Saturday, May 2, 2026
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कोविड-19: पिछले 24 घंटे में कोरोना में 3.47 लाख नए मामले दर्ज, सक्रिय मामले 20 लाख के पार

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर में कोविड-19 के नए मामले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं. शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में देश भर में कोविड-19 के 3,47,254 नए मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, एक ही दिन में संक्रमण से 703 मरीजों की मौत हो गई। इस बीमारी से देश में अब तक कुल 4 लाख 8 हजार 398 लोगों की मौत हो चुकी है. नए मामलों में सक्रिय मामलों की संख्या भी बढ़ी है और यह संख्या 20 लाख को पार कर गई है। इस बीच कोरोना ओमाइक्रोन के नए रूप का मामला भी बढ़ गया है।

भारत में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या (वर्तमान में कोरोना का इलाज कराने वाले लोगों की संख्या) बढ़कर 20,18,825 हो गई है। एक्टिव केस कुल केस का 5.23 फीसदी तक पहुंच गया। अभी रिकवरी रेट 93.50 फीसदी है।

पिछले 24 घंटों में देश में 2,51,777 मरीज ठीक हुए हैं, जिनमें से 3,60,58,806 अभी भी संक्रमण से उबर चुके हैं।जहां तक ​​ओमाइक्रोन की बात है तो देश में अब तक इस वेरिएंट के कुल 9,692 मामले सामने आ चुके हैं, जो कल के मुकाबले 4.36 फीसदी ज्यादा है.

दैनिक कोरोना संक्रमण दर यानी दैनिक सकारात्मकता दर बढ़कर 17.94 प्रतिशत हो गई जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 16.56 प्रतिशत तक पहुंच गई।

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राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक लोगों को वैक्सीन की 160.43 करोड़ खुराक दी जा चुकी है। वहीं, देश में अब तक 71.15 करोड़ कोरोना टेस्ट हो चुके हैं, जिसमें पिछले 24 घंटे में 19,35,912 टेस्ट शामिल हैं।

सर्दी-खांसी और जुकाम को सामान्य समझ कर न करें नजरअंदाज, नहीं तो हो सकते है…

कोलकाता : सर्दियों के मौसम में अन्य संक्रमण के मुकाबले इंफ्लूएंजा का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यह बीमारी इनफ्लुएंजा वायरस से होती है जो सर्दियों में अधिक सक्रिय रहता है। कोविड-19 के दौर में इस तरह की लापरवाही नुकसानदेह साबित हो सकती है। वायरस श्वसन तंत्र नाक, गला और फेफड़ों में संक्रमण फैलाता है। हालांकि यह भी एक सामान्य फ्लू ही है। इसके अधिकतर मामले एक से डेढ़ सप्ताह में अपने आप ही ठीक हो जाते हैं लेकिन कभी-कभी इसके कारण होने वाली जटिलताएं परेशानी का सबब बन जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमित व्यक्ति को आराम और संतुलित आहार लेना चाहिए। तरल पदार्थों का सेवन संक्रमण ठीक करने में बहुत मददगार होता है। संक्रमण से 65 वर्ष से अधिक उम्र वाले और कमजोर इम्यूनिटी वाले और गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति को अधिक खतरा होता है। ऐसे में सर्दी, जुकाम व खांसी होने पर कदापि लापरवाही न बरतें।

ओमिक्रोन की चपेट में आ रहे मरीजों में अलग-अलग तरह के लक्षण दिखने को मिल रहे हैं। ऐसे में आपको किसी भी लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके अलावा बहुत से लोग सर्दी-खांसी को भी वायरल समझकर हल्के में ही लेते हैं जो कि आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में हम यहां ओमिक्रोन के लक्षणों के बारे में बताएंगे जिन्हें आपको भूलकर भी अनदेखा नहीं करना चाहिए। चलिए जानते हैं…

इन लक्षणों को ना करें नजरअंदाज
अगर आप सर्दी-जुकाम को हल्के में ले रहे हैं तो आपको बता दें कि ऐसा आप भूलकर भी ना करें। क्योंकि सर्दी, खांसी, गले में खराश, बुखार, सांस लेने में दिक्कत, हरारत, और सिर दर्द इसके मुख्य लक्षण है। ऐसे लक्षण दिखते ही आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए और अपना टेस्ट करना चाहिए।

ओमिक्रोन से संक्रमित होने पर कब्ज, सोते वक्त पसीना आना, आंखों में सूजन और स्वाद ना आना, और खुजली जैसी समस्या हो सकती है। इस तरह के लक्षण दिखने पर फौरन कोविड की जांच करवाएं।

वहीं अगर आपके शरीर के किसी भी हिस्से पर लाल चकत्ते दिखते हैं तो ये भी ओमिक्रोन से जुड़े हैं ऐसा दिखाई देने पर इसे नजरअंदाज बिलकुल भी ना करें। बल्कि तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी जांच करवाएं।

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राशिफल: जानिए क्या कहती है आपकी राशि, कैसा रहेगा आपका दिन

प्रातःकाल उठते ही सभी के मन में यह आशा होती हैं कि आज का दिन हमारे लिए शुभ रहे व कुछ अनुचित ना हो। इसलिए सभी अपनी राशि के अनुसार आज का राशिफल 21 जनवरी 2022 (Aaj Ka Rashifal 21 January 2022) जानने को उत्सुक होते हैं। आप भी अपनी राशि का दैनिक राशिफल (Today Rashifal) जानने के बारे में उतना ही उत्सुक होंगे।

इसलिए धर्मयात्रा संस्था प्रत्येक राशि के अनुसार आपके दैनिक जीवन पर पड़ने वाले विभिन्न ग्रहों व नक्षत्रों के प्रभावों को ध्यान में रखकर राशिफल का सटीक आंकलन कर आपके सामने रखती हैं। आइए जानते हैं 21 जनवरी 2022 का आज का राशिफल (Today Horoscope In Hindi) प्रत्येक राशि के अनुसार।

मेष राशि :- आज का दिन शुभ फलदायी रहेगी। कारोबार में समय अनुकूल रहेगा और आर्थिक लाभ की स्थिति बनेगी। व्यापार में विकास होने से मन में आनंद छाया रहेगा। वस्त्राभूषणों की खरीदी आपके लिए रोमांचक और आनंददायी रहेगी। कला के प्रति आपकी अभिरुची विशेष रहेगी। घर की साज-सजावट में नयापन लाएंगे। वाहन-सुख भी मिलेगा। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा और परिजनों का भरपूर सहयोग मिलेगा। खान-पान में संयम रखें।

वृषभ राशि :- आज का दिन आपके लिए मध्यम फलदायी रहेगा। कारोबार में छोटी-छोटी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। संपत्ति सम्बंधित दस्तावेजों को लेकर सावधानी रखना होगा। सोच-समझकर और किसी की सलाह लेकर किया गया निवेश लाभदायक रहेगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें, अन्यथा परिवार में कलह होने की संभावना रहेगी। दाम्पत्य जीवन खुशहाल रहेगा। स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हो सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है।

मिथुन राशि :- आज का दिन व्यवसायियों के लिए अनुकूल है। कारोबार अच्छा चलेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। हालांकि, कार्यभार की अधिकता रहेगी, जिससे मानसिक और शारीरिक रूप से थकान का अनुभव होगा। गृहस्थ जीवन में उलझे हुए प्रश्नों का निराकरण मिलेगा और संपत्ति से जुड़े कार्यों का भी रास्ता निकलेगा। भाई-बहनों के साथ सम्बंधों में प्रेम बना रहेगा। मध्याह्न के बाद कार्य में प्रतिकूलताओं में वृद्धि होगी। परिवारजनों के साथ मतभेद रह सकता है।

कर्क राशि :- आज का दिन सामान्य रहेगा। वाणी पर संयम रखने से अन्य लोगों के साथ मनमुटाव के प्रसंगों को टाल सकेंगे। आध्यात्मिक विचार और प्रवृत्तियों में दिनभर मन लगा रहेगा। फिर भी विद्यार्थियों के पढऩे-लिखने में एकाग्रता रखनी पड़ेगी। मध्याह्न के बाद चिंताओं के निवारण करने के उपाय मिलने से मानसिक शांति का अनुभव होगा। शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थता बनी रहेगी। प्रतिस्पर्धा की इच्छाएं फलीभूत नहीं हो पाएंगी।

सिंह राशि :- आज का दिन अच्छा रहेगा। व्यावसायिक क्षेत्र में अनुकूल वातावरण मिलने के योग बन रहे हैं। आज का प्रत्येक कार्य बिना विघ्न के संपन्न होगा। गृहस्थ जीवन में उग्र वातावरण बना रहेगा। आध्यात्मिक प्रवृत्ति में रुचि रहेगी। कार्यालय में आपका प्रभाव बना रहेगा। मध्याह्न के बाद आपके मन पर नकारात्मक विचारों का आक्रमण होने से मन में हताशा रहेगी। घर के कार्यों के पीछे धन का खर्च होने की संभावना है। पूंजी-निवेश हेतु शेयर बाजार आपके लिए अनुकूल रहेगा।

कन्या राशि :- आज का दिन मिला-जुला रहेगा। कारोबार मध्यम रहेगा और कार्यभार की अधिकता रहेगी, कठिन परिश्रम से कार्य फसल होंगे। धार्मिक कार्यों में भाग लेंगे तथा धार्मिक यात्रा पर भी जा सकते हैं, जिसमें अधिक धन खर्च होने की संभावना रहेगी। कोर्ट-कचहरी के कार्य सफल होंगे। पुण्य कार्य के पीछे धन का व्यय होगा। ईश्वर की आराधना आपके मन को शांति प्रदान करेगी। मध्याह्न के बाद आपके प्रत्येक कार्य सरलतापूर्वक संपन्न होंगे। गृहस्थ जीवन अच्छा रहेगा। शारीरिक स्वास्थ्य भी बना रहेगा।

तुला राशि :- आज का दिन सामान्य रहेगा। व्यावसायिक क्षेत्र में भी लाभ होगा। शेयर और प्रॉपर्टी में निवेश लाभदायक रहेगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति छाई रहेगी। विवाहोत्सुकों को योग्य साथी मिलने की संभावना है। किसी मनोहर स्थल पर प्रवास हो सकता है। पुराने मित्रों से मुलाकात होगी, जो लाभदायक रहेगी। धार्मिक कार्यों के पीछे धन का खर्च अधिक होगा। आय की अपेक्षा खर्च की मात्रा अधिक होगी। सेहत का ध्यान रखने की आवश्यकता है।

वृश्चिक राशि :- आज का दिन लाभदायी है। कायक्षेत्र में अच्छा माहौल रहेगा और व्यापार-व्यवसाय में अपेक्षित सफलता मिलने की संभावना रहेगी। आकस्मिक धनलाभ से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। धार्मिक कार्यों में रुचि ले सकते हैं। आनंद-प्रमोद और मनोरंजक प्रवृत्तियां दिनभर चलती रहेंगी। घर की साज-सजावट में नयापन लाएंगे। वाहन-सुख भी मिलेगा। सामाजिक प्रसंग में कहीं बाहर जाने का प्रसंग उपस्थित होगा। रमणीय स्थान पर प्रवास का आनंद ले सकेंगे।

धनु राशि :- आज का दिन अच्छा रहेगा। व्यापार को विकसित करने की ओर अधिक ध्यान देंगे। नई योजनाएं और विचारधारा की नवीनता से व्यापार प्रगति की दिशा में अग्रसर होने लगेगा। फिर भी कार्य में सफलता मिलने में विलंब हो सकता है। मध्याह्न के बाद व्यापार के अनुकूल वातावरण सर्जित होगा। इसी कार्य के लिए कहीं बाहर जाने की संभावनाएं भी उपस्थित हो सकती हैं। पदोन्नति के योग हैं। आपकी कार्यपद्धति से उच्च अधिकारी भी आप पर प्रसन्न रहेंगे। पिता और बड़ों से लाभ की आशा है।

मकर राशि :- आज का दिन मिला-जुला रहेगा। खान-पान पर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। नकारात्मक विचारों को मन से निकाल देने पर हताशा से उबर पाएंगे। अनैतिक और अप्रमाणिक कार्य विपत्ति में डाल सकता है, इसलिए संभव हो तो उससे दूर रहें। आकस्मिक प्रवास का योग है। मध्याह्न के बाद अच्छी समय अच्छा बीतेगा। लेखन या साहित्यिक प्रवृत्ति में विशेष रुची रहेगी। व्यापार में विकास होने से नई योजनाएं भी अमल में आएंगी। वाद-विवाद से बचें।

कुम्भ राशि :- आज का दिन सामान्य रहेगा। किसी के साथ भावनात्मक संबंध से बंध सकते हैं और उस संबंध में आज कुछ अधिक भावनाशील रहेंगे। आनंद-प्रमोद तथा मनोरंजक प्रवृत्ति से मन प्रफुल्लित रहेगा। इस प्रवृत्ति में मित्रों का सहकार मिलने से मनोरंजन का आनंद दुगुना हो जाएगा। मध्याह्न के बाद स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। क्रोध पर संयम रखें। वाणी उग्र न हो जाए, इसका भी ध्यान रखें। नए कार्य को प्रारंभ करने के लिए समय अच्छा नहीं है।

मीन राशि :- आज का दिन अच्छा रहेगा। कारोबार अच्छा चलेगा और आर्थिक लाभ होगा। व्यापार के विस्तार की नई योजनाएं शुरू कर सकते हैं, जिनमें सफलता मिलेगी। धन प्राप्ति का प्रबल योग है। नौकरी में पदोन्नति हो सकती है और आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। अच्छे वस्त्र और अच्छे खान-पान से मन प्रफुल्लित रहेगा। मनोरंजक प्रवृत्ति से मन प्रफुल्लित रहेगा। छोटे प्रवास या पर्यटन पर जा सकते हैं। सेहत का ध्यान रखें।

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विवाह के बंधन में बंधने से पहले क्यों मिलाए जाते हैं 36 गुण? जानिए क्या होता है इसका असर…

सात फेरों और सात वचनों के साथ दो लोग शादी (Indian Wedding) के पवित्र बंधन में बंधते हैं. शादी के पहले लड़का लड़की के गुण मिलाए जाते हैं. गुणों को मिलाए जाने के बारे में हम सभी ने सुना है. जिन लड़का लड़की के आपस में गुण नहीं मिलते उनकी आपस में फिर शादी भी नहीं की जाती है. खुद प्रभु राम और सीता जी के भी शादी के गुण मिलाए गए थे. हिंदू धर्म (Hindu Marriage) में शादी से पहले या उस दौरान 36 गुणों के मिलाने का खास महत्व होता है. वर और वधु की कुंडली का मिलान (Kundali Matching) से गुणों का मिलान होता है, उस आधार पर तय होता है कि ​विवाह हो सकता है या नहीं फिर आगे का जीवन कैसा होगा. आइए जानते हैं कि विवाह के वक्त क्यों 36 गुणों को मिलाया जाता है और क्या होता है इसका महत्व-

शादी के पहले कुंडली मिलाना होता है जरूरी
हिंदू धर्म में लड़के और लड़की का शादी के बाद वैवाहिक जीवन खुशियों से भरा रहे इसलिए खास रूप से कुंडली को परख के मिलाया जाता है. ज्योतिषशास्त्र में विवाह के मिलान के लिए कुल 36 गुणों का उल्लेख किया गया है, बताया गया है कि 36 में 36 गुण तो नहीं नहीं शादी के लिए 18 से कम गुण होने पर शादी नहीं करनी चाहिएए. अगर 18 से ज्यादा गुण लड़का लड़की के मिलें तो शादी कर लेनी चाहिए.

क्या होते हैं ये 36 गुण
विवाह के समय कुंडली में 36 गुण में, नाड़ी के 8 गुण, भकूट के 7 गुण, गण मैत्री के 6 गुण, ग्रह मैत्री के 5 गुण, योनि मैत्री के 4 गुण, ताराबल के 3 गुण, वश्य के 2 गुण और वर्ण के 1 गुण आदि का मिलान होता है . इसके साथ ही गुणों में देखा जाता है कि संतान सुख, धन दौलत में वृद्धि, दीर्घ आयु हो. इसमें नाड़ी का मेल मुख्य रूप से देखा जाता है. एक नाड़ी के लड़का लड़की की शादी को भी वंचित माना जाता है.

कितने गुण मिलना होता है शुभ
विवाह के लिए वर और वधु के 18 गुणों का मिलना बहुत आवश्यक होता है. अगर 36 गुणों में 18 से 21 के बीच में वर वधु के गुण मिल जाते हैं तो उनका विवाह बो सकता बै. हालांकि अगर 36 में से 27 तक गुण मिलने हैं उनका वैवाहिक जीवन बहुत सुखद माना जाता है. के कम से कम 18 गुणों का मिलना ठीक माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम और सीता जी के शादी में 36 गुण मिले थे. ऐसा माना जाता है कि जिन लोगों के पूरे 36 गुण मिलते हैं उनके जीवन में कष्ट रहता है.

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कुंडली मिलाते वक्त में ध्यान देने वाली बात
जब भी किसी की शादी के लिए कुंडली मिलाई जाए तो उसमें मांगलिक दोष है या वह मांगलिक है कि नहीं इस पर खास रूप से ध्यान देना चाहिए. क्योंकि मांगलिक लड़का या लड़की की शादी मांगलिक से ही होती है. यदि एक मांगलिक हो दूसरा ना हो तो उनका जीवन कई परेशानियों से घिरा रहता है.

 

 विघ्नहर्ता गणेश का पूजन करते समय भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां

माघ के महीने में ​(Magh Month) कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि सकट चौथ (Sakat Chauth) के नाम से जानी जाती है. इसे सकट चतुर्थी (Sakat Chaturthi) और तिलकुटा चौथ (Tilkuta Chauth) भी कहा जाता है. ये त्योहार उत्तर भारत में खासतौर पर मनाया जाता है. इस दिन महिलाएं गण​पति (Ganpati) की पूजा करके उन्हें तिल से बने तिलकुट का भोग लगाती हैं और अपनी संतान की लंबी आयु की कामना करते हुए निर्जल व्रत रहती हैं. रात में चंद्रमा निकलने के बाद वे चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं और इसके बाद अपने व्रत का पारण करती हैं. जो महिलाएं व्रत नहीं रखतीं, वे सुबह गणपति का पूजन करके उन्हें तिलकुट (Tilkut) का भोग लगाती हैं. इस बार सकट चौथ का व्रत 21 जनवरी को शुक्रवार के दिन रखा जाएगा. माना जाता है कि ये व्रत संतान पर आए सभी संकटों को टाल देता है. अगर आप भी अपनी संतान के सुख और सलामती के लिए ये व्रत रखने जा रही हैं, तो कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें.

गणेश चतुर्थी व्रत के दौरान न करें ये गलतियां
1. गणेश जी को शास्त्रों में प्रथम पूज्य माना गया है और उन्हें शुभता का प्रतीक कहा गया है. मान्यता है कि जहां गणेश भगवान की कृपा होती है, वहां कभी अमंगल नहीं होता. इसलिए गणपति की पूजा के दौरान पीले या लाल रंग के वस्त्र पहनें. इन्हें शुभ माना जाता है. काले रंग के वस्त्र पहनकर पूजा करने का विचार भी मन में न लाएं. शास्त्रों में काले रंग के वस्त्रों को पूजा के दौरान पहनना वर्जित बताया गया है.

2. गणपति को भूलकर भी तुलसी का पत्ता मत चढ़ाइएगा वरना आपकी सारी पूजा व्यर्थ हो जाएगी. गणपति कभी तुलसी को स्वीकार नहीं करते हैं. तुलसी सिर्फ भगवान विष्णु और उनके स्वरूपों को अर्पित की जाती हैं. गणपति को दूर्वा अति प्रिय है. आप पूजा के दौरान उन्हें 21 दूर्वा की गांठ जरूर चढ़ाएं.

3. गणेश चतुर्थी के व्रत में शाम को गणपति की पूजा करने के बाद चंद्र दर्शन करने का विधान है. इसलिए अपने व्रत का पारण चंद्र दर्शन से पहले करने की भूल न करें. चंद्र दर्शन करते समय चंद्रमा को अर्ध्य जरूर दें.

4. चंद्रमा को अर्घ्य देने के दौरान इस बात का खयाल रखें कि पानी की छीटें आपके पैरों पर न पड़ें. इससे बचने के लिए आप नीचे गमला या बाल्टी रख लें. अगले दिन इस पानी को किसी गमले में या पेड़ पौधों में डाल दें. अर्घ्य के लिए जल में दूध और अक्षत जरूर डालें.

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 कब है माघ मास का प्रदोष व्रत? जानें तिथि, पूजा मुहूर्त एवं महत्व

पंचांग के अनुसार हर मास की त्रयोदशी तिथि (Trayodashi) को प्रदोष व्रत रखा जाता है. हर मास में दो प्रदोष व्रत होते हैं. इस समय माघ मास का कृष्ण पक्ष चल रहा है. माघ मास का पहला प्रदोष व्रत आने वाला है. इस दिन भगवान शिव (Lord Shiva) की आराधना की जाती है. शिव जी के आशीर्वाद से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं, निरोगी जीवन प्राप्त होता है और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है. भगवान शिव अपने भक्तों को निराश नहीं करते हैं, उनको प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत एक अच्छा अवसर है. आइए जानते हैं कि प्रदोष व्रत कब है और पूजा का मुहूर्त (Puja Muhurat) क्या है?

प्रदोष व्रत 2022 तिथि एवं पूजा मुहूर्त
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, माघ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 29 जनवरी दिन शनिवार को रात 08 बजकर 37 मिनट पर हो रहा है. त्रयोदशी तिथि अगले दिन 30 जनवरी को शाम 05 बजकर 28 मिनट तक है. प्रदोष व्रत के लिए प्रदोष काल मुहूर्त 30 जनवरी को प्राप्त हो रहा है, इसलिए 30 जनवरी को रवि प्रदोष रखा जाएगा.

माघ मास के प्रदोष व्रत के लिए पूजा का मुहूर्त 30 जनवरी को शाम 05 बजकर 59 मिनट से रात 08 बजकर 37 मिनट तक है. यदि आप प्रदोष व्रत रखते हैं, तो आपको इस समय में भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए. प्रदोष पूजा मुहूर्त इस लिए देखा जाता है क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रदोष काल में ही भगवान शिव त्रयोदशी तिथि को कैलाश पर नृत्य करते हैं.

प्रदोष व्रत का पंचांग
प्रदोष व्रत के दिन शुभ मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से दोपहर 12:56 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:23 बजे से दोपहर 03:06 बजे तक
अमृत काल: रात 08:04 बजे से रात 09:30 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योग: देर रात 12:23 बजे से 31 जनवरी को प्रात: 07:10 बजे तक
राहुकाल: शाम 04:38 बजे से शाम 05:59 बजे तक

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प्रदोष व्रत का महत्व
प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति के दुख दूर होते हैं. असाध्य रोगों से भी छुटकारा मिलता है. शिव कृपा से संतान सुख प्राप्त होता है. सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है.

 

पंचांग: आज करें सफेद ऊनी वस्त्र का दान, जानें शुक्रवार का शुभ मुहूर्त

आज माघ माह कृष्ण पक्ष की तृतीया है। आज मघा नक्षत्र है। आज भगवान शिव जी की उपासना के साथ माता दुर्गा जी की पूजा भी करें। आज असत्य ना बोलें। दान पुण्य करें। आज तिल, चावल व सफेद ऊनी वस्त्र के दान का भी बहुत महत्व है। आज विष्णु जी की विधिवत पूजा करें व श्री सूक्त का पाठ करें। धन प्राप्ति के लिए कनकधारास्तोत्र का पाठ करने का अनन्त पुण्य है। आज शुक्रवार है।

प्रातःकाल पंचांग का दर्शन, अध्ययन व मनन आवश्यक है। शुभ व अशुभ समय का ज्ञान भी इसी से होता है। अभिजीत मुहूर्त का समय सबसे बेहतर होता है। इस शुभ समय में कोई भी कार्य प्रारंभ कर सकते हैं। विजय व गोधुली मुहूर्त भी बहुत ही सुंदर होता है। राहुकाल में कोई भी कार्य या यात्रा आरम्भ नहीं करना चाहिए।

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आज का पंचांग 21 जनवरी 2022
दिनांक 21 जनवरी 2022
दिवस शुक्रवार
माह माघ कृष्ण पक्ष
तिथि तृतीया
सूर्योदय 07:15 am
सूर्यास्त 05:52 pm
नक्षत्र मघा
सूर्य राशि मकर
चन्द्र राशि सिंह
करण विष्टि
योग सौभाग्य
शुभ मुहूर्त- अभिजीत 11:55 am से 12:57 pm तक।
विजय मुहूर्त 02:17 pm से 03:05 pm तक
गोधुली मुहूर्त 07:05 pm से 07:29 pm तक
राहुकाल का समय प्रातःकाल 10:30 बजे से 12 बजे तक है। इस दौरान शुभ काम को करने से परहेज करना चाहिए।

पिता बना हैवान: बेटी के हाथ-पैर बांध कर….

गढ़वाः जिले से एक रिश्ते को कलंकित करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता पर शराब के नशे में पुत्री के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। नाबालिग बच्ची की मां ने थाने में मामला दर्ज करवा दिया है। पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। मामला गढ़वा जिले के भवनाथपुर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है जहां एक शराबी पिता की घर में बेटी को अकेले देख नियत खराब हो गई और उसने बच्ची के हाथ-पैर बांध कर दुष्कर्म किया। जब उसका नशा उतरा तो वह घर से फरार हो गया। मां ने पुलिस के पास मामला दर्ज करवाते हुए कहा कि दो दिन पूर्व उसकी पति से झगड़ा हो गया था। इस कारण वह अपने भाई के साथ इलाज कराने उत्तर प्रदेश स्थित अपने मायके चली गई थी। 17 वर्ष की उसकी नाबालिग बेटी अकेले ही घर में रह रही थी। पीड़िता के अनुसार उसके पिता देर शाम शराब पीकर घर आए थे। उन्होंने उसके हाथ, पैर और मुंह बांध कर उसके साथ दुष्कर्म किया।

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रिश्तेदार ने बदनामी के डर से चुप रहने की सलाह दी
जब पीड़िता किसी तरह पिता के चंगुल से मुक्त हुई तो वह पड़ोस में रह रही अपनी दादी और चाची को इस घटना की जानकारी दी। हालांकि वे लोग बदनामी के डर से पीड़िता को इस मामले में चुपचाप रहने की सलाह देने लगे। इसके बाद वह अपनी मां से मिलने अपने मामा के घर चली गई। उसने मां को पूरी घटना की जानकारी दी। मां अपनी बेटी को लेकर फौरन भवनाथपुर थाना पहुंच गयी और अपने पति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

 

महाराष्ट्र में एक गर्भवती रेंजर को लात और मारा घूंसा

 डिजिटल डेस्क : महाराष्ट्र के सतारा जिले में एक पूर्व सरपंच ने एक महिला वन रेंजर को लाठियों और लातों से पीटा। महिला अधिकारी तीन महीने की गर्भवती थी और आरोपी को भी इस बात की जानकारी थी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे ने इस बार सख्त कार्रवाई करने का वादा किया है.

घटना बुधवार को पलासवड़े गांव की है, जहां पूर्व सरपंच रामचंद्र जानकर ने अपनी पत्नी के साथ महिला वन रेंजर सिंधु सनप और उनके पति सूर्यजी थोम्ब्रे को लाठियों से पीटा. सिंधु और सूर्यजी पर उस समय हमला किया गया जब वे थंब्रे में ड्यूटी पर थे और गश्त कर रहे थे।

जो वीडियो सामने आया है उसमें आरोपी सिंधु सनप को अमानवीय तरीके से मारते हुए दिख रहा है. सरपंच ने पैर से महिला की गर्दन पकड़ ली और पेट के बल कूद पड़ा। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमों का गठन किया गया है। सतारा पुलिस ने सरपंच और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है।

भुगतान नहीं करने पर मारपीट

सूर्याजी थुम्ब्रा के मुताबिक, ”गश्ती के दौरान सरपंच की पत्नी ने उन्हें थप्पड़ मारना शुरू कर दिया. सिंधु सनप ने बीच-बचाव करने पर उन्हें लाठियों से पीटना शुरू कर दिया. मैंने पूरी घटना का वीडियो बना लिया.”

पीड़िता ने कहा, “मैंने 3 महीने पहले ज्वाइन किया था। शुरू से ही पूर्व सरपंच ने मुझे धमकाया और पैसे की मांग की।” काम से घर जाते समय उन्होंने मुझे पीटा, मेरे पति को चप्पलों से पीटा। इस वजह से उसे गुस्सा आता था।

गर्भ में पल रहे शिशु की जांच

सतारा के एसपी अजय कुमार बंसल ने कहा, ‘गर्भवती वन रेंजर का चिकित्सकीय परीक्षण किया जा रहा है. अगर भ्रूण को कोई नुकसान होता है तो उसे अगले चरण में शामिल किया जाएगा.’ सतारा एएसपी अर्चना दलाल ने कहा कि दोनों आरोपियों पर आईपीसी की धारा 352, 353 और 354 के तहत आरोप लगाए गए हैं।

महिला आयोग चाहती थी रिपोर्ट

मामला सामने आने के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने कहा कि आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक सप्ताह के भीतर सतारा पुलिस से रिपोर्ट मांगी है. आयोग ने आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।

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बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ऐसा काम: आदित्य ठाकरे

राज्य के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने घटना का मजाक उड़ाया है। ठाकरे ने ट्वीट किया, “आरोपियों को आज सुबह गिरफ्तार कर लिया गया है और सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

उत्तर प्रदेश चुनाव: समाजवादी पार्टी के गढ़ मैनपुरी से चुनाव लड़ेंगे अखिलेश यादव

डिजिटल डेस्क : समाजवादी पार्टी 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। इस बीच, पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के मैनपुर के करहल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की खबर है। समाजवादी पार्टी का गढ़ माने जाने वाले मैनपुरी पर अखिलेश दांव लगा सकते हैं. माना जा रहा है कि इसका असर आसपास की अन्य सीटों पर भी पड़ेगा। पहले कयास लगाए जा रहे थे कि अखिलेश आजमगढ़ की गोपालपुर सीट से चुनाव लड़ेंगे। जिसे अब ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश वर्तमान में आजमगढ़ से लोकसभा सांसद हैं। लेकिन लंबे समय से चर्चा है कि अखिलेश यादव अपने पिता और पार्टी पिता मुलायम सिंह यादव के निर्वाचन क्षेत्र मैनपुरी के किसी भी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं। क्योंकि मैनपुरी समाजवादी पार्टी का मजबूत आधार है और अगर अखिलेश यादव इस सीट से चुनाव लड़ते हैं तो इससे आसपास की कई सीटों पर असर पड़ सकता है.

मैनपुरी ही नहीं एस्पिरा को भी इस क्षेत्र में फायदा होगा
अखिलेश यादव अगर मैनपुरी से चुनाव लड़ते हैं तो उनका प्रभाव आसपास के अन्य जिलों में भी होगा. इस सीट के लिए प्रतिस्पर्धा का असर कानपुर और आगरा संभाग की कई सीटों के साथ ही फिरोजाबाद, एटा, औरैया, इटावा, कन्नौज समेत कई सीटों पर पड़ सकता है. क्योंकि ये जिले सपा का गढ़ माने जाते हैं। ऐसे में अखिलेश मैदान से निकलने वाली टीम कई मायनों में फायदेमंद हो सकती है.

पिछले तीन चुनावों में करहल सीट समाजवादी पार्टी के खाते में गई थी
दरअसल, कालाहल निर्वाचन क्षेत्र में सपा का दबदबा है। समाजवादी पार्टी ने 2007, 2012 और 2017 में लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीते हैं। करहल विधानसभा सिफई के पास है। सपा मुखिया के परिवार का काफी दखल है। एसपी सोबरन यादव यहां से पिछले तीन बार विधायक रह चुके हैं। साधारण छवि वाले सोबरान के सिर पर मुलायम का हाथ है। 2017 के चुनाव में सपा प्रत्याशी सोबरन सिंह यादव को 104221 वोट मिले थे और बीजेपी के राम शाक्य को 38405 वोटों से हराया था. बसपा ने यहां से दलवीर को प्रत्याशी बनाया है। दूसरी ओर, रालोद ने यहां यादव वोट को आगे बढ़ाने के लिए यादव को एक रणनीति के रूप में मैदान में उतारा।

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वैक्‍सीन न लगवाने की ऐसी जिद, वीडियो देख नहीं रुकेगी आपकी हंसी

नई दिल्ली : देशभर में वैक्सीनेशन शुरू हुए एक साल हो गया। लेकिन अबतक लोगों के मन से वहम खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। अब बलिया से कुछ ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिन्हें देखकर आपको हंसी भी आएगी और साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत और हालात पर तरस भी आएगा। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक शख्स कोविड वैक्सीन न लगवाने पड़े, इसलिए पेड़ पर चढ़ गया। इसके बाद प्रशासन के लोगों ने व्यक्ति को पेड़ से नीचे उतारकर उसे कोविड वैक्सीन की डोज लगाई। एक अन्य वीडियो में नदी के किनारे एक नाविक अधिकारी से ही हाथापाई करने लगता है और उसे जमीन पर गिरा देता है।

वैक्सीनेशन को तेज करने की कोशिश
यूपी के बलिया में वैक्सीनेशन की रफ्तार को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम अब खेत, खलिहान, गांव और नदी के घाटों तक जाकर लोगों को वैक्सीनेट करने के लिए एक अभियान चला रही है। यहां लोगों द्वारा वैक्सीन नहीं लेने के लिए वैक्सीनेशन टीम के साथ हाथापाई, उठा पटक और पेड़ पर चढ़कर वैक्सीन टीम से भागने और बचने की लाइव तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

वैक्सीनेशन के डर से पेड़ पर चढ़ा शख्स
वायरल वीडियो में कोविड वैक्सीनेशन टीम के सामने ही वैक्सीन नहीं लगवाने के लिए एक व्यक्ति पेड़ पर चढ़ा दिखाई दे रहा है जिसे वैक्सीन टीम समझाकर पेड़ से नीचे उतारने का प्रयास कर रही है। वह व्यक्ति पेड़ से नीचे नहीं उतर रहा है। वैक्सीन टीम से बचने और भागने का दूसरा मामला भी यूपी के बलिया का है। यह वीडियो UP के बलिया का है। इसे ANI ने पोस्ट किया है, पहले इसे बिहार का बताया गया लेकिन बाद में सुधार करते हुए बलिया का ही कहा जा रहा है।

नाविक ने भी खूब हंगामा किया
इस वीडियो में एक नाविक को वैक्सीन लगाने के लिए पहुंची टीम के साथ नाविक द्वारा टीम को बार-बार पकड़ना, उसे उठाकर पटकने से लेकर टीम मेंबर का मास्क छीने जाने की तस्वीरें साफ दिखाई देती हैं। वीडियो की मानें तो जो व्यक्ति पेड़ पर चढ़ा है वह विकास खंड रेवती के ग्राम पंचायत हंड़िहा कला का है। दूसरा वीडियो सरयू नदी के के किनारे भच्चर कटहा ग्राम पंचायत के एक नाविक का है। दोनों वीडियो टीकाकरण अभियान के दौरान का है।

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भारत में टीकाकरण का हुआ लाभ, मरने वालों की संख्या में तेजी से गिरावट: स्वास्थ्य मंत्रालय 

डिजिटल डेस्क :  पिछले चार हफ्तों में भारत में कोरोना मामलों की संख्या में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि हुई है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश संबंधित राज्यों में शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने आज प्रेस वार्ता में यह बात कही।उन्होंने कहा कि केंद्रीय टीम ने इन राज्यों का दौरा किया है और उन राज्यों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। राजेश भूषण ने कहा कि दुनिया में जो कोरोना की घटनाएं हो रही हैं, उनमें एशिया की भागीदारी पिछले चार हफ्तों में बढ़ रही है. यह वृद्धि 7.9 प्रतिशत से बढ़कर 18.4 प्रतिशत हो गई है।

महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, यूपी, गुजरात, उड़ीसा, दिल्ली और राजस्थान शीर्ष 10 सक्रिय मुकदमेबाजी वाले राज्यों में शामिल हैं।राजेश भूषण ने कहा कि आज देश में कोरोना संक्रमण के 3,17,532 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जिनका पूर्ण टीकाकरण हो चुका है, उनका अनुपात 72 प्रतिशत तक पहुंच गया है.

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वहीं, आईसीएमआर के निदेशक डॉ. बलराम वर्गीस ने कहा कि टीके हमारे देश में फायदेमंद हैं। तीसरी लहर में टीकाकरण से मौतों की संख्या में काफी कमी आई है। साथ ही गंभीर रूप से बीमार लोगों में से बहुत कम देखे गए हैं।

यूपी चुनाव 2022: सपा-रालोद गठबंधन को मिला बड़ा धक्का

लखनऊ :उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (यूपी चुनाव 2022) के पहले चरण के लिए नामांकन का दौर चल रहा है। इस बीच समाजवादी पार्टी और रालोद गठबंधन (सपा-रालोद) को बड़ा झटका लगा है। गौतमबुद्धनगर के ज्वार विधानसभा क्षेत्र से गठबंधन के टिकट पर चुनाव लड़ रहे अवतार सिंह वडाना ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। बताया जाता है कि उन्होंने कोरोना का अटैक आने के बाद अपना नाम वापस ले लिया था। इस बात की जानकारी वडाना के वकील ने दी है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के गठबंधन ने 29 उम्मीदवारों की पहली सूची में 13 जनवरी को जवाहरलाल नेहरू से अवतार सिंह वडाना को टिकट दिया है. वह भाजपा छोड़कर रालोद में शामिल हो गए।

रालोद की कीमतों ने भाजपा को हार मानने से रोक दिया है
अवतार सिंह वडाना टीम बदलने में माहिर माने जाते हैं। वहीं, हाल ही में हुए चुनाव में उन्होंने भाजपा छोड़कर राज्य लोक दल में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि पश्चिम से चलने वाली हवा पूर्व की ओर चलेगी। कुछ दिन पहले वह ट्रैक्टर में भर्ती होने गया था।

पता करें कि भड़ना कौन है
बता दें कि चार बार के सांसद और मीरापुर से मौजूदा विधायक अवतार सिंह वडाना 12 जनवरी को बीजेपी छोड़कर राष्ट्रीय लोक दल में शामिल हो गए थे. इसके बाद रालोद ने उन्हें विधानसभा चुनाव में गौतम बुद्ध नगर के जवाहरलाल नेहरू निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा। उस समय उन्होंने कहा, इस सरकार ने किसी की नहीं सुनी और इस बार गठबंधन में चुनाव लड़ रही है.

हरियाणा के रहने वाले अवतार सिंह वडाना 74 साल के हैं। उनका राजनीतिक सफर लंबा है। वह तीन बार फरीदाबाद से और 1999 में एक बार मेरठ से कांग्रेस सांसद रह चुके हैं। फिर, 2017 में, उन्होंने भाजपा के टिकट पर मुजफ्फरनगर की मीरापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और बहुत कम वोटों से चुनाव जीत सके।

सपा और रालोद उम्मीदवारों की सूची
साहिबाबाद : अमरपाल शर्मा (सपा)
मोदीनगर: सुदेश शर्मा (रालोद)
धौलाना : असलम चौधरी (सपा)
हापुड़: गजराज सिंह (रालोद)
आभूषण: अवतार सिंह वडाना (रालोद)
बुलंदशहर: हाजी यूनुस (रालोद)
साइना: दिल नवाज खान (रालोद)
अच्छा: भगवती प्रसाद (रालोद)
कोल: सलमान सईद (सपा)
अलीगढ़ : जफर आलम (सपा)
कैराना: नाहिद हसन (सपा)
शामली: प्रसन्ना चौधरी (रालोद)
चरथवल : पंकज मलिक (सपा)
पुरकाजी: अनिल कुमार (रालोद)
खतौली: राजपाल सैनी (रालोद)
नहटौर : मुंशीराम (रालोद)
किठौर : शाहिद मंजूर (सपा)
मिरात: रफीक अंसारी (सपा)
बागपत: अहमद हामिद (रालोद)
लोनी गाजियाबाद: मदन भैया (रालोद)
सादाबाद: प्रदीप चौधरी (रालोद)
छाता: तेजपाल सिंह (रालोद)
गोवर्धन: प्रीतम सिंह (रालोद)
बलदेव: बबीता सिंह (रालोद)
आगरा कैंट: कुंवर सिंह (सपा)
आगरा देहात: महेश जाटव (रालोद)
फतेहपुर सीकरी: ब्रजेश चाहर (रालोद)
खैरागढ़: रतन सिंह (रालोद)
वाह: मधुसूदन शर्मा (सपा)
बरौली : प्रमोद गौर (रालोद)
इगलास: बीरपाल सिंह दिवाकर (रालोद)
पुलिस स्टेशन: अशरफ अली (रालोद)
बुढ़ापा: राजपाल बोलियान (रालोद)
मीरापुर: चंदन चौहान (रालोद)
मुरादनगर: सुरेंद्र कुमार मुन्नी (रालोद)
शिकारपुर: किरण पाल सिंह (रालोद)

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यूपी चुनाव 2022: बसपा में शामिल निर्भया  मामले की वकील सीमा कुशवाहा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (यूपी चुनाव 2022) से पहले राजनीतिक पैंतरेबाज़ी जारी है। इस बीच, बहुजन समाज पार्टी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 2012 की निर्भया सामूहिक बलात्कार पीड़िता की वकील सीमा कुशवाहा को खींच लिया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने सीमा कुशवाहा को पार्टी की सदस्यता दी है. उस वक्त पार्टी के कई बड़े नेता भी मौजूद थे. इसे बसपा का एक बड़ा कदम बताया जा रहा है, क्योंकि सीमा कुशवाहा लंबे समय से देश भर में लड़कियों के लिए रोल मॉडल रही हैं।

इतना ही नहीं, निर्वैया सामूहिक दुष्कर्म पीड़ितों के परिवारों, सुप्रीम कोर्ट के वकीलों और वर्तमान में आधा दर्जन से अधिक बलात्कार पीड़ितों के परिवारों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रही है. इनमें हाथरस गैंगरेप का मामला भी शामिल है। उनके उपचुनाव में भाग लेने की उम्मीद है।

ऐसे बनता है निडर वकील
हम आपको बता दें कि यूपी के इटावर के एक छोटे से गांव में पली-बढ़ी सीमा कुशवाहा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की है. वहीं, 12 दिसंबर 2012 को जब निर्वाण के साथ सामूहिक दुष्कर्म की भीषण घटना दिल्ली में हुई, तब वह दिल्ली हाईकोर्ट में ट्रेनिंग ले रहा था. इस दौरान उन्होंने घटना के विरोध में कई विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। फिर उन्होंने निडर दोषियों को दंडित करने के वादे के साथ मामला उठाया। सीमा के करियर की यह पहली घटना थी। सात साल तीन महीने से अधिक समय तक चली इस कानूनी लड़ाई में सीमा ने एक पैसा भी नहीं लिया। इस बार निडर दोषियों को फांसी पर चढ़ाने के लिए उन्होंने निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अथक लड़ाई लड़ी और आखिरकार उनकी जीत हुई।

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हालांकि फेम इंडिया मैगजीन एशिया पोस्ट सर्वे ने सीएम कुशवाहा को 25 एम्पावर्ड वूमेन-2020 की लिस्ट में स्थान दिया है। वह 20वें स्थान पर थे। इतना ही नहीं 10 जनवरी 1982 को जन्मीं सीमा कुशवाहा का पूरा नाम सीमा समृद्धि कुशवाहा है। वह यूपी के इटावा जिले की एक ग्राम पंचायत महेवर के एक छोटे से गांव उग्रपुर के रहने वाले हैं. उनके पिता का नाम बालदीन कुशवाहा और उनकी माता का नाम रामकुनरी कुशवाहा था। इतना ही नहीं उनके पिता बिधिपुर ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान थे।

डिप्टी सीएम केशब प्रसाद मौर्य का दावा, बीजेपी यूपी में 300 से ज्यादा सीटें मिलेंगी

UP चुनाव 2022: यूपी के डिप्टी सीएम केशब प्रसाद मौर्य ने कहा है कि वह सिराथू (कौशांबी) से आगामी चुनाव लड़कर खुश हैं। बीजेपी को राज्य में 300 से ज्यादा सीटें मिलेंगी. इस बीच उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है.

डिप्टी सीएम ने कहा- सपा पार्टी खत्म
डिप्टी सीएम केशब प्रसाद मौर्य ने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई का विरोध करती है, यह दर्शाता है कि वे भ्रष्टाचार के पक्ष में हैं। समाजवादी पार्टी ‘संपत पार्टी’ बनती जा रही है। दरअसल सिराथू विधानसभा क्षेत्र के जाति वोट बैंक पर नजर डालें तो अनुसूचित जाति वर्ग में सबसे ज्यादा 45 फीसदी मतदाता हैं. दूसरे स्थान पर पिछड़ा वर्ग के मतदाता 24 प्रतिशत हैं। तब अन्य मतदाताओं की संख्या लगभग 32 प्रतिशत है।

ओबीसी वोट बैंक पर बीजेपी की नजर
यूपी विधानसभा चुनाव के लिए बीजीपीओ ने पूरी रणनीति के साथ अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. दरअसल, स्वामी प्रसाद मौर्य के पार्टी से इस्तीफे के बाद पार्टी को कहीं न कहीं यह लगने लगा था कि ओबीसी वोटबैंक कुछ हद तक खंडित हो सकता है. पार्टी बीजेपी के खिलाफ ओबीसी वर्ग के गुस्से को शांत करने के लिए पूरी तरह तैयार है. भाजपा उम्मीदवारों में 44 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और 19 अनुसूचित जाति से हैं। दोनों श्रेणियों को मिलाकर यह संख्या कुल घोषित उम्मीदवारों का 60 फीसदी है।

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पहले दौर का मतदान 10 फरवरी को है
उत्तर प्रदेश में 18वीं विधानसभा का चुनाव सात चरणों में होगा। पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को होगा। मतदान 14 फरवरी को, तीसरे चरण में 20 फरवरी, चौथे चरण में 23 फरवरी, पांचवें चरण में 26 फरवरी, छठे चरण में 3 मार्च और सातवें चरण में 7 मार्च को मतदान होगा. वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी।

पंजाब चुनाव :  धुरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे भगवंत मान

चंडीगढ़ : आम आदमी पार्टी (आप) ने भगवंत मानक को पंजाब में पार्टी का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है. अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव में भगवंत मान संगूर जिले की धुरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। आप नेता राघव चड्ढा ने गुरुवार को यह घोषणा की।

इस सीट पर फिलहाल सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी का कब्जा है और पार्टी के नेता सिंह खंगुरा ‘गोल्डी’ इस समय यहां से विधायक हैं। बता दें कि भगवंत मान संगूर लोकसभा सीट से दो बार आप सांसद हैं।

आप पंजाब के सह प्रभारी राघव चड्ढा ने कहा, ‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि ‘पंजाब के एक बन, हमारे मन’ भगवंत मान धुरी विधानसभा से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। यह संगूर जिले में आता है, जहां भगवंत मान के घर भी हैं।

आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को पंजाब चुनाव में भगवंत मान को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया। आप द्वारा चलाए जा रहे टेलीविजन अभियान में भगवंत मान को 93 फीसदी से ज्यादा वोट मिले. इसके बाद उन्हें पार्टी का मुख्यमंत्री घोषित किया गया।

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117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा के लिए 20 फरवरी को वोटिंग होगी और 10 मार्च को वोटों की गिनती होगी। इस चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी का मुकाबला भाजपा-अमरिंदर सिंह की पंजाब लोक कांग्रेस और अकाली दल-बसपा गठबंधन से होगा।

कभी चाय बेचते हैं, कभी पकौड़े फ्राई करते हैं, योगी सरकार के इस मंत्री का अंदाज़ है निराला

डिजिटल डेस्क : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे नंद गोपाल गुप्ता नंदी इन दिनों अलग तरह से प्रचार कर रहे हैं. जनसंपर्क के दौरान मंत्री नंदी कभी किसी दुकान में जलेबी बनाने लगे तो कभी पकौड़ी और छोटी रोटियां छानते नजर आए.वह चुनावी माहौल में लोगों को आकर्षित करने के लिए एक अभ्यास के तहत शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क के पास एक चाय की दुकान पर पहुंचे। वहां उन्होंने अपने हाथों से चाय बनाई और वहां मौजूद लोगों को पिलाई। उन्होंने कहा कि कुछ दशक पहले उन्होंने चाय, समोसा और कचुरी का रूमाल खुद बनाया था। आम व्यापारियों की दुर्दशा सभी जानते हैं।

उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने मीरापुर और शहर के आसपास के इलाकों का दौरा किया। नंदी के मुताबिक, वह चाय बेचकर पीएम मोदी की बिल्कुल भी नकल नहीं कर रहे हैं, बल्कि फुटपाथ दुकानदारों के हाथ उन्हें अपना मानते हैं.

हम आपको बता दें कि नंदी ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत बसपा से की थी। 2007 में, वह इलाहाबाद दक्षिण से बसपा विधायक बने। हालांकि, 2012 के अगले चुनाव में वह सपा हाजी परवेज अहमद टोंकी से 400 मतों से हार गए। इसके बाद, बसपा ने नंदी और नंदी की पत्नी दोनों को पार्टी से निष्कासित कर दिया। बाद में कांग्रेस उनकी शरणस्थली बनी। 2014 में, नंदी ने कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 2017 के पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने नंदी को प्रयागराज सिटी साउथ से प्रत्याशी बनाया था.

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उत्तराखंड चुनाव: बीजेपी ने 59 टिकटों की घोषणा की, सीएम धामी, मदन कौशिक लड़ेंगे चुनाव

देहरादून: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में मुख्य पार्टियों के उम्मीदवारों पर बना सस्पेंस खत्म करते हुए अपनी पहली सूची जारी कर दी। उत्तराखंड भाजपा के चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सांसद अनिल बलूनी की मौजूदगी में पहली सूची की घोषणा की. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि वह खटीमा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने दावा किया कि इस बार बीजेपी राज्य में 70 से ज्यादा सीटें जीतेगी. पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बुधवार को दिल्ली में हुई बैठक में चर्चा के बाद ज्यादातर सीटों पर सहमति बनने के बाद संगठन की ओर से राज्य स्तर से उम्मीदवारों के नाम भेजे गए. दिल्ली में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक और भाजपा संगठन के प्रदेश महासचिव अजया खड़े थे।

सीएम धामी ने News18 के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि निर्वाचन क्षेत्र स्तर तक जनमत सर्वेक्षण कराए गए हैं और टिकट निर्णय की प्रक्रिया लोकतांत्रिक तरीके से की गई है. इसके बाद केंद्रीय चुनाव समिति फैसला करेगी। धामी ने कहा कि मौजूदा स्थिति में जो उम्मीदवार सबसे उपयुक्त होगा उसे ही उम्मीदवार बनाया जाएगा. धामी ने साफ तौर पर कहा है कि इस बार पार्टी का चुनावी मंत्र ‘अबकी बार 70 पर, फिर मोदी सरकार’ होगा. टिकटों की पहली सूची जारी होने से पहले दुर्गेश्वर लाल और जनरल बिपिन रावत के भाई विजय रावत भी भाजपा में शामिल हो गए।

उत्तराखंड भाजपा उम्मीदवार का नाम
राज्य महासचिव अरुण सिंह ने उम्मीदवारों की घोषणा की। इससे पहले योशी ने कहा कि सूची में 15 ब्राह्मण हैं, तो बनिया समुदाय के 3 उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है. साथ ही 5 महिलाओं को टिकट दिया गया है. इस सूची में शामिल उल्लेखनीय नाम खटीमा के पुष्कर सिंह धामी और हरिद्वार के मदन कौशिक हैं। वहीं, धामी कैबिनेट के सभी मंत्रियों को भी टिकट दिया गया है. वहीं बीजेपी ने हाल ही में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए दुर्गेश्वर लाल और सरिता आर्य को भी टिकट दिया है.

बीजेपी की पहली सूची का क्या मतलब है?
उत्तराखंड में कुल 70 विधानसभा सीटें हैं, जिसमें बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के अलावा बीएसपीओ ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. आप ने अब तक 50 से अधिक सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस 14 जनवरी को पहली सूची घोषित करने के बावजूद पिछड़ गई है। चुनाव आयोग ने राज्य में मतदान के लिए 14 फरवरी की तारीख तय की है, साथ ही इसे स्थगित करने की भी मांग की है. ऐसे में बीजेपी ने उम्मीदवारों का ऐलान कर अपनी रणनीति साफ करने की कोशिश की है.

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पहली कांग्रेस सूची कब थी?
कांग्रेस में उम्मीदवारों के नाम को लेकर गतिरोध बना हुआ है. खबरें हैं कि कांग्रेस पार्टी आज अपनी पहली सूची जारी नहीं करेगी। स्क्रीनिंग कमेटी की गुरुवार को फिर बैठक होगी और शुक्रवार को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होगी. कांग्रेस शुक्रवार शाम बैठक के बाद पहली सूची का ऐलान कर सकती है. कहा जा रहा है कि पार्टी में कुछ नेताओं के आने और बीजेपी के ऐलान को देखते हुए कांग्रेस की पहली सूची के ऐलान में देरी हो रही है.

अखिलेश यादव ने भाजपा के घर में दोहरा सेंध लगाते हुए कहा, “हमारा परिवारवाद खत्म हो रहा है”

डिजिटल डेस्क : उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुलायम सिंह यादव के परिवार में दोहरी सेंध लगा दी है। पहले मुलायम सिंह यादव की सबसे छोटी बहू अपर्णा यादव और अब उनके साले प्रमोद गुप्ता बीजेपी में शामिल हो गए हैं. अब अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि भाजपा कल तक उन पर परिवारवाद के आरोप लगाती थी, अब यह खत्म हो गया है.

गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में जब अखिलेश यादव से परिवार के दो सदस्यों के भाजपा में शामिल होने और इसके लिए उनकी आलोचना किए जाने के बारे में पूछा गया तो सपा अध्यक्ष ने कहा, ”मुझे यह समझ नहीं आ रहा है. भाजपा को इससे खुश होना चाहिए. भाजपा के आरोप हैं पारिवारिक। परिवार व्यवस्था को नष्ट करना। इसके लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूं। हम कल हमारे खिलाफ शिकायत कर रहे थे। ” एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी किसी के घर में नहीं लड़ सकती. मैं किसी के परिवार में झगड़ा नहीं करूंगा।

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क्या बीजेपी जानबूझकर आपके घर में लड़ रही है? जवाब में अखिलेश ने कहा, ‘आपने आंखें नहीं खोलीं? आप कैसे हैं, पत्रकार? आप अभी भी इसका पता नहीं लगा रहे हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य और दारा सिंह चौहान जैसे बड़े नेता जिस तरह सपा में शामिल हुए, उन्हें जनता का समर्थन उसी तरह है जैसे सपा ने पार्टियों को एकजुट किया है. धारणा जो भी हो, भाजपा धारणा की लड़ाई हार चुकी है। हम अपना घोषणापत्र प्रकाशित कर रहे हैं।

भाजपा ने मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर को किया खारिज , गोवा में 34 उम्मीदवारों की घोषणा की

डिजिटल डेस्क :  भारतीय जनता पार्टी ने गोवा विधानसभा चुनाव के लिए 34 उम्मीदवारों की घोषणा की है। राज्य की कुल 40 सीटों में से सिर्फ 6 उम्मीदवारों का फैसला अभी नहीं हुआ है. सबसे खास बात यह है कि टीम ने पणजी सीट से अटांसियो मोनसेरेट को टिकट दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर इस सीट से चुनाव लड़ रहे थे और उन्होंने पार्टी को सलाह दी कि अगर भ्रष्टाचार फैलाया जाता है तो वह चुप न रहें।

अब टीम लिस्ट से साफ है कि उन्होंने पणजी के उत्पल पर्रिकर से मुकाबला नहीं करने का फैसला किया है. हालांकि पार्टी उन्हें मनाने की कोशिश कर रही है। उत्पल पर्रिकर के बारे में देवेंद्र फरनबीस कहते हैं कि वे उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं. हमारी ओर से उन्हें दो सीटों की पेशकश की गई थी, जिसमें से एक उन्होंने ठुकरा दी और दूसरी पर चर्चा चल रही है। हमें उम्मीद है कि वह सहमत हैं।

हाल ही में दिल्ली के कई नेताओं ने उत्पल पर्रिकर से संपर्क किया और उनसे अन्य विकल्पों पर विचार करने को कहा। पार्टी नेताओं ने कहा कि वह पणजी सीट के अलावा कहीं से भी चुनाव लड़ सकते हैं। उन्हें भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने की पेशकश भी की गई है। भाजपा द्वारा घोषित 34 उम्मीदवारों में से नौ अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। भाजपा ने सांकलीम सीट से मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत को मैदान में उतारने का फैसला किया है। उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए गोवा के प्रभारी देवेंद्र फरनबीस ने कहा कि पार्टी ने पिछले 10 वर्षों में राज्य को विकास की ओर ले लिया है.

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उन्होंने कहा कि राज्य में एक बार फिर बीजेपी की जीत होगी. 40 सीटों वाले गोवा में 14 फरवरी को एक ही दौर में मतदान होगा। देवेंद्र फर्नाबिस का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस गोवा में शून्य है। यह हिंदू विरोधी और सांप्रदायिक है। साथ ही आम आदमी पार्टी पर हमला बोलते हुए फरनबीस ने कहा, तुम झूठे लोगों की पार्टी हो. गोवा की जनता उन्हें ठुकरा देगी। हम आपको बता दें कि गोवा में राष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस के बीच लड़ाई हो चुकी है. लेकिन इस चुनाव में टीएमसी और आम आदमी पार्टी के आने से मुकाबला बहुआयामी हो गया है.

 सीएम योगी को टक्कर देंगे भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद 

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव (यूपी चुनाव 2022) में गोरखपुर सदर निर्वाचन क्षेत्र से बड़ी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता देखने को मिल सकती है. भीम आर्मी के संस्थापक और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद गोरखपुर सदर से बीजेपी उम्मीदवार योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे.

आजाद समाज पार्टी ने गोरखपुर सदर निर्वाचन क्षेत्र (322) से चंद्रशेखर आजाद को मैदान में उतारा है। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद पार्टी के इस फैसले से खुश हैं. उन्होंने ट्वीट किया, ‘बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं पिछले 5 साल से लड़ रहा हूं और अब भी लड़ूंगा। जॉय भीम, जॉय मंडल। कई खुश हैं, कई खुश हैं।

वहीं आजाद पार्टी के मुख्य चुनाव अधिकारी रवींद्र भट्टी ने न्यूज 18 को बताया कि आजाद समाज पार्टी उत्तर प्रदेश में भारतीय बीर दल, पचपड़ समाज पार्टी और पथिक जनशक्ति पार्टी समेत 6-7 छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन करेगी. कहा जा रहा है कि आजाद समाज पार्टी 22 सूत्री घोषणापत्र भी जारी करेगी।

हम आपको बता दें कि बीजेपी ने इस सीट से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उम्मीदवार बनाया है. पिछले दिनों अयोध्या और मथुरा वार्ता के बीच बीजेपी ने ऐलान किया था कि सीएम योगी गोरखपुर सदर सीट से चुनाव लड़ेंगे. अब देखना यह है कि इस सीट पर कांग्रेस, सपा और बसपा को कौन टिकट देता है।

यूपी में कब और कितने चुनाव
हम आपको बताना चाहेंगे कि उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए सात सूत्री मतदान 10 फरवरी से शुरू होगा। उत्तर प्रदेश में अन्य चरणों में 14, 20, 23, 27 फरवरी, 3 और 7 मार्च को मतदान होगा. वहीं, यूपी चुनाव के नतीजे 10 मार्च को आएंगे.

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पिछले चुनाव के नतीजे
2017 के चुनाव में बीजेपी ने यहां की 403 सीटों में से 325 सीटें जीती थीं. सपा और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था। सपा को 47 और कांग्रेस ने 7 सीटें जीती थीं. मायावती की बसपा ने 19 सीटों पर जीत हासिल की. जहां 4 सीटों पर अन्य का कब्जा है।

यूपी विधानसभा चुनाव: बागी कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने पार्टी से दिया इस्तीफा

 डिजिटल डेस्क : हाल ही में कांग्रेस के बागी सदर रायबरेली विधायक अदिति सिंह ने भाजपा में शामिल होकर कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद सोनिया गांधी को लिखे पत्र में इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोनिया गांधी को एक पत्र लिखकर सूचित किया कि मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की प्रारंभिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं। कृपया स्वीकार करो।

अदिति सिंह आधिकारिक तौर पर नवंबर में भाजपा में शामिल हो गईं। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद से ही अदिति सिंह कांग्रेस पार्टी लाइन के बाहर बयानबाजी कर रही हैं। पार्टी के विचारों के अलावा, उन्होंने केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के फैसले की भी सराहना की। 2017 में विधायक बनीं अदिति सिंह पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी पर भी हमलावर थीं.

पिता को नुकसान हो सकता है
अदिति सिंह के इस कदम से उनके पति अंगद सिंह सैनी को चोट लग सकती है। अंगद पंजाब के नवांशहर निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक हैं। हालांकि अदिति सिंह कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले रायबरेली से विधायक हैं। सोनिया गांधी लगातार इस सीट से सांसद बन रही हैं. वहीं अदिति के पिता अखिलेश सिंह यहां से पांच बार विधायक रह चुके हैं।

प्रियंका गांधी ने कई बार किया पलटवार
रायबरेली से कांग्रेस की बागी विधायक रह चुकीं अदिति सिंह कई बार सार्वजनिक रूप से प्रियंका गांधी पर हमला बोल चुकी हैं. अदिति सिंह ने एक बार कहा था कि जब कृषि कानून लाया गया था, तब भी उन्हें समस्या थी। अब कृषि कानून निरस्त होने पर भी वे भुगत रहे हैं। कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि प्रियंका गांधी केवल इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही हैं। उन्होंने यहां तक ​​कह दिया कि अब प्रियंका गांधी की राजनीति के मुद्दे खत्म हो गए हैं. इसलिए वह किसानों की समस्या के साथ राजनीति कर रहे हैं।

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कांग्रेस विधायक प्रियंका गांधी ने भी महिलाओं के लिए 40 फीसदी आरक्षण का मुद्दा उठाया. उन्होंने सवाल किया कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार है, पार्टी वहां आरक्षण की घोषणा क्यों नहीं करती। उन्होंने प्रियंका के इस ऐलान को लॉलीपॉप भी बताया. अदिति सिंह का कहना है कि प्रियंका गांधी जनता के बीच सिर्फ लॉलीपॉप बांट रही हैं. कांग्रेस विधायक ने सवाल किया कि जब वह पार्टी अध्यक्ष थीं तो प्रियंका की मां दूसरे राज्य में बातचीत का नाटक क्यों कर रही थीं।