Saturday, May 2, 2026
Home Blog Page 291

 विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए धारण करें ये माला

आयुर्वेद में हल्दी का काफी महत्व है. हल्दी स्वास्थ्य और त्वचा संबंधित कई समस्याओं को दूर करने में मदद करती है. लेकिन क्या आप जानते हैं ज्योतिष शास्त्र (Astro Tips) में हल्दी कई ग्रह से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में भी मदद करती है. हल्दी (Haldi) का संबंध नवग्रहों में बृहस्पति (Jupiter) से है. हल्दी की गांठ से बनाई गई माला को हरिद्रा माला (Haridra Mala) या हल्दी की माला (haldi ki mala) कहा जाता है. इसके माला को धारण करने के कई फायदे हैं.

हल्दी की माला पहनने के फायदे
हल्दी की माला पहनने से कई फायदे होते हैं. हल्दी का ये उपाय न सिर्फ आपको परेशानियों से बचा सकता है बल्कि इसे पहनने से आपके मान-सम्मान में भी इजाफा होगा. जी हां अगर आप इसे गुरुवार के दिन पहनते हैं तो आपको काफी फायदा हो सकता है. दरअसल हिंदू शास्त्रों में हल्दी की माला को ज्यादा महत्वपूर्ण बताया गया है और हल्दी की माला बीमारियों से निजात दिलाने और कई समस्याओं से निजात दिलाने में मदद करती है.

इसके साथ ही इसका इस्तेमाल कई देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए भी किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि हल्दी भगवान विष्णु को सबसे अधिक प्रिय होती है. इसी कारण से हल्दी की माला चढ़ाना बहुत ही शुभ होता है. कहा जाता है ऐसा करने से आपको धन संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिलता है और जिन लोगों को मानसिक परेशानी है या उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है, ऐसे लोगों को गुरुवार के दिन हल्दी की माला धारण करनी चाहिए.

इसी के साथ अगर मेहनत करने के बाद भी आपको उसका फल नहीं मिल रहा है तो गुरुवार के दिन अपने हाथ में हल्दी की माला धारण करने से पहले गंगा जल से अच्छी तरह से साफ कर लें और फिर इसे विष्णु जी के पैरों में रख दें. ऐसा करने से ये माला शुद्ध हो जाएगी.

ऐसा भी कहा जाता है कि हल्दी की माला से भगवान गणेश के मंत्र का जाप करने से संकट टल जाता है. जिन लोगों को रात में बुरे सपने आते हैं उन्हें तकिये के नीचे सोते समय हल्दी की माला रखनी चाहिए. इसी के साथ जिन लोगों की शादी में देरी हो रही है उन्हें गुरुवार के दिन हल्दी की माला धारण करनी चाहिए.

Read More : कंपनी के तिमाही नतीजे तय करेंगे शेयर बाजार की दिशा

 

राशिफल: जानिए क्या कहती है आपकी राशि, कैसा रहेगा आपका दिन

आज के दिन सूर्योदय के समय पुनर्वसु नक्षत्र व चन्द्रमा मिथुन फिर 10:01pm के बाद चन्द्रमा कर्क राशि में रहेंगे। कुम्भ राशि मे इस समय गुरु व शनि मकर में है। सूर्य शनि व बुध आज मकर राशि में हैं। केतु वृश्चिक में है। आज मेष व सिंह राशि के जातक लाभान्वित होंगे। मिथुन व तुला राशि के जातक व्यवसाय में प्रगति करेंगे।बैंकिंग व मीडिया में कन्या व वृश्चिक के जातक सफल रहेंगे। कर्क व सिंह राशि के राजनीतिज्ञ कूटनीतिक सफलता की प्राप्ति करेंगे।आइए अब जानते हैं प्रत्येक राशियों का विस्तृत राशिफल।

मेष राशि :- आज का दिन अच्छा रहेगा। कारोबार अच्छा चलेगा और आकस्मिक धनलाभ के योग रहेंगे। बेरोजगारों को रोजगार के नये अवसर प्राप्त होंगे। पारिवारिक समस्याओं का निराकरण होगा और दाम्पत्य जीवन खुशहाल रहेगा। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का भरपूर सहयोग मिलने से सभी काम आसानी से पूरे होंगे और प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना कर सकेंगे। पुराने दोस्तों से मुकालात हो सकती है। यात्रा पर जाने के योग रहेंगे। सेहत अच्छी रहेगी।

वृषभ राशि :- आज का दिन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में कठिन परिश्रम से कार्यों में सफलता मिलेगी। कार्य में सफलता मिलने से मन में उत्साहित रहेगा। अनावश्यक खर्च बढऩे आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है। मित्रों और परिजनों के साथ प्रवास या पर्यटन के योग रहेंगे। गृहस्थ जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। शारीरिक स्वास्थ्य बना रहेगा। सत्ता से जुड़े लोगों के साथ अच्छे संबंध बन सकते हैं। क्रोध पर नियंत्रण और वाणी पर संयम रखना जरूरी है।

मिथुन राशि :- आज का दिन मिला-जुला रहेगा। व्यापार-धंधे में अच्छा लाभ मिलने की संभावना रहेगी, लेकिन अनावश्यक खर्चों की अधिकता से आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है। विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा है। पढ़ाई में सफलता मिलेगी। घर के वातावरण में सुख-शांति बनी रहेगी। सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। भविष्य के लिए योजनाएं बना सकते हैं, जो आगे शुभ फलदायक रहेंगी। जीवनसाथी से विवाद हो सकता है। यात्रा को टालें।

कर्क राशि :- आज का दिन प्रतिकूल रहने की संभावना है। कारोबार मध्यम रहेगा। अनचाही समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और धन व प्रतिष्ठा में हानि हो सकती है। धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। प्रॉपर्टी में निवेश लाभदायक रहेगा। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। बेवजह के डर को मन से निकालें और परिश्रम से कार्यों में जुटे रहें, सफलता भी अवश्य मिलेगी। नकारात्मक विचारों से बचें, अन्यथा परिवार में कलह होने की संभावना रहेगी।

सिंह राशि :- आज का दिन मिला-जुला रहेगा। कार्यक्षेत्र में अपनी मेहनत से सफलता मिलेगी। इसके फलस्वरूप आत्मविश्वास बढ़ेगा और मन उत्साहित रहेगा। कारोबार विस्तार की योजना बना सकते हैं। छोटे से प्रवास का आयोजन हो सकता है। जमीन जायदाद संबंधी कार्यों में सावधानी बरतें। पुराने मित्रों से मुलागात हो सकती है, जो लाभदायक रहेगी। परिवार में अच्चा माहौल रहेगा, लेकिन वाणी पर संयम रखना होगा, अन्यथा कलह होने की संभावना भी रहेगी।

कन्या राशि :- आज का दिन सामान्य रहेगा। कारोबार मध्यम रहने की संभावना है, लेकिन परिश्रम से सफलता मिलेगी। कार्यालयीन काम सफल होंगे। अटके हुए कार्य पूर्ण हो सकते हैं। क्रोध पर नियंत्रण और वाणी पर संयम रखें, अन्यथा विवाद में फंस सकते हैं। सेहत को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है। धार्मिक और सामाजिक कार्यों में बढ़-चढकऱ भाग लेंगे, जिससे समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी। किसी धार्मिक यात्रा का प्रवास हो सकता है। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा।

तुला राशि :- आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा। कारोबार विस्तार के लिए नए कार्य का शुभारंभ कर सकते हैं। व्यापारियों को आकस्मिक धनलाभ नौकरी में तरक्की के योग रहेंगे। हालांकि, कार्यभार बढऩे से परिश्रम की अधिकता भी रहेगी। धन के लेन-देन में सावधानी रखें। परिजनों के साथ समय आनंदपूर्वक बीतेगा। धार्मिक कार्यों में भाग ले सकते हैं। पर्यटन के भी योग रहेंगे। विद्यार्थी मौज-मस्ती करेंगे और पढ़ाई में जो मेहनत की है, उसका फल सफलता के रूप में मिलेगा।

वृश्चिक राशि :- आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा। आकस्मिक धनलाभ के योग रहेंगे। कार्यक्षेत्र में विस्तार होगा। नये काम की शुरूआत कर सकते हैं। धार्मिक कार्य तथा प्रवास हो सकता है। रचनात्मक कार्य के प्रति रुझान बढ़ेगा। इस अवसर का लाभ उठाएं और नए तरीके से काम करने का मौका हाथ से न जाने दें। बुजुर्गों से सलाह लेना लाभदायक रहेगा। परिवार का माहौल सुखमय रहेगा। खान-पान का ध्यान रखें। यात्रा पर जा सकते हैं।

धनु राशि :- आज का दिन अच्छा रहेगा। व्यावसायिक कार्य सफल होंगे और आर्थिक रूप से लाभ मिलेगा। गृह एवं संतान सम्बंधी शुभ समाचार मिल सकते हैं। पुराने मित्रों से मुलाकात होने की संभावना रहेगी। धार्मिक कार्यों के पीछे धन खर्च हो सकता है। नये काम में रुकावट आ सकती है। समस्याओं को सुलझाने के लिए किसी की सलाह ले सकते हैं। अपनी कार्यक्षमता से दूसरों को प्रभावित करेंगे। परिवार में कलह होने की संभावना रहेगी।

मकर राशि :- आज का दिन मिला-जुला रहेगा। कार्यक्षेत्र में तरक्की के योग हैं। आकस्मिक धनलाभ हो सकता है। बुजुर्गों के आशीर्वाद से कार्यों में सफलता मिलेगी, लेकिन कुछ परिस्थितियां ऐसी बन सकती हैं, जो तनाव बढ़ाएंगी। दोस्तों से वाद-विवाद करने से बचें। बहस करने से मुसीबत में फंस सकते हैं। क्रोध पर नियंत्रण एवं वाणी पर संयम रखें। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा और परिजनों को सहयोग मिलेगा। यात्रा को टालें।

कुम्भ राशि :- आज का दिन सामान्य रहेगा। कारोबार में उतार-चढ़ाव रहेगा। कार्यभार की अधिकता से शारीरिक रूप से अस्वस्थता और मानसिक चिंता बनी रहेगी। व्यावसायिक क्षेत्र में परिस्थिति अनुकूल रहेगी और आर्थिक दृष्टि से लाभ मिलेगा। परिवार का वातावरण अच्छा रहेगा। अपनी रचनात्मकता से किस तरह अपने घर को खूबसूरत बना सकते हैं। आर्थिक योजना को लेकर विचार करेंगे। वाणी पर संयम रखकर विवाद को टाल सकेंगे।

मीन राशि :- आज का दिन मिला-जुला रहेगा। कार्यभार की अधिकता से जरूरी कामों को समय नहीं दे पाएंगे, इसलिए क्रोध की अधिकता रहेगी। जीवन में नये विचारों से बदलाव का अनुभव करेंगे। परिजनों से किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है। नकारात्मक विचारों से दूर रहें और अधिकारियों से वाद-विवाद करने से बचें। दोस्तों के साथ घूमने जा सकते हैं। मानसिक एवं शारीरिक रूप से थकान का अनुभव होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

Read More : कंपनी के तिमाही नतीजे तय करेंगे शेयर बाजार की दिशा

 

 

 

साल 2022 में कब पड़ेगी पहली नवरात्रि, जानें इस महापर्व का धार्मिक महत्व एवं पूजा विधि

सनातन परंपरा में शक्ति की साधना का महापर्व नवरात्रि (Navratri) दो नहीं बल्कि चार बार आता है. हिंदी महीनों के अनुसार प्रथम चैत्र मास में पहली वासंतिक नवरात्रि, चौथे मास यानि कि आषाढ़ मास में दूसरी नवरात्रि, आश्विन मास में तीसरी यानि शारदीय नवरात्रि और ग्यारहवें मास यानि माघ मास ( Magh Mas ) में चौथी नवरात्रि आती है. इसमें से माघ मास में पड़ने वाली नवरात्रि को “माघ गुप्त नवरात्रि” (Gupt Navratri) और आषाढ़ मास में पड़ने वाली नवरात्रि को “आषाढ़ गुप्त नवरात्रि” के रूप में जाना जाता है. साल 2022 में पहली नवरात्रि माघ मास के शुक्लपक्ष की प्रतिपदा यानि 02 फरवरी 2022 को पड़ने जा रही है. आइए इसकाा धार्मिक महत्‍व एवं पूजन विधि के बारे में विस्‍तार से जानते हैं.

गुप्त नवरात्रि का धार्मिक महत्व 
नवरात्रि में जहां देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है वहीं गुप्त नवरात्रि में दसमहाविद्याओं (मां काली, मां तारा देवी, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्ता, मां त्रिपुर भैरवी, मां ध्रूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी और मां कमला देवी) की साधना-आराधना की जाती है. गुप्त नवरात्रि में शक्ति की साधना को अत्यंत ही गोपनीय रूप से किया जाता है. मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि की पूजा को जितनी ही गोपनीयता के साथ किया जाता है, साधक पर उतनी ज्यादा देवी की कृपा बरसती है.

गुप्त नवरात्रि पूजा विधि 
चैत्र और शारदीय नवरात्रि की तरह गुप्त नवरात्रि में भी देवी पूजा के प्रथम दिन कलश की स्थापना की जाती है और पूरे नौ दिनों तक सुबह-शाम देवी की पूजा-पाठ, मंत्र जप आदि किया जाता है. माघ मास की गुप्त नवरात्रि की साधना के लिए घटस्थापना 02 फरवरी 2022 को प्रात:काल 07:09 से 08:31 के करना अत्यंत शुभ रहेगा. गुप्त नवरात्रि के दिन साधक को प्रात:काल जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करके देवी दुर्गा की तस्वीर या मूर्ति को एक लाल रंग के कपड़े में रखकर लाल रंग के वस्त्र या फिर चुनरी आदि पहनाकर रखना चाहिए. इसके साथ एक मिट्टी के बर्तन में जौ के बीज बोना चाहिए. जिसमें प्रतिदिन उचित मात्रा में जल का छिड़काव करते रहना होता है. इसके साथ मंगल कलश में गंगाजल, सिक्का आदि डालकर उसे शुभ मुहूर्त में आम्रपल्लव और श्रीफल रखकर स्थापित करें. इसके बाद फल-फूल आदि को अर्पित करते हुए देवी की विधि-विधान से प्रतिदिन पूजा करें. इसके बाद अष्टमी या नवमी के दिन देवी की पूजा के बाद नौ कन्याओं का पूजन करें और उन्हें पूड़ी, चना, हलवा आदि का प्रसाद खिलाकर कुछ दक्षिण देकर विदा करें. इसके बाद गुप्त नवरात्रि के आखिरी दिन देवी दुर्गा की पूजा के पश्चात् देवी दुर्गा की आरती गाएं. पूजा की समाप्ति के बाद कलश को किसी पवित्र स्थान पर विसर्जन करें.

गुप्त नवरात्रि की पूजा का उपाय 
माघ मास की गुप्त नवरात्रि पर देवी दुर्गा की कृपा पाने के लिए साधक को शक्ति की साधना के नौ दिनों तक पूरी श्रद्धा एवं विश्वास के साथ दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाएि. मान्यता है कि इस उपाय को करने पर साधक की सभी मनोकामनाएं शीघ्र ही पूरी होती हैं. जो लोग समय की कमी के कारण ऐसा नहीं कर सकते हैं, उनके लिए सिद्ध कुंजिकास्तोत्र का पाठ भी अत्यंत ही सरल एवं प्रभावी उपाय है.

Read More : कंपनी के तिमाही नतीजे तय करेंगे शेयर बाजार की दिशा

कब है पौष पूर्णिमा? जानें सही तिथि, चंद्रोदय समय और महत्व

पंचांग (Panchang) के अनुसार पौष मास (Paush Month) के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को पौष पूर्णिमा होता है. पौष पूर्णिमा के दिन व्रत रखने, चंद्रमा (Chandrama) और माता लक्ष्मी (Mata Lakshmi) की पूजा करने का विधान है. पूर्णिमा के दिन चंद्रमा और माता लक्ष्मी की पूजा से धन, दौलत और सुख में वृद्धि होती है. इस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा और पूजा होती है. इससे शुभता और सौभाग्य बढ़ता है. सत्यनारायण भगवान को श्रीहरि विष्णु का अवतार मानते हैं. आइए जानते हैं कि पौष पूर्णिमा कब है, तिथि क्या है और चंद्रोदय कब होगा?

पौष पूर्णिमा 2022 तिथि एवं चांद निकलने का समय
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, पौष मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 17 जनवरी दिन सोमवार को तड़के 03 बजकर 18 मिनट पर हो रहा है. पूर्णिमा तिथि 18 जनवरी दिन मंगलवार को प्रात: 05 बजकर 17 मिनट तक है. पूर्णिमा के चंद्रमा का उदय 17 जनवरी को होगा, इसलिए पौष पूर्णिमा 17 जनवरी को है. इस दिन पूर्णिमा व्रत भी रखा जाएगा.

पौष पूर्णिमा 2022 चंद्रोदय समय
पौष पूर्णिमा के दिन चंद्रमा के उदय का समय शाम को 05 बजकर 10 मिनट पर है. इस दिन चंद्रास्त का समय ज्ञात नहीं है. इस दिन का शुभ मुहूर्त दोपहर 12:10 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक है.

Read More : कंपनी के तिमाही नतीजे तय करेंगे शेयर बाजार की दिशा

सर्वार्थ सिद्धि योग में पौष पूर्णिमा
पौष पूर्णिमा सर्वार्थ सिद्धि योग में है. इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग प्रात: 04:37 बजे से अगले दिन 18 जनवरी को प्रात: 07:15 बजे तक है. पूर्णिमा को पूर्णमासी भी कहते हैं, इसलिए इस दिन के चांद को पूर्णमासी का चांद कहते हैं. पूर्णमासी का अर्थ उस मास के पूर्ण होने से है. पंचांग में पूर्णिमा के बाद से नए माह का प्रारंभ होता है.

 

 पंचांग: चावल व तिल के साथ कम्बल के दान का बहुत महत्व , भैरो स्तोत्र का करें पाठ

आज पौष माह शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा है।आज पुर्नवसु नक्षत्र है।आज भगवान शिव जी की उपासना के साथ हनुमान जी की पूजा भी करें। सोमवार का व्रत रहें।दान पुण्य करें। आज चावल व तिल के साथ कम्बल के दान का बहुत महत्व है।रात्रि में माता काली जी की विधिवत पूजा करें व भैरो स्तोत्र का पाठ करें। आज बजरंगबाण के पाठ करने का अनन्त पुण्य है।आज चन्द्रमा व मंगल के बीज मंत्र के जप का दिवस है।

प्रातःकाल पञ्चाङ्ग का दर्शन ,अध्ययन व मनन आवश्यक है।शुभ व अशुभ समय का ज्ञान भी इसी से होता है। अभिजीत मुहूर्त का समय सबसे बेहतर होता है।इस शुभ समय में कोई भी कार्य प्रारंभ कर सकते हैं।विजय व गोधुली मुहूर्त भी बहुत ही सुंदर होता है।राहुकाल में कोई भी कार्य या यात्रा आरम्भ नहीं करना चाहिए।

आज का पंचांग 17 जनवरी 2022 (Today Panchang)

दिनांक 17 जनवरी 2022
दिवस सोमवार
माह पौष, शुक्ल पक्ष
तिथि पूर्णिमा
सूर्योदय 07:15am
सूर्यास्त 05:49pm
नक्षत्र पुनर्वसु
सूर्य राशि मकर

Read More : कंपनी के तिमाही नतीजे तय करेंगे शेयर बाजार की दिशा

चन्द्र राशि मिथुन 10:01pm तक फिर कर्क
करण विष्टि
योग वैधृति
शुभ मुहूर्त- अभिजीत 11:57am से 12:57pm तक
विजय मुहूर्त 02:48pm से 03:36pm तक
गोधुली मुहूर्त 07:07pm से 07:26pm तक
राहुकाल का समय प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक है। इस दौरान शुभ काम को करने से परहेज करना चाहिए।

टोंगा ज्वालामुखी: सैटेलाइट इमेज में कैद हुआ ‘भयानक’ नजारा

 डिजिटल डेस्क : द्वीप राष्ट्र टोंगा (टोंगा ज्वालामुखी) में शनिवार को समुद्र में अचानक आए ज्वालामुखी विस्फोट के बाद स्थिति चिंताजनक हो गई। कई पड़ोसी देशों में ज्वालामुखी विस्फोट की आवाज सुनी गई। घटना का वीडियो और सैटेलाइट तस्वीरें सोशल मीडिया पर शाम से प्रसारित हो रही हैं। जिसमें एक बेहद खतरनाक सीन देखने को मिल सकता है. जहां विस्फोट के बाद बीच क्षेत्र पूरी तरह से जलमग्न होने का वीडियो है. दोपहर के कुछ ही देर बाद बम विस्फोट हुआ, जो एक बम विस्फोट प्रतीत हो रहा था।

चारों ओर राख और कंकड़ बरस रहे थे, जबकि आकाश अँधेरे से ढका हुआ था। पानी से धुंआ और गैस निकलते देखा गया (टोंगा ज्वालामुखी न्यूजीलैंड)। भूकंप का केंद्र जमीन के नीचे बताया गया था, हालांकि सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई थी। भूकंप का केंद्र जमीन के नीचे बताया गया था, हालांकि सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई थी। (जहां टोंगा ज्वालामुखी स्थित है)। इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता था।

न्यूजीलैंड जल्द मदद करेगा
न्यूजीलैंड ने कहा कि वह स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है। और पानी की लहरों को कम करने के लिए पड़ोसी टोंगा (टोंगा ज्वालामुखी विस्फोट राख बादल) की मदद करेगा। प्रधान मंत्री जैसिंडा अर्डर्न का कहना है कि टोंगा की राजधानी नुकुओल्फा को बहुत नुकसान हुआ है। लेकिन कोई घायल या मौत की सूचना नहीं मिली (टोंगा ज्वालामुखी विस्फोट सुनामी चेतावनी)। वह ऐसे समय में बोल रहे थे जब प्रशांत राष्ट्र और मानवीय समूह टोंगा तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। घटना के बाद टेलीफोन और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। जिससे करीब 1 लाख 5 हजार लोग प्रभावित हुए हैं।

धुएं की उच्च बर्फ देखी गई है
उपग्रह चित्र समुद्र तल से लगभग 20 किलोमीटर (12 मील) ऊपर देखे गए ज्वालामुखी विस्फोट से धुआं दिखाते हैं (टोंगा ज्वालामुखी सूनामी सुझाव)। समुद्र तट पर खड़ी नावें बह जाती हैं और लोगों के घर डूब जाते हैं. निवासियों को समय पर उच्च भूमि पर भेज दिया जाता है। टोंगा में सुनामी, साथ ही ऑस्ट्रेलिया और जापान में सुनामी लहरें (टोंगा ज्वालामुखी उपग्रह वीडियो) थीं। अमेरिकी विदेश मंत्री एंथनी ब्लिंकन ने ट्विटर पर कहा कि वह “ज्वालामुखी विस्फोट और सुनामी के कारण टोंगा के लोगों के लिए बहुत चिंतित हैं” (टोंगा ज्वालामुखी से नवीनतम समाचार)। अमेरिका प्रशांत क्षेत्र में अपने पड़ोसियों की मदद के लिए तैयार है।

Read More : आप ने घोषित की उम्मीदवारों की पहली सूची, जानें कितने हैं डॉक्टर, इंजीनियर और पीएचडी धारक

आप ने घोषित की उम्मीदवारों की पहली सूची, जानें कितने हैं डॉक्टर, इंजीनियर और पीएचडी धारक

लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पहली बार किस्मत आजमा रही आम आदमी पार्टी ने भी अपने 150 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. सूची यूपी प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने रविवार को लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन में जारी की। आम आदमी पार्टी ने अपनी पहली सूची में 8 एमबीए, 38 पोस्टग्रेजुएट, 4 डॉक्टर, 8 पीएचडी और 7 इंजीनियर शामिल किए हैं. इसके अलावा, 6 बीएड, 39 स्नातक, 6 डिप्लोमा। वहीं, 55 ओबीसी उम्मीदवार, 31 अनुसूचित जाति, 14 मुस्लिम, 6 कायस्थ 6 और 36 ब्राह्मण उम्मीदवार हैं।

संजय सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि परिवर्तन की राजनीति और गंदी राजनीति को दूर करने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पार्टी की सहमति से राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला किया गया है. . आज 150 सीटों की पहली सूची जारी की गई है. जिन योग्य उम्मीदवारों के नाम को केजरीवाल और केंद्रीय नेतृत्व ने मंजूरी दी है, उनमें 8 एमबीए, 38 पोस्टग्रेजुएट, 4 डॉक्टर, 8 पीएचडी और 7 इंजीनियर, 8 बीएड, 39 ग्रेजुएट और 6 डिप्लोमा हैं। वहीं, 55 ओबीसी उम्मीदवार, 31 अनुसूचित जाति, 14 मुस्लिम, 6 कायस्थ 6 और 36 ब्राह्मण उम्मीदवार हैं।

लोगों से उम्मीदवारों को आशीर्वाद देने की अपील
संजय सिंह ने कहा कि आप के योग्य उम्मीदवारों को जीतकर राजनीति की गंदगी को मिटाना यूपी के लोगों की जिम्मेदारी है। आप की पहली सूची में जातिगत समीकरण भी अंकित है।

Read More : क्रिप्टोक्यूरेंसी खरीद और बिक्री पर 30% तक कर लगा सकती है  सरकार

सात चरणों में होंगे चुनाव
बता दें कि यूपी में सात चरणों में चुनाव होंगे। पहले चरण में 10 फरवरी को पश्चिमी यूपी के 11 जिलों की 58 सीटों पर, दूसरे चरण में 14 फरवरी को 9 जिलों की 55 सीटों पर और तीसरे चरण में 20 फरवरी को 59 सीटों पर मतदान होगा. 16 जिले। चौथे चरण का मतदान 23 फरवरी को लखनऊ समेत नौ जिलों की 60 सीटों पर होगा. पांचवें चरण में 11 जिलों की 80 सीटों पर 28 फरवरी को, छठे चरण में 10 जिलों की 56 सीटों पर 3 मार्च को और सातवें और अंतिम चरण में 7 मार्च को 54 सीटों पर मतदान होगा. . 9 जिले। वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी।

क्रिप्टोक्यूरेंसी खरीद और बिक्री पर 30% तक कर लगा सकती है  सरकार

डिजिटल डेस्क : 2022-23 का बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का बजट पेश करेंगी। संभावना है कि सरकार बजट में कई नए प्रावधान ला सकती है। यही कारण है कि सरकार को जीवन बीमा प्रीमियम के लिए बजट में टैक्स स्लैब बढ़ाने और धारा 80 (सी) के तहत छूट के लिए एक अलग सेक्शन बनाने और पेंशन लाभ पर टैक्स लगाने की सलाह दी जा रही है। बीमित। फ्री ऑफर्स भी दिए जा रहे हैं।

सरकार पीटीआई समाचार एजेंसी का हवाला देते हुए सुझावों पर विचार कर रही है कि सरकार आगामी आम बजट में क्रिप्टोकुरेंसी खरीदने और बेचने पर विचार कर रही है। यह कर क्षेत्र के एक विश्लेषक का विचार है।

नांगिया एंडरसन एलएलपी के कर प्रमुख अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार आगामी बजट में एक निश्चित सीमा से अधिक क्रिप्टोकरेंसी की बिक्री और खरीद पर टीडीएस / टीसीएस लगाने पर विचार कर सकती है और ऐसे लेनदेन को विशेष लेनदेन में शामिल किया जाना चाहिए। ताकि आयकर अधिकारियों को उनकी जानकारी मिल सके।

गौरतलब है कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान इस बात पर चर्चा हुई थी कि सरकार क्रिप्टोकरेंसी को रेगुलेट करने के लिए बिल ला सकती है, लेकिन क्रिप्टोकरेंसी पर अभी तक कोई बिल नहीं आया है. विशेषज्ञों का कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी की बिक्री से होने वाली आय पर लॉटरी और गेम शो की तरह 30 फीसदी की ऊंची दर से कर लगाया जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि भारत में वर्तमान में दुनिया में क्रिप्टो मालिकों की सबसे बड़ी संख्या लगभग 100.7 मिलियन है और एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीयों द्वारा क्रिप्टोकरेंसी में निवेश 2030 तक बढ़कर 241 मिलियन डॉलर हो सकता है। हालाँकि भारत सरकार ने स्पष्ट रूप से क्रिप्टोकरेंसी को कानूनी निविदा का दर्जा देने से इनकार किया है, लेकिन सरकार इस पर प्रतिबंध लगाने पर भी विचार नहीं कर रही है क्योंकि इसका प्रसार देश में तेजी से फैल रहा है।

Read More : स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा: हमारे टीकाकरण अभियान से दुनिया हैरान थी

इस लिहाज से साफ है कि सरकार इस साल के बजट में क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स लगाएगी। क्रिप्टोक्यूरेंसी के कई खतरे हैं, यही वजह है कि सरकार इस पर कर लगा सकती है। क्रिप्टोकरेंसी की बिक्री और खरीद दोनों को वित्तीय लेनदेन विवरण (एसएफटी) द्वारा कवर किया जाना चाहिए। अगर ऐसा है तो सरकार इसकी निगरानी कर सकेगी।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा: हमारे टीकाकरण अभियान से दुनिया हैरान थी

नई दिल्ली: एक साल पहले भारत सरकार ने कोरोनावायरस महामारी के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई शुरू की थी। कोरोना को हराने के लिए भारत सरकार ने नि:शुल्क टीकाकरण अभियान चलाया। अभियान की एक साल की सालगिरह पर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने कहा कि आज दुनिया हमारे वैक्सीन अभियान से चकित है।

रविवार (16 जनवरी 2022) को डॉ. मंडाविया ने कहा कि एक साल में हमने लोगों को वैक्सीन की 156 मिलियन खुराक दी है. आज भारत की 18 साल से अधिक उम्र की 93 फीसदी आबादी को कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक मिल चुकी है. लगभग 70 प्रतिशत आबादी को टीके की दोनों खुराकें मिलीं। आज का दिन हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है।

उन्होंने कहा, “कोरोना महामारी थम गई है और हमने अपने ही देश में बनी वैक्सीन को लोगों पर लागू करने का फैसला किया है, जिससे कई लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।” लेकिन, हमारे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कंपनियों से वैक्सीन अभियान को आगे बढ़ाने को कहा। आज हम दुनिया में सबसे कम समय में सबसे ज्यादा टीके लगाने वाले देश बन गए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने ट्वीट किया कि भारत ने पिछले साल 1 अप्रैल को वैक्सीन की 10 करोड़ खुराक देने का मील का पत्थर हासिल किया था। 25 जून को 25 करोड़, 6 अगस्त को 50 करोड़ और 13 सितंबर को 75 करोड़।

इससे पहले, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे टीकाकरण अभियान ने वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई को मजबूत किया है। परिणामस्वरूप, लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती थी और आजीविका सुरक्षित रूप से बनाई जा सकती थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब पहली बार वैश्विक महामारी आई थी, तब इस वायरस के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। हालांकि, हमारे वैज्ञानिकों और अन्वेषकों ने खुद को टीके बनाने में लगा दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने टीकाकरण में शामिल लोगों को बधाई दी
मोदी ने ट्वीट किया, ‘भारत को इस बात पर गर्व है कि हमारे देश ने वैक्सीन के जरिए वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई में योगदान दिया है। मैं टीकाकरण अभियान में शामिल सभी लोगों को सलाम करता हूं। हमारे डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका उल्लेखनीय है।

अमित शाह ने की प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा है कि देश ने दुनिया के सामने एक मिसाल कायम की है कि कैसे सरकार और लोग मिलकर असंभव चुनौतियों से पार पा सकते हैं. अमित शाह ने इस प्रयास के लिए वैज्ञानिकों, स्वास्थ्य कर्मियों, कोविड सेनानियों और देश की जनता को बधाई दी.

Read More : यूपी में 23 जनवरी तक बंद रहेंगे सभी स्कूल-कॉलेज, ऑनलाइन से ही होगी पढ़ाई

भारत में टीकाकरण के आँकड़े
स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि टीकाकरण के लिए बहुत कम आबादी वाले कई विकसित पश्चिमी देशों की तुलना में भारत का टीकाकरण कार्यक्रम सबसे सफल और सबसे बड़ा है। रविवार सुबह सात बजे तक की अंतरिम रिपोर्ट के मुताबिक देश में कोविड-19 वैक्सीन के तहत 156.76 करोड़ से ज्यादा डोज दी जा चुकी हैं. 43.19 लाख एहतियाती खुराक के अलावा 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 3,38,50,912 लाभार्थियों को पहली खुराक दी गई।

यूपी में 23 जनवरी तक बंद रहेंगे सभी स्कूल-कॉलेज, ऑनलाइन से ही होगी पढ़ाई

डिजिटल डेस्क : उत्तर प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर की हिंसा जारी है. रविवार को 17,165 नए मामले सामने आए। कोरोना के प्रकोप के बाद, उत्तर प्रदेश में सभी शैक्षणिक संस्थानों को 23 जनवरी तक बंद घोषित कर दिया गया है। केवल ऑनलाइन मोड में अध्ययन करें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कोविड-19 के लिए गठित टीम-9 के साथ बैठक में कई अहम निर्देश दिए. सीएम योगी ने कहा कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक सभी जिलों में रात का कर्फ्यू सख्ती से लागू रहेगा. उन्होंने कहा कि कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि हुई है। यहां राहत विभाग पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ लोगों से संवाद करे और उन्हें तत्काल सहायता प्रदान करे।

सीएम ने योगी बैठक को निर्देश दिया कि निगरानी समितियां दरवाजा खटखटाएं. संदिग्धों की पहचान करें। जांच कराएं और मेडिकल किट उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर्स को पूरी तरह चालू रखा जाए. साथ ही होम आइसोलेशन में मरीजों के स्वास्थ्य की प्रतिदिन जांच की जाए। उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही थी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार राज्य में 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दे रही है. वहीं, कुछ राशन दुकानों पर राशन के पैकेटों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है, जो स्वीकार्य नहीं है. संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई करे। दोषी अधिकारियों को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

आपको बता दें, लखनऊ में रविवार को कुल 2,300 पॉजिटिव मरीज मिले। यहां कुल 16,300 एक्टिव केस हैं, जिनमें से 16,200 मरीज घर पर इलाज करा रहे हैं। राज्य में इस समय 01 लाख 03 हजार एक्टिव केस हैं, जिनमें से 01 लाख 01 हजार से ज्यादा मरीज होम आइसोलेशन में हैं। 01% से भी कम मरीज अस्पताल में भर्ती हैं।

उत्तर प्रदेश में अब तक 22 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज दी जा चुकी हैं। 15 से 17 वर्ष की आयु के 47.25 लाख से अधिक किशोरों का टीकाकरण किया जा चुका है। सीएम योगी ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि कोरोना के इस नए रूप से घबराने या भागने की जरूरत नहीं है. सावधानी और सावधानी बेहद जरूरी है। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना सुनिश्चित करें।

Read More : चरणजीत सिंह चन्नी के भाई मनोहर सिंह को टिकट नहीं देने से नाखुश

चरणजीत सिंह चन्नी के भाई मनोहर सिंह को टिकट नहीं देने से नाखुश

 डिजिटल डेस्क : पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए कल 86 उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद पंजाब कांग्रेस के कई नेताओं ने नाराजगी जताई है। कई टिकट दावेदारों के टिकट काटने के बाद वह निर्दलीय के तौर पर मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भाई डॉ मनोहर सिंह से मुकाबला करने के मूड में हैं.

डॉ मनोहर सिंह ने चुनाव लड़ने के लिए अपनी नौकरी से वीआरएस ले लिया, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। आजतक के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने खुद कहा था कि मनोहर सिंह को टिकट नहीं दिया जाएगा. नवजोत सिंह सिद्धू मनोहर सिंह की जगह गुरप्रीत सिंह ने जीपी का समर्थन किया तो खबर है कि चन्नी के भाई मनोहर सिंह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे.

पंजाब विधानसभा में 117 सीटें हैं

सरकार बनाने के लिए 59 सीटों की जरूरत है

मतदान 14 फरवरी को समाप्त होगा और 10 मार्च को मतगणना होगी

गौरतलब है कि कांग्रेस ने कल अपने 86 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी, जिससे पार्टी में हड़कंप मच गया है. सोनू सूद की बहन मालविका सूद को मोगा से दिया गया टिकट पार्टी नेताओं को बिल्कुल भी पसंद नहीं आ रहा है. वहीं, मनासा, मलोट और बसी पठाना सीटों को लेकर भी नाराजगी सामने आई है।

चन्नी का मुकाबला मिस्टर चमकौरी से होगा
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी चमकौर साहिब विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवज्योत सिंह सिद्धू अमृतसर पूर्व से चुनाव लड़ेंगे, इससे पहले उनकी पत्नी नवज्योत कौर यहां से चुनाव लड़ेंगी।

Read More : शिवसेना नेता संजय राउत ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर साधा निशाना

पता चला है कि पंजाब की 117 विधानसभा सीटों के लिए 14 फरवरी को मतदान होगा और 10 मार्च को मतगणना होगी. पंजाब सरकार का कार्यकाल 26 मार्च को समाप्त हो रहा है, इससे पहले राज्य में नई सरकार बनेगी। किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए 59 सीटों की जरूरत होगी।

शिवसेना नेता संजय राउत ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर साधा निशाना

गोवा विधानसभा चुनाव 2022: महाराष्ट्र के सांसद ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर जमकर बरसे। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा है कि अगर आपकी पार्टी (आम आदमी पार्टी) इतनी मजबूत है, तो अरविंद केजरीवाल को गोवा जाने की क्या जरूरत है?

अगर लोग अरविंद केजरीवाल को इतने जोश से सुनते तो वे गोवा की जनता और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को एक संदेश दे सकते थे. लेकिन नहीं, दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं और राष्ट्रीय राजधानी के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गोवा में घर-घर जाकर प्रचार कर रहे हैं. अरविंद केजरीवाल ऐसे समय में गोवा जा रहे हैं, जब दिल्ली को उनकी ज्यादा जरूरत है।

गोवा विधानसभा चुनाव 2022 से पहले संजय राउत ने अरविंद केजरीवाल पर ये हमला बोला था. गोवा में 14 फरवरी 2022 को विधानसभा चुनाव होंगे। संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ पार्टी गोवा में 10-15 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। शिवसेना के कई नेता गोवा जाएंगे. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता भी गोवा आ रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शासन वाले इस राज्य में अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी आम आदमी पार्टी में काफी संभावनाएं दिख रही हैं। इसलिए आम आदमी पार्टी ने 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

केजरीवाल ने गोवा विधानसभा चुनाव के लिए 13 सूत्री एजेंडा का भी खुलासा किया है। कहा गया है कि अगर उनकी पार्टी सरकार बनाती है तो राज्य से बेरोजगारी और भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा. आम आदमी पार्टी ने भी गोवा के लोगों से वादा किया है कि उनकी सरकार बनने के बाद गोवा में खनन फिर से शुरू होगा।

हर परिवार को 10 लाख का लाभ : केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने गोवा के लोगों से वादा किया है कि अगर विधानसभा चुनाव के बाद आप की सरकार बनती है तो हर परिवार को पांच साल में 10 लाख रुपये तक का लाभ मिलेगा. आम आदमी पार्टी सरकार की योजनाओं के माध्यम से आम आदमी तक लाखों रुपये का यह लाभ पहुंचेगा।

बिजली और पानी के बिल में सब्सिडी देगी सरकार
आम आदमी पार्टी के संयोजक ने वादा किया है कि उनकी सरकार गोवा के लोगों को बिजली और पानी के बिल, बेरोजगारी लाभ, महिला भत्ते, मुफ्त चिकित्सा सुविधा, सरकारी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा पर सब्सिडी देगी, जो लाखों का भुगतान करेगी। हर परिवार को होगा फायदा.

Read More : यूपी चुनाव 2022 :  बीजेपी ने अपनाया कल्याण सिंह का फॉर्मूला

आम आदमी पार्टी सुप्रीमो और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गोवा विधानसभा चुनाव से पहले दो दिवसीय गोवा दौरे पर हैं। अरविंद केजरीवाल घर-घर जाकर प्रचार करेंगे और लोगों को आम आदमी पार्टी की योजनाओं से अवगत कराएंगे।

यूपी चुनाव 2022 :  बीजेपी ने अपनाया कल्याण सिंह का फॉर्मूला

 डिजिटल डेस्क : भाजपा ने आगामी यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। भाजपा ने पहले और दूसरे दौर के लिए क्रमश: 57 और 48 उम्मीदवारों की घोषणा की है। सूत्रों की मानें तो बीजेपी ने पहली लिस्ट में वही फॉर्मूला अपनाया है, जिसका इस्तेमाल कल्याण सिंह करते थे. अमित शाह के नेतृत्व वाली बीजेपी दलितों और ओबीसी को मिलाकर चुनाव में मिशन-300 प्लस हासिल करना चाहती है.

विशेषज्ञों और विपक्ष के कुछ सदस्यों ने दावा किया है कि ओबीसी समुदाय का भाजपा से मोहभंग हो गया है। यूपी के तीन मंत्रियों दारा सिंह चौहान, धर्म सिंह सैनी और स्वामी प्रसाद मौर्य के पाला बदलने के बाद लगता है कि यूपी में ओबीसी समुदाय अखिलेश की तरफ बढ़ रहा है. लेकिन कल्याण सिंह के फॉर्मूले पर चलते हुए बीजेपी ने ओबीसी समुदाय के विधायकों को ज्यादा से ज्यादा टिकट दिया है, ताकि पार्टी के खिलाफ बनाए जा रहे माहौल में नुकसान को नियंत्रित किया जा सके.

हम आपको बता दें कि इस फॉर्मूले को बीजेपी ने 1991 में अपनाया था और उसे स्पष्ट बहुमत मिला था. वही इतिहास 2014 में दोहराया गया था जब ओबीसी और दलित समाज की एकजुटता के कारण सफलता मिली थी। कल्याण सिंह के फॉर्मूले से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बीजेपी की पहली लिस्ट में 44 ओबीसी और 19 दलितों को टिकट दिया गया, जो 60 फीसदी के करीब है.

Read  More : रोहित शर्मा नहीं होंगे टेस्ट टीम के कप्तान? इस खिलाड़ी को मिल सकती है जिम्मेदारी

ओबीसी के अलावा दलितों पर भी बीजेपी की नजर
भाजपा की पहली सूची में दलित समुदाय के 19 लोगों को टिकट मिला है. दरअसल बीजेपी अब उन दलित वोटरों की पूजा करना चाहती है जिनका बसपा से मोहभंग हो गया है. बीजेपी दलित जाटब को आगे बढ़ाना चाहती है. इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबिरानी मौर्य समेत 19 लोगों को टिकट दिया गया है.

रोहित शर्मा नहीं होंगे टेस्ट टीम के कप्तान? इस खिलाड़ी को मिल सकती है जिम्मेदारी

नई दिल्ली: कप्तान के तौर पर विराट कोहली का कार्यकाल खत्म कप्तान के तौर पर उन्होंने टीम इंडिया को टेस्ट में नंबर 6 से नंबर 1 टीम बनाया। इस साल 2021 टी20 विश्व कप के बाद कोच रॉबी शास्त्री का कार्यकाल समाप्त होने के बाद कोहली ने टी20 टीम की कप्तानी छोड़ दी। इसके बाद बीसीसीआई ने उन्हें वनडे टीम की कप्तानी से हटा दिया। यहीं से कोहली और बोर्ड के बीच विवाद की खबरें आने लगीं। अब दक्षिण अफ्रीका (भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका) के खिलाफ टेस्ट सीरीज हारने के बाद कोहली ने 15 जनवरी को टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ दी। अब वह बतौर खिलाड़ी टीम से जुड़ेंगे। कोहली 19 जनवरी से शुरू हो रही वनडे सीरीज से बतौर खिलाड़ी मैदान पर वापसी करेंगे।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि विराट कोहली के बाद टेस्ट टीम की कप्तानी कौन करेगा। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, कोहली की जगह कप्तान के तौर पर केएल राहुल आगे चल रहे हैं। रोहित शर्मा कई बार चोटिल हो चुके हैं। यह उसके खिलाफ जा सकता है। इस मुश्किल घड़ी में बोर्ड को ही रोहित को निर्देश देना चाहिए। ऑफ स्पिनर आर अश्विन भी भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने की दौड़ में हैं। लेकिन गेंदबाजों के प्रति एक तरह का पूर्वाग्रह रहा है।

टीम इंडिया के सीनियर बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा अपने करियर का सबसे खराब समय बिता रहे हैं। अगर रहाणे अच्छी फॉर्म में होते तो टीम को ऑस्ट्रेलिया में शानदार जीत दिलाकर टेस्ट टीम का कप्तान बनने के करीब होते. इस पर कोई बहस नहीं होती। दो खिलाड़ियों की टीम में अभी जगह पक्की नहीं है. फरवरी-मार्च में श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज (भारत बनाम श्रीलंका) के लिए इन दोनों का चयन करना मुश्किल है। श्रेयस अय्यर, हनुमा बिहारी और शुभमन गिल दौड़ में हैं।

Read More : दूसरी जाति में शादी करने पर 13 जोड़ों का सामाजिक बहिष्कार, जाट पंचायत सदस्यों पर केस

सीरीज हारने के बावजूद विराट कोहली ने चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे को बचा लिया है. उन्होंने कहा कि चयनकर्ताओं को फैसला करना होगा। नए कोच राहुल द्रविड़ के आने से टीम इंडिया के तीनों फॉर्मेट के कप्तान बदल गए हैं। अब टीम में बड़ा बदलाव होगा। साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज से कई सीनियर खिलाड़ियों का टेस्ट होगा। अगर वे असफल होते हैं, तो वे भारत में अगले साल होने वाले एकदिवसीय विश्व कप से बाहर हो सकते हैं।

दूसरी जाति में शादी करने पर 13 जोड़ों का सामाजिक बहिष्कार, जाट पंचायत सदस्यों पर केस

 डिजिटल डेस्क : महाराष्ट्र के सांगली जिले में एक जाट पंचायत के छह सदस्यों के खिलाफ अंतरजातीय विवाह के लिए कम से कम 13 जोड़ों के सामाजिक बहिष्कार का आदेश देने का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने रविवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि घुमंतू जनजाति नंदीवाले समुदाय की जाट पंचायत ने नौ जनवरी को सांगली के पलुस में हुई बैठक में सामाजिक बहिष्कार का नया आदेश जारी किया था.

जिले के अलग-अलग हिस्सों में 13 जोड़ों की शादी
पीड़ितों में से एक और शिकायतकर्ता ने बताया कि 13 जोड़ों की एक साल पहले जिले के अलग-अलग जगहों पर शादी हुई थी. पलुस पुलिस निरीक्षक बिकाश यादव ने कहा, ‘हमने जाति पंचायत के छह सदस्यों के खिलाफ अपने समुदाय के बाहर शादी करने के लिए 13 जोड़ों का सामाजिक बहिष्कार करने का मामला दर्ज किया है.

2007 पीड़िता ने उठाया मामला, शिकायत
42 वर्षीय प्रकाश वोसले के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी, जिन्होंने कहा था कि उन्होंने खुद 2007 में अंतर्जातीय विवाह किया था, जिसके बाद जाट पंचायत ने उन्हें समुदाय से निकाल दिया। उन्होंने कहा, “हमारे समुदाय में मेरे जैसे कई पीड़ित हैं जिनका जाति के बाहर शादी करने के लिए बहिष्कार किया गया था।” पिछले साल दिसंबर में, कर्द (सतारा जिला) समुदाय के कुछ सदस्यों ने एक बैठक बुलाई, जहां वह थी। फैसला किया कि इन जोड़ों को फिर से समुदाय का हिस्सा बनने दिया जाए। मैं उस बैठक में मौजूद था।”

Read More :यूपी चुनाव 2022: आईपीएस आसिम अरुण बीजेपी में शामिल

‘जोड़ों की समाज में नहीं लौटने की मांग’
कुछ सदस्यों ने बाद में निर्णय पर आपत्ति जताई, वोस्ले ने कहा, और 9 जनवरी को पॉलस में एक बैठक बुलाई, जहां यह कहा गया कि जोड़े को समुदाय में वापस नहीं किया जा सकता है। इसके बाद हम अंधविश्वास विरोधी संघ में गए और उनकी मदद से जाट पंचायत के छह सदस्यों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। इंस्पेक्टर यादव ने कहा कि छह पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और महाराष्ट्र सामाजिक बहिष्कार (रोकथाम, निषेध और उपचार) अधिनियम, 2016 की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

यूपी चुनाव 2022: आईपीएस आसिम अरुण बीजेपी में शामिल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले, कानपुर में पुलिस आयुक्त के रूप में तैनात आईपीएस अधिकारी असीम अरुण रविवार को लखनऊ में पार्टी कार्यालय में भाजपा में शामिल हो गए। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वाधीन देव सिंह और केंद्रीय मंत्री अनुराग टैगोर मौजूद थे।

बीजेपी में शामिल होने के बाद असीम अरुण ने कहा कि मैं आज बहुत खुश हूं, संतुष्ट हूं. भाजपा का एक नया नेतृत्व बनाने का सपना है। वे इसे एक योजना की तरह चलाते हैं। मैं भी इस योजना का हिस्सा हूं। मुझे यह मौका देने के लिए मैं टीम का बहुत आभारी हूं। उन्होंने कहा, “मैं राजनीति का उस्ताद हूं। अगर कोई गलती हुई है, तो मैं आपको माफ कर दूंगा।”

पूर्व आईपीएस अधिकारी असीम अरुण का कहना है कि योगी राज के तहत यूपी में कानून व्यवस्था की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। मैं सीएम योगी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने सिर्फ पुलिस को ही नहीं, पूरी व्यवस्था को सुधारने के लिए सशक्त किया। उन्होंने कहा कि वंचित-दलित समाज के लिए अभी बहुत कुछ करना बाकी है। मैं वंचित-दलित समाज को आगे बढ़ाने की कोशिश करूंगा। पूर्व आईपीएस अधिकारी ने हाल ही में अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया और राजनीति में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की।

Read More : यूपी चुनाव 2022:ये परिवार अखिलेश यादव को मानता है भगवान विष्णु का अवतार 

सपा में शामिल हुए दंगाइयों – अनुराग टैगोर
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री अनुराग टैगोर ने कहा कि दंगा करने वाले नेता समाजवादी पार्टी में जाते हैं और दंगा रोकने वाले बीजेपी में आते हैं. अनुराग ठाकुर ने कैराना से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार नाहिद हसन का नाम लेकर सपा पर निशाना साधा और कहा कि नाहिद हसन का हाथ खून से रंगा हुआ था. वह लोगों को पलायन के लिए मजबूर कर रहे हैं और एसपी ने उन्हें मनोनीत किया है।

यूपी चुनाव 2022:ये परिवार अखिलेश यादव को मानता है भगवान विष्णु का अवतार 

बाराबंकी: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर सभी राजनीतिक दल इस बार अपनी-अपनी पार्टी की सरकार बनाने की मांग कर रहे हैं तो वहीं पार्टियों के समर्थकों ने पार्टी को तरह-तरह से जिताने की पूरी कोशिश की है. सभी प्रकार के प्रयास और पूजा शुरू कर दी है। ऐसी ही एक घटना बाराबंकी जिले में सामने आई है, जहां समाजवादी पार्टी के समर्थकों ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और मुलायम सिंह को अपने घरों में भगवान की मूर्ति लगाकर पूजा करनी शुरू कर दी है.यह किया गया है और यह पूजा तय कर दी गई है. यह विधानसभा चुनाव के नतीजे आने तक जारी रहेगा।

पूरा मामला उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के कुर्सी विधानसभा क्षेत्र के काकरिया गांव से जुड़ा है. एक परिवार है जो सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भगवान विष्णु का अवतार बता रहा है। इन लोगों ने अखिलेश यादव की तस्वीर को भगवान विष्णु से तुलना करते हुए अपने घर में पूजा करना शुरू कर दिया है। इस पूजा में महिलाएं भी शामिल होती हैं।

इन लोगों का मानना ​​है कि भगवान विष्णु कलियुग में अखिलेश यादव के रूप में आए थे और इस चुनाव में उनकी सरकार बनना तय है. उनकी सरकार बनने तक अखिलेश यादव और मुलायम सिंह इसी घर में पूजा करते रहेंगे. उन्हें विश्वास है कि इस बार उत्तर प्रदेश में भगवान विष्णु के अवतार अखिलेश यादव की सरकार बनेगी, तभी राज्य का कल्याण सुनिश्चित होगा.

‘अखिलेश कलियुग में भगवान विष्णु का एक और रूप’
इस परिवार के लोगों का मानना ​​है कि अखिलेश कलियुग में भगवान विष्णु का दूसरा रूप हैं। अखिलेश यादव का जन्म लोगों को बचाने के लिए धरती पर हुआ है। इसलिए परिवार ने अखिलेश यादव को अपना भगवान मान लिया और उनकी छवि को भगवान के समान रखते हुए अगरबत्ती और अगरबत्ती से उनकी पूजा करने लगे।पूरी रस्मों के साथ आरती चल रही है।

ये लोग अपने मुँह में एक भी दाना नहीं डालेंगे
गृहणियों की बात करें तो समाजवादी पार्टी की सरकार बनने तक महिलाओं ने अनाज छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार नहीं बन जाती, वह मुंह में एक भी दाना नहीं डालेंगे। समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद यह केवल फलों से काम करेगी और अनाज खाएगी, लेकिन अखिलेश यादव और मुलायम सिंह की पूजा उसी तरह जारी रहेगी।

वहीं इलाके में चर्चा गर्म हो गई है और लोग अखिलेश यादव को भगवान मानने लगे हैं. भगवान को पूजा के समान दर्जा देना कोई छोटी बात नहीं है। लोगों का मानना ​​है कि कलियुग में भगवान अखिलेश यादव के रूप में आए थे। यह इस परिवार की मान्यता है।

Read More : हाथरस रेप पीड़ित के परिवार ने ठुकराया विधायकी का टिकट:कहा…

अखिलेश की जीत के लिए पूजा और धार्मिक गतिविधियां चल रही हैं. सोचने वाली बात यह है कि इस तरह के किस्से और सीन आमतौर पर इस राजनीतिक माहौल में देखने को नहीं मिलते। अब हमें इस चुनाव में इस परिवार की पूजा का असर देखना होगा और नतीजे आने के बाद किसकी सरकार बनी.

हाथरस रेप पीड़ित के परिवार ने ठुकराया विधायकी का टिकट:कहा…

हाथरस: कांग्रेस ने ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ के नारे पर अमल करते हुए यूपी में योगी सरकार में यातना का शिकार हुईं कई महिलाओं को विधानसभा टिकट दिए हैं। दरअसल, यह नारा कांग्रेस की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा है। उन्नाव और हाथरस रेप पीड़ित के परिवार की किसी महिला को टिकट देकर कांग्रेस यूपी की योगी सरकार के खिलाफ चुनाव के मैदान में भाजपा के ऊपर हमलावर होना चाहती थी।

कांग्रेस अपनी मुहिम के तहत उन्नाव रेप पीड़ित की मां आशा सिंह को मनाने में तो कामयाब रही, लेकिन हाथरस की रेप पीड़ित के परिवार ने माफी और विनम्रता के साथ पार्टी का ऑफर ठुकरा दिया है। दरअसल, हाथरस रेप पीड़ित का परिवार सहमा हुआ है कि अगर टिकट ले लिया, तो कहीं कोर्ट केस में कोई बाधा न पहुंचे। उससे भी बड़ा डर उन्हें अपनी सुरक्षा का है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक हाथरस रेप पीड़ित की भाभी या मां को टिकट देने की बात चल रही थी।

अखिलेश यादव ने डबल इंजन सरकार पर किया प्रहार 

अखिलेश यादव ने डबल इंजन सरकार पर किया प्रहार 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (यूपी चुनाव 2022) से पहले नेताओं के बीच सियासी घमासान चल रहा था. इस बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने डबल इंजन सरकार का मजाक उड़ाया है. यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मुझे लगता है कि डबल इंजन वाली सरकार के इंजन आपस में टकरा रहे हैं. दिल्ली और लखनऊ की जनता एक दूसरे का इंजन तोड़ रही है, लेकिन मैं गोरखपुर को इस लड़ाई को अलविदा कहने के लिए बधाई देता हूं. बता दें कि बीजेपी संसदीय बोर्ड ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके ही संसदीय क्षेत्र गोरखपुर शहर से नामित किया है. इसके बाद से अखिलेश यादव लगातार मुख्यमंत्री योगी पर हमले कर रहे हैं.

वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, ‘मैंने उनकी (योगी आदित्यनाथ) बिना मन की खिचड़ी खाते हुए तस्वीरें देखीं। ये लोग वोटिंग के लिए खिचड़ी खा रहे हैं. हर वर्ग के लोग समझते हैं कि वे वोट के लिए सब कुछ कर रहे हैं। एक साथ आओ और भाजपा की जमानत जब्त करो। इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा था कि वह कभी मथुरा से लड़ेंगे, कभी अयोध्या से लड़ेंगे, कभी प्रयागराज से लड़ेंगे. मुझे खुशी है कि बीजेपी ने उन्हें (योगी आदित्यनाथ को) उनके घर भेजा है. अब मुझे लगता है कि उन्हें गोरखपुर में रहना होगा, अब वहां से वापस आने की जरूरत नहीं है। साथ ही उन्होंने क्रिकेट के बहाने योगी का अपमान भी किया।

सीएम योगी ने की प्रचंड बहुमत की मांग
वहीं गोरखपुर से चुनाव लड़ने के फैसले के बाद सीएम योगी ने शनिवार को कहा कि बीजेपी भारी बहुमत से सरकार बनाएगी, इसमें कोई शक नहीं. भाजपा ने राष्ट्रवाद, विकास और सुशासन के मुद्दों पर जो काम किया है वह सबके सामने है। वर्तमान में सीएम योगी आदित्यनाथ विधानसभा के सदस्य हैं। हालांकि वे पांच बार गोरखपुर से सांसद रह चुके हैं।

Read More : कंपनी के तिमाही नतीजे तय करेंगे शेयर बाजार की दिशा

बीजेपी ने जारी की 107 उम्मीदवारों की लिस्ट
भाजपा अब तक पहले और दूसरे चरण के लिए कुल 107 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। पार्टी ने पहले चरण में 57 में से 57 और दूसरे चरण में 55 में से 48 उम्मीदवारों की घोषणा की है। इस समय 20 सीटों के लिए उम्मीदवारों में बदलाव किया गया है। फिर से 63 लोगों को टिकट दिया गया है. इनमें 10 महिलाएं हैं। इसके अलावा, 21 नए उम्मीदवारों में युवा और डॉक्टर भी शामिल हैं। इतना ही नहीं, 107 उम्मीदवारों में से 44 ओबीसी हैं, 19 एससी हैं। वहीं 43 सीटों पर सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है. साथ ही एक सामान्य सीट से अनुसूचित जाति के उम्मीदवार को मौका दिया गया है।

कंपनी के तिमाही नतीजे तय करेंगे शेयर बाजार की दिशा

डिजिटल डेस्क : इस हफ्ते शेयर बाजार की दिशा कुछ बड़ी कंपनियों के दिसंबर 2021 की तीसरी तिमाही के नतीजों से तय होगी। विश्लेषकों ने ऐसी राय व्यक्त की है। एक हफ्ते के भीतर रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिंदुस्तान यूनिलीवर और बजाज फाइनेंस समेत कुछ और कंपनियां अपने तीसरी तिमाही के नतीजों की घोषणा करेंगी। विश्लेषकों ने कहा कि इसके अलावा कोविड-19 की स्थिति, वैश्विक बाजार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के निवेश का रुझान, रुपये-डॉलर की अस्थिरता और ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत भी बाजार को दिशा देगी.

तिमाही नतीजों का सीजन इस हफ्ते रफ्तार पकड़ेगा
रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्रा ने कहा, ‘इस हफ्ते तिमाही नतीजों में तेजी आएगी। बाजार सहभागियों को रिलायंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज ऑटो, जेएसडब्ल्यू स्टील, बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसी कुछ शीर्ष कंपनियों के आय विवरण दिखाई देंगे।

अजीत मिश्रा ने कहा कि अन्य घटनाक्रमों के साथ-साथ बाजार की उम्मीदें भी बजट पर निर्भर करती हैं। इसके अलावा, कोविड -19 के नए संस्करण का वैश्विक संकेतकों और ओमाइक्रोन के बारे में समाचारों पर प्रभाव पड़ेगा।

कोविड-19 के मामले में तेजी से वृद्धि
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, “कई क्षेत्रों में बजट पूर्व पहल की गई है। यह इस सप्ताह भी जारी रहेगा। वैश्विक बाजार कुछ अस्थिरता दिखा रहे हैं जिसका असर यहां भी पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि कोविड के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या और मृत्यु दर बहुत कम है। इसलिए बाजार के बारे में ज्यादा चिंता न करें। तीसरी तिमाही के नतीजों, वैश्विक संकेतकों और बजट पूर्व उम्मीदों के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

पिछले हफ्ते सेंसेक्स 2.47 फीसदी चढ़ा
सिएट और बजाज फिनसर्व के तिमाही नतीजे भी हफ्ते में 6 हैं पिछले हफ्ते 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,478.38 अंक या 2.47 फीसदी चढ़ा था।

Read More : ऑस्ट्रेलिया सरकार से हारे नोवाक जोकोविच, उनके करियर का सबसे बड़ा झटका

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख बिनोद नायर ने कहा कि घरेलू बाजार इस सप्ताह तिमाही नतीजों पर ध्यान केंद्रित करेगा। बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र मुख्य फोकस होगा। साथ ही बाजार की दिशाएं कोविड-19 से संबंधित घटनाक्रम से तय होंगी।

ऑस्ट्रेलिया सरकार से हारे नोवाक जोकोविच, उनके करियर का सबसे बड़ा झटका

नई दिल्ली : दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच को बड़ा झटका लगा है. वह अब ऑस्ट्रेलियन ओपन में अपने खिताब का बचाव नहीं कर पाएंगे। ऑस्ट्रेलिया की एक अदालत ने उन्हें देश से निर्वासित करने के सरकारी आदेश को बरकरार रखा है। इस फैसले का साफ मतलब है कि जोकोविच, जिन्होंने कोरोनावायरस वैक्सीन के बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया था। वह निर्वासित होने तक मेलबर्न में हिरासत में रहेगा।

उन्हें तीन साल के लिए ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इससे पहले सोमवार को ऑस्ट्रेलियन ओपन के आयोजकों ने घोषणा की थी कि जोकोविच रॉड लेवर एरिना में पहले दौर का मैच खेलेंगे। संघीय अदालत के तीन न्यायाधीशों ने शुक्रवार को जनहित में सर्बियाई टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच के वीजा को रद्द करने के आव्रजन मंत्री के फैसले को बरकरार रखा।

जोकोविच को मिली थी धमकी

मंत्री ने इस आधार पर वीजा रद्द कर दिया कि ऑस्ट्रेलिया में जोकोविच की उपस्थिति देश के लोगों के स्वास्थ्य और “अनुशासन” के लिए खतरा पैदा कर सकती है और ऑस्ट्रेलिया के चल रहे कोरोनावायरस टीकाकरण अभियान के लिए एक झटका हो सकता है। जोकोविच को सोमवार रात ऑस्ट्रेलियन ओपन के पहले दौर में खेलना था. लेकिन यह फैसला उनके सामने आया।

इससे पहले, जोकोविच ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार के खिलाफ अपना पहला वीजा मुकदमा जीता था। मेलबर्न की एक अदालत ने फैसला सुनाया है कि टेनिस स्टार का वीजा रद्द करने का ऑस्ट्रेलियाई सरकार का फैसला गलत था और सरकार को जोकोविच का पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज और सामान तुरंत वापस करने का आदेश दिया। फिर उन्होंने अभ्यास करना शुरू किया। हालांकि, अदालत के फैसले के खिलाफ सरकार ने जोकोविच को सार्वजनिक खतरा मानते हुए उनका वीजा रद्द कर दिया। इस बार कोर्ट ने सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया है.

पहले मैच में हमवतन का सामना करना पड़ा
20 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता नोवाक का सामना हमवतन मिओमी केकमानोविच से होना था। यह मैच सोमवार को होना था। जोकोविच अगर खिताब जीत जाते तो सबसे ज्यादा 21 ग्रैंड स्लैम जीतने वाले खिलाड़ी बन जाते। जोकोविच ने पिछले साल शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतने में स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर और स्पेन के राफेल नडाल की बराबरी की थी। इन सभी ने 20-20 ग्रैंड स्लैम जीते हैं। जोकोविच ने फेडरर और नडाल दोनों को पीछे छोड़ दिया होता अगर उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन जीता होता।

Read More: उत्तराखंड चुनाव: बीजेपी की 25 सीटों पर शिकंजा, 15 विधायक काट सकते हैं टिकट

जोकोविच इस बार ऑस्ट्रेलियन ओपन में अपने खिताब का बचाव करने कोर्ट जा रहे थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा. जोकोविच ने 2021 ऑस्ट्रेलियन ओपन के खिताबी मुकाबले में डेनियल मेदवेदेव को हरा दिया।

उत्तराखंड चुनाव: बीजेपी की 25 सीटों पर शिकंजा, 15 विधायक काट सकते हैं टिकट

देहरादून। उत्तराखंड में 14 फरवरी को विधानसभा चुनाव (Uttarakhand Election 2022) के लिए वोटिंग होगी. इसके लिए सत्तारूढ़ भाजपा ने राज्य की 70 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम चयन समिति को सौंपे हैं। अब दिल्ली में भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व इस सूची पर विचार करेगा। उत्तराखंड के 28 निर्वाचन क्षेत्रों में स्थिति काफी स्पष्ट मानी जा रही है। पार्टी सबसे पहले इन 28 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है। हालांकि राज्य की 25 सीटें फिलहाल अटकी हुई हैं, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व खुफिया जानकारी के बाद अंतिम फैसला लेगा। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी 10 से 15 पदाधिकारियों के टिकटों में कटौती कर सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, राज्य की 28 सीटों पर बीजेपी के पास सिर्फ एक स्पष्ट प्रतिद्वंद्वी है. उनके नाम की घोषणा जल्द की जा सकती है, जिसमें कई नेता अन्य सीटों के लिए होड़ में हैं। इन परिस्थितियों में इन सीटों पर अंतिम फैसला 19 जनवरी को दिल्ली में पार्टी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया जाएगा।

उत्तराखंड भाजपा के करीबी सूत्रों के अनुसार पौड़ी, कोटद्वार, थराली, कर्णप्रयाग, घनसाली, प्रतापनगर, टिहरी, झाबरेड़ा, लक्सर, पिरान कलियार, राजपुर रोड, चंबाबत, लोहाघाट, नैदान में होने वाली बैठक में भाजपा संसदीय बोर्ड शामिल होगा. जागेश्वर, अल्मोड़ा, रानीखेत, द्वारहाट, गंगोलीहाट, बाजपुर, काशीपुर, रुद्रपुर और गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र हिल जाएंगे.

Read More : गोवा चुनाव: गोवा में केजरीवाल ने किया चुनावी वदा का ऐलान

सूत्रों के मुताबिक, स्थिति स्पष्ट नहीं है क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिबेंद्र सिंह रावत भी डोईवाला निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। इस पर आगामी बैठक में केंद्रीय नेतृत्व ही फैसला करेगा।