Wednesday, April 29, 2026
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जानें काशी विश्वनाथ मंदिर में ज्योतिर्लिंग के स्थापना की कहानी

12 ज्योतिर्लिंगों में से सातवां ज्योतिर्लिंग काशी विश्वनाथ है. इसके दर्शन मात्र से ही लोगों को मोक्ष की प्राप्ति होती है. वाराणसी एक ऐसा पावन स्थान है जहाँ काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग विराजमान है. यह शिवलिंग काले चिकने पत्थर का है. काशी, यानि कि वाराणसी सबसे प्राचीन नगरी है. 51 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ मणिकर्णिका भी यहीं स्थित है। इस मंदिर का कई बार जीर्णोंद्धार हुआ.

मंगला- सुबह के 3 बजे

भोग- सुबह 11: 30 बजे

सप्त ऋषि आरती- शाम 7 बजे

श्रृंगार / भोग आरती- रात 9 बजे

शयन आरती- रात 10: 30 बजे

 इतिहास

वाराणसी यानि काशी का जिक्र उपनिषदों और पुराणों में किया गया है. काशी शब्द की उत्पत्ति ‘कास’ शब्द से हुई, जिसका अभिप्राय है चमक.इस बात के साक्ष्य मिलते हैं कि काशी विश्वनाथ मंदिर की स्थापना 1490 में हुई थी. काशी नगरी कई प्रसिद्ध और प्रतापी राजाओं के शासन का गवाह रहा है. हम में से कुछ शायद ये जानते होंगे कि काशी में अल्प समय के लिए बौद्ध शासकों ने भी शासन किया था.

विश्वनाथ मंदिर में ज्योतिर्लिंग की स्थापना

पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान शिव देवी पार्वती से विवाह करने के बाद कैलाश पर्वत आकर रहने लगे. वहीं देवी पार्वती अपने पिता के घर रह रही थीं जहां उन्हें बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था. देवी पार्वती ने एक दिन भगवना शिव से उन्हें अपने घर ले जाने के लिए कहा. भगवान शिव ने देवी पार्वती की बात मानकर उन्हें काशी लेकर आए और यहां विश्वनाथ-ज्योतिर्लिंग के रूप में खुद को स्थापित कर लिया.

इस मंदिर का उल्लेख महाभारत और उपनिषदों में भी है. इस मंदिर का निर्माण किसने कराया इसके बारे में पुख्ता जानकारी नहीं है. साल 1194 में मुहम्मद गौरी ने इस मंदिर को लूटने के बाद इसे तुड़वा दिया था. इस मंदिर का निर्माण फिर से कराया गया लेकिन जौनपुर के सुल्तान महमूद शाह ने इसे दोबारा तुड़वा दिया. इतिहासकारों के मुताबिक विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार अकबर के नौरत्नों में से एक राजा टोडरमल ने कराया था. उन्होंने साल 1585 में अकबर के आदेश पर नारायण भट्ट की मदद से इसका जीर्णोद्धार कराया.

रानी अहिल्याबाई होल्कर ने काशी विश्वनाथ मंदिर का आखिरी बार पुनर्निर्माण और नवीनीकरण करवाया था. उन्होंने न केवल मंदिर के नवीनीकरण की जिम्मेदारी ली थी, बल्कि इसके पुनर्निमाण के लिए काफी धनराशि दान की. बाद में औरंगजेब ने मंदिर को ध्वस्त कर उसके स्थान पर मस्जिद का निर्माण करा दिया. मंदिर के अवशेष आज भी मस्जिद की पश्चिमी दीवार पर उत्कृष्ट और जटिल कलात्मक कला के रूप में गोचर है.

मंदिर का वास्तुशिल्प

इंदौर की रानी द्वारा किए गए मंदिर के पुनर्निर्माण के उपरांत, महाराजा रंजीत सिंह ने इस मंदिर के शिखर के पुनर्निमाण के लिए लगभग एक टन सोना दान दिया था. काशी विश्वनाथ मंदिर की मीनारों को सोने से मढ़वाया गया. इन मीनारों की ऊंचाई लगभग 15.5 मीटर है। इस मंदिर में एक आतंरिक पवित्र स्थान है, जहाँ फर्श पर चांदी की वेदी में काले पत्थर से बना शिवलिंग स्थापित है. यहाँ दक्षिण में एक कतार में तीन धार्मिक स्थल स्थित हैं. मंदिर के इर्द-गिर्द, यहाँ पांच लिंगों का एक समूह है, जो संयुक्त रूप से नीलकंठेश्वर मंदिर कहलाता है.

दुनिया भर के श्रद्धालुओं का जमावड़ा

काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट साल भर खुले रहते हैं। दुनिया भर से भक्त भगवान का दर्शन करने के लिए यहां आते हैं. इस मंदिर में पांच प्रमुख आरतियाँ होती है. अगर आपने कभी यहाँ की आरती को देखा है तो यकीनन आप इस विस्मयकारी दृश्य को भूल नहीं सकते.

 

साकार हो सकता है सबसे बड़ा सपना, अपने प्रयासों पर नियंत्रण रखें

वैदिक ज्योतिष में कुल 12 राशियों का वर्णन किया गया है। प्रत्येक राशि पर एक ग्रह का शासन होता है। राशिफल की गणना ग्रहों और सितारों की चाल से की जाती है। 14 दिसंबर मंगलवार को और इस दिन नियमानुसार हनुमान जी की पूजा की जाती है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार 14 दिसंबर को मोक्षदा एकादशी का व्रत भी रखा जाएगा. एकादशी तिथि भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है। जानिए 14 दिसंबर 2021 को किन राशियों को मिलेगा फायदा और किन राशियों पर नजर रखनी है। मेष से मीन तक पढ़ें…

14 दिसंबर 2021 राशिफल: मेष- आज आप शिक्षा के क्षेत्र में तरक्की कर सकते हैं। किसी और का प्रोत्साहन देखकर आप उत्साहित हो सकते हैं। इस राशि के जातक को उनकी क्षमताओं के लिए सम्मानित किया जा सकता है। आज समाज में आपका स्तर ऊंचा रहेगा। आप अपने बच्चों के साथ समय बिता सकते हैं।

वृष – आपकी बातों और कार्यों का असर लोगों पर पड़ सकता है. लोग आपके विचारों को सुनेंगे। आज आपको किसी मीटिंग-फंक्शन के लिए कॉल आ सकती है। परिवार वालों का पूरा सहयोग और सहयोग मिलेगा। दूर-दूर के लोगों से बात करें।

मिथुन- आपके परिवार से जुड़े जटिल मामले आसानी से सुलझ जाएंगे. भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा। यदि आप आज कोई नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अपने माता-पिता से सलाह अवश्य लें। वरिष्ठों के साथ संबंधों में आ रही रुकावटें दूर होंगी, लेकिन काम का बोझ बढ़ेगा।

कर्क- आपका सबसे बड़ा सपना पूरा हो सकता है. लेकिन अपनी ऊर्जा पर नियंत्रण रखें, क्योंकि अधिक खुशी परेशानी का कारण बन सकती है। बस बैठने से ज्यादा कुछ करें और आज कुछ ऐसा करें जिससे आपकी आय में वृद्धि हो। अपनी पत्नी की उपलब्धियों की सराहना करें और उसकी सफलता और खुशी का जश्न मनाएं।

सिंह- आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। आपके स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। ऑफिस में आपके काम की तारीफ हो सकती है। इस राशि के व्यापारी वर्ग को धन की प्राप्ति हो सकती है। शाम को दोस्तों के साथ घूमने का प्लान बना सकते हैं। पत्नी के साथ संबंधों में मधुरता आएगी।

कन्या- दिन आपके लिए सामान्य रहेगा। लेन-देन और निवेश के लिए नई योजनाएँ बनाएं। आपके चारों ओर गतिविधि होगी। आपकी एकाग्रता उच्चतम स्तर पर रहेगी और आपको एक साथ कई काम निपटाने पड़ सकते हैं। लोगों से मिलने या परिवार के साथ कहीं जाने का कार्यक्रम बन सकता है।

तुला – आज के दिन आप पर सबसे ज्यादा हनुमानजी की कृपा बनी रहेगी. बिजनेस क्लास के लोग अपने काम को आगे बढ़ाने से पहले पूरी तरह से जांच-परख कर लें, फिर आगे बढ़ें। इस दिन मांसाहारी भोजन से दूर रहें। छात्रों को ग्रह समायोजन से लाभ होगा।

वृश्चिक- भावनात्मक रूप से दिन बहुत अच्छा नहीं रहेगा. किसी नए वित्तीय समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा और पैसा आपके पास आएगा। आपको अपने दैनिक कार्यों से ब्रेक लेना चाहिए और आज दोस्तों के साथ घूमने की योजना बनानी चाहिए। आज जीवन से रोमांटिक पक्ष गायब हो जाएगा।

धनु- आज का दिन आपके लिए शानदार रहेगा। आप अपनी बुद्धि से सब कुछ आसान कर देंगे। कला के प्रति आपकी रुचि बढ़ेगी। आपका स्वास्थ्य स्वस्थ बना रहेगा। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। पैसों के मामले में आपकी स्थिति मजबूत होगी। किसी की समस्या का समाधान आपको आसानी से मिल सकता है।

मकर – व्यापार और नौकरी में कुछ अच्छा होने के संकेत हैं. परिवार के साथ कुछ खास चर्चा हो सकती है। आप ऑफिस के काम या अपने किसी शौक में व्यस्त हो सकते हैं। कुछ महत्वपूर्ण साझेदारियों की दिशा में भी प्रगति की संभावना है।

कुंभ- आज आपको किसी खास कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिलेगा. बजरंगबली की कृपा से आपके जीवन के सभी प्रकार के दुखों का अंत होगा। मानसिक कष्ट कम होगा। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होगा। आपको अपने व्यवसाय को तेजी से बढ़ाने के लिए उत्तोलन मिलता है।

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मीन – अपनी ऊर्जा का प्रयोग व्यक्तित्व के विकास में करें, जिससे आप बेहतर बन सकते हैं. वित्तीय लेन-देन करते समय और बात करते समय आपको सावधान रहने की आवश्यकता है। दोस्तों के साथ शाम बिताना न सिर्फ दिलचस्प होगा, बल्कि साथ में छुट्टियां बिताने के प्लान पर भी चर्चा होगी।

2022 में पैसों की तंगी से बचाएंगे ये 6 आसान उपाय, नहीं होगी धन की बर्बादी

कोलकाताः नए साल 2022 के आने में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। हर कोई चाहता है कि आने वाला साल उनके जीवन में खुशियां लेकर आए। खूब तरक्की हो और धन संबंधी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े। ज्योतिष में कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं, जिन्हें करने से ना सिर्फ आर्थिक तंगी दूर होगी, बल्कि मां लक्ष्मी की हमेशा आप पर कृपा बनी रहेगी।

करें ये उपाय

अपने पर्स में हमेशा बैठी हुई मां लक्ष्मी का चित्र रखें. ऐसा करने से पैसों की तंगी दूर होगी

पीपल के पत्ते पर स्वास्तिक बनाकर इसे अपने पर्स या तिजोरी में रखें. ऐसा करने से लाभ मिलेगा।

लाल रंग के कागज पर अपनी इच्छा लिखकर इसे मंदिर में रख दें, इसके बाद रोज धूप दीप से पूजा करें। ऐसा करने से आपकी मनोकामना पूरी होगी।

अपने पर्स में हमेशा चावल के कुछ दाने जरूर रखें। ध्यान रहे कि चावल के दाने टूटे नहीं होने चाहिए। ऐसा करने से वेबजह होने वाली पैसों की बर्बादी रुक जाएगी।

माता पिता या फिर घर के किसी बुजुर्ग से आपको पैसे मिलें तो इनको खर्च नहीं करें। इन पैसों को आशीर्वाद स्वरूप मानकर अपने पर्स में रख लें। हो सके तो इन पैसों पर केसर या हल्दी का तिलक लगाकर तिजोरी में भी रखें। ऐसा करने से हमेशा बरकत बनी रहेगी।

नए साल के पहले दिन भगवान गणेश के मंदिर में जाएं। गणेश जी को लड्डुओं का भोग लगाने के बाद प्रसाद को गरीबों में बांट दें। ऐसा करने से आपके धन संबंधी कार्य बनेंगे साथ ही कारोबार में भी बरकत आएगी।

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आइए काशी विश्वनाथ मंदिर से जुड़े कुछ तथ्यों पर एक नजर डालते हैं

डिजिटल डेस्क:  पत्थरों और अन्य सामग्री के साथ पारंपरिक शिल्प कौशल का उपयोग कर प्रवेश द्वार और अन्य संरचनाएं बनाई गई हैं.रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के साथ ही श्री काशी विश्वनाथ कारिडोर तक पीएम मोदी के काम की चमक अब दिखने लगी है. आइए काशी विश्वनाथ मंदिर से जुड़े कुछ तथ्यों पर एक नजर डालते हैं जिनके बारे में अधिकतर लोगों को शायद ही पता हो.

काशी विश्वनाथ मंदिर से जुड़े 11 तथ्य

  1. काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग दो भागों में है दाहिने भाग में शक्ति के रूप में माँ भगवती विराजमान हैं दूसरी ओर भगवान शिव वाम रूप (सुंदर) रूप में विराजमान हैं इसीलिए काशी को मुक्ति क्षेत्र कहा जाता है
  2. देवी भगवती के दाहिनी ओर विराजमान होने से मुक्ति का मार्ग केवल काशी में ही खुलता है यहाँ मनुष्य को मुक्ति मिलती है और दोबारा गर्भधारण नहीं करना होता है भगवान शिव खुद यहाँ तारक मंत्र देकर लोगों को तारते हैं अकाल मृत्यु से मरा मनुष्य बिना शिव अराधना के मुक्ति नहीं पा सकता
  3. श्रृंगार के समय सारी मूर्तियां पश्चिम मुखी होती हैं इस ज्योतिर्लिंग में शिव और शक्ति दोनों साथ ही विराजतें हैं, जो अद्भुत है ऐसा दुनिया में कहीं और देखने को नहीं मिलता है
  4. विश्वनाथ दरबार में गर्भ गृह का शिखर है इसमें ऊपर की ओर गुंबद श्री यंत्र से मंडित है तांत्रिक सिद्धि के लिए ये उपयुक्त स्थान है इसे श्री यंत्र-तंत्र साधना के लिए प्रमुख माना जाता है
  5. बाबा विश्वनाथ के दरबार में तंत्र की दृष्टि से चार प्रमुख द्वार इस प्रकार हैं :- 1. शांति द्वार 2. कला द्वार 3. प्रतिष्ठा द्वार
  6. निवृत्ति द्वार इन चारों द्वारों का तंत्र में अलग ही स्थान है पूरी दुनिया में ऐसा कोई जगह नहीं है जहाँ शिवशक्ति एक साथ विराजमान हों और तंत्र द्वार भी हो
  7. बाबा का ज्योतिर्लिंग गर्भगृह में ईशान कोण में मौजूद है इस कोण का मतलब होता है, संपूर्ण विद्या और हर कला से परिपूर्ण दरबार तंत्र की 10 महा विद्याओं का अद्भुत दरबार, जहाँ भगवान शंकर का नाम ही ईशान है
  8. मंदिर का मुख्य द्वार दक्षिण मुख पर है और बाबा विश्वनाथ का मुख अघोर की ओर है इससे मंदिर का मुख्य द्वार दक्षिण से उत्तर की ओर प्रवेश करता है इसीलिए सबसे पहले बाबा के अघोर रूप का दर्शन होता है यहाँ से प्रवेश करते ही पूर्व कृत पाप-ताप विनष्ट हो जातें हैं
  9. भौगोलिक दृष्टि से बाबा को त्रिकंटक विराजते यानि त्रिशूल पर विराजमान माना जाता है मैदागिन क्षेत्र जहाँ कभी मंदाकिनी नदी और गौदोलिया क्षेत्र जहाँ गोदावरी नदी बहती थी इन दोनों के बीच में ज्ञानवापी में बाबा स्वयं विराजतें हैं मैदागिन-गौदौलिया के बीच में ज्ञानवापी से नीचे है, जो त्रिशूल की तरह ग्राफ पर बनता है इसीलिए कहा जाता है कि काशी में कभी प्रलय नहीं आ सकता
  10. बाबा विश्वनाथ काशी में गुरु और राजा के रूप में विराजमान है वह दिनभर गुरु रूप में काशी में भ्रमण करते हैं रात्रि नौ बजे जब बाबा का श्रृंगार आरती किया जाता है तो वह राज वेश में हो जातें हैं इसीलिए शिव को राजराजेश्वर भी कहतें हैं
  11. बाबा विश्वनाथ और माँ भगवती काशी में प्रतिज्ञाबद्ध हैं माँ भगवती अन्नपूर्णा के रूप में हर काशी में रहने वालों का पेट भरती हैं वहीं, बाबा मृत्यु के पश्चात तारक मंत्र देकर मुक्ति प्रदान करतें हैं बाबा को इसीलिए ताड़केश्वर भी कहतें हैं

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14 दिसंबर से 14 जनवरी तक खरमास, विवाह समेत ये मंगल कार्य बंद

कोलकाताः सूर्य का किसी राशि में प्रवेश संक्रांति कहलाता है और जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं तो इसे धनु संक्रांति कहा जाता है। धनु राशि बृहस्पति की आग्नेय राशि है और इसमें सूर्य का प्रवेश विशेष परिणाम पैदा करता है। ऐसे में बीमारियां और रोग बढ़ते हैं। लोगों के मन में खूब सारी चंचलता आ जाती है। इस समय ज्योतिषीय कारणों से शुभ कार्य वर्जित हो जाते हैं, इसलिए इसे धनु खरमास भी कहते हैं। इस बार खरमास 14 दिसंबर से 14 जनवरी तक रहने वाला है।

शादी-विवाह होंगे बंद
किसी भी विवाह का सबसे बड़ा उद्देश्य सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। धनु राशि को सम्पन्नता और भाग्य की राशि माना जाता है। इस समय सूर्य धनु राशि में चला जाता है, जिसको सुख समृद्धि के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। इस समय अगर विवाह किया जाए तो न तो भावनात्मक सुख मिलेगा और न ही शारीरिक सुख प्राप्त होगा। साथ ही हर तरह से भाग्य कमजोर होने की स्थिति बन जाएगी।

खरमास में अगर मकान बनाया जाए तो उसका सुख मिल पाना काफी कठिन होगा। अगर ऐसा प्रयास किया जाए तो काम बीच में बाधाओं के कारण रुक भी सकता है। कभी-कभी दुर्घटनाओं की संभावनाएं भी बन जाती हैं। इस अवधि में बनाए गए मकान आमतौर पर कमजोर होते हैं और उनसे निवास का सुख नहीं मिल पाता है।

धनु खरमास में नया व्यवसाय आरम्भ करना आर्थिक मुश्किलें बढ़ाता है। ऐसे में खर्चे काफी बढ़ सकते हैं। इस अवधि में शुरू किए हुए व्यवसाय बीच में रुक जाते हैं या व्यवसाय में काफी कर्ज हो हो सकता है, जिसका हर्जाना आपको लंबे समय तक भुगतना पड़ सकता है।

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इस अवधि में अन्य मंगल कार्य भी वर्जित होते हैं, क्योंकि धनु राशि यानी अग्नि भाव में सूर्य का होना इस अवधि में चीजों को बिगाड़ सकता है। साथ ही साथ इस अवधि के किए गए कार्यों से रिश्तों के खराब होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

अगर प्रेम विवाह या स्वयंवर का मामला हो तो विवाह किया जा सकता है। जो कार्य नियमित रूप से हो रहे हों उनको करने में भी खरमास का कोई बंधन या दबाव नहीं है। गया में श्राद्ध भी इस अवधि में किया जा सकता है, उसकी भी वर्जना नहीं है।

आज का दिन रहेगा बहुत शुभ फलदायक, बना रहा दो अद्भुत संयोग

 एस्ट्रो डेस्क : ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का बहुत महत्व है । पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं। आज 14 दिसंबर मंगलवार का दिन है। मार्गशीर्ष की शुक्ल पक्ष एकादशी 11:35 PM तक उसके बाद द्वादशी तक है। सूर्य सिंह राशि में योग-परिघ, करण विष्टि और बव मार्गशीर्ष मास है, आज का दिन बहुत ही शुभ फलदायक है। देखिए आज का पंचांग…

आज 14 दिसंबर का पंचांग हिन्दू मास एवं वर्ष शक सम्वत- 1943 प्लव विक्रम सम्वत- 2078 आज की तिथि तिथि-एकादशी 11:35 PM तक उसके बाद द्वादशी आज का नक्षत्र-अश्विनी 04:40 AM, 15 दिसंबर तक आज का करण- विष्टि और बव आज का पक्ष- शुक्ल पक्ष आज का योग- परिघ आज का वार-मंगलवार सूर्योदय-7:04 AM सूर्यास्त-5:39 PM आज चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय चन्द्रोदय-2:35 PM चन्द्रास्त-3:33 AM सूर्य -सूर्य वृश्चिक राशि पर है चन्द्रमा राशि चन्द्रमा- चन्द्रमा मेष राशि पर संचार करेगा दिन -मंगलवार माह- मार्गशीर्ष व्रत- मोक्षदा एकादशी अयन – दक्षिणायन

उड़ीशा के बालासोर से सफल सुपरसोनिक मिसाइल स्मार्ट परीक्षण

ये दो बड़ी एक्ट्रेस कोरोना पॉजिटिव,कुछ और हस्तियों की रिपोर्ट आज आ सकती है

मुंबई: कोरोना का खतरा कम जरूर हुआ है लेकिन टला नहीं है। महाराष्ट्र में संक्रमण की दूसरी लहर का सबसे बुरा असर देखने को मिला था जो अब तक जारी है। ताजा जानकारी के मुताबिक एक्ट्रेस करीना कपूर खान और अमृता अरोड़ा कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं। बीएमसी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक करीना कपूर और अमृता अरोड़ा के सुपर स्प्रेडर होने की भी संभावना जताई जा रही है। यह दोनों काफी अच्छी दोस्त हैं और बॉलीवुड के कई सितारों से लगातार इनकी मुलाकातें होती रही हैं। साथ ही दोनों एक्ट्रेस पिछले कुछ दिनों में बॉलीवुड की कई पार्टियों में शिरकत कर चुकी हैं। बीएमसी ने इनके कॉन्टैक्ट्स की ट्रेसिंग शुरू कर दी है। इनके कॉन्टैक्ट्स में से कुछ और हस्तियों की रिपोर्ट आज आ सकती है।

कुलपति ने खिलाड़ियों को खेल भावना से खेलने का दिया मंत्र

कुलपति ने खिलाड़ियों को खेल भावना से खेलने का दिया मंत्र

अयोध्या: डॉ० राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के क्रीड़ा विभाग आवासीय परिसर द्वारा 26वें दीक्षांत समारोह के परिप्रेक्ष्य में 13 दिसम्बर 2021 दिन सोमवार को दीक्षांत खेल प्रतियोगिता-2021 के अंतर्गत बैडमिंटन और शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जबरजीत सिंह एवं अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। शतरंज प्रतियोगिता में छात्र वर्ग में बीटेक विभाग से सत्य नारायण मौर्य विजेता और शारीरिक शिक्षा विभाग से आशुतोष सिंह उपविजेता रहे। वहीं छात्रा वर्ग में मास्टर ऑफ आर्ट्स विभाग से रुपाली चैधरी विजेता और ब्यूटी शुक्ला उपविजेता रही। बैडमिंटन खेल के छात्रा वर्ग में  शारीरिक शिक्षा विभाग से सिजल वासिम विजेता और अंजू चैहान उपविजेता  वहीं छात्र वर्ग में राजन विजेता और भास्कर सिंह उपविजेता रहे।

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इस अवसर पर मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जबरजीत सिंह ने कहा कि किसी भी कार्य को मन से करना चाहिए। उसमें सफलता मिलना सुनिश्चित है। एक अच्छा खिलाड़ी अपने संस्थान का ब्रांड एम्बेसडर होता है। इसी लिए उसे खेल के प्रति समर्पित होना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह ने खिलाड़ियों को खेल भावना से खेलने का मंत्र दिया और कहा कि पूरे मनोयोग से खेल के प्रति समर्पित हो। स्वागत भाषण में प्रो0 नीलम पाठक ने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए सभी को बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी। क्रीड़ा प्रभारी आवासीय परिसर के डॉ0 मुकेश कुमार वर्मा ने मंचासीन सभी अतिथियों और दीक्षांत खेल आयोजन समिति के उपस्थित सदस्यों और विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, छात्र छात्राओं का धन्यवाद किया।

इथियोपियाई विद्रोहियों ने फिर से पारंपरिक लालिबेला को किया कब्जा

कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा सर्वप्रथम मुख्य अतिथि और मंचासीन सभी अतिथियों को बैज लगाकर स्वागत किया। उसके उपरांत माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन किया गया। विश्वविद्यालय कुलगीत की प्रस्तुति कर परंपरागत तरीके से की गई। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेटकर किया गया। पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। निर्णायक की भूमिका अरविंद तिवारी और शुभम त्रिपाठी, विकास यादव, नरायन और आदेश श्रीवास्तव, जया सिंह ने निभाई। मंच संचालन डॉ0 आशीष पटेल ने किया। इस अवसर पर कुलसचिव उमानाथ, प्रो0 हिमांशु शेखर सिंह, प्रो0 के के वर्मा, प्रो0 रमापति मिश्र, डॉ0 दिनेश कुमार सिंह, डॉ0 प्रभात कुमार सिंह, डॉ0 कपिल राणा, डॉ0 अनुराग तिवारी,डॉ0 अनुराग सिंह, के0 के0 मिश्र, आनंद मौर्य, के के सिंह,तथा छात्र छात्राओं, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की उपस्थिति रही।

इथियोपियाई विद्रोहियों ने फिर से पारंपरिक लालिबेला को किया कब्जा

 डिजिटल डेस्क : टाइगर विद्रोहियों ने उत्तरी इथियोपिया के लालिबेला शहर पर फिर से कब्जा कर लिया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स और एएफपी ने स्थानीय निवासियों के हवाले से कहा है। इथियोपिया के सरकारी बलों और सहयोगियों ने शहर पर नियंत्रण करने के दो सप्ताह से भी कम समय के बाद, विद्रोहियों ने इसे फिर से कब्जा कर लिया।नवंबर 2020 में, इथियोपियाई सरकारी बलों और टाइगर बलों के बीच झड़पें हुईं। इस साल जून के अंत में, टाइग्रे सेना ने टाइग्रे क्षेत्र के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया। इथियोपिया के सैनिकों को वहां से हटा लिया गया था। महीनों की लड़ाई के बाद, इथियोपिया सरकार ने हाल ही में टाइग्रिस के खिलाफ अभियान फिर से शुरू किया।

एक स्थानीय निवासी ने अल जज़ीरा को सोमवार दोपहर टेलीफोन द्वारा बताया कि टाइगर सेनानियों को सिटी सेंटर में तैनात किया गया था। कोई लड़ाई नहीं हो रही है। एक अन्य निवासी ने कहा कि वे (टाइग्रे विद्रोही) लौट आए हैं। यहां पहले ही पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि वे शायद पूर्वी क्षेत्र से आए हैं।

रेजिडेंट के मुताबिक इलाके के ज्यादातर लोग दहशत में हैं और कुछ भाग रहे हैं. कई लोग जवाबी कार्रवाई के डर से भाग गए हैं। सरकारी बलों द्वारा क्षेत्र पर कब्जा करने के बाद कई स्थानीय लोगों ने खुशी मनाई।लालिबेला शहर यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल है। 11 मध्ययुगीन पत्थर के चर्च हैं। यह इथियोपियन ऑर्थोडॉक्स चर्च के भक्तों के लिए भी एक पवित्र स्थान है।

टाइग्रे में पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट (टीपीएलएफ) ने एक बयान जारी किया है। टीपीएलएफ से जुड़े मीडिया को जारी बयान में कहा गया है कि उन्होंने गशेना और लालिबेला को जोड़ने वाली सड़क सहित कई क्षेत्रों में जवाबी हमले किए।बयान में आगे कहा गया है कि टीपीएलएफ के सदस्यों ने पहले अपना बचाव किया और बाद में सरकार और सहयोगी बलों के खिलाफ जवाबी हमले शुरू किए। जीत के लिए गशेना और आसपास के इलाकों में हमले हो रहे हैं.

अल-जज़ीरा का कहना है कि इथियोपिया सरकार के प्रवक्ता से शहर पर फिर से कब्जा करने पर तुलु की टिप्पणियों को सुनने का प्रयास किया गया था। हालांकि, उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। अल जज़ीरा ने टीपीएलएफ के प्रवक्ता गेटाचियो रेडार के हवाले से कहा कि उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

ओमिक्रॉन के खतरे के बीच, शादी-पार्टी अटेंड करने वालों को WHO की ये सलाह

एक प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमहारा क्षेत्र में विशेष बलों और उनके सहयोगियों ने शनिवार रात लालिबेला छोड़ना शुरू कर दिया। ये दोनों सेनाएं इथियोपियाई सरकार के करीबी सहयोगी हैं।अल-जज़ीरा ने सैन्य सूत्रों के हवाले से कहा कि सरकार समर्थक बल वाल्डिया शहर पर आगे बढ़ रहे हैं। वाल्डिया टीपीएलएफ का गढ़ है। टीपीएलएफ से जुड़े बलों ने अगस्त की शुरुआत में शहर पर कब्जा कर लिया। हालांकि, 1 दिसंबर को, शहर को इथियोपियाई सेना और उसके सहयोगियों द्वारा अम्हारा क्षेत्र में पुनः कब्जा कर लिया गया था।

ओमिक्रॉन के खतरे के बीच, शादी-पार्टी अटेंड करने वालों को WHO की ये सलाह

कोलकाताः भारत में कोरोनावायरस की दूसरी लहर ने क्या कहर मचाया था, हम सभी को याद है। मामलों में लगातार वृद्धि के साथ जान से हाथ धोने वालों का भी आकड़ा चरम पर पहुंच गया था। इस दौरान लोगों के पास नेचुरल इम्यूनिटी बढ़ाने के अलावा और कोई चारा नहीं था। अब चूंकि , नए कोविड वैरिएंट ओमिक्रॉन की भारत में एंट्री हो चुकी है, तो डब्लयूएचओ ने लोगों को चेतावनी के साथ सुझाव भी दिए हैं। उसने कहा है कि दुनियाभर में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों की संख्या के साथ हो सकता है आने वाले त्योहार कुछ फीके पड़ जाएं। अगर आप लापरवाह होकर शादी-पार्टी के फंक्शन एन्जॉय कर रहे हैं, तो थोड़ा सर्तक हो जाएं। सभी निवारक उपाय करते रहें और कोशिश करें कि आपके करीबियों को टीका लग गया हो।

डब्लयूएचओ के प्रमुख डॉ टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने कहा कि – दक्षिण अफ्रीका के उभरते हुए आंकड़े बताते हैं कि ओमिक्रॉन के साथ फिर से संक्रमित होने का खतरा बढ़ गया है। उन्हेंने लोगों को चेतावनी दी है कि अब किसी तरह के शादी-पार्टी के फंक्शन को अटैंड करना लोगों पर भारी पड़ सकता है। इसमें लोगों की जान तक जा सकती है। इसी के साथ डब्लयूएचओ के आपात निदेशक माइकल रयान ने कहा है कि मौजूदा डाटा से पता चलता है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट डेल्टा वैरिएंट के मुकाबले बहुत कुशलता के साथ संचारण कर रहा है।​दो बार पॉजिटिव आने वालों को री-इंफेक्शन का खतरा ज्यादा

यह चिंताजनक बयान ऐसे समय आया है जब हर कोई फेस्टिव मूड में है। क्रिसमस और नए साल के नजदीक आने के साथ , लोगों ने कोरोना से संक्रमित होने की चिंता लगभग छोड़ दी थी। लेकिन ओमिक्रॉन वैरिएंट के साथ फिर से संक्रमित होने के बयान के बाद खासतौर से जो लोग पहले वायरस से संक्रमित हो चुके थे और ठीक भी हो गए थे, उनका डर फिर से बढ़ जाएगा।दक्षिण अफ्रीका में हुए एक अध्ययन की एक समीक्षा की गई। इसमें कोविड -19 के 2,796,982 मामलों की पृष्टि की गई है। ये सभी मामले 27 नवंबर से 90 दिन पहले के हैं। उन्होंने कहा जो भी व्यक्ति अपने पहले पॉजिटिव टेस्ट के 90 दिन बाद फिर से कोरोना पॉजिटिव हुआ है, उसके दोबारा संक्रमित होने का संदेह ज्यादा था।

फिलहाल वैक्सीन है सबसे सेफ

अगर आपको पहले कोविड हुआ है, तो यह जरूरी है कि आप किसी भी कीमत पर वैक्सीन लगवांए। विशेषज्ञों ने ठीक होने वाले रोगियों को वैक्सीन शॉट्स लेने के लिए निगेटिव टेस्ट के बाद कम से कम तीन महीने रिकवर करने की सलाह दी है। राहत की बात है कि वैक्सीनेशन न कराने वालों की तुलना में वैक्सीन लगवा चुके लोगों में अस्पताल में भर्ती होने की नौबत कम आ रही है।​ त्योहार और छुट्टियां एन्जॉय करने का मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि हम इसके प्रति गैरजिम्मेदार और लापरवाह हो जाएं। खासतौर से जब बात कोविड -19 की हो, तो हमें और ज्यादा सर्तक हो जाना चाहिए और सभी प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए।सबसे अच्छा और सुरक्षित तरीका है कि शादी-पार्टी के माहौल में भी मास्क पहने रखें। ऐसा करने से न केवल आप खुद वायरस से बच सकते हैं बल्कि अन्य व्यक्ति में भी वायरस को फैलने से रोक सकते हैं। फिर भले ही टीका लगा है या नहीं, मास्क पहने रखें। यह तब बहुत जरूरी है जब आप भीड़ भाड़ वाली जगह पर हों।

विवादास्पद टिप्पणी को लेकर तृणमूल ने रंजन गोगोई के खिलाफ जारी किया नोटिस

विवादास्पद टिप्पणी को लेकर तृणमूल ने रंजन गोगोई के खिलाफ जारी किया नोटिस

नई दिल्ली: तृणमूल (टीएमसी) ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की विवादास्पद टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ स्वतंत्रता भंग का नोटिस जारी किया है। तृणमूल सांसद मौसम नूर और तृणमूल के राज्यसभा सांसद जवाहर सरकार ने विरोध करते हुए संसद की एपिक कमेटी को पत्र लिखा।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस रंजन गोगोई की आत्मकथा ‘जस्टिस फॉर द जज: एन ऑटोबायोग्राफी’ हाल ही में प्रकाशित हुई है। गोगोई को विभिन्न मीडिया आउटलेट्स में अपनी किताब का प्रचार करते देखा गया है। कथित तौर पर ऐसी बातचीत में रंजन गोगोई ने कहा, ”मैं चाहूं तो राज्यसभा जा सकता हूं. मैं मनोनीत सदस्य हूं। किसी पार्टी का सदस्य नहीं।” उन्होंने आगे कहा, ‘कहां है राज्यसभा का जादू? अगर मैं ट्रिब्यूनल का अध्यक्ष होता, तो वेतन और भत्तों के मामले में मेरी स्थिति बेहतर होती। लेकिन मैं राज्यसभा से एक पैसा भी नहीं ले रहा हूं।”विपक्षी समूहों ने राज्यसभा के बहिष्कार का आह्वान किया। उनके कारण इस दिन गोगोई के खिलाफ स्वतंत्रता भंग का नोटिस लाया गया है. मौसम नूर और जहर सरकार ने भी संसद की एपिक कमेटी को शिकायती पत्र लिखा था।

सूत्रों के मुताबिक गोगोई को लेकर कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने भी जमीनी स्तर पर सहमति जताई है. इस मुद्दे पर विपक्ष की बैठक पहले ही हो चुकी है। यह भी उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में सभी विपक्षी दल गोगोई के खिलाफ नोटिस जारी कर सकेंगे.वैसे गोगोई की किताब को लेकर विवाद शुरू हो चुका था. इस किताब में अयोध्या मामले में फैसला सुनाने वाली बेंच के सदस्यों की तस्वीर है। इसका कैप्शन है, “अयोध्या फैसले के बाद खुशी।” गोगोई ने कहा कि वह फैसले के बाद शाम को बेंच के अन्य सदस्यों के साथ दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में गए थे। वहां हर कोई चाइनीज खाना और वाइन खाता है।

गोवा में NCP छोड़कर TMC में शामिल एकमात्र राकांपा विधायक

विवादित ऐतिहासिक फैसले के बाद ‘उत्सव’ की तस्वीर पर सवाल खड़ा हो गया है. एक साक्षात्कार में, गोगोई ने जवाब दिया, “कोई त्योहार नहीं है। जब आप दोस्तों के साथ डिनर पर जाते हैं तो क्या आप बाहर खाना नहीं खाते?” लेकिन क्या यह हारने वाले की नजर में असंवेदनशील नहीं होगा? गोगोई ने जवाब दिया, “इन जजों ने चार महीने तक कड़ी मेहनत की। हमें ब्रेक लेने की जरूरत महसूस हुई।”

गोवा में NCP छोड़कर TMC में शामिल एकमात्र राकांपा विधायक

 डिजिटल डेस्कः तृणमूल शिबिर गोवा में अपनी ताकत बढ़ा रहा है। कांग्रेस और गोवा गोमंत्रक पार्टी के बाद इस बार गोवा एनसीपी में भी फूट पड़ गई। गोवा से राकांपा की एकमात्र विधायक अलेमा चर्चिल सोमवार को पार्टी नेता ममता बनर्जी की मौजूदगी में जमीनी स्तर पर शामिल हुईं। उनकी बेटी भी शामिल हुई।

PM मोदी ने पहले कार्यकर्ताओं पर बरसाए फूल, फिर उनके साथ किया भोजन

गोवा में तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी, पार्टी के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और कई अन्य नेताओं ने भाग लिया। चर्चिल ने बैठक में जमीनी झंडा फहराया। इस संदर्भ में यह कहना अच्छा है कि 2014 में मुकुल रॉय का हाथ थामे जमीनी स्तर पर शामिल हुए थे। वह चुनाव के लिए भी खड़े हुए थे। लेकिन पराजित हो। उसके बाद भी वह जमीनी स्तर को छोड़कर राकांपा में शामिल हो गए थे। पिछली विधानसभा में अलेमा ने राकांपा के एकमात्र विधायक के रूप में भी जीत हासिल की थी। अलेमाओ ने यह भी कहा कि राकांपा की गोवा शाखा उस दिन तृणमूल में शामिल हुई थी।

PM मोदी ने पहले कार्यकर्ताओं पर बरसाए फूल, फिर उनके साथ किया भोजन

डिजिटल डेस्क :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वनाथ धाम का उद्घाटन करने के अलावा निर्माण श्रमिकों को एक विशेष तोहफा दिया. ऐसा तोहफा जो हर कोई पाना चाहता है। शुभारंभ से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण श्रमिकों पर पुष्पवर्षा की। लॉन्च के बाद पीएम मोदी ने स्टाफ के साथ लंच किया. मजदूरों और आम लोगों की तरह प्रधानमंत्री मोदी भी खाने बैठे.

कार्यकर्ताओं के अलावा, प्रधान मंत्री मोदी को चावल, दाल, रोटी, सब्जियां, करी और रायता भी परोसा गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने मिठाइयों के रूप में सूखे मेवे से बने लड्डू भी खाए। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में श्रमिकों को विशेष श्रेय दिया और कहा कि आज मैं उन सभी मेहनतकश भाइयों और बहनों का आभार व्यक्त करना चाहता हूं जिन्होंने इस विशाल परिसर को बनाने में कड़ी मेहनत की है. उन्होंने कोरोना के इस प्रतिकूल समय में भी यहां काम रुकने नहीं दिया।इससे पहले बाबा विश्वनाथ के अभिषेक के बाद प्रधानमंत्री मोदी सीधे कार्यकर्ताओं तक पहुंचे. उन्होंने कार्यकर्ताओं पर पुष्पवर्षा की। फिर उन्होंने उनके साथ बैठकर ग्रुप फोटो खिंचवाई। इस दौरान उन्होंने अपने लिए रखी कुर्सी को भी हटा दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को इशारा किया, उन्हें बुलाया और तस्वीरें लीं।

प्रोटोकॉल तोड़कर आम जनता तक पहुंचना

वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्वनाथ मंदिर जाने से पहले यहां के संकरे रास्ते पर स्थित काल भैरव मंदिर पहुंचें। वहां से लौटने पर उन्होंने प्रोटोकॉल तोड़ा और आम लोगों तक पहुंचे. इस समय उन्होंने लोगों के स्नेह के सम्मान में साफा और पगड़ी भी पहनी थी।वाराणसी हवाई अड्डे पर पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले काशी कोतवाल नामक काल भैरव मंदिर पहुंचे। वाराणसी में मान्यता है कि यहां कोई भी समारोह शुरू करने से पहले काल भैरव की अनुमति जरूरी होती है। यहां कोई अधिकारी तैनात भी हो तो वह कल सबसे पहले भैरव मंदिर जाते हैं।

कल भैरव मंदिर में पूजा और आरती के बाद प्रधानमंत्री मोदी बिश्वनाथ मंदिर के लिए रवाना हुए और उनके बीच लोगों की भीड़ देखी. इस दौरान कई लोगों ने सेल्फी ली। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को बधाई दी. वह कार से उतरे तो रास्ते में खड़े लोगों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसे लेकर सुरक्षा बल सक्रिय हो गए। लेकिन काशी की जनता के प्यार को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने और आम लोगों के बीच की सुरक्षा हटाकर कार का दरवाजा भी खोल दिया.

क्या स्मृति ईरानी के खिलाफ फिर लड़ेंगे राहुल गांधी? पहली बार अमेठी जायेंगे

प्रधानमंत्री ने जैसे ही दरवाजा खोला, उन पर फूलों की बारिश होने लगी. इस अवसर पर उपस्थित गुजराती समुदाय के लोगों ने बधाई दी। उन्होंने गुजराती समाज की ओर से साफा पहन रखा था। इत्र लगाया जाता है और गोपाल मंदिर का प्रसाद भी दिया जाता है। मोहन भाई सोनावाले ने प्रधानमंत्री को पगड़ी सौंपी।

क्या स्मृति ईरानी के खिलाफ फिर लड़ेंगे राहुल गांधी? पहली बार अमेठी जायेंगे

डिजिटल डेस्क : 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी पारंपरिक अमेठी सीट हार गए। यह उनका अमेठी का पहला दौरा है। जन जागरण अभियान के तहत राहुल गांधी और प्रधानमंत्री प्रियंका गांधी 18 दिसंबर को अमेठी जा रहे हैं। इस बार राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वॉक में हिस्सा लेंगे. यह जानकारी कांग्रेस की प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है। कांग्रेस ने आर्थिक मंदी और महंगाई जैसे मुद्दों पर देशव्यापी विरोध शुरू कर दिया है। इसके तहत पार्टी अमेठी में भी मार्च निकालने जा रही है. इस अभियान की शुरुआत कांग्रेस ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की जयंती 14 नवंबर को की थी।

रविवार को जयपुर में ही कांग्रेस की विशाल रैली। इसमें सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने शिरकत की। राजस्थान में एक रैली में बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि 2014 के बाद से गैस सिलेंडर, घी, दाल, आटा और चीनी के दाम दोगुने हो गए हैं. इस समय राहुल गांधी ने भीड़ को डांटा और पूछा, ‘अच्छे दिन आ गए?’ फिर उसने उत्तर दिया, ‘अच्छे दिन आ गए – हम दो हैं, हम में से एक दो है!’ उन्होंने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ चुने हुए कारोबारियों के लिए आम आदमी से सब कुछ छीना जा रहा है.

‘काशी तो अविनाशी है, औरंगजेब आता है तो रक्षा के लिए शिवाजी भी उठ खड़े होते हैं’

इसी महीने की 16 तारीख को राहुल गांधी भी देहरादून में रैली करने वाले हैं. यह आयोजन बांग्लादेश के निर्माण और पाकिस्तान के साथ युद्ध में जीत की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर होने जा रहा है. हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण दौरा अमेठी है, जहां राहुल गांधी 2019 की हार के बाद नहीं गए थे। उनके इस दौरे से यह भी अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या वह अपने गढ़ में लौटेंगे, जहां से स्मृति ईरानी अब लोकसभा सांसद हैं। अमेठी में राहुल गांधी की हार पर जोरदार बहस हुई थी। स्मृति ईरानी ने 2014 में उनके खिलाफ लड़ाई लड़ी थी, लेकिन उन्हें यह सीट गंवानी पड़ी थी, जो तीन पीढ़ियों से गांधी परिवार का गढ़ रहा है। लेकिन 2019 में स्थिति बदल गई और राहुल गांधी को अमेठी से बेदखल करना पड़ा.

‘काशी तो अविनाशी है, औरंगजेब आता है तो रक्षा के लिए शिवाजी भी उठ खड़े होते हैं’

वाराणसीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण किया। इसके बाद वह धाम में लोगों को संबोधित किययि। उन्होंने अपने भाषण की शुरूआत हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ की। फिर भोजपुरी में सबको प्रणाण बा कहा। उन्होंने कहा कि अभी मैं बाबा के साथ साथ नगर कोतवाल कालभैरव जी के दर्शन करके भी आ रहा हूं, देशवासियों के लिए उनका आशीर्वाद लेकर आ रहा हूं। काशी में कुछ भी नया हो, उनसे पूछना आवश्यक है। मैं काशी के कोतवाल के चरणों में भी प्रणाम करता हूं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नेकहा कि गांधी के नाम पर कई लोगों को सत्ता मिली है

आतातायियों ने इस नगरी पर आक्रमण किए, इसे ध्वस्त करने के प्रयास किए। औरंगजेब के अत्याचार, उसके आतंक का इतिहास साक्षी है। जिसने सभ्यता को तलवार के बल पर बदलने की कोशिश की। लेकिन इस देश की मिट्टी बाकी दुनिया से कुछ अलग है। यहां अगर औरंगजेब आता है तो शिवाजी भी उठ खड़े होते हैं। अगर कोई सालार मसूद इधर बढ़ता है तो राजा सुहेलदेव जैसे वीर योद्धा उसे हमारी एकता की ताकत का अहसास करा देते हैं। अंग्रेजों के दौर में भी, हेस्टिंग का क्या हश्र काशी के लोगों ने किया था, ये तो काशी के लोग जानते ही हैं।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नेकहा कि गांधी के नाम पर कई लोगों को सत्ता मिली है

वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 339 करोड़ रुपये की लागत से बने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के पहले चरण का उद्घाटन किया. इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबा विश्वनाथ का धाम 1000 साल से प्रतिकूल स्थिति में है. उन्होंने कहा कि हजारों साल का इंतजार खत्म हुआ। मोदी।योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘100 साल पहले इन काशी सड़कों की गंदगी से गांधीजी असंतुष्ट थे, सरकार आई, लेकिन इन काशी सड़कों के सौंदर्यीकरण का काम अब प्रधानमंत्री ने पूरा किया है.

उड़ीशा के बालासोर से सफल सुपरसोनिक मिसाइल स्मार्ट परीक्षण

उन्होंने कहा, “काशी ने बहुत कुछ देखा है, उनके पिता का धाम 1000 साल से जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने यहां योगदान दिया, महाराजा रणजीत सिंह ने भी योगदान दिया लेकिन काशी अपने नियोजित रूप में कभी नहीं आए।” सीएम योगी ने कहा कि काशी में बाबा विश्वनाथ के धाम का पुनर्निर्माण अयोध्या मंदिर निर्माण का एक हिस्सा है, हम सभी भाग्यशाली हैं कि बाबा विश्वनाथ आज एक नए रूप में आए हैं।

उड़ीशा के बालासोर से सफल सुपरसोनिक मिसाइल स्मार्ट परीक्षण

डिजिटल डेस्क :  लंबी दूरी की सुपरसोनिक मिसाइल असिस्टेड टॉरपीडो (स्मार्ट) का आज उड़ीसा के बालासोर में सफल परीक्षण किया गया। भारतीय नौसेना के लिए DRDO द्वारा हथियार विकसित किए जा रहे हैं। रक्षा मंत्रालय की ओर से यह जानकारी दी गई है।सुपरसोनिक मिसाइल असिस्टेड टॉरपीडो एक प्रकार की सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल है। इसमें मिसाइल गुण और पनडुब्बियों को नष्ट करने की क्षमता भी है।

सोनिया गांधी ने लोकसभा में उठाया सीबीएसई पाठ्यक्रम का मुद्दा

सोनिया गांधी ने लोकसभा में उठाया सीबीएसई पाठ्यक्रम का मुद्दा

नई दिल्ली: कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष और रायबरेली सीट से उत्तर प्रदेश की सांसद सोनिया गांधी ने सीबीएसई की दसवीं कक्षा की परीक्षा का प्रश्नपत्र लोकसभा में पास करने का मुद्दा उठाया है. पारित होने को महिला विरोधी बताते हुए, उन्होंने मांग की कि बोर्ड प्रश्न पत्र को वापस ले और शिक्षा मंत्रालय से माफी मांगे। आपत्तिजनक को लेकर विपक्षी सांसद संसद में भी भिड़ गए।कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को लोकसभा में सीबीएसई कक्षा 10 परीक्षा के एक प्रश्न पत्र में महिला विरोधी पास का मुद्दा उठाया और कहा कि शिक्षा मंत्रालय को महिलाओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीबीएसई पाठ्यक्रम में महिलाओं को लेकर किसी भी तरह की आपत्तिजनक सामग्री को तत्काल हटाया जाए। महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीबीएसई और शिक्षा मंत्रालय को इस संबंध में महिलाओं का अपमान करने के लिए माफी मांगनी चाहिए।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 10वीं कक्षा के अंग्रेजी प्रश्न पत्रों में “लिंग रूढ़िवादिता” को बढ़ावा देने और “अनुवर्ती विचारों” का समर्थन करने के आरोप के बाद विवादों में घिर गया है। इसी वजह से बोर्ड ने रविवार को मामले को विशेषज्ञों के पास भेजा।

शनिवार को आयोजित 10वीं के परीक्षा प्रश्न पत्र में ‘महिला मुक्ति ने बच्चों पर माता-पिता के अधिकार को खत्म कर दिया है’ और ‘पति के आचरण का पालन करने से ही एक मां को अपने बच्चों से सम्मान मिल सकता है’ जैसी आपत्तियां उठाई गईं। वाक्यों का प्रयोग बढ़ा दिया गया है।फिर प्रश्नपत्र का वह हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ट्विटर पर लोग सीबीएसई पर निशाना साध रहे हैं और यूजर्स हैशटैग ‘सीबीएसई इन्सल्ट वुमेन’ (सीबीएसई इंसल्टेड वुमन) के समर्थन की गुहार लगा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने बिश्वनाथधाम से विपक्ष पर साधा निशाना, जानिए क्या कहा?

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भद्रा ने भी ट्विटर पर प्रश्नपत्र पर आपत्ति जताई। उन्होंने अविश्वसनीय कहा। क्या वाकई हम बच्चों को इतना व्यर्थ ज्ञान दे रहे हैं? यदि भाजपा सरकार स्पष्ट रूप से महिलाओं के प्रति इस पिछड़े रवैये का समर्थन करती है, तो उन्हें सीबीएसई पाठ्यक्रम में क्यों शामिल किया जाना चाहिए?

प्रधानमंत्री ने बिश्वनाथधाम से विपक्ष पर साधा निशाना, जानिए क्या कहा?

डिजिटल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को काशी विश्वनाथ धाम का उद्घाटन किया और विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा, ‘मैं एक विश्वास के साथ बनारस आया था। बनारस के लोगों में खुद से ज्यादा आस्था थी। फिर कुछ लोग हैं जो बनारस पर शक करते हैं। उन लोगों ने कहा कैसे होगा? यह नहीं होगा। वे कहते थे कि यहाँ ऐसा ही चलता है। मोदी जैसे कई आए और गए। मुझे आश्चर्य हुआ कि बनारस के लिए ऐसी धारणा कैसे बना ली गई।मोदी ने कहा कि मैं जानता था कि यह जड़ता बनारस की नहीं है. नहीं हो सका। थोड़ी सी राजनीति थी और उसमें थोड़ी निजी दिलचस्पी थी। बनारस को लेकर शिकायतें थीं लेकिन खांसी खांसी है। खांसी अमर है। काशी में एक ही सरकार है, जिसके हाथ में डमरू है। यहाँ महादेव की सरकार है।मोदी ने कहा कि काशी को कौन रोक सकता है जहां गंगा अपनी धारा और प्रवाह बदलती है। काशी खण्ड में स्वयं भगवान शिव ने कहा है कि मेरी प्रसन्नता के बिना काशी में कौन आ सकता है, कौन निगल सकता है। काशी में कोई नहीं आता, महादेव की कृपा के सिवा कुछ नहीं होता। यहां जो कुछ भी होता है वह महादेव की मर्जी से होता है। जो हुआ, महादेव ने किया।

भोजपुरी में मोदी ने कहा, “मैं आपकी मर्जी से बना हुआ विश्वनाथ धाम बाबा हूं, उनकी मर्जी के बिना एक पत्ता भी हिल नहीं सकता। कोई इतना बड़ा है तो वह अपने घर में है।” मोदी ने कहा कि अगर यहां पिता के साथ-साथ कोई अन्य योगदान है तो वह पितृजनों का है। पिता के गीत का अर्थ है हमारी काशी के सभी निवासी, जो स्वयं महादेव के रूप हैं। जब भी पिताजी चाहते हैं कि उन्हें अपनी क्षमता का एहसास हो, वे कुछ न कुछ करते हैं।

मोदी ने कहा कि काशी आते ही वे सभी बंधनों से मुक्त हो जाएंगे। आज विश्वनाथ धाम अपार शक्ति से परिपूर्ण है। इसकी विशेषता आसमान छू रही है। यहां खोए हुए प्राचीन मंदिरों को भी बहाल किया गया है। पिताजी अपने प्रशंसकों की सेवा करके खुश थे। इसलिए उन्होंने हमें इस दिन के लिए आशीर्वाद दिया है। यह पूरा परिसर सिर्फ एक इमारत नहीं है, यह पारंपरिक संस्कृति का प्रतीक है। यह आध्यात्मिक आस्था और पुरातनता, भारत की शक्ति का प्रतीक है। पुरातनता और नवाचार एक साथ जीवंत हो रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि गंगा को भी खुशी होगी कि वह उत्तर आकर अपने पिता विश्वनाथ के पैर धोएंगे। अब जब हम पिता का ध्यान करेंगे तो गंगा की हवा हमें गंगा मां के स्पर्श से अद्भुत और दिव्य महसूस कराएगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हर कोई यहां आना चाहता था लेकिन कई मुश्किलें आईं. अब विश्वनाथ धाम तक पहुंचना बेहद आसान हो गया है। बड़े लोग नाव से कटघरे में आएंगे। वहां से एक्सीलेटर लगाया गया है। आप सीधे दर्शन कर सकेंगे। अब समस्या पहले जैसी नहीं रहेगी। अब यहां 60-70 हजार लोग एक साथ आ सकते हैं।पीएम मोदी ने कहा कि मंदिर का क्षेत्रफल जो पहले केवल 3,000 वर्ग फुट था, अब बढ़कर लगभग 500,000 वर्ग फुट हो गया है। अब 50 से 75 हजार श्रद्धालु मंदिर और मंदिर परिसर में आ सकते हैं, यानी पहले मां गंगा स्नान और वहां से सीधे विश्वनाथ धाम के दर्शन कर सकते हैं.

अभिवादन स्टाफ

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज मैं हर उस मेहनतकश भाई-बहन का आभार व्यक्त करना चाहता हूं, जिनका पसीना इस विशाल परिसर को बनाने में बहाया गया है। उन्होंने कोरोना के इस प्रतिकूल समय में भी यहां काम रुकने नहीं दिया।मैं अपने कारीगरों, सिविल इंजीनियरिंग से जुड़े हमारे लोगों, प्रशासन, उन परिवारों को बधाई देता हूं जिनके यहां घर थे। इन सबके अलावा मैं यूपी सरकार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी बधाई देता हूं, जिन्होंने काशी विश्वनाथ धाम परियोजना को पूरा करने के लिए दिन-रात काम किया है।

Omicron का डर: दिल्ली में कब होगा लॉकडाउन, केजरीवाल ने दी जानकारी

इस देश की मिट्टी धरती से अलग है

आक्रमणकारियों ने इस शहर पर हमला किया और इसे नष्ट करने की कोशिश की। औरंगजेब के अत्याचारों का इतिहास, उसके आतंक का गवाह। जिसने तलवार से सभ्यता को बदलने की कोशिश की, जिसने संस्कृति को कट्टरता से कुचलने की कोशिश की। हालाँकि, इस देश की मिट्टी दुनिया की अन्य मिट्टी से थोड़ी अलग है। जब औरंगजेब यहां आया तो शिवाजी भी उठ खड़े हुए। अगर कोई सालार मसूद यहां आता है तो राजा सुहेलदेव जैसे वीर योद्धा हमारी एकता की ताकत को महसूस करेंगे।

Omicron का डर: दिल्ली में कब होगा लॉकडाउन, केजरीवाल ने दी जानकारी

डिजिटल डेस्क :  दक्षिण अफ्रीका से उत्पन्न होने वाले कोरोना के नए ओमाइक्रोन कोविड संस्करण ने भारत सहित दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली सरकार ने ओमाइक्रोन के संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयारी तेज कर दी है। ओमाइक्रोन संस्करण को लेकर आशंकाओं के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि हम ओमाइक्रोन खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।केजरीवाल ने कहा, ‘अगर जरूरी हुआ तो हम जरूरी प्रतिबंध लगाएंगे। फिलहाल किसी तरह की पाबंदी लगाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल खोलने का फैसला स्कूलों की शीतकालीन अवकाश खत्म होने के बाद ही लिया जाएगा.

इस बीच, केजरीवाल ने सोमवार को “दिल्ली की योगशाला” कार्यक्रम शुरू किया, जिसका उद्देश्य प्रशिक्षित शिक्षकों के मार्गदर्शन में दिल्लीवासियों को नियमित रूप से योग का अभ्यास करने में मदद करना है। मुख्यमंत्री ने एक मोबाइल फोन नंबर पेश किया ताकि लोग मिस्ड कॉल कर सकें और योग शिक्षकों से निर्देश प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर एक वेबसाइट dillikiyogshala.com भी लॉन्च की गई है।केजरीवाल ने दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा कि 25-25 के समूह में लोग इस नंबर पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं और दिल्ली सरकार उन्हें शिक्षक मुहैया कराएगी। दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (डीपीएसआरयू) में एक कार्यक्रम में केजरीवाल ने कहा, “उन्हें योग का अभ्यास करने के लिए पार्क या सामुदायिक हॉल जैसी जगहों की पहचान करने की जरूरत है।”

कोरोना से निपटने के लिए कितनी तैयार है दिल्ली?

केजरीवाल ने पिछले महीने कहा था कि ओमाइक्रोन वैरिएंट के खतरे को देखते हुए हमें एक जिम्मेदार सरकार के रूप में तैयार रहना चाहिए, जहां तक ​​बेड का सवाल है, हमने 30,000 ऑक्सीजन बेड उपलब्ध कराए हैं, जिनमें से लगभग 10,000 आईसीयू बेड हैं। इसके अलावा, 6,600 आईसीयू बेड निर्माणाधीन हैं जो फरवरी तक पूरा हो जाएगा। हम 2 सप्ताह के नोटिस पर नगर पालिका के प्रत्येक वार्ड में 100 ऑक्सीजन बेड तैयार कर सकते हैं। दिल्ली में 270 वार्ड हैं, तो इस तरह हम और 27,000 ऑक्सीजन बेड तैयार कर सकते हैं। कुल मिलाकर हम 83,600 बेड बना सकते हैं।केजरीवाल ने कहा कि 32 तरह की दवाएं हैं जिनका इस्तेमाल कोरोना के दौरान अलग-अलग तरीकों से किया जाता है। इन सभी दवाओं का 2 महीने के बफर स्टॉक में ऑर्डर किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह से दवाओं की कमी न हो और स्टाफ को प्रशिक्षित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन की भी तैयारी की जा रही है।

देवबंद के दारुल उलूम ने पहली बार सऊदी अरब के खिलाफ बोले …

अप्रैल और मई में महामारी की दूसरी लहर के दौरान राजधानी को ऑक्सीजन संकट का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 442 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन की अतिरिक्त भंडारण सुविधा बनाई है, जो पिछली लहर के दौरान नहीं थी। “हमारी ऑक्सीजन पैदा करने की क्षमता शून्य थी,” उन्होंने कहा। हमने एक पीएसए संयंत्र स्थापित किया है जो 121 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन कर सकता है। पिछली बार अस्पताल ऑक्सीजन के लिए एसओएस मैसेज भेज रहे थे। हमने दिल्ली के सभी ऑक्सीजन टैंकों में टेलीमेट्री उपकरण लगाने के निर्देश दिए हैं ताकि हमारे वॉर रूम को पता चल सके कि ऑक्सीजन कहां खत्म हो रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने चीन से 6,000 सिलेंडर आयात किए हैं और तीन निजी ‘रिफिलिंग’ संयंत्र हैं जो प्रति दिन 1,500 सिलेंडर भर सकते हैं। “हमने दो बॉटलिंग प्लांट स्थापित किए हैं जो दैनिक आधार पर 1400 सिलेंडर भर सकते हैं,” उन्होंने कहा।

देवबंद के दारुल उलूम ने पहली बार सऊदी अरब के खिलाफ बोले …

डिजिटल डेस्क : देवबंद स्थित दारुल उलूम ने सऊदी अरब में तब्लीगी जमात पर प्रतिबंध की निंदा की है। दुनिया भर में इस्लामी अध्ययन के लिए मशहूर दारुल उलूम देवबंद के प्रमुख मौलाना अब्दुल कासिम नोमानी ने सऊदी सरकार के फैसले को ‘गलत’ बताया. उन्होंने सऊदी अरब से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगर तब्लीग जमात पर रोक लगाई गई तो मुसलमानों में गलत संदेश जाएगा. यह पहली बार है जब देवबंद ने सार्वजनिक रूप से सऊदी सरकार की आलोचना की है।

हाल ही में, सऊदी अरब सरकार ने तब्लीगी जमात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। इतना ही नहीं, सऊदी अरब के धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने तब्लीगी जमात को लेकर कठोर टिप्पणी करते हुए इसे आतंकवाद का प्रवेश द्वार भी बताया है. प्रमुख मुस्लिम कार्यकर्ता जफर सरेशवाला ने कहा, “मैं सऊदी अरब सरकार के फैसले से हैरान हूं। तब्लीगी जमात हमेशा चरमपंथी सिद्धांतों का विरोध करता रहा है। उन्होंने आज के तमाम जिहादी आंदोलनों से दूरी बनाए रखी है. यहां तक ​​कि तब्लीगी जमात की भी तालिबान द्वारा बार-बार आलोचना की गई है।उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के लिए तब्लीगी जमात को आतंकवाद का प्रवेश द्वार कहना अस्वीकार्य और अविश्वसनीय है। अब इस प्रतिबंध के साथ तब्लीग जमात की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। जमात के प्रवक्ता समीरुद्दीन कासमी ने ब्रिटेन से एक वीडियो संदेश में कहा, “यह तब्लीगी जमात के खिलाफ एक बड़ा आरोप है। इसका आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं है। तब्लीगी जमात एक ऐसा संगठन है जो आतंकवाद को रोकता है, निंदा करता है और दूर रखता है। उन्होंने कहा, “हम किसी को भी किसी धर्म, समुदाय या देश के खिलाफ बोलने की अनुमति नहीं देते हैं।”

टैक्सी चलाते थे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन,जानें क्यों……..

जमात नेताओं ने कहा, ‘हममें से कोई भी आतंकी गतिविधियों में नहीं पकड़ा गया है.तब्लीग जमात के नेता ने कहा, “हम इस्लाम के पांच स्तंभों में विश्वास करते हैं।” आज हममें से कोई भी आतंकवादी गतिविधियों में नहीं पकड़ा गया है। उनका कहना है कि सऊदी सरकार को गलत सूचना दी गई होगी। जमात सदस्य मोहम्मद मियां ने कहा, ‘हम पूरी दुनिया में सक्रिय हैं. सऊदी अरब में भी मुसलमानों को सही रास्ते पर लाने का काम तब्लीग जमात करती है. हम सऊदी अरब के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन हम जमात की ओर से समाज के लिए काम करना जारी रखेंगे।

टैक्सी चलाते थे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन,जानें क्यों……..

डिजिटल डेस्क : रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 1991 में पूर्व सोवियत संघ के पतन पर फिर से खेद व्यक्त किया है। इस बार, पुतिन का कहना है कि सोवियत संघ के पतन के कारण उस समय उन्हें टैक्सी चलाने के लिए मजबूर किया गया था। पुतिन ने सोवियत संघ के टूटने को रूस का ऐतिहासिक पतन बताया। बीबीसी के अनुसार, पुतिन की टिप्पणी यूक्रेन, एक पूर्व सोवियत संघ के प्रति उनके इरादों के बारे में दुनिया भर में अटकलों को भड़का सकती है।

पुतिन ने यह टिप्पणी इस आशंका के बीच की कि रूस यूक्रेन में सीमा पर 90,000 से अधिक सैनिकों के साथ एक सैन्य अभियान की योजना बना रहा है।रूस ने शुक्रवार को जारी एक बयान में आरोपों का खंडन किया है, जिसमें कहा गया है कि “रूस की खुफिया जानकारी के संबंध में इसी तरह के निराधार आरोप एक से अधिक बार लगाए गए हैं।

रूसी राष्ट्रपति को स्थानीय समयानुसार रविवार को प्रसारित “रूस, द लेटेस्ट हिस्ट्री” नामक एक वृत्तचित्र में इस तरह की टिप्पणी करते हुए देखा गया था।पुतिन ने पूर्व सोवियत संघ के पतन को “सोवियत संघ के नाम पर रूस का ऐतिहासिक विघटन” बताया।

जैसा कि सभी जानते हैं, पुतिन सोवियत संघ के पतन को “त्रासदी” के रूप में देखते हैं। हालांकि, उस समय की जिंदगी को लेकर उनके निजी कमेंट नए हैं।पुतिन उन दिनों को याद करते हैं: इसके लिए मुझे अतिरिक्त कमाई करनी पड़ी। मैं किराए की कार या निजी ड्राइवर के रूप में काम करने की बात कर रहा हूं। ईमानदार होना अप्रिय हो सकता है, लेकिन उस समय मेरे लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण था।’

सोवियत संघ के पतन के दौरान रूस में टैक्सियों की कमी थी। उनमें से कई जिनके पास निजी कारें थीं, वे अजनबियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाते थे। इससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी होती। उस समय भी कुछ लोग एम्बुलेंस जैसे वाहनों को टैक्सियों के रूप में इस्तेमाल करके पैसा कमाते थे।

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व्लादिमीर पुतिन को पूर्व सोवियत संघ की खुफिया एजेंसी केजीबी के पूर्व एजेंट के रूप में जाना जाता है।1990 के दशक की शुरुआत में, पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग के मेयर अनातोली सोबचक के कार्यालय में सेवा की। पुतिन ने बार-बार कहा है कि अगस्त 1991 में सोवियत राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव के खिलाफ तख्तापलट के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। तख्तापलट के तुरंत बाद, सोवियत संघ का पतन हो गया।