Wednesday, April 29, 2026
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खिचड़ी को न समझें कमतर, जानिए इसके हेल्थ बेनेफिट्स

कोलकाता : बहुत लोग खिचड़ी को बीमारी में मुनासिब भोजन के तौर पर समझते हैं। लेकिन आप उसके दूसरे कई फायदों को जानकर हैरान रह जाएंगे। फिट रहने के लिए आपको सप्ताह में एक बार खिचड़ी खाना चाहिए। विशेषकर अगर पेट की चर्बी आपकी कमर के आसपास जमा हो रही है। खिचड़ी वजन कम करने में आपकी मदद करेगी। उसके अलावा, खिचड़ी खाने के कई दूसरे स्वास्थ्य फायदे भी मिलेंगे।

पाचन सुधारती है- ये डिश पचाने में काफी आसान होती है। पाचन क्षमता के कमजोर होने पर भी ये आसानी से पच जाती है। यही वजह है कि कमजोर लोगों की डाइट के तौर पर इस्तेमाल की जाती है क्योंकि कमजोरी में पाचन बहुत खराब होता है।

पौष्टिक भोजन- खिचड़ी दाल, चावल, सब्जी और मसालों के साथ बनाई जाती है। ये पोषण में भरपूर होती है जो शरीर को और ऊर्जा देती है। खिचड़ी एक साथ हमारे शरीर को जरूरी सभी पोषक तत्व उपलब्ध कराती है।

कब्ज में अच्छी- कब्ज में खिचड़ी खाना सुविधाजनक और मुफीद है। खिचड़ी खाने के बाद पेट में भारीपन नहीं रहता, और जल्दी पच भी जाती है। घी, दही, नींबू और अचार के साथ खिचड़ी खाना अच्छा है।

दस्त में मुफीद- अगर किसी को दस्त की शिकायत है, तो उसे छिली हुई मूंग दाल की खिचड़ी खाना चाहिए। खिचड़ी सूखी नहीं होनी चााहिए बल्कि आधी गीली हो। ये तुरंत पेट दर्द और से राहत देती है। ये शरीर को कमजोर भी नहीं होने देती।

वजन कम करने में मददगार- अगर आपकी कमर के आसपास चर्बी का जमा होना निरंतर बढ़ रहा है, तो आपको अनिवार्य रूप से दिन में एक बार खिचड़ी इस्तेमाल करना चाहिए। ये आपके वजन पर नियंत्रण रखेगी और चर्बी के जमाव को भी कम करेगी।

बच्चों के लिए खिचड़ी– बच्चों के लिए खिचड़ी आसान, सरल और आदर्श भोजन है। पालक खिचड़ी और मूंग दाल की खिचड़ी की रेसिपी बनाना बहुत आसान है। ये आपके बच्चे के विकास और वृद्धि के लिए संतुलित भोजन है। छह महीने के बच्चे को भी खिचड़ी से परिचित कराया जा सकता है। थोड़ा घी के साथ खिचड़ी मल त्याग को आसान बनाने में मदद करती है।

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आज का जीवन मंत्र:हालात अच्छे हैं या बुरे, हमें हालातों में ढल जाना चाहिए

संत एकनाथ को एक शिष्य बहुत प्रिय था, क्योंकि वह विचित्र प्रश्न किया करता था। एकनाथ जी बड़े प्रेम से उसके प्रश्नों के उत्तर देते थे। शिष्य के मन में बहुत सी वस्तुएं पाने की इच्छाएं थीं।शिष्य जब भी एकनाथ जी से बोलता कि मैंने बहुत मेहनत की, लेकिन मुझे कुछ नहीं मिला तो एकनाथ जी उसे कहते थे कि काही हरकत नाही, ठीक ही हुआ।

एक दिन शिष्य ने एकनाथ जी को बताया, ‘आश्रम में एक बहुत बड़े व्यक्ति आए हुए हैं और वे गाय दान करना चाहते हैं। हमारे आश्रम में गाय आ जाएगी और हम उसके दूध का सेवन करेंगे। ये हमारे लिए बड़ा अच्छा हो जाएगा। दूध की हमें जरूरत भी है और गाय भी मिल रही है।’

एकनाथ जी बोले, ‘काही हरकत नाही, ठीक ही हुआ।’शिष्य बहुत खुश था, उसने गौ सेवा की जिम्मेदारी ले ली। वह बहुत अच्छे से गौ सेवा करता था। खुद भी दूध पीता और सभी को भी देता था। एक दिन वह गाय मर गई। शिष्य बहुत दुखी हो गया। गाय चली गई तो दूध मिलना बंद हो गया।

शिष्य एकनाथ जी के पास गया और बोला, ‘आज गाय मर गई।’एकनाथ जी बोले, ‘काही हरकत नाही, ठीक ही हुआ।’शिष्य को लगा कि एक तो गाय मर गई और ये कह रहे हैं कि कोई बात नहीं। कुछ दिनों के बाद एक सेठ फिर गाय दान कर गए। शिष्य ने खुश होकर एकनाथ जी से कहा, ‘हमारे पास फिर से एक गाय आ गई है। हम फिर से सेवा करेंगे, हमें फिर से दूध मिलने लगेगा।’

एकनाथ जी बोले, ‘काही हरकत नाही, ये भी ठीक है।’ये बात सुनकर शिष्य से रहा नहीं गया और उसने कहा, ‘जब गाय नहीं थी, तब भी आप यही कहते थे। फिर गाय आई, कुछ दिन बाद मर गई और फिर गाय आ गई है तो आप अभी भी यही बात कह रह हैं कि काही हरकत नाही, सब ठीक है। आप हर स्थिति में यही क्यों कहते हैं?’

एकनाथ जी बोले, ‘इसका अर्थ यह है कि जीवन में जो भी परिस्थिति आ जाए, चाहे वह हमारे अनुकूल हो या प्रतिकूल हो, हमें उसमें ढल जाना चाहिए। काही हरकत नाही, ठीक ही है, ये एक मंत्र है। इसे जीवनभर अपनाओगे तो उपलब्ध चीजों का आनंद ले पाओगे, और जो नहीं है, उसके लिए दुख नहीं होगा।’

सीख

हमारी इच्छाएं होती हैं कि हमें बहुत सारी चीजें मिल जाएं, जब चीजें नहीं मिलती हैं तो हम बेचैन हो जाते हैं। जब चीजें मिल जाती हैं, तब भी हमें शांति नहीं मिलती है। जो मिल जाए, उसका आनंद लें और जो चीज न मिले, उसके लिए परेशान नहीं होना चाहिए।

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धनु राशिवालों के रचनात्मक प्रयास होंगे फलीभूत, दांपत्य जीवन में आएगी मधुरता

 12 राशियों में से हर व्यक्ति की अलग राशि होती है, जिसकी मदद से व्यक्ति यह जान सकता है कि उसका आज का दिन कैसा होगा? ज्योतिष में ग्रहों की चाल से शुभ और अशुभ घड़ियां बनती हैं, जो हमारे जीवन को प्रभावित करती हैं। अगर आपकी राशि के बारे में आज का दिन अच्छा है, तो आप उसे सेलिब्रेट कर सकते हैं, वहीं अगर आज का दिन आपके लिए खराब है तो आप पंडित जी के दिए गए सुझावों को अपनाकर कुछ अच्छा कर सकते हैं।

मेष राशि 18 फरवरी का 2022 राशिफल । आज का दिन बहुत अच्छा रहेगा। पारिवारिक सौहार्द बना रहेगा। भाग्य आज आपका साथ देगा। आप अपने बचपन के दोस्त के साथ किसी लंबी यात्रा पर जा सकते हैं। सरकारी कार्यालयों में काम करने वालों के लिए पदोन्नति की संभावना है। बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। इस राशि के लोगों के सभी रुके हुए काम पूरे होंगे। आज आप कोई नया व्यवसाय शुरू कर सकते हैं, लाभ होगा। गरीबों को भोजन कराएं, आपका आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।

वृषभ राशि 18 फरवरी का 2022 राशिफल

कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों के दबाव और घर में दरार के कारण आपको तनाव का सामना करना पड़ सकता है – जो काम पर आपकी एकाग्रता को भंग करेगा। प्राप्त धन आपकी अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहेगा। जिस पर आप भरोसा करते हैं, वह आपको पूरी सच्चाई नहीं बताएगा। सभी तथ्यों को जानने के लिए थोड़ा शोध करना पड़ता है – लेकिन अगर आप गुस्से में कदम उठाते हैं, तो यह आपके रिश्ते को बर्बाद कर सकता है।

मिथुन राशि 18 फरवरी का 2022 राशिफल

आज आप यात्रा करने से थकान महसूस करेंगे। आपने अपने रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए बहुत मेहनत की है और आपकी मेहनत रंग लाई है। आज का दिन खूब मस्ती करने का है क्योंकि आपका दोस्त भी आपके साथ है। कार्य योजना में मामूली बदलाव करने से आपको अच्छा लाभ होगा। अपना नजरिया दूसरों पर न थोपें। काम के दौरान दिन भर आप काफी निराश महसूस कर सकते हैं।

कर्क राशि 18 फरवरी का 2022 राशिफल

आज का दिन बहुत अच्छा रहेगा। कोई शुभ समाचार मिलने की संभावना है। पारिवारिक संबंधों में सामंजस्य बिठाने में आप सफल रहेंगे। आज मनोरंजन में पैसा खर्च हो सकता है, इससे आपको आनंद की प्राप्ति होगी। इस राशि के छात्रों के लिए दिन अच्छा है, पढ़ाई में मन लगेगा।

सिंह राशि 18 फरवरी का 2022 राशिफल

ध्यान और योग न केवल आध्यात्मिक रूप से बल्कि शारीरिक रूप से भी आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे। विशेष लोग ऐसी किसी भी योजना में पैसा लगाने के लिए तैयार रहेंगे, जिसमें क्षमता हो और जो विशेष हो। लोग आपको उम्मीदें और सपने देंगे, लेकिन वास्तव में सारी जिम्मेदारी आपके प्रयासों पर होगी

कन्या राशि 18 फरवरी का 2022 राशिफल

आज कई प्रकार से लाभ होने के कारण आपकी प्रसन्नता दुगनी हो जाएगी। लेन-देन में सावधानी बरतें। कानूनी मसले सुलझेंगे। किसी प्रकार की चिंता से मुक्ति मिलेगी। या तो आप किसी पुराने मित्र से मिलेंगे या उनमें से कोई आज अचानक आपसे मिलने आएगा। व्यापार में नए लाभदायक संपर्क बनेंगे।

तुला राशि 18 फरवरी का 2022 राशिफल

आज का दिन परिवारजनों के साथ व्यतीत होगा। परिवार वालों के साथ शॉपिंग करने भी जा सकते हैं। आपके दिमाग में नए विचार आएंगे, व्यापार में काफी लाभ होगा। आज ऑफिस में किसी जरूरी काम को पूरा करने के लिए पिछली कंपनी का अनुभव आपके काम आएगा। दोस्तों के साथ घूमने निकलेंगे। बड़ों के आशीर्वाद से नया व्यवसाय शुरू करें, लाभ होगा।

वृश्चिक राशि 18 फरवरी का 2022 राशिफल

आपको अपना अतिरिक्त समय अपने शौक को पूरा करने या उन चीजों को करने में लगाना चाहिए जिन्हें करने में आपको सबसे ज्यादा मजा आता है। अचानक खर्चे से आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। अपनी सभा में सभी को दावत दो। क्योंकि आज आपके पास अतिरिक्त ऊर्जा है, जो आपको किसी पार्टी या कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्रेरित करेगी। किसी से बेवजह दोस्ती करने से बचें, क्योंकि इससे आपको बाद में पछताना पड़ सकता है।

धनु राशि 18 फरवरी का 2022 राशिफल

आज आप कोई नया काम शुरू कर सकते हैं। घर पर और दोस्तों के बीच अपनी स्थिति सुधारने के बारे में सोचें। आज आपका मन अधिक भावुक रहेगा। समस्याओं को अपने दिमाग से निकाल दें। व्यापारी वर्ग को पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतनी चाहिए और दूर की यात्रा करने से बचना चाहिए। कोई नया काम या प्रोजेक्ट मिल सकता है। दूसरों का सहयोग मिलेगा।

मकर राशि 18 फरवरी का 2022 राशिफल

आज का दिन बहुत अच्छा रहेगा। कानून के छात्रों के लिए दिन बहुत अच्छा रहेगा। सीनियर्स के सहयोग से आज कॉलेज से प्रोजेक्ट पूरा करेंगे। माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों के खानपान पर ध्यान दें। परिजनों के साथ दिन बीतेगा, जीवन में मधुरता बढ़ेगी।

कुंभ राशि 18 फरवरी का 2022 राशिफल

घर में काम करते समय विशेष ध्यान रखें। घरेलू सामानों का लापरवाही से इस्तेमाल करना आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। विशेष लोग ऐसी किसी भी योजना में पैसा लगाने के लिए तैयार रहेंगे, जिसमें क्षमता हो और जो विशेष हो। घर में कुछ बदलाव आपको काफी इमोशनल कर सकते हैं, लेकिन जो आपके लिए खास हैं, उनके सामने आप अपनी भावनाओं को जाहिर कर पाएंगे।

मीन राशि 18 फरवरी का 2022 राशिफल

आज गणेश नकारात्मक मानसिकता से व्यवहार न करने की सलाह देते हैं। घर का माहौल खुशनुमा रहेगा। कानूनी अड़चन दूर होंगी। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। बुरे लोग नुकसान पहुंचा सकते हैं, ध्यान रखें। आज अच्छा दिन होगा। कारोबारी लोग बड़े सौदे करेंगे। आज आप अपने व्यवसाय में कुछ नया करने की योजना बना सकते हैं।

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महाशिवरात्रि विशेष में जानें भगवान शिव को कैसे मिला त्रिशूल?

इस साल महाशिवरात्रि का पावन पर्व 01 मार्च 2022 को है. इस दिन भगवान शिव (Lord Shiva) ने साकार स्वरुप धारण किया था. उससे पहले वे परमब्रह्म सदाशिव थे. भगवान शिव का स्मरण होते ही हाथों में त्रिशूल (Trishul) , डमरु, सिर पर जटा, गले में सांप पहने महादेव (Mahadev) की विराट छवि मन में बनती है. वे भूत हैं, भविष्य हैं और वर्तमान भी. वे काल से परे स्वयं महाकाल हैं. काल भी उनका कुछ बिगाड़ नहीं सकता, इसलिए वे महाकाल (Mahakal) हैं. उनके प्रमुख दो शस्त्र धनुष और त्रिशूल हैं. ​उनके हाथ में त्रिशूल रहता है. प्रश्न उठता है कि भगवान शिव के पास त्रिशूल कैसे आया? इसका क्या अर्थ और महत्व है? आइए जानते हैं इसके बारे में.

शिव के त्रिशूल का रहस्य
शिव पुराण में बताया जाता है कि सृष्टि के आरंभ के समय भगवान शिव ब्रह्मनाद से प्रकट हुए थे. उनके साथ ही तीन गुण रज, तम और सत गुण भी प्रकट हुए. ये तीनों ही भगवान शिव के शूल बनें, जिससे त्रिशूल बना. त्रिशूल शिव जी का प्रमुख अस्त्र है. यह तीन गुण रज, तम और सत का प्रतीक है. प्रारंभ से ही त्रिशूल भगवान शिव के साथ है. विष्णु पुराण के अनुसार, विश्वमकर्मा ने सूर्य के अंश से त्रिशूल का निर्माण किया था, जिसे उन्होंने भगवान शिव को दे दिया था.

रज, तम और सत गुण में संतुलन के बिना सृष्टि का संचालन नहीं हो सकता था. सृष्टि में संतुलन स्थापना के लिए भगवान शिव ने अपने हाथों में त्रिशूल धारण किया. इन तीनों गुणों में संतुलन के लिए महादेव ध्यान में मग्न रहते हैं.

इन तीन गुणों का समावेश त्रिशूल में है, यह इस बात को भी दर्शाता है कि भगवान शिव इन तीनों ही गुणों से ऊपर हैं क्योंकि उन्होंने इन पर विजय प्राप्त कर रखी है.

त्रिशूल को तीन काल से भी जोड़कर देखा जाता है. यह भूतकाल, भविष्य काल और वर्तमान काल का भी प्रतीक है. इस वजह से ही तो भगवान शिव त्रिकालदर्शी हैं. उनको भूत, भविष्य और वर्तमान की सभी चीजों के बारे में ज्ञात है.

कुछ लोग यह भी मानते हैं किै भगवान शिव का त्रिशूल तीनों देव ब्रह्मा, विष्णु और महेश का भी प्रतीक है. भगवान शिव ने अपने त्रिशूल से कई राक्षसों का वध किया था और सृष्टि में शांति स्थापित की थी.

भगवान शिव के भक्त अपने घरों में त्रिशूल रखते हैं. इसे रखने से घर की नकारात्मक शक्तियां दूर होती है. भय नहीं रहता है.

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बीन की धुन को सुनकर नाचने क्यों लगते हैं सांप? जानें नागों से जुड़ी ये सबसे बड़ी अफवाह का सच

नई दिल्ली: सांपों की दुनिया लोगों के लिए डरावनी ही नहीं, बल्कि रहस्मयी भी रही है। सांपों को लेकर कई फिल्में भी बन चुकी हैं। सांपों के बारे में कई ऐसी बातें फेमस हैं, जो सिर्फ फिल्मी ही हैं, लेकिन लोग उसे सच मान लेते हैं। आइए आपको सांपों से जुड़े एक ऐसे तथ्यों के बारे में समझते हैं जिन्हें लेकर आम धारणा थोड़ी अलग है।

नाचते नहीं हैं सांप
आपको बता दें कि सांप पूरी तरह बहरा होता है। आपने देखा भी होगा कि सांप के शरीर पर कहीं कान नहीं होते हैं। दरअसल सांप कभी सपेरे की बीन की धुन पर नहीं नाचता नहीं है। बल्कि वह सपेरे द्वारा बीन की आवाज से अपने शरीर को हिलाता है, जो कि देखने में ऐसा लगता है कि वह नाच रहा है, लेकिन ऐसा नहीं होता है। वह सांप के शरीर की सामान्य हरकत है।

फन फैलाना सांप की सामान्य हरकत
आपने अक्सर देखा होगा कि सपेरे की बीन के ऊपर बहुत सारे कांच के टुकड़े लगे हुए होते हैं, उन्हें लगाए जाने का एक कारण होता है, क्योंकि जब उन टुकड़ों के ऊपर धूप या रोशनी पड़ती है तो उनसे चमक निकलती है, जिससे कि सांप हरकत में आ जाता है।

बीन की धुन नहीं सुन पाते सांप
इसी कारण जब सपेरा बीन को बजा कर हिलाते हुए आवाज निकाल रहा होता है, तो इस प्रकाश की चमक के कारण सांप का ध्यान उस ओर आकर्षित होता है और सांप उसकी चाल का अनुसरण करता है और हमें यह भ्रम होता है कि सांप नाच रहा है। उन्‍हें धरती होने वाली तरंगे खतरे की तरह लगती हैं। इन्हीं तरंगों से बचने के लिए वह फन फैला लेते हैं।

त्वचा से लेते हैं हालात का जायजा
दरअसल सांप कानों के स्थान पर अपनी त्वचा का इस्तेमाल करता है, वह अपने आसपास के वातावरण में हो रही किसी भी गतिविधि का जायजा अपनी त्वचा पर पड़ रही तरंगों के माध्यम से लेता है।

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क्या आप जानते हैं किस देवता को कौन सा पुष्प है पसंद?

कोलकाता : प्रकृति का अनमोल उपहार है। हिंदू धर्म में विभिन्न फूलों का विशेष महत्व है। धार्मिक अनुष्ठान, पूजन, आरती आदि कार्य बिना फूल के अधूरे ही माने जाते हैं। वैसे तो किसी भी भगवान को कोई भी फूल चढ़ाया जा सकता है, लेकिन कुछ फूल देवताओं को विशेष प्रिय होते हैं। इन फूलों का वर्णन विभिन्न धर्म ग्रंथों में मिलता है। देवताओं को उनकी पसंद के फूल चढ़ाने से वे प्रसन्न होते हैं और साधक की हर मनोकामना पूरी कर सकते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं कि किस देवता के पूजन में कौन से फूल चढ़ाना चाहिए-

भगवान श्री गणेश- आचार भूषण ग्रंथ के अनुसार भगवान श्री गणेश को तुलसीदल को छोड़कर सभी प्रकार के फूल चढाएं जा सकते हैं। पद्मपुराण आचाररत्न में भी लिखा है कि ‘न तुलस्या गणाधिपम’ अर्थात् तुलसी से गणेश जी की पूजा कभी न करें। गणेश जी को दूर्वा चढ़ाने की परंपरा है। गणेश जी को दूर्वा बहुत ही प्रिय है। दूर्वा के ऊपरी हिस्से पर तीन या पांच पत्तियां हों तो बहुत ही उत्तम है।

भगवान शिव– भगवान शंकर को धतूरे के फूल, हरसिंगार, व नागकेसर के सफेद पुष्प, सूखे कमल गट्टे, कनेर, कुसुम, आक, कुश आदि के फूल चढ़ाने का विधान है। भगवान शिव को केवड़े का पुष्प नहीं चढ़ाया जाता है।

भगवान विष्णु- इन्हें कमल, मौलसिरी, जूही, कदम्ब, केवड़ा, चमेली, अशोक, मालती, वासंती, चंपा, वैजयंती के पुष्प विशेष प्रिय हैं। विष्णु भगवान तुलसी दल चढ़ाने से अति शीघ्र प्रसन्न होते है। कार्तिक मास में भगवान नारायण केतकी के फूलों से पूजा करने से विशेष रूप से प्रसन्न होते है । लेकिन विष्णु जी पर आक, धतूरा, शिरीष, सहजन, सेमल, कचनार और गूलर आदि।

सूर्य नारायण– इनकी उपासना कुटज के पुष्पों से की जाती है। इसके अलावा कनेर, कमल, चंपा, पलाश, आक, अशोक आदि के पुष्प भी इन्हें प्रिय हैं।

भगवान श्री कृष्ण- अपने प्रिय पुष्पों का उल्लेख महाभारत में युधिष्ठिर से करते हुए श्री कृष्ण कहते हैं- मुझे कुमुद, करवरी, चणक, मालती, पलाश व वनमाला के फूल प्रिय हैं।

भगवती गौरी– शंकर भगवान को चढ़ने वाले पुष्प मां भगवती को भी प्रिय हैं। इसके अलावा बेला, सफेद कमल, पलाश, चंपा के फूल भी चढ़ाए जा सकते हैं।

माता लक्ष्मी- मां लक्ष्मी का सबसे अधिक प्रिय पुष्प कमल है। उन्हें पीला फूल चढ़ाकर भी प्रसन्न किया जा सकता है। इन्हें लाल गुलाब का फूल भी काफी प्रिय है।

हनुमान जी- इनको लाल पुष्प बहुत प्रिय है। इसलिए इन पर लाल गुलाब, लाल गेंदा आदि पुष्प चढ़ाए जा सकते है।

मां काली– इनको गुड़हल का फूल बहुत पसंद है। मान्यता है की इनको 108 लाल गुड़हल के फूल अर्पित करने से मनोकामना पूर्ण होती है।

मां दुर्गा- इनको लाल गुलाब या लाल अड़हुल के पुष्प चढ़ाना श्रेष्ठ है।

मां सरस्वती– विद्या की देवी मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए सफेद या पीले रंग का फूल चढ़ाए जाते हैं। सफेद गुलाब, सफेद कनेर या फिर पीले गेंदे के फूल से भी मां सरस्वती प्रसन्न होती हैं।

शनि देव– शनि देव को नीले लाजवन्ती के फूल चढ़ाने चाहिए, इसके अतिरिक्त कोई भी नीले या गहरे रंग के फूल चढ़ाने से शनि देव शीघ्र ही प्रसन्न होते है।

आमतौर पर फूलों को हाथों में रखकर हाथों से भगवान को अर्पित किया जाता है।

ऐसा नहीं करना चाहिए। फूल चढ़ाने के लिए फूलों को किसी पवित्र पात्र में रखना चाहिए और इसी पात्र में से लेकर देवी-देवताओं को अर्पित करना चाहिए। ध्यान रखने योग्य बातें-

भगवान की पूजा कभी भी सूखे व बासी फूलों से न करें।

कमल का फूल को लेकर मान्यता यह है कि यह फूल दस से पंद्रह दिन तक भी बासी नहीं होता।

चंपा की कली के अलावा किसी भी पुष्प की कली देवताओं को अर्पित नहीं की जानी चाहिए।

शास्त्रों के अनुसार शिवजी को प्रिय बिल्व पत्र छह माह तक बासी नहीं माने जाते हैं। अत: इन्हें जल छिड़क कर पुन: शिवलिंग पर अर्पित किया जा सकता है।

तुलसी के पत्तों को 11 दिनों तक बासी नहीं माना जाता है। इसकी पत्तियों पर हर रोज जल छिड़कर पुन: भगवान को अर्पित किया जा सकता है।

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शुक्रवार को करना है शुभ काम तो मुहूर्त और राहुकाल के लिए देखिए आज का पंचांग

ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का बहुत महत्व है । पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं। आज 18 फरवरी शुक्रवार (Friday) का दिन है। फाल्गुन (Falgun) की कृष्ण पक्ष द्वितीया 10:29 PM तक उसके बाद तृतीया तक है। सूर्य धनु राशि पर योग-धृति, करण-गर और वणिज फाल्गुन मास है, आज का दिन बहुत ही शुभ फलदायक है। देखिए आज का पंचांग…

आज 18 फरवरी का पंचांग हिन्दू मास एवं वर्ष शक सम्वत- 1943 प्लव विक्रम सम्वत- 2078 आज की तिथि तिथि-द्वितीया 10:29 PM तक उसके बाद तृतीया आज का नक्षत्र-पूर्वाफाल्गुनी 04:42 PM तक उसके बाद उत्तराफाल्गुनी आज का करण-गर और वणिज आज का पक्ष- कृष्ण पक्ष आज का योग-धृति आज का वार-शुक्रवार आज सूर्योदय- सूर्यास्त का समय (Sun Time) सूर्योदय-7:01 AM सूर्यास्त-6:20 PM आज चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय ( Moon Time) चन्द्रोदय-8:01 PM चन्द्रास्त-8:42 AM सूर्य – सूर्य कुंभ राशि पर है आज चन्द्रमा की राशि (Moon Sign)

चन्द्रमा-0:46 PM तक चन्द्रमा सिंह उपरांत कन्या राशि पर संचार करेगा दिन- शुक्रवार माह- फाल्गुन व्रत-प्रतिपदा आज का शुभ मुहूर्त (Today Auspicious Time) अभिजीत मुहूर्त-11:49 AM से 12:35 PM अमृत काल-10:09 AM – 11:48 AM ब्रह्म मुहूर्त -05:24 AM से 06:12 AM आज का शुभ योग (Aaj Ka Shubh Yoga) सर्वार्थ सिद्धि योग-नहीं है रवि पुष्य योग –नहीं है अमृतसिद्धि योग-नहीं है त्रिपुष्कर योग-नहीं है द्विपुष्कर योग-नहीं है अभिजीत मुहूर्त-11:49 AM से 12:35 PM आज का अशुभ समय( Today Bad Time) राहु काल-11:15 AM से 12:40 PM तक कालवेला / अर्द्धयाम-14:51:26 से 15:36:55 तक दुष्टमुहूर्त-09:17 AM – 10:02 AM, 01:03 PM – 01:48 PM यमगण्ड-3:30 PM – 4:55 PM गुलिक काल-07:56:18 से 09:21:36 तक गंडमूल-06:31 AM से 04:11 PM

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रूस ने यूक्रेन में सेना भेजने की दी धमकी, सैटेलाइट जारी की इमेज

 डिजिटल डेस्क : रूस और यूक्रेन (यूक्रेन-रूस संकट) के बीच युद्ध के खतरे को फिलहाल टाला नहीं जा सकता है। रूस पहले भी दावा कर चुका है कि उसकी सेना यूक्रेन की सीमा से पीछे हट रही है, लेकिन अभी तक ऐसा होता नहीं दिख रहा है. इतना ही नहीं, बेलारूस, क्रीमिया और पश्चिमी रूस की सीमाओं पर अभी भी सैन्य अभियान चल रहे हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक बयान में कहा है कि यूक्रेन की सीमा से सैनिकों की वापसी के विरोध में रूस ने इस क्षेत्र में कम से कम 7,000 सैनिकों को तैनात किया है।

पिछले 48 घंटों में ली गई मैक्सर की उच्च-रिज़ॉल्यूशन उपग्रह इमेजरी, बेलारूस-यूक्रेन सीमा से छह किलोमीटर से भी कम दूरी पर एक नया सैन्य पोंटून पुल और क्रीमिया और पश्चिमी रूस में सैनिकों और बख्तरबंद उपकरणों की तैनाती को दर्शाता है। एक निजी अमेरिकी संगठन द्वारा साझा की गई इन उपग्रह छवियों में स्वचालित तोपखाने इकाइयां बेलारूस में प्रशिक्षण लेती दिख रही हैं।ये छवियां बेलारूस की अग्रिम पंक्तियों पर जमीनी हमलों के लिए हेलीकॉप्टरों की तैनाती को भी दर्शाती हैं। मैक्सर द्वारा शेयर की गई इन तस्वीरों में एक नया बड़ा फील्ड अस्पताल भी नजर आ रहा है।

सैटेलाइट इमेजरी में दिखाई देने वाली सैन्य इकाइयाँ
एक निजी अमेरिकी कंपनी द्वारा ली गई ये छवियां बड़ी संख्या में सैनिकों और जमीनी सैन्य इकाइयों को उनके पदों को छोड़ते हुए दिखाती हैं, जिन्हें हाल ही में बेलारूस के एक हवाई क्षेत्र में तैनात किया गया था।

रूस ने जिन क्षेत्रों में अपनी सेना बढ़ाई है, वे ज्यादातर यूक्रेन के उत्तर और उत्तर-पूर्व में हैं। इसमें दक्षिणपूर्वी यूक्रेन और क्रीमिया का एक प्रमुख हवाई अड्डा भी शामिल है, जिस पर रूस ने 2014 में कब्जा कर लिया था। हालांकि ऐसे संकेत हैं कि रूस यूक्रेन संकट के राजनयिक समाधान में दिलचस्पी ले सकता है, कुछ संकेत हैं कि वह इस क्षेत्र से अपनी सेना वापस लेना शुरू कर रहा है।

यूक्रेन के चारों ओर रूस के सैनिकों, मिसाइलों और युद्धपोतों का भारी निर्माण शीत युद्ध के बाद से यूरोप के लिए सबसे खराब सुरक्षा जोखिम के रूप में देखा जाता है।वहीं, नाटो ने यूक्रेन की सीमा पर खतरे को कम करने के सभी सुझावों को खारिज कर दिया है।

व्हाइट हाउस ने भी हमले की आशंका जताई है
व्हाइट हाउस ने गुरुवार को यह भी कहा कि रूस यूक्रेन पर कभी भी हमला कर सकता है। उसी समय, उन्होंने राष्ट्रपति जो बिडेन, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और विदेश मंत्री टोनी ब्लिंकन को म्यूनिख में एक सम्मेलन में यह घोषणा करने के लिए भेजा कि दुनिया के नेता मास्को के खतरे के खिलाफ एकजुट होंगे।

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व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने चेतावनी दी है कि कभी भी हमला हो सकता है। साकी ने अपनी दैनिक प्रेस वार्ता में संवाददाताओं से कहा, “हमारा मानना ​​है कि किसी भी समय हमला हो सकता है और रूस झूठे बहाने से हमला कर सकता है।”

बादाम अंकल की घोषणा, ‘मैं एक सेलिब्रिटी हूं, मैं अब बादाम नहीं बेचूंगा’

बोलपुर : ‘कच्चा बादाम’ की जबरदस्त लोकप्रियता के बाद भुवन बद्यायकर बिकनी की दुनिया को अलविदा कह रहे हैं. और बीरभूम के ‘बादाम अंकल’ ने साफ कर दिया कि वह मेवा नहीं बेचेंगे। उन्होंने गुरुवार को इलामबाजार में एक समारोह में शिरकत करते हुए यह घोषणा की। भुवनबाबू का स्पष्ट बयान, “मैं अब एक सेलिब्रिटी बन गया हूं। अब अगर आप बादाम बेचते हैं, तो हर कोई आपको घेर लेगा, बदाम नहीं बिकेगा। और जब मैं आपके पास आऊंगा, तो मुझे आशा है कि मुझे अब बादाम बेचने की ज़रूरत नहीं है।”

“मेरे पास नाइको बूबू तले हुए बादाम हैं / मेरे पास केवल कच्चे बादाम हैं।” यह गाना आज भी सोशल मीडिया पर लोकप्रिय है। फेसबुक हो या रील हर जगह भुवन बाद्ययकार के गाने सुनने को मिल रहे हैं. बीरभूम में गायक भुवन बड्याकर के घर पर लोगों का हुजूम उमड़ा। बर्नपुर के युवाओं का एक समूह ‘बादाम काकू’ के पास खड़ा हो गया और उसे एक पियानो उपहार के रूप में दिया। साथ ही उनकी ओर से शॉल, कंबल, फूल व मिठाई भी दी गई। वाद्य यंत्र पाकर भाव से अभिभूत भुबनबाबू ने इच्छा व्यक्त की और कहा, इस बार वह एक गायक बनना चाहते हैं।

वह सपना शायद जल्द ही पूरा होने वाला है। भुबनबाबू के ‘कच्चे बादाम’ देश-विदेश में फैल चुके हैं। अफ्रीका से लेकर दक्षिण कोरिया तक- अलग-अलग देशों के लोगों ने इस गाने की धुन पर डांस किया है. सोशल मीडिया की टाइमलाइन पर नजर रखेंगे तो ‘बादाम बादाम’ की अफवाहें उड़ेंगी। भुवन बाद्ययकार कॉपीराइट की मांग में मुखर थे क्योंकि उनके गाने इस तरह फैले हुए थे। इस बार ‘ट्वाइलाइट’ नाम की म्यूजिक कंपनी उस मांग को पूरा करने के लिए आगे आई। भुवन बाद्ययकार का गुरुवार को इलामबाजार में उनकी ओर से स्वागत किया गया। उसी दिन समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। तीन लाख रुपये की सहमति बनी है। उसी दिन बादाम काकू को डेढ़ लाख रुपए का चेक सौंपा गया। बाद में फिर से डेढ़ लाख रुपये दिए जाएंगे।

भुवन ने इलामबाजार में समारोह के बाद संवाददाताओं से कहा, “उन्होंने मेरा स्वागत किया।” और तीन लाख रुपए का करार किया है। “क्या आप अभी पागल बेच रहे हैं? अंकल बादाम के सवाल का सपाट जवाब है, “नहीं, नहीं, मैं अब नट्स नहीं बेचता। अब मैं एक सेलिब्रिटी हूं। जब आप नट्स बेचने जाते हैं, तो हर कोई आपको घेर लेता है, नट्स नहीं बेचे जाते हैं।” दुनिया भी बहुत है बांग्लादेश में लोकप्रिय है। बांग्लादेशी तान्या का डांस अब वायरल हो रहा है, उनके गाने की धुन पर उनकी कमर हिल रही है। बहुत सारी रीलें भी बनाई गई हैं। लेकिन ‘बदम काकू’ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह बांग्लादेश में चाहे कितने भी लोकप्रिय हों, वहाँ मत जाओ।

यूरोपीय संघ ने तालिबान को आश्वासन दिया है कि वह अफगानिस्तान के साथ खड़ा रहेगा

डिजिटल डेस्कः जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं अफगानिस्तान के आम लोगों के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। उस देश में खाद्य संकट गहराता जा रहा है। यूरोपीय संघ का संदेश इस स्थिति में काबुल के साथ खड़ा होना है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से वित्तीय सहायता का वादा किया। तालिबान नेताओं ने बुधवार सुबह यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। वहीं उन्हें आश्वासन दिया गया है।

अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कतर की राजधानी दोहा में 16 यूरोपीय देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। तालिबान ने बैठक पर संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल सभी लोगों ने अपनी ओर से हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया था.

भारत भी अगले हफ्ते से पाकिस्तान के जरिए अफगानों को खाने का सामान भेजना शुरू कर देगा। बहुत पहले, नई दिल्ली ने खाद्य संकट के जवाब में 50,000 मीट्रिक टन गेहूं अफगानिस्तान भेजने का फैसला किया था। माना जाता है कि वे जमीन से ट्रक से पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान पहुंचे थे।

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जिसके लिए कम से कम 5 हजार ट्रकों की जरूरत है। भारत ने भारी मात्रा में माल के परिवहन के लिए सड़क का उपयोग करने के लिए इस्लामाबाद से अनुमति मांगी थी। इसके लिए भारत ने पाकिस्तानी सरकार को पत्र लिखकर ट्रकों को पाकिस्तान में प्रवेश करने की अनुमति मांगी है। इस्लामाबाद ने शुरू में उस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई थी। तालिबान ने बाद में राहत के लिए इस्लामाबाद का रुख किया। पाकिस्तान ने उस अदालत का जवाब दिया।

बिहार में पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ इस धारा के तहत मामला दर्ज 

मुजफ्फरपुर: पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बिहार-यूपी के लोगों के बारे में दिए गए बयान के बाद अब उनकी मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. बिहार के मुजफ्फरपुर की सीजीएम कोर्ट में चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है. मुजफ्फरपुर की सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी चन्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

चन्नी के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उसने बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों को धमकाया, अपमान किया और उन्हें चोट पहुंचाई. इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ आईपीसी की धारा 295, 295 (ए) 504 और 511 के तहत मामला दर्ज किया गया है. अदालत ने आरोपों के बाद मामले को स्वीकार कर लिया और 24 फरवरी, 2022 की सुनवाई की तारीख तय की।

इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बिहारियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी पलटवार किया था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैरान हैं कि कोई इस तरह का बयान कैसे दे सकता है। नीतीश कुमार चन्नी ने अपने भाषण में न सिर्फ पटना में हैरानी जाहिर की, बल्कि नाराज होकर उन पर निशाना साधा. नीतीश कुमार ने कहा, ऐसे बयान का कोई मतलब नहीं है.

नीतीश कुमार ने कहा कि पंजाब के विकास में बिहार और बिहारियों की बड़ी भूमिका है, वहां कितने लोग रह रहे हैं और बिहार के लोगों ने पंजाब की कितनी सेवा की है. नीतीश कुमार ने कहा, ‘हम हैरान हैं कि लोग इस तरह कैसे बात करते हैं। नीतीश कुमार से प्रियंका गांधी के बारे में भी पूछा गया कि जब चन्नी बोल रहे थे तो प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं. इसी के साथ नीतीश कुमार ने कहा, जाने कौन क्या करता है.

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 हिजाब विवाद का कर्नाटक हाई कोर्ट में आज भी कोई ठोस हल नहीं निकला, कल फिर होगी सुनवाई

हिजाब विवाद: हिजाब विवाद पर कर्नाटक हाई कोर्ट में आज सुनवाई खत्म. इस मामले पर कल फिर सुनवाई होगी। आज हाईकोर्ट में कोई उचित समाधान नहीं निकला। सुनवाई के दौरान, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा दायर याचिकाओं में से एक को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह सुनवाई योग्य नहीं है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधित्व कर रहे कर्नाटक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता रहमतुल्लाह कोतवाल ने पीटीआई-भाषा से कहा, ”आप इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर अदालत का कीमती समय बर्बाद कर रहे हैं।” वहीं, याचिकाकर्ता के वकील बिनोद कुलकर्णी (जिनकी अपील लंबित है) ने अदालत से कहा, ”यह समस्या पागलपन पैदा कर रही है और मुस्लिम लड़कियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है.”

कुलकर्णी ने अदालत से मुस्लिम लड़कियों को कम से कम शुक्रवार को हिजाब पहनने की अंतरिम अनुमति देने को कहा। दूसरी ओर, पांच छात्राओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एएम डार ने अदालत से कहा कि हिजाब पर सरकार के आदेश से उनके हिजाब पहनने वाले ग्राहकों पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह आदेश असंवैधानिक है। अदालत ने डार से अपनी वर्तमान याचिका वापस लेने और नई याचिका दायर करने की स्वतंत्रता देने को कहा।

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5 दिन बाद आएगी खतरनाक ‘दोपहर’! धरती की ओर आ रहा बड़ा …

नई दिल्ली : 22 फरवरी 2022 की दोपहर करीब 1.24 बजे धरती से करीब 53.66 लाख किलोमीटर दूर से एक बड़ा एस्टेरॉयड निकलने वाला है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने इसे संभावित खतरनाक एस्टेरॉयड की श्रेणी में रखा है। इसके आकार की गणना अभी सटीक नहीं है लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार यह 623 फीट से लेकर 1410 फीट तक लंबा हो सकता है। हालांकि 2019 में की गई एक गणना के अनुसार यह 738 फीट का है।

अंतरिक्ष से आ रहे इस मेहमान का नाम है Asteroid (455176) 1999 VF22 । अगले हफ्ते मंगलवार यानी 22 फरवरी की दोपहर यह धरती से जिस दूरी से निकल रहा है, वह धरती और चांद की दूरी से 14 गुना ज्यादा है। हालांकि यह दूरी अंतरिक्ष की दुनिया में ज्यादा नहीं मानी जाती। यह धरती के बगल से 25.10 किलोमीटर प्रति सेकेंड की दर से निकलेगा। यानी 90,360 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति।

Asteroid (455176) 1999 VF22 धरती के सबसे नजदीक अब करीब एक सदी के बाद आएगा। यानी 2150 में 23 फरवरी को। लेकिन कितनी दूरी होगी इसका अंदाजा अभी लगाना मुश्किल है। इस एस्टेरॉयड की खोज साल 1999 में 31 अक्टूबर की तारीख में दर्ज है लेकिन यह 10 नवंबर 1999 तक तरीके से दिखाई नहीं दिया था। इसे खोजा था कैटालिना स्काई सर्वे ने।

Asteroid (455176) 1999 VF22 आकार में इतना बड़ा है कि अगर यह धरती पर कहीं गिरता है तो भारी तबाही मचा सकता है। जमीन पर एटम बम जितना और समुद्र में बड़ी सुनामी जितना। वैसे तो इसके धरती से टकराने की आशंका नहीं है लेकिन अगर यह टकराता है तो हिरोशिमा-नागासाकी पर गिरे परमाणु बम से ज्यादा तबाही मचाएगा।

किसी अंतरिक्षीय वस्तु के करीब आने से वैज्ञानिकों को उसकी स्टडी करने का मौका मिलता है। यह एक पथरीला एस टाइप एस्टेरॉयड है, जो अपोलो एस्टेरॉयड समूह से नाता रखता है। अपोलो एस्टेरॉयड समूह सबसे सामान्य क्षुद्रग्रहों का समूह है। Asteroid (455176) 1999 VF22 आसमान में तेजी से चलते समय भी किसी तारे की तरह ही दिखाई देगा। बस इसकी पोजिशन लगातार बदलती रहेगी।

इस आकार के एस्टेरॉयड की धरती से टकराने की संभावना 6 लाख साल में एक बार होती है। किस्मत की बात ये है कि नासा ने हाल ही में DART मिशन लॉन्च किया है। इसमें एक स्पेसक्राफ्ट को एस्टेरॉयड से टकराकर उसकी दिशा और गति बदलने का प्रयास किया जाएगा। अगर यह मिशन सफल होता है तो भविष्य में धरती को एस्टेरॉयड के हमलों से बचाया जा सकेगा।

धरती पर आखिरी बार जो एस्टेरॉयड गिरा था, उसने रूस में काफी तबाही मचाई थी। ये बात है साल 2013 की। यह एस्टेरॉयड 17 मीटर का था। वह रूस के ऊपर आकर वायुमंडल में फट गया था। जिससे एक शहर की सारी इमारतों की खिड़कियां टूट गई थीं। कई लोग घायल हुए थे।

इसके पहले जिस एस्टेरॉयड ने रूस में साल 1908 में तबाही मचाई थी। वह पोद्कामेनया तुंगसुका नदी में गिरा था। जहां एक बड़ा गड्ढा बन गया। इसे तुंगसुका इवेंट कहते हैं। तुंगसुका इवेंट में तीन लोगों के मारे जाने की खबर थी क्योंकि उस इलाके में ज्यादा लोग रहते नहीं थे। लेकिन उसकी तबाही के सबूत आज भी दिखते हैं। तुंगसुका इवेंट में 8 करोड़ पेड़-पौधे पूरी तरह से साफ हो गए थे। हजारों किलोमीटर दूर तक आवाज सुनाई दी थी। रूस में हुई इस घटना से आए भूकंप की लहर को वॉशिंगटन और इंडोनेशिया तक महसूस किया गया था।

वैज्ञानिकों की माने तो तुंगसुका इवेंट के समय आसमान दो रंगों में बदल गया था। उत्तरी गोलार्ध का आसमान आग के शोलों जैसा चमक रहा था। ऐसा लग रहा था कि आसमान से धरती की ओर कोई तोप के गोले दाग रहा है। तुंगसुका इवेंट आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी आसमानी आफत वाली घटना मानी जाती है।

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नासा के मुताबिक अगर कोई एस्टेरॉयड 140 मीटर से ज्यादा व्यास या लंबाई का होता है तो वह तुंगसुका इवेंट जितनी तबाही मचाने की हैसियत रखता है। Asteroid (455176) 1999 VF22 तो 623 फीट से लेकर 1410 फीट लंबा है। अगर यह गिरा तो भयावह सुनामी-भूकंप आने की आशंका बनेगी। जमीन पर गिरा तो और बड़ी तबाही होगी।

 

भाजपा ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता का किया वादा

नई दिल्ली: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से एकीकृत नागरिक संहिता (यूसीसी) का वादा किया है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में फिर से भाजपा की सरकार बनती है तो वह उत्तराखंड के लोगों के लिए यूसीसी लागू करेगी। इसके प्रावधान विवाह, तलाक, गोद लेने, उत्तराधिकार, उत्तराधिकार जैसे मामलों में उत्तराखंड के सभी लोगों पर समान रूप से लागू होंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस ऐलान का बीजेपी नेताओं ने स्वागत किया है. दिलचस्प बात यह है कि उत्तराखंड के लिए बीजेपी के घोषणापत्र में यूसीसी का खास जिक्र नहीं था। जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी के घोषणापत्र (BJP Manifesto for Loksabha Election-2019) में साफ तौर पर कहा गया था कि UCC को देश में लागू किया जाएगा. ऐसे में सवाल यह है कि क्या इस मुद्दे पर बीजेपी को कोई भ्रम है? या केंद्र राज्य के मुद्दे पर अलग से विचार कर रहा है? क्या राज्य सरकारें अपने स्तर पर यूसीसी लागू कर सकती हैं? और अब किस राज्य ने ऐसा किया है? आइए इन सवालों के जवाबों को संविधान के नजरिए से समझने की कोशिश करते हैं।

UCC के बारे में संविधान में क्या प्रावधान है?
यूसीसी की विषय वस्तु संविधान की समकालीन सूची के अंतर्गत आती है। यह विषय इस सूची-5 में सूचीबद्ध है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें इस सूची के मामलों पर कानून बना सकती हैं संविधान के अनुच्छेद 44 के अनुसार, “राज्य भारत के अधिकार क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता लागू कर सकता है।” संविधान के दो और अनुच्छेदों का उल्लेख भी यहाँ प्रासंगिक है। पहला- अनुच्छेद-12, जिसके अनुसार ‘राज्य’ का अर्थ केंद्र और राज्य सरकार दोनों से है। दूसरा-अनुच्छेद-254, जिसमें प्रावधान है कि यूसीसी को भारत के राष्ट्रपति की मंजूरी के बिना लागू नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा, यूसीसी को ‘भारतीय क्षेत्र’ के लिए अनुच्छेद 44 में संदर्भित किया गया है, यह उल्लेख करना भी महत्वपूर्ण है। यानी एक समसामयिक सूची का विषय होने के बावजूद यह लगभग तय है कि यूसीसी पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार ही कर सकती है.

केंद्र ने कोर्ट से कहा है कि यूसीसी पर सिर्फ संसद ही फैसला कर सकती है
फरवरी 2022 की घटनाएँ यहाँ उल्लेखनीय हैं। UCC मुद्दे पर दायर एक याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने 2019 में याचिका दायर की थी. केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय ने कोर्ट में 12 पेज का हलफनामा दाखिल किया है. इसमें कहा गया है कि ‘यूसीसी पर केवल संसद ही कानून बना सकती है’। इसलिए भारत के विधि आयोग की रिपोर्ट मिलते ही केंद्र सरकार इस मामले पर सभी संबंधित पक्षों से चर्चा करेगी। ताकि सभी की सहमति और सहमति से बिल का मसौदा तैयार किया जा सके। यूसीसी लागू होने से देश की अखंडता मजबूत होगी। विभिन्न समुदायों को उन मुद्दों पर एक साझा मंच पर एक साथ लाया जा सकता है जो वर्तमान में विभिन्न धार्मिक कानूनों द्वारा शासित हैं। इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में कोर्ट से इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं करने का आग्रह किया है. हालांकि, सरकार ने यह नहीं बताया है कि यूसीसी कब लागू होगा।

यूसीसी किस राज्य में लागू है?
वर्तमान में, गोवा देश का एकमात्र राज्य है जहां यूसीसी लागू है। लेकिन 1867 में पुर्तगालियों ने वहां इस कानून को लागू कर दिया। इसे तब गोवा का पुर्तगाली नागरिक संहिता (GPCC) कहा जाता था। फिर दिसंबर 1961 में गोवा पुर्तगालियों के कब्जे से आजाद हुआ। अगले वर्ष, 1962 में, भारतीय संसद ने एक कानून पारित किया। इसके तहत GPCC को GCC (गोवा नागरिक संहिता) के रूप में वहां जारी रखने की अनुमति दी गई थी। इसके अलावा, राज्य विधायिका को यदि आवश्यक हो तो इसे हटाने या संशोधित करने की शक्ति दी गई थी। तब से, गोवा विधान सभा द्वारा जीसीसी को जारी रखा गया है। यही कारण है कि हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 या शरीयत अधिनियम, 1937 के प्रावधान वहां लागू नहीं होते हैं। भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम – 1925, मुस्लिम विवाह अधिनियम – 1939, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम – 1956 आदि वहाँ लागू नहीं होते हैं। जीसीसी के प्रावधान सभी समुदायों पर समान रूप से लागू होते हैं।

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हालांकि, यहां यह उल्लेखनीय है कि गोवा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) भारत की आजादी से पहले की है। यानी कोई दूसरा राज्य इसका उदाहरण लेकर यूसीसी को लागू नहीं कर सकता। क्योंकि भारतीय संविधान हर तरफ से इसके लिए केंद्र को ही प्रतिबंधित करता है।

मुलायम सिंह यादव ने कहा-  सपा किसानों, युवाओं और व्यापारियों की उम्मीदों पर खरी उतरेगी

डिजिटल डेस्क : समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने लंबे समय के बाद गुरुवार को एक जनसभा को संबोधित किया। वह मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट पर लोगों से अपने बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को वोट देने की अपील करने पहुंचे थे. इस मौके पर मुलायम सिंह ने सपा की जीत का ट्रिपल लेयर फॉर्मूला दिया. उन्होंने कहा कि किसान, व्यापारी और युवा मिलकर ही देश को प्रगति के पथ पर ले जा सकते हैं।

मुलायम ने कहा कि सपा की नीति किसानों को प्राथमिकता देने की है. हम कहते हैं कि खाद, बीज और सिंचाई के साधन उपलब्ध कराए जाएं। उपज बढ़ेगी तो किसान की स्थिति में सुधार होगा। हमारे युवा कितने पढ़े-लिखे हैं लेकिन आज बेरोजगारी है। उनके पास नौकरी होनी चाहिए। मैं विश्वास दिलाता हूं कि अगर सपा की सरकार बनती है तो युवाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था की जाएगी. धंधा ही नहीं तो परिवार कैसे चलेगा? व्यापारियों को सुविधा दी जाए ताकि वे किसानों की उपज खरीद सकें और उन्हें लाभदायक बना सकें।यदि व्यापारियों को सुविधा दी जाती है तो किसान भी समृद्ध होगा। किसान, युवा और व्यापारी ये तीनों मिलकर देश को मजबूत बनाएंगे। इससे देश मजबूत होगा।

सभा में उमड़ी भीड़ को देखकर मुलायम सिंह ने कहा कि आज यहां लाखों लोग बड़ी उम्मीद से आए हैं. वे सोच रहे होंगे कि मुलायम सिंह क्या कहेंगे। हम कहना चाहते हैं कि आप निराश नहीं होंगे। इतना आ गया है कि मेरी जिम्मेदारी बढ़ गई है। सपा ही आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी। सपा संरक्षक ने कहा कि किसान और युवा हमारे साथ हैं. मुझे उम्मीद नहीं थी कि इतनी भीड़ होगी। यह साबित कर रहा है कि जनता क्या चाहती है। बैठक में मौजूद युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा कि इन युवाओं को नौकरी दी जानी चाहिए. अगर नौकरी नहीं है तो रोजगार पाने के लिए मदद दी जानी चाहिए। युवा आगे बढ़ेंगे।

युवा खड़े होंगे तो पार्टी मजबूत होगी
मुलायम सिंह ने कहा कि मुझे खुशी है कि आज की बैठक में युवाओं की संख्या ज्यादा है. युवा खड़े होंगे तो पार्टी मजबूत होगी। आज देश के सामने चुनौती है। आज अमेरिका क्या कर रहा है? दूसरे देश क्या कर रहे हैं? आज दूसरे देशों की नजर समाजवादी पार्टी और भारत देश की ओर है। आज सबसे ज्यादा समाजवादी लोग हैं। सभी दोस्तों से मेरी अपील है कि हम सबकी उम्मीदों पर खरे उतरेंगे। समाजवादी पार्टी आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी।

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किसान की उपज बढ़ाने के उपाय होने चाहिए
मुलायम सिंह यादव ने अपने भाषण में कई बार किसानों, व्यापारियों और युवाओं का जिक्र किया. उन्होंने जोर देकर कहा- नोट लें… याद रखें…किसान, व्यापारी और युवा। ये तीनों मिलकर देश को मजबूत बनाएंगे। उन्होंने कहा कि देश में किसान परेशान हैं। इसकी उपज बढ़ाने का उपाय होना चाहिए। उसे खाद, बीज और अन्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। उसकी मदद की जानी चाहिए। व्यापारियों की मदद की जानी चाहिए। व्यापारी मजबूत होगा तो किसान की उपज खरीदेगा। किसान भी खुश होगा। किसान, व्यापारी और युवा ये तीनों ही देश को आगे बढ़ाएंगे।

झांसी में बोले सीएम योगी, कहा- अब बिना शादी के नहीं रहना पड़ेगा, इंतजाम हो गए हैं

 डिजिटल डेस्क : गुरुवार को झांसी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड में अपनी सरकार के कार्यों का जिक्र किया और सपा पर तीखा हमला बोला. सीएम योगी ने जब मुफ्त राशन वितरण से लेकर डिफेंस कॉरिडोर तक के काम पर लोगों से वोट मांगा तो उन्होंने हर घर जल से नाल योजना पर कहा कि अब लोगों को पानी के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. योगी ने यह भी कहा कि अब युवाओं को पानी की कमी के कारण अविवाहित नहीं रहना पड़ेगा.

सीएम योगी ने कहा, “पहले बंदूकधारी आग्नेयास्त्रों की अवैध फैक्ट्रियां चलाते थे. अब हमारी सरकार ने यहां डिफेंस कॉरिडोर बनाया है. यहां हम सेना के लिए तोप बनाएंगे और जब हमारा बुंदेला तोप पर बैठकर दुश्मन के इलाके में घुसेगा, तब हमारा बुंदेलखंड का जवान जरूर कहेगा कि मैं अपने दुश्मनों को नहीं छोडूंगा।

बुंदेलखंड में पानी की किल्लत और इस वजह से कई युवाओं की शादी नहीं होने पर सीएम ने कहा, ‘आज इस बुंदेलखंड के हर घर में नल से पानी की योजना साकार हो रही है. पानी भी ऐसा है कि आरओ का पानी फेल हो जाएगा. हम इतना शुद्ध पानी देने जा रहे हैं, कहीं पाइप बिछाया जा रहा है, कहीं टैंक बनाया जा रहा है। ज्यादा इंतजार मत करो। कुछ दिनों का इंतजार है। हमारे माता-पिता और बहनों को गगरी के साथ बहुत दूर जाना पड़ा। कई युवा लोग बिना शादी के रह गए थे। पानी नहीं है, तो कोई लड़की नहीं देता, शादी कैसे करें। लेकिन अब किसी को कुंवारा नहीं रहना है। यह व्यवस्था की गई है। अब आपको बाहर नहीं जाना पड़ेगा पानी के लिए घर।

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सीएम योगी ने कहा, ‘कोरोना काल में क्या बसपा, सपा, कांग्रेस के नेता आपका हाल जानने आए थे? क्या अखिलेश जी आए थे, मायावती आई थीं? क्या भाई-बहन की जोड़ी दिल्ली से आई थी? ये लोग कब आ सकते हैं.’ संकट की घड़ी में आपका ख्याल रखना, क्या उनका साथ देना चाहिए?सीएम ने कहा कि वह कोरोना की दोनों लहरों में बुंदेलखंड के सभी इलाकों में गए थे.

पंजाब में PM नरेंद्र मोदी ने कुमार विश्वास के बयान पर अरविंद केजरीवाल को घेरा

डिजिटल डेस्क : PM नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पंजाब के अबोहर में रैली को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने पंजाब के CM चरणजीत चन्नी के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें चन्नी ने UP-बिहार के भइयों का जिक्र किया था। मोदी बोले कि कांग्रेस हमेशा से एक क्षेत्र के लोगों को दूसरे से लड़ाती रही है। मोदी बोले- कांग्रेस के CM ने बयान दिया और दिल्ली के परिवार के मालिक ने बगल में खड़े होकर तालियां बजाईं। यह पूरे देश ने देखा है। अपने इन बयानों से किसका अपमान किया जा रहा है?

मोदी ने कहा, “यहां का कोई ऐसा गांव नहीं होगा, जहां हमारे उत्तर प्रदेश या बिहार के भाई-बहन मेहनत न करते हों। कल ही हमने संत रविदास जी की जयंती मनाई। संत रविदास जी भी उत्तर प्रदेश के बनारस में पैदा हुए थे। कांग्रेस कहती है कि उत्तर प्रदेश के भइयों को घुसने नहीं देंगे। क्या संत रविदास जी को भी निकाल दोगे। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म भी पटना बिहार में हुआ। कांग्रेस कहती है कि बिहार के लोगों को घुसने नहीं देंगे। क्या यह लोग श्री गुरू गोबिंद सिंह जी का अपमान कर रहे हैं?’

कुमार विश्वास के बयान पर अरविंद केजरीवाल को घेरा
पीएम ने कुमार विश्वास के बयान पर आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी घेर लिया। पीएम ने कहा कि उन्हीं के एक विश्वस्त साथी और खासमखास दोस्त (कवि कुमार विश्वास) ने जो आरोप लगाया, वह बहुत खतरनाक है। साथी ने ही उनके (अरविंद केजरीवाल) इरादों के बारे में जो कहा है, इसे हर मतदाता और देशवासी को गंभीरता से लेने की जरूरत है।

यह लोग पंजाब को तोड़ने का सपना देख रहे हैं। सत्ता पाने के लिए वह अलगाववादियों से हाथ मिलाने को तैयार हैं। सत्ता पाने के लिए अगर देश को तोड़ना पड़े तो वह इसके लिए भी तैयार हैं। इनका, देश के दुश्मनों और पाकिस्तान का एजेंडा अलग नहीं है। इसीलिए वो बॉर्डर पर BSF का एरिया बढ़ने का विरोध करते हैं। पीएम ने कहा कि अलगाव और आराजकता के नशे में डूबे इन लोगों को पता नहीं कि पंजाब ने कितने घाव झेले लेकिन हमेशा देश के लिए मरने-मिटने में आगे रहा है।

1. किसान मुझे आशीर्वाद जरूर देंगे
उन्होंने कहा कि PM किसान सम्मान निधि के तौर पर पंजाब के किसानों के बैंक खातों में 3,700 करोड़ रुपया दिया है। इसका लाभ पंजाब में 23 लाख किसानों को मिला है। किसान मुझे आशीर्वाद जरूर देगा। PM ने कहा कि पूरे देश में हर जगह आयुष्मान भारत स्कीम से इलाज हो जाता है। दिल्ली सरकार इस योजना से नहीं जुड़ी, इसलिए वहां 5 लाख तक के कैशलेस इलाज की सुविधा नहीं मिल रही। अगर पंजाब के लोगों को दिल्ली में इलाज की सुविधा मिल जाए तो इनके पेट में चूहे क्यों दौड़ रहे। जो पंजाब के लोगों को दिल्ली में नहीं घुसने दे रहे, वह पंजाब में वोट क्यों मांग रहे?

2. पंजाब में हर व्यापार माफिया के कब्जे में उन्होंने कहा कि पंजाब में आज हर व्यापार माफिया के कब्जे में है। व्यापारी माफिया के रहम-ओ-करम पर जी रहे हैं। इससे छोटे व्यापारियों को बड़ी तकलीफ हो रही है। राज्य में असुरक्षा और गलत नीतियों से व्यापारी नुकसान उठा रहा है। इतनी संभावनाओं से भरे पंजाब में इंडस्ट्री यहां से छोड़कर जा रही है। युवकों के भविष्य पर सवालिया निशान खड़ा हो रहा है। कांग्रेस सरकार की नीतियों की वजह से कोई यहां आने को तैयार नहीं। यहां आकर उन्हें माफिया की शरण में जाना होगा। हम इसे बदलेंगे।

3. एक बार मौका दीजिए, रेत और ड्रग माफिया की विदाई हो जाएगी
उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब में यह आवाज है कि इस बार भाजपा को जिताना है ताकि यहां डबल इंजन की सरकार बने। जिससे पंजाब में सबसे तेज विकास होगा। इससे रेत और ड्रग माफिया की विदाई होगी। पंजाब में औद्योगिक विकास होगा। उन्होंने पंजाब के लोगों से एक मौका मांगा।

4 दिन में प्रधानमंत्री की 3 रैलियां
पीएम की पिछले 4 दिन में यह तीसरी और आखिरी रैली थी। पहले उन्होंने जालंधर और पठानकोट में रैली की थी। दोआबा और माझा एरिया के बाद मालवा एरिया को कवर किया। कल 18 फरवरी को पंजाब चुनाव के लिए प्रचार का आखिरी दिन है। इसके बाद प्रचार बंद हो जाएगा। पंजाब में 20 फरवरी को मतदान होगा। वहीं 10 मार्च को मतगणना होगी।

PM नरेंद्र मोदी पंजाब के लोगों से एक मौका मांग रहे हैं। पठानकोट रैली में PM ने कहा कि वह कई बार पंजाब आए। यहां कभी उनकी सरकार नहीं बनी। इस बार पंजाबियों के पास मौका है। इससे पहले वह अकाली दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ते थे। उन्हें हमेशा हाशिए पर रखा गया, लेकिन पंजाब की सुरक्षा और शांति के लिए वह हमेशा चुप रहे। उन्होंने अपना राजनीतिक हित किनारे कर दिया। इस बार एनडीए गठबंधन को लोग जरूर सेवा का मौका दें।

निशाने पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी
PM के निशाने पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी है। PM ने जालंधर रैली में कांग्रेस को नरसंहार का दोषी ठहराया। फिर पठानकोट रैली में कहा कि कांग्रेस को दोबारा सत्ता मिली तो पंजाब की सुरक्षा खतरे में आ जाएगी। उन्होंने श्री करतारपुर साहिब के बहाने भी कांग्रेस को घेरा। PM ने कहा कि कांग्रेस को 3 मौके मिले, लेकिन वह सिर्फ 6 किमी दूर करतारपुर को भारत में नहीं रख सके।

PM ने आम आदमी पार्टी को कांग्रेस की कार्बन कॉपी बताया।। PM ने कहा कि कांग्रेस के साथ मिलकर उन्होंने सरकार बनाई। उन्होंने दिल्ली के गली-मोहल्लों में ठेके खुलवा दिया हैं, इसलिए उनसे पंजाब में नशा खत्म करने की उम्मीद करना बेकार है।

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मनमोहन सिंह का बड़ा हमला, कहा- भाजपा का राष्ट्रवादी बंटवारा, शासन के आधार पर

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉ मनमोहन सिंह ने गुरुवार को बीजेपी और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने एक वीडियो जारी कर भाजपा पर आरोप लगाया कि उसका राष्ट्रवाद अंग्रेजों को बांटो और राज करो के सिद्धांत पर आधारित है। इसके अलावा मनमोहन सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा चूक से भी बचाया है.

मुख्यमंत्री ने किया चन्नी का समर्थन
पंजाब चुनाव को लेकर डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा, ‘लोग कांग्रेस के अच्छे कामों को याद कर रहे हैं. बीजेपी ने पीएम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब की जनता का अपमान करने की कोशिश की थी. इस समय अमीर लोग और अमीर होते जा रहे हैं। गरीब लोग गरीब होते जा रहे हैं।

‘चीन हमारी सीमा पर है’
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी कहा, “भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की आर्थिक नीति पर कोई समझ नहीं है। ये मुद्दे देश तक सीमित नहीं हैं। यह सरकार विदेश नीति में भी विफल रही है। चीन हमारी सीमा पर बैठा है।”

‘नेहरू को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है’
मनमोहन सिंह ने कहा कि कोरोना काल में केंद्र सरकार की कमजोर नीतियों के कारण लोगों को अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. साढ़े सात साल तक सरकार चलाने के बाद भी वे अपनी गलती मानने और सुधारने को तैयार नहीं हैं. सरकार देश के पहले प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू को दोषी ठहराती है।

बाहर जाकर बिना बुलाए बिरयानी खाने से रिश्ते नहीं सुधरते
उन्होंने बिना नाम लिए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनेताओं को गले लगाए या आमंत्रित किए बिना बिरयानी के लिए पहुंचना अच्छा रिश्ता नहीं है। मनमोहन सिंह ने कहा है कि भाजपा का राष्ट्रवाद अंग्रेजों को बांटो और राज करो के सिद्धांत पर आधारित है। अब संवैधानिक संस्थाएं कमजोर हो रही हैं।

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‘हमने देश को नहीं बांटा’
मनमोहन सिंह ने कहा, ‘मेरा मानना ​​है कि प्रधानमंत्री का पद बहुत महत्वपूर्ण होता है। इतिहास को दोष देने से आपका पाप कम नहीं होगा। प्रधानमंत्री के तौर पर काम पर जाने के लिए मैंने बिना ज्यादा बोले काम को प्राथमिकता दी है. हमने राजनीतिक हितों के लिए देश को नहीं बांटा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई भी लड़की अपनी मर्जी से हिजाब नहीं पहनती

डिजिटल डेस्क : कर्नाटक से शुरू हुआ हिजाब विवाद पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भी प्रवेश कर चुका है. हिजाब बहस में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोई भी बच्ची अपनी मर्जी से हिजाब नहीं पहनती है। वहीं भगवा पोशाक के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह किसी और पर भगवा नहीं थोप रहे हैं. झांसी में गजवा-ए-हिंद का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग तालिबान बनाने का सपना देखते हैं, दंगाइयों को लाने का सपना देखते हैं, वे आधी आबादी को उनके अधिकारों से वंचित करना चाहते हैं. उनका कहना है कि गजवा-ए-हिंद का सपना कभी पूरा नहीं होगा।

टाक को दिए इंटरव्यू में सीएम योगी ने आज एक सवाल के जवाब में कहा कि कोई भी लड़की अपनी मर्जी से हिजाब नहीं पहनती. क्या महिलाएं अपने आप तीन तलाक लेती हैं? अगर आप उन लड़कियों और बहनों से पूछेंगे तो आपको पता चल जाएगा। मैंने उसकी आंखों में आंसू देखे। भगवा पहनने के सवाल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हां, मैं इसे अपनी मर्जी से पहन रहा हूं. लेकिन मैं इसे अपने कार्यालय में आगे नहीं बढ़ा रहा हूं। क्या मैं कार्यालय में, पार्टी में, भगवा के बाद सभी को बता सकता हूं? नहीं, मैं ऐसा नहीं कर सकता क्योंकि हर कोई स्वतंत्र है। हालांकि, संगठन के अनुशासन पर ध्यान देना आवश्यक है।

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सीएम योगी का दावा, पहले चरण में मिलेगी 45-50 सीटें
उत्तर प्रदेश में दो सूत्री चुनाव को लेकर सीएम योगी ने कहा, ‘मैं कह सकता हूं कि बीजेपी का 300 से ज्यादा का टारगेट फिर से हासिल किया जाएगा. सीएम योगी ने दावा किया कि बीजेपी पहले चरण में 56 में से 45-50 सीटें जीतेगी. साथ ही सीएम योगी ने कहा कि करहल सीट से बीजेपी उम्मीदवार एसपी सिंह बघेल जीतेंगे. करहल से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अखिलेश यादव। एसपी सिंह बघेल कभी मुलायम सिंह यादव की सुरक्षा के प्रभारी थे। अब वह लड़के के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं। हाल ही में करहल में एसपी सिंह बघेल के काफिले पर भी हमला हुआ था।

फिरोजाबाद में बोले अखिलेश- सातवीं कड़ी तक सन्नाटा रहेगा और बीजेपी के बूथ पर नाचेंगे भूत

डिजिटल डेस्क : फिरोजाबाद में अखिलेश यादव ने गुरुवार को फिरोजाबाद में बोलते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने मोर्चा खोल दिया. एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर सपा गठबंधन सरकार बनती है तो वह राज्य में 11 लाख रिक्त पदों को भरेंगे. साथ ही किसानों को मुफ्त बिजली और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।फिरोजाबाद में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, ‘हमारे समर्थकों को पता चला है कि सपा गठबंधन के लोगों ने पहले और दूसरे दौर के चुनाव में शतक बनाए हैं. तीसरे और चौथे दौर में सपा की सरकार बनेगी. मौजूद।

‘बुलडोजर से लोगों को सताया जा रहा है’
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने फिरोजाबाद में कहा था कि बीजेपी सरकार में जितने लोगों ने सरकारी बैंकों को लूटा और भाग गए, वे कभी नहीं भागे. उन्होंने कहा कि राज्य में बुलडोजर से लोगों को परेशान किया जा रहा है. प्रदेश में योगी सरकार का फोकस सिर्फ युवाओं के रोजगार पर नहीं है. उनका ध्यान सिर्फ झूठ बोलने पर है। बीजेपी का हर नेता झूठ बोलने में माहिर है। जितना बड़ा नेता, उतना बड़ा झूठा।

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‘2017 से ठप है राज्य में विकास कार्य’
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद गरीबों को मुफ्त राशन देने की योजना बनी रहेगी. साथ ही 2017 से ठप पड़े राज्य में विकास कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि भाजपा ने कोरोना के दौरान राज्य में सभी को अकेला छोड़ दिया है। राज्य में हर मौत के लिए बीजेपी नेता जिम्मेदार हैं. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की जनता जाति जनगणना, पिछड़ी जनगणना और दलित जनगणना नहीं कराना चाहती क्योंकि वह सिर्फ कागजों पर पिछड़ रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के लोग जाति को लेकर झगड़ने लगे. इसलिए एसपी ने फैसला किया है कि सरकार बनते ही तीन महीने के अंदर जातिगत जनगणना कराएगी ताकि सभी को आबादी के हिसाब से अधिकार मिले.

Covid-19 टीकाकरण: 12-15 साल के बच्चों के टीकाकरण का रास्ता साफ! सरकार को जल्द मिलेगी 5 करोड़ खुराक

नई दिल्ली: देश में जल्द ही 12 से 15 साल के बच्चों के लिए कोरोना का टीकाकरण शुरू हो सकता है। केंद्र सरकार इस उम्र के बच्चों के लिए बायोलॉजिकल-ई वैक्सीन कॉर्बेवैक्स का इस्तेमाल कर सकती है। सूत्र बताते हैं कि इस महीने के अंत तक केंद्र सरकार को कॉर्बेवैक्स की करीब 5 करोड़ खुराक उपलब्ध हो सकती है। कोरोना प्रबंधन से जुड़े केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दवा नियामक की विषय-विशेषज्ञ समिति ने कॉर्बेवैक्स को 12 से 18 साल की उम्र के बच्चों के लिए उपयुक्त माना है.

इस कमेटी ने इस संबंध में अपनी सिफारिशें ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को भेज दी है। डीसीजीआई जल्द ही 12 से 18 साल के बच्चों के लिए इस टीके को मंजूरी दे सकती है। आपको बता दें कि कॉर्बेवैक्स वैक्सीन फिलहाल इमरजेंसी-यूज सिस्टम के तहत 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को दी जा रही है। इसके साथ ही देश में 15 से 18 साल के बच्चों को भी कोवैक्सिन की खुराक दी जा रही है। लेकिन जैसे ही कॉर्बेवैक्स को नए सिरे से मंजूरी मिलती है, 12 से 15 साल के बच्चों का टीकाकरण भी शुरू हो जाएगा।

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सरकार ने दिया खरीद आदेश
सूत्रों की माने तो केंद्र सरकार ने कॉर्बेवैक्स की 5 करोड़ डोज की खरीद के लिए खरीद आदेश भी जारी किया है. आपूर्ति इसी माह होने की संभावना है।इतना ही नहीं, बायोलॉजिकल-ई के इस टीके का परीक्षण सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी (सीडीएल), कसौली में भी किया जा चुका है। यह निर्धारित मापदंडों को पूरा करने के लिए पाया गया है।

LPG पर सब्सिडी मिल रही है या नहीं? यह आसान तरीका से जांचें

नई दिल्ली  :एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। हालांकि एलपीजी सब्सिडी के जरिए आपको बड़ी राहत मिल सकती है। बता दें कि सब्सिडी का पैसा सीधे ग्राहकों के खाते में भेजा जाता है। इसके लिए सबसे पहले आपको यह देखना होगा कि आप सब्सिडी पाने के हकदार हैं या नहीं।

अगर आप एलपीजी सब्सिडी पाने के पात्र हैं तो जांच लें कि आपको सब्सिडी मिल रही है या नहीं। मिल रहा है तो आपके बैंक खाते में पैसा आ रहा है या नहीं? अगर पैसा नहीं आ रहा है तो आप तुरंत अपने बैंक खाते से आधार को लिंक करा लें। लिंक करने के बाद पैसा सीधे आपके खाते में आना शुरू हो जाएगा।

सब्सिडी नहीं मिलने का बड़ा कारण
सब्सिडी नहीं मिलने की बड़ी वजह एलपीजी आईडी का अकाउंट नंबर से लिंक नहीं होना है। इसके लिए आप अपने नजदीकी वितरक से संपर्क करें और उसे अपनी समस्या से अवगत कराएं। वहीं आप टोल फ्री नंबर 18002333555 पर कॉल करके भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आपको बता दें कि अलग-अलग राज्यों में एलपीजी की सब्सिडी अलग-अलग है, जिन लोगों की सालाना आय 10 लाख रुपये या इससे ज्यादा है, उन्हें सब्सिडी नहीं दी जाती है। . है। 10 लाख रुपये की इस वार्षिक आय को पति-पत्नी दोनों की आय के साथ जोड़ दिया जाता है।

घर बैठे ऐसे चेक करें
>> सबसे पहले आपको www.mylpg.in वेबसाइट पर जाना होगा।
>> इसके बाद यहां आपको दाईं ओर तीन कंपनियों के गैस सिलेंडर की फोटो दिखाई देगी।
>> यहां आप अपने सर्विस प्रोवाइडर के साथ गैस सिलेंडर की फोटो पर क्लिक करें।
>> इसके बाद आपके सामने एक नई विंडो ओपन होगी, इसमें आपके गैस सर्विस प्रोवाइडर की जानकारी होगी।
>> इसके बाद ऊपर दाईं ओर साइन इन और न्यू यूजर का विकल्प होगा, उसे चुनें।
>> इसके बाद अगर आपकी आईडी रह जाती है तो यहां साइन इन करें, नहीं तो आपको न्यू यूजर को सेलेक्ट करना होगा।
>> इसके बाद एक और नई विंडो खुलेगी, जिसमें राइट साइड में View Cylinder Booking History का ऑप्शन मौजूद होगा उसे सेलेक्ट करें।
>> आपको पता चल जाएगा कि आपको सब्सिडी मिल रही है या नहीं। अगर आपको सब्सिडी नहीं मिल रही है तो आप 18002333555 टोल फ्री नंबर पर शिकायत कर सकते हैं।

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