Monday, April 20, 2026
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अपनी 20 साल की बेटी से पिता ने बनाया संबंध, फिर कर ली शादी..

नेब्रास्काः नेब्रास्का में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक पिता को अपनी ही 20 साल की बेटी से शादी करने और संबंध बनाने के आरोप में जेल की सजा सुनाई गई। नेब्रास्का में रहने वाले ट्रैविस फील्डग्रोव पर आरोप लगा है कि उन्होंने अपनी बेटी सामंथा केर्शनर को बचपन में छोड़ दिया था। लेकिन जब वह बड़ी हुई। तब 17 साल बाद उसकी जिंदगी में वापस आ गया। उससे प्यार करने और संबंध बनाने का आरोप लगा। हालांकि इसमें बेटी की भी रजामंदी थी। इनके संबंध पर ट्रैविस फील्डग्रोव की एक्स ने सवाल उठाए और मामला कोर्ट तक पहुंचा।

एक रिपोर्ट के मुताबिक,

केर्शनर 20 साल की थीं, जब पिता और बेटी के बीच रिश्ते की शुरुआत हुई। 2000 में जब केर्शनर का जन्म हुआ, तो उनके पिता एक नए साथी के साथ एक नया जीवन शुरू करने के लिए चले गए। लेकिन जब केर्शनर 17 साल की हुई तो वह आपस आ गए। तीन साल बाद उन्होंने एक दूसरे के साथ यौन संबंध बनाना शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक, सामंथा में अपने पिता के साथ संबंध बनाने का बीज उसकी सौतेली बहन के साथ ईष्या रखने की वजह से पनपी है। पहले तो इस जोड़ी ने इनकार किया कि उन्होंने संबंध बनाया। लेकिन जब दोनों का डीएनए टेस्ट हुआ तो पता चला कि वे दोनों बाप- बेटी हैं।

कोर्ट ने सजा सुनाने के दौरान कहा कि रिहाई के बाद भी दोनों एक दूसरे से संपर्क नहीं कर सकते हैं। हालांकि सजा से पहले ट्रैविस ने नवंबर में एक पोस्ट लिखा था, गुडमॉर्निंग। जीवन बहुत छोटा है। मैं अपना जीवन बर्बाद करते-करते थक गया हूं। पिता और बेटी के इस रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने काफी आलोचना की। लोगों ने यही सवाल किया कि आखिर एक पिता अपनी बेटी के साथ ऐसा कैसे कर सकता है।

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घर पर अकेली थी बहन, बाथरूम में ले जाकर चचेरे भाई ने चाकू से रेत दिया गला

मऊः उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में एक भाई ने अपनी 16 वर्षीय चचेरी बहन की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को बोरे में डालकर नदी किनारे जला दिया। घटना सराय लखंसी थाना क्षेत्र के खालिसपुर गांव की है। मामले का खुलासा तब हुआ जब मृतका के सगे भाई ने आरोपी की गाड़ी में खून देखा और पाया कि उसकी बहन भी घर से गायब है। सगे भाई को शक हुआ और उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। सख्ती से पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल लिया |

अपराधी ने पुलिस को बताया कि घटना के वक़्त वह और उसकी चचेरी बहन घर में अकेले थे. उसने कहा कि दोनों परिवार वालों में आपस में किसी बात को लेकर विवाद था. जब मृतका के घर वाले किसी काम से मोहम्मदाबाद गए तथा उसका भाई नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद गया, तब अपराधी ने चचेरी बहन का क़त्ल किया.

अपराधी भाई ने बताया कि वह मृतका के घर गया तथा बाथरूम ले जाकर उस पर चाकू से अटैक कर दिया. किशोरी की मौके पर ही जान चली गई. तत्पश्चात, अपराधी ने उसके शव को बोरे में डाला तथा बाइक से ले जाकर नदी किनारे जला दिया. दूसरी तरफ, मऊ सिटी के सीओ धनंजय मिश्रा ने बताया कि अपराधी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके उससे अभी पूछताछ की जा रही है. अपराधी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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ई-श्रम कार्ड धारक को हर महीने 500 रुपये दे रही योगी सरकार, ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

डिजिटल डेस्क : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार असंगठित क्षेत्र के कामगारों को, जिन्होंने ई-श्रम कार्ड बनवाया है, हर महीने 500 रुपये की आर्थिक मदद देती है. ई-श्रम पोर्टल पर अब तक 27 करोड़ से अधिक लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. वहीं, यूपी में आठ करोड़ से अधिक कामगारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. आइए जानते हैं रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया के बारे में…

इस तरह करें रजिस्ट्रेशन
सबसे पहले ई-श्रम पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट eshram.gov.in पर जाएं.

होम पेज पर रजिस्टर ऑन ई-श्रम विकल्प पर क्लिक करें.

इसके बाद नया पेज खुलने पर मांग की जानकारियां भरें.

जानकारियां भरने के बाद आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी जाएगा. उसे दर्ज करें.

अब पंजीकरण फॉर्म दिखाई देखा. इसे पूरा भरें.

जो दस्तावेज मांगे गए हैं, उन्हें अपलोड करें.

दस्तावेजों को अपलोड करने के बाद फॉर्म को एक बार चेक कर लें कि जो जानकारी आपने भरी है, वह सही है कि नहीं.

अब फॉर्म को सबमिट कर दें.

पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद 10 अंकों का ई-श्रम कार्ड जारी हो जाएगा.

कुछ ऐसे श्रमिक भी होंगे, जिनका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है. ऐसे में वह नजदीकी सीएससी पर जाकर पंजीकरण करवा सकते हैं. सरकार ने भी पंजीकरण के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है- 14434. इस नंबर पर फोन कर ज्यादा जानकारी ले सकते हैं

जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड

पैन कार्ड

आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर

बैंक खाता

पासपोर्ट साइज फोटो

ई-श्रम कार्ड कौन बनवा सकता है
मजदूर, नरेगा मजदूर, चरवाहा, डेयरी वाला, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर, पशुपालक, रिक्शा चालक, ट्यूटर, घर का नौकर-नौकरानी, क्लर्क, ऑपरेटर, नर्स, कुली, कुक, रिसेप्शनिस्ट, हॉकर, सफाई कर्मचारी, गार्ड, ब्यूटी पॉर्लर की वर्कर, नाई, दर्जी, मोची, बढ़ई, ऑटो चालक, ड्राइवर, पंचर बनाने वाले, डिलीवरी बॉय, वेटर, वार्ड बॉय, पुजारी, चाट ठेला वाले, भेल वाला, चाय वाला, विभिन्न सरकारी ऑफिस के दैनिक वेतन भोगी.

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प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत कामगारों का दो लाख रुपये तक का बीमा

दुर्घटना में मौत या दिव्यांग होने पर दो लाख और आंशिक रूप से विकलांग होने पर एक लाख रुपये की अनुदान राशि

आपदा या महामारी की स्थिति में केंद्र और राज्य सरकार से मदद मिलने में आसानी

 

ATS आरोपी मुर्तज़ा अब्‍बासी को कल गोरखपुर कोर्ट में करेगी पेश

लखनऊ. गोरखनाथ मंदिर हमले के आरोपी अहमद मुर्तज़ा अब्‍बासी को यूपी एटीएस सोमवार को गोरखपुर कोर्ट में पेश करेगी. दरअसल हमले की आरोपी की 11 अप्रैल को सात दिन की कस्‍टडी रिमांड खत्‍म हो रही है. इस वजह से एटीएस मुर्तजा की कस्टडी रिमांड बढ़ाने के लिए कोर्ट में अर्जी देगी.

बहरहाल, यूपी एटीएस अब तक अहमद मुर्तज़ा अब्‍बासी से पूछताछ में सामने आए तथ्यों की जांच के लिए कस्टडी रिमांड बढ़वाएगी. वैसे अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, 2 अप्रैल को अचानक मुर्तजा की सारी ऑनलाइन एक्टिविटी बंद हो गई थीं और इसके बाद उसी दिन दो लोग बैंक कर्मचारी बनकर मुर्तजा के घर पहुंचे और उसके बारे में पूछताछ की. खुद को बैंक कर्मचारी बताकर मुर्तज़ा पर 25 लाख रुपये के लोन की बात कही है. हालांकि जब मुर्तज़ा के परिवार वालों ने उनकी आईडी और बैंक लोन की डिटेल मांगी तो दोनों वहां से चले गए थे. इसके बाद मुर्तजा को शक हो गया था कि एजेंसियों की नजर उस पर है, इसलिए 2 अप्रैल की सुबह वो नेपाल निकल गया. हालांकि अगले दिन ही वह फिर से गोरखपुर आ गया. इस बात को लेकर एटीएस पूछताछ कर रही है.

यूट्यूब पर देखता था जिहादी विडियो

गिरफ्तार आरोपी मुर्तज़ा अब्बासी यूट्यूब पर न सिर्फ जिहाद से संबंधित वीडियो देखता था बल्कि जिहादी विचारों से जुड़ी हुई कई वेबसाइट भी सर्च करता था. इसके अलावा उसका जिहादी विचारधारा वाले धार्मिक नेताओं में भी रूचि थी. आरोपी ‘लोन वुल्‍फ ‘ अटैक के वीडियो देखता था. इसके अलावा सीरिया में सिर कलम करने के वीडियो और अमेरिका में 9/11 हमले के वीडियो देखने की भी जानकारी मिली है. वहीं, पुलिस उसके साथियों की तलाश में जुटी हुई है.

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इसके अलावा यह भी पता चला है कि वह आईएसआईएस में शामिल होने की तैयारी भी कर रहा था. हालांकि इसकी शुरुआती हनी ट्रैप के जरिए शुरू हुई थी. दरअसल मुर्तज़ा को एक लड़की का ईमेल आया था, जो कि आईएसआईएस कैंप का हिस्‍सा थी. वहीं, पता चला है कि उस लड़की ने अपना फोटो भेज कर मुर्तज़ा से भारत आकर मिलने का वायदा किया था. वहीं, लड़की द्वारा बताए गए बैंक अकाउंट में मुर्तज़ा ने तीन बार रुपये ट्रांसफर किए थे. वैसे इस मामले में पुलिस आरोपी के तिपा और मां को भी तलब कर चुकी है. वहीं, एटीएस ने मुर्तजा के चाचा और गोरखपुर के अब्बासी अस्‍पताल के मालिक डॉ. केए अब्बासी को भी पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है. वह एटीएस के पास तो नहीं गए, लेकिन ईमेल पर जवाब जरूर दिया है.

 

मुख्तार अंसारी के खिलाफ योगी सरकार का एक्शन, बेनामी संपत्ति हुई कुर्की

गाजीपुर. यूपी के बांदा जेल में बंद माफिया मुख़्तार अंसारी के खिलाफ योगी सरकार की कार्रवाई जारी है. इसी कड़ी में रविवार को गाजीपुर में एक बार फिर जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ 3.5 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति को कुर्की की कार्रवाई की है. यह कार्रवाई शहर कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत महुआ बाग इलाके में की गई है.

पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर ओजस्वी चावला ने बताया कि जिलाधिकारी गाजीपुर के आदेश के क्रम में गैंगस्टर एक्ट 14 (1) के तहत आईएस 191 गैंग लीडर मुख्तार अंसारीकी बेनामी संपत्ति कुर्क की गई है. यह बेनामी संपत्ति शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के महुआबाग में स्थित है. जिसका रकबा 811 वर्ग मीटर है. उन्होंने बताया कि कुर्क की गई जमीन की अनुमानित कीमत लगभग तीन करोड़ पचास लाख रुपये है. पुलिस प्रशासन ने डुगडुगी बजाते हुए कुर्क की कार्रवाई की है.

मुख्तार अंसारी की बेनामी संपत्ति कुर्क

इससे पहले भी मुख्तार अंसारी और उनकी पत्नी तथा सालों के नाम से दर्ज कई जमीने कुर्क की जा चुकी है. माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे प्रदेश सरकार के अभियान के तहत इस कार्रवाई से क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा. प्रशासन के मुताबिक आज कुर्क की गई 811 वर्ग मीटर का प्लाट मुख्तार अंसारी की बेनामी संपत्ति है, जो उनकी माता राबिया खातून के नाम पर दर्ज है. इस कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रही.

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बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी शातिर अपराधी है जिसके खिलाफ विभिन्न जिलों में 56 मुकदमे दर्ज हैं. उल्लेखनीय है कि गाजीपुर जिले के यूसुफपुर मोहम्मदाबाद निवासी मुख्तार अंसारी 1996 से 2017 तक मऊ जिले की शहर विधानसभा सीट से लगातार विधायक चुने गये और इस बार चुनाव में मुख्तार के पुत्र अब्‍बास अंसारी मऊ शहर विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी गठबंधन सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की टिकट पर निर्वाचित हुए हैं.

 

हरियाणा में फिर डरा रहा कोरोना! तेज़ी से बढ़ने लगा कोविड संक्रमण

चंडीगढ़ : स्वास्थ्य मंत्रालय ने चीन और अमेरिका में बढ़ते कोविड के मामलों के बीच पांच राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है| केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने दिल्ली, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र और मिजोरम की सरकारों को चिट्ठी लिखी है| इसमें स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों से सतर्कता बढ़ाने और संक्रमण की दर बढ़ने के कारणों की गंभीरता से जांच करने को कहा है| हरियाणा के 22 में से 10 जिलों में कोरोना संक्रमण खत्म हो चुका है, लेकिन गुरुग्राम-फरीदाबाद में लगातार बढ़ते मरीज चिंता बढ़ा रहे हैं|

पिछले दस दिन में प्रदेश में दैनिक रूप से मिल रहे कोरोना मरीजों की संख्या दोगुनी से ज्यादा हो गई है तो एक्टिव केसों में भी उछाल आया है| वर्तमान में गुरुग्राम में 270 संक्रमित हैं, जबकि फरीदाबाद में 34 और सोनीपत में आठ एक्टिव केस हैं|झज्जर, पानीपत, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल और रोहतक ऐसे छह जिले हैं जहां एक सप्ताह से अधिक समय से संक्रमण दर शून्य है| प्रदेश में 30 मार्च को जहां 41 मरीज मिले थे और एक्टिव केस 290 थे, वहीं शनिवार को 87 नए संक्रमित मिले जिससे एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 363 पर पहुंच गई है|इस दौरान दैनिक संक्रमण दर 0.33 प्रतिशत से बढ़कर 1.47 प्रतिशत पर आ गई है|

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मुस्लिम महिलाओं ने उतारी भगवान राम की आरती: बोलीं- श्रीराम हमारे पूर्वज

काशी : काशी रामनवमी पर एक बार फिर गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश देने के लिए आगे आई। लमही के सुभाष भवन में रविवार को मुस्लिम महिलाओं ने भगवान श्रीराम और माता जानकी की आरती उतारी। मुस्लिम महिलाओं ने कहा कि भारत भूमि पर रहने वाले किसी भी व्यक्ति का अस्तित्व राम के बगैर कुछ नहीं है। विश्व की हर संस्कृति प्रभु श्रीराम से निकली है। भगवान श्रीराम हमारे पूर्वज हैं।

मुस्लिम महिला फाउंडेशन और विशाल भारत संस्थान की ओर से पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर और काशी धर्म परिषद के अध्यक्ष महंत बालक दास के साथ मुस्लिम महिलाओं ने भगवान राम की स्तुति की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम संस्कृति के अखंड ब्रह्मांड के नायक हैं। कोई भी उनसे अलग नहीं है। बिना राम के अखंड भारत में रहने वालों की कोई पहचान नहीं हैं।

हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल

मुस्लिम महिलाओं द्वारा किया गया प्रयास इस्लामिक कट्टरपंथियों के लिए एक सबक है। वह भी नफरत छोड़कर राम के मार्ग पर चलें तो नफरत में फंसने से बच जाएंगे। राजस्थान के करौली में हिंदुओं के जुलूस पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने हमला कर दिया, इससे नफरत फैल गई। आज मुस्लिम महिलाओं ने यह संदेश दिया कि हम सभी पूर्वजों और परंपराओं से एक हैं। कोई हमें अलग नहीं कर सकता।मुस्लिम महिला फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नाजनीन अंसारी ने कहा कि भारत भूमि का जो हिस्सा प्रभु श्रीराम से अलग हुआ, आज वह नफरत, हिंसा और गरीबी की दुर्दशा झेल रहा है।

पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान सभी हिंसा की आग में जल रहे हैं, क्योंकि वह सब अपने पूर्वजों से अलग हो गए। आज की तारीख में वह देश भगवान श्रीराम की स्तुति करे और भगवान श्रीराम के रास्ते पर चले तो फिर से शांति और समृद्धि पा सकते हैं। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध तभी रुकेगा, जब वहां के लोग सार्वजनिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें। दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों को पत्र लिखकर यह सलाह भी जरूर दूंगी। सभी को राम के बताए रास्ते पर चलना चाहिए।

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डॉ. राजीव ने कहा

रामपंथ के पंथाचार्य डॉ. राजीव ने कहा कि भगवान श्रीराम के साथ उनके तीनों भाइयों की पूजा और चारों माताओं की स्तुति से घर-परिवार में समृद्धि आएगी और शांति बनी रहेगी। शांति और एकता के लिए रामपंथ ही एकमात्र विकल्प है। रामपंथ लोगों में सद्भावना की वकालत करता है। इस दौरान मुस्लिम महिलाओं ने नाजनीन अंसारी द्वारा उर्दू में लिखा भजन, उर्दू में लिखी आरती का पाठ किया।

नाजनीन अंसारी ने बताया कि संकट मोचन मंदिर पर आतंकवादियों ने 7 मार्च 2006 को बम से धमाका किया था। इसके अलावा उसी दिन कैंट स्टेशन पर भी बम धमाके हुए थे। इन धमाकों में कई लोगों की जान चली गई थी। नाजनीन अंसारी ने कहा कि काशी में धमाकों ने हिंदू और मुसलमानों के बीच नफरत और शक की दीवार खड़ी कर दी। तब विशाल भारत संस्थान और मुस्लिम महिला फाउंडेशन की मुस्लिम महिलाओं ने संकटमोचन मंदिर जाकर हनुमान चालीसा का पाठ किया था। उसी समय से हर रामनवमी पर भगवान श्रीराम की आरती उतारना मुस्लिम महिलाओं के लिए परंपरा बन गया है।

आगरा की जेल में गूंजे गायत्री मंत्र, पुरुषों ने किया गायत्री मंत्र का पाठ

 डिजिटल डेस्क : कारागार और होमगार्ड मंत्री ने जेलों में गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का उच्चारण कराने के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश के बाद अब जेलों में गायत्री मंत्र संकीर्तन की शुरुआत हो गई है। आगरा जिला जेल में राम नवमी पर कैदियों ने गायत्री मंत्र का जाप और भजन किए।जिला जेल में कारागार मंत्री के निर्देश के बाद गायत्री और महामृत्युंजय मंत्र का उच्चारण हुआ। राम नवमी को जिला जेल में सुबह महिला बंदियों ने गायत्री मंत्र के साथ हवन में आहुति दी। इसके अलावा पुरुष बंदियों ने गायत्री और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ किया। ढोलक और मंजीरे के साथ मंत्रोच्चारण कर ध्यान किया गया। बड़ी संख्या में बंदियों ने संकीर्तन में भाग लिया।

जेल अधीक्षक ने बताया कि सुबह जेल में प्रार्थना के बाद गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ किया जा रहा है। इसके अलावा हर बैरक में लगे स्पीकर पर 20 मिनट के लिए प्रवचन और नैतिक शिक्षा के पाठों का प्रसारण होता है। आने वाले दिनों में जेल में धार्मिक गुरु और नैतिक प्रवचन के लिए बुलाए जाएंगे, जिससे बंदी तनाव रहित रहे और उनमें बदलाव आए।

धर्मवीर प्रजापति ने कहा

योगी सरकार में कारागार मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने जेलों में बदलाव की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि जेलों में बड़ी संख्या में पेशेवर अपराधी बंद रहते हैं। मगर, कुछ बंदी ऐसे होते हैं जो पेशेवर नहीं होते। न चाहते हुए भी उनके साथ कोई घटना घट जाती है और वो जेल में आ जाते हैं। बाद में उन्हें पछतावा भी होता है। ऐसे में मेरे मन में था कि जेलों में ऐसे बहुत से कैदी होंगे, जो अपराध नहीं करना चाहते होंगे, फिर भी उनके साथ अनायास ही घटना घट गई होगी और वो अपनी मानसिकता को बदलना चाहते होंगे।

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ऐसे में मेरी इच्छा है कि उन्हें अवसर दिया जाए, उनकी मनोदशा और व्यवहार बदलने के लिए। ये देश सनातन धर्म को मानने वाला है। ईश्वर को मानने वाले लोग हैं। जहां-जहां प्रवचन, कथा-भागवत और मंत्रों का उच्चारण होता है, वहां पर वातावरण में बदलाव होता है। ऐसे में मैंने निर्देश दिए हैं कि जेलों में प्रार्थना के बाद गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप हो, जिससे कैदियों की मनोदशा में बदलाव आए। अगर ऐसा होता है तो जेल से बाहर जाकर वो अच्छा व्यवहार करेंगे।

 

लद्दाख में भीषण हादसा, निर्माणाधीन पुल ढहने से 4 मजदूरों की गई जान

 डिजिटल डेस्क : लद्दाख के नुब्रा उपमंडल में शनिवार को ढहे एक निर्माणाधीन पुल के मलबे से चार कर्मियों के शव बरामद हुए हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लेह जिले के दिस्कित गांव के पास निर्माणाधीन शतसे तकना पुल का एक हिस्सा शनिवार शाम करीब चार बजे तेज हवाओं के कारण ढह गया था और इसके मलबे में छह मजदूर फंस गए थे।

अधिकारियों के मुताबिक, 12 घंटे तक चले संयुक्त बचाव अभियान के बाद घटनास्थल से चार मजदूरों के शव बरामद किए गए और दो अन्य को बचा लिया गया। उन्होंने बताया कि बचाए गए दोनों मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अधिकारियों के अनुसार,

मृतकों की पहचान जम्मू-कश्मीर में राजौरी जिले के राज कुमार और वरिंदर, छत्तीसगढ़ के मंजीत तथा पंजाब के लव कुमार के रूप में की गई है। उन्होंने बताया कि घायलों में राजौरी के कोकी कुमार और छत्तीसगढ़ के राजकुमार शामिल हैं।

लद्दाख के उपराज्यपाल आरके माथुर ने बचाव अभियान की निगरानी की। उन्होंने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं। घटना के तत्काल बाद सेना की स्थानीय 102 ब्रिगेड, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की विजयक परियोजना और लेह स्थित वायुसेना स्टेशन से भेजी गई परिचालनात्मक मदद से बचाव अभियान शुरू किया गया।

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एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि लद्दाख के मंडलीय आयुक्त सौगत बिस्वास ने अभियान में शामिल सभी एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया। उन्होंने बताया कि बचाए गए लोगों को हवाई मार्ग से लेह पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना की मदद ली गई।माथुर ने हादसे में प्रभावित लोगों, खासकर पुल निर्माण में लगे मजदूरों को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है।

 

कार ने बाइक को मारी टक्कर, सड़क हादसे में दो महिलाओं समेत 4 लोगों की मौत

मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में रविवार सुबह हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गई. सभी मृतक बागपत जनपद निवासी बताए गए हैं. वहीं सड़क हादसे में कार सवार अन्य दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए. जिनका इलाज चल रहा है. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली. पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए. घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है. बताया जा रहा है कि दोनों महिलाएं एक ही परिवार की रहने वाली थी| हादसा थाना जानी क्षेत्र के बागपत रोड की है.

जानकारी के अनुसार

मेरठ बागपत मार्ग पर कुरालीके पास स्थित साईं मंदिर के सामने आज एक कार ने बाइक में टक्कर मार दी. इस दुर्घटना के बाद कार सड़क किनारे पेड़ से टकराकर पलट गई. इस दुर्घटना में दो महिलाओं समेत चार की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि बागपत जनपद के अमीनगर सराय निवासी भूषण पुत्र मोतीराम उर्फ अमर सिह अपनी पत्नी बालादेवी अपने परिवार के अन्य सदस्यों श्रीमती मगन देवी पत्नी इन्द्रसैन और आदि पुत्र अनुराग के साथ कार से हापुड़ में अपने रिश्तेदारी में आयोजित एक धार्मिक समारोह में शामिल हो कर अपने घर जा रहे थे.

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ग्रामीणों और पुलिस ने कार सीधी कर उसमें फंसे भूषण, बालादेवी, मगन देवी और आदि के साथ साथ बाइक सवार धर्मेंद्र और सरोज को उपचार के लिये पांचली खुर्द स्थित सीएचसी भेजा. लेकिन अस्पताल में डाक्टरों ने बाला देवी, मगन देवी और बाइक सवार अनुज और सरोज को मृत घोषित कर दिया. जबकि घायल आदि और भूषण को उपचार के लिये मेरठ रेफर कर दिया गया है. मेरठ में दोनों को एक प्राइवेट अस्तपाल में भर्ती करवाया गया है.

 

अपने निजी खर्च से जर्जर मार्ग का मरम्मत करवा रहे समाजसेवी कलीम अहमद

बहराइच:जनपद बहराइच के कैसरगंज से नौगईया जाने वाले मार्ग पर राहगीरों का निकलना दुश्वार था वजह जलभराव व कीचड जिसे देखते हुए पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य व समाजसेवी कलीम अहमद ने कीचड और जल भराव वाली जगहों पर ईंट और भट्ठे की राख डलवाना शुरू कर दिया है वह भी अपने निजी खर्च से जिससे इस जर्जर मार्ग से गुजरने वाले हजारों राहगीरो को मदद मिल सकी है। और उनकी मुश्किलें आसान हो गई |

बताते चले मुख्य मार्ग पर कीचड और जलभराव के चलते आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो जाया करते थे ,साथ ही कीचड से लोगों के कपडे भी गन्दे हो जाया करते थे। क्षेत्र के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य व समाजसेवी कलीम अहमद ने बताया कि ग्रामीणों ने उनसे कई बार सडक मरम्मत के लिए आग्रह किया ।हमने कई बार ब्लाक के अधिकारियों से सम्पर्क कर सडक मरम्मत के लिए आवाज उठाई, लेकिन किसी ने ध्यान नही दिया।लोगों की दिक्कतों को देखते हुए खुद ही अपने खर्चे से ईंट और भट्ठे की राख डालकर सडक को कीचड और जलभराव से मुक्त कर लोगों के चलने लायक बना दिया गया है।

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Vivo के पहले मुड़ने वाले फोन Vivo X Fold की कीमत लीक, तस्वीरें भी आ गई सामने

डिजिटल डेस्क : वीवो X फोल्ड (Vivo X Fold) फोल्डेबल स्मार्टफोन की फोटो और कीमत ऑनलाइन लीक हो गई हैं. फोटो को दो अलग-अलग टिप्स्टर्स ने ट्विटर पर शेयर किया है. वीवो एक्स फोल्ड कंपनी का पहला फोल्डेबल ऑफर है और इसे 11 अप्रैल को लॉन्च किया जाएगा. फोन में 6.5-इंच AMOLED प्राइमरी डिस्प्ले और 8-इंच फोल्डेबल AMOLED पैनल के साथ आने की उम्मीद है. ये क्वाड रियर कैमरा सेटअप और 4,600mAh की बैटरी के साथ आ सकता है. इस बीच, Weibo पर स्मार्टफोन की कीमत लीक हो गई है. वीवो X फोल्ड इमेज का पहला सेट MySmartPrice से आता है जिसने इमेज को ऑनलाइन शेयर करने के लिए टिप्सटर इशान अग्रवाल के साथ कोलैबेरेट किया.

रिपोर्ट के मुताबिक, वीवो एक्स फोल्ड को ब्लू और ग्रे कलर ऑप्शन में लॉन्च किया जाएगा. जहां तक ​​स्पेसिफिकेशंस की बात है, MySmartPrice ने अग्रवाल का हवाला देते हुए कहा कि वीवो फोन की आउटर स्क्रीन 6.53-इंच का होगा और इसका अस्पेक्ट रेशियो 21:9 होगा. उनका ये भी कहना है कि फोल्डेबल AMOLED डिस्प्ले का साइज़ 8.03-इंच है और इसका अस्पेक्ट रेशियो 4:3.5 है.

उनका ये भी कहना है कि फोल्डेबल AMOLED डिस्प्ले का साइज़ 8.03-इंच है और इसका अस्पेक्ट रेशियो 4:3.5 है. वीवो X फोल्ड को क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 8 जेन 1 SoC दिया जाएगा, जिसे 256GB UFS 3.1 स्टोरेज के साथ 12GB रैम के साथ पेश किया जा सकता है.

फोन में 66W वायर्ड फास्ट चार्जिंग और 50W वायरलेस चार्जिंग के सपोर्ट के साथ 4,600mAh की बैटरी दी जा सकती है.

कैमरे के तौर पर वीवो X फोल्ड फोल्डेबल स्मार्टफोन में क्वाड-कैमरा सिस्टम के साथ एक सर्कुलर कैमरा मॉड्यूल दिया जा सकता है. कैमरे में f/1.75 लेंस के साथ 50-मेगापिक्सल का प्राइमेरी सेंसर, 48-मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड कैमरा, 12-मेगापिक्सल का पोर्ट्रेट कैमरा और 5X ऑप्टिकल जूम के साथ 8-मेगापिक्सल का पेरिस्कोप कैमरा और 60x तक डिजिटल जूम हो सकता है.

सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए, फोन में 16-मेगापिक्सल का फ्रंट शूटर होने की बात कही गई है. दोनों स्क्रीन को इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर के साथ आने के लिए तैयार किया गया है.

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जानें कितनी होगी कीमत!
वीबो का हवाला देते हुए, मुकुल शर्मा ने उन वेरिएंट की कीमतों के बारे में भी जानकारी शेयर की है जो वीवो एक्स फोल्ड पेश करने वाला है. शर्मा ने फोटो के साथ फुल स्पेसिफिकेशंस को भी शेयर किया है. कहा जा रहा है कि वीवो एक्स फोल्ड स्मार्टफोन के बेस वेरिएंट की कीमत CNY 11,999 (लगभग 1,43,100 रुपये) से शुरू होता है, और टॉप वेरिएंट को CNY ​​12,999 (लगभग 1,55,000 रुपये) में उपलब्ध कराया जा सकता है.

 

भारत-पाकिस्तान सीमा पर पहुंचे अमित शाह, कहा- देश को बीएसएफ पर गर्व

 डिजिटल डेस्क : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुजरात दौरे पर हैं. यहां उन्होंने रविवार को नबाबेट में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दर्शनीय स्थल (व्यूप्वाइंट) के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया. इस अवसर पर शाह ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि हर बार जब-जब देश में आपदा आई तब बीएसएफ ने वीरता दिखाने में कोई कमी नहीं छोड़ी. यहां आकर बच्चों के मन में भी देशभक्ति की भावना जग जाती है. यहां पर्यटन को भी बढ़ावा देने के लिए क़दम उठाए जा रहे हैं.

रविवार को गृह मंत्री अमित शाह ने बनासकांठा ज़िले के नडाबेट में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बॉर्डर व्यूइंग पॉइंट का उद्घाटन किया. यहां उन्होंने कहा कि मैं बीएसएफ के जवानों से कहना चाहता हूं कि यदि देश सुरक्षित है तो वो आपकी वजह से. आप अपने घर से हजारों किलोमीटर दूर यहां सीमा की सुरक्षा करते हैं. देश यदि प्रगति कर रहा है तो वो आपकी वजह से ही संभव है. आप इस चिलचिलाती रेगिस्तान में खड़े हैं और देश की रखवाली कर रहे हैं.

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देश को आप पर गर्व

अमित शाह ने बनासकांठा ज़िले के नडाबेट में कहा कि देश के सामने जब भी कोई भी संकट आती है तो बीएसएफ अपनी वीरता दिखाने से कभी पीछे नहीं हटती है. बीएसएफ एक महावीर चक्र, 4 कीर्ति चक्र, 13 वीर चक्र, 13 शौर्य चक्र और असंख्य बलिदानों की अमर गाथा लेकर आगे बढ़ रही है. देश को आप पर गर्व है.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को लेकर ये है ताज़ा अपडेट, पीएम मोदी ने किया ट्वीट

डिजिटल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का किसानों पर खास ध्‍यान है. उन्होंने रविवार को कहा कि देश का किसान जितना सशक्त होगा, नया भारत उतना ही समृद्ध नजर आएगा. पीएम मोदी ने कहा कि ‘‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि” और कृषि क्षेत्र से जुड़ी अन्य योजनाएं देश के करोड़ों किसानों को ताकत दे रही हैं. प्रधानमंत्री ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि हमारे किसान भाई-बहनों पर देश को गर्व है. ये जितना सशक्त होंगे, नया भारत भी उतना ही समृद्ध होगा. मुझे खुशी है कि पीएम किसान सम्मान निधि और कृषि से जुड़ी अन्य योजनाएं देश के करोड़ों किसानों को नई ताकत देने का काम कर रही हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट के साथ कुछ आंकड़े भी साझा करने का काम किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 11.3 करोड़ किसानों के खाते में 1.82 लाख करोड़ रुपये सीधे हस्तांतरित किये गये हैं. इस बीच आपको बता दें ई-केवाईसी (E-KYC) की प्रक्रिया अब 22 मई, 2022 तक किसान पूरी कर सकते हैं. आपको बता दें कि इससे पहले अंतिम तिथि 31 मार्च, 2022 थी.

ई-केवाईसी (E-KYC) जल्‍दी कराएं किसान

पीएम किसान योजना की 11 किस्त का इंतजार कर रहे लोगों को ध्‍यान देने की जरूरत है. यदि वे इस योजना का लाभ लगातार पाना चाहते हैं तो पहले आपको कुछ जरूरी काम जितनी जल्दी हो सके निपटा लेना चाहिए. सबसे अहम है ई-केवाईसी (E-KYC) प्रक्रिया जो यदि आपने नहीं करवाया तो जल्‍दी करवा लें. ई-केवाईसी (E-KYC) प्रक्रिया को लेकर अच्‍छी बात ये है कि किसानों को राहत देते हुए ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करने की अंतिम तिथि को सरकार ने बढ़ाने का काम किया है. यहां चर्चा कर दें कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत लगभग 12.53 करोड़ किसान रजिस्टर्ड हैं. यदि आपने ई-केवाईसी (E-KYC) नहीं करवाया तो आपकी अगली किस्त लटक सकती है. आइए आपको आज हम इसकी प्रक्रयिा बताते हैं.

पूरी प्रक्रयिा

-सबसे पहले आप अपने मोबाइल फोन के ब्राउजर जैसे क्रोम के आइकान पर टैप करें और वहां pmkisan.gov.in टाइप करने का काम करें.

-अब आपको पीएम किसान पोर्टल का होमपेज नजर आयेगा. इसके नीचे जाएं और यहां आपको e-KYC लिखा नजर आएगा.

-इसको टैप करें और आप अपना आधार नंबर डालकर सर्च बटन पर टैप करने का काम करें.

-अब इसमें AADHAAR से लिंक मोबाइल नंबर डालने का काम करें. इसके बाद आपके मोबाइल नंबर पर 4 अंकों का ओटीपी भेजा जाएगा. इसे दिए गए बाक्स में सही से टाइप करें.

-इसके बाद एक बार फिर आपसे आधार आथंटिकेशन के लिए बटन को टैप करने को कहा जाएगा. ऐसा करने के बाद अब 6 अंकों का एक और ओटीपी आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आएगा. इसे भरें और सबमिट करने का काम करें.

-यदि सबकुछ ठीक रहा तो eKYC पूरी हो जाएगी वरना Invalid लिखा आपको नजर आएगा. अगर ऐसा हुआ तो आपकी किस्त लटक सकती है. आप आधार सेवा केंद्र जाएं और इसे ठीक करा लें.

-यदि आपका eKYC पहले से ही पूरा हो चुका है तो eKYC is already done का मैसेज नजर आएगा.

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यहां चर्चा कर दें कि

पीएम किसान योजना के तहत हर वित्त वर्ष में मोदी सरकार किसानों को 6000 रुपये देती है जो उनके खाते में 2000-2000 की तीन किस्तों में भेजा जाता है. इसके तहत हर साल की पहली किस्त एक अप्रैल से 31 जुलाई तक आती है. वहीं दूसरी किस्त एक अगस्त से 30 नवंबर और तीसरी किस्त एक दिसंबर से 31 मार्च के बीच किसानों के खाते में भेजी जाती है.

 

महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर विवाद, शिवसेना भवन के सामने मनसे ने बजाई हनुमान चालीसा

मुंबई: महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकरों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ता रविवार को रामनवमी पर हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए लाउडस्पीकर के साथ मुंबई में शिवसेना भवन के बाहर पहुंचे। उनके पास रामनवमी के पोस्टर भी थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने इसे बंद कर दिया। कार को जब्त कर लिया गया। इसके बाद शिवसेना भवन के बाहर पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई.

इससे पहले, मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने 2 अप्रैल को शिवाजी पार्क में एक जनसभा में चेतावनी दी थी कि अगर मस्जिदों में लाउडस्पीकर कम नहीं किए गए और हटा दिए गए तो उनकी पार्टी के कार्यकर्ता मस्जिदों के सामने हनुमान चालीसा बजाएंगे। राज ठाकरे ने कहा था कि मैं नमाज के खिलाफ नहीं हूं लेकिन सरकार को मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के लिए कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा था कि मैं किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं हूं। मुझे अपने धर्म पर गर्व है। हिंदुत्व की बात करता रहूंगा। मैं इसके बारे में चेतावनी दे रहा हूं।

अगले दिन 3 अप्रैल को

मुंबई के घाटकोपर इलाके में मनसे कार्यालय के बाहर राज ठाकरे के कार्यकर्ताओं द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ किया गया. इसके बाद नासिक में मनसे कार्यकर्ताओं ने भी इसी तरह हनुमान चालीसा का पाठ किया। मुंबई पुलिस ने घाटकोपर मामले में मनसे नेता महेंद्र भानुशाली पर 5000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था और नोटिस जारी कर दोबारा ऐसा नहीं करने की चेतावनी दी थी.

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इसको लेकर महाराष्ट्र सरकार में गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने भी मनसे कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार ने भी लाउडस्पीकर विवाद के लिए राज ठाकरे की आलोचना की है। शिवसेना नेता संजय राउत ने भी कहा था कि महाराष्ट्र में कानून का राज चलेगा. इनके अलावा एनसीपी प्रमुख शरद पवार, सुप्रिया सुले, कांग्रेस के नाना पटोले, अशोक चव्हाण आदि ने भी राज ठाकरे की निंदा करने वाले बयान दिए हैं.

नगर निगम करेगा रडार टेक्नोलॉजी का प्रयोग, शुरू हुई मैपिंग

 डिजिटल डेस्क : अब कानपुर की सड़कों की मनमानी खोदाई नहीं होने पाएगी। खोदाई से पहले रडार तकनीक से तैयार की गई रोड के नीचे की पाइप लाइनों की मैपिंग रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इससे पाइप लाइनें भी नहीं फटेंगी और खोदाई के दौरान केबिल भी नहीं कटेंगी। इसके लिए पहली बार नगर निगम रडार टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगा। अंडरग्राउंड सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है।

इस टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि नगर निगम कहीं भी सड़क की खोदाई की अनुमति देगा तो संबंधित विभाग, कंपनी, संस्था या ठेकेदार को अंडरग्राउंड मैपिंग की रिपोर्ट भी सौंपेगा। इससे खोदाई करने वालों को यह पता रहेगा कि वहां जमीन के नीचे कितनी-कितनी दूरी पर कौन-कौन सी पाइप लाइनें या केबिल गुजर रही है। रोड कटिंग से पहले ही सतर्कता बरती जाएगी और मैप के आधार पर खोदाई हो सकेगी। जाहिर है खोदाई से अन्य पाइप लाइनें प्रभावित नहीं होंगी। केबिल कटने या पाइप लाइनें डैमेज होने का खतरा नहीं होगा।

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1.5 करोड़ रुपये का बजट

यह अंडरग्राउंड मैपिंग रडार टेक्नोलॉजी के सॉफ्टवेयर से कनेक्ट रहेगी। खोदाई करते वक्त भी देखा जा सकेगा कि अब कितनी दूर पाइप रह गई है। स्मार्ट सिटी के बजट से इस पर 1.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बताते चलें कि अभी तक शहर में मनमाने तरीके से रोड कटिंग होती रही है। खोदाई होते ही तमाम पाइप लाइनें कट जाती हैं और शहरवासियों को दिक्कत झेलनी पड़ती है।

नगर आयुक्त शिव शरणप्पा जीएन ने बताया कि रडार टेक्नोलॉजी की शहर को जरूरत थी। रोड कटिंग में पाइप ध्वस्त हो रहीं थीं। इसलिए इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। अंडरग्राउंड मैपिंग की रिपोर्ट आसानी से सौंपी जा सकेगी। इससे पाइपों में लीकेज नहीं होंगे। लीकेज बनाने में लाखों रुपए खर्च और पानी की बचत भी होगी।

गोरखपुर पुलिस ने सपा नेता को भेजा जेल, जानिए क्या है मामला ..

गोरखपुर: चौरी-चौरा उपद्रव मामले में गोरखपुर पुलिस ने फरार 3 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले 13 बदमाशों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ऐसे में अब कुल 16 नामजद बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है. एसपी नॉर्थ मनोज अवस्थी ने फरार बदमाशों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है. वहीं, पुलिस की गिरफ्तारी के डर से सपा नेता मनोरंजन यादव ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. जहां से सपा नेता मनोरंजन यादव को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. बता दें कि मनोरंजन यादव, नरसिंह यादव और अरविंद यादव की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार के इनाम की घोषणा की गई थी. 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा ने चौरीचौरा से मनुजन को अपना उम्मीदवार बनाया था।

गौरतलब है कि 25 मार्च को चौरीचौरा थाना क्षेत्र के भोपा बाजार में सिपाही को शहीद का दर्जा देने को लेकर बदमाशों ने हंगामा किया था. इस दौरान पुलिस और प्रशासन के वाहनों को तोड़ने के साथ ही उन पर पथराव भी किया गया. जिस पर पुलिस ने सपा नेता मनोरंजन यादव समेत 56 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था. वहीं, सपा नेता समेत 3 बदमाशों पर 25 हजार के इनाम का ऐलान किया। घटना में शामिल 13 आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाल चुकी है. शेष 3 अन्य आरोपियों को आज गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

Read More : इटावा में पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल,  काली वाहन मंदिर के सेवक के शव को दिया कंधा 

पुलिस अधीक्षक उत्तर मनोज अवस्थी ने बताया है कि चौरी चौरा उपद्रव मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस बाकी आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी हुई है। एसपी ने कहा है कि फरार आरोपियों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी की जाएगी. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से दंगाइयों की पहचान कर ली है। पुलिस को मौके के आसपास से कई कैमरों की फुटेज मिली है, जिससे पुलिस बदमाशों की पहचान तेज कर जांच में नाम बढ़ाने के लिए सबूत जुटा रही है.

इटावा पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल, मंदिर के सेवक के शव को दिया कंधा 

इटावा: उत्तर प्रदेश की इटावा पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए ऐतिहासिक कालीवाहन मंदिर में एक बुजुर्ग सेवादार के शव को कंधा दिया. इटावा पुलिस ने इस सराहनीय कार्य का एक वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है, जिसे देखकर लोग शहर कोतवाल टीपी वर्मा और टिक्सी मंदिर चौकी प्रभारी इमरान फरीद की तारीफ कर रहे हैं.

दरअसल, काली वाहन मंदिर परिसर में कई वर्षों से मंदिर की सेवा कर रहे बुजुर्ग की अचानक मौत हो गई, जिसकी सूचना मिलने पर थाना प्रभारी त्रिभुवन प्रसाद वर्मा और उपनिरीक्षक इमरान फरीद भी जांच के लिए वहां पहुंचे. . बुजुर्ग की पहचान नौरंगाबाद के एसडी फील्ड में रहने वाले रामस्वरूप कठेरिया के पुत्र प्रमोद उर्फ ​​पप्पू के रूप में हुई है। परिजनों की जानकारी मिलने पर पता चला कि उसका कोई बेटा-बेटी नहीं है।यह जानकारी सामने आते ही कोतवाली प्रभारी टीपी वर्मा ने शव के लिए विधिवत उपयोग का सामान मंगवाया और नगर परिषद से शव मंगवाने के बाद कोतवाल व टीटी चौकी प्रभारी इमरान फरीद ने शव को कंधा दिया. मृतक के एसडी क्षेत्र। चला गया और उसका शव उसके भतीजे अरविंद को सौंप दिया, जो वहां मौजूद था।

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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक का भाई पेशे से इंजीनियर है, जो नोएडा में रहता है. मृतक के परिजनों ने कोतवाल टीपी वर्मा का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया और इटावा पुलिस की तारीफ की. वहीं थाना कोतवाली द्वारा किए गए इस पवित्र कार्य की लोग सराहना भी कर रहे हैं.

बसपा सुप्रीमो मायावती और कांग्रेस नेता राहुल गाँधी के बीच ज़ुबानी जंग जारी

 डिजिटल डेस्क : कांग्रेस नेता राहुल गांधी और बसपा सुप्रीमो मायावती के बीच जुबानी जंग तेज हो गयी है. शनिवार को राहुल गांधी ने मायावती को लेकर कहा था कि उन्होंने यूपी में विधानसभा चुनाव लड़ा ही नहीं और ना ही दलितों की लड़ाई लड़ रही हैं. इस पर बसपा सुप्रीमो ने कांग्रेस नेता पर जमकर पलटवार किया है. मायावती ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से घिनौने हाथकंडे अपना रही है.

बता दें कि वायनाड सांसद राहुल गांधी ने विधानसभा चुनाव को लेकर बीएसपी सुप्रीमो मायावती पर कई सवालिया निशान खड़े किए थे, जिसके जवाब में अब मायावती प्रेस कॉफ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी के बयान में जातिवादी मानसिकता है. कांग्रेस ने दलितों के लिए कुछ नहीं किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की दलितों के विकास के लिए कभी कुछ नहीं किया बस बड़े बड़े वादे करती रही.

मायावती ने कहा कि उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दूसरी पार्टियों की चिंता करने की बजाय अपनी चिंता करनी चाहिए. उन्होंने कांग्रेस नेता पर हमला करते हुए यहां तक कह दिया कि उन्होंने कहा कि कांग्रेस का हाल अभी खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे जैसा हो गया है.

Read More :  प्रदेश में सीवर की मैनुअल सफाई पर रोक

बता दें कि शनिवार को कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में एक किताब के विमोचन के दौरान कहा था कि, ‘मायावती ने चुनाव ही नहीं लड़ा. हमने मायावती को संदेश दिया कि गठबंधन कीजिए और मुख्यमंत्री बनिए. उन्होंने बात तक नहीं की. जिन लोगों ने अपना खून, पसीना देकर उत्तर प्रदेश में दलितों की आवाज को जगाया. आज मायावती कहती हैं कि मैं उस आवाज़ के लिए नहीं लडूंगी.’

 

सीवर की मैनुअल सफाई पर रोक, सफाई के दौरान सफाईकर्मियों की मौत

लखनऊ : 30 मार्च को लखनऊ के सआदतगंज में मैनहोल की सफाई के दौरान दम घुटने से तीन सफाईकर्मियों की मौत हो गई. ऐसा ही एक वाकया रायबरेली के मनिका रोड स्थित अमृत योजना में सीवर सफाई का काम कर रहे मजदूरों के साथ हुआ, जिसमें दो सफाई कर्मचारियों की मौत हो गई. इन हादसों के बाद जगी राज्य सरकार ने सभी निकायों और नगर पालिकाओं में सीवरों की मैनुअल सफाई पर रोक लगा दी है। इस संबंध में शासन स्तर से सभी जिलाधिकारियों, नगर आयुक्तों और एमडी जल निगम को निर्देश दे दिए गए हैं कि प्रदेश में किसी भी कर्मचारी को सीवर की सफाई के लिए सीवर में न फेंके.

उल्लेखनीय है कि मैनुअल स्कैवेंजिंग एक्ट 2013 के तहत देश में किसी भी व्यक्ति को सीवर की सफाई के लिए सीवर में ले जाना पूरी तरह से अवैध है। लेकिन दुख की बात यह है कि यह आदेश सिर्फ कागजों पर है। सीवर सफाई के दौरान मरने वालों में यूपी पहले नंबर पर है। पिछले तीन साल में 55 सफाई कर्मचारियों की मौत हुई है। पिछले दस सालों की बात करें तो सीवर की सफाई के दौरान अब तक 635 ​​लोगों की मौत हो चुकी है.

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के एक संगठन राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के आंकड़ों के मुताबिक साल 2019 में सीवर की सफाई के दौरान 110 लोगों की मौत हुई, जबकि 2018 में 68 और 2017 में 193 लोगों की मौत हुई. आंकड़ों के मुताबिक, यूपी में तीन साल में सबसे ज्यादा मौतें, 2019 में सबसे ज्यादा मौतें सीवर सफाई के दौरान हुईं।

कानून क्या कहता है?

ऐसा नहीं है कि सरकार बिल्कुल असंवेदनशील है, सरकार ने सफाई कर्मियों के लिए विशेष परिस्थितियों में सीवर की सफाई के लिए कानून बनाया है, कानून कहता है कि सीवर में प्रवेश करने वाले कर्मचारी का 10 लाख का बीमा होना चाहिए। कर्मचारी से कार्य की लिखित स्वीकृति आवश्यक है। सफाई से 2 घंटे पहले सीवर का ढक्कन खोल देना चाहिए ताकि जहरीली गैस निकल सके। ऑक्सीजन सिलेंडर, मास्क, जीवन रक्षक उपकरण के साथ कर्मचारी को सीवर में उतारना चाहिए, वह भी किसी प्रशिक्षित पर्यवेक्षक की देखरेख में। लेकिन दुख की बात यह है कि इन सब बातों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और कानून का पालन ठीक से नहीं हो रहा है, जिसका खामियाजा एक सफाई कर्मचारी की मौत का भुगतना पड़ रहा है.

इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह सामने आई है कि ज्यादातर नगर निगमों में सफाई का काम निजी कंपनियों को आउटसोर्स किया जा रहा है. निजी कंपनियां पैसा कमाने के लिए सफाई कर्मचारियों को समय पर भुगतान भी नहीं करती हैं और सभी नियमों और विनियमों की धज्जियां उड़ाती हैं। योगी 2.0 में शहरी विकास मंत्री एके शर्मा ने सफाई कर्मचारी की मौत के बाद इस मामले पर सख्ती की है, साथ ही हर अधिकारी को निर्देश दिया है कि वह अपने-अपने इलाकों में साफ-सफाई पर ध्यान दें, जहां वे रहते हैं और कोशिश करते हैं. इसे सुबह अपने सामने करें। इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा।

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सफाई के दौरान हादसे

2019 में उत्तर प्रदेश में तीन बड़े हादसे हुए, 22 अगस्त 2019 को गाजियाबाद में सीवर की सफाई के लिए उतरे पांच मजदूरों की जहरीली गैस के कारण दम घुटने से मौत हो गई. 1 मार्च 2019 को वाराणसी में ठेके पर काम कर रहे दो सफाई कर्मचारियों की सीवर सफाई के दौरान मौत हो गई। इसी तरह 19 जून 2019 को कानपुर में तीन सफाई कर्मचारी जहरीली गैस से सीवर में बेहोश हो गए, जिसके बाद वे तेज धारा में डूब गए, उनके शव कई किलोमीटर दूर मैनहोल के अंदर से मिले. ये सभी घटनाएं किसी भी सभ्य समाज को झकझोर देने के लिए काफी हैं, योगी सरकार का नया आदेश शायद इसी का नतीजा है…

क्या गिरफ्तार होंगे इमरान खान? करीबी दोस्तों के खिलाफ कार्रवाई शुरू

डिजिटल डेस्क : पाकिस्तान से इमरान खान की सरकार जाने के साथ ही तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री की भी गिरफ्तारी की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमरान के करीबी दोस्तों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। देर रात जैसे ही इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हुआ, उनके प्रवक्ता डॉक्टर अरसलान खालिद के घर छापेमारी की खबर आई. इतना ही नहीं उनके परिवार के सभी सदस्यों के फोन भी छीन लिए गए हैं।

दरअसल, इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। छापेमारी की खबर जैसे ही अरसलान खालिद के घर पहुंची, लोग बात करने लगे। पीटीआई ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट किया कि सबसे परेशान करने वाली खबर डॉक्टर अर्सलान खालिद मो के घर पर छापेमारी थी। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने परिवार के सभी फोन अपने परिवार से ले लिए।

इस तरह गिर गई इमरान खान की सरकार!

आपको बता दें कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में शनिवार की आधी रात के बाद हुए अविश्वास प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री इमरान खान को हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद इमरान खान अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाए जाने वाले देश के इतिहास में पहले प्रधानमंत्री बने। 69 वर्षीय इमरान खान मतदान के दौरान निचले सदन में मौजूद नहीं थे और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के सांसदों ने भी बहिर्गमन किया।

Read More : सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से की जन आरोग्य मेला की शुरुआत

यहां यह उल्लेख किया जा सकता है कि संयुक्त विपक्ष ने पहले घोषणा की थी कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के अध्यक्ष शाहबाज शरीफ उनके संयुक्त उम्मीदवार होंगे। ऐसे में रविवार को शाहजाब शरीफ देश के नए प्रधानमंत्री चुने जा सकते हैं. शाहबाज ने वादा किया कि नई सरकार बदले की राजनीति नहीं करेगी। विश्वास मत की घोषणा के बाद शाहबाज ने कहा कि वह अतीत की कड़वाहट में वापस नहीं जाना चाहते। हमें इसे भूलकर आगे बढ़ना होगा। हम कोई बदला या अन्याय नहीं करेंगे। हम किसी को अकारण जेल नहीं भेजेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से की जन आरोग्य मेला की शुरुआत

 डिजिटल डेस्क : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने तीन दिवसीय दौरे पर गोरखपुर में हैं. आज रामनवमी के दिन मुख्यमंत्री के दौरे का तीसरा दिन है. ऐसे में सीएम ने यहां कन्या पूजन किया. इस क्रम में मुख्यमंत्री ने 10 बजे जंगल कौड़िया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आरोग्य मेले का शुभारंभ किया. यह मेला शाम 4 बजे तक चलेगा. जन आरोग्य मेला का शुभारंभ होने से एक ही स्थान पर लोगों को डॉक्टर, डायग्नोस्टिक एवं दवाई की सुविधा मिल जाएगी.

दरअसल, कोरोना महामारी के कारण जनवरी माह से आरोग्य मेला स्थगित कर दिया गया था, सभी नागरिकों को स्वास्थ्य की सुविधा उनके घर के पास आसानी से उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 अप्रैल सन 2020 को प्रदेश में आरोग्य मेले का शुभारंभ किया था. इस मेले के शुभारंभ से आम जनता एक ही स्थान पर निशुल्क चिकित्सीय परामर्श जांच व दवाओं को प्राप्त कर सकते हैं.

आरोग्य मेला निशुल्क होने के कारण यह व्यवस्था नागरिकों में काफी लोकप्रिय है. इस मेले में चिकित्सा शिक्षा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग एवं आयुष विभाग की सेवाएं दी जाएंगी. प्रदेश के तकरीबन 35 सौ स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे आरोग्य मेला में 93 लाख 46 हजार 361 रोगियों को प्रशिक्षण कर परामर्श दिया जा चुका है. आरोग्य मेले के दौरान 850722 गोल्डन कार्ड भी बनाए जा चुके हैं

मिलेगी ट्रिपल डी की सुविधा

आरोग्य मेला के पुन प्रारंभ होने से एक ही स्थान पर ही आम जनता को ट्रिपल डी यानी डॉक्टर, ड्रग्स और डायग्नोस्टिक (चिकित्सक, दवा व जांच) की मुफ्त सुविधा मिल सकेगी. यह मेला प्रदेश में प्रत्येक रविवार को आयोजित होगा, जिसमें मरीजों को एक ही जगह विभिन्न विधाओं के विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श, जांच व दवाओं की मुफ्त सुविधा मिलेगी. प्रदेश के करीब 3,500 केंद्रों पर अब तक लग चुके आरोग्य मेलों में 93 लाख 43 हजार 361 मरीज देखे गए हैं. इनमें से एक लाख 47 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया.

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