तक जांच हो इन्हें अधिकार नहीं कि एलजी के पद पर रहें। एलजी साहब भ्रष्ट हैं। इनके खिलाफ जांच होनी चाहिए।”

दोनों कैशियर को दिल से सलाम

विधायक दुर्गेश पाठक ने कहा, ”यह घोटाला बहुत शानदार तरीके से चल रहा था, किसी को पता भी नहीं लगता, लेकिन मैं इस सदन के माध्यम से उन दो कैशियर संजीव कुमार और प्रदीप यादव को धन्यवाद देता हूं, सलाम करता हूं जिन्होंने जान की बाजी लगा दी कि घोटाला सामने आना चाहिए। विधायक दुर्गेश पाठक ने एलजी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में सीबीआई ने केस दर्ज किया लेकिन उसमें एलजी वीके सक्सेना का नाम नहीं लिखा गया। उन्होंने कहा, ”सीबीआई ने ना कोई रेड की ना कोई पूछताछ की। जिन लोगों ने इस घोटाले को एक्सपोज किया उन्हें सस्पेंड कर दिया गया।

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केंद्र सरकार के अधिकारियों के खिलाफ होगी जांच – मुख्यमंत्री ममता बनर्जी

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाल में तैनात केंद्र सरकार के अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू करने की धमकी दी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा छापेमारी के बढ़ते मामलों को लेकर केंद्र पर निशाना साधा है । मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंगाल में तैनात केंद्र सरकार के अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू करने की धमकी दी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी की छात्र शाखा की एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, “मेरे पास भी बंगाल में सीबीआई, ईडी और अन्य केंद्रीय अधिकारियों के खिलाफ मामले हैं।

इसलिए अगर आप मेरे अधिकारियों को दिल्ली बुलाते हैं | तो मैं भी आपके अधिकारियों को यहां बुलाऊंगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य में तैनात केंद्र सरकार के कम से कम आठ अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “उन्होंने (केंद्र) सीबीआई के जरिए हमारे लोगों को गिरफ्तार किया है। मैं सब नोट कर रही हूं।

सबकी जबानें खींच लेती- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं फिरहाद हकीम और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा सब को चोर बता रही है। वे इस प्रकार से अभियान चला रहे हैं |  जैसे तृणमूल में हम सब चोर हैं और केवल भाजपा तथा उसके नेता ही पाक साफ हैं। अगर मैं राजनीति में नहीं होती तो मैं उनकी जबानें खींच लेती। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि टीएमसी बिलकिस बानो मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोलकाता में 48 घंटे लंबा धरना आयोजित करेगी | जिन्हें पहले गुजरात सरकार ने रिहा कर दिया था।

हकीम की गिरफ्तारी की आशंका

केंद्रीय एजेंसियों ने हकीम को तलब किया था। इस पर हकीम की गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा,” अगर उन्हें गिरफ्तार किया जाता है | तो वह एक फर्जी मामला होगा केवल उन्हें परेशान करने के लिए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ”वे तृणमूल नेताओं के पास धन होने की बात कर रहे हैं। भाजपा को महाराष्ट्र की तर्ज पर निर्वाचित सरकारों को गिराने के लिए हजारों करोड़ रुपये कहां से मिल रहे हैं। भाजपा को 2024 के लोक सभा चुनाव में हराना होगा।

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11 नहीं 12 खिलाड़ियों के साथ खेला था भारत – मिकी आर्थर

ऐसा लगता है जैसे 11 नहीं 12 खिलाड़ियों के साथ भारत खेला था | पाकिस्तान के पूर्व मुख्य कोच मिकी आर्थर ने रविवार को एशिया कप 2022 मैच में पाकिस्तान के खिलाफ दमदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की जमकर तारीफ की है। मुख्य कोच मिकी आर्थर ने प्लेयर ऑफ द मैच बनने के बाद हार्दिक पांड्या की तुलना पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर जैक कैलिस से की। हार्दिक पांड्या अपने खेल में शीर्ष पर थे| क्योंकि उन्होंने 17 गेंदों में नाबाद 33 रन बनाने से पहले 3 महत्वपूर्ण विकेट भी लिए । दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तान टीम के पूर्व मुख्य कोच मिकी आर्थर ने कहा कि 28 वर्षीय हार्दिक पांड्या ने पिछले कुछ महीनों में काफी परिपक्वता दिखाई है।

पूर्व मुख्य कोच मिकी आर्थर ने आगे कहा, “मैंने हार्दिक पांड्या को परिपक्व और परिपक्व होते देखा है और पिछले आईपीएल में उनका कप्तानी करना शानदार था। हार्दिक पंड्या ने अपनी टीम को बहुत अच्छे से मैनेज किया और दबाव में अच्छा क्रिकेट खेला।” दुबई में पाकिस्तान को पांच विकेट से हराने के बाद भारत का अगला मुकाबला बुधवार 31 अगस्त को दुबई में उसी स्थान पर हॉन्ग कॉन्ग से होगा।

मिकी आर्थर के मुख्य कोच रहते जीती चैंपियंस ट्रॉफी

मिकी आर्थर के मुख्य कोच रहते पाकिस्तान ने 2017 की चैंपियंस ट्रॉफी जीती। उस चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत को हराया था। मिकी आर्थर कहा कि हार्दिक पंड्या का टीम में होना प्लेइंग इलेवन में एक अतिरिक्त खिलाड़ी होने के बराबर है।पूर्व मुख्य कोच मिकी आर्थर ने कहा कि हार्दिक पांड्या का टीम में होने का मतलब है कि यह लगभग वैसा ही है जैसे भारत 12 खिलाड़ियों के साथ खेल रहा है। यह मुझे दक्षिण अफ्रीका में अपने समय की याद दिलाता है जब हमारे पास जैक्स कैलिस थे। आपके पास एक ऐसा खिलाड़ी है जो आपके चार तेज गेंदबाजों में से एक हो सकता है और आपके शीर्ष पांच में बल्लेबाजी कर सकता है।

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गुलाम नबी आजाद कांग्रेस छोड़ने के बाद से पार्टी में लगी इस्तीफों की झड़ी

गुलाम नबी आजाद के कांग्रेस छोड़ने के बाद से पार्टी में इस्तीफों की झड़ी लग गई है। गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे के बाद जम्मू-कश्मीर कांग्रेस में बड़ी हलचल देखी जा रही है। प्रदेश कांग्रेस से अब तक छह बड़े नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री, 73 वर्षीय गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस के साथ अपने पांच दशक लंबे जुड़ाव को समाप्त कर दिया था। ऐसे में गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे को कांग्रेस के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस कमेटी से पूर्व विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री जीएम सरूरी, पूर्व विधायक हाजिद अब्दुल राशिद, पूर्व विधायक मोहम्मद अमीन भट, पूर्व विधायक गुलजार अहमद वानी, पूर्व विधायक चौधरी मोहम्मद अकरम और पूर्व कैबिनेट मंत्री आरएस चिब ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

इस्तीफे के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री आरएस चिब ने कहा, ‘हमें पता था कि वह (गुलाम नबी आजाद) इस्तीफा देंगे। पिछले दो महीनों से इसकी बातचीत चल रही थी। गुलाम नबी आजाद को पार्टी हाईकमान ने एक कठिन स्थिति में ला दिया, यहां उनके पास पार्टी छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। कांग्रेस ने केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर निर्णायक नेतृत्व खो दिया है। गुलाम नबी आजाद खुद नेता हैं, फैसला उनका अपना है, लेकिन वह जो भी फैसला करेंगे हम उनके साथ रहेंगे।’ पूर्व मंत्रियों और विधायकों सहित कांग्रेस के एक दर्जन से अधिक प्रमुख नेता, सैकड़ों पंचायती राज संस्थान (पीआरआई) के सदस्यों के अलावा, नगर निगम और जिला और ब्लॉक स्तर के नेता आजाद के साथ शामिल होने के लिए पहले ही कांग्रेस छोड़ चुके हैं।

सोनिया गांधी पर बोला हमला

राहुल गांधी पर हमला बोल कर कांग्रेस छोड़ने वाले गुलाम नबी आजाद ने एक बार फिर से तेवर दिखाए हैं। यही नहीं इस बार उन्होंने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी पर ही हमला बोल दिया है। गुलाम नबी आजाद कहा कि अब तो कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता ही विदेश से हो रही है। यदि ऐसा ही था तो फिर बैठक करके जा सकते थे। कांग्रेस कैसे खड़ी होगी, जब अध्यक्ष के पास ही टाइम नहीं है। जो मेरी टाइमिंग की बात करते हैं, उन लोगों के पास कांग्रेस के लिए टाइम ही कहां है। बता दें कि सोनिया गांधी इलाज के उद्देश्य से विदेश में हैं। उनके साथ ही राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी विदेश गए हैं।

कांग्रेस की हालत पर बोले- घर गिर रहा है

गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस को लेकर कहा कि घर गिर रहा है और अब खंभे भी गिर रहे हैं। उसमें दबकर मरने से अच्छा है कि बाहर निकल जाएं। जिन लोगों को सती होना है, वे वहां रहें। राज्यसभा सीटों को लेकर भी गुलाम नबी आजाद ने हमला बोला और कहा कि कुछ लोग एजेंडा सेट करने के लिए उच्च सदन गए हैं। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मैंने जब सोनिया गांधी को पार्टी में सुधार के लिए चिट्ठी लिखी थी तो मैं 6 दिनों तक सो नहीं पाया था। मैंने जिस पार्टी को खून देकर खड़ा किया था, उसके लिए ऐसा करना चिंता की बात थी।

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मंच पर जगह न मिलने से नाराज हुए कांग्रेस विधायक वीरेन्‍द्र चौधरी

यूपी के महाराजगंज में स्‍वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान 105 फीट ऊंचा राष्‍ट्रीय ध्‍वज फहराने के कार्यक्रम में मंच पर जगह न मिलने से कांग्रेस विधायक वीरेन्‍द्र चौधरी विधायक नाराज हो गए। प्रोटोकाल न मिलने का आरोप लगाते हुए वह वहीं जमीन पर बैठ गए। विधायक वीरेन्‍द्र चौधरी ने कहा कि उन्‍हें ध्वजारोहण के लिए बुलाया गया था। लेकिन न उनका नाम मंच पर था और न ही वहां उनके लिए बैठने की व्यवस्था की गई थी।

विधायक वीरेन्‍द्र चौधरी के जमीन पर बैठने के बाद एडीएम और ईओ उन्हें मनाने लगे। लेेेकिन विधायक वीरेन्‍द्र चौधरी उनसे अपनी नाराजगी जताते रहे। जिससे कुछ देर के लिए माहौल गर्म हो गया। भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान बीच- बचाव कर पुलिस व प्रशासन के लोगों ने किसी तरह से मामले को शांत कराया। हालात को भांपते हुए प्रशासन ने शहीद पंकज त्रिपाठी की पत्‍नी और बेटे से ध्‍वजारोहण करा दिया। इसके बाद किसी तरह समझा बुझाकर विधायक वीरेन्‍द्र चौधरी को शांत कराया गया और कार्यक्रम शुरू हुआ।

धरने पर बैठे रहे विधायक 

विधायक वीरेन्‍द्र चौधरी सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक धरने पर बैठे रहे। विधायक वीरेन्‍द्र चौधरी आरोप लगाया कि कार्यक्रम में सुबह 9 बजे के लिए उन्हें निमंत्रण दिया गया था। लेकिन वह समारोह में आए तो सम्मान नहीं मिला। विधायक वीरेन्‍द्र चौधरी ने कहा कि यह स्थिति ठीक नहीं है। प्रोटोकाल का सरासर उल्‍लंघन है।

यह है मामला

नगर पंचायत आनंदनगर द्वारा कस्बे के विष्णु मंदिर तिराहे पर 105 फीट ऊंचे तिरंगे का लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित था। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नगर पंचायत द्वारा विधायक वीरेंद्र चौधरी को आमंत्रण पत्र भेजा गया था। जिस पर वह समर्थकों के साथ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। विधायक ध्वजारोहण में देरी और मंच पर जगह न मिलने का आरोप लगाते हुए कार्यक्रम स्थल पर ही धरने पर बैठ गए।

बुरे दौर से गुज़र रहा है बॉलीवुड,फिल्मो को नहीं मिल रहे दर्शक

बॉलीवुड इस समय बुरे दौर से गुजर रहा है। एक तो फिल्मों को दर्शक नहीं मिल रहे हैं, दूसरी तरफ लोग सोशल मीडिया पर फिल्मों का बायकॉट किए जाने की मांग कर रहे हैं। साल 2022 बॉलीवुड के लिए कुछ खास नहीं रहा है। शुरुआती साल में जहां फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म नहीं किया तो वहीं बीते कुछ वक्त से सोशल मीडिया पर बॉलीवुड फिल्मों को बायकॉट किया जा रहा है, जिसका बड़ा असर फिल्मों के कलेक्शन पर दिखा है। हाल में आमिर खान की ‘लाल सिंह चड्ढा’ और विजय देवरकोंडा की ‘लाइगर’ के खिलाफ सोशल मीडिया पर ऐसे ही कैंपेन चलाए गए हैं।

दोनों की ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कोई जलवा नहीं दिखा सकी हैं। अब इस लिस्ट में कोई और नहीं बल्कि बॉलीवुड की सबसे आइकॉनिक फिल्म ‘शोले’ भी शामिल हो गई है। सोशल मीडिया पर इस फिल्म की आलोचना की जा रही है और कहा जा रहा है कि बॉलीवुड 70 के दशक से ही हिंदूफोबिक यानी हिंदुओं के खिलाफ डर और नफरत फैला रहा है।

शोले, सुहाग और पाताल लोक का भी जिक्र

दरअसल सोशल मीडिया पर अब पुरानी फिल्मों का भी बायकॉट देखने को मिल रहा है। कुछ ट्वीट्स ऐसे देखने को मिले हैं, जहां शोले से लेकर सुहाग तक पर निशाना साधा गया है। ऐसे ही एक ट्वीट में शोले और सुहाग का जिक्र करते हुए लिखा गया, ‘1970 से ही फिल्मों में हिंदू फोबिया शुरू हो गया था। पहली तस्वीर शोले की जिसे जावेद अख्तर ने लिखा था, दूसरी तस्वीर सुहाग की जिसे कादर खान ने लिखा था। दोनों ही बड़ी हिट साबित हुई थी।’ वहीं तस्वीरों के माध्यम से दिखाया गया कि शोले में गांव के रहीम चाचा को बहुत अच्छा आदमी दिखाया गया था। वहीं दूसरी तरफ सुहाग में अमजद खान और अन्य कलाकारों को साधुओं के वेश में दिखाया गया है जो फिल्म में अपराधी बने थे। इसके साथ ही कैप्शन में #Hinduphobic_Bollywood भी लिखा गया है।

फिल्मों के रिलीज से पहले ही हो रही है बायकॉट की मांग

अब देखना है कि बॉलीवुड के बायकॉट के इस ट्रेंड में कौन-कौन सी फिल्मों को घसीटा जाता है। अभी तो हालात कुछ अच्छे नजर नहीं आ रहे हैं और जो भी फिल्म रिलीज होने वाली होती है उससे पहले ही उसका बायकॉट किए जाने की मांग की जाने लगती है। अब रणबीर कपूर और आलिया भट्ट् की आने वाली फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ का भी लोग सोशल मीडिया पर विरोध कर रहे हैं।

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राशिद खान से पूछे सवालो के मिले मज़ेदार जवाब

श्रीलंका के खिलाफ एशिया कप मुकाबले से पहले राशिद खान ने कई सवालों के मज़ेदार जवाब दिए हैं। बातचीत के दौरान राशिद ने बताया कि विराट और बाबर दोनों को गेंदबाजी करना मुश्किल है, क्योंकि दोनों बल्लेबाज किसी भी ढीली गेंद को नहीं छोड़ते हैं। श्रीलंका और अफगानिस्तान मुकाबले के साथ एशिया कप 2022 का आगाज होने जा रहा है। दूसरी बार टी20 प्रारूप में खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट के दूसरे मैच में भारत और पाकिस्तान की टीमों के बीच जबरदस्त भिड़ंत देखने के लिए फैंस तैयार हैं। इस मैच में भारतीय स्टार बल्लेबाज विराट कोहली पर भी सबकी नजरें रहेंगी, जिन्हें वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे दौरे के लिए आराम दिया गया था। पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम के प्रदर्शन पर भी सभी टीमों की नजरें होंगी, क्योंकि ये खिलाड़ी लगातार रन बटोर रहा है।

दोनों को गेंदबाजी करना मुश्किल

राशिद खान ने कहा, ”मेरे लिए दोनों (विराट और बाबर) को गेंदबाजी करना समान रूप से कठिन हैं। वे जिस प्रकार के बल्लेबाज हैं, वे खराब गेंदों को नहीं छोड़ेंगे। इसलिए मेरे लिए दोनों को गेंदबाजी करना मुश्किल है, लेकिन मुझे चुनौती पसंद हूं। मैं उन दोनों को खराब गेंद खेलने का कोई मौका नहीं दूंगा। मैं सही एरिया में गेंदबाजी करने की कोशिश करूंगा।”

राशिद आगे कहा, “बाबर और विराट को गेंदबाजी करना मजेदार है और यह मेरे लिए एक सीखने का जरिया भी है। उदाहरण के लिए जब मैं SRH में केन विलियमसन को गेंदबाजी करता था, तो हमारी गेंदबाजी के बारे में उनसे बहुत सारी बातचीत होती थी। इसलिए उनके आउटपुट ने मेरी बहुत मदद की। लेकिन मुझे चुनौती पसंद है।

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न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने 49वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की

न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने शनिवार को भारत के 49वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित संक्षिप्त समारोह में न्यायमूर्ति ललित को शपथ दिलाई। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई केंद्रीय मंत्री इस समारोह में शामिल हुए। न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित से पहले प्रधान न्यायाशीध के रूप में सेवाएं देने वाले न्यायमूर्ति एन वी रमण भी इस मौके पर मौजूद थे। न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने शपथ ग्रहण करने के बाद अपने 90 वर्षीय पिता और उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश उमेश रंगनाथ ललित समेत परिवार के अन्य बड़े-बुजुर्गों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। प्रधान न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति ललित का कार्यकाल 74 दिन का होगा। वह 65 वर्ष के होने पर इस साल आठ नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे।

न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित के बाद सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ अगले प्रधान न्यायाधीश हो सकते हैं। उन्होंने दिल्ली में अपनी अलग शैली से वकालत के क्षेत्र में धाक जमाई। टॉप क्रिमिनल लॉयर के रूप में उनकी पहचान बनी। न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित को नायाब तर्कों, दलीलों और सौम्य व्यक्तित्व वाले मृदु भाषी व्यक्ति के तौर पर भी जाना जाता है।

एक सदी से ज्यादा समय से वकालत कर रहा परिवार

जानना दिलचस्प है कि न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित के परिवार के लोग एक सदी से ज्यादा समय से वकालत के क्षेत्र में कार्यरत हैं। उनके दादा जी का नाम रंगनाथ ललित है जो महाराष्ट्र के सोलापुर में वकालत करते थे। उनके पिता उमेश रंगनाथ ललित ने सोलापुर से वकालत शुरू की। मुंबई में वकालत में उन्होंने काफी नाम कमाया। मुंबई हाई कोर्ट के वो जज भी रहे।

टीचर हैं सीजेआई उमेश ललित की पत्नी अमिता

यह जरूर है कि न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित की पत्नी अमिता उदय ललित का पेशेवर जीवन वकालत से अलग है। अमिता एक टीचर हैं जो नोएडा में दशकों से स्कूल चला रही हैं। न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित और अमिता के दो बेटे हैं। बड़े बेटे श्रेयस और उनकी पत्नी रवीना दोनों ही वकील हैं। छोटा बेटा हर्षद अपनी पत्नी राधिका के साथ अमेरिका में रहता है।

कई अहम फैसलों का हिस्सा रहे हैं न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित

हाल ही में, न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित की अध्यक्षता वाली एक पीठ मामलों की सुनवाई के लिए शीर्ष अदालत के सामान्य समय से एक घंटे पहले सुबह साढ़े नौ बजे बैठी थी। न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने कहा था, ‘मेरे विचार से आदर्श रूप से हमें सुबह नौ बजे बैठना चाहिए। मैंने हमेशा कहा है कि अगर हमारे बच्चे सुबह सात बजे स्कूल जा सकते हैं, तो हम नौ बजे क्यों नहीं आ सकते। न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित की अगुवाई वाली पीठ ने 22 अगस्त को आम्रपाली घर विक्रेताओं के मामले की सुनवाई के लिए तीन सितंबर (शनिवार) को सुबह साढ़े 10 बजे से दोपहर एक बजे का समय निर्धारित किया, जबकि इस दिन शीर्ष अदालत में छुट्टी होती है।

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विधायकों को मुख्यमंत्री आवास से किया जा रहा शिफ्ट,ले जायेगे छत्तीसगढ़

विधायकों को मुख्यमंत्री आवास से दो लग्जरी बसों से कहीं और शिफ्ट किया जा रहा है। इस लिहाज से झारखंड की राजनीति के लिए आज बड़ा दिन है | राज्यपाल रमेश बैस मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को विधायक पद के अयोग्य ठहराने का आदेश शनिवार को निर्वाचन आयोग को भेज सकते हैं | मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलों के बीच राज्य के सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्य मुख्यमंत्री आवास पर सुबह तीसरे दौर की बैठक के लिए इकट्ठा हुए | बड़ी बात यह है कि बैठक में पहुंच रहे विधायक और मंत्रियों की गाड़ियों में बड़े-बड़े सूटकेस दिखे हैं |

सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, विधायक और मंत्रियों को राजधानी रांची से छत्तीसगढ़ ले जाने की तैयारी चल रही है | झारखंड में चल रहे सियासी घमासान के बीच शनिवार को सीएम हाउस में महागठबंधन के विधायकों की बैठक पूरी हुई। बताया जा रहा है कि बसों में कांग्रेस और झामुओ के विधायक सवार हैं। विधायकों की बसों को पुलिस सुरक्षा में दे रही है। यही नहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी बसों के पीछे चल रहे है। विधायकों को खूंटी के लतरातू जाने की सूचना है।। इसके साथ ही सीएम हाउस की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

बीजेपी की चाल सफल नहीं होगी

बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि बीजेपी किसी भी चाल में सफल नहीं होगी | जब से हमारी सरकार बनी है, तब से ये बीजेपी कोशिश कर रहे हैं कि सरकार को अस्थिर किया जाए | लेकिन हम पूरी मजबूती के साथ सरकार के साथ खड़े हैं | वहीं कांग्रेस के 3 विधायकों को दलबदल मामले में विधानसभा अध्यक्ष ने संज्ञान लिया है | इस पर उन्होंने कहा कि यह बात आलमगीर आलम से पूछनी चाहिए, विधायकों के छत्तीसगढ़ जाने वाली खबर को लेकर बन्ना गुप्ता ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी सुरक्षा का ख्याल होता है |

सरकार भी आपने सुरक्षा को देखते हुए कदम उठाने के लिए स्वतंत्र हैं | बैठक के बाद सभी यूपीए विधायकों को राज्य से बाहर ले जाने की तैयारी है | जैसे ही राजभवन के तरफ से बहुमत साबित करने के लिए या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर कोई फैसला आएगा या बहुमत साबित करने को लेकर फ्लोर टेस्ट की नौबत आती है | तो सभी विधायकों को एक साथ राजभवन या झारखंड विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा |

बीजेपी वाले चला रहे हथियार

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि बीजेपी वाले हर तरह के हथियार चला रहे हैं। उन्होंने गर्दन पर आरी तक चलाने का प्रयास किया लेकिन उनका हर औजार टूट जा रहा है। मैं आदिवासी का बेटा हूं। झारखंड का बेटा हूं। कोई इतनी आसानी से नहीं तोड़ सकता है। केंद्र सरकार हमारी रॉयल्टी का लाखों-करोड़ों दबा कर बैठी है। जब हमने इसकी मांग की तो वह जांच एजेंसी से परेशान करने लगी। इससे पूर्व डबल इंजन की सरकार बनाकर झारखंड की हक मारी करते रही। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता शिबू सोरेन के विरुद्ध लोकपाल में हुए केस का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि विरोधी जितनी भी ताकत लगा लें, झारखंड सरकार को हिला नहीं सकते हैं।

राजभवन में रचा जा रहा षड़यंत्र : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

इससे पहले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि बीजेपी वाले पिछले पांच माह से उन्हें सत्ता से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। राजभवन में क्या षड्यंत्र रचा जा रहा है, पता नहीं कल क्या होगा। उन्होंने कहा- मैं आश्वस्त करता हूं कि बीजेपी को हर मोर्चे पर सका मुंहतोड़ जवाब दूंगा। आपका साथ और विश्वास ही मेरी ताकत है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन महुआडांड़ के टूटूआपानी में विकास योजनाओं के शिलान्यास व उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

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भाजपा नेता सोनाली फोगाट केस में बड़ी कार्रवाई कर्लीज रेस्तरां का मालिक हिरासत में ….

अभिनेत्री व भाजपा नेता सोनाली फोगाट केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए गोवा पुलिस ने कर्लीज रेस्तरां के मालिक को हिरासत में ले लिया है। अभिनेत्री व भाजपा नेता सोनाली फोगाट की मौत मामले में गोवा पुलिस ने दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। सुधीर सांगवान और सुखविंदर सिंह 22 अगस्त को सोनाली फोगाट के साथ गोवा गए थे। पुलिस ने शनिवार को कर्लीज क्लब के मालिक व एक ड्रग पेडलर को गिरफ्तार किया है। वहीं पुलिस ने क्लब के बाथरूम से ड्रग्स भी बरामद किया है। ड्रग तस्कर दत्तप्रसाद गांवकर को गिरफ्तार कर लिया है। उसने आरोपी सुखविंदर सिंह को ड्रग्स सप्लाई की थी। पुलिस ने कल दो आरोपियों सुखविंदर सिंह और सुधीर सांगवान को इस केस के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। पुलिस अब तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

सुधीर सांगवान और सुखविंदर सिंह है हत्याकांड में आरोपी

आपको बता दें कि इससे पहले गोवा पुलिस ने कहा था कि सोनाली फोगाट के ड्रिंक में उनके दो सहयोगियों ने एक पार्टी के दौरान नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया था। संभवत: इसके चलते सोनाली फोगाट की मौत हुई। यह दोनों सोनाली फोगाट ‘हत्याकांड’ में आरोपी हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सोनाली फोगाट की हत्या के पीछे की वजह आर्थिक हित हो सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों आरोपियों (सुधीर सांगवान और सुखविंदर सिंह) को गिरफ्तार कर लिया गया है | ताकि वे सबूतों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित नहीं कर सकें।

रासायनिक पदार्थ मिलाते देखे गए

पुलिस महानिरीक्षक ओमवीर सिंह बिश्नोई ने बताया कि दोनों आरोपी पेय पदार्थ में ”कुछ रासायनिक पदार्थ” मिलाते देखे गए थे | जिसे रेस्तरां में हुई पार्टी में सोनाली फोगाट को पिलाया गया। बिश्नोई ने बताया कि आरोपियों ने पुलिस पूछताछ के दौरान उत्तरी गोवा के रेस्तरां में सोनाली फोगाट को जानबूझकर नशीला पदार्थ पिलाने की बात स्वीकार की है। यह घटना 22-23 अगस्त की मध्यरात्रि की है।पुलिस अधिकारी ने कहा कि जांच अधिकारी ने रेस्तरां की सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की, जिसमें पाया गया कि सांगवान ने कथित तौर पर जबरन सोनाली फोगाट को पेय पदार्थ पिलाया। उन्होंने कहा कि 23 अगस्त को सुबह तड़के करीब 4:30 बजे दोनों आरोपी फोगाट को वाशरूम ले गए थे | जहां तीनों लोग दो घंटे तक अंदर ही रहे थे। बिश्नोई ने कहा कि हिरासत में पूछताछ के बाद ही यह पता चल पाएगा कि उन दो घंटे के दौरान क्या हुआ था।

कांग्रेस नेता ने की सीबीआई जांच की मांग

इस बीच कांग्रेस पार्टी ने पुलिस पर बड़ा आरोप लगाया है। गोवा में विपक्ष के नेता माइकल लोबों ने कहा, पुलिस इस मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में सोनाली फोगाट की कथित हत्या की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) से कराई जाए। कांग्रेस नेता माइकल लोबो ने कहा, इस मामले की हर एंगल से जांच किए जाने की जरूरत है। दरअसल, सोनाली फोगाट की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई चोट के निशान मिलने की बात सामने आई थी।

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हसी आती है जब चपरासी कांग्रेस पार्टी के बारे में ज्ञान देते हैं- सांसद मनीष तिवारी

कांग्रेस नेताओं के चपरासी जब कांग्रेस पार्टी के बारे में ज्ञान देते हैं तो यह हंसी का पात्र होता है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे गुलाम नबी आजाद ने सोनिया गांधी के नाम पांच पन्नों की चिट्ठी लिखकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इस सियासी घटना के बाद राज्यसभा सांसद मनीष तिवारी ने अपनी पार्टी को फिर एकबार नसीहत दी है। सांसद मनीष तिवारी कहा है कि जी-23 ने जो कांग्रेस सुप्रीमो को पार्टी की स्थिति को लेकर चिट्ठी लिखी थी, अगर उसपर ध्यान दिया गया होता तो आज ऐसी स्थिति नहीं आती। गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि वह आजाद के पांच पन्नों के पत्र के गुण-दोष पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, जिसमें उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि वह समझाने की सबसे अच्छी स्थिति में होंगे।

वार्ड चुनाव लड़ने की क्षमता नहीं

उन्होंने कहा कि अजीब बात यह है कि जिन लोगों में वार्ड चुनाव लड़ने की क्षमता नहीं है, वे कांग्रेस नेताओं के चपरासी थे, जब पार्टी के बारे में ज्ञान दिया जाता है तो यह हास्यास्पद है। हम एक गंभीर स्थिति में हैं। जो हुआ वह खेदजनक, दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी कहते हैं, ”मैंने इस पार्टी को 42 साल दिए हैं। मैं यह पहले भी कह चुका हूं कि हम इस संस्था यानी कांग्रेस के किरायेदार नहीं हैं, हम पार्टी के सदस्य हैं। अब अगर आप हमें बाहर निकालने की कोशिश करेंगे तो यह दूसरी बात है। तब देखा जाएगा।”

कांग्रेस की परिस्थिति चिंताजनक – सांसद मनीष तिवारी 

सांसद मनीष तिवारी ने आगे कहा कि दो साल पहले हम 23 लोगों ने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी को पत्र लिखकर बताया था कि कांग्रेस की परिस्थिति चिंताजनक है जिसपर विचार करने की ज़रूरत है। कांग्रेस की बगिया को बहुत लोगों, परिवारों ने अपने खून से संजोया है। अगर किसी को कुछ मिला वह खैरात में नहीं मिला है। सांसद मनीष तिवारी कहा कि उत्तर भारत के लोग जो हिमालय की चोटी की ओर रहते हैं,यह जज़्बाती, खुददार लोग होते हैं।

पिछले 1000 साल से इनकी तासीर आक्रमणकारियों के खिलाफ लड़ने की रही है। किसी को इन लोगों के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। ऐसा लगता है कि 1885 से मौजूद कांग्रेस पार्टी और भारत के बीच समन्वय में दरार आ गई है। आत्मनिरीक्षण की जरूरत थी। मुझे लगता है कि 20 दिसंबर 2020 को सोनिया गांधी के आवास पर हुई बैठक में सहमति बन गई होती तो यह स्थिति नहीं आती।”

अधीर रंजन चौधरी ने मोदी पर बोला हमला

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि हिंदुस्तान में लाखों लोग कोविड से मर रहे थे तब मोदी जी ने किसी के लिए खेद तक व्यक्त नहीं किया लेकिन जिस दिन गुलाम नबी आजाद का राज्यसभा में आखिरी दिन था वह उनके लिए रोने लगे। उनका रोना एक नौटंकी था। गुलाम नबी के लिए रोने की कोई वजह नहीं थी।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मिली राहत,इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक 15 साल पुराने मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। चीफ जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली बेंच ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मुकदमा चलाने की अनुमति देने से मना कर दिया | 2007 में गोरखपुर दंगे से जुड़े केस में कोर्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राहत देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर लगा दी है। जब उत्तर प्रदेश सरकार ने मुकदमा चलाने की अनुमति देने से मना किया,तब तक योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बन चुके थे | ऐसे में अधिकारियों की तरफ से लिया गया यह फैसला दबाव में लिया गया हो सकता है | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा था कि असल में बात को इसलिए लंबा खींचा जा रहा है क्योंकि योगी आदित्यनाथ अब मुख्यमंत्री बन चुके हैं |

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब यह साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हेट स्पीच देने का मुकदमा अब नहीं चलेगा। बता दें कि 2007 में गोरखपुर में हिंसा हुई थी और यह मामला इसी से जुड़ा था,मामले में याचिकाकर्ता ने तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया था। | 2007 में हुए गोरखपुर के सांप्रदायिक दंगा मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुकदमा चलाने के लिए जरूरी अभियोजन स्वीकृति देने से शासन के इनकार के विरुद्ध दाखिल याचिका खारिज कर दी थी |

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी याचिका

दरअसल, फरवरी 2018 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ दायर की गई एक याचिका खारिज कर दी । 2007 में हुए गोरखपुर के सांप्रदायिक दंगा मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुकदमा चलाने के लिए जरूरी अभियोजन स्वीकृति देने से शासन के इनकार के विरुद्ध दाखिल याचिका खारिज कर दी थी। इतना ही नहीं, कोर्ट ने घटना की जांच CBI से कराने की मांग भी अस्वीकार कर दी थी।

हाईकोर्ट को सरकार की प्रक्रिया में नहीं दिखी थी खामी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर साल 2007 में गोरखपुर में हुए सांप्रदायिक दंगे के मामले परवेज परवाज ने केस दर्ज कराया था | परवेज परवाज और असद हयात की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस एसी शर्मा की डिविजन बेंच ने सुनवाई के बाद अपना यह फैसला सुनाया था | कोर्ट ने कहा था कि सरकार की ओर से मुकदमा चलाने की अनुमति न देने की प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं दिखती है |

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उत्तर प्रदेश सरकार ने किया फ्री राशन स्कीम बंद करने का ऐलान

उत्तर प्रदेश सरकार ने फ्री राशन स्कीम बंद करने का ऐलान कर दिया है | सुप्रीम कोर्ट में ‘रेवड़ी कल्चर’ पर सुनवाई के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने अहम फैसला लिया है | कोरोना काल से अंत्योदय और पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को फ्री में मिलने वाला राशन बंद कर दिया गया है | अगर आप राशन लेने सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर जा रहे हैं | तो साथ में रुपये जरूर लेकर जाएं, क्योंकि इस बार गेहूं और चावल मुफ्त नहीं मिलेगा। बल्कि उसके लिए रुपये देने होंगे,जबकि चना, नमक व रिफाइंड तेल फ्री मिलेगा। बता दें कि कोरोना काल से शुरू हुई फ्री राशन की प्रक्रिया अब बंद होने जा रही है। हालांकि प्रधानमंत्री योजना के तहत दिया जा रहा राशन सितंबर तक मुफ्त मिलेगा | लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दिए जा रहे राशन के लिए अब पैसे चुकाने होंगे।

गेहूं और चावल के लिए पहले की तरह से रुपये देने पड़ेंगे, जबकि चना मुफ्त में दिया जाएगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत माह जुलाई के सापेक्ष अगस्त में 25 अगस्त से 31 अगस्त तक सभी दुकानों पर राशन वितरण किया जाएगा। दुकानों पर राशन उठान कर लिया गया है। कहीं कहीं उठान होना बाकी है। 26 अगस्त से सभी दुकानों पर राशन वितरण शुरू कराए जाने को पूर्ति विभाग ने दावा किया है।

जानिए कितना मिलेगा गेहूं और चावल

अन्त्योदय कार्डधारकों को 14 किलोग्राम गेहूं व 21 किलोग्राम चावल कुल 35 किलो खाद्यान्न प्रति कार्ड एवं पात्र गृहस्थी राशनकार्डधारकों को दो किलो गेहूं, तीन किलो चावल कुल पांच किलो खाद्यान्न प्रति यूनिट दिया जाएगा। गेहूं और चावल के रेट इस बार सभी कार्डधारकों को दो रुपये किलो गेहूं, तीन रुपये प्रति किलो चावल की दर से रुपये कोटेदारों को देने होंगे। साथ ही चना, नमक, रिफाइंड तेल कार्ड धारकों को निशुल्क वितरण किया जाएगा। हालांकि, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY) के तहत पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों और अंत्योदय गृहस्थी कार्ड धारकों को दिए जाने वाला 5 किलो फ्री राशन अभी इस महीने दिया जाएगा | इसके बंद होने का नोटिफिकेशन नहीं आया है |

31 को मोबाइल वेरीफिकेशन होगा

ऐसे कार्डधारक जिनके अंगूठे ई पाश मशीन में नहीं लग पा रहे हैं। उनको 31 अगस्त को मोबाइल फोन पर ओटीपी वेरीफिकेशन के माध्यम से राशन वितरण किया जाएगा। फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी जिलों के जिला पूर्ति अधिकारी की ओर से कोटेदारों को एक लेटर जारी किया गया है,जिसमें फ्री राशन स्कीम बंद करने का ऐलान है |

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