Sunday, April 26, 2026
Home Blog Page 195

संयुक्त राज्य अमेरिका ने यूक्रेन को सैन्य सहायता में अतिरिक्त $ 200 मिलियन की मंजूरी दी

वाशिंगटन:  अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शनिवार को यूक्रेन को अतिरिक्त सैन्य उपकरणों के लिए 20 करोड़ डॉलर का भुगतान करने के लिए अधिकृत किया। संयुक्त राज्य अमेरिका ने 26 फरवरी को पहले ही घोषणा कर दी है कि वह 350 मिलियन मूल्य के सैन्य उपकरण प्रदान करेगा, जो यू.एस. इतिहास का सबसे बड़ा पैकेज है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की की मदद की अपील तेजी से निराशा में बदल रही है। वह लगातार वाशिंगटन, यूरोपीय संघ और नाटो की मदद मांग रहा है।

एक ज्ञापन में राज्य सचिव एंथनी ब्लिंकन को नामित करते हुए, बिडेन ने यूक्रेन को 200 मिलियन मूल्य के रक्षा उपकरण, सेवाएं, सैन्य प्रशिक्षण और सहायता प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए अधिकृत किया।रूस ने शनिवार को कहा कि उसके सैनिक यूक्रेन को पश्चिमी हथियारों की आपूर्ति को निशाना बना सकते हैं और हथियारों की आपूर्ति “एक वैध लक्ष्य बन जाएगी।”

नवीनतम सैन्य सहायता अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा अमेरिकी ठिकानों के माध्यम से मिग लड़ाकू विमानों को यूक्रेन भेजने के प्रस्ताव को खारिज करने के दो दिन बाद आई है। यह कहा गया है कि रूसी आक्रमण को खदेड़ने के कीव के प्रयास जमीन पर हथियार उपलब्ध कराने से बेहतर होंगे।

Read More : 13 मार्च को सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य, पढ़ें मेष से लेकर मीन राशि तक का हाल

वाशिंगटन ने पिछली बार यूक्रेन को सैन्य सहायता में $ 60 मिलियन, फिर दिसंबर में हथियारों और गोला-बारूद में $ 200 मिलियन की मंजूरी दी थी।बिडेन ने यूक्रेन के अंदर सीधे अमेरिकी कार्रवाई से इनकार किया और चेतावनी दी कि परमाणु हथियारों से लैस रूस के खिलाफ आसन्न युद्ध से “तीसरा विश्व युद्ध” हो सकता है।

13 मार्च को सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य, पढ़ें मेष से लेकर मीन राशि तक का हाल

 वैदिक ज्योतिष शास्त्र में कुल 12 राशियों का वर्णन किया गया है। हर राशि का स्वामी ग्रह होता है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल से राशिफल का आकंलन किया जाता है। 13 मार्च 2022 को रविवार है। रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित होता है। इस दिन विधि- विधान से सूर्य देव की पूजा- अर्चना की जाती है। जानिए 13 मार्च, 2022 को किन राशि वालों को होगा लाभ और किन राशि वालों को रहना होगा सावधान। पढ़ें मेष से लेकर मीन राशि तक का हाल…

मेष राशि 13 मार्च का 2022 राशिफल । आज आप व्यावहारिक मामलों को निपटाने में सफल रहेंगे। रचनात्मक कार्यों के लिए भी दिन अच्छा है। आप किसी भी तरह से अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में काफी हद तक सफल होंगे। पुरानी समस्याएं दूर होंगी। रोमांस को लेकर मन में तनाव रह सकता है। थोड़ा सावधान रहें। आपके सामने काम का बोझ अधिक रहेगा। आर्थिक समस्या हो सकती है। बिना सोचे समझे निवेश करने से बचें।

वृषभ राशि 13 मार्च का 2022 राशिफल

आज नए कामों में आपकी रुचि बढ़ेगी, जिससे आपको कुछ नया सीखने को मिलेगा। आपका आर्थिक पक्ष पहले से भी ज्यादा मजबूत होगा। परिवार का माहौल खुशनुमा बना रहेगा। बच्चों के साथ पार्क में घूमने जाएंगे। आपको लाभ के बड़े अवसर प्राप्त होंगे। आपके कुछ खास काम पूरे होंगे। आप खुद को स्वस्थ महसूस करेंगे।

मिथुन राशि 13 मार्च का 2022 राशिफल

अपने परिवार के हितों के खिलाफ काम न करें। हो सकता है कि आप उनकी बातों से सहमत न हों, लेकिन निश्चित रूप से आपकी हरकतें बड़ी समस्या खड़ी कर सकती हैं। आपको अपनी योजनाओं को इस तरह से लागू करना चाहिए कि यह दूसरों के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करें। आज आप दूसरों की सलाह मानकर निवेश करेंगे तो आर्थिक नुकसान लगभग तय है।

कर्क राशि 13 मार्च का 2022 राशिफल

आज आप दिन की शुरुआत एक ताजगी भरी सुबह के साथ करेंगे। दोस्तों और रिश्तेदारों की आवाजाही से घर में खुशियों का माहौल रहेगा। उनकी तरफ से अचानक आया कोई तोहफा आपको खुश कर देगा। दौड़ने और दौड़ने के बावजूद आपको अच्छे परिणाम नहीं मिलेंगे। धन-संपत्ति के मामलों में लापरवाही बरतने से बचें। खर्चा भी अधिक हो सकता है।

सिंह राशि 13 मार्च का 2022 राशिफल

आज आपका दिन परिवार वालों के साथ बीतेगा। दोस्तों के साथ कहीं घूमने जाने का प्लान बना सकते हैं। किसी से गुस्से में बात करने से बचना चाहिए। कुछ लोग आपके व्यवहार से प्रभावित भी होंगे। ऑफिस का माहौल ठीक रहेगा। आप परिवार के सदस्यों के साथ किसी रेस्टोरेंट में डिनर के लिए जा सकते हैं।

कन्या राशि 13 मार्च का 2022 राशिफल

साधु व्यक्ति की कृपा से मानसिक शांति मिलेगी। दूसरों को प्रभावित करने के लिए अतिरिक्त पैसा खर्च न करें। आज आप में धैर्य की कमी रहेगी। इसलिए संयम बरतें, क्योंकि आपकी कड़वाहट आपके आसपास के लोगों को दुखी कर सकती है।

तुला राशि 13 मार्च का 2022 राशिफल

आज आप आर्थिक व्यवस्था को सफल बनाने में सफल रहेंगे। मीठा भोजन मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए अध्ययन के लिए मध्यम दिन है। परिजनों और मित्रों से मुलाकात का आनंद मिलेगा। पैसों से जुड़े गलत फैसले आपकी परेशानियों का एक बड़ा कारण हैं, जिससे परिवार का सुख भी कम हो सकता है, इसलिए हर कदम उठाने से पहले आपको अपने नुकसान पर भी नजर रखनी होगी।

वृश्चिक राशि 13 मार्च का 2022 राशिफल

आज आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। व्यापार के सिलसिले में आपको विदेश यात्रा करनी पड़ सकती है। आपकी यात्रा शुभ रहेगी। संतान का सुख मिलेगा। ऑफिस में आज आपको जिम्मेदार काम मिलेगा, जिसे पूरा करने में आप सफल रहेंगे। अटका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है।

धनु राशि 13 मार्च का 2022 राशिफल

आप किसी ऐसे सोर्स से पैसा कमा सकते हैं, जिसके बारे में आपने पहले सोचा भी नहीं होगा। यह एक अच्छा दिन है जब आप सभी का ध्यान आकर्षित करेंगे, आपके पास चुनने के लिए बहुत सी चीजें होंगी और आपके सामने समस्या यह होगी कि पहले किसे चुनना है। उपहार/उपहार आदि भी आज आपके प्रिय का मूड बदलने में विफल रहेंगे।

मकर राशि 13 मार्च का 2022 राशिफल

आज आपका दिन काफी अच्छा रहेगा क्योंकि आप जिस भी काम को इच्छा से करना चाहते हैं उसमें आप सफल हो सकते हैं। अगर आप बिजनेस या बिजनेसमैन हैं तो आज का दिन आपके लिए शुभ अवसर लेकर आ सकता है। आप महान लोगों से जुड़ सकते हैं। जनता के बीच कार्यों से आय के साधन उपलब्ध होंगे। परिवार के सहयोग से आय में वृद्धि होगी।

कुंभ राशि 13 मार्च का 2022 राशिफल

कार्यक्षेत्र में वृद्धि के लिए आज आपको कुछ नए अवसर प्राप्त होंगे। उधार दिया हुआ पैसा अचानक वापस मिल जाएगा। जीवनसाथी के साथ डिनर पर जाएंगे। रिश्तों में सकारात्मकता आएगी। कोई रिश्तेदार अचानक आपके घर आ सकता है। इससे घर का माहौल बदल जाएगा।

Read More : ‘मिलिट्री स्कूलों में लड़कियों का दाखिला कराएगी सरकार, पढ़ें पीएम मोदी के भाषण की 10 अहम बातें

मीन राशि 13 मार्च का 2022 राशिफल

जीवन का भरपूर आनंद लेने के लिए अपनी महत्वाकांक्षाओं पर नियंत्रण रखें। योग की मदद लें, जो आपको आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखकर दिल और दिमाग को बेहतर बनाता है। आज आपको जमीन, जमीन जायदाद या सांस्कृतिक परियोजनाओं पर ध्यान देने की जरूरत है।

 

आज का जीवन मंत्र:काम करने का तरीका काम को ज्यादा महत्वपूर्ण बना देता है

युवा सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी घटना है। बात 1919 की है। सुभाष जी का आईसीएस का इंटरव्यू होने वाला था। वे आंखें बंद करके विवेकानंद जी और अरविंद घोष जी द्वारा बताई गई विधि से ध्यान करके खुद को शांत कर रहे थे।उस समय ये नौकरी का सबसे बड़ा पद माना जाता था। लंदन में पढ़ाई करके वे लिखित परीक्षा में पास हो चुके थे। उनके पिता भी चाहते थे कि सुभाष आईसीएस बने। सुभाष जी भी यही चाहते थे।

सुभाष जी की इंटरव्यू देने की बारी आई। इंटरव्यू लेने वाले अधिकारी अंग्रेज थे। अंग्रेजों को किसी भी भारतीय को ऊंचे पद पर जाता देखकर अच्छा नहीं लगता था। वे हर इंटरव्यू में भारतीयों की खिल्ली उड़ाते थे। अंग्रेजों को लगता था कि भारतीय रट्टू तोते होते हैं, इन्हें कोई ज्ञान नहीं है।

अंग्रेजों ने इंटरव्यू में सुभाष जी से एक प्रश्न पूछा, ‘ये जो ऊपर पंखा चल रहा है, इसमें कितनी पंखुड़ियां हैं?’

सुभाष जी बोले, ‘अगर मैं इस प्रश्न का सही उत्तर दे दूं तो क्या मेरा चयन निश्चित है? और आप जो भारतीयों के मामले में सोचते हैं, वह विचार बदल लेंगे?’

अंग्रेज बोले, ‘ठीक है, बताओ।’

सुभाष जी खड़े हुए और बिजली का स्वीच बंद किया, पंखा रुक गया तो पंखुड़ियां गिनकर बता दीं कि तीन पंखुड़ियां हैं।’

अंग्रेज भी मान गए कि सुभाष जी की तार्किक बुद्धि तेज है। उन्हें नौकरी भी मिल गई, लेकिन उन्होंने एक साल बाद ही इस नौकरी से इस्तीफा दे दिया था।

Read More : ‘मिलिट्री स्कूलों में लड़कियों का दाखिला कराएगी सरकार, पढ़ें पीएम मोदी के भाषण की 10 अहम बातें

सीख

सुभाष जी ने इंटरव्यू में जो त्वरित काम किया, उससे हमें ये समझना चाहिए कि जब हम ध्यान करते हैं, हमारा व्यक्तित्व भीतर से निखरता है। ध्यान की वजह से हम किसी भी परिस्थिति में किसी भी प्रश्न का उत्तर देने में समर्थ हो जाते हैं। अंग्रेजों ने भी नहीं सोचा था कि ये युवक इस ढंग से पंखे की पंखुड़ियां गिनेगा। काम क्या किया जा रहा है, ये ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण ये है कि काम करने का तरीका कैसा है। काम करने के तरीके से काम ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है।

 

जीवन में धन की कमी नहीं होने देते हैं ये रत्न, कुछ ही दिनों में बना देते हैं मालामाल

 ज्योतिष  में तमाम रत्नों का जिक्र किया गया है. ये रत्न बहुमूल्य पत्थर होते हैं, जिन्हें तराशकर रत्न बनाया जाता है. इन रत्नों (Gems) का संबन्ध किसी न किसी ग्रह से होता है. कुंडली में ग्रहों की स्थिति के हिसाब से ज्योतिष विशेषज्ञ रत्न पहनने की सलाह देते हैं. ये रत्न कुंडली (Kundali) में कमजोर ग्रह को साधने का काम करते हैं, जिससे उनके शुभ परिणाम प्राप्त हो सकें. ज्योतिष में 84 रत्नों का जिक्र किया गया है, लेकिन नौ ग्रहों के हिसाब से नौ रत्न प्रमुख माने गए हैं. लेकिन इन रत्नों को कभी भी ज्योतिष विशेषज्ञ से सलाह किए बगैर नहीं पहनना चाहिए, वरना आपको इसके विपरीत परिणाम भी मिल सकते हैं. यहां जानिए ऐसे 4 रत्नों के बारे में जो आपकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए पहने जाते हैं.

पन्ना
ये बुध का रत्न है. पन्ना को बहुत प्रभावशाली रत्न माना जाता है. ये व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता को बेहतर बनाता है, उनके करियर में तरक्की दिलाता है. इससे धन लाभ होता है. पन्ना व्यक्ति की पर्सनैलिटी को बदल देता है. उसे आत्मविश्वासी बनाता है. लेकिन जब भी पन्ना पहनें तो इसके साथ कभी मोती, मूंगा और पुखराज न पहनें.

नीलम रत्‍न
ये शनि का रत्न माना गया है. कहा जाता है कि नीलम इतना ताकतवर है कि ये व्यक्ति को रंक से राजा बना सकता है. इसे पहनने के कुछ समय बाद ही आपको इसके शुभ फल मिलने शुरू हो जाते हैं. लेकिन इसके प्रतिकूल प्रभाव भी उतने ही भयानक होते हैं. इसलिए कभी ज्योतिषीय सलाह के बगैर इसे पहनने की गलती न करें. नीलम के साथ कभी माणिक्य, मूंगा और पुखराज रत्‍न नहीं पहना जाता.

जेड स्टोन
जेड स्‍टोन नौ रत्नों में से एक तो नहीं होता, लेकिन इसे धन लाभ देने वाला रत्न माना जाता है. इसे पहनने से व्यक्ति की एकाग्रता बढ़ती है और व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में अपना बेहतर प्रदर्शन कर सकता है. जेड स्टोन हरा, पीला, लाल, काला, सफेद और पारदर्शी आदि तमाम तरह का होता है. लेकिन जॉब और ​कारोबार में तरक्की करने के लिए हरे रंग का जेड स्‍टोन पहनना चाहिए.

टाइगर रत्‍न
टाइगर रत्‍न को भी नीलम की तरह तत्काल प्रभाव देने वाला रत्न माना जाता है. ये रत्न भी नौ रत्नों में शामिल नहीं है. लेकिन पैसों की तंगी दूर करने के लिए इस रत्न को भी प्रभावशाली माना जाता है. ये आपकी जिंदगी की तमाम समस्याओं को हल कर सकता है. इसे पहनने से करियर ग्रोथ तेजी से होती है. लेकिन बिना सलाह के कभी भी कोई रत्न पहनने की गलती न करें.

Read More : ‘मिलिट्री स्कूलों में लड़कियों का दाखिला कराएगी सरकार, पढ़ें पीएम मोदी के भाषण की 10 अहम बातें

 

जानिए इस दिन क्यों महादेव और माता पार्वती के संग खेली जाती है होली !

होली  से कुछ दिनों पहले फाल्गुन के महीने में शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रंगभरी एकादशी  कहा जाता है. आमतौर पर सभी एकादशी पर नारायण की पूजा होती है, लेकिन ये एकमात्र ऐसी एकादशी है, जिसमें नारायण के साथ महादेव और माता पार्वती की भी पूजा की जाती है. उन पर रंग और गुलाल डालकर होली खेली जाती है. इस दिन आंवले के पेड़ की भी पूजा की जाती है, इसलिए इस एकादशी को आमलकी एकादशी और आंवला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. इस बार रंगभरी एकादशी 14 मार्च को है. यहां जानिए रंगभरी एकादशी से महादेव और माता पार्वती का संबन्ध कैसे जुड़ा और क्यों उनके साथ होली खेलने की परंपरा शुरू हुई.

इस दिन हुआ था माता पार्वती का गौना
कहा जाता है कि महाशिवरात्रि पर माता पार्वती से विवाह करने के बाद महादेव ने रंगभरी एकादशी के दिन ही माता पार्वती का गौना करवाया था. मान्यता है कि इस दिन वो पहली बार उन्हें लेकर काशी विश्वनाथ होते हुए कैलाश पर्वत पर पहुंचे थे. उस समय बसंत का मौसम होने की वजह से चारों ओर से प्रकृति मुस्कुरा रही थी. महादेव के भक्तों ने माता पार्वती का स्वागत रंगों और गुलाल से किया था. साथ ही उन पर रंग बिरंगे फूलों की वर्षा की थी. तब से ये दिन अत्यंत शुभ हो गया और इस दिन महादेव और माता पार्वती की पूजा और उनके साथ होली खेलने का चलन शुरू हो गया.

काशी में निकलता है भव्य डोला
रंगभरी एकादशी के दिन आज भी वाराणसी में उत्सव का माहौल होता है. हर साल इस मौके पर बाबा विश्वनाथ माता पार्वती का भव्य डोला निकाला जाता है. इस मौके पर बाबा विश्वनाथ माता गौरी के साथ नगर भ्रमण करते हैं और उनके भक्त रंग और गुलाल डालकर उनका स्वागत करते हैं. इसके बाद काशी विश्वनाथ मंदिर में उनकी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है.

Read More : ‘मिलिट्री स्कूलों में लड़कियों का दाखिला कराएगी सरकार, पढ़ें पीएम मोदी के भाषण की 10 अहम बातें

शोक समापन का दिन
हिंदू समाज में जब किसी की मृत्यु हो जाती है, तो शादीशुदा बेटी किसी बड़े त्योहार से पहले अपने मायके मिठाई लेकर त्योहार उठाने के लिए जाती है. इसके बाद मृत्यु के शोक को समाप्त करके फिर से परिवार में शुभ कार्य शुरू किए जा सकते हैं. होली से कुछ दिन पड़ने वाली रंगभरी एकादशी को शोक समापन के लिहाज से काफी शुभ दिन माना जाता है.

 

13 मार्च 2022 का पंचांग:शिव जी की उपासना के साथ करें माता भगवती की स्तुति, जानिए आज का शुभ मुहूर्त

आज 2078आनंद,विक्रम संवत फाल्गुन माह शुक्ल पक्ष की दशमी है। भगवान शिव जी की उपासना के साथ माता भगवती जी की स्तुति करें।आज व्रत के साथ अन्न दान का भी बहुत महत्व है। आज रुद्राभिषेक करें व दुर्गासप्तशती का पाठ करें। आज महामृत्युंजय मंत्र के जप का अनन्त पुण्य है।आज रविवार है। सूर्य उपासना का दिवस है।

प्रातःकाल पञ्चाङ्ग का दर्शन ,अध्ययन व मनन आवश्यक है।शुभ व अशुभ समय का ज्ञान भी इसी से होता है। अभिजीत मुहूर्त का समय सबसे बेहतर होता है।इस शुभ समय में कोई भी कार्य प्रारंभ कर सकते हैं।विजय व गोधुली मुहूर्त भी बहुत ही सुंदर होता है।राहुकाल में कोई भी कार्य या यात्रा आरम्भ नहीं करना चाहिए।

आज का पंचांग 13 मार्च 2022 (Today Panchang)
दिनांक 13 मार्च 2022
दिवस रविवार
माह फाल्गुन, शुक्ल पक्ष
तिथि दशमी10:22am तक फिर एकादशी
सूर्योदय 06:54am
सूर्यास्त 06:26pm
नक्षत्र पुनर्वसु
सूर्य राशि कुंभ
चन्द्र राशि मिथुन
करण गरज
योग
शोभन

Read More : ‘मिलिट्री स्कूलों में लड़कियों का दाखिला कराएगी सरकार, पढ़ें पीएम मोदी के भाषण की 10 अहम बातें

शुभ मुहूर्त- अभिजीत 12:11am से12:55pm तक
विजय मुहूर्त -02:24pm से 03:18pm तक
गोधुली मुहूर्त 06:05pm से 06:30pm तक
राहुकाल का समय सायंकाल 04:30 बजे से 06 बजे तक है। इस दौरान शुभ काम को करने से परहेज करें।

उड़ीसा: बर्खास्त BJD विधायक प्रशांत जगदेव की कार ने 7 पुलिसकर्मियों समेत 23 लोगों को रौंदा

भुवनेश्वर: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जैसे हादसे उड़ीसा में हो चुके हैं. सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) के बर्खास्त विधायक की कार ने भीड़ को कुचल दिया। 6 पुलिसकर्मियों समेत 23 लोग घायल हो गए। घटना उड़ीसा के खुर्दा जिले के बानपुर प्रखंड की है.

निलंबित विधायक ने भीड़ के ऊपर कार को धक्का दिया
विभिन्न राजनीतिक दलों के 500-600 लोग अध्यक्ष का चुनाव करने के लिए बर्खास्त विधायक के कार ब्लॉक में जमा हो गए। इसी बीच बीजद के निलंबित विधायक प्रशांत जगदेव प्रखंड पहुंचे और अपनी कार से भीड़ को रौंद डाला. ड्यूटी पर तैनात छह पुलिसकर्मियों समेत 23 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है
घायल पुलिसकर्मियों में एक महिला पुलिसकर्मी भी थी। घायलों को पास के अस्पताल ले जाया गया। आक्रोशित भीड़ ने विधायक की कार को घेर लिया और फिर तोड़फोड़ की. बर्खास्त विधायक की कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इतना ही नहीं लोगों ने विधायक को पकड़कर पीटा भी।

भागने की कोशिश कर रहे विधायक को लोगों ने पीटा
इतने लोगों को कार से रौंदने के बाद विधायक कार लेकर भागने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, स्थानीय लोगों ने वाहन को रोक दिया और काफी नुकसान किया। विधायक को भी गिरफ्तार कर लिया गया और पीटा गया। मारपीट में विधायक भी घायल हो गया। विधायक को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बानपुर पुलिस के अधिकारी भी हुए घायल
खुर्दा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) लेख चंद्र पाढ़ी ने मीडिया को बताया कि घटना में एक महिला सहित सात पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों में बानपुर थाने के अधिकारी शामिल हैं। विधायक के कारण विभिन्न राजनीतिक दलों के कम से कम 15 समर्थक घायल हो गए।

Read More : हारे हुए विधायकों से वापस लिए जाएंगे आवास, खाली हो रहा है स्वामी प्रसाद का सरकारी बंगला

एसपी ने सख्त कार्रवाई का वादा किया है
एसपी ने बताया कि घायल विधायक को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहां से उसे भुवनेश्वर रेफर कर दिया गया। अभी तक किसी की मृत्यु नहीं हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हारे हुए विधायकों से वापस लिए जाएंगे आवास, खाली हो रहा है स्वामी प्रसाद का सरकारी बंगला

डिजिटल डेस्क : यूपी में योगी सरकार पार्ट-2 के गठन की तैयारी शुरू हो गई है. इसके साथ ही लखनऊ में पराजित विधायकों से सदन खाली कराया जाएगा। इसकी शुरुआत स्वामी प्रसाद मौर्य के बंगले से हुई है। स्वामी प्रसाद मौर्य का बंगला शुक्रवार रात से खाली हो रहा है। नव निर्वाचित विधायकों को आवास आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

उल्लेखनीय है कि स्वामी प्रसाद मंत्री के रूप में लखनऊ के कालिदास मार्ग स्थित मंत्रियों के सरकारी आवास में रहते थे। मुख्यमंत्री आवास (5, कालिदास मार्ग) भी इसी रास्ते पर है। स्वामी लंबे समय तक मंत्री रहे हैं। जाहिर तौर पर उन्होंने कई साल सरकारी बंगले में गुजारे हैं, लेकिन इस बार उन्हें चुनाव में हार देखकर सरकारी बंगला खाली करना पड़ रहा है. नई सरकार बनने से विधायकों और नए मंत्रियों के आवास को लेकर संपत्ति राजस्व विभाग सक्रिय हो गया है. इस बार भी विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। चुनाव हारने और जीतने वाले विधायकों की सूची के साथ बंगले आवंटन से पहले उन्हें खाली कराकर मामूली मरम्मत कराई जाएगी। बंगले अलॉट करने से पहले पूरी तरह से तैयार हो जाएंगे। इसके तहत हारे हुए विधायकों के घर खाली करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

स्वामी ने फिर बीजेपी पर साधा निशाना
नतीजों में मिली हार के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर बीजेपी पर हमला बोला है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह समाजवादी पार्टी के साथ हैं और समय-समय पर सरकार को घेरेंगे. इतना ही नहीं, स्वामी ने सर्प-नेवले के अपने बयान को दोहराया और कहा कि नेवले हमेशा बड़े होते हैं और मैं अभी भी एक नेवला हूं और एक न एक दिन भाजपा के सांपों और सांपों को खत्म कर दूंगा। इस बार नागर और सर्प ने मिलकर नेवले को जीतने नहीं दिया, लेकिन इस बार जो कमी रह गई है, उस पर विचार किया जाएगा।

Read More : यूक्रेन में एक मस्जिद पर रूस का सबसे बड़ा हमला, जिनमें कई तुर्क भी शामिल हैं

एसपी जीतने का दावा, मालिक अपनी सीट भी नहीं बचा सके
स्वामी प्रसाद मौर्य ने चुनाव से पहले भाजपा छोड़कर सपा में शामिल होने के बाद अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने का दावा किया। उन्होंने कहा था कि आज वह जिस भी पार्टी में गए, उनकी सरकार बनी। स्वामी के समर्थन से अखिलेश यादव को उम्मीद थी कि सपा को गैर-यादव पिछड़ी जातियों का बंपर वोट मिलेगा. सपा के रणनीतिकारों को लगा कि स्वामी के आने से वोटों का एक नया समीकरण बनेगा, जिससे उन्हें राज्य में सत्ता में वापसी करने में मदद मिलेगी, लेकिन स्वामी खुद अपनी सीट नहीं बचा सके.

यूक्रेन में एक मस्जिद पर रूस का सबसे बड़ा हमला, जिनमें कई तुर्क भी शामिल हैं

 डिजिटल डेस्क : यूक्रेनी सरकार का कहना है कि रूसी सैनिकों ने मारियुपोल शहर में एक मस्जिद को निशाना बनाया, जहां 80 से अधिक लोग ठहरे हुए थे। हालांकि, सरकार के एक बयान ने टिप्पणी के लिए तुरंत कॉल वापस नहीं किया। इससे पहले, तुर्की में यूक्रेनी दूतावास ने कहा कि 86 तुर्की नागरिकों का एक समूह, जिसमें मारियुपोल में फंसे 34 बच्चे शामिल हैं, चल रहे रूसी हमले में भागने की कोशिश कर रहे थे। दूतावास के एक प्रवक्ता ने मारियुपोल के मेयर के हवाले से कहा।

उन्होंने कहा कि मारियुपोल में किसी से भी संवाद करना मुश्किल होता जा रहा है। यूक्रेन ने रूस पर मारियुपोल में फंसे लोगों को शहर छोड़ने की अनुमति नहीं देने का आरोप लगाया है। उसने शहर को चारों तरफ से घेर लिया है, जिससे हजारों लोग फंस गए हैं। दूसरी ओर, रूस ने यूक्रेन पर लोगों को सुरक्षित निकालने में विफल रहने का आरोप लगाया है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय का कहना है कि “मारियुपोल में सुल्तान सुलेमान और उनकी पत्नी रोक्सोलाना (हुर्रम सुल्तान) की मस्जिद को रूसी आक्रमणकारियों ने निशाना बनाया है।”

गोलाबारी से बचने के लिए छुप रहे थे लोग
मंत्रालय ने कहा, “गोलाबारी से बचने के लिए 80 से अधिक वयस्क और बच्चे मस्जिद में छिपे हुए थे।” इनमें तुर्की के नागरिक भी शामिल हैं। रूस जो कर रहा है वह बिना नाम लिए हमले को सैन्य अभियान बता रहा है। उनका कहना है कि वह केवल सैन्य क्षेत्रों को निशाना बना रहे हैं। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। रूस ने नागरिक क्षेत्रों पर भी हमला किया है।

Read More : सिख जवान भी पहन सकेंगे हेलमेट,पटके के ऊपर से पहना जा सकेगा, कई और खासियत

24 फरवरी से युद्ध चल रहा है
रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर अपना पहला हमला किया। तभी से दोनों देशों के बीच जंग जारी है. आज युद्ध का 17वां दिन है और शांति के कोई संकेत नहीं हैं। कई यूक्रेनी शहर रूसी हमलों से मलबे में दब गए हैं। यहां सेना के साथ-साथ आम नागरिकों को भी निशाना बनाया जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि 25 लाख से अधिक लोग यूक्रेन छोड़कर दूसरे देशों में चले गए हैं और यह संख्या बढ़ती रहेगी। जहां चारों तरफ से रूसी सैनिकों से घिरे शहरों में बड़ी संख्या में लोग बिना भोजन, पानी और बिजली के फंसे हुए हैं।

सिख जवान भी पहन सकेंगे हेलमेट,पटके के ऊपर से पहना जा सकेगा, कई और खासियत

डिजिटल डेस्क : भारत में पहली बार सिख सैनिकों के लिए कॉम्बेट हेलमेट बनाया गया है। इसे पटके के ऊपर से पहना जा सकता है। यह हेलमेट न केवल हल्का है, बल्कि एंटी फंगल, और एंटी एलर्जिक भी है। कानपुर स्थित ग्लोबल डिफेंस एंड होमलैंड सिक्योरिटी कंपनी एमकेयू ने इसे डिजाइन किया है।कंपनी के मुताबिक, इस हेलमेट का मॉडल: कावरो एससीएच 111 टी है। इसे ‘वीर हेलमेट’ नाम दिया गया है। यह हेलमेट गोलियों और लेवल IIIA तक के टुकड़ों से सिर को बचाने में सक्षम है। इसमें मॉड्यूलर एक्सेसरी कनेक्टर सिस्टम (MACS) भी है।

MACS सिस्टम क्या है?
MACS मल्टी-एक्सेसरी माउंटिंग सिस्टम है, जो हेड-माउंटेड सेंसर और आधुनिक लड़ाकू उपकरण जैसे नाइट विजन गॉगल्स, हेलमेट पर कैमरे और कम्युनिकेशन के लिए होता है।

आरामदायक है हेलमेट
कपंनी ने बताया कि ‘वीर हेलमेट’ का डिजाइन ऐसा बनाया गया है कि सिख सैनिक आराम से अपनी पगड़ी के नीचे के कपड़े (पटके) के ऊपर पहन सकते हैं। हेलमेट का डिजाइन बोल्ट-मुक्त है, जो सेकेंडरी फ्रेग्मेंटेशन से बचाने के लिए है। यह बेहद आरामदायक है। यह हेलमेट शॉक प्रूफ और केमिकल सेफ है।

भारतीय सेना में भर्ती सिखों के लिए पहला हेलमेट
कपंनी का कहना है कि यह भारतीय सेना में भर्ती सिखों के लिए अपनी तरह का पहला हेलमेट है। इसे सिख सैनिकों की वीरता के लिए समर्पित किया गया है, क्योंकि सिख युवा बड़ी संख्या में सशस्त्र बल, केंद्रीय पुलिस और अर्धसैनिक बल में सेवा देते हैं।

एमकेयू के MD नीरज गुप्ता के अनुसार, ‘एक सिख के लिए पगड़ी उसका गौरव है। हमारी कंपनी की ओर से ‘वीर’ हेलमेट, वीर सिख सैनिकों के जीवन की रक्षा करने के लिए है। इससे उनकी धार्मिक भावनाएं भी आहत नहीं होगी।’

एमकेयू के चेयरमैन मनोज गुप्ता ने बताया कि हमने अपने सिख सैनिकों के सिर की सुरक्षा की जरूरत देखी। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इतना योगदान देने के बावजूद, सिख सैनिकों के पास बैलिस्टिक खतरों से बचने के लिए हेलमेट नहीं है, जिसे आराम से पहना जा सके। इसलिए हमने इसे बनाने का फैसला लिया।

Read More : ममता बनर्जी भाजपा की एजेंट हैं: अधीर रंजन चौधरी 

100 से ज्यादा देशों के लिए काम कर रही है एमकेयू कपंनी
एमकेयू भारत की उन कुछ कंपनियों में से एक है, जो 100 से अधिक देशों के सैन्य, अर्धसैनिक, पुलिस और विशेष बलों के लिए ऑप्ट्रोनिक और बैलिस्टिक सुरक्षा उपकरण बना चुकी है। उनके भारत और जर्मनी में ऑपरेशन हैं। यह अब तक 230 बलों में 3 मिलियन से अधिक सैनिकों और 3000+ प्लेटफार्मों को सुरक्षा प्रदान कर चुकी है।

 

ममता बनर्जी भाजपा की एजेंट हैं: अधीर रंजन चौधरी 

 डिजिटल डेस्क : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने यहां तक ​​कह दिया कि अगर कांग्रेस नहीं होती तो ममता बनर्जी जैसे लोग पैदा ही नहीं होते। उन्हें यह याद रखना चाहिए। अधीर रंजन ने कहा, “आप कांग्रेस के खिलाफ टिप्पणी क्यों कर रहे हैं? अगर कांग्रेस नहीं होती, तो ममता बनर्जी जैसे लोग पैदा नहीं होते। उन्हें यह याद रखना चाहिए। वह बीजेपी को खुश करने के लिए गोवा गईं, उन्होंने कांग्रेस को हरा दिया। आपने कांग्रेस को कमजोर कर दिया। गोवा, यह सब जानते हैं।”

कांग्रेस नेता ने ममता बनर्जी पर बीजेपी के एजेंट के तौर पर काम करने का आरोप लगाया. अधीर रंजन ने कहा, ‘वह (ममता बनर्जी) बीजेपी को खुश करने और बीजेपी के एजेंट के तौर पर काम करने के लिए ऐसा कह रही हैं. प्रासंगिक बने रहने के लिए वह ऐसी बातें कहती हैं। पागल को जवाब देना सही है। नहीं, पूरे भारत में कांग्रेस के 700 विधायक हैं। दीदी के पास है? कांग्रेस के पास विपक्ष के कुल वोट शेयर का 20% है। क्या उनके पास है?”

ममता ने कहा था- कांग्रेस को साथ रखने का कोई मतलब नहीं
दरअसल, विधानसभा चुनाव में चार राज्यों में बीजेपी की जीत के बाद ममता ने बीजेपी विरोधी गठबंधन के लिए क्षेत्रीय दलों तक पहुंचने की कोशिशें तेज कर दी हैं. इस संबंध में उन्होंने शुक्रवार को कहा था कि कांग्रेस को साथ रखने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि अब वह नहीं है. बनर्जी ने कहा, “मुझे लगता है कि भाजपा से मुकाबला करने के इच्छुक सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना चाहिए। कांग्रेस पर भरोसा करने का कोई मतलब नहीं है।

Read More : चुनावी हार के बाद फिर से खड़ा करेगी कांग्रेस? कल चुनाव पर फैसला ले सकता है शीर्ष नेतृत्व

ममता बोलीं- कांग्रेस को अब जीतने में दिलचस्पी नहीं
ममता ने कहा कि कांग्रेस पहले जीतती थी क्योंकि उसके पास संगठन था। लेकिन अब वो हर जगह हार रही है. ऐसा लगता है कि अब उनकी (जीतने में) कोई दिलचस्पी नहीं है। उसकी विश्वसनीयता खत्म हो गई है। बनर्जी ने यह भी कहा कि कई मजबूत क्षेत्रीय दल हैं और वे एक साथ आने से अधिक प्रभावी होंगे।

चुनावी हार के बाद फिर से खड़ा करेगी कांग्रेस? कल चुनाव पर फैसला ले सकता है शीर्ष नेतृत्व

CWC की बैठक: उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हारने के बाद रविवार को शाम चार बजे कांग्रेस की शीर्ष समिति की बैठक होगी. CWC की बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी करेंगी. पांच राज्यों में कांग्रेस की दुखद हार के मद्देनजर बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों ने शनिवार को बताया कि कांग्रेस में संगठनात्मक चुनाव सितंबर में प्रस्तावित हैं, लेकिन नेतृत्व को लेकर बढ़ते सवालों के बीच इसके समय से पहले होने की उम्मीद है. बैठक ऐसे समय हुई जब शुक्रवार रात कांग्रेस में असंतुष्ट गुट जी-23 के कुछ नेता बैठक कर रहे थे। कांग्रेस के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद के घर हुई बैठक में मनीष तिवारी समेत अन्य नेता मौजूद थे. उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और मणिपुर में कांग्रेस कुछ खास करने में नाकाम रही है, जबकि पंजाब में खराब प्रदर्शन के कारण उसे सत्ता गंवानी पड़ी है.

हालांकि प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार की कमान संभाली, लेकिन कांग्रेस केवल दो सीटों पर जीत हासिल कर सकी। राहुल गांधी ने पूरे यूपी चुनाव में बहुत कम प्रचार किया। उसे राज्य में सिर्फ 2.4 फीसदी वोट मिले थे. यूपी की 380 सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों की सुरक्षा भी जब्त कर ली गई है.

कांग्रेस की हार के बाद केरल के सांसद शशि थरूर समेत कई नेता पहले ही शीर्ष स्तर पर बदलाव की मांग कर चुके हैं. हालांकि कर्नाटक के वरिष्ठ नेताओं मल्लिकार्जुन खड़ग और डीके शिवकुमार ने गांधी परिवार पर भरोसा जताया है. हार के बाद यूपी कांग्रेस के कई नेताओं ने भी पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है. दूसरी ओर, यूपी कांग्रेस के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया समन्वयक जीशान हैदर को नेतृत्व के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।

Read More : रूस ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर कड़े प्रतिबंध लगाने की धमकी दी: एएफपी

उल्लेखनीय है कि पंजाब में गुटबाजी और अंदरूनी कलह में घिरी कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है. आम आदमी पार्टी ने वहां 92 सीटें जीतकर एक बड़ा धक्का दिया है. कांग्रेस को सिर्फ 16 सीटों का नुकसान हुआ है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी चुनाव हार गए। यूपी में कांग्रेस सिर्फ दो सीटों पर रुकी है. उत्तराखंड में एग्जिट पोल में भी कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर की संभावना दिखाई दे रही है. लेकिन जब नतीजे आए तो कांग्रेस काफी पीछे रह गई। गोवा में कांग्रेस का भी यही हश्र हुआ। मणिपुर में भी कांग्रेस को सिर्फ पांच सीटों का नुकसान हुआ है.

रूस ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर कड़े प्रतिबंध लगाने की धमकी दी: एएफपी

मास्को : रूस ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के ढहने पर उस पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है. सूत्र ने सूत्रों के हवाले से एएफपी को बताया। रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मस के प्रमुख ने शनिवार को चेतावनी जारी की। दिमित्री रोगोज़िन के अनुसार, प्रतिबंध रूसी जहाजों के संचालन को बाधित कर सकते हैं। नतीजतन, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन ढह सकता है।

मैं कहना चाहूंगा कि यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से रूस पर आर्थिक प्रतिबंध जारी हैं। शुक्रवार को, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य G7 देशों ने रूस पर अपने आर्थिक प्रतिबंध बढ़ा दिए। राष्ट्रपति जो बिडेन का कहना है कि संयुक्त राज्य अमेरिका सहित अन्य देशों द्वारा संयुक्त रूप से किए गए नए उपायों का अब रूस की अर्थव्यवस्था पर अधिक प्रभाव पड़ेगा।

यूक्रेन की राजधानी कीव में धमाके की आवाज सुनी गई। रूसी सेना यूक्रेन की राजधानी पहुंच गई है। कीव में सीएनएन के मुताबिक, आज सुबह विस्फोट की आवाज सुनी गई। यूक्रेन की राजधानी के बाहरी इलाके में लड़ाई जारी है। नगर प्रशासन का कहना है कि उत्तरी क्षेत्र को सबसे खतरनाक माना जाता है। शहर के पूर्व में, दीनिपर नदी के दूसरी ओर, ब्रोवर में भी लड़ाई तेज हो गई है।

Read More : ‘मिलिट्री स्कूलों में लड़कियों का दाखिला कराएगी सरकार, पढ़ें पीएम मोदी के भाषण की 10 अहम बातें

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने लातविया, एस्टोनिया, लिथुआनिया और रोमानिया जैसे देशों के साथ रूस की सीमा पर 12,000 सैनिक भेजे हैं। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि यूक्रेन में तृतीय विश्व युद्ध को हराने के लिए उनकी संख्या पर्याप्त नहीं थी, और सैन्य कार्रवाई को सही ठहराने की मांग की। शुक्रवार को हाउस डेमोक्रेटिक कॉकस के सदस्यों को संबोधित करते हुए, बिडेन ने स्पष्ट किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका “यूक्रेन में तृतीय विश्व युद्ध नहीं लड़ेगा”, लेकिन एक “कड़ा संदेश” भेजा कि वाशिंगटन नाटो क्षेत्र के हर इंच की रक्षा करेगा।

‘मिलिट्री स्कूलों में लड़कियों का दाखिला कराएगी सरकार, पढ़ें पीएम मोदी के भाषण की 10 अहम बातें

डिजिटल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय गुजरात दौरे पर आ रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को गांधीनगर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के भवन को राष्ट्र को समर्पित किया। तब प्रधानमंत्री मोदी ने पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे।

अपने भाषण में, प्रधान मंत्री ने कहा, “राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में आना मेरे लिए बहुत खुशी की बात है।” ये विश्वविद्यालय उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं जो देश भर में रक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। उन्होंने डंडी मार्च के बाद से पुलिस व्यवस्था में हुए सुधारों का जिक्र किया। ऐसे में आइए जानें प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें…

इसी दिन नमक सत्याग्रह के लिए गुजरात से डंडी की यात्रा शुरू हुई थी। अंग्रेजों के अन्याय के खिलाफ महात्मा गांधी के नेतृत्व में आंदोलन ने ब्रिटिश सरकार को हम भारतीयों की सामूहिक ताकत का एहसास कराया।

आजादी के बाद देश की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत थी। वर्दीधारी कर्मियों को सचेत करने के लिए विचार बनाया गया था। लेकिन अब ये बदल गया है. अब वर्दीधारी कर्मियों को देखकर लोगों की मदद का आश्वासन दिया है।

भारत को सुरक्षा के क्षेत्र में जनशक्ति लाने की जरूरत है जो आम आदमी को दोस्ती और आत्मविश्वास की भावना दे सके।

रक्षा के क्षेत्र में इक्कीसवीं सदी की चुनौतियों का सामना करना। हमारी व्यवस्था भी उन्हीं के अनुरूप विकसित होनी चाहिए और उन व्यवस्थाओं को संचालित करने वाले व्यक्तित्व का विकास होना चाहिए। इसके लिए विश्वविद्यालय का जन्म हुआ।

सुरक्षा क्षेत्र के लिए आज तनाव मुक्त गतिविधि प्रशिक्षण आवश्यक है। इसके लिए एक प्रशिक्षक की आवश्यकता होती है। ऐसे में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय भी ऐसे प्रशिक्षक तैयार कर सकता है।

गांधीनगर शिक्षा की दृष्टि से अत्यंत जीवंत क्षेत्र बन गया है। यहां दो विश्वविद्यालय हैं, जो पूरी दुनिया में पहला विश्वविद्यालय है। फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी दुनिया में कहीं नहीं है। विश्व में कहीं भी बाल विश्वविद्यालय नहीं है। गांधीनगर और हिंदुस्तान में केवल दो विश्वविद्यालय हैं।

डिफेंस यूनिवर्सिटी के जरिए हम ऐसे लोगों का निर्माण करना चाहते हैं जो कम संसाधनों में सब कुछ संभाल सकें। देश की रक्षा के लिए सभी स्तरों पर एक समर्पित कार्यबल का निर्माण करना आवश्यक है।

लोकतान्त्रिक व्यवस्था में हमें जनता को ध्यान में रखते हुए इस मूल मंत्र से एक व्यवस्था बनानी होती है, सबसे बढ़कर समाज में विद्रोहियों के साथ कठोर नीति और समाज के साथ नरम नीति।

वर्दी पहनने के बाद अपने हाथों में दुनिया के बारे में सोचें। यह बिल्कुल गलत है। वर्दी का सम्मान तभी बढ़ता है जब उसमें मानवता हो। वर्दी का सम्मान तभी बढ़ता है जब उसमें स्नेह का भाव होता है।

Read More : लीक रिपोर्ट से नेपाल पर चीन के कब्जे का खुलासा

रक्षा क्षेत्र में महिलाओं की संख्या बढ़ी है। हमारी लड़कियां बड़ी संख्या में सेना में आगे बढ़ रही हैं। एनसीसी में बड़ी संख्या में लड़कियां भी भाग ले रही हैं। इसलिए सरकार ने सैन्य स्कूलों में भी लड़कियों को प्रवेश देने का फैसला किया है।

लीक रिपोर्ट से नेपाल पर चीन के कब्जे का खुलासा

काठमांडू : चीन एक बार फिर अपनी विस्तारवादी नीतियों को लेकर सुर्खियों में है. इस बार नेपाल सरकार की एक रिपोर्ट में चीन पर गंभीर आरोप लगे हैं. दरअसल, सितंबर 2021 में नेपाली सरकार द्वारा लीक की गई एक रिपोर्ट में चीन पर नेपाली क्षेत्र पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया था। रिपोर्ट को इस दावे के बाद लॉन्च किया गया था कि चीन नेपाल के सुदूर पश्चिम में हुमला जिले पर कब्जा कर रहा है। साथ ही रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीनी बलों ने नेपाल की सीमा पुलिस को भी धमकी दी है।

एएनआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी सुरक्षा बलों की निगरानी गतिविधियों ने नेपाल सीमा पर लालुंगजोंग नामक स्थान पर धार्मिक गतिविधियों को प्रतिबंधित कर दिया। इसने यह भी कहा कि चीन नेपाली किसानों के लिए अपने मवेशियों को चराने के अवसरों को सीमित कर रहा है। चीन सीमा के खंभों के चारों ओर बाड़ का निर्माण कर रहा है और सीमा के नेपाल की ओर एक नहर और सड़क बनाने की कोशिश कर रहा है।

रिपोर्ट में सुरक्षा बढ़ाने के लिए क्षेत्र में नेपाली सुरक्षा बलों को तैनात करने का भी सुझाव दिया गया है। हालांकि हैरानी की बात यह है कि नेपाल भी इस मुद्दे पर पूरी तरह से खामोश है, क्योंकि सरकार की ओर से रिपोर्ट जारी नहीं की गई, वह लीक हो गई। यह रिपोर्ट अब विदेश मंत्रालय के पास लंबित है। रिपोर्ट लीक होने के बाद नेपाल के संचार मंत्री ज्ञानेंद्र बहादुर कार्की ने कहा कि पड़ोसियों के साथ किसी भी सीमा मुद्दे को कूटनीतिक तरीके से सुलझाया जाएगा।

Read More : NEET PG: पश्चिम बंगाल सरकार की अधिसूचना के खिलाफ दायर डॉक्टरों की याचिका खारिज

नेपाली सरकार द्वारा इस मुद्दे को नजरअंदाज करने के बाद, राष्ट्रीय एकजुटता अभियान के अध्यक्ष बिनॉय यादव ने काठमांडू में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय को एक ज्ञापन सौंपा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से चीन की जमीन हथियाने की रणनीति पर ध्यान देने का आग्रह किया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि सर्वेक्षण के अनुसार 1963 के सीमा प्रोटोकॉल से कॉलम 5 (2) और किट के खुलने के बीच के क्षेत्र की पहचान दोनों देशों के बीच की सीमा के रूप में की गई है। हालांकि चीनी पक्ष ने नेपाल की जमीन पर बाड़ लगा दी है।

NEET PG: पश्चिम बंगाल सरकार की अधिसूचना के खिलाफ दायर डॉक्टरों की याचिका खारिज

डिजिटल डेस्क : सुप्रीम कोर्ट ने पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज में आरक्षण का लाभ उठाने के लिए सुदूर/कठिन/ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा की शर्त को कम से कम तीन साल तक बढ़ाने की पश्चिम बंगाल सरकार की अधिसूचना को बढ़ाने की मांग करने वाली डॉक्टरों की याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। चुनौती दी गई थी।पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कहा कि इस अदालत ने अधिसूचना को बरकरार रखा है और न्यूनतम तीन साल की सेवा की आवश्यकता है।

पीठ ने कहा कि अदालत ने अधिसूचना को बरकरार रखा और यह एक नीतिगत फैसला था।

शीर्ष अदालत ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में आरक्षण का लाभ उठाने के लिए दूरस्थ/कठिन/ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा की शर्त को कम से कम तीन साल के लिए बढ़ाने संबंधी अधिसूचना को चुनौती देने वाली डॉक्टरों की याचिका पर पश्चिम बंगाल सरकार से जवाब मांगा था। 

Read more : महिला विश्व कप : भारत ने वेस्टइंडीज से 155 रन से हाराया 

डॉक्टरों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा था कि उन्हें इस बारे में नीट-पीजी परीक्षा में बैठने से पहले सूचित किया जाना चाहिए था न कि परीक्षा में बैठने के बाद।

महिला विश्व कप : भारत ने वेस्टइंडीज से 155 रन से हाराया 

हैमिल्टन:  भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने हैमिल्टन में खेले गए एक विश्व कप मैच में वेस्टइंडीज (India vs West इंडीज) को 155 रन से हरा दिया। टीम इंडिया की इस वर्ल्ड कप में यह दूसरी जीत है। सेडान पार्क में खेले गए मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और 317 रन का विशाल स्कोर बनाया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम 40.3 ओवर में 162 रन बना सकी। भारत के लिए इससे पहले स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर ने शतक जड़े थे। स्मृति ने 123 और हरमन ने 109 रन बनाए।

जीत के लिए 316 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत शानदार रही. पारी की शुरुआत करने आए डिएंड्रा डोटिन और मैथ्यूज ने पहले विकेट के लिए 100 रन की साझेदारी की. इन दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती ओवरों में जिस तरह से बल्लेबाजी की, उससे लग रहा था कि कैरेबियाई टीम भारत को कड़ी चुनौती देगी, लेकिन डॉटिन का विकेट गिरने के बाद टीम की लय बिगड़ गई. वह 72 रन पर आउट हो गए। उसके बाद मैथ्यूज भी 43 रन बनाकर आगे हो गए।

राणा ने लिए तीन विकेट
दो सलामी बल्लेबाजों के पवेलियन लौटने के बाद भारत के लौटने पर गेंदबाजों ने वेस्टइंडीज को बैकफुट पर धकेल दिया. इस जीत के बाद टीम इंडिया पॉइंट टेबल में टॉप पर पहुंच गई है, वहीं भारत ने टूर्नामेंट के इस सीजन में अब भी नाबाद कैरेबियाई टीम का सफर रोक दिया है.

Read More : सेरेनगेटी नेशनल पार्क में सफेद ज़ेबरा का दुर्लभ वीडियो आया सामने

भारत के लिए स्नेहा राणा ने तीन विकेट लिए। वह इस मैच के सबसे सफल गेंदबाज भी रहे। वहीं मेघना सिंह ने दोनों खिलाड़ियों को पवेलियन का रास्ता दिखाया. इन दो गेंदबाजों के अलावा झूलन गोस्वामी, राजेश्वरी गायकवाड़ और पूजा वस्त्राकर ने 1-1 विकेट लिए। भारतीय गेंदबाजों की नापी गई गेंदबाजी के आगे वेस्टइंडीज कुछ खास नहीं कर पाई। उनके खिलाड़ी एक के बाद एक आउट होते जा रहे हैं. भारत के लिए 123 रन की शानदार पारी खेलने वाली स्मृति मंधाना को सर्वश्रेष्ठ मैच का पुरस्कार मिला.

सेरेनगेटी नेशनल पार्क में सफेद ज़ेबरा का दुर्लभ वीडियो आया सामने

डिजिटल डेस्क : जब प्रकृति ने अपने बॉक्स के साथ कुछ अनोखा दिखाकर हमें चौंका दिया तो इसका अंदाजा इस वीडियो को देखकर लगाया जा सकता है। कई बार कैमरा उन सभी चीजों को कैद कर लेता है जो देखने में हैरान करने वाली होती हैं। ऐसा ही कमाल का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे देखकर आप हैरान रह जाएंगे. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इस वीडियो का नाम सेरेनगेटी नेशनल पार्क तंजानिया है, जिसे काफी व्यूज और लाइक मिल रहे हैं. इस वीडियो में एक सफेद ज़ेबरा दिखाई दे रहा है, जिसे देखकर आपके होश उड़ जाएंगे।

आज तक आपने अपने काले और सफेद डोरे के लिए मशहूर जेब्रा को ही देखा होगा, लेकिन इस वीडियो को देखने के बाद आप अपनी आंखों पर विश्वास नहीं कर सकते। दरअसल, वीडियो में एक सफेद ज़ेबरा दिखाई दे रहा है, जिसने सोशल मीडिया पर सभी को हैरान कर दिया है। खास बात यह है कि तंजानिया के सेरेन्गेटी नेशनल पार्क से इस वीडियो में दिख रहे सफेद ज़ेबरा के शरीर पर सफेद पट्टी है, अगर आप गौर से देखें तो ये धारियां बहुत हल्की होती हैं.

यह ज़ेबरा (अल्बिनो ज़ेबरा वायरल वीडियो) अल्बिनो। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि एल्बिनो शरीर की एक शर्त है. विचार यह है कि शरीर का असली रंग (मेलेनिन) उड़ जाता है, जिससे शरीर सफेद हो जाता है। जानवरों के साथ यह कोई नई बात नहीं है। यह प्रतिक्रिया इंसानों में भी देखी जाती है, जिसे व्हाइट स्पॉट कहा जाता है। सफेद बाघ, सफेद शेर और सफेद घड़ियाल पहले भी देखे जा चुके हैं जिनके कई वीडियो आप सोशल मीडिया पर आसानी से देख सकते हैं.

Read More : हार के बाद अखिलेश यादव ने राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट से से लगाई यह गुहार, जानें क्यों…

वीडियो में एक सफेद ज़ेबरा को चलते हुए दिखाया गया है
वीडियो में अन्य सामान्य ज़ेबरा के साथ एक बेबी ज़ेबरा दिखाया गया है। इस वीडियो को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर करते हुए सेरेनगेटी नेशनल पार्क के कैप्शन में कहती हैं कि इस सफेद ज़ेबरा का नाम नदसियाता है. वीडियो पर कई यूजर्स ने कमेंट किए हैं। एक यूजर ने लिखा, ‘सेरेनगेटी करिश्मा की भूमि है’। इस वीडियो को अब तक 1,852 लोग देख चुके हैं.

हार के बाद अखिलेश यादव ने राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट से से लगाई यह गुहार, जानें क्यों…

यूपी विधानसभा चुनाव परिणाम 2022: यूपी चुनाव परिणाम घोषित और इसके साथ ही भाजपा राज्य में फिर से सरकार बनाने जा रही है। हालांकि चुनाव नतीजों के दौरान समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने ईवीएम मिशन में धोखाधड़ी के कई आरोप लगाए. वहीं, राष्ट्रपति अखिलेश यादव ने ट्वीट कर EVM को लेकर सवाल खड़े किए. अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट में अपील की है.

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर ट्वीट किया और लिखा, “मैंने एक चुनाव अधिकारी से ईवीएम बदलने के बारे में बात की है, सोशल मीडिया पर ऑडियो रिकॉर्डिंग चल रही है, श्रीमान सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति को इस पर विचार करना चाहिए और सरकार को तुरंत पूरा देना चाहिए। संबंधित व्यक्ति को सुरक्षा सरकार बनाने से एक व्यक्ति का जीवन हमारे लिए अधिक महत्वपूर्ण है।

Read More :EPFO ने 2021-22 के लिए ब्याज दरों में की कटौती, 8.5% के बजाय अब 8.1% ब्याज मिलेगा: सूत्र

दरअसल सोशल मीडिया पर दोनों लोगों के बीच बातचीत का ऑडियो वायरल हो गया था. जहां शिक्षक होने का नाटक करते हुए उन्होंने चुनाव के लिए खुद को जिम्मेदार बताया और देखा कि ईवीएम बदल दी गई है. आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 403 में से 273 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया था. राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी ने 111 सीटों पर जीत हासिल की है. बता दें कि अखिलेश यादव एग्जिट पोल से ईवीएम और काउंटिंग में फर्जीवाड़े का आरोप लगा रहे हैं.

EPFO ने 2021-22 के लिए ब्याज दरों में की कटौती, 8.5% के बजाय अब 8.1% ब्याज मिलेगा: सूत्र

नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफओ) ने 2021-22 के लिए ब्याज दरों में कटौती की है। पीटीआई के आंकड़ों के मुताबिक, कर्मचारी भविष्य निधि ईपीएफओ की ब्याज दर 8.5% से घटाकर 8.1% कर दी गई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने शनिवार को चालू वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भविष्य निधि जमा पर 8.1 प्रतिशत की ब्याज दर देने का फैसला किया। यह एक दशक में सबसे कम ब्याज दर है।

कर्मचारी भविष्य संगठन का यह निर्णय निस्संदेह कर्मचारियों के लिए एक झटका है क्योंकि यह ब्याज दर पिछले 10 वर्षों में सबसे कम है। EPFO ने वित्त वर्ष 2021-2022 के लिए ब्याज दर 8.1% तय की है। यह पिछले 10 साल में सबसे कम ब्याज दर है। इस फैसले से ईपीएफओ के करीब छह करोड़ लोगों को झटका लगा है। आपको बता दें कि पिछले वित्त वर्ष में पीएफ पर 8.5 फीसदी ब्याज मिल रहा था।

एक तरफ सरकार ने पीएफ पर ब्याज दरों में कटौती की है, यहां तक ​​कि मुश्किल हालात में भी जहां देश की जनता महंगाई से जूझ रही है. वित्त वर्ष 1977-78 में EPFO ​​ने ब्याज दर 8% निर्धारित की थी। उसके बाद अब मुझे कम ब्याज मिल रहा है। अब तक 8.25% या इससे अधिक ब्याज मिल चुका है।

Read More : निषाद पार्टी की जीत पर संजय निषाद- 1 से 11 मोड़, मोदी ने रावण राज को रोकने के लिए हमें राम की तरह गले लगाया

निषाद पार्टी की जीत पर संजय निषाद- 1 से 11 मोड़, मोदी ने रावण राज को रोकने के लिए हमें राम की तरह गले लगाया

डिजिटल डेस्क : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन से चुनाव लड़े निषाद पार्टी के 11 उम्मीदवार इस बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं. निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने शनिवार को भाजपा नेतृत्व और पीएम मोदी, सीएम योगी को उनके सहयोग और प्यार के लिए धन्यवाद दिया। संजय निषाद ने लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए रामराज्य और रावणराज का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह भगवान राम ने निषादराज को गले लगाया था, उसी तरह पीएम मोदी, सीएम योगी और बीजेपी नेताओं ने उन्हें प्यार और सम्मान दिया. उन्होंने कहा कि 5 साल में पार्टी 1 से 11 हो गई है.

संजय निषाद ने कहा, “मैंने 12 जनवरी, 2013 को निषाद राज के किले में जो राजनीतिक संकल्प लिया था, जहां भगवान राम ने वनवास में जाते समय कदम रखा था और बड़े भाई निषादराज को गले लगाया था, जिससे दुनिया में शांति आई। बदले में निषादराज ने अपनी सेना भेजी। लंका के लिए। रावण मारा गया था। दो राज्य थे, एक रावण का राज्य था और दूसरा राम का राज्य था। रामराज्य की स्थापना रावणराज के अंत के बाद हुई थी।

संजय निषाद ने बताया कि उनकी पार्टी के कुल 11 उम्मीदवारों ने चुनाव जीता है. 6 ने अपनी पार्टी के ‘भोजन भरी थाली’ के चुनाव चिह्न पर और 5 ने भाजपा के चुनाव चिह्न पर जीत हासिल की है। उन्होंने कहा कि 5 उम्मीदवार बहुत कम अंतर से हारे हैं. उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी ने 2017 में बीजेपी की 9 में से 6 सीटों पर जीत हासिल की थी.

Read More : टीवी डिबेट में हिस्सा नहीं लेंगे बसपा प्रवक्ता, नाराज मायावती ने मीडिया पर लगाया आरोप

बीजेपी से मिले प्यार और सम्मान का जिक्र करते हुए संजय निषाद ने कहा, “जिस तरह राम ने निषादराज को गले लगाया था, उसी तरह पीएम मोदी और सीएम योगी ने हमें वही राम राज्य स्थापित करने के लिए कहा था और पिछली सरकारों ने रावण राज्य का इस्तेमाल किया था। संजय निषाद ने भी कहा कि जिस तरह से भाजपा नेताओं ने अपने उम्मीदवारों को जिताने के लिए जी-जान से मेहनत की उसी तरह निषाद पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार और समर्थन किया गया.

टीवी डिबेट में हिस्सा नहीं लेंगे बसपा प्रवक्ता, नाराज मायावती ने मीडिया पर लगाया आरोप

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने मीडिया पर नस्लवादी रुख अपनाने का आरोप लगाया है और कहा है कि अब से उनकी पार्टी का कोई भी प्रवक्ता टीवी चैनलों पर बहस में हिस्सा नहीं लेगा. राज्य चुनाव परिणाम के दूसरे दिन उन्होंने ट्वीट कर मीडिया पर तरह-तरह के आरोप लगाए. उन्होंने लिखा, “यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान, यह कोई रहस्य नहीं है कि मीडिया ने अंबेडकरवादी बसपा आंदोलन को नुकसान पहुंचाने के लिए अपने आकाओं के इशारे पर नस्लीय घृणा और घृणित व्यवहार का सहारा लिया है।”

ऐसे में पार्टी प्रवक्ताओं को भी नई जिम्मेदारी दी जाएगी। अतः पार्टी के सभी प्रवक्ता श्री सुधींद्र भदौरिया, श्री धर्मबीर चौधरी, डॉ. एमएच खान, मिस्टर फैजान खान और श्रीमती सीमा कुशवाहा टीवी डिबेट में हिस्सा नहीं लेंगे।

विशेष रूप से, मायावती ने शुक्रवार को कहा कि बसपा को “भाजपा की बी पार्टी” के रूप में चित्रित करने वाले आक्रामक मीडिया प्रचार ने मुस्लिम और भाजपा विरोधी मतदाताओं को इससे अलग कर दिया है।

Read More : राज्यपाल से मिले भगवंत मान, सरकार बनाने की मांग वे 16 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे