Wednesday, April 29, 2026
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15 दिसंबर 2021 राशिफल: आज भाग्य का साथ मिलेगा, आय के नए स्रोत बनेंगे

हिंदू धर्म में पंचांग और ग्रह नक्षत्रों को मानने वाले लोग राशिफल के बारे में भी बहुत अधिक उत्सुक रहते हैं। उनको जानना होता है कि आज का राशिफल कैसा होगा। दैनिक राशिफल हर दिन का घटनाओं का फलित होता है। किस राशि को आज के दिन कुछ खास सावधानी बरतनी होगी और किस राशि के लिए आज का दिन बेहद खास होने वाला है। आज का राशिफल (Daily Horoscope) ग्रह गोचर आधारित होता है। इसके आधार पर जातक के स्वास्थ्य, वैवाहिक जीवन व प्रेम, धन-धान्य और समृद्धि, परिवार एवं व्यवसाय तथा नौकरी से जुड़ी जानकारी होती है।

15 दिसंबर 2021 राशिफल: मेष- किसी मित्र या सहकर्मी का स्वार्थी व्यवहार आपकी मानसिक शांति को समाप्त कर सकता है. जल्दबाजी में निवेश न करें अन्यथा नुकसान हो सकता है। जिस पर आप भरोसा करते हैं, हो सकता है कि वह आपको पूरी सच्चाई न बता रहा हो। दूसरों को मनाने की आपकी क्षमता आगे की मुश्किलों को सुलझाने में कारगर साबित होगी।

वृष – आज आपको भाग्य का साथ मिलेगा। आय के नए स्रोत सामने आ सकते हैं। ऑफिस का काम रोजाना से बेहतर होगा। जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। इससे आपका मन प्रसन्न रहेगा। शाम को मेहमानों के आने से घर का माहौल भी खुशनुमा बना रहेगा। रुका हुआ धन अचानक वापस मिल सकता है।

मिथुन- मेहनत अधिक रहेगी, लेकिन उसका लाभ भी आपको मिलेगा. इससे ही आप तरक्की कर सकते हैं। साथ काम करने वालों से मदद मिलने की संभावना है। बेरोजगार लोगों को नौकरी मिलने की संभावना है। जीवनसाथी से सहयोग और प्यार मिलने के योग हैं। व्यापार भी संतोषजनक रहेगा। मूड भी अच्छा रहेगा।

कर्क- संतान के लिए आज का दिन अच्छा है। उसके तरीके में सुधार होगा। मित्रों के साथ लंबी यात्रा करनी पड़ सकती है। आप नए क्षेत्र को विकसित करने का प्रयास करेंगे। लाभ के लिए निवेश का विकल्प भी खुला रहेगा। जल्दबाजी या उत्साह में आकर आज आप ऐसे वादे कर सकते हैं जिन्हें निभाना आपके लिए मुश्किल होगा।

सिंह – आपको अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना मुश्किल होगा, आपका अजीब रवैया लोगों को भ्रमित करेगा और इसलिए आप में झुंझलाहट पैदा करेगा. आज आपका सामना कई नई आर्थिक योजनाओं से होगा, कोई भी निर्णय लेने से पहले फायदे और नुकसान पर ध्यान से विचार करें।

कन्या- आज आपको आर्थिक लाभ के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे. आपका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। यात्रा से आपको लाभ होगा। किसी मित्र का पूरा सहयोग मिलेगा। परिवार के सभी सदस्यों के साथ आपसी तालमेल बना रहेगा। अध्यात्म की ओर आपका झुकाव अधिक रहेगा।

तुला- अचानक धन लाभ के भी योग हैं। नौकरी में आपके साथ कुछ अच्छा होने की संभावना है। पदोन्नति के भी योग बन रहे हैं। व्यापार में आपको अच्छा लाभ मिल सकता है। रुका हुआ धन मिलने की भी संभावना है। महत्वपूर्ण लोगों से संपर्क हो सकता है। पुराना रुका हुआ काम हो सकता है।

वृश्चिक- अगर आप अचानक कहीं यात्रा करना चाहते हैं तो इससे जुड़े खतरनाक क्षेत्रों से बचें. आर्थिक रूप से यह विशेष समय आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। अपने पैसे के दृश्य पर नज़र रखें क्योंकि कुछ अप्रत्याशित आपकी कमाई या आपके धन को प्रभावित करेगा। वाद-विवाद में किसी की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है।

धनु – अपनी ऊर्जा का प्रयोग व्यक्तित्व विकास के कार्यों में करें, जिससे आप और भी बेहतर बन सकते हैं. मनोरंजन और सुंदरता बढ़ाने में ज्यादा समय न लगाएं। ज्ञान की आपकी प्यास नए दोस्त बनाने में मददगार साबित होगी। आपको अपनी स्थिति अपने प्रियजन को समझाना मुश्किल होगा।

मकर- आपके रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी. आप पर काम का बोझ कुछ ज्यादा हो सकता है। आप कोई नया काम शुरू करने का विचार बना सकते हैं। परिवार के मामले में कोई बड़ा फैसला लेने से पहले आप किसी दोस्त की सलाह ले सकते हैं। पिता के साथ संबंधों में मधुरता आएगी। बच्चों का सहयोग आपको मिल सकता है।

कुंभ- करियर और धन के मामले में दिन मिलाजुला रह सकता है. लेन-देन में सावधानी बरतें। लाभ मिलने के भी योग हैं। खर्चों पर नियंत्रण रखने में आप सफल हो सकते हैं। आमदनी बढ़ सकती है। रोजमर्रा के कामों पर ध्यान दें। नए कार्य की योजना बन सकती है। महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात होने के योग हैं।

मीन- पैसों की कमी आज आपको असहज कर देगी. नई कार्य योजना में वांछित लाभ होने की संभावना है। परीक्षा और साक्षात्कार में सफलता मिलेगी। आप व्यापार में प्रगति करेंगे। आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं रहेगी। मनोरंजन के क्षेत्र में आज का दिन आनंदपूर्ण रहेगा।

 

जानिए सुख-समृद्धि देने वाले शिव की पूजा करने का बेहतरीन तरीका

 एस्ट्रो डेस्क : देश में बहुत कम ऐसे स्थान हैं जहां कल्याण के देवता भगवान शिव की पूजा नहीं होती है। आपको वृक्षों के नीचे सभी मंदिरों से आराधना के शिवलिंग की आराधना मिलेगी, जो शीघ्र कृपा करते हैं। ऐसा माना जाता है कि जीवन में चाहे जो भी संकट आए, भगवान शिव का पीछा पलक झपकते ही दूर हो जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं भगवान महादेव की पूजा की सरल विधि और उसके धार्मिक महत्व के बारे में।

जब भी आप भगवान शिव की पूजा करें, तो सुनिश्चित करें कि पूजा के दौरान आपका चेहरा पूर्व या उत्तर की ओर हो। भगवान शिव की पूजा में अपनी मनपसंद चीजें जैसे सफेद फूल, धतूरा, बेलपत्र चढ़ाना होता है। भगवान शिव की पूजा में कुटज, नागकेसर, बंधुक, मालती, चंपा, चमेली, कुंडा, जूही, केतकी, केवड़ा आदि फूल देना न भूलें। ये सभी फूल शिव पूजा में पूर्णतया वर्जित हैं।

भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र चढ़ाने से पहले इसके डंठल का मोटा हिस्सा, जिसे बाजरा कहा जाता है, को तोड़ना होता है। इसी तरह धौंकनी को हमेशा उल्टा करके ही चढ़ाना चाहिए। सावधान रहें कि बेल का पत्ता न फटे।

भगवान शिव की पूजा में मंत्र जाप का विशेष महत्व है। अगर आप भगवान शिव की पंचाक्षरी या महामृत्युंजय का जाप करने की सोच रहे हैं तो आपको रुद्राक्ष की माला से इन चमत्कारी मंत्रों का जाप करना चाहिए।

पूजा के दौरान शिवलिंग का खतना पूरी तरह से नहीं करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार शिवलिंग को समर्पित जल जहां भी निकलता है, उसे कभी डांट नहीं पड़ती, बल्कि शिवलिंग की उलटी परिक्रमा की जाती है।

बीमार व्यक्ति के स्वास्थ्य लाभ के लिए शिव साधना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होती है। ऐसे में आप संबंधित व्यक्ति के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए शिव पूजा का सरल उपाय कर सकते हैं। जीवन के सभी प्रकार के रोगों और दुखों को दूर करने के लिए कच्चे दूध और गंगा जल से भगवान शिव का अभिषेक करें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

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यदि आप कठिन परिश्रम के बाद भी आर्थिक तंगी और धन की कमी में हैं, तो आपको देवी लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए भगवान शिव के साथ आध्यात्मिक रूप से क्रिस्टल शिवलिंग का अभ्यास करना चाहिए।

जानिए कब, किससे और कैसे करें प्रार्थना, जानें इससे जुड़े बड़े फायदे

एस्ट्रो डेस्क :  भगवान की पूजा करने के कई तरीके हैं, लेकिन उनमें से सबसे लोकप्रिय और सरल है उनसे प्रार्थना करना। जिस तरह भगवान की पूजा करने के नियम होते हैं, उसी तरह उनकी पूजा के भी कोई नियम होते हैं? उदाहरण के लिए, कब, कहां, कैसे भगवान से प्रार्थना करें या कैसे कहें कि उसकी प्रार्थना बंद कमरे में या खुले आसमान के नीचे की जानी चाहिए। इसे सीट पर बैठकर या जमीन पर खड़े होकर किया जा सकता है। ऐसे कई सवाल अक्सर दिमाग में आते हैं। आइए जानते हैं अल्लाह की इबादत से जुड़ी कुछ अहम बातें…

पारंपरिक परंपरा में अगर हम त्रिकाल संध्या की बात करें तो इसमें एक पूरा प्रावधान है जिसके तहत सुबह-शाम और दोपहर और शाम, कहां और कैसे करें, शाम को सूर्य स्तुति के मंत्र के साथ सब कुछ है। निश्चित रूप से, हम भगवान को याद कर सकते हैं और उनसे कभी भी, कहीं भी प्रार्थना कर सकते हैं।

प्रार्थना का अर्थ है उस परम शक्ति से दया, कृपा, इच्छा आदि की भीख मांगना। भगवान की प्रार्थना सामूहिक और व्यक्तिगत दोनों हैं। इसमें जब हम एक साथ प्रार्थना करते हैं, तो हमें उसका समय, स्थान और प्रार्थना की विधि और प्रार्थना के शब्दों को निश्चित करना चाहिए।

प्रार्थना शुद्ध हृदय से ईश्वर की आराधना और प्रार्थना करने का कार्य है। सच्चे मन से प्रार्थना करेंगे तो अवश्य ही पूरी होगी। प्रार्थना करते समय अपने मन में क्रोध, काम, घृणा आदि को न लाएं। ईश्वर से केवल अपने कल्याण के लिए मत पूछो, अपने भाइयों और बहनों के साथ पूरे विश्व की भलाई के लिए प्रार्थना करो।

भगवान की पूजा करने या स्तुति करने और प्रार्थना करने में अंतर है। उपासना का अर्थ है कि हम ईश्वर के प्रति, जिनकी हम उपासना करते हैं या कहते हैं, उन पर, जो हम पर कृपा करते हैं, कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। दूसरी ओर, स्तुति का अर्थ है, परमेश्वर की स्तुति या महिमा करना।

भगवान से कोई भी समय और किसी भी स्थान पर प्रार्थना कर सकता है, क्योंकि ऐसा कोई स्थान नहीं है जहां वह दीन मौजूद न हो। आप चाहे आंखें बंद करके भगवान से प्रार्थना करें या आंखें खोलकर प्रार्थना करें, यह आपके लाभ के लिए है, लेकिन परम पिता परमेश्वर की आराधना एकचित्त और पूर्ण भक्ति के साथ करें।

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ऐसा कहा जाता है कि भगवान सच्चे मन से की गई प्रार्थनाओं को सुनते हैं। ईश्वर आपकी प्रार्थना सुने या न सुने, कुछ संकेतों से आप उसे जान और समझ सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप किसी कठिन परिस्थिति से गुजर रहे हैं और आप अपनी समस्या से मुक्ति के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं और साथ ही कोई आपकी मदद के लिए मदद के लिए हाथ बढ़ाता है, तो उसे भगवान का दूत या उसका दूत मदद समझें।

मालामाल बनाएगा ‘पीली सरसों का टोटका’, तरक्की होगी दिन दूनी रात चौगुनी

नई दिल्ली: धन कमाने के लिए लोग कई टोटके अपनाते हैं‌, लेकिन कई बार कामयाब नहीं हो पाता है। पीली सरसों को लोग आमतौर पर किचन में इस्तेमाल करते हैं। किचन के आलावा भी इसके कई कामों में इस्तेमाल किया जाता है। धन लाभ के लिए पीली सरसों का टोटका बेहद असरकारक है। जानते हैं कि पीली सरसों का टोटके किस प्रकार से लाभकारी है।

पीली की सरसों के टोटके

अगर घर में धन का कमी रहता है तो पीली की सरसों को घर में छिड़कें। इसकी शुरुआत घर के पूजा स्थान से करें। पीली सरसों के इस टोटके से घर की निगेटिव एनर्जी खत्म हो जाती है और धन को लेकर आ रही बाधा दूर होती है।

गुरुवार के दिन घर के मुख्य दरवाजे पर गंगाजल से शुद्ध कर पीली सरसों के कुछ दानें और कपूर को पीले कपड़े में बांधकर लटका दें। इस टोटके से धन से जुड़ी समस्या का समाधान होता है।

अगर धन से जुड़ी समस्या बराबर बनी रहती है तो पीली सरसों के कुछ दाने को घर के मुखिया के सिर से उतारकर घर से बाहर फेंक दें। इस टोटके से धन से जुड़ी हर समस्या का समाधान धीरे-धीरे होने लगता है।

पीली सरसों का टोटका नजर दोष के कारण भी आर्थिक तंगी आती है। इसे दूर करने के लिए पीली सरसों के कुछ दाने घर के सभी कमरों में छिड़कें। बचे हुए कुछ दाने घर के चारों ओर छिड़कें। इससे घर के नजर दोष खत्म होते हैं और आर्थिक समृद्धि होती है।

पैसों की किल्लत को दूर करने के लिए पीली सरसों के कुछ दाने और कपूर चांदी या स्टील की कटोरी में जलाएं। इस टोटके से पैसों की किल्लत जल्द ही दूर होती है। साथ ही घर में धन की देवी लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

जो लोग धन पाना चाहते हैं उन्हें सुबह पूजा करते वक्त गोबर के उपले पर थोड़े से पीले सरसों के दाने डालकर जलाना चाहिए। इसके बाद इसका धुआं पूरे घर में दिखाना चाहिए। ऐसा करने से घर में मां लक्ष्मी का वास होता है साथ ही धन की चाहत पूरी होती है।

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देखिए आज का पंचांग, चौघड़िया और राहुकाल देखकर करें शुभ काम

एस्ट्रो डेस्क : ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का बहुत महत्व है । पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं। आज 15 दिसंबर बुधवार का दिन है। मार्गशीर्ष की शुक्ल पक्ष द्वादशी 02:01 AM,16 दिसंबर तक है। सूर्य सिंह राशि में योग-शिव, बव, बालव और कौलव मार्गशीर्ष मास है, आज का दिन बहुत ही शुभ फलदायक है। देखिए आज का पंचांग…

आज 15 दिसंबर का पंचांग हिन्दू मास एवं वर्ष शक सम्वत- 1943 प्लव विक्रम सम्वत- 2078 आज की तिथि तिथि-द्वादशी 02:01 AM, 16 दिसंबर तक आज का नक्षत्र-भरणी पूर्ण रात्रि तक आज का करण- बव, बालव और कौलव आज का पक्ष- शुक्ल पक्ष आज का योग- शिव आज का वार- बुधवार सूर्योदय-7:04 AM सूर्यास्त-5:39 PM आज चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय चन्द्रोदय-3:08 PM चन्द्रास्त- 4:25 AM सूर्य -सूर्य वृश्चिक राशि पर है चन्द्रमा राशि चन्द्रमा- चन्द्रमा मेष राशि पर संचार करेगा। दिन -बुधवार माह- मार्गशीर्ष व्रत- मोक्षदा एकादशी पारण, अयन – दक्षिणायन

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ममता का तंज ”चुनाव आते ही गंगा में स्नान करने लगते हैं”…..

गोवाः मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नाम लिये बगैर भाजपा पर निशना साधा और कहा कि चुनाव आते ही गंगा स्नान करने लगते है, मंदिरों में पहुंच जाते है। मुझे भाजपा से सर्टिफिकेट लेने की आवश्यकता नहीं है। हिंदू का पाठ ना सिखायें, हिंदू में कितने देवी-देवता हैं क्या इसपर वे मेरे साथ प्रतियोगिता करेंगे?

लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर कहा…

इसके साथ ही लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की जांच कर रही एसआईटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुये ममता ने अगर ऐसा है तो क्या सीएम, केंद्रिय राज्य गृह मंत्री को इस्तीफा नहीं देना चाहिये? क्या इसपर प्रधानमंत्री को बातचीत नहीं करनी चाहिये?

महिला को बिना कपड़ों के पुलिस ने खड़ा रखा, अब मिलेगा 22 करोड़ हर्जाना

महिला को बिना कपड़ों के पुलिस ने खड़ा रखा, अब मिलेगा 22 करोड़ हर्जाना

नई दिल्लीः अमेरिका में एक अश्वेत महिला से पुलिस ने बदसलूकी की, जिसको लेकर पीड़ित महिला ने पुलिस के खिलाफ कोर्ट में केस कर दिया। अब इस मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए महिला को 2.9 मिलियन डॉलर (22 करोड़ रुपये) बतौर हर्जाना देने का फैसला सुनाया है। दरअसल, ये मामला अमेरिका के शिकागो का है। जहां साल 2019 में एक अपराधी की तलाश में कुछ पुलिस अधिकारी अश्वेत महिला अंजनेट यंग के घर में जबरन घुस आए थे। अंजनेट एक सोशल वर्कर हैं।

तलाशी के दौरान पुलिस ने की बदसलूकी
उस वक्त यंग कपड़े चेंज कर रही थी। पुलिस ने उसे ऐसे ही बिना कपड़ों के खड़ा रखा और हथकड़ी पहना दी। हथकड़ी पहनाकर उससे करीब आधे घंटे तक पूछताछ की। हद तो तब हो गई जब पता चला कि पुलिस जिस अपराधी को खोज रही थी, वह अंजनेट के यहां नहीं बल्कि पड़ोस के घर में रहता था। इस घटना से अंजनेट यंग ने खुद को बेहद अपमानित महसूस किया। इसको लेकर अंजनेट यंग ने फरवरी 2021 में एक मुकदमा दायर किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि पुलिस अधिकारियों ने उसके साथ बुरा बर्ताव किया और उसे अपमानित किया। मुकदमे में यंग ने 12 पुलिसवालों को प्रतिवादी बनाया।

भविष्य के युद्ध की तैयारी कर रहा है DRDO! राजनाथ दिया संकेत

भविष्य के युद्ध की तैयारी कर रहा है DRDO! राजनाथ दिया संकेत

डिजिटल डेस्क: ‘स्टार वार्स’ से लेकर ‘टर्मिनेटर’ सीरीज की तस्वीरों तक, हॉलीवुड स्क्रीन पर भविष्य के युद्ध के मैदान का नजारा बार-बार सामने आया है। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि जिस गति से तकनीक आगे बढ़ रही है वह भविष्य में युद्ध के स्वरूप और स्वरूप को पूरी तरह से बदल देगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसे समय में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भविष्य के युद्धों की तैयारी कर रहा है।

राजनाथ सिंह ने मंगलवार को ‘भविष्य की तैयारी’ विषय पर डीआरडीओ के एक संगोष्ठी में बोलते हुए कहा, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स को प्रौद्योगिकी को ध्यान में रखते हुए युद्ध के मैदान में जोड़ा गया है।” इतना ही नहीं रक्षा मंत्री ने आगे कहा, ”इस बार डीआरडीओ ने नई भूमिका निभाई है. रक्षा अनुसंधान और विकास के अलावा, एजेंसी निजी क्षेत्र में अनुसंधान का समर्थन करेगी। ” राजनाथ सिंह ने देश के पहले सेना प्रमुख बिपिन रावत के निधन पर भी दुख जताया है.

भारत की रक्षा में DRDO की भूमिका बेहद अहम है. कंपनी ने एक के बाद एक मिसाइलों और युद्धपोतों सहित अत्याधुनिक हथियारों का निर्माण कर देश को मजबूत बनाया है। भारत ने पिछले अक्टूबर में अग्नि-वी बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण लॉन्च किया, जिससे चीन और पाकिस्तान में खलबली मच गई। यह मिसाइल करीब 5,000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाले परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। नतीजतन चीन की राजधानी बीजिंग भारतीय मिसाइलों की गिरफ्त में आ गई है।

तालिबान का हृदय परिवर्तन! लड़कियों को शिक्षा और नौकरी देने के लिए प्रतिबद्ध हैं

अग्नि -5 बैलिस्टिक मिसाइल को भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया गया था। सफल प्रक्षेपण के परिणामस्वरूप, मिसाइल को जल्द ही भारतीय सेना से जोड़ा जाएगा। हालांकि प्रायोगिक प्रक्षेपण 2020 के लिए निर्धारित किया गया था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसमें देरी हुई। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत ने किसी भी परमाणु हमले का जवाब देने की अपनी क्षमता बनाए रखने की अपनी नीति के तहत अग्नि-5 मिसाइल का परीक्षण किया है। हालांकि, भारत युद्ध में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने वाला पहला देश नहीं होगा।

तालिबान का हृदय परिवर्तन! लड़कियों को शिक्षा और नौकरी देने के लिए प्रतिबद्ध हैं

 डिजिटल डेस्क: अफगानिस्तान में मिथक। तालिबान क्या है? सत्ता में आने के बाद पहले तो उन्होंने नरम स्वर में बात की, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, यह स्पष्ट होता गया कि ‘काबुलीवाला की भूमि’ में फिर से अंधकार युग आ गया है। सबसे लुप्तप्राय लड़कियां। लेकिन इस बार तालिबान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने मांग की कि वे देश में महिलाओं के लिए शिक्षा और रोजगार सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित हों।

यह बदलाव क्यों? दरअसल, जैसे-जैसे समय बीत रहा है उस देश का आर्थिक संकट बढ़ता ही जा रहा है. जिहादी देश चलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वस्तुतः पाकिस्तान को छोड़कर किसी भी देश ने उनके प्रशासन को मान्यता नहीं दी है। यहां तक ​​कि इस्लामाबाद ने भी आमने-सामने कुछ नहीं कहा। हालांकि यूएन में इमरान तालिबान से सवाल करते नजर आए।

लेकिन ओइतुकु के समर्थन के बिना, तालिबान वस्तुतः घिर गए हैं। ऐसे में तालिबान के विदेश मंत्री ने पूरी दुनिया की रहमत और सहानुभूति की दुआ मांगी है. उन्हें अमेरिका से फंडिंग लेने से भी गुरेज नहीं है। उनकी मदद की दुआओं से साफ है कि जिहादी पूरी दुनिया का समर्थन पाने के लिए महिलाओं के साथ खड़े होने के इस ‘नाटक’ का इस्तेमाल कर सभी को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं.तालिबान ने पिछले अगस्त में अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था। तब से, देश के बारे में दुनिया भर में चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थिति यह है कि भोजन और अन्य आवश्यक आपूर्ति तेजी से खत्म हो रही है। तबाह देश की अर्थव्यवस्था। उसी के साथ तालिबान का ज़ुल्म भी चल रहा है। विशेष रूप से संकटग्रस्त महिलाएं।

PM मोदी ने कहा,’जब कोई समस्या होती है तो कोई न कोई संत अवतरित होते हैं

काबुल में तालिबान ने बाद में कहा कि यह तालिबान 2.0 है। इस बार अफगानिस्तान में एक नए युग की शुरुआत होने वाली है। हालांकि, शुरू से ही उनके सपनों का बाहरी दुनिया पर किसी भी तरह का प्रभाव नहीं पड़ा। अफगानों को ज्यादा उम्मीद नहीं थी। और जैसे-जैसे समय बीतता गया, आम आदमी को घेरा गया।

PM मोदी ने कहा,’जब कोई समस्या होती है तो कोई न कोई संत अवतरित होते हैं

डिजिटल डेस्क : प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी अपने निर्वाचन क्षेत्र काशी की दो दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन सद्गुरु सदाफलदेव बिहंगम योग संघ की 98 वीं वर्षगांठ और 5101 कुंडिया विश्व शांति वैदिक महायज्ञ कार्यक्रम में शामिल हुए। रैली को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संबोधित किया. उन्होंने योग और जीवन में इसके सकारात्मक प्रभावों के बारे में बहुत कुछ कहा।पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि सद्गुरु सदाफलदेव ने समाज के जागरण में बिहंगम योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यज्ञ किया था. आज उनके संकल्प का बीज बरगद के रूप में हमारे सामने खड़ा है।

हमारा देश इतना अद्भुत है कि जब यहां समय होता है, तो कोई न कोई संत या महानता समय के ज्वार को मोड़ने के लिए नीचे आ जाती है।प्रधानमंत्री मोदी सद्गुरु सदाफलदेव ने बिहंगम योग संस्थान के वार्षिक समारोह को संबोधित किया

अपने भाषण में, प्रधान मंत्री मोदी ने कहा कि आज देश स्वतंत्रता संग्राम में अपने गुरुओं और तपस्वियों के बलिदान को नमन कर रहा है। जब हम बनारस के विकास की बात करते हैं तो यह पूरे देश के विकास का रोडमैप बन जाता है। आप पूरे देश से अपनी आस्था, विश्वास, शक्ति और असीम क्षमता को काशी में लाए हैं। अगर आपको खांसी है, तो इसमें बहुत समय लगेगा।पीएम मोदी ने कहा कि जब विदेश से लोग काशी आते हैं तो एयरपोर्ट से लेकर शहर तक का बदला देखते हैं. काशी के विकास से पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्रों को भी फायदा होगा। काशी के हुनर ​​को नई ताकत मिल रही है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई सुविधाओं के साथ काशी मेडिकल हब के रूप में विकसित हो रहा है।

राहुल ने काले कपड़ों में किया विरोध, कहा कि उन्हें संसद में बोलने की अनुमति नहीं

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार देर रात अपने काशी दौरे का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बीती रात 12-12.30 के बाद काशी में चल रहे काम को देखने के लिए उन्हें बाहर जाना पड़ा. मैंने काशी में कई लोगों से बात की है। स्टेशन का जीर्णोद्धार भी किया गया है। बनारस देश का नेतृत्व कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि 2014-15 की तुलना में 2019-20 में यहां पर्यटकों की संख्या दोगुनी हो गई है. हवाई पर्यटकों की संख्या 3 मिलियन है। चाहें तो बदलाव आ सकता है।

राहुल ने काले कपड़ों में किया विरोध, कहा कि उन्हें संसद में बोलने की अनुमति नहीं

डिजिटल डेस्क : राज्यसभा के 12 सांसदों की बर्खास्तगी के मुद्दे पर विपक्षी नेताओं ने आज संसद में गांधी प्रतिमा से विजय चौक तक मार्च निकाला. कांग्रेस नेता राहुल गांधी काले रंग में विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष को सवाल उठाने की अनुमति नहीं दे रही है। सांसदों को करीब दो सप्ताह के लिए निलंबित किया गया है। वह लगातार धरने पर बैठे हैं। उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है।राहुल ने कहा, “विपक्षी सांसदों को निलंबित किए 14 दिन हो चुके हैं। हमें इस पर बहस करने की अनुमति नहीं है कि विपक्ष सदन में क्या बहस करना चाहता है। जहां विपक्ष अपनी आवाज उठाने की कोशिश करता है, उन्हें निलंबित कर दिया जाता है।” ऐसे तीन-चार मुद्दे हैं जिनका नाम सरकार नहीं लेना चाहती।

राहुल बोले- पीएम को घर आए 13 दिन हो गए हैं

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री संसद नहीं आए। प्रधानमंत्री को घर आए 13 दिन हो चुके हैं. हंगामे के बीच संसद में एक के बाद एक बिल पास हो रहे हैं. इन बिलों पर कोई बहस नहीं होती। यह संसद चलाने का तरीका नहीं है। यह लोकतंत्र की हत्या है।

कांग्रेस 6; तृणमूल, शिवसेना और वाम दलों के 6 सांसद

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने निलंबित सांसदों के नामों की घोषणा कर दी है। इनमें कांग्रेस के 6 सांसद हैं: फूलो देवी नेताम, छाया वर्मा, रिपुन बोरा, राजमणि पटेल, सैयद नासिर हुसैन, अखिलेश प्रसाद सिंह। डोला सेन और शांता छेत्री को ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी से निलंबित कर दिया गया है।शिवसेना से प्रियंका चतुर्वेदी और अनिल देसाई भी हैं। वहीं, निलंबित सांसदों की सूची में माकपा के इलाराम करीम और भाकपा के बिनॉय बिश्वम का नाम है.

11 अगस्त को क्या हुआ था?

संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन (11 अगस्त) राज्यसभा में विपक्ष के 12 सांसदों को सुरक्षाबलों के साथ बदसलूकी करने पर पूरे शीतकालीन सत्र के लिए स्थगित कर दिया गया है. 11 अगस्त को राज्यसभा में बीमा विधेयक पर चर्चा के दौरान हंगामा हुआ था. संसद के अंदर पुरुष और महिला सांसदों और विपक्षी मार्शलों के बीच जमकर मारपीट हुई.

आशीष मिश्रा समेत 13 आरोपियों पर हत्या के प्रयास का आरोप, कोर्ट ने दी मंजूरी

हंगामे के मद्देनजर राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि सदन में जो हुआ उसने लोकतंत्र के मंदिर को अपवित्र किया है। विरोधियों का कहना है कि विधेयक को पारित करने के किसी भी प्रयास के परिणाम होंगे। विपक्षी समूहों ने विधानसभा के बहिष्कार का आह्वान किया। विपक्ष ने इस मुद्दे पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को एक ज्ञापन भी सौंपा है।

आशीष मिश्रा समेत 13 आरोपियों पर हत्या के प्रयास का आरोप, कोर्ट ने दी मंजूरी

लखीमपुर हिंसा : लखीमपुर खीरी के तिकुनिया इलाके में हुई हिंसा पर मंगलवार को कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया. 3 अक्टूबर को हुई हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा पर हत्या के प्रयास का आरोप लगाया गया है। इस फैसले के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि केंद्रीय गृह मंत्री अजय मिश्रा टेनी की कुर्सी को लेकर विवाद और भी बढ़ जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा समेत 13 आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप में याचिका दायर की थी. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) को दिए अपने आवेदन में एसआईटी ने आशीष मिश्रा और अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास के अपराध को दंडनीय बनाने के लिए नई धाराओं को शामिल करने की मांग की। आशीष मिश्रा समेत सभी आरोपी फिलहाल लखीमपुर खीरी जिला जेल में बंद हैं।एसआईटी के जांच अधिकारी विद्याराम दिवाकर ने पिछले हफ्ते सीजेएम अदालत में एक आवेदन दायर कर हत्या के प्रयास सहित वारंट में एक नई धारा जोड़ने के लिए 3 अक्टूबर को लखीमपुर हिंसा मामले में आईपीसी की धारा 279, 338 और 304 ए को बदल दिया।

ओम बिरला ने मंत्रियों को लोकसभा से मंत्रालय नहीं चलाने की दी सलाह

3 अक्टूबर को, केंद्रीय गृह मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा की एक एसयूवी के एक एसयूवी से टकरा जाने से चार प्रदर्शनकारी किसानों सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी। हिंसा में एक स्थानीय पत्रकार की भी मौत हो गई। मामले की सुनवाई दूसरे कोर्ट में चल रही है. आशीष मिश्रा को बाद में लखीमपुर खीरी कांड में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में लवकुश, आशीष पांडे, शेखर भारती, अंकित दास, लतीफ, शिशुपाल, नंदन सिंह, सत्यम त्रिपाठी, सुमित जायसवाल, धर्मेंद्र बंजारा, रिंकू राणा और उल्लास त्रिवेदी शामिल हैं। फिलहाल ये सभी लखीमपुर खीरी जिला जेल में बंद हैं।

ओम बिरला ने मंत्रियों को लोकसभा से मंत्रालय नहीं चलाने की दी सलाह

डिजिटल डेस्क : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को विभिन्न मुद्दों पर लोकसभा सदस्यों के साथ मंत्रियों की बातचीत पर असंतोष व्यक्त किया और उन्हें सदन से अपने कार्यालय नहीं चलाने की सलाह दी। आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह एक सदस्य से बात करते नजर आए। सवाल-जवाब सत्र के अंत में मंत्री एक मामले पर चर्चा करने के लिए अपनी सीट पर आ गए।

बीच-बचाव करते हुए ओम बिरला ने कहा, ”माननीय सदस्यों, मंत्रियों को यहां से अपना मंत्रिमंडल नहीं चलाना चाहिए. मंत्रियों को सांसदों से कहना चाहिए कि वे उनसे मिलने के लिए अपने दफ्तर आएं।” उन्होंने सदस्यों से संसद की मर्यादा बनाए रखने को कहा।

यूपी चुनाव में अकेले चलने की राह पर AAP, गठबंधन को लेकर नहीं SP से बात

विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्य अक्सर मंत्रालय से संबंधित मुद्दों को उठाने के लिए विभिन्न मंत्रिस्तरीय सीटों पर जाते हैं, तब भी जब संसद का सत्र चल रहा हो।ओम बिरला ने केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी को सवाल-जवाब सत्र खत्म होने के बाद भी एक सवाल का जवाब जारी रखने के लिए फटकार लगाई।उन्होंने कहा, ‘मंत्री जी, स्पीकर ने ऐलान किया है, बैठ जाइए. आप सवाल-जवाब सत्र के बाद भी बात कर रहे हैं।’

यूपी चुनाव में अकेले चलने की राह पर AAP, गठबंधन को लेकर नहीं SP से बात

 डिजिटल डेस्क : हाल ही में जब आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने अखिलेश यादव से मुलाकात की तो दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की अटकलें लगने लगीं. लेकिन अब दोनों पार्टियों के बीच सीटों का बंटवारा अटकता नजर आ रहा है. इसी वजह से आम आदमी पार्टी ने खुद यूपी चुनाव लड़ने का फैसला किया है। सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी सीट सौदे में सिर झुकाने को तैयार नहीं थी, जबकि आप ने और सीटों की मांग की थी. आईएएनएस के मुताबिक, पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता वैभव माहेश्वरी ने कहा कि आप अब राज्य की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।इतना ही नहीं, हम अगले एक सप्ताह में 100 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा करेंगे। कुछ दिनों में नई सूची जारी कर दी जाएगी। आम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि दिसंबर के अंत तक हमारी पार्टी 350 से 400 उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देगी. संजय सिंह की अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की अफवाहें उड़ने लगीं. हालांकि दोनों पक्षों ने इस मामले पर आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उन्होंने इससे इनकार नहीं किया है। इसे लेकर गठबंधन को लेकर चर्चा तेज हो गई थी।

ममता का कांग्रेस को न्योता, बोलीं- कांग्रेस TMC के नेतृत्व वाले विरोधी मोर्चे में शामिल हों

इतना ही नहीं एक रैली में संजय सिंह का रिएक्शन तब देखने को मिला जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी के लोगों को रेड कैप से बचने के लिए कहा और इसे रेड अलर्ट बताया. आरएसएस की काली टोपी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, आपकी टोपी और मकसद दोनों काली हैं. संकेत में प्रधानमंत्री मोदी ने अखिलेश यादव को लताड़ा, लेकिन जब आम आदमी पार्टी की ओर से उनका जवाब आया तो अटकलें तेज हो गईं. चुनावी मौसम में अगर आम आदमी पार्टी अकेले जाती है तो समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियों को नुकसान हो सकता है।

ममता का कांग्रेस को न्योता, बोलीं- कांग्रेस TMC के नेतृत्व वाले विरोधी मोर्चे में शामिल हों

 डिजिटल डेस्क : ममता बनर्जी इन दिनों गोवा के दौरे पर हैं। गोवा में उन्हें एनसीपी नेता टीएमसी की सदस्यता मिली और उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहे तो तृणमूल गठबंधन में शामिल हो सकती है। उन्होंने कांग्रेस पर उनके साथ एक आलसी जमींदार की तरह व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। गोवा में एक पार्टी समारोह में ममता ने कहा कि टीएमसी का मतलब मंदिर (मंदिर), मस्जिद (मस्जिद) और चर्च है।उन्होंने कहा, “मैं कांग्रेस के खिलाफ नहीं बोलना चाहता लेकिन यह पार्टी भाजपा को हराने के लिए कुछ नहीं कर रही है।” अगर कांग्रेस बीजेपी को हराने के लिए कुछ करना चाहती है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है। ममता एक महीने में दूसरी बार गोवा पहुंची हैं।

 भाजपा ने टीएमसी को हिंदू विरोधी पार्टी के रूप में पेश किया है

उन्होंने कहा, “हमने गोवा में महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के साथ गठबंधन किया है।” हमारा गठबंधन ही एकमात्र विकल्प है। अगर कांग्रेस को लगता है कि वे हमारे गठबंधन में शामिल नहीं होंगे, तो यह सोचना गलत है कि कोई और पार्टी नहीं करेगी। ममता ने कहा कि बीजेपी टीएमसी को हिंदू विरोधी पार्टी के तौर पर पेश करती है, जो बिल्कुल भी नहीं है. टीएमसी एक ऐसा समूह है जो सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देता है।

 राकांपा नेता जमीनी स्तर से ताल्लुक रखते हैं

ममता पूरे देश में क्षेत्रीय विपक्षी दलों को एकजुट कर रही हैं. दिसंबर की शुरुआत में, उन्होंने मुंबई में एनसीपी प्रमुख शरद पवार और शिवसेना नेताओं से मुलाकात की। कई कांग्रेस नेताओं को हराने के बाद अब वह गोवा में शरद पवार की पार्टी का हिस्सा हैं। सोमवार को उन्होंने एनसीपी के दिग्गज नेता और विधायक चर्चिल अलेमाओ और उनकी बेटी वल्लंका को गोवा टीएमसी में शामिल किया।

 महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव: बीजेपी ने 6 में से 4 सीटों पर जीत हासिल की

इससे पहले ममता ने कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री लुइसिन्हो फलेरियो को गोवा टीएमसी में शामिल किया था। मशहूर टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस के साथ लोकप्रिय अभिनेत्री नफीसा अली को भी टीम की सदस्यता दी गई।

महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव: बीजेपी ने 6 में से 4 सीटों पर जीत हासिल की

मुंबई: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने छह सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी (एमवीए) को हराकर नागपुर सहित चार सीटों पर जीत हासिल की है। पार्टी ने शिवसेना से अकोला-बुलढाणा-वाशिम सीट छीन ली है. भाजपा की जीत के जवाब में, महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता, देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि भाजपा ने एमवीए के मिथक को तोड़ दिया है कि तीनों दल (शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस) राज्य के सभी चुनाव एक साथ जीत सकते हैं। 10 दिसंबर को चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र विधानसभा की छह सीटों के लिए मतदान की घोषणा की।

बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की दो सीटों पर हुए उपचुनाव में शिवसेना (सुनील शिंदे) और बीजेपी (राजहंस सिंह) ने एक-एक सीट जीती है. कोल्हापुर और नंदुरबार-धुले विधानसभा चुनावों में भी, कांग्रेस और भाजपा ने बिना चुनाव लड़े एक-एक सीट जीती। नागपुर और अकोला-बुलढाणा-वाशिम निर्वाचन क्षेत्रों में 10 दिसंबर को मतदान हुआ था।जिला सूचना कार्यालय के अनुसार, नागपुर में डाले गए 554 मतों में से भाजपा उम्मीदवार और राज्य के पूर्व बिजली मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को 362 मत मिले, जबकि एमवीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार मंगेश देशमुख को 186 मत मिले.

कांग्रेस उम्मीदवार रवींद्र भाई द्वारा चुनाव की पूर्व संध्या पर लड़ने में असमर्थता व्यक्त करने के बाद पार्टी ने देशमुख का समर्थन किया। हालांकि बाद में वोयार ने चुनाव लड़ा और उन्हें केवल एक वोट मिला। अकोला-वाशिम-बुलढाणा में, शिवसेना के तीन बार के एमएलसी, गोपीकिशन बाजोरिया भाजपा के बसंत खंडेलवाल से हार गए। कुल 808 वोटों में से खंडेलवाल को 443 वोट और बजोरिया को 334 वोट मिले.फड़णवीस ने कहा, “एमवीए पार्टियां दावा कर रही थीं कि तीनों दल मिलकर सभी चुनाव जीतेंगे। हमने इस मिथक को तोड़ दिया है और मुझे लगता है कि इस जीत ने हमारी भविष्य की जीत की नींव रखी है।

अखिलेश यादव की विजय रथयात्रा जौनपुर पहुंची, भाजपा को हटाने का दिया संदेश

खंडेलवाल ने अपनी जीत के लिए अपनी टीम की सफल रणनीति को जिम्मेदार ठहराया।पत्रकारों से बात करते हुए, बावनकुले ने कहा कि एमवीए के पास 240 वोट थे। हालांकि, एमवीए समर्थित उम्मीदवार को केवल 16 वोट मिले। बावनकुल में, सत्तावादी व्यवहार के आरोप में महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोल को थप्पड़ मारा गया और उनके इस्तीफे की मांग की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए कि उनके वोट क्यों बांटे गए।”वे दो दिन से खरीद-फरोख्त में लगे हैं, फिर भी वे अपनी पार्टी को साथ नहीं रख पाए हैं। यह कांग्रेस नेताओं की असली हार है। कांग्रेस नेता तानाशाही व्यवहार कर रहे हैं।

अखिलेश यादव की विजय रथयात्रा जौनपुर पहुंची, भाजपा को हटाने का दिया संदेश

लखनऊ : एसपी सुप्रीमो अखिलेश यादव दो दिवसीय दौरे पर जौनपुर पहुंचे हैं. वह मंगलवार को समाजवादी विजय जुलूस के लिए यहां पहुंचे। इस बीच, जासूसों का एक समूह उसका स्वागत करने के लिए इकट्ठा हो गया। अलग-अलग जगहों पर अपने नेता को देखकर पार्टी के नेता और कार्यकर्ता अभिभूत हैं.समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के लिए ये दो दिन बेहद खास हैं. इन दो दिनों में वह जौनपुर के सभी विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के प्रचार अभियान के अलावा चुनावी समीकरण बनाने की कोशिश करेंगे. इसके बाद सुबह 11 बजे अखिलेश यादव जाफराबाद विधानसभा क्षेत्र पहुंचे। यहां पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. लाल टोपी पहने लोगों की भीड़ देखकर अखिलेश भी तस्वीर में उत्साहित नजर आ रहे हैं. इस बीच, उन्होंने विपक्ष, खासकर भारतीय जनता पार्टी पर हमलों की एक श्रृंखला शुरू की। उन्होंने सभी को सपा की सरकार बनने पर लाने की योजना का संदेश दिया है.

50 करोड़ से अधिक लोग इलाज की लागत को पूरा करने के लिए बेहद गरीब हैं

इसके बाद वह चले गए और विजय रथ यात्रा से सदर विधानसभा क्षेत्र के कुट्टूपुर जंक्शन तक गए। यहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। अखिलेश के स्वागत के लिए लोग लाल चुनरी पहन साइकिल पर खड़े नजर आए। सपा सुप्रीमो ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए स्थानीय क्षेत्र में सपा को मजबूत करने की सलाह देते हुए अपने राज्य में सरकार बनाने में सहयोग की अपील की.

50 करोड़ से अधिक लोग इलाज की लागत को पूरा करने के लिए बेहद गरीब हैं

 डिजिटल डेस्क : पिछले साल, चिकित्सा उपचार के लिए भुगतान करने के लिए दुनिया में 500 मिलियन से अधिक लोग अत्यधिक गरीबी में चले गए। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और विश्व बैंक ने यह जानकारी दी है। समाचार रायटर।दोनों संगठनों को डर है कि कोरोना महामारी से हालात और खराब हो सकते हैं।

डब्ल्यूएचओ और विश्व बैंक के एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि कोरोना महामारी ने दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवा को बाधित कर दिया है। इसने 1930 के दशक के बाद से सबसे खराब आर्थिक संकट पैदा किया है। इस स्थिति ने आम आदमी के लिए स्वास्थ्य देखभाल की लागत को पूरा करना मुश्किल बना दिया है।कोरोना महामारी का दुनिया पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा है। 10 साल में पहली बार अन्य टीकाकरण कार्यक्रमों का दायरा घटाया गया है। तपेदिक और मलेरिया से मरने वालों की संख्या बढ़ रही है।डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनम गेब्रेयसस ने विभिन्न देशों की सरकारों से प्रत्येक नागरिक को तत्काल स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने का आह्वान किया है। उपाय करना ताकि प्रत्येक नागरिक को वित्तीय संकट के भय के बिना चिकित्सा देखभाल मिल सके।

अजय मिश्रा का इस्तीफा कब? SIT के कदम के बाद प्रियंका का सवाल

विश्व बैंक के स्वास्थ्य, पोषण और जनसंख्या के अंतर्राष्ट्रीय निदेशक जुआन पाब्लो उरीबे ने कहा कि वित्तीय बाधाओं के बावजूद, सरकारों को स्वास्थ्य बजट की रक्षा करने के साथ-साथ उन्हें बढ़ाने की भी आवश्यकता है।

अजय मिश्रा का इस्तीफा कब? SIT के कदम के बाद प्रियंका का सवाल

 डिजिटल डेस्क : लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने एक गंभीर मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा समेत 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. एसआईटी के इस कदम के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफे की मांग की है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया कि मोदी जी को अजय टेनी को बर्खास्त कर देना चाहिए। उन्होंने आगे लिखा कि कोर्ट की धमकियों और सत्याग्रह के चलते अब पुलिस यह भी कह रही है कि राज्य के गृह मंत्री के बेटे ने साजिश कर किसानों को कुचला है. इस साजिश में गृह राज्य मंत्री की क्या भूमिका थी, इसकी जांच होनी चाहिए? लेकिन आपने नरेंद्र मोदी को उनकी किसान विरोधी मानसिकता के कारण पद से नहीं हटाया।

टेनी ने कहा इस्तीफा दे देंगे- लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने कहा कि अगर लड़का जांच के मौके पर होता तो सबूत मिले तो मैं इस्तीफा दे दूंगा. वहीं, यूनाइटेड किसान मोर्चा टेनी के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के तत्वावधान में मामले की जांच कर रही एसआईटी ने हत्या, हत्या की साजिश और अवैध हथियार मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा समेत 13 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. प्रारंभिक जांच के बाद, एसआईटी ने सिफारिश की कि उन सभी के खिलाफ आईपीसी 302, 307, 120बी के तहत मामला दर्ज किया जाए।

मुख्यमंत्रियों की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने दिए सख्त निर्देश

लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में तीन अक्टूबर को उस समय हिंसा भड़क उठी थी, जब उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अजय मिश्रा के पैतृक घर जाने के विरोध में किसान प्रदर्शन कर रहे थे. इसके बाद हुई हिंसा में, प्रदर्शन कर रहे चार किसानों को एक कार ने कुचल दिया और एक पत्रकार और दो भाजपा कार्यकर्ताओं सहित चार अन्य की मौत हो गई। मामले का आरोपी केंद्रीय गृह मंत्री अजय मिश्रा का बेटा आशीष मिश्रा है।

मुख्यमंत्रियों की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने दिए सख्त निर्देश

डिजिटल डेस्क : काशी के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह मुख्यमंत्रियों से मुलाकात की. बैठक वाराणसी के बरका स्थित प्रशासनिक भवन में हो रही है. बैठक भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और भाजपा पार्टी अध्यक्ष के साथ हो रही है। बैठक में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों को कई निर्देश दिए।

सूत्रों ने बताया कि बीजेपी शासित सभी मुख्यमंत्रियों ने पीएम की क्लास में अपना रिपोर्ट कार्ड पेश किया है. प्रधानमंत्री मोदी ने सभी को लोगों से जुड़े रहने और सार्वजनिक रूप से बाहर जाकर अपने काम का रिपोर्ट कार्ड देने की सख्त चेतावनी दी है। साथ ही विपक्ष के सभी सवालों का जवाब दें और लोगों को उनके काम की जानकारी दें.वहीं, यूपी, उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों में चुनाव होने हैं। वहां मुख्यमंत्री अपना रिपोर्ट कार्ड और योजना प्रधानमंत्री मोदी को पेश कर रहे हैं. बैठक में करीब 12 राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया।

प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को काशी विश्वनाथ धाम के विकास मॉडल को अपने राज्यों की जनता तक ले जाने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पांच राज्यों के चुनावों में सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर अपने किए गए कामों की जानकारी लोगों को देनी है और रुके हुए कामों को पूरा करना है.बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने संगठन के लोगों से विधायकों के पांच साल के रिपोर्ट कार्ड की जांच करने और लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता पर फीडबैक लेने और चुनाव के लिए टिकट तय करने को कहा. टिकट को लेकर किसी तरह की पैरवी और नातेदारी की चिंता न करें।

अखिलेश का कटाक्ष: प्रधानमंत्री के साथ सीएम ने गंगा में क्यों नहीं लगाई डुबकी?

बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने सभी को जीत का मंत्र दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि चुनाव के लिए सभी जनप्रतिनिधि जनता के बीच हों और संगठन के लोग अपनी अनूठी उपस्थिति बनाए रखें. गांवों, कस्बों, इलाकों और कॉलोनियों में छोटी-छोटी चौपाल लगाकर राज्य और केंद्र की योजनाओं से लोगों को अवगत कराएं. सोशल मीडिया पर सक्रिय रहें और अपनी आवाज जनता तक पहुंचाएं।

अखिलेश का कटाक्ष: प्रधानमंत्री के साथ सीएम ने गंगा में क्यों नहीं लगाई डुबकी?

 डिजिटल डेस्क : वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम (कॉरिडोर) के उद्घाटन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं, वहीं अखिलेश यादव एक के बाद एक सवाल उठा रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने जौनपुर में एक विजय रैली में कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री इतने बुद्धिमान हैं कि उन्होंने गंगा में डुबकी नहीं लगाई। वे जानते हैं कि गंगा माता और जमुना का जल गंदा हो गया है। चंबल नदी का पानी नदी में न होता तो डुबकी लगाने का कोई मूल्य नहीं होता। जौनपुर में आज गोमती का क्या हाल है यह किसी से छुपा नहीं है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भ्रष्टाचार की महंगाई आज कम नहीं हो रही है. इस वजह से उनके सांसद और विधायक गांव में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं. डबल इंजन वाली सरकार फेल हो रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि सपा जनता के साथ मिलकर बीजेपी को प्रदेश और देश से हटा देगी. बीजेपी 400 से ज्यादा सीटें जीतेगी. अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी ने कहा है कि लोगों की आय दोगुनी हो जाएगी. हालात ऐसे हैं कि महंगाई दोगुनी हो गई है. किसानों को खाद नहीं मिल रही है। अगर किसान कोरोना काल में खेतों में काम नहीं करते तो देश की अर्थव्यवस्था चरमरा जाती। माफियाओं पर बुलडोजर के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश यादव ने कहा, “हर जिले में माफिया हैं। राज्य सरकार इन मामलों को सूचीबद्ध क्यों नहीं करती है?”

देश में थोक महंगाई 12 साल के रिकॉर्ड स्तर पर! जानिए कब मिलेगी राहत

प्रधानमंत्री ने भी की संकल्प की खुदाई:

अखिलेश यादव ने कहा कि जब चुनाव प्रस्ताव पूरा नहीं हो रहा है तो लोगों को उस प्रस्ताव की याद दिलाई जा रही है. आपको बता दें कि कल प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि मैं चाहता हूं कि आपके पास तीन संकल्प हों, पहला, स्वच्छता, दूसरा निर्माण और तीसरा, आत्मनिर्भर भारत के लिए अंतहीन प्रयास। एक हजार साल पुरानी खांसी से, मैं देशवासियों से आग्रह करता हूं कि वे अपने अनूठे और अभिनव कार्यों को जारी रखें, चाहे वे कहीं भी हों। ताकि देश हर तरह से आत्मनिर्भर हो सके। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम के उद्घाटन से भारत को एक निर्णायक दिशा मिलेगी, एक उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत होगी।

देश में थोक महंगाई 12 साल के रिकॉर्ड स्तर पर! जानिए कब मिलेगी राहत

 मुद्रास्फीति : देश में मुद्रास्फीति बढ़ रही है। नवंबर में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) 12.54 प्रतिशत से बढ़कर 14.2 प्रतिशत हो गया। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक थोक महंगाई का यह आंकड़ा 12 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. ईंधन और बिजली की बढ़ती कीमतों के कारण थोक मुद्रास्फीति बढ़ी है। मुख्य मुद्रास्फीति दर 11.90 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.20 प्रतिशत कर दी गई है और सितंबर मुद्रास्फीति के आंकड़े संशोधित किए गए हैं। अब यह 10.66 फीसदी से बढ़कर 11.80 फीसदी हो गया है।

महंगाई के आंकड़ों पर एक नजर – ​​मंगलवार को जारी थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के आंकड़ों के मुताबिक, खाद्य पदार्थों में थोक महंगाई 3.08 फीसदी से बढ़कर 6.60 फीसदी हो गई.इसके अलावा, ईंधन और बिजली की थोक मुद्रास्फीति 36.18 प्रतिशत से बढ़कर 39.61 प्रतिशत हो गई। अंडे और मांस के लिए थोक मूल्य मुद्रास्फीति 1.98 प्रतिशत से बढ़कर 9.8 प्रतिशत हो गई।आलू का थोक भाव 49.54 प्रतिशत से बढ़कर 51.52 प्रतिशत और सब्जियों का मूल्य 18.49 प्रतिशत से बढ़कर 3.91 प्रतिशत हो गया। साथ ही दूध की महंगाई भी बढ़ी है। यह 1.68 प्रतिशत से बढ़कर 1.81 प्रतिशत हो गया।

राहत यहां उपलब्ध है

विनिर्मित वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है। इसकी थोक महंगाई दर 12.04 फीसदी से घटकर 11.92 फीसदी पर आ गई है. खाद्य तेल की महंगाई भी कम हुई है। यह 32.57 फीसदी से घटकर 23.16 फीसदी पर आ गया है। प्याज का थोक भाव महंगाई -30.14 फीसदी से घटकर -25.01 फीसदी पर आ गया है.

थोक (थोक मूल्य सूचकांक – WPI) मुद्रास्फीति की दर क्या है?

सीधे शब्दों में कहें तो थोक मूल्य सूचकांक या थोक मूल्य सूचकांक उन कीमतों को संदर्भित करता है जो थोक बाजार में एक व्यापारी दूसरे व्यापारी से लेता है।ये कीमतें थोक सौदों से जुड़ी हैं। तुलना करके, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) या उपभोक्ता मूल्य सूचकांक सामान्य उपभोक्ताओं द्वारा भुगतान की गई कीमत पर आधारित है। सीपीआई आधारित मुद्रास्फीति की दर को खुदरा मुद्रास्फीति या खुदरा मुद्रास्फीति भी कहा जाता है।

आपको कब राहत मिलेगी?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने हाल ही में एक बयान में कहा कि मुद्रास्फीति बढ़ सकती है। आधार वर्ष के प्रभाव से आंकड़ों में इजाफा होगा। रिजर्व बैंक के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में महंगाई अपने चरम पर होगी। इसके बाद यह नरम हो जाएगा।एस्कॉर्ट सिक्योरिटी के शोध प्रमुख आसिफ इकबाल ने TV9Hindi को बताया कि खुदरा मुद्रास्फीति की दर आरबीआई के अनुमान के भीतर है। हालांकि इसमें लगातार दूसरे महीने बढ़ोतरी हुई है। ईंधन और परिवहन लागत के कारण मुद्रास्फीति लगातार बढ़ रही है।

अखिलेश यादव के विवादित बयान को लेकर अनुराग ठाकुर ने किया पलटवार

परिवहन लागत में वृद्धि का असर अन्य उत्पादों की कीमतों में भी देखा जा रहा है। हालांकि, बढ़ी हुई लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर कितना पड़ेगा यह उत्पाद की मांग पर निर्भर करेगा। फिलहाल महंगाई का यह स्तर चिंता का विषय नहीं है। मांग में सुधार हुआ तो महंगाई बढ़ सकती है।