Saturday, April 4, 2026
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आपकी पार्टी के कारनामे कैलेंडर में सरेंडर है – सुधांशु त्रिवेदी

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के सरेंडर वाले बयान पर बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने पलटवार किया है। सुधांशु त्रिवेदी ने हिंदी की एक कहावत का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर देश के आत्मसम्मान और सेना के शौर्य का अपमान करने का आरोप लगाया। वही सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, हिंदी में एक कहावत है- नया मुल्ला ज्यादा प्याज खाता है, लेकिन यहां गैर मुल्ला इस कदर प्याज खाने में लगा है कि उसे एहसास ही नहीं कि वह इस देश के आत्मसम्मान और सेना के शौर्य का कितना बुरा अपमान कर रहा है।

जो पाकिस्तान ने नहीं कहा, वो राहुल बोले

उन्होंने कहा कि अब तक कांग्रेस के नेता पाकिस्तानी मीडिया में सुर्खियां बटोरते थे और उनके बयानों को पाकिस्तानी संसद में कोट किया जाता था, लेकिन राहुल गांधी ने पहली बार ऐसी बात कही है जो पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने भी नहीं कही, न ही किसी पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन ने कही। बीजेपी सांसद ने कहा, “राहुल गांधी आपको सरेंडर करना होगा। पीओके क्यों सरेंडर कर दिया ? आप आपकी पार्टी और आपके खानदान के कारनामे सरेंडर है, कैलेंडर में। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक शेर की तरह हैं, भारत मां के शेर हैं।

पाकिस्तान के नेता बनने की कोशिश – सुधांशु त्रिवेदी

सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा, यहां तक कि मसूद अज़हर या हाफिज सईद ने भी ऐसी बात नहीं कही। उनमें से किसी ने भी यह नहीं कहा कि भारत ने सरेंडर किया। मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं – क्या वह इन लोगों से एक कदम आगे निकलना चाहते हैं ? अब तक वह पाकिस्तान के लोगों, पाकिस्तानी सेना और आतंकवादी संगठनों को कवर फायर दे रहे थे। क्या वह अब उनके नेता बनने की कोशिश कर रहे हैं ?

राहुल ने किया अपमान – सुधांशु त्रिवेदी

उन्होंने कहा उस व्यक्ति की बुद्धिमत्ता और विवेक का स्तर स्पष्ट है जो चुनाव परिणाम में अपने तीसरे प्रयास में तीन अंकों से कम प्राप्त करने को सफलता और तीसरी बार प्रधानमंत्री चुने जाने को हार के रूप में देखता है। मैं कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहता हूं, क्या राहुल गांधी ने सरेंडर शब्द का इस्तेमाल करके सेना का अपमान किया है या नहीं ? उन्होंने ऐसा शब्द इस्तेमाल किया है जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान की सेना, आतंकवादी संगठनों, या संयुक्त राष्ट्र-नामित आतंकवादियों मसूद अजहर या हाफिज सईद ने भी नहीं किया है।

राहुल गांधी ने कहा कि……..

बता दें कि राहुल गांधी ने भोपाल में पार्टी की एक सभा में भारत-पाकिस्तान सीजफायर को लेकर दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक फोन आया और पीएम नरेंद्र मोदी ने तुरंत सरेंडर कर दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी-आरएसएस का करैक्टर है कि वो हमेशा झुकते हैं।

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बाराबंकी में मौत का तांडव: अर्टिगा और ट्रक की टक्कर में उड़ीं चार जिंदगियां

बाराबंकी रिपोर्टर। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में सगाई की खुशियां पल भर में मिट्टी में मिल गईं। सोमवार की सुबह सगाई से लौट रहे लोगों की कार ट्रक से टकरा गई। ये टक्कर इतनी भयानक थी कि इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई और परिवार के लोग एक झटके में खत्म हो गए। इस भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।

ये हादसा बाराबंकी के रामनगर में हुआ, जहा सुबह करीब साढ़े पांच बजे ट्रक और अर्टिगा कार की आमने-सामने टक्कर में तीन पुरुष और एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी, उनके जीजा और गाड़ी का ड्राइवर शामिल है। जबकि एक महिला और दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह सभी लोग कानपुर में एक सगाई कार्यक्रम करने के बाद वापस गोंडा जा रहे थे।

भीषण हादसे में अर्टिगा कार के उड़े परखच्चे

हादसे के बाद सभी घायलों को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर में प्राथमिक उपचार के लेकर जाया गया। इसके बाद उनकी हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया। जानकारी के मुताबिक कानपुर में इस हादसे में जान गंवाने वाले मृतक सुधीर के भाई की सगाई का कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। वहीं से यह सभी लोग वापस गोंडा जा रहे थे। तभी रास्ते में यह हादसा हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अर्टिगा कार के परखच्चे उड़ गए।

मुख्यमंत्री योगी की त्वरित प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे की जानकारी मिलते ही तत्काल उच्चाधिकारियों से संपर्क कर राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घायलों के समुचित इलाज के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को त्वरित निर्देश दिए। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और घायलों के इलाज का खर्च वहन करने को भी कहा गया है।

हादसे की जांच के आदेश

मुख्यमंत्री द्वारा प्रारंभिक जांच रिपोर्ट की मांग की गई है और दुर्घटना के कारणों की गहराई से जांच करने को कहा गया है। ट्रक चालक के नशे में होने या लापरवाही की आशंका पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

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सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, 16 नक्सलियों ने किया सरेंडर

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से एक अच्छी खबर सामने आई है। यहां 16 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने सरेंडर कर दिया है। इन सभी पर कुल मिलाकर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें से 9 नक्सली चिंतलनार थाना क्षेत्र के केरलापेंदा गांव के रहने वाले थे। इनके सरेंडर करने के साथ ही अब केरलापेंदा गांव पूरी तरह से नक्सल मुक्त हो गया है। वहीं अब गांव के नक्सलमुक्त होने के बाद राज्य सरकार की नई योजना के तहत इस नक्सल मुक्त ग्राम पंचायत को विकास परियोजनाओं के लिए एक करोड़ रुपये भी प्रदान किए जाएंगे।

25 लाख रुपये का घोषित था इनाम

अधिकारियों के मुताबिक इन सभी नक्सलियों पर कुल 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें से दो पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें से एक रीता उर्फ डोडी सुक्की (36) और दूसरा राहुल पुनेम (18) है, जिनपर आठ-आठ लाख का इनाम घोषित था। इसके अलावा लेकम लखमा (28) पर तीन लाख रुपये तथा तीन अन्य नक्सलियों पर दो-दो लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें से 9 नक्सली केरलापेंदा ग्राम पंचायत के थे। इनके सरेंडर के साथ ही यह ग्राम पंचायत नक्सलमुक्त हो गई है। इस ग्राम पंचायत को सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।

कुल 16 नक्सलियों ने किया सरेंडर

वहीं सुकमा जिले के एसपी किरण चव्हाण ने इसके बारे में जानकारी देते हुए बताया कि एक महिला सहित कुल 16 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इन्होंने पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारियों के सामने खुद को सरेंडर किया। उन्होंने यह भी बताया कि ये सभी नक्सली राज्य सरकार की ‘नियद नेल्लनार’ (आपका अच्छा गांव) योजना से प्रभावित होकर सरेंडर किया। इस योजना के तहत नक्सल मुक्त गांवों में विकास कार्यों को सुविधानजक बनाना है।

नक्सलमुक्त हुए दो गांव

बता दें कि केरलपेंदा दूसरी ग्राम पंचायत है, जो नक्सलमुक्त हो गई है। इससे पहले अप्रैल महीने में बड़ेसट्टी ग्राम पंचायत को नक्सलमुक्त घोषित किया गया था। वहां भी सभी नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने सरेंडर कर दिया था। इसके अलावा सरेंडर करने वाले सभी नक्सलियों को राज्य सरकार की ओर से 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा उनका पुनर्वास कराया जाएगा। बता दें कि अबतक बस्तर इलाके में 792 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है। इस इलाके में कुल सात जिले शामिल हैं।

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कैसे यूक्रेन ने रूस को उलझाया अपने जाल में ? मचाई भारी तबाही

यूक्रेन ने रूस पर अबतक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया है और ये रूस की वायुसेना पर अब तक का सबसे आक्रामक हमला माना जा रहा है। हालांकि यूक्रेन ने रूसी वायु सेना पर इतने बड़े पैमाने पर इस तरह का हमला कैसे किया, यह ठीक ढंग से बता पाना फिलहाल मुश्किल है। लेकिन कहा जा रहा है कि इन हमलों में सात अरब डॉलर का नुक़सान हुआ है। यूक्रेन ने किस तरह से इसकी प्लानिंग की और कैसे इसे अंजाम दिया ये तो बाद की बात है। लेकिन उसने इसका नाम भी ऐसा यूनिक रखा है जो इस पूरे हमले के लिए तर्कसंगत सा प्रतीत होता है। क्योंकि उसने इसे ‘ऑपरेशन स्पाइडर्स वेब’ का नाम दिया है जो इसके लिए एक शानदार प्रचार अभियान साबित हो सकता है।

क्यों रखा ऐसा यूनिक नाम

यूक्रेन की सैन्य ख़ुफ़िया एजेंसी ने जो जानकारी दी है उसके हिसाब से ऑपरेशन स्पाइडर वेब अब तक की उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। क्योंकि उसने बताया है कि इस ऑपरेशन के लिए उसने 18 महीनों तक तैयारी की और इसमें कई छोटे छोटे ड्रोन्स को रूस में स्मगलिंग के ज़रिए पहुंचाया गया और ड्रोन्स को मकड़ी की जाल की तरह फैला दिया गया। सभी ड्रोन्स को मालवाहक ट्रकों के ख़ास कम्पार्टमेंट में रखा गया और इसके बाद हज़ारों मीलों दूर अलग-अलग चार जगहों पर ले जाकर उन्हें नज़दीकी सैन्य हवाई अड्डों पर रिमोटली लॉन्च किया गया।

रूस ने कही ये बात

रूसी रक्षा मंत्रालय ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में देश के पांच प्रांतों में सैन्य हवाई अड्डों को निशाना बनाने की पुष्टि की थी। हालांकि इसके साथ ही मंत्रालय ने दावा किया था कि उसने आइवानवा, रायाज़न और आमिर प्रांतों में सैन्य हवाई अड्डों पर सभी हमलों को नाकाम कर दिया है। मंत्रालय ने ये भी बताया कि मिरमंस्क और इरकुत्स्क प्रांतों में नज़दीकी इलाक़ों से ड्रोन उड़ने के बाद ‘कई विमानों ने आग पकड़ ली थी। इसमें कहा गया कि सभी आग को बुझा दिया गया और कोई नुक़सान नहीं हुआ है। साथ ही ये भी दावा किया गया कि ‘इन आतंकी हमलों में शामिल कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।

रूस ने कहा-यूक्रेन ने की है आतंकी हरकत

रूस ने अपने पांच प्रांतों में यूक्रेन के किए इन हमलों की पुष्टि की है और इसे एक ‘आतंकी हरकत’ बताया है। रूसी सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए अपुष्ट वीडियो और तस्वीरों में साइबेरिया के इरकुत्स्क क्षेत्र में बेलाया एयर बेस पर रूसी रणनीतिक बमवर्षक विमानों को आग लगाते हुए दिखाया गया है। क्षेत्रीय गवर्नर इगोर कोबज़ेव ने कहा कि बेलाया बेस के पास स्थित सेरडनी गांव के पास एक सैन्य इकाई पर ड्रोन हमला हुआ था, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि लक्ष्य क्या था। उन्होंने कहा कि ड्रोन को एक ट्रक से लॉन्च किया गया था।

ऐसा ख़ुफ़िया ऑपरेशन कभी हुआ ही नहीं

यूक्रेन के रक्षा विश्लेषक सरई कुज़न ने यूक्रेनी टीवी से कहा, “पूरी दुनिया में आज तक ऐसा ख़ुफ़िया ऑपरेशन कभी हुआ ही नहीं है। ये सारे ड्रोन्स लंबी दूरी के हमले करने में सक्षम थे। उन्होंने बताया कि ये सिर्फ़ 120 हैं जिनमें से हमने 40 को निशाना बनाया जो एक अभूतपूर्व आंकड़ा है। इस नुक़सान का आंकलन करना मुश्किल है, लेकिन यूक्रेनी सैन्य ब्लॉगर ओलेक्सांद्र कोवालेंको कहते हैं कि भले ही बॉम्बर्स और कमांड एंड कंट्रोल एयरक्राफ़्ट तबाह न हुए हों लेकिन इनका प्रभाव बहुत बड़ा है। यूक्रेनी सैन्य ब्लॉगर ओलेक्सांद्र कोवालेंको ने अपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा, “ये नुक़सान इतना बड़ा है कि रूसी मिलिट्री-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स अभी हालिया स्थिति में भविष्य में इन्हें फिर से बनाकर रख सके, ये मुश्किल नज़र आता है।

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जम्मू-कश्मीर में 5 साल बाद एल जी से मिलीं महबूबा मुफ्ती, चला ये बड़ा दांव

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने पांच साल में पहली बार उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की। इस खास मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि मैंने कश्मीरी पंडितों की वापसी की मांग की। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उन्होंने एलजी को एक चिट्ठी दी, जो मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भी भेजी है। उन्होंने कहा कि 74 हजार से अधिक विस्थापित परिवारों में से बहुत सारे वापस आना चाहते हैं और उनको इसमें मदद देनी चाहिए। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडितों का मुद्दा सभी दलों के लिए काफी बड़ा रहा है।

उमर अब्दुल्ला पर निशाना

उन्होंने कहा, ”उमर अब्दुल्ला (जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री) सरकार असेंबली में अनुच्छेद 370 पर प्रस्ताव के बदले ट्यूलिप गार्डन में घूम रहे थे। हमने सब को चिठ्ठी लिखी और अगर उमर सरकार इसको हल्के में ले रही है तो हम क्या कर सकते हैं। कश्मीरी पंडितों की वापसी हमारा पॉलिटिकल एजेंडा होगा और सरकार के साथ साथ हम भी उनकी वापसी के लिए काम करेंगे। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हमने अपने एजेंडा को लाने से पहले कश्मीरी पंडितों से बात की और उनकी सजेशन भी इस में शामिल की है। हम कश्मीरी पंडितों को वापस कश्मीरी समाज में शामिल देखना चाहते हैं।

कश्मीरी पंडितों को जमीन दी जाए – महबूबा मुफ्ती

2019 में 370 हटने के बाद पहली बार एलजी से मिलकर महबूबा मुफ्ती ने कहा, ”वापस आने वाले सभी कश्मीरी पंडितों को उनके गृह जिले में आधा कनाल जमीन दी जाए। जम्मू कश्मीर विधानसभा में कश्मीरी पंडितों को दी गई दो नॉमिनेटेड सीट के बदले उनकी सीट आरक्षित की जाए। कश्मीरी पंडितों को सम्मान और शांति के साथ लौटने में मदद मिले। अमरनाथ यात्रा में आम लोगों के साथ भी काम किया जाए।”

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कुछ करिए हुज़ूर, असम सरकार रातों-रात लोगो को कर रही बांग्लादेश डिपोर्ट

घुसपैठिया करार देकर लोगों को बांग्लादेश डिपोर्ट करने की असम सरकार की नीति के खिलाफ दाखिल याचिका सुनने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि याचिकाकर्ता हाईकोर्ट जाएं। एक याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत पीड़ा रखी और कहा कि शायद बिना उचित प्रक्रिया के अचानक उसकी मां को बांग्लादेश भेज दिया गया है। उसे पता नहीं है कि मां कहां है। हलाकि कोर्ट ने इस याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई की बात कही है।

असम पुलिस ने अवैध रूप से हिरासत में रखा

30 मई को मुख्य न्यायाधीश भूषण रामाकृष्ण गवई, जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और जस्टिस ए एस चंदुरकर की बेंच के सामने यूनुस अली नाम के शख्स ने याचिका दाखिल कर कहा था कि उसकी मां को असम पुलिस ने अवैध रूप से हिरासत में रखा है। यूनुस अली के वकील शोएब आलम की दलीलों पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए 2 जून की तारीख दी थी। यूनुस अली ने अपनी मां मोनोवारा की जल्द रिहाई के लिए अनुरोध किया था।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि 24 मई को उनकी मां को बयान दर्ज करने के बहाने धुबरी पुलिस थाने बुलाया गया और फिर हिरासत में ले लिया। इस दौरान एडवोकेट शोएब आलम ने आपत्ति जताते हुए इस पर भी चिंता जताई कि राज्य में लोगों को हिरासत में लिया जाता है और रातों-रात बांग्लादेश निर्वासित कर दिया जाता है। जबकि उनके कानूनी मामले लंबित हैं।

रातों-रात पकड़कर बांग्लादेश भेज दिया

वकील ने कोर्ट को बताया कि यूनुस अली की मां की ओर से 2017 में एक विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की गई थी। जिस पर नोटिस जारी किए गए, लेकिन फिर भी लोगों को निर्वासित किया जा रहा है। जबकि इस अदालत में सुनवाई अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई वीडियो प्रसारित हो रहे हैं, जिनमें दिखाया गया है कि लोगों को रातों-रात पकड़कर सीमा पार भेज दिया गया। मोनोवारा 12 दिसंबर, 2019 से उस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जमानत पर थीं। जिसमें असम के विदेशी हिरासत शिविरों में तीन साल से अधिक समय बिताने वाले बंदियों को सशर्त रिहाई की अनुमति दी गई थी।

मामला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है

वही याचिकाकर्ता का कहना है कि जब उसने अगले दिन पुलिस थाने में जाकर अधिकारियों को बताया कि उनका मामला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। तो उन्हें उनकी मां से मिलने नहीं दिया गया और उनकी रिहाई से भी इनकार कर दिया गया। याचिका में गुवाहाटी हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है, जिसने मोनोवारा को विदेशी घोषित करने वाले विदेशी न्यायाधिकरण के फैसले को बरकरार रखा था।

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सुराब में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी का तांडव, बौखलाए पाक पीएम शहबाज

भारत में लगातार आतंकी गतिविधियों का समर्थन करने वाला पाकिस्तान अब अपने ही जाल में फंस चुका है। एक-एक कर उसके सभी प्रांतोंं से विरोध की आवाजें उठने लगी हैं। जिस आतंकवाद और अलगाववाद का वह कभी खुलकर समर्थन करता था। आज वही अलगाववाद उसके लिए सिरदर्द बन गया है। बलोच लिबरेशन आर्मी लगातार पाकिस्तान से बलूचिस्तान को आजाद करने के लिए संघर्ष कर रही है। ताजा घटनाक्रम में उसने बलूचिस्तान के सुराब शहर पर अपना कब्जा जमा लिया है। चलिए, आपको बताते हैं कि यह पाकिस्तान के लिए इतना खतरनाक क्यों है और सुराब शहर की अहमियत क्यों है ?

पाकिस्तान के लिए सुराब शहर की अहमियत

बलूचिस्तान का सुराब शहर बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा से सिर्फ 150 किलोमीटर दूर है। ऐसे में यह पाकिस्तान की सेना के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन सकता है। यह एक छोटा सा शहर है, लेकिन रणनीतिक दृष्टि से अहम शहर है। बलोच आर्मी के कब्जे के बाद इसकी अहमियत काफी ज्यादा बढ़ गई है। यह क्वेटा-कराची हाईवे पर है। एक बार इस हाईवे को बंद किया जा चुका है, अब बीएलए ने इस शहर पर दोबारा कब्जा जमा लिया है। ऐसे में फिर से यह हाईवे बंद हो सकता है। जिससे पाकिस्तान सरकार की पकड़ इस इलाके पर कमजोर हो सकती है। सुराब, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के निकटवर्ती क्षेत्रों से जुड़ा है। ऐसे में इस शहर पर कब्जा होने से यहां से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी जा सकती है।

बैंकों में लूटपाट के साथ किया कब्जा

वही बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि हमलावरों ने सरकारी कार्यालयों में तोड़फोड़ की, बैंक से नकदी लूटी और कई सरकारी अधिकारियों के आवासों को भी जला दिया। इस हमले में अतिरिक्त उपायुक्त (राजस्व) हिदायत बुलेदी बलूच की मौत हो गई। वह हमले के दौरान डटे रहे और गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हिदायत बुलेदी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने “चरमपंथियों से मुकाबला करते हुए असाधारण साहस और कर्तव्यनिष्ठा” का परिचय दिया।

बलूचिस्तान और पाकिस्तान का क्या है झगड़ा ?

बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है (क्षेत्रफल के हिसाब से), जो दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। यह अफगानिस्तान, ईरान और अरब सागर की सीमा से लगा हुआ है। बलूचिस्तान प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है। खासकर गैस, तांबा, सोना, कोयला और यूरेनियम का भंडार है। 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय बलूचिस्तान एक अर्ध-स्वतंत्र राज्य (खान ऑफ कलात) था। बलूच नेताओं के अनुसार पाकिस्तान ने 1948 में जबरन बलूचिस्तान का विलय कर लिया। तभी से बलूचिस्तान में पाकिस्तान के खिलाफ विरोध और विद्रोह की शुरुआत हुई।

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हेट स्पीच मामला: अब्बास अंसारी को 2 साल की सजा, क्या विधायकी खतरे में ?

मुख्तार अंसारी के बेटे और मऊ सदर विधानसभा सीट से विधायक अब्बास अंसारी को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। मऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट में आज अब्बास अंसारी के हेट स्पीच मामले को लेकर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अब्बास अंसारी समेत उसके भाई और मंसूर अंसारी को दोषी करार दिया है। इसके अलावा अब्बास अंसारी को दो साल की सजा सुनाई गई है और 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बता दें कि अब्बास अंसारी, ओमप्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान अब्बास अंसारी ने हेट स्पीच का प्रयोग किया था, जिसमें उन्हें दोषी करार दिया गया है।

सीजेएम कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती

कोर्ट में सजा के ऐलान के बाद अब्बास अंसारी ने तय किया है कि वे मऊ के सीजेएम कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। मुख्तार अंसारी के बेटे और मऊ से सदर विधायक अब्बास अंसारी का आरोप है कि उनके पक्ष को पूरी तरह सुना नहीं गया। इसलिए अब वह शिकायत लेकर हाईकोर्ट जाएंगे।

बची रहेगी अब्बास अंसारी की सदस्यता

सजा के ऐलान से पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि सजा की समयसीमा अब्बास अंसारी की विधायकी पर असर डाल सकती है। सवाल उठ रहे थे कि क्या सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता रद्द की जाएगी? हालांकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता सुरक्षित है। क्योंकि अगर अब्बास अंसारी को दो साल से ज्यादा की सजा होती, तो उन्हें अपनी विधानसभा की कुर्सी छोड़नी पड़ती। हालांकि, मऊ की सीजेएम कोर्ट ने उन्हें ठीक दो साल की सजा सुनाई है।

हेट स्पीच का मामला क्या है ?

उत्तर प्रदेश के मऊ में वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान सुभासपा के विधायक अब्बास अंसारी ने जनसभा को संबोधित करने के दौरान कहा था कि चुनाव के बाद सरकार बनने के बाद अधिकारियों के साथ हिसाब-किताब बराबर कर लिया जाएगा। उनके इस बयान को लेकर काफी विवाद हुआ। इस बयान के बाद चुनाव आयोग ने अब्बास अंसारी के चुनाव प्रचार पर 24 घंटे के लिए रोक लगा दी थी। वहीं केस दर्ज होने के बाद इस मामले में सुनवाई चल रही थी। इस मामले में उन्हें दोषी पाया गया है और अब्बास अंसारी को दो साल की सजा सुनाई गई है।

अब्बास अंसारी ने पहली बार में दर्ज की जीत

बता दें कि 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में सपा और सुभासपा ने गठबंधन के तहत एक साथ चुनाव लड़ा था। इस गठबंधन में मऊ सदर विधानसभा सीट से सुभासपा को अपना प्रत्याशी उतारना था। ऐसे में सुभासपा ने अब्बास अंसारी को टिकट दिया। अब्बास अंसारी मऊ सदर सीट से पहली बार विधानसभा चुनाव लड़े और उन्हें जीत भी हासिल हुई। हालांकि अब सुभासपा ने सपा से गठबंधन तोड़ लिया है और वह भाजपा के साथ गठबंधन कर चुकी है। वहीं विधानसभा चुनाव के दौरान ही अब्बास अंसारी ने हेट स्पीच दी थी, जिसके बाद उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

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इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह का टॉप कमांडर मोहम्मद अली जमौल को किया ढेर

इजरायली सेना को लेबनान में एक और बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। इजरायली सेना (आईडीएफ) ने एक एयरस्ट्राइक में हिजबुल्लाह का के टॉप कमांडर को मार गिराया है। इजरायली सेना ने अपने सोशलमीडिया एकाउंट एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि उसने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के कमांडर मोहम्मद अली जमौल को ढेर कर दिया है। इजरायली सेना के अनुसार जमौल दक्षिणी लेबनान के डेर अल-ज़हरानी क्षेत्र में हिज़्बुल्लाह के रॉकेट सरणी के शाक़िफ़ क्षेत्र का कमांडर था।
हिजबुल्लाह का टॉप कमांडर मोहम्मद अली जमौल ढेर
हिजबुल्लाह का टॉप कमांडर मोहम्मद अली जमौल ढेर

आईडीएफ पर कई हमलों का था जिम्मेदार

इजरायली सेना के हमले में मारा गारा कमांडर मोहम्मद अली जमौल पूरे युद्ध के दौरान इज़रायली नागरिकों और आईडीएफ सैनिकों पर कई रॉकेट हमलों का जिम्मेदार था। मौजूदा वक्त में वह दक्षिणी लेबनान में फिर से हिज़्बुल्लाह आतंकवादी संगठन के बुनियादी ढांचे को स्थापित करने के प्रयासों में शामिल था। आईडीएफ ने बताया कि मोहम्मद अली जमौल की गतिविधियां इज़रायल और लेबनान के बीच हुए समझौते का स्पष्ट उल्लंघन थीं। इज़रायल पर उत्पन्न किसी भी खतरे को दूर करने के लिए आईडीएफ इस तरह से आतंकियों का सफाया करने का काम करना जारी रखेगा।

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टाटा मोटर्स की नई एसयूवी : माइलेज में धमाका, सुरक्षा में बेमिसाल

टाटा मोटर्स एक बार फिर से कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में एंट्री को तैयार है। टाटा पंच फेसलिफ्ट 2025 के रूप में कंपनी भारतीय बाजार में अपनी सबसे सस्ती 5-स्टार रेटेड एसयूवी को नए अवतार में पेश करने वाली है। टेस्टिंग के दौरान स्पॉट की गई पंच फेसलिफ्ट की तस्वीरों और डिटेल्स से यह साफ हो गया है कि ये एसयूवी स्टाइल, सेफ्टी और स्मार्ट टेक्नोलॉजी का बेहतर कंबीनेशन होने वाली है। चलिए फीचर्स पर एक नजर डालते हैं।

डिजाइन में मिलेगा ईवी जैसा टच

नई टाटा पंच फेसलिफ्ट 2025 को टाटा पंच ईवी जैसा ही डिजाइन मिलने की उम्मीद है। टेस्टिंग के दौरान पूरी तरह से ढके मॉडल में सामने और पीछे की प्रोफाइल में कुछ कॉस्मेटिक बदलाव देखे जा सकते हैं। जिससे यह एसयूवी पहले से और ज्यादा मॉडर्न और यूथफुल दिखाई देगी। इसमें नया फ्रंट बंपर, ग्रिल पैटर्न, ईवी-इंस्पायर्ड डीआरएल, एलईडी टेललाइट्स और नए डिजाइन वाले स्टाइलिश अलॉय व्हील्स मिलने की संभावना है।

कैसा रहेगा इस एसयूवी का इंटीरियर ?

इंटीरियर की बात करें तो टाटा पंच फेसलिफ्ट को और ज्यादा स्मार्ट और प्रीमियम बनाने के लिए इसमें नया 2-स्पोक लेदरेट स्टीयरिंग व्हील मिलेगा। जिसमें टाटा का इल्यूमिनेटेड लोगो होगा। इसमें 7-इंच का टीएफटी डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, 10.2-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस एप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो, नया एफएटीसी (FATC) क्लाइमेट कंट्रोल पैनल, वायरलेस चार्जिंग, कप होल्डर और फैब्रिक सीट अपहोल्स्ट्री जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। डैशबोर्ड का लेआउट वर्तमान मॉडल जैसा ही रहेगा।

कैसा रहेगा इस एसयूवी का इंजन और परफॉर्मेंस

इंजन और परफॉर्मेंस में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह एसयूवी पहले की तरह ही 1.2 लीटर 3-सिलेंडर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन के साथ आएगी। जो 86 बी बीएचपी पावर और 113 एनएम टॉर्क जनरेट करता है। वहीं सीएनजी वर्जन 73.4 बीएचपी पावर और 103 एनएम टॉर्क देता है। इसमें 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड एएमटी ट्रांसमिशन ऑप्शन मिलते हैं। इस कार का क्लेम्ड माइलेज पेट्रोल वर्जन में 27 kmpl और सीएनजी वर्जन में 26.99 km/kg तक बताया गया है।

टाटा पंच फेसलिफ्ट का सेफ्टी फीचर्स

सेफ्टी फीचर्स की बात करें तो टाटा पंच फेसलिफ्ट में पहले से बेहतर सुरक्षा मिलेगी। यह पहले ही जीएनसीएपी क्रैश टेस्ट में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग हासिल कर चुकी है। फेसलिफ्ट वर्जन में 6 एयरबैग्स, रिवर्स कैमरा, ईबीडी के साथ एबीएस और संभावित रूप से इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल जैसे फीचर्स दिए जाएंगे।

इस एसयूवी की कीमत और लॉन्च टाइमलाइन

इस कार को भारत में त्योहारी सीजन 2025 में लॉन्च किया जा सकता है और इसकी अनुमानित एक्स-शोरूम कीमत लगभग 6 लाख से 9.5 रुपये लाख तक हो सकती है। लॉन्च के बाद इसका मुकाबला हुंडई एक्सटर, मारुति सुजुकी फ्रोंक्स और सिट्रोएन सी3 जैसी एसयूवी से होगा। अगर आप 10 लाख से कम कीमत में एक ऐसी एसयूवी की तलाश में हैं। जिसमें जबरदस्त माइलेज, स्टाइलिश और प्रीमियम डिजाइन, स्मार्ट फीचर्स, सनरूफ, 6 एयरबैग्स और 5-स्टार सेफ्टी मिले, तो टाटा पंच फेसलिफ्ट 2025 आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है।

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बिहार में सवर्णों के विकास का नया अध्याय: क्या सीएम नीतीश लाएंगे बदलाव ?

सीएम नीतीश कुमार की अगुवाई वाली बिहार सरकार ने सवर्णों के विकास के लिए एक आयोग का गठन किया है। उच्च जातियों के विकास के लिए बने इस आयोग के अध्यक्ष वरिष्ठ भाजपा नेता महाचंद्र सिंह बनाए गए हैं, जबकि जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता राजीव रंजन प्रसाद को उपाध्यक्ष बनाया गया है। दयानंद राय, जय कृष्ण झा, राजकुमार सिंह को सदस्य बनाया गया है। आपको बता दे कि यह नियुक्ति आगामी चुनावों में दोनों पार्टियों की सहयोगात्मक रणनीति को दर्शाती है। सीएम नीतीश ने इससे पहले साल 2011 में सवर्ण आयोग बनाया था, हालांकि कुछ कारणों के चलते उसे बाद में निष्क्रिय कर दिया गया था।

क्या होगा इस आयोग का काम ?

सीएम नीतीश ने जो आयोग बनाया है, उसका काम सवर्ण वर्ग के मुद्दों को उठाना और उनका समाधान होगा। सीएम नीतीश के इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। राजनीतिक जानकारों की मानें तो ये सब चुनावी प्रयोग है। सीएम नीतीश हर वर्ग को अपनी ओर लाना चाहते हैं। इसी के तहत ये फैसला लिया गया है।

सभी सदस्यों का तीन साल होगा कार्यकाल

इस आयोग में एक अध्यक्ष एक उपाध्यक्ष और तीन सदस्य होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद को उच्च जाति आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं दयानंद राय, जय कृष्ण झा और राजकुमार सिंह को सदस्य नियुक्त किया गया है। अध्यक्ष-उपाध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल 3 वर्षों का होगा।

राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग को मिला नया अध्यक्ष

इसी के साथ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग में भी महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। पश्चिम चंपारण के शैलेंद्र कुमार को आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके साथ सुरेंद्र उरांव उपाध्यक्ष होंगे, जबकि प्रेमलीला गुप्ता, तल्लू बास्के और राजू कुमार को सदस्य बनाया गया है। इस आयोग का भी कार्यकाल तीन साल होगा।

सीएम नीतीश ने किया अल्पसंख्यक आयोग का पुनर्गठन

यह घोषणा जेडीयू के गुलाम रसूल को राज्य के अल्पसंख्यक आयोग का प्रमुख नियुक्त किए जाने के एक दिन बाद हुई है। बता दें कि सीएम नीतीश कुमार की सरकार ने राज्य में अल्पसंख्यक आयोग का पुनर्गठन किया था। अल्पसंख्यक आयोग का चेयरमैन गुलाम रसूल बलयावी बनाया गया था। आयोग में 10 अन्य सदस्य भी बनाए गए हैं। गुलाम रसूल पार्टी के सीनियर नेता हैं और पूर्व में सांसद भी रह चुके हैं।

बिहार में इसी साल होने वाले हैं विधानसभा चुनाव

बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में राजनीतिक माहौल पहले से ही गरमा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सत्ता में बने रहने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वहीं, आरजेडी भी सत्ता में वापसी के लिए प्रयासरत है। आरजेडी और कांग्रेस ने अभी से ही चुनावी वादे भी करना शुरू कर दिए हैं। महागठबंधन ने बिहार की जनता से वादा किया है कि सत्ता में आने पर 2500 रुपये महिलाओं को दिए जाएंगे।

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दुश्‍मन होंक दिया जाएगा, कानपुरिया भाषा में पाक को दिया पीएम मोदी ने जवाब

ब्यूरो चीफ कानपुर। पीएम नरेंद्र मोदी कानपुर पहुंचे और यहां सभा को संबोधित किया। कानपुर के चकेरी एयरपोर्ट पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। पीएम नरेंद्र मोदी पहलगाम अटैक में मारे गए शुभम द्विवेदी के परिजनों से भी मुलाकात की। शुभम द्विवेदी के परिजनों से मिले तो शुभम की पत्नी ईशान्या की आंखों में आंसू देख भावुक हो गए। बता दें कि शुभम द्विवेदी की पहलगाम में हुए आतंकी हमले में जान चली गई थी।

इस दौरान उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जारी रहेगी लड़ाई। इसके बाद पीएम मोदी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और 47 हजार करोड़ के विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को संबोधित किया और कहा कि ऑपरेशन सिंदूर न्याय का संकल्प है। सीएम योगी ने कहा कि यूपी की धरती पर पीएम मोदी का स्वागत है।

कानपुर में छाया सिंदूर

कानपुर में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ऑपरेशन सिंदूर छाया हुआ नजर आया है, जहां एक तरफ यहां गेट के ऊपर ऑपरेशन सिंदूर देखने को मिला। तो वहीं दूसरी तरफ हजारों की संख्या में महिलाएं सिंदूर लगाकर बैठी हुई नजर आईं। वह भी लाल साड़ी में महिलाओं ने पीएम मोदी का आभार जताया और कहा कि आज वह आभार जताने के लिए यहां पर आई हुई हैं। क्योंकि पीएम मोदी ने उनके सिंदूर का मान रखा है। इसलिए वह उनका धन्यवाद देने यहां पर आयी हैं।

भारत का शौर्य दुनिया ने देखा – सीएम योगी आदित्यनाथ

वही कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर न्याय का संकल्प है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में सेना ने अपना शौर्य दिखाया। भारत का शौर्य दुनिया ने देखा है। सीएम योगी ने कहा ऑपरेशन सिंदूर के बाद यूपी में पहली बार पीएम मोदी का आगमन हुआ है। पीएम मोदी का गंगा की धरा कानपुर में स्वागत करता हूं। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत की सेना के शौर्य और पराक्रम को दुनिया मान रही है।

न्यू डिफेंस पालिसी से दुश्मन के डिफेंस सिस्टम को नष्ट किया गया, ये पीएम के द्वारा मेड इन इंडिया कार्यक्रम की वजह से संभव हो पाया। आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के चलते ही ऐसा संभव हो पाया है। इन योजनाओं के माध्यम से विकास की गति को बढ़ावा मिल रहा है। मेट्रो का अपने शुभारम्भ किया था। मोतीझील तक आईआईटी से उसके सेकंड फेज का शुभारंभ आज होने जा रहा है, आपका हृदय से आभार।

ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्‍म नहीं हुआ है – पीएम मोदी

हमने पाकिस्‍तान में आतंकियों के ठिकाने अंदर जाकर तबाह कर दिए और हमारी सेना ने ऐसा पराक्रम किया कि पाकिस्‍तानी सेना को गिड़गिड़ाकर युद्ध रोकने की मांग करने पर मजबूर होना पड़ा। सेना के इस शौर्य को सैल्‍यूट करता हूं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जो दुश्‍मन गिड़गिड़ा रहा था। वो किसी धोखे में ना रहे। यह ऑपरेशन अभी खत्‍म नहीं हुआ है।

कानपुरिया में कहूं तो दुश्‍मन कहीं भी हों, होंक दिया जाएगा – पीएम मोदी

भारत हर आतंकी हमले का करार जवाब देगा। समय, तरीका और जवाब देने की शर्तें हमारी सेना खुद तय करेंगी। भारत अब ऐटम बम की गीदड़भभकी से नहीं डरेगा। आतंक के आका और आतंकी सरपरस्‍त सरकार को भारत एक ही नजर देखेगा। पाकिस्‍तान का खेल अब ज्‍यादा चलने वाला नहीं है। अगर मैं सीधे सीधी कानपुरिया में कहूं तो दुश्‍मन कहीं भी हों, होंक दिया जाएगा।

ब्रह्मोस का नया पता उत्‍तर प्रदेश है – पीएम नरेंद्र मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि जैसे कानपुर में पुरानी ऑर्डिनेंस फैक्‍ट्री हैं। वैसी 7 फैक्ट्रियों को हमने आधुनिक बना दिया है। एक समय जहां से पारंपरिक उद्योग पलायन कर रहे थे। वहां अब डिफेंस सेक्‍टर की बड़ी कंपनियां आ रही हैं। यहां पास ही अमेठी में एके 57 का निर्माण किया जा रहा है। ब्रह्मोस का नया पता उत्‍तर प्रदेश है। यहां बड़े पैमाने पर निवेश आएगा और युवाओं को रोजगार के अच्‍छे अवसर मिलेंगे।

कानपुर का पुराना गौरव फ‍िर लौटेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों की वजह से यूपी पीछे रह गया। उन्‍होंने उद्योगों को नजरअंदाज किया। पिछली सरकारें आंखें बंद करके बैठी हुई थीं। कानपुर का पुराना गौरव फ‍िर लौटेगा। यूपी में नए पावर प्‍लांट लगेंगे। आज यही यूपी विकास के नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। मेट्रो सेवा से ही कानपुर को कितना फायदा होने जा रहा है। इससे हमारे व्‍यापारियों और आम लोगों को कितना फायदा हो रहा है। इससे उनके समय की बचत हो रही है। शहर की गति की शहर की प्रगति बनती है।

यूपी में बह रही विकास की बयार

जिस यूपी पहचान टूटी सड़कों की वजह से होती थी, वहां एक्‍सप्रेस वे बन रहे हैं। जहां यूपी में रात को लोग निकलने से डरते थे। आज वो बेहतर एक्‍सप्रेस वे पर निकल रहे हैं। कुछ ही दिनों में कानपुर एक्‍सप्रेस वे से लखनऊ और कानपुर बेहद कम समय में पहुंच पाएंगे। कानपुर के लोगों को अब तक फरुर्खाबाद अनवरगंज सेक्‍शन में सिंगल लाइन से दिक्‍कत होती रही हैं। 18 रेलवे क्रॉसिंग से संघर्ष करना पड़ता था। अब यहां भी एक हजार करोड़ रुपये खर्च करके एलिवेटिड रोड बनने जा रहा है। कानपुर के लोगों का इससे समय बचेगा। कानुपर सेंट्रल स्‍टेशन को भी अपग्रेड करके विश्‍वस्‍तरीय एयरपोर्ट की तरह रूप दिया जा रहा है।

हमने आत्मनिर्भर भारत अभियान चलाया – पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक वक्‍त था, जब भारत सैन्य जरूरतों के लिए अपनी रक्षा के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहता था। हमने उन हालातों को बदलने को शुरुआत की है। भारत अपनी रक्षा जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर हो, ये हमारी अर्थव्यवस्था के लिए तो जरुरी है। ये देश के आत्मसम्मान के लिए भी उतना ही जरुरी है। इसलिए हमने देश को उस निर्भरता से आजादी दिलाने के लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान चलाया।

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अंकिता भंडारी हत्याकांड में आया कोर्ट का बड़ा फैसला, दोषियों को उम्रकैद

दो साल से अधिक समय के बाद अब देश के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड पर आज कोर्ट का फैसला आ गया है। कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस मामले पर सुनवाई के बाद आज फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले में तीनों आरोपियों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। बता दें कि इस मामले की सुनवाई कुल दो साल आठ महीने तक चली। इस दौरान तमाम सबूतों और गवाहों को पेश किया गया। इसमें कुल 100 गवाह पेश किए गए। वहीं मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया, जिसने 500 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी।

तीनों दोषियों को कितनी सजा हुई ?

कोर्ट ने पुलकित आर्य पर धारा 302 आईपीसी में कठोर आजीवन कारावास के साथ-साथ 50000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा धारा 201 आईपीसी में 5 वर्ष कठोर कारावास के साथ 10000 रुपये जुर्माना, धारा 354 ए आईपीसी में 2 वर्ष का कठोर कारावास और ₹10000 जुर्माना और धारा 3(1)D आईटीपीए एक्ट में 5 वर्ष का कठोर कारावास व ₹2000 जुर्माना की सजा सुनाई है। इस तरह से पुलकित आर्य पर कुल 72000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को धारा 302 आईपीसी के तहत आजीवन कठोर कारावास और 50000 रुपये जुर्माना, धारा 201 आईपीसी के तहत 5 वर्ष कठोर कारावास व ₹10000 जुर्माना और 3(1)D आईटीपीए एक्ट में 5 वर्ष का कठोर कारावास व ₹2000 जुर्माना की सजा सुनाई है। इसके अलावा 4 लाख प्रतिकर मृतिका के परिजनों को देना है।

नहर से शव मिलने के बाद मचा हड़कंप

दरअसल, 18 सितंबर 2022 को उत्तराखंड के पौड़ी जिले में अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई। अंकिता भंडारी यमकेश्वर के वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम कर रही थी। अचानक अंकिता भंडारी रिजॉर्ट से लापता हो गई और उसका शव नहर से बरामद हुआ, जिसके बाद हड़कंप मच गया। रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य ने अपने दो साथियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर अंकिता भंडारी की हत्या की। उन्होंने अंकिता भंडारी को नहर में धक्का दे दिया था। फिलहाल इस केस में रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और दो अन्य साथी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता जेल में बंद हैं।

अंकिता भंडारी की हत्या के पीछे क्या थी वजह ?

जानकारी के मुताबिक अभियोजन पक्ष के अनुसार किसी बात को लेकर अंकिता और पुलकित आर्य में विवाद हो गया था। इस विवाद के बाद रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य ने सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर अंकिता की हत्या की थी। इस केस में तीनों आरोपियों को 23 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में पूछताछ के दौरान इन्होंने हत्या की बात भी स्वीकार की। तीनों के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी केस दर्ज किया गया। वहीं अंकिता के परिजनों की मांग पर 3 बार सरकारी वकील बदले गए।

इस मामले में अंकिता के भाई और उसके पिता को सरकारी नौकरी दी गई। वहीं धामी सरकार ने अंकिता भंडारी के परिवार को ₹25 लाख की आर्थिक मदद भी दी। बता दें कि पुलकित आर्य भाजपा के तत्कालीन नेता विनोद आर्य का पुत्र है। हालांकि मामला सामने आते ही पार्टी ने आर्य को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। वहीं घटना के बाद देश के लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। लोगों ने सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन भी किए।

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डीपीएस द्वारका को हाईकोर्ट ने दिए आदेश, नाम काटे गए बच्चों को वापस लें

डीपीएस द्वारका और 100 से ज्यादा पैरेंटस् के बीच फीस बढ़ोतरी के विवाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक नया अंतरिम आदेश दिया है। जिसमें स्कूल को सभी नाम काटे गए बच्चों को वापस लेने का कहा गया। वही साथ ही बच्चों के माता-पिता को भी यह निर्देश दिया गया कि वे बढ़ी हुई फीस का 50 फीसदी पैसा स्कूल फीस के रूप में जमा करें। हाईकोर्ट के जस्टिस विकास महाजन ने जारी अपने आदेश में साफ किया कि 50 प्रतिशत की छूट फीस के बढ़े हुए हिस्से पर है। जबकि पहले से दी रही पूरी फीस पैरेंट्स को देनी होगी।

क्या कहा था याचिका में ?

हाईकोर्ट ने यह अंतरिम आदेश 102 अभिभावकों की याचिका पर पारित किया। जिसमें डीपीएस द्वारका में चल रही फीस बढ़ोतरी के मुद्दे के बीच अपने बच्चों की सुरक्षा और दिल्ली सरकार और एलजी से इसका अधिग्रहण करने की भी मांग की गई थी। याचिका में कहा गया था कि पिछले कुछ सालों में स्कूल ने अभिभावकों से अस्वीकृत फीस वसूलने के लिए दबाव बनाया है। अभिभावकों ने दावा किया कि स्कूल ने बाउंसरों को रखकर खराब, गंदे और अमानवीय व्यवहार का तरीका अपनाया है।

हाईकोर्ट ने की टिप्पणी

वही हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए टिप्पणी की कि इस मामले में एकेडमिक ईयर 2025-26 के संबंध में याचिकाकर्ताओं द्वारा मांगी गई। फौरी राहत उसे संतुष्ट नहीं कर पा रही है, क्योंकि ऐसा कुछ भी रिकॉर्ड रखा नहीं गया है। जिससे यह पता चल सके कि दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने एकेडमिक ईयर 2024-25 से आगे के लिए स्कूल द्वारा फीस निर्धारण को खारिज किया है।

आदेश में आगे कहा गया, “जब तक शिक्षा निदेशालय स्कूल के फाइनेंशियल डिटेल की समीक्षा नहीं करता और अपने फैसलों के आधार पर एकेडमिक सेशन 2024-25 से आगे के लिए फीस बढ़ोतरी के प्रावधान वाले बयान को मुनाफाखोरी और शिक्षा का व्यावसायीकरण की कसौटी में खारिज नहीं करता, तब तक ऊपर उल्लिखित कानून में फीस में ऐसी बढ़ोतरी पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

देनी होगी पैरेंट्स को बढ़ी फीस

हाईकोर्ट ने आगे कहा कि इस स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के पैरेंट्स को एकेडमिक ईयर 2024-25 के लिए स्कूल द्वारा लगाई गई। फीस का भुगतान करना चाहिए, जबतक कि शिक्षा निदेशालय इस पर कोई फैसला नहीं ले लेता और रिट याचिका के अंतिम रिजल्ट के अधीन है। कोर्ट ने स्कूल के वकील की उस दलील पर गौर किया। जिसमें संस्थान याचिकाकर्ताओं द्वारा बढ़ी हुई स्कूल फीस का 50 प्रतिशत भुगतान करने के लिए उत्तरदायी हैं।

कोर्ट ने कहा इसलिए यह निर्देश दिया जाता है कि याचिकाकर्ताओं के बच्चों को वर्तमान याचिका के लंबित रहने तक अपनी संबंधित कक्षाओं में पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी जाएगी। बशर्ते कि पैरेंटेस् को एकेडमिक ईयर 2024-25 के लिए बढ़ी हुई फीस का 50 फीसदी जमा करें। यह स्पष्ट किया जाता कि 50 प्रतिशत की छूट फीस के बढ़े हुए हिस्से पर है, आधार शुल्क का पूरा भुगतान किया जाएगा।

सरकार और एलजी को भेजा नोटिस

इसके साथ हाईकोर्ट ने मुख्य याचिका पर स्कूल, एलजी और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी तकिया और उन्हें 4 सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने की मोहलत दी और मामले की सुनवाई को अगले 28 अगस्त के लिए लिस्टेड कर दिया। बता दें कि पैरेंट्स के वकील ने कोर्ट से बताया था कि स्कूल ने फीस में 7000 रुपये प्रति माह बढ़ोतरी की और अब इसमें 9000 रुपये मासिक की बढ़ोतरी की है।

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ताली एक हाथ से नहीं बजती, रेप केस की सुनवाई में भड़का सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने 40 वर्षीय महिला से दुष्कर्म के आरोपी 23 वर्षीय इन्फ्लुएंसर को इस बात पर गौर करते हुए अंतरिम जमानत दे दी कि 9 महीने से जेल में होने के बावजूद उसके खिलाफ आरोप तय नहीं किए गए हैं और अदालत ने कहा कि पीड़िता ‘‘बच्ची नहीं है’’ और ‘‘एक हाथ से ताली नहीं बजती’’।

महिला ने इन्फ्लुएंसर को दिलाया आईफोन

शुरुआती बातचीत के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर प्रचार सामग्री को प्रभावशाली दिखाने के लिए एक आईफोन का अनुरोध किया, जिसे उसने जम्मू में एक अधिकृत ‘एप्पल स्टोर’ के माध्यम से उपलब्ध कराया। हालांकि, आरोपी द्वारा आईफोन को बेचने का प्रयास करने के बाद उनके प्रोफेशनल रिलेशन खराब हो गए। अधिकृत विक्रेता ने 20,000 रुपये काटने के बाद महिला के खाते में रुपये वापस कर दिए। शिकायत में कहा गया कि हालांकि, आरोपी ने रुपये वापस करने का वादा किया था, लेकिन कुछ समय बाद महिला ने उससे सभी संबंध खत्म करने का फैसला किया।

‘युवक ने बेहोश कर रेप किया, अश्लील तस्वीरें खींचीं’

युवक दिसंबर 2021 में 20,000 रुपये वापस करने और माफी मांगने के लिए नोएडा में महिला के घर गया। इसके बाद उसने महिला को कनॉट प्लेस में एक प्रचार सामग्री की शूटिंग के वास्ते यात्रा करने के लिए राजी कर लिया। यात्रा के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर उसे नशीले पदार्थ मिली मिठाई दी और वह बेहोश हो गई। आरोपी ने उसे हिंदू राव अस्पताल ले जाने की बात कही लेकिन वह महिला को कथित तौर पर अस्पताल के पीछे एक सुनसान इलाके में ले गया और उसका यौन उत्पीड़न किया, उसके पर्स से रुपये चुरा लिये और उसकी अश्लील तस्वीरें खींचीं।

शिकायत के अनुसार इसके बाद महिला को जम्मू जाने के लिए कथित तौर पर मजबूर किया गया, जहां ढाई साल की अवधि में लगातार उसका यौन शोषण किया, जबरन वसूली की और धमकियां दीं। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म), 354 (महिला पर हमला), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 506 (आपराधिक धमकी), 509 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना) और 34 के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की गई।

महिला 7 बार जम्मू गई और पति को आपत्ति भी नहीं हुई – सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने तीखी टिप्पणी करते हुए यह भी पूछा कि दिल्ली पुलिस सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर युवक के खिलाफ दुष्कर्म का मामला कैसे दर्ज कर सकती है, जबकि महिला स्वेच्छा से उसके साथ गई थी। बेंच ने कहा, ‘‘एक हाथ से ताली नहीं बजती। आपने (दिल्ली पुलिस) किस आधार पर आईपीसी की धारा 376 के तहत केस दर्ज किया है। वह बच्ची नहीं है। 40 साल की महिला है। वे दोनों एक साथ जम्मू गए। आपने धारा 376 क्यों लगाई है। यह महिला सात बार जम्मू जाती है और पति को कोई आपत्ति नहीं होती ?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह अंतरिम जमानत देने के लिए उपयुक्त मामला है क्योंकि आरोपी 9 महीने से जेल में है और आरोप तय नहीं किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि आरोपी को अधीनस्थ अदालत में पेश किया जाए और नियमों-शर्तों के अधीन अंतरिम जमानत दी जाए। बेंच ने कहा कि वह अपनी स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा और महिला से संपर्क करने का प्रयास नहीं करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी पर भी टिप्पणी करते हुए पूछा, ‘‘ऐसे लोगों से कौन प्रभावित होता है ?

क्या है पूरा मामला ?

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट के एक आदेश के खिलाफ आरोपी युवक द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। हाईकोर्ट ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उसे जमानत देने से इनकार कर दिया था। पुलिस की शिकायत के अनुसार महिला पहली बार 2021 में सोशल मीडिया के माध्यम से आरोपी के संपर्क में आई जब वह अपने कपड़ों के ब्रांड के प्रचार के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की तलाश कर रही थी।

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मणिपुर से हटेगा राष्ट्रपति शासन ? बीजेपी ने शुरू की सरकार बनाने की कवायद

मणिपुर में सरकार बनाने की हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेता राधेश्याम सिंह ने 28 मई 2025 को राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात करने के बाद सरकार बनाने का दावा पेश किया है। बीजेपी नेता ने नौ अन्य विधायकों के साथ राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की। बीजेपी नेता राधेश्याम सिंह ने कहा कि 44 विधायक जनता की इच्छा के अनुसार सरकार बनाने के लिए तैयार हैं। हमने राज्यपाल को यह बता दिया है। हमने इस मुद्दे के लिए क्या समाधान हो सकते हैं, इस पर भी चर्चा की। 44 विधायक जनता की इच्छा के अनुसार सरकार बनाने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा, “राज्यपाल ने हमारी बातों पर गौर किया और लोगों के सर्वोत्तम हित में कार्रवाई शुरू करेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या वह सरकार बनाने का दावा करेंगे तो उन्होंने कहा कि बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व निर्णय लेगा।

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू है

बीजेपी नेता एन बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद फरवरी से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू है। मई 2023 में शुरू हुए मेइती और कुकी समुदाय के बीच हुए जातीय हिंसा को लेकर कांग्रेस ने एन बीरेन सिंह की सरकार पर जमकर निशाना साधा था। मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा में फिलहाल 59 विधायक हैं। एक सीट एक विधायक के निधन के कारण खाली है। बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन में कुल मिलाकर 44 विधायक हैं। जिसमें 32 मेइती, तीन मणिपुरी मुस्लिम और नौ नगा विधायक हैं।

हम तैयार हैं – भाजपा नेता राधेश्याम सिंह

भारतीय जनता पार्टी नेता राधेश्याम सिंह ने कहा की यह बताना कि हम तैयार हैं, सरकार बनाने का दावा पेश करने जैसा है। विधानसभा अध्यक्ष सत्यव्रत ने 44 विधायकों से व्यक्तिगत और संयुक्त रूप से मुलाकात की है। किसी ने भी नई सरकार के गठन का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा लोगों को बहुत अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कार्यकाल में कोविड के कारण दो साल बर्बाद हो गए थे और इस कार्यकाल में संघर्ष के कारण दो और साल बर्बाद हो गए हैं।

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परिवार का हर सदस्य कोरोना नेगेटिव और 4 महीने का बच्‍चा हो गया पॉजिटिव

देश भर के साथ ही गाजियाबाद में कोरोना वायरस एक बार फिर रफ्तार पकड़ता नजर आ रहा है। बीते कुछ दिनों में पॉजिटिव मामलों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया है। गाजियाबाद में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 14 है। लेकिन ताजा मामले ने सबको चौंका दिया है। गाजियाबाद के महरौली क्षेत्र से सामने आए इस केस में 4 महीने का मासूम बच्चा कोरोना संक्रमित पाया गया है। यह मामला जिले में चिंता का कारण बन गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि बच्चे के संपर्क में आए परिवार के अन्य सभी सदस्य सुरक्षित हैं और उनकी कोविड 19 रिपोर्ट निगेटिव आई है। लेकिन जब परिवार के सभी लोग कोरोना नेगेटिव तो ये नवजात बच्‍चा कैसे पॉजिटिव हो गया। आइये जानते हैं।

बच्चे को सर्दी जुकाम और बुखार की थी शिकायत

दरअसल महरौली में रहने वाले परिवार ने अपने 4 महीने के बच्चे में सर्दी-जुकाम और हल्के बुखार जैसे लक्षण देखे थे। पहले तो परिजनों ने सोचा कि यह मौसम में बदलाव के कारण है, लेकिन जब लक्षण 2 दिन तक बने रहे, तो वे बच्चे को नोएडा के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों की सलाह पर बच्चे का कोविड टेस्ट कराया गया और कोविड 19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई। बच्चे के पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हुई और परिवार के अन्य सदस्यों का टेस्ट करवाया गया। गनीमत यह रही कि सभी अन्य सदस्य की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसके बावजूद पूरे परिवार को ऐहतियात के तौर पर होम क्वारंटाइन में रहने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा इलाके में सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आसपास के लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन करें।

14 मरीज कोरोना संक्रमित

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी आर के गुप्ता का कहना है कि गाजियाबाद में अब तक 14 मरीज कोरोना संक्रमित है। इनमें से 13 मरीज होम आइसोलेशन में हैं और एक मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं महरौली के रहने वाले परिवार के 4 महीने के बच्चे की भी तबीयत खराब होने पर परिवार द्वारा उसे नोएडा के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। डाक्टरों द्वारा कोविड टेस्ट कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई। बच्चे के परिवार के अन्य सदस्यों का भी कॉविड टेस्ट कराया गया है, लेकिन सभी लोग नेगेटिव हैं।

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कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट का 80 करोड़ लेकर भागी तुर्की की कंपनी, मचा हड़कंप

कानपुर मेट्रो परियोजना के चार भूमिगत स्टेशनों के निर्माण कार्य से जुड़ी तुर्की कंपनी गुलेरमक के शहर छोड़कर भागने से स्थानीय ठेकेदारों के लगभग 80 करोड़ रुपये का भुगतान बीच अधर में लटक गया है। कानपुर मेट्रो परियोजना के भूमिगत स्टेशनों के निर्माण में संलग्न तुर्की कंपनी गुलेरमैक सैम इंडिया के शहर छोड़कर भागने की घटना ने स्थानीय ठेकेदारों और प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। कंपनी पर 40 ठेकेदारों के करीब 80 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान को लंबित रखने का आरोप है। ठेकेदारों का दावा है कि पिछले दस महीनों से भुगतान नहीं किया गया, और भारत-पाकिस्तान युद्ध में तुर्की की कथित भूमिका को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद कंपनी ने भुगतान में जानबूझकर देरी की।

क्या है पूरा मामला ?

ठेकेदारों के अनुसार गुलेरमैक के सभी वरिष्ठ अधिकारी शहर छोड़कर फरार हो गए हैं। फोन पर संपर्क करने पर कंपनी के अधिकारियों ने अस्पष्ट और टालमटोल भरे जवाब दिए। इस मामले की शिकायत उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) के अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद नौ ठेकेदारों ने जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कर त्वरित हस्तक्षेप की मांग की।

ठेकेदारों ने अपने बकाया भुगतान का विवरण साझा किया, जिसमें मेट्रो मार्बल के 3.70 करोड़, रेडिएंट सर्विसेज के 1.20 करोड़, श्रेयांस इन्फ्राटेक के 1.70 करोड़, एस इंटीरियर के 74.80 लाख, एमडी एहसान पेंटर के 39.80 लाख, विनोद गुप्ता एंटरप्राइजेज के 8.54 लाख, नंदन प्रीफैब के 29.50 लाख और श्री बालाजी एंटरप्राइजेज के 21.50 लाख रुपये शामिल हैं। ठेकेदारों का कहना है कि कंपनी ने बार-बार भुगतान का आश्वासन दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

यूपीएमआरसी बची जारी करने के लिए बाध्य

यूपीएमआरसी के संयुक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) पंचानन मिश्रा ने ऑफ द रिकॉर्ड बताया कि गुलेरमैक ने कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-1 के चार स्टेशनों का निर्माण कार्य पूरा किया था और इसके लिए यूपीएमआरसी ने कंपनी को पूरा भुगतान कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये ठेकेदार गुलेरमैक के सब-कॉन्ट्रैक्टर्स हैं, और अनुबंध के अनुसार, मेट्रो ने 5 प्रतिशत राशि रिजर्व में रखी है। जो एक वर्ष बाद जारी की जाएगी। यदि गुलेरमैक ठेकेदारों को भुगतान करने में विफल रहती है। तो यूपीएमआरसी इस राशि को ठेकेदारों को जारी करने के लिए बाध्य होगी।

कानपुर मेट्रो परियोजना में प्रबंधन में खामिया हुई उजागर 

यह घटना कानपुर मेट्रो परियोजना में वित्तीय अनियमितताओं और प्रबंधन में खामियों को उजागर करती है। ठेकेदारों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप और अपने बकाया भुगतान की वसूली के लिए कार्रवाई की मांग की है। इस मामले ने स्थानीय ठेकेदारों और श्रमिकों में व्यापक असंतोष और आक्रोश को जन्म दिया है, जो अपने हक के लिए संघर्षरत हैं। प्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है।

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इंग्लैंड दौरे के लिए शुभमन गिल से कप्तानी में क्यों पीछे रह गए बुमराह ?

बीसीसीआई ने इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम की घोषणा कर दी है और इस बार टीम की कमान युवा बल्लेबाज शुभमन गिल को सौंपी गई है। लंबे समय से जसप्रीत बुमराह भी टेस्ट टीम की कप्तानी की रेस में माने जा रहे थे, लेकिन चयनकर्ताओं ने गिल पर भरोसा जताते हुए उन्हें कप्तान नियुक्त किया है। इस फैसले की वजह भी सामने आ गई है। टीम के ऐलान के बाद चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने बताया कि क्यों टेस्ट कप्तान के तौर पर बुमराह के ऊपर शुभमन गिल को तरजीह दी गई। चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने कहा कि बुमराह के पूरी सीरीज खेलने की गारंटी नहीं है। अगरकर ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि बुमराह इंग्लैंड के सभी पांच टेस्ट मैचों के लिए उपलब्ध रहेंगे। चाहे वो तीन मैच खेलें या चार, इसका आकलन हमें फिजियो टीम के साथ मिलकर करना होगा।

बुमराह कप्तानी की रेस में क्यों पिछड़े ?

चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर के इस बयान से साफ है कि बुमराह की फिटनेस और वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए चयन समिति ने यह फैसला किया। तेज गेंदबाज के तौर पर इंग्लैंड में लगातार पांच टेस्ट खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए चुनौती भरा होता है, और ऊपर से कप्तानी की जिम्मेदारी लेना उनके लिए और जोखिम भरा हो सकता था। बुमराह की चोटों का इतिहास भी इस फैसले का अहम कारण बना। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहले टेस्ट में बुमराह ने कप्तानी करते हुए टीम इंडिया को जीत को दिलाई थी, लेकिन फिर आखिरी टेस्ट मैच में लगातार गेंदबाजी करने के चलते चोटिल हो गए। इसके बाद मैदान पर वापसी के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा था।

गिल पर क्यों जताया भरोसा ?

शुभमन गिल न केवल फिट और सभी टेस्ट खेलने के लिए उपलब्ध हैं, बल्कि हाल ही में उन्होंने अपनी कप्तानी में जबरदस्त समझदारी और धैर्य दिखाया है। खासकर आईपीएल (IPL) 2025 में गुजरात टाइटंस की कप्तानी करते हुए गिल ने रणनीतिक रूप से खुद को साबित किया। यही वजह रही कि चयन समिति ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें टेस्ट टीम का नेतृत्व सौंपा है।

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वर्कलोड संभालना बेहद जरूरी

इंग्लैंड जैसे चुनौतीपूर्ण हालात में तेज गेंदबाजों पर अतिरिक्त दबाव रहता है। ऐसे में बुमराह का वर्कलोड संभालना बेहद जरूरी होगा। यही कारण है कि कप्तानी का जिम्मा गिल को सौंपा गया ताकि बुमराह बिना किसी दबाव के सिर्फ अपनी गेंदबाजी पर फोकस कर सकें। अब सबकी निगाहें इस बात पर होंगी कि शुभमन गिल अपने नए रोल में इंग्लैंड की कठिन परिस्थितियों में टीम इंडिया को किस तरह लीड करते हैं।

इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम इस प्रकार है –

शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर, उपकप्तान), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, नितीश रेड्डी, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव।

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ज्योति मल्होत्रा की बांग्लादेश यात्रा और शेख हसीना सरकार का तख्ता पलट

यूट्यूबर ज्योति को बीते दिनों पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस बीच हरियाणा पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने अब यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के बांग्लादेश दौरे को भी जांच के दायरे में ले लिया है। इन्वेस्टिगेशन एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक अब जांच एजेंसियां इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि ज्योति किसके कहने पर बांग्लादेश गई थी। क्या ज्योति के बांग्लादेश दौरे पर जाने के पीछे भी पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारी दानिश की साजिश है ? जांच एजेंसियां इस बात की भी तस्दीक करने में जुटी है कि ज्योति जब बांग्लादेश गई। तब क्या वो पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारी दानिश के संपर्क में थी ? क्या ज्योति ने बांग्लादेश से दानिश से बात की थी ?

ज्योति की बांग्लादेश यात्रा, शेख हसीना सरकार का तख्ता पलट

यूट्यूबर ज्योति के बांग्लादेश दौरे की खास बात ये है कि ज्योति मल्होत्रा ने बांग्लादेश की जिस ढाका यूनिवर्सिटी के वीडियो बनाए थे, उसी ढाका यूनिवर्सिटी के छात्रों से अपने वीडियो में ज्योति मल्होत्रा बात करते हुए भी नजर आ रही है। बता दें कि ज्योति बांग्लादेश साल 2024 के फरवरी महीने में गई थी और अगस्त 2024 में बांग्लादेश की शेख हसीना सरकार का तख्ता पलट हो गया था। बांग्लादेश की शेख हसीना सरकार का तख्ता पलटने में ढाका यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। दरअसल अब जांच एजेंसियां ज्योति से ये पता लगाने में जुटी हैं कि बांग्लादेश में हुए तख्तापलट में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की क्या भूमिका थी और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को इस बारे में कुछ पता था ?

ज्योति मल्होत्रा की बांग्लादेश यात्रा क्यों है अहम ?

जांच एजेंसियां ये भी पता लगाने में लगी हैं कि क्या बांग्लादेश में ज्योति की पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारी दानिश के कहने पर किसी ने मदद की थी ? दरअसल यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा का बांग्लादेश दौरा इसलिए जांच एजेंसियां के रडार पर है। क्योंकि बांग्लादेश जाने के लिए अक्सर भारतीय दुर्गापूजा का समय चुनते हैं, लेकिन ज्योति फरवरी में ढाका गई थी। बता दें कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा लगातार ज्योति मल्होत्रा से पूछताछ की जा रही है। बता दें कि बीते दिनों ज्योति मल्होत्रा की रिमांड को 3 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया था और फिलहाल ज्योति रिमांड में है।

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दिल्ली,केरल के बाद नोएडा में मिला कोरोना मरीज, ट्रेस की जा रही ट्रैवल हिस्ट्री

देश भर में कोरोना के मामले एक बार फिर तेजी से बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि लगातार बढ़ रहे मामले लोगों में चिंता का सबब बनते जा रहे हैं। दिल्ली-गाजियाबाद के बाद अब नोएडा में कोरोना की एंट्री हो चुकी है। गौतमबुद्ध नगर जिले में कोरोना का पहला मामला सामने आया है। जिससे बढ़ते संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ गई है। 55 वर्षीय महिला में कोरोना की पुष्टि हुई है और उन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया है।

प्रशासन अलर्ट पर है और टेस्टिंग बढ़ाई जा रही है। महिला को हल्के लक्षण थे और उसे होम आइसोलेशन में रखा गया है। उनके परिवार के सदस्यों के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं। जिला प्रशासन ने कहा है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है और टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई जा रही है। शुरुआती जांच में मरीज में कोरोना के लक्षण मिले थे, जिसके बाद निजी अस्पताल की जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। नागरिकों से सतर्कता बरतने और भीड़ से बचने की अपील की गई है।

अलर्ट मोड पर आया प्रशासन

कोरोना के मामले पिले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ चुका है। सभी अस्पतालों में कोरोना से संबंधित बेड और ऑक्सीजन के पर्याप्त स्टॉक के लिए कहा गया है। वहीं कोरोना से संबंधित एडवाइजरी भी जारी की जा रही है। जिला प्रशासन की तरफ से अपील गई है कि नागरिक सतर्क रहें, भीड़भाड़ से बचें और आवश्यकतानुसार मास्क व अन्य सुरक्षा उपायों का पूरी तरह से पालन करें।

नोएडा में कहां की निवासी है मरीज ?

मरीज नोएडा के सेक्टर 110 की निवासी है। नोएडा के सीएमओ नरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले का पहला कोरोना का केस सामने आया है। मरीज को होम आइसोलेशन में रखा गया है। मरीज के अन्य परिवारजनों का भी सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। इस मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री रही है। सीएमओ ने बताया कि जिला अस्पताल में टेस्टिंग शुरू कर रहे हैं। टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई जा रही है। सीएमओ ने अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है।

केरल में कोरोना के अब तक 273 मामले

गौरतलब है कि देश में कोविड 19 के मामले एक बार फिर सामने आ रहे हैं। केरल में मई महीने में ही कोरोना के अब तक 273 मामले सामने आए हैं। खुद केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने ये जानकारी दी है। वीणा ने शुक्रवार को दक्षिणी राज्य के सभी जिलों से निगरानी बढ़ाने की अपील की है।

केरल की स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा ?

वीणा जॉर्ज ने कहा, ‘स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को वायरस के संक्रमण में किसी भी वृद्धि पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए और फौरन कार्रवाई करनी चाहिए। मई में केरल में कोरोना के 273 मामले सामने आए। खांसी, गले में खराश या सांस लेने में समस्या जैसे लक्षण वाले लोगों को मास्क पहनना चाहिए। वहीं कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया, बेंगलुरु में नौ महीने का एक बच्चा कोरोना से संक्रमित पाया गया है।

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लोहिया बाजार में लाठी डंडो सहित घूमते दिखे संदिग्ध, क्षेत्रवासियों में भय माहौल

गौरतलब है कि लोहिया बाजार जो कि शहर का दिल कहा जाता है। यहाँ पर काफी संख्या में व्यापारिक गतिविधियां दिन भर रहती है व शहर के व्यस्तम क्षेत्रो में से एक है। यहाँ 23-मई-2025 की सुबह एक व्यापारी सुबह जब अपनी दुकान खोलने आया तो दुकान का दरवाजा अंदर से बंद मिला। जो कि काफी प्रयास करने पर भी नही खुला। जिसे छत से प्रवेश कर किसी तरह खुलवाया गया व एक सामान्य घटना समझ अनदेखा कर दिया गया। परन्तु शाम के समय जब गेट बंद करने लगे, तो वह बन्द नही हुआ व पता लगा को दरवाजे को अंदर से तोड़ने का प्रयास किया गया है।

जब व्यापारी ने घटना का जिक्र देर शाम आसपास के लोगो से किया तब कड़ियाँ जुड़ी व क्षेत्रिय निवासियों ने बताया कि रात में 12 से 4 बजे के बीच मोहल्ले में 8 से दस असामाजिक तत्व लाठी-डंडो के साथ घूमते हुए देखे गये हैं जिसे सुनकर क्षेत्रवासियों में डर का माहौल हो गया। समस्त घटना की सूचना सपा नेता व क्षेत्रीय निवासी गौरव जैन ने खालापार कोतवाल व खालापार चौकी प्रभारी को संभावित घटना से सावधान किये जाने हेतू फ़ोन से संपर्क करना चाहा व दोनों के फ़ोन न उठने पर 112 पर रात में ही सूचित किया गया।

जिस पर कुछ ही देर में वहां दो पुलिस कर्मी गाड़ी लेकर पहुँचे। जिन्हें क्षेत्रवासियों ने समस्त प्रकरण से अवगत कराया। पुलिस कर्मियों ने अपनी ओर से आश्वासन देते हुए कहा कि वह शीर्ष अधिकारियों को सूचित करने के साथ ही क्षेत्र में निगरानी का कार्य मुस्तेदी से किया जायेगा । क्षेत्रवासियों द्वारा पुलिस प्रशासन से मांग की जाती है कि उक्त क्षेत्र में डर का माहौल है।

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