यूपी में इन कर्मचारियों की होगी वांछित जिलों में पदस्थापना

लखनऊ : यूपी में राज्य कर्मचारियों के लिए वार्षिक तबादला नीति जल्द आने वाली है। इस बार ज्यादातर ट्रांसफर ऑनलाइन किए जाएंगे। योग्यता के आधार पर अच्छा कार्य करने वालों को वांछित जिलों में पोस्टिंग दी जाएगी। इसके लिए उनसे ऑनलाइन विकल्प लिया जाएगा। एक ही जिले के कर्मचारी तीन साल के लिए इसके दायरे में आएंगे।कार्मिक विभाग द्वारा मसौदा तैयार किया गया है और इसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।

राज्य सरकार हर साल तबादला नीति लाती है। इसके लिए मानव संपदा पोर्टल पर सभी विभागों से अधिकारियों एवं कर्मचारियों का विवरण ऑनलाइन किया जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार समूह ‘ए’ और ‘बी’ के अधिकारी जिन्होंने एक ही जिले में तीन साल और संभाग में सात साल की सेवा के दौरान सात साल पूरे कर लिए हैं, वे इसके दायरे में आएंगे।

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समूह ‘ए’ के ​​अधिकारियों को उनके गृह मंडलों में और समूह ‘बी’ के अधिकारियों को उनके गृह जिलों में प्रतिनियुक्त नहीं करने का प्रस्ताव है। स्थानांतरित अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या 20 प्रतिशत तक रखने का विचार है।

जिले से आठ कर्मचारी जाएंगे सारंगढ़ जिले में:सारंगढ़ में जिला गठन में ओएसडी की पदस्थापना के बाद नए कार्यालय की भी स्थापना हो रही है

सारंगढ़ में जिला गठन में ओएसडी की पदस्थापना के बाद नए कार्यालय की भी स्थापना हो रही है। वहां जाने के लिए कर्मचारी एवं अफसरों से सहमति मांगी गई थी। तमनार, धरमजयगढ़, खरसिया, रायगढ़ और लैलूंगा के तहसील और जिला कार्यालय के आठ कर्मचारियों ने सारंगढ़ जाने के लिए सहमति दी है। जिन ब्लॉक कर्मचारियों को वहां पर पदस्थापना दी गई है, उनके बदले दूसरे स्टाफ की भर्ती होने तक उन्हें रिलीव नहीं किया जाएगा।

कुछ दिनों पहले राजस्व विभाग के ही कर्मचारियों से सारंगढ़ जाने पर सहमति मांगी थी। बलौदाबाजार, बरमकेला और सारंगढ़ इलाके रहने वाले कर्मचारियों ने घर के नजदीक जिला गठन के कारण रुचि दिखाई है। दूसरे विभागों के कर्मचारी सारंगढ़ नए जिले में जाना चाहते हैं, कुछ लोगों ने आवेदन किया था। विभाग के एचओडी से परमिशन मिलने के बाद शासन स्तर से मंजूरी के बाद पदस्थापना होगी। 15 अगस्त से सारंगढ़ नए जिले की स्थापना के बाद कामकाज शुरू होने की बात कही जा रही है।