Tuesday, April 21, 2026
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साक्षी महाराज पर दुष्कर्म मामले में राज्य सरकार की पुनरीक्षण याचिका खारिज

 डिजिटल डेस्क : महिला को अगवा कर दुराचार मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वामी सच्चिदानंद (साक्षी महाराज) और अन्य आरोपियों को बड़ी राहत दी है. हाईकोर्ट ने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. जस्टिस शमीम अहमद ने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए खारिज कर दिया.

क्या था पूरा मामला
दरअसल, एटा कोतवाली नगर में एक महिला ने साक्षी महाराज और साथियों पर अपहरण कर दुराचार का आरोप लगाया था. महिला का आरोप था कि एम मेडिकल क्लिनिक से अपहरण के बाद उदयपुर के एक आश्रम में नौ दिन तक उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था. पुलिस ने मामले में चार्जशीट पेश की, जिसके बाद साक्षी महाराज समेत सभी आरोपियों ने कोर्ट के समक्ष आरोप मुक्त करने की अर्जी प्रस्तुत की.

26 नवंबर 2001 को सभी आरोपियों को किया गया मुक्त
बाद में पीड़िता भी अपने बयान से मुकर गई. वहीं, इस संबंध में टूंडला क्षेत्राधिकारी ने जांच के दौरान आरोप सही नहीं पाए थे. जिसके बाद अधीनस्थ न्यायालय ने 26 नवंबर 2001 को सभी आरोपियों को आरोप मुक्त कर दिया.

राज्य सरकार की अपील को हाईकोर्ट ने किया खारिज
इसके बाद राज्य सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए पुनरीक्षण याचिका दाखिल की. राज्य सरकार के अधिवक्ता ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि पीड़िता के बयान और हलफनामे में अंतर है. पीड़िता को डरा धमका कर हलफनामा दायर किया गया हो. कोर्ट ने इस संबंध में पीड़िता के हलफनामे को मानते हुए आरोपियों को मुक्त कर दिया है.

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पुनरीक्षण याचिका खारिज
वहीं कोर्ट ने इस संबंध में कहा कि दुष्कर्म के मामले में मेडिकल रिपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य पेश नहीं किए गए. साथ ही मेडिकल क्लिनिक के डॉक्टर ने भी घटना से इनकार किया है. क्षेत्राधिकारी को भी जांच में आरोप सही नहीं पाए. इसके बाद कोर्ट ने पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी. याचिका पर राज्य की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता अभिषेक शुक्ल व विपक्षी साक्षी महाराज व अन्य की तरफ से अधिवक्ता विपिन कुमार ने बहस की.

 

WHO ने इस कारण का हवाला देते हुए कोवैक्सिन की आपूर्ति पर लगाया रोक 

नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत की बायोटेक कोविड वैक्सीन, कोवैक्सिन की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगा दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि उसने संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के माध्यम से इंडिया बायोटेक द्वारा बनाए गए कोविद -19 कोवासिन की आपूर्ति में कटौती की है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शनिवार को कहा कि उसने संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के माध्यम से भारत के भारत बायोटेक द्वारा निर्मित एक सीओवीआईडी ​​​​-19 वैक्सीन की आपूर्ति को निलंबित कर दिया था, ताकि निर्माताओं को निरीक्षण सुविधाओं को अपग्रेड करने और कमियों को दूर करने की अनुमति मिल सके।

बयान के मुताबिक, डब्ल्यूएचओ ने वैक्सीन प्राप्त करने वालों से उचित कार्रवाई करने का आह्वान किया, लेकिन यह नहीं बताया कि क्या कार्रवाई की जाएगी। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि टीका प्रभावी था और इसकी सुरक्षा को लेकर कोई चिंता नहीं थी, लेकिन निलंबन से कोवासिन की आपूर्ति बाधित होगी। निलंबन 14 से 22 मार्च तक डब्ल्यूएचओ पोस्ट इमरजेंसी यूज लिस्टिंग (ईयूएल) निरीक्षण के परिणामों के जवाब में लिया गया था।

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हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने आज एक बयान में कहा कि “कोवासिन की प्रभावकारिता और सुरक्षा पर कोविद -19 वैक्सीन का कोई प्रभाव नहीं है”। समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, इंडिया बायोटेक ने एक बयान में कहा, “कोवासिन प्राप्त करने वाले लाखों लोगों को जारी किए गए वैक्सीन प्रमाण पत्र अभी भी मान्य हैं क्योंकि वैक्सीन की प्रभावशीलता और सुरक्षा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।” विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शनिवार को कहा कि उसने संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के माध्यम से भारत के भारत बायोटेक द्वारा निर्मित एक सीओवीआईडी ​​​​-19 वैक्सीन की आपूर्ति को निलंबित कर दिया था, ताकि निर्माताओं को निरीक्षण सुविधाओं को अपग्रेड करने और कमियों को दूर करने की अनुमति मिल सके।

Samsung के लेटेस्ट 5G फोन की कीमत का हुआ खुलासा, पहली बार मिल रहा है ऐसा ऑफर

डिजिटल डेस्क : Samsung Galaxy A73 5G को भारत में हाल ही में लॉन्च किया गया, लेकिन कंपनी ने इसकी कीमत को लेकर कोई खुलासा नहीं किया था. कंपनी ने गैलेक्सी A73 5जी को प्री-बुकिंग के लिए उपलब्ध करा दिया गया है. सैमसंग गैलेक्सी A73 5G के बेस वेरिएंट 8GB/128GB मॉडल की कीमत 41,999 रुपये,वहीं इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 8GB RAM/256GB स्टोरेज की कीमत 44,999 रुपये रखी गई है. बता दें कि गैलेक्सी ए73 5जी की प्री-बुकिंग करने वाले ग्राहकों के पास गैलेक्सी बड्स लाइव को 499 रुपये में खरीदने का मौका दिया जा रहा है.

इसके अलावा, सैमसंग, सैमसंग फाइनेंस+, आईसीआईसीआई बैंक कार्ड और एसबीआई क्रेडिट कार्ड के ज़रिए डिवाइस की खरीद पर 3,000 रुपये का इंस्टेंट कैशबैक भी दे रहा है.

सैमसंग गैलेक्सी A73 5G Awesome ग्रे, Awesome मिंट और Awesome व्हाइट कलर ऑप्शन में आता है. ये 5जी फोन दो वेरिएंट 8जीबी+128जीबी, 8जीबी+128जीबी स्टोरेज के साथ आता है. सैमसंग गैलेक्सी A73 5G की सबसे खास बात इसका 108 मेगापिक्सल का मेन कैमरा और एक AMOLED डिस्प्ले है. साथ ही इमसें 120Hz रिफ्रेश रेट जैसी खूबी भी मिलती है.

मिलेगा 120Hz का रिफ्रेश रेट
सैमसंग गैलेक्सी A73 5G में 6.7 इंच का FHD डिस्प्ले दिया गया है, जो कि 1080×2400 पिक्सल रेजोलूशन के साथ आता है. इसका डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है, और इसपर कोर्निंग गोरिल्ला ग्लास की प्रोटेक्शन दी गई है. ये फोन एंड्रॉयड 12 पर काम करता है. सैमसंग गैलेक्सी A73 5G में ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगम 778G प्रोसेसर मिलता है, जो कि 8जीबी की रैम के साथ दिया गया है. फोन 128GB और 256GB स्टोरेज के साथ आता है, जिसे 1TB तक बढ़ाया जा सकता है.

सैमसंग गैलेक्सी A73 5G में कैमरे के तौर पर 108 मेगापिक्सल कैमरा दिया गया है, जो कि f/1.8 अपर्चर, 12 मेगापिक्सल का अल्ट्रा वाइड कैमरा, 5 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर और 5 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर दिया गया है. फोन के फ्रंट में 32 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा मिलता है.

पावर के लिए सैमसंग गैलेक्सी A73 5G में 5000mAh की बैटरी दी गई है, जो कि 25W की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है. ये फोन वॉटर रेसिस्टेंट के साथ डिज़ाइन किया गया है.

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प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव से बढ़ती दूरियों के बीच मुलायम से मिले अखिलेश

डिजिटल डेस्क : प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव से बढ़ती दूरियों के बीच सपा मुखिया अखिलेश यादव ने शनिवार को दिल्ली में अपने पिता मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की। उधर, शिवपाल यादव का ट्वीटर पर पीएम नरेंद्र मोदी को फालो करने से उनके भाजपा में जाने की चर्चाओं को और बल मिल रहा है।

सपा संरक्षक मुलायम सिंह व अखिलेश के साथ सपा विधायक आशु मलिक भी थे। उन्होंने इस मुलाकात की फोटो भी साझा की है। माना जा रहा है कि दोनो के बीच शिवपाल यादव को लेकर भी चर्चा हुई। अखिलेश पिता मुलायम से मागदर्शन लिया है कि कैसे मामला सुलझाया जाए।इस बीच शिवपाल सिंह यादव ने शनिवार को फिर नया सियासी संदेश दिया। उन्होंने ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को फॉलो कर भाजपा से अपनी बढ़ती नजदीकियों का इजहार किया। वह जल्द ही अयोध्या जाकर रामजन्मभूमि का दर्शन करने की तैयारी में भी हैं।

शिवपाल यादव की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर पहले ही शुरू हो चुका है। इस बीच माइक्रो ब्लॉलिंग साइट ट्विटर व कू के जरिए भी उन्होंने इन कयासों को हवा दे दी। शिवपाल यादव ट्विटर पर कुल 12 लोगों को फॉलो करते हैं, जबकि फॉलोअर्स की संख्या आठ लाख से ज्यादा है। वह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय व प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अलावा सपा मुखिया अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, अपने बेटे आदित्य यादव व बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा को फॉलो करते हैं।

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सपा से बढ़ रही हैं दूरियांदूसरे कार्यकाल में पहली बार वाराणसी पहुंचे CM योगी
इससे पहले उनकी अपने भतीजे और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से नाराजगी की खबरें सामने आई थीं। सपा विधायकों की बैठक में न बुलाए जाने से नाराज होकर वह इटावा चले गए थे। हालांकि सपा ने उन्हें बाद में सहयोगी दलों के विधायकों की बैठक में बुलाया, लेकिन वह नहीं गए। विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से ही उनकी नाराजगी सामने आने लगी थी। सपा ने चुनाव में उनकी पार्टी को एक भी सीट नहीं दी, खुद शिवपाल को सपा के टिकट पर चुनाव लड़ना पड़ा।

 

दूसरे कार्यकाल में पहली बार वाराणसी पहुंचे CM योगी

डिजिटल डेस्क : उत्तर प्रदेश में दूसरी बार सरकार गठन के पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पहली बार दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी आए. सीएम योगी ने सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों के साथ विकास कार्यो एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक की. इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि जिला प्रशासन, पुलिस के अधिकारियों सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों एवं जनता के साथ मित्रवत व्यवहार करते हुए संवाद बनाना होगा.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागों के अधिकारियों को सख्त संदेश देते हुए कहा की पुलिस थाना, नगर निगम, तहसील, विकासखंड सभी अपने व्यवहार में सुधार लाएं और छवि सुधारें. पूरी व्यवस्था को यदि भ्रष्टाचार मुक्त करना है तो यह व्यवस्था अनिवार्य है. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि पुलिस थानों में आम आदमी के साथ कुशल व्यवहार करना होगा और पुलिस थानों में दलालों की कत्तई कोई भूमिका नहीं चाहिए. पुलिस का जनता के साथ अच्छा व्यवहार अच्छा होना चाहिए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई भी घटना घटित होने पर अधिकारी समय से मौके पर पहुंचे लगातार शिकायत मिलती है की अधिकारी मौके पर नही पहुंचते है, इस वजह से शासन एवं प्रशासन की छवि धूमिल होती है.

सीएम योगी ने सायं काल एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में फूट पेट्रोलिंग बढ़ाए जाने पर उन्होंने विशेष जोर दिया. मिशन शक्ति कार्यक्रम को केवल एंटी रोमियो तक सीमित न रखें, इस पर वृहद कार्यवाही सुनिश्चित कराएं. विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है, यहां पर उनकी विजन के अनुरूप तमाम विकास एवं निर्माण कार्य संचालित है. अधिकारी आपस में समन्वय कर इसे अंजाम तक पहुंचाए. काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के लोकार्पण के पश्चात यहां पर पर्यटको एवं श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है एवं काशी पर देश-दुनिया की नजर है.

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विकास कार्यों को पूर्ण करने वाली कार्यदायी संस्थाएं सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराएं। कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का हर स्तर पर अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि विभागीय कार्य पद्धति का कतई मजाक नहीं बनना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही होती है तो वह अक्षम्य होगी। संचारी रोग नियंत्रण का विशेष अभियान पूरे प्रदेश में प्रारंभ हो गया है। इसके अंतर्गत स्वच्छता, साफ सफाई एवं फॉगिंग की व्यवस्था प्रभावी तरीके से निरंतर होना चाहिए।

 श्रीलंका में आपातकाल के कारण सोशल मीडिया, ट्विटर, व्हाट्सएप, फेसबुक सभी बंद

श्रीलंका संकट: श्रीलंका में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. सरकार ने आपातकाल के दौरान सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया है। फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप समेत कई अन्य सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। शनिवार शाम से ही सोशल साइट्स का काम ठप हो गया। बताया जा रहा है कि आज कई जगह विरोध प्रदर्शन होने वाले हैं, जिसे देखते हुए सरकार ने सोशल साइट को बंद कर दिया है.

फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप सेवाएं बंद
श्रीलंका में बढ़ते जन विरोध के मद्देनजर राजपक्षे सरकार ने फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप, यूट्यूब और इंस्टाग्राम सहित सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया है। कहा जाता है कि सरकार ने उन्हें फिलहाल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है क्योंकि विरोध ज्यादा नहीं फैला है।

ध्यान दें कि श्रीलंका इस समय बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है। पूरा देश ऐतिहासिक आर्थिक संकट से जूझ रहा है। सरकारी सुरक्षा का हवाला देते हुए आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी गई है। यात्रियों को आवश्यक सेवाओं के लिए यात्रा करने में सक्षम दिखाया जाना चाहिए। बता दें कि पूरे श्रीलंका में सरकार विरोधी प्रदर्शन चल रहे हैं। दंगों और प्रदर्शनों ने सरकारी संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचाया।

पूरा देश आर्थिक मंदी का सामना कर रहा है
श्रीलंका की आर्थिक स्थिति इस समय बहुत खराब है। पूरा देश गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। आलम बदहाली और मंहगाई से क्षुब्ध होकर सड़कों पर उतर आया है। खाने-पीने का गंभीर संकट। प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। स्थिति इतनी बेकाबू है कि राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने 1 अप्रैल से देश में आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी है।

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बिजली गुल होने से भी लोग परेशान
अत्यधिक मुद्रास्फीति, गंभीर खाद्य और पेय संकट, साथ ही बिजली की कटौती। पूरा देश गंभीर बिजली संकट और महंगाई का सामना कर रहा है। दिन में 13-13 घंटे बिजली काटी जा रही है। लेकिन यह आश्वस्त करने वाली बात है कि भारत अपने पड़ोसी की मदद के लिए तैयार है। भारत से करीब 40,000 टन चावल श्रीलंका भेजा जा रहा है। जो श्रीलंका की आपात स्थिति से निपटने में एक बड़ी मदद है।

पाकिस्तान में आज तय करें इमरान सरकार की किस्मत, जानिए अविश्वास प्रस्ताव के बारे में

 डिजिटल डेस्क : पाकिस्तान की सियासी दुनिया में आज का दिन खास होने वाला है. दरअसल, पाकिस्तान की संसद में आज प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान होना तय है। हफ्तों की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद, इमरान खान को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में अविश्वास मत का सामना करना पड़ेगा।

महत्वपूर्ण मामले की जानकारी:

पाकिस्तान के किसी भी प्रधानमंत्री ने अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया है। इस बार इमरान खान तीसरे ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्हें अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ रहा है।

2018 में चुने जाने के बाद सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने समर्थकों से अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ सड़कों पर उतरने की अपील की है।

अविश्वास प्रस्ताव का सामना कर रहे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की कुर्सी खतरे में नजर आ रही है. विपक्षी समूहों ने संकट में घिरे पीएम से इस्तीफा देने की मांग की। इसलिए पाकिस्तान आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है।

इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) ने पिछले हफ्ते 342 सदस्यीय विधानसभा में अपना बहुमत खो दिया। इमरान सरकार के एक सहयोगी का कहना है कि वे अपना समर्थन वापस ले रहे हैं, अब जबकि उनके सात सांसद विपक्ष के साथ मिलकर मतदान करेंगे.

इससे पहले, पीटीआई को एक और झटका लगा जब सरकार के सहयोगी एमक्यूएम-पी ने इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में विपक्ष का समर्थन करने का फैसला किया। बुधवार को एमक्यूएम ने घोषणा की कि उसने विपक्षी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के साथ एक समझौता किया है। जिसके तहत वह नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेंगे।

इस हफ्ते की शुरुआत में इमरान खान ने अमेरिका पर पाकिस्तान के मामलों में दखल देने का आरोप लगाया था। उन्होंने विरोधियों पर उन्हें हटाने के लिए वाशिंगटन के साथ साजिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह रूस और चीन के खिलाफ वैश्विक मुद्दों पर पश्चिम के साथ नहीं हैं।

यह लगभग तय है कि पाकिस्तान में राजनीतिक संकट के दौरान इमरान खान कुर्सी पर कदम रखेंगे। इस बीच पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री के तौर पर शाहबाज शरीफ के नाम पर चर्चा हो रही है। यदि इमरान खान अविश्वास मत हार जाते हैं, तो विपक्ष के नेता शाहबाज शरीफ और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेतृत्व में एक नई सरकार बन सकती है।

शाहबाज शरीफ पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई हैं। यह शाहबाज शरीफ ही थे जिन्होंने नेशनल असेंबली में इमरान खान की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। शाहबाज भ्रष्टाचार के दो मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद से लंदन में रह रहे हैं। वह नेशनल असेंबली (पाकिस्तान की संसद के निचले सदन) में विपक्ष के वर्तमान नेता हैं।

डॉन अखबार ने देश के प्रधानमंत्री की आलोचना करते हुए लिखा है कि उम्मीद है कि इमरान खान अपने समर्थकों को डराने की कोशिश नहीं करेंगे, उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव से पहले रैलियों और प्रदर्शनों का भावनात्मक आह्वान किया।

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इमरान खान ने संकेत दिया कि कुर्सी बचाने के लिए उनके पास अभी भी एक कार्ड है। “मेरे पास कल (रविवार) के लिए एक योजना है, आपको इसके बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। मैं उन्हें दिखाऊंगा और रैली में दिखाऊंगा,” उन्होंने कहा। परास्त करना

पेट्रोल-डीजल में आज फिर लगी आग, फिर बढ़े दाम, जानें आज आपके शहर में कितने हैं दाम

 डिजिटल डेस्क : सरकारी तेल कंपनियां हर दिन जोर दे रही हैं। तेल कंपनियों ने रविवार को एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए। पेट्रोल की कीमत 65 से 74 पैसे और डीजल की कीमत 6 से 75 पैसे तक बढ़ा दी गई है। बता दें कि पिछले दो हफ्ते से दाम में लगभग हर दिन बढ़ोतरी हो रही है. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के परिणामस्वरूप फलों, सब्जियों और कई अन्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हुई है।

आज चार महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत क्या है?

कीमतों में बढ़ोतरी के बाद राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल 103.41 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है. जहां डीजल 94.67 रुपये प्रति लीटर है। वहीं, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल के दाम में 118.41 रुपये का उछाल आया है. वहीं, डीजल 102.64 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।

वहीं, कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 110 रुपये के पार पहुंच गई है. आज कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 113.03 रुपये प्रति लीटर है. जहां डीजल की कीमत 97.82 रुपये प्रति लीटर हो गई है. चेन्नई में भी दाम आसमान छू रहे हैं. चेन्नई में पेट्रोल 108.96 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि डीजल सदी के लिए तैयार हो रहा है। डीजल की कीमत 99.04 रुपये प्रति लीटर है।

उल्लेखनीय है कि आज 13वें दिन दाम में इजाफा किया गया है. इन 13 दिनों में दाम 11 गुना बढ़ चुके हैं. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के परिणामस्वरूप फलों, सब्जियों और कई अन्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हुई है। बढ़ती महंगाई ने देश में आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त दबाव डाला है।

ईंधन की कीमत कैसे निर्धारित की जाती है?

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी विनिमय दरों के आधार पर दैनिक आधार पर निर्धारित की जाती हैं। इसके आधार पर उन्हें रोजाना सुबह 8 बजे अपडेट किया जाता है। तेल विपणन कंपनियां कच्चे तेल की कीमतों की समीक्षा करती हैं और नई दरें जारी करती हैं। हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम हर सुबह अलग-अलग शहरों में तेल की कीमतों को अपडेट करते हैं, जिसके बाद तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का पता चलता है।

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पेट्रोल और डीजल की नवीनतम कीमतों का पता लगाएं

अगर आप घर बैठे पेट्रोल-डीजल का लेटेस्ट रेट जानना चाहते हैं तो आसानी से जान सकते हैं। आप अपने शहर में तेल की कीमत एसएमएस के जरिए आसानी से जान सकते हैं। इसके लिए इंडियन ऑयल के ग्राहक आरएसपी 9224 9922 49 और बीपीसीएल कंज्यूमर आरएसपी 9223 1122 22 और एचपीसीएल कंज्यूमर एचपी प्राइस 9222 2011 22 पर आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

गुजरात टाइटंस ने दिल्ली को 14 रनों से हराया, गिल-फर्ग्यूसन लगातार दूसरी जीत के लिए चमके

 खेल डेस्क : ओपनिंग बल्लेबाज शुभमन गिल की करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी के बाद लकी फर्ग्यूसन की तूफानी गेंदबाजी ने शुक्रवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2022) में दिल्ली कैपिटल्स को 14 रन से जीत दिलाई। गुजरात की टीम अंक तालिका में 4 अंक के साथ तीसरे स्थान पर है.

फर्ग्यूसन और शमीर की तेज गेंदबाजी गुजरात, दिल्ली सिर्फ 156 रन बना सके

टाइटंस के 172 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी फर्ग्यूसन (28 रन देकर 4 विकेट) और मोहम्मद शमी (30 रन देकर 2 विकेट) को दिल्ली ने नौ विकेट पर 157 रन पर समेट दिया। दिल्ली के लिए कप्तान ऋषभ ने 43 रन बनाए। ललित यादव (25) और रोवमैन पॉवेल (20) अच्छी शुरुआत करने में नाकाम रहे।

टाइटंस ने दिल्ली को दिया 162 रनों का लक्ष्य

इससे पहले टाइटंस ने गिल की 74 गेंदों पर चार छक्कों और छह चौकों की मदद से छह विकेट के नुकसान पर 161 रन बनाए। उन्होंने विजय शंकर (13) के साथ दूसरे विकेट के लिए 42 और कप्तान हार्दिक पांड्या (31) के साथ तीसरे विकेट के लिए 65 रन जोड़े। मुस्तफिजुर रहमान (23 रन देकर तीन विकेट) और खलील अहमद (34 रन देकर दो विकेट) ने हालांकि गुजरात को आखिरी ओवर में तेज दौड़ने नहीं दिया.

दिल्ली की शुरुआत खराब, 34 रन पर तीन विकेट गिरे

लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली की शुरुआत खराब रही और टीम ने 34 रन पर तीन विकेट गंवा दिए। दूसरे ओवर में हार्दिक ने टिम सेफर्ट (03) को अभिनव मनोहर के हाथों आठ रन पर लपका। पांचवें ओवर में फर्ग्यूसन ने सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ (10) और मंदीप सिंह (18) को पवेलियन भेजा। पावर प्ले में दिल्ली कैपिटल्स तीन विकेट पर 43 रन ही बना सकी। पंत ने सातवें ओवर में फर्ग्यूसन की गेंद पर दो चौके लगाकर टीम का अर्धशतक पूरा किया। हालांकि, दूसरी बार जब वह भाग्यशाली रहे तो उन्होंने अपने बल्ले का किनारा लिया और गेंद विकेटकीपर मैथ्यू वेड के दस्तानों को छूकर चौक गई। राशिद खान और वरुण आरोन ने भी चार विकेट झटके। ललित ने पारी का पहला छक्का राशिद को लगाया।

पंत का विकेट टर्निंग पॉइंट

पंत ने दो चौकों के साथ विजय शंकर का स्वागत किया लेकिन ललित उसी ओवर में रन आउट हो गए और चौथे विकेट के लिए 61 रन की साझेदारी समाप्त कर दी। ललित ने 22 गेंदों की अपनी पारी में दो चौकों और एक छक्का की मदद से 25 रन बनाए। शंकर की गेंद पर पॉवेल ने चौका लगाया और 12वें ओवर में टीम का शतक पूरा किया. पॉवेल ने राहुल तेवतिया की गेंद पर छक्का लगाया लेकिन फर्ग्यूसन गेंदबाजी करने लौटे और मनोहर को कैच दे बैठे। पंत ने 29 गेंदों में सात चौके लगाए। अक्षर पटेल (08) ने फर्ग्यूसन की गेंद पर लगातार दो चौके लगाए लेकिन अगली ही गेंद पर वेड का कैच लपका।

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शमी ने लगातार दो गेंदों पर दिल्ली को दो बार मारा

दिल्ली को आखिरी पांच ओवर में 46 रन चाहिए थे। राशिद ने शार्दुल टैगोर (02) को टांग दिया और शमी पॉवेल की जीत की असली उम्मीदों को तोड़ दिया। दिल्ली को आखिरी दो ओवर में 26 रन चाहिए थे। 19वें ओवर में हार्दिक ने केवल तीन रन दिए। तेवतिया के आखिरी ओवर में कुलदीप यादव (नाबाद 14) ने छक्का लगाया।

WhatsApp ने बंद किए 14.26 लाख भारतीय यूजर अकाउंट

डिजिटल डेस्क : व्हाट्सएप ने कहा कि उसे 1 से 28 फरवरी, 2022 के बीच 335 भारतीय खातों के खिलाफ शिकायतें मिलीं, जिनमें से 194 खाते बंद कर दिए गए और उनमें से 21 के खिलाफ कार्रवाई की गई।फरवरी 2022 में व्हाट्सएप ने आरोपों के आधार पर 14.26 लाख भारतीय खातों पर प्रतिबंध लगा दिया। कंपनी ने अपनी मासिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। कंपनी ने अपने शिकायत विभाग और उल्लंघनकर्ताओं को रोकने और उनकी पहचान करने के लिए उपयोगकर्ताओं से प्राप्त शिकायतों के आधार पर यह कदम उठाया है।

व्हाट्सएप को 1 से 28 फरवरी के बीच 335 भारतीय खातों के खिलाफ शिकायतें मिलीं, जिनमें से 194 खातों को बंद करने का अनुरोध किया गया और उनमें से 21 के खिलाफ कार्रवाई की गई। रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी में व्हाट्सएप ने 14.26 लाख भारतीय अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया था।

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कंपनी के मुताबिक, अगर कोई व्हाट्सएप पर अवैध, अश्लील, मानहानिकारक, डराने-धमकाने और किसी को गैरकानूनी व्यवहार के लिए उकसाता है तो उसका अकाउंट ब्लॉक कर दिया जाएगा। जो उपयोगकर्ता कंपनी की शर्तों का पालन नहीं करते हैं, उनके खाते भी बंद हो जाते हैं।

1 से 28 फरवरी, 2022 के बीच 335 भारतीय खातों के खिलाफ शिकायतें मिलीं, जिनमें से 194 खाते बंद कर दिए गए और उनमें से 21 के खिलाफ कार्रवाई की गई।फरवरी 2022 में व्हाट्सएप ने आरोपों के आधार पर 14.26 लाख भारतीय खातों पर प्रतिबंध लगा दिया। कंपनी ने अपनी मासिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। कंपनी ने अपने शिकायत विभाग और उल्लंघनकर्ताओं को रोकने और उनकी पहचान करने के लिए उपयोगकर्ताओं से प्राप्त शिकायतों के आधार पर यह कदम उठाया है।

व्हाट्सएप को 1 से 28 फरवरी के बीच 335 भारतीय खातों के खिलाफ शिकायतें मिलीं, जिनमें से 194 खातों को बंद करने का अनुरोध किया गया और उनमें से 21 के खिलाफ कार्रवाई की गई। रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी में व्हाट्सएप ने 14.26 लाख भारतीय अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया था।

राज ठाकर ने की मस्जिदों में लाउडस्पीकर बंद करने की मांग

मुंबई: रमजान का महीना शुरू होने के साथ ही मस्जिदों में लाउडस्पीकर से नमाज पढ़ने को लेकर बहस फिर से शुरू हो गई है. इस बार महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने इसका विरोध किया है। उन्होंने मांग की कि महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार मस्जिद से लाउडस्पीकर हटा दे।

मुंबई के शिवाजी पार्क में एक रैली में अपने समर्थकों से बात करते हुए राज ठाकरे ने कहा, ‘मस्जिद में इतनी जोर से लाउडस्पीकर क्यों बजाया जा रहा है?राज ठाकरे ने कहा, “मैं प्रार्थना या किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं हूं। मुझे अपने धर्म पर गर्व है।” अपने चचेरे भाई और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर उपहास करते हुए, मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि मुख्यमंत्री ने चुनाव के दौरान विपक्ष के साथ गठबंधन में सरकार बनाई थी। इसमें उन्होंने मतदाताओं के साथ धोखा किया है.

प्रधानमंत्री मोदी ने देवेंद्र फरनबीस को मुख्यमंत्री के रूप में नामित किया

राज ठाकरे ने कहा कि पिछले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री के रूप में चित्रित किया था, लेकिन तब उद्धव ठाकरे ने कभी एक शब्द नहीं कहा। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के कुछ समय बाद ही उनके मन में मुख्यमंत्री बनने और विपक्ष के साथ गठबंधन करने का विचार आया। राज ठाकरे ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) पर भी हमला किया है, जो उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार का हिस्सा है।

राज ठाकरे ने एनसीपी पर महाराष्ट्र में जातिवाद फैलाने का आरोप लगाया है

राज ठाकरे ने एनसीपी पर सरकार बनने के बाद से महाराष्ट्र में जाति आधारित नफरत फैलाने का आरोप लगाया है। मनसे प्रमुख ने पूछा, ‘आज राज्य में लोग जाति के मुद्दे पर लड़ रहे हैं। हम इस हिंदू से कब निकलेंगे? राज ठाकरे ने मुंबई में विधायकों को घर देने की राज्य सरकार की हालिया घोषणा की भी आलोचना की।

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मनसे ने मुख्य विधायकों के मुंबई में फ्लैट देने के फैसले की आलोचना की है

उन्होंने कहा, ”सबसे पहले उनकी (विधायकों की) पेंशन रोकी जानी चाहिए। क्या वे अपने काम से लोगों का भला कर रहे हैं? उनका बंगला ले लो और फिर उन्हें घर दे दो। इस परियोजना में मुख्यमंत्री को क्या पसंद है? क्या इस योजना में कुछ दिलचस्प है?”

चीन में 2 साल बाद कोरोना के 13,000 से ज्यादा नए मामले दर्ज

बीजिंग: पिछले कुछ दिनों में चीन में कोरोना मामलों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, रविवार को चीन में 13,146 मामले दर्ज किए गए, जो दो साल से अधिक समय पहले पहली पीक वेव के बाद से सबसे अधिक है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने एक बयान में कहा कि “1,455 रोगसूचक रोगी थे, जिनमें से 11,691 स्पर्शोन्मुख मामले सामने आए। हालांकि, कोई नई मौत नहीं हुई।”चीन के आर्थिक केंद्र शंघाई में कोरोना का संक्रमण बहुत बुरा है. नतीजतन, संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए 25 मिलियन लोगों को घर पर रहने का निर्देश दिया गया है। शिपिंग कंपनी मारस्क ने शुक्रवार को कहा कि शहर के कुछ डिपो बंद हैं और लॉकडाउन से ट्रकिंग सेवाएं और प्रभावित हो सकती हैं। जिससे शहर में दैनिक जरूरतों के सामान की आपूर्ति बाधित हो रही है.

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2019 में पहली बार चीन में कोरोनावायरस की पहचान हुई थी। फिर इस महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया। तब इस महामारी से हुई तबाही से सभी वाकिफ हैं। पिछले कुछ दिनों में चीन में कोरोना मामलों की संख्या में एक बार फिर तेजी आई है। इसे नियंत्रित करने के लिए चीन अपनी जीरो-कोव नीति को सख्ती से लागू कर रहा है।

रविवार को चीन में 13,146 मामले दर्ज किए गए, जो दो साल से अधिक समय पहले पहली पीक वेव के बाद से सबसे अधिक है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने एक बयान में कहा कि “1,455 रोगसूचक रोगी थे, जिनमें से 11,691 स्पर्शोन्मुख मामले सामने आए। हालांकि, कोई नई मौत नहीं हुई।”चीन के आर्थिक केंद्र शंघाई में कोरोना का संक्रमण बहुत बुरा है. नतीजतन, संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए 25 मिलियन लोगों को घर पर रहने का निर्देश दिया गया है। शिपिंग कंपनी मारस्क ने शुक्रवार को कहा कि शहर के कुछ डिपो बंद हैं और लॉकडाउन से ट्रकिंग सेवाएं और प्रभावित हो सकती हैं। जिससे शहर में दैनिक जरूरतों के सामान की आपूर्ति बाधित हो रही है.

 

पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ पर हमला

 डिजिटल डेस्क : पाकिस्तान में जारी अशांति को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर लंदन में कथित तौर पर हमला किया गया है। आरोप है कि लंदन में पाकिस्तानी तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के सदस्यों की एक सभा के सामने दोपहर के तुरंत बाद हमलावर ने हमला किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले में नवाज शरीफ का बॉडीगार्ड घायल हो गया था.

हमले के बाद नवाज शरीफ की बेटी का रिएक्शन आया है। बेटी मरियम नवाज शरीफ ने इमरान खान की गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा कि इमरान खान को उकसाने और देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया जाना चाहिए। मरियम ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि पीटीआई सदस्य जो हिंसा का सहारा ले रहे हैं या भयानक कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा कर रहे हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

हमले के पीछे इमरान खान का हाथ

मरियम नवाज शरीफ ने कहा कि हमले के पीछे इमरान खान का हाथ था। उसे उकसाने और देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया जाना चाहिए। इंशाअल्लाह… किसी को बख्शा नहीं जाए… हम आपको बता दें कि पाकिस्तान में रविवार का दिन बेहद अहम होने वाला है। पाकिस्तान की संसद रविवार को प्रधान मंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव शुरू करेगी। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इमरान खान को अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ेगा या इससे पहले अपने इस्तीफे की घोषणा करेंगे।

आंकड़ों पर एक नजर

आंकड़ों के अंकगणित पर नजर डालें तो इमरान खान अभी भी अपनी सरकार बचाने के लिए 172 सांसदों का समर्थन नहीं जुटा पा रहे हैं। हालांकि, गुरुवार शाम पाकिस्तान को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग उन्हें इस्तीफा देने की सलाह दे रहे थे, उन्हें पता होना चाहिए कि वह एक क्रिकेटर थे और आखिरी गेंद तक खेले. इस बीच इस प्रगति में पाकिस्तान की सेना की भूमिका अहम हो गई है।

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इमरान के पास हैं तीन विकल्प

समाचार एजेंसी की रिपोर्ट है कि इस्लामाबाद से पाकिस्तान के कराची तक बातचीत चल रही है कि पाकिस्तानी सेना ने इमरान खान को तीन विकल्प दिए हैं। इमरान के सामने पहला विकल्प प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना है, दूसरा विकल्प जल्दी चुनाव की घोषणा कर संसद को भंग करना है, तीसरा विकल्प संसद में अविश्वास प्रस्ताव और उसके परिणामों का सामना करना है। स्वीकार करना। हालांकि सैन्य अधिकारियों के मुताबिक उन्होंने पाकिस्तानी विपक्ष की ओर से इमरान खान को ऐसा कोई विकल्प नहीं दिया।

यूक्रेनी की राजधानी कीव के सड़कों पर मिले 20 शव

कीव: रूसी सेना यूक्रेन की राजधानी कीव के आसपास के इलाकों को तेजी से खाली करा रही है, लेकिन ये खाली इलाके डराने वाले हैं. ऐसा ही खौफ कीव के पास शहर की एक सड़क पर देखने को मिला, जहां करीब 20 शव सड़क पर मिले, उनके हाथ पीठ के पीछे बंधे हुए थे. शव कुछ मीटर की दूरी पर कीव के सुदूर उपनगर बुचा में पाए गए। हालांकि बुका शहर के मेयर का कहना है कि शहर के पास एक सामूहिक कब्र में लगभग 300 लोगों को दफनाया गया है, यूक्रेनी सेना का कहना है कि उसने राजधानी कीव के सभी क्षेत्रों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है।

हालांकि, बुका में इन लोगों की मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और न ही इसकी पहचान हो पाई है. एएफपी के संवाददाताओं के अनुसार, शव शनिवार को कीव के पास बुका शहर में एक सड़क पर पड़े मिले। एएफपी ने बताया कि शव नागरिक कपड़ों में पाए गए। मेयर अनातोली फेडरॉक ने कहा कि सड़कों पर मिले शवों को सिर के पिछले हिस्से में गोली मारी गई थी। मरने वालों में पुरुष और महिलाएं शामिल थे। एक 14 साल का बच्चा भी है। रूसी सेना ने हाल के दिनों में कीव के आसपास के कई क्षेत्रों की नाकेबंदी समाप्त कर दी है, क्योंकि रूस की कीव को घेरने और उसे आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करने की योजना विफल हो गई है। दूसरी ओर, यूक्रेन ने घोषणा की है कि बुका को रिहा कर दिया गया है।

हालाँकि, जिन क्षेत्रों से रूसी सेना वापस ले रही है, वे अव्यवस्थित स्थिति में हैं। यहां इमारत देखी जा सकती है, हर जगह क्षतिग्रस्त कारें और विस्फोट के बाद खाली गोले। रिपोर्ट में कहा गया है कि 20 शवों में से 16 बुचा में एक सड़क पर पाए गए, बाकी सड़क किनारे एक घर के आसपास दिखाई दे रहे थे। जिस व्यक्ति के हाथ पीठ के पीछे बंधे थे, उसके पास यूक्रेन का पासपोर्ट भी था। उन सभी ने सर्दियों के कोट, जैकेट या ट्रैकसूट, जींस या जॉगिंग बॉटम पैंट में नागरिकों के रूप में कपड़े पहने थे। इन मृतकों के चेहरे काफी विकृत हो गए हैं, जिसका मतलब है कि ये शव यहां लंबे समय से पड़े हैं।

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गौरतलब है कि रूस ने कहा है कि वह पश्चिमी यूक्रेन से सैनिकों को वापस बुलाएगा और अपना ध्यान रूस के कब्जे वाले डोनबास क्षेत्र पर केंद्रित करेगा। रूस ने डोनबास के लुहान्स्क और डोनेट्स्क क्षेत्रों को स्वायत्त देश घोषित किया है। वहीं यूक्रेन की सेना इन इलाकों में अलगाववादियों के खिलाफ स्टैंड ले रही है.

मेष राशि वाले राजनीतिज्ञों को मिलेगी सफलता, जानें अपना राशिफल

आज के दिन सूर्योदय के समय अश्वनी नक्षत्र व मेष राशि है। शेष ग्रह स्थितियां पूर्ववत हैं। आज सबसे प्रमुख बात यह है कि बुध व गुरु एक साथ कुम्भ राशि मे गोचर कर रहे हैं। कुम्भ का स्वामी शनि है। सूर्य अभी गुरु की राशि मीन में हैं। आज मेष व मकर राशि के जातक लाभान्वित होंगे। मकर व तुला राशि के जातक व्यवसाय में प्रगति करेंगे। बैंकिंग व मैनेजमेंट में तुला व मकर के जातक जॉब चेंज करने की दिशा में सार्थक प्रयास करेंगे। कन्या व मकर राशि के राजनीतिज्ञ कूटनीतिक सफलता की प्राप्ति करेंगे। आइए अब जानते हैं प्रत्येक राशियों का विस्तृत राशिफल-

मेष- आज चन्द्रमा का इस राशि में गोचर लाभप्रद है। राजनीतिज्ञों को सफलता मिलेगी। जॉब को लेकर थोड़ा परेशान रहेंगे। बुध प्रोमोशन में सहायक हैं। पीला व लाल रंग शुभ है। उड़द का दान करें।

वृष- शुक्र व बुध व्यवसाय में आपकी कार्य योजना को विस्तार देंगे। वाहन खरीदने का मन बनेगा। हरा व सफेद रंग शुभ है। उड़द का दान करें। माता का आशीर्वाद लें।

मिथुन- सूर्य का दशम गोचर मंगलमय है। जॉब में पद परिवर्तन की योजना बना सकते हैं। सप्तश्लोकी दुर्गा का 09 पाठ करें। पीला व नारंगी रंग शुभ है।

कर्क- चन्द्रमा आज इसी राशि से दशम है। पॉलिटिक्स में सफलता की प्राप्ति का दिवस है। गृह निर्माण में नए कार्य आरंभ कर सकते हैं। नारंगी व लाल रंग शुभ है। पारिवारिक कार्यों में व्यस्त हो सकते हैं। यात्रा से प्रसन्न रहेंगे।

सिंह- बैंकिंग व आईटी जॉब के कॅरियर में सफलता की प्राप्ति होगी। बिजनेस से सम्बद्ध लोग सफल रहेंगे। सूर्य व बुध गोकर की शुभता का लाभ लें। सूर्य उपासना करें व उनका आशीर्वाद लें। बैगनी व हरा रंग शुभ है।

कन्या- बैंकिंग व आईटी से जुड़े कॅरियर में प्रोग्रेस से खुश रहेंगे। सूर्य का सप्तम गोचर जॉब व व्यवसाय में लाभ देगा।तिल का दान करें। नीला व सफेद रंग शुभ है। पॉलिटिशियन सफल रहेंगे।

तुला- जॉब में नवीन अवसरों की प्राप्ति होगी। पॉलिटिक्स में भी उन्नति है। स्वास्थ्य में सफलता के लिए हनुमानबाहुक का पाठ करें। सफेद व आसमानी रंग शुभ है। उड़द का दान करें।

वृश्चिक- व्यवसाय को लेकर थोड़ा तनाव हो सकता है। जॉब में सफलता की प्राप्ति होगी। पीला व हरा रंग शुभ है। मूंग का दान करें। मकान खरीदने का प्लान बन सकता है।

धनु- आज बिजनेस में प्रगति के सुख से प्रसन्नता है। द्वितीय शनि शारीरिक कष्ट देंगे। आज गृह निर्माण सम्बन्धी प्रत्येक कार्यों में सफलता की प्राप्ति होगी। धन का व्यय होगा। नीला व हरा रंग शुभ है।

मकर- घर में नवीन कार्य आरंभ के लिए आज समय अनुकूल है। सूर्य का द्वितीय गोचर लाभ देगा। परिवार में खुशहाली की स्थिति रहेंगे। आईटी व मीडिया जॉब से सम्बद्ध लोग सफल रहेंगे। बैगनी व आसमानी रंग शुभ है। श्री सूक्त का पाठ करें।

कुम्भ- सूर्य का द्वितीय, चन्द्रमा का तृतीय व गुरु का इस राशि मे गोचर जॉब व व्यवसाय में लाभ प्रदान कर सकते हैं। स्वास्थ्य के लिए आज का दिन कष्टमय रहेगा। हरा व नारंगी रंग शुभ है। तिल का दान करें।

मीन- गुरु का द्वादश गोचर धार्मिक कार्य के लिए शुभ है। राजनीतिज्ञ सफल रहेंगे। चन्द्रमा रुके धन का आगमन करा सकते हैं। परिवार को लेकर थोड़ा परेशान रह सकते हैं। नारंगी व हरा रंग शुभ है। नवरात्र में माता दुर्गा जी की पूजा करते रहें व अन्न का दान करें।

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वास्तु शास्त्र के अनुसार इस दिशा में मुंह करके खाना खाने से बचना चाहिए

जो लोग वास्तु शास्त्र में विश्वास करते हैं वे अच्छी तरह जानते हैं कि दिशाओं का वास्तु में कितना महत्व है. कहा जा सकता है कि वास्तु शास्त्र में हर दिशा (Direction) को एक विशेष स्थान दिया गया है, किस दिशा में क्या करना शुभ होता है और क्या अशुभ यह वास्तु इसी आधार पर निर्धारित करना है. इसी के चलते उत्तर, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण दिशा में किस दिशा की तरफ मुख करके खाना कंगाली की वजह माना जाता है, आइए जानें.

इस दिशा में मुंह करके नहीं खाना चाहिए

वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा की ओर मुख करके कभी भी खाना नहीं खाना चाहिए. इस दिशा की तरफ मुंह करके खाने को दरिद्रता और कंगाली की वजह माना जाता है. यह दिशा पितरों की दिशा भी मानी जाती है, इसलिए इस दिशा में खाना बनाने या खाने की सलाह नहीं दी जाती.

वास्तु शास्त्र में पूर्व दिशा को देवताओं की दिशा कहा जाता है, इसी चलते माना जाता है कि लोगों को हमेशा पूर्व की ओर मुख करके ही भोजन करना चाहिए. ये जीवन में सुख-समृद्धि लाने वाली दिशा मानी जाती है. यह भी कहते हैं कि इस दिशा में मुंह करके खाने से बीमारियां दूर रहती हैं.

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इसके साथ ही वास्तु शास्त्र  के अनुसार पूर्व या उत्तर दिशा में भोजन करने को भाग्य के लिए अच्छा माना जाता है. हमेशा हाथ मुंह धोकर, साफ बर्तनों और साफ जगह बैठकर खाना खाने की सलाह दी जाती है.

 

भगवान श्रीराम की कुलदेवी के बारे में जानते हैं आप? पूरा रघुकुल करता था इनकी पूजा

उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी अयोध्या में रामलला के मंदिर का निर्माण जोरशोर से चल रहा है. ऐसे में रामलला की कुलदेवी की बात ना की जाए तो श्रद्धालुओं के साथ बड़ी नाइंसाफी होगी. जी हां! अयोध्या की प्राचीन माता बड़ी देवकाली मंदिर श्रद्धा का एक बड़ा केंद्र है, जहाँ देश के कोने-कोने से श्रद्धालु विशेष रूप से नवरात्री में माता के दर्शन करने पहुंचते हैं.

मां बड़ी देवकाली को भगवान श्री राम की कुलदेवी के रूप में जाना जाता है. एक ही शिला में विराजमान श्री महा काली , श्री महा लक्ष्मी और श्री महा सरस्वती भक्तों के कल्याण के लिए यहां विराजमान हैं. यहां श्रद्धा के साथ जो भी मुरादें मांगी जाती हैं, वह सारी पूरी होती हैं.

धर्मनगरी अयोध्या के 14 कोस की परिधि में बड़ी देवकाली जी के नाम से प्रसिद्ध मर्यादा पुरषोत्तम श्री राम की कुलदेवी विराजमान हैं. अयोध्या धाम के राम मंदिर से लगभग 4 किलोमीटर दूर फैजाबाद शहर में यह मंदिर स्थित है. एक ही शिला में विराजमान श्री महा काली, श्री महा लक्ष्मी और श्री महा सरस्वती यंहा विराजमान है.

कहा जाता है कि प्रभु श्री राम के पूर्वज महाराजा रघु अपनी अराध्य कुलदेवी श्री बड़ी देवकाली जी की तीनो रूपों की पूजा-अर्चना किया करते थे. मर्यादा पुरषोत्तम श्री राम का जब जन्म हुआ, तब माता कौसल्या ने बाल्य रूप श्री राम के साथ यहां पूजा अनुष्ठान कर अपनी कुलदेवी के तीनों रूपों की पूजा अर्चना की थी.

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यह प्रसिद्ध प्राचीन मंदिर दूर दाराज से आए भक्तों के आस्था का केंद्र हैं. मान्यता है कि जिस तरह से माता कौशल्या भगवान राम को जन्म देने के बाद उनके साथ माता देवकाली के दर्शन करने आई थीं. उसी तरह से पुत्र प्राप्ति के बाद लोग पुत्र को लेकर माता देवकाली का दर्शन करने आते हैं. भक्तों का मानना है कि लोग माता देवकाली के मंदिर में जो मनोकामना मांगते हैं वह पूर्ण होती है.

 

आटे के दीपक से कर लें ये अचूक उपाय, चंद दिनों में ही चमक उठेगा भाग्य

कोलकाता : सनातन धर्म में दीपक का विशेष महत्व बताया गया है। किसी भी देवी-देवता की पूजा के लिए उनके सम्मुख दीपक जलाया जाता है। आमतौर पर लोग घरों में पीतल, तांबे या फिर मिट्टी के दीपक का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार आपने लोगों को आटे का दीपक जलाते भी देखा होगा। ज्योतिष शास्त्र में बताया है कि जीवन की बड़ी परेशानियों को दूर करने और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आटे का दीपक जलाया जाता है।

आटे के दीपक को लेकर मान्यता है कि ये विशेष दिनों में और विशेष परिस्थितियों में जलाए जाते हैं। किसी भी मनोकामना की पूर्ति के लिए आटा का दीपक घटते या फिर बढ़ते क्रम में जलाए जाते हैं। जैसे- 11 दिन, 21 दिन और 31 दिन।

यूं लें आटे के दीपक का संकल्प
– ज्योतिष शास्त्र के अनुसाप बजरंग बली के आगे आटे के दीपक जलाने से व्यक्ति को कर्ज से मुक्ति, आर्थिक तंगी और शनि प्रकोप से छुटकारा मिलता है।

– दूसरे दीपकों की तुलना में आटे के दीपक को ज्यादा शुभ और पवित्र माना गया है।
मां अन्नपूर्णा देवी के आगे आटे का दीपक जलाने से घर से आर्थिक तंगी दूर होती है।

– बता दें कि कर्ज मुक्ति, शीघ्र विवाह, नौकरी, बीमारी, संतान प्राप्ति, खुद का घर, गृह कलह, पति-पत्नी में विवाद जैसे समस्याओं के लिए आटे के दीपक संकल्प के अनुसार जलाए जाते हैं।

– ज्योतिषीयों के अनुसार आटे के दीपक 1 से शुरू करते हुए 11 तक जलाए जाते हैं। जैसे संकल्प के पहले दिन 1 फिर 2, 3, 4, 5 और 11 तक दीप जलाने के बाद 10, 9, 8, 7 ऐसे फिर घटते क्रम में दीपक जलाए जाते हैं।

– अगर कोई व्यक्ति आर्थिक तंगी दूर करने के लिए आटे के दीपक जला रहा है, तो आटे के दीपक में हल्दी मिलाकर गूंथ लें और फिर इसे देसी घी या सरसों के तेल से जलाएं।

– दीपक जलाने की संख्या पूरी होने से पहले ही अगर मनोकामना पूरी हो जाए, तो भी व्यक्ति को इसी नियम के अनुसार दीपक जलाने चाहिए। इसे बीच में छोड़ने से मनोकामना पूर्ति में दिक्कत आ सकती है।

– शनिवार के दिन आटे के दीपक में सरसों का तेल डालकर जालने से व्यक्ति को शनि ढैय्या और शनि साढ़े साती से छुटकारा मिलता है।

– मंगल दोष दूर करने के लिए मंगलवार के दिन हनुमान जी के मंदिर में 11 दीपक का प्रण लिया जाता है।

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क्या आज का दिन हर दृष्टि से रहेगा शुभ फलदायी, देखिए आज का पंचांग

ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का बहुत महत्व है । पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं। आज 3 अप्रैल रविवार (Sunday) का दिन है। चैत्र (Chaitra) की शुक्ल पक्ष द्वितीया 12:38 PM तक उसके बाद तृतीया तक है। सूर्य मीन राशि पर योग-विष्कुम्भ, करण- कौलव और तैतिल चैत्र मास है, आज का दिन बहुत ही शुभ फलदायक है। देखिए आज का पंचांग…

आज 3 अप्रैल का पंचांग हिन्दू मास एवं वर्ष शक सम्वत- 1943 प्लव विक्रम सम्वत- 2078 आज की तिथि तिथि-द्वितीया 12:38 PM तक उसके बाद तृतीया आज का नक्षत्र-अश्विनी 12:37 PM तक उसके बाद भरणी आज का करण-कौलव और तैतिल आज का पक्ष- शुक्ल पक्ष आज का योग-विष्कुम्भ आज का वार-रविवार आज सूर्योदय- सूर्यास्त का समय (Sun Time) सूर्योदय-6:21 AM सूर्यास्त-6:39 PM आज चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय ( Moon Time) चन्द्रोदय-7:33 AM चन्द्रास्त-8:42 PM सूर्य – सूर्य मीन राशि में है आज चन्द्रमा की राशि (Moon Sign) चन्द्रमा-चन्द्रमा मेष राशि पर संचार करेगा। दिन-रविवार माह- चैत्र व्रत- मासिक शिवरात्रि

आज का शुभ मुहूर्त (Today Auspicious Time) अभिजीत मुहूर्त-11:36 AM से 12:26 PM अमृत काल-नहीं है ब्रह्म मुहूर्त-04:45 AM से 05:33 AM आज का शुभ योग (Aaj Ka Shubh Yoga) सर्वार्थ सिद्धि योग-05:48 AM से 12:37 PM रवि पुष्य योग -नहीं है अमृतसिद्धि योग-नहीं है त्रिपुष्कर योग-नहीं है द्विपुष्कर योग-नहीं है अभिजीत मुहूर्त-11:36 AM से 12:26 PM आज का अशुभ समय( Today Bad Time) राहु काल-10:59 AM से 12:31 PM तक कालवेला / अर्द्धयाम-11:36AM से 12:26 PM तक दुष्टमुहूर्त-05:00 PM से 05:49 PM यमगण्ड– 12:30 PM से 2:02 PM भद्रा-नहीं है गुलिक काल-15:08PM से 16:41PM तक गंडमूल- 05:48 AM से 12:37 PM

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हिंदी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ के दर्शन की राजनीति

सत्यजीत रे ने अपनी एक फेलुदा-कथा का नाम ‘पैराडाइज टेरिबल’ रखा। लेकिन इस समय कश्मीर एक और वजह से ‘भयानक’ है। जिसके मूल में ‘द कश्मीर फाइल्स’ नाम की एक हिंदी फिल्म है। बॉलीवुड फिल्मों में अशांत कश्मीर का आना कोई नई बात नहीं है. उग्रवादी अलगाववाद का उदय, स्वतंत्र कश्मीर की मांग या पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर बॉलीवुड राष्ट्रवाद के सवाल को बार-बार पर्दे पर देखा गया है। लेकिन विवेक अग्निहोत्री के निर्देशन में बनी द कश्मीर फाइल्स की अहमियत अलग है. फिल्म कश्मीरी पंडित समुदाय के विस्थापन की कहानी कहती है। इस फिल्म का कंटेंट उग्रवादी कश्मीर या कश्मीर से बिल्कुल अलग है जिसे पाकिस्तान ने हराया था।

करीब से देखने पर पता चलता है कि बॉलीवुड फिल्मों में कश्मीर को हमेशा एक ही तरह से चित्रित नहीं किया गया है। कथाकार रणबीर लाहिरी ने अपनी पुस्तक क्रैकिंग द कोड: फायरिंग द कैनन / कैनोनिंग द पॉपुलर (2009) में कश्मीर के माध्यम से बॉलीवुड गेज नामक एक मुंबई फिल्म (या अन्य भारतीय भाषा की फिल्म) में कश्मीर के प्रतिनिधित्व पर एक विश्लेषणात्मक निबंध लिखा था। उस लेख में उन्होंने समय-समय पर बॉलीवुड के पर्दे पर जन्नत के बदलते किरदार को दिखाया था.

आजादी के महज तीन साल में एनएल जालान नाम के एक डायरेक्टर ने ‘कश्मीर हमारा है’ नाम की फिल्म बनाई। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, उन्होंने उस समय 1947 के पहले भारत-पाक युद्ध-केंद्रित विवाद को पर्दे पर उतारा। आजादी के बाद से कश्मीर एक ज्वलंत मुद्दा रहा है। नतीजतन, यह माना जा सकता है कि समस्या लोकप्रिय संस्कृति में परिलक्षित होगी।जालान की तस्वीर का उद्देश्य नव स्वतंत्र देश या नेहरू-युग के नवगठित राष्ट्रवाद को भड़काना था। जहां कश्मीर को भारत के निष्पक्ष और अभिन्न अंग के रूप में दिखाना जरूरी था। लेकिन उसके बाद बॉलीवुड में कश्मीर एक अलग लुक, एक अलग किरदार के साथ दिखने लगा।

शम्मी कपूर और सायरा बानो अभिनीत ‘जंगली’ 1981 में रिलीज़ हुई थी। बैकग्राउंड कश्मीर। लेकिन उस तस्वीर में कश्मीर का सार्वजनिक जीवन, स्थानीय लोगों की पृष्ठभूमि आदि गायब हैं। कश्मीर में, मंच पर केवल एक ‘दृश्य’ लटका हुआ है। शहर के एक अमीर आदमी के जंगली लड़के को एक स्थानीय लड़की से प्यार हो जाता है। उसके बाद उस समय बॉलीवुड के मशहूर टेबल राजवंश के साथ झगड़ा हुआ था। अंत में वह भी मिट जाता है। शम्मी पूरी तस्वीर पर कूद पड़ते हैं और बॉक्स ऑफिस पर अपने गाने मोहम्मद रफी के साथ जाग जाते हैं।

शक्ति सामंत की फिल्म ‘कश्मीर की कली’ 1984 में रिलीज हुई थी। तस्वीर के नाम पर कश्मीर। पृष्ठभूमि भी कश्मीर है। लेकिन यह फिल्म कश्मीर को एक खूबसूरत शूटिंग स्पॉट के रूप में भी छोड़ देती है। अपने लेख में रणबीर बताते हैं कि भारतीय पर्यटन विभाग ने उसी समय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अपने पैम्फलेट में कश्मीर की छवि का इस्तेमाल किया और उसी नस में रूपोली स्क्रीन पर दिखाई देने लगी। शहरी जीवन में बर्बाद हो चुके नायक के यौन उत्पीड़न से मुक्ति का यह क्षेत्र है उसकी ‘काली’ नायक की कामेच्छा का स्रोत खोलती है। लेकिन श्रीनगर के शॉल बुनकरों का ऊनी जीवन नहीं है. कश्मीर अंतरिक्ष से गिरने वाले परिदृश्य के टुकड़े की तरह है। इसके अस्तित्व का कोई दूसरा आयाम नहीं हो सकता। उल्लेखनीय है कि इन सभी फिल्मों में कश्मीर की मुस्लिम आबादी आश्चर्यजनक रूप से हाशिए पर है। बॉलीवुड का हिंदुत्व कश्मीर को अपनी ‘जातीय’ स्थिति को अपना बना रहा है।

तब से समय बीत चुका है। कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच झड़प हो गई है. कश्मीर में उग्रवादी आंदोलन तेज हो गया है। लेकिन बॉलीवुड ने कश्मीर को देखने के लिए अपनी आंखें नहीं बदली हैं. एक उदाहरण ऋषिकेश मुखर्जी द्वारा निर्देशित अमिताभ बच्चन, राखी और बिनोद मेहरा अभिनीत फिल्म ‘बेमिसाल’ का एक गीत है। ‘कितनी खूबसूरत ये तस्बीर है/मौसम बेमिसाल बे-नजीर है/ये कश्मीर है, ये कश्मीर है’। कश्मीर तो बस एक ‘तस्वीर’ है। वह प्रेमी-प्रेमिका के पुनर्मिलन के लिए सेटिंग बनाती है, इससे अधिक कुछ नहीं।

इस तरह एक के बाद एक तस्वीर में डल झील, शिकारा, खूबसूरत चेहरे वाली लड़कियां, सेब के बाग, पहाड़ियां, जंगल-सब मिलकर एक ‘पिक्चर पोस्टकार्ड’ को जन्म देते हैं, जिसका नाम कश्मीर है। लेकिन इसके भीतर एक के बाद एक उग्रवादी तख्तापलट, कश्मीरी विद्वानों का निष्कासन आदि पूरा हो चुका है। 1990 में, कश्मीरी विद्वानों के एक वर्ग को निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद बॉलीवुड चुप रहा।

मणिरत्नम की ‘रोजा’ 1992 में रिलीज़ हुई थी। इस फिल्म में कश्मीर अपने ‘स्वर्ग’ चरित्र से उभरता है और नम गलियों, गरीबी, किसी भी तरह की नागरिक सुविधाओं से वंचित कश्मीर की खूबसूरत प्रकृति के पीछे पाया जा सकता है। उग्रवादियों ने नायक का अपहरण कर लिया और फिरौती की मांग की। यह पहली बार है जब कश्मीर ने अपने सेल्युलाइड पर बात की है। मिलिटेंट लीडर लियाकत (पंकज कपूर) ने वंचन की कहानियां सुनाना शुरू कर दिया। लेकिन मणिरत्नम ने बिना किसी जोखिम के मुख्यधारा के राष्ट्रवाद को दिखाया। अपहृत नायक जब अपना शरीर प्राप्त कर राष्ट्रीय ध्वज को अलगाववादियों के हाथों में रक्षा करता है, तो भारतीय राष्ट्रवाद की मुख्यधारा की बयानबाजी सामने आती है। लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि कश्मीर को सेल्युलाइड में लाने वाला ‘रोजा’ शायद पहला ‘अंधेरा’ था।

बिधु बिनोद चोपड़ा की ‘मिशन कश्मीर’ से लेकर ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ तक कश्मीर की ‘अन्य’ की कहानी कई रूपों में सामने आई है। कभी वंचितों के ‘बेपथु’ युवा उग्रवादी बन जाते हैं तो कभी भारतीय सेना के महत्व को बढ़ाने की कोशिश करते हैं। लेकिन कश्मीर हमेशा से ‘अशांत क्षेत्र’ रहा है। भारत नाम के राज्य की शांति भंग कर रही है ये ‘उत्पीड़न’, तस्वीरों में बार-बार यही सामने आया है.

शेक्सपियर के ‘हेमलेट’ पर आधारित एक विशाल भारद्वाज फिल्म हैदर (2014) भी कश्मीर में स्थापित है। यहां भी उग्रवादी आंदोलन जटिलता का अवतार है। हालाँकि, यह स्वीकार किया जाना चाहिए कि इस फिल्म में, विशाल आतंकवादी आंदोलन को एक ‘परिप्रेक्ष्य’ के रूप में चित्रित किया गया है, यहाँ कश्मीर सिर्फ एक ‘स्थान’ से अधिक है।शेक्सपियर के ‘हेमलेट’ में वर्णित युद्ध-रक्त-सफलता-विफलता को चित्रित करने के लिए प्रकाश-अंधेरे के साथ सफेद बर्फ में फंसे रक्त प्रवाह की आवश्यकता थी। कश्मीर ने किया।

लेकिन धीरे-धीरे राष्ट्रवाद का मुर्गा मुंह मोड़ लेता है। हवा की गति दक्षिण से चरम दक्षिण में बदल जाती है। कश्मीर की बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी और ‘गुमराह’ युवाओं के उग्रवादी बनने की कहानी से बाहर निकलने की कोशिश की जा रही है. यह ‘परेशान’ कश्मीर की एक और घुसपैठ दिखाना शुरू कर देता है। कश्मीर का बेदखल विद्वान समुदाय 2004 से सुर्खियों में है। उस साल अशोक पंडित के निर्देशन में ‘शीन’ नाम की एक फिल्म रिलीज हुई थी, जो एक पुत्रहीन पंडित की कहानी कहती है। उसे अपने बेटे की हत्या के बाद खाली करने के लिए मजबूर किया गया था। लेकिन फिल्म ‘शीन’ कुछ खास कमाल नहीं कर पाई।

2020 में कश्मीरी विद्वान फिर पर्दे पर आए। बिधु बिनोद चोपड़ा द्वारा निर्देशित, ‘शिकारा’ कश्मीर में उग्रवादी विद्रोह के दौरान एक विद्वान जोड़े की कहानी कहती है। वह तस्वीर व्यावसायिक रूप से भी सफल नहीं है। आलोचकों ने भी शिकारा का स्वागत नहीं किया। क्योंकि उस तस्वीर में समस्या को एकतरफा तरीके से दिखाया गया था. इस फिल्म की राजनीतिक स्थिति को वार्ताकारों ने किसी भी तरह से स्पष्ट नहीं किया है।

फिर 2022 ‘द कश्मीर फाइल्स’ और इसकी गगनचुंबी इमारत वाणिज्यिक (सह राजनीतिक) सफलता। विवेक इससे पहले कई तस्वीरें कर चुके हैं। उनमें से दो विशुद्ध रूप से राजनीतिक हैं। 2016 की फिल्म ‘बुद्धा इन ए ट्रैफिक जाम’ में, विवेक ने देश के सबसे प्रतिभाशाली प्रबंधन शिक्षण संस्थानों में से एक के अंदर विभिन्न स्तरों पर खेल रहे छात्र आंदोलन, वामपंथ, अति-वामपंथी और उग्रवादी वामपंथ के रंगों को चित्रित किया है। जंगलवासी माओवादी उग्रवादियों और नागरिक शिक्षा संस्थानों के साथ-साथ गैर सरकारी संगठनों की ईमानदार राजनीति को उजागर करना चाहते हैं। लेकिन उस तस्वीर ने उन्हें मनचाही सफलता नहीं दिलाई। इसका एक कारण फिल्म की विश्वसनीयता की कमी है। अंतरात्मा ने जिस तरह से एक अंगूठी का दूसरी अंगूठी से संबंध दिखाया, वह किसी भी तरह से मजबूत नहीं लग रहा था। अनुपम खेर फिल्म के मुख्य पात्रों में से एक थे। जो दक्षिणपंथी राजनीति के बड़े समर्थक हैं।

विवेक की अगली राजनीतिक फिल्म द ताशकंद फाइल्स थी। प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु का रहस्य इस फिल्म का विषय है। मिथुन चक्रवर्ती (एक घोषित भाजपा सदस्य) फिल्म में एक भूमिका निभाते हैं जो मुझे एक और दिवंगत प्रधान मंत्री की याद दिलाता है। लाल बहादुर की मृत्यु के रहस्य को सुलझाने में यह तस्वीर अनिवार्य रूप से विफल रही। कुछ संकेतों के साथ, तस्वीर एक पत्रकार के राजनीतिक पदार्पण की ओर मुड़ जाती है।

विवेक की तस्वीर का ताजा मुद्दा कश्मीरी विद्वानों का उनकी मातृभूमि से निष्कासन और उन पर की गई अमानवीय यातना, मई जनसंहार है। यह तस्वीर अंतरात्मा की पिछली दो तस्वीरों को एक सूत्र में बांधती नजर आ रही है। इस फिल्म में मिथुन और अनुपम दोनों मौजूद हैं। जो काम ‘शिन’ या ‘शिकारा’ नहीं कर पाए, इस फिल्म में विवेक ने किया।

तस्वीर की शुरुआत “धर्म बदलो, या मरो” के नारे से होती है। यह भारतीय सेना की आड़ में आतंकवादियों के एकतरफा नरसंहार के साथ समाप्त हुआ। कहने की जरूरत नहीं है कि इस फिल्म ने देश भर के एक खास धार्मिक समुदाय को अपनी चांदनी में बदल दिया है। सवाल यह है कि क्या इस फिल्म का बयान ‘पोस्ट ट्रुथ’ है या नहीं। वहीं केंद्र की बीजेपी सरकार ने फिल्म को टैक्स फ्री घोषित कर दिया है. भाजपा शासित राज्य में सरकारी कर्मचारियों को फिल्म देखने की छुट्टी दी जा रही है।

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ऐसा लगता है कि राज्य प्रायोजित ए हेन नज़ीर बॉलीवुड ने अपने लंबे इतिहास में बहुत कुछ नहीं देखा है। कश्मीर यहाँ खूनी है। खूनी ही नहीं, यह तस्वीर एक बड़ी नफरत, बदले की दबी हुई धारा लेकर आई है। यदि सर्गेई ईसेनस्टीन की 1925 की बैटलशिप पोटेमकिन एक प्रचार फिल्म का सबसे पहला उदाहरण थी, तो द कश्मीर फाइल्स उस शैली का एक अनिवार्य परिणाम है। सोवियत संघ, जो 1925 की तानाशाही के अधीन चला गया था, और 2022 के भारत में चरम दक्षिणपंथ का नैतिक द्वंद्व कहीं न कहीं एकजुट हो रहा था। कश्मीर सिर्फ एक और है। विद्वान यहां केवल ‘अत्याचार’ की भूमिका में हैं। असली मकसद एक खास धार्मिक समुदाय के खिलाफ देश भर में बेमिसाल नफरत पैदा करना है।

किसी चीज़ में ‘फ़ाइल’ या ‘दस्तावेज़’ शब्द जोड़ने से सच्चाई का एक अद्भुत ढोंग बनता है। विवेक ने द ताशकंद फाइल्स से काम शुरू किया था। उनकी अगली फिल्म का नाम ‘दि डेल्ही फाइल्स’ है। समझा जाता है कि वह एक के बाद एक ‘फाइल’ को एक काल्पनिक अभिलेखागार से डाउनलोड करेंगे, जहां उनके साथ अति दक्षिणपंथी सरकार के अभिनेता भी होंगे। ‘फाइल’ के बाद ‘फाइल’ अर्धसत्य, अस्पष्ट जानकारी को पहचानती रहेगी। इतिहास ने दिखाया है कि अगर कोई बयान लगातार समतल किया जाता है, तो वह सच प्रतीत होता है, भले ही वह झूठ ही क्यों न हो। यह फासीवाद की जानी-पहचानी रणनीति है। विवेक लेकिन कभी भी ‘एनआरसी फाइल’ या ‘गोधरा फाइल’ मत बनाओ। क्योंकि इससे उसका कोई भला नहीं होता। कश्मीर नरक में जाएगा, जो विद्वान वहां से निकाले गए हैं, एके-47 लेने वाले मुस्लिम युवक नरक में जाएंगे। केवल बॉलीवुड राष्ट्रवाद ही बचेगा, जहां सरकार की पाल में हवा सच और झूठ का निर्धारक है। बाकी सब ठीक है!

संपादकीय : चन्दन दास  ( ये लेखक अपने विचार के हैं )

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