Friday, April 3, 2026
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यूपी में बड़ा फर्जीवाड़ा, 6 जिलों में सरकारी नौकरी कर करोड़ों की ली सैलरी

यूपी के फर्रुखाबाद जनपद के स्वास्थ्य विभाग से एक ऐसी खबर सामने आई। जिसने न सिर्फ व्यवस्था की असली तस्वीर दिखा दी। बल्कि पूरे प्रदेश को सोचने पर मजबूर कर दिया। अर्पित सिंह, जिसका नाम पिछले 9 सालों से एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर दर्ज था। वह हर महीने लाखों रुपये का वेतन और सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाता रहा। लेकिन मानव संपदा पोर्टल पर जब उनका रजिस्ट्रेशन हुआ। तो राज खुला कि अर्पित सिंह नाम का कोई शख्स है ही नहीं।

क्या है पूरा मामला ?

अर्पित सिंह नाम के इस शख्स का नाम, जन्मतिथि और पिता का नाम सभी रिकॉर्ड में समान पाया गया। लेकिन इसके बावजूद वह 6 अलग-अलग जिलों में एक ही समय पर नियुक्त था। फर्रुखाबाद, बांदा, बलरामपुर, बदायूं, रामपुर और शामली। यूपी के ये 6 जिले अब इस फर्जीवाड़े की वजह से चर्चा में हैं।

सरकारी नौकरी कर करोड़ों की ली सैलरी

वहीं सैलरी की बात करें तो एक अर्पित सिंह हर महीने 69,595 रुपये ले रहा था। एक साल में सिर्फ एक जिले से ही 8,35,140 रुपये की सैलरी ली गई। 9 सालों में केवल एक जिले से 75,16,260 रुपये का भुगतान हो चुका है। अगर 6 जिलों के अर्पित सिंहों के वेतन जोड़ें, तो लगभग 4.5 करोड़ रुपये सिर्फ छ व्यक्तियों ने विभाग से हासिल कर लिए।

सीएमओ ने जांच टीम बनाई

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने पूरे मामले पर तीन उप मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की जांच टीम बनाई है। जांच के बाद कार्रवाई होगी। सरकार की नीतियां, विभागीय सख्ती और निगरानी तंत्र सब पर यह सवाल खड़ा हो गया कि आखिर कैसे इतने लंबे समय तक कोई “अस्तित्वहीन” शख्स सरकारी वेतन का लाभ उठाता रहा ?

इस मामले र मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवनींद्र कुमार का कहना है कि कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लेकिन यह कार्रवाई सिर्फ नियम-कानून के दस्तावेजों तक सीमित रहेगी या फिर व्यवस्था की जड़ों तक पहुंचेगी, यह एक बड़ा सवाल है।

आखिर जिम्मेदार कौन ?

वहीं दूसरी ओर, एक ऐसा नाम जो असल में मौजूद ही नहीं है और सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर करोड़ों डकार गया। आखिर इस सबके पीछे जिम्मेदार कौन है ? वे अधिकारी जिन्होंने दस्तावेजों पर सिर्फ एक “ठप्पा” लगाने को ही अपना काम समझा ? या वो भ्रष्ट मानसिकता, जिसके चलते ऐसे लोग हमेशा बच निकलते हैं ? यह कहानी सिर्फ अर्पित सिंह की नहीं है। यह उस व्यवस्था की कहानी है जिसने एक “नामहीन इंसान” को 9 सालों तक जिंदा रखा और असली कर्मचारियों को चुपचाप झुककर काम करने पर मजबूर किया।

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B से सिर्फ बीड़ी नहीं, बुद्धि भी होती है, जो आपके पास है नहीं

बिहार की सियासत में इन दिनों हंगामा मचा हुआ है। केरल कांग्रेस के एक ट्वीट ने बिहार में सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। केरल कांग्रेस ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर बिहार की तुलना बीड़ी से करते हुए ‘B से बिहार, B से बीड़ी’ जिसके बाद बवाल मच गया। इस ट्वीट को लेकर बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस ने एक बार फिर सीमारेखा पार की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को गाली देने के बाद कांग्रेस ने बिहार की तुलना बीड़ी से की है। उन्होंने कहा, ‘क्या तेजस्वी यादव इसका समर्थन करते हैं? रेवंत रेड्डी से लेकर डीएमके और कांग्रेस तक, बिहार को लेकर उनकी नफरत साफ दिखाई देती है।

गाली विवाद ने भी पकड़ा जोर

बिहार में इस बीच एक और विवाद ने जोर पकड़ लिया है। दरअसल, राहुल गांधी के मंच से पीएम नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां को गाली देने का मामला सामने आया था। इसके विरोध में बीजेपी ने गुरुवार को 5 घंटे का बिहार बंद बुलाया था। इस मुद्दे ने भी सियासी माहौल को और गर्म कर दिया। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने इस पूरे मामले को गुजरात बनाम बिहार से जोड़ते हुए बीजेपी पर निशाना साधा। लालू ने अपनी X पोस्ट में लिखा, ‘गुजराती लोग बिहारियों को इतने हल्के में नालें। ये बिहार है। बीजेपी के गुंडे राह चलती महिलाओं, बहन-बेटियों, बुजुर्गों और स्कूल जाने वालों को परेशान कर रहे हैं। सड़क पर आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं।

B से सिर्फ बीड़ी नहीं, बुद्धि भी होती है जो..........
B से सिर्फ बीड़ी नहीं, बुद्धि भी होती है जो……….

B से सिर्फ बीड़ी नहीं, बुद्धि भी होती है

जेडीयू सांसद संजय कुमार झा ने लिखा, ‘कांग्रेस की एक और अत्यंत शर्मनाक हरकत! आपको बता दें कि B से सिर्फ बीड़ी नहीं, बुद्धि भी होती है। जो आपके पास नहीं है! B से बजट भी होता है, जिसमें बिहार को विशेष सहायता मिलने पर आपको मिर्ची लगती है। बिहार का मजाक बनाने की नीचता कर कांग्रेस ने न केवल बिहारवासियों का फिर से अपमान किया है, बल्कि देश के गौरवशाली इतिहास और लोकतंत्र का भी मजाक बनाया है। जेडीयू सांसद संजय कुमार झा ने आगे लिखा कि यकीन मानिए, बिहार की महान जनता कांग्रेस द्वारा बार-बार किये जा रहे अपमान का करारा जवाब आगामी विधानसभा चुनाव में देगी। बीड़ी के धुएं से नहीं, वोट की चोट से।

जीएसटी को लेकर बढ़ गया विवाद

आरजेडी ने जीएसटी को लेकर भी बीजेपी पर बिहार के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। आरजेडी प्रवक्ता प्रियंका भारती ने X पर लिखा, ‘मोदी जी जीएसटी में भी बिहारी उत्पादों के साथ अपनी नफरत दिखा रहे हैं। गुजराती खाखड़ा पर जीएसटी 0% कर दिया। वहीं बिहार के मखाने पर जीएसटी 5% और मशहूर गयाजी की शान तिलकुट पर 18%। इतना ही नहीं, कलम पर जीएसटी बढ़ाकर 18% कर दिया। तेजस्वी जी कहते हैं कि बीजेपी तलवार बांटती है, कलम से नफरत करती है। बता दें कि बिहार में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और ऐसे में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच अलग-अलग मुद्दों पर बयानबाजी तेज हो गई है।

विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस ने मांगी माफी

इस मुद्दे पर जब विवाद बढ़ा तो कांग्रेस ने माफी मांग ली। केरल कांग्रेस के X पर पोस्ट किया गया, ‘हम देख रहे हैं कि जीएसटी दरों को लेकर मोदी के चुनावी हथकंडे पर हमारे कटाक्ष को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। अगर आपको ठेस पहुंची हो तो हम क्षमा प्रार्थी हैं।

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लाठीचार्ज के खिलाफ एबीवीपी के पीछे खड़ी हुई सपा छात्र सभा, पुलिस से झड़प

यूपी में बाराबंकी के रामस्वरूप विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) छात्रों पर लाठी चार्ज का मुद्दा गर्माता जा रहा है। इसी विरोध में सपा छात्र सभा कूद पड़ी है। लखनऊ के राजभवन के ठीक सामने समाजवादी छात्र सभा ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में छात्र राजभवन के पास पहुंचे। यहां प्रदर्शन के दौरान उनकी पुलिस से झड़प हो गई। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ने की कोशिश की।

छात्र नहीं माने और वहीं लेट गए। इस पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इससे पहले एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को पुलिस की ओर से हुए लाठीचार्ज के खिलाफ कई स्थानों पर प्रदर्शन किया। लखनऊ विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। कुछ कार्यकर्ता विधानभवन के सामने पहुंच गए। एक दर्जन से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने कैसरबाग स्थित एबीवीपी अवध प्रांत कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया।

पुलिस के बीच गुंडे घुसे, छात्रों का आरोप

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों ने आरोप लगाया कि रामस्वरूप विवि में पुलिस के बीच गुंडे घुसे थे। पहले उन्होंने मारा। उनका जब छात्रों ने विरोध किया तो पुलिस ने जानलेवा हमला कर दिया। छात्रों का आरोप है कि लंबे समय से विश्वविद्यालय छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। लॉ डिग्री की मान्यता नहीं है। ऐसे में लॉ छात्रों के साथ धोखा किया गया है।

2022 में बार काउंसिल ऑफ इंडिया से संबद्धता के बारे में जानकारी जब ली गई तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। अगर इन सब मामलों पर रिपोर्ट नहीं आती है तो प्रदर्शन और उग्र किया जाएगा। इसके बाद पुलिस कार्यकर्ताओं को खींचकर इको गार्डन ले गई। इस दौरान कई भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए पुलिस के लाठीचार्ज को गलत ठहराया।

एनएसयूआई का मिला साथ

एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष मध्य क्षेत्र आर्यन मिश्रा ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर पुलिस के लाठीचार्ज का विरोध किया। आर्यन की अगुवाई में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने अस्पताल पहुंचकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं का हाल जाना और साथ ही कहा कि राजनीतिक विचारधारा भले ही अलग हो, पर छात्र होने के नाते घायल छात्रों के साथ मजबूती से खड़े हैं।

सपा नेता ने घायल छात्रों का हाल जाना

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने मंगलवार दोपहर को लाठी चार्ज से घायल छात्रों का हाल जाना। वह ट्रामा सेन्टर में कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। फखरुल ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया और लाठी चार्ज की निंदा की। उन्होंने छात्रों से कहा कि वह उनकी लड़ाई में साथ है। छात्रों का दर्द उनका दर्द है। उनकी पार्टी का दर्द है। उन्होंने छात्रों का उचित इलाज कराने की मांग के साथ ही पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने को कहा है।

कांग्रेस सांसद ने छात्रों से मुलाकात की

बाराबंकी से कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने ट्रामा सेंटर में भर्ती घायल छात्रों का हाल जाना। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की भर्त्सना की तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बर्रबर कार्रवाई करार देते हुए दोषियों को दंडित करने की मांग उठाई। पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

पत्रकारों से बाचतीत में कहा कि जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्ण तरीके से लाठीचार्ज करना निरंकुशता और दमनकारी शासन का परिणाम है। यह शर्मनाक, निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात कहना, विरोध दर्ज कराना कहीं से भी गलत नहीं है। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष रुद्रदमन सिंह, शहर अध्यक्ष शहजाद आलम मौजूद थे।

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2024 तक पड़ोसी देशों के नागरिकों को भारत में रहने का अधिकार

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए। हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के सदस्यों को पासपोर्ट या अन्य यात्रा दस्तावेजों के बिना भी देश में रहने की अनुमति दी जाएगी। पिछले साल लागू हुए नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) के अनुसार, 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले भारत आए।

इन उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी। हाल ही में लागू आव्रजन एवं विदेशी (नागरिक) अधिनियम, 2025 के तहत जारी किया गया। यह महत्वपूर्ण आदेश बड़ी संख्या में लोगों विशेषकर पाकिस्तान से आए। उन हिंदुओं को राहत प्रदान करेगा। जो 2014 के बाद भारत आए और अपने भविष्य को लेकर चिंतित थे।

आदेश में क्या कहा गया ?

गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय- हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई, जो धार्मिक उत्पीड़न या इसके डर से भारत में शरण लेने के लिए मजबूर हुए। 31 दिसंबर 2024 को या उससे पहले वैध दस्तावेजों के बिना देश में प्रवेश किया। उन्हें वैध पासपोर्ट और वीजा रखने के नियम से छूट दी जाएगी।

नेपाल और भूटान के नागरिकों के लिए क्या हैं नियम ?

गृह मंत्रालय के आदेश में साफ किया गया है कि नेपाल और भूटान के नागरिकों को भारत आने-जाने या यहां रहने के लिए पासपोर्ट और वीजा की जरूरत नहीं होगी। बशर्ते वे भारत में सीमा मार्ग से प्रवेश करें। यह व्यवस्था पहले की तरह ही जारी रहेगी। हालांकि, अगर कोई नेपाली या भूटानी नागरिक चीन, मकाऊ, हॉन्गकॉन्ग या पाकिस्तान से भारत आता है, तो उसके पास मान्य पासपोर्ट होना अनिवार्य होगा।

इसी तरह भारतीय नागरिकों को भी नेपाल या भूटान की सीमा से भारत आने-जाने के लिए पासपोर्ट या वीजा की आवश्यकता नहीं है। लेकिन अगर वे नेपाल या भूटान के अलावा किसी अन्य देश (चीन, मकाऊ, हॉन्गकॉन्ग और पाकिस्तान को छोड़कर) से भारत लौटते हैं। तो उन्हें मान्य पासपोर्ट दिखाना होगा। वहीं भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के कर्मियों जो कि ड्यूटी पर भारत में प्रवेश या बाहर जा रहे हैं तथा उनके परिवार के सदस्यों को (अगर वे सरकारी परिवहन के साथ यात्रा कर रहे हों) पासपोर्ट या वीजा की जरूरत नहीं होगी।

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जेल में रहेंगे शरजील इमाम और उमर खालिद, दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका

फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों के पीछे बड़ी साजिश से जुड़े मामले में आरोपियों को हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने दंगों की साजिश से जुड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) मामले में शरजील इमाम, उमर खालिद समेत 9 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस शैलेंद्र कौर की बेंच ने शरजील इमाम, उमर खलिद, मोहम्मद सलीम खान, शिफा उर रहमान, अतहर खान, मीरान हैदर, अब्दुल खालिद सैफी, तस्लीम अहमद और गुलफिशा फातिमा को जमानत देने से इनकार कर दिया है।

दिल्ली पुलिस ने जमानत याचिका का किया विरोध

बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 जुलाई को आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने जमानत याचिकाओं का विरोध किया था। दावा किया कि यह कोई स्वतः स्फूर्त दंगा नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश थी।

तुषार मेहता ने दिल्ली हाईकोर्ट में दलील दी कि…….

अभियोजन की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी थी कि यह दुनिया में भारत को बदनाम करने की साजिश थी ऐसे में सिर्फ इस आधार पर जमानत देना ठीक नहीं होगा कि आरोपी लंबे समय से कैद में हैं। अभियोजन पक्ष ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध करते हुए दलील दी कि यह सिर्फ और सिर्फ दंगों का मामला नहीं है बल्कि एक ऐसा मामला है जहां दंगों की साजिश पहले से ही एक भयावह मकसद और सोचे-समझे षडयंत्र के साथ बनाई गई थी।

दिल्ली दंगों में 53 लोगों की हुई थी मौत

फरवरी 2020 में हुए दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। यह हिंसा नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान भड़की थी। शरजील इमाम, खालिद सैफी, गुलफिशा फातिमा और अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं 2022 से हाई कोर्ट में लंबित थी और समय-समय पर विभिन्न पीठों ने इन पर सुनवाई की।

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अपने ही पिता की पार्टी भारत राष्ट्र समिति से सस्पेंड हुई के. कविता

तेलंगाना की राजनीति से बड़ी खबर सामने आ रही है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) की विधान परिषद सदस्य (MLC) के. कविता को पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया है। बता दें कि भारत राष्ट्र समिति (BRS) के प्रमुख के. कविता के पिता के. चंद्रशेखर राव (KCR) ही हैं। के. कविता को सस्पेंड करने का फैसला के. चंद्रशेखर राव ने ही लिया है। जानकारी के मुताबिक, पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण के. कविता को पार्टी से निलंबित किया गया है।

भारत राष्ट्र समिति ने जारी किया नोटिस ?

भारत राष्ट्र समिति (BRS) की ओर से जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियां बीआरएस पार्टी के लिए हानिकारक हैं। पार्टी का नेतृत्व इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है। पार्टी के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव ने के. कवीता को तुरंत पार्टी से निलंबित करने का फैसला किया है।

जाने किस कारण सस्पेंड हुईं के. कविता

के. कविता के हाल के दिनों में किए जा रहे टिप्पणियों और पार्टी के मुख्य नेताओं पर आरोप लगाने को गंभीरता से लिया गया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के. कविता ने आरोप लगाया कि कालेश्वरम प्रोजेक्ट में धांधली का दाग केसीआर पर लगाने के पीछे केसीआर के भांजे हरीश राव (पूर्व आर्थिक मंत्री) और एक और भांजे संतोष कुमार और मेघा कृष्णा राव का हाथ है। उन्होंने हेरा फेरी कर के केसीआर का नाम इसमें घसीटा। पार्टी लाइन क्रॉस करने के कारण के. कविता को सस्पेंड किया गया है।

क्या है कालेश्वरम परियोजना विवाद?

तेलंगाना में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने कालेश्वरम बैराज निर्माण से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है। सीएम रेवंत रेड्डी ने बताया है कि जस्टिस पीसी घोष आयोग की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि परियोजना में कई त्रुटियां और अनियमितताएं थीं। वही रिपोर्ट से पता चला है कि तीनों बैराजों का निर्माण बिना किसी उचित योजना के किया गया था। उन्होंने दुख जताया कि कालेश्वरम परियोजना के कारण लगभग एक लाख करोड़ रुपये बर्बाद हो गए।

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मेरी मां को गालियां दी गई, बिहार की हर मां को बुरा लगा होगा – पीएम मोदी

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया। पीएम मोदी ने कहा है कि भारत के विकास का एक बड़ा आधार महिलाओं का सशक्तिकरण है। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए यह आवश्यक है कि उनके जीवन से सभी प्रकार की कठिनाइयां दूर हों। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। पीएम मोदी ने कहा है कि आरजेडी-कांग्रेस के मंच से मेरी मां को गाली दी गई, ऐसी कल्पना किसी ने नहीं की थी। बता दें कि बिहार के दरभंगा जिले में कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान कार्यक्रम में पीएम मोदी और उनकी मां के लिए आपत्तिजनक बयान दिए गए थे।

देश की मां, बहन, बेटी का अपमान – प्रधानमंत्री मोदी

पीएम मोदी ने बिहार की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा है कि मेरी मां को गाली दी गई, ये मेरी मां का अपमान नहीं है। ये देश की मां, बहन, बेटी का अपमान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मां हमारा संसार है। मां हमारा स्वाभिमान है। इस संस्कार संपन्न बिहार में कुछ दिन पहले जो हुआ। उसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी।

बिहार में आरजेडी-कांग्रेस के मंच से मेरी मां को गालियां दी गईं। ये गालियां सिर्फ़ मेरी मां का अपमान नहीं हैं। ये देश की माताओं, बहनों और बेटियों का अपमान है। मैं जानता हूं। आप सभी को, बिहार की हर मां को, ये देखकर और सुनकर कितना बुरा लगा होगा। मैं जानता हूं, जितना दर्द मेरे दिल में है, उतना ही दर्द बिहार के लोगों को भी है।

मैंने कल्पना भी नहीं की थी – पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि बिहार में कुछ दिनों पहले जो हुआ उसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी। बिहार में आरजेडी-कांग्रेस के मंच से मेरी मां को गालियां दी गईं। मुझे पता है कि आप सबको भी ये देखकर और सुनकर कितना बुरा लगा है। मैं जानता हूं कि इसकी जितनी पीड़ा मेरे दिल में है। उतनी ही तकलीफ मेरे बिहार के लोगों को भी है। इसलिए आज जब इतनी बड़ी तादात में बिहार की लाखों माताओं-बहनों के दर्शन मैं कर रहा हूं। तो आज मेरा मन और मैं अपना दुख आपसे साझा कर रहा हूं। ताकि आप माताओं-बहनों के आशीर्वाद से मैं इसे झेल पाऊं।

मां ने मुझे देशसेवा का आशीर्वाद देकर भेजा – पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि मैंने हर दिन, हर क्षण अपने देश के लिए पूरी मेहनत से काम किया है। इसमें मेरी मां की बहुत बड़ी भूमिका रही है। मुझे मां भारती की सेवा करनी थी। इसलिए मुझे जन्म देने वाली मेरी मां ने मुझे अपने दायित्वों से मुक्त कर दिया था। उस मां के ही आशीर्वाद से मैं चल पड़ा था। इसलिए मुझे आज इस बात की पीड़ा है कि जिस मां ने मुझे देशसेवा का आशीर्वाद देकर भेजा, खुद से अलग करके मुझे जाने की इजाजत दी।

मेरी मां का क्या गुनाह है – प्रधानमंत्री मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि आप सब जानते हैं कि अब मेरी मां का शरीर तो इस दुनिया में नहीं है। कुछ समय पहले 100 साल की उम्र पूरी करके, वो हम सबको छोड़कर चली गई। मेरी उस मां को जिसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है, जिसका शरीर भी अब नहीं है। मेरी उस मां को आरजेडी-कांग्रेस के मंच से भद्दी-भद्दी गालियां दी गई। ये बहुत ही दुख, कष्ट और पीड़ा देने वाला है। उस मां का क्या गुनाह है कि उसे भद्दी गालियां सुना दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरी मां ने हम सभी को अत्यंत गरीबी में पाला। वह अपने लिए कभी नई साड़ी नहीं खरीदती थीं और हमारे परिवार के लिए एक-एक पैसा बचाती थीं। मेरी मां की तरह, मेरे देश की करोड़ों माताएं प्रतिदिन तपस्या करती हैं।

मुझे जो गालियां दीं, उनकी सूची बहुत लंबी है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राजपरिवारों में जन्मे ये ‘युवराज’ एक गरीब मां की तपस्या और उसके बेटे के दर्द को नहीं समझ सकते। वे मुंह में चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं। वे सोचते हैं कि देश और बिहार की सत्ता उनके परिवार की विरासत है। उन्हें लगता है कि उन्हें केवल कुर्सी मिलनी चाहिए। लेकिन आप देश की जनता ने एक गरीब मां के मेहनती बेटे को आशीर्वाद दिया और उसे प्रधान सेवक बनाया। वे इसे पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने मुझे जो गालियां दीं, उनकी सूची बहुत लंबी है।

आरजेडी का हत्यारों और बलात्कारियों को संरक्षण

पीएम मोदी ने कहा कि मां को गाली देने वाली मानसिकता, बहन को गाली देने वाली मानसिकता, महिलाओं को कमज़ोर समझती है। ये मानसिकता महिलाओं को शोषण और उत्पीड़न की वस्तु समझती है। इसलिए जब भी महिला विरोधी मानसिकता सत्ता में आई है। माताओं, बहनों और बेटियों को सबसे ज़्यादा तकलीफ़ हुई है। राजद के ज़माने में बिहार में अपराध और अपराधियों का बोलबाला था। जब हत्या, फिरौती और बलात्कार आम बात थी। राजद सरकार हत्यारों और बलात्कारियों को संरक्षण देती थी। उस राजद शासन का खामियाजा किसे भुगतना पड़ा ? बिहार की महिलाओं को भुगतना पड़ा।

कांग्रेस राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान करती है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस हमेशा गरीब आदिवासी परिवार से आने वाली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान करती है। महिलाओं के प्रति नफरत की इस राजनीति को रोकना बहुत जरूरी है। किस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है ? भारत की धरती ने माताओं को गाली देने वालों को कभी माफ नहीं किया है। आरजेडी और कांग्रेस को छठी मैया से माफी मांगनी चाहिए। सभी को आरजेडी और कांग्रेस से जवाब मांगना चाहिए। हर गली और मोहल्ले से एक ही आवाज आनी चाहिए, मां को गाली नहीं सहेंगे, नहीं सहेंगे। हम आरजेडी और कांग्रेस द्वारा किए गए अत्याचारों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

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मोदी-पुतिन-जिनपिंग की मुलाकात से अमेरिका चिंतित, अब डैमेज कंट्रोल शुरू

चीन में आज भारत ने अपनी कूटनीतिक चाल चलते हुए अमेरिका को जवाब दे दिया। यहां चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ पीएम मोदी ने मुलाकात की। इन तीनों वैश्विक नेताओं की मुलाकात ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी हैं। इस बीच अब अमेरिका को अपनी गलती का एहसास भी होने लगा है। भारत में अमेरिकी दूतावास की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट की गई है, जिसमें साफ तौर पर दिख रहा है कि अब अमेरिका को भारत पर लगाए गए टैरिफ वाली गलती का एहसास हो रहा है और अब अमेरिका अपनी तरफ से डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश में जुट गया है।

मार्को रूबियो का बयान

अमेरिकी दूतावास की ओर से की गई इस पोस्ट में एक तस्वीर भी शेयर की गई थी। इस तस्वीर पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का एक बयान दर्शाया गया है। बयान में लिखा है, “भारत और अमेरिका के लोगों के बीच गहरी दोस्ती हमारे संबंधों का आधार है। यह हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है, क्योंकि हम अपने आर्थिक संबंधों की अपार संभावनाओं को साकार करते हैं।

अमेरिकी दूतावास की ओर से की गई पोस्ट
अमेरिकी दूतावास की ओर से की गई पोस्ट

यूएस एंबेसी ने किया पोस्ट

भारत में अमेरिकी दूतावास की ओर से एक्स पर की गई पोस्ट में लिखा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है, जो 21वीं सदी का एक निर्णायक रिश्ता है। इस महीने, हम उन लोगों, प्रगति और संभावनाओं पर प्रकाश डाल रहे हैं जो हमें आगे बढ़ा रहे हैं। नवाचार और उद्यमिता से लेकर रक्षा और द्विपक्षीय संबंधों तक, यह हमारे दोनों देशों के लोगों के बीच की स्थायी मित्रता ही है जो इस यात्रा को ऊर्जा प्रदान करती है।इसके साथ ही इस पोस्ट में एक हैशटैग #USIndiaFWDforOurPeople भी दिया गया और इसका हिस्सा बनने की अपील की गई है।

मोदी-पुतिन और जिनपिंग की हुई मुलाकात

बता दें कि पीएम मोदी ने सोमवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। तीनों बड़े वैश्विक नेताओं की मुलाकात ऐसे समय पर हुई है, जब इन तीनों ही देशों पर अमेरिका लगातार दबाव बना रहा है। एक तरफ जहां अमेरिका ने पहले चीन पर लगातार टैरिफ लगाए, जिसके बाद अब अमेरिका के निशाने पर भारत और रूस हैं। हाल ही में अमेरिका ने भारत पर भी 50 प्रतिशत के टैरिफ लगाए थे। वहीं अब टैरिफ वार के बीच अब तीनों देश करीब आ रहे हैं, जिससे अमेरिका की चिंता बढ़ती जा रही है।

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बिना अनुमति के नहीं किया जा सकता अनिश्चितकालीन प्रदर्शन – बॉम्बे हाईकोर्ट

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मुंबई में चल रहे आंदोलन के बीच बॉम्बे हाईकोर्ट में विशेष सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आंदोलन के नेता मनोज जरांगे को सख्त हिदायत दी कि बिना प्रशासन की अनुमति के सार्वजनिक स्थानों पर अनिश्चितकालीन धरना या प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने गणेशोत्सव के दौरान शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि मुंबई की यातायात व्यवस्था को बाधित करने वाले किसी भी प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी जाएगी।

स्कूल-कॉलेज का क्या हाल है – बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूछा कि धरना प्रदर्शन को लेकर स्कूल-कॉलेज का क्या हाल है? इस पर सरकार की तरफ से कहा गया कि कल से स्कूल खुलेंगे। एक दिव्यांग 5 घंटे ट्रैफिक में फंसी रही थी। इस मामले में अलग से एक वकील गुणरत्न सदावर्ते का कहना है कि इस मामले में सीधा राजनीतिक हस्तक्षेप है। शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट और एनसीपी शरद पवार गुट के नेता उन्हें खाना पानी ट्रक में पहुंचा रहे हैं।

राजनैतिक मजबूरियां भी शामिल

वकील गुणरत्न सदावर्ते ने कहा कि राजनैतिक मजबूरियां भी शामिल हैं। मुझे जाति और राजनीति बीच में नहीं लाना है, लेकिन कई विधायक और सांसद कह रहे हैं कि इन्हें आरक्षण ओबीसी कोटे से देना चाहिए। मराठा समुदाय की तरफ से आनंद काठे नाम के एक वकील ने कोर्ट में सदावर्ते की बात पर ऑब्जेक्शन लिया। हाईकोर्ट उनसे नाराज हुआ और पूछा आपको बीच में बोलने का कोई हक नहीं है। इस मामले में आपके पास कोई अधिकार नहीं है।

मुंबई के लोगों को हो रही परेशानी – बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह भी पूछा कि 2024 के जीआर (GR) के मुताबिक आपको आरक्षण तो दिया ही है। आपको चाहिए या नहीं, या अलग तरह से चाहिए। इस पर वकील ने कहा कि ओबीसी से चाहिए। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार पर परेशानियां हैं। हमने नोट किया कि गाड़ियां रुकी हैं, कितनी शांति से प्रोटेस्ट हो रहा है। हम देख सकते हैं। मुंबई के लोगों को परेशानी हो रही है। सरकार के पास दो चैलेंज हैं। एक हमने पहले ही ऑर्डर पास किया है। दूसरा जो व्यक्ति आंदोलन कर रहा है, उनकी बाते और जो बाकी लोग आंदोलन में शामिल होने आ रहे हैं।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा………

सरकार की तरफ से कहा गया कि हाईकोर्ट ने जो आदेश दिया उसके आधार पर परमिशन दी गई है, लेकिन उनका पालन नहीं किया है। हाईकोर्ट को मनोज जरांगे निर्देश देने चाहिए। 5000 से अधिक लोग शामिल नहीं होने चाहिए। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा अगर उससे अधिक लोग आ रहे है तो आपने कार्यवाही क्यों नहीं की है।

सरकार की तरफ से कहा गया कि पुलिस काम कर रही है, लेकिन एक डर भी है। बयानों में कहा गया कि आप एक लाठीचार्ज करिए और फिर देखिए। ये एक सीधा थ्रेट है। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि क्या मुंबई के लोगों की यह परेशानी चलती रहेगी जब तक आंदोलन करने वालों को जो चाहिए नहीं मिलता।

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हाइड्रोजन बम आने वाला है, बीजेपी के लोग सतर्क हो जाएं – राहुल गांधी

बिहार की राजधानी पटना में महागठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा का समापन हुआ। समापन से पहले पटना की सड़कों पर राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, मल्लिकार्जुन खरगे और मुकेश सहनी समेत कई दिग्गजों ने मार्च किया। डाकबंगला चौराहे पर बने मंच से राहुल और तेजस्वी ने बिहार की नीतीश और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला।

कांग्रेस सांसद और लोकसभा ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘ये यात्रा बिहार में शुरू हुई। इसको हमने वोटर अधिकार यात्रा नाम दिया। यहां पर शिवसेना के नेता बैठे हैं। महारष्ट्र में एनसीपी, कांग्रेस पार्टी औऱ शिवसेना से चुनाव चोरी किया गया था। यह सौ फीसदी सच है। करीब 1 करोड़ नए वोटर लोकसभा चुनाव के बाद वोटर लिस्ट में जोड़े जाते हैं। नए वोटर आकर वोट करते हैं। हमारे गठबंधन का जो वोट था। जितना हमें लोकसभा में मिला उतना ही विधानसभा में मिला। सभी नए वोट बीजेपी को मिला।

ऐसा इसलिए क्योंकि चुनाव आयोग औऱ बीजेपी ने मिलकर वोट चोरी की है। हमने दिखाया कि एक विधानसभा में एक लाख से ज्यादा फर्जी वोटर थे। बेंगलुरु सेट्रल में सात विधानसभाए हैं। छह में हम जीत जाते हैं। जहां एक लाख फर्जी वोट थे वहां हम हार जाते हैं और उसी वोट से बीजेपी लोकसभा चुनाव जीत जाती है।

लोकतंत्र को ख़त्म करने की कोशिश की जा रही

वहीं इससे पहले मंच संभालने के बाद बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार लोकतंत्र की धरती है और यहीं से लोकतंत्र को ख़त्म करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन बिहार की जनता ऐसा होने नहीं देगी।राजतन्त्र कायम करने की कोशिश हो रही है। बिहारियों को ठगने की कोशिश हो रही है। फैक्ट्री गुजरात में और विक्ट्री बिहार में चाहते हैं। तेजस्वी ने भीड़ से नारे लगवाए कि इस सरकार को बदलना है। बिहार में एक इंजीनियर के यहाँ सौ करोड़ मिले। उसने 10 करोड़ नोट जला दिये। उस विभाग के मंत्री सरकार के खासमखास हैं। सरकार अचेत अवस्था में है।

नीतीश सरकार पर खूब गरजे तेजस्वी यादव

पटना के डाकबंगला चौराहे पर बनाए गए मंच से तेजस्वी यादव जमकर गरजे। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में गड़बड करने वाले को मुंहतोड़ जवाब देना है। नीतीश सरकार को बिहार से उखाड़ फेंकने का काम करना है। इनके केवल एक इंजीनियर के पास से 100-100 करोड़ रुपये मिलते हैं। विभाग के मंत्री ग्लोबल टेंडिंग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री आप उसी मंत्री के यहां सुबह-शाम पहुंचते हैं। नीतीश कुमार नैतिक भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह बन गए हैं। इसलिए क्योंकि मंत्री जी के यहां नीतीश जी सुबह-शाम जाते हैं। हमलोगों ने जो कहा है वहीं यह नकलची सरकार काम कर रही है।

पेंशन बढ़ाएंगे, माई-बहिन योजना लाएंगे – तेजस्वी यादव

हमने कहां पेंशन बढ़ाएंगे, डोमिसाइल कानून बनाएंगे, हम बोले कि माई-बहिन योजना लाएंगे। यहीं सब नकल इस सरकार ने भी की है। ये लोग नकल तो कर सकते हैं लेकिन विजन नहीं ला सकते हैं। इस सरकार को भगाना है। हम नया बिहार बनाएंगे। जहां कारखानें, उद्योग हों। हर हाथ को कमाई, दवाई मिले। मोदी जी तेजस्वी पर मुकदमा कराते हैं।

हम लोग डरने वाले नहीं हैं। लालू जी के बेटवा डरा जाएगा। हमारे तो भगवान श्रीकृष्ण का जन्म ही जेल में हुआ था। हम लड़ेंगे, झुकेंगे नहीं। हमारे नेता को चाहे कितना भी झुकाया गया हो, ईडी सीबीआई लगाया गया हो, लालू झुके नहीं। तेजस्वी भी नहीं झुकेगा।

फैक्ट्री गुजरात में और विक्ट्री बिहार में चाहते हैं – तेजस्वी यादव

बिहार लोकतंत्र की धरती है और यहीं से लोकतंत्र को ख़त्म करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन बिहार की जनता ऐसा होने नहीं देगी। राजतन्त्र कायम करने की कोशिश हो रही है। बिहारियों को ठगने की कोशिश हो रही है। फैक्ट्री गुजरात में और विक्ट्री बिहार में चाहते हैं। तेजस्वी ने भीड़ से नारे लगवाए कि इस सरकार को बदलना है। बिहार में एक इंजीनियर के यहाँ सौ करोड़ मिले। उसने 10 करोड़ नोट जला दिये। उस विभाग के मंत्री सरकार के खासमखास हैं। सरकार अचेत अवस्था में है।

डबल इंजन की सरकार नकलची है। जो हम कह रहे हैँ, उसकी नकल हो रही है। इस सरकार में कोई विज़न नहीं है। ट्रांसफर पोस्टिंग में खेल हो रहा है। सरकार बनने पर भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। बिहार में बेरोजगारी और पलायन है। हम एफ आई आर से डरने वाले नहीं हैँ।

संविधान की हत्या की हो रही कोशिश – राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि हमारे लोगों ने कागज के वोटर लिस्ट से पता और फोटो मिलाकर काम किया और फिर देश के सामने सबूत रखा है। इसमें 17-17 घंटे लगे। बिहार के युवाओं से मैं कहना चाहता हूं कि वोट चोरी का मतलब अधिकार की चोरी, आरक्षण की चोरी, लोकतंत्र की चोरी, युवाओं के भविष्य की चोरी।

यह सिर्फ वोट नहीं ले रहे बल्कि आपकी जमीन औऱ राशन कार्ड सबकुछ ले जाकर अदाणी, अंबानी को दे देंगे। जिन शक्तियों ने महात्मा गांधी की हत्या की। वहीं शक्तियां गांधी और आबंडेकर के संविधान की हत्या की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए हमने बिहार में यात्रा की है और आपका बेहतरीन साथ मिला है। बिहार के सारे के सारे युवा खड़े हो गए।

‘हाइड्रोजन बम’ का जिक्र कर राहुल गांधी ने बीजेपी को चेताया

राहुल गांधी ने कहा कि वोटर अधिकार यात्रा के बीच में बीजेपी के लोगों ने काले झंडे दिखाए हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि वो अच्छी तरह से सुन लीजिए। एटम बम से बड़ा हाइड्रोजन बम होता है। बीजेपी के लोग तैयार हो जाइए हाइड्रोजन बम आ रहा है। वोट चोरी की आपकी सच्चाई पूरी देश को पता चलने वाली है। यह क्रांतिकारी प्रदेश है और इसने पूरे देश को संदेश दिया है कि हम वोट चोरी नहीं होने देंगे। हाइड्रोजन बम के बाद नरेंद्र मोदी अपना चेहरा इस देश को नहीं दिखा पाएंगे।

राहुल गांधी ने वोट चोरी का लगाया आरोप

पटना में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘ये यात्रा बिहार में शुरू हुई। इसको हमने वोटर अधिकार यात्रा नाम दिया। यहां पर शिवसेना के नेता बैठे हैं। महारष्ट्र में एनसीपी, कांग्रेस पार्टी औऱ शिवसेना से चुनाव चोरी किया गया था। यह सौ फीसदी सच है। करीब 1 करोड़ नए वोटर लोकसभा चुनाव के बाद वोटर लिस्ट में जोड़े जाते हैं। नए वोटर आकर वोट करते हैं। हमारे गठबंधन का जो वोट था।

जितना हमें लोकसभा में मिला उतना ही विधानसभा में मिला। सभी नए वोट बीजेपी को मिला। ऐसा इसलिए क्योंकि चुनाव आयोग औऱ बीजेपी ने मिलकर वोट चोरी की है। हमने दिखाया कि एक विधानसभा में एक लाख से ज्यादा फर्जी वोटर थे। बेंगलुरु सेट्रल में सात विधानसभाए हैं। छह में हम जीत जाते हैं। जहां एक लाख फर्जी वोट थे वहां हम हार जाते हैं और उसी वोट से बीजेपी लोकसभा चुनाव जीत जाती है।

वोट चोरी करवाकर बिहार में जीतने की कोशिश – खरगे

15 दिनों की यात्रा की चर्चा पूरे देश में हुई। भाजपा ने इस यात्रा में रुकावट पैदा करने की बहुत कोशिश की थी। लेकिन राहुल गांधी उनसे नहीं डरे। वोट चोरी वो करते हैं और जितने भी लोग बैंक से पैसा लूट कर भाग जाते हैं उनको भी यह लोग संभालते हैं। वोट चोरी कराकर बिहार में जीतने की कोशिश हो रही है। लेकिन आप सतर्क रहें। बाबा साहेब आबंडेकर ने, नेहरू जी ने, महात्मा गांधी ने इस देश में आजादी के बाद वोट का अधिकार दिलाया।

गरीब या महिला या कोई अन्य हो उन सब को इन्हीं लोगों ने वोट का अधिकार दिलवाया। इसलिए उस वोट को खोना नहीं है। मैं आपसे विनती करूंगा कि आज हमसब को जोर से लड़ना है। हमारे हक पर जो खतरा है उसे दूर करना है। राहुल गांधी ने वोटर अधिकार यात्रा शुरू की थी और तेजस्वी समेत हमारे गठबंधन के साथियों ने इसमें मदद की थी।

यह चुनाव पूरे देश की दिशा तय करेगा – हेमंत सोरेन

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह चुनाव पूरे देश की दिशा तय करेगा। एनडीए सरकार पर हमला बोलते हुए सोरेन ने कहा कि यह बहुत बड़े तीस मार खां नहीं हैं। अगर पिछड़ा, दलित और आदिवासी एकजुट हुआ तो यह कहीं नहीं टिकेंगे। यह आवाज दूर-दूर तक फैलाइए और जन-जन तक फैलाइए कि देश में किस तरह से कालाबाजारी चल रहा है। झारखंड-बिहार हमेशा एक साथ आगे बढ़ा है। यहां से कई महिला-पुरुष पलायन करते हैं।

पहले झारखंड से भी पलायन करते थे। लेकिन आज हमने झारखंड में पलायन रोक दिया है। आप इंडिया गठबंधन के साथ लोगों को खड़ा करिए। हम कहते नहीं हैं बल्कि कर कर दिखाने वाले हैं। यह लोग जुमले के दम पर नेता खरीदते हैं। यह जुबान ना डरने वाला है और ना बिकने वाला है। इस उम्र के पड़ाव में भी आदरणीय खरगे जी हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं। आज आपका सहयोग इस देश का तकदीर लिखेगा।

ईडी, सीबीआई से डराया जा रहा है – हेमंत सोरेन

लोटर अधिकार यात्रा में शामिल झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि साल 2014 में कुछ चालाक-चतुर लोगों ने सत्ता हासिल कर ली है। अगर आज नहीं चेते तो काफी परेशानियां होंगी। भारत देश में आजादी के बाद से जितने लोग नहीं मरे उससे ज्यादा लोग साल 2014 से अब तक मर चुके हैं। जब-जब हमने एकजुट होकर लड़ाई लड़ी है हमने जीत पाई है। आज एनडीए की सरकार फुट डालो, राज करो की नीति पर काम कर रही है। ईडी, सीबीआई के दम पर लोगों को डराया जा रहा है। ‘वोट चोरी’ आज से नहीं चल रही है बल्कि कई सालों से चल रही है।

आज उन लोगों का पर्दाफाश आपने सामने किया जा रहा है। इसलिए ये चुनाव सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश को बचाने का संकल्प है। हमलोग विपक्ष की तरफ से लगातार साजिशकर्ताओं के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं। मुझे भी कई दिनों तक जेल में डाल दिया। मुझे जेल से ही लोकसभा चुनाव लड़ना पड़ा। आप सभी लोगों से आग्रह है कि यहां पर जिस तरह से विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण किया गया है वो बेहद ही विचित्र है। अगर उनमें हिम्मत है तो वो गद्दी छोड़ कर फिर से रिवीजन कराएं तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

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एसआईआर विवाद: आपत्तियों की समय सीमा बढ़ाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

बिहार में वोटर लिस्ट के रिवीजन यानी एसआईआर पर लगातार विवाद जारी है। विपक्षी दल लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर से जुड़े एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर अभियान में आपत्तियां और दावे दर्ज करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा तय की गई अंतिम तिथि (1 सितंबर) को नहीं बढ़ाया है।

चुनाव आयोग की दलील दर्ज

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में आयोग की इस दलील को दर्ज किया कि चुनाव आयोग द्वारा यह बताया गया है कि दावे-आपत्तियां 1 सितंबर की अंतिम तिथि के बाद भी प्रस्तुत की जा सकती हैं और नामावलियों के अंतिम रूप देने के बाद उन पर विचार किया जाएगा। दावों पर विचार की प्रक्रिया नामांकन की अंतिम तिथि तक जारी रहेगी। दावे-आपत्तियां दाखिल करने का काम जारी रखा जाए। इस बीच राजनीतिक दल प्रस्तुत नोट पर अपनी प्रतिक्रिया प्रस्तुत कर सकते हैं।

चुनाव आयोग ने दी अहम जानकारी

बिहार एसआईआर मामले की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी है कि बिहार में मसौदा मतदाता सूची में शामिल 2.74 करोड़ मतदाताओं में से 99.5 प्रतिशत ने अब तक पात्रता दस्तावेज दाखिल कर दिए हैं। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि जिन मतदाताओं के दस्तावेज अधूरे हैं, उन्हें 7 दिनों के भीतर नोटिस जारी करना जारी है। चुनाव आयोग ने आगे कहा कि दावे और आपत्तियां दाखिल करने की 1 सितंबर की समय सीमा में कोई भी विस्तार एसआईआर प्रक्रिया और मतदाता सूची को अंतिम रूप देने में बाधा उत्पन्न करेगा।

वही सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ?

सुप्रीम कोर्ट ने समय सीमा में बढ़ोतरी से इंकार करते हुए राजनीतिक दलों को अपने प्रतिनिधियों को एक्टिव सहयोग करने के लिए कहा है। चुनाव आयोग ने कहा है कि 30 सितंबर के बाद भी आवेदन दाखिल कर सकते हैं। जो भी नाम शामिल होंगे, उन्हें मतदाता सूची में शामिल कर लिया जाएगा। अगर तारीख आगे बढ़ाई गई, तो यह एक अंतहीन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

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निक्की मर्डर केस : कैमरे के सामने आई कंचन, लगाई आरोपों की झड़ी

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में निक्की मर्डर केस की सबसे बड़ी गवाह कंचन पहली बार कैमरे के सामने आई हैं। पहले दिन के बाद निक्की की बड़ी बहन कैमरे पर नहीं आ रही थीं। परिवार का कहना था कि कंचन की तबीयत खराब है। काफी कोशिश के बाद परिवार को समझाकर कंचन से बातचीत की गई। कंचन का कहना है उन्हें पुलिस प्रशासन पर और योगी सरकार पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा “जो लोग कह रहे है कि मैं गायब हो गई, उनको कहूंगी कुछ भी न बोलें हमें पुलिस की जांच पर भरोसा है, प्रसाशन जांच कर रहा है।

जब कंचन से पूछा गया कि कुछ लोग कह रहे हैं, विपिन घर के बाहर था, सीसीटीवी में भी यही सामने आया है, आपका क्या कहना है, आग किसने लगाई? इसके जवाब में कंचन ने कहा कि पुलिस ने जांच पड़ताल कर ली है। सिलेंडर फटने से मौत हुई या किसी और वजह से आपको पुलिस से पता लग जाएगा। कंचन का कहना है घर में सब थे विपिन, पिता सतवीर, मां दया और भाई रोहित। सबको फांसी की सजा होनी चाहिए।

निक्की के पिता ने क्या कहा ?

निक्की के पिता भिखारी सिंह ने कहा कि महिला आयोग आया था, अब स्थानीय विधायक आए हैं। हम पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हैं। उन्होंने आरोपियों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की। सीसीटीवी को लेकर उन्होंने कहा कि पुलिस जांच कर रही है, डॉक्टर के बयान लिए हैं। विपिन के ताउ के बेटे देवेंद्र का कहना है कि निक्की ने बताया कि सिलेंडर फटने से आग लगी। सिलेंडर फटता तो घर ऐसा नहीं रहता। वह 70 पर्सेंट जल चुकी थी, बोलने की स्थिति में नही थी। ये बयान देवेंद्र ने डॉक्टर को दिया है न कि निक्की ने। भिखारी सिंह ने कहा कि अस्पताल में निक्की के साथ सिर्फ देवेंद्र था।

सतवीर से जान-पहचान पर उन्होंने कहा कि पंचायत में बिचौलिए के रूप में उनसे मुलाकात हुई थी। जब उनसे पूछा गया कि उनके बेटे रोहित पर मीनाक्षी ने दहेज का आरोप लगाया था। इस मामले को सुलझाने के लिए सतवीर ने 35 लाख रुपये का वादा किया था। यही 35 लाख वह मांग रहा था। इसपर भिखारी सिंह ने सीधा जवाब नहीं दिया और बातों को गोल घुमाने लगे। उन्होंने कहा कि आप समाज से बात कर लो हमे इंसाफ चाहिए। उन्होंने घर के कैमरे बंद रहने पर भी सवाल खड़े किए।

निक्की का बेटा मां को याद करता है – कंचन

कंचन ने कहा कि वह ज्यादा नहीं कहना चाहती। बस, घर के अंदर सभी उपस्थित थे। उसने बार-बार यह बात दोहराई कि उसे योगी सरकार पर भरोसा है। उसने कहा कि निक्की का बेटा मां को मिस करता है। इसके बाद परिवार के लोगों ने ज्यादा बात नहीं करने दी।

सीसीटीवी वीडियो में बाहर दिखा विपिन

भाटी परिवार के मकान के बाहर लगे सीसीटीवी वीडियो में विपिन घटना के समय और 15 मिनट बाद तक घर के बाहर नजर आ रहा है। घर के अंदर भी कैमरे लगे थे, लेकिन जिस फ्लोर में घटना हुई। वहां के कैमरे बंद थे। पड़ोसियों ने भी विपिन को निर्दोष बताते हुए कंचन पर ही आरोप लगाए हैं। ऐसे में पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही पूरी घटना सामने आएगी। फिलहाल दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।

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पति गया बाहर तो महिला मित्र को घर बुला लिया, फिर खुला ‘इश्क’ वाला राज

संवादाता – मोहम्मद इबरान, बाराबंकी। कहते हैं कि प्यार अंधा होता है! इसका रोग कभी भी किसी को भी लग सकता है। प्यार ना तो जाति देखता है और ना धर्म। प्यार का ऐसा ही एक मामला अब उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से सामने आया है, जिसने सभी को चौंका दिया है। दरअसल, यहां एक विवाहिता अपने पति के साथ नहीं, बल्कि महिला मित्र के साथ रहना चाहती है। महिला का कहना है कि या तो वह उसके साथ उसकी ससुराल में रहेगी या अपने साथ लेकर जाएगी। यह मामला हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र का है।

हैदरगढ़ निवासी एक युवक की शादी एक गांव निवासी युवती के साथ 17 मई 2025 को हुई थी। 24 अगस्त को महिला का पति मजदूरी पर गया हुआ था। तो वहीं महिला की सास और ससुर खेत पर गए थे। इस दौरान विवाहिता ने अपनी महिला मित्र को घर बुलाया और उसे कमरे में बंद कर लिया। विवाहिता का पति और सास-ससुर घर पहुंचे तो कमरे का दरवाजा बंद था।

सुबह से शाह हो गई, लेकिन विवाहित ने दरवाजा नहीं खोला। कमरे का दरवाजा न खुलने पर परिवार वाले डर गए। इस दौरान मौके पर ग्रामीण भी एकत्रित हो गए और किसी अनहोनी की आशंका के चलते दरवाजे को तोड़ने की तैयारी शुरू हुई। जैसे इस बात की भनक विवाहिता को लगी तो उसने दरवाजा खोल दिया। इस दौरान कमरे के अंदर का नजारा देखकर सभी दंग रह गए।

महिला मित्र की बात सुन परिवार के लोग हुए दंग

इस दौरान विवाहिता की महिला मित्र ने कहा, ‘हम दोनों एक-दूसरे से प्यार करते है। मेरी शादी हो चुकी है अब मैं इसे लेने आई हूं। इतना ही नहीं, उसने कहा कि या तो वह उसके साथ उसकी ससुराल में रहेगी या अपने साथ लेकर जाएगी। महिला मित्र की ये बात सुनकर ग्रामीण और परिवार के लोग दंग रह गए। वहीं विवाहिता भी अपने पति को छोड़ अपनी महिला मित्र के साथ जीवन बिताने की जिद पर अड़ गई।

महिला मित्र के साथ रहने की जिद पर अड़ी

समलैंगिकता का ड्रामा देख पूरे गांव में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। इस दौरान पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने विवाद निपटारे को लेकर सभी पक्षों को थाने बुलाया। हैदरगढ़ कोतवाली में दोनों पक्षों के बीच कई घंटों तक समझौते की कोशिशें चलीं। लेकिन विवाहिता अपने फैसले पर अड़ी रही। उसका कहना है कि अब वह किसी भी हाल में अपनी महिला मित्र के साथ ही रहेगी। इस पूरे घटनाक्रम से पुलिस भी असमंजस में पड़ गई। कोतवाली इंस्पेक्टर शिव अजोर मिश्र ने बताया कि प्रथम दृष्टया समलैंगिक मामले से जुड़ा प्रकरण बताया जा रहा है। सभी पक्षों को समझा कर उनके घरों को भेजा गया है।

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महागठबंधन के सीएम फेस पर वीआईपी के मुकेश सहनी ने बढ़ाई हलचल

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में तेजस्वी यादव को महागठबंधन का सीएम फेस बनाने को लेकर सियासत गर्म है। अब विपक्षी गठबंधन में शामिल विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के सुप्रीमो मुकेश सहनी के बयान से हलचल तेज हो गई है। सुपौल में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान सहनी ने कहा कि तेजस्वी को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाने पर फैसला सिर्फ राहुल गांधी नहीं लेंगे। पिछले दिनों पूर्णिया में महागठबंधन की प्रेस वार्ता के दौरान आरजेडी नेता तेजस्वी को सीएम बनाने के सवाल को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने टाल दिया था। इससे चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था। सत्ताधारी भाजपा और एनडीए के नेताओं ने भी इसे मुद्दा बना दिया था।

राहुल गांधी ने क्या कहा था ?

चुनाव आयोग के द्वारा चलाए जा रहे वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए राहुल गांधी बिहार में तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी एवं महागठबंधन के अन्य नेताओं के साथ यात्रा निकला रहे हैं। उनकी वोटर अधिकार यात्रा 24 अगस्त को पूर्णिया पहुंची थी। यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल से एक पत्रकार ने तेजस्वी को सीएम कैंडिडेट घोषित करने के बारे में सवाल किया। इस पर राहुल ने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि बहुत अच्छी तरीके से गठबंधन चल रहा है। सभी पार्टियां मिल जुलकर काम कर रही हैं। आपस में कोई विवाद नहीं है। हमारा मकसद वोट चोरी को रोकना है।

सभी पार्टियों की सहमति ली जाएगी – मुकेश सहनी

बिहार के पूर्व मंत्री और वीआईपी के सुप्रीमो मुकेश सहनी ने सुपौल में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, सिर्फ राहुल गांधी निर्णय नहीं लेंगे कि तेजस्वी यादव सीएम बनेंगे। बल्कि सभी दल मिलकर इस पर फैसला करेंगे। स्पष्ट है कि तेजस्वी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे लेकिन ये तय गठबंधन के स्तर से होगा। पूर्व मंत्री और वीआईपी के सुप्रीमो मुकेश सहनी ने इस बयान से स्पष्ट कर दिया कि सिर्फ कांग्रेस या राहुल गांधी की राय से मुख्यमंत्री पद पर फैसला नहीं होगा, बल्कि सभी पार्टियों की इस पर सहमति ली जाएगी।

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मारपीट में घायल आप नेता ने तोड़ा दम, अस्पताल में हंगामा-पथराव

यूपी के गोरखपुर में पिछले 23 अगस्त को मारपीट में घायल आम आदमी पार्टी (आप) के नेता कुंज बिहारी निषाद ने गोरखनाथ क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसके बाद परिवारवाले हॉस्पिटल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए भड़क गए। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते पत्थर चलने लगे। इस दौरान हालात पर काबू पाने की कोशिश कर रहे एक थानेदार को एक पत्थर लगा और उनका सिर फट गया। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को आम आदमी पार्टी के जिन नेता की इलाज के दौरान मौत हुई है। वह बिल्डिंग मटेरियल के कारोबारी भी थे।

आप नेता पर किया जानलेवा हमला

नगर निगम के पिछले चुनाव के दौरान उन्होंने वार्ड नंबर 14 राजेंद्र नगर से पार्षद का चुनाव भी लड़ा था। मोहल्ले में ही अभिषेक पांडेय के घर का निर्माण चल रहा था, जिसमें कुंज बिहारी ने बालू मिट्टी गिराया था। बीते 23 अगस्त की शाम के समय कुंज बिहारी अपने साले के साथ अभिषेक के घर पर बकाया 50000 मांगने गए थे। आरोप है कि इस दौरान अभिषेक अपने 10 से 12 साथियों साथ मिलकर कुंज बिहारी और उनके साले पर जानलेवा हमला कर दिया।

इसमें कुंज बिहारी और उनका साला दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवारीजनों ने दोनों को गोरखनाथ क्षेत्र के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। घायल कुंज बिहारी की ओर से दी गई तहरीर पर गोरखनाथ थाने की पुलिस ने अभिषेक पांडेय, हिमाचल पांडेय और 12 अज्ञात खिलाफ हत्या की कोशिश करने के आरोप में मुकदमा भी दर्ज किया था।

अस्पताल पर लगा इलाज में लापरवाही का आरोप

वही अस्पताल में इलाज के दौरान कुंज बिहारी की मौत हो गई। इसके बाद परिवारीजन उग्र हो गए। वे अस्पताल के अंदर और बाहर हंगामा करने लगे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने अस्पताल के कर्मचारियों से अभद्रता की। हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिवारीजन और आम आदमी पार्टी के सैकड़ों नेताओं ने जमकर हंगामा किया। हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। देखते ही देखते आप नेता के परिवारीजनों, आप कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प होने लगी। इस दौरान पथराव होने लगा।

थानेदार आए पथराव की चपेट में

इसी बीच मामला शांत करने के लिए पुलिस लोगों को समझा भी रही थी। लेकिन लोग नहीं माने तो पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे एंबुलेंस से पोस्टमार्टम के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजने की कोशिश की। इससे भीड़ उग्र हो गई । सैकड़ों की भीड़ और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। इस दौरान गोरखनाथ के एसएचओ शशि भूषण राय पथराव की चपेट में आ गए। उनके सिर में चोट आई। उनका सिटी स्कैन कराया गया। पुलिस ने बल प्रयोग कर शव को बीआरडी मेडिकल कॉलेज भिजवा दिया है।

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निक्की भाटी केस में नया मोड़, क्या गैस सिलेंडर फटने से लगी थी आग ?

उत्तर प्रदेश स्थित गौतमबुद्ध नगर के ग्रेटर नोएडा में निक्की भाटी के मामले में अब नए खुलासे हो रहे हैं। इस बीच एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि निक्की की मौत सिलेंडर ब्लास्ट से हुई है। यह दावा विपिन के चचेरे भाई ने किया है। विपिन के चचेरे भाई ने कहा कि आग लगने के तत्काल बाद निक्की के ससुराल के लोग उन्हें फोर्टिस ले गए।

दावा किया गया कि निक्की को फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। निक्की जलने के बाद फोर्टिस अस्पताल लाई गई थी। इसके बाद अस्पताल को बताया कि सिलेंडर फटने से लगी आग थी। अस्पताल ने पुलिस को भेजे गए मेमो का भी जिक्र किया। मेमो में भी सिलेंडर ब्लास्ट से आग लगने का जिक्र है।

दावा है कि कासना पुलिस को सबसे पहले मेमो के जरिए सूचना मिली। सिलेंडर ब्लास्ट में आग से जलने की सूचना मिली थी। पुलिस अब अस्पताल के डॉक्टर के भी बयान दर्ज करेगी। भर्ती होने के दिन के सभी सीसीटीवी फुटेज जांचे जाएंगे। दावा है कि भर्ती करते समय निक्की के परिवार ने बातें छुपाई। हत्या या हत्या की कोशिश के बारे में बात छुपाई थी।

उधर, एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार घटना के वक्त सीसीटीवी में दिख रहा है कि निक्की का पति विपिन भाटी और उसका बेटा बाहर थे। अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया कि सीसीटीवी फुटेज में विपिन घटना के समय अपने ग्रेटर नोएडा स्थित आवास के बाहर एक किराने की दुकान पर दिखाई दे रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम को फिर से जांचने में जुट गई है।

read more :  बहन कंचन का दावा सिर्फ दहेज नहीं, निक्की की हत्या की वजह कुछ और

बहन कंचन का दावा सिर्फ दहेज नहीं, निक्की की हत्या की वजह कुछ और

ग्रेटर नोएडा के दहेज हत्याकांड मामले ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। दहेज के लालच में ससुरालवालों ने निक्की राठी को पीट-पीटकर जिंदा जला दिया। निक्की के परिवारवाले पहले ही बहुत कुछ दहेज में दे चुके थे लेकिन उनकी मांग खत्म होने का नाम नहीं ले रही थी। वह अब 35 लाख रुपए की मांग कर रहे थे। निक्की की बहन और जेठानी कंचन ने इस मामले में एक और बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि ससुराल वाले विपिन की दूसरी शादी कराना चाहते थे और किसी भी तरह निक्की को रास्ते से हटाने की कोशिश में थे।

दहेज का मांग निक्की की हत्या में बदल गई

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंचन ने बताया कि दहेज का मांग निक्की को रास्ते से हटाने के प्लान में बदल गई थी। वह किसी भी तरह निक्की से पीछा छुड़ाना चाहते थे। वह चाहते थे कि निक्की घर छोड़कर चली जाए ताकी विपिन की दूसरी शादी कराई जा सके। इससे पहले निक्की के पिता भी दावा कर चुके हैं कि विपिन का किसी और से अवैध संबंध भी था। कंचन और निक्की की साल 2016 में एक ही घर में शादी हुई थी। निक्की की शादी विपिन राठी से और उसकी बहन कंचन की शादी उसके बड़े भाई रोहित राठी से हुई थी।

निक्की के साथ मारपटी की गई – कंचन

पुलिस ने कंचन की शिकायत पर चार लोगों, विपिन, सास दयावती, ससुर और जेठ के खिलाफ केस दर्ज किया। इन चारों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और विपिन को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। कंचन ने बताया कि 21 अगस्त को निक्की के साथ मारपटी की गई थी। इसके बाद सास ने विपिन केरोसिन पकड़ाया और विपिन ने उसे निक्की के ऊपर डालकर आग लगा दी। रोहित और उसके ससुर वहीं खड़े थे लेकिन किसी ने नहीं बचाया। वहीं जब उसने बीच बचाव की कोशिश की तो उसे भी मारा गया।

कस्टडी से भागने की कोशिश

विपिन राठी को गिरफ्तार किया गया था और बाद में पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान उसके पैर में गोली मार दी गई। उसकी मां दया (55) को भी उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि जब विपिन को सबूत इकट्ठा करने के लिए ले जाया जा रहा था तो उसने एक उप निरीक्षक की बंदूक छीन ली और अधिकारियों पर गोली चलाई, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है।

निक्की को प्रताड़ित कर मांग कर रहे दहेज

निक्की के परिवार ने आरोप लगाया कि 2016 में शादी के बाद से ही निक्की को प्रताड़ित किया जा रहा था और ससुराल वालों की दहेज की मांग बढ़ती जा रही थी। निक्की के परिवार ने कहा कि उन्होंने पहले ही बेटी के ससुराल वालों को एक स्कॉर्पियो एसयूवी, एक मोटरसाइकिल और सोने के आभूषण दिए थे, लेकिन बाद में वे 36 लाख रुपये नकद और एक लग्जरी कार देने की भी मांग करने लगे। मृतका के पिता ने बताया कि उनकी दो बेटियों कंचन (29) और निक्की (26) की शादी 2016 में रोहित राठी और विपिन राठी से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया, तब से वे दोनों बेटियों को प्रताड़ित कर रहे थे और दहेज की मांग कर रहे थे।

read more :  रूसी हमलों से बौखलाए यूक्रेन का पलटवार, परमाणु संयंत्र पर किया ड्रोन अटैक

रूसी हमलों से बौखलाए यूक्रेन का पलटवार, परमाणु संयंत्र पर किया ड्रोन अटैक

रूसी हमलों से बौखलाए यूक्रेन ने मॉस्को पर भीषण हवाई हमला किया है। रूस ने दावा किया कि यूक्रेन ने शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात उसके पश्चिमी कुर्स्क क्षेत्र में स्थित एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र समेत कई महत्वपूर्ण ठिकानों को ड्रोन हमलों से निशाना बनाया। रूस के अनुसार हमलों के चलते एक परमाणु संयंत्र में आग लग गई। हालांकि विकिरण स्तर नियंत्रण में है और कोई जनहानि नहीं हुई है।

कनाडा के पीएम कार्नी पहुंचे कीव

इन सैन्य घटनाओं के बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी रविवार सुबह कीव पहुंचे, जहां उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब पश्चिमी देशों से यूक्रेन को सैन्य सहायता देने की रफ्तार बढ़ रही है। उधर, नॉर्वे ने यूक्रेन को नई सैन्य सहायता देने की घोषणा की है, जिसके तहत वह लगभग 100 अरब क्रोनर (करीब 69.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर) की सहायता वायु रक्षा प्रणालियों के लिए प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने कहा कि नॉर्वे और जर्मनी मिलकर दो पैट्रियट मिसाइल प्रणालियों का संयुक्त वित्तपोषण कर रहे हैं। इसके अलावा, नॉर्वे वायु रक्षा रडार की खरीद में भी सहयोग करेगा।

यूक्रेन के हमले को लेकर आइएईए सतर्क

संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी (IAEA)ने कहा कि उसे मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए जानकारी मिली है कि “सैन्य कार्रवाई” के कारण संयंत्र के एक ट्रांसफार्मर में आग लगी थी, लेकिन एजेंसी इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकी है। यूक्रेन की ओर से इन घटनाओं को लेकर अब तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि शनिवार रात यूक्रेन ने रूस के विभिन्न इलाकों को निशाना बनाते हुए कुल 95 ड्रोन विमानों को भेजा था, जिनमें से सभी को रूसी वायु रक्षा प्रणालियों ने निष्क्रिय कर दिया।

यूक्रेन मना रहा 34वां स्वतंत्रता दिवस

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब यूक्रेन अपनी स्वतंत्रता की 34वीं वर्षगांठ मना रहा है। रूसी अधिकारियों ने बताया कि देर रात किए गए इन हमलों में विशेष रूप से ऊर्जा अवसंरचना को निशाना बनाया गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘टेलीग्राम’ पर पोस्ट के ज़रिए अधिकारियों ने बताया कि आग पर तुरंत काबू पा लिया गया और हालात नियंत्रण में हैं। हालांकि, एक ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुआ है।

दोनेत्स्क में भीषण लड़ाई जारी

पूर्वी यूक्रेन के दोनेत्सक क्षेत्र में रूस और यूक्रेन में भीषण लड़ाई जारी है। रूस ने दावा किया कि उसकी सेना ने वहां दो गांवों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है। इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि रूस-यूक्रेन युद्ध अभी भी बेहद तनावपूर्ण स्थिति में है और अंतरराष्ट्रीय समर्थन व रणनीतिक मोर्चों पर हालात लगातार बदल रहे हैं।

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बिहार चुनाव में इंडिया ब्लॉक साझा घोषणापत्र जारी करेगा – राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि बिहार में विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के सभी घटक आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एकजुट होकर काम कर रहे हैं और परिणाम फलदायी होंगे। अररिया में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि इस वर्ष के अंत में होने वाले चुनावों के लिए ‘इंडिया’ जल्द ही एक साझा घोषणापत्र जारी करेगा। राहुल गांधी ने कहा की ‘इंडिया’ गठबंधन जल्द ही बिहार विधानसभा चुनावों के लिए एक साझा घोषणापत्र जारी करेगा। विपक्षी गठबंधन के सभी घटक वैचारिक और राजनीतिक रूप से एकजुट होकर काम कर रहे हैं और परिणाम फलदायी होंगे।

वोटों की चोरी का प्रयास

केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर तीखा हमला करते हुए गांधी ने आरोप लगाया कि पूर्वी राज्य में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) भाजपा की मदद के लिए वोट चुराने का निर्वाचन आयोग का संस्थागत प्रयास है। उन्होंने कहा कि हम निर्वाचन आयोग को बिहार में वोट चुराने की इजाजत नहीं देंगे। निर्वाचन आयोग भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रहा है। एसआईआर निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों में वोट चुराकर भाजपा की मदद करने का एक संस्थागत प्रयास है।

मेरे सवालों का जवाब नहीं मिला – राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग की पोजिशन आपको स्पष्ट दिख जानी चाहिए। मैंने कर्नाटक में उनके सामने एक डेटा रखा लेकिन उन सवालों का आज तक एक जवाब नहीं आया। 1 लाख फर्जी वोटर कहां से आए, कौन थे इसका जवाब चुनाव आयोग ने नहीं दिया। मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा था उसी दौरान चुनाव आयोग कहता है कि राहुल गांधी को एफिडेविट देना चाहिए और अगर एफिडेविट नहीं दिया तो हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे।

कुछ दिन बाद अनुराग ठाकुर वैसा ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं। लेकिन चुनाव आयोग उनसे एफिडेविट नहीं मांगते हैं। तो आपको पता है कि चुनाव आयोग किसके साथ खड़ा है। बिहार में एसआईआर वोट चोरी करने का एक तरीका है। विपक्ष शिकायत कर रही लेकिन बीजेपी कुछ नहीं कह रही है। क्योंकि बीजेपी और चुनाव आयोग की साझेदारी है।

राहुल गांधी ने रैली में मोदी सरकार पर साधा निशाना

वहीं राहुल गांधी ने मतदाता अधिकार यात्रा के तहत यहां एक रैली को संबोधित करते हुए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर देश के गरीबों और युवाओं के लिए रोजगार के सभी अवसर बंद करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों का निजीकरण करने के बाद अब निर्वाचन आयोग की मदद से एसआईआर के जरिए गरीबों के वोट चुराना चाहती है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा ‘इंडिया’ गठबंधन बिहार में ऐसा नहीं होने देगा।

संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकारों की गारंटी देता है, एसआईआर संविधान विरोधी है। बिहार की जनता विधानसभा चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगियों को करारा जवाब देगी। लगभग 1,300 किलोमीटर लंबी ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई थी। यात्रा 16 दिन में 20 से अधिक जिलों से गुजरेगी और एक सितंबर को पटना में एक रैली के साथ समाप्त होगी।

read more :  पूर्व सीएम चंपई सोरेन समेत बेटे बाबूलाल हिरासत में, चलाने वाले थे हल

पूर्व सीएम चंपई सोरेन समेत बेटे बाबूलाल हिरासत में, चलाने वाले थे हल

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को उनके रांची स्थित आवास में हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। यह कार्रवाई सदर डीएसपी ने की है। चंपई सोरेन रिम्स 2 जमीन विवाद को लेकर रांची में हल चलाने वाले थे, जहां हजारों लोगों को उनके साथ प्रदर्शन में शामिल होना था, लेकिन वह प्रदर्शन स्थल पर पहुंचते उसके पहले ही उन्हें उनके घर से बाहर जाने से रोक दिया गया है। इसके साथ ही उनके बेटे बाबूला को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। चंपई सोरेन के पुत्र और घाटशिला के भाजपा पूर्व प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन को तमारा में पुलिस ने डिटेन किया है।

विवादित जमीन पर पुलिस बल तैनात

सरायकेला की कांद्रा थाना पुलिस ने सरायकेला जिला पर्षद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा को डिटेन किया है। रांची जाने वाले सभी आंदोलनकारी काफिलों को पूरे राज्य में रोक दिया गया है। रिम्स-2 की जिस विवादित जमीन पर हल चलाने का फैसला किया गया था। वहां बैरिकेडिंग कर दी गई है और मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात है।

आदिवासी समाज ने हल जोतो अभियान किया शुरू

रांची में आदिवासी समाज के लोगों ने हल जोतो अभियान शुरू किया है। इसे सफल बनाने के लिए आदिवासी समाज के लोगों को रविवार के दिन रांची पहुंचना था। यहां रिम्स-2 की विवादित जमीन पर चंपई सोरेन हल चलाने वाले थे, लेकिन सरकार ने पहले से ही इस विरोध प्रदर्शन को कुचलने की तैयारी कर रखी थी। चंपई सोरेन को हाउस अरेस्ट करने के साथ ही उनके बेटे को हिरासत में लिया गया है और रांची पहुंच रहे आंदोलनकारियों को बैरिकेडिंग कर बाहर ही रोक दिया गया है।

चंपई सोरेन ने क्या कहा ?

अपनी नजरबंदी पर झारखंड के पूर्व सीएम और बीजेपी नेता चंपई सोरेन ने कहा, “जब डीएसपी साहब यहां आए और कहा कि आज मुझे हिलना नहीं है, मतलब घर से बाहर नहीं निकलना है, तो मैं समझ गया कि वो मुझे कहीं जाने नहीं देंगे। तो मैंने कहा कि ठीक है, अगर प्रशासन और सरकार ने कोई फैसला लिया है तो हम उसका उल्लंघन नहीं करेंगे। रांची में रिम्स-2 के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के खिलाफ प्रदर्शन से पहले पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता चंपई सोरेन को नजरबंद किए जाने पर डीएसपी केवी रमन ने कहा, “कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाए गए हैं। पुलिस ने हस्तक्षेप किया है और वह अभी घर पर ही रहेंगे। उनसे इस मामले में सहयोग करने को भी कहा गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है।

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पूजा पाल के आरोपों पर बोले शिवपाल यादव, सपा हत्या की राजनीति नहीं करती

समाजवादी पार्टी से निष्कासित विधायक पूजा पाल की एक चिट्ठी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। पूजा ने अपनी चिट्ठी में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर उनकी मृत्यु होती है, तो इसका जिम्मेदार सपा और अखिलेश यादव होंगे। इस बयान के बाद आज मुजफ्फरनगर पहुंचे सपा नेता शिवपाल यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा बयान दिया। सपा नेता शिवपाल यादव ने कहा कि सपा हत्या की राजनीति नहीं करती और पूजा पाल अब कभी विधायक नहीं बन पाएंगी। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी नेता संगीत सोम और 2027 विधानसभा चुनाव पर भी अपनी राय रखी।

पूजा पाल का विधायक बनने का रास्ता बंद

शिवपाल यादव ने पूजा पाल के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि वह इतने दिन चुपचाप घर में बैठी थीं। अब अचानक हत्या का डर क्यों ? हत्या की राजनीति कुछ लोग करते हैं, हम नहीं। पूजा पाल का विधायक बनने का रास्ता अब बंद हो गया है। उन्होंने बीजेपी नेता संगीत सोम के पश्चिमी यूपी मिनी पाकिस्तान बन रहा है, वाले बयान पर तंज कसा कि उनका स्वार्थ जगजाहिर है। उनका कोई ठिकाना नहीं, कभी हमारे साथ रहे, अब अपने लाभ के लिए कुछ भी कहते हैं। उनका चरित्र सब जानते हैं।

इण्डिया गठबंधन साथ लड़ेगा चुनाव – शिवपाल यादव

2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर शिवपाल ने कहा कि हमें इण्डिया गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ना है। सेंट्रल पार्लियामेंट बोर्ड की बैठकें चल रही हैं, जल्द प्रत्याशियों की घोषणा होगी। अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने पर उन्होंने कहा कि विधायक अपना नेता चुनते हैं। लेकिन हम चाहते हैं कि भाजपा हटे और अखिलेश मुख्यमंत्री बने। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने देश और यूपी के लिए कोई काम नहीं किया। उनके वादे झूठे हैं, वोट चोरी और संस्थाओं पर कब्जे का आरोप सही है।

जनता 2027 में फैसला लेगी – शिवपाल यादव

शिवपाल ने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति को भाजपा की घबराहट का कारण बताया। उन्होंने कहा कि पीडीए से ही भाजपा डरी है। समाजवादी पार्टी में सभी वर्ग, महिलाएं और स्वर्ण जाति के लोग शामिल हैं। नेताजी ने सबके लिए काम किया। अब ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ का नारा पूरे देश में गूंजेगा। पूजा पाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए था, अब उनका राजनीतिक करियर खत्म हो गया।

read more :  श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति विक्रमसिंघे की गिरफ्तारी के बाद जेल में बिगड़ी तबीयत

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति विक्रमसिंघे की गिरफ्तारी के बाद जेल में बिगड़ी तबीयत

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद कोलंबो की फोर्ट मजिस्ट्रेट अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उन्हें 26 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। शुक्रवार आधी रात के करीब 76 वर्षीय विक्रमसिंघे को कोलंबो के मुख्य मैगजीन रिमांड जेल ले जाया गया। जेल प्रवक्ता जगत वीरसिंघे ने शनिवार को बताया कि यहां उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया।

पूर्व राष्ट्रपति विक्रमसिंघे खराब हुई तबीयत

अधिकारियों के अनुसार रानिल विक्रमसिंघे को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते हॉस्पिटल भेजा गया है। उन्हें विशेषकर उच्च रक्तचाप और रक्त शर्करा के बढ़ते स्तर के चलते जेल अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है। पूर्व राष्ट्रपति को शुक्रवार को श्रीलंका के आपराधिक जांच विभाग (CID) के मुख्यालय में एक सरकारी धन की हेराफेरी से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और कोलंबो फोर्ट मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया।

पूर्व राष्ट्रपति विक्रमसिंघे की किन धाराओं में हुई है गिरफ्तारी

अधिकारियों के अनुसार विक्रमसिंघे के खिलाफ यह मामला लगभग 1.66 करोड़ श्रीलंकाई रुपये के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है, जो उनके राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान खर्च किए गए थे। इस संबंध में सीआईडी ने विक्रमसिंघे पर श्रीलंकाई दंड संहिता की धारा 386 और 388 के साथ ही सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम की धारा 5(1) के तहत आरोप लगाए हैं। इन धाराओं के तहत न्यूनतम एक वर्ष से लेकर अधिकतम 20 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।

26 अगस्त के बाद फिर होगी पेशी

अदालत ने सीआईडी के अनुरोध पर आरोपी विक्रमसिंघे को 26 अगस्त तक हिरासत में रखने का आदेश दिया है। यह गिरफ्तारी श्रीलंका की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है, जहां पूर्व राष्ट्रपतियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के उदाहरण बहुत कम हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला न केवल देश की प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर चर्चा में आएगा, बल्कि इससे पूर्ववर्ती सरकारों के वित्तीय निर्णयों की पारदर्शिता पर भी सवाल उठ सकते हैं। सरकारी सूत्रों ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि जांच में और भी साक्ष्य सामने आते हैं, तो इस मामले में अन्य पूर्व अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

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