Monday, April 20, 2026
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आज का दिन कैसा रहेगा, जानने के लिए देखिए आज का पंचांग नक्षत्र का जिक्र

ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का बहुत महत्व है । पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं। आज 18 अप्रैल सोमवार(Monday) का दिन है। वैशाख (vaishakh) की कृष्ण पक्ष द्वितीया 07:23 PM तक उसके बाद तृतीया है। सूर्य मेष राशि पर योग- हर्षण -, करण- विष्टि और बव चैत्र मास है, आज का दिन बहुत ही शुभ फलदायक है। देखिए आज का पंचांग…

देखिए आज का पंचांग

आज नक्षत्र का जिक्र 18 अप्रैल का पंचांग हिन्दू मास एवं वर्ष शक सम्वत- 1943 प्लव विक्रम सम्वत- 2078 आज की तिथि तिथि-द्वितीया 07:23 PM तक उसके बाद तृतीया आज का नक्षत्र-स्वाती 05:34 AM तक उसके बाद विशाखा 03:39 AM, Apr 19 तक आज का करण- गर और वणिज आज का पक्ष- कृष्ण पक्ष आज का योग-सिद्धि और व्यातीपात आज का वार- सोमवार आज सूर्योदय- सूर्यास्त का समय (Sun Time) सूर्योदय-6:07 AM सूर्यास्त-6:44 PM आज चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय ( Moon Time) चन्द्रोदय-8:37 PM चन्द्रास्त-7:51 AM सूर्य – सूर्य मेष राशि में है। आज चन्द्रमा की राशि (Moon Sign)

चन्द्रमा-10:08 PM तक तुला राशि उपरांत वृश्चिक राशि पर संचार करेगा दिन-सोमवार माह- वैशाख व्रत- नहीं आज का शुभ मुहूर्त (Today Auspicious Time) अभिजीत मुहूर्त-12:01 PM से 12:51 PM अमृत काल-07:33 PM – 09:01 PM ब्रह्म मुहूर्त- 04:31 AM – 05:19 AM आज का शुभ योग (Aaj Ka Shubh Yoga) सर्वार्थ सिद्धि योग- 03:39 AM, Apr 19 से 05:32 AM, Apr 19 रवि पुष्य योग -नहीं है अमृतसिद्धि योग-नहीं है त्रिपुष्कर योग-नहीं है द्विपुष्कर योग-नहीं है अभिजीत मुहूर्त-12:01 PM से 12:51 PM आज का अशुभ समय( Today Bad Time) राहु काल-07:42 AM से 09:17 AM तक कालवेला / अर्द्धयाम-09:49AM से 10:40AMतक दुष्टमुहूर्त-12:51 PM से 01:42 PM, 03:22 PM से 04:13 PM यमगण्ड–10:51 AMसे12:26 PM भद्रा- नहीं है गुलिक काल-13:33PM से 15:09PM तक गंडमूल- नहीं है

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शातिर अपराधी पवन सिंह की सपंत्ति को पुलिस ने किया कुर्क

अमेठी: राजेश सोनी : प्रदेश में भाजपा की ऐतिहासीक जीत के बाद सरकार अपराधीयों पर शिकंजा कसना शुरु किया है। जो अभी भी जारी है। पुरे प्रदेश में अपराधीयों की संपत्ति को कुर्क किया जा रहा है साथ ही अबैध निर्माणों पर बुलडोजार चलाया जा रहा है।  ऐसे ही एक मामला जनपद अमेठी के हैं। जहां दोहरे हत्याकांड समेत कई मामलों में फरार चल रहे शातिर अपराधी पवन सिंह की सपंत्ति को पुलिस ने कुर्क किया है।

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बुलडोजर लेकर गांव पहुँची पुलिस ने मुनादी कराकर घर और खेत को कुर्क किया।घर के बाहर पड़े कीमती सामानों को भी पुलिस ने थाने भिजवाया। जमीनी विवाद में 6 महीने पूर्व हुए  दोहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी है फरार अपराधी पवन सिंह।

हथियारों व लग्जरी गाड़ियों का जखीरा मिला था

गोरखनाथ के नथमलपुर का रहने वाला पवन सिंह शहर का एक चर्चित शख्स है। इस व्यक्ति पर आरोप है कि वह और उसके भाई अमित उर्फ मोनू ने खोराबार क्षेत्र के रहने वाले करीब 35 लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये हड़पे हैं। मामला 2014 का है। पीड़ित सच्चिदानंद सिंह की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। पीड़ित पक्ष के अनुसार सहजनवा के गीडा क्षेत्र में एक कॉलोनी विकसित करने के लिए पवन सिंह ने कुछ लोगों संग करार किया।

करीब 35 लोग इस प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए जुड़े और करीब डेढ़ करोड़ की रकम आरोपियों के खाते में जमा की गई। लेकिन पीड़ित पक्ष का आरोप है कि प्रोजेक्ट पर काम करने के बजाय उसने धोखाधड़ी शुरू कर दी। फर्जी तरीके से जमीन अपने नाम करा ली और धीरे से उस जमीन की प्लाटिंग करा दी। फिर देखते ही देखते इन जमीनों को बेचना शुरू कर दिया। पीड़ित पक्ष ने बताया कि जब वह लोग आपत्ति करते तो वह बहाने बनाता तो कभी धमकाता। बारबार कहने के बाद भी न तो जमीन में हिस्सा ही दे रहा न उन लोगों के पैसे ही लौटा रहा।

शाही जीवन शैली केलिए रहा है चर्चित

पवन सिंह गोरखनाथ क्षेत्र का रहने वाला है। पहली बार उसका नाम एक छात्र नेता के रूप में सबके सामने आया लेकिन कुछ ही दिनों में उसकी लक्जरी लाइफ। एक से एक महंगी गाड़ियों का शौक सबको आकर्षित करने लगा। उसके आय का स्रोत क्या है यह तो स्पष्ट नहीं है लेकिन फेसबुक पर उसके फोटोज देख उसके शाही जीवन शैली को समझा जा सकता है। चुनाव के दौरान अपने क्षेत्र के अलावा कई जिलों में उसके पोस्टर और प्रचार भी उसका लोगों तक अपनी पहचान बनाने का एक तरीका रहा। अभी योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने पर अखबारों से लेकर शहर के विभिन्न हिस्सों में उसके बड़े बड़े होर्डिंग लगे थे। यही नहीं कई मामलों में उसपर केस भी दर्ज है।

ट्रोलिंग की बीमारी : विरोध के नाम पर अपमान, क्या यही है सभ्यता ?

संपादकीय : भेड़िये ने मेमने से कहा, “यदि यह तुम्हारे लिए नहीं होता, तो तुम्हारे पिता ने पानी को गंदा कर दिया होता।” लेकिन हम अपने अंदर बैठे बाघ का पीछा नहीं कर पाए। बाघ अक्सर अपनी वीरता दिखाने के लिए खरोंच और खरोंच से बाहर निकलता है। लेकिन समय के साथ, यह बदलने की संभावना है। आधुनिक बाघ व्यवहार में कुछ हद तक लोमड़ी की तरह होते हैं, जब एक शुरू होता है, तो चारों तरफ से दूसरे एक साथ धोते हैं। इस सामूहिक उत्पीड़न को डिजिटल शब्दों में ‘ट्रोलिंग’ कहा जाता है और इस शैली के धारकों और वाहकों को ‘ट्रोल्स’ कहा जाता है।

यहाँ बाघ या लोमड़ी शब्द वीर या कायर बीमारी नहीं हैं, केवल व्यवहार में कुछ हद तक समान हैं। किसी भी विवादास्पद घटना में एक पक्ष या दूसरे का समर्थन करना लोगों की लगभग स्वाभाविक प्रतिक्रिया है। लेकिन सूत्र के मुताबिक, जब किसी व्यक्ति पर समूह में हमला किया जाता है और हमलावर शालीनता की सीमा से आगे निकल जाते हैं

और उस व्यक्ति या उसके परिवार के प्रति अपमान, उपहास और यहां तक ​​कि घृणा भी व्यक्त करते हैं,तो उसे ट्रोलिंग के अलावा कुछ नहीं कहा जा सकता है। दूसरे शब्दों में, जो कभी ‘चिढ़ा’ या ‘बदमाशी’ था, वह इंटरनेट पर ट्रोल बीमारी हो रहा है, जो वास्तव में विरोध की आड़ में किसी का अपमान करने का एक तरीका है। इसे आसानी से सामाजिक विकार कहा जा सकता है।

जानिए पूरी बात

मुझे याद है ठीक दो साल पहले, कोरोना के पहले चरण में, इस शहर का एक युवा प्रवासी कोरोना लेकर घर लौटा था। मीडिया ने उनका (केवल) नाम गुप्त रखा और अन्य जानकारी विस्तार से दी। ट्रोल्स ने तुरंत अपना काम शुरू कर दिया; उनसे अनजान, लड़के को ‘अमीरों द्वारा बिगाड़ा हुआ लड़का’ करार दिया गया था और लड़के और उसकी माँ के नाम और तस्वीरें विभिन्न स्रोतों से मिलीं और सोशल मीडिया पर प्रचारित की गईं।

कुछ दिनों पहले एक कथाकार ने एक कवि के खिलाफ कुंभिलक की शिकायत की, और कवि पर ट्रोल फोर्स उछल पड़ी। क्योंकि, उसकी जान पहचान ज्यादा है। उसका अपमान करने में कितना मज़ा आता है। नतीजतन, सामाजिक कार्यकर्ता, जिसने दोनों में से कोई भी लेख नहीं पढ़ा, ने कवि के प्रोफाइल को ‘चोर’ और ‘चोरी विज्ञान’ जैसी अच्छी सलाह से भर दिया। कहानीकार भी एक अलग ट्रोल-पीड़ित बन गया। यह एक शुद्ध ट्रोल का एक उदाहरण है।

जैसे-जैसे वायरस बीमारी विकसित हुआ है, वैसे-वैसे ट्रोल-कलाकार भी हैं। जो हुआ उसके बारे में शास्त्रीय ट्रोल एकतरफा दृष्टिकोण रखते हैं। लेकिन बदले हुए ट्रोल्स ने किसी भी घटना को रोकने के लिए कुछ लोगों को चुनना और गाली देना शुरू कर दिया है।

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 डिजिटल डेस्क : मृत्यु के बाद मानव शरीर का क्या होता है? कुछ धर्मों में, चीते की लपटों से लाशें जलकर राख हो जाती हैं। फिर से किसी भी धर्म में शरीर को दफनाया जाता है। किसी अन्य धर्म में सजे हुए ताबूत में शरीर को स्थान मिलता है।लेकिन उन सभी लोगों का क्या होता है जो बचपन से ही बेघर या पहचानहीन जीवन जी रहे हैं? अंत्येष्टि कभी-कभी सरकारी सहायता से की जाती है। कभी-कभी इसे कोल्ड स्टोरेज में बंजर लाश के रूप में रखा जाता है।

लेकिन हुआ वही। उस व्यक्ति का नाम एल्मर मैककार्डी था। एल्मर एक ऐसा व्यक्ति था जिसने अपने जीवनकाल में अपनी आपराधिक गतिविधियों के लिए कुख्याति प्राप्त की। लेकिन उनकी मृत्यु के बाद उन्हें प्रसिद्धि मिली।1911 में एल्मर की मृत्यु हो गई। लेकिन 1967 तक उनका शरीर कई लोगों की रोजी-रोटी का जरिया बन चुका था।

1880 में पैदा हुआ। वह एक अनाथ था। अपने चाचाओं और मौसी के घर मेन, यूएसए में जन्मे। वह अपनी युवावस्था में ड्रग्स के आदी भी हो गए थे। कई बैंकों और ट्रेनों ने लूट का प्रयास किया। कुछ मामलों में सफल लेकिन ज्यादातर मामलों में असफल। 1911 में एक शराबी और बीमार एल्मर को किसी न किसी ने सीने में गोली मार दी थी। उन शॉट्स में उनकी मौत हो गई।जीवन की तरह मौत के बाद भी एल्मर अकेला था। कोई परिजन शव लेने नहीं आया। हालांकि, मुर्दाघर के मुखिया जोसेफ एल जॉनसन ने उनके शरीर की कमान संभाली।

जानिए पूरी बात

एल्मर के शरीर को आर्सेनिक युक्त इत्र से ढककर ममी की तरह संरक्षित करने का निर्णय लिया गया।हालांकि, जोसेफ ने इस लाश के साथ कारोबार शुरू किया। जोसेफ ने जिज्ञासु जनता को एल्मर की सुगंधित संरक्षित लाश दिखाने का फैसला किया। एल्मर के शरीर को देखने के अवसर के साथ, उन्होंने जनता से प्रवेश शुल्क के रूप में पैसा लेना शुरू कर दिया। आगंतुकों को एल्मर के जमे हुए शरीर को पांच सेंट के लिए देखने का मौका मिलता है।जब यह बात सामने आई, तो कुछ बेईमान व्यक्तियों ने एल्मर के शरीर के साथ व्यापार शुरू करने की कोशिश की। कुछ लोग सफल होते हैं।

1916 में कुछ लोग एल्मर के भाई बनकर वहां पहुंचे। प्रच्छन्न पुरुष एल्मर के शरीर को उसकी मां के पास ले जाने के लिए भाग गए। लेकिन मुर्दाघर छोड़ने के तुरंत बाद, ठगों के गिरोह ने एल्मर के शरीर पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मृत एल्मर के शव के साथ फिर से कारोबार शुरू हुआ।

इसके बाद भी कई लोगों के हाथों ने एल्मर के शरीर को बदल दिया। एल्मर के शरीर का उपयोग लॉस एंजिल्स संग्रहालयों, सर्कस, कार्निवल प्रदर्शनियों और भूत फिल्मों में “प्रोप” के रूप में किया जाता है।कई बार हाथ मिलाने के बाद, एल्मर को अंततः लाफ इन द डार्क नाम के एक मनोरंजन पार्क में जाने का रास्ता मिल गया। वहां उनके शव को ‘द थाउजेंड ईयर ओल्ड मैन’ नाम के एक पेड़ से लटका दिया गया था। उसका शरीर भी काले रंग से ढका हुआ था।

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 डिजिटल डेस्क : बिल्ली का नाम अनास्तासिया है। आयु 17 एक बूढ़ी औरत के रूप में। उसका एक ही दोष है कि वह अपने पुराने ‘घर’ को छोड़कर कहीं नहीं जाएगा।डोब्रोवनिक पैलेस क्रोएशिया का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। वह महल अनास्तासिया का ‘घर’ है। कई बार कई पर्यटक उसे आश्रय देना चाहते थे। वह भी अपने साथ ले गया। लेकिन अनास्तासिया बार-बार महल में अपने पुराने घर लौट आई है।

अनास्तासिया के महल से प्रभावित होकर, पहरेदारों ने उसे महल के अटारी में रहने की व्यवस्था की। बूढ़ी बिल्ली को पसंद के गत्ते के डिब्बे में एक स्थायी घर मिला। लेकिन महल के अंदर संग्रहालय के अधिकारियों को छोड़ दिया गया था। उन्होंने बिल्ली को महल से हटाने का आदेश देकर बताया कि इस पारंपरिक महल में कुछ भी नहीं किया जा सकता है जो महल की प्राकृतिक सुंदरता को खराब करता है।

बिल्ली के प्रति उत्साह

अनास्तासिया को तब छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था। लेकिन आखिरी वक्त पर बिल्ली को प्यार करने वाला आर्किटेक्ट उसे खतरे से बचाने आया। उसने महल की वास्तुकला के अनुरूप अनास्तासिया के लिए एक छोटा सा घर बनवाया। जो महल के चीले में फिट हो जाएगा। ऐसा लगता है कि यह महल का हिस्सा है। वास्तुकार ने बिल्ली के घर में अनास्तासिया नाम की एक पट्टिका भी लगाई। लेकिन यह काम नहीं किया। संग्रहालय के अधिकारियों ने कहा कि संग्रहालय और महल एक पारंपरिक क्षेत्र है। यह घर बनाने या किसी को आश्रय देने की जगह नहीं है। नतीजतन, अनास्तासिया को महल से निकाल दिया गया था।

लेकिन खबर मिलते ही डोबरोविच पैलेस में पर्यटकों और स्थानीय लोगों में कोहराम मच गया। महल के कल्याण के लिए बिल्ली कई लोगों के लिए जानी जाती थी। उनके खोने की खबर से हर कोई चिंतित था। 12,000 लोगों ने बिल्ली को महल में रखने के लिए याचिका पर हस्ताक्षर किए।

अनास्तासिया के लिए महल के अनुकूल घर बनाने वाले वास्तुकार द्वारा भी हस्ताक्षर किए गए। संग्रहालय के अधिकारियों को बताया गया है कि वे एक बिल्ली को आश्रय देने की बात कर रहे हैं, न कि 60 बिल्लियों को।लोगों के बिल्ली के प्रति उत्साह से संग्रहालय के अधिकारी अभिभूत हैं। हालांकि ताजा खबरों की मानें तो अनास्तासिया अभी तक अपने घर नहीं लौटी हैं।

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अमेठी : अवैध खनन में लगी ट्राली के ड्राइवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

राजेश सोनी,अमेठी :  फुरसतगंज (अमेठी) फुरसतगंज थाना क्षेत्र के तेंदुवा पूरे बाबू गांव के पास शनिवार रात  लालबहादुर के खेत मे चल रहे अवैध खनन में लगी ट्रेक्टर ट्राली पर मिली संदीप यादव की लाश है।मृतक संदीप यादव पुत्र जग प्रसाद 21 वर्ष ब्रहमनी ग्राम पंचायत महरनिया गांव का रहने वाला था। एक सप्ताह पहले दिल्ली से घर आया था। पिता भी सोनारगांव के पास हाइवे  स्थित तिरंगा ढाबे पर मजदूरी करता था।

जगप्रसाद के चार पुत्रो में संदीप सबसे बड़ा था। पिता ने बताया कि जब मालिक ने बताया तो हम भाग कर गए तो बेटा हमारा सीट पर बैठा था शरीर गरम था । अस्पताल लाते समय रास्ते मे हमारे हाथी जैसे बेटे ने दम तोड़ दिया।खबर सुनते ही मृतक के घर देखने वालों का तांता लग गया। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी फुरसतगंज मनोज कुमार सोनकर ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम को भेजा। जगप्रसाद के तीन बेटे और है सूरज सतीश सत्यम व एक बेटी पत्नी सहित परिवारीजनों का रो रो कर बुरा हाल है.

अवैध रेत उत्खनन की सूचनी मिली थी

जिला खनिज अधिकारी शशांक शुक्ला ने बताया कि खोजनपुर के करबला रेत खदान पर एनजीटी के प्रतिबंध के बावजूद रेत की अवैध उत्खनन और परिवहन की सूचना मिली थी. सूचना मिलने पर पुलिस बल के साथ संयुक्त कार्यवाही के लिए गए थे. करवाई और लिखा पढ़ी कर ही रहे थे. इसी बीच अनवर बेग नामक युवक ट्रैक्टर ट्राली लेकर भाग गया. अनवर के खिलाफ मध्य प्रदेश रेत नियम 2019 अवैध उत्खनन एवं शासकीय कार्य में बाधा कि शिकायत कोतवाली थाने में की है, साथ ही अवैध रेत उत्खनन का प्रकरण भी दर्ज कराया है.

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बहराइच:भतीजे ने चाचा चाची को उतारा मौत के घाट

बहराइच : -अशोक सोनी:  भले ही अपराधियों में एक तरफ बुलडोजर का खौफ बढ़ता जा रहा हो  लेकिन दूसरी तरफ आपराधिक घटनाओ को अंजाम देने वालों के मन से कानून का भय समाप्त होता जा रहा है यही वजह है की मामूली सी बात पर  लोग हत्या जैसी जघन्य अपराध करने से बाज नही आ रहे हैं .

ताजा मामला जनपद बहराइच के पयागपुर इलाके का है जहां केवल टुल्लू मोटर से पानी चलाने की बात को लेकर विवाद इस कदर बढ़ा की भतीजे ने आक्रोश में आकर अपने चाचा और चाची को घाट फावड़े से काट डाला जिसकी वजह से दोनों की मौत हो गयी/ मामला चंदवापुर गाव का है जहां श्याममनोहर मोटर से अपने खेत मे पानी लगा रहे थे इसी बीच नाली का पानी पड़ोसी छोटू के घर मे चला गया /

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इसी मामले को लेकर विवाद सुरु हो गया और विवाद इस कदर बढ़ा की श्याममनोहर के भतीजे छोटू एवं उसके भाइयों ने मिलकर फावड़े से अपने चाचा चाची को ही घाट काट डाला/ फावड़े से वार इस कदर किया गया था कि घायल श्याममनोहर एवं उसकी पत्नी श्यामादेवी ने मौके पर ही तड़पकर दम तोड़ दिया/ घटना की सूचना पाने के बाद मौके पर पहुंची पयागपुर पुलिस ने जांच करना शुरू कर दिया है बताया यह भी जा रहा है कि एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में पहुंच चुका है.डबल मर्डर कांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है लोग दहशत में जीने पर मजबूर है.

चाचा चाची की बेरहमी से हत्या

फावड़े से वार करते ही चाचा शयाम मनोहर की मौके पर ही मौत हो गयी| जब की धायल चाची शयामा देवी को बहराइच मेडिकल कॉलेज से लखनऊ रेफेर कर दिया गया था. लकिन अस्पताल जातें ही रास्तें में ही उसने दम तोड़ दिया। इस घटना की खबर मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुचकर जांच शुरू करदी गयी है. वही इस डबल मर्डर से इलाके में सनसनी फेल गयी है.लोगो से दहशत का माहौल है.इस घटना को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सर्कार पर हमला बोला है.

बरेली मीरगंज रामपुर रोड पर हुआ बड़ा हादसा, दो की मौत

बरेली : बी.एस.चन्देल :उत्तर प्रदेश में तेज रफ्तार कि कहर थमने की नाम नहीं ले रहा है । आये दिन – प्रतिदिन सड़क हादसे जैसी घटना सामने आते हैं। कोई भी ऐसा दिन नहीं गया की हादसे में किसी की जान गई हो। ताजा मामला बरेली मीरगंज रामपुर रोड पर ग्राम पंचायत कुल्चा खुर्द  के पास बड़ा हादसा हुआ है । दोनों बाइक सवारों की मौके पर ही मौत हो गई।

आपको बाता दे कि टैंकर ने दो बाइक सवारों को कुचल दिया है। दोनों बाइक सवार कहीं जा रहे थे। अभी तक दोनों का यह पता नहीं लग पाया है कहां जा रहे थे कौन थे। बरेली दिल्ली नेशनल हाईवे का यह मामला है।

मृतकों की पहचान पीलीभीत जिला स्थित पहाड़गंज थाना क्षेत्र के रहने वाले खुर्शीद, उनके बेटे आरिफ और पत्नी समीरन बेगम, खुर्शीद की बहन सगीरा बानो, मोहम्मद अकील के बेटे जफर, बरेली जिले में रामपुरा माफी थाना क्षेत्र में रहने वाले सुबे खान के बेटे और पेशे से एंबुलेंस ड्राइवर मेहंदी खान, बरेली के पदारतपुर थाना क्षेत्र में रहने वाले नईम खान की 19 वर्षीय बेटी नसरीन के रूप में हुई है.

जानिए क्या हुआ

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ये सभी लोग खुर्शीद की पत्नी समीरन बेगम का इलाज करवाकर देर रात दिल्ली से लौट रहे थे, तभी फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के पास दिल्ली हाईवे पर यह हादसा हो गया. ऐसा प्रतीत होता है कि भोर में एंबुलेंस के ड्राइवर को झपकी आ गई और इस कारण तेज़ रफ्तार एंबुलेंस डिवाइडर पार कर दूसरी ओर से आ रही कैंटर से जा टकराई. यह टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एंबुलेंस में बैठे इन 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.

इस हादसे की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशाशन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में सड़क दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा शोक प्रकट किया है. उत्तर प्रदेश CMO की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है.

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काशी में अजान और हनुमान चालीसा विवाद में सपा नेता ने छेड़ा नया राग

 डिजिटल डेस्क : धर्म और संस्कृति के लिए दुनियाभर में पहचान रखने वाला बनारस शहर इस समय अजान और हनुमान चालीस को लेकर विवाद उठने से सुर्खियों में है. इस विवाद में साधु-संतों और मुस्लिम धर्मगुरुओं के बाद अब सपा नेता की भी एंट्री हो गई है. बनारस के लक्सा क्षेत्र निवासी सपा नेता रविकांत विश्वकर्मा ने अपनी छत पर लाउड स्पीकर लगवाए हैं, जिसके माध्यम से वह वह रोजाना सुबह और शाम के समय हनुमान चालीसा या अजान नहीं बल्कि एक फिल्मी गाना बजा रहे हैं.

सपा नेता रविकांत विश्वकर्मा ने अपनी छत पर लाउड स्पीकर से सुबह और शाम के समय ‘महंगाई डायन खाए जात हौ…’ बजा रहे हैं. वह इस गानें को क्षेत्र की जनता को सुनाकर महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा-स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकारी तंत्र की विफलता के प्रति आगाह कर रहे हैं. उनका कहना है कि हनुमान चालीसा लाउड स्पीकर के माध्यम से सुनाकर जनता को असली मुद्दों से गुमराह करने की कोशिश की जा रही हैं.

सपा नेता रविकांत का कहना है…

सपा नेता रविकांत का कहना है कि अजान और हनुमान चालीसा का मसला तो जानबूझकर इसलिए उछाला गया है ताकि बुनियादी समस्याओं की ओर जनता का ध्यान ही न जाए. तेज अजान का जवाब हनुमान चालीसा के लाउड स्पीकर द्वारा दिए जाने के पीछे बस एक ही कारण है कि जनता महंगाई – बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भटक जाए. औऱ धर्म की राजनीति में उलझकर अपने अधिकारों के प्रति सजग न रह पाए. उन्होंने कहा कि सिर्फ सांसों का थम जाना ही मृत्यु नहीं है. वह व्यक्ति भी मरा हुआ है जिसमें गलत को गलत कहने की हिम्मत नहीं होती है.

Read More : कोर्ट के आदेशों को नही मानती अशियाना पुलिस

आज देश में मुख्य मुद्दा महंगाई, बेरोजगारी, अच्छी शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा है. लाउड स्पीकर से सुनाई देने वाली अजान और हनुमान चालीसा नहीं है. सपा नेता ने कहा कि मुद्दे हमेशा जिंदा रहेंगे क्योंकि मैं भी जिंदा हूं. हम समाज की ज्वलंत समस्याओं को उठाते रहेंगे और जनता को यह भी बताते रहेंगे कि क्या सही और गलत है. उन्हें इसके लिए भी आगाह करेंगे कि आपको वास्तविक मुद्दों से भटकना नहीं है.

कोर्ट के आदेशों को नही मानती अशियाना पुलिस

लखनऊ :  ये प्रदेश मर्यादा पूरूषत्तम राम की धरती है । जाहां सबको न्याय मिलता था। लेकिन आज इस पवित्र धरति पर न्याय की गुहार लगाना भी गुनाह है। प्रदेश में योगी सरकार चुनाव के दौरान प्रशासन की प्रशंसा करते नजर आ रहे थे । लेकिन ये बात चुनाव के बाद कहीं गुम होती दिख रही है। प्रदेश में योगी सरकार की वापसी के बाद कानुन व्यावस्था को लेकर सख्त नजर आ रही है। लेकिन प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक ऐसी घटना सामने आया है जहां कोर्ट आदेशों को नजर अंदाज कर रही अशियाना पुलिस।  :

आपको बता दे कि कोर्ट के नियम निर्देश को ताख पर रखकर उड़ाती है अशियाना पुलिस मखोल।महिला राजकुमारी  को घर पर आकर जान से मारने की धमकी देता है।न्यायालय के आदेश आने का बाद भी किला चौकी इंचार्ज देंवेंद्र कर रहे महिला घर जा कर परेशान दे रहे धमकी पोस्टर हटाओ नही तो अच्छा नही होगा

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जानिए क्या है मामला

मामला दो शादी का है पेहली पत्नी को ने बिना तलाक दिए दूसरी महिला के साथ रहना का है।कोर्ट में चलरहा मामला।जिसके एवज में कोर्ट न्यालय ने महिला राजकुमारी को शारदा नगर 1/204 के घर मे रहना आदेश जारी किया है ।कोर्ट न्यालय के आदेश अनुसार महिला को घर मे बिजली का मीटर लगाने का आदेश भी जारी किया है ।लेकिन वही अशियाना थाना क्षेत्र  किला चौकी इंचार्ज देवेंद्र कोर्ट के आदेश को नही मानते हैं ।

पीड़ित महिला राजकुमारी के व उनके बैठे को करते है पडताडित चौकी इंचार्ज देवेंद्र। पीड़ित महिला राजकुमारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।कई बार कोर्ट के मामले में हस्तक्षेप करते नज़र आये किला चौकी इंचार्ज देवेन्द्र ।अबदेखने वाली बात ये होगी कमिश्नर डी के ठाकुर कोर्ट के फैलसे पर हस्तक्षेप करने वाले अशियाना किला चौकी इंचार्ज को कोनसी नसीहत देते है ।थाना अशियाना क्षेत्र के शारदा नगर 1/204 का मामला है।

बरेलि के प्राथमिक विधालय में बच्चों के हाथों में किताब की जगह दिख रही है झाड़ू

बरेली: बी.एस.चन्देल : “मेरा भारत महान है” सच में ये भारत माहान है। महान इस लिए भी जहां ये केवल नारा और दिवार पर शोभा देता है। ये बात हम इस लिए कह रहें है कि जिस देश में बच्चों के देश की भविष्य कहा जाता है। लेकिन आज की भारत में बच्चे की हाथ में किताव के जगह अब झाड़ु नजर आ रहा है।

बरेली में एक बार फिर प्राथमिक विद्यालयों में अध्यापकों की मनमानी का एक और मामला सामने आया है. एक तरफ़ अध्यापक ड्यूटी पर देर से पहुंच रहे हैं तो वहीं बच्चों को जल्दी बुलाकर उनसे स्कूल में झाड़ू लगवाई जा रही है| ये मामला बरेली के प्राथमिक विधालय की है। मामला थाना सीबी गंज के गांव खलीलपुर के प्राथमिक विद्यालय का है । जहां पर नन्हे मुन्ने मासूम बच्चों से शिक्षा मित्र प्रियंका ने झाड़ू लगवाई । बात की जाए जहां योगी सरकार शिक्षा के ऊपर करोड़ों रुपये की लागत से बच्चों को शिक्षित करने का प्रयास कर रही बही ऐसे आलसी अध्यापक सरकार की योजना पलीता लगा रहे है । जब पत्रकार ने शिक्षा मित्र से मामले के जानकारी लेने के लिए फोन किया पत्रकार को ही गाली सुना दी ।

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जहां जब ऐसे अध्यापक होंगे तो बच्चों का भविष्य कैसे सुधरेगा ।पत्रकार ने जब जानकारी लेनी चाही तो मैडम प्रियंका लगी पत्रकार को ही हड़काने। पत्रकार से वार्ता का ऑडियो तथा वीडियो दोनों वायरल हो रहा है।

उच्चाधिकारियों ने भी नहीं दिया ध्यान

प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष विनोद अवस्थी का कहना है कि इस स्कूल के बारे में कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोरोनाकाल में बच्चों से सफाई कराना बहुत गंभीर है। बताया कि सफाईकर्मियों का हाल यह है कि वह 15 से 20 दिन में एक बार आते हैं और स्कूल की चारदीवारी के बाहर सफाई कर चले जाते हैं। मामले में बीईओ सुरेश कुमार को दो बार फोन किया गया लेकिन बात नहीं हो सकी।

भाजपा के लिए आत्ममंथन का दौर, माकपा को संतोष

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में गत विधानसभा चुनाव के बाद से अब तक कई चुनाव व उपचुनाव हो गये। ऐसे में यहां राजनीतिक शोर-शराबा भी लगातार जारी है। शनिवार को आसनसोल लोकसभा और बालीगंज विधानसभा में उपचुनाव के नतीजों की घोषणा की गयी। आसनसोल व बालीगंज दोनों ही सीटों पर तृणमूल को जीत मिली है। बात करें विपक्ष की तो आसनसोल में भाजपा जबकि बालीगंज में माकपा दूसरे नंबर की पार्टी बनकर उभरी।

हालांकि अगर ये समझा जाए कि इस उपचुनाव में भाजपा या माकपा ने क्या खोया, क्या पाया, तो फिर इतना स्पष्ट है कि भाजपा ने तो खोया ही खोया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ये दौर भाजपा के लिए आत्ममंथन का है। वहीं माकपा ने जिस प्रकार बालीगंज में तृणमूल का मुकाबला किया और दूसरे नंबर पर आयी, इससे माकपा को संतोष तो है ही, इसके साथ ही यह भी स्पष्ट है कि अब पार्टी आगे के चुनावों के लिए भी और अधिक तैयारी के साथ सामने आने वाली है।

भाजपा से छिन गया आसनसोल

आसनसोल लोकसभा हमेशा से ही माकपा का गढ़ रहा है। यहां कभी तृणमूल नहीं जीत पायी थी। वहीं वर्ष 2014 से आसनसोल में भाजपा जीतती हुई आ रही थी, लेकिन इस उपचुनाव में भाजपा से आसनसोल छिन गया। भाजपा की अग्निमित्रा पॉल को यहां तृणमूल के शत्रुघ्न सिन्हा से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी।

बालीगंज में जमानत भी नहीं बचा पायी भाजपा

गत 2021 के विधानसभा चुनाव में स्व. सुब्रत मुखर्जी के सामने भाजपा के एडवोकेट लोकनाथ चटर्जी उम्मीदवार बने थे। सुब्रत मुखर्जी ने भारी मतों से उन्हें हराया था, लेकिन भाजपा दूसरे नंबर की पार्टी बनकर उभरी थी। हालांकि इस बार भाजपा तीसरे नंबर की पार्टी बालीगंज में बन गयी। इस उपचुनाव में भाजपा की केया घोष को कुल 13,174 वोट मिले और पार्टी अपनी जमानत भी नहीं बचा पायी। गत 2021 के विधानसभा चुनाव में बालीगंज में भाजपा को 20.68% वोट मिले थे जबकि इस उपचुनाव में केवल 12.8% वोट मिले हैं।

इसी तरह तृणमूल का मत-प्रतिशत भी कम हुआ है। गत विधानसभा चुनाव में तृणमूल को 70.60% वोट मिला था जबकि इस उपचुनाव में 49.7% वोट मिला। वहीं माकपा के वोट बैंक में इजाफा हुआ है। गत विधानसभा चुनाव में माकपा को मिले 5.61% वोटों की तुलना में इस बार उपचुनाव में पार्टी को 30.1% वोट मिले हैं। इसका मतलब स्पष्ट है कि तृणमूल व भाजपा के काफी वोट इस बार माकपा के खेमे में गये हैं।

कई कारण मान रहे हैं भाजपा नेता

उपचुनाव में इन नतीजों के पीछे भाजपा नेता कई कारण मान रहे हैं। कई नेताओं का कहना है ​कि गत विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में हुई हिंसा के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी के नेता खड़े नहीं हुए। इस कारण पार्टी को उसके बाद सभी चुनावों में मुंह की खानी पड़ रही है। इसके अलावा सांगठनिक कमियां व आपसी गुटबाजी तो हार का कारण हैं ही।

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माकपा को संतोष मगर आगे के लिए तैयारी जरूरी

आसनसोल में माकपा ने पार्थ मुखर्जी को उम्मीदवार बनाया था। यहां पार्टी का 0.72% वोट बढ़ा है। वहीं बालीगंज में सायरा शाह हलीम चुनावी मैदान में थीं और यहां पार्टी ने काफी बेहतर प्रदर्शन किया। माकपा उम्मीदवार को यहां से 30,971 वोट मिले हैं। ऐसे में उपचुनावों के नतीजे माकपा के लिए कुछ संतोषजनक तो हैं मगर अब आगे की रणनीति बनाने के लिए अभी से तैयारी की आवश्यकता है।

फेक STF बनकर लूट करने वाले पुलिस कर्मियों गिरफ्तार

लखनऊ: मड़ियांव थाना क्षेत्र में 15 अप्रैल को दो पुलिस कर्मियों व दो अन्य साथियों ने फर्जी STF बनकर लूट को अंजाम दिया था. पीड़िता ने घटना की शिकायत मड़ियांव पुलिस से की। पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए आरोपित की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने कथित पत्रकार शिवांशु, लूट की घटना के साजिशकर्ता, मड़ियांव थाना कांस्टेबल के पद पर तैनात दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं घटना में शामिल जगदीश उर्फ ​​आकाश अभी फरार है.

दरअसल 12 अप्रैल की शाम को पीड़ित अतुल सिंह अपने चार पहिया सफारी वाहन में बिठौली चौराहे पर फार्म भरने आया था. इस दौरान आरोपियों ने वाहन को ओवरटेक कर उन्हें रोक लिया। कार में सवार दो पुलिस कर्मियों अनिल सिंह व सुधीर सिंह ने एसटीएफ बनकर प्रॉपर्टी डीलर अतुल सिंह के सिर पर पिस्टल लगाकर अपनी ही कार में बंधक बना लिया। इसके बाद पुलिस कर्मियों व फर्जी एसटीएफ के अन्य साथियों द्वारा पीड़ित अतुल सिंह को मड़ियांव थाने के अंदर लाया गया. वहीं ऑनलाइन योजना बनाकर पैसे ट्रांसफर करने के बाद रंगदारी मांगी गई। साथी आरोपितों ने प्रापर्टी डीलर के पास पड़े करीब 70 हजार नकद छीन लिए। पीड़िता ने बताया कि फर्जी एसटीएफ गैंग छोड़ने के बदले 50 लाख की रंगदारी की मांग करता था.

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STF प्राची सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने दो पुलिस कर्मियों अनिल सिंह, अतुल सिंह और कथित पत्रकार शिवांशु समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया है. पुलिस टीम आकाश उर्फ ​​जगदीश की तलाश में है, जो फरार है।

बनारस के व्यापारी को भी बना चुके हैं शिकार

पूछताछ में आरोपियों ने वाराणसी के व्यापारी राजेंद्र सिंह से बड़ी नोट के बदले छोटी नोट देने के नाम पर ठगने की बात कुबूल की है। बताया कि 15 अगस्त को अपने एजेंट संतोष जायसवाल के जरिए वाराणसी निवासी राजेंद्र सिंह को बुलाया। उन्हें बड़ी के बदले 20 प्रतिशत छोटी नोट बदलने का झांसा दिया। जब राजेंद्र सिंह बताए गए स्थान पर आए तो इनके पास मात्र 32,000 रुपए थे। जिसे राशिद अपने साथियों के साथ छीनकर भाग गया। आरोपियों ने कानुपर जार्जमऊ क्षेत्र में भी 10 लाख व 5 लाख की ठगी-लूट की वारदात कुबूली है।

ईदगाह इफ्तार कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे सपा प्रमुख अखिलेश यादव

लखनऊ: रमजान के पवित्र महीने के दौरान शनिवार को राजधानी लखनऊ के ऐशबाग ईदगाह में रोजा इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इफ्तार पार्टी में मौलाना खालिद राशिद फरंगी महली के साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी इफ्तार में पहुंचे. इस दौरान सैकड़ों लोगों ने ईदगाह में एक साथ अपना अनशन तोड़ा और नमाज अदा की.

रमजान के पवित्र महीने में इफ्तार के कार्यक्रम भी शुरू हो गए हैं। कोरोना काल के चलते पिछले दो साल से रमजान की इफ्तार पार्टियां नहीं हो रही थीं. इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और वरिष्ठ मुस्लिम मौलवी मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने शनिवार को ईदगाह में एक भव्य उपवास इफ्तार दावत का आयोजन किया।पार्टी में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ शहर की हस्तियों ने शिरकत की। सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी रोजा इफ्तार पार्टी में शामिल होने पहुंचे और मौलाना के साथ इफ्तार किया. अखिलेश यादव एक घंटे से अधिक समय तक ईदगाह में रहे और इस दौरान रोजेदारों के साथ छोटे बच्चों से भी मुलाकात की. इस इफ्तार कार्यक्रम में सभी धर्मों के लोगों ने हिस्सा लिया और साथ में इफ्तारी भी की.

फिरंगी महली ने दी थी दावत

रमजान के में होने वाली इफ्तार पार्टी (Iftar Party) का आयोजन शुरू हो गया है. कोरोना महामारी की वजह से पिछले दो सालों से ये पार्टिया नहीं हो रही थी. शनिवार को ईदगाह में इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरैमन धर्मगुरू मौलाना खालिद रशीद फिरंगी (Maulana Khalid Rashid Firangi) ने भव्य रोजा इफ्तार की दावत दी थी. इसी दावत में सपा प्रमुख अखिलेश यादन ने शाम को शिरकत की. अखिलेश ने इसकी जानकारी खुद अपने ट्वीटर हैंडल से दी।

मौलान संग किया इफ्तार

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ इस पार्टी में विभिन्न राजनीतिक दलों के दिग्गज नेताओं ने शिरकत की. अखिलेश यादव इस पार्टी में एक घंटे से ज्यादा समय तक रूके और छोटे-छोटे बच्चों से भी मुलाकात की. पूर्व मुख्यमंत्री ने इस दौरान मौलाना और धर्मगुरूओं के इफ्तार भी किया।

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बहराइच: अम्बेडकर प्रतिमा रखने के विवाद में हुई जमकर मारपीट

बहराइच  :अशोक सोनी: बहराइच मे डा.भीमराव अंबेडकर प्रतिमा रखने को लेकर दो पक्षों मे विवाद हो गया।पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति काबू में किया।दोनों पक्षों के डेढ दर्जन लोगों पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है।

फखरपुर थानाक्षेत्र के ग्राम कुण्डासर में बाबा साहब डाँ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को ऱखने को लेकर विवाद हो गया था।दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया है। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अशोक कुमार ने बताया कि अनुसूचित जाति के लोगों ने एक विवादित भूमि पर मूर्ति रखकर कब्जे का प्रयास किया गया जिसका मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुँचकर दोनो पक्षो को शान्त कराया तथा दोनों पक्षों के डेढ दर्जन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है।

बाउंड्रीवॉल तोड़कर रख दी आंबेडकर की प्रतिमा

इस पर आक्रोशित लोगों ने 26 मई को बाउंड्रीवॉल तोड़कर आंबेडकर प्रतिमा रख दी। अगले दिन 27 मई की शाम जब वैश्य पक्ष को जानकारी हुई तो वे मौके पर पहुंचे और विवाद हो गया। इसे लेकर अजीत गुप्ता ने सुधीर कुमार सहित 91 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोप है कि दूसरे पक्ष ने गालीगलौज, मारपीट की और जान से मारने की नीयत से फायरिंग भी की। इस पर पुलिस ने जानलेवा हमला, बल्बा सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।

पुलिस टीम से भी हुई अभद्रता 

रात में प्रतिमा हटवाने पहुंची पुलिस से भी अभद्रता की गई। इसके बाद जिले भर के थानों का पुलिसबल और पीएसी बल बुलवा लिया गया। जिसे साथ लेकर शनिवार सुबह गांव में दबिश दी गई। आंबेडकर प्रतिमा को हटवाया गया। वहीं गांव से आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सीओ अलीगंज राजकुमार ने बताया कि अनाधिकृत रूप से आंबेडकर प्रतिमा गांव में लगा ली गई थी। जिसे गांव वालों के सहयोग से हटवा दिया गया है। मारपीट और हंगामा करने वाले आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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बहराइच में आग का कहर, तेतारपुर में तीन सौ बीघे गेहूं की फसल जलकर हुई राख

बहराइच : अशोक सोनी : बौडी थाना क्षेत्र के अमवा तेतारपुर में शनिवार को लगी आग ने तेज़ हवा के झोंकों के कारण विकराल रूप धारण कर लिया । खेतों में खड़ी सैकड़ों बीघे गेहूं की फसल जलकर राख हो गई । सूचना मिलने पर दमकल कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची लेकिन तब तक काफी नुकसान हो गया था । किसानों ने ट्रैक्टर से जुताई कर आग बुझाने का काफी प्रयास किया ।

महसी तहसील के ग्राम पंचायत अमवा तेतारपुर में खेत में लगी गेहूं की फसल में अचानक आग लगने से क्षेत्र के 85 किसानों की तीन सौ बीघे गेहूं की फसल जलकर राख हो गयी। तेज हवा के चलते ग्रामीणों को आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी । ग्रामीणों ने ट्रैक्टर से जुताई कर किसी तरह आग पर काबू पाया । काफी देर बाद पहुंची दमकल की टीम ने आग बुझाई । सूचना मिलने पर बौंडी थाना अध्यक्ष आरडी मौर्य, लेखपाल चंद्र प्रकाश पांडेय, डायल 112, एम्बुलेंस मौके पर पहुंची व क्षेत्रीय लोग भी मौजूद रहे । महसी तहसीलदार विपुल कुमार0 सिंह ने बताया की फसल नुकसान का आकलन कराया जा रहा है जिससे तेतारपुर के किसानों को मदद दिलाई जा सके ।

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एक नागिन का बदले, युवक को 7 बार डंसा

रामपुर: सुरेश कुमार : नागिन के बदले के बारे में तो आपने सुना ही होगा, कहावत है “जाको राखे साइयां मार सके ना कोई” कुछ इसी तरह के अल्फाज़ एक इंसान की जिंदगी पर उस समय फिट बैठते हैं जब नागिन ने अपने नाग को मौत के घाट उतार देने वाले युवक को बदला लेते हुए 7 बार डस लिया है हालांकि नागिन के बदले पर हर बार उस शख्स की जिंदगी भारी पड़ रही है आइए दिखाते हैं, रामपुर में घटी कुदरत की इस अजीबोगरीब घटना को…

जनपद रामपुर के स्वार तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मिर्जापुर का रहने वाला एहसान उर्फ बबलू अपने गांव से सटे एक कृषि फार्म पर नौकरी करता है बात 7 महीने पुरानी है वह इसी फार्म पर मौजूद था तभी उसका सामना नाग और नागिन से हो गया अहसान उर्फ बबलू ने आनन-फानन में नाग को लाठी के वार से मौत के घाट उतार दिया जबकि नागिन बच कर निकल गई फिर शुरू हुआ नागिन के बदले का खेल ठीक फिल्मी कहानी की तरह नागिन ने मौका पाकर कुछ दिन के बाद बबलू को अपने जहरीले दातों से डस कर बदला लिया हालांकि समय रहते और ठीक समय पर उपचार मिलने के चलते बबलू मौत और जिंदगी के इस खेल में जीत गया और वह ठीक हो गया फिर कुछ दिन के बाद उसी नागिन ने एक बार फिर हमला बोलते हुए उसे डस लिया लेकिन फिर भी उसे समय पर उपचार के चलते जिंदगी नसीब हुई यह सिलसिला पिछले 7 महीने से जारी है नागिन अपना बदला लेते हुए उसे 7 बार डस चुकी है और हर बार की तरह बबलू जिंदगी की जंग जीतता चला जा रहा है।

अहसान उर्फ बबलू की जिंदगी और नागिन के बदले की अजीबोगरीब कहानी दूर-दूर तक फैल चुकी है हालांकि बबलू पर काली नागिन के खौफ का साया लगातार गहराता जा रहा है वही नागिन भी बबलू की लाठी के वार से अपने आप को बचाने में कामयाब हो रही है। इस सच्ची कहानी में कुदरत हर बार जहां बबलू का साथ दे रही है तो वही एक तरह से नागिन भी नसीब वाली बनकर बच रही है अब इस खौफनाक कहानी का अंत कैसे होगा इसका जवाब तो समय के साथ ही ईश्वर के पास बेहतर होगा ,लेकिन यह सच्ची घटना लगातार आसपास के इलाके में चर्चा का विषय बनती चली जा रही है लोग पहली बार नागिन फिल्म की कहानी 7 महीने से असलियत में देखते चले आ रहे हैं।

पीड़ित किसान एहसान उर्फ बबलू के मुताबिक अब से 7 महीने पहले से में यहां मेहनत मजदूरी करता हूं मे बहुत ही गरीब हूं , 2 सांप मेरे धोरे हमलावर हुए मैने एक उनमें से मार दिया गड्ढा खोद के गाड़ दिया अब पता नहीं वह नाग मरा या नागिन मरी जब से जो हैं वह पीछे हैं खेत में मजदूरी करता हूं मेरे 4 बच्चे छोटे-छोटे मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करता हूं तभी से मेरे ऊपर हमला हो जाता है वह तो गांव वाले समय से पहुंच जाते हैं मेरा इलाज हो जाता है मेरी जान बची हुई मतलब अब तक तो मैं मर गया होता।

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सर वह मेरे ऊपर आ रहे थे मैं खेत में काम कर रहा था मेहनत मजदूरी करता हूं धान बो रहा था खेतो में मैंने उसमें एक को मार दिया।अब से यह 7 महीने पहले की बात हैं लगातार दो या एक महीने से काटने पर लगा हुआ है अभी परसों काटा है 13 तारीख की बात है ये।अब तक मुझे 7 दफा काट चुका हैं मतलब ऐसे में खेत में फौड़ा चला रहा हूं मेहनत मजदूरी कर रहा हूं खेत में आया चुपके से पीछे से और मुझे काट लिया मुंह मार दिया मेरे।नहीं मुझे एहसास नहीं होता है जब वह काट लेता है तब पता चलता है अलग-अलग खेत है जहां जाता हूं वह वही पहुंच जाता है अब सोच रहा था मैं गरीब आदमी हु सरकार मुझे मुआवज़ा दे दे मेरे छोटे-छोटे बच्चे हैं 4 बच्चे हैं मेरे कभी भी हादसा हो सकता है ,कुछ भी हो सकता है ।अब बचना भी हैं घर में बैठेंगे अपनी जान तो बचाई जाएगी। हां वह जोड़ा था काले रंग के थे बिल्कुल काले थे बहुत बड़े साप थे बिल्कुल असली और मुझे सातो दफा असली सांप ने काटा पांच पांच खुराके पी है मैंने जब होश आता है मुझे, नहीं घर पर नहीं है घर पर नहीं मिलती है वो दवाई, हां सर बहुत दहशत है मेरी बीवी मेरे बच्चे मुझसे मना करते हैं मत जाओ लेकिन मैं गरीब हूं तो क्या करूं घर में कोई और कमाने वाला नहीं, मैं चाहता हूं सर थोड़ी मदद हो जाए मेरा थोड़ा सहारा हो जाए यह चाहता हूं, हां बहुत डर लगता है अभी आपने बुलाया तो भी मैं पीछे देखकर आया हूं, हां साप भी पकड़ा जाए।

फार्म मालिक सत्येंद्र के मुताबिक अब से 7 महीने पहले सांप ने काटा था जोड़ा था वह एक मार दिया इसने उसके बाद यह है कि कभी भी सांप काट लेता है फिर इसे लेकर जाना पड़ता है दिखाने के लिए यह बड़ा परेशान है छोटे-छोटे 4 बच्चे हैं और एक तरीके से पीड़ित है इस बात को करीब 7-8 महीने हो गए इसे 6 से 7 बार काट चुका है जब काट लेता है तो यह वही पहुंच जाता होगा दूर खेत में भी चला जाता है पास में भी चला जाता है तो काट ही लेता हैं इससे, मदद यह सब जब वह काट लेता है तो उसको लेकर जाया जाता है दिखाने के लिए तो दवाई दिलवाई जाती है उससे ठीक होता है मगर इसे हेबत है कि मेरे पीछे पड़ा हुआ है। यही हो सकता है बदले की भावना से काट रहा है जोड़ा था वो उसमें एक मार दिया सांप ये बताते हैं कि कोबरा की नस्ल से हैं।

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हनुमान जयंती जुलूस को लेकर दिल्ली में फिर से अशांति, दो समूहों के बीच झड़प

डिजिटल डेस्क: हनुमान जयंती जुलूस को लेकर पूर्वोत्तर दिल्ली में फिर से अशांति। शनिवार को हनुमान जयंती के जुलूस से राजधानी के जहांगीरपुरी इलाके में गर्मी का माहौल बन गया. दो गुटों के बीच हुई झड़प में कई लोग घायल हो गए। कई कारों में आग लगा दी गई और कई दुकानों में तोड़फोड़ की गई। झड़पों में कम से कम छह पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है।

स्थानीय सूत्रों ने दावा किया कि जहांगीरपुरी इलाके में एक मस्जिद के सामने से गुजरने वाले हनुमान जयंती जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच विवाद हो गया | एक समूह ने दावा किया कि जुलूस के दौरान स्थानीय लोगों ने ईंट-पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। एक अन्य समूह ने दावा किया कि जुलूस के दौरान स्थानीय दुकानों में तोड़फोड़ की गई और मस्जिदों में तोड़फोड़ करने का प्रयास किया गया। बताया जा रहा है कि मारपीट में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

पुलिस के मुताबिक फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अब तक कुल 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने खुद पुलिस कमिश्नर राकेश अस्ताना से बात की है। उपराज्यपाल अनिल बैजल ने भी स्थिति की जानकारी ली है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हनुमान जयंती जुलूस पर पथराव किए जाने की कड़ी निंदा की है. उन्होंने क्षेत्र में शांति बनाए रखने का अनुरोध किया।

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संयोग से, 2020 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लेकर दिल्ली के इस हिस्से में भीषण दंगे भड़क उठे थे। जिससे कम से कम 53 लोग मारे गए। सैकड़ों लोग घायल हो गए। कई लोग लापता भी थे। शनिवार की घटना ने 2020 के दंगों की भयावहता को फिर से जगा दिया। हालांकि पुलिस का दावा है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

17 अप्रैल 2022 राशि फल : नौकरीपेशा लोगों मिलेगा को सुनहरा अवसर

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में कुल 12 राशियों का वर्णन किया गया है। हर राशि का स्वामी ग्रह होता है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल से राशिफल का आकंलन किया जाता है। 17 अप्रैल 2022 को रविवार है। रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित होता है। जानिए 17 अप्रैल 2022 को किन राशि वालों को होगा लाभ और किन राशि वालों को रहना होगा सावधान। पढ़ें मेष से लेकर मीन राशि तक का हाल…

17 अप्रैल 2022 राशिफल: मेष- आपका हंसमुख स्वभाव दूसरों को खुश रखेगा. रुका हुआ धन मिलेगा और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। कुछ लोग जितना कर सकते हैं उससे अधिक करने का वादा करते हैं। उन लोगों को भूल जाओ जो केवल गाल बजाना जानते हैं और कोई परिणाम नहीं देते हैं। प्रेम की दृष्टि से आज का दिन बेहद खास रहेगा। छिपे हुए शत्रु आपके बारे में अफवाहें फैलाने के लिए अधीर होंगे। आप अपने जीवन साथी के साथ कुछ बेहद रोमांचक काम कर सकते हैं।

वृष- आज आपका मन पूजा-पाठ में अधिक लगेगा. आज आप अपने माता-पिता के साथ मंदिर जाने की योजना बना सकते हैं। कई दिनों से चली आ रही परेशानियां आज खत्म हो सकती हैं। अगर आप किसी फंक्शन में जा रहे हैं तो लाइट बंद होने पर तैयार होने में आपको थोड़ी देर हो सकती है। इस राशि के नौकरीपेशा लोगों को आज कोई सुनहरा अवसर मिल सकता है। छात्रों के लिए आज का दिन बहुत अच्छा रहेगा। अगर आपकी पढ़ाई-लिखाई में रुचि है, अगर आप इंटरव्यू के लिए जा रहे हैं तो पपीता खाकर जाएं। गायत्री मंत्र का जाप करने से आपका मन शांत रहेगा।

मिथुन- आज आपको नई जगह या नए तरीके से पढ़ाई करने का मौका मिल सकता है. इमोशनल होने के कारण छोटी-छोटी बातें भी आज आपके साथ हो सकती हैं। छोटी-छोटी परेशानियां अपने आप दूर हो जाएंगी। आज आपको कोई बहुत महत्वपूर्ण जानकारी भी मिल सकती है। जिससे किसी समस्या को देखने का आपका नजरिया बदल जाएगा। आज आप सामाजिक तौर पर कुछ हद तक व्यस्त रहेंगे।

कर्क- भागीदारी वाले व्यवसायों और चतुर वित्तीय योजनाओं में निवेश न करें. समस्याओं को अपने दिमाग से निकाल दें और घर पर और दोस्तों के बीच अपनी स्थिति सुधारने के बारे में सोचें। आज तेरी मुस्कान बेमानी है, वो हँसी में नहीं झंकारती, धड़कने से हिचकिचाता है दिल; क्योंकि आप किसी खास को मिस कर रहे हैं। आज आपको महत्वपूर्ण मामलों पर ध्यान देने की जरूरत है।

सिंह- आज का दिन लोगों के लिए फायदेमंद रहेगा. आज आपके दोस्त आपके रुके हुए काम में आपकी मदद करेंगे। आज आपके शत्रु आपसे दूरी बनाए रखेंगे। आज आपको अपने किसी करीबी से खुशखबरी मिल सकती है। पैसों के मामले में आज आपको उधार देने से बचना चाहिए। आज आपको अपना फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है। इस राशि के छात्रों को आज किसी से बहस नहीं करनी चाहिए। आज पढ़ाई के प्रति आपका रुझान बना रहेगा।

कन्या- आज आप व्यस्तता के कारण घरेलू कामों पर ध्यान नहीं दे पाएंगे. संतान सुख की प्राप्ति संभव है। बुद्धिमानी से उधार दें। निजी संबंध मधुर हो सकते हैं। शत्रु से मुक्ति मिलेगी। पिछले कुछ समय से चली आ रही परेशानी खत्म होने की संभावना है। कोई शुभ समाचार भी मिल सकता है। आप कुछ अच्छी योजनाएँ बनाएंगे, जिससे आने वाले दिनों में आपको लाभ होने की संभावना है।

तुला- मनोरंजन और सौंदर्य बढ़ाने में ज्यादा समय न लगाएं. परिवार वालों के साथ आपको थोड़ी परेशानी होगी, लेकिन इस वजह से अपनी मानसिक शांति भंग न होने दें। रोमांस के लिए दिन अच्छा है। कुछ लोगों के लिए आकस्मिक यात्रा व्यस्त और तनावपूर्ण होगी।

वृश्चिक- आज का दिन आपका राहत भरा रहने वाला है. आज आपके पारिवारिक जीवन में उत्साह का माहौल रहेगा। इस राशि के शायरों के लिए आज का दिन बेहद अहम रहने वाला है। आज आपको अपनी प्रतिभा का पुरस्कार भी मिल सकता है। लवमेट के लिए आज का दिन अच्छा है।

धनु- आज जल्दबाजी न करें। किसी भी विवाद से बचें। जमीन और भवन की योजना बनेगी। रोजमर्रा की समस्याओं को आसानी से हल किया जा सकता है। यदि आप महत्वपूर्ण निर्णय लेना चाहते हैं तो आज आप उन्हें ले सकते हैं। आज अनावश्यक खर्चा होगा। आपका शत्रु भयभीत रहेगा। आपको धन लाभ होगा।

मकर- घरेलू काम का बोझ और पैसों और पैसों को लेकर तनाव आज आपके दांपत्य जीवन में परेशानी पैदा कर सकता है. एकतरफा प्यार आपके लिए काफी खतरनाक साबित होगा। अचानक यात्रा के कारण आप भाग-दौड़ का शिकार हो सकते हैं। दाम्पत्य जीवन में आपको थोड़ी गोपनीयता की आवश्यकता महसूस होगी।

कुंभ- आज भाग्य साथ देगा. ऑफिस में आज का काम इस राशि के बिजनेसमैन को ज्यादा फायदा देने वाला है। यदि आप कोई नया व्यवसाय शुरू करने की सोच रहे हैं तो आज का दिन शुभ है। धन के साथ सुख आएगा। छात्रों के लिए आज का दिन सामान्य रहेगा। अगर आप पढ़ाई में कुछ बदलाव करते हैं तो आपको करियर में बेहतर परिणाम मिलेंगे। आज पैसों के लेन-देन से दूर रहें। आपको लाभ के कई सुनहरे अवसर प्राप्त होंगे।

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मीन- आज का दिन परिवार वालों के साथ खुशी-खुशी बीतेगा. वाहन सुख मिलेगा और मान सम्मान भी मिलेगा। अपने पार्टनर और दोस्तों के साथ कुछ समय बिताएं। आपके सहकर्मियों ने ऐसी स्थितियों में आपका बहुत अच्छा समर्थन किया है और उनसे मिली मदद की सराहना करने का समय आ गया है। कल्पनाओं के पीछे न भागें और यथार्थवादी बनें। अपने आत्मविश्वास का लाभ उठाएं। गलत फैसले लेने से बचें।

घर में लगे आईने का वास्तु से है गहरा संबंध, यहां लगाने से मिलता है लाभ

कोलकाता : वास्तुशास्त्र हर किसी के जीवन में अहम माना गया है वास्तु के अनुसार घर में दर्पण यानी शीशे का किस्मत से खास कनेक्शन होता है अगर दर्पण को सही दिशा में नहीं रखा जाए तो मनुष्य के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है वहीं अगर शीशे को सही दिशा में लगाया जाए तो घर परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर होती है साथ ही घर में सकारात्मकता बरकरार रहती है तो आज हम आपको आईने से जुड़े वास्तुटिप्स बता रहे हैं तो आइए जानते हैं।

जानिए आईन से जुड़े वास्तुटिप्स—
* वास्तुशास्त्र के अनुसार ब्रह्मांड की सकारात्मक शक्ति पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण की ओर चलती है ऐसे में शीशे को पूरब या उत्तर की दीवार पर इस तरह से लगाना चाहिए ताकि देखने वाले का चेहरा पूरब या उत्तर की ओर रहे।

*वास्तुशास्त्र के अनुसार दर्पण लगाने के लिए सबसे अच्छी दिशा पूरब, उत्तर या पूर्वोत्तर दिशा मानी गई है इस दिशा में आईना लगाने से घर में खुशहाली और सुख समृद्धि आती है वास्तु अनुसार घर की तिजोरी या आलमारी के सामने दर्पण लगाने से धन में बरकत होती है आईना लगाते वक्त इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि वह कहीं से भी टूटा हुआ नहीं होना चाहिए ऐसा आइना नकारात्मकता उतपन्न करता है।

* वास्तु के अनुसार बेडरूम में आईना कमरे के ओर ही लगाना चाहिए सोते वक्त शरीर का कोई भी हिस्सा आईने में नहीं दिखाई देना चाहिए क्योंकि इससे सेहत से संबंधित परेशानियां हो सकती है अगर कमरा छोटा होने के कारण आईना बेड के सामने ही है तो रात को सोते वक्त उस आईने को किसी कपड़े से ढक दें।

* इससे नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है। वही वास्तु के अनुसार घर के दक्षिण या पश्चिम दिशा में आईना नहीं लगाना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से घर में क्लेश बढ़ने लगता है इसके अलावा कमरे की दीवारों पर शीशा आमने सामने नहीं रखना चाहिए इससे घर में तनाव उत्पन्न हो सकता है।

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आज खरीदना चाहते हैं वाहन तो आज का पंचांग बताएगा

ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का बहुत महत्व है । पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि, वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं। आज 17 अप्रैल रविवार(Sunday) का दिन है। वैशाख की कृष्ण पक्ष प्रतिपदा 10:01 PM तक उसके बाद द्वितीया तक है। सूर्य मेष राशि पर योग- हर्षण -, करण- विष्टि और बव चैत्र मास है, आज का दिन बहुत ही शुभ फलदायक है। देखिए आज का पंचांग…

आज 17 अप्रैल का पंचांग हिन्दू मास एवं वर्ष शक सम्वत- 1943 प्लव विक्रम सम्वत- 2078 आज की तिथि तिथि-प्रतिपदा 10:01 PM तक उसके बाद द्वितीया आज का नक्षत्र-चित्रा 07:17 AM तक उसके बाद स्वाती आज का करण- बालव और कौलव आज का पक्ष- कृष्ण पक्ष आज का योग-वज्र और सिद्धि आज का वार- रविवार आज सूर्योदय- सूर्यास्त का समय सूर्योदय- 6:08 AM सूर्यास्त-6:44 PM आज चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय चन्द्रोदय-7:32 PM चन्द्रास्त-7:05 AM सूर्य – सूर्य मेष राशि में है। आज चन्द्रमा की राशि चन्द्रमा-तुला राशि पर संचार करेगा। दिन-रविवार माह- वैशाख व्रत- नहीं

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आज का शुभ मुहूर्त

आज का शुभ मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त-12:01 PM से 12:51 PM अमृत काल- 09:23 PM से 10:52 PM ब्रह्म मुहूर्त- 04:32 AM से 05:20 AM आज का शुभ योग सर्वार्थ सिद्धि योग- नहीं है रवि पुष्य योग -नहीं है अमृतसिद्धि योग-नहीं है त्रिपुष्कर योग-नहीं है द्विपुष्कर योग-नहीं है अभिजीत मुहूर्त-12:01 PM से 12:51 PM आज का अशुभ समय राहु काल-05:10 PM से 06:44 PM तक कालवेला / अर्द्धयाम-11:32:20 से 12:23:28 तक दुष्टमुहूर्त-12:26 PM से2:01 PM यमगण्ड–05:03 PM से 05:54 PM भद्रा- नहीं है गुलिक काल-15:09 से 16:45 तक गंडमूल- नहीं है

जानिए गागरोन रियासत के प्रतापी शासक से कैसे बने संत

झालावाड़ : हरिमोहन चोडॉवत: झालावाड़ जिला अपने आप में कई इतिहास समेटे हुए हैं लेकिन इन सबके बीच आहू और कालीसिंध नदी के संगम स्थल पर बना संत पीपाजी मंदिर व समाधि स्थल अपनी कुछ अलग ही कहानी बयां करता कि। संत पीपाजी झालावाड़ के जलदुर्ग गागरोन रियासत के प्रतापी शासक हुआ करते थे जिन्होंने युद्ध के दौरान हुए रक्त पाद के बाद अपने मन को द्रवित हो जाने से वैराग्य धारण कर लिया था।संत पीपाजी देश के एकमात्र ऐसे उदाहरण है जो एक राजा के शानो शौकत के ठाट को छोड़कर संत बने और लोगों को राम नाम की शिक्षा देने लगे ।

झालावाड़ शहर के गागरोन जलदुर्ग के समीप आशु और कालीसिंध नदी के संगम पर स्थित संत पीपाजी धाम में इन दिनों संत समागम चल रहा है अवसर है प्रसिद्ध संत पीपा जी की 699 वी जयंती महोत्सव का जिसमें रामानंदी तथा पीपा पंथी समुदाय के संत व अनुयायियों का मेला  लगा हुआ है । संत पीपा जी के 699 वी जयंती के अवसर पर पांच दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है । जिसमें नित्य प्रति सुरभि पूजन भक्तमाल पाठ भोजन प्रसादी संतों के प्रवचन महाआरती तथा रासलीला के आयोजन किए जा रहे ।प्रसिद्ध संत जगत गुरु द्वारा अचार्य श्री राघवाचार्य महाराज तथा राजेंद्र देवाचार्य महाराज भी जयंती महोत्सव में शरीक होने झालावाड़ के संत पीपा धाम पहुंचे हैं ।जिस जगह देशभर के संतों व अनुयायियों का मेला लगा है तो आखिर संत पीपा जी की जीवनी पर भी प्रकाश डालना जरूरी है ।

मीडिया टीम ने प्रसिद्ध इतिहासकार ललित शर्मा से बात की तो उन्होंने बताया कि 14वीं शताब्दी के दौरान झालावाड़ के गागरोन जलदुर्ग रियासत के प्रतापी शासक प्रतापराव खींचे थे। शासक प्रताप राव खींची के अधीन 52 रियासतें होती थी तथा उन्होंने उनके शासनकाल में एक भी युद्ध नहीं हारा था,  लेकिन गागरोन जलदुर्ग पर एक आक्रमण के दौरान हुए रक्तपात के बाद गागरोन के राजा प्रतापगागरोन के राजा प्रताप राव खींची का मन द्रवित हो गया जिसके बाद में  संत कबीर दास के साथ बनारस गए और गुरु रामानंद की शरण में शिक्षा ली। गुरु रामानंद जी ने प्रतापराव को संत पीपाजी का नामकरण कर गागरोन भेज दिया और वैष्णव भक्ति करने का आदेश दिया। बाद में संत रामानंद संत रैदास संत कबीर संत सेन जी महाराज सहित श्री रामानंद जी के बारेबाद में संत रामानंद संत रैदास संत कबीर संत सेन जी महाराज सहित श्री रामानंद जी के 12 शिक्षकों का समागम गागरोन के समीप आहू तथा कालीसिंध नदी के संगम स्थल पर हुआ, जो अब संत पीपा धाम कहलाता है ।

प्रतापी शासक प्रताप राव खींची से संत बने पीपा जी ने पूरे उत्तर पश्चिम भारत में वैष्णव भक्ति की धारा का प्रचार प्रसार किया जिसके बाद अंत समय में पीपा जी ने गागरोन के समीप आबू कालीसिंध नदी के संगम स्थल पर सूर्य व चंद्र की साधना की और यहीं पर समाधि ले गई। झालावाड़ के पीपा धाम मे वह समाधि स्थल और गुफा आज भी मौजूद है, जो अनुयाईयों के लिए दर्शनीय है।

संत पीपा जी ने समाज की कई कुरीतियों को भी दूर करने के प्रभावी प्रयास किए थे जिसके तहत उन्होंने अपनी पत्नी रानी सीता चोरी को पर्दा प्रथा हटाने के लिए प्रेरित किया यहां तक कि उन्होंने दलितों को भी अपने पास बिठाया और अपने कार्य खुद करने के निर्देश दिए यहां तक कि अपने कपड़ों की सिलाई भी संत पीपाजी स्वयं ही करते थे इसी के चलते दर्जी समाज के लोग भी संत पीपाजी के बड़ी संख्या में अनुयाई व उपासक है।

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संत पीपा जी के अनुयायियों की एक बड़ी संख्या है ऐसे में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के दौरान वर्ष 2018 में झालावाड़ में ही संत पीपा धाम के समीप ही संत पीपा जी पेनोरमा का भी निर्माण किया गया । इस पैनोरमा में संत पीपा जी के एक प्रशासक प्रतापी राजा से लेकर संत बनने तक की जीवनी व इतिहास को सजीव मूर्तियों व चित्रों मेंसमेटा गया हैजहां जाकर कोई शोधार्थी भी संत पीपा जी की जीवनी व इतिहास के बारे में शोध कर सकता है वह पूरी जानकारी हासिल कर सकता है ।संत पीपाजी  के जयंती के अवसर पर प्रतिवर्ष झालावाड़ में संतों व अनुयायियों का मेला लगता है ।