Sunday, April 19, 2026
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खुद प्यासी है पानी की टंकी ग्रामीणों मे मचा हाहाकार

बहराइच अशोक सोनी : कहावत कही गई है रहिमन पानी रेखीय बिन पानी सब सून इस कहावत को उस समय चरितार्थ होते देखा गया जब पिछड़े जा नपड बहराइच के अति पिछड़े तहसील कैसरगंज की ग्राम बदरौली के क्षेत्र पिपराहा पुरवा मे कई वर्ष पहले निर्मित हुई पानी की टंकी खुद अभी प्यासी है का नजारा सामने आया।इस संबंध में AVP ने वहां का जायजा लिया तो मार्केट बदरौली, तथा पिपरा पुरवा के ग्रामीणों ने बताया की ऑपरेटर प्रताप बहादुर उर्फ अमरेश बर्मा के द्वारा अपने ही खेत में रातों-रात टंकी से से ही खेतों में पानी भरा जाता है

जबकि सरकार द्वारा  टंकी लगभग 4 वर्ष के आस पास निर्माण कराया गया था उसके बावजूद ना तो ग्रामीण को ऑपरेटर द्वारा सुविधा दी जाती है न ही बाजार के लोगों को सुविधा प्रदान की जाती है बदरौली बाजार के लोगों ने बताया कि हम लोग अपने ही हैंडपंप से पानी निकाल कर हलक को तर करते है।जबकि इस क्षेत्र में दूर दराज के लोग अपनी दैनिक उपयोगी वस्तुएं खरीदने के लिए आते हैं तथा आर्यावर्त बैंक भी उपलब्ध है फिर भी लोग स्वच्छ  पीने के लिए तरस रहे हैं अब देखना यह है कि योगी सरकार विभागीय लोगो पर कितना कार्यवाही करती है।या लोग बून्द बून्द पापानि के लिए यू ही तरसते रहेगे एक बड़ा सवाल है।

प्यास बुझाने के लिए कुएं को बनाया पानी निकालने का हब

बीडीसी सदस्य कुलदीप सिंह चंदेल ने बताया कि गांव के बीच बीडीसी सदस्य राममिलन के दरवाजे पर कुआं है जिसे पानी निकालने का हब ग्रामीणों ने मजबूरी में बनाया है। कुएं में एक दर्जन से अधिक समरसेबलि पंप लगाकर लोगों ने पानी निकालना शुरू किया है। इससे गरीब लोग नहीं भर पा रहे है। गांव के अनिल, प्रहलाद व बउआ ने बताया कि पानी के संकट को लेकर सदर विधायक डाँ. मनोज प्रजापति से शिकायत की गई है। जिस पर विधायक ने की समस्या से निजात दिलाने का भरोसा दिया है।

सदर विधायक ने सोशल मीडिया में कुएं की फोटो की वायरल

ग्रामीणों ने बताया कि हमीरपुर सदर के विधायक डाँ.मनोज प्रजापति ने गांव की फोटो सोशल मीडिया में पोस्ट कर पानी की समस्या की भयावह स्थिति का जिक्र किया है। बता दे कि घर-घर स्वच्छ जल पहुंचाने के लिए सरकार, नमामि गंगे परियोजना का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनवा रही है। फिर भी लोग एक बाल्टी पानी के लिए परेशान है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अरविन्द निषाद का कहना है कि ओवर हेड टैंक से पूरे गांव में जलापूर्ति नहीं हो पाती है जिससे गांव के कई मुहल्ले के लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं।

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दुष्कर्म के आरोपी को पॉक्सो कोर्ट डूंगरपुर ने किया दंडित

डूंगरपुर -सादिक़ अली : दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल का कठोर कारावास और 60 हज़ार के जुर्माने से पॉक्सो कोर्ट डूंगरपुर ने दंडित किया ! पॉक्सो कोर्ट डूंगरपुर के विशिष्ट लोक अभियोजक योगेश जोशी ने बताया की पॉक्सो कोर्ट डूंगरपुर ने बताया कि 2020 में पहले कोतवाली थाने में रिश्तेदारों की मिली भगत से एक पीड़िता के साथ हुए दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था।

करीब 2 साल बाद उक्त मामले पर सुनवाई करते हुए पॉक्सो कोर्ट डूंगरपुर ने दोवड़ा निवासी आरोपी राहुल पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने का दोषी पाए जाने पर 10 साल का कठोर कारावास और 60 हज़ार रुपये के जुर्माने से दण्डित किया।विशिष्ट लोक अभियोजक जोशी ने यह भी बताया कि उक्त मामले में पीड़िता पक्षध्रोहि होते हुए अपने बयान से मुकर गई,पीड़िता के माता पिता जे बयान जाँच रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर पॉक्सो कोर्ट ने राहुल को दोषी करार देते हुए सज़ा सुनाई !

9 महीने में दुष्कर्म के 6 मामलों में पीड़ित पक्ष बयानों से मुकरा

लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत पोक्सो काेर्ट काफी गंभीर नजर आ रहा है। अगस्त-सितंबर 2021 में काेर्ट की तरफ से की गई सुनवाई में तीन मामलों में पीड़िता व गवाह अपने बयान से मुकर गए। इस पर काेर्ट ने साक्ष्य के आधार पर सजा सुनाई थी। वहीं एक मामले में झूठे मुकदमे कर सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने पर परिवादी के खिलाफ पोक्सो एक्ट की धारा 22 एवं दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 344 के तहत कार्रवाई करने के आदेश दे दिए हैं।

8 सितंबर 2021 के मामले में पोक्सो काेर्ट ने कहा कि विधि के तहत 14 वर्ष की लड़की द्वारा यौन संसर्ग के लिए सहमति देना कानूनन अनुमत नहीं है। भले ही पीड़ित पक्षद्रोह घोषित हो गई हो। क्योंकि यह अपराध न केवल एक बालक के खिलाफ नहीं बल्कि समाज के खिलाफ है। जनजाति क्षेत्र में लोग निर्धन है और लोगों के बहकावे में आ जाते हैं। ऐसी स्थिति में पीड़िता के पक्षद्रोह होने का प्रचलन बढ़ता जा रहा है।

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अंतराज्यीय अवैध गांजा तस्करी गिरोह का हुआ पर्दाफाश

कुशीनगर : टिपू सुल्तान:  एक बार फिर कुशीनगर पुलिस एक अभियान के दौरान बड़ी कामयाबी मिली है। अपने अभियान को दौरान पुलिस ने अंतराज्यीय अवैध गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक आदद स्कॉर्पियो के साथ 51 किलो अवैध गांजा कुल कीमत 9 लाख बरामद व 2 अभियुक्त को गिरफ्तार किया है।

आपोक बतादें कि पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री धवल जयसवाल के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक रितेश कुमार सिंह के कुशल प्रर्वेक्षण व खड्डा क्षेत्राधिकारी संदीप कुमार वर्मा के नेतृत्व में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध अभियान चलाए जा रहे है। इस अभियान में थाना नेबुआ नौरंगिया पुलिस टीम द्वारा मुखबिर के सूचना पर चेकिंग के दौरान पिपरा बुजुर्ग थाना गेट के समीप सामने रोड पर सफेद स्कॉर्पियो नंबर O R – 07 डब्लू 9939 से 59 पैकेट कुल 51 किलो अवैध गांजा जो एक स्टेपनी का टायर फाड़ कर गाड़ी के सभी दरवाजों में छिपा कर रखा गया था इसको बरामद कर 2 नफर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है।पूछताछ के दौरान अभियुक्त गणों ने बताया कि उक्त गांजा उड़ीसा से लाया जा रहा था इसके पहले भी कई बार गाजा लाया गया है।

34 किलो से अधिक गांजा बरामद

पुलिस ने प्रभारी निरीक्षक भरतकूप ने 04 अन्तर्राज्यीय गांजा तस्करों को 34 किलो 165 ग्राम अवेध गांजे के साथ गिरफ्तार जेल भेजा है। एसपी अतुल शर्मा (SP Atul Sharma) के निर्देशन में मादक पदार्थों की तस्करी एवं बिक्री की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान में प्रभारी निरीक्षक भरतकूप (In-charge Inspector Bharatkup) ने 04 अंतराज्यीय गांजा तस्करों को 34 किलो 165 ग्राम अवेध गांजे के साथ गिरफ्तार जेल भेजा है.

पुलिस ने 4 आरोपी गिरफ्तार

रविवार को सुबह मुखबिर की सूचना पर सीओ सिटी शैलेन्द्र कुमार सिंह (CO City Shailendra Kumar Singh) भरतकूप थाना अध्यक्ष ने मुखविर की सूचना पर भरतकूप बस स्टैंड से 04 अभियुक्तों को 01-01 बैग के साथ गिरफ्तार किया गया। बैगों को खोलकर देखा गया तो कुल 34 किलो 165 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ, जिसकी अन्तर्राष्ट्रीय कीमत लगभग 35 लाख रुपये है।

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धर्म संसद को लेतकर पुलिस के जवाब पर SC ने दिया यह आदेश

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस द्वारा दायर उस हलफनामे पर असंतोष व्यक्त किया है, जिसमें कहा गया था कि पिछले साल दिसंबर में दिल्ली धर्म संसद के दौरान कोई अभद्र भाषा नहीं दी गई थी। धर्म संसद में कथित हेट स्पीच मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस को बेहतर हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया.दरअसल, दिल्ली में 19 दिसंबर को हिंदू युवा वाहिनी द्वारा आयोजित धर्म संसद कार्यक्रम को लेकर पुलिस की ओर से दाखिल जवाब पर सुप्रीम कोर्ट ने सफाई मांगी है. पुलिस ने हाल ही में एक हलफनामा दायर कर कहा था कि वहां कोई अभद्र भाषा नहीं बोली गई। हिंदू समुदाय के हित की बात की गई। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने हैरानी जताते हुए पूछा कि यह सब इंस्पेक्टर रैंक के जांच अधिकारी का है या डीसीपी का।

इसके बाद दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए एएसजी यानी एडिशनल सॉलिसिटर जनरल नटराज ने कहा कि हम इस पर दोबारा गौर करेंगे और नया हलफनामा दाखिल करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से एक नया बेहतर हलफनामा दाखिल करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए दो हफ्ते का समय दिया और इस मामले में अगली सुनवाई 9 मई को होगी.

दिल्ली पुलिस ने अपने हलफनामे में क्या कहा?

दरअसल, इसी महीने 14 अप्रैल को दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा था कि दिल्ली धर्म संसद में मुसलमानों के खिलाफ भड़काने की बात नहीं है. अपनी जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि धर्मों की बारीकियों पर चर्चा की गई थी लेकिन किसी भी समुदाय के खिलाफ कोई अभद्र भाषा नहीं दी गई थी। दक्षिण पूर्वी दिल्ली की पुलिस उपायुक्त ईशा पांडे ने अपने हलफनामे में कहा कि दो व्यक्तियों, एसक्यूआर इलियास और फैसल अहमद ने कथित अभद्र भाषा की शिकायत दर्ज कराई थी। इन दोनों ने अपनी शिकायत में दावा किया था कि पिछले साल दिसंबर में गोविंदपुरी मेट्रो स्टेशन के पास बनारसीदास चांदीवाला सभागार में हिंदू युवा वाहिनी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में अभद्र भाषा के जरिए लोगों की भावनाओं को भड़काया गया था. इससे इलाके में दहशत फैल गई।

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इस शिकायत के बाद जब पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू की। पुलिस द्वारा धर्म संसद के वीडियो और अन्य सामग्रियों की गहन जांच में पाया गया कि किसी विशेष समुदाय के खिलाफ कोई अभद्र भाषा नहीं दी गई थी। इसलिए पुलिस ने सभी शिकायतों की जांच पूरी की और उन्हें निराधार पाया। इस वजह से आगे की कार्रवाई रोक दी गई है।

लखनऊ के डायग्नोस्टिक सेंटर में लगी भीषण आग

लखनऊ : लखनऊ के गोमतीनगर में शुक्रवार को एक डायग्नोस्टिक सेंटर में भीषण आग लग गई। सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंची। बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया जा सका। इस हादसे में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड समेत कई अन्य मशीनें जल गई है। करीब 50 लाख के नुकसान का अनुमान है। आग लगने के सही कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

गोमतीनगर के विपुलखण्ड में SRL डायग्नोस्टिक सेंटर है। यहां सुबह करीब 10 बजे अचानक से आग लग गई। लोगों ने फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंची। अंदर जाकर देखा तो आग बेसमेंट में लगी थी। आने-जाने के लिए सिर्फ एक ही रास्ता था। गेट पर लगे दरवाजे को भी आग ने चपेट में ले रखा था।

विधुत पैनल में अचानक आग लग गई

बताते हैं कि बुधवार को पैथोलॉजी में जाने वाले सीढ़ी के पास लगे विधुत पैनल में अचानक आग लग गई। आग लगने से पूरे जीनेसहित पैथोलॉजी के अंदर धुआं भर गया। इस घटना से पैथोलॉजी के अंदर मौजूद कर्मचारी सहम गए और चीख पुकार मचाने लगे। बाद में डरे सहमे कर्मचारियों को स्कूली बच्चों ने कांप्लेक्स में पीछे की तरफ दीवार से सीढ़ी लगाकर खिड़कियों के रास्ते बाहर निकाला।

उधर घटना की सूचना पाकर सरोजनीनगर फायर स्टेशन से पहुंची दो दमकल गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया।फायर स्टेशन कर्मियों का कहना है कि इस घटना मेंकोई भारी नुकसान नहीं,बल्कि करीब 10 हजार रुपये कीमत के विधुत पैनल और कुछ अन्य सामान का नुकसान हुआ है।

स्कूली बच्चों की वजह से बची कर्मचरियों की जान

स्थानीय लोगों के मुताबिक आग की सूचना तेज़ी से इलाके में फ़ैल गई और पास में ही मौजूद स्कूल के बच्चों तक भी इसकी भनक लगी जिसके बाद डाइग्नोस्टिक सेंटर में फंसे लोगों को बचाने के लिए स्कूली बच्चों ने सीढ़ी का इस्तेमाल किया जिसके बाद कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला, इस बात को लेकर स्कूली बच्चों की काफी प्रशंसा स्थानीय लोगों ने की।

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छत्तीसगढ़ में दर्दनाक हादसा, कार में आग लगने से 3 बच्चों सहित 5 लोग जिंदा जले

राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने कहा कि राजनांदगांव जिले में एक दुर्घटना के बाद कार में लगी आग से एक परिवार के 3 बच्चों सहित पांच सदस्य जिंदा जल गए। मौके पर पुलिस पहुंच चुकी है और हादसे की वजहों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। हादसे की जो तस्वीरें आईं हैं वो विचलित कर देने वाली हैं।थाना ठेलकाडीह व एसडीओपी खैरागढ़ रात में घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे. राजनांदगांव के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय महादेवा ने बताया की पुलिस और फॉरेंसिक टीम घटना की जांच में लगी है. शवों को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है. फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की सही वजह पता चलेगी.

खैरागढ़ का था परिवार

खबर के मुताबिक मृतक परिवार खैरागढ़ का रहने वाला था। खबर के मुताबिक खैरागढ़ निवासी सुभाष कोचर की पत्नी अपनी बेटियों के साथ कार में बालोद से रात करीब 12 बजे खैरागढ़ लौट रहे थे। इसी दौरान रात लगभग दो बजे सिंगारपुर के गणेश मंदिर के पास पुलिया मे कार से उनका नियंत्रण हट गया जिसके बाद वह पुलिसया से टकराते हुए पलट गई और इसके बाद कार में भीषण आग लगी। इस दौरान कार में सवार सभी लोगों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जताया शोक

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजनांदगांव के सिंगारपुर के पास दुर्घटना के कारण पांच लोगों की मौत पर शोक जताया है. उन्होंने खैरागढ़ के कोचर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है. बता दें कि दिन में तेज धूप व लू के हालात के बाद बीती रात अचानक मौसम बदल गया. तेज अंधड़ के साथ ही गरज-चमक के साथ बारिश भी होने लगी. आशंका जताई जा रही है कि तेज अंधड़ के कारण ही हादसा हुआ होगा.

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 3 साल से फरार आरोपी को चौरासी पुलिस ने किया गिरफ्तार

डूंगरपुर : गुणवंत कलाल : चौरासी पुलिस ने थाने का टॉप 10 वह 3 साल से फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी भैमजी गरासिया ने बताया कि एसपी सुधीर जोशी, एडिशनल एसपी अनिल कुमार मीणा व उप अधीक्षक रामेश्वर लाल चौहान के निर्देशन में वांछित अपराधियों की धरपकड़ को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत चौरासी पुलिस ने भिंडा फला माता बुचिया निवासी दिनेश पुत्र शंकरलाल रोत को गिरफ्तार किया है । जो कि सीमलवाड़ा सिविल कोर्ट में प्रकरण में 13 अगस्त 2019 से फरार चल रहा था।

आरोपी को गिरफ्तार करने को लेकर पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी लेकिन गिरफ्तारी से बचने को लेकर आरोपी इधर-उधर छुप रहा था । मुखबिर की सूचना पर आरोपी को उसके घर पर दबिश देकर गिरफ्तार किया है। टीम में थानाधिकारी भैमजी गरासिया, हेड कांस्टेबल हकरचंद, दिनेश कुमार, जगदीश कुमार व प्रकाश चंद्र ने आरोपी को गिरफ्तार किया है।

दिहाड़ी मजदूर बन काटी फरारी

पुलिस के मुताबिक आरोपी मुकदमा दर्ज होने के बाद हरियाणा, दिल्ली, गाजियाबाद सहित अन्य शहरों में दिहाड़ी मजदूर बनकर फरारी काट रहा था। आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर जिला पुलिस अधीक्षक की ओर से आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने पर एक हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था।

कांस्टेबल रह चुका आरोपी

पुलिस ने बताया कि आरोपी पूर्व में कांस्टेबल था और करीब 4 साल तक कांस्टेबल की नौकरी कर चुका है। जिससे आरोपी पुलिस कार्रवाई में काम आने वाली तकनीकी सहायता की जानकारी रखता था। जिसके कारण आरोपी मोबाइल फोन भी काम नहीं लेता था। इसलिए आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर रहा। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है।

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वाराणसी के व्यापारी के साथ 38 लाख की धोखाधड़ी

वाराणसी : अमित गुप्ता: वाराणसी में अशोक विहार कॉलोनी फेज 2 इलाके में लगे पोस्टर आजकल चर्चाओं में हैं। पोस्टर में एक शख्स की तस्वीर के साथ उसका नाम-पता लिखा है। पोस्टर के बारे में पता करने पर जानकारी मिली कि इस शख्स पर एक व्यापारी के 38 लाख 50 हजार रुपए हड़प कर भागने का आरोप है।

पेमेंट में की धोखाधड़ी

व्यापारी आशीष मिश्रा ने बताया कि उनका मोबाइल का होलसेल एंड रिटेल बिजनेस है। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में रहने वाला आदित्य कुमार श्रीवास्तव भी अपने घर से ही मोबाइल का बिजनेस करता है। आदित्य ने बीते साल भर में उनसे 38 लाख 50 हजार रुपए के मोबाइल ले गया। एक दिन पता लगा कि आदित्य और उसके परिवार के लोग घर छोड़ कर भाग गए हैं। आशीष ने सारनाथ थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद इस मामले में मुकदमा दर्ज किया है और आरोपी की तलाश में जुटी है। आशीष का कहना है कि मुकदमा दर्ज हुए एक महीना हो रहा है, लेकिन पुलिस अबतक आदित्य को नहीं ढूंढ पाई है।

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मेरा घर गिरवी है, मैं मर जाऊंगा

आशीष का कहना है कि मैंने कॉलोनियों में पोस्टर चिपकाए। इसके साथ ही अखबारों में पंपलेट्स बंटवाए। हालांकि, अभीतक आरोपी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। आशीष ने बताया कि उनकी जिंदगी भर की कमाई फंस गई है। उनका घर गिरवी हो गया है। स्थिति यही रही तो वह आत्महत्या के लिए मजबूर हो जाएंगे।

UP की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत, शिवपाल ने जेल में की आजम से मुलाकात

लखनऊ : प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल यादव इन दिनों UP की राजनीति में एक बड़ा चेहरा बने हुए हैं. इस बीच शिवपाल आज सुबह अचानक आजम खान से मिलने सीतापुर जेल पहुंच गए. जहां उन्होंने करीब एक घंटे तक आजम खान से मुलाकात की. एक तरफ जहां शिवपाल और भतीजे अखिलेश यादव के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है, तो वहीं दूसरी ओर आजम के समर्थक लगातार पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं. अगर इन दोनों खबरों को जोड़कर देखा जाए तो यह समाचार समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के लिए चिंता का गंभीर विषय है.

आजम खान से मिलने पहुंचे शिवपाल यादव

दरअसल, इससे पहले राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने बुधवार को रामपुर पहुंचकर आजम खान के परिवार से मुलाकात की थी. इस बीच अब भतीजे अखिलेश यादव से नाराज चल रहे शिवपाल यादव ने आजम खान से सीतापुर जेल जाकर मुलाकात की है. शिवपाल यादव और आजम खान के बीच पहले से ही काफी अच्छे रिश्ते रहे हैं. ऐसे में खबर है कि शिवपाल यादव अपनी पार्टी को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं, क्योंकि अब बीजेपी में उनके शामिल होने की खबरों पर विराम लग चुका है.

सीएम योगी से मिलेंगे शिवपाल

इस मुलाकात को लेकर शिवपाल यादव ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि, ‘आजम खान का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा. सपा के वरिष्ठ नेता हैं आजम खान, सही समय पर उनकी मदद नहीं हो सकती. लेकिन अब आजम को लेकर सीएम योगी से बात करूंगा, ताकी जल्द से जल्द उन्हें न्याय मिल सके. उन्होंन पार्टी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सपा को आजम को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन करना चाहिए था. आगे की रणनीति को लेकर उन्होंने कहा कि सही समय पर सबकुछ पता चल जाएगा.

आजम के मीडिया प्रभारी ने दिए थे नाराजगी के संकेत

हालांकि, यह प्रयास प्रसपा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. आजम खान की सपा प्रमुख अखिलेश यादव से नाराजगी का खुलासा उस वक्त हुआ, जब रामपुर में समाजवादी पार्टी दफ्तर में जनसमस्याओं को लेकर मीटिंग में आज़म खान के मीडिया प्रभारी फसाहत अली शानू ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा था. शानू ने कहा कि ‘किससे कहें हम. हमारी तो वो समाजवादी पार्टी भी नही सुनती, जिसके लिए हमने अपना खून का एक-एक कतरा बहा दिया था. अखिलेश यादव जी हमारा सुलूक आपके साथ ये था कि जब 1989 में आपके वालिद साहब को कोई मुख्यमंत्री बनाने को तैयार नहीं था. तब आज़म खान ने कहा था कि मुलायम सिंह यादव को मुख्यमंत्री बनाओ.’

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प्रसपा को मजूबत करने की तैयारी में शिवपाल

दरअसल, यूपी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की हार के बाद से सपा के नेता और सहयोगी पार्टियों में अखिलेश यादव को लेकर नाराजगी देखी जा रही है. इसके कारण अलग-अलग हो सकते हैं. शिवपाल यादव ने तो यहां तक कह दिया कि, अगर उन्हें (अखिलेश यादव) मुझसे कोई दिक्कत है तो वो मुझे पार्टी से निकाल दें.

चारा घोटाला: राजद सुप्रीमो लालू यादव को झारखंड हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत

डिजिटल डेस्क : झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत में चारा घोटाला के सबसे बड़े मामले में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू यादव की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने प्रार्थी और सीबीआई का पक्ष सुनने के बाद लालू यादव को जमानत दे दी. अदालत ने लालू यादव को शर्त के साथ जमानत की सुविधा दी. अदालत ने 10 लाख रुपये जुर्माना की राशि जमा करने व 100000 के बंधन पत्र पर जमानत की सुविधा प्रदान की.

सीबीआई ने जमानत का किया था विरोध

चारा घोटाले के डोरंडा कोषागार मामले में सजायाफ्ता राजद सुप्रीमो लालू यादव की ओर से दायर जमानत याचिका पर अदालत के आदेश के आलोक में सीबीआई की ओर से इससे पहले बुधवार को झारखंड हाइकोर्ट में शपथ पत्र दायर किया गया था. बताया जाता है कि सीबीआई ने अपने जवाब में कहा था कि इस मामले में लालू प्रसाद की आधी सजा अब तक पूरी नहीं हुई है. वैसी स्थिति में उन्हें जमानत दिया जाना उचित नहीं होगा.

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अदालत से की थी जमानत देने की मांग

पिछली बार लालू यादव की ओर से बताया गया था कि डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी मामले में उनकी हिरासत की अवधि 41 माह से अधिक हो चुकी है, जबकि सजा की आधी अवधि 30 माह ही होती है. आधी से अधिक सजा काटने के आधार पर अदालत से जमानत देने की मांग की गयी थी. आपको बता दें कि सीबीआई की विशेष अदालत ने 21 फरवरी को चारा घोटाला मामले (डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ की निकासी) में लालू यादव को पांच साल की सजा सुनायी है. लालू यादव को चार मामलों में पहले ही हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी. अब पांचवें मामले में भी इन्हें जमानत मिल चुकी है.

 बहुखंडी स्थित मत्स्य अनुभाग का औचक निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री संजय निषाद

 लखनऊ : यूपी के मत्स्य विकास कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने बहुखंडी स्थित मत्स्य अनुभाग का औचक निरीक्षण किया। मत्स्य मंत्री ने निदेशालय के प्रत्येक कक्ष का निरीक्षण किया और अधिकारियों से प्रभागों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। मंत्री ने अधिकारियों को समय से कार्यालय आकर निर्धारित अवधि में कार्य पूरा करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही कार्यालयों में साफ-सफाई और अभिलेखों का रख-रखाव ठीक ढंग से सुनिश्चित किये जाने के भी निर्देश दिये। सरकार के राजस्व बढ़ोतरी में सबसे अहम भूमिका मत्स्य विभाग निभा सकता है। गांव की आबाधी के रोजगार में सबसे प्रमुख रोजगार का माध्यम हो सकता है।

100 दिनों के कार्यक्रम बनाकर लक्ष्य निर्धारित करें

मत्स्य मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने परिसर में अधिक वृक्षारोपण किये जाने और कार्यालय के कार्यों को कम्प्यूटरीकृत किये जाने की अपेक्षा की। मत्स्य विकास मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि पिछले 05 वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किये जाने के कारण मत्स्य उत्पादन और उत्पादकता में गुणात्मक वृद्धि सुनिश्चित हो रही है। उन्होंने कहा कि मत्स्य विभाग को मत्स्य पालकों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए युद्धस्तर पर कार्य करने हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्रामीणांचलों में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने में विशेष प्रयास किये जाएंगे। डॉ. संजय निषाद ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अपेक्षाओं के अनुरूप आगामी 100 दिनों के कार्यक्रम बनाकर लक्ष्य निर्धारित करते हुए उसे धरातल पर उतारने की तेजी से कार्यवाही की जाय। उन्होंने कहा कि मत्स्य विभाग का प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। निरीक्षण के दौरान मत्स्य विभाग के विशेष सचिव एवं निदेशक सरोज कुमार, उप निदेशक हरेन्द्र प्रसाद, संयुक्त निदेशक राजेन्द्र सिंह, उप निदेशक नियोजन मोनिशा सिंह तथा उप निदेशक अंजना वर्मा उपस्थित थी।

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कोर्ट के फायरिंग के बाद अब तिहाड़ जेल में दो गुटों में झड़प, 15 घायल

नई दिल्ली: देश की सबसे सुरक्षित कही जाने वाली दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कैदियों के बीच एक बार फिर हिंसक झड़प हो गई है. तिहाड़ जेल में कैदियों के दो गुटों के बीच हुई इस हिंसक झड़प में करीब 15 कैदी घायल हो गए. इनमें से कुछ का अभी भी इलाज चल रहा है। सूत्रों की मानें तो यह घटना जेल में बंद कैदियों के बीच वर्चस्व की जंग में हुई है।

तिहाड़ प्रशासन के मुताबिक तिहाड़ जेल में बंदियों की हिंसक झड़प की यह घटना 2 दिन पहले हुई थी, जिसमें जेल नंबर 8 और 9 में बंद कैदियों के बीच झड़प हुई थी और इस घटना में 15 कैदी घायल हो गए थे. तिहाड़ प्रशासन ने बताया कि कुछ कैदियों को प्राथमिक उपचार के बाद वापस जेल भेज दिया गया है. बाकी घायल कैदियों का जेल में ही इलाज चल रहा है। जेल प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश दे दिए हैं।

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यह पहला मामला नहीं है, जब तिहाड़ जेल में बंद कैदियों के बीच झड़प हुई है। इससे पहले फरवरी में भी तिहाड़ जेल में बंदियों के दो गुटों में झड़प हुई थी और इस घटना में सहायक जेल अधीक्षक व वार्डर भी घायल हो गए थे. उस झड़प में चार कैदी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। यह घटना जेल क्रमांक में घटी। बंदियों के बीच चल रहे झगड़े में बीच-बचाव करने के प्रयास में सहायक जेल अधीक्षक घायल हो गए।

मंदिर निर्माण का पैसा नहीं दे पा रहे दलित युवक को ‘सरपंच’ ने दी ये सजा 

डिजिटल डेस्क: कोई काम नहीं। दिन में दो वक्त का खाना मिलना मुश्किल है। उसके ऊपर सरपंच ने फिर से गांव में मंदिर निर्माण के लिए 500 रुपये की मांग की. दलित युवक भुगतान नहीं कर सका। ‘सजा’ के तौर पर खाप पंचायत की स्थापना की गई और दलित युवकों पर थूका गया। प्रताड़ित भी किया गया। ये घटना उत्तकल राज्य के नाम से मशहुर ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले के तिखरी गांव की है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार पिछले रविवार को टिखरी गांव के एक दलित युवक के साथ शर्मनाक घटना घटी. प्रताड़ित युवक ने गांव की पूजा में मूर्तियों की खरीद के लिए अपने संसाधनों का इस्तेमाल किया। उसके ऊपर, स्थानीय सरपंच चमेली ओझा को मंदिर निर्माण के लिए 500 रुपये चाहिए। दलित युवक ने बताया कि उसने कुछ दिन पहले पूजा की थी। इसलिए उसके लिए मंदिर निर्माण के लिए भुगतान करना असंभव है। लेकिन सरपंच जबरदस्ती करता रहा। विवाद और मारपीट शुरू हो गई।

कथित तौर पर उस झगड़े के बाद आरोपी सरपंच ने दलित युवक के खिलाफ खाप पंचायत का गठन कर दिया. निदान एकतरफा परीक्षण में दिया गया था, दलित युवक को खुद पर थूकना पड़ा और उस पर अपनी उंगली रखनी पड़ी। गांव वालों ने उसे उस जघन्य कृत्य के लिए मजबूर किया। किसी ने विरोध नहीं किया। हैरानी की बात यह है कि पूरी घटना हुई लेकिन स्थानीय पुलिस प्रशासन को इसका पता नहीं चला।

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अपमानित और बेइज्जत युवक थाने में शिकायत दर्ज कराने गया लेकिन शिकायत पर तत्काल कोई सुनवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों का दावा है कि पहले तो पुलिस ने एफआईआर लेने से इनकार कर दिया. दलित युवक रविवार से शिकायत दर्ज कराने की मांग कर रहा है. आखिरकार पुलिस ने मंगलवार को शिकायत ले ली। पुलिस के दावों के बावजूद इस घटना में 60 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं. लेकिन किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।

हिजाब पहनकर पहुंची छात्राओं को परीक्षा देने से रोका, कॉलेज से लौटीं वापस

डिजिटल डेस्क : देश भर में तनाव के बीच हिजाब ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. कर्नाटक के उडुपी में दो छात्राओं को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई क्योंकि उन्होंने हिजाब पहन रखा था। रुकावट के कारण दोनों छात्र कॉलेज परिसर से तुरंत चले गए।

पता चला है कि इन दोनों छात्रों ने पहले कक्षा में प्रवेश किया और हिजाब पहनकर परीक्षा के लिए आवेदन किया। लेकिन उन्हें स्पष्ट कर दिया गया कि हिजाब पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इस दिन इन दोनों छात्रों की बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा थी। दोनों छात्रों की पहचान आलिया असदी और रेशमा के रूप में हुई है। प्रवेश पत्र लेने के बाद दोनों छात्र हिजाब पहनकर परीक्षा देने उडुपी के विद्यादय पीयू कॉलेज गए।

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करीब 45 मिनट तक उन्होंने इंस्पेक्टर और कॉलेज के प्रिंसिपल से उन्हें हिजाब के बाद परीक्षा देने की अनुमति देने का अनुरोध किया. लेकिन अंत में कॉलेज प्रशासन ने कहा कि दोनों छात्रों को कोर्ट के आदेश के अनुसार राज्य सरकार के प्रतिबंध का पालन नहीं करने दिया जाएगा. पता चला है कि अंत में अनुमति नहीं मिलने पर दोनों छात्र कॉलेज परिसर छोड़कर चले गए। माना जाता है कि इस घटना ने कर्नाटक में हिजाब पर प्रतिबंध लगाने की बहस को एक नया आयाम दिया है।

छात्रों ने क्यों छोड़ी थी परीक्षा?

कर्नाटक हाई कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में छात्रों के कक्षा के अंदर भगवा शॉल, स्कार्फ, हिजाब और अन्य कोई भी धार्मिक वस्त्र पहनने पर रोक लगा दी थी।इसके कारण जब कई मुस्लिम छात्राएं हिजाब पहनकर राज्य के विभिन्न शहरों में कक्षा 10 की प्रारंभिक परीक्षा देने स्कूल पहुंची तो उन्हें हिजाब उतारने के लिए कहा गया।कई छात्राओं ने हिजाब न उतारने का निर्णय लिया और इसके कारण परीक्षा छोड़ दी।

सिर्फ परीक्षा में उपस्थित होने वाले फेल छात्रों को दोबारा मिलेगा मौका

नागेश ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा, “हिजाब समेत चाहें जिस भी कारण से छात्र परीक्षा में अनुपस्थित रहे हों, उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया जाएगा। अंतिम परीक्षा में अनुपस्थित रहने का मतलब है अनुपस्थित रहना और दोबारा परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी।”मंत्री ने आगे साफ किया कि केवल उन्हीं छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का अवसर दिया जाएगा जो परीक्षा में शामिल हुए, लेकिन पास नहीं हो सके।

मौलाना तौकीर रजा ने सरकार और आरएसएस को दी चेतावनी

बरेली : बी.एस.चन्देल : भड़काऊ टिप्पणी करने को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल यानी आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं. मौलाना तौकीर रजा ने इस बार मुसलमानों को भड़काने वाला बयान देने के साथ ही मोदी सरकार को चेतावनी दी है. मौलाना तौकीर रजा ने कहा है कि ‘जिस दिन कोई मुसलमान सड़कों पर आ जाता है, उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं होता। यह मोदी सरकार को मेरी चेतावनी है। लगता है मोदी महाभारत के धृतराष्ट्र हैं। महाभारत को भारत में होने से कोई नहीं रोक सकता। देश बंटवारे की तरफ जा रहा है… 10 दिन बाद बैठक होगी और फिर दिल्ली से जेल भरो आंदोलन होगा, जिसमें सभी शहरों और प्रांतों के लोग आएंगे।

मौलाना तौकीर रजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘भारत में जिस तरह का माहौल बनाया गया है. यह अच्छा नहीं है। इस बार अक्षय तृतीया भी ईद के दिन पड़ रही है। हिंदू और मुस्लिम दोनों के त्योहार एक दिन पड़ रहे हैं, यह अच्छी बात है लेकिन अलगाववाद को मानने वालों को हमारे देश का माहौल खराब करने का मौका मिल सकता है। हमारी तरफ से हमेशा एकता और भाईचारे का संदेश दिया गया है। जो नफरत सरकार और आरएसएस ने अपने जातिगत फायदे के लिए फैलाई है। लोग उससे नाराज हैं। जिसके चलते ऐसी घटनाएं हो रही हैं।

हिंदू-मुसलमान में बनाया 36 का आंकड़ा- मौलाना

मौलाना तौकीर रजा ने कहा, ‘आज 36 का आंकड़ा हिंदू-मुसलमान के बीच बना दिया गया है। हनुमान चालीसा का पाठ करें, इसमें किसी को रोकने का अधिकार नहीं है, लेकिन अगर यह काम दूसरों को परेशान करने के लिए किया जाता है, तो यह सही नहीं है। तो 36 के इस आंकड़े से देश के मामले बड़े होते जा रहे हैं.

योगी सरकार के बारे में कही ये बात

आपको बता दें, ये वही मौलाना तौकीर रजा खान हैं जिन्होंने पहले भी ऐसे ही कई विवादित बयान दिए हैं. मौलाना तौकीर रजा के हिंदुओं के खिलाफ भाषण का एक वीडियो, जिन्होंने कांग्रेस पार्टी को अपना समर्थन घोषित किया, सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल हो रहे इस वीडियो में उन्हें देश के हिंदुओं को धमकाते हुए सुना जा सकता है. उनके इस वायरल वीडियो पर जब एक चैनल पर बहस चल रही थी तो एंकर की तरफ से मौलाना रजा से सवाल किया जाता है. एकर का सवाल सुनते ही तौकीर रजा भड़क जाते हैं और मुंह तोड़ने की धमकी भी देते हैं।

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मेले में गायब हुआ बीजेपी विधायक के जूते तो नंगे पांव अपनी गाड़ी में पहुंचे

आगरा :  यूपी के आगरा जिले के फतेहाबाद विधानसभा से बीजेपी विधायक छोटेलाल वर्मा शमशाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में सती मेले का उद्घाटन करने गए थे. इस दौरान जब वह मंदिर के अंदर पहुंचे तो उन्होंने बाहर अपने जूते उतार दिए। विधायक जब मंदिर से बाहर निकले तो मंदिर के बाहर रखे उनके जूते गायब थे। ऐसे में सभी हैरान रह गए और चारों तरफ जूतों की तलाश करने लगे. लेकिन जूते नहीं मिलने पर क्षेत्रीय विधायक नंगे पांव अपनी गाड़ी में पहुंचे. बीजेपी विधायक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

जानकारी के अनुसार फतेहाबाद विधानसभा से भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा शमशाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम थिपुरी (धीमश्री) स्थित सती मेले में पहुंचे थे. कार्यक्रम का उद्घाटन करने के लिए विधायक गांव पहुंचे थे। इस दौरान विधायक ने बाहर के दरवाजे पर जूते उतारे और अंदर गांव स्थित मंदिर के दर्शन करने चले गए. जब वह मंदिर से लौटे तो वहां से उनके जूते गायब थे। इसको लेकर हड़कंप मच गया और आनन-फानन में विधायक छोटे लाल वर्मा के जूते की तलाशी शुरू हो गई। लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी जब जूते नहीं मिले तो छोटे लाल वर्मा को अपनी कार पर नंगे पैर जाना पड़ा।

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जब छोटेलाल वर्मा से जूते चोरी होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि शायद किसी गरीब के पास जूते नहीं होंगे, इसलिए उन्होंने ले लिया, इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन वहीं कुछ लोगों ने तेज धूप में विधायक के नंगे पैर जमीन पर चलने का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया. फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

तपती जमीन पर चलना पड़ा नंगे पैर

छोटेलाल वर्मा से जब जूते चोरी होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि शायद किसी गरीब के पास जूते नहीं होंगे, इसलिए वह ले गया, इसमें कोई बड़ी बात नहीं है. लेकिन वहीं कुछ लोगों ने तेज धूप में नंगे पैर जमीन पर चलते हुए विधायक का वीडियो बना लिया और उसे वायरल कर दिया. फिलहाल मामला इलाके में चर्चा का केंद्र बना हुआ है.

कोर्ट में सुरक्षाकर्मियों ने की फायरिंग; जांच में जुटी पुलिस

नई दिल्ली: दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में एक बार फिर फायरिंग हुई है. रोहिणी कोर्ट परिसर के बाहर एक वकील को गोली मार दी गई है. फिलहाल मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि कोर्ट परिसर के बाहर तैनात सुरक्षा गार्ड ने यह फायरिंग की. फिलहाल पुलिस फायरिंग की इस गुत्थी को सुलझाने में लगी हुई है. गौरतलब है कि पिछले साल गोलीबारी की घटना रोहिणी कोर्ट में ही हुई थी.

सूत्रों की माने तो पुलिस को फायरिंग की घटना की जानकारी पीसीआर के जरिए मिली। आखिर गार्ड ने वकील पर फायरिंग क्यों की, उनके बीच क्या हुआ, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन कोर्ट परिसर के पास फायरिंग से इलाके में हड़कंप मच गया है.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि फायरिंग की घटना रोहिणी कोर्ट में हुई है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कोर्ट में तैनात पुलिसकर्मियों ने फायरिंग की थी. दिल्ली पुलिस ने बताया कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

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24 सितंबर को भी रोहिणी दरबार में गोली लगी थी.

दरअसल, पिछले साल 24 सितंबर को दिल्ली के रोहिणी कोर्ट नंबर 207 में दो शूटरों ने जितेंद्र जांच गोगी की गोली मारकर हत्या कर दी थी. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों शूटर भी मारे गए। इस गोलीबारी में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने टिल्लू को जेल से गिरफ्तार किया, जबकि साजिश में शामिल उमंग यादव को हैदरपुर से गिरफ्तार किया गया. आरोपी उमंग ने बताया कि उसने एलएलबी किया है। करीब डेढ़ साल पहले उसकी मुलाकात रोहिणी दरबार में उमेश काला नाम के एक बदमाश से हुई थी। उसके बाद उमेश जेल से वॉट्सऐप कॉल के जरिए उससे बात करता था।

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मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ ने काशी विश्वनाथ का किया दर्शन

वाराणसी:अमित गुप्ता : मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ सपरिवार गुरुवार शाम श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में दर्शन पूजन के लिए पहुंचें। प्रविंद जगन्नाथ और उनके परिवार ने विधि विधान से बाबा का पूजन अर्चन कर आशीर्वाद लिया। दर्शन-पूजन के बाद उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम का अवलोकन किया। इसके बाद वे गंगा आरती देखने भी जाएंगे।

मॉरीशस पीएम का स्वागत डमरुओं के निनाद से हुआ। विश्वनाध धाम के बाहर डमरू दल ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके साथ ही कलाकारों ने लोक नृत्य कर उनका बाबा दरबार में स्वागत किया। प्रविंद जगन्नाथ ने भी सभी का अभिनंदन किया और बाबा के दर्शन को आगे बढ़ गए। मंदिर के गर्भगृह में अर्चकों के आचार्यत्व में षोडशोपचार पूजन किया।

दर्शन के बाद उन्होंने बाबा के नव्य भव्य धाम का अवलोकन किया। श्री काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता देखकर प्रविंद जगन्नाथ अभिभूत नजर आए। उन्होंने अधिकारियों से धाम के बारे में जानकारी ली और कहा कि धाम अकल्पनीय है। इस दौरान अधिकारी व पुलिस अफसर भी मौजूद रहें।

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मॉरीशस पीएम 22 अप्रैल को यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ अलग-अलग बैठक करेंगे, जिसमें दोनो देशों के सांस्कृतिक आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर वार्ता होगी। इसी दिन मॉरीशस के प्रधानमंत्री अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा कर के दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

बाबा धाम के द्वार पर डमरू दल तो अंदर लोक कलाकारों ने किया स्वागत

मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ जैसे ही काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे तो सबसे पहले द्वार पर ही उनका स्वागत डमरू वादको ने डमरू बजा कर किया। इसके बाद कलाकारों ने लोक नृत्य कर बाबा धाम में उनका स्वागत किया। इस दौरान प्रविंद जगन्नाथ ने भी सभी का अभिनंदन स्वीकार किया और बाबा के दर्शन को आगे बढ़ गए। मंदिर के गर्भगृह में अर्चकों के आचार्यत्व में षोडशोपचार पूजन किया।

बड़ा खुलासा: दिल्ली हिंसा में अंसार निकला मोहरा, मास्टरमाइंड तो कोई और….

नई दिल्लीः दिल्ली के जहांगीरपुरी में 16 अप्रैल को हुई हिंसा पर बड़ा खुलासा हुआ है। हनुमान जयंती के दिन हुई हिंसा में जिस अंसार को अब तक मास्टरमाइंड माना जा रहा था। असल में वो तो मोहरा निकला…उसने किसी और के इशारे पर इस हिंसा को अंजाम दिया। जांच में जो बात सामने आ रही है उसके मुताबिक अंसार को कोई और हिंसा भड़काने के लिए आदेश दे रहा था और उसी के कहने पर अंसार ने लोकल बदमाशों से संपर्क साधा और फिर निकला जहांगीरपुरी को दहलाने की साजिश को अमलीजामा पहनाया गया।

पुलिस की जांच में 30 मोबाइल नंबर ऐसे निकल कर आए हैं जो उस हिंसा वाले इलाके में सक्रिय थे और अंसार समेत दिलशाद और सलीम से संपर्क साध रहे थे। जांच में जो चौंकाने वाली बात सामने आई है वो ये कि जहांगीरपुरी को दहलाने की साजिश कहीं और रची गई और अंसार को मोहरा बनाकर उसे अंजाम दिया गया। पुलिस अंसार से जारी पूछताछ के आधार पर उस साजिशकर्ता तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

ये हैं हिंसा के तीन मास्टरमाइंड

तबरेज अंसारी: तबरेज हिंसा के बाद पुलिस के सामने अच्छा बनकर अमन चैन की बात करता रहा. लेकिन वह पीछे से लोगों को लगातार उकसा रहा था. आरोप है कि CAA-NRC के विरोध के दौरान से ही तबरेज लोगों को भड़का रहा था. CAA-NRC के खिलाफ जहांगीर के कुशल चौक पर प्रोटेस्टसाइट को चलाने में इसका अहम रोल था.

शेख इशर्फिल : आरोपी शेख इशर्फिल वो शख्स हैं, जिसकी छत से पथराव और कांच की बोतलें फेंकी गई थी. इसकी छत से FSL को जांच के दौरान पत्थर और कांच की बोतलें भी मिली है. इसका और इसके बेटे अशनूर और मोहम्मद अली का क्रिमिनल बैकग्राउंड भी रहा है. वहीं इशर्फिल पार्किंग माफिया भी है.

अब तक 38 लोग गिरफ्तार

बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस ने जहांगीर हिंसा केस में चार्जशीट फाइल करने की तैयारी कर ली है. दिल्ली पुलिस ने हिंसा के मामले में 3 नाबालिग समेत 38 लोगों को गिरफ्तार किया है. जांच में निकला पता चला है कि दंगों की साजिश रामनवमी से ही शुरू कर दी गई थी. प्लानिंग के तहत आरोपियों ने घरों की छतों पर पत्थर और कांच की बोतलें रखी थी.

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अयोध्या में कार समेत 5 दोस्त नहर में गिरे, 3 की मौत

अयोध्या : अयोध्या में गुरुवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। यहां कार समेत 5 युवक नहर में गिर गए। हादसे में 3 की मौत हो गई। जबकि 2 को बचा लिया गया है। हादसे के शिकार सभी युवक अंबेडकरनगर जिले के रहने वाले हैं। हादसा थाना पूरा कलंदर क्षेत्र अंतर्गत गंगोली नहर में हुआ है। इसी क्षेत्र में बारात आई हुई थी। सभी युवक बारात में शामिल होकर देर रात वापस लौट रहे थे।पुलिस ने बताया कि थाना पुरा कलंदर में गुरुवार को बारात आई थी। ये युवक भी उसमें शामिल हुए। रात करीब 10.30 बजे वापस लौटते समय उनकी कार अनियंत्रित होकर गंगोली नहर में गिर गई। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।

अंधेरे के कारण रेस्क्यू में आई मुश्किलें

स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू में भी दिक्क्त आई। हादसे के बाद रात 2:30 बजे तक बचाव अभियान चलता रहा। नहर में डूबी कार से निकालकर सभी पांच युवकों को नजदीकी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने तीन को मृत घोषित कर दिया। जबकि दो की हालत ठीक है। उनका इलाज चल रहा है। घायल व मृतक के परिजनों को सूचना दी गई है।

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गाड़ी को नहर से निकालने के लिए SDRF बुलाई

गंगौली नहर में काफी पानी है। ऐसे में रात को किसी तरह पुलिस और स्थानीय लोगों ने 5 युवकों को तो बाहर निकाल लिया। लेकिन कार को नहीं निकाला जा सका था। ऐसे में शुक्रवार सुबह एसडीआरएफ को बुलाया गया है। वह नहर से कार को निकालने की कोशिश कर रही है।हादसे में अतुल पांडेय (25) पुत्र राम शंकर पांडेय, रवि शर्मा (23) पुत्र विष्णु शर्मा, श्रवण पांडेय (31) पुत्र राजेंद्र प्रसाद की मौत हो गई। जबकि विजय पांडेय (28) पुत्र अमरनाथ पांडेय, अरविंद कुमार (42) पुत्र अनिरुद्ध कुमार को बचा लिया गया है। ये सभी बैरमपुर थाना इब्राहिमपुर जिला अंबेडकरनगर के रहने वाले हैं।

दिन में चला बुलडोजर, रात में हटे SDM-तहसीलदार

शाहजहांपुर : शाहजहांपुर में गुरुवार को पूर्व विधायक के अस्पताल पर बुलडोजर चलाया गया। इस दौरान अवैध निर्माण को तोड़ दिया गया। वहीं बुलडोजर की कार्रवाई पूरी होने के बाद स्थानीय SDM और तहसीलदार पर भी गाज गिरी। देर रात DM ने कार्रवाई करवाने वाले SDM और तहसीलदार का तत्काल प्रभाव से दूसरी जगह तबादला कर दिया।चर्चा है, अधिकारियों के तबादले के पीछे स्थानीय भाजपा विधायक सलोना कुशवाहा की नाराजगी है। विधायक चाहती थीं कि पूरे अस्पताल पर बुलोडजर चलाया जाए, लेकिन पूरे अस्पताल पर बुलडोजर चलाने से अधिकारियों ने इनकार कर दिया था। हालांकि भाजपा विधायक खुलकर इस मामले पर बात करने से बच रही हैं।

बुलडोजर चलने के बाद अधिकारियों के हो गए तबादले

दरअसल, गुरुवार शाम तिलहर विधानसभा क्षेत्र के निगोही थाने के सामने पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा के बने अस्पताल पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने बुलडोजर चलाया था। तब SDM तिलहर हिमांशु उपाध्याय और तहसीलदार तृप्ति गुप्ता मौके पर मौजूद थीं। उनकी देखरेख में कार्रवाइ को अंजाम दिया जा रहा था। अस्पताल करीब 25 स्कवायर मीटर ग्राम समाज की जमीन पर बना था, जिसको प्रशासनिक अधिकारी तुड़वा रहे थे।

चर्चा है, तिलहर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक सलोना कुशवाहा, पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा के अस्पताल पर चले बुलडोजर से नाराज थीं। भाजपा विधायक चाहती थीं कि पूरे अस्पताल पर बुलडोजर चलाया जाए। जब उन्होंने अधिकारियों तक पूरे अस्पताल को तोड़ने की खबर पहुंचाई तो मौके पर मौजूद अधिकारियों ने साफ इनकार कर दिया। अधिकारियों ने कहा, जितना अवैध बना है, उतना ही तोड़ा जाएगा। यहीं नाफरमानी भाजपा विधायक को नागवार गुजरी। रात होते-होते DM उमेश प्रताप सिंह ने आदेश जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से SDM तिलहर हिमांशु उपाध्याय और तहसीलदार तृप्ति गुप्ता को हटाकर उनकी जगह पर दूसरे अधिकारियों को तैनात का दिया।

इन अधिकारियों के हुए तबादले

तिलहर SDM हिमांशु गुप्ता को डिप्टी कलेक्टर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट द्वितीय बनाया गया। इसी जगह पर तैनात रहीं राशि कृष्णा को SDM तिलहर बनाया गया है। तहसीलदार तिलहर तृप्ति गुप्ता को तहसीलदार न्यायिक तहसील सदर, पुवायां तहसीलदार ज्ञानेंद्र नाथ को तिलहर तहसील का तहसीलदार बनाया गया है। साथ ही तहसीलदार न्यायिक तहसील पुवायां धमेंद्र कुमार पांडेय को तहसीलदार पुवायां बना दिया गया।

भाजपा विधायक और पूर्व विधायक के बीच 36 का आंकड़ा

विधानसभा चुनाव में भाजपा विधायक सलोना कुशवाहा ने सपा प्रत्याशी रोशनलाल वर्मा पर फर्जी मतदान कराने का आरोप लगाया था, जिसके बाद एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें रोशनलाल वर्मा भाजपा विधायक के समर्थकों को पीटते दिख रहे थे। उसके बाद भाजपा प्रत्याशी सलोना कुशवाहा ने कार्रवाई को लेकर थाने का घेराव किया तो वहां पुलिस ने उनके ऊपर लाठीचार्ज कर दिया।

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बात इतनी बिगड़ गई थी कि चुनाव के दिन रात में भीड़ ने सपा प्रत्याशी के आवास पर हमला कर दिया था। तब दोनों ओर से फायरिंग की गई थी। इस मामले में दोनों पक्षों की तहरीर पर दोनों प्रत्याशियों समेत सैकड़ों समर्थकों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। तभी से भाजपा विधायक सलोना कुशवाहा और सपा नेता रोशनलाल वर्मा के बीच खासी खींचतानी देखी जाती है। यही कारण है कि तिलहर विधानसभा सीट चुनाव में काफी चर्चा का विषय बनी रही।

‘शानदार स्वागत के लिए ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कही ये बात

डिजिटल डेस्क : ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात करने वाले हैं. इस मुलाकात से पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ट्वीट कर कहा कि जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, सुरक्षा से लेकर रक्षा तक, हमारे लोकतंत्रों की साझेदारी महत्वपूर्ण है. आपको बता दें कि बोरिस जॉनसन अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा पर गुरुवार को अहमदाबाद पहुंचे. शुक्रवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर से नवाजा गया. आज वे राष्ट्रपति भवन पहुंचे जहां उनका स्वागत पीएम मोदी ने किया.

जॉनसन ने कहा- शानदार स्वागत के लिए धन्यवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की अगवानी की. यूके के पीएम बोरिस जॉनसन ने कहा कि शानदार स्वागत के लिए धन्यवाद… मुझे नहीं लगता कि चीजें हमारे (भारत-यूके) के बीच उतनी मजबूत या अच्छी रही हैं जितनी अब हैं.

साबरमती आश्रम में चलाया चरखा
गुरुवार को जॉनसन अहमदाबाद में साबरमती आश्रम गये. वह आश्रम में पहुंचे पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री हैं. जॉनसन पहले ‘हृदय कुंज’ गये, जहां महात्मा गांधी रहते थे. इसके बाद वह ‘मीरा कुटीर’ गये, जहां गांधी की इंग्लैंड में जन्मीं अनुयायी मीराबेन या मैडलिन स्लेज रहती थीं. ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने प्रतीकात्मक रूप से चरखा भी चलाया. आश्रम के न्यास ने उन्हें दो किताबें भेंट की, जिनमें एक अप्रकाशित गाइड है, जो लंदन में रहने के इच्छुक लोगों के लिए स्वयं महात्मा गांधी ने लिखी थी.

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साबरमती आश्रम में चलाया चरखा
गुरुवार को जॉनसन अहमदाबाद में साबरमती आश्रम गये. वह आश्रम में पहुंचे पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री हैं. जॉनसन पहले ‘हृदय कुंज’ गये, जहां महात्मा गांधी रहते थे. इसके बाद वह ‘मीरा कुटीर’ गये, जहां गांधी की इंग्लैंड में जन्मीं अनुयायी मीराबेन या मैडलिन स्लेज रहती थीं. ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने प्रतीकात्मक रूप से चरखा भी चलाया. आश्रम के न्यास ने उन्हें दो किताबें भेंट की, जिनमें एक अप्रकाशित गाइड है, जो लंदन में रहने के इच्छुक लोगों के लिए स्वयं महात्मा गांधी ने लिखी थी.