Friday, April 10, 2026
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नाक के रास्ते दी जाने वाली कोरोना वैक्सीन को डीसीजीआई से मिली मंजूरी

भारत बायोटेक की नाक के रास्ते दी जाने वाली कोरोना वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए डीसीजीआई की मंजूरी मिल गई है। कोरोना महामारी के खिलाफ भारत को एक और सफलता मिली है। देश की पहली नेजल वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिल गई है। माना जा रहा है कि इससे भारत में कोरोना के खिलाफ जंग को एक नई मजबूती मिलेगी। बता दें कि भारत ने अभी तक 100 करोड़ कोरोना टीकाकरण करके एक रिकॉर्ड कायम किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि भारत बायोटेक द्वारा कोरोना के लिए बनाई गई देश की पहली नेजल वैक्सीन को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दे दी है।

यह भारत का कोरोना -19 वायरस के लिए पहला नाक से दिया जाने वाला टीका होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने इसे लेकर खुशी जताई है। उन्होंने इसे कोरोना महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई के लिए एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा कि COVID-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई में बड़ा कदम ! भारत बायोटेक की ChAd36-SARS-CoV-S COVID-19 (चिंपांज़ी एडेनोवायरस वेक्टरेड) नेजल वैक्सीन को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन द्वारा कोरोना महामारी के खिलाफ आपातकालीन स्थिति में प्रतिबंधित उपयोग के लिए 18 साल से ज्यादा के लोगो के लिए प्राथमिक टीकाकरण के लिए मंजूरी दे दी गई है।

कोरोना महामारी से तेज होगी लड़ाई

स्वास्थ्य मंत्री ने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि नाक से दी जाने वाली कोरोना वैक्सीन के आने के बाद भारत कोरोना महामारी से और बेहतर ढंग से मुकाबला कर पाएगा। डॉ. मंडाविया ने लिखा कि भारत ने भारत ने पीएम मोदी के नेतृत्व में कोविड 19 से लड़ाई के खिलाफ विज्ञान, शोध और अपने संसाधनों का बखूबी इस्तेमाल किया। इस वैज्ञानिक अप्रोच और सबके प्रयास से भारत कोरोना को पूरी तरह से हराने में कामयाब होगा।

कैसे काम करती है नेजल वैक्सीन ?

नेजल स्प्रे वैक्सीन को इंजेक्शन की बजाय नाक से दिया जाता है। यह नाक के अंदरुनी हिस्सों में इम्यून तैयार करती है। इसे ज्यादा कारगर इसलिए भी माना जाता है क्योंकि कोरोना समेत हवा से फैलने वाली अधिकांश बीमारियों के संक्रमण का रूट प्रमुख रूप से नाक ही होता है और उसके अंदरूनी हिस्सों में इम्युनिटी तैयार होने से ऐसे बीमारियों को रोकने में ज्यादा असरदार साबित होती है।

नेजल वैक्सीन के फायदे

. इंजेक्शन से छूटकारा
. नाक के अंदरुनी हिस्सों में इम्यून तैयार होने से सांस से संक्रमण होने का खतरा घटेगा
. इंजेक्शन से छुटकारा होने के कारण हेल्थवर्कर्स को ट्रेनिंग की जरूरत नहीं
. बच्चों का टीकाकरण करना आसान होगा
. उत्पादन आसान होने से दुनियाभर में डिमांड के अनुरूप उत्पादन और सप्लाई संभव

read more :बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना अपने चार दिनों के भारत दौरे पर

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना अपने चार दिनों के भारत दौरे पर

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत की यात्रा पर हैं,प्रधानमंत्री शेख हसीना अपने चार दिनों के भारत दौरे की शुरुआत करते हुए कहा कि दोस्ती के जरिए हर समस्या का समाधान हो सकता है | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में उनका स्वागत किया | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की अगुवाई में हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक हुई और इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से कई अहम विषयों पर समझौते किए गए | इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज बांग्लादेश भारत का सबसे बड़ा विकास साझेदार और क्षेत्र में हमारा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है |

उन्होंने यह भी कहा कि आज हमने आतंकवाद और कट्टरवाद के खिलाफ सहयोग पर भी जोर दिया है | इस सियासी घटनाक्रम को पाकिस्तान नहीं पचा पा रहा है। पाकिस्तानी रेंजर्स ने सुबह जम्मू-कश्मीर के अरनिया सेक्टर में सीमा सुरक्षा बल के गश्ती दल पर गोलीबारी की। घटनाक्रम से वाकिफ लोगों ने बताया कि बीएसएफ ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब दिया है। बीएसएफ प्रवक्ता की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि आज सुबह बीएसएफ जवानों ने अरनिया सेक्टर में गश्ती दल पर पाक रेंजरों की गोलीबारी का करारा जवाब दिया है।

भारत और पाकिस्तान 24 फरवरी, 2021 को जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में सीमा पार से गोलीबारी से संबंधित सभी समझौतों का सख्ती से पालन करने को लेकर सहमत हुए थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री शेख हसीना जी की यात्रा हमारी आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान हो रही है,और मुझे पूरा विश्वास है कि अगले 25 सालों के अमृत काल में भारत-बांग्लोदश मित्रता नई ऊंचाइयां छूएगी | हमारे घनिष्ठ सांस्कृतिक और लोगों के बीच संबंधों में भी निरंतर वृद्धि हुई है |

1.42 लाख करोड़ है दोनों देशों के बीच व्यापार

दोनों देशों का जोर आपसी व्यापार बढ़ाने के लिए जल, रेल और हवाई संपर्क बढ़ाने पर है। बीते पांच साल में द्विपक्षीय व्यापार में सौ फीसदी की वृद्धि हुई है और यह नौ अरब से 18 अरब डॉलर यानी करीब 1.42 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। परिवहन संपर्क बढ़ा कर भारत की योजना अगले दो-तीन वर्षों में निर्यात को 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने की है। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2020 के 9.69 अरब डॉलर की तुलना में वित्त वर्ष 2021 में भारत ने बांग्लादेश को 16.15 अरब डॉलर का निर्यात किया है।

नई ऊंचाईयां छुुएगी भारत-बांग्लादेश की मित्रता: प्रधानमंत्री मोदी

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, पिछले वर्ष हमने बांग्लादेश की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ, हमारे रणनीतिक संबंधों की स्वर्ण जयंती, और बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की जन्म शताब्दी को एक साथ मनाया था। पिछले वर्ष 6 दिसंबर को हमने पहला ‘मैत्री दिवस’ भी साथ मिलकर पूरी दुनिया में मनाया। पीएम मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री शेख हसीना की यात्रा हमारी आज़ादी के अमृत महोत्सव के दौरान हो रही है। मुझे पूरा विश्वास है कि अगले 25 सालों के अमृत काल में भारत-बांग्लोदश मित्रता नई ऊँचाइयाँ छूएगी।

कुशियारा नदी जल बंटवारे पर करारः प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने समझौतों के बारे में कहा कि हमने IT, अंतरिक्ष और न्यूक्लियर एनर्जी जैसे सेक्टर्स में भी सहयोग बढ़ाने का निश्चय किया है | जो हमारी युवा पीढ़ियों के लिए रूचि रखते हैं | हम जलवायु परिवर्तन और सुंदरबन जैसी साझा धरोहर को संरक्षित रखने पर भी सहयोग जारी रखेंगे | उन्होंने कहा कि आज हमने कुशियारा नदी से जल बंटवारे पर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं | इससे भारत में दक्षिणी असम और बांग्लादेश में सिलहट क्षेत्र को लाभ होगा |

प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करती हूं- प्रधानमंत्री शेख हसीना

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा, मैं प्रधानमंत्री मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करती हूं जो हमारे द्विपक्षीय संबंधों को अतिरिक्त गति प्रदान करना जारी रखेगा। भारत बांग्लादेश का सबसे महत्वपूर्ण और निकटतम पड़ोसी देश है। भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंधों को पड़ोस की कूटनीति के लिए आदर्श माना जाता है।

read more:नए तरीके खोजने वाले 46 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया

नए तरीके खोजने वाले 46 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया

बच्चों के पढ़ाने के लिए नए -नए तरीके खोजने वाले 46 शिक्षकों को इस साल राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्कूली शिक्षा में अद्वितीय योगदान देने वाले 46 चयनित शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार 2022 प्रदान कर सम्मानित किया। किसी शिक्षक ने बच्चों को गणित और आकृतियां सिखाने के लिए रंगोली का इस्तेमाल किया, फर्श पर बीजगणितीय टाइलिंग, रोल नंबर के रूप में आवर्त सारणी बनवाई तो किसी ने स्कूल में बैग लेस डेज स्कीम लागू की। किसी शिक्षक ने “छात्रों को कोई सजा नहीं” की शुरुआत की थी।

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में कंपोजिट स्कूल सहावा के शिक्षक खुर्शीद अहमद को शिक्षाशास्त्र में सरल नवाचारों का उपयोग करने के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जिनमें छात्रों के रोल नंबर के रूप में तत्वों की आवर्त सारणी का उपयोग करना शामिल है, ताकि उनके लिए इन सारणियों को याद रखना आसान हो सके। शिक्षक खुर्शीद अहमद ने कहा, “मैंने सीमित संसाधनों का इस्तेमाल कर विज्ञान के मॉडल जैसे हृदय, मानव संचार प्रणाली आदि को बनाया और छात्रों से वर्ण लेखन जैसे प्रयोग करवाए।”

बच्चों को साबुन और जूतें बनाना सिखाया

मुंबई के छत्रभुज नरसी मेमोरियल स्कूल की प्रिंसिपल कविता सांघवी ने स्कूली पाठ्यक्रम में जीवन कौशल जोड़ते हुए बच्चों को साबुन और जूतें बनाना सिखाया जाना शुरू किया। उन्होंने स्कूल में बैग लेस डे इनिशिएटिव भी लागू किया। साथ ही छात्रों को कला और संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों के साथ प्रयोग करने में मदद की। वहीं,शिक्षक नीरज सक्सेना, जो शासकीय प्राथमिक विद्यालय सालेगढ़, मध्य प्रदेश में एकमात्र शिक्षक हैं, ने आसपास के गांवों में महिलाओं को स्कूल के काम के लिए स्वयंसेवकों के रूप में काम करने के लिए प्रेरित और संगठित किया।

बिहार के शिक्षक ने किए इनोवेशन

बिहार के शिक्षक ललित नारायण लक्ष्मी नारायण प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक सौरभ सुमन ने अपने स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए स्मार्ट कार्ड, स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक, ऑटोमैटिक सिक्योरिटी रोड सिस्टम, एसएमएस अलर्ट फ्लड कंट्रोल सिस्टम, वॉयस नियंत्रित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और स्मार्ट कूड़ेदान जैसे कई इनोवेशन पेश किए। वहीं, तेलंगाना में एक जिला परिषदीय स्कूल की शिक्षिका कंडाला रमैया ने छात्रों को आकृतियों का ज्ञान सिखाने के लिए गणितीय रंगोली बनवाना शुरू किया। उन्होंने स्कूल में फर्श पर बीजगणित वाली टाइलिंग और गणित की अवधारणाओं के साथ दीवार पेंटिंग भी बनवाई।

लद्दाख के शिक्षक ने की “नो पनीशमेंट” की शुरुआत

लद्दाख के गवर्नमेंट मिडिल स्कूल के शिक्षक मोहम्मद जाबिर ने “छात्रों को कोई सजा नहीं” की शुरुआत की। शिक्षक जाबिर ने पढ़ाने के नए तरीके खोजे जो ‘नो पनीशमेंट’ के सिद्धांत पर आधारित हैं। बच्चों के मनोविज्ञान के अनुसार चतुराई से काम करते हुए, उन्होंने इसका इस्तेमाल किया। उन्होंने ध्वन्यात्मकता, व्याकरण, शब्दावली, दूसरों के बीच पढ़ाने के लिए ‘सीखते समय ताली’ की तकनीक का प्रयोग किया।

इन 46 शिक्षकों का हुआ सम्मान

सम्मानित शिक्षकों में युद्धवीर, वीरेंद्र कुमार और अमित कुमार (हिमाचल प्रदेश); हरप्रीत सिंह, अरुण कुमार गर्ग और वंदना शाही (पंजाब); शशिकांत संभाजीराव कुलठे, सोमनाथ वामन वाके और कविता सांघवी (महाराष्ट्र); कंडाला रमैया, टीएन श्रीधर और सुनीता राव (तेलंगाना); प्रदीप नेगी और कौस्तुभ चंद्र जोशी (उत्तराखंड), सुनीता और दुर्गा राम मुवाल (राजस्थान), नीरज सक्सेना और ओम प्रकाश पाटीदार (मध्य प्रदेश), सौरभ सुमन और निशि कुमारी (बिहार), जी पोंसकरी और उमेश टीपी (कर्नाटक), माला जिगदल दोरजी और सिद्धार्थ योनजोन (सिक्किम); अंजू दहिया (हरियाणा), रजनी शर्मा (दिल्ली), सीमा रानी (चंडीगढ़), मारिया मुरेना मिरांडा (गोवा), उमेश भरतभाई वाला (गुजरात), ममता अहर (छत्तीसगढ़), ईश्वर चंद्र नायक (ओडिशा), बुद्धदेव दत्ता (पश्चिम बंगाल), मिमी योशी (नगालैंड), नोंगमैथेम गौतम सिंह (मणिपुर), रंजन कुमार विश्वास (अंडमान और निकोबार) से पुरस्कार विजेता शिक्षकों में शामिल हैं।

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बल्लेबाज सुरेश रैना का क्रिकेट के हर प्रारूप से रिटायरमेंट का ऐलान

टीम इंडिया के पूर्व बाएं हाथ के बल्लेबाज सुरेश रैना ने अब क्रिकेट के हर प्रारूप से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है। अब सुरेश रैना आईपीएल और घरेलू क्रिकेट खेलते हुए भी नहीं दिखेंगे। सुरेश रैना ने 15 अगस्त 2020 को महेंद्र सिंह धोनी के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था। इसके बाद आईपीएल में उनका प्रदर्शन बहुत ही निराशाजनक रहा था। इसी वजह से आईपीएल 2022 के मेगा ऑक्शन में उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला।

अब सुरेश रैना ने आईपीएल और घरेलू क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया है। सुरेश रैना आईपीएल के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक हैं और उन्हें मिस्टर आईपीएल भी कहा जाता था। हालांकि, बाद में उनका फॉर्म खराब हुआ और इस टूर्नामेंट में भी रैना संघर्ष करते नजर आए। फिलहाल सुरेश रैना ने भारतीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की है। वे अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई से संबद्ध रखने वाले किसी टूर्नामेंट में नहीं खेलेंगे। सुरेश रैना ने सोशल मीडिया पर अपने संन्यास की जानकारी दी है।

उन्होंने ट्वीट कर लिखा “मेरे देश और मेरे राज्य उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व की बात रही। मैं क्रिकेट के सभी प्रारूपों से अपने संन्यास का एलान करना चाहूंगा। मैं बीसीसीआई, उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन चेन्नई सुपर किंग्स, राजीव शुक्ला सर और अपने सभी फैंस को धन्यवाद कहना चाहूंगा |

भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज

सुरेश रैना ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 18 टेस्ट, 226 वनडे और 78 टी-20 मुकाबले खेले। टेस्ट में सुरेश रैना के नाम एक शतक के साथ 768 रन हैं। 226 वनडे मैचों में सुरेश रैना ने पांच शतक की मदद से 5615 रन बनाए। वहीं, 78 टी-20 मुकाबलों में सुरेश रैना ने भारत के लिए 1604 रन बनाए। इसमें एक शतक भी शामिल है। सुरेश रैना तीनों फॉर्मेट में भारत के लिए शतक लगाने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों में से हैं।

आईपीएल में सुरेश रैना के नाम दर्ज हैं कई रिकॉर्ड

सुरेश रैना के नाम आईपीएल में कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। उन्होंने प्लेऑफ में सबसे ज्यादा रन (714) प्लेऑफ और फाइनल मैच को मिलाकर सबसे ज्यादा छक्के (40) सबसे ज्यादा चौके (51) सबसे ज्यादा अर्धशतक (7) सबसे तेज अर्धशतक (16 गेंद) और पावरप्ले में सबसे बड़ा स्कोर (87 रन) भी बनाया है। वे एकमात्र खिलाड़ी हैं, जिन्होंने आईपीएल के फाइनल, क्वालीफायर और एलिमिनेटर मैच में प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीता है।

एक वाक्य में बहुत कुछ छिपा….

सुरेश रैना को क्रिकेट खेलने के लिए ही क्रिकेट से रिटायरमेंट की घोषणा करनी पड़ी है। इस एक वाक्य में बहुत कुछ छिपा है। दरअसल, सुरेश रैना अलग-अलग लीग में खेलना चाहते हैं और वे 10 सितंबर से शुरू हो रही रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज का भी हिस्सा होंगे। हालांकि, बीसीसीआई की पॉलिसी कहती है कि वो खिलाड़ी जो किसी भी प्रकार से बीसीसीआई से जुड़ा है, वो किसी भी विदेशी लीग या फिर किसी अन्य टूर्नामेंट में नहीं खेल सकता। बीसीसीआई किसी भी क्रिकेटर को अन्य टूर्नामेंट या लीग में खेलने की अनुमति नहीं देती है।

सुरेश रैना को भी क्रिकेट खेलने के लिए ही क्रिकेट से रिटायरमेंट की घोषणा करनी पड़ी है। सुरेश रैना अब दुनिया की किसी भी टी20 या टी10 लीग में खेल सकते हैं और वे किसी अन्य टूर्नामेंट में भी प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। ऐसे में वे अब कभी आईपीएल में भी खेलते हुए नजर नहीं आएंगे।

जब क्रिकेट से दूर हो गए थे

सुरेश रैना आईपीएल 2020 में नहीं खेले थे, लेकिन 2021 के सीजन में वे चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा थे। हालांकि, आईपीएल 2022 के मेगा ऑक्शन से पहले न तो चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें रिटेन किया था और न ही किसी टीम ने उनको खरीदा था। ऐसे में वे कमेंटेटर के तौर पर आईपीएल में जुड़े थे और क्रिकेट की दुनिया से दूर हो गए थे। हालांकि, वे अभी भी क्रिकेट खेलना चाहते हैं, लेकिन भारत में बीसीसीआई से जुड़े टूर्नामेंट में उनको मौका नहीं मिल रहा। ऐसे में उन्होंने भारतीय क्रिकेट से रिटायरमेंट लेकर विदेशी लीग में खेलने की इच्छा जताई है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कुछ विदेशी लीगों में खेलने के लिए उनकी बात भी चल रही है।

read more:जाना-पहचाना नाम हैं एक्ट्रेस निया शर्मा जो सुंदर पैदा नहीं हुई……….

जाना-पहचाना नाम हैं एक्ट्रेस निया शर्मा जो सुंदर पैदा नहीं हुई……….

एक्ट्रेस निया शर्मा टीवी की दुनिया का जाना-पहचाना नाम हैं जो अपने बोल्ड अंदाज को लेकर सुर्खियों में रहने वालीं एक्ट्रेस निया शर्मा ने बेबाकी से इस बात को स्वीकार किया है कि वह सुंदर पैदा नहीं हुई थीं। जमाई राजा, एक हजारों में मेरी बहना जैसे कई टीवी शोज में अपनी दमदार एक्टिंग के लिए जानी जाने वाली एक्ट्रेस निया शर्मा इन दिनों डांस रियिलटी शो ‘झलक दिखला जा 10’ में बतौर कंटेस्टेंट नजर आ रही हैं। एक्ट्रेस निया शर्मा अक्सर अपने लुक्स को लेकर भी चर्चा में रहती हैं। एक्ट्रेस निया शर्मा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और अक्सर अपने बोल्ड और ग्लैमरस फोटोज-तस्वीरें फैंस के साथ साझा करती नजर आती हैं।

लोग भी अपनी चहेती अदाकारा की खूबसूरती की दिल खोलकर तारीफें करते हैं। आज भले ही एक्ट्रेस निया शर्मा फैशन आइकन बनकर छाई हुई हैं, मगर एक वक्त ऐसा भी था जब एक्ट्रेस निया शर्मा को मेकअप की जरा भी समझ नहीं थी। कई बार तो वह अपना मेकअप खराब होने के बाद खूब रोया करती थीं। ना सिर्फ एक्टिंग बल्कि अपने लुक्स से इंडस्ट्री की स्टाइलिश एक्ट्रेस के तौर पर जाने जानी वाली एक्ट्रेस निया शर्मा ने हाल ही में अपने लुक्स को लेकर एक खास बात शेयर की है।

मैं सुंदर पैदा नहीं हुई थी

इंडस्ट्री में बहुत कम एक्ट्रेसिस होंगी जो अपनी सुंदरता को कम आंकती हों। लेकिन अपने बोल्ड अंदाज को लेकर सुर्खियों में रहने वालीं एक्ट्रेस निया शर्मा ने बेबाकी से इस बात को स्वीकार किया है कि वह सुंदर पैदा नहीं हुई थीं। ऐसा उनसे किसी ने नहीं कहा, ये उनका खुद का मानना है। एक्ट्रेस निया शर्मा ने दिए गए इंटरव्यू में इस बारे में जिक्र करते हुए कहा कि वह सुंदर पैदा नहीं हुईं थी बल्कि उन्होंने खुद ग्रुम करने के लिए बहुत मेहनत की है। एक्ट्रेस निया शर्मा ने कहा, मेरी जिंदगी का सफर आसान नहीं रहा है।

ये काफी मुश्किल और अलग रहा। अच्छा दिखना कितना जरूरी है जब इस सच्चाई से मेरा सामना हुआ तो मैंने खुद पर बहुत काम किया | बातचीत के दौरान एक्ट्रेस निया शर्मा ने कहा, ‘मैं ज्यादा शराफत नहीं दिखा रही हूं। यह सच्चाई है। मैं वह लड़की हूं,जो मेकअप के बारे में कुछ भी नहीं जानती थी।

यूट्यूब पर मेकअप वीडियोज देखकर खुद को किया ग्रूम

एक्ट्रेस निया शर्मा आगे बोलीं, लेकिन फिर मैंने खुद को ग्रूम करना शुरू कर दिया। मैंने यूट्यूब की मदद से मेकअप वीडियोज देखकर मेकअप सीखा। मैंने फिर इवेंट्स के लिए अपना मेकअप खुद करना शुरू किया | जब तक स्टाइलिस्ट और अलग-अलग टीम्स मेरे पास कोलैबोरेशन के लिए नहीं आई थीं | उसके बाद मुझे मेकअप के लिए कई स्टाइलिस्ट और मेकअप आर्टिस्ट के कोलैबोरेशन के लिए ऑफर मिलने लगे। आज, मेरे पास ऐसे लोग मुझे मैसेज भेजतें हैं कि वे मेरा मेकअप करना चाहते हैं और मेरे लिए लुक तैयार करना चाहत हैं। जब मुझे इस तरह के ऑफर मिलते हैं तो मेरे दिल को खुशी से भर देते है।

read more: शराब नीति मामले में ईडी की बड़ी कार्यवाही,कई स्थानों पर छापेमारी

शराब नीति मामले में ईडी की बड़ी कार्यवाही,कई स्थानों पर छापेमारी

दिल्ली सरकार की शराब नीति मामले में ईडी ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की है। दिल्ली में कथित शराब घोटाले को लेकर चल रही सीबीआई जांच के बीच अब ईडी की भी एंट्री हो गई है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना समेत महाराष्ट्र में ईडी के अधिकारियों छापेमारी जारी है। बताया जा रहा है कि कई शराब कारोबारियों के ठिकानों पर ईडी के अधिकारी पहुंचे हैं। दिल्ली, गुरुग्राम, लखनऊ के अलावा मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद में भी तलाशी ली जा रही है। शराब घोटाले में पहली बार ईडी ऐक्शन में आई है। गौरतलब है कि दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति सवालों के घेरे में है।

भाजपा ने इसको लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर घोटाले का आरोप लगाया है। इसको लेकर सीबीआई पहले ही उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर व बैंक लॉकर की तलाशी ले चुकी है। अब इस मामले में ईडी ने कार्रवाई की है। ईडी ने सीबीआई से मामले से जुड़े दस्तावेज मांगे थे।

ईडी की 30 स्थानों पर चल रही छापेमारी

ईडी के अधिकारियों ने बताया, आबकारी नीति में कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पांच राज्यों की 30 लोकेशन पर तलाशी अभियान जारी है। अधिकारियों के अनुसार, यह छापेमारी मामले में नामजद लोगों पर की जा रही है। इसमें उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया या अन्य किसी सरकारी कर्मचारी से जुडे परिसरों में ईडी के अधिकारी नहीं पहुंचे हैं। दरअसल, ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी का संज्ञान लेने के बाद धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत मामले में जांच शुरू की है |

यह है मामला

एलजी ने दिल्ली के सचिव की एक रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। 8 जुलाई को यह रिपोर्ट भेजी गई थी। जिसमें पिछले साल लागू की गई आबकारी नीति पर सवाल उठाए गए थे। जिसमें आबकारी नीति (2021-22) बनाने और उसे लागू करने में लापरवाही बरतने के साथ ही नियमों की अनदेखी और नीति के कार्यान्वयन में गंभीर चूक के आरोप हैं। इसमें अन्य बातों के साथ-साथ निविदा को अंतिम रूप देने में अनियमितताएं और चुनिंदा विक्रेताओं को टेंडर के बाद लाभ पहुंचाना भी शामिल है। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि शराब बेचने की वालों की लाइसेंस फीस माफ करने से सरकार को 144 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

समीर महेंद्रू के घर भी छापा

सीबीआई की एफआईआर को ईडी ने टेकओवर कर लिया है। दिल्ली के जोरबाग इलाके में शराब कारोबी और घोटाले में आरोपी समीर महेंद्रू के घर भी पहुंची है। बताया जा रहा है कि एक टीम घर के एक सदस्य को लेकर किसी दूसरे ठिकाने पर भी गई है। समीर महेंद्रू का नाम सीबीआई के एफआईआर में दर्ज है। आरोप है कि इन्हीं से जुड़े खाते से एक करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए थे।

बीजेपी ने किया था स्टिंग का दावा

ईडी की छापेमारी ऐसे समय पर हो रही है जब एक दिन पहले ही भाजपा ने एक शराब कारोबारी के पिता का कथित स्टिंग ऑपरेशन जारी किया। बीजेपी ने दावा किया कि कारोबारी के पिता वीडियो में यह कबूल कर रहे हैं कि ‘आप’ सरकार नई शराब नीति के तहत कमीशन लेती थी और कारोबारियों को मनमर्जी की छूट देती थी।

read more:राजधानी लखनऊ के होटल लिवाना में लगी भीषण आग,चार लोगो की हुई मौत

ब्रिटेन को मिला आज नया प्रधानमंत्री, लिज ट्रस होगी नई प्रधानमंत्री

ब्रिटेन को आज नया प्रधानमंत्री मिल गया,लिज ट्रस नई प्रधानमंत्री बन गई हैं। लिज ट्रस ने भारतीय मूल के ऋषि सुनक को हरा दिया है। बता दें कि पहले पांच राउंड के मुकाबले में ऋषि सुनक को भारी बढ़त हासिल थी, लेकिन कंजरवेटिव पार्टी के सदस्यों की अंतिम वोटिंग के दौरान लिज ट्रस ने जीत हासिल की है। आखिरी चरण में लिज ट्रस को 81 हजार 326 वोट हासिल हुए हैं। वहीं ऋषि सुनक को 60 हजार 399 वोट ही मिले।

कंजर्वेटिव पार्टी की चुनावी कमेटी के नेता ने एलान करते हुए लिज ट्रस को अपनी पहली पसंद बताया। वे ही ब्रिटेन की अगली प्रधानमंत्री होंगी। उन्होंने पीएम पद की रेस में ऋषि सुनक को पछाड़ा। ट्रस छह साल में इस देश की चौथी पीएम होंगी। इससे पहले डेविड कैमरन, थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन 2016 से लेकर 2022 तक अलग-अलग अंतराल में पीएम पद पर रहे हैं। भारतीय समय के मुताबिक शाम 5 बजे नए प्रधानमंत्री के नाम की घोषणा की गई।

समय से पहले चुनाव करवाए गए

बोरिस जॉनसन के इस्तीफे के बाद ब्रिटेन में समय से पहले चुनाव करवाए गए थे। खास बात यह है कि पांच राउंड में ऋषि सुनक ने लिज ट्रस को पीछे छोड़ दिया था लेकिन फाइनल राऊंड में जीत लिज ट्रस की हुई | ऋषि सुनक बोरिस जॉनसन की सरकार में वित्त मंत्री रह चुके हैं। सबसे पहले उन्होंने ने ही कैबिनेट से इस्तीफा दिया था। बताया जा रहा था कि बोरिस जॉनसन नहीं चाहते थे कि ऋषि सुनक प्रधानमंत्री बनें। अंतिम चरण में कंजर्वेटिव पार्टी के करीब 1 लाख 60 हजार सदस्यों को वोट देना था। इसी चरण में ऋषि सुनक को हार का सामना करना पड़ा।

जानें कौन हैं लिज ट्रस ?

इस वक्त ब्रिटेन की विदेश मंत्री लिज ट्रस हैं। सरकारी स्कूल में पढ़ीं 47 साल की ट्रस के पिता गणित के प्रोफेसर और मां एक नर्स थीं। लेबर पार्टी समर्थक परिवार से आने वालीं लिज ट्रस ने ऑक्सफोर्ड से दर्शन, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए अकाउंटेंट के रूप में भी काम किया। इसके बाद वह राजनीति में आ गईं।

लिज ट्रस का राजनीतिक सफर

लिज ट्रस ने सबसे पहला चुनाव पार्षद का जीता था। लिज का परिवार लेबर पार्टी का समर्थक था, लेकिन ट्रस को कंजरवेटिव पार्टी की विचारधारा पसंद आई। ट्रस को राइट विंग का पक्का समर्थक माना जाता है। 2010 में ट्रस पहली बार वह सांसद चुनी गईं। ट्रस शुरुआत में यूरोपियन यूनियन से अलग होने के मुद्दे खिलाफ थीं। हालांकि, बाद में ब्रेग्जिट के हीरो बनकर उभरे बोरिस जॉनसन के समर्थन में आ गईं। ब्रिटिश मीडिया अक्सर पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थ्रेचर से उनकी तुलना करता है।

कौन हैं ऋषि सुनक जो लिज ट्रस से हारे

ब्रिटेन में कंजर्वेटिव पार्टी के सांसदों की वोटिंग के पांचों राउंड में ऋषि सुनक ने लिज ट्रस को मात दी थी। माना जा रहा है कि बोरिस जॉनसन खुद ऋषि सुनक के प्रधानमंत्री बनने के पक्ष में नहीं थे। लकिन भारतीय मूल के ऋषि सुनक कंजरवेटिव पार्टी के सदस्यों की अंतिम वोटिंग में पीछे रह गए और लिज ट्रस को जीत मिली। ऋषि सुनक का जन्म 12 मई 1980 को ब्रिटेन के साउथेम्पटन में हुआ था। उनकी मां का नाम ऊषा सुनक और पिता का नाम यशवीर सुनक था। वह तीन भाई बहनों में सबसे बड़े हैं। उनके दादा-दादी पंजाब के रहने वाले थे। 1960 में वह अपने बच्चों के साथ पूर्वी अफ्रीका चले गए थे। बाद में यहीं से उनका परिवार इंग्लैंड शिफ्ट हो गया। तब से सुनक का पूरा परिवार इंग्लैंड में ही रहता है।

पीएम मोदी ने दी लिज ट्रस को शुभकामनाएं

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में चुने जाने के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर उन्हें बधाई दी है। पीएम मोदी ने लिखा कि ‘बधाई हो लिज ट्रस… यूके का अगले पीएम चुने जाने के लिए। विश्वास है कि आपके नेतृत्व में भारत-यूके व्यापक रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी। आपको आपकी नई भूमिका और जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं।

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उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने सीबीआई के अफसर की मौत को अपने केस से जोड़ा

दिल्ली में सीबीआई के एक लीगल एडवाइजर का शव उनके दक्षिणी दिल्ली स्थित आवास में लटकता हुआ मिला था। सीबीआई के लोधी रोड कार्यालय में उप कानूनी सलाहकार के पद पर तैनात 48 वर्षीय जितेंद्र कुमार एस-22 टाइप-4 हुडको प्लेस स्थित अपने घर मृत पाए गए थे। जितेंद्र कुमार हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के मूल निवासी थे। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने सीबीआई के अफसर की मौत को अपने केस से जोड़ते हुए बड़ा दावा किया है। उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी की मंजूरी देने के लिए दबाव में सीबीआई के लीगल एडवाइजर जितेंद्र कुमार ने आत्महत्या की।

उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने इस दौरान भाजपा की ओर से किए गए ‘स्टिंग ऑपरेशन’ को मजाक करार देते हुए कहा कि सीबीआई को उनके खिलाफ कुछ नहीं मिला है। शराब घोटाले को लेकर भाजपा की तरफ से चलाए जा रहे हैं कि स्टिंग को लेकर उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने पलटवार किया है। उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि वह स्टिंग नहीं मजाक है, शराब घोटाले को लेकर भाजपा ने खूब हो-हल्ला मचाया कभी 8 हजार करोड़ कभी तो कभी 11000 करोड़ करो खुद तय नहीं कर पाए कि घोटाला कितने का हुआ। उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा, ”सीबीआई ने मेरे घर पर, मेरे बैंक लॉकर की जांच की उसमें भी उन्हें कुछ नहीं मिला। दो कंपनी के लेन देंन को मेरे ऊपर थोपने की कोशिश की। मगर सीबीआई जांच में मुझे लगभग क्लीन चिट मिल गई है।

क्या केंद्र के पास केवल ‘ऑपरेशन लोटस’ का ही काम है- उपमुख्यमंत्री सिसोदिया

उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया, ‘‘सीबीआई के एक अधिकारी पर मुझे झूठे आबकारी मामले में फंसाने के लिए दबाव डाला गया। वह मानसिक दबाव नहीं झेल सका और दो दिन पहले आत्महत्या कर ली। यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है, मैं बहुत व्यथित हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री मोदी से पूछना चाहता हूं कि अधिकारियों पर इतना दबाव क्यों डाला जा रहा है कि वे इतना बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। आप चाहें तो मुझे गिरफ्तार कर लें, लेकिन अपने अधिकारियों के परिवारों को बर्बाद न करें।’’ उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से यह भी सवाल किया कि क्या केंद्र के पास केवल ‘ऑपरेशन लोटस’ का ही काम है।

उपमुख्यमंत्री सिसोदिया के दावों को सीबीआई ने किया खारिज

सीबीआई ने उपमुख्यमंत्री सिसोदिया के दावों को खारिज करते हुए कहा कि हम उनके द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज करते हैं। मृत सीबीआई अधिकारी जितेंद्र कुमार का दिल्ली आबकारी नीति मामले से कोई लेना देना था ही नहीं। उनके द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। उनके खिलाफ जांच अभी जारी है। फिलहाल हमारी तरफ से उन्हें क्लीन चिट नहीं दी गई। इस तरह की बयानबाजी से वो आबकारी नीति के मुद्दे को भटकाना चाहते हैं।

सुसाइड नोट बरामद,किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया

आपको बता दें कि जितेंद्र कुमार के पास से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया, जिसमें कहा गया है कि कुमार के इस फैसले के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। पुलिस ने कहा था कि किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका नहीं है। पुलिस ने आत्महत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

फ्लैट में अकेले रहते थे सीबीआई अधिकारी जितेंद्र कुमार

केंद्र सरकार की तरफ से मिले फ्लैट में जितेंद्र कुमार अकेले रहते थे और उनका परिवार हिमाचल के मंडी जिले में रहता है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस जितेंद्र कुमार के घर पहुंची। वहां देखा कि फ्लैट की बालकनी में शव बेल्ट के सहारे लटका हुआ था। शव को तुरंत नीचे उतारा गया और फिर कब्जे में लिया।

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टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री सड़क दुर्घटना में हुई मौत

टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की कल एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। टाटा संस के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री की सड़क हादसे में मौत ने पूरे देश में सड़क हादसों को लेकर नए सिरे से चिंता पैदा कर दी है। टाटा संस के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री के कार हादसे की परतें लगातार खुल रही हैं। अब पुलिस ने दावा किया है कि ख्यात उद्योगपति कार में पिछली सीट पर बैठे थे और उन्होंने सीट बेल्ट नहीं लगा रखा था। उनकी कार एक मिनट में दो किलोमीटर से ज्यादा की रफ्तार से दौड़ रही थी। उनका पोस्टमार्टम बीती रात 2.30 बजे से 3 बजे के आसपास पूरा हुआ।

मिली जानकारी के मुताबिक, टाटा संस के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री साइरस के परिवार का कोई सदस्य सुबह हॉस्पिटल में नहीं पहुंच सका।ऐसा इसलिए भी है क्योंकि टाटा संस के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री साइरस का परिवार विदेश में है और उनके आज रात तक मुंबई पहुंचने की संभावना है। टाटा संस के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री की मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। यह दुर्घटना मुंबई से करीब 120 किलोमीटर दूर रविवार दोपहर करीब तीन बजे हुई।

सीट बेल्ट नहीं लगाई

हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पुलिस ने दावा किया है कि डिवाइडर से टकराने से पहले उनकी लग्जरी कार तेज रफ्तार से चल रही थी। पिछली सीट पर बैठे दोनों व्यक्तियों ने सीट बेल्ट नहीं लगा रखा था।हादसे के वक्त कार को ख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनाहिता पंडोले चला रही थीं। हादसे में डॉ. पंडोले व उनके साथ आगे की सीट पर बैठे उनके पति डेरियस पंडोले गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें आज गुजरात के वापी से बेहतर इलाज के लिए मुंबई लाया गया। जबकि, पिछली सीट पर बैठे टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री और डेरियस के भाई जहांगीर पंडोले की मौत हो गई।

पोस्टमार्टम में सामने आई ये बात

टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री के पोस्टमार्टम में सामने आया है कि उनके शरीर के इंटरनल ऑर्गन बुरी तरह से चोटिल हुए थे। जिसे मेडिकल टर्म में पॉलीट्रॉमा कहते हैं। इसी वजह से टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की मौके पर ही मौत हो गई थी। जेजे अस्पताल प्रशासन ने टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री और उनके दोस्त जहांगीर पंडोले की पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट को कासा पुलिस थाने (जहां एक्सिडेंट हुआ उस लोकल पुलिस थाने में ) भेज दी है। सूत्रों के मुताबिक मल्टीपल हेड इंजरी और शरीर के बाएं हिस्से में काफी चोट लगी थी।

जोरदार टक्कर की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचा चश्मदीद

मैकेनिक की दुकान पर काम करने वाले एक चश्मदीद ने हादसे को देखा है । जोरदार टक्कर की आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंचे। पुलिस का कहना है कि हो सकता है कि उन्होंने गलत साइड से एक अन्य वाहन को तेज गति से ओववरटेक करने के दौरान कार से नियंत्रण खो दिया हो और सड़क के डिवाइडर से टकरा गई हो। पुलिस इलाके के सभी सीसीटीवी कैमरों में कैद फुटेज का विश्लेषण कर रही है और कार की जांच की जा रही है। वे एक ब्लैक बॉक्स के समान वाहन में चिप से डेटा प्राप्त करने का भी प्रयास कर रहे हैं।

कार दुर्घटना की प्रारंभिक जांच से निकलीं बड़ी बातें

1. आरंभिक पुलिस रिपोर्ट के मुख्य अंश
2. सायरस मिस्त्री को मृत हालत में अस्पताल लाया गया था।
4 . उनके साथ पिछली सीट पर बैठे जहांगीर पंडोले की इलाज के दौरान मौत हुई।
5 . सायरस मिस्त्री के सिर में चोट लगी थी, जबकि जहांगीर के पैर व सिर में।
6 . सायरस और जहांगीर ने सीट बेल्ट नहीं लगा रखा था।
7 . प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार मिस्त्री की कार एक दूसरे वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश कर रही थी, इसी दौरान           डॉ.  पंडोले उस पर नियंत्रण खो बैठीं।
8 . आगे की सीट पर बैठे दोनों लोगों की जान एयरबैग खुलने के कारण बची।
9 . डॉ. पंडोले व उनके पति डेरियस दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनका इलाज चल रहा है।

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राजधानी लखनऊ के होटल लिवाना में लगी भीषण आग,चार लोगो की हुई मौत

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हजरतगंज इलाके में एक होटल में भीषण आग लग गई। आग राजधानी लखनऊ के होटल लिवाना में लगी है। फायर ब्रिगेड की कई गाड़िया मौके पर आग पर काबू पाने में जुटी हैं। धुएं के बीच कई लोग कमरों में फंसे हैं। दम घुटने से कई लोग बेहोश हो गए हैं। हादसे में चार लोगों के मौत की खबर है। कई की हालत गंभीर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब साढ़े सात बजे राजधानी लखनऊ के हजरतगंज के सुल्तानगंज इलाके में स्थित लिवाना होटल में भीषण आग लगी है। आग में झुलसे लोगों को सिविल अस्पताल भेजा गया है| अभी तक होटल के अंदर से 20 से ज्यादा लोगों को निकाला गया है।

धुएं में दम घुटने से लोग हुए बेहोश

कुछ लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। धुएं में दम घुटने से कई लोग बेहोश हो गए हैं। दमकल कर्मी भी बेहोश हो गया है। अब तक करीब 20 लोगों को अस्पताल ले जाया गया है। मौके 15 गाड़िया पहुंच चुकी हैं। तीसरी मंजिल की आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर करीब छह एम्बुलेंस और पहुंच गई हैं। रास्ते को बंद कर दिया गया है। आग पर काबू पाने के लिए बुलडोजर से दीवार तोड़ी गई। लखनऊ के जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने बताया कि होटल में कुल 30 कमरे हैं, इनमें से 18 कमरों में लोग थे।

पहली मंजिल पर है बैंक्वट हॉल 

30 से 35 लोग कमरों में मौजूद थे। पहली मंजिल पर बैंक्वट हॉल है। यहां कई लोग थे। कई लोग सुबह होटल से निकल गए थे। राजधानी लखनऊ के होटल लेवाना सूईट अग्निकांड में मारे जाने वालों एक मंगेतर कपल थे। जिनका हाल ही में शादी होने वाली थी। घर पर शहनाई की गूंज से पहले मातम पसरा है। परिवार वालों को रो-रो कर बुरा हाल है। युवक-युवती दोनों ही राजधानी लखनऊ के रहने वाले हैं।

सामने थी मौत…….

वहीं रेस्क्यू कर लखनऊ के सिविल अस्पताल ला गए लोगों ने बताया कि सामने मौत थी। आग लगने के बाद कमरे का दरवाजा नहीं खुल रहा था। कमरे में धुआं भर चुका था। यदि शीशा तोड़कर बालकनी के रास्ते दमकल कर्मी समय पर न पहुंचते तो जान बचनी मुश्किल थी। दिल्ली से आई एक महिला ने बताया कि सुबह साढ़े सात बजे के करीब कमरे में धुआं भरना शुरू हो गया। इंटरकॉम से रिसेप्शन पर मिलाया तो फोन नहीं उठा। जब दरवाजा खोल कर बाहर जाने की कोशिश की तो वह खुला ही नहीं। धुएं की वजह से सांस लेना मुश्किल हुआ जा रहा था। इस कारण सर भारी हो गया और घुटन होने लगी। इसी बीच दमकल कर्मी खिड़की के रास्ते भीतर आ गए और जान बच गई।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान

राजधानी लखनऊ के हजरतगंज के होटल लिवाना में आग लगने की घटना पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उन्होंने अधिकारियों को झुलसे लोगों का समुचित इलाज सुनिश्चित करने के साथ ही मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में तेजी लाने को भी कहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ खुद सिविल अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल लिया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंडलायुक्त और पुलिस कमिश्नर की संयुक्त कमेटी को जांच का आदेश दिया है। यूपी के उपमुख्मंत्री ब्रजेश पाठक भी घायलों का हालचाल लेने सिविल अस्पताल पहुंचे और कहा कि मामले की जांच की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

हादसे के मृतक

1. गुरनूर आनंद, निवासी लखनऊ
2. साहिबा कौर, निवासी लखनऊ
3. मोहम्मद अमान निवासी लखनऊ
4. चिया उम्र , निवासी लखनऊ

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झारखंड में सियासी उठापटक के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हासिल किया समर्थन

झारखंड में पिछले कुछ दिनों से सियासी उठापटक जारी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कुर्सी को सेकर अबतक सस्पेंस बना हुआ है। विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उम्मीद के अनुरूप समर्थन हासिल हुआ। विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 48 वोट पड़े | जो बहुमत के आंकड़े से ज्यादा है। मतदान के दौरान बीजेपी विधायकों ने वॉकआउट किया। विश्वास मत के लिए आज विधानसभा विशेष सत्र बुलाया गया। सत्र के लिए महागठबंधन सरकार के समर्थक 29 विधायकों को छह दिन बाद रविवार को रायपुर से रांची लाया गया था। विश्वास मत की कार्रवाई में राज्य के तीन कांग्रेस विधायक शामिल नहीं हो सके, क्योंकि वे कैश कांड में फंसे हैं। ये विधायक हैं, डॉ इरफान अंसारी, नमन विक्सल कोंगाड़ी और राजेश कच्छप। उन्हें हाईकोर्ट ने कोलकाता छोड़ने की इजाजत नहीं दी है।

बीजेपी ने भी सरकार के खिलाफ रणनीति बनाई है। बीजेपी विधायक दल की बैठक में यह तय किया गया कि पार्टी सदन में विश्वास प्रस्ताव का विरोध करेगी। वहीं चुनाव आयोग के मंतव्य पर राज्यपाल ने अपना निर्णय नहीं दिया है। राज्यपाल रमेश बैस दिल्ली में हैं। माना जा रहा है कि राज्यपाल दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं। उनके रांची लौटने पर सोरेन की विधानसभा सदस्यता का फैसला सार्वजनिक होगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 48 विधायकों का समर्थन मिला

विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उम्मीद के अनुरूप समर्थन हासिल हुआ। विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 48 वोट पड़े। उनकी सरकार को बहुमत के लिहाज से कोई खतरा नहीं था। उन्हें अपनी पार्टी झामुमो के 30, कांग्रेस के 15 (कैश कांड में लिप्त तीन विधायकों को छोड़कर), राजद, भाकपा माले तथा एनसीपी के एक-एक विधायक का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, विश्वास प्रस्ताव पारित होने से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधायकी पर आया संकट दूर होने की उम्मीद कम है। क्योंकि इससे संबंधित चुनाव आयोग की सिफारिश पर फैसला राज्यपाल रमेश बैस को करना है।

चुनाव आयोग ने राज्यपाल को भेजी सिफारिश

दरअसल, बीजेपी ने राज्यपाल रमेश बैस से शिकायत की थी कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व उनके परिवार ने एक खदान की लीज हासिल करने के लिए पद का दुरुपयोग किया है, इसलिए उन्हें अयोग्य करार दिया जाए। इस शिकायत को जांच के लिए राज्यपाल ने चुनाव आयोग को भेजा था। चुनाव आयोग ने इस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नोटिस जारी कर उनका और शिकायतकर्ता बीजेपी का पक्ष सुनने के बाद अपनी सिफारिश राज्यपाल को भेज दी है।

आदिवासी को राष्ट्रपति बनाकर, आदिवासी सीएम की कुर्सी लेना चाहते हैं

विपक्ष पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इनका चेहरा इतना भयानक और डरावना है कि कोई इन्हें पहचान नहीं सकता। अगली बार आप लोग अपनी जमानत भी नहीं बचा पाएंगे। इन्हें करना-धरना कुछ नहीं है। इन्हें लूटकर खाने की आदत हैं। फसल लगाएगा कोई और खाएंगे ये। ये आदिवासी महिला को राष्ट्रपति बनाकर आदिवासी मुख्यमंत्री की कुर्सी छीनना चाहते हैं। इनके मुंह में राम और बगल में छुरी है। हमने किसानों की कर्जमाफी की, कई जिलों में सुखाड़ है। हम किसानों के लिए जल्द एक बेहतर योजना लाने वाले हैं।

विधानसभा की दलीय स्थिति

कुल सीटें 81,
बहुमत 42,
झामुमो 30,
कांग्रेस 15,
बीजेपी 26,
आजसू 2,
निर्दलीय 2

read more : जो पिछले 8 में साल कभी नहीं हुआ और आज हुआ,भारत मैच हारा

जो पिछले 8 में साल कभी नहीं हुआ और आज हुआ,भारत मैच हारा

एशिया कप में जो पिछले आठ साल में नहीं हुआ वो आज हो गया। आठ साल के बाद इस टूर्नामेंट में भारत को पाकिस्तान के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। हालांकि भारत ने एशिया कप के सुपर 4 राउंड में पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 182 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा था। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत भी अच्छी की। पाकिस्तानी कप्तान बाबर आजम को युवा स्पिनर रवि बिश्नोई ने चौथे ओवर में चलता कर दिया। जब बाबर 14 के निजी स्कोर पर आउट हुए तब पाकिस्तान का स्कोर था 22 रन। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए फखर जमां भी कुछ खास नहीं कर सके। उन्होंने बेहद धीमी गति से 18 गेंदों पर 15 रन जोड़े और युजवेंद्र जहल का शिकार बने। इसके बाद पाकिस्तान ने मोहम्मद नवाज को चौथे नंबर पर भेजकर एक जुआ खेला।

बतौर स्पिनर खेलने वाले नवाज के क्रीज पर आने के बाद मानो पाकिस्तान को पंख लग गए। सुपर-4 के मुकाबले में पाकिस्तान ने भारत को एक गेंद रहते पांच विकेट से हरा दिया है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में सात विकेट गंवाकर 181 रन बनाए। विराट कोहली ने 44 गेंदों में 60 रन की पारी खेली। जवाब में पाकिस्तान ने 19.5 ओवर में पांच विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। मोहम्मद रिजवान ने 51 गेंदों में 71 रन की पारी खेली। अपनी पारी में उन्होंने छह चौके और दो छक्के लगाए। वहीं, मोहम्मद नवाज ने 20 गेंदों में 42 रन की पारी खेली। मोहम्मद नवाज ने अपनी पारी में छह चौके और दो छक्के लगाए।

भारत ने छोड़ा कैच गंवाया मैच

इन दो विकेटों के बाद भारतीय गेंदबाजों ने कुछ देर के लिए पिच पर अपना नियंत्रण स्थापित किया। इसी दौरान रवि बिश्नोई के डाले भारतीय पारी के 18वें ओवर में अर्शदीप सिंह ने आसिफ अली का एक लड्डू कैच छोड़ दिया। तब आसिफ खाता भी नहीं खोल सके थे। इस कैच के टपकने के बाद आशिफ ने अपना गियर बदला और 19वें ओवर में अनुभवी भारतीय गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को हवा कर दिया। इस ओवर में आसिफ ने एक छक्का और एक चौका लगाया, भुवी ने 19 रन लुटाए और मैच भारत के हाथ से फिसल गया। आखिरी ओवर में पाकिस्तान को जीत के लिए सिर्फ 7 रन की जरूरत थी जिसे बड़ी आसानी से उसने हासिल कर लिया।

कहानी आखिर ओवर की……..

पाकिस्तान को आखिरी तीन ओवर में 34 रन चाहिए थे। इसके बाद आसिफ ने आठ गेंदों में 16 रन बना डाले। आखिरी दो ओवर में पाकिस्तान को 26 रन चाहिए थे। भुवनेश्वर कुमार ने 19वें ओवर में 19 रन दे डाले। आखिरी ओवर में पाकिस्तान को सात रन चाहिए थे। पहले तीन गेंदों में पाकिस्तान ने पांच रन बनाए थे। चौथे गेंद में अर्शदीप ने आसिफ अली को आउट किया। आखिरी दो गेंदों में पाकिस्तान को दो रन चाहिए थे। 20वें ओवर की पांचवीं गेंद पर पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने दो रन लेकर जीत दर्ज की। खुशदिल शाह 11 गेंदों में 14 रन और इफ्तिखार अहमद दो रन बनाकर नाबाद रहे। इस मैच में भारतीय टीम को पाकिस्तान के हाथों 5 विकेट से शिकस्त का सामना करना पड़ा।

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उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुटों में दशहरा रैली लेकर होगी महाभारत

दशहरा रैली के लिए उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे दोनों गुटों की तरफ से शिवाजी पार्क के लिए आवेदन आ चुके हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच महाभारत होने के आसार हैं। शिवसेना की वार्षिक दशहरा रैली शिवाजी पार्क में होगी। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने इसका एलान किया। यह बयान ऐसे वक्त आया, जब उनकी अगुवाई वाले गुट को बृहन्मुंबई महानगरपालिका से रैली के लिए अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। शिवसेना पिछले कई वर्षों से विशाल शिवाजी पार्क में इस रैली का आयोजन करती रही है।

इस दौरान पार्टी संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे का भाषण भी होता था। इस बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट के प्रवक्ता नरेश म्हास्के ने उद्धव ठाकरे गुट की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ठाकरे गुट संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे के सिद्धांतों और विचारधारा को भूल गया है। उसे यह रैली करने का कोई अधिकार नहीं है। इस बीच एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को सलाह दी है। शरद पवार ने शिंदे को मैसेज दिया- टकराव से बचने का प्रयास करें और मिलनसार बनें। माना जा रहा है कि शरद पवार की यह सलाह दशहरा रैली को लेकर उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के बीच टकराव के संदर्भ में आई है।

चार बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके शरद पवार ने हमेशा न केवल अपनी पार्टी के भीतर बल्कि विपक्ष के साथ भी सौहार्दपूर्ण समीकरण सुनिश्चित किए हैं। उन्हें देश की राजनीति में बैलेंसिंग बनाने वाले नेता के तौर पर जाना जाता है। यही कारण है कि विपक्षी दलों में शरद पवार की भूमिका काफी अहम मानी जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई बार शरद पवार के लिए सम्मान प्रकट कर चुके हैं। प्रधानमंत्री ने तो यह भी कहा है कि वह राजनीति में शरद पवार की उंगली पकड़कर पहुंचे हैं।

शरद पवार ने प्रधानमंत्री मोदी को घेरा

शरद पवार ने कहा है, “एक व्यक्ति जो मुख्यमंत्री पद पर काबिज है, उन्हें यह सुनिश्चित करने का काम करना चाहिए कि कोई टकराव न हो। उनका दृष्टिकोण समावेशी होना चाहिए। उस स्थिति में सभी को एक साथ ले जाना अच्छा काम करता है। कोई भी कहीं भी रैली कर सकता है, यह सुनिश्चित करने के लिए अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए कि कोई समस्या या टकराव न हो। उन्होंने आगे कहा,जब कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री के जैसे उच्च संवैधानिक पद पर होता है, तो वह महाराष्ट्र के सभी लोगों का प्रतिनिधित्व करता है।

उन्हें ऐसा कोई निर्णय लेते या कार्य करते हुए नहीं देखा जा सकता है जिससे दूसरों का विरोध हो। इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने अपना एक भी वादा पूरा नहीं किया। भाजपा का मकसद केवल छोटे दलों को सत्ता से बाहर करना है। केंद्र सरकार ने 2014 के आम चुनाव के समय से कई वादे किए,लेकिन पूरा एक भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि आम गैर-भाजपा दलों को एक साथ लाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।

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ऋतिक रोशन को ब्रह्मास्त्र 2 के सीक्वल का ऑफर,सीक्वल करने से किया इंकार

फिल्म के सीक्वल ब्रह्मास्त्र 2 के लिए ऋतिक रोशन को ऑफर मिला था, जो उन्होंने रिजेक्ट कर दिया है। हॉलीवुड फिल्मों की तरह ही अब बॉलीवुड में भी धीरे धीरे फिल्मों का यूनीवर्स बनने लगा है। रोहित शेट्टी इसकी शुरुआत कर चुके हैं | अयान मुखर्जी भी कुछ अब ऐसा ही करने की तैयारी में हैं। अयान मुखर्जी निर्देशित फिल्म ब्रह्मास्त्र रिलीज के बेहद नजदीक है। रणबीर कपूर,आलिया भट्ट,नागार्जुन,अमिताभ बच्चन और मौनी रॉय स्टारर फिल्म का जमकर प्रमोशन हो रहा है। ऋतिक रोशन आजकल अपनी अपकमिंग फिल्म ‘विक्रम वेधा’ की रिलीज की तैयारियों में जुटे हुए हैं | फिल्म में ऋतिक रोशन, सैफ अली खान के साथ नजर आने वाले हैं |

लेकिन क्या आप जानते हैं कि ‘बॉलीवुड के ग्रीक गॉड’ ऋतिक रोशन को ‘ब्रह्मास्त्र 2’ फिल्म भी ऑफर हुई थी | ऋतिक रोशन ने फिल्म रिजेक्ट कर दी | वह भी दो फिल्मों के पीछे ब्रह्मास्त्र 2 फिल्म का इंकार कर दिया है | अयान मुखर्जी और करण जौहर ने ऋतिक रोशन को ब्रह्मास्त्र 2 का रोल ऑफर किया था | लेकिन ऋतिक रोशन ने इसके लिए इनकार करते हुए ‘कृष 4’ और ‘रामायण’ चुनीं |

हाल ही में हैदराबाद में फिल्म का प्रमोशन करने के लिए ‘ब्रह्मास्त्र’ की पूरी टीम पहुंची थी | साउथ के डायरेक्टर एसएस राजामौली, जूनियर एनटीआर और नागार्जुन भी वहां मौजूद रहे | करण जौहर ने बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के क्रॉस कल्चर पर भी खुलकर बात की | अयान मुखर्जी भी वहां मौजूद रहे और उन्होंने फिल्म को लेकर काफी चीजें रिवील कीं | कहा यह भी जा रहा है कि ‘ब्रह्मास्त्र’ 300-350 करोड़ के बजट में बनी फिल्म है |

ऋतिक ने क्यों रिजेक्ट की ब्रह्मास्त्र 2 ?

बता दें कि कुछ वक्त पहले मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया था कि ब्रह्मास्त्र 2 में ऋतिक रोशन को लीड रोल ऑफर किया गया है | लेकिन उन्होंने अब उसके लिए इनकार कर दिया है। ऋतिक रोशन पहले से ही दो बड़ी हाई विजुअल फिल्में- कृष 4 और रामायण कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें लगता है कि ब्रह्मास्त्र 2 करने की वजह से वो अपना बहुत सारा वक्त एक और बड़ी वीएफएक्स फिल्म में दे देंगे। इस दशक वो अधिक से अधिक फिल्में करना चाहते हैं | ऋतिक रोशन ऐसा नहीं चाहते कि अगले 7-8 साल में उनकी सिर्फ तीन ही फिल्में रिलीज हो।

read more : ठग सुकेश चंद्रशेखर वसूली केस में,एक्ट्रेस-डांसर नोरा फतेही जांच एजेंसी के टारगेट पर

ठग सुकेश चंद्रशेखर वसूली केस में,एक्ट्रेस-डांसर नोरा फतेही जांच एजेंसी के टारगेट पर

ठग सुकेश चंद्रशेखर वसूली केस में बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस के बाद अब एक्ट्रेस-डांसर नोरा फतेही जांच एजेंसी के टारगेट पर आई हैं | दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने नोरा फतेही से पूछताछ की है | शुक्रवार को दिल्ली के मंदिर मार्ग स्थित आर्थिक अपराध शाखा में उनसे करीब 6 घंटे की पूछताछ की गई है | सुकेश चंद्रशेखर ने दिसंबर 2020 में नोरा फतेही को बीएमडबल्यू कार गिफ्ट की थी | इन आरोपों से इनकार करते हुए नोरा फतेही का कहना है कि उन्हें ये कार सुकेश ने नहीं बल्कि उनकी पत्नी लीना मारिया ने चेन्नई में एक इवेंट का हिस्सा लेने के बदले में दी थी |

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के अधिकारी ने जानकारी दी कि कथित रूप से महाठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये की रंगदारी के मामले में पूछताछ के लिए वे अभिनेत्री नोरा फतेही को फिर से बुला सकते हैं। स्पेशल पुलिस कमिश्नर (क्राइम और ईओडब्ल्यू) रविंद्र यादव ने कहा कि अभिनेत्री ने जांच में सहयोग किया | लेकिन अभी भी कुछ सवाल ऐसे हैं जिनका जवाब देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वह जांच के दौरान सहयोग कर रही थीं,लेकिन कुछ ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अभी तक नहीं मिले हैं | उनसे दोबारा पूछताछ की जरूरत हो सकती है।

आर्थिक अपराध शाखा ने नोरा फतेही से घंटों तक की पूछताछ

बता दें कि, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही से महाठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 रुपये की रंगदारी के एक मामले में घंटों तक पूछताछ की है। नोरा को पिछले हफ्ते तलब किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक,आर्थिक अपराध शाखा के मंदिर मार्ग स्थित कार्यालय में नोरा से घंटों पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया गया। नोरा फतेही का कहना है कि उन्हें नहीं पता था कि चेन्नई में जिस कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित किया गया था | उसका इस अपराध सिंडिकेट से संबंध था |

ई डी भी कर रहा है जांच

सुकेश चंद्रशेखर,जो वर्तमान में जेल में बंद है | उस पर फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रवर्तक शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह जैसी कुछ हाई-प्रोफाइल हस्तियों सहित विभिन्न लोगों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। इससे पहले ईडी ने नोरा से इस मामले में पूछताछ की थी। ईडी ने चंद्रशेखर से जुड़े करोड़ों रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को आरोपी के रूप में नामजद करते हुए एक आरोप पत्र दाखिल किया था। ईडी के मुताबिक, नोरा और जैकलीन को चंद्रशेखर से लग्जरी कारें और अन्य महंगे तोहफे मिले थे।

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जिम्बाब्वे ने रचा इतिहास ,ऑस्ट्रेलिया को उसी की ज़मी में दी मात

जिम्बाब्वे ने क्रिकेट में इतिहास रच दिया है | जिम्बाब्वे क्रिकेट के इतिहास में आज का दिन लंबे समय तक याद रखा जाएगा, रेजिस चकाब्वा की अगुवाई में इस टीम ने ऑस्ट्रेलिया को उसी की सरजमीं पर पहली बार मात दी है। तीन मैच की वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला शनिवार को टाउन्सविले के टोनी आयरलैंड स्टेडियम में खेला गया। जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे सीरीज का तीसरा मुकाबला जिम्बाब्वे ने तीन विकेट से जीत लिया है। यह पहला मौका है, जब जिम्बाब्वे की टीम ऑस्ट्रेलिया में कोई मैच जीती है। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 141 रन बनाए थे और जिम्बाब्वे ने सात विकेट खोकर 11 ओवर रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ जिम्बाब्वे ने इतिहास रच दिया। हालांकि, वनडे सीरीज ऑस्ट्रेलिया ने 2-1 से अपने नाम की।

जिम्बाब्वे के लिए पांच विकेट लेने वाले रेयान बर्ल ने बल्ले के साथ भी 11 रन का अहम योगदान दिया और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। रेजिस चकाब्वा ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले ऑस्ट्रेलिया को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था। कप्तान यह फैसला गेंदबाजों ने शुरुआत से ही सही साबित किया। कप्तान एरॉन फिंच, स्टीव स्मिथ और ऐलेक्स कैरी पहले 10 ओवर में ही पवेलियन लौटे। वहीं स्टॉयनिस और ग्रीन भी 100 रन से पहले आउट हुए। एक छोर से लगातार विकेट गिर रहे थे, वहीं दूसरे छोर पर डेविड वॉर्नर अपने पैर जमाए हुए थे।

डेविड वॉर्नर ने ऑस्ट्रेलिया को 100 के पार पहुंचाया

जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलियाई टीम को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया और हालातों का भरपूर फायदा उठाया। रेयान बर्ल ने तीन ओवर में 10 रन देकर पांच विकेट लिए। ब्रैड इवांस ने दो विकेट झटके। नगरवा, न्याउची और सीन विलियम्स को एक-एक विकेट मिला। ऑस्ट्रेलिया के लिए डेविड वॉर्नर के अलावा कोई बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। उनके अलावा 19 रन बनाने वाले मैक्सवेल ही सिर्फ दहाई का आंकड़ा छू पाए। डेविड वॉर्नर 94 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने अपनी पारी में 14 चौके और दो छक्के लगाए।

कप्तान चकाबवा ने जिताया

मुश्किल पिच पर 142 रन का लक्ष्य जिम्बाब्वे के लिए आसान नहीं था, लेकिन जीत की संभावना साफ दिख रही थी। काइटानो और मरुमानी की सलामी जोड़ी ने अच्छी शुरुआत की और पहले विकेट के लिए 38 रन जोड़े। छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए यह अच्छी शुरुआत थी। काइटानो 19 रन बनाकर आउट हुए और एक छोर पर विकेट गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। 77 रन के स्कोर पर टीम के पांच विकेट गिर चुके थे। मरुमानी भी 35 रन बनाने के बाद टीम का साथ छोड़ गए। इसके बाद कप्तान रेजिस चकाबवा और टोनी मुनयोंगा ने पारी संभाली।

दोनों ने छठे विकेट के लिए 39 रन की साझेदारी कर टीम का स्कोर 100 के पार पहुंचाया। 115 के स्कोर पर टोनी आउट हो गए। उन्होंने 17 रन बनाए। सातवें विकेट के लिए कप्तान चकाबवा और रेयान बर्ल ने 22 रन की साझेदारी की बर्ल 11 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तब तक टीम का स्कोर 137 रन हो चुका था और जीत तय हो चुकी थी।

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जेडीयू को मणिपुर में बड़ा झटका, 6 में से 5 विधायकों ने ज्वाइन की भाजपा

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) को मणिपुर में बड़ा झटका लगा है | उसके 6 में से 5 विधायकों ने भाजपा ज्वाइन कर ली है | इसके बाद जेडीयू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर मणिपुर में पार्टी तोड़ने का आरोप लगाया है | जेडीयू के प्रवक्ता और पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि यह गठबंधन सहयोगियों की पीठ में छुरा घोंपने का भाजपा का चरित्र है | इस बीच भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष के प्रधानमंत्री कैंडिडट बनने की अटकलों का मजाक उड़ाया है। अमित मालवीय ने उन्हें ‘लंगड़ा मुख्यमंत्री’ बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के साथ-साथ दूसरे राज्यों में अपनी पार्टी को कमजोर होते हुए देख रहे हैं,लेकिन वे प्रधानमंत्री बनने का सपना देखते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में एनडीए के साथ अपना गठबंधन तोड़ा और महागठबंधन की सरकार बनाई |

उन्होंने बिहार में राजद और कांग्रेस के साथ गठबंधन किया। इसके बाद से उनकी पार्टी के नेताओं के द्वारा लगातार उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश किया जा रहा है | हालांकि उन्होंने अभी तक ऐसी किसी भी संभावनाओं को खारिज किया है। जेडीयू के अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि मणिपुर के मामले में भाजपा की अनैतिक हरकत एक बार फिर देश के सामने है | उन्होंने सुशील मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवारों ने भाजपा को हराकर जीत हासिल की थी,इसलिए सुशील मोदी को जनता दल यूनाइटेड मुक्त अरुणाचल प्रदेश या मणिपुर का सपना नहीं देखना चाहिए था |

मणिपुर में जेडीयू को बड़ा झटका

आपको बता दें कि भाजपा-जेडीयू के बीच चल रहे वाक युद्ध के बीच जॉयकिशन, एन सनाटे, मोहम्मद अचब उद्दीन, पूर्व डीजीपी एल एम खौटे और थंगजाम अरुणकुमार मणिपुर में भाजपा में शामिल हो गए। खौटे और अरुणकुमार ने पहले भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने की मांग की थी, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला था। इसके बाद वे जेडीयू में शामिल हो गए थे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बनाम भाजपा

महागठबंधन सरकार में बतौर मुख्यमंत्री वापसी करने वाले नीतीश कुमार उनकी राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा को लेकर जारी अटकलों को टालते रहे हैं। हालांकि, बिहार में जेडीयू के नेता संभावनाओं से बिल्कुल भी इनकार नहीं कर रहे हैं। शनिवार और रविवार को पार्टी के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन से पहले पटना में पार्टी मुख्यालय के बाहर एक पोस्टर लगाया गया। पोस्टर पर लिखा है, ‘प्रदेश में दिखा, देश में दिखेगा’।

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भारतीय टीम को लगा बड़ा झटका,चोटिल रविंद्र जडेजा की जगह अक्षर पटेल को मौका

भारतीय टीम को रविंद्र जडेजा के चोटिल होने से बड़ा झटका लगा है | एशिया कप 2022 में भारत ने अपने शुरुआती दो मुकाबले जीतकर सुपर-4 में जगह बना ली है। भारतीय टीम अपना अगला मुकाबला पाकिस्तान और हॉन्ग कॉन्ग के बीच होने वाले विजेता से खेलेगी | लेकिन रविवार को होने वाले मुकाबले से पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा घुटने की चोट के कारण एशिया कप से बाहर हो गए हैं। रविंद्र जडेजा के रिप्लेसमेंट के तौर पर अक्षर पटेल को टीम में शामिल किया गया है। बीसीसीआई ने बताया है कि रविंद्र जडेजा के दाएं घुटने में चोट लगी है और वह टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं।

फिलहाल बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी देखरेख कर रही है। उनकी जगह भारतीय टीम में शामिल किए गए अक्षर पटेल पहले ही रिजर्व खिलाड़ी के रूप में टीम के साथ थे और जल्द ही दुबई में टीम के साथ जुड़ जाएंगे। भारतीय टीम पाकिस्तान और हॉन्गकॉन्ग को हराने के बाद एशिया कप के सुपर-4 में पहुंच चुकी है। टूर्नामेंट के बीच में रविंद्र जडेजा का चोटिल होना भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर नहीं है। ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के नजरिए से भी भारतीय टीम के लिए ये बड़ा झटका है। क्योंकि एशिया कप के खत्म होने के कुछ दिन बाद ही बीसीसीआई भारतीय टीम का ऐलान करने वाली है। हालांकि अभी ये कंफर्म नहीं है कि रविंद्र जडेजा की चोट कितनी गंभीर है। भारत को अपना पहला सुपर चार मुकाबला रविवार को खेलना है।

शानदार लय में थे रविंद्र जडेजा

एशिया कप में रवींद्र जडेजा शानदार लय में थे। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ दो ओवर में 11 रन दिए थे और बल्ले के साथ 29 गेंद में 35 रन की अहम पारी खेली थी। उन्होंने हार्दिक पांड्या के साथ अर्धशतकीय साझेदारी कर भारतीय टीम को मुश्किल से निकाला था और जीत की दहलीज पर ले गए थे। इस मैच में उन्होंने एक अहम कैच भी पकड़ा था। वहीं, दूसरे मैच में हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ जडेजा ने चार ओवर में सिर्फ 15 रन दिए थे और एक विकेट लिया था। इसके अलावा उन्होंने एक शानदार रन आउट भी किया था।

बीसीसीआई ने एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा

मौजूदा एशिया कप के लिए रवींद्र जडेजा के स्थान पर अक्षर पटेल को चुना है। रवींद्र जडेजा के दाहिने घुटने में चोट लगी है और वह टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। वह फिलहाल बीसीसीआई की मेडिकल टीम की निगरानी में हैं। अक्षर पटेल को टीम में ‘स्टैंडबाय’ खिलाड़ियों में चुना गया था, वह जल्द ही दुबई में टीम से जुड़ेंगे।

read more :अफसरों को कराया जा रहा होमवर्क,ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट तैयारिया हो सके पूरी

अफसरों को कराया जा रहा होमवर्क,ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट तैयारिया हो सके पूरी

विदेश जाने से पहले अफसरों को होमवर्क कराया जा रहा है | ताकि ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में जाने से पहले उनकी तैयारिया पूरी हो सके जिससे वो वहा काम कर सके न कि सरकारी खर्चे पर घूमे फिरते नज़र आये | इस मामले में मुख्यमंत्री योगी बहुत ही सख्त रुख रखे हुए है | ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के लिए जाने को तैयार अधिकारियों को पहले यह बताना है कि वह किस देश में जाकर किस सेक्टर में निवेश के लिए बात करेंगे। वे वहां कितनी कंपनियों से जाकर बात करेंगे। विदेशों में रोड शो के लिए उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वरूप क्या होगा। मुख्य सचिव ने बीस विभागों के अपर मुख्य सचिवों व प्रमुख सचिवों से यह जानकारी मांगी है।

उन्होंने इस बाबत अंतिम निर्णय के लिए 3 सितंबर को बैठक बुलाई है। अफसरों को बताना है कि उन्होंने नीतियां बनाने, भूमि बैंक बनाने, दूसरे राज्यों की परियोजनाओं का अध्ययन करने का कितना काम किया। कई और सवालों के जवाब भी अफसरों को लिखित में देने हैं | उन्हें ये भी बताना होगा कि उनके विभाग की मौजूदा नीति से कितनी औद्योगिक इकाइयां लगीं, कितनों को इंसेंटिव दिया गया और ये जानकारी देनी होगी कि कितने राज्यों में चल रही नीतियों का अध्ययन किया गया। यह भी बताना है कि उनके विभाग की तैयार नीतियां को कब कैबिनेट से पास कराया जाए। कब इसकी अधिसूचना जारी होगी और कब तक नीतियों का अनुवाद हो जाएगा। इसकी समय सीमा भी बतानी है।

अगले पांच साल में निवेश का लक्ष्य

हर विभाग को बताना है कि पश्चिमी, मध्य, बुंदेलखंड व पूर्वांचल में कितना कितना निवेश होने की उम्मीद है। उद्योगों व संभावित रोजगार की संख्या भी बतानी है। यही नहीं भूमि बैंक की जानकारी देनी है। असल में औद्योगिक विकास विभाग को अपनी नई औद्योगिक नीति भी बनानी है। इसके अलावा 10 विभागों को अपनी नीतियों को फाइनल करना है।

इन विभागों को पूरी तैयारी के साथ आने के निर्देश

एमएसएमई, आवास व शहरी नियोजन, नगर विकास, आईटी, खाद्य प्रसंस्करण, दुग्ध, पशुपालन, ऊर्जा, अतिरिक्त ऊर्जा, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, हथकरघा, वस्त्रोद्योग, पर्यटन, खादी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि, नागरिक उड्डयन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, सूचना फिल्म बंधु जैसे विभागों को अपनी पूरी तैयारी के साथ आने के निर्देश दिए गए है |

read more :केजीएमयू में छुट्टी के नियमों में फिर किया फेरबदल,बिना वेतन मिल सकेगा अवकाश

केजीएमयू में छुट्टी के नियमों में फिर किया फेरबदल,बिना वेतन मिल सकेगा अवकाश

केजीएमयू में शिक्षकों की छुट्टी के नियमों में फिर फेरबदल किया गया है। अब कोई भी शिक्षक 10 साल से ज्यादा बिना वेतन अवकाश ले सकेगा। 10 साल तक केजीएमयू प्रशासन शिक्षक को छुट्टी देने का अधिकारी होगा। उसके बाद उत्तर प्रदेश राज्यपाल की संस्तुति के बाद ही अवकाश मिलेगा। केजीएमयू के एक्ट में शिक्षकों की छुट्टी को लेकर ऐसा दूसरी बार संशोधन हुआ है। केजीएमयू में करीब 500 शिक्षक हैं। अभी तक केजीएमयू के शिक्षक पांच साल बिना वेतन अवकाश पर जा सकते थे। इसके बाद एक्ट में फिर संशोधन हुआ। संशोधन होने के बाद अब कोई भी शिक्षक बिना वेतन 10 साल अवकाश पर रह सकता है।

डॉ. संजीव की छुट्टी का रास्ता साफ

केजीएमयू सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. संजीव मिश्र गुजरे 10 साल से एम्स जोधपुर के निदेशक हैं। हाल ही में उन्हें अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी का कुलपति नियुक्त किया गया है। उनके अवकाश का मसला भी चल रहा था। केजीएमयू के एक्ट में संशोधन के बाद अवकाश के मामले का पटाक्षेप हो गया है। डॉ. संजीव मिश्र अगले हफ्ते अटल यूनिवर्सिटी की कमान संभाल सकते हैं।

एक्ट में दूसरी बार संशोधन

यदि कोई शिक्षक देश सेवा, राज्य की सेवा जैसे निदेशक या कुलपति नियुक्त होता है तो उसे अवकाश मिलेगा। इसके लिए केजीएमयू एक्ट में दूसरी बार संशोधन किया गया। फिर इसे कार्यपरिषद के सदस्यों ने भी मंजूरी दे दी है।

read more :आखिरकार सोशल एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ को मिली अंतरिम जमानत

 

आखिरकार सोशल एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ को मिली अंतरिम जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने सोशल एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ को अंतरिम जमानत दे दी। उन्हें 2002 के गुजरात दंगों के मामलों में निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए कथित रूप से दस्तावेज बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। तीस्ता सीतलवाड़ पर गवाहों के झूठे बयानों का मसौदा तैयार करने और उन्हें दंगों की जांच के लिए गठित नानावती आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट ने उनके देश छोड़ने पर रोक लगा दी है | सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तीस्ता सीतलवाड़ को जांच में पूरा सहयोग करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता से अपना पासपोर्ट सरेंडर करने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने इस मामले पर केवल अंतरिम जमानत के दृष्टिकोण से विचार किया है। गुजरात उच्च न्यायालय तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई, किसी भी टिप्पणी से स्वतंत्र और अप्रभावित रूप से फैसला करेगा।

दरअसल, तीस्ता सीतलवाड़ ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर सत्र अदालत और हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें अंतरिम जमानत नहीं दी गई थी। तीस्ता सीतलवाड़ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी 24 जून को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ समाप्त हुई कार्यवाही के अलावा और कुछ नहीं थी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने हैरत जताई थी कि गुजरात हाईकोर्ट ने कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका को 19 सितंबर को सुनवाई के लिए क्यों सूचीबद्ध किया है। हाई कोर्ट द्वारा गुजरात सरकार को नोटिस दिए जाने के छह सप्ताह बाद शीर्ष अदालत ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए गुजरात सरकार से तीस्ता की याचिका पर जवाब मांगा था |

तीस्ता सीतलवाड़ पर लोगों को फंसाने के लिए झूठे सबूत गढ़ने का आरोप

तीस्ता सीतलवाड़ और श्रीकुमार दोनों को जून में गिरफ्तार किया गया था | उन पर 2002 के गोधरा दंगों के बाद के मामलों में निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए सबूत गढ़ने का आरोप है। वे साबरमती केंद्रीय जेल में बंद हैं। श्रीकुमार ने जमानत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। मामले के तीसरे आरोपी पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट ने जमानत के लिए आवेदन नहीं किया है। संजीव भट्ट पहले से ही एक अन्य आपराधिक मामले में जेल में थे | जब उन्हें इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।

टिप्पणियों से प्रभावित नहीं होना चाहिए

सुप्रीम अदालत ने तीस्ता सीतलवाड़ से अपना पासपोर्ट सरेंडर करने को कहा है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय में लंबित तीस्ता सीतलवाड़ की याचिका को लेकर कहा कि हमारे फैसले या टिप्पणी से उस पर कोई असर नहीं होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘हमने यह फैसला सिर्फ अंतरिम बेल को लेकर दिया है। गुजरात हाई कोर्ट स्वतंत्र रूप से इस मामले पर विचार कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों से उसे प्रभावित नहीं होना चााहिए।

read more :सिद्धार्थ शुक्ला की डेथ एनिवर्सरी पर परिवार ने रखी प्रेयर मीट,शहनाज़ गिल रही गायब

 

सिद्धार्थ शुक्ला की डेथ एनिवर्सरी पर परिवार ने रखी प्रेयर मीट,शहनाज़ गिल रही गायब

सिद्धार्थ शुक्ला का 2 सितंबर 2021 को निधन हो गया था। उनके निधन को 1 साल हो गया है,लेकिन आज भी एक्टर्स की यादें हमारे दिलों में जिंदा है। सिद्धार्थ शुक्ला को टीवी की जान कहा जाता था | जी हां,आज टीवी एक्टर सिद्धार्थ शुक्ला की पहली पुण्यतिथि है | आज ही के दिन पिछले साल सिद्धार्थ शुक्ला का दिल का दौरा पड़ने के कारण निधन हो गया था | इस मौके पर सिद्धार्थ शुक्ला के फैंस और उनके चाहने वाले उन्हें याद कर रहे हैं | सिद्धार्थ शुक्ला के जाने से सबसे ज्यादा असर उनकी मां रीता पर तो पड़ा ही, लेकिन शहनाज गिल जिन्हें वे प्यार से सना बुलाते थे | वो भी पूरी तरह से टूट गई थीं |

वहीं सिद्धार्थ शुक्ला की मां रीता शुक्ला, उनकी बहनों ने ब्रह्मा कुमारी के साथ एक्टर की प्रेयर मीट रखी। इस प्रेयर मीट की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। बता दें कि सिद्धार्थ शुक्ला और उनका पूरा परिवार ब्रह्मा कुमारी को फॉलो करता है। वहीं शहनाज गिल भी सिद्धार्थ शुक्ला से मिलने के बाद उन्हें फॉलो करने लगीं हैं। इस प्रेयर मीट की फोटोज को फैंस ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। फोटोज में आप देखेंगे कि सिद्धार्थ शुक्ला का परिवार ब्रह्मा कुमारी के साथ बैठा है। एक्टर सिद्धार्थ शुक्ला की बहन वहीं वहां पर मौजूद सभी लोगों को प्रसाद बांट रही हैं। इन फोटोज को देखकर फैंस इमोशनल हो रहे हैं। वे कमेंट कर कह रहे हैं कि सिद्धार्थ शुक्ला को खोने का दर्द इनसे ज्यादा कोई नहीं समझ सकता। वहीं कुछ यूजर्स इन फोटोज को शेयर कर शहनाज को भी ट्रोल कर रहे हैं।

सिद्धार्थ शुक्ला के जाने से टूट गई थीं शहनाज गिल

बिग बॉस 13 से शुरू हुई सिद्धार्थ शुक्ला और शहनाज के बीच की दोस्ती अभिनेता के मरने तक कायम रही | सिद्धार्थ शुक्ला और शहनाज गिल एक दूसरे के काफी करीब थे | दोनों ने कभी भी अपने रिश्ते को दोस्ती के अलावा कोई नाम नहीं दिया था, लेकिन उनके फैंस उन्हें एक कपल की तरह ही देखते थे | बिग बॉस 13 के घर में जब-जब शहनाज टूटीं, सिद्धार्थ शुक्ला उनके लिए ढाल बनकर खड़े रहे | घर का कोई भी सदस्य अगर शहनाज से लड़ता था, तो उसे सिद्धार्थ शुक्ला का सामना करना पड़ता | एक दूसरे से भी सिद्धार्थ शुक्ला और शहनाज गिल खबू लड़ते थे | लेकिन कुछ पल बाद ही दोनों एक दूसरे से प्यार से गले लगते हुए दिखाई देते |

आज भले ही सिद्धार्थ शुक्ला, शहनाज के साथ नहीं हैं, लेकिन शायद उनकी बातें सना को मजबूत रहने पर विवश करती होंगी | एक बार सिद्धार्थ शुक्ला ने शहनाज से ये तक कहा था कि कभी भी कमजोर मत पड़ना और खुद को चोट भी मत पहुंचाना | जिस पर शहनाज गिल अमल भी कर रही हैं | सिद्धार्थ शुक्ला की दी हुई सीख शहनाज गिल के कॉन्फिडेंस में झलकती है |

शहनाज गिल के पोस्ट का इंतजार

सिडनाज फैंस फिलहाल शहनाज गिल द्वारा सिद्धार्थ शुक्ला को लेकर किए गए पोस्ट का इंतजार कर रहे हैं। दरअसल, हर मौके पर सिद्धार्थ शुक्ला को याद करने वालीं शहनाज गिल, एक्टर को लेकर क्या पोस्ट करती हैं बस यही फैंस देखना चाहते हैं। बता दें कि सिद्धार्थ शुक्ला के निधन के कुछ समय बाद एक गाने के जरिए शहनाज ने सिद्धार्थ को ट्रिब्यूट दिया था।

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