Friday, April 3, 2026
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जब हर एक के हाथ में लाइट है तो लालटेन चाहिए क्या – पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनाव से ठीक पहले समस्तीपुर में लालू यादव के परिवार पर तंज कस्ते हुए उन्होंने कहा कि ये जमानत पर चल रहे लोग हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार गरीबों की सेवा कर रही है। उन्होंने नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार फिर बिहार में सुशासन की सरकार आने वाली है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”इस समय आप जीएसटी बचत उत्सव का भी खूब आनंद ले रहे हैं और कल से छठी मईया का महापर्व भी शुरू होने जा रहा है। ऐसे व्यस्त समय में भी आप इतनी विशाल संख्या में यहां आए हैं। समस्तीपुर का जो ये माहौल है, मिथिला का जो मूड है उसने पक्का कर दिया है कि नई रफ्तार से चलेगा बिहार, जब फिर आएगी एनडीए सरकार। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल का जिक्र करते हुए कहा जब मोबाइल है तो बिहार को लालटेन की जरूरत नहीं है।

पीएम मोदी ने लालू परिवार पर कसा तंज

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि याद दिलाने की जरूरत नहीं है। हजारों करोड़ों के घोटाले में ये जमानत पर चल रहे लोग हैं। जो जमानत पर हैं, वो चोरी के मामले में जमानत पर हैं। चोरी की इनकी आदत है। ये अब जननायक की उपाधि की चोरी में जुटे हैं। बिहार के लोग कर्पूरी बाबू का यह अपमान कभी नहीं सहेंगे। उन्होंने कहा, ”हमारी सरकार गरीबों की सेवा कर रही है। गरीब को पक्का घर, गरीब को मुफ्त अनाज, पेयजल और शौचालय समेत हर सुविधा एनडीए सरकार दे रही है। भाजपा कर्पूरी ठाकुर के दिखाए रास्ते पर चल रही है। हमने सभी पिछड़ों के हितों को प्राथमिकता दी है।

ओबीसी कमीशन को लेकर क्या बोले पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश में ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा देने की मांग कई दशकों से हो रही थी। ये मांग भी एनडीए सरकार ने ही पूरी की। पीएम मोदी ने कहा कि हम जैसे पिछड़े और गरीब परिवार से आने वाले लोग आज इस मंच पर खड़े हैं। इसमें कर्पूरी जी का ही योगदान है। वो मां भारती के अनमोल रत्न थे। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने का मौका मिला, यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। कर्पूरी बाबू मातृभाषा में पढ़ाई के आग्रही थे। एनडीए सरकार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय भाषा में पढ़ाई पर बल दिया। हम सुशासन को समृद्धि में बदल रहे हैं।

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करनूल में बाइक से टकराई बस, जलकर हुई खाक, 20 यात्रियों की हुई मौत

आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में चिन्ना टेकुर के पास हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही कावेरी ट्रैवल्स की एसी बस में आग लगने से कम से कम 20 लोगों के मारे जाने की आशंका है। लगभग 21 लोग बस का शीशा तोड़कर बस से कूद गए जिससे उनकी जान बच गई। जो लोग अपनी जान बचाने में कामयाब नहीं हो सके उनकी जलकर मौत हो गई। ये दर्दनाक हादसा आज सुबह लगभग 3 बजे की है, जब एक बाइक से टक्कर और ईंधन के रिसाव होने के कुछ ही मिनटों बाद बस में आग लग गई, जिसमें 20 लोगों की मारे जाने की खबर मिल रही है, जबकि हादसे में घायल 11 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

बस में सवार अतिरिक्त चालक के अनुसार, उन्होंने पहले आग बुझाने की कोशिश की और जब आग नियंंत्रण से बाहह हो गई तो बाद में हमने बस के शीशे तोड़ने की कोशिश की। राहगीरों ने भी कुछ शीशे तोड़ दिए। कुरनूल के एसपी ने बताया कि जो लोग बस से कूद गए थे, वे बच गए।

जिला कलेक्टर के अनुसार बस में दो चालकों सहित 41 लोग सवार थे। फिलहाल 21 लोगों का पता लगा लिया गया है और बाकी 20 में से 11 के शव बरामद कर लिए गए हैं। दोनों चालक फरार हैं। कहा जा रहा है कि आग लगने के बाद बस का दरवाज़ा बंद कर दिया गया था। सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया। बस पूरी तरह से जलकर खाक हो गई है। घायलों को कुरनूल के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इस हादसे के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर इसकी जांच कर रही है।

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बिहार विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम भी मैदान में उतरी हुई है। एआईएमआईएम कांग्रेस व राजद वाले महागठबंधन का हिस्सा बनना चाहती थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। ऐसे में एआईएमआईएम अकेले चुनाव मैदान में है और इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी जमकर कांग्रेस व राजद व तेजस्वी यादव पर निशाना साध रहे हैं। हालांकि, दूसरी ओर तेलंगाना में एआईएमआईएम और कांग्रेस पार्टी एक साथ आ गए हैं। एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि उनकी पार्टी तेलंगाना की जुबली हिल्स विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करेगी।

क्या बोले असदुद्दीन ओवैसी ?

तेलंगाना की जुबली हिल्स विधानसभा सीट पर उपचुनाव का आयोजन आगामी 11 नवंबर को होने जा रहा है। असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को जानकारी दी है कि उनकी पार्टी इस उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार नवीन यादव का समर्थन करेगी। ओवैसी ने इस फैसले का कारण बताते हुए कहा है कि इस चुनाव के परिणाम से मौजूदा सरकार को कोई नफा या नुकसान नहीं होगा और नवीन यादव के नेतृत्व में विकास संभव है। एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जुबली हिल्स के लोगों से हमारी अपील है कि चुनाव के नतीजों से सरकार नहीं बदलेगी।

हम लगभग चार लाख मतदाताओं से अपील करते हैं जिन्होंने पिछले दस सालों से बीआरएस का समर्थन किया है। अब, मैं आपसे नवीन यादव को वोट देने का अनुरोध करता हूं, जो युवा हैं और जुबली हिल्स में विकास ला सकते हैं।” ओवैसी ने आगे ये भी आरोप लगाया कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) पिछले दस वर्षों से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद कोई विकास कार्य कराने में विफल रही है।

क्यों हो रहा है उपचुनाव ?

जुबली हिल्स विधानसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव 11 नवंबर को होगा। चुनाव आयोग ने बताया है कि इस उपचुनाव का परिणाम बिहार विधानसभा चुनाव के साथ 14 नवंबर को सामने आएगा। इस वर्ष जून में बीआरएस विधायक मगंती गोपीनाथ की हृदयाघात से मृत्यु के कारण इस सीट पर उपचुनाव आवश्यक हो गया था।

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ईंट-पत्थर से मारकर युवक की हत्या, आक्रोशित लोगों ने काटा बवाल

यूपी में पिछले कुछ दिनों से भीड़ हिंसा का तांडव देखने को मिल रहा है। रायबरेली में दलित हरिओम और सहारनपुर में हामिद की पीट-पीटकर हत्या के बाद दिवाली की रात मऊ में 21 साल के युवक की लाठी-डंडे से मारकर हत्या कर दी गई। अब मंगलवार की दोपहर प्रयागराज में एक युवक की सरेराह ईंट पत्थर से कूंचकर मौत के घाट उतार दिया गया है। वारदात शहर के मुंडेरा में एक पेट्रोल पंप के समीप हुई। घटना की जानकारी होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। आक्रोशित लोगों ने चक्काजाम जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। घटनास्थल पर धूमनगंज समेत कई थानों की पुलिस व पीएसी बुलाई गई है।

ईंट-पत्थर से मारकर युवक की हत्या

पुलिस गुस्साए लोगों को समझाने का प्रयास कर रही है। हत्या का सीसीटीवी भी वायरल हो रहा है। नीमसराय निवासी 40 वर्षीय रविंद्र कुमार उर्फ मुन्नू मंगलवार की दोपहर किसी काम से घर से निकला था। आरोप है कि मुंडेरा के समीप कुछ युवकों का रविंद्र से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। युवकों ने रविंद्र की ईंट पत्थर से बेरहमी से पिटाई कर दी। उसके खून से लथपथ होकर बेहोश होने पर आरोपी युवक भाग निकले। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंचे परिजन रविंद्र को लेकर एसआरएन अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

आक्रोशित लोगों ने काटा बवाल

मौत की खबर लगते ही आक्रोश फैल गया। गुस्साए परिजन व स्थानीय लोगों ने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने हत्यारोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। लोगों के हंगामे की सूचना पर कई थाने की पुलिस और पीएसी फोर्स पहुंच गई। एसीपी धूमनगंज अजयेंद्र यादव ने बताया कि हत्या के पीछे अभी विवाद की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

वारदात की सीसीटीवी फुटेज वायरल

रविंद्र संविदा पर रोडवेज बस चालक था। घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें दो पक्ष के लोग एक दूसरे पर ईंट पत्थर फेंकते दिख रहे है। इसी बीच एक ईंट का टुकड़ा रविंद्र के सिर पर लगा और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गया।

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जन सुराज के कैंडिडेट को बीजेपी ने जबरन बिठा दिया – प्रशांत किशोर

जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पटना के बेली रोड स्थिति शेखपुरा हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान प्रशांत किशोर ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। प्रशांत किशोर ने अपने एक प्रत्याशी मुटुर शाह के साथ अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान के साथ तस्वीर दिखाई और बीजेपी पर हमला बोला। प्रशांत किशोर ने कहा कि दानापुर से एक सज्जन (रीतलाल यादव) जो चुनाव लड़ते हैं, अभी जेल में हैं।

बीजेपी भी यहां से लड़ती है, लेकिन उसके पास कहने के लिए कुछ नहीं होता है। तो कहती है कि हमको वोट दीजिए नहीं तो जो सज्जन आरजेडी से जीतते हैं वो आ जाएंगे और आपका जीना हराम कर देंगे। आरजेडी के प्रत्याशी रीतलाल यादव से डरकर बीजेपी को लोग वोट देते हैं और बीजेपी से डरकर आरजेडी को वोट देते हैं। इस बार दानापुर की जनता ने तय किया कि हम लोग डरकर वोट देना नहीं चाहते है।

सारे व्यवसायियों ने बैठकर तय किया कि…

पीके ने कहा कि दानापुर के सारे व्यवसायियों ने एक साथ बैठकर तय किया कि कोई भी जीतता है। तो सबसे ज्यादा दिक्कत व्यापार करने वालों को होती है। तो कई राउंड मेरे साथ बैठे। सबने मिलकर अपने में आपस में से एक राजनीतिक व्यक्ति जो वहां (दानापुर) पर व्यवसायी भी हैं, अखिलेश सिंह नाम है। बोलचाल की भाषा में लोग मुटुर शाह भी बोलते हैं। पूरे समाज ने तय किया कि मुटुर शाह को टिकट दीजिए। हम लोग रीत लाल के डर से बीजेपी और बीजेपी के डर से रीतलाल को जो वोट दे रहे वो बंद हो।

>>  गोपालगंज: जन सुराज के उम्मीदवार शशि शेखर सिन्हा ने अपना नामांकन वापस ले लिया है।

>>  ब्रह्मपुर (बक्सर): इस सीट से उम्मीदवार डॉ. सत्य प्रकाश तिवारी चुनाव मैदान से हट गए हैं।

>>  दानापुर: दानापुर सीट से जन सुराज के उम्मीदवार ने कथित तौर पर नामांकन ही दाखिल नहीं किया, जबकि पार्टी का सिंबल जारी हो चुका था।

सिंबल लेकर गए और निर्वाचन ऑफिस तक नहीं पहुंचे

इसके बाद प्रशांत किशोर ने मुटुर शाह की तस्वीर दिखाते हुए कहा, “ये मुटुर शाह हैं। यहां से सिंबल लेकर गए, सिंबल लेकर तो गए लेकिन निर्वाचन ऑफिस तक नहीं पहुंचे। बीजेपी वाले यह बताते रहे कि आरजेडी के गुंडों ने जन सुराज के प्रत्याशी को बंधक बना लिया है। तस्वीर में भारत के गृह मंत्री हैं अमित शाह, धर्मेंद्र प्रधान हैं जो अपने साथ मुटुर शाह को खड़ा किए हुए हैं। ताकि वो नामांकन भी ना कर सकें।

ये है बीजेपी का चाल-चरित्र-चेहरा। पीके ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा ट्विटर पर बता रहे हैं कि जन सुराज के उम्मीदवार भाग रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक वोटर को प्रत्याशी पैसा देते हुए दिख जाएं तो आचार संहिता का उल्लंघन होता है। सवाल उठाया कि अब चुनाव आयोग कहां है ?

प्रशांत किशोर ने 116 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा

बता दें कि प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने अब तक बिहार विधानसभा चुनाव के लिए 116 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है। पार्टी ने अपनी पहली सूची में 51 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया था। जिसके बाद दूसरी सूची में 65 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए थे। प्रशांत किशोर की पार्टी का लक्ष्य बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से कम से कम 150 सीटें जीतना है। घोषित उम्मीदवारों में कई पेशेवर, सेवानिवृत्त अधिकारी और अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल हैं। जिनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री आर.सी.पी. सिंह की बेटी लता सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की पोती जागृति ठाकुर जैसे चेहरे प्रमुख हैं।

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आरजेडी ने 143 कैंडिडेट की लिस्ट की जारी, तेजस्वी राघोपुर से लड़ेंगे चुनाव

राष्ट्रीय जनता दल ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। बिहार चुनाव के लिए राजद ने 143 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है। यहां आपको बता दें कि साल 2020 में राजद ने 144 उम्मीदवार चुनावी मैदान में खड़े किए थे। इस बार राजद ने 143 उम्मीदवार ही अब तक खड़े किए हैं। भले ही राष्ट्रीय जनता दल ने 143 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है लेकिन महागठबंधन के सभी घटक दलों के बीच अभी सीटों का मसला पूरी तरह नहीं सुलझा है। वही आरजेडी ने राज्य की कुल 243 सीटों में से 143 विधानसभा क्षेत्रों में अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की है। इस घोषणा के साथ ही राजद ने चुनाव के लिए अपनी तैयारियों को औपचारिक रूप से अंतिम रूप दे दिया है।

दो चरणों में होगा बिहार चुनाव

बता दें कि बिहार विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव प्रक्रिया को इस तारीख से पहले पूरा किया जाना है। ऐसे में चुनाव आयोग ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए चुनाव से जुड़ी तारीखों की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग ने बिहार में दो चरणों के तहत मतदान संपन्न कराने का ऐलान किया है। पहले चरण के तहत 06 नवंबर जबकि दूसरे चरण के तहत 11 नवंबर को बिहार में मतदान कराया जाना है। इसके अलावा ,14 नवंबर को मतदान के नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।

राघोपुर से मैदान में तेजस्वी यादव

आरजेडी की ओर से जारी सूची के अनुसार, तेजस्वी यादव वैशाली जिले की अपनी पारंपरिक राघोपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। तेजस्वी यादव पहले ही इस सीट से अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं और अब वह तीसरी बार यहां से अपनी किस्मत आजमाएंगे। राघोपुर सीट को लालू प्रसाद यादव के परिवार का गढ़ माना जाता है, जहां से लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी भी विधायक रह चुकी हैं।

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गाजा में फिर शुरू हुई जंग, आईडीएफ ने हमास पर बरसाए बम

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से गाजा में सीजफायर कराने के बाद एक बार फिर इजरायल और हमास में जंग शुरू हो गई है। इस बीच इजरायली सेना (आईडीएफ) ने रविवार (19 अक्तूबर 2025) को गाजा में एयरस्ट्राइक किया है। हालांकि अभी तक इजरायल की तरफ से इस हमले को लेकर आधिकारिक तौर पर बयान जारी नहीं किया गया है।

अमेरिकी रिपोर्ट के बाद गाजा में एयरस्ट्राइक

अमेरिका ने खुफिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि हमास गाजा के लोगों पर हमला करने और उसके बाद सीजफायर तोड़ने की योजना बना रहा है। इजरायली पीएम नेतन्याहू ने शनिवार (19 अक्तूबर 2025) को चेतावनी देते हुए कहा कि गाजा में जंग तब तक नहीं थमेगा। जब तक हमास को पूरी तरह हथियारबंद नहीं किया जाता है।

राफा बॉर्डर खोलने को लेकर नेतन्याहू की चेतावनी

इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि राफा क्रॉसिंग तभी खोली जाएगी। जब हमास सभी बंधकों को वापस करेगा और समझौते की शर्तें पूरी करेगा। 10 अक्तूबर को हुए समझौते के मुताबिक हमास को 20 जीवित बंधकों को रिहा करना था और आईडीएफ के गाजा में लौटने के बाद 72 घंटे के भीतर 28 मृत बंधकों के शव को सौंपने थे। हालांकि तब से अभी तक हमास ने सिर्फ 10 शव लौटाए हैं।

राफा क्षेत्र में आईडीएफ ने बरसाए बम

इजरायल के चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार, आईडीएफ ने ये हमला गाजा के राफा क्षेत्र में किया है। यह हमला ऐसे समय में किया गया है, जब अमेरिकी ने हमास पर गाजा पट्टी में फिलिस्तीनी लोगों पर हमले की योजना बनाने का आरोप लगाया है। टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक यह हवाई हमला गाजा पट्टी में आतंकवादियों की ओर से राफा में इजरायली सेना पर किए गए हमले का जवाब था। आईडीएफ के अनुसार राफा क्षेत्र में एक सुरंग से कई आतंकवादी निकले और उन्होंने इजरायली सैनिकों पर गोलीबारी शुरू कर दी। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

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कांग्रेस विधायक अफाक आलम का बड़ा आरोप, पैसे लेकर बांटा जा रहा टिकट

महागठबंधन के प्रमुख दल कांग्रेस के अंदर भी टिकट बंटवारे पर घमासान जारी है। अब कांग्रेस के विधायक अफाक आलम ने पार्टी के अंदर पैसे लेकर सीट बेचने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में एक ऑडियो टेप भी जारी किया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि वे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम से बात कर रहे हैं । इस बातचीत में पप्पू यादव का नाम सामने आया। बातचीत में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने अफाक आलम से कहा कि उनकी ओर से नाम फाइनल था लेकिन पप्पू यादव ने पैसा लेकर इरफान को टिकट दे दिया। अफाक आलम ने इस संबंध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की और अपनी बात रखी।

कई नेताओं ने पक्षपात और मनमानी के लगाए आरोप

बता दें कि इससे पहले शनिवार को भी टिकट वितरण को लेकर प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं ने खुले मंच से पार्टी नेतृत्व पर पक्षपात और मनमानी के आरोप लगाए। पटना में कांग्रेस के ‘रिसर्च सेल’ के अध्यक्ष आनंद माधव, पूर्व प्रत्याशी गजानंद शाही, छत्रपति तिवारी, नागेंद्र प्रसाद विकल, रंजन सिंह, बच्चू प्रसाद सिंह और बंटी चौधरी सहित कई नेताओं ने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन कर प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजेश राम पर गंभीर आरोप लगाए।

प्रदेश इकाई दलालों के हाथों में बंधक

इन नेताओं ने कहा कि कांग्रेस की प्रदेश इकाई अब “कुछ नेताओं के निजी दलालों” के हाथों में बंधक बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट वितरण में वर्षों से पार्टी के लिए संघर्ष कर रहे जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर ऐसे चेहरों को प्राथमिकता दी गई है, जिनकी राजनीतिक प्रासंगिकता सीमित है और पहचान केवल धनबल के आधार पर है। असंतुष्ट नेताओं का कहना है कि यह विवाद केवल टिकट मिलने या न मिलने का नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर विचारधारा और कर्मठ कार्यकर्ताओं की उपेक्षा को लेकर है। उन्होंने कहा कि जब टिकट वितरण का आधार संगठनात्मक सक्रियता के बजाय व्यक्तिगत समीकरण और आर्थिक हैसियत बन जाए, तो पार्टी अपनी वैचारिक पहचान खोने लगती है।

ऐसे लोगों को सबक सिखाने की जरूरत – आलम

उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की है कि उनलोगों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाए जो पैसा लेकर टिकट बांट रहे हैं। ऐसे लोगों को सबक सिखाने की जरूरत है ताकि आनेवाली नस्लें सुधर जाएं। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र का हनन हो रहा है। मेरे साथ ब्लैकमेल हुआ। पैसा का काफी उगाही हुआ और पैसा पप्पू यादव के यहां जमा हुआ। फिर ओके होने के बाद टिकट दिया गया।

बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं अफाक आलम

अफाक आलम चार बार पूर्णिया की कस्बा विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं। वे बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। लेकिन इस बार पार्टी ने उनका टिकट काटकर इरफान को चुनाव मैदान में उतारा है। इससे नाराज होकर अफाक आलम ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम से हुई बातचीत का ऑडियो भी जारी कर दिया और कहा कि पार्टी में पैसे लेकर टिकट बांटे जा रहे हैं।

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मोहम्मद शमी ने दी टीम इंडिया में वापसी की दस्तक, दिलाई शानदार जीत

भारत में इन दिनों रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट खेला जा रहा है। इस टूर्नामेंट में एलिट ग्रुप-सी के मैच में बंगाल का सामना उत्तराखंड से हुआ। यह मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेला गया, जहां बंगाल की टीम ने 8 विकेट से जीत दर्ज की। बंगाल की इस जीत में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने अहम भूमिका निभाई। आपको बता दें कि शमी पिछले काफी समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं और अब उन्होंने इस मैच में शानदार गेंदबाजी कर टीम में अपनी वापसी की मजबूत दावेदारी ठोकी है।

अभिमन्यु ईश्वरन ने लगाया शतक

मुकाबले की बात करें तो बंगाल की टीम इस मैच में 8 विकेट से जीत दर्ज करने में कामयाब रही। पहली पारी में उत्तराखंड ने 213 रन बनाए थे। जवाब में बंगाल की टीम ने अपनी पहली पारी में 323 रन बनाकर 110 रन की बढ़त हासिल की थी। इसके बाद उत्तराखंड ने दूसरी पारी में 265 रन बनाए और बंगाल के सामने जीत के लिए 156 रन का टारगेट रखा। इस टारगेट को बंगाल की टीम ने 29.3 ओवर में 2 विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। दूसरी पारी में अभिमन्यु ईश्वरन 71 रन बनाकर नाबाद लौटे। मोहम्मद शमी को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला।

मोहम्मद शमी की फिटनेस पर उठे थे सवाल

आपको बता दें कि शमी की फिटनेस को लेकर काफी चर्चा हो रही है। जहां एक तरफ टीम इंडिया चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने उन्हें अनफिट बताया था। वहीं शमी ने भी इस मैच से पहले अपनी फिटनेस को लेकर बड़ी बातें कही थी। भारतीय तेज गेंदबाज ने रणजी ट्रॉफी 2025 सीजन की शुरुआत से पहले ही खुद को एकदम फिट बताया था। उत्तराखंड के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने 39.3 ओवर गेंदबाजी की और दोनों पारियों में मिलाकर 7 विकेट अपने नाम किए। इसके साथ ही उन्होंने साबित कर दिया कि वह इस वक्त पूरी तरह से फिट हैं।

कैसा रहा मोहम्मद शमी का प्रदर्शन

मोहम्मद शमी ने उत्तराखंड के खिलाफ मैच में पहली पारी में तीन और दूसरी पारी में चार विकेट अपने नाम किए। उन्होंने पहली पारी में 14.5 ओवर गेंदबाजी करते हुए 4 मेडन ओवर फेंके और 37 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए। इस पारी के दौरान उन्होंने ये तीन विकेट चार गेंदों के अंदर लिए। इसके बाद दूसरी पारी में शमी ने 24.4 ओवर गेंदबाजी करते हुए 7 ओवर मेडन फेंके और 38 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। पूरे मैच में उनकी इकॉनमी रेट 2 से कम की रही। वह इस मैच में किफायती गेंदबाजी करते हुए विकेट भी निकालने में कामयाब रहे। वह आगामी मैचों में भी ऐसा ही प्रदर्शन करना चाहेंगे।

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आरोपी को थाने ले जा रही थी पुलिस, कांस्टेबल की हत्याकर हुआ फरार

तेलंगाना के निजामाबाद शहर में एक व्यक्ति ने कांस्टेबल पर चाकू से हमला कर दिया। पुलिस की टीम आरोपी को थाने लेकर जा रही थी। इसी दौरान आरोपी ने कांस्टेबल कर पर कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पूरी घटना 17 अक्टूबर रात 8:30- 09.00 बजे के बीच की बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपी शेख रियाज (24) ने एक मामले में पकड़े जाने के बाद दोपहिया वाहन पर निजामाबाद शहर के थाने ले जाते समय कांस्टेबल ई. प्रमोद की छाती पर चाकू से हमला किया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी घटनास्थल से फरार हो गया। उन्होंने बताया कि प्रमोद की बाद में मौत हो गई।

डीजीपी ने दिए जांच के निर्देश

पुलिस ने बताया कि कांस्टेबल की बाइक का पीछा कर रहे एक उप-निरीक्षक की उंगलियों पर भी आरोपी ने हमला किया, जिससे उसकी उंगलियों में चोट लग गई। कांस्टेबल की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए, तेलंगाना के डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने निजामाबाद पुलिस आयुक्त को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाने का निर्देश दिया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि डीजीपी ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) मल्टी जोन-I एस चंद्रशेखर रेड्डी को निजामाबाद जाकर स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया है। रेड्डी ने आईजीपी से कांस्टेबल के परिवार के सदस्यों को सांत्वना देने और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करने का भी अनुरोध किया।

आरोपी की तलाशी में जुटी आठ टीमें

विज्ञप्ति में कहा गया है कि डीजीपी ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तलाशी अभियान शुरू करने और आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश जारी किए हैं। निजामाबाद के पुलिस आयुक्त पी. साई चैतन्य ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के प्रयास जारी हैं और इसके लिए आठ टीम बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोग घायल कांस्टेबल को अस्पताल पहुंचाने में पुलिस की मदद करने के बजाय तस्वीरें खींच रहे थे।

उन्होंने कहा हमारे उप-निरीक्षक ने घायल कांस्टेबल को अस्पताल ले जाने के लिए ऑटो-रिक्शा वालों से अनुरोध किया, तब भी लोग नहीं रुके। प्रमोद निजामाबाद पुलिस आयुक्तालय की एक शाखा सेंट्रल क्राइम स्टेशन (सीसीएस) में कार्यरत थे। पुलिस ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी पर 50,000 रुपये के नकद इनाम की घोषणा करते हुए बताया कि वह डकैती, लूट और हत्या के मामलों में शामिल था।

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एनडीए का विकेट आउट, चिराग की उम्मीदवार सीमा का नॉमिनेशन रद्द

बिहार विधानसभा चुनाव से जुड़ी बड़ी खबर है। चुनाव से पहले ही एनडीए को बड़ा झटका लगा है। एक सीट पर एनडीए हिट विकेट आउट हो गया है। मढ़ौरा विधानसभा सीट से एनडीए की प्रत्याशी और अभिनेत्री सीमा सिंह का नामांकन रद्द हो गया है। बंटवारे में मढ़ौरा सीट चिराग पासवान की लोजपा-आरवी के खाते में गई थी। सीमा सिंह ने लोजपा के सिंबल से नौमिनेशन दाखिल किया था। शनिवार को पहले चरण के नामांकन पत्रों की जांच की गई। इसी दौरान सीमा सिंह का नॉमिनेशन रिजेक्ट कर दिया गया।

इस सीट पर सीमा सिंह समेत 4 उम्मीदवारों का नामांकन शनिवार को नामांकन रद्द हो गया है। जिन लोगों का नामांकन स्कूटनी के दौरान नामांकन रद्द हुआ उनमें सीमा सिंह के अलावा बसपा से आदित्य कुमार, जदयू से बागी निर्दलीय अल्ताफ़ आलम राजू, विशाल कुमार निर्दलीय का नाम शामिल है।

मढ़ौरा से कुल चार प्रत्याशी मतदान से पहले ही कंटेस्ट से बाहर हो गए। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सीमा सिंह के नामांकन रद्द होने से लोजपा के समर्थकों में निराशा फैल गई है। जबकि विपक्षी दल इसे अपनी संभावनाओं के लिए सकारात्मक अवसर मान रहे हैं। अब मढ़ौरा विधानसभा का चुनावी समीकरण फिर से नए सिरे से आकार ले रहा है।

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अयोध्या दीपोत्सव: रामायण थीम पर सेल्फी प्वाइंट, 80 हजार दीयों से रंगोली

अयोध्या में राम की पैड़ी पर 80 हजार दीयों से सजी रंगोली बनेगी। वहीं, अयोध्या धाम को और भव्य स्वरूप देने के लिए 20 विशेष सेल्फी प्वाइंट तैयार किए जा रहे हैं। इस बार का नवम दीपोत्सव-2025 अयोध्या को नयी सांस्कृतिक ऊंचाइयों पर ले जाने वाला है। रामनगरी न केवल लाखों दीपों की रोशनी में नहाएगी, बल्कि उत्तर प्रदेश की लोक कला, परंपरा और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम भी प्रस्तुत करेगी। इस वर्ष राम की पैड़ी का दृश्य सबसे अलग होगा, जहां 80 हजार दीयों से सजाई जा रही रंगोली अद्भुत दृश्य पेश करेगी, जो भक्तिभाव, सौंदर्य और कला की गहराई को एक साथ दर्शाएगी। अयोध्या दीपोत्सव के इतिहास में पहली बार राम की पैड़ी पर इतनी बड़ी दीप-रंगोली बनाई जा रही है।

80 हजार दीपों से सजाया जाएगा

यह पारंपरिक चौक पूरने की कला पर आधारित है, जिसमें मिट्टी के दीयों, रंगों और फूलों का संयोजन किया जा रहा है। इस अद्वितीय रंगोली में लगभग 80 हजार दीपों को इस प्रकार सजाया जाएगा कि ऊपर से देखने पर यह ईश्वर आमंत्रण के प्रतीकात्मक रूप में नजर आएगी। रंगोली की डिज़ाइन में कलश, स्वास्तिक और कमल पुष्प जैसे पारंपरिक प्रतीकों का समावेश किया गया है।

कलश समृद्धि और मंगल का प्रतीक है, स्वास्तिक शुभता और सकारात्मकता का संकेत देता है और कमल पुष्प भक्ति, पवित्रता और श्रीराम के दिव्य जीवन का प्रतीक माना गया है। लोक संस्कृति में ‘चौक पूरना’ वह शुभ क्षण होता है। जब किसी देवता को आमंत्रित किया जाता है। यह कला न केवल सजावट का माध्यम है, बल्कि यह उस संवाद का प्रतीक भी है। जो मनुष्य और ईश्वर के बीच होता है।

अनूठी दीप-रंगोली को किया जा रहा तैयार

इस अनूठी दीप-रंगोली को डॉ राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या की कला विभाग की टीम तैयार कर रही है। 50 छात्राओं ने मिलकर इस रंगोली को डिजाइन और तैयार किया है। रंगोली की प्रमुख संयोजक और कला विभाग की प्रतिभाशाली कलाकार डॉ सरिता द्विवेदी ने बताया राम की पैड़ी पर बनाई जा रही है। यह रंगोली हमारे लिए केवल एक कला नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव है।

20 सेल्फी प्वाइंट को हो रहा निर्माण

दीपोत्सव 2025 केवल प्रकाश पर्व न होकर, श्रद्धा, संस्कृति और डिजिटल अनुभव का ऐसा संगम बने जो विश्व को अयोध्या की नई पहचान दे। इसी कड़ी में अयोध्या धाम को और भव्य स्वरूप देने के लिए 20 विशेष सेल्फी प्वाइंट तैयार किए जा रहे हैं और ये सेल्फी प्वाइंट रामायण के विभिन्न अध्यायों पर आधारित होंगे और धर्मपथ, लता चौक, राम की पैड़ी तथा रामकथा पार्क सहित प्रमुख स्थलों पर स्थापित किए जा रहे हैं।

रामायण थीम पर होगा सेल्फी प्वांइट

हर सेल्फी प्वाइंट की थीम रामायण के किसी खास प्रसंग से जुड़ी होगी। इनमें सुमेरु पर्वत को लेकर उड़ते हुए हनुमान जी, भगवान श्रीराम को वर्षा से बचाने के लिए केले के पत्ते के नीचे खड़े हनुमान, श्रीराम और लक्ष्मण को कंधे पर लेकर उड़ते हनुमान, जटायु से वार्तालाप करते प्रभु श्रीराम, अशोक वाटिका में मां सीता से भेंट करते हनुमान, रावण वध का दृश्य, भगवान राम और माता सीता से मिलते केवट, रावण पर बाण चलाते श्रीराम, लंका दहन करते हनुमान, अग्नि परीक्षा देती मां सीता जैसे भावनात्मक व प्रेरक दृश्य शामिल हैं।

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भूपेंद्र पटेल कैबिनेट शपथ, हर्ष संघवी डिप्टी सीएम, रिवाबा जडेजा फिर बनी मंत्री

गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नए मंत्रिमंडल का आज गठन हो गया है। सबसे पहले हर्ष संघवी ने शपथ ली है, उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया है। उनके बाद जीतूभाई वाघाणी और पुरुषोत्तम सोलंकी ने भी कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए हैं। भूपेंद्र पटेल सरकार की नई कैबिनेट में 25 विधायकों को मंत्री बनाया गया है। इनमें 3 महिलाएं हैं। पटेल समाज से CM समेत 8 मंत्री होंगे। 8 OBC, 3 SC, 4 ST और 3 महिलाएं हैं। 19 नए चेहरे हैं।

बता दें कि गुजरात में नई कैबिनेट के गठन से एक दिन पहले गुरुवार को सीएम भूपेंद्र पटेल को छोड़कर राज्य के सभी 16 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया था। गुजरात मंत्रिमंडल में सीएम पटेल सहित 17 मंत्री थे। 8 कैबिनेट स्तर के मंत्री थे जबकि इतने ही राज्य मंत्री (एमओएस) थे।

पूरा मंत्रिमंडल क्यों बदला गया ?

माना जा रहा है कि सीएम से गुजरात के लोग खुश हैं लेकिन मंत्रियों की ग्राउंड रिपोर्ट ठीक नहीं है। दूसरी वजह स्थानीय निकाय के चुनाव हैं जो बहुत जल्द होने वाले हैं। इसके साथ साथ बीजेपी कुछ पुराने दिग्गजों की भी वापसी की तैयारी कर रही है। साथ ही जिन मंत्रियों को हटाया गया है, उन्हें बड़े पद दिए जाएंगे। आपको बता दें कि गुजरात विधानसभा कुल 182 सदस्यों वाली है। सीएम भूपेंद्र पटेल ने 12 दिसंबर, 2022 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार शपथ ली थी।

पीएम मोदी संग हुई थी बड़ी बैठक

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात भाजपा के नेतृत्व, जिसमें मुख्यमंत्री, प्रदेश पार्टी अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शामिल थे, उनके साथ लंबी बैठक की थी। इस बैठक में कैबिनेट विस्तार समेत संगठन की भूमिकाओं में नए चेहरों को शामिल करने पर चर्चा हुई थी। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि कार्यभार संभालने वाले सभी नए चेहरे गुजरात के लोगों से जुड़ें और अपनी भूमिका संभालने के तुरंत बाद उन्हें दिवाली की शुभकामनाएं दें।

भूपेंद्र पटेल कैबिनेट 3.0 में कौन-कौन ?

1 –   प्रफुल्ल पैंसेरिया

2 –   कुँवरजीभाई बावलिया

3 –    ऋषिकेश पटेल

4 –    कनु देसाई

5 –    परसोतम सोलंकी

6 –    हर्ष सांघवी

7 –    प्रद्युम्न वाज

8 –    नरेश पटेल

9 –     पीसी बरंडा

10 –  अर्जुन मोढवाडिया

11 –  कांति अमृतिया

12 –  कौशिक वेकारिया

13 –  दर्शनाबेन वाघेला

14 –   जीतूभाई वाघाणी

15 –   रीवाबा जाडेजा

16 –   डॉ.जयराम गामित

17 –   त्रिकमभाई छंगा

18 –   ईश्वर सिंह पटेल

19 –   मनीषा वकील

20 –   प्रवीण माली

21 –  स्वरूपजी ठाकोर

22 –  संजय सिंह महीडा

23 –  कमलेश पटेल

24 –  रमन सोलंकी

25 –  रमेश कटारा

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गुजरात में सियासी भूचाल, सभी मंत्रियों ने सीएम भूपेंद्र पटेल को सौंपा इस्तीफा

गुजरात की राजनीति से बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को छोड़कर राज्य में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। सरकार के कुल 16 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है।ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि गुजरात में भाजपा सरकार कैबिनेट का विस्तार करने जा रही है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को दोपहर 12 बजकर 39 मिनट पर गुजरात सरकार के नए मंत्रिमंडल का शपथ समारोह का आयोजन होगा।

कुछ मंत्रियों को बरकरार रखे जाने की उम्मीद

गुजरात की भाजपा सरकार के कैबिनेट विस्तार में मंत्रिमंडल के लगभग 5 मंत्रियों को बरकरार रखे जाने की उम्मीद है जबकि कई पुराने चेहरों का पत्ता कट सकता है। वहीं, कैबिनेट में 16 नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। दो महिला नेताओं को मंत्री बनाए जाने की संभावना है। नई कैबिनेट में लगभग 20 से 23 सदस्य होने की उम्मीद है।

पीएम मोदी संग हुई थी बड़ी बैठक

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात भाजपा के नेतृत्व, जिसमें मुख्यमंत्री, प्रदेश पार्टी अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शामिल थे, उनके साथ लंबी बैठक की थी। इस बैठक में कैबिनेट विस्तार समेत संगठन की भूमिकाओं में नए चेहरों को शामिल करने पर चर्चा हुई थी। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि कार्यभार संभालने वाले सभी नए चेहरे गुजरात के लोगों से जुड़ें और अपनी भूमिका संभालने के तुरंत बाद उन्हें दिवाली की शुभकामनाएं दें।

गुजरात सरकार के मंत्रियों की लिस्ट –

1 –     कनुभाई देसाई           –    फाइनेंस, एनर्जी और पेट्रोकेमिकल्स (पारडी)

2 –     बलवंतसिंह राजपूत       –     इंडस्ट्रीज़, लेबर और एम्प्लॉयमेंट (सिद्धपुर)

3 –     ऋषिकेश पटेल           –     हेल्थ, फैमिली वेलफेयर और हायर एजुकेशन (विसनगर)

4 –     राघवजी पटेल            –    एग्रीकल्चर, एनिमल हस्बैंड्री और फिशरीज़ (जामनगर रूरल)

5 –     कुंवरजीभाई बावलिया    –    वॉटर सप्लाई और सिविल सप्लाईज़ (जसदन)

6 –     भानुबेन बाबरिया          –   सोशल जस्टिस और विमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट (राजकोट रूरल)

7 –     मुलुभाई बेरा               –   टूरिज्म, फॉरेस्ट और एनवायरनमेंट (खंभालिया)

8 –     कुबेर डिंडोर               –   एजुकेशन और ट्राइबल डेवलपमेंट (संतरामपुर ST)

  9 –      नरेश पटेल              –    गणदेवी

10 –    बच्चूभाई खबाद           –   देवगढ़ बारिया

11 –     परषोत्तम सोलंकी         –    मजूरा

13 –    जगदीश विश्वकर्मा         –    निकोल

14 –   मुकेशभाई ज़िनाभाई पटेल –    ओलपाड

15 –   कुंवाजीभाई हलपति        –    मांडवी (ST)

16 –   भिकुभाई चतुरसिंह परमार –    मोडासा

क्या है कैबिनेट गठन का नियम ?

गुजरात के मंत्रिपरिषद में अब तक मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल समेत 17 मंत्री थे। इनमें 8 कैबिनेट स्तर के मंत्री थे जबकि इतने ही राज्य मंत्री थे। आपको बता दें कि गुजरात विधानसभा कुल कुल 182 सदस्यों वाली है। इनमें से कुल संख्या के 15 प्रतिशत या 27 मंत्री हो सकते हैं। इसी महीने की शुरुआत में गुजरात सरकार में राज्य मंत्री जगदीश विश्वकर्मा, केंद्रीय मंत्री सी आर पाटिल की जगह गुजरात भाजपा के अध्यक्ष बने थे। सीएम भूपेंद्र पटेल ने 12 दिसंबर, 2022 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार शपथ ली थी।

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सीजेआई गवई पर जूता फेंकने वाला राकेश किशोर अवमानना केस में फंसा

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई पर सुप्रीम कोर्ट में जूता फेंकने की कोशिश करने वाले राकेश किशोर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने जूताकांड में राकेश किशोर के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई चलाने की अपनी मंजूरी दे दी है। भगवान विष्णु पर सीजेआई गवई की टिप्पणी से नाराज राकेश किशोर ने छह अक्टूबर को उन पर भरी कोर्ट में जूता फेंकने की कोशिश की थी। हालांकि, बाद में सीजेआई ने उन्हें माफ करते हुए कोई भी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया था।

अटॉर्नी जनरल द्वारा अवमानना की मंजूरी दिए जाने की बात की जानकारी सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तब दी, जब सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने इस मामले को उठाया। कोर्ट की अवमानना क नियम सेक्शन 15 के अनुसार, किसी भी व्यक्ति के खिलाफ इसकी कार्रवाई शुरू किए जाने से पहले अटॉर्नी जनरल की मंजूरी की जरूरत होती है। सीजेआई गवई पर जूता फेंकने के मामले में अटॉर्नी जनरल की ओर से यह मंजूरी दी गई है।

जूता फेकना नजरअंदाज नहीं किया जा सकता

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने राकेश किशोर के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग की थी और एजी वेकंटरमणी को पत्र लिखा था। विकास सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को कल लिस्ट करने की मांग की। उन्होंने लिखा जूता फेंकने के मामले को ऐसे ही नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। राकेश किशोर को जूता फेंकने पर कोई पछतावा नहीं है। मैंने अटॉर्नी जनरल से मंजूरी मांगी थी और इसे कल लिस्ट किया जा सकता है। सोशल मीडिया इस मामले में पागल हो गया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी इस मामले को गंभीर बताया है।

राकेश किशोर के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई होगी शुरू

विकास सिंह ने कहा राकेश किशोर के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने के लिए अटॉर्नी जनरल द्वारा मंजूरी दी जा चुकी है। संस्था की ईमानदारी दांव पर है। कुछ कार्रवाई की जरूरत है। हालांकि इतना सब सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि इस घटना को जाने देना ही सबसे बेहतर होगा। मेहता और सिंह ने अदालत से सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री पोस्ट करने पर रोक से संबंधी आदेश पारित करने का अनुरोध करते हुए कहा कि हर तरह की अपमानजनक टिप्पणियां की जा रही हैं। पीठ ने कहा कि भाषण और अभिव्यक्ति का मौलिक अधिकार दूसरों की गरिमा की कीमत पर नहीं हो सकता है।

इसने सोशल मीडिया की अनियमित प्रकृति के दुष्प्रभावों की ओर इशारा किया और कहा कि हम सामग्री के उत्पाद और उपभोक्ता दोनों हैं। हालांकि, कोर्ट ने मामले की कल मामले की सुनवाई के लिए लिस्ट नहीं किया है। जस्टिस कांत ने कहा कि देखते हैं एक हफ्ते में क्या होता है और भी बिकने वाली चीजें पढ़ेंगे। वहीं जस्टिस बागची ने कहा कि शायद छुट्टियों के बाद कुछ और बिकने वाली चीजें सामने आएंगी।

क्या था मामला ?

प्रधान न्यायाधीश पर जूता फेंकने के प्रयास की यह अभूतपूर्व घटना छह अक्टूबर को हुई। उस दिन सुबह करीब 11:35 बजे अदालत कक्ष संख्या-एक में 71-वर्षीय अधिवक्ता राकेश किशोर ने अपने जूते उतारकर उन्हें प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ की ओर फेंकने का प्रयास किया। सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी अधिवक्ता को तुरंत हिरासत में ले लिया। अदालती कार्यवाही के दौरान हुई इस घटना से अविचलित प्रधान न्यायाधीश ने अदालत के अधिकारियों और अदालत कक्ष में मौजूद सुरक्षाकर्मियों से इसे नजरअंदाज करने और राकेश किशोर नामक दोषी वकील को चेतावनी देकर छोड़ देने को कहा था।

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बिहार विधानसभा चुनाव: बीजेपी की दूसरी लिस्ट जारी, मैथिली ठाकुर को टिकट

वही आज बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की। इस सूची में 12 कैंडिडेट के नाम हैं। मशहूर लोक गायिका मैथिली ठाकुर को अलीनगर से टिकट मिला है। वहीं, बक्सर सीट से पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा को उम्मीदवार बनाया गया है। बता दें कि पहली कैंडिडेट लिस्ट में भाजपा ने 71 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित किए थे। एनडीए के अंदर 101 सीटों पर लड़ रही भाजपा ने अब तक 83 सीटों पर कैंडिडेट के नाम घोषित कर दिए हैं।

बिहार में कब हैं विधानसभा चुनाव ?

बिहार में विधानसभा चुनावों की घोषणा हो चुकी है। बिहार में 243 विधानसभा सीटों के लिए 2 फेजों में चुनाव होंगे। पहले फेज के लिए 6 नवंबर को वोटिंग होगी और दूसरे फेज के लिए 11 नवंबर को वोटिंग होगी। पहले चरण में 121 सीटों पर और दूसरे चरण में 122 सीटों पर वोटिंग होगी। चुनाव का रिजल्ट 14 नवंबर को जारी किया जाएगा। गौरतलब है कि बिहार में इस बार का चुनाव दिलचस्प होने वाला है क्योंकि इस बार नई पार्टी जनसुराज भी मैदान में है। ऐसे में देखना ये होगा कि बिहार की जनता नई पार्टी पर भरोसा जताती है या फिर पुरानी पार्टी को ही सत्ता की कमान सौंपती है।

यहां देखें बीजेपी की दूसरी लिस्ट –

विधानसभा का नाम                                        उम्मीदवार का नाम

अलीनगर                                                                 मैथिली ठाकुर
हायाघाट                                                                  रामचंद्र प्रसाद
मुजफ्फरपुर                                                              रंजन कुमार
गोपालगंज                                                                सुभाष सिंह
बनियानपुर                                                             केदारनाथ सिंह
छपरा                                                                     छोटी कुमारी
सोनपुर                                                                  विनय कुमार सिंह
रोसड़ा (अजा)                                                         बीरेंद्र कुमार
बाढ़                                                                      सियाराम सिंह
अगिआंव (अजा)                                                     महेश पासवान
शाहपुर                                                                  राकेश ओझा
बक्सर                                                              आनंद मिश्रा, आईपीएस

मैथिली ठाकुर कौन हैं ?

मैथिली ठाकुर का जन्म बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी में हुआ था। वह संगीत की दुनिया में एक जाना पहचाना नाम हैं। उनके पिता रमेश ठाकुर भी एक मैथिल संगीतकार और संगीत शिक्षक हैं। उनकी माता भारती ठाकुर हैं। मैथिली इसी साल जुलाई में 25 साल की हुई हैं और पारंपरिक गायन करती हैं। उन्होंने लोक गायिका के रूप में भी अपनी पहचान बनाई है। हाल ही में उनकी भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और बिहार के संगठन प्रभारी विनोद तावडे और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय से मुलाकात हुई थी। इसके बाद से ये अनुमान लगाया जा रहा था कि मैथिली बीजेपी की तरफ से चुनाव लड़ सकती हैं।

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चौथी बीवी को ₹30 हजार भत्ता दें, हाईकोर्ट का सांसद मोहिबुल्ला को आदेश

पारिवारिक विवाद में मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर के सांसद मोहबुल्ला नदवी को सख्त आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि चौथी पत्नी रुमाना नदवी को अंतरिम व्यवस्था के तौर पर हर महीने 30 हजार रुपये का गुजारा भत्ता दिया जाए। कोर्ट ने यह आदेश आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर दिया है। दरअसल सांसद ने आगरा के फैमिली कोर्ट के एक आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हाईकोर्ट के जस्टिस जेजे मुनीर की पीठ ने केस की सुनवाई के दौरान कहा, पारिवारिक विवाद का संभावित समाधान खोजा जाए। कोर्ट ने इस पारिवारिक विवाद को हल करने के लिए मध्यस्थ को नियुक्त किया है। यही नहीं कोर्ट ने मध्यस्थ को तीन महीने का समय दिया है। ताकि वह मध्यस्थता के परिणाम से संबंधित अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर सकें। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कहा, इस मामले को बेंच के साथ लंबित या आंशिक रूप से सुना हुआ नहीं माना जाएगा।

क्या थी सांसद की याचिका

सांसद के खिलाफ 2020 में उनकी चौथी पत्नी रुमाना परवीन ने केस दर्ज कराया था। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर सीआरपीसी की धारा 127 में मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में एक अप्रैल 2004 को आगरा की फैमिली कोर्ट के अपर प्रधान न्यायाधीश ने एक आदेश दिया था, जिसे रद्द कराने के लिए रामपुर से सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर सांसद के वकील ने कोर्ट से इस मामले की मध्यस्थता केंद्र को भेजने का आग्रह किया था।

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दिल्ली-एनसीआर में दिवाली पर ग्रीन पटाखों को सुप्रीम कोर्ट की सशर्त मंज़ूरी

दीवाली पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों को बड़ा तोहफा दिया है। कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों की बिक्री पर लगी रोक हटा दी और पटाखे जलाने की भी इजाजत दी है। मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई ने कहा कि कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एमिकस क्यूरी के सुझावों पर विचार किया। जिसमें उन्होंने त्योहार पर पटाखा उत्पादकों और लोगों को यह राहत देने की सिफारिश की थी।

सीजेआई गवई ने कहा कि ग्रीन पटाखों के अलावा दूसरे पटाखों की तस्करी चिंता का विषय है। हमें संतुलित रवैया अपनाना होगा। कोर्ट ने कहा कि हरियाणा के 14 जिले एनसीआर में हैं यानी राज्य का 70 प्रतिशत हिस्सा पटाखे पर रोक से प्रभावित है। पिछली सुनवाई में एसजी तुषार मेहता ने कोर्ट से आग्रह किया था कि लोगों को त्योहार पर पटाखे जलाने की इजाजत दी जाए।

पटाखा उत्पादकों ने भी दलील दी थी कि पराली जलाने और वाहनों के प्रदूषण पर ध्यान देने की जरूरत है। लेकिन सिर्फ पटाखों को निशाना बनाया जा रहा है। कोर्ट ने भी सरकार से पूछा था कि क्या साल 2018 में पटाखों पर बैन के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में कमी आई है। तो कोर्ट को बताया गया कि कुछ खास असर नहीं पड़ा है।

कौन बेच सकता है पटाखे ?

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि पटाखों पर रोक से दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। हमें उत्सव की भावना और पटाखा उद्योग से जुड़े लोगों के हित का भी ध्यान रखना होगा। एनसीटी और केंद्र सरकार ने भी कोर्ट से पटाखों को लेकर रियायत का अनुरोध किया था। हालांकि, पटाखों की बिक्री की छूट सिर्फ उन्हीं उत्पादकों को मिली है। जिनके पास नेशनल इनवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (NEERI) और पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) का लाइसेंस है।

नियमित जांच करेगा गश्ती दल

सुनवाई के दौरान सीजेआई ने 14 अक्टूबर 2024 के आदेश का हवाला दिया। जिसमें दिल्ली सरकार ने पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था। जिसे पूरे एनसीआर में लागू कर दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि हमें संतुलित दृष्टिकोण अपनाना होगा। हरित पटाखों के क्यूआर कोड वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। सीजेआई ने कहा कि गश्ती दल ग्रीन पटाखा निर्माताओं की नियमित जांच करेगा।

किस समय तक पटाखे जलाने की इजाजत ?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नीरी से लाइसेंस्ड उत्पादकों को 18 से 20 अक्टूबर तक सीमित स्थानों पर पटाखा बेचने की इजाजत है। सुप्रीम कोर्ट ने पेट्रोलिंग टीम को निगरानी करने का भी निर्देश दिया और कहा कि सैंपल की जांच की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्यूआर (QR) कोड वाले पटाखे बेचें और गलत पटाखे बेचने वाले पर कार्रवाई हो। कोर्ट ने यह भी कहा कि दीवाली से पहले वाले दिन और दीवाली वाले दिन सुबह 6 से 7 तक और शाम में 8 से 10 बजे तक पटाखे जलाने की इजाजत है।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

वही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एनसीआर के प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिवाली के बाद प्रदूषण पर रिपोर्ट देने को कहा है। दिल्ली-एनसीआर के बाहर से लाकर कोई भी पटाखा यहां नहीं बेचा जा सकेगा और अगर ऐसा पाया गया तो विक्रेताओं का लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की तस्करी की जाती है और ये हरित पटाखों की तुलना में अधिक नुकसान पहुंचाते हैं।

दिल्ली में बढ़ रहा है वायु प्रदूषण

बता दें कि सर्दियों के आगमन के साथ ही दिल्ली में वायु गुणवत्ता लगभग तीन महीने के बाद ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 211 दर्ज किया गया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (डीपीसीसी) के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में पिछली बार 11 जुलाई को वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया था। उसके बाद से मानसून की बारिश के कारण शहर में प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी आयी थी। लेकिन मौसम के बदलते मिजाज और सर्दियों की शुरुआत के साथ ही प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ने लगा है।

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बीजेपी ने जारी की उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, 71 नामों पर लगी मुहर

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में 71 कैंडिडेट के नाम शामिल है। पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उम्मीदवारों के नामों का औपचारिक ऐलान किया। एनडीए के अहम घटक दल के रूप में बीजेपी इस बार जनता दल (यूनाइटेड) और अन्य सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतरेगी। एनडीए में हुए सीटों के बंटवारे के तहत बीजेपी इस बार 101 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

बीजेपी की सीट और कैंडिटेट की लिस्ट :-

 विधानसभा क्षेत्र                                         उम्मीदवार का नाम

  बेतिया                                                            रेणु देवी

    रक्सौल                                                       प्रमोद कुमार सिन्हा

    पिपरा                                                       श्यामबाबू प्रसाद यादव

    मधुबन                                                       राणा रणधीर सिंह

    मोतिहारी                                                     प्रमोद कुमार

    ढाका                                                        पवन जायसवाल

    रीगा                                                         बैद्यनाथ प्रसाद

   बथनाहा                                                    अनिल कुमार राम

   परिहार                                                     गायत्री देवी

   सीतामढ़ी                                                   सुनील कुमार पिंटू

   बेनीपट्टी                                                    विनोद नारायण

   झाखजौली                                                 अरुण शंकर प्रसाद

   बिस्फी                                                     हरिभूषण ठाकुर बचौल

   राजनगर                                                   सुजीत पासवान

   झंझारपुर                                                   नीतीश मिश्रा

   छातापुर                                                    नीरज कुमार सिंह बबलू

   नरपतगंज                                                  देवंती यादव

   फारबिसगंज                                               विद्यासागर केसरी

   सिकटी                                                    विजय कुमार मंडल

   किशनगंज                                                 स्वीटी सिंह

   बनमनखी                                                 कृष्ण कुमार ऋषि

   पूर्णिया                                                    विजय कुमार खेमका

   कटिहार                                                  तारकिशोर प्रसाद

   प्राणपुर                                                    निशा सिंह

   कोढ़ा                                                     कविता देवी

  सहरसा                                                  आलोक रंजन झा

   गौरा बौराम                                              सुजीत कुमार सिंह

   दरभंगा                                                   संजय सरावगी

   केवटी                                                     मुरारी मोहन झा

   जाले                                                      जीवेश मिश्रा

   औराई                                                    रमा निषाद

   कुढ़नी                                                   केदार प्रसाद गुप्ता

   बरुराज                                                 अरुण कुमार सिंह

   साहेबगंज                                               राजू कुमार सिंह

   बैकुंठपुर                                                मिथिलेश तिवारी

    सीवान                                                 मंगल पांडेय

   दरौंदा                                                  कर्णजीत सिंह

   गोरेयाकोठी                                           देवेश कांत सिंह

   तरैया                                                  जनक सिंह

  अमनौर                                                कृष्ण कुमार मंटू

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क्या है आईआरसीटीसी घोटाला ? जिससे लालू परिवार की बढ़ गईं मुश्किलें

बिहार चुनाव से पहले तेजस्वी यादव आईआरसीटीसी होटल भ्रष्टाचार मामले में फंस गए हैं। राउज एवेन्यू कोर्ट ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व सीएम राबड़ी देवी समेत केस के अभियुक्तों पर आरोपों का गठन कर दिया है। हालांकि लालू यादव और राबड़ी देवी ने आरोपों से इनकार करते हुए ट्रायल फेस करने की बात कही है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बिहार में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है।कोर्ट से फैसले से लालू परिवार को बिहार चुनाव से पहले बड़ा झटका लगा है। सीबीआई की ओर से लगाए गए आरोपों को कोर्ट ने सही बताया है। आईपीसी की धारा 420 और 120बी के अलावे अन्य कुछ धाराओं में आरोप गठित किया गया है।

घोटाला लालू प्रसाद यादव की जानकारी में हुआ – कोर्ट

कोर्ट की ओर से कहा गया है कि यह घोटाला लालू प्रसाद यादव की जानकारी में हुआ। उनकी जानकारी में परिवार के सदस्यों को सस्ते दर पर जमीनें दी गई। आरोपियों की ओर से दी गई दलीलों को कोर्ट ने इनकार कर दिया। अदालत की ओर से कहा गया है कि सबूतों की पूरी चेन है। इस स्कैम के मुख्य साजिशकर्ता लालू यादव ही है। इससे पहले कोर्ट ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद, पूर्व सीएम राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सहित अन्य आरोपियों को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था। पेशी के लिए लालू, राबड़ी और तेजस्वी रविवार को दिल्ली पहुंच गए थे।

कोर्ट का निर्णय विधानसभा चुनावों पर बड़ा असर डाल सकता है। अदालत के आदेश से यह तय हो गया कि इस मामले में लालू यादव समेत परिवार के सदस्यों पर मुकदमा चलेगा । यह मामला 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद के रेल मंत्री के कार्यकाल के दौरान आईआरसीटीसी होटलों के रखरखाव के ठेकों के आवंटन में भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है।

क्या है आरोप लालू यादव के परिवार पर

लालू यादव समेत परिवार से सदस्यों समेत 14 लोगों पर आरोप है कि आईआरसीटीसी होटलों के रखरखाव के ठेके लालू से जुड़ी एक बेनामी कंपनी से हासिल की गई तीन एकड़ कीमती जमीन के बदले में दिए गए थे। 7 जुलाई, 2017 को सीबीआई ने एक एफआईआर दर्ज की और लालू प्रसाद और उनके परिवार से जुड़े पटना, नई दिल्ली, रांची और गुरुग्राम स्थित 12 ठिकानों पर छापेमारी की। सीबीआई ने दावा किया है कि सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। वहीं लालू प्रसाद के वकील ने तर्क दिया है कि उनके खिलाफ इस मामले में मुकदला चलाए रखने का कोई वैधानिक तर्क नहीं है।

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जेल से बाहर आते ही सपा नेता आजम खान को वापस मिली वाई श्रेणी की सुरक्षा

समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की सुरक्षा को बहाल कर दिया गया है। अब उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जा रही है। उनकी सुरक्षा में तैनात गार्ड और गनर उनके पास भेज दिए गए हैं। सपा नेता आजम खान को वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई थी लेकिन कोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद उनकी विधानसभा की सदस्यता भी खत्म हो गई थी। इसके चलते उनकी सुरक्षा को वापस ले लिया गया था। मगर बाद में उनकी सुरक्षा को बहाल कर दिया था। इस बीच वह सीतापुर जेल गए। उनके जेल जाने के बाद सुरक्षा को वापस बुलाया गया था।

जेल से आने पर पहले दिन वापस कर दी थी सुरक्षा

23 माह बाद जेल से जमानत पर बाहर आए सपा नेता आजम खान को पहले ही दिन पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के लिए जवानों को भेजा गया था। लेकिन उस समय आजम खान ने सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया था। उनके घर पहुंचे गार्ड और गनर को वापस पुलिस लाइन भेज दिया था। लेकिन अब फिर एक बार उनको सुरक्षा प्रदान कर दी गई है। पूर्व सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा सरकार ने सपा नेता आजम खान पर जुल्म किए हैं। यह जुल्म लोकतांत्रिक व्यवस्था पर धब्बा हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया कि उनकी आजम खां से मुलाकात राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि औपचारिक और आदरभाव से हुई है।

23 माह बाद आजम जेल से आए बाहर 

अब 23 माह बाद आजम खान जेल से जमानत पर बाहर आ गए हैं। उनके जेल से आने के बाद से ही घर पर मिलने वालों को आना लगातार जारी है। इसी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने उनको मिली वाई श्रेणी की सुरक्षा को भी वापस कर दिया है। आरआई विनोद कुमार ने बताया कि आजम खान की वाई श्रेणी की सुरक्षा को शुक्रवार शाम को ही वापस कर दिया गया था। शनिवार से गार्ड और गनर उनके पास भेज दिए गए हैं।

आजम खान से मिले स्वामी प्रसाद मौर्य

शनिवार दोपहर स्वामी प्रसाद मौर्य की आजम खान से करीब दो घंटे तक मुलाकात चली। इसके बाद मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में हत्या,दहेज हत्या, महिला उत्पीड़न, दलित उत्पीड़न और अन्य अपराधों में नंबर एक है। 2027 में भाजपा को हटाने के लिए उनकी जनता पार्टी यूपी की सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। स्वामी प्रसाद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर आजम पर मुर्गी- बकरी चोरी जैसे आरोप लगाकर उनके पूरे परिवार को सालों-साल तक प्रताड़ित किया। ऐसा अत्याचार तो आपातकाल (इमरजेंसी) में भी किसी के साथ नहीं हुआ था।

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