Thursday, April 23, 2026
Home Blog Page 171

सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए पापमोचनी एकादशी के दिन जरूर करें ये काम

चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पापमोचनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. पापमोचनी एकादशी व्यक्ति के बड़े से बड़े पाप का भी अंत कर देती हैं. हर एकादशी की तरह पापमोचनी एकादशी का व्रत भी भगवान विष्णु ) को समर्पित है. मान्यता है कि इस एकादशी की व्रत कथा को ही पढ़ने या सुनने से 1000 गौदान के बराबर पुण्य प्राप्त होता है. इस बार पापमोचनी एकादशी 28 मार्च को है. एकादशी व्रत जीवन में सुख समृद्धि और खुशहाली लाने वाला माना जाता है. इसे श्रेष्ठ व्रतों में से एक माना गया है. लेकिन इस व्रत के नियम काफी कठिन होते हैं. अगर आप ये व्रत नहीं रख सकते तो अपनी समस्याओं को समाप्त करने के लिए एकादशी के दिन कुछ उपाय कर सकते हैं.

कर्ज मुक्ति के लिए
अगर आप पर कर्ज का बोझ चढ़ा है और आप इसे जल्द से जल्द उतारना चाहते हैं तो एकादशी के दिन एक लोटा जल में थोड़ी सी चीनी मिलाएं. नारायण का ध्यान करते हुए इस जल को पीपल में चढ़ाएं और प्रभु से समस्या के समाधान की प्रार्थना करें. शाम को देसी घी का दीपक पीपल के पेड़ के नीचे जलाएं. इससे आपके ग्रहदशा आपके पक्ष में आने लगती है और जल्द ही आपके पास धन संचय हो जाता है. धन एकत्रित होने के बाद आप कर्ज को आसानी से उतार सकते हैं.

धन प्राप्ति के लिए
एकादशी तिथि बहुत श्रेष्ठ तिथियों में से एक है. इस​ दिन स्नान आदि के बाद भगवान विष्णु का पूरी श्रद्धा से पूजन करें. रात में विष्णु भगवान की प्रतिमा के समक्ष नौ बत्तियों जलाएं. इसके अलावा एक अखंड दीपक जलाएं जो पूरी रात जलना चाहिए. इस दौरान भगवान से अपने आर्थिक संकट को दूर करने की प्रार्थना करें. मान्यता है कि इस उपाय से नारायण के साथ माता लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं और भक्त को आशीर्वाद प्रदान करती हैं.

Read More : अब विधानसभा में होगा योगी बनाम अखिलेश, विपक्ष का चेहरा होंगे अखिलेश यादव

सुख-शांति के लिए
तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है. तुलसी भगवान विष्णु को अति प्रिय हैं. एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद शाम में तुलसी के पौधे के नीचे घी का दीपक जलाएं. संभव हो तो गाय के घी का दीपक जलाएं. 11 बार तुलसी की परिक्रमा करें और परिक्रमा करते हुए मन में ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का उच्चारण करें. हर एकादशी पर ऐसा करने से आपके परिवार में सुख और शांति बनी रहती है. घर के सदस्यों में आपसी प्रेम बढ़ता है. इसके अलावा आप चाहें तो दिन में भगवान विष्णु की पूजा के दौरान तुलसी की माला से ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का कम का एक माला या इससे अधिक जाप कर सकते हैं. इससे भी नारायण की कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है.

 

27 मार्च 2022 का पंचांग: महामृत्युंजय मंत्र के जप का है अनन्त पुण्य, पढ़ें रविवार का शुभ मुहूर्त

आज चैत्र माह कृष्ण पक्ष की दशमी है। भगवान शिव जी की उपासना के साथ माता भगवती जी की स्तुति करें।आज व्रत के साथ अन्न दान का भी बहुत महत्व है। आज रुद्राभिषेक करें व दुर्गासप्तशती का पाठ करें। आज महामृत्युंजय मंत्र के जप का अनन्त पुण्य है।आज रविवार है।सूर्य उपासना का दिवस है।प्रातःकाल पञ्चाङ्ग का दर्शन ,अध्ययन व मनन आवश्यक है।शुभ व अशुभ समय का ज्ञान भी इसी से होता है। अभिजीत मुहूर्त का समय सबसे बेहतर होता है।इस शुभ समय में कोई भी कार्य प्रारंभ कर सकते हैं।विजय व गोधुली मुहूर्त भी बहुत ही सुंदर होता है।राहुकाल में कोई भी कार्य या यात्रा आरम्भ नहीं करना चाहिए।

आज का पंचांग 27 मार्च 2022 (Today Panchang)

दिनांक 27 मार्च 2022
दिवस रविवार
माह चैत्र, कृष्ण पक्ष
तिथि दशमी 06:05pm तक फिर एकादशी
सूर्योदय 06:17am
सूर्यास्त 06:36pm
नक्षत्र उत्तराषाढ़ा
सूर्य राशि मीन
चन्द्र राशि मकर
करण वणिज
योग
शिव

Read More : अब विधानसभा में होगा योगी बनाम अखिलेश, विपक्ष का चेहरा होंगे अखिलेश यादव

शुभ मुहूर्त- अभिजीत 12:11am से12:55pm तक
विजय मुहूर्त 02:24pm से 03:18pm तक
गोधुली मुहूर्त 06:05pm से 06:30pm तक
राहुकाल का समय सायंकाल 04:30 बजे से 06 बजे तक है। इस दौरान शुभ काम को करने से परहेज करें।

सेक्स रैकेट का पर्दाफाश: होटल के 10 कमरों में अंतरंग थे दस युवक और आठ युवतियां

 प्रदेश : उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में अकबरपुर नगर के एक होटल में सेक्स रैकेट चलने की खबर पर एसडीएम व अकबरपुर कोतवाली पुलिस ने छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने होटल में 10 युवक व 8 युवतियां को पकड़ लिया। होटल की संचालिका को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इन सभी के खिलाफ अनैतिक क्रियाकलाप अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जमानत दे दी गई। इस बीच प्रशासन ने होटल के कागजात आदि की जांच शुरू करा दी है। होटल दोबारा संचालित न होने पाए, इसके लिए प्रशासन ने जरूरी इंतजाम शुरू कर दिए हैं। होटल की घेराबंदी कर छापा मारा तो वहां अलग अलग कमरों से कुल 10 युवक व 8 युवतियों को पकड़ लिया गया।

Read More : रामपुरहाट में हुए नरसंहार के मामले बड़ा खुलासा!

वहां संचालिका के अलावा 18 युवक युवतियों के विरुद्ध अनैतिक क्रियाकलाप अधिनियम में केस दर्ज कर लिया गया। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी इसी होटल में सेक्स रैकेट चलाए जाने की खबर सामने आई थी

 

रामपुरहाट में हुए नरसंहार के मामले बड़ा खुलासा!

बीरभूमः जिले  रामपुरहाट के बोगतुई गांव में हुए नरसंहार के मामले में एक अहम खुलासा हुआ है। बीरभूम हिंसा के एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि दमकल कर्मियों ने बीरभूम में जले हुए घरों में भीषण गर्मी के कारण जले हुए शवों को निकालने के लिए 10 घंटे तक इंतजार किया। प्रचंड गर्मी के कारण उस समय उन जले हुए घरों में जाना संभव नहीं था, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार घायलों और प्रभावितों की तलाशी अभियान अगली सुबह सात बजे तक जारी रहा। बता दें कि टीएमसी नेता की हत्या के बाद सोमवार देर रात हिंसा भड़क गई थी। यहां भीड़ ने 10-12 घरों के दरवाजे को बंद कर आग लगा दी थी। घरों में आग लगाने के बाद कुल आठ लोगों की मौत हो गई थी।

कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बीरभूम हिंसा मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है और जांच शुरू की है। शिकायतकर्ता बीरभूम के रामफुरत थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर है और घटना का पहला रिस्पॉन्डर भी है।

प्राथमिकी के कॉपी में क्या लिखा है?

एक रिपोर्ट के मुताबिक एफआईआर कॉपी में लिखा है कि 21 मार्च की रात करीब 9.35 बजे उन्हें रामपुरहाट थाना (ड्यूटी ऑफिसर) के सब-इंस्पेक्टर रमेश साहा से सूचना मिली कि बोगतुई गांव के कुछ घरों में आग लग गई है और वे जल रहे हैं। “मैं अपने साथ के अधिकारियों और बल के साथ सूचना का काम करने के लिए बोगतुई गांव पहुंचा। रात करीब 10.05 बजे हम बोगतुई गांव पहुंचे, जो एनएच-60 पर बोगतुई मोड़ से करीब एक किमी की दूरी पर स्थित है। वहां से जानकारी मिली की कि वहां आठ घर और कुछ पुआल के ढेर लगे और उसमें भीषण आग लग गई और वे भीषण रूप से जल रहे थे।

उन्होंने कहा, “मैंने तुरंत ड्यूटी अधिकारी एसआई रमेश साहा को फोन किया और उन्हें तुरंत दमकल कर्मियों को आग बुझाने के लिए मौके पर जाने के लिए सूचित करने के लिए कहा। उसके बाद मैंने अपने बेटे के साथ स्थानीय लोगों की मदद से बाल्टियों से पानी डालकर आग पर काबू पाने की पूरी कोशिश की, लेकिन आग इतनी विनाशकारी होने के कारण ऐसा करने में असफल रहा/ रात करीब 10.25 बजे, रामपुरहाट दमकल और आपातकालीन सेवाओं के दमकल कर्मी दो दमकल गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का काम शुरू किया।”

दमकलकर्मियों के घर के अंदर पहुंचने में हुई थी देरी

अग्निशमन अभियान के दौरान, चार लोग जले हुए पाए गए। स्थानीय लोगों और उनके परिजनों की मदद से उन्हें तत्काल रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। किसी तरह आग पर काबू पाया गया और आग पर कमोबेश काबू पाने के बाद तड़के करीब दो बजे दमकल कर्मी मौके से चले गए। एफआईआर में शिकायतकर्ता के बयान के अनुसार, “भीषण गर्मी के कारण उस समय उन जले हुए घरों में प्रवेश करना संभव नहीं था। हालांकि, घायल और प्रभावित व्यक्तियों की तलाशी प्रक्रिया 22 मार्च (अगले दिन) सुबह लगभग 07.10 बजे जारी रही, दमकल कर्मी फिर से गांव पहुंचे और हमारे तलाशी अभियान में शामिल हो गए।

Read More : अब बुखार उतारने वाले पैरासिटामोल के लिये चुकाने होंगे इतने रुपये

प्राथमिकी में आगे लिखा है कि अधिकांश घर पूरी तरह से जलकर खाक हो गए थे और उनमें तोड़फोड़ भी की गई थी। जब तलाशी अभियान जारी था, घरों से सात जले हुए शव बरामद किए गए। घर से बचाए गए एक घायल व्यक्ति ने अस्पताल में इलाज के दौरान गंभीर रूप से जलने के कारण दम तोड़ दिया। सभी शव जलकर राख हो गए थे पहचान से परे थे। उन्होंने प्राथमिकी में कहा कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए तत्काल रामपुरहाट कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया।

अब बुखार उतारने वाले पैरासिटामोल के लिये चुकाने होंगे इतने रुपये

नई दिल्‍ली: पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के बाद अब दवाएं भी महंगी होने जा रही हैं। अप्रैल से 800 से ज्‍यादा जरूरी दवाओं के दाम में सीधे 10 प्रतिशत तक की बढ़ोत्‍तरी होने जा रही है। इनमें बुखार, हृदय रोग, हाई ब्‍लड प्रेशर, त्‍वचा रोग और एनीमिया के उपचार में इस्‍तेमाल होने वाली दवाएं भी शामिल हैं। पेट्रोल-डीजल के दामों में रोज इजाफा हो रहा है।अधिकांश शहरों में पेट्रोल पहले से 100 के पार हो चुका है, ऐसे में लगातार हो रही वृद्धि आम आदमी के लिए परेशानी का सबब बन गई है। डीजल भी लगातार महंगा होने से आने वाले दिनों में खाने-पीने की वस्तुओं के दामों में बेतहाशा तेजी आने की भी आशंका है। इस बीच, महंगाई का असर दवाओं पर भी पड़ गया है। केंद्र सरकार ने शेड्यूल ड्रग्‍स की कीमतों में वृद्धि को हरी झंडी दिखा दी है। इस वजह से अप्रैल से 800 से ज्‍यादा जरूरी दवाएं 10 प्रतिशत से भी ज्यादा महंगी हो जाएंगी।

पैरासिटामोल के लिए चुकाने होंगे ज्यादा दाम

अगले महीने से पेनकिलर और एंटी बायोटिक जैसे पैरासिटामोल फिनाइटोइन सोडियम, मेट्रोनिडाजोल जैसी जरूरी दवाओं के लिए भी आपको ज्यादा दाम चुकाने होंगे। नेशनल फार्मा प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) के मुताबिक, थोक मूल्य सूचकांक (डब्लयूपीआई) में तेजी के चलते से ऐसा होने जा रहा है। 1 अप्रैल 2022 से दवाओं की कीमतों में इजाफा देखने को मिलने लगेगा।

Read More : बीएसएफ को मिली बड़ी सफलता, 5 करोड़ रुपये मूल्य की….

काफी समय से की जा रही थी मांग

गौरतलब है कि कोरोना महामारी के बाद से फार्मा इंडस्‍ट्री दवाओं की कीमत बढ़ाए जाने की लगातार मांग कर रही थी। इसके बाद शेड्यूल ड्रग्‍स के लिए कीमतों में 10.7 प्रतिशत बढ़ोत्‍तरी की मंजूरी दी गई है। शेड्यूल ड्रग्‍स में आवश्‍यक दवाएं शामिल होती हैं और इनकी कीमतों पर नियंत्रण होता है। इनके दाम बगैर अनुमति नहीं बढ़ाए जा सकते।

 

बीएसएफ को मिली बड़ी सफलता, 5 करोड़ रुपये मूल्य की….

कोलकाता : भारतीय सीमा सुरक्षा बल बीएसएफ ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले के बालुरघाट पुलिस थाने के अंतर्गत भारत-बांग्लादेश सीमा के पास नोक्शा गांव से लगभग 5 करोड़ रुपये की एक दुर्लभ मूर्ति बरामद की है। बीएसएफ सूत्रों के मुताबिक मूर्ति 9वीं-10वीं सदी की है। मूर्ति काले पत्थर से बनी है। यह करीब ढाई फीट लंबी है और इसका वजन करीब 32 किलोग्राम है। मूर्ति खेत में बांस की झाड़ियों के बीच एक प्लास्टिक की थैली में जमीन में छुपा कर रखी गयी थी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने स्वीकार किया है कि यह प्रतिमा दुर्लभ है और बेशकीमती है। बीएसएफ ने मूर्ति को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को सौंप दी है।

Read More : यूक्रेन युद्ध में शामिल नहीं होगा बेलारूस: लुकाशेंको

बीएसएफ की ओर से जारी बयान में बताया कि गुप्त सूचना के आधार बीएसएफ के जवानों ने यह अभियान चलाया और भारतीय संस्कृति की धरोहर को बचाने में सफलता हासिल की है। इससे बीएसएफ के जवान काफी उत्साहित हैं। भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात उत्तर बंगाल फ्रंटियर बीएसएफ के महानिरीक्षक अजय सिंह के नेतृत्व में तस्करी और घुसपैठ के अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने के लिए राष्ट्र विरोधी तत्वों के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए सीमा पर सतर्कता बनाए हुए हैं।

 

यूक्रेन युद्ध में शामिल नहीं होगा बेलारूस: लुकाशेंको

डिजिटल डेस्क : बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने कहा है कि बेलारूसी अधिकारियों की यूक्रेन पर आक्रमण करने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने “फर्जी समाचार” फैलाने के लिए “ठंडी प्रतिक्रिया” का भी आह्वान किया। यह बात उन्होंने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कही। बेलारूस की समाचार एजेंसी ने बेल्टा के हवाले से कहा है।

“मैंने एक हज़ार बार कहा है कि यूक्रेन पर आक्रमण करने की हमारी कोई योजना नहीं है,” उन्होंने कहा। लेकिन चर्चा के केंद्र में यही है। वंशानुगत, बेलारूसवासी युद्ध को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए इस नीति का पालन किया जाता है। हमें सुरुचिपूर्ण तरीके से जवाब देना होगा। सोवियत काल में भी, किसी को न केवल प्रचार के बारे में बात करने के लिए, बल्कि प्रति-प्रचार के बारे में भी बात करने के लिए विवेकपूर्ण होना पड़ता था। हमें शांति से जवाब देना होगा और कोई बहाना नहीं बनाया जा सकता। “

लुकाशेंको ने विदेश भाग गए विपक्षी नेता की भी निंदा की। उन्होंने आगे कहा कि विपक्षी नेता इस दावे से “भावनात्मक रूप से प्रभावित” हुए हैं कि बेलारूसी सैन्य बल भी पड़ोसी देशों में सैन्य अभियानों में भाग लेंगे।

बेलारूस के राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि विपक्षी कार्यकर्ता यूक्रेन में लड़ने के लिए स्वैच्छिक शाखाएं खोल रहे हैं। उनका सवाल है, “क्या कर्ण वाकई यूक्रेन में लड़ रहा है?”

लुकाशेंको का मानना ​​​​है कि बेलारूस पड़ोसी देशों के साथ संघर्ष में भाग लेने की योजना बना रहा है, बाहरी देशों के आरोप प्रेरित हैं। उन्होंने कहा, ‘हमें युद्ध में घसीटने के लिए इस तरह से जनता की राय तैयार की जा रही है।

बेलारूसी राष्ट्रपति ने एक बयान में कहा कि “अगर वे हमारे खिलाफ युद्ध शुरू करते हैं तो हमारे खिलाफ युद्ध शुरू करने का केवल एक ही तरीका है।” इसलिए मैंने अपने आंख-कान खुले रखे हैं। ‘

रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमला किया। रूसी सैनिकों ने भी पड़ोसी देश बेलारूस से यूक्रेन में प्रवेश किया। उसी दिन, अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने कहा कि यदि आवश्यक हो, तो बेलारूसी सैनिक यूक्रेन में रूसी ऑपरेशन में भाग लेंगे। लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो बेलारूस और रूस को इसकी जरूरत होगी तो वे इसमें हिस्सा लेंगे। “

Read More : केंद्र के खिलाफ कांग्रेस ने खोला मोर्चा! 31 मार्च से शुरू होगा ‘मुद्रास्फीति मुक्त भारत अभियान’

रूस, क्रेमलिन के करीबी सहयोगी बेलारूस के साथ, यूक्रेन हमले में अपनी भूमिका को लेकर संयुक्त राज्य अमेरिका सहित पश्चिम द्वारा लक्षित किया गया है। युद्ध में बेलारूस की सीधी भागीदारी की अफवाहों के बीच, लुकाशेंको, जिन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मदद से सत्ता संभाली है, ने अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए संवाददाताओं को बुलाया।

केंद्र के खिलाफ कांग्रेस ने खोला मोर्चा! 31 मार्च से शुरू होगा ‘मुद्रास्फीति मुक्त भारत अभियान’

नई दिल्ली: महंगाई और ईंधन की बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर कांग्रेस 31 मार्च से 7 अप्रैल तक ‘महंगाई मुक्त भारत अभियान’ शुरू करेगी। शनिवार को कांग्रेस महासचिवों और प्रदेश प्रभारियों की बैठक में यह फैसला लिया गया। इसके अलावा बैठक में पार्टी के भर्ती अभियान, विभिन्न मुद्दों पर आंदोलन की रूपरेखा और मौजूदा राजनीतिक हालात पर भी चर्चा हुई.

कांग्रेस मुख्यालय में हुई बैठक की अध्यक्षता पार्टी संगठन के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने की. इसमें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भद्रा, मुकुल वासनिक, तारिक अनवर, रणदीप सुरजेवाला, पवन कुमार भंसल समेत कई नेताओं ने हिस्सा लिया. मुलाकात के बाद प्रियंका गांधी ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘कांग्रेस के महासचिव और प्रदेश प्रभारियों की बैठक में सदस्यता प्रोत्साहन और जन मुद्दों पर आंदोलन पर चर्चा में अपने विचार रखें.

31 मार्च से कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी आंदोलन
बैठक में तय हुआ कि 31 मार्च को महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी आंदोलन होगा। नारा है “बर्तन खेलो, प्रिय को बचाओ”। 2-4 अप्रैल को प्रखंड और जिला स्तर पर भी प्रदर्शन होंगे. इसके अलावा, राज्य की राजधानी में 8 अप्रैल को विरोध प्रदर्शन होगा। इस बैठक में कांग्रेस के सभी प्रदेश प्रभारी अपनी-अपनी राज्य रिपोर्ट पेश करते हैं. रिपोर्ट और बैठक विशेष रूप से उन निर्वाचन क्षेत्रों और 5 राज्यों के पदाधिकारियों के साथ की गई थी जहां कांग्रेस पार्टी हार गई थी।

दरअसल, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पार्टी महासचिव और प्रदेश प्रभारियों से मुलाकात कर मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा की है. बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने की। कांग्रेस मुख्यालय में हुई बैठक में सभी राज्यों के प्रभारी अपनी-अपनी प्रतिक्रिया रिपोर्ट तैयार करने में जुट गए हैं.

Read More : बीरभूम हत्याकांड : एक्शन में सीबीआई, 21 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

उत्तराखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मणिपुर और गोवा में कांग्रेस पार्टी की हार के बाद बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इन राज्यों में जल्द ही नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी। बैठक हाल के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की हार और ‘जी23’ समूह की बढ़ती सक्रियता की पृष्ठभूमि में हुई।

बीरभूम हत्याकांड : एक्शन में सीबीआई, 21 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

कोलकाता : बीरभूम हिंसा मामले की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो की फोरेंसिक टीम रामपुरहाट इलाके के गांव पहुंच गई है। बीरभूम हिंसा मामले की जांच के लिए डीआईजी अखिलेश सिंह के नेतृत्व में सीबीआई टीम सीएफएसएल टीम के साथ रामपुरहाट इलाके के बग्तुई गांव पहुंचकर जांच में जुटी है। वहीं मामले की निगरानी संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी करेंगे। शनिवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम के सदस्यों ने इस मामले की जांच के लिए गठित सीट के अफसरों से कागजात ले लिए हैं। इसके साथ ही सीबीआई ने इस मामले में 21 आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149 और अन्य सेक्शन के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इनके खिलाफ सशस्त्र दंगे करने के आरोप लगाये गये हैं।

Reda More : एटा में दो पक्षों में हिंसक झड़प, पथराव में कई घायल, पुलिस बल तैनात

 

एटा में दो पक्षों में हिंसक झड़प, पथराव में कई घायल, पुलिस बल तैनात

डिजिटल डेस्क : उत्तर प्रदेश में एटा जिले के मरहरा इलाके में शनिवार को दोनों पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गयी जबकि कई अन्य घायल हो गये. पुलिस सूत्रों ने बताया कि गांव भुरगामा में शुक्रवार की शाम वार्षिक मेले की शुरुआत हुई थी, तभी दोनों पक्षों के लोगों के बीच हुई गाली-गलौज हाथापाई में बदल गई. मारपीट का यह सिलसिला आज भी जारी रहा और दोनों पक्षों के बीच पथराव और फायरिंग हुई। गोली लगने से राम कुमार नाम का एक युवक घायल हो गया, जिसे अस्पताल भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि एक लोधी धड़े का आरोप है कि मेले के दौरान गांव के दूसरे धोबी गुट ने गांव की लाइट काट कर पथराव किया. पथराव में कई लोग घायल हो गए। आज सुबह धोबी पक्ष ने लोधी पक्ष के एक घर को घेर लिया और उसी गली में होने के कारण उन्हें जाने नहीं दिया। इस दौरान दोनों ओर से जमकर मारपीट व पथराव हुआ। सूत्रों ने बताया कि गांव में व्याप्त तनाव को देखते हुए कई थानों की फोर्स मौके पर मौजूद है.

Read More : वनप्लस 5 मिनट में 50% चार्ज करने के लिए एक शक्तिशाली प्रोसेसर-डिस्प्ले-कैमरा वाला फोन लाता है

वनप्लस 5 मिनट में 50% चार्ज करने के लिए एक शक्तिशाली प्रोसेसर-डिस्प्ले-कैमरा वाला फोन लाता है

 डिजिटल डेस्क : लीक हुए रोडमैप की माने तो OnePlus Nord CE 2 Lite और Nord 2T के बाद मई में OnePlus 10R आने की उम्मीद है। OnePlus 10R, OnePlus 9R की जगह लेगा और OnePlus 10 Pro का लोअर-एंड वर्जन होगा। 91mobiles को टिपस्टार योगेश बरार के सौजन्य से OnePlus 10R विनिर्देश देखने को मिला। आइए जानते हैं डिवाइस के चिपसेट, डिस्प्ले, कैमरा, फास्ट चार्जिंग आदि के बारे में।

वनप्लस 10R विशिष्टता
योगेश ने 91mobiles को बताया कि OnePlus 10R में 120Hz रिफ्रेश रेट और HDR10+ सपोर्ट के साथ 6.7-इंच FHD + E4 AMOLED डिस्प्ले होगा। मीडियाटेक डाइमेंशन 8100 चिपसेट डिवाइस को पावर देगा। आगामी वनप्लस स्मार्टफोन क्रमशः 8GB और 12GB LPDDR5 रैम विकल्पों में 128GB और 256GB UFS 3.1 इन-बिल्ट स्टोरेज के साथ पेश किया जाएगा। ऐसा लग रहा है कि OnePlus 10R नंबर सीरीज का पहला फोन होगा जो चेतावनी स्लाइडर की पेशकश नहीं करेगा। डिवाइस 3.5 मिमी ऑडियो जैक भी छोड़ेगा। यह स्टीरियो स्पीकर और डॉल्बी ऑडियो सपोर्ट के साथ आएगा।

कैमरे के मोर्चे पर, OnePlus 10R में ट्रिपल रियर कैमरा सिस्टम होगा जिसमें OIS के साथ 50MP Sony IMX766 प्राइमरी सेंसर, 8MP अल्ट्रा-वाइड Sony IMX355 सेंसर और 2MP मैक्रो होगा। सेल्फी और वीडियो चैट के लिए फ्रंट में 16MP का S5K3P9SP स्नैपर है। 150W में फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 4,500mAh की बैटरी हो सकती है, जैसा कि हमने Realme GT Neo 3 में देखा था। OnePlus Nord 3 150W चार्जिंग स्पीड वाला एक और OnePlus फोन हो सकता है।

Read More : शपथ के बाद एक्शन में योगी, अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव को दिया लक्ष्य

Realme GT Neo 3 की तरह, OnePlus 10R भी एक वैरिएंट के साथ आता है जो 80W फास्ट चार्जिंग के साथ 5,000mAh की बैटरी प्रदान करता है। OnePlus 10R Android 12-आधारित OxygenOS 12 के साथ आएगा। फोन में फ्रंट और बैक गोरिल्ला ग्लास, हाई रेजोल्यूशन ऑडियो सपोर्ट और एनएफसी होगा।

शपथ के बाद एक्शन में योगी, अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव को दिया लक्ष्य

डिजिटल डेस्क : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को शपथ लेने के बाद शनिवार को एक्शन में नजर आए। इससे पहले सुबह प्रेस वार्ता कर मुफ्त राशन का समय बढ़ाने की घोषणा की गई। इसके बाद उन्होंने सभी अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों को निशाना बनाया. सीएम योगी ने कहा कि 6 माह, 1 वर्ष और 5 वर्ष का लक्ष्य निर्धारित कर प्रेजेंटेशन दें.

सीएम योगी ने कहा कि हर विभाग आधे घंटे का प्रेजेंटेशन करे. सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकार में मुकाबला दूसरों के काम से था. लेकिन इस बार उन्हें अपने पिछले कार्यकाल से भी बेहतर प्रदर्शन करना है। अच्छा किया, तो वापस आ जाओ लेकिन अब मुझे बेहतर करना है। जनता ने भरोसा जताया है, उसे निभाना होगा। सीएम के निर्देश की फाइलें नहीं लटकानी चाहिए। लोक कल्याण संकल्प पत्र के वादों को अमल में लाना होगा।

Read More : रूस ने समुद्र में उतारी परमाणु पनडुब्बियां, बढ़ा परमाणु युद्ध का खतरा!

रूस ने समुद्र में उतारी परमाणु पनडुब्बियां, बढ़ा परमाणु युद्ध का खतरा!

डिजिटल डेस्क : यूक्रेन पर रूसी आक्रमण एक महीने से अधिक समय से चल रहा है और मास्को का आक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा अपने परमाणु बलों को विशेष अलर्ट पर रखने के कुछ घंटों बाद रूस ने अपनी परमाणु पनडुब्बियों को समुद्र में लॉन्च कर दिया है। इससे परमाणु युद्ध की संभावना भी बढ़ गई है।

रूसी परमाणु पनडुब्बियां 16 बैलिस्टिक मिसाइल ले जा सकती हैं

रूसी परमाणु पनडुब्बी एक साथ 16 बैलिस्टिक मिसाइल ले जाने में सक्षम हैं। इन पनडुब्बियों को उत्तरी अटलांटिक महासागर में उतारा गया है। रूस के इस कदम को लेकर विशेषज्ञों का मानना ​​है कि क्रेमलिन अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए किसी भी हद तक जाता नजर आ रहा है। रूस पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि पुतिन आक्रामक रणनीति के लिए परमाणु धमकियां देते रहे हैं। उन्होंने 2014 के क्रीमियन युद्ध के दौरान भी ऐसा ही किया था।

क्या रूस परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेगा?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस ने 3 मार्च से अपने परमाणु हथियारों को हाई अलर्ट पर रखा है। 22 मार्च को मास्को ने नाटो को धमकी देते हुए कहा कि अगर नाटो ने सीमा पार की तो क्रेमलिन परमाणु हमले से नहीं चूकेगा। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि अगर रूस को “अस्तित्व के लिए खतरा” का सामना करना पड़ा तो वह परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेगा।

टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि ये परमाणु पनडुब्बियां जल्द ही रूस लौट आई हैं और तब से गतिविधियां सामान्य हैं। लेकिन रूस के इस कदम के बाद से पश्चिमी खुफिया एजेंसियां ​​क्रेमलिन के परमाणु हथियारों के जखीरे पर कड़ी नजर रखे हुए हैं.

Read More : 27 मार्च को सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य, पढ़ें मेष से लेकर मीन राशि तक का हाल

रूस चाहता है डोनबास की मुक्ति

रूस के जनरल स्टाफ के पहले उप प्रमुख कर्नल जनरल सर्गेई रुडस्कॉय ने मीडिया को बताया कि सामान्य तौर पर ऑपरेशन के पहले चरण के सभी मुख्य कार्य पूरे कर लिए गए हैं। इसलिए अब हम मुख्य लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रयास पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। और यह मुख्य लक्ष्य डोनबास की मुक्ति है। उन्होंने कहा है कि हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक रूसी सेना डोनबास और लुहांस्क को मुक्त नहीं कर देती।

अब विधानसभा में होगा योगी बनाम अखिलेश, विपक्ष का चेहरा होंगे अखिलेश यादव

लखनऊ :  योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरी बार यूपी सरकार के मुखिया के रूप में शपथ ली है. यूपी के 33वें मुख्यमंत्री बने हैं। वहीं, 25 मार्च को यूपी में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद समाजवादी पार्टी ने राज्य में विपक्ष का नेता चुना। सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने ऐलान किया है कि अखिलेश यादव विपक्ष का चेहरा होंगे. हालांकि सपा यूपी में सरकार बनाने में सफल रही है, लेकिन पिछले चुनाव की तुलना में अधिक सीटें जीतकर निश्चित रूप से एक मजबूत विपक्ष बनने की कोशिश कर रही है।

समाजवादी पार्टी के विधायकों की बैठक आज राजधानी लखनऊ में हुई, जहां पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मौजूद रहे. अखिलेश यादव ने पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की विधान परिषद के वर्तमान सदस्यों के साथ बैठक की अध्यक्षता भी की. बता दें कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और करहल से जीत भी हासिल की। इसके बाद उन्होंने आजमगढ़ से सांसद पद से इस्तीफा दे दिया और करहल के विधायक के रूप में पदभार संभाला।

वहीं, बैठक के बाद समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर फिर बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने चुनाव आयोग की मिलीभगत से मतदाताओं के नाम हटा दिए और उन्हें वोट से वंचित कर दिया. भाजपा ने लोकतंत्र को कलंकित किया है। यूपी चुनाव में बीजेपी ने जो किया उससे लोकतंत्र को कलंकित किया गया है.

Read More : पुतिन की धमकी के बाद रक्षा मंत्री को हुआ दिल का दौरा : यूक्रेन

उधर, सपा विधायकों की बैठक में शिवपाल सिंह यादव के शामिल नहीं होने पर नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि आज सपा की बैठक हुई है, 28 मार्च को सहयोगी दलों की बैठक बुलाई गई थी. सभी को बुलाया गया है, उस दिन सभी आएंगे।

पुतिन की धमकी के बाद रक्षा मंत्री को हुआ दिल का दौरा : यूक्रेन

 डिजिटल डेस्क : यूक्रेन के गृह मंत्री के सलाहकार एंटोन गेराशेंको ने दावा किया है कि रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु को दिल का दौरा पड़ा है। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में ऐसा दावा किया है। उनका दावा है कि पुतिन द्वारा शोइगू पर यूक्रेन में प्रचार करने में विफल रहने का आरोप लगाने के बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा। बीबीसी से समाचार।

रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु 11 मार्च के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं देखे गए हैं। उन्हें 24 मार्च को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा जारी एक वीडियो में संक्षेप में देखा गया था। यूक्रेन के गृह मंत्री के सलाहकार एंटोन गेराशेंको के अनुसार, सर्गेई शोइगु को दिल का दौरा पड़ा है।

गेराशेंको ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि “पुतिन ने यूक्रेन में अभियान को अंजाम देने में विफल रहने के बाद शोइगू पर दिल का दौरा पड़ने का जोरदार आरोप लगाया है।” नहीं हो सका।

यूक्रेन पर रूसी आक्रमण को एक महीना बीत चुका है। एक ओर, रूसी सेना को यूक्रेनी सेना से तीव्र प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है, और दूसरी ओर, विभिन्न यूक्रेनी शहर रूसी बम विस्फोटों से तबाह हो गए हैं। लेकिन रूस ने अभी तक यूक्रेन के किसी भी बड़े शहर पर कब्जा नहीं किया है। यूक्रेन ने हाल ही में दावा किया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने युद्ध जीतने में विफल रहने के लिए अपने कुछ शीर्ष सेना जनरलों को निकाल दिया। उन्होंने उनकी जगह नया जनरल नियुक्त किया है। संयुक्त राज्य अमेरिका रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन की सफलता का दावा करता रहा है। उनका कहना है कि रूसी सेना कीव से 30 किलोमीटर पूर्व में पीछे हट गई है।

Read More : स्वतंत्र देव सिंह बने मंत्री, अब उत्तर प्रदेश में कौन संभालेगा बीजेपी की कमान?

अवर रक्षा मंत्री कॉलिन काहल ने गुरुवार को कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले से रूस कई मायनों में कमजोर होगा। रूस के सेना प्रमुख वालेरी गेरासिमोव ने शुक्रवार को कहा कि उनके युद्ध का मुख्य लक्ष्य अब पूर्वी यूक्रेन में था। इस क्षेत्र में रूस समर्थक विद्रोही कुछ समय से यूक्रेन की सरकारी सेना के खिलाफ आजादी की लड़ाई लड़ रहे हैं।

स्वतंत्र देव सिंह बने मंत्री, अब उत्तर प्रदेश में कौन संभालेगा बीजेपी की कमान?

डिजिटल डेस्क : उत्तर प्रदेश में सरकार में मंत्री बनाए गए स्वतंत्र देव सिंह के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चा तेज हो गई है. सियासी गलियारों में चर्चा है कि पार्टी यह जिम्मेदारी मथुरा के विधायक श्रीकांत शर्मा को दे सकती है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पिछली सरकार में ऊर्जा मंत्री रहे शर्मा को इस बार कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिंह के मंत्री पद की शपथ लेने के बाद प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है. कयास लगाए जा रहे हैं कि शर्मा को यूपी बीजेपी की कमान मिल सकती है. इसके अलावा खबर है कि सतीश महाना को यूपी विधानसभा का नया स्पीकर बनाया जा सकता है। 8 बार विधायक रहे महाना को भी इस बार कैबिनेट में मौका नहीं मिला है.

सीएम योगी ने ली शपथ
योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में दोबारा सीएम पद की शपथ ली. इस दौरान 50 हजार से ज्यादा लोग कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नाम मौजूद थे. कार्यक्रम में भाजपा शासित राज्यों के सीएम भी शामिल हुए।

Read More : चाचा-भतीजे में एक बार फिर दरार ? सपा विधायकों की बैठक में शामिल नहीं हुए शिवपाल सिंह यादव

इन बड़े नामों को नहीं मिली जगह
योगी 2.0 में पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, जय प्रताप सिंह, नीलकंठ तिवारी, जय प्रकाश निषाद और जय कुमार सिंह को जगह नहीं मिली. साथ ही मौका पाने में नाकाम रहने वाले नेताओं में विधायक आशुतोष टंडन का भी नाम है. खास बात यह है कि पार्टी ने सिराथू सीट से हारे केशव प्रसाद मौर्य को फिर से डिप्टी सीएम बनाया है.

चाचा-भतीजे में एक बार फिर दरार ? सपा विधायकों की बैठक में शामिल नहीं हुए शिवपाल सिंह यादव

उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी विधायक दल की बैठक आज यानी 26 तारीख को होने जा रही है. बैठक सपा मुख्यालय 19 विक्रमादित्य मार्ग पर होगी, लेकिन बैठक से पहले शिवपाल और अखिलेश यादव के बीच झगड़े की खबर सामने आ रही है. हम आपको बता दें कि आज सपा विधायकों की इस बैठक में शिवपाल सिंह यादव शामिल नहीं हुए. शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि उन्हें बैठक की कोई जानकारी नहीं है, इसलिए वह विधायकों की बैठक में शामिल नहीं हुए.

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, ”मैं समाजवादी पार्टी के विधायकों की बैठक में नहीं जा रहा हूं.” अब मैं लखनऊ से सीधे इटावा जा रहा हूं। शिवपाल सिंह यादव अगले चरण के बारे में कहते हैं कि मैं आपको जल्द ही बताऊंगा। शिवपाल सिंह यादव के इस बयान से गठबंधन की गांठ खुलने की उम्मीद है. बता दें कि समाजवादी पार्टी के विधायकों की इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मौजूद रहेंगे. अखिलेश यादव आज पार्टी कार्यालय में पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की विधानसभा के वर्तमान सदस्यों के साथ बैठक की अध्यक्षता करेंगे.

Read More : दिल्ली बजट: “5 साल में 20 लाख नौकरियां “: वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने बजट पेश करते हुए कहा

माना जा रहा है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को पार्टी की विधानसभा पार्टी का नेता चुना जा सकता है. पहले कहा जाता था कि शिवपाल सिंह यादव या कोई और नेता विधायक दल का नेता हो सकता है. उल्लेखनीय है कि आजमगढ़ लोकसभा से इस्तीफा देने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, जो करहल विधायक भी हैं, खुद विपक्ष के नेता का पद संभाल सकते हैं. पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस बार भाजपा सरकार को घेरने के लिए सड़कों से लेकर संसद तक कदम उठाएगी।

दिल्ली बजट: “5 साल में 20 लाख नौकरियां “: वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने बजट पेश करते हुए कहा

नई दिल्ली: दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की सरकार आज बजट पेश कर रही है. बजट पेश करते हुए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह आठवां बजट है जिसे हम पेश कर रहे हैं. बिल आ रहा है। मेट्रो का विस्तार हुआ है, सुविधाएं फेसलेस हो गई हैं, अब लोगों को सरकारी दफ्तरों में नहीं घूमना पड़ेगा.

दिल्ली बजट पेश करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह युवाओं के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण बजट है, इसलिए इसका नाम रोजगार बजट है। कोविड ने पिछले वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश किया था, इसलिए हम कोविड से निपटने में सक्षम थे। मनीष सिसोदिया ने कहा कि जीरो रेड पॉलिसी दिल्ली के कारोबारियों पर लागू होती है, दिल्ली में कोविड के दौरान काफी नुकसान हुआ, फिर भी उन्होंने मदद की.

बजट के दौरान मनीष सिसोदिया ने कहा कि आठवें बजट में हम कारोबारियों और लोगों को राहत देने का प्रस्ताव लेकर आए हैं, इस बार हम रोजगार बजट पेश कर रहे हैं. पिछली बार देशभक्ति का बजट आया था। बजट अवधि के दौरान, दिल्ली सरकार ने 2047 तक दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय को सिंगापुर के लोगों के बराबर करने का लक्ष्य रखा है। इस बजट में वित्त मंत्री ने कहा कि मैं इसे प्रस्ताव में रखने जा रहा हूं, इससे दिल्ली में 5 साल में कम से कम 20 लाख नौकरियां पैदा होंगी.

बजट पेश करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे ठीक हो रही है. सेवा क्षेत्र दिल्ली की अर्थव्यवस्था में एक प्रमुख भूमिका निभाता है। दिल्ली के लोगों की औसत आय में 16.8% की वृद्धि हुई है। बजट में वित्त मंत्री ने घोषणा की कि मैं 2022-23 के लिए 75,800 करोड़ रुपये का बजट पेश कर रहा हूं, जो 2014-15 के 30,940 करोड़ रुपये के बजट का ढाई गुना है।

बजट हाइलाइट्स –

दिल्ली में 1.68 करोड़ यानी एक तिहाई आबादी वाले 55.87 लाख लोग कार्यरत हैं। जो दुनिया के अन्य शहरों से कम है। लंदन में 58 फीसदी, न्यूयॉर्क में 52 फीसदी, सिंगापुर में 52 फीसदी और दिल्ली में 33 फीसदी रोजगार है।

उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य अगले पांच वर्षों में कामकाजी आबादी को 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 45 प्रतिशत करना है।” यानी 1.68 करोड़ में से 76 लाख लोगों को रोजगार देना है, इसलिए 5 साल में 20 लाख रोजगार का लक्ष्य रखा गया है. लक्ष्य मुश्किल है लेकिन नामुमकिन नहीं, केजरीवाल के शासन ने ही इसे संभव बनाया है।

रोजगार के नए अवसरों के लिए, हमने खुदरा क्षेत्र के खाद्य और पेय रसद और आपूर्ति श्रृंखला यात्रा और पर्यटन मनोरंजन, निर्माण, रियल एस्टेट और हरित ऊर्जा क्षेत्रों को चुना है। उन्होंने दिल्ली के मशहूर रिटेल मार्केट में इनोवेशन और इनोवेशन की स्कीम लाने की बात कही.

देश-विदेश के ग्राहकों को दिल्ली में खरीदारी के लिए प्रोत्साहित करने के लिए दिल्ली में शॉपिंग फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। साथ ही छोटे स्थानीय बाजारों को ग्राहकों से जोड़ने के लिए दिल्ली मार्केट पोर्टल लॉन्च किया जाएगा। एशिया के सबसे बड़े टेक्सटाइल ट्रेडिंग हब गांधीनगर को दिल्ली गारमेंट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही नई स्टार्टअप पॉलिसी भी पेश की जाएगी।

दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्र को विकसित किया जाएगा और क्लाउड किचन स्थापित करने पर जोर दिया जाएगा। दिल्ली में एक नई इलेक्ट्रॉनिक सिटी की स्थापना की जाएगी। राजधानी में फिल्म नीति कला और संस्कृति से जुड़े कलाकारों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली में होगा।

थोक ग्राहकों के लिए छूट योजना भी तैयार की जाएगी। सरकार अगले पांच वर्षों में खुदरा क्षेत्र में 300,000 नई नौकरियों की तलाश कर रही है। गांधीनगर के मशहूर रेडीमेड गारमेंट मार्केट को ग्रेट गारमेंट हब बनाने और गांधीनगर के री-ब्रांडिंग री-डेवलपमेंट का काम किया जाएगा. 3 लाख बच्चों ने 51 हजार बिजनेस आइडिया में निवेश किया है। अगले वित्तीय वर्ष में यह योजना दिल्ली के सरकारी स्कूलों के साथ-साथ निजी स्कूलों में भी शुरू की जाएगी।

दिल्ली में एक इलेक्ट्रॉनिक सिटी बनाई जाएगी, जिसमें 80,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को दिल्ली में अपनी स्थापना के लिए आमंत्रित करने के लिए बापरोला में 90 एकड़ में प्लग-एंड-प्ले निर्माण सुविधा स्थापित करेगी। केंद्र सरकार के ईएमसी कार्यक्रम से ऐसा करने का प्रयास किया जाएगा। दिल्ली के असंगत औद्योगिक क्षेत्रों के पुनर्विकास पर ध्यान दिया जाएगा।

दिल्ली सरकार अगले साल से 30% आरक्षण के साथ 4,200 से अधिक ई-ऑटो ला रही है। सुप्रीम कोर्ट की अनुमति से वह अगले 5 साल तक हर साल 5000 ई-ऑटो परमिट जारी करेगा। सरकार का कहना है कि इस घोषणा से 25,000 नए रोजगार सृजित होंगे। वहीं, आम आदमी महला क्लिनिक और आम आदमी पॉलीक्लिनिक के लिए 475 करोड़ रुपये का बजट अलग रखा गया था. नए अस्पतालों के निर्माण और मौजूदा अस्पतालों के पुनर्निर्माण पर 1900 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

Read More : किम की मिसाइल से भारत नाराज,जानिए क्या है कारण जिससे भारत ने किम का किया विरोध 

दिल्ली के सभी नागरिकों को एक ई-स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया गया, जिसके लिए 160 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। एक मुफ्त स्वास्थ्य हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी। जिनके पास स्वास्थ्य कार्ड है, वे इस हेल्पलाइन पर कॉल कर पता लगा सकते हैं कि किसी बीमारी का इलाज कहाँ से कराएँ और स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर अस्पताल में मिलने का समय निर्धारित करें।

किम की मिसाइल से भारत नाराज,जानिए क्या है कारण जिससे भारत ने किम का किया विरोध 

डिजिटल डेस्क: मिसाइल लॉन्च को लेकर भारत ने उत्तर कोरिया पर दागी मिसाइलें शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में भारत के दूत ने स्पष्ट किया कि किम के देश ने नई अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों को लॉन्च करके संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मिसाइल प्रौद्योगिकी प्रस्ताव का विरोध किया था।

गुरुवार को उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र और संयुक्त राज्य अमेरिका को प्रभावी रूप से चुनौती देते हुए एक और मिसाइल लॉन्च की। किंग जोंग उन के देश को 2016 के बाद से इतनी बड़ी मिसाइल लॉन्च करते नहीं देखा गया है। जापानी प्रशासन के अनुसार, इस नए प्रकार की इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल, जिसे ICBM कहा जाता है, में 1,100 किमी की दूरी पर भी लक्ष्य को सटीक रूप से लक्षित करने की क्षमता है। यह 6,000 किमी की ऊंचाई पर भी काम कर रहा है। 2016 में, उत्तर कोरिया ने 4,465 किमी की ऊंचाई पर 950 किमी लंबी दूरी की मिसाइल लॉन्च की। घटना के बाद, संयुक्त राष्ट्र उत्तर कोरिया के अवांछनीय प्रसार और मिसाइल प्रौद्योगिकी पर चर्चा करने के लिए बैठ गया।

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा, ‘भारत उत्तर कोरिया की मिसाइलों के प्रक्षेपण की निंदा करता है। देश ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मिसाइल प्रौद्योगिकी प्रस्ताव का विरोध किया है। इससे क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति बाधित होगी। दुनिया के कुछ हिस्सों।” उन्होंने कहा कि लॉन्च का असर भारत पर भी पड़ेगा। नतीजतन, इस समस्या को बातचीत के माध्यम से हल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत मानवता की खातिर उत्तर कोरिया को राहत भेज रहा है। नई दिल्ली नहीं चाहती कि कोरियाई प्रायद्वीप पर किसी भी कारण से शांति भंग हो।

Read More : राकेश टिकैत ने फिर खोली मांग पेटी, सरकार को आंदोलन की चेतावनी

उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन को सत्ता में लाने के लिए अमेरिका लगातार कोशिश कर रहा है। आरोप है कि राजदूत ने हुसैन को इसकी जानकारी दी। लेकिन चीन और रूस किम के बगल में खड़े होकर उन तमाम कोशिशों को नाकाम कर रहे हैं. संयुक्त राज्य अमेरिका ने हाल ही में अपने मिसाइल प्रक्षेपण को लेकर संयुक्त राष्ट्र में प्योंगयांग के खिलाफ प्रतिबंधों का प्रस्ताव रखा था। लेकिन फिलहाल मॉस्को और बीजिंग की आपत्तियों के चलते प्रस्ताव ठंडे बस्ते में है।

राकेश टिकैत ने फिर खोली मांग पेटी, सरकार को आंदोलन की चेतावनी

डिजिटल डेस्क : किसान नेता राकेश टिकैत ने एक बार फिर सरकार से मांग की है. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आवश्यक हुआ तो वह फिर से आंदोलन के लिए तैयार हैं। उन्होंने हाल ही में राष्ट्रपति रामनाथ कोबिंद से अपनी मांगें रखीं। पिछले साल समाप्त हुए आंदोलन के दौरान टिकैत एक प्रमुख किसान नेता के रूप में उभरा। नवंबर 2021 में, सरकार ने तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा की।

शुक्रवार को टिकैत ने मोहाली में करीब 50 फार्म यूनियनों और सामाजिक संगठनों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि किसानों का संघर्ष खत्म नहीं हुआ है और अगर केंद्र को लगता है कि संयुक्त किसान मोर्चा बंटा हुआ है तो वे गलत हैं. उन्होंने संकेत दिया है कि वे फिर से हड़ताल करने के लिए तैयार हैं।

किसानों ने बीबीएमबी में पंजाब और हरियाणा के सदस्यों के स्थायी प्रतिनिधित्व को रद्द करने के फैसले को वापस लेने की मांग की है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम में सिख इतिहास को विकृत करने वालों के खिलाफ, लखीमपुर खीरी हिंसा के लिए केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के खिलाफ और आशीष मिश्रा और उनके सहयोगियों को सजा देने का भी आह्वान किया।

Read More : जल्द ही लॉन्च होगा चंद्रयान-3, इसरो के पूर्व प्रमुख बोले- इस बार हम कामयाब होंगे

साथ ही किसान नेता बंदियों की रिहाई, स्वामीनाथन समिति की सिफारिश पर सभी फसलों का एमएसपी तय करने के लिए कानून बनाने और एमएसपी के तहत सभी फसलों की खरीद की गारंटी की मांग कर रहे हैं। टिकैत और डॉ दर्शन पाल के नेतृत्व में 35 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल बनवाली लाल पुरोहित के माध्यम से राष्ट्रपति कोबिंद को एक ज्ञापन सौंपा।

जल्द ही लॉन्च होगा चंद्रयान-3, इसरो के पूर्व प्रमुख बोले- इस बार हम कामयाब होंगे

डिजिटल डेस्क : चंद्रयान-3 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा चंद्रयान-3 के लॉन्च की खबर जल्द ही आ रही है। इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) के पूर्व अध्यक्ष के बारे में जानकारी देते हुए कहा। शिवन ने कहा कि इसरो जल्द ही चंद्रयान-3 लॉन्च करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मिशन के लिए सिर्फ चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर का ही इस्तेमाल किया जाएगा क्योंकि इससे फायदा होगा। डॉ. के. सिवन ने कहा कि मुझे विश्वास है कि हम इस बार सफल होंगे।

कोरोना महामारी ने रॉकेट लॉन्च करने के एक नए तरीके को रास्ता दिया है
इसरो के पूर्व प्रमुख डॉ के सिवन ने कहा कि हमारे सभी प्रोजेक्ट कोरोना से प्रभावित थे, लेकिन साथ ही इसरो ने अपनी रणनीति पर काम किया। ताकि हम कठिन परिस्थितियों को संभाल सकें। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने रॉकेट लॉन्च करने का एक नया तरीका प्रदान किया है, जिसे हर मिशन में लागू किया जाएगा। हम आपको बता दें कि करीब ढाई साल पहले एक चंद्र मिशन के दौरान इसरो का अंतरिक्ष यान चांद की सतह से टकरा गया था। जिसके बाद इस मिशन को फेल कहा जाता है।

Read More : छत्तीसगढ़: बेटी के शव को कंधे पर उठाए पिता का वीडियो वायरल, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के आदेश

चंद्र मिशन में देरी को लेकर विभाग ने लोकसभा में दिया ये जवाब
इससे पहले, अंतरिक्ष विभाग ने चंद्र मिशन में देरी पर एक सवाल के जवाब में लोकसभा में एक टाइमलाइन जारी की थी। अंतरिक्ष विभाग ने एक लिखित जवाब में कहा कि चंद्रयान-2 मिशन से मिली शिक्षा और विश्व के विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर चंद्रयान-3 पर काम चल रहा था. साथ ही, अंतरिक्ष विभाग ने कहा कि उसने आवश्यक परीक्षण पूरे कर लिए हैं और अगस्त 2022 तक लॉन्च होने की उम्मीद है। वहीं मिशन में लगातार हो रही देरी के कारणों के बारे में पूछे जाने पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि कोविड-19 महामारी से चल रहे कई मिशन प्रभावित हुए हैं. उन्होंने लोकसभा को बताया कि चंद्रयान-3 मिशन को 2021 में लॉन्च किया जाना था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसमें देरी हुई.

छत्तीसगढ़: बेटी के शव को कंधे पर उठाए पिता का वीडियो वायरल, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के आदेश

सरगुजा : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक पिता का अपनी बेटी के शव को कंधे पर उठाए हुए एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने जांच के आदेश दिए। जानकारी के मुताबिक मृत बच्ची को लेकर पिता करीब 10 किलोमीटर पैदल चला. पता चला है कि शुक्रवार की सुबह जिले के लक्षनपुर गांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्ची की मौत हो गयी और कार आने से पहले ही उसके पिता शव को उठा ले गये. गांव अमदला निवासी ईश्वर दास सुबह अपनी बीमार बेटी सुरेखा को लक्ष्मणपुर सीएचसी ले आए।

बताया जा रहा है कि बच्ची में ऑक्सीजन का स्तर बहुत कम था और वह पिछले कुछ दिनों से तेज बुखार से पीड़ित थी। हालांकि उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में जरूरी इलाज शुरू किया, लेकिन उनकी हालत बिगड़ती गई और सुबह करीब साढ़े आठ बजे उनकी मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक कार सुबह 9.20 बजे अस्पताल पहुंची लेकिन तब तक वे शव को उठा ले गए. वीडियो में शख्स अपने कंधे पर शव को ले जाते हुए दिख रहा है।

Read More : यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा ऐलान, मुफ्त राशन योजना को 3 महीने के लिए बढ़ाया गया

वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शुक्रवार को जिला मुख्यालय अंबिकापुर में मौजूद स्वास्थ्य मंत्री सिंह देव ने जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से मामले की जांच कर कार्रवाई करने को कहा. मंत्री ने कहा कि उन्होंने वीडियो देखा है। यह कष्टप्रद था। मैंने सीएमएचओ से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने को कहा है। मंत्री ने कहा कि जो वहां तैनात थे, लेकिन अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर सके, उन्हें हटा दिया जाना चाहिए।