Tuesday, February 3, 2026
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जहरीले कफ सिरप के चलते छिंदवाड़ा में एक और मासूम बच्ची की मौत

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां जहरीले कफ सिरप के चलते एक और बच्ची की मौत हुई है। मध्य प्रदेश में कॉल्ड्रिफ कफ सिरप के चलते होने वाली मौतों की संख्या अब 10 पहुंच गई है। बच्ची नागपुर में बीते सप्ताह से भर्ती थी। उसकी किडनी फेल होने की वजह से उसकी मौत हो गई। बच्ची की पहचान परासिया क्षेत्र के बढ़कुही निवासी योगिता ठाकरे के रूप में हुई है।

अब तक 10 बच्चों की हो चुकी है मौत

इस एक कफ सिरप की वजह से मध्य प्रदेश में अब तक 10 बच्चों की मौत हो चुकी है। छिंदवाड़ा में 4 सितंबर से शुरू हुआ मासूम बच्चों की मौत का सिलसिला 4 अक्टूबर तक नहीं थमा है। इस मामले के सामने आने के बाद मध्य प्रदेश समेत पूरे देश में हड़कंप मच गया है। जिन बच्चों की मौत हुई, उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे बड़ा सवाल है कि इस जहरीले कफ सिरप के बारे में इतनी देरी से क्यों पता लगा। इसने पहले भी ना जाने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया होगा।

कफ सिरप की बिक्री पूरे मध्यप्रदेश में बैन

जहरीले कफ सिरप की वजह से हो रही मौतों को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सीएम ने इस कफ सिरप की बिक्री को पूरे मध्य प्रदेश में बैन कर दिया है। मोहन यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “छिंदवाड़ा में कॉल्ड्रिफ कफ सिरप के कारण हुई बच्चों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। इस कफ सिरप की बिक्री को पूरे मध्यप्रदेश में बैन कर दिया है। सिरप को बनाने वाली कंपनी के अन्य प्रोडक्ट की बिक्री पर भी बैन लगाया जा रहा है।

सिरप बनाने वाली फैक्ट्री कांचीपुरम में है। इसलिए घटना के संज्ञान में आने के बाद राज्य सरकार ने तमिलनाडु सरकार को जांच के लिए कहा था। रिपोर्ट के आधार पर कड़ा एक्शन लिया गया है। बच्चों की दुखद मृत्यु के बाद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई चल रही थी। राज्य स्तर पर भी इस मामले में जांच के लिए टीम बनाई गई है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

कफ सिरप के सैंपल जांच में क्या मिला

इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पाया कि मध्य प्रदेश में परीक्षण किए गए किसी भी सिरप के नमूने में डायथिलीन ग्लाइकॉल या एथिलीन ग्लाइकॉल नहीं था। इन दोनों तत्वों से किडनी को गंभीर नुकसान हो सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले डीजीएचएस ने परामर्श में कहा कि आमतौर पर 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कफ सिरप की सिफारिश नहीं की जाती है।

इसमें कहा गया कि वृद्ध लोगों के लिए इनका उपयोग सावधानीपूर्वक गहन निगरानी, ​​उचित खुराक का कड़ाई से पालन आदि पर आधारित होना चाहिए। बच्चों में गंभीर खांसी की बीमारियां अधिकतर स्वतः ही ठीक हो जाती हैं और अक्सर दवाइयों के बिना ठीक हो जाती हैं। परामर्श में सभी स्वास्थ्य सेवा केंद्रों को कहा गया कि वे ठीक से तैयार उत्पादों की खरीद और वितरण सुनिश्चित करें।

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तोड़ी जाएगी मस्जिद, बुलडोजर कार्रवाई पर रोक से हाईकोर्ट का इनकार

संभल में सरकारी जमीन बनी मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन पर रोक लगाने से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है और हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी है। बता दें कि संभल में यह मस्जिद तालाब की जमीन पर बनी थी, जिसे बुलडोजर से गिराने का आदेश जारी किया गया था।

प्रशासन के मुताबिक, इस मस्जिद का नाम गौसुलबरा है और यह संभल जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर असमोली क्षेत्र के राया बुजुर्ग गांव में बनी हुई है। दो अक्टूबर को डीएम-एसपी के नेतृत्व में प्रशासन बुलडोजर लेकर इसे तोड़ने के लिए पहुंचा था।

प्रशासन ने मस्जिद के बगल में बना मैरिज हॉल तोड़ दिया था। जब मस्जिद पर बुलडोजर चलाने की बारी आई तो स्थानीय लोगों ने डीएम से खुद तोड़ने के लिए चार दिन की मोहलत मांगी थी। डीएम ने चार दिन का वक्त दिया था। इसके बाद उसी दिन यानी गुरुवार को स्थानीय लोगों ने मस्जिद की बाहरी दीवार को तोड़ना शुरू कर दिया था।

लेकिन अबतक ये काम बहुत धीमी गति से चल रहा है। लोग मस्जिद को तोड़ने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जिससे आदेश के मुताबिक चार दिन बीत जाने के बाद मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई हो सकती है और मस्जिद को तोड़ दिया जाएगा।

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कफ सिरप से मध्य प्रदेश में 9, राजस्थान में 2 बच्चों की गई जान

राजस्थान और मध्य प्रदेश में कफ सिरप का कहर कम नहीं हो रहा है। दोनों ही राज्यों में नकली कफ सिरप पीने से 11 बच्चों की जान चली गई है। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में अब तक कुल 9 बच्चों की मौत हो गई है। राजस्थान के भरतपुर में 2 साल के बच्चे की मौत हो गई। सीकर में एक बच्चे की मौत हो गई। इस तरह राजस्थान में 2 बच्चों की मौत हो गई। भरतपुर के पीड़ित परिवार का आरोप है कि नकली कफ सिरप पीने से उसकी जान चली गई। बच्चे को जुकाम की शिकायत होने पर परिजन इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए।

दवा पीने के बाद नहीं आया होश

जहां डॉक्टर ने बच्चे को देखकर दवाई के साथ सिरप लिखी। घर आके बच्चे को जैसे ही परिजनों ने दवा पिलाई वो सो गया। जब 4 घंटे तक उसे होश नहीं आया तो परिजन उसे सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर ने उसे प्राथमिक उपचार के बाद भरतपुर रेफर कर दिया।

4 दिन बाद बच्चे की चली गई जान

भरतपुर में भी बच्चे की हालत में किसी तरह का कोई सुधार नहीं हुआ तो उसे जयपुर रेफर कर दिया गया। 4 दिन बाद बच्चे की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद परिजनों में गुस्सा है। उनका कहना है कि कफ सिरप के डोज से उनके बच्चे की जान चली गई। अब बच्चे के परिजन इस पूरे मामले में जांच की मांग कर रहे हैं। खांसी की दवा से मौत का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई ऐसे मामले सामने आ चुके है, जिसमें खांसी का कफ सिरप लोगों के लिए जानलेवा साबित हुआ है। सीकर में जहां कफ सिरप से 5 साल के बच्चे की मौत हो गई।

मध्य प्रदेश में 9 बच्चों की गई जान

इधर मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में भी कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत की आशंका से सनसनी मची हुई है। छिंदवाड़ा में अब तक कुल 9 बच्चों की मौत हो गई है। कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत की आशंका है। दावा किया जा रहा है कि कफ सिरफ पीने से बच्चों की किडने फेल हो गई। कलेक्टर ने दो कप सिरप बैन लगा दिया है।

किडनी में हुआ इंफेक्शन

छिंदवाड़ा जिले के परासिया में वायरल फीवर के बाद हालत बिगड़ने पर मरने वाले बच्चों की संख्या अब बढ़कर 9 हो गई है। कल एक और बच्ची की इस मामले में मौत हुई है। परासिया एसडीएम शुभम यादव ने बताया कि छिंदवाड़ा में देर रात तक बात की जाए तो अब तक 9 की मौत हो चुकी है। किडनी में इंफेक्शन की वजह से बच्चों को भर्ती किया गया था।

1420 बच्चे सर्दी और बुखार से हैं पीड़ित

एडीएम परासिया ने बताया कि प्रशासन के पास 1420 बच्चों की लिस्ट है, जो सर्दी-बुखार से ग्रसित रहे हैं। इसमें हमने प्रोटोकॉल बनाया है कि दो दिन से ऊपर कोई भी बच्चा बीमार रहता है तो उसको हम सिविल हॉस्पिटल में 6 घंटे मॉनिटरिंग में रखते है। तबियत बिगड़ने पर जिला अस्पताल रेफर करते हैं और ठीक होने के बाद उनको घर भेज देते हैं।

चेन्नई से मंगाई गईं कफ सिरप

जबलपुर की कटारिया फार्मासिटिकल्स ने चेन्नई की कंपनी से 660 कोल्ड्रिफ कफ सिरप की शीशियां मंगाई थीं। छिंदवाड़ा के तीन स्टॉकिस्ट को जबलपुर से सिरप की 594 शीशियां भेजी गईं थीं। 16 शीशियों का सैंपल लेकर जांच के लिए भोपाल भेजा गया है। जबलपुर के थाना ओमती के कटारिया फार्मासिटिकल्स डिस्ट्रीब्यूटर का मामला दर्ज किया गया है।

प्राइवेट डॉक्टर्स को बरते एहतियात 

एडीएम परासिया ने कहा, ‘इसके अलावा हमने पानी और मच्छर संबंधी जांच करवा ली है, जो कि नॉर्मल आई है। एक सैंपल हमारा नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी गया था वह भी नॉर्मल आया है। पानी के सैंपल जांच के लिए सीएसआईआर (CSIR) टेस्ट भेजे गए है, जिसका इंतजार है। अभी सभी प्राइवेट डॉक्टर्स को एहतियात बरतने कह दिया है कि वायरल वाला पेशेंट आता है तो उसको आप अटेंड नहीं करें, उसे सीधे सिविल अस्पताल भेजें, उसको सिस्टम को हैंडल करने दें।

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आई लव मोहम्मद प्रदर्शन पर योगी सरकार की कार्रवाई से नाराज़ बीजेपी नेता

उत्तर प्रदेश के बरेली और कानपुर जैसे शहरों में ‘आई लव मोहम्मद’ के पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरने वाली भीड़ के खिलाफ योगी सरकार की सख्ती पर भाजपा के अंदर ही आवाज उठी है। जम्मू-कश्मीर के भाजपा नेता जहांजैब सिरवाल ने योगी सरकार के ऐक्शन पर ऐतराज जताया है और कहा कि यह सबका साथ और सबका विकास के नारे के विपरीत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पुलिस जिस तरह ऐक्शन ले रही है, वह बदले की कार्रवाई करने जैसा है। इससे मुसलमानों का भरोसा भाजपा सरकार पर कम हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि इसमें सुधार नहीं किया गया तो मेरे पास इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।

कानपुर से बरेली तक सरकार ने लिया है ऐक्शन

बता दें कि यूपी में बरेली से लेकर कानपुर तक आई लव मोहम्मद के पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरने वाली भीड़ के खिलाफ ऐक्शन हुआ है। इसके तहत कानपुर में 24 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। यह वाकया 4 सितंबर का है, जब पैंगबर मोहम्मद के जन्मदिन यानी मिलाद-उन-नबी के मौके पर लोग ऐसे पोस्टर लेकर निकले थे। इसके बाद 26 सितंबर को बरेली में भीड़ ऐसे पोस्टर लेकर निकली थी। इस दौरान पुलिस से झड़प भी हुई थी।

सबका साथ, सबका विकास विजन के खिलाफ – जहांजैब 

जहांजैब सिरवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश के जो हालात हैं, वह पीएम नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के विजन के खिलाफ है। एक समुदाय के खिलाफ गैर-जरूरी सख्ती, विभाजनकारी धमकियां ठीक नहीं हैं। इससे माहौल खराब होता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक समुदाय के खिलाफ ही नहीं बल्कि निष्पक्ष ऐक्शन होना चाहिए। कोई भी गलत करे, उसके खिलाफ निष्पक्ष जांच हो और फिर उसके अनुसार ही ऐक्शन लिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार की ओर से मुस्लिमों में भरोसा जगाने के लिए कोई ठोस ऐक्शन नहीं लिया जाता तो उनके पास इस्तीफे के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।

मौलाना भूल गया सरकार किसकी है – सीएम योगी

पुलिस ने इस मामले में 68 लोगों को अरेस्ट किया था। इनमें एक स्थानीय मौलवी भी शामिल हैं। यही नहीं सीएम योगी आदित्यनाथ का कहना था कि वह सख्त ऐक्शन लेंगे और किसी मौलाना को भ्रम में नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सख्त लहजे में यहां तक कहा कि मौलाना शायद भूल गया था कि प्रदेश में सरकार किसकी है। उनका इशारा पोस्टर लेकर निकलने के ऐलान करने वाले मौलाना तौकीर रजा की ओर था।

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दिवाली तोहफा : सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारियों का डीए 3% बढ़ा

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) को 3% बढ़ाकर 58% करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। दिवाली से पहले सरकार की तरफ से लिया गया ये एक महत्वपूर्ण कदम है। खबर के मुताबिक, यह बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 1 जुलाई से प्रभावी होगा। यूं कहें कि सरकार ने दिवाली से पहले लाखों कर्मचारियों को तोहफा दिया है। अमूमन देखा जाता है कि सरकार फेस्टिवल सीजन के आस-पास महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान करती है। इस बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा मिलेगा।

फैमिली पेंशनभोगियों पर भी लागू

खबर के मुताबिक, यह बढ़ोतरी 7वें वेतन आयोग के तहत आने वाले सभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनहोल्डर्स और फैमिली पेंशनभोगियों पर भी लागू होगी। जैसे ₹30,000 मूल वेतन वाले कर्मचारी को प्रति माह ₹900 अतिरिक्त मिलेंगे, जबकि ₹40,000 वेतन वाले कर्मचारी को ₹1,200 अतिरिक्त मिलेंगे। तीन महीनों में, बकाया राशि कुल ₹2,700 से ₹3,600 होगी, जो त्योहारों के समय पर राहत प्रदान करेगी।

इससे पहले कब बढ़ा था डीए

सरकार ने अब से पहले 1 जनवरी, 2025 से महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में 2% की बढ़ोतरी की थी, जिससे लगभग 1.15 करोड़ केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी को फायदा मिला था। इस बढ़ोतरी के बाद, महंगाई भत्ता, बेसिक सैलरी के 53% से बढ़कर 55% हो गया था। आपको बता दे महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) साल में दो बार, जनवरी और जुलाई में संशोधित किए जाते हैं। इनका आधार ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (CPI-IW) होता है। अक्सर घोषणाएं बाद में होती हैं, लेकिन एरियर्स की भरपाई कर दी जाती है।

ओडिशा सरकार ने किया था डीए में बढ़ोतरी का ऐलान

बताते चलें कि अभी हाल ही में ओडिशा सरकार ने राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के कर्मचारियों को वित्तीय राहत प्रदान करने के उद्देश्य से एक बड़ी घोषणा की थी। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दीपावली से ठीक पहले पीएसयू के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी। इस ताजा बढ़ोतरी से ओडिशा के पीएसयू कर्मचारियों का मिल वाला कुल महंगाई भत्ता 53% से बढ़कर 55% हो जाएगा, जो 1 जनवरी, 2025 से प्रभावी होगा।

8वां वेतन आयोग पर अपडेट

बता दें कि जनवरी 2025 में सरकार ने 8वें वेतन आयोग की घोषणा की थी। अभी आयोग के सदस्यों और टर्म्स ऑफ रेफेरेंस (ToR) पर आधिकारिक अधिसूचना जारी होना बाकी है। आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी। तब डीए (जो फिलहाल 55% है) को शून्य पर रीसेट कर बेसिक वेतन में मिला दिया जाएगा।

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एशिया कप 2025 की ट्रॉफी ले जाने के बाद मोहसिन नकवी ने मांगी माफी

भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 एशिया कप 2025 के फाइनल में पाकिस्तान को 5 विकेट से शिकस्त दी। एशिया कप में पाकिस्तानी टीम भारत के खिलाफ टिक नहीं पाई और उसे तीन मैचों में हार का मुंह देखना पड़ा। एशिया कप 2025 का खिताब जीतकर भारतीय टीम के प्लेयर्स ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ मोहसिन नकवी के हाथ से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद वह नकवी काफी देर तक पोडियम पर खड़े। इ

स दौरान स्टेडियम में मौजूद भारतीय क्रिकेट फैंस ने भारत माता की जय के नारे लगाए। बाद मे नकवी गुस्सा होकर स्टेडियम से निकल गए और अपने साथ एशिया कप की ट्रॉफी और भारतीय प्लेयर्स के मेडल भी ले गए। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने इस पर कहा कि अगर भारत को मेडल और ट्रॉफी चाहिए, तो दुबई के एसीसी के ऑफिस से आकर ले जाएं। लेकिन अब उन्होंने यू टर्न लेते हुए इस पर माफी मांग ली है।

एशिया कप 2025 में भारत ने पाकिस्तान से जीते 3 मुकाबले

फाइनल मुकाबले में पाकिस्तानी टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कुल 146 रन बनाए। इसके बाद भारतीय टीम की शुरुआत बहुत ही खराब रही, जब उसने 20 रनों पर ही तीन विकेट गंवा दिए थे। लेकिन इसके बाद तिलक वर्मा क्रीज के एक छोर पर टिक गए और सधी हुई बल्लेबाजी की। उन्होंने कुल 69 रन बनाए और आखिरी ओवर में में टीम को जीत दिलाई। दमदार खेल के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड मिला। रिंकू सिंह ने विनिंग स्ट्रोक लगाया और चौका जड़ा। फाइनल से पहले भारत ने सुपर-4 और ग्रुप स्टेज में भी पाकिस्तानी टीम को धूल चटाई थी।

पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी ने मांगी माफी

ट्रॉफी विवाद के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच दुबई में बैठक हुई है। जिसमें पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी ने कहा कि जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था। लेकिन उन्होंने भी भी ट्रॉफी और मेडल वापस करने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस भी हुई। नकवी ने मांग की सूर्यकुमार यादव दुबई आकर ट्रॉफी ले जाएं। इस पर बीसीसीआई की तरफ से कहा गया कि जब आप उनके सामने थे, तब उन्होंने ट्रॉफी नहीं ली। आपको क्या लगता है कि वह अब आएंगे ?

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जेल में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर जानलेवा हमला, कैदी ने किया हमला

लखनऊ की जेल में बंद पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर जानलेवा हमला किया गया है जिसमें वो बाल बाल बच गए हैं। जेल में ही एक बंदी ने अचानक गायत्री प्रजापति के सिर पर कैंची से कई वार किए। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घायल पूर्व मंत्री का जेल अस्पताल में ही इलाज किया गया। मामले में वार करने वाले बंदी पर कार्यवाही की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, जेल में अचानक एक बंदी ने गायत्री प्रजापति के सिर पर कैंची से कई वार किए। शोर सुनकर जेल में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने दौड़े आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। कहा जा रहा है कि गायत्री प्रजापति के सिर में 10 से अधिक टांके लगे हैं।

वहीं गायत्री प्रसाद प्रजापति पर हमले के बाद समाजवादी पार्टी ने जेल में पूर्व मंत्री की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने इस हमले को लेकर चिंता व्यक्त की। सपा प्रवक्ता ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट करके लिखा, “जेल में बंद पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर हमले की खबर चिंताजनक है। लखनऊ जेल प्रशासन पूर्व मंत्री को समुचित इलाज उपलब्ध करवाए।

अस्पताल में ड्यूटी पर लगे बंदी से हुई थी कहा सुनी

गायत्री प्रजापति जिला कारागार लखनऊ के जेल अस्पताल में भर्ती थे, उनका इलाज चल रहा था। अस्पताल में ही सफाई ड्यूटी पर लगे एक बंदी के साथ कहा-सुनी होने पर धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हुई। इस दौरान सफाई ड्यूटी पर लगे बंदी ने आक्रोशित होकर उन पर कैंची से हमला कर दिया। जिसमें गायत्री प्रजापति को चोट आ गई, तुरंत उनका इलाज शुरू कर दिया गया। कहा जा रहा है कि फिलहाल वो पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं।

उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति

पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति साल 2017 से लखनऊ जेल में बंद हैं। उन्हें नवंबर 2021 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। बता दें कि गायत्री प्रजापति को साल 2017 में एक महिला द्वारा लगाए गए गैंगरेप के आरोपों के बाद गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने उन्हें दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कई बार गायत्री प्रजापति ने जमानत के लिए अर्जी डाली, लेकिन हर बार याचिका खारिज कर दी गई।

गायत्री की पत्नी महराजी देवी अमेठी से विधायक

गायत्री प्रजापति की पत्नी महराजी देवी अमेठी विधानसभा सीट से विधायक हैं। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार संजय सिंह को हराकर जीत दर्ज की थी। इसी सीट से साल 2012 में गायत्री प्रजापति ने भी चुनाव जीता था, लेकिन 2017 में उन्हें बीजेपी की प्रत्याशी गिरमा सिंह ने शिकस्त दी थी। सपा सरकार में गायत्री प्रजापति की कद्दावर मंत्रियों में गिनती होती थी।

जेल प्रशासन कर रहा हमले की जांच

वहीं पूर्व मंत्री पर लखनऊ जेल के अंदर हमला होने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना के बाद जेल प्रशासन ने जेल में सुरक्षा बढ़ा दी। फिलहाल गायत्री प्रजापति पर हमले की जांच शुरू कर दी गई है। वहीं पुलिस का कहना है कि पूर्व मंत्री पर जेल के अदंर हुए हमले में कौन-कौन शामिल है, किसके इशारे पर हमला हुआ है। इसकी जांच की जा रही है। आरोपी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

डीजी जेल ने दी जानकारी

वहीं डीजी जेल ने बताया कि गायत्री प्रजापति जिला कारागार लखनऊ के जेल अस्पताल में भर्ती थे। अस्पताल में सफाई ड्यूटी पर लगे एक बंदी के साथ उनकी कहा-सुनी होने पर धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हुई। इस दौरान सफाई ड्यूटी पर लगे बंदी ने आक्रोशित होकर उन पर कैंची से हमला कर दिया, जिसमें गायत्री प्रजापति को चोट आ गई। उन्हें तुरंत आवश्यक उपचार दिया गया। वो पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं।

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जानें पीपीएफ, केवीपी, एसएसवाई समेत सभी सेविंग्स स्कीम्स की नई ब्याज दरें

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) के लिए तमाम सरकारी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है। ये लगातार 7वीं तिमाही है जब छोटी बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने पिछली बार 2023-24 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2024) के लिए कुछ योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव किए थे। इन सरकारी बचत योजनाओं में पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), किसान विकास पत्र (KVP), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC), पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) जैसी तमाम स्कीम्स शामिल हैं।

वित्त मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना

वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (1 अक्टूबर, 2025 से 31 दिसंबर, 2025) के लिए अलग-अलग छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (1 जुलाई, 2025 से 30 सितंबर, 2025) के लिए अधिसूचित दरों पर बनी रहेंगी।’’ बताते चलें कि केंद्र सरकार का वित्त मंत्रालय प्रत्येक 3 महीनों पर सरकारी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में जरूरत के हिसाब से बदलाव करता है। इन बचत योजनाओं की ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के साथ-साथ इनमें बढ़ोतरी और कटौती भी की जा सकती है।

किस बचत स्कीम पर कितना मिल रहा है ब्याज

सरकार के इस फैसले का सीधा मतलब ये हुआ कि इन योजनाओं पर आपको पहले की तरह ही ब्याज मिलता रहेगा। सरकार ने लंबे समय से इन सेविंग्स स्कीम में कोई बदलाव नहीं किया है। अभी पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम पर 7.4 प्रतिशत, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम पर 8.2 प्रतिशत, पीपीएफ पर 7.1 प्रतिशत, सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2 प्रतिशत, किसान विकास पत्र पर 7.5 प्रतिशत का ब्याज मिल रहा है। इनके अलावा, पोस्ट ऑफिस के बचत खाते पर 4 प्रतिशत, आरडी खाते पर 6.7 प्रतिशत और बचत खातों पर 6.9 प्रतिशत से लेकर 7.5 प्रतिशत तक का ब्याज मिल रहा है।

Read More :  एसआईआर की फाइनल वोटर लिस्ट जारी, 21 लाख नए वोटर्स जोड़े गए

एसआईआर की फाइनल वोटर लिस्ट जारी, 21 लाख नए वोटर्स जोड़े गए

चुनाव आयोग ने बिहार में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दिया है। बिहार में पहले 7 करोड़ 89 लाख 69 हजार 844 वोटर्स थे। एसआईआर में 65 लाख लोगों का नाम कटा था, जिसके बाद 7.24 करोड़ रह गए थे। इसे लेकर विपक्ष ने काफी हंगामा किया और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। अब जो फाइनल वोटर लिस्ट जारी हुई है, उसमें 21 लाख नए वोटर जोड़े गए हैं। कोई भी मतदाता इसे ऑनलाइन https://voters.eci.gov.in पर चेक कर सकता है।

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के बाद कितने लोगों ने किया आवेदन ?

चुनाव आयोग की ओर 1 अगस्त 2025 को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 7 करोड़ 24 लाख 5 हजार 756 वोटर्स का नाम था। यानि कि पहले के मुकाबले 65.63 लाख लोगों का नाम कटा हुआ था। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद चुनाव आयोग ने 3 लाख लोगों को नोटिस भेजा था। इस दौरान 2.17 लाख लोगों ने नाम कटवाने तो वहीं 16.93 लाख लोगों ने नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया। चुनाव आयोग की ओर से जारी अंतिम वोटर लिस्ट में मुजफ्फरपुर जिले में 88,108 मतदाता बढ़े हैं। यानी कुल मतदाताओं की संख्या 32,03,370 से बढ़कर 32,91,478 हो गई है। पटना जिला के 14 विधानसभा में वोटर की संख्या 48,15,294 से बढ़कर 46,51,694 हो गई है।

विपक्ष लगातार करता रहा एसआईआर का विरोध

एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग ने कहा था कि इसका उद्देश्य केवल पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बने रहना और छूटे हुए मतदाताओं को शामिल करना है। चुनाव से कुछ महीने पहले एसआईआर किए जाने पर सवाल उठाते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी सहित इंडिया गठबंधन के कई नेताओं ने बिहार में वोटर अधिकार यात्रा भी निकाली थी। चुनाव आयोग पर सत्तारूढ़ गठबंधन की मदद करने का आरोप लगाया था।

एसआईआर की प्रक्रिया के बाद ऐसे चेक करें अपना नाम?

आयोग ने बताया कि अब कोई भी मतदाता आधिकारिक पोर्टल https://voters.eci.gov.in/ पर जाकर अपने नाम और विवरण को देख सकता है। एसआईआर की प्रक्रिया के तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। इसके साथ ही मृतक और डुप्लीकेट एंट्री को हटाया गया है। चुनाव आयोग के अनुसार जिन मतदाताओं ने अपना स्थानांतरण कराया था, उनके पते भी अपडेट कर दिए गए हैं।

इसी वोटर लिस्ट के आधार पर होंगे विधानसभा चुनाव

निर्वाचन आयोग द्वारा मंगलवार को प्रकाशित की गई अंतिम मतदाता सूची के आधार पर ही आगामी बिहार विधानसभा चुनाव होंगे। जिन मतदाताओं के नाम इस सूची में हैं, वही आगामी चुनाव में वोट देने के योग्य होंगे। जल्द ही सभी विधानसभाओं में बूथवार बीएलओ के पास मतदाता सूची पहुंच जाएगी। मतदाता बीएलओ के पास जाकर भी अपना नाम फाइनल वोटर लिस्ट में चेक कर सकते हैं।

अगले हफ्ते चुनाव की तारीखों का ऐलान संभव

फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के बाद अब चुनाव आयोग की ओर से अगले हफ्ते चुनाव कार्यक्रम की घोषणा किए जाने की संभावना है। इससे पहले चुनाव आयोग बिहार में चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के लिए 4 और 5 अक्टूबर को पटना का दौरा करेगा। सूत्रों की ओर से बताया गया है कि विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा अगले हफ्ते हो सकती है।

वही कयास लगाए जा रहे हैं कि पहले चरण की वोटिंग छठ पर्व के तुरंत बाद अक्टूबर के अंत में होने की संभावना है। चुनाव आयोग बिहार में चुनाव और कुछ राज्यों में उपचुनावों के लिए 470 पर्यवेक्षकों को तैनात करने जा रहा है।

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फिर दहला पाकिस्तान, क्वेटा बम धमाका: 10 की मौत और 30 से ज्यादा घायल

पड़ोसी देश पाकिस्तान बम धमाकों से फिर दहल उठा है। वहां के अशांत बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में भीषण बम विस्फोट हुआ। जिसमें अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में फ्रंटियर कॉर्प्स के जवान भी शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाका बहुत जोरदार था। धमाका होते ही धुएं का गुबार आसमान में छा गया और वहां अफरा-तफरी मच गई।

उनके मुताबिक इस धमाके में कई लोग घायल हुए हैं। धमाके की भीषणता को देखते हुए वहां के अस्पतालों में इरजेंसी घोषित कर दी गई है। सभी डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सों को ड्यूटी पर मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है और सभी की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। यह विस्फोट फ्रंटियर कोर मुख्यालय में हुआ है।

फ्रंटियर कॉर्प्स मुख्यालय के पास हुआ धमाका

अधिकारियों ने बताया कि क्वेटा शहर के पूर्वी हिस्से में फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) मुख्यालय के पास ये धमाका हुआ है। अधिकारी के मुताबिक, शक्तिशाली विस्फोट के बाद वहां भारी गोलीबारी भी हुई है। मॉडल टाउन और आसपास के इलाकों में सुनाई देने वाले इस विस्फोट से आस-पास के घरों और व्यावसायिक इमारतों की खिड़कियों के शीशे टूट गए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। इसके तुरंत बाद, इलाके में गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजने लगी, जिससे निवासियों में दहशत फैल गई।

क्वेटा के ज़रघून रोड के पास धमाका

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, यह विस्फोट क्वेटा के ज़रघून रोड के पास हुआ। पुलिस के हवाले से इसमें कहा गया है कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई है। स्वास्थ्य सचिव मुजीबुर रहमान के हवाले से डॉन अखबार ने बताया कि बलूचिस्तान स्वास्थ्य विभाग ने शहर भर के अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया है।

रहमान ने कहा, सभी सलाहकारों, डॉक्टरों, फार्मासिस्टों, स्टाफ नर्सों और पैरामेडिकल कर्मचारियों को अस्पतालों में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। अखबार ने प्रांतीय स्वास्थ्य विभाग के मीडिया समन्वयक डॉ. वसीम बेग के हवाले से कहा, विस्फोट में घायल लोगों को सिविल अस्पताल के दुर्घटना एवं आपातकालीन विभाग और ट्रॉमा सेंटर लाया गया।

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200 करोड़ की संपत्ति बनाई अब इस्तीफा दें अशोक चौधरी – प्रशांत किशोर

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (पीके) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अशोक चौधरी की संपत्ति पर जो बात कही गई है हम उस पर कायम हैं। इन्होंने 200 करोड़ की संपत्ति अर्जित की है। प्रशांत किशोर ने कहा कि अशोक चौधरी ने कैमरे पर कहा था कि अगर उनके पास एक कट्ठा भी जमीन हुई तो वह जन सुराज की गुलामी करेंगे। प्रशांत किशोर ने जमीन के कागजात जारी होने का दावा करते हुए कहा कि अगर जमीन है तो वह इस्तीफा दें और बिहार के लोगों की गुलामी के लिए तैयार हों।

कानूनी कार्रवाई की धमकी – प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर घोषणा की कि वे इस मामले को लेकर राज्यपाल और कोर्ट के पास जाएंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। प्रशांत किशोर ने खुलासा किया कि अशोक चौधरी ने उन्हें 100 करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस भेजा था, लेकिन अब वह कानूनी कार्रवाई से पीछे हट रहे हैं। पीके ने चौधरी को 5 दिन के अंदर लीगल नोटिस वापस लेने की मांग की, ऐसा न करने पर वे 500 करोड़ रुपये की और अवैध संपत्ति का खुलासा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर चौधरी ने 7 दिन के अंदर माफी नहीं मांगी कि उन्होंने झूठा नोटिस दिया था, तो वे 500 करोड़ की और संपत्ति का खुलासा करेंगे।

कॉन्ट्रैक्ट में 5% कमीशन लिया – प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि चौधरी ने 20,000 रुपये से अधिक के कॉन्ट्रैक्ट में 5% कमीशन लिया है। माफी नहीं मांगने पर कमीशन देने वाले लोगों को सामने लाने की बात कही। पीके ने वैभव विकास ट्रस्ट पर भी सवाल उठाए, जिसके बारे में उन्होंने दावा किया कि अशोक चौधरी की बेटी की सगाई के बाद पिछले 1 साल में न्यास द्वारा 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति खरीदी गई है। उन्होंने ट्रस्ट के सदस्यों, जिनमें जिया लाल आर्य, अनीता कुणाल (किशोर कुणाल की पत्नी) और मुख्य सचिव की सास शामिल हैं, प्रेस के सामने आकर यह बताने को कहा कि 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति खरीदने का पैसा कहां से आया।

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आई लव मोहम्मद, रंगोली पर बवाल: अहिल्यानगर में तनाव, 30 हिरासत में

महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से बड़ी खबर सामने आई है। यहां भी ‘आई लव मोहम्मद’ को लेकर बवाल हुआ है। पुलिस के मुताबिक, “कुछ अज्ञात लोगों ने आई लव मोहम्मद की एक रंगोली तैयार की। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इसे मोहम्मद पैगंबर का अपमान समझा और बड़ी संख्या में पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन करने के लिए जमा हुए। अहिल्यानगर पुलिस ने एक प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद 30 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस को मौके पर स्थिति को काबू करने के लिए थोड़ी लाठीचार्ज भी करनी पड़ी। यह घटना आज सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई। नवरात्रि उत्सव के दौरान किसी ने एक रंगोली बनाई थी, जिसमें मुस्लिम समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक तत्व शामिल थे।

2 लोगों के खिलाफ केस दर्ज, एक गिरफ्तार

पुलिस ने बताया, “घटना को संज्ञान में लेते हुए स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिन लोगों ने रंगोली बनाई, उनकी पहचान की गई और 2 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को कुछ जगहों पर हल्के बल का प्रयोग करना पड़ा। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कई जगहों पर लोगों को समझाया कि इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने अपनी तरफ से कार्रवाई कर ली है। लेकिन उसके बावजूद भीड़ में मौजूद कुछ अराजक तत्वों ने हंगामा जारी रखा। पुलिस की मानें तो फिलहाल शहर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और किसी भी प्रकार की अफवाह पर भरोसा न करने को कहा गया है।

हिरासत में 30 लोग

पुलिस ने अब तक 30 लोगों को हिरासत में लिया है। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने हल्के बल का प्रयोग किया है और शहर में पुलिस बंदोबस्त लगाया गया है। पुलिस की मानें तो अब स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया है और पुलिस की टीम अलग-अलग जगह पर तैनात कर दी गई है।

कुछ अज्ञात लोगों ने सड़क पर लिखा आई लव मोहम्मद

प्राथमिक रूप से मिली जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में आई लव मोहम्मद का नाम कुछ अज्ञात लोगों ने सड़क पर लिखा था। आरोप है कि ऐसा कर धार्मिक भावनाओं को आहत किया गया, जिससे नाराज सैकड़ों मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शहर की कोतवाली पुलिस स्टेशन के सामने आंदोलन किया। पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में है।

पुलिस ने किसी प्रकार की अफवाहों पर भरोसा ना करने की अपील की है, एक आरोपी पुलिस हिरासत में है। आगे जांच की जा रही है। बता दें कि देश में इस समय ‘आई लव मोहम्मद’ और ‘आई लव महादेव’ के पोस्टर्स को लेकर एक नई बहस छिड़ी हुई है और तमाम लोग इस मुद्दे को लेकर सड़क पर प्रदर्शन भी कर रहे हैं।

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करूर भगदड़: टीवीके की सीबीआई जांच की मांग, मामला पहुंचा हाईकोर्ट

तमिलनाडु के करूर में अभिनेता-राजनीतिज्ञ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की रैली के दौरान मची भगदड़ ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक हादसे में 10 बच्चों समेत 40 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। अब यह मामला अदालत के दरवाजे पर पहुंच गया है। आपको बता दे टीवीके प्रमुख विजय की करूर रैली में जहां 10,000 लोगों की क्षमता थी, वहां करीब 27,000 लोग पहुंच गए। डीजीपी के अनुसार, विजय जैसे ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और उनका वाहन अंदर दाखिल हुआ। वह पहले से मौजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी उनके साथ अंदर घुस आए और पहले से मौजूद भीड़ में मिल गए। इससे अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया और हालात बिगड़ गए।

विजय ने किया मुआवजे ऐलान, सीएम स्टालिन पहुंचे अस्पताल

अभिनेता विजय ने अपने संदेश में कहा कि उनका दिल टूट गया है और वह गहरे दुख में हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये और घायलों को 2-2 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की। विजय ने कहा “यह अपूरणीय क्षति है। आपके परिवार के सदस्य के रूप में मैं इस दुख में आपके साथ हूं। वही दूसरी तरफ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन भी करूर पहुंचे और अस्पताल में घायलों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सरकारी मदद का भरोसा दिलाया और कहा कि सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

हाईकोर्ट से स्वतंत्र जांच की मांग – टीवीके

टीवीके ने बताया कि वह इस हादसे की स्वतंत्र जांच के लिए मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच का दरवाजा खटखटाएगी। पार्टी का आरोप है कि यह भगदड़ आकस्मिक नहीं बल्कि ‘साजिश’ का परिणाम थी। टीवीके ने भीड़ में पथराव और कार्यक्रम स्थल पर पुलिस लाठीचार्ज की ओर भी इशारा किया। टीवीके के वकील अरिवाझगन ने एक निजी चैनल को बताया कि पार्टी ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है, जिसमें अदालत से विशेष जांच दल (SIT) गठित करने या मामले को केंद्रीय एजेंसी सीबीआई को सौंपने की मांग की गई है।

अरिवाझगन ने राज्य सरकार के इस दावे को खारिज कर दिया कि करूर रैली में सुरक्षा दिशानिर्देशों का उल्लंघन हुआ था। सूत्रों के अनुसार, मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस एन. सेंथिलकुमार सोमवार शाम 4:30 बजे इस मामले में दायर तत्काल याचिका पर सुनवाई करेंगे। याचिका में मांग की गई है कि करूर भगदड़ की जांच पूरी होने तक टीवीके को किसी भी सार्वजनिक सभा आयोजित करने से रोका जाए।

टीवीके प्रमुख के आने से पहले हुई बत्ती गुल

बता दे कि हादसे के गवाहों ने बताया कि विजय के आने से ठीक पहले अचानक बिजली गुल हो गई। संकरी सड़कों और बढ़ती भीड़ ने अफरा-तफरी को और बढ़ा दिया। भगदड़ के बीच कई परिवार बिछड़ गए, महिलाएं और बच्चों का दम घुटने लगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट्स में भी कई मौतों का कारण दम घुटना सामने आया है। घटना स्थल पर बिखरे जूते-चप्पल, फटे कपड़े और टूटी बोतलें हादसे की भयावहता बयान कर रही थीं।

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कानपुर में भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कानूनगो आलोक दुबे की एक गलती ने उनके काले कारनामों की पोल खोल दी। जांच में उनके पास 41 संपत्तियों का खुलासा हुआ है। जमीन के अवैध बैनामा (विक्रय विलेख) के मामले में फंसने के बाद जिलाधिकारी (डीएम) के आदेश पर आलोक दुबे को कानूनगो के पद से हटाकर लेखपाल बना दिया गया है। आरोपी कानूनगो के खिलाफ मार्च 2025 में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस पर जल्द चार्जशीट दाखिल होने की संभावना है।

41 संपत्तियों का खुलासा और कार्रवाई

मार्च 2025 में थाना कोतवाली में एफआईआर दर्ज होने के बाद आलोक दुबे के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हुई, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें निलंबित कर दिया गया। सहायक महानिरीक्षक निबंधन की रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि दुबे 41 संपत्तियों में संलिप्त थे। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने विवादित जमीनों के अवैध बैनामे किए, बिना अनुमति संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की, और सरकारी आचरण नियमों का उल्लंघन किया।

क्या थी कानूनगो आलोक दुबे की एक गलती ?

कानूनगो आलोक दुबे की मुश्किलें तब शुरू हुईं, जब संदीप सिंह नामक व्यक्ति की शिकायत पर सिंहपुर कठार और रामपुर भीमसेन की विवादित जमीनों की जांच हुई। ये जमीनें न्यायालय में विचाराधीन थीं, और न तो विक्रेता का नाम खतौनी में दर्ज था, न ही इनके बिक्री की कानूनी अनुमति थी। इसके बावजूद, आलोक दुबे ने 11 मार्च 2024 को इन जमीनों पर पहले वरासत (उत्तराधिकार) दर्ज की और उसी दिन बैनामा भी कर दिया। इसके बाद, गाटा संख्या 207 की जमीन 19 अक्टूबर 2024 को आरएन इंफ्रा नामक निजी कंपनी को बेच दी गई। जांच में पाया गया कि दुबे ने अपने पद का दुरुपयोग किया, मिलीभगत की और हितों के टकराव को बढ़ावा दिया। यह गलती उनकी गिरफ्तारी का कारण बनी।

कानूनगो के पद से हटाकर लेखपाल बनाया

जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए दुबे को कानूनगो के पद से हटाकर लेखपाल बना दिया। इस मामले में क्षेत्रीय लेखपाल अरुणा द्विवेदी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। डीएम ने स्पष्ट किया कि राजस्व अभिलेखों में धोखाधड़ी और साठगांठ जैसे अपराध जनता के विश्वास को तोड़ते हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आरोपी कानूनगो आलोक दुबे के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई एसडीएम सदर स्तर पर जारी है। पुलिस जल्द ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है। यह मामला राजस्व प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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पीके के बाद तेजस्वी भी जोश में आए, कहा – सबके भ्रष्टाचार का करेंगे खुलासा

बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों पर में भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि है कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। तेजस्वी यादव ने अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कोई ऐसा विभाग बचा नहीं है जहां घोटाले नहीं हैं। इस पर मुख्यमंत्री को सामने आकर जवाब देना चाहिए। जन सुराज के प्रशांत किशोर पहले ही सरकार के मंत्री अशोक चौधरी, मंगल पांडे, सम्राट चौधरी, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और बीजेपी सांसद पर करप्शन के गंभीर आरोप लगा चुके हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जदयू-भाजपा से अधिक बिहार के भ्रष्ट अधिकारी डरे हुए हैं। खासकर डीके गिरोह की छत्र छाया में काम कर रहे। अधिकारी अधिक चिंतित हैं। इन्हीं अधिकारियों ने पिछली बार विपक्ष को सत्ता में आने से रोका था। लेकिन इस बार जनता सतर्क और सचेत है। महागठबंधन सरकार बनने पर ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की खैर नहीं। तेजस्वी यादव ने कहा कि इंजीनियर के यहां करोड़ों की संपत्ति मिल रही है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अधिकारी, मंत्री अपने बेटे-बेटी, नाते-रिश्तेदारों के नाम पर देश-दुनिया में निवेश कर रहे हैं। सबकी सूची मेरे पास है जिसका आने वाले दिनों में खुलासा किया जाएगा।

पीएम ने 31 घोटाले गिनाए – तेजस्वी यादव

पीएम ने एक सभा में 31 घोटाले गिनाए थे। ईडी-सीबीआई उनके पास ही है तो क्यों नहीं कार्रवाई हो रही है। लेकिन,भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर विपक्ष पर ही कार्रवाई हो रही है। इससे पहले प्रशांत किशोर ने कहा था कि जदयू-बीजेपी के नेताओं और सरकार के मंत्रियों ने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए भ्रष्टाचार को अंजाम दिया। पीके के मुताबिक मंत्री अशोक चौधरी ने अपने प्रभाव से 200 करोड़ से अधिक मूल्य की जमीन खरीदी। सभी जमीनें अशोक चौधरी की बेटी की सगाई के बाद से लेकर विवाह होने तक खरीदी गईं। प्रशांत के आरोपों पर अशोक चौधरी ने उन्हें 100 करोड़ की मानहानि का लीगल नोटिस भेजा। पीके ने इसका जवाब दे दिया है।

अल्पसंख्यक मेडिकल कॉलेज पर किया कब्ज़ा – पीके

पीके ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर दिलीप जायसवाल से पैसे लेकर मेडिकल कॉलेज को मान्यता दिलाने में मदद करने और दिल्ली में पत्नी के नाम फ्लैट खरीदने का आरोप लगाया। मंलग पांडे का जवाब आने के बाद कहा कि दिलीप जायसवाल से 25 लाख कर्ज लेने की बात कर रहे हैं जबकि उनकी पत्नी के बैंक खाते में 2.13 करोड़ रुपये थे। यह राशि कहां से आई, इसका भी हिसाब देना चाहिए। उन्होंने दिलीप जायसवाल पर अल्पसंख्यक मेडिकल कॉलेज पर गलत तरीके अपनाकर कब्जा कर लेने और राजेश साह की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया। कहा कि नेताओं और अधिकारियों के संबंधियों को कॉलेज में दाखिला देकर डॉक्टर बनाया। तत्कालीन एसपी और जांच प्रभारी से मिलीभगत कर उन्होंने राजेश साह मर्डर केस को रफा-दफा कराया। राजेश की हत्या मामले में मां और बहन की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर कराई गई है।

बिल के भुगतान फर्जी और बढ़ा कर लिया – पीके

प्रशांत ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी पर बार-बार नाम बदलने और सातवीं पास होने के बावजूद गलत तरीके से डीलिट की उपाधि लेने का आरोप लगाया। कहा कि कामराज यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट होने की बात करते हैं जो यूनिवर्सिटी है ही नहीं। मैट्रिक पास किया नहीं और यूनिवर्सिटी आफ कैलिफोर्निया से डीलिट की उपाधि ले ली। पीके ने सांसद संजय जायसवाल के बारे में कहा कि पेट्रोल पंप के लिए फोर लेन सड़क का अलाएनमेंट बदलवा दिया।

वही साथ ही फर्जी बिल बनाकर अपने भाई के पंप से नगर निगम के नाम पर इंधन घपला करने का आरोप लगाया। पीके ने बताया कि नगर निगम की सफाई की गाड़ियों के बिल के नाम पर पांच करोड़ 86 लाख का भुगतान पेट्रोल पंप को नगर निगम ने किया। स्थाई समिति की पांच बैठकों में यह पाया गया कि इनमें से ज्यादातर भुगतान फर्जी थे और ज्यादा बढ़ा कर लिया गए थे। 15 अगस्त के बाद से उनके भाई के पंप से इंधन लेने पर रोक लगा दी गयी।

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कब्रिस्तान विवाद को लेकर दो गुटों में फायरिंग, इलाका पुलिस छावनी में तब्दील

बिहार के मुंगेर ज़िले में कब्रिस्तान की ज़मीन को लेकर दो गुटों के बीच ज़बरदस्त विवाद हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से जमकर पथराव और फायरिंग हुई, जिसमें कम से कम दो लोग घायल हो गए हैं। तनाव को देखते हुए पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना सफ़ियासराय थाना क्षेत्र के फरदा गाँव में आज सुबह हुई। बताया जाता है कि कब्रिस्तान की ज़मीन की घेराबंदी को लेकर दो गुटों में बहस शुरू हुई, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया।

इस दौरान गोलियाँ भी चलीं और पथराव भी हुआ। गंगा स्नान करके घर लौट रहे एक युवक अंकुश कुमार गोलीबारी की चपेट में आ गया और उसके पैर में गोली लग गई। उसे तुरंत मुंगेर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। एक अन्य घायल व्यक्ति ने बताया कि पेट्रोल पंप पर उसे दूसरे गुट के लोगों ने पीटकर घायल कर दिया।

https://x.com/munger_police/status/1971868211579965533

क्यों हुआ विवाद ?

बताया जाता है कि साफियशराय थाना क्षेत्र के फरदा गांव में आज सुबह कब्रिस्तान की जमीन की घेराबंदी को लेकर दो गुटों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि गोलियां भी चलने लगीं और पथराव भी होने लगा। इसी बीच गंगा स्नान कर अपने घर को जा रहा युवक अंकुश कुमार गोलीबारी की चपेट में आ गया। उसके पैर में गोली लग गई। उसे इलाज के लिए मुंगेर सदर अस्पताल मे भर्ती कराया गया जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेज दिया गया।

दोनों पक्षों के लोग गिरफ्तार

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया। इस मामले में दोनों पक्षों के करीब 20 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इस झड़प का वीडियो भी सामने आया है जिसमें साफ देखा जा सकता है कि लोग एक दूसरे को गाली गलोज करते हुए पथराव करते हुए भी नजर आ रहे हैं,वहीं इस मामले घायल एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि वो पेट्रोल लेने पेट्रोल पंप पर गया था तो दूसरे समुदाय के लोगों ने पेट्रोल पंप मे घुस कर उसकी पिटाई कर दी जिसमें वो बुरी तरह से घायल हो गया।

पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील

वहीं इस मामले सूचना मिलते ही पुलिस ने मौका-ए- वारदात पर पहुंच कर हालात को काबू में किया। फिलहाल पुलिस फोर्स घटनास्थल पर कैम्प कर रही है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोग एक-दूसरे को गाली-गलौज करते हुए पथराव करते नज़र आ रहे हैं। मुंगेर के एसपी सैय्यद इमरान मसूद खुद घटनास्थल पर कैंप कर रहे हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों के करीब 20 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए फरदा गाँव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है और पुलिस बल लगातार कैंप कर रहा है।

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बरेली हिंसा मामले में मौलाना तौकीर रजा गिरफ्तार, 48 घंटे के लिए इंटरनेट बंद

उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार (26 सितंबर) को हुए बवाल के मामले में इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बरेली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जुमे की नमाज के बाद पुलिस फोर्स के साथ धक्का मुक्की करने की कोशिश की गई। इस मामले में 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं और मौलाना तौकीर रजा सहित 8 लोग गिरफ्तार हुए हैं। मौलाना को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

इसके साथ ही पुलिस ने 39 लोग हिरासत में लिए हैं। पुलिस ने बताया कि 7 दिनों से इसकी साजिश चल रही है और इस साजिश में बाहरी लोग भी शामिल हैं। पुलिस ने इस मामले में 10 एफआईआर दर्ज की हैं, जिसमें से 7 में मौलाना का नाम दर्ज है। वहीं बरेली हिंसा पर एसएसपी अनुराग आर्या ने खुलासा किया है कि 7 दिन से इस हिंसा की साजिश चल रही थी। चाकू, तमंचे, ब्लेड और पेट्रोल की बोतलें बरामद की गई हैं।

विकास कार्य रोकने के लिए की गई साजिश – डीएम

डीएम अविनाश सिंह ने शुक्रवार के घटनाक्रम के बाद शनिवार को शहर का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न इलाकों में जाकर व्यापारियों से बात की। लोगों को शांति व्यवस्था का आश्वासन दिया। निरीक्षण के बाद अपने कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि शुक्रवार का घटनाक्रम एक सुनियोजित साजिश है। प्रदेश में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। बरेली जिला प्रदेश की औसत विकास रफ्तार से 12 फीसदी अधिक पर चल रहा है। इस सबको प्रभावित करने के लिए साजिश रची जा रही है। लोगों को भड़काकर हिंसा कराई गई है। इन घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

48 घंटे के लिए बरेली की इंटरनेट बंद

बतादें कि कानपुर प्रकरण को लेकर शुक्रवार को बरेली में बवाल की स्थिति बनी रही। नमाज के बाद कोतवाली के खलील तिराहे से बवाल शुरू हुआ और फिर शहर के विभिन्न इलाकों में पुलिस पर पथराव और फायरिंग की गई। इसको लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। शनिवार को प्रशासन की ओर से 48 घंटे के लिए बरेली की इंटरनेट सेवाओं को बंद करने का आदेश जारी कर दिया। आदेश जारी होते ही शहर की इंटरनेट व्यवस्था पूरी तरह से बंद हो गई। हालांकि कुछ देर तक एक नेटवर्क चलते रहे, लेकिन बाद में वह भी बंद कर दिए गए।

2010 के दंगे का भी आरोपी है मौलाना तौकीर

बरेली में बवाल के बाद आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा का नाम एक बार फिर चर्चा में है। आईएमसी प्रमुख 2010 में बरेली में हुए दंगे का आरोपी है। हालांकि मामला कोर्ट में लंबित है। इतना ही नहीं मौलाना ने ज्ञानवापी ढांचे में पूजा शुरू होने के बाद भी जेल भरो आंदोलन की घोषणा की थी। मौलाना पहले भी विवादित बयानबाजी कर चुके हैं।

सीएम योगी ने उपद्रवियों को चेताया

वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक दिन पहले बरेली में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हुई झड़प को लेकर कड़ा रुख अख्तार करते हुए शनिवार को कहा कि दंगाइयों को ऐसा सबक सिखाएंगे कि आने वाली पीढ़ी दंगा करना भूल जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने सख्त संदेश दिया है कि कानून-व्यवस्था में खलल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हिंसा में 22 पुलिसकर्मी घायल

बता दें कि बरेली में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद एक मस्जिद के बाहर इकट्ठा हुए स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। जिले में धारा 163 लागू है। पुलिस ने बताया कि घटना के दौरान 22 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और घटनास्थल से कारतूसों वाली पिस्तौल, पेट्रोल की बोतलें और डंडे बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आगे कहा कि भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़ने और हिंसा भड़काने की कोशिश की थी। सीसीटीवी फुटेज, मैनुअल इंटेलिजेंस और अन्य जांच तकनीकों का इस्तेमाल करके, अधिकारी हिंसा में शामिल सभी लोगों की पहचान कर रहे हैं।

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मौलाना भूल गया किसका शासन है, याद आएंगी 7 पीढ़ियां – सीएम योगी

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बरेली में शुक्रवार को हुई हिंसा पर बयान दिया है। आज शनिवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कहा कि कभी-कभी लोगों की बुरी आदतें नहीं जाती हैं तो उसके लिए उनकी डेंटिंग पेंटिंग करवानी पड़ती है, जिससे उनकी बुरी आदतें ठीक की जा सकें और यही डेंटिंग पेंटिंग कल आपने बरेली के अंदर देखा। सीएम योगी ने कहा कि साल 2017 के बाद हमने कर्फ्यू नहीं लगने दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को उनकी ही भाषा में समझाकर और उन्हें सजा दिलाने का काम किया गया।

डेंटिंग पेंटिंग करवानी पड़ती है – सीएम योगी

सीएम योगी ने कहा, “पर्व और त्योहारों के दौरान आपने देखा होगा कि जब भी पर्व आते थे तब उत्पात शुरू हो जाता था। अब उत्पातियों और उपद्रवियों को पता लगेगा और उन्हें उनकी सात पीढ़ियां याद आएंगी क्योंकि कभी-कभी लोगों की बुरी आदतें नहीं जाती हैं तो उसके लिए उनकी डेंटिंग पेंटिंग करवानी पड़ती है, जिससे उनकी बुरी आदतें ठीक की जा सकें और यही डेंटिंग पेंटिंग कल आपने बरेली के अंदर देखा होगा।

 न जाम होगा और न ही कर्फ्यू लगेगा – सीएम योगी

सीएम योगी ने आगे कहा कि वह मौलाना भूल गया कि शासन किसका है, उसे लगता था कि धमकी देंगे और जबरदस्ती जाम कर देंगे। लेकिन हमने कहा कि न जाम होगा और न ही कर्फ्यू लगेगा। लेकिन कर्फ्यू का सबक तुम्हें ऐसा सिखा देंगे कि तुम्हारी आने वाली पीढ़ी दंगा करना भूल जाएगी। क्या तरीका है ये आप सिस्टम को ब्लॉक करना चाहते हैं। 2017 के पहले यही यूपी के अंदर होता था और हम यही कह सकते हैं कि 2017 के बाद हमने कर्फ्यू भी नहीं लगने दिया। ऐसे लोगों को उनकी ही भाषा में समझाकर उन्हें सजा दिलाने का काम किया है। उत्तर प्रदेश के ग्रोथ स्टोरी यहीं से शुरू होती है।

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लेह हिंसा पर बड़ा अपडेट, पुलिस ने सोनम वांगचुक को किया गिरफ्तार

लद्दाख के जाने-माने ऐक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा को उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। प्रशासन का कहना है कि जिस समय उपद्रवी बेकाबू हुए, उस दौरान सोनम वांगचुक ने किसी को रोका नहीं और धरनास्थल से चुपचाप उठकर चल दिए। इसके अलावा उनके कुछ बयानों को भी हिंसा का कारण माना जा रहा है। इस बीच सोनम वांगचुक का एक बयान भी गिरफ्तारी से पहले का सामने आया है। सोनम वांगचुक ने कहा था कि किसी भी समय मेरी गिरफ्तारी हो सकती है। इस कारण से ऐसा होने पर मुझे खुशी ही होगी।

गृह मंत्रालय की एक टीम ने हालात का जायजा लिया

इस बीच गृह मंत्रालय की एक टीम ने शुक्रवार को लेह शहर में लगातार तीसरे दिन कर्फ्यू जारी रहने के बीच समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए कई बैठकें कीं। अधिकारियों ने बताया कि कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है। राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के विस्तार की मांग को लेकर केंद्र के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए ‘लेह एपेक्स बॉडी’ (एलएबी) द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। जिसमें चार लोगों की मौत हो गयी और 90 अन्य घायल हो गए थे।

प्रतिबंधों में दी जा सकती है ढील

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि लद्दाख में सुरक्षा स्थिति कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रही। लोगों को आवश्यक वस्तुएं खरीदने की अनुमति देने के लिए प्रतिबंधों में बाद में ढील दिए जाने की संभावना है। व्यापक झड़पों के बाद 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। जबकि करगिल सहित अन्य प्रमुख शहरों में पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाने वाली निषेधाज्ञा के तहत सख्त पाबंदियां लागू रहीं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान सुनसान सड़कों पर गश्त करते देखे गए। कई इलाकों में लोगों ने शिकायत की कि उनके पास राशन, दूध और सब्जियों सहित आवश्यक वस्तुओं की कमी हो रही है।

सोनम वांगचुक के एनजीओ का एफसीआरए रद्द

इससे पहले गृह मंत्रालय ने सोनम वांगचुक के एनजीओ का एफसीआरए रद्द कर दिया था। इसका मतलब ये हुआ कि सोनम वांगचुक का एनजीओ अब विदेश से कोई अंशदान नहीं ले सकता है। बता दें कि जांच में वित्तीय गड़बड़ी के सबूत मिले थे और इसी को लेकर फॉरेन कंट्रीब्यूशन पर रोक लगा दी गई। सोनम वांगचुक के एनजीओ को 20 अगस्त को ही नोटिस जारी किया गया था। लेकिन जो जबाव दिया गया। उसमें वित्तीय अनियमितता पर कोई संतुष्ट जवाब नहीं मिल सका। सोनम वांगचुक पर मनी लॉन्ड्रिंग के भी आरोप लगा हैं।

दो दिनों के लिए सभी शैक्षणिक संस्थान बंद

लेह के ज़िला मजिस्ट्रेट रोमिल सिंह डोंक ने शुक्रवार से दो दिनों के लिए सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का आदेश दिया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, आंगनवाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे। अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्रालय के अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय टीम सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए बृहस्पतिवार को लेह पहुंची। उन्होंने एलएबी के प्रतिनिधियों के अलावा उपराज्यपाल, नागरिक और पुलिस अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं थी।

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जुमे की नमाज के बाद बवाल: तोड़फोड़ और पथराव, पुलिस का लाठीचार्ज

यूपी के बरेली में शुक्रवार को बवाल हो गया। जुमे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में लोग आई लव मोहम्मद लिखी तख्तियां ओर पोस्टर लेकर सड़कों पर निकल पड़े और नारेबाजी करते हुए इस्लामिया ग्राउंड व खलील स्कूल चौक की ओर बढ़े। जैसे ही भीड़ इन इलाकों में पहुंची, माहौल गर्मा गया। पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश की लेकिन लोग बेकाबू हो गए। इसी बीच किसी ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

क्या है पूरा मामला

इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने 26 सितंबर को नमाज-ए-जुमा के बाद नामूसे-रिसालत को लेकर इस्लामिया ग्राउंड में भीड़ एकत्र कर वहां से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च करने का ऐलान किया था। मौलाना के ऐलान के बाद ही शहर भर में मुस्लिम समाज के लोग जुमे की नमाज के बाद इकट्ठा हुए थे। वहीं मौलाना के ऐलान के बाद शहर में भारी मात्रा में पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया था। प्रदर्शन की आशंका के चलते पुलिस-प्रशासन ने पांच एडिशनल एसपी और 13 सीओ के नेतृत्व में पुलिस व पीएसी के 47सौ जवान सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके अलावा सीसीटीवी व ड्रोन कैमरों को भी लगाया गया है।

पुलिस पर किया पथराव

शुक्रवार को नमाज खत्म होने के बाद बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और नारेबाजी करते हुए खलील तिराहा पहुंचे। जब इन लोगों ने इस्लामिया की ओर जाने का प्रयास किया। तो मौके पर मौजूद पुलिस बल ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। पुलिस के रोकने पर भीड़ हिंसक हो गई और उन्होंने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान उपद्रवियों ने कम से कम दो मोटरसाइकिलों में तोड़फोड़ की और एक दुकान को भी निशाना बनाया। स्थिति को नियंत्रण में लाने और उपद्रव को शांत करने के लिए पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज करना पड़ा। लाठीचार्ज के बाद भीड़ तितर-बितर हो गई।

इलाके में पुलिस बल तैनात

उपद्रव वाले क्षेत्र, खलील तिराहा के करीब 200 मीटर के दायरे में चप्पलें, जूते और पत्थर बिखरे पड़े दिखाई दिए। जो बवाल की गंभीरता को दर्शाते हैं। हालात बिगड़ने की सूचना मिलते ही डीआईजी अजय साहनी, एसपी सिटी सहित पुलिस और प्रशासनिक विभाग के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इलाके में फ्लैगमार्च किया है। ताकि शांति व्यवस्था बहाल की जा सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। फिलहाल, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

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महिला शिक्षक सस्पेंड : बीएसए ने खुद पर हमले के बाद किया सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में बीएसए और प्रिंसिपल के बीच विवाद के चलते चर्चा में आई शिक्षिका अवंतिका गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। बीएसए ने उच्च अधिकारियों के निर्देश पर यह कार्रवाई की है। अवंतिका गुप्ता वही शिक्षिका हैं, जिन्हें लेकर प्रधानाध्यापक और बीएसए के बीच विवाद हुआ था। स्कूल के बच्चों ने भी कैमरे पर कहा था कि वो स्कूल नहीं आती हैं। जब आती भी हैं तो देर से आती हैं और जल्दी चली जाती हैं।

शिक्षिका का वेतन रोकने का आदेश भी जारी हो चुका है। बता दे निलंबन आदेश में बताया गया है कि शिक्षिका को बीएसए में पेश होकर 21 अगस्त 2025 से 20 सितंबर 2025 तक स्कूल में अनुपस्थित रहने को लेकर जवाब देने का निर्देश दिया गया था। वह 23 सितंबर को सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुईं। इस आधार पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

आखिर क्या है मामला ?

महमूदाबाद के प्राथमिक विद्यालय नदवा के प्रिंसिपल ने बेल्ट से बीएसए की पिटाई की थी। इस घटना के बाद पूरी कहानी सामने आई। प्रिंसिपल बृजेन्द्र वर्मा की पत्नी सीमा वर्मा ने बताया कि उनके पति को एक शिक्षिका की अटेंडेंस लगाने के लिए बाध्य किया जाता था। वह लगातार इसके लिए मना कर रहे थे।

इसलिए बीएसए अखिलेश सिंह उनके पति को परेशान कर रहे थे। पहले उनके पति से स्कूल में हुए कार्यों का तीन साल का ब्यौरा मांगा गया। जब उन्होंने ब्यौरा दे दिया तो दस साल का ब्यौरा मांगा गया। जब वह भी दे दिया तो दबाव बनाने के लिए बीएसए आफिस बुलाया गया। वहां कहासुनी हुई और उनके पति ने गुस्से में बीएसए की पिटाई कर दी।

शिक्षक को भी पीटा गया – सांसद राकेश राठौर

सीतापुर के सांसद राकेश राठौर ने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। शिक्षा का मंदिर जहां संचालित होता हो, बच्चों को शिक्षा मिलती हो, वहां यह घटना होना बेहद निंदनीय है, लेकिन इसके पीछे के आक्रोश को भी समझने की बेहद जरूरत है कि आखिर एक शिक्षक इतना आक्रोशित क्यों हो गया। मुझे सूचना मिली है कि शिक्षक को भी पीटा गया। उनकी भी एफआईआर दर्ज हो। इस मामले में बीएसए ही सबसे ज्यादा राजनीति करते हैं। मैं दिल्ली जा रहा हूं, लौटकर आऊंगा तो रणनीति बनाकर काम करूंगा और कार्रवाई कराऊंगा।

बच्चों ने स्कूल में किया प्रदर्शन, बीएसए का बयान

बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह को बेल्ट से पीटने के आरोपी प्राथमिक विद्यालय नदवा के प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा को बुधवार सुबह निलंबित कर दिया गया। उधर, नदवा विद्यालय के बच्चों ने बुधवार सुबह स्कूल के बाहर अभिभावकों के साथ शिक्षिका अवंतिका के खिलाफ नारेबाजी की और बृजेंद्र वर्मा को बहाल करने की मांग उठाई। विरोध के कारण स्कूल में पढ़ाई ठप रही। बीएसए ने बुधवार को एक शिक्षक को विद्यालय में भेजा, लेकिन अभिभावकों ने उन्हें पढ़ाने नहीं दिया।

बीएसए सीतापुर अखिलेश प्रताप सिंह ने बयान दिया कि प्राथमिक विद्यालय नदवा में अब राजनीति हो रही है। प्रधानाध्यापक को सस्पेंड कर दिया गया है। बुधवार सुबह एक दूसरे शिक्षक को स्कूल भेजा गया था। ग्रामीणों ने उन्हें पढ़ाने नहीं दिया। वह प्रदर्शन करते रहे। ग्रामीणों को समझाकर जल्द स्कूल में पढ़ाई शुरू कराएंगे।

पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह वर्मा ने कहा……..

सपा के पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह वर्मा ने बताया कि बेसिक शिक्षा अधिकारी और वहां नियुक्त शिक्षिका एक ही जनपद के रहने वाले हैं। शिक्षिका काफी समय से स्कूल नहीं आ रही थीं। प्रधानाध्यापक के ऊपर दबाव था। महीने में एक दिन आएंगी और हाजिरी पूरे महीने की लगवा लेना। शिक्षिका को सीतापुर अटैच किया गया था। मेरी खुद बीएसए से टेलीफोन पर बात हुई थी। अगले दिन शिक्षिका का फोन मेरे पास आ गया। प्रधानाध्यापक को टॉर्चर किया जा रहा था। शायद इसी कारण शिक्षक हिंसक हुआ।

क्या है विवाद की जड़ ?

प्राथमिक विद्यालय नदवा के प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा के विरुद्ध 24 जुलाई को जनसुनवाई पोर्टल पर हैलेपारा ग्राम पंचायत के फूलचंद्र सिंह ने वित्तीय अनियमितता को शिकायत की थी। आरटीई के तहत विद्यालय में कंपोजिट ग्रांट के आय व्यय का ब्योरा तलब किया। इस पर बीएसए ने 26 अगस्त को प्रधानाध्यापक को पत्र जारी कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने के लिए कहा। इसमें प्रधानाध्यापक बेदाग निकले। इसके बाद इसी स्कूल के शिक्षक संतोष कुमार वर्मा पर सोशल मीडिया पर राजनीतिक पोस्ट करने व विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित न रहने का आरोप लगा। इसको शिकायत विधायक महमूदाबाद आशा मौर्या ने बीएसए से की। इसपर शिक्षक को निलंबित कर दिया गया। स्कूल में बची एकमात्र शिक्षिका अवंतिका गुप्ता को बीएसए ने प्रतियोगी परीक्षा के उड़नदस्ते में शामिल करा दिया।

शिक्षक संतोष के निलंबित होने व अवंतिका गुप्ता के अटैच होने से विद्यालय में पढ़ाई बाधित होने लगी। प्रधानाध्यापक ने शिक्षिका अवंतिका गुप्ता को पत्र भेजकर अटैच करने संबंधी कागजात मांग लिए। यही बात पूरे विवाद की जड़ बन गई। अवंतिका को नोटिस देने से नाराज बीएसए ने प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा को व्यक्तिगत रूप से कार्यालय में उपस्थित होकर जवाब देने के लिए कहा। बृजेंद्र बीएसए कार्यालय पहुंचे तो बात मारपीट तक पहुंच गई।

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75 लाख महिलाओं को बड़ी सौगात, पीएम मोदी ने खाते में भेजे 10 हजार रुपये

पीएम मोदी ने बिहार की महिलाओं को बड़ी सौगात दी। महिला रोजगार योजना के तहत पीएम मोदी 75 लाख महिलाओं के बैंक अकाउंट में आज दस-दस हजार रुपये यानी कुल 7,500 करोड़ रुपये की पहली किस्त ट्रांसफर की। सुबह 11 बजे वर्चुअल माध्यम से पीएम मोदी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। सीएम नीतीश कुमार भी इस कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर इस योजना को बड़ा गेम चेंजर माना जा रहा है।

बिहार सरकार की इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और स्व-रोजगार एवं आजीविका के अवसरों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। यह योजना राज्य के प्रत्येक परिवार की एक महिला को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी और वे अपनी पसंद का रोजगार या आजीविका गतिविधियां शुरू कर सकेंगी। इससे आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।

योजना का मकसद महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा

बिहार सरकार की इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और स्व-रोजगार एवं आजीविका के अवसरों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। यह योजना राज्य के प्रत्येक परिवार की एक महिला को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी और वे अपनी पसंद का रोजगार या आजीविका गतिविधियां शुरू कर सकेंगी। इससे आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना समुदाय-संचालित होगी और इसमें वित्तीय सहायता के साथ-साथ, स्वयं सहायता समूहों से जुड़े सामुदायिक संसाधन व्यक्ति उनके प्रयासों को समर्थन देने के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान करेंगे। उनकी उपज की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए, राज्य में ग्रामीण हाट-बाजारों का और विकास किया जाएगा।

सीएम नीतीश ने पीएम मोदी का जताया आभार

इस कार्यक्रम के दौरान बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने योजना के लिए राशि प्रदान करने को लेकर पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने बिहार में लगातार हो रहे विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी। वही सीएम नीतीश कुमार के संबोधन के बाद पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की लाभार्थी महिलाओं की बात सुनी। लाभार्थी महिलाएं एक-एक करके पीएम मोदी से अपने बात कह रही हैं। इस दौरान महिलाओं ने अपने रोजगार और उन्नति के बारे में पीएम मोदी को जानकारी दी।

योजना से आगे बढ़ेंगी महिलाएं – पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि हर महिला को इस योजना का लाभ मिलेगा ही मिलेगा। अगर महिला इस रुपये से अच्छा काम करती है तो उसे दो लाख रुपये तक मिलेगा। इसकी मदद से मेरी बिहार की बहनें किराना, बर्तन, कॉस्मेटिक, खिलौने और स्टेशनरी जैसी छोटी-छोटी दुकानें खोल सकती हैं। इससे महिलाएं आगे बढ़ सकती हैं। पीएम मोदी ने कहा कि नवरात्रि के इन पावन दिनों में आज मुझे बिहार की नारी शक्ति के साथ उनकी खुशियों में शामिल होने का अवसर मिला। नवरात्रि के इस पावन पर्व पर आप सबका आशीर्वाद, हम सबके लिए एक बहुत बड़ी शक्ति है। मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

जब सपनों को नए पंख लग जाते हैं – पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि आज से ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार’ योजना शुरू की जा रही है। इस योजना से अब तक 75 लाख बहनें जुड़ चुकी हैं। अभी एक साथ इन सभी 75 लाख बहनों के बैंक अकाउंट में 10–10 हजार रुपये भेजे गए हैं। जब यह प्रक्रिया चल रही थी, तब मैं सोच रहा था कि आज नीतीश जी की सरकार ने बिहार की बहनों-बेटियों के लिए कितना बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जब कोई बहन या बेटी रोजगार या स्वरोजगार करती है, तो उसके सपनों को नए पंख लग जाते हैं, और समाज में उसका सम्मान और भी बढ़ जाता है।

खाते न खुलवाते तो कैसे भेज पाते रुपये – पीएम मोदी

वही पीएम मोदी ने कहा कि दूसरी बात जो मेरे मन में आई, वो ये थी कि अगर हमने 11 साल पहले, जब आपने मुझे प्रधान सेवक के रूप में सेवा का अवसर दिया, तब जनधन का संकल्प न लिया होता, और जनधन योजना के तहत बहन-बेटियों के बैंक खाते न खुलवाए होते, और बैंक खाते को मोबाइल से न जोड़ा होता तो क्या आज हम ये पैसे आपके बैंक खाते में भेज पाते? पहले एक प्रधानमंत्री कहा करते थे कि दिल्ली से अगर एक रुपया भेजा जाता है, तो सिर्फ 15 पैसा पहुंचता है, 85 पैसे कोई पंजा मार लेता है। आज ये जो 10–10 हजार रुपये भेजे गए हैं, इन्हें कोई लूट नहीं सकता।

महिलाओं ने गांव, समाज और परिवार का रुतबा बदला – पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में ही मुझे ‘जीविका निधि साख सहकारी संघ’ शुरू करने का अवसर मिला था। अब इस व्यवस्था की ताकत ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार’ योजना के साथ जुड़ जाएगी। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना ने केंद्र सरकार के लखपति दीदी अभियान को भी नई मजबूती दी है। केंद्र सरकार ने देश में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। अब तक 2 करोड़ से अधिक बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। उनकी मेहनत से गांव बदला है, समाज बदला है और परिवार का रुतबा भी बदला है।

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