Monday, April 20, 2026
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दिनभर प्रेमी करता रहा प्रेमिका से प्यार, शाम को हत्या कर प्रेमी फरार

झारखंड : झारखंड के गुमला जिले के बिशुनपुर थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है | गुमला जिले के बिशुनपुर थाना क्षेत्र के बोरहा गांव में बुधवार की शाम एक प्रेमी ने प्रेमिका की हत्या कर दी और शव को झाड़ी में फेंक कर प्रेमी फरार हो गया । घटना के संबंध में बिशुनपुर पुलिस के द्वारा बताया गया कि बोरहा गांव की 27 वर्षीय सुबन्ति कुमारी का प्रेम प्रसंग गुमला बरटोली निवासी सूरज उरांव के साथ में चल रहा था। सूरज एक माह पूर्व बोरहा गांव आया और प्रेमिका सुबन्ति के परिजनों से शादी की बात कर उसके साथ ही रहने लगा ।

बुधवार को दोनों प्रेमी प्रेमिका महुआ चुनने जंगल गए हुए थे। जहां दिन भर प्रेमी ने उसके साथ इश्क किया। शाम में दोनों घर लौटे। दोनों घर से कुछ दूरी पर स्थित कुएं में नहाने चले गए। सुबन्ति नहाने की तैयारी कर रही थी, तभी प्रेमी सूरज उरांव ने कुआं में लगी रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को झाड़ी में छुपा दिया। फिर खुद फरार हो गया।

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इधर गुरुवार की शाम जब ग्रामीण पानी लाने कुएं के पास गए तो देखा कि झाड़ी में सुबन्ति का शव पड़ा हुआ है | जिसकी सुचना ग्रामीणों ने बिशुनपुर पुलिस को दी | सुचने मिलने पर बिशुनपुर पुलिस गांव पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गुमला भेज । आरोपी प्रेमी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।

छह बच्चों की मां प्रेमी संग भागी

विदिशा : मध्य प्रदेश के विदिशा से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां पर 6 बच्चों की मां को एक युवक से प्यार हो गया और वो अपने बच्चों को छोड़कर अपने प्रेमी के साथ भाग गई। बताया जा रहा है कि महिला के पति की मौत हो चुकी है और वो अपने मासूम बच्चों के साथ अकेले रह रही थी।

विदिशा में एक मां अपने 6 बच्चों को छोड़कर प्रेमी के साथ भाग गई | महिला के इस कदम से मासूम बच्चों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है | मामला पुलिस तक पहुंच चुका है | अधिकारियों का कहना है कि वो इस मामले की जांच कर रही है |

यह मामला विदिशा के शमशाबाद के गांव बाढ़ेर का है। 30 साल की महिला अपने प्रेमी के साथ बच्चों को रोता बिलखता छोड़कर भाग गई। बच्चों के सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था। ऐसे में अब मासूम बच्चों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। महिला की पांच लड़कियां और एक लड़का है। पुलिस में महिला की गुमशुदी की रिपोर्ट दर्ज करा दी है।

महिला की ननद ने पुलिस से भाभी के बैंक खाते फ्रीज कराने की मांग की है। ननद का कहना है कि उसके भाई की पानी टंकी से गिरकर मौत हो गई थी। उसका 15 लाख रुपये मुआवजा मिलने वाला है। उसकी भाभी अपने 6 बच्चों को छोड़कर पड़ोस में रहने वाले युवक के साथ भाग गई है। इसलिए हम चाहते हैं कि वो मुआवजे के रुपये उसकी भाभी को ना मिले।

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लग्जरी SUV ने परिवार को रौंदा,कोटा में फुटपाथ पर सो रहा था परिवार

कोटा : कोटा में गुरुवार देर रात हिट एंड रन का दर्दनाक मामला सामने आया है। तेज रफ्तार कार ने फुटपाथ पर सो रहे एक परिवार के 3 लोगों को रौंद दिया। हादसे में दिनेश (45) की मौके पर ही मौत हो गई। उसकी पत्नी और बच्चा घायल हो गए। दिनेश सब्जी का ठेला लगाता था। घटना से गुस्साए लोग शुक्रवार सुबह नयापुरा थाने के बाहर प्रदर्शन करने पहुंच गए।

मृतक के रिश्तेदार दिलखुश ने बताया कि MBS हॉस्पिटल के सामने फुटपाथ पर दिनेश अपनी पत्नी व बच्चे के साथ सो रहा था। रात 1 बजे के आसपास अचानक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर फुटपाथ पर चढ़ गई। इससे दिनेश चपेट में आ गया। उसके सिर पर चोट लगी। मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया, जबकि पत्नी व बच्चा चोटिल हो गए। उन्हें रात में MBS अस्पताल में लाया गया। पत्नी बीनू बाई का हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।

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सुबह समाज के लोगों ने आरोपी की गिरफ्तारी व कार्रवाई की मांग को लेकर नयापुरा थाने के सामने इकट्ठे हुए। महिलाएं व पुरुष MBS के सामने सड़क पर बैठकर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। पुलिस की समझाइश के बाद ये लोग सड़क से हट गए। मोर्चरी के बाहर समाज के लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है।डीएसपी कालूराम ने बताया कि घटना रात 1 बजे के आसपास की है। कार को जब्त किया गया है। चालक की तलाश की जा रही है।

 

नाबालिग आदिवासी लड़की से सामूहिक बलात्कार

डिजिटल डेस्क : पश्चिम बंगाल ने नादिया में गैंगरेप के बाद अब बीरभूम जिले में एक नाबालिग आदिवासी लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया है। पीड़िता को बोलपुर कस्बे के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के मुताबिक यह घटना गुरुवार रात की है जब शांतिनिकेतन थाना क्षेत्र में तीन लड़कों ने कोपई नदी किनारे आदिसावी समुदाय की एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया। इस मामले में पुलिस अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

कथित तौर पर गैंगरेप की घटना को उस समय अंजाम दिया गया जब लड़की कोपई नदीं के किनारे एक स्थानीय युवक के साथ बैठी हुई थी। पुलिस की माने तो स्थानीय युवक उसका प्रेमी था। तीन लड़कों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। पिछले एक सप्ताह में पश्चिम बंगाल में रेप की यह दूसरी घटना है। इससे पहले नादिया जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता के बेटे और उसके दोस्तों ने 14 साल की लड़की के सात कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया।

खबर मिलते ही पहुंची पुलिस

आदिवासी नाबालिक लड़की से सामूहिक बलात्कार की घटना की खबर मिलते ही पुलिस महकमे के कई अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे हुए थे। बीरभूम जिले के पुलिस अधीक्षक नागेंद्र नाथ त्रिपाठी ने कहा ‘जब अपराध हुआ तब लड़की और उसका प्रेमी नदी के किनारे बैठे थे। युकव ने बताया कि तीन लोगों ने वारदात को अंजाम दिया है। हमें लिखित में शिकायत मिली है और जांच जारी है।’

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घटना की बारे में जानकारी मिलते ही आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। इस मामले में शुक्रवार दोपहर तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी। वहीं, नदिया गैंगरेप मामले की कोलकाता हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई जांच शुरू हो गई है। घटना के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा द्वारा गठित एक फैक्ट फाइंडिंग टीम ने शुक्रवार सुबह नदिया जिले का दौरा किया और पीड़ित परिवार से मुलाकात की।

 

हिंदू युवती को भगाने वाले जिम संचालक के खिलाफ परिजनों में आक्रोश

आगरा : आगरा में दूसरे समुदाय की लड़की को भगाकर ले जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है | इस पूरे मामले को लेकर गुस्साएं लोगों ने लड़की को भगाकर ले जाने वाले जिम संचालन के घर में आग लगा दी | आरोपी की गिरफ्तारी न होने के कारण लोगों में आक्रोश है, हालांकि, घर में आग लगने की सूचना प्राप्त होते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई |

थाना सिकंदरा क्षेत्र के रुनकता में दूसरे समुदाय के व्यक्ति के घर में आग गुस्साएं लोगों ने आग लगा दी | हालांकि, लड़की को दिल्ली से बरामद कर लिया गया है | बीते 11 अप्रैल को रुनकता में रहने वाले जिम संचालक साजिद अपने साथ हिंदू समुदाय की एक युवती को भगाकर ले गया था | जिसके बाद से ही लगातार हिंदू संगठन के लोग विरोध कर रहे थे और कुछ दिन पहले ही हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने पुलिस को चेतावनी भी दी थी | पुलिस ने युवती को तो बरामद कर लिया, लेकिन आरोपी अभी भी उनकी गिरफ्त से दूर है |

सामने आया विडियो

मामले में बीते बुधवार को युवती और आरोपी का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें युवती अपने आप को बालिग बता रही थी और आरोपी के साथ अपनी मर्जी से भागने की बात कह रही थी | पुलिस ने वीडियो की लोकेशन निकाल कर युवती को बरामद कर लिया, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गया था |

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पुलिस द्वारा युवती को बरामद करने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी ना होने के चलते युवती के परिजन काफी आक्रोश में थे | जिसके बाद आक्रोशित परिजनों और कस्बे के लोगों ने रुनकता में स्थित आरोपी के घर को आग लगाने से पहले बाजार बंद किया और फिर आरोपी के दोनों घर को आग लगा दी | आग लगने की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय पुलिस मौके पर पहुंच गई और फायर ब्रिगेड को भी सूचना दे दी गई | लेकिन आरोपी का घर सकरी गलियों में होने की वजह से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां गली में नहीं पहुंच सकी | जिसके बाद पाइपलाइन की मदद से आरोपी के घर में लगी आग को बुझाया गया |

विवादों में घिरे बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी, कहा -“राम कोई भगवान नहीं”

पटना: बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं | जमुई जिले के सिकंदरा में भीमराव अंबेडकर जयंती में शामिल होने आए मांझी ने लोगों को संबोधित करते हुए भगवान राम पर ही सवाल उठा दिए| उन्होंने कहा कि राम कोई भगवान नहीं हैं | जीतन राम मांझी का कहना है कि वह रामायण लिखने वाले वाल्मीकि और तुलसीदास को मानते हैं, पर राम को नहीं जानते. वे यहीं नहीं रुके. उन्होंने आगे कहा कि राम भगवान थोड़े ही थे, वे तो तुलसीदास और बाल्मीकि रामायण के पात्र थे. उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पूजा पाठ करने से कोई बड़ा नहीं होता. उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के लोगों को पूजा पाठ करना बंद कर देना चाहिए.

ब्राह्मणों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो ब्राह्मण मांस और शराब पीते हैं, झूठ बोलते हैं. ऐसे ब्राह्मणों से दूर रहना चाहिए. उनसे पूजा पाठ नहीं कराना चाहिए. आप लोग पूजा पाठ करना बंद कर दीजिए. उन्होंने कहा कि शबरी के झूठे बेर को राम ने खाया था. अंबेडकर जयंती को लेकर सिकंदरा के हम पार्टी के विधायक प्रफुल्ल मांझी ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया था.

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जुम्मे के दिन यरुशलम के अल-अक्सा मस्जिद में हुई झड़प, 117 फलस्तीनी घायल

डिजिटल डेस्क : यरुशलम स्थित पवित्र स्थल अल-अक्सा मस्जिद में शुक्रवार को तड़के इजराइली पुलिस और फलस्तीनियों के बीच हुए संघर्ष में कम से कम 117 फलस्तीनी घायल हो गये | अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हिंसा किस कारण से हुई | चिकित्सकों ने कहा कि यरूशलम के प्रमुख पवित्र स्थल में इजराइली पुलिस के साथ संघर्ष में 117 फलस्तीनी घायल हुए |

स्थल का प्रशासनिक कार्य संभालने वाली एक इस्लामी संस्था ने कहा कि इजराइली पुलिस ने तड़के की नमाज के तुरंत बाद बलपूर्वक उस समय मस्जिद में प्रवेश किया, जब हजारों लोग वहां मौजूद थे. ऑनलाइन उपलब्ध वीडियो में दिख रहा है कि फलस्तीनी पथराव कर रहे हैं और पुलिस आंसू गैस एवं स्टन ग्रेनेड चला रही है. अन्य वीडियो में मस्जिद के अंदर ही नमाजियों को आंसू गैस के धुएं के बीच खुद को बचाने की कोशिश करते देखा जा सकता है. ‘पैलेस्टीनियन रेड क्रेसेंट’ आपात सेवा ने बताया कि उसने 59 घायलों को अस्पताल पहुंचाया.

फलस्तीनी संस्था ने क्या कहा

फलस्तीनी संस्था ने कहा कि स्थल पर मौजूद एक सुरक्षाकर्मी की आंख में रबड़ की गोली लगी | इजराइली प्राधिकारियों ने इस बारे में तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की, यह मस्जिद मक्का और मदीना के बाद इस्लाम में तीसरा सबसे पवित्र स्थल है | यह एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है जो यहूदियों के लिए सबसे पवित्र स्थल है | यहूदी इसे ‘टेंपल माउंट’ कहते हैं | यह इजराइल-फलस्तीनी हिंसा का दशकों से एक प्रमुख बिंदु रहा है | फलस्तीनियों के घातक हमले में इजराइल में 14 लोगों की मौत के बाद से हालिया सप्ताह में तनाव बढ़ गया है | इजराइल ने कब्जे वाले ‘वेस्ट बैंक’ से कई लोगों को गिरफ्तार किया है एवं वहां कई सैन्य अभियान चलाये हैं और इस दौरान हुए संघर्षों में कई फलस्तीनी मारे गये हैं |

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कब हुआ

रमजान के पवित्र महीने के दौरान यरुशलम की अल-अक्सा मस्जिद में जुमे की नमाज के लिए हजारों फलस्तीनियों के एकत्र होने की संभावना थी | यरुशलम में पिछले साल रमजान के दौरान कई सप्ताह के विरोध प्रदर्शनों और झड़पों के बाद 11-दिवसीय गाजा युद्ध हुआ था | इजराइल ने रमजान से पहले तनाव कम करने की कोशिश के तहत प्रतिबंध हटाए हैं और अन्य कदम उठाए हैं | इस साल रमजान के साथ-साथ यहूदी और ईसाई समुदाय के भी अहम त्योहार पड़ रहे हैं. हमलों और सैन्य कार्रवाई ने अशांति की नई लहर पैदा कर दी है |

फलस्तीनियों को डर है कि इजराइल स्थल पर कब्जा करना चाहता है या इसका विभाजन करना चाहता है. इजराइली प्राधिकारियों ने कहा कि वे यथास्थिति बनाए रखने को लेकर प्रतिबद्ध हैं, लेकिन हालिया वर्षों में बड़ी संख्या में पुलिस की मौजूदगी में राष्ट्रवादी एवं धार्मिक लोग यहूदी स्थल आए हैं. अल-अक्सा मस्जिद और कई अन्य बड़े स्थल पूर्वी यरूशलम में स्थित हैं, जिस पर इजराइल ने 1967 के युद्ध में कब्जा कर लिया था.

अखिलेश यादव की चुप्पी से परेशान एक और मुस्लिम नेता ने दिया इस्तीफा

 डिजिटल डेस्क : उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव बीत जाने के बाद समाजवादी पार्टी में मुस्लिम हितों को लेकर विरोध के सुर फूटते दिखाई दे रहे हैं | समाजवादी पार्टी के मुस्लिम नेताओं के खेमें से भी अंसतोष के सुर उभर रहे हैं | उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पार्टी के अंदर कई फैसलों के बाद अब मुस्लिम नेताओं का एक खेमा मुस्लिमों को नजरअंदाज करने का आरोप लगा रहा है. वहीं शुक्रवार को सपा नेता कासिम राईन ने भी अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया |

कासिम राईन ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें मुसलमानों पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने में कोई रुचि नहीं है. आजम खां का पूरा परिवार जेल में डाल दिया गया पर अखिलेश यादव नहीं बोले. नाहिद हसन को जेल में डाल दिया गया और सहिजल इस्लाम का पेट्रोल पंप गिरा दिया गया लेकिन सपा अध्यक्ष ने इस पर आवाज नहीं उठाई. कासिम राईन ने कहा कि सपा अध्यक्ष के मुसलमानों के प्रति इस तरह के व्यवहार से खिन्न होकर पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूं.

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शफीकुर्रहमन बर्क ने क्या कहा

अभी कुछ दिनों पहले ही संभल से सपा सांसद शफीकुर्रहमन बर्क ने तो यहां तक कह दिया कि समाजवादी पार्टी ही मुसलमानों के हितों में काम नहीं कर रही. बाद में बयान आया कि जुबान फिसल गई थी. इसके बाद सपा के कद्दावर नेता आजम खां के करीबी और मीडिया प्रभारी फसाहत खान ने सपा मुखिया को कटघरे में खड़ा कर दिया था. अभी हाल में हुए आम चुनाव में मुस्लिम वोटरों ने एकतरफा सपा को वोट किया है. इन वोटरों के एकतरफा का अदांजा ऐसे भी लगाया जा सकता है कि दूसरे दलों से उतरे कई कद्दावर मुस्लिम चेहरों को अपनी बिरादरी के वोट तक के लिए तरस गए.

 

BJP में जाने की खबरों के बीच शिवपाल भंग की प्रसपा की प्रदेश कार्यसमिति

डिजिटल डेस्क : BJP में जाने की खबरों के बीच शिवपाल यादव ने अपनी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) की प्रदेश कार्यसमिति को तत्काल प्रभाव से भंग कर लिया है। इसकी जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव ने पत्र जारी कर दी।राष्ट्रीय महासचिव आदित्य यादव ने जारी पत्र में लिखा, ‘ प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव के निर्देशानुसार प्रदेश कार्यकारिणी एवं राष्ट्रीय/प्रादेशिक प्रकोष्ठों की कार्यकारिणी अध्यक्ष सहित व संपूर्ण प्रवक्ता मंडल (कार्यवाहक मुख्य प्रवक्ता सहित) को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाता है’।

बता दें, शिवपाल यादव जसवंतनगर विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़कर जीते हैं। चुनाव नतीजे आने के बाद अखिलेश ने पार्टी कार्यालय में 26 मार्च को विधायक दल की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में शिवपाल को नहीं बुलाया गया था। शिवपाल का मानना था कि जब वे सपा के टिकट पर विधायक चुनकर आएं हैं तो उन्हें भी सपा विधायक दल की बैठक में बुलाया जाना चाहिए। इससे नाराज होकर, वह इटावा चले गए थे और वहां से दिल्ली जाकर बड़े भाई व सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव से मिलकर अपना दर्द बताया था।

सपा से नाराज़ शिवपाल 

उधर, सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल की तरफ से उसी दिन सफाई दी गई थी कि शिवपाल सहयोगी दल के नेता हैं और सहयोगी दल के विधायकों की बैठक में उन्हें भी बुलाया गया। सपा ने 29 मार्च को सहयोगी दल के विधायकों की जब बैठक बुलाई तो शिवपाल उसमें भी नहीं गए।

शिवपाल नाराजगी के चलते 28 और 29 मार्च को न तो शपथ लेने आए और न ही सदन की कार्यवाही में शामिल हुए थे। इसके पीछे यह माना जा रहा था कि अगर इन दिनों में शपथ लेते तो उन्हें सदन की कार्यवाही में शामिल होने पर अखिलेश के साथ बैठना पड़ता। उन्होंने इसीलिए शपथ ग्रहण अलग से लिया।

शपथ ग्रहण के बाद शिवपाल यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। उनकी और सीएम योगी की करीब आधे घंटे मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी थे। तब से कयास लगाए जा रहे थे कि शिवपाल भाजपा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि अभी उन्होंने अभी भाजपा में जाने को लेकर कोई खुल कर बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि अंदर खाने उनकी भाजपा के बड़े नेताओं से बातचीत चल रही है।

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मारुति सुज़ुकी की नई 7 सीटर कार लॉन्च, कीमत ₹8.35 लाख से शुरू

डिजिटल डेस्क : मारुति सुज़ुकी अर्टिगा 2022 को कई अपडेट के साथ लॉन्च किया गया है। इस MPV की शुरुआती कीमत ₹8.35 लाख रुपये रखी गई है, जबकि टॉप वेरिएंट ZXi+ की कीमत ₹12.79 लाख (एक्स शोरूम) है। यह पहली बार है जब मारुति अर्टिगा के टॉप वेरिएंट में भी सीएनजी का ऑप्शन दिया जाएगा। अपडेटेड अर्टिगा के लुक और फीचर्स को भी अपडेट दिया गया है।

अर्टिगा को पहली बार 2012 में भारत में लॉन्च किया गया था। यह अक्सर देश में टॉप-10 बिकने वाली कारों की लिस्ट में शामिल रहती है। कंपनी इसकी सात लाख से ज्यादा यूनिट्स को बेच चुकी है। इस एमपीवी के लिए प्री-बुकिंग इस महीने की शुरुआत में 11,000 रुपये में शुरू हुई थी। एमपीवी चार वेरिएंट्स- LXI, VXI, ZXI और ZXI+ में लाई गई है।

मारुति सुजुकी अर्टिगा इंजन और ट्रांसमिशन

मारुति सुज़ुकी एर्टिगा 2022 में बेहतर के-सीरीज 1.5-लीटर डुअल वीवीटी इंजन दिया गया है। पेट्रोल इंजन को 5-स्पीड मैनुअल यूनिट और एक नए 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक यूनिट के साथ जोड़ा गया है। ऑटोमैटिक गियरबॉक्स में पैडल शिफ्टर्स भी मिलते हैं। पहले इसमें 4-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर का ऑप्शन मिलता था।

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कैसे हैं फीचर्स

2022 मारुति सुजुकी एर्टिगा को एक नया ग्रिल, 7 इंच का स्मार्टप्ले प्रो टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, इंजन स्टार्ट-स्टॉप बटन, हाइट एडजस्टेबल ड्राइवर सीट और सुजुकी कनेक्ट टेलीमैटिक्स मिलता है। यह कुल 6 कलर ऑप्शन- स्प्लेंडिड सिल्वर, मैग्मा ग्रे, पर्ल मेटैलिक आर्कटिक व्हाइट, प्राइम ऑक्सफोर्ड ब्लू और ऑबर्न रेड के अलावा नए पर्ल मेटैलिक डिग्निटी ब्राउन में उपलब्ध होगी।

‘अगले 10 सालों में देश में होगी नये डॉक्टर की भरमार’: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

डिजिटल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात में 200 बिस्तरों वाला के के पटेल धर्मार्थ सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल राष्ट्र को समर्पित किया और देश के हर जिले में चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण के लक्ष्य और चिकित्सा शिक्षा को सर्वसुलभ बनाने के सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से आने वाले 10 सालों में देश को रिकॉर्ड संख्या में नये डॉक्टर मिलने वाले हैं |

वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अस्पताल के उद्घाटन के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सिर्फ बीमारी के इलाज तक ही सीमित नहीं होती हैं बल्कि सामाजिक न्याय को भी प्रोत्साहित करती हैं. उन्होंने कहा कि जब किसी गरीब को सस्ता और उत्तम इलाज सुलभ होता है तो उसका व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होता है.

इलाज के खर्च की चिंता से गरीब को मुक्ति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इलाज के खर्च की चिंता से गरीब को मुक्ति मिलती है तो वह निश्चिंत होकर गरीबी से बाहर निकलने के लिए परिश्रम करता है और पिछले कुछ सालों में स्वास्थ्य के क्षेत्र की जितनी भी योजनाएं लागू की गई हैं, उनकी प्रेरणा यही सोच है. उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना और जनऔषधि योजना से हर साल गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लाखों करोड़ रुपये इलाज में खर्च होने से बच रहे हैं.

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क्‍या खास है अस्‍पताल में

इस अस्पताल का निर्माण भुज के श्री कच्छी लेवा पटेल समाज द्वारा किया गया है. यह पूरे कच्छ में पहला धर्मार्थ सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल है. इस अस्पताल में मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं जैसे कि इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी (कैथलैब), कार्डियोथोरेसिक सर्जरी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूक्लियर मेडिसिन, तंत्रिका शल्य चिकित्सा (न्यूरो सर्जरी), ज्वाइंट रिप्लेसमेंट और अन्य सहायक सेवाएं जैसे कि विज्ञान संबंधी परीक्षण प्रयोगशाला, रेडियोलॉजी इत्‍यादि सुलभ होंगी.

 

न्यायपालिका को मजबूत करने के लिए रिक्तियों को भरना होगा: CJI एन.वी.रमना 

डिजिटल डेस्क : हैदराबाद के तेलंगाना में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) एनवी रमना राज्य न्यायिक अधिकारी सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे. यहां उन्होनें कहा कि हमें न्यायपालिका को मजबूत करने के लिए न्यायपालिका के बुनियादी ढांचे और रिक्तियों को भरने की जरूरत है. ऐसा इसलिए क्योंकि न्याय तक पहुंच तभी संभव होगा, जब हम पर्याप्त संख्या में उपलब्ध होंगे.

CJI एनवी रमना ने आगे कहा कि देश के लोगों को न्‍याय के लिए इंतजार नहीं करना पड़े इसके लिए बुनियादी ढांचे और रिक्तियों को भरना होगा. वर्तमान समय में कोर्ट पर ज्‍यादा भार है. मैं आंकड़े पेश नहीं करना चाहता हूं. ऐसा इसलिए क्‍योंकि इससे परेशानी होगी. लेकिन यह सत्‍य है इसमें कोई दो राय नहीं.

सभी वर्ग का ध्‍यान रखें : रमना

भारत के मुख्य न्यायाधीश एन.वी. रमना ने कहा कि लोग न्‍याय की आस में कोर्ट पहुंचते हैं लेकिन कोर्ट का फैसला आने में कितना वक्‍त लगेगा ये कोई नहीं बता सकता है. रमना ने यहां जिलों के न्यायिक अधिकारियों से कहा कि वे वादियों के लिए “एक अनुकूल माहौल बनाने का काम करें” और मामलों का फैसला करते समय “मानवीय पहलू का ध्‍यान रखें.” उन्होंने कहा कि सभी के साथ सम्मान का व्यवहार करें और अल्पसंख्यक समाज के सदस्यों और समाज के कमजोर वर्गों के लोगों के साथ सहानुभूति रखने का प्रयास करें.

“अच्छी खबर” आने वाली थी: रमना

मुख्य न्यायाधीश एन.वी. रमना ने वहां मौजूद न्यायिक अधिकारियों से कहा कि वे कानून में बदलाव के साथ खुद को अपडेट रखने का काम करें. साथ ही वे साइंस और टेक्नोलॉजी जैसे अन्य क्षेत्रों में हो रहे डेवलपमेंड की जानकारी रखें. CJI ने कहा कि उन्होंने हाल ही में वेतन आयोग के साथ बात की थी और “अच्छी खबर” आने वाली थी.

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कुछ न्यायिक अधिकारियों में अनुशासनहीनता की प्रवृत्ति

एन.वी. रमना ने तलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव को न्यायिक अधिकारियों को सभी सुविधाएं प्रदान करने के लिए धन्‍यवाद दिया. वहीं तेलंगाना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा ने कहा कि कुछ न्यायिक अधिकारियों में अनुशासनहीनता की प्रवृत्ति देखी गई. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार की खबरे मिल रहीं हैं. वहीं कुछ अधिकारी समय के पाबंद नहीं हैं.

क्या बीजेपी में शामिल हो सकते हैं सपा सांसद सुखराम सिंह यादव ? जानिए क्यों

कानपुर: विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की करारी हार के बाद एक बार फिर से बड़ा झटका लगना तय है. मुलायम सिंह यादव और शिवपाल के बेहद करीबी माने जाने वाले राज्यसभा सांसद और विधान परिषद अध्यक्ष सुखराम सिंह यादव ने सोमवार को परिवार के सदस्यों के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. सूत्र बताते हैं कि सुखराम सिंह यादव बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. इस मौके पर उन्होंने सीएम योगी को पिता चौधरी हरमोहन सिंह पर लिखी किताब भेंट की. आपको बता दें कि बेटे मोहित यादव पहले ही सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। सीएम योगी से मुलाकात के बाद सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है.

सपा सांसद सुखराम सिंह यादव के बेटे मोहित यादव ने अपने पिता के भाजपा में शामिल होने का कोई जवाब नहीं दिया। लेकिन सुखराम सिंह यादव से लगातार बीजेपी से नजदीकियां बढ़ती जा रही हैं | वहीं हाल ही में कानपुर से शुरू हुई अखिलेश यादव की विजय रथ यात्रा से सपा सांसद ने पूरी दूरी बनाए रखी | मुलायम सिंह की वजह से ही सुखराम सिंह को साल 2016 में राज्यसभा सांसद के लिए नॉमिनेट किया गया था |

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ओबीसी वोट बैंक में पकड़

दरअसल, यादव और ओबीसी वोट बैंक में सुखराम सिंह की अच्छी पकड़ है | वह अखिल भारतवर्ष यादव महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। ऐसे में चुनाव से पहले बीजेपी ओबीसी और यादव वोट बैंक में अच्छी पकड़ बनाना चाहती है | कानपुर शहर और देहात की लगभग सभी सीटों पर ओबीसी वोट बैंक अच्छी संख्या में है। वहीं, पूरे राज्य के ओबीसी वोट बैंक पर इसका असर होना तय है। अखिलेश यादव ने पार्टी की कमान में आने के बाद सुखराम सिंह की लगातार उपेक्षा की, वहीं प्रस्पा पार्टी बनने के बाद सुखराम सिंह भी शिवपाल के साथ मजबूती से खड़े थे |

मदरसा शिक्षक बनने के लिए अब पास करना होगा ये एग्जाम

लखनऊ : योगी सरकार 2.0 सत्ता में वापसी के साथ ही एक्शन मोड में आ गई हर विभाग को लेकर बदलावों के साथ ठोस कदम उठा रहे है | यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अब मदरसा शिक्षकों की भर्ती की व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रही है | उत्तर प्रदेश में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं के लिए होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) की तरह अब मदरसा शिक्षक पात्रता परीक्षा (MTET) का आयोजन होगा. अब प्रदेश के सरकारी मान्यता प्राप्त व अनुदानित मदरसों में अब मदरसा प्रबंधक सीधे अपने स्तर पर शिक्षकों की भर्ती नहीं कर सकेंगे. यह जानकारी मदरसा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. इफ्तेखार जावेद ने दी है |

भर्ती से पहले परीक्षा का आयोजन 

मदरसों में शिक्षकों की भर्ती से पहले उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन करेगा. यह परीक्षा लिखित होगी. मदरसा टीईटी में सफल अभ्यर्थियों के इंटरव्यू आदि प्रक्रिया के बाद नियुक्ति होगी. इस परीक्षा को उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षक परिषद कराएगा. एमटीईटी पास करने वाले अभ्यार्थी ही मदरसों में शिक्षक बन सकेंगे. दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार से अनुदानित मदरसों में शिक्षकों के पद भरने का अधिकार वहां की ही प्रबंध समिति के पास होता है और ज्यादातर प्रबंधक मदरसों में अपने रिश्तेदारों को ही तैनात कर लेते हैं.

उत्तर प्रदेश सरकार ने इसी वजह से मदरसा शिक्षकों की भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है. वहीं उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड ने भी एक और अहम फैसला लिया है. अनुदानित और मान्यता प्राप्त मदरसों में अब मोबाइल एप से भी पढ़ाई होगी. मदरसा बोर्ड ने इसके लिए एक एप तैयार कराया है. इस एप की लॉन्चिंग रमजान माह के बाद होगी. मोबाइल एप पर एनसीईआरटी के सभी पाठ्यक्रमों के साथ धार्मिक शिक्षा के कोर्स का मैटेरियल भी उपलब्ध होगा.

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शाहजहांपुर में युवती को भगा ले गया दरोगा, जानिए पुरा मामला क्या है?

शाहजहांपुर : शाहजहांपुर में एक महिला ने थाने के दरोगा पर बेटी को भगा ले जाने का आरोप लगाया है। पीड़िता कई बार थाने गई, लेकिन वहां पर उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। 2 दिन से SP ऑफिस के चक्कर काट रही है, लेकिन यहां पर पीड़िता किसी अधिकारी से नहीं मिल सकी। बीते गुरुवार को भी पहले पीड़िता SP के आवास पर गई। वहां से उसको SP ऑफिस भेज दिया गया, लेकिन यहां आकर फिर से उसको निराश होकर करीब 60 किमी दूर वापस घर जाना पड़ा। वहीं पुलिस के आला अधिकारी इस मामले की जानकारी होने से इनकार कर रहे हैं।

बता दें, खुदागंज थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने बताया, उसकी बड़ी बेटी को करीब 8 महीने पहले ससुरालवालों ने पीटकर घर से निकाल दिया था। थाने में शिकायत की तो एक दरोगा ने ससुरालवालों से समझौता कराकर बेटी को ससुराल वापस भेज दिया था। आरोप है, करीब 15 दिन पहले वही दरोगा घर पर आया। उसने बेटी के बारे में हालचाल पूछा, तभी उसकी नजर छोटी बेटी पर पड़ गई और उसकी नियत खराब हो गई।

आरोप है, दरोगा ने पड़ोस के एक युवक को लालच देकर मोबाइल छोटी बेटी के पास पहुंचवाया। उसके बाद से दरोगा छोटी बेटी से बात करने लगा। आरोप है, 7 अप्रैल को दरोगा छोटी बेटी को भगा ले गया। जब पीड़िता थाने पहुंची तो थाना प्रभारी ने कहा कि लड़की का पता लगाओ। जब बेटी नहीं मिले तो आना रिपोर्ट लिखी जाएगी।

दरोगा पर पीड़ित महिला का आरोप

12 अप्रैल को जब पीड़ित महिला थाने में दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने पहुंची तो थाना प्रभारी ने दरोगा से कहकर बेटी को थाने बुलवा लिया। बेटी ने थाना प्रभारी के सामने कहा कि उसको मोबाइल दरोगा ने दिया था और उसको दरोगा ही भगाकर ले गया था। दरोगा को फंसता देख और खाकी को बदनाम होने से बचाने के लिए थाना प्रभारी ने बेटी के अनपढ़ साबित होने का फायदा उठाकर उसी दिन तहरीर से दरोगा का नाम हटाकर किसी अजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। उसके फौरन बाद पुलिस ने बेटी को मेडिकल के लिए भेज दिया। आरोप है कि पुलिस ने बेटी से मिलने नहीं दिया।

पीड़िता थाने में तहरीर लेकर पहुंची तो वहां पर तहरीर में दरोगा का नाम देखकर थाना प्रभारी ने दरोगा का नाम हटा दिया। बीते बुधवार को दरोगा की करतूत की शिकायत करने के लिए पीड़ित महिला SP ऑफिस आई थी। पूरा दिन इंतजार करने के बाद भी वह किसी अधिकारी से मिल नहीं पाई। बीते गुरुवार को करीब 60 किलोमीटर दूर से SP से गुहार लगाने आई पीड़िता को जब SP नहीं मिले तो वह उनके आवास पर पहुंच गई।

वहां पीड़िता से कहा गया कि SP साहब ऑफिस पहुंचे हैं। पीड़िता जब SP ऑफिस आई तो वहां उसको कई घंटे इंतजार करना पड़ा, लेकिन कई घंटे तक इंतजार करने के बाद भी पीड़िता किसी भी अधिकारी से नहीं मिल सकी। सीओ तिलहर अरविंद कुमार ने बताया, एक लड़की भागी थी। उसकी मां ने थाने में तहरीर दी थी। उसकी तहरीर के आधार पर एक युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। वहीं दरोगा पर भगा ले जाने के आरोप की जानकारी नहीं है।

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अंबेडकर जयंती पर युवकों ने शराब के ठेकों में लगा दी  आग ,जानिए पूरा मामला

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में कुछ युवकों ने शराब के ठेकों में आग लगा दी | अरन्या क्षेत्र के ग्राम गंगावली में शराब न मिलने से नाराज कुछ युवकों ने शराब के ठेके में आग लगा दी | इस दौरान शराब के ठेकों के पास खड़ी बाइक और कार जलकर राख हो गई | बताया गया है कि जिला प्रशासन के निर्देश पर अंबेडकर जयंती पर शराब के ठेके बंद कर दिए गए थे. गांव के कुछ युवक ठेका खोलकर शराब खरीदना चाहते थे।

सेल्समैन को बुलाया लेकिन उसने ठेका खोलने से इनकार कर दिया और इसके बाद ग्रामीण युवकों ने देशी शराब के ठेके में आग लगा दी. हालांकि स्थानीय पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस के मुताबिक पीड़ित सेल्समैन और दुकान मालिक ने एक दर्जन अज्ञात लोगों के खिलाफ अरन्या थाने में मामला दर्ज किया है. जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. फिलहाल गांव में पुलिस लगातार मुस्तैद है | जल्द ही सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

क्योंकि ग्रामीण युवकों द्वारा शुरू की गई आग से ठेके में रखी शराब व पास में खड़ी गाड़ियां जलकर राख हो गई हैं | इससे पहले 14 अप्रैल को भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर पूरे उत्तर प्रदेश में देशी शराब, अंग्रेजी शराब, बीयर और भांग की दुकानें बंद रखने की घोषणा की गई थी. शराब के सभी ठेके आज बंद बताए गए।

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युद्ध के दौरान रूस के रक्षा मंत्री को हुआ दिल का दौरा

डिजिटल डेस्क: वह पिछले कुछ दिनों से नहीं देख रहा था। रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु एक गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। उसे दिल का दौरा पड़ा है। और सूत्रों के मुताबिक, वह सामान्य कारणों से बीमार नहीं हुए। इसके पीछे एक और कारण है। वास्तव में, रूस अभी तक यूक्रेन के साथ युद्ध में इतना सफल नहीं हुआ है। रूस-यूक्रेन युद्ध के डेढ़ महीने से अधिक समय के बाद, कीव पर कब्जा नहीं किया जा सका। इसलिए उनके करीबी कमांडर और सलाहकार पुतिन के साथ हैं। माना जा रहा है कि रूसी रक्षा मंत्री ऐसा करने की स्थिति में हैं।

पुतिन के साथ उनके 2012 से अच्छे संबंध हैं। लेकिन अब स्थिति बदल गई है। रूस-इजरायल के एक कारोबारी का दावा है कि फिलहाल पुतिन के साथ संबंध अच्छे नहीं हैं। इनमें शोइगुओ भी शामिल है। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो गई है। इसमें रूसी राष्ट्रपति को रक्षा मंत्री और अन्य लोगों के साथ बैठक में बैठे हुए दिखाया गया है। वाकीभल महल को लगता है कि फिल्म में उनकी बॉडी लैंग्वेज से रिश्ते के बिगड़ने को समझा जा सकता है। इस बीच, यह बताया जा रहा है कि पुतिन के आदेश पर युद्ध जीतने में विफल रहने के लिए 20 रूसी जनरलों को गिरफ्तार किया गया है।

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यूक्रेन में रूस के साथ युद्ध को ढाई महीने बीत चुके हैं। वह लड़ाई अभी तक सुलझी नहीं है। ऐसे में पुतिन पर दबाव है। इस बीच, रूस स्वीडन और फिनलैंड के नाटो सैन्य गठबंधन में शामिल होने की संभावना पर भी विचार कर रहा है। मॉस्को ने कहा है कि अगर दोनों देश नाटो में शामिल होते हैं तो रूस परमाणु हथियार तैनात करेगा। साथ ही, उन्होंने बाल्टिक सागर में भूमि, नौसेना और वायु सेना को मजबूत करने का फैसला किया है।

ATS ने पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया, आरोपी मुर्तजा पर UAPA लगाने की तैयारी

लखनऊ. 3 अप्रैल को गोरखनाथ मंदिर पर हुए हमले के मामले में यूपी एटीएस ने गोरखपुर से पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है. हिरासत में लिए गए सभी लोग कट्टरपंथी बताए जा रहे हैं, साथ ही इन्हें हमले के मुख्य आरोपी मुर्तजा अब्बासी की हर गतिविधि की जानकारी थी. उधर एटीएस की पूछताछ में मुर्तजा ने कई अहम खुलासे किये हैं, साथ ही यह भी कबूला है कि उसने गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात पीएसी के जवानों पर बांके से क्यों हमला किया। फिलहाल एटीएस ने मुर्तजा के खिलाफ यूएपीए एक्ट यानी गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली है. जिसके बाद नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी को मामले की विवेचना सौंप दी जाएगी.

मुर्तजा अब्बासी (Murtaza Abbasi) ने एटीएस को पूछताछ में बताया कि वह चाहता था कि देश में शरिया कानून लागू हो जाये. गोरखनाथ मंदिर पर बांके से हमला करने की मुख्य वजह क्रूरता को दिखाना था. यह भी मंशा थी कि गोरखनाथ मंदिर पर हमला से हाइप क्रिएट की जाए ताकि इसकी चर्चा बड़े स्टार पर हो. मुर्तजा ने पूछताछ में बताया कि विदेश में बैठे आकाओं ने ही बम के बजाए बांके या चापड़ से हमला करने के निर्देश दिए थे. यही नहीं मुर्तजा ने अपने लैपटॉप और मोबाइल फोन से कई अहम जानकारी डिलीट करने की बात भी क़ुबूल की है.

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मुर्तज़ा पर UAPA लगाने की तैयारी पूरी

इस बीच एटीएस ने मुर्तजा पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी Unlawful Activities (Prevention) Act लगाने की तैयारी भी पूरी कर ली है. UAPA लगने के बाद गोरखनाथ मंदिर हमले की विवेचना NIA को सौंप दी जाएगी. बता दें कि UAPA के तहत पुलिस ऐसे अपराधियों या संदिग्धों को चिन्हित करती है जो आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होते हैं, आतंकी गतिविधियों के लिए लोगों को प्रोत्साहित करते हैं या फिर ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं. ऐसे मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी के पास काफी शक्तियां होती है.

यूपी बीजेपी की किसे मिलेगी कमान? प्रदेश अध्यक्ष पद की रेस में ये नाम सबसे आगे

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की सत्ता पर बीजेपी लगातार दूसरी बार काबिज हो चुकी है. योगी सरकार 2.0 के मंत्रिमंडल में स्वतंत्र देव सिंह के शामिल किए जाने के बाद बीजेपी अब नए प्रदेश अध्यक्ष की तलाश में जुट गई है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के कैबिनेट मंत्री बनने के बाद अब जोर-शोर से संगठन की कमान किसी नए चेहरे को दिए जाने की चर्चा है. वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के पद पर किसको बैठाया जाए, इसे लेकर आज फैसला किया जा सकता है.

स्वतंत्रदेव सिंह के मंत्री बनने के बाद अब बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष के नामों पर भी चर्चा शुरू हो गई है. जिन नामों की अटकलें लगाई जा रही हैं उसमे श्रीकांत शर्मा, लक्ष्मीकांत वाजपई और दिनेश शर्मा शामिल हैं. इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में अब बीजेपी का अगला प्रदेश अध्यक्ष वही बनेगा जो बीजेपी और पीएम मोदी के 2024 के एजेंडे पर खरा उतरने का काम करेगा. ऐसे में इन तीनों में से किस पर भरोसा जताया जाएगा. यह देखने वाली बात होगी.

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अध्यक्ष पद की रेस में श्रीकांत शर्मा और महेश शर्मा के अलावा कन्नौज से बीजेपी सांसद सुब्रत पाठक और बीजेपी एमएलसी अनूप गुप्ता का नाम भी चल रहा है.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूर्वी उत्तर प्रदेश से आते हैं और क्षत्रिय हैं. इसके अलावा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ओबीसी चेहरा और सेंट्रल यूपी से आते हैं. वहीं दूसरे डिप्टी सीएम बृजेश पाठक अवध क्षेत्र के हैं और ब्राह्मण हैं. ऐसे में पार्टी नेतृत्व पश्चिम और ब्रज की सियासत साधने के लिए इन क्षेत्रों से किसी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है. इसी वजह से प्रदेश अध्यक्ष पद की रेस में सुब्रत पाठक का भी नाम चल रहा है.

 

जोधपुर में कुलदेवी की दर्शन से पहले मौत का मातम

जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर जिले में गुरुवार-शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे दर्दनाक हादसा हो गया. हादसे में छह लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। बिलाड़ा थाना क्षेत्र में ट्रेलर और बोलेरो की टक्कर के दौरान हादसा हुआ. टक्कर इतनी खतरनाक थी कि बोलेरो में विस्फोट हो गया। घटना की खबर मिलते ही बिलदा थाना प्रभारी अचल दान अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मुर्दाघर में रखवाया।

सूत्रों के अनुसार चूरू निवासी विजय सिंह व उनका परिवार जयपुर से जोधपुर अपने परिवार की देवी नागनेची माता के दर्शन करने आ रहा था। बोलेरो से पूरा परिवार निकल गया। जब उनकी कार बिलारा थाना क्षेत्र में पहुंची तो सामने से एक ट्रक जा रहा था. सिंह परिवार का बोलेरो ट्रक के पिछले हिस्से में जा गिरा। कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि बोलेरो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

इस खतरनाक हादसे में एक मासूम समेत कुल 6 लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 20 वर्षीय उदय प्रताप सिंह पुत्र चैन सिंह निवासी चुरू, मंजू कंवर की पत्नी पवन सिंह, प्रवीण सिंह पुत्र पवन सिंह, 6 वर्षीय आइना कवर पुत्री बीरेंद्र सिंह तंवर, 19 वर्षीय मधु के रूप में हुई है. कवर की बेटी चैन सिंह तंवर और चैन सिंह। लेकिन उनके बेटे समुंदर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में 39 वर्षीय मंजू कंवर की पत्नी चैन सिंह तंवर, पवन सिंह का बेटा समुद्र सिंह और विजय सिंह का बेटा पवन सिंह घायल हो गए. उसे जोधपुर रेफर कर दिया गया है। घायलों की हालत अब स्थिर है।

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घायलों से मिले कलेक्टर-एसपी

हादसे की खबर मिलते ही जिला कलेक्टर हिमांशु गुप्ता व ग्रामीण एसपी अनिल कयाल मथुरादास ने माथुर अस्पताल पहुंचकर घायलों से घटना की जानकारी ली. उनके ठीक होने के बारे में पूछा। उन्होंने डॉक्टरों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि इलाज में कोई कमी न हो। जिलाधिकारी ने मीडिया को बताया कि घायलों की हालत अब स्थिर है. वह सुरक्षित है। एसपी अनिल कयाल ने कहा कि हादसा कैसे हुआ इस बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। देर रात ट्रेलर को जब्त कर लिया गया।

आज इस्तीफा दे सकते हैं कर्नाटक के मंत्री केएस ईश्वरप्पा

बेंगलुरु: कर्नाटक के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री केएस ईश्वरप्पा कर्नाटक के ठेकेदार संतोष पाटिल की आत्महत्या के बाद आज इस्तीफा देने वाले हैं। उन्होंने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा, “मैंने इस्तीफा देने का फैसला किया है क्योंकि मैं इस स्थिति में मेरी मदद करने वाले लोगों को अजीब स्थिति में नहीं रखना चाहता, जैसे कि पार्टी के वरिष्ठ नेता और हमारे मुख्यमंत्री बसवराज बोमई। हां,” उन्होंने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा।

कर्नाटक के ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री केएस ईश्वरप्पा पर 40 फीसदी कमीशन की मांग करने का आरोप लगा है. आरोपी ठेकेदार मंगलवार सुबह उडुपी के एक लॉज में मृत पाया गया।आत्महत्या करने वाले पाटिल ने खुद को भाजपा का कार्यकर्ता बताया। उसने 30 मार्च को शिकायत की थी कि वह आरडीपीआर विभाग में नौकरी करता है और वेतन चाहता है। लेकिन ईश्वरप्पा 4 करोड़ रुपये के काम के लिए 40 प्रतिशत कमीशन चाहते थे।

आरोप है कि पाटिल ने कुछ मीडिया आउटलेट्स को कुछ संदेश भेजे। जहां यह आरोप लगाया गया कि वह आत्महत्या कर रहा था और उसकी मौत के लिए ईश्वरप्पा जिम्मेदार था।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, संतोष के पाटिल का शव बेलगावी जिले के एक निजी लॉज के एक कमरे में मिला था। पुलिस ने कहा कि आत्महत्या के समय बगल के कमरे में उसके दोस्त थे।विपक्षी दलों ने कहा है कि वे उपचुनाव में नहीं लड़ेंगे। आम आदमी पार्टी की कर्नाटक इकाई (आप) ने गुरुवार को ठेकेदार संतोष पाटिल की मौत के मामले में राज्य मंत्री केएस ईश्वरप्पा की तत्काल गिरफ्तारी और जांच की मांग की।

जांच के आधार पर होगी कार्रवाई

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोमई ने गुरुवार को ग्रामीण विकास और पंचायती राज (आरडीपीआर) मंत्री के.एस. तब तक, ईश्वरप्पा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। जब तक प्रारंभिक जांच पूरी नहीं हो जाती। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतोष पाटिल की कथित आत्महत्या के मामले की गहन जांच की जाएगी और सच्चाई सामने आएगी. सरकार प्रारंभिक जांच के आधार पर ईश्वरप्पा के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला करेगी।वहीं, ईश्वरप्पा ने इससे पहले इस मामले पर बयान दिया था और कहा था कि उनकी आत्महत्या की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस्तीफे का कोई सवाल ही नहीं है। मैंने संतोष पाटिल के खिलाफ जो केस दायर किया है, उसमें हमें कोर्ट के फैसले का इंतजार करना होगा।”

ईश्वरप्पा ने यह भी कहा कि वह विपक्ष के दबाव में इस्तीफा नहीं देंगे। शव के पास कोई डेथ नोट नहीं मिला। हालांकि ईश्वरप्पा अब इस्तीफा देने के लिए तैयार हो गए हैं।सूत्रों के मुताबिक, वह बीजेपी आलाकमान के दबाव में इस्तीफा देने के लिए तैयार हो गए हैं। भाजपा आलाकमान ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया था कि पार्टी की भ्रष्टाचार विरोधी छवि को बचाने के लिए ईश्वरप्पा को इस्तीफा दे देना चाहिए।भाजपा आलाकमान के निर्देश पर मंत्री ईश्वरप्पा आज मुख्यमंत्री को अपना त्याग पत्र सौंप सकते हैं।

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प्रयागराज में दो पुलिसकर्मियों को नशे में गाड़ी चलाना पड़ा महंगा

प्रयागराज : संगम नगरी प्रयागराज के यमुनापार इलाके में नशे में धुत होकर दो पुलिसकर्मियों को गाड़ी चलाना और पास में अवैध पिस्टल रखना महंगा पड़ गया. इस संबंध में एएसपी प्रशिक्षु और थाना प्रभारी घूरपुर चिराग जैन (IPS) ने दो पुलिसकर्मियों समेत तीन लोगों को आर्म्स एक्ट में कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया. वहीं घटना की जानकारी एसएसपी अजय कुमार को हुई तो उन्होंने दोनों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया.

पुलिस के मुताबिक गुरुवारा देर रात एएसपी व घूरपुर थाना प्रभारी व (ट्रेनी आईपीएस) चिराग जैन अपनी टीम के साथ वाहनों की जांच कर रहे थे. इस दौरान उन्हें चित्रकूट – प्रयागराज मार्ग पर तेज तेज रफ्तार में गाड़ी नजर आई. घेराबंदी के बाद गाड़ी को रोका गया तो उसमे सवार तीन लोग नशे में धुत मिले. तलाशी के दौरान इनके पास से 0.32 बोर की देशी पिस्टल बरामद हुई है.

नशे में धुत होकर गाड़ी चलाने और अवैध पिस्टल रखने के संबंध में जब एएसपी चिराग जैन ने उनसे पूछताछ की तो वह उनसे वह उलझ गए. आरोपी आरक्षी कुशल द्विवेदी और आरक्षी मोहम्मद आरिफ ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए अपनी तैनाती कोतवाली में बताई. हालांकि, बाद में दोनों ने अपनी गलती मानते हुए छोड़ने की गुहार लगाई. लेकिन एसपी चिराग जैन ने मामले में सख्ती बरतते हुए दोनों आरक्षी और एक अन्य व्यक्ति को जेल भेज दिया.

जेल भेजे गए कुशल द्विवेदी और मोहम्मद आरिफ सिद्दीकी 2011 बैच के आरक्षी है. दोनों को मृतक आश्रित कोटे से पुलिस महकमे में नियुक्ति मिली थी. दोनों वर्तमान में थाना कोतवाली पर तैनात थे. कुशल द्विवेदी बांदा जिले का और मोहम्मद आरिफ सिद्दीकी फतेहपुर जिले के निवासी बताए जा रहे है.

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एसएसपी ने पहले ही दिए है सख्त निर्देश
एसएसपी प्रयागराज ने इस संबंध में कहा कि आपराधिक प्रवृत्ति के पुलिसकर्मियों, अपराधियों से साठ-गांठ रखने वाले, महिलाओं, नाबालिग बच्चियों तथा बच्चों से संबंधित मामलों में जान बूझकर लापरवाही, आलस्य, ढुलमुल रवैया बरतने वाले पुलिस अधिकारियों / कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की नीति जारी रहेगी. किसी भी दोषी को क़तई बख़्शा नहीं जाएगा.