Wednesday, April 29, 2026
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जब लोग हम पर ध्यान न दें तो मस्ती-मजाक के साथ बात की शुरुआत करनी चाहिए

कहानी – बनारस विश्व हिन्दू विश्वविद्यालय में विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर थोड़े उग्र हो गए थे और नारेबाजी कर रहे थे। उस समय एक रेक्टर को भेजा गया। रेक्टर थे हजारी प्रसाद द्विवेदी। रेक्टर यानी किसी शिक्षा संस्थान के केंद्र में एक ऐसा पद, जो समस्याओं को सुलझाता है।हजारी प्रसाद जी विद्यार्थियों के बीच पहुंचे और सभी की बातें बहुत शांति से सुन रहे थे, लेकिन कुछ बातें वाजिब नहीं थीं तो वे बोलें कि ये मांगें ही अनुचित हैं।

ये बात सुनते ही छात्र और गुस्सा हो गए, शोर बहुत बढ़ गया, किसी को कुछ सुनाई नहीं दे रहा था। तब हजारी प्रसाद द्विवेदी ने कहा, ‘मेरी बात सुनो, मैं भी इस संस्थान में हिन्दी का प्रोफेसर हूं। मैं हिन्दी पढ़ाता हूं और ज्योतिष भी जानता हूं। कई चीजें देख भी लेता हूं तो आप सभी मेरी बात भी सुनें।’

शोरगुल खत्म हो गया। सभी उनकी बातें सुनने लगे, लेकिन कुछ देर बाद फिर से शोर होने लगा। द्विवेदी जी को लगा कि अब इन्हें समझाना आसान नहीं है। वे फिर से बोले, ‘आप सभी से मैंने जो बातें कही हैं, जो प्रस्ताव रखा है, उस पर शांति से विचार करें। मैं एक बात और कहूंगा, तुम सभी ने मेरा अपमान तो किया है, मेरी बात भी नहीं सुनी। मेरी बात काटी, खूब शोर किया तो मैं तुम्हें शाप दे रहा हूं। मैं ज्योतिषी हूं, मैं भविष्य पढ़ सकता हूं तो शाप ये है कि तुम सभी अगले जन्म में किसी न किसी विश्वविद्यालय के कुलपति बनोगे।’ये शाप सुनते ही सभी विद्यार्थी हंसने लगे और वातावरण सकारात्मक हो गया। सभी को खुश देखकर द्विवेदी जी समझ गए कि अब इन सभी को अपनी बात समझाई जा सकती है।

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सीख – जब भीड़ में अपनी बात कहनी हो तो हमें अपनी बात इस अंदाज में कहनी चाहिए कि सुनने वाले सभी लोगों को अच्छा लगे और हमारा काम भी हो जाए। बहुत सारे लोगों के बीच बात कहनी हो तो ऐसे शब्दों का उपयोग करें, जिनका असर सभी पर एक साथ हो और हमारी बात भी पूरी हो जाए।

 

सूर्य का धनु राशि में प्रवेश, सिंह सहित इन राशियों के खुल जाएगे भाग्य के रास्ते

16 दिसंबर को सुबह 3 बजकर 42 मिनट पर सूर्यदेव वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करेंगे और अगले वर्ष यानि की 2022 के 14 जनवरी की दोपहर 2 बजकर 30 मिनट तक धनु राशि में ही गोचर करते रहेंगे। उसके बाद मकर राशि में प्रवेश कर जायेंगे | बता दें कि जब सूर्यदेव किसी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस दिन सूर्यदेव की संक्रांति होती है | सूर्य की संक्रांति में पुण्यकाल का बहुत महत्व होता है।

धनु संक्रांति का पुण्यकाल 16 दिसंबर को सूर्योदय से शुरू होकर दोपहर पहले 11 बजकर 42 मिनट तक रहेगा | इस दौरान गोदावरी नदी में स्नान और वस्त्र दान का सबसे अधिक महत्व है। लेकिन अगर आप गोदावरी नदी में स्नान करने न जा पायें, तो कोई बात नहीं। आप घर पर ही अपने नहाने के पानी में थोड़ा-सा गंगाजल मिलाकर गोदावरी नदी का आह्वाहन करते हुए स्नान कीजिये। इससे भी आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी।सूर्यदेव जब भी किसी राशि में प्रवेश करते हैं।  तो हर राशि वाले लोगों पर भी उसका प्रभाव पड़ता है। चूंकि सूर्यदेव 14 जनवरी 2022 की दोपहर 2 बजकर 30 मिनट तक धनु राशि में रहेंगे। इस दौरान सूर्यदेव का सभी राशियों पर क्या प्रभाव होगा और उस स्थिति में शुभ फल पाने के लिये और अशुभ फलों से बचने के लिये आपको क्या उपाय करने चाहिए। जानिए

मेष राशि

सूर्यदेव आपके नवे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्म कुंडली में नवा स्थान भाग्य का स्थान है। इस स्थान पर सूर्य के गोचर से आपके भाग्य में वृद्धि होगी। आप अपने काम में जितनी मेहनत करेंगे, उसका शुभ फल आपको अवश्य ही मिलेगा। लिहाजा अगले 30 दिनों के दौरान सूर्य के शुभ फलों को सुनिश्चित करने के लिए घर में पीतल के बर्तनों का इस्तेमाल करें, साथ ही प्रतिदिन सूर्यदेव को नमस्कार करें।

वृष राशि

सूर्यदेव आपके आठवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्म कुंडली में यह स्थान आयु से संबंध रखता है। इस स्थान पर सूर्य के गोचर से आपकी आयु में वृद्धि होगी और आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। इस दौरान सूर्य के शुभ फल सुनिश्ति करने के लिये काली गाय या बड़े भाई की सेवा करें।

मिथुन राशि

सूर्यदेव आपके सातवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्म कुंडली में यह स्थान जीवनसाथी का होता है। इस स्थान पर सूर्य के गोचर से जीवनसाथी के साथ आपका तालमेल ठीक बना रहेगा और आपका वैवाहिक जीवन खुशहाल रहेगा। अगले 30 दिनों के दौरान सूर्यदेव के इस गोचर का शुभ फल बनाये रखने के लिये स्वयं भोजन करने से पहले किसी दूसरे व्यक्ति को भोजन जरूर खिलाएं।

कर्क राशि

सूर्यदेव आपके छठे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्म कुंडली में यह स्थान मित्र का होता है। इस स्थान पर सूर्य के गोचर से मित्रों के साथ अच्छे संबंध स्थापित करने के लिये आपको अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। आपको इस दौरान अपने शत्रु पक्ष से बचकर रहने की जरूरत है। अगले 30 दिनों के दौरान सूर्य के अशुभ फलों से बचने के लिये- मन्दिर में बाजरा दान करें।

सिंह राशि

सूर्यदेव आपके पांचवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्म कुंडली में यह स्थान विद्या, गुरु, विवेक, संतान और जीवन में रोमांस से संबंध रखता है। सूर्य के इस गोचर से आपको अगले 30 दिनों के दौरान अपने गुरु से बनाकर रखनीचाहिए। पढ़ाई-लिखाई में उचित फल पाने के लिये आपको किसी की हेल्प लेनी पड़ सकती है। साथ ही इस दौरान आप रोमांस के मामले में कुछ पिछड़ सकते हैं। अगले 30 दिनों के दौरान सूर्य के अशुभ फलों से छुटकारा पाने के लिये पानी में कुछ दाने चावल के और लाल पुष्प डालकर सूर्यदेव को अर्पित करें |

कन्या राशि

सूर्यदेव आपके चौथे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्म कुंडली में यह स्थान माता, भूमि-भवन और वाहन के सुख से संबंध रखता है। सूर्य के इस गोचर से अगले 30 दिनों के दौरान आपको अपने कार्यों में माता से पूरा सहयोग मिलेगा। साथ ही इस दौरान आपको भूमि-भवन और वाहन का सुख मिलने की भी पूरी उम्मीद है। इस दौरान सूर्य के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं। साथ ही मौका मिलने पर जरूरतमंद लोगों की मदद करें।

तुला राशि

सूर्यदेव आपके तीसरे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्म कुंडली में यह स्थान भाई-बहन और आपकी अभिव्यक्ति से संबंध रखता है। सूर्य के इस गोचर से आपको भाई-बहनों से उम्मीद के अनुसार सहयोग नहीं मिल पायेगा। जीवन में उनका साथ बनाये रखने के लिये आपको कोशिश करनी होगी। अगले 30 दिनों के दौरान सूर्य के अशुभ फलों से बचने के लिये सूर्यदेव के इस मन्त्र का रोज 11 बार जप करें | मन्त्र है- ऊँ घृणिः सूर्याय नमः।

वृश्चिक राशि

सूर्यदेव आपके दूसरे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्म कुंडली में यह स्थान धन से संबंध रखता है। सूर्य के इस गोचर से 14 जनवरी, 2022 तक आपको धन की बढ़ोतरी के बहुत से साधन मिलेंगे। इससे आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी बनी रहेगी। 14 जनवरी, 2022 तक सूर्य के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये मन्दिर में नारियल का तेल या कच्चे नारियल का दान करें।

धनु राशि

सूर्यदेव आपके पहले स्थान पर गोचर करेंगे। जन्म कुंडली में यह स्थान व्यक्ति का अपना स्थान होता है। इससे किसी व्यक्ति के प्रेम-संबंध, मान- सम्मान, धन और संतान के न्यायलय संबंधी कार्यों पर विचार किया जाता है। इस स्थान पर सूर्य के गोचर से आपको प्रेम-संबंधों का भरपूर लाभ मिलेगा। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। आपके पास पैसों की लगातार आवक बनी रहेगी। अगले 30 दिनों के दौरान सूर्य के शुभ फलों का लाभ पाने के लिये- प्रतिदिन सुबह स्नान आदि के बाद सूर्यदेव को जल चढ़ाएं।

मकर राशि

सूर्यदेव आपके बारहवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्म कुंडली में यह स्थान शैय्या सुख और व्यय से संबंध रखता है। सूर्य के इस गोचर से आपको शैय्या सुख की प्राप्ति तो होगी, लेकिन साथ ही आपके खर्चों में भी बढ़ोतरी होगी। अगले 30 दिनों के दौरान सूर्य के अशुभ प्रभावों से बचने के लिये धार्मिक कार्यों में अपना सहयोग दें और सुबह के समय अपने घर के खिड़की, दरवाजे खोलकर रखें, ताकि सूर्य का उचित प्रकाश घर के अंदर आ सके।

कुंभ राशि

सूर्यदेव आपके ग्यारहवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्म कुंडली में यह स्थान आमदनी और कामना पूर्ति से संबंध रखता है। सूर्य के इस गोचर से 14 जनवरी तक आपकी अच्छी आमदनी होगी। आपको आमदनी के नये स्रोत भी मिलेंगे। साथ ही आपकी जो भी इच्छा होगी, वो जरूर पूरी होगी। अगले 30 दिनों के दौरान सूर्य के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये मन्दिर में मूली का दान करें।

मीन राशि

सूर्यदेव आपके दसवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्म कुंडली में यह स्थान आपके करियर और पिता की उन्नति से संबंध रखता है। सूर्य के इस गोचर से करियर में आपको अपनी मेहनत का फल जरूर मिलेगा। आप काफी आगे बढ़ेंगे। साथ ही इस दौरान आपके पिता की भी तरक्की सुनिश्चित होगी। अगले 30 दिनों के दौरान सूर्य के शुभ फल बनाये रखने के लिये सिर ढक्कर रखें। साथ ही काले और नीले रंग के कपड़े पहनना अवॉयड करें।

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धनु राशि में गुरु प्रदोष का संयोग, सूर्यास्त के बाद विशेष शिव पूजा की जाएगी

एस्ट्रो डेस्क:  इस बार धनु संक्रांति, महीने का दूसरा भोर का व्रत गुरुवार को है। शिव और स्कंद पुराण के अनुसार अगन मास की त्रयोदशी के दिन भगवान शिव की विशेष पूजा करने से सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं। यह पूजा प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के करीब 90 मिनट के दौरान की जाती है। गुरु प्रदोष योग इस दिन इसलिए बन रहा है क्योंकि गुरुवार को तेरहवां दिन है। साथ ही इस दिन धनु पर्व भी है। इस योग में शिव की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय और पितरों की सिद्धि होती है।

प्रदोष व्रत वर्ष के अंतिम दिन भी

प्रदोष व्रत 31 दिसंबर को मनाया जाएगा। इस दिन शुक्र प्रदूषण की संधि हो रही है। इस महीने 2 दिसंबर को फिर 16 तारीख को प्रदोष व्रत किया जाता है. इस प्रकार साल के आखिरी महीने में तीन व्रत रखे जाएंगे। इस साल का अंत भी शिव पूजा के साथ एक सुखद संयोग है।

सूर्यास्त के बाद रात्रि की पूजा

पुराणों और ज्योतिष के अनुसार प्रदोष काल में सूर्यास्त के लगभग 90 मिनट की अवधि को प्रदोष काल कहा जाता है। इस समय भगवान शिव और पार्वती की विशेष पूजा होती है। प्रदोष में की जाने वाली पूजा शारीरिक, मानसिक और आर्थिक समस्याओं को भी दूर करती है। इस बार गुरुवार के दिन यदि यह शुभ संयोग बन जाए तो शिव पूजा का शुभ फल कई गुना बढ़ जाएगा।

पूजा विधि: पंचामृत के साथ रुद्राभिषेक

सूर्यास्त से पहले स्नान कर लें। इसके बाद पूजा की तैयारी। प्रदोष काल की शुरुआत में शिव का उद्घाटन करें। इसके लिए भी पंचामृत का प्रयोग करना पड़ता है। इसके बाद चंदन, अक्षत, अबीर-गुलाल, बिलबपात्र, धतूरा, मां का फूल और पूजा की अन्य वस्तुएं चढ़ाएं। इसके बाद धूप और दीप से भगवान शिव की पूजा करें। महादेव को प्रसाद चढ़ाएं।

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व्रत की विधि : शाम के समय शिव पूजा के बाद भोजन

इस दिन सूर्योदय से पहले स्नान कर लें। फिर शिव मंदिर या घर में पूजा स्थल पर बैठ जाएं और हाथ में जल लेकर प्रदोष का व्रत करें। फिर शिव की पूजा करें। फिर लोगों को जल अर्पित करें। पूरे दिन उपवास के नियमों का पालन करें। यानी शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह सात्विक बनें। नहीं खा सकते फल खा सकते हैं। फिर शाम को महादेव की पूजा और आरती के बाद भोर समाप्त होने के बाद यानी सूर्यास्त के 72 मिनट बाद आप भोजन कर सकते हैं।

इस दिन सूर्य देव की पूजा करनी चाहिए, भाग्य उज्ज्वल रहेगा

 डिजिटल डेस्क : सूर्य देव का धनु राशि में आगमन धनु राशि कहलाता है। इस दिन को अत्यंत पवित्र माना जाता है। धनु राशि में सूर्य देव के दिन स्वरूप की पूजा की जाती है। इस दिन यदि आप सूर्य देव के साथ भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं, तो आपको अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। इस दिन गायत्री मंत्र का जाप करना एक विशेष गुण माना जाता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से ऊर्जा में वृद्धि होती है। भाग्य होता है। सूर्य देव की पूजा करने से सफलता, प्रसिद्धि, पद और पदोन्नति मिलती है।

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धनु संक्रांति के दिन पढ़ें भगवान सत्यनारायण की कथा। संक्रांति के दिन पिता तर्पण, दान, धर्म और स्नान आदि का विशेष महत्व है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है। धनु संक्रांति के दिन भगवान जगन्नाथ की पूजा की जाती है। इस दिन भगवान जगन्नाथ को मिठाई का भोग लगाया जाता है। खरमास की शुरुआत धनु राशि से होती है। खारम्स में विवाह, अच्छे कर्म और अच्छे कर्म वर्जित हैं। किसी भी तीर्थ स्थान पर जाने के लिए खरमास सबसे अच्छा महीना माना जाता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है। धनु राशि के जातकों को गोदान के साथ वस्त्र और भोजन का दान करें। पीपल और तुलसी को जल अर्पित करें। इस दिन गायों को चराना या खिलाना। इस दिन नमक का सेवन न करें।

मिट्टी से बनी ये चीजें चमका सकती हैं आपकी किस्मत……

कोलकाताः पहले के समय में मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल किया जाता था। लोग खाना खाने से लेकर पानी पीने तक सभी मिट्टी के बर्तन का ही प्रयोग करते थे। वर्तमान समय में मिट्टी के बर्तनों की जगह धातु या प्लास्टिक से बने बर्तनों ने ले ली है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मिट्टी के बर्तनों का महत्व वास्तु शास्त्र तक में वर्णित है। वास्तु में मिट्टी से बनी कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताया है जो आपका भाग्योदय कर सकती हैं। आज ही घर ले आएं मिट्टी से बनी ये चीजें-

मिट्टी का घड़ा- वर्तमान समय में मिट्टी के घड़े के जगह फ्रिज ने ले ली है। मिट्टी के घड़े का पानी सेहत के लाभकारी माना जाता है। इसी के साथ मिट्टी का घड़ा आपके जीवन में सुख-समृद्धि भी ला सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर पर मिट्टी का घड़ा उत्तर दिशा में रखना चाहिए। ध्यान रहे कि घड़े में हमेशा पानी भरा रहे। कहते हैं कि ऐसा करने से नेगेटिविटी का अंत होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

मिट्टी से बनी प्रतिमाएं- वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) और दक्षिण-पश्चिम दिशा का संबंध पृथ्वी तत्व से होता है। ऐसे में इस दिशा में मिट्टी से बनी प्रतिमाएं रखना शुभ माना जाता है। इन दोनों दिशाओं में सजावट के लिए मिट्टी की बनी कलाकृतियां रखी जा सकती हैं। कहा जाता है कि घर के मंदिर में हमेशा मिट्टी से बनी प्रतिमाएं रखनी चाहिए।

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मिट्टी के दीपक- आमतौर पर लोग पूजा घर पर धातु से बने दीपक का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार मिट्टी से बने दीपक जलाना शुभ होता है। कहते हैं कि ऐसा करने से सुख-समृद्धि घर आती है।

नये काम की शुरुआत के लिए कैसा रहेगा आज, देखिये आज का पंचांग

एस्ट्रो डेस्क : ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का बहुत महत्व है । पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं। आज 16 दिसंबर गुरुवार का दिन है। मार्गशीर्ष की शुक्ल पक्ष त्रयोदशी 04:40 AM, 17 दिसंबर तक है। सूर्य सिंह राशि में योग-व्याघात 10:27 AM तक, उसके बाद हर्षण योग, करण -कौलव 08:34 AM, तैतिल और गरमार्गशीर्ष मास है, आज का दिन बहुत ही शुभ फलदायक है। देखिए आज का पंचांग…

आज 16 दिसंबर का पंचांग हिन्दू मास एवं वर्ष शक सम्वत- 1943 प्लव विक्रम सम्वत- 2078 आज की तिथि तिथि-त्रयोदशी 04:40 AM, Dec 17 तक आज का नक्षत्र-भरणी 07:35 AM तक उसके बाद कृत्तिका आज का करण-कौलव और तैतिल आज का पक्ष- शुक्ल पक्ष आज का योग- शिव आज का वार- गुरुवार सूर्योदय-7:05 AM सूर्यास्त-5:39 PM आज चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय चन्द्रोदय-3:43 PM चन्द्रास्त- 5:17 AM सूर्य -सूर्य वृश्चिक राशि पर है चन्द्रमा राशि चन्द्रमा- 02:21 PM तक चन्द्रमा मेष फिर वृषभ राशि पर संचार करेगा । दिन -गुरुवार माह- मार्गशीर्ष व्रत- प्रदोष व्रत अयन – दक्षिणायन

 

मुख्यमंत्री योगी ने ग्राम प्रतिनिधियों को दिया ‘सबक’, कहा- स्मार्ट गांव भी है

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश ग्राम उत्कर्ष समारोह में राज्य के पंचायत प्रतिनिधियों को संदेश दिया. इस अवसर पर उन्होंने 42,478 ग्राम पंचायत भवनों का उद्घाटन किया और 58,189 ग्राम सचिवालयों का उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार का भी वितरण किया गया।

फेरे हो गए और मांग भी भर गई, फिर दुल्हन ने शादी से किया इनकार

इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “ग्राम पंचायतों के समग्र सहयोग से ट्रिपल इंजन की शक्ति यूपी के विकास के लिए केंद्र से उपलब्ध होगी, और गांवों के साथ-साथ राज्यों का भी परिवर्तन होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों में भाजपा की सरकार होने से राज्य सही रास्ते पर है।

फेरे हो गए और मांग भी भर गई, फिर दुल्हन ने शादी से किया इनकार

अलीगढ़ : उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में बेहद ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां दूल्हा और दुल्हन ने एक-दूसरे को वरमाला पहना दिया। इतना ही नहीं दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे ले लिए और मांग भराई की रस्म भी हो गई, लेकिन कन्यादान के वक्त दुल्हन ने शादी करने से इनकार कर दिया। दुल्हन ने दूल्हे को अपना पति मानने से इनकार कर दिया और शादी की बची रस्मों को भी पूरा नहीं करने पर डट गई।

दुल्हन ने लगाया धोखा देने का आरोप
दुल्हन ने जब शादी की रस्मे करने से इनकार किया, तब दोनों पक्षों में जमकर हंगामा हुआ और मामला पुलिस तक जा पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने मामले को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों पक्षों ने एक बात नहीं सुनी और सुलह नहीं हो सकी। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, वहीं दुल्हन का कहना है कि दूल्हे पक्ष ने धोखा दिया है।

कन्यादान के समय दुल्हन ने शादी से किया इनकार
मामला अलीगढ़ के छर्रा थाना इलाके के सिरौली गांवा का है, जहां शादी के दौरान हर तरफ खुशी का माहौल था। दुल्हन के घरवालों ने बारातियों का जमकर स्वागत किया, जयमाला हो गई और सभी ने खाना खाया। इसके बाद शादी की रस्में शुरू हुईं। दूल्हा और दुल्न के फेरे हो गए और दूल्हा ने दुल्हन के मांग में सिंदुर तक भर दिया, लेकिन कन्यादान के समय दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया।

दुल्हन ने क्यों किया शादी करने से इनकार?
मंडप में कन्यादान के समय दूल्हे ने जैसे ही अपना हाथ आगे बढ़ाया, दुल्हन की चीख निकल गई और उसने शादी से इनकार कर दिया, क्योंकि दूल्हे के एक हाथ की तीन उंगलियां कटी हुईं थीं। दुल्हन का आरोप है कि दूल्हे ने हाथों की उंगलियां कटी होने की जानकारी नहीं दी गई और धोखे में रखा गया।

चीन ने तिब्बत में किया परमाणु, जैविक और रासायनिक युद्ध

बड़ी खबर : बंगाल भाजपा की सांसद लॉकेट चटर्जी हुई लापता…

कोलकाता : बंगाल की राजनीति में बुधवार को एक अजीब नजारा देखने मिला है। पश्चिम बंगाल के हुगली से बीजेपी सांसद लॉकेट चटर्जी के लापता होने का पोस्टर संसदीय क्षेत्र हुगली के पांडुआ इलाके में सटा हुआ मिला है। पोस्टर बुधवार सुबह बीडीओ कार्यालय, पंचायत कार्यालय और तेलीपाड़ा जंक्शन सहित कई जगहों पर देखा गया। हालांकि यह पोस्टर किसने लगाया है, इसका पता नहीं चल पाया है। पोस्टर के नीचे किसी का नाम नहीं लिखा है। लिखा है, “मैं पोस्टर पर लिखे लापता सांसद लॉकेट चटर्जी को ढूंढना चाहता हूं।” इस पोस्टर के मिलने से हुगली जिले में खलबली मच गई है। बता दें कि हुगली जिले के सिंगुर में बीजेपी किसानों की मांग को लेकर तीन दिवसीय धरना दे रही है, लेकिन संसद चलने के कारण वह इस आंदोलन में शामिल नहीं हुई हैं।

केंद्र के पास पेट्रोल-डीजल ड्यूटी के लिए कितना पैसा, वित्त मंत्री ने संसद में कहा

केंद्र के पास पेट्रोल-डीजल ड्यूटी के लिए कितना पैसा, वित्त मंत्री ने संसद में कहा

डिजिटल डेस्क: ईंधन की कीमतों को लेकर देश भर में लगभग 2021 से लड़ाई चल रही है। आखिरकार, दबाव में, केंद्र ने पिछले नवंबर में टैरिफ कम कर दिया। इस बार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में, केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल करों से कुल 6.02 लाख करोड़ रुपये कमाए हैं। इसमें से अकेले वित्तीय वर्ष 2020-21 में 3.61 लाख करोड़ रुपये का राजस्व हुआ है। यह हिसाब वित्त मंत्री ने लोकसभा में दिया है।

निर्मला के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 में केंद्र ने पेट्रोल और डीजल शुल्क से 2,10,282 करोड़ रुपये कमाए हैं। अगले वित्तीय वर्ष 2019-20 में केंद्र को सीमा शुल्क के लिए 2 लाख 19 हजार 650 करोड़ रुपये मिले हैं. फिर वित्त वर्ष 2020-21 में केंद्र सरकार ने 3 लाख 61 हजार 906 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में कमाए हैं.

राज्यसभा में एक लिखित सवाल का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि 5 अक्टूबर 2016 को पेट्रोल पर वैट और उत्पाद शुल्क 19 रुपये 46 पैसे था. जो 4 नवंबर 2021 को आया और 26 रुपये 90 पैसे पर आ गया। इसी तरह डीजल पर उत्पाद शुल्क 15.33 रुपये से बढ़ाकर 21.60 रुपये कर दिया गया है।अक्टूबर 2016 और जुलाई 2019 के बीच, दोनों ईंधन की कीमतों में काफी गिरावट आई है। उस अवधि के दौरान, पेट्रोल शुल्क 19.48 रुपये से घटाकर 16.98 रुपये कर दिया गया था। डीजल के मामले में यह 15.33 रुपये से घटाकर 13.83 रुपये कर दिया गया है।

चीन ने तिब्बत में किया परमाणु, जैविक और रासायनिक युद्ध

लेकिन 2 फरवरी, 2021 से दो ईंधनों पर उत्पाद शुल्क तेजी से बढ़ रहा है। नतीजतन, प्रति लीटर पेट्रोल और डीजल की कीमत आसमान छू गई। आम जनता की सांस फूल गई। विरोधी इसका विरोध कर रहे हैं। आखिरकार, इस साल दिवाली से ठीक पहले, 3 नवंबर को पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 5 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई। डीजल के मामले में यह कमी 10 रुपये है। इस फैसले से देश के आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है.

चीन ने तिब्बत में किया परमाणु, जैविक और रासायनिक युद्ध

 डिजिटल डेस्क: भारत के साथ सीमा पर झड़पों के बीच चीन ने तिब्बत में परमाणु, जैविक और रासायनिक युद्ध किया। नतीजतन, रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे संकेत हैं कि लाल सेना भविष्य में और अधिक आक्रामक होने जा रही है।मंगलवार को लाल सेना के एक समाचार पोर्टल ने बताया कि तिब्बत में पिछले नवंबर में अभ्यास किया गया था। पता चला है कि अभ्यास तिब्बती सैन्य क्षेत्र में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी और चीनी सेना के वेस्टर्न थिएटर कमांड की देखरेख में हुआ। गौरतलब है कि चीन के पांच थिएटर कमांड में से वेस्टर्न थिएटर कमांड भारत से लगी सीमा का इंचार्ज है. भारत और चीन लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक करीब साढ़े तीन हजार किलोमीटर की सीमा साझा करते हैं। इसलिए तिब्बत में अभ्यास ने नई दिल्ली में चिंता बढ़ा दी है।

पता चला है कि लाल सेना के सैन्य अभ्यास में कई हजार सैनिकों ने हिस्सा लिया था। चीनी सेना के सशस्त्र बलों ने काल्पनिक दुश्मन के खिलाफ रॉकेट हमला किया। बख्तरबंद वाहन दुश्मन के शिविरों को नष्ट करने के लिए अभ्यास करते हैं। फिर, गैस मास्क और विशेष कपड़े पहनकर, चीनी सैनिकों ने परमाणु और रासायनिक हमले को विफल करने के लिए एक अभ्यास किया।

कुछ दिनों पहले भारत की पहली सेना के दिवंगत कमांडर-इन-चीफ जनरल बिपिन रावत ने जैविक युद्ध के खतरे को बढ़ाने का संकेत दिया था। गौरतलब है कि कोरोना महामारी के मद्देनजर भारतीय सेना मित्र देशों के साथ मिलकर आपदा से निपटने की तैयारी कर रही है। इस अभ्यास का नाम ‘पैनेक्स 21’ रखा गया। अभ्यास 20 से 22 दिसंबर तक पुणे में आयोजित किया जाएगा। बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड भाग लेंगे। यह अभ्यास प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में देशों के साथ सहयोग बढ़ाएगा।

चित्रकूट में मोहन भागवत ने कहा – हिंदू धर्मत्यागियों को वापस लाने की योजना

पिछले हफ्ते PANEX 21 के उद्घाटन समारोह में, भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने एक नए तरह के युद्ध पर प्रकाश डालने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि जैव-युद्ध की स्थिति बनती है तो सेना को देश को विभिन्न कीटाणुओं और महामारियों से बचाना चाहिए।

चित्रकूट में मोहन भागवत ने कहा – हिंदू धर्मत्यागियों को वापस लाने की योजना

डिजिटल डेस्क : चित्रकूट में तीन दिवसीय हिंदू एकता महाकुंभ में, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदू धर्मत्यागियों को घर लौटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डर ज्यादा समय तक नहीं रह सकता। अभिमान एकता को तोड़ता है। हम लोगों को जोड़ने का काम करेंगे। उन्होंने इसे ग्रेट कुंभ राशि में शामिल होने वाले लोगों को भी पेश किया।

शपथ लेते हुए लोगों ने आरएसएस प्रमुख से कहा- ‘मैं हिंदू संस्कृति के धार्मिक योद्धा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के संकल्प के स्थान पर सर्वशक्तिमान ईश्वर के साक्षी के रूप में शपथ लेता हूं कि मैं अपनी रक्षा और प्रचार करने की शपथ लेता हूं। पवित्र हिंदू धर्म, हिंदू संस्कृति और हिंदू समाज मैं जीवन की सुरक्षा के लिए काम करूंगा। मैं वादा करता हूं कि मैं किसी भी हिंदू भाई को हिंदू धर्म से विचलित नहीं होने दूंगा। जिन भाइयों ने धर्म छोड़ दिया है, वे भी घर लौट आएंगे। मैं उनके परिवार का हिस्सा बनूंगा। मैं वादा करता हूं कि मैं हिंदू बहनों की गरिमा, सम्मान और शालीनता की रक्षा करने की पूरी कोशिश करूंगा। मैं जाति, वर्ग, भाषा और धर्म के भेदों को पार करते हुए हिंदू समाज को एकताबद्ध, मजबूत और अभेद्य बनाने का भरसक प्रयास करूंगा।

गौरतलब है कि हिंदू महाकुंभ मंगलवार को चित्रकूट में 1100 शंख की आवाज के साथ शुरू हुआ। इस दिन महाकुंभ में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अलावा देश की कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहती हैं. महाकुंभ का आयोजन तुलसीपीठधिश्वर श्री रामभद्राचार्य द्वारा किया जा रहा है। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। इस अवसर पर श्री श्री रविशंकर ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि जब कुछ लोग एकत्र हुए तो डर था। जहां संतों और हिंदुओं का जमावड़ा होता है, वहां भय होता है। उन्होंने कहा कि देशभक्ति और ईश्वर की भक्ति एक ही है। जो देशभक्त नहीं वह भगवान नहीं हो सकता।

आर्यन खान को मिली बड़ी राहत, एनसीबी ऑफिस जाने की जरूरत नहीं

श्री श्री रविशंकर ने हिंदू महाकुंभ के 12 मुद्दों का समर्थन किया है। इनमें राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक श्री राम मंदिर, देवस्थान की विरासत को नष्ट करने वाला सरकारी नियंत्रण, धर्मांतरण की अंतर्राष्ट्रीय साजिश, देश में आवश्यक जनसंख्या नियंत्रण कानून, नागरिकता के समान अधिकार, लाभ से युवा पीढ़ी का विचलन शामिल हैं। जिहाद, भारतीय दर्शन। हमें धर्म आधारित शिक्षा की लत को छोड़ने, गौ रक्षा के लिए ठोस प्रयास करने, मातृत्व को सशक्त बनाने, हिंदू धर्म के बारे में प्रचार बंद करने और पर्यावरण प्रदूषण को रोकने की आवश्यकता है।

आर्यन खान को मिली बड़ी राहत, एनसीबी ऑफिस जाने की जरूरत नहीं

डिजिटल डेस्क : बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को ड्रग मामले में राहत मिली है। अब आर्यन को हर शुक्रवार को मुंबई के एनसीबी ऑफिस जाने की जरूरत नहीं है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत की शर्त रद्द कर शाहरुख खान को राहत दी है। कोर्ट ने कहा कि शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को जब भी एसआईटी समन करती है, उन्हें दिल्ली में पेश होना पड़ता है। बता दें कि इस शर्त को खारिज करने के लिए आर्यन खान ने कोर्ट से गुहार लगाई थी।

शाहरुख ने दिया पूरा जोर

आर्यन खान को एनसीबी ने 3 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद मामले में कई कदम उठाए गए हैं। सुपरस्टार शाहरुख खान ने शूटिंग छोड़ दी और खबर मिलते ही स्कॉटलैंड से भारत आ गए और तब से उनकी पूरी कानूनी टीम आर्यन को जमानत देने की कोशिश कर रही है।

कई शर्तों पर मिलती है जमानत

आर्यन खान को जब जमानत दी गई तब भी कई शर्तें पूरी की गईं, जिनमें से एक यह शर्त थी। आर्यन को हर शुक्रवार को एनसीबी कार्यालय में पेश होना पड़ता था, लेकिन अदालत के आदेश के बाद उसे अब ऐसा नहीं करना पड़ता था। अपनी याचिका में उन्होंने कहा कि हर शुक्रवार को जब वह एनसीबी कार्यालय आते थे तो उन्हें मीडिया से घेर लिया जाता था और उन्हें पुलिस कर्मियों के साथ जाना पड़ता था.

आर्यन  के आवेदन में यह तर्क दिया गया है

आर्यन की याचिका में कहा गया है कि चूंकि मामले की जांच दिल्ली में एक विशेष जांच दल को स्थानांतरित कर दी गई है, इसलिए मुंबई कार्यालय में उपस्थिति में ढील दी जा सकती है। आर्यन खान को मुंबई के एक समुद्र तट पर एक क्रूज पार्टी पर एनसीबी की छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया था।

आंध्र प्रदेश में पश्चिम गोदावरी में नहर में गिरी बस, 5 महिलाओं सहित 9 की मौत

एरियन को क्रूज पार्टी से गिरफ्तार किया गया था

सुपरस्टार के बेटे आर्यन पर अवैध ड्रग्स रखने, इस्तेमाल करने, बेचने और खरीदने का आरोप है। उन पर साजिश रचने और दूसरों को ड्रग्स का इस्तेमाल करने के लिए उकसाने का भी आरोप लगाया गया है। लेकिन कोर्ट ने कहा कि आर्यन, उसके दोस्त अरबाज बानिक और मॉडल मूनमून धमेश के बीच ड्रग संबंधी अपराध करने की साजिश का कोई सबूत नहीं है।

आंध्र प्रदेश में पश्चिम गोदावरी में नहर में गिरी बस, 5 महिलाओं सहित 9 की मौत

एस्ट्रो डेस्क : आंध्र प्रदेश के पश्चिमी गोदावरी जिले में एक बस जलेरू भागू नहर से टकरा गई है। राज्य सड़क परिवहन निगम की बस में 30 यात्री सवार थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे में 5 महिलाओं समेत 9 लोगों की मौत हो गई. हादसा जंगारेडिगुडेम मंडल के जिलारुभागु में हुआ. बस अश्वपेट जोन से जंगारेडिगुडेम जोन जा रही थी।रिपोर्ट के मुताबिक, बस अनियंत्रित हो गई और दूसरी दिशा से आ रही लॉरी से बचने के प्रयास में पलट गई। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई है। पुलिस मौके पर पहुंच गई है और बचाव एवं बचाव कार्य जारी है।

हादसे में चालक की भी मौत

जंगारेड्डीगुडेम राजस्व विभाग के अधिकारी (आरडीओ) वाईवी प्रसन्ना लक्ष्मी ने हादसे की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने राजस्व अधिकारियों और स्थानीय लोगों की मदद से अब तक चालक के शव सहित नौ शव बरामद किए हैं।

धारा 370 हटने के बाद किसी बाहरी घाटी में जमीन नहीं खरीदी, सिर्फ 7 प्लॉट खरीदे

पीड़ितों के परिवारों को 5 लाख रुपये दिए गए हैं

आंध्र प्रदेश के परिवहन मंत्री पर्नी वेंकटरमैया ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने जिला प्रशासन को उच्च स्तरीय जांच करने के भी निर्देश दिए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मृतकों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। राज्य के अन्य नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने भी दुख व्यक्त किया।

धारा 370 हटने के बाद किसी बाहरी घाटी में जमीन नहीं खरीदी, सिर्फ 7 प्लॉट खरीदे

डिजिटल डेस्क : 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के ढाई साल बाद भी विदेशियों ने अभी तक कश्मीर घाटी में एक भी प्लॉट नहीं खरीदा है. वहीं, जम्मू क्षेत्र में अभी तक सिर्फ 6 प्लॉट खरीदे गए हैं। गृह मंत्रालय की ओर से राज्यसभा को यह जानकारी दी गई है।पानीपत स्थित पीपी कपूर द्वारा दायर एक आरटीआई के जवाब में, श्रीनगर जिला पुलिस मुख्यालय ने कहा कि आतंकवादियों ने पिछले तीन दशकों में 89 कश्मीरी विद्वानों और मुसलमानों सहित अन्य धर्मों के लोगों सहित 1,724 लोगों की हत्या की है।

7 प्लॉट सिर्फ जम्मू में खरीदे गए हैं

गृह मंत्रालय ने राज्यसभा को एक लिखित जवाब में कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक केंद्र शासित प्रदेश में अब तक सिर्फ सात प्लॉट खरीदे गए हैं. जम्मू में 7 प्लॉट खरीदे गए हैं।पीपी कपूर की आरटीआई में यह भी कहा गया है कि राज्य से 1,54,161 लोग पलायन कर चुके हैं, जिनमें 1,35,426 या 88 फीसदी कश्मीरी विद्वान और 12 फीसदी अन्य धर्मों के लोग हैं। आरटीआई ने कश्मीरी विद्वानों और अन्य लोगों की संख्या का खुलासा नहीं किया जो देश छोड़कर देश लौट आए।

उन्होंने एक भी वादा पूरा नहीं किया : अब्दुल्ला

केंद्र सरकार ने इस साल मार्च में संसद को बताया था कि 1990 से अब तक करीब 3,800 प्रवासी कश्मीर लौट आए हैं. नवंबर में, नित्यानंद राय ने संसद को बताया कि अगस्त 2019 में धारा 370 को निरस्त करने के बाद से 1,678 प्रवासी लौट आए हैं।असद प्रवासियों और लौटने वालों की संख्या के बीच अंतर के बारे में, फारूक अब्दुल्ला ने किसी भी पार्टी का नाम लिए बिना कहा, “जो लोग आपको अपना वोट बैंक समझते हैं उन्होंने बड़े वादे किए हैं।” उन्होंने एक भी वादा पूरा नहीं किया।

जनवरी-फरवरी में बढ़ सकते हैं ओमाइक्रोन के मामले, चेतावनी जारी

74,000 को अब तक नहीं मिली सरकारी राहत

आरटीआई के मुताबिक, पलायन करने वालों में से करीब 74,000 लोगों को सरकारी राहत नहीं मिलती है। सरकारी सहायता प्राप्त करने वालों में लगभग 54,000 हिंदू और लगभग 11,000 मुसलमान थे, बाकी सिख और अन्य समुदायों से थे।

जनवरी-फरवरी में बढ़ सकते हैं ओमाइक्रोन के मामले, चेतावनी जारी

डिजिटल डेस्क : कई देशों में कोरोना वायरस का ओमाइक्रोन प्रकार स्थानिक है। भारत में जनवरी-फरवरी में ओमाइक्रोन के मामले बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि जैसे-जैसे डेल्टा स्ट्रेन बढ़ता गया, वैसे-वैसे स्पीड भी बढ़ती गई। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि ओमाइक्रोन का हल्का केस ही सामने आएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, ओमाइक्रोन तेजी से बढ़ रहा है और वर्तमान में दुनिया भर के 77 देशों में मौजूद है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि ओमाइक्रोन को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि इसके प्रसारण को रोकने की जरूरत है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि ओमाइक्रोन कोरोनवायरस के पिछले रूपों की तुलना में कम गंभीर संक्रमण का कारण प्रतीत होता है। कहा जा रहा है कि ओमाइक्रोन का असर डेल्टा वेरिएंट की तुलना में कम होगा। भारत में स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि वे इस समय ज्यादा से ज्यादा लोगों को कोरोना वैक्सीन की पूरी खुराक देने की कोशिश कर रहे हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट है कि फाइजर वैक्सीन संक्रमण से बहुत कम सुरक्षा प्रदान करती है, लेकिन यह अभी भी अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को कम करने में प्रभावी है। इस मुद्दे का व्यापक विश्लेषण मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका में जारी किया गया।

फाइजर/बायोएनटेक वैक्सीन की दो खुराकें केवल 33 प्रतिशत सुरक्षा प्रदान करती हैं, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने की दर 70 प्रतिशत तक कम कर देती हैं। इस क्षेत्र में टीके की प्रभावकारिता का पहला बड़े पैमाने पर विश्लेषण। विश्लेषण कोविद -19 परीक्षण में 2,11,000 से अधिक मामलों की पुष्टि पर आधारित था। इसमें 41 प्रतिशत वयस्क आबादी शामिल है, जिन्हें फाइजर वैक्सीन की दो खुराकें मिली हैं। इनमें से 15 नवंबर से 7 दिसंबर के बीच ओमाइक्रोन से जुड़े 78,000 टेस्ट पॉजिटिव आए हैं।

दक्षिण अफ्रीका में पाए जाने वाले 90% मामलों में ओमाइक्रोन संस्करण

ये आंकड़े दक्षिण अफ्रीका में ओमाइक्रोन लहर के पहले तीन हफ्तों से लिए गए हैं। दक्षिण अफ्रीका पहला देश है जिसने ओमाइक्रोन प्रकार के मामलों की संख्या में तेजी से वृद्धि देखी है। डिस्कवरी हेल्थ के मुख्य कार्यकारी डॉ रयान नॉच ने कहा: “दक्षिण अफ्रीका के जीनोमिक निगरानी के नेटवर्क ने उत्कृष्ट आनुवंशिक निगरानी की है, देश में 90 प्रतिशत से अधिक नए संक्रमण ओमिक्रॉन रूपों से संचरण के लिए जिम्मेदार हैं, जिससे एक प्रमुख डेल्टा बन गया है।

लखीमपुर की घटना के बारे में पूछने पर आग बबूला हुए गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा

जिन लोगों ने दो खुराक ली हैं, वे ओमाइक्रोन की तुलना में 33 प्रतिशत सुरक्षित हैं

अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों को टीके की दो खुराकें मिलीं, उनमें ओमाइक्रोन के खिलाफ 33 प्रतिशत सुरक्षा थी। इसके अलावा, जिन लोगों ने फाइजर वैक्सीन की दोनों खुराक प्राप्त की, उनमें इसी अवधि में अस्पताल में भर्ती होने की दर 70 प्रतिशत कम थी, जबकि डेल्टा-प्रकार की लहर के दौरान देश में 93 प्रतिशत थी।

लखीमपुर की घटना के बारे में पूछने पर आग बबूला हुए गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा

डिजिटल डेस्क : बहस में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी। लखीमपुर कांड में उनके बेटे आशीष मिश्रा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने पत्रकारों से नाराज होकर उनका अपमान किया. उसने घटनास्थल पर मौजूद एक टीवी रिपोर्टर से माइक छीन लिया और उसे फोन बंद करने को कहा। उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में एक निर्दोष व्यक्ति को फंसाया गया है. पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। दरअसल, एक टीवी चैनल के पत्रकार मंत्री अजय मिश्रा ने टेनी से उनके बेटे पर उठ रही धाराओं को लेकर सवाल किया.

उन्होंने गुस्से में आकर माइक छीन लिया। इतना ही नहीं गाली देते हुए फोन बंद करने को कहा। इस दौरान मंत्री की पत्रकारों से तीखी नोकझोंक भी हुई। उन्होंने पूछा कि आप हमें क्या बताना चाहते हैं? एसआईटी ने उठाई धारा तो जाकर पूछो… चार्जशीट दाखिल? इसके बाद वह पत्रकार को मारने दौड़ पड़े। मंत्री का यह ‘काम’ अब सोशल मीडिया पर फैल गया है. बता दें कि लखीमपुर खीरी कांड की एसआईटी रिपोर्ट मंगलवार को सामने आई, जिससे यह पूरी घटना हादसा नहीं बल्कि साजिश है. इसके साथ ही आशीष मिश्रा व अन्य के खिलाफ कुछ और गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा 12 बर्खास्त सांसदों को माफी मांगनी चाहिए

इस बीच गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को हटाने का मामला एक बार फिर लोकसभा में उठा है। राहुल गांधी ने भी ट्वीट किया, ‘मैं धर्म की राजनीति करता हूं, मैं आज धर्म की राजनीति करता हूं। अगर आप यूपी गए हैं, तो आइए और मारे गए किसानों के परिवारों से मिलिए।’ अपने मंत्री को बर्खास्त न करना गलत है, अधर्म है!” बुधवार को उन्होंने लोकसभा में इस मामले पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव भी पेश किया। हालांकि हंगामे के बाद लोकसभा गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। अजय मिश्रा को कैबिनेट से हटाने के लिए कांग्रेस समेत कई विपक्षी सांसदों ने सदन की कार्यवाही के दौरान नारेबाजी की।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा 12 बर्खास्त सांसदों को माफी मांगनी चाहिए

डिजिटल डेस्क : संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है, लेकिन दोनों सदनों में हंगामा हो रहा है. हंगामे के बीच बार-बार संसदीय गतिविधियां बाधित हो रही हैं। 12 सांसदों के निलंबन के मुद्दे पर विचार किया जा रहा है। वहीं, केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में संसद के नेता पीयूष गोयल ने विपक्षी दलों पर राज्यसभा की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को कोई दिक्कत नहीं है। महंगाई और ओमिक्रॉन जैसे अहम मुद्दों को विरोधी नजर अंदाज कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्षी दल राज्यसभा को चलने नहीं दे रहे हैं और गलत सूचना फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। ओमाइक्रोन वेरिएंट पर आज राज्यसभा में और महंगाई पर लोकसभा में चर्चा होनी थी। लेकिन विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है. उन्होंने कोई सार्वजनिक मुद्दा नहीं उठाने का फैसला किया है। साथ ही उन्होंने 12 सांसदों की बर्खास्तगी पर विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि संसद की गरिमा को बचाने के लिए 12 सांसदों को अपने व्यवहार के लिए माफी मांगनी चाहिए और संसद की गतिविधियों में भाग लेना चाहिए.

अयोध्या में रामलला के दर्शन किये VVIP मेहमान, नड्डा – भारतीयों की इच्छाएं पूरी

वहीं राहुल गांधी ने लोकसभा में शिकायत की कि लखीमपुर खीरी हिंसा का मुद्दा एसआईटी की रिपोर्ट में नहीं उठाया जा सकता. जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लखीमपुर खीरी मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में की जा रही है. जो मुद्दा न्यायालय में लंबित है उसकी चर्चा संसद में नहीं होती है। बता दें कि विपक्ष ने लखीमपुर को लेकर लोकसभा में स्थगित प्रस्ताव लाया था। जिसे राहुल गांधी ने लोकसभा में उठाया था। कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अजय कुमार मिश्रा को हटाने की मांग की है।

अयोध्या में रामलला के दर्शन किये VVIP मेहमान, नड्डा – भारतीयों की इच्छाएं पूरी

अयोध्या : भगवान राम की नगरी अयोध्या में भाजपा शासित प्रदेश के दो डिप्टी सीएम समेत आठ मुख्यमंत्रियों, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार को दौरा किया. अयोध्या के पंचशील होटल में विश्राम करने के बाद सभी अतिथि रामलला के दर्शन करने पहुंचे. उनके साथ यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और डॉ. दिनेश शर्मा भी थे। मुंबई के मेयर भी मेहमानों के साथ रामनगरी अयोध्या पहुंचे.वीवीआईपी काफिला सबसे पहले हनुमानगढ़ी पहुंचा। जहां सभी दर्शन-पूजा के अंत में घूमते हैं। उन्होंने राम की पोदी और सरयू का भी दौरा किया। अतिथियों के आगमन के लिए सरयू स्थल को दो क्विंटल फूलों से सजाया गया है। मेहमान वैदिक मंत्रोच्चार में सरयू का दूध से अभिषेक करते हैं। श्री राम लला के दर्शन के बाद अतिथियों ने राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माता एलएनटी ग्रुप के इंजीनियरों से बात की। राम ने मंदिर निर्माण कार्य की प्रगति पर प्रस्तुतिकरण देखा।

हम यहां भव्य राम मंदिर बनाना चाहते हैं। आज करोड़ों भारतीयों के सपने हकीकत में बदल रहे हैं। काशी विश्वनाथ धाम के उद्घाटन के बाद सभी मुख्यमंत्रियों और उप मुख्यमंत्रियों की बैठक हुई. इसलिए रामलला के दर्शन करने का निर्णय लिया गया। हम राम मंदिर निर्माण का निरीक्षण करना चाहते थे। जब वे काशी आए तो हर कोई रामलला को देखना चाहता था।

जेपी नड्डा, भाजपा अध्यक्ष

अयोध्या आने वालों में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा अपनी पत्नी के साथ शामिल थे। उनके अलावा अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह, त्रिपुरा के सीएम बिप्लब कुमार, बिहार के डिप्टी सीएम रेणु देव और तारकेश प्रसाद, एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान, गोवा के सीएम प्रमोद सावत, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, गुजरात के सीएम भूपेंद्र भाई पटेल, अरुणाचम के सीएम। सरमा, राज्यसभा सांसद बिनॉय सहस्रबुद्धे और अन्य।

रोहित शर्मा और वनडे कप्तानी पर विराट कोहली ने तोड़ी चुप्पी, BCCI पर उठाए सवाल!

रोहित शर्मा और वनडे कप्तानी पर विराट कोहली ने तोड़ी चुप्पी, BCCI पर उठाए सवाल!

India Vs South Africa: साउथ अफ्रीका सीरीज के शुरू होने से पहले टीम इंडिया में कई बदलाव हो चुके हैं। 8 दिसंबर को बीसीसीआई चयनकर्ताओं ने टीम इंडिया के दक्षिण अफ्रीका दौरे की घोषणा की। सबसे बड़ी घोषणा विराट कोहली को वनडे कप्तानी से हटाने का था। चयनकर्ताओं ने बिना किसी पूर्व सूचना के विराट कोहली को एकदिवसीय कप्तानी से हटा दिया और रोहित शर्मा को नए कप्तान के रूप में घोषित किया। बीसीसीआई के इस फैसले के बाद रोहित और विराट के बीच अनबन हो गई है। कहा जाता है कि वनडे कप्तानी छोड़ने के बाद वह काफी गुस्से में थे। वहीं इन तमाम मुद्दों पर खुद विराट कोहली ने बयान दिया है.

BCCI को लेकर उठे सवाल!

साउथ अफ्रीका रवाना होने से पहले विराट कोहली ने मीडिया से बात की. प्रेस कॉन्फ्रेंस में विराट कोहली ने कहा कि वह वनडे सीरीज के लिए उपलब्ध रहेंगे. कोहली ने कहा कि वह शुरू से ही एकदिवसीय श्रृंखला में चयन के लिए उपलब्ध थे और उनकी गैर-खेल रिपोर्ट झूठी थी। कोहली ने कहा, “चयन समिति की बैठक से डेढ़ घंटे पहले मुझसे संपर्क किया गया था।” मुख्य चयनकर्ता ने टेस्ट टीम पर चर्चा की। फिर मीटिंग खत्म होने से पहले मुझसे कहा गया कि मैं वनडे कप्तान नहीं बनूंगा और मुझे कोई दिक्कत नहीं है। हालांकि इससे पहले कोई जानकारी नहीं दी गई है।

अजय मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का लखनऊ से दिल्ली तक घमासान

रोहित शर्मा को लेकर विराट ने कही ये बात

विराट कोहली ने कहा, ‘मुझे और रोहित शर्मा को कोई दिक्कत नहीं है। मैं पिछले ढाई साल से इसे स्पष्ट कर रहा हूं। अब मैं इसे बार-बार कहते-कहते थक गया हूं। हम आपको बता दें कि टेस्ट सीरीज का समापन 15 जनवरी को केपटाउन में तीसरे और अंतिम टेस्ट के साथ होगा। फिर तीन मैचों की वनडे सीरीज 19 जनवरी से शुरू होगी। कोहली कथित तौर पर अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिए ब्रेक ले रहे थे क्योंकि उनके बाएं पैर में चोट के कारण सह-कप्तान रोहित शर्मा टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए थे।

अजय मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का लखनऊ से दिल्ली तक घमासान

डिजिटल डेस्क : लखीमपुर हिंसा मामले में एसआईटी की प्रारंभिक जांच में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा के खिलाफ साजिश का मामला जोड़े जाने के बाद से सियासी घमासान तेज हो गया है. केंद्रीय गृह मंत्री अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफे के साथ कांग्रेस ने लखनऊ से दिल्ली तक मोर्चा खोल दिया। टेनी महाराज के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने यूपी विधानसभा के बाहर धरना दिया।

धरने के दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि एसआईटी की जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे किसानों को कुचलने में शामिल थे. उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत टेनी को बर्खास्त करना चाहिए। किसानों को न्याय मिलने तक कांग्रेस संघर्ष करती रहेगी।वहीं, अजय कुमार लल्लू ने आगे कहा कि वह बेरोजगारी, महंगाई, गन्ने की खेती, पेपर लीक जैसे सभी मुद्दों पर घर पर आवाज उठाएंगे. सहारा इंडिया में फंसा है उत्तर प्रदेश की जनता का पैसा, इस पर हम भी आवाज उठाएंगे। विधानसभा में कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा मोना समेत कई विधायक मौजूद थे.

राहुल गांधी का लोकसभा में स्थगन का प्रस्ताव – इधर, दिल्ली में राहुल गांधी ने टेनी की बर्खास्तगी पर लोकसभा को स्थगित कर दिया है. कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हमारे नेता ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की है, हम इसे संसद में उठाने की कोशिश करेंगे.

तालिबान को अफगानिस्तान के संसाधन क्यों नहीं दे रहा है अमेरिका?

एसआईटी ने लखीमपुर सीजेएम कोर्ट में एक अर्जी दाखिल कर कहा है कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि साजिश के तहत तिकुनिया के किसानों की हत्या की गई थी और इसमें आशीष मिश्रा भी शामिल थे. तब से एसआईटी ने आशीष मिश्रा समेत 14 लोगों के खिलाफ केस बदल दिया है।

तालिबान को अफगानिस्तान के संसाधन क्यों नहीं दे रहा है अमेरिका?

डिजिटल डेस्क : अफगानिस्तान के माली में हालात दिन ब दिन खराब होते जा रहे हैं। इस बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका ने अफगानिस्तान को जमे हुए धन में 9.5 बिलियन का भुगतान करने से इनकार कर दिया है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन साकी ने कहा, “यह एक जटिल प्रक्रिया है और हम तालिबान तक पैसे नहीं पहुंचने देंगे।” साकी ने हाल ही में अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी के एक भाषण में यह टिप्पणी की।

निर्णय सहयोगियों के साथ चर्चा के बाद किया जाएगा, जेन साकी ने कहा। उन्होंने कहा कि 9/11 के पीड़ितों के परिवारों ने अपने पैसे मांगे थे और अमेरिकी फंड जारी नहीं कर सके। यह एप्लिकेशन हमारे लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, संयुक्त राज्य अमेरिका ने अब तक तालिबान को एक आतंकवादी समूह के रूप में मान्यता दी है, और अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात में अधिकांश अधिकारी संयुक्त राष्ट्र ब्लैकलिस्ट में हैं।साकी ने कहा कि तालिबान इस पैसे का इस्तेमाल नहीं करेगा और अफगान लोगों को भुगतान कैसे किया जाए, इस पर अभी भी कोई सहमति नहीं है। इससे पहले, अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री, मुत्ताकी ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका को अपने संसाधनों को अफगानिस्तान को छोड़ देना चाहिए और वह अफगान लोगों के साथ बेहतर संबंध चाहता है।

राहुल गांधी चाहते हैं कि लखीमपुर हिंसा पर संसद में बहस हो, लोकसभा स्थगित

मुत्तकी ने हाल ही में संयुक्त राज्य अमेरिका को चेतावनी दी थी कि एक कमजोर अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर पलायन का कारण बन सकती है। यदि मौजूदा स्थिति जारी रहती है, तो अफगान सरकार और लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा और इस क्षेत्र और दुनिया में बड़े पैमाने पर पलायन संभव है। इससे कई मानवीय और आर्थिक समस्याएं पैदा होंगी।