Saturday, April 4, 2026
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राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने कहा गोपनीयता और सुरक्षा जरूरी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए। उसकी पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग जानबूझकर चुनाव से जुड़ा अहम डेटा नष्ट करने की कोशिश कर रहा है। राहुल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वोटर लिस्ट मशीन-रीडेबल फॉर्मेट में नहीं दी जाएगी। सीसीटीवी फुटेज कानून बदलकर छिपा दी गई है और अब चुनाव की फोटो-वीडियो को एक साल नहीं, सिर्फ 45 दिन में ही नष्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिससे जवाब चाहिए। वही सबूत मिटा रहा है, यानी मैच फिक्स है और फिक्स चुनाव लोकतंत्र के लिए ज़हर है।
राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने कहा गोपनीयता और सुरक्षा जरूरी
राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने कहा गोपनीयता और सुरक्षा जरूरी

कानून और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि राहुल गांधी की मांगें 1950 और 1951 के जन प्रतिनिधित्व अधिनियम और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के खिलाफ हैं। आयोग ने यह भी कहा कि वह कानून और संविधान के अनुसार ही काम कर रहा है और मतदाताओं की सुरक्षा व चुनाव की निष्पक्षता को बनाए रखना। उसकी प्राथमिकता है।

गोपनीयता और सुरक्षा जरूरी – चुनाव आयोग

वही राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने जवाब दिया है। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि मतदान केंद्रों की वेबकास्टिंग फुटेज को सार्वजनिक करना, मतदाताओं की गोपनीयता और सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। चुनाव आयोग के अनुसार इस तरह की मांगें दिखने में तो जनहित और लोकतांत्रिक ईमानदारी के समर्थन में लगती हैं। लेकिन वास्तव में इनका उद्देश्य इसके विपरीत होता है।

read more :  संकल्प के साथ वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान पखवाड़ा है हुआ आयोजित

संकल्प के साथ वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान पखवाड़ा है हुआ आयोजित

स्टेट हेड – सादिक़ अली, डूंगरपुर। प्रदेश मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी सोच जल है तो कल है, को चरितार्थ करते हुए डूंगरपुर जिले ने भी वागड़ की परंपरा को जीवित रखते हुए पानी नो राको मान तो मेह बाबा राके आपड़ों ध्यान के संकल्प को वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान पखवाड़े में पूर्ण कर दिखाया है। जिला कलक्टर डूंगरपुर अंकित कुमार सिंह की पहल पर पूर्व से ही इस दिशा में नवाचार करते हुए जिले के 10 ब्लॉक में से प्रत्येक ब्लॉक में 10 बड़े तालाब का चयन करते हुए। मानसून पूर्व सौ तालाबों की साफ सफाई का बीड़ा उठाया गया। इसके साथ ही 5 जून से शुरू हुए वंदे गंगाजल जल संरक्षण ने इसे जन अभियाना बना दिया।

जिला कलक्टर सिंह ने बताया कि 5 जून से 20 जून तक जिले भर में कुल 13006 जल संरक्षण से जुड़ी हुई विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न संगठनों सहित जन सहभागिता से जल संरक्षण के कार्य किए गए।

कर्मभूमि से मातृभूमि में 252 रिचार्ज स्ट्रक्चर बने

अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल पहाडि़या ने विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि इसके अंतर्गत ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 200 बड़े तालाबों तथा शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकायों के द्वारा कुल 07 तालाबों का गहराईकरण, साफ सफाई, झाडि़यां की कटाई,आवक मार्गों की साफ सफाई का कार्य किया गया। वहीं जिले भर में अब तक 3310 श्रमदान गतिविधियों का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि कर्मभूमि से मातृभूमि योजना के अंतर्गत जिले में कुल 252 रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाए गए।

वंदे गंगा जल संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाया

जिला कलक्टर ने बताया कि जिले के निवासियों ने जन सहयोग के रूप में भी भरपूर सहयोग प्रदान किया है। सीएसआर मद में लगभग 04 लाख 19 हजार तीन सौ रुपए नगद राशि का आर्थिक सहयोग कर जल संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाया है। इसके अलावा अनेक संगठनों एवं उद्यमियों ने संसाधनों की उपलब्धता करते हुए सहयोग प्रदान किया। इसमें गेप सागर में भारतीय जैन संगठन द्वारा डिसल्टिंग का कार्य करते हुए सात हजार ट्रैक्टर गाद निकाली। इस कार्य में शहर के प्रतिष्ठित उद्यमी एटएएल रियल स्टेट के ओनर हुसैन अली लोखंडवाल, बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के ओनर जगदीश चौधरी द्वारा भी सहयोग प्राप्त हुआ।

वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अन्तर्गत हुआ….

वहीं वाटर शेड आर्गेनाइजेशन ट्रस्ट, एचडीएफसी परिवर्तन के समग्र ग्रामीण विकास कार्यक्रम वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अन्तर्गत पंचायत समिति बिछीवाडा की ग्राम पंचायत वेड एवं नारेली में तालाब गहरीकरण, कोडिया गुण में अर्द्धन डेम निर्माण एवं वीरपूर में एनिकट मरम्मत कार्य सीएसआर के अन्तर्गत करवाया गया। ग्राम पंचायत खेडा के रण सागर में भी पीएचईडी सीएसआर जन सहभागिता के अन्तर्गत एल एण्ड टी कंपनी के द्वारा तालाब से गाद निकालने और गहराई करण का कार्य किया गया।

एमजेएसए में 6023 कार्य पूर्ण

अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल पहाडि़या ने बताया कि बताया कि एमजेएसए 2.0 के अंतर्गत सभी विभागों के कुल 7738 कार्य लिए गए थे। जिसमें से 6023 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जिसमें से ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के 955 में से 953 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। शेष कार्य वाटरशेड एवं वन विभाग के है जो अति शीघ्र पूर्ण कर लिए जाएंगे।

इन विभागों की रही सहभागिता

इसमें ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, वन विभाग, जल ग्रहण विकास एवं भू-जल संरक्षण विभाग, पीएचईडी, एवीएनएल, भू-जल विभाग, नगर निकाय, शिक्षा विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उद्योग विभाग, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, पीडब्ल्यूडी आदि विभागों के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।

आयोजित हुई यह गतिविधियां

इसके अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम यथा प्रभात फेरी, रैलियां, निबंध, पेंटिंग, ग्राम स्तरों पर सामूहिक गोष्ठियां, मीडिया विजिट, प्रेस वार्ता, किसान गोष्ठियां, गौशालाओं की साफ सफाई एवं जल संरक्षण, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की साफ सफाई एवं बरसात के पानी का संरक्षण करने, ट्रांसफार्मर को साफ करने, रिचार्ज स्ट्रक्चर निर्माण, तालाबों का डिसिल्टिंग, एनिकट, ट्रेंच निर्माण-मरम्मत, जल स्रोतों की साफ सफाई आदि के साथ-साथ ही जल को बचाने, जल के महत्व को समझाने, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक बावडि़यों एवं जल स्रोतों की साफ सफाई आदि अलग-अलग गतिविधियों का आयोजन किया गया।

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एयर इंडिया विमान हादसे के बाद 3 अधिकारियों की गई नौकरी, लगे आरोप

अहमदाबाद विमान हादसे में कम से कम 297 लोगों की मौत के बाद डीजीसीए ने एयर इंडिया को तीन लापरवाह अधिकारियों को नौकरी से निकालने का आदेश दिया है। अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान 12 जून को टेक ऑफ के कुछ सेकेंड बाद हादसे का शिकार हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं जिस इमारत से विमान टकराया था, उसमें मौजूद कई लोग भी मारे गए।

एयर इंडिया ने खुद ही जानकारी देते हुए तीनों अधिकारियों की लापरवाही का खुलासा किया था। इसके बाद डीजीसीए ने तीनों को नौकरी से निकालने का आदेश दिया है। तीनों वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही दोहराने के आरोप हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया गया है।

जानिए डीजीसीए ने क्या कहा ?

डीजीसीए ने 20 जून को आदेश जारी कर कहा कि स्वैच्छिक खुलासे चालक दल की शेड्यूलिंग, निगरानी और आंतरिक जवाबदेही में विफलताओं की ओर इशारा करते हैं। विशेष रूप से चिंता की बात यह है कि इन गलतियों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार प्रमुख अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का अभाव है। डीजीसीए ने तीन अधिकारियों को सीधे तौर पर जवाबदेह माना है। प्रभागीय उपाध्यक्ष चूरा सिंह, क्रू शेड्यूलिंग परिचालन निदेशालय में मुख्य प्रबंधक पिंकी मित्तल और क्रू शेड्यूलिंग प्लानिंग विभाग की पायल अरोड़ा को हटाने का आदेश दिया गया है।

अधिकारियों ने की लापरवाही…..

एयर इंडिया की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार इन अधिकारियों ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया। विमान में ड्यूटी लगाने से पहले सभी क्रू मेंबर का लाइसेंस जांचा जाता है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। यात्रियों के आराम और उन्हें तरोताजा करने के लिए भी जरूरी चीजों का ध्यान नहीं रखा गया था। एविएशन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम और क्रू मैनेजमेंट सिस्टम की समीक्षा के दौरान लापरवाही का खुलासा हुआ। एयरलाइंस एविएशन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम एक एकीकृत प्रणाली है, जिसका उपयोग एयरलाइंस क्रू प्रबंधन के लिए करती हैं।

अधिकारियों को भूमिकाओं और जिम्मेदारियों से हटाने का निर्देश

इन अधिकारियों को गंभीर और बार-बार की गई चूकों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है, जिनमें अनधिकृत और गैर-अनुपालन चालक दल की जोड़ियां, अनिवार्य लाइसेंसिंग और नवीनता मानदंडों का उल्लंघन, तथा समय-निर्धारण प्रोटोकॉल और निरीक्षण में प्रणालीगत विफलताएं शामिल हैं। डीजीसीए ने एयर इंडिया को तीनों अधिकारियों को चालक दल की समय-सारणी और रोस्टरिंग से संबंधित सभी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों से हटाने का निर्देश दिया है।

10 दिन के अंदर कार्रवाई करे

आदेश में कहा गया है, “इन अधिकारियों के खिलाफ बिना देरी के आंतरिक अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जानी चाहिए और इस तरह की कार्यवाही के परिणाम की सूचना इस पत्र के जारी होने की तारीख से 10 दिनों के भीतर इस कार्यालय को दी जानी चाहिए।” डीजीसीए ने कहा कि अधिकारियों को समय-निर्धारण प्रथाओं में सुधारात्मक सुधारों के पूरा होने तक गैर-परिचालन भूमिकाओं में पुनः नियुक्त किया जाएगा तथा वे अगली सूचना तक उड़ान सुरक्षा और चालक दल के अनुपालन पर सीधे प्रभाव डालने वाले किसी भी पद पर नहीं रहेंगे।

अगली लापरवाही के लिए सख्त चेतावनी

इस आदेश में साफ किया गया है कि किसी भी पोस्ट-ऑडिट या निरीक्षण में चालक दल के शेड्यूलिंग मानदंडों, लाइसेंसिंग या उड़ान समय सीमाओं का भविष्य में उल्लंघन होने पर सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। ऐसा होने पर पेनल्टी लगाने के साथ ही लाइसेंस रद्द किया जा सकता है या ऑपरेटर की अनुमति वापस ली जा सकती है।

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दिल्ली में 2000 करोड़ रुपए का क्लासरूम घोटाला, हुआ बड़ा खुलासा

दिल्ली में कथित क्लासरूम घोटाले के मामले को लेकर बवाल मचा हुआ है। सरकारी स्कूलों में कक्षा निर्माण में भारी घोटाले और अनियमितताओं के मामले में दर्ज एफआईआर में पूछताछ के लिए दिल्ली पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया एसीबी कार्यालय में पेश हुए हैं। एसीबी अधिकारियों ने स्वतंत्र पंच गवाह की मौजूदगी में की सिसोदिया से पूछताछ की है। इस बीच प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इस घोटाले को लेकर बड़ा खुलासा किया है। जानकारी के मुताबिक, इस क्लासरूम घोटाले की रकम 2000 करोड़ रुपये आंकी गई है।

जरूरत से तीन गुना क्लासरूम बनाए गए

ईडी की छापेमारी में दिल्ली के क्लासरूम घोटाले के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। ईडी ने 18 जून 2025 को दिल्ली-एनसीआर में 37 स्थानों पर छापेमारी की थी। ये कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA), 2002 के तहत की गई थी। ये मामला दिल्ली के अतिरिक्त क्लासरूम कंस्ट्रक्शन में हुए घोटाले से जुड़ा है। पूरा घोटाला करीब 2000 करोड़ रुपये का आंका गया है। जरूरत से तीन गुना क्लासरूम बनाकर घोटाले को अंजाम दिया गया है।

किन नेताओं पर लगा आरोप ?

एसीबी द्वारा दर्ज एफआईआर में दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया, पूर्व पीडब्लूडी मंत्री सत्येंद्र जैन और अन्य के खिलाफ ₹2,000 करोड़ से अधिक की गड़बड़ी का आरोप है। दरअसल, साल 2015 से 2023 के बीच 2405 क्लासरूम की जरूरत थी, लेकिन इसे 12748 क्लासरूम तक बढ़ाया गया था, वो भी बिना मंजूरी के।

कैसे हुआ घोटाला ?

महंगी और फर्जी निर्माण सामग्री के प्रस्तावों को जानबूझकर चुना गया। इसका मकसद करोड़ों रुपये का गबन करना था। निर्माण कार्यों में 49% तक लागत बढ़ोतरी पाई गई, बाकी पैसे का गबन किया गया। निर्माण कार्यों में डुप्लीकेट और फर्जी खर्चों का इस्तेमाल किया गया।

ईडी को सर्च में क्या मिला ?

निजी ठेकेदारों के ठिकानों से सरकारी विभाग की मूल फाइलें और पीडब्लूडी अधिकारियों की नकली मुहरें बरामद हुईं। 322 बैंक पासबुक मिलीं, जो मजदूरों के नाम पर फर्जी खाते खोलकर सरकारी पैसे की हेराफेरी के लिए इस्तेमाल हुई थीं। नकली लेटरहेड, फर्जी बिल, और शेल कंपनियों से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए। फर्जी कम्पनियों के नाम पर बड़े भुगतान दिखाए गए।

read more :  पंजे और लालटेन वालों ने बिहार के स्वाभिमान को पहुंचाई ठेस – पीएम मोदी

पंजे और लालटेन वालों ने बिहार के स्वाभिमान को पहुंचाई ठेस – पीएम मोदी

बिहार में 4 महीने बाद विधानसभा चुनाव है। उससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक बार फिर बिहार दौरे पर हैं। सीवान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सीवान संविधान को ताकत देने वाली धरती है। ये धरती स्वतंत्रता संग्राम की धरती है। बिहार में हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। पीएम ने कहा, ”कल ही विदेश दौरे से लौटा हूं, कई समृद्ध देश के नेताओं से बात हुई, सारे नेता भारत की तेज प्रगति से बहुत प्रभावित हैं। पूरी दुनिया भारत को विश्व की तीसरी बड़ी महाशक्ति बनते देख रही है और निश्चित तौर पर इसमें बिहार की बड़ी भूमिका होनेवाली है।

जंगलराज वाले मौके तलाश रहे हैं

पीएम मोदी ने आगे कहा कि जंगलराज वाले मौके तलाश रहे हैं, तरह तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। बिहार के प्यारे भाई बहनों अपने और अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए आपको सतर्क रहना है। जिस बिहार ने सदियों तक भारत की प्रगति को नेतृत्व दिया। उसको पंजे और लालटेन के शिकंजे ने पलायन का प्रतीक बना दिया था। पंजे और लालटेन वालों ने मिलकर बिहार के स्वाभिमान को गहरी ठेस पहुंचाई है। हर चुनाव में यह लोग आकर बोलते थे कि गरीबी हटाओ-गरीबी हटाओ। लेकिन, आपने जब से एनडीए सरकार को मौका दिया तो पता चला कि गरीबी कम भी हो सकती है।

देश की 25 करोड़ की आबादी गरीबी रेखा से बाहर आई है। विश्व के लोग अब तारीफ कर रहे हैं। पीएम मोदी हेलीकॉप्टर से सीवान के जसौली गांव पहुंचे थे। कार्यक्रम स्थल तक वह खुली जीप में सवार हुए थे। उनके साथ सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी थे।

पीएम मोदी ने पक्के मकानों की चाबी सौंपी

इससे पहले पीएम मोदी ने बिहारवासियों को 5736 करोड़ रुपये की 22 विकास योजानाओं की सौगात दी। प्रधानमंत्री शहरी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 53,666 लाभार्थियों के खाते में पहली किस्त के रूप में 536 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इसके अलावा 6684 शहरी गरीब परिवारों को पक्के मकान की चाबी सौंपी गई। प्रधानमंत्री ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 11 परियोजनाओं और नमामि गंगे मिशन की 4 परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जिन पर कुल 2997 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

6 महीने में चौथी बार बिहार पहुंचे पीएम मोदी

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी 6 महीने में चौथी बार बिहार पहुंचे हैं और 20 दिनों में उनका ये दूसरा बिहार दौरा है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले दो दिनों तक तीन राज्यों का दौरा करेंगे। पीएम मोदी आज सबसे पहले बिहार के सीवान पहुंचे जहां जनसभा के साथ कई योजनाओं की शुरुआत की। इसके बाद वह ओडिशा के भुवनेश्वर जाएंगे जहां मोहन मांझी सरकार के एक साल पूरा होने के कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान पीएम 18 हजार करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं की सौगात देंगे। इसके बाद पीएम मोदी आज रात में आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम जाएंगे जहां कल वो योग दिवस में शामिल होंगे।

तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी के दौरे पर कसा तंज

प्रधानमंत्री मोदी के बिहार दौरे को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी के बिहार दौरे पर तंज भी कसा है। तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री बिहार आएंगे और जंगलराज वाली स्क्रीप्ट को फिर से सुनाएंगे।

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बिहार को पीएम मोदी का तोहफा –

>> पीएम आवास के 6,684 लाभार्थियों को घर की चाब

>> पाटलिपुत्र-गोरखपुर वंदे भारत को हरी झंडी

>> वैशाली देवरिया रेल लाइन की शुरुआत

>> मढौरा फैक्ट्री में बने इंजन का निर्यात

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लखनऊ में जुमे की नमाज के बाद इजरायल के खिलाफ ज़ोरदार प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बड़ा इमामबाड़ा स्थित आसिफी मस्जिद पर जुमा की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन हुआ। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इसराइल प्रधानमंत्री नेतन्याहू की तस्वीर जलाई गई। शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद की अगुवाई में सैंकड़ो की संख्या में शिया समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोग हाथ में ट्रंप मुर्दाबाद की तख्ती के लेकर पहुंचे।

मस्जिद के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों के हाथ में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर और I Stand with Iran की तख्ती थी। यहां पर इन लोगों ने अयातुल्ला अली खामेनेई के समर्थन में नारा लगाया।

भारत सरकार ईरान का साथ दे – मौलाना कल्बे जव्वाद

मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि यह बेहद अफसोसनाक है कि लोग जुल्म करने वाले इजराइल का साथ दे रहे हैं। मौलाना ने कहा कि अपने हिंदुस्तान से हम शर्मिंदा हैं, वो इजराइल का साथ दे रहा है। भारत अमेरिका के साथ खड़ा है, ईरान का साथ नहीं दे रहा है। इसलिए हम लोग शर्मिंदा हो रहे हैं। हमला करने वालों का साथ देने वाला अन्यायी है। हमारी मांग है कि भारत सरकार ईरान का साथ दे और लोगों का खून बहने वाले इजराइल का विरोध करे।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने इजरायल के झंडे जलाए

इस दौरान प्रदर्शन कर रहे लोगों ने इजरायल के झंडे जलाए और पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को कातिल बताते हुए उनकी तस्वीर जलाई। इसके साथ ही अमेरिका के प्रधानमंत्री डोनाल्ड ट्रंप की भी तस्वीर जलाई गई। प्रदर्शन कर रहे है शिया समुदाय के लोगों ने कहा कि हिंदुस्तान सम्वत पूरी दुनिया का शिया ईरान के समर्थन में खड़ा है। अयातुल्ला अली खामेनेई और ईरान के दुश्मनों को हमारा पूरा खुला चैलेंज है।

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भारत में जो अंग्रेजी बोलते हैं, उन्हें जल्द ही शर्म महसूस होगी – अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भारतीय भाषाओं के महत्व पर जोर देते हुए गुरुवार को कहा कि भारत की भाषाई विरासत को पुन: प्राप्त करने और देसी भाषाओं पर गर्व करने के साथ दुनिया का नेतृत्व करने का समय आ गया है। एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि इस देश में अंग्रेजी बोलने वालों को जल्द ही शर्म महसूस होगी। ऐसे समाज का निर्माण दूर नहीं है। केवल वे ही बदलाव ला सकते हैं जो दृढ़ हैं। मेरा मानना है कि भाषाएं हमारी संस्कृति का रत्न हैं। हमारी भाषाओं के बिना हम सच्चे भारतीय नहीं रह सकते।

पंच प्रण ही है भारत के अमृतकाल का रास्ता

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत ‘पंच प्रण’ (पांच संकल्प) का उल्लेख करते हुए कहा कि ये आज 130 करोड़ भारतीयों का संकल्प बन चुके हैं। उन्होंने कहा विकसित भारत का लक्ष्य, गुलामी की हर मानसिकता से मुक्ति, अपने गौरवशाली अतीत पर गर्व, एकता और अखंडता के प्रति समर्पण और नागरिकों में कर्तव्यबोध। इन पाँच प्रणों से हम 2047 तक दुनिया के सर्वोच्च शिखर पर होंगे और इसमें हमारी भाषाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

भारतीय भाषाएं ही हमारी असली पहचान हैं – अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व आईएएस अधिकारी आशुतोष अग्निहोत्री की किताब ‘मैं बूंद स्वयं, खुद सागर हूं’ के विमोचन के दौरान कहा कि भारत में जल्द ही ऐसा समाज तैयार होगा। जिसमें अंग्रेज़ी बोलने वालों को खुद पर शर्म आने लगेगी। उन्होंने कहा जो लोग यह सोचते हैं कि बदलाव नहीं हो सकता, वे भूल रहे हैं कि परिवर्तन सिर्फ निश्चयी लोग ही ला सकते हैं। हमारी भाषाएं हमारी संस्कृति के रत्न हैं और इनके बिना हम भारतीय नहीं रह सकते।

देश को समझने के लिए विदेशी भाषा पर्याप्त नहीं – अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत उसका इतिहास, उसकी संस्कृति और धर्म को समझने के लिए विदेशी भाषाएं कभी भी पर्याप्त नहीं हो सकतीं है। उन्होंने कहा अधूरी विदेशी भाषाओं से भारत को पूरी तरह नहीं समझा जा सकता है। मुझे पता है यह संघर्ष आसान नहीं है, लेकिन मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि भारतीय समाज इस लड़ाई को ज़रूर जीतेगा। हम आत्मसम्मान के साथ अपनी भाषाओं में देश चलाएंगे और दुनिया का नेतृत्व भी करेंगे।

अधिकारियों के प्रशिक्षण में बदलाव की जरूरत – अमित शाह

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा मोदी जी ने अमृत काल के लिए पंच प्रण की नींव रखी है। दरअसल पूर्व सिविल सेवक आईएएस आशुतोष अग्निहोत्री द्वारा लिखित पुस्तक के विमोचन के अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री ने भारतीय भाषाओं को महत्ता पर जोर दिया और कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण में बदलाव की जरूरत है।

साहित्य ने धर्म और संस्कृति को जीवित रखा – अमित शाह

अमित शाह ने साहित्य की भूमिका को भी रेखांकित किया और कहा जब देश अंधकार में डूबा हुआ था। तब भी साहित्य ने हमारे धर्म, स्वतंत्रता और संस्कृति की लौ को जलाए रखा। सरकारें बदलती रहीं, लेकिन जब-जब किसी ने हमारी संस्कृति और साहित्य को छूने की कोशिश की। समाज ने उसका विरोध किया। साहित्य समाज की आत्मा है।

read more :  सीएम योगी की दखल के बाद कानपुर में डीएम बनाम सीएमओ का विवाद खत्म

सीएम योगी की दखल के बाद कानपुर में डीएम बनाम सीएमओ का विवाद खत्म

कानपुर में डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह और सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी के बीच महीनों से चल रहा तीखा विवाद आखिरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद खत्म हो गया। विवादों में घिरे सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी को उनके पद से हटा दिया गया है और उनकी जगह श्रावस्ती में तैनात डॉ उदय नाथ को कानपुर का नया सीएमओ नियुक्त किया गया है। इस प्रशासनिक टकराव ने न केवल ब्यूरोक्रेसी को हिलाया, बल्कि बीजेपी और सपा के दिग्गजों को भी आमने-सामने ला दिया।

                                   कैसे शुरू हुआ था विवाद

विवाद की शुरुआत फरवरी 2025 में हुई। जब डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने सीएमओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सीएमओ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इसके बाद डीएम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) का दौरा किया। जहां दस्तावेजों में अनियमितताएं, चिकित्सा सेवाओं में कमी और कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई। डीएम ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की और शासन को उनकी तबादले की मांग वाला पत्र भेजा।

विवाद तब और भड़क गया जब एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई। जिसमें कथित तौर पर सीएमओ ने डीएम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। अभी 14 जून को विवाद ज़्यादा बढ़ गया और सीएमओ को मीटिंग से बाहर कर दिया गया था। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में रहा।

                            सीएम योगी का फैसला: नए सीएमओ की नियुक्ति

इस मामले की गूंज लखनऊ और दिल्ली तक पहुंचने के बाद सीएम योगी ने कड़ा रुख अपनाया। शासन ने डॉ. हरिदत्त नेमी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया और उदय नाथ को कानपुर का नया सीएमओ नियुक्त किया। सूत्रों के अनुसार, सीएम ने इस विवाद को बीजेपी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला माना और इसे जल्द खत्म करने का निर्देश दिया।

                                नए सीएमओ के लिए कैसी है आगे की राह ?

नए सीएमओ डॉ उदय नाथ के सामने कानपुर की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने की बड़ी चुनौती है। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा हमारा लक्ष्य जनता को बेहतर सुविधाएं देना है। प्रशासन में अनुशासन और पारदर्शिता बरकरार रहेगी। दूसरी ओर इस विवाद ने कानपुर की ब्यूरोक्रेसी में सुधार की जरूरत को एक बार फिर रेखांकित किया है। कानपुर का यह प्रशासनिक ड्रामा भले ही खत्म हो गया हो। लेकिन इसके सियासी और सामाजिक निहितार्थ लंबे समय तक चर्चा में रहने की संभावना है।

                               बीजेपी में दो फाड़, सपा को मिला मुद्दा

इस विवाद ने बीजेपी के स्थानीय नेताओं को दो खेमों में बांट दिया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, एमएलसी अरुण पाठक और विधायक सुरेंद्र मैथानी ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को पत्र लिखकर सीएमओ का समर्थन किया और उनके तबादले का विरोध किया। इसे डिप्टी सीएम के प्रति समर्थन के तौर पर देखा गया। वहीं बीजेपी के बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा और विधायक महेश त्रिवेदी ने डीएम का पक्ष लेते हुए सीएमओ पर भ्रष्टाचार और निजी अस्पतालों के साथ सांठगांठ के आरोप लगाए। बीजेपी के बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने सीएम योगी को पत्र लिखकर सीएमओ के तबादले की मांग की थी।

विपक्षी सपा ने इस विवाद को बीजेपी की अंदरूनी कलह और प्रशासनिक विफलता का सबूत बताते हुए सरकार पर निशाना साधा। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस में तंज कसते हुए कहा पहले इंजन टकरा रहे थे, अब कोच और गार्ड का डिब्बा भी टकरा रहा है। अधिकारियों की इस लड़ाई में जनता लुट रही है। सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी ने भी इस मुद्दे को उठाया और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

                            सीएमओ का दावा: षडयंत्र का हुए शिकार

वही डॉ. हरिदत्त नेमी ने अपने बचाव में एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उन्होंने एक सीबीआई चार्जशीटेड फर्म का 30 लाख रुपये का भुगतान रोका था। जिसके बाद उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि मैंने स्वास्थ्य विभाग में सुधार के लिए काम किया। लेकिन कुछ लोग मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगा रहे हैं। हालांकि उनके इस बयान पर डीएम समर्थक नेताओं ने सवाल उठाए।

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ईरान ने इजरायली स्टॉक एक्सचेंज-अस्पताल को उड़ाया, यरूशलम गूंजे धमाके

ईरान अब इजरायल पर जबरदस्त काउंटर अटैक कर रहा है। ईरान इजरायल पर जबरदस्त मिसाइल अटैक कर रहा है। तेल अवीव, बीर्शेबा समेत 4 शहर ईरान के निशाने पर हैं। साउथ इजरायल के बीर्शेबा शहर पर ईरान की मिसाइल एक अस्पताल में गिरी है। इसके अलावा ईरान ने रमत गान और होलोन पर भी हमला किया है। तेल अवीव में सबसे ज्यादा तबाही देखने को मिल रही है। हाई राइज इमारतों को ईरान के मिसाइल अटैक में सबसे ज्यादा नुकसान देखने को मिल रही है। बताया जा रहा है कि तेल अवीव के अलग-अलग इलाकों में 7 ईरानी मिसाइल गिरी हैं। खबर ये भी है कि ईरान ने इजरायल के स्टॉक एक्सचेंज को भी निशाना बनाया है और इसे नुकसान पहुंचा है।

                       नेतन्याहू ने ईरान को चेतावनी दी ?

वहीं इजरायल के अस्पताल और अन्य इलाकों में ईरान के ताजा हमले के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कड़ी चेतावनी दी है। नेतन्याहू ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा-ईरान के आतंकवादी तानाशाह (अयातुल्ला अली खामेनेई) के सैनिकों ने सरोका अस्पताल और नागरिक आबादी पर मिसाइलें दागी हैं। अब उन्हें इसकी पूरी कीमत चुकानी होगी।

                             ईरान के मिसाइल हमले में कितने घायल ?

वही ईरान की एक मिसाइल गुरुवार तड़के दक्षिणी इजराइल के मुख्य अस्पताल पर गिरी जिससे कई लोग घायल हो गए और ‘‘व्यापक पैमाने पर क्षति’’ हुई। इजराइली मीडिया ने मिसाइल हमले के कारण क्षतिग्रस्त हुईं खिड़कियों और इलाके से उठते घने काले धुएं के फुटेज प्रसारित किए। ईरान ने तेल अवीव में एक ऊंची अपार्टमेंट इमारत और मध्य इजराइल में अन्य जगहों पर हमले किए। इजराइल की ‘मैगन डेविड एडम’ बचाव सेवा के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 40 लोग घायल हुए हैं।

            ईरान ने इजरायल के मुख्य अस्पताल ‘सोरोका’ पर दागी मिसाइलें

ईरानी मिसाइल ने ‘सोरोका मेडिकल सेंटर’ को निशाना बनाया जो इजराइल के दक्षिण में स्थित मुख्य अस्पताल है। अस्पताल की वेबसाइट के अनुसार, इस अस्पताल में 1,000 से अधिक बिस्तर हैं और यह इजराइल के दक्षिण के लगभग 10 लाख निवासियों को सेवाएं प्रदान करता है। बयान में कहा गया है कि अस्पताल के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं और आपातकालीन कक्ष में मामूली रूप से घायल कई लोगों का इलाज किया जा रहा है। अस्पताल को नए मरीजों के लिए बंद कर दिया गया है और केवल उन मरीजों को भर्ती किया जा रहा है जो किसी जानलेवा समस्या से जूझ रहे हैं। यह साफ नहीं हो पाया है कि हमले में कितने लोग घायल हुए हैं।

                                 इजराइल ने ईरान के एटमी रिएक्टर पर हमला

इस बीच इजराइल ने ईरान के अराक भारी जल रिएक्टर पर हमला किया। ईरान के विशाल परमाणु कार्यक्रम पर यह हमला संघर्ष के 7वें दिन किया गया। इजराइल ने सात दिन पहले ईरान के सैन्य स्थलों, वरिष्ठ अधिकारियों और परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाकर अचानक हमले किए जिससे यह संघर्ष शुरू हो गया। ईरान ने इजराइल पर सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन दागे लेकिन अधिकतर को इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया।

                                   इजरायल ने पहले ही दी थी चेतावनी

इजराइल ने गुरुवार की सुबह पहले ही चेतावनी दी थी कि वह रिएक्टर पर हमला करेगा और उसने लोगों से क्षेत्र छोड़कर जाने को कहा था। हमले को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाई है लेकिन अग्निशमन कर्मियों ने कहा कि ऐसा लगता है कि चिकित्सकीय इमारत और कुछ अपार्टमेंट इमारतों को निशाना बनाया गया है। इस बात की तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी कि इन हमलों में कोई हताहत हुआ है या नहीं।

                                      ईरान के सुप्रीम लीडर ने कहा………

अराक रिएक्टर तेहरान से 250 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है। परमाणु रिएक्टर को ठंडा करने के लिए भारी जल रिएक्टर का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन यह प्लूटोनियम भी बनाता है जिसका संभावित रूप से परमाणु हथियारों में उपयोग किया जा सकता है। ईरान पर इजराइल के हवाई हमले सातवें दिन भी जारी रहे। इससे एक दिन पहले ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका के सरेंडर के आह्वान को खारिज कर दिया था और चेतावनी दी थी कि अमेरिकियों की किसी भी सैन्य भागीदारी से उन्हें ‘‘अपूरणीय क्षति’’ होगी।

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पीएम मोदी ने सख्त रुख अपनाते हुए ट्रंप से कहा,यूएस ट्रेड डील का लालच नहीं

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान में सीजफायर कराने का क्रेडिट लेने की डोनाल्ड ट्रंप की होड़ के बीच पीएम नरेंद्र मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति से पहली बार बात हुई। 35 मिनट की फोन कॉल में पीएम मोदी ने आतंकवाद पर सख्त रुख अपनाते हुए डोनाल्ड ट्रंप को साफ कर दिया कि भारत को अमेरिका के साथ ट्रेड डील का लालच नहीं है और आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे।

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र ने डोनाल्ड ट्रंप से कहा कि पाकिस्तान की गोली का जवाब भारत गोले से देगा। ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। पीएम मोदी ने आतंकवाद की लड़ाई में स्पष्ट रूप से डोनाल्ड ट्रंप से कहा कि भारत किसी भी ट्रेड डील का सहारा नहीं लेगा और भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।

सीजफायर कराने का दावा करते रहे ट्रंप

22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के बाद 6 मई की रात को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च कर पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। इसके बाद 7 मई को बौखलाहट में पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करने की नाकाम कोशिश की और फिर भारत ने भी जवाबी कार्रवाई की। 3 – 4 दिन चली लड़ाई के बाद पाकिस्तान के आग्रह पर दोनों देशों ने सीजफायर का फैसला किया। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप बार-बार ये कहते हुए नजर आए थे कि उन्होंने सीजफायर के लिए भारत और पाकिस्तान की मध्यस्थता करवाई।

ट्रंप ने पीएम मोदी को अमेरिका आने का दिया न्यौता

डोनाल्ड ट्रंप ने उस वक्त यह भी बताया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान से कहा है, ‘मैं तुम्हें बहुत ट्रेड दूंगा, युद्ध खत्म कर दो। पीएम मोदी 17 जून को G-7 सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए कनाडा गए थे। यहां उनकी सम्मेलन से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात होनी तय थी। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप सम्मेलन पूरा होने से पहले ही वापस लौट आए। जिसकी वजह से यह मुलाकात नहीं हो सकी। इसलिए उन्होंने अब पीएम मोदी को फोन करके अमेरिका आने का न्यौता दिया है। हालांकि प्रधानमंत्री का पहले से ही कनाडा से वापसी में क्रोएशिया का दौरा शेड्यूल है।

35 मिनट ट्रंप से हुई पीएम मोदी की बात

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आग्रह पर आज दोनों नेताओं की फोन पर बात हुई। बातचीत लगभग 35 मिनट चली। विक्रम मिसरी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप से यह भी साफ कहा 7 – 10 मई के बीच न तो भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बात हुई और न ही भारत और पाकिस्तान की लड़ाई खत्म करवाने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता पर किसी भी स्तर पर कोई बात हुई।

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फास्टैग को लेकर 15 अगस्त से बदल जाएंगे नियम, कैसे मिलेगा सालाना पास

अगर आप गाड़ी चलाते हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है। केंद्र सरकार आगामी 15 अगस्त से फास्टैग के नियम में बदलाव करने जा रही है। सरकार की इस पहल के तहत 15 अगस्त 2025 से ₹3,000 की कीमत वाला फास्टैग आधारित वार्षिक पास शुरू किया जा रहा है। यह पास सक्रिय होने की तिथि से एक साल तक या 200 यात्राओं तक, जो भी पहले हो, वैध रहेगा।

सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस बात की जानकारी शेयर करते हुए कहा है कि यह पास केवल गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों (कार, जीप, वैन आदि) के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है और यह देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध यात्रा को संभव बनाएगा। चलिए आपको बताते हैं किस तरह आप हासिल कर पाएंगे यह वार्षिक फास्टैग। क्या होगी इसके लिए प्रोसेस।

सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी
सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी

इस तरह मिलेगा वार्षिक फास्टैग

अगर आपके पास वार्षिक फास्टैग नहीं है। तो आप इसे आसानी से हासिल कर सकते हैं। वार्षिक फास्टैग पास के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जानकारी देते हुए बताया कि इसके एक्टिवेशन और रिन्युअल को बेहद आसान और डिजिटल फ्रेंडली बनाने के लिए सरकार जल्द ही एक समर्पित लिंक लॉन्च करने जा रही है। यह लिंक राजमार्ग यात्रा मोबाइल ऐप के साथ-साथ NHAI और MoRTH की ऑफिशियल वेबसाइट्स पर उपलब्ध होगा।

इससे यूज़र्स बिना किसी मैन्युअल झंझट के अपने फास्टैग वार्षिक पास को कुछ क्लिक्स में एक्टिवेट या रिन्यू कर सकेंगे। इस पूरी प्रोसेस को पेपरलेस, तेज़ और ट्रांसपेरेंट बनाने पर फोकस किया गया है। जिससे करोड़ों निजी वाहन मालिकों को बेहतरीन डिजिटल एक्सपीरियंस मिल सकेगा।

किन हाईवे पर होगा लागू ?

इस फास्टैग के वार्षिक पास को लेकर बहुत से लोगों के मन में कई तरह के सवाल भी आ रहे होंगे। देश के किन किन हाईवे और एक्सप्रेस वे पर यह नया वार्षिक पास लागू होगा। तो आपको बता दें यह देश के सभी नेशनल हाईवे,स्टेट हाईवे और सभी एक्सप्रेसवे पर लागू होगा। इस वार्षिक पास के लागू होने से बार-बार रिचार्ज का झंझट भी खत्म हो जाएगा।

फास्टैग क्या है ?

यह फास्टैग एक ऐसा डिवाइस है जो रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन यानी RFID टेक्नोलॉजी का उपयोग करता है, जिससे टोल का पेमेंट सीधे उससे जुड़े प्रीपेड खाते से किया जा सकता है। यह आपके वाहन की विंडस्क्रीन पर चिपका होता है और आपको नकद लेन-देन के लिए रुके बिना टोल प्लाजा से गुजरने में सक्षम बनाता है। आपको अपनी आवश्यकता के अनुसार टैग को रिचार्ज/टॉप अप करना होता है।

फास्टैग के फायदे

फास्टैग के इस्तेमाल के कई फायदे हैं। इसके इस्तेमाल पर ग्राहक को अपने टैग खाते में किए गए सभी लेन-देन के लिए अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस अलर्ट मिलते हैं। ग्राहक को टोल भुगतान के लिए नकदी ले जाने की चिंता करने की ज़रूरत नहीं होती है। ग्राहक डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के ज़रिए अपने टैग खाते को ऑनलाइन रिचार्ज कर सकते हैं। इसके अलावा, ग्राहक फास्टैग ग्राहक पोर्टल पर लॉग इन करके अपने स्टेटमेंट देख सकते हैं।

कमर्शियल वाहनों पर पास लागू नहीं होगा

और हां आपको ये भी बता दें कि कमर्शियल वाहनों पर यह वार्षिक पास लागू नहीं होगा। यह सिर्फ निजी कार, जीप, वैन और नॉन कमर्शियल वाहनों पर ही लागू होगा। इस पास के लागू होने के बाद 60 किलोमीटर के दायरे में आने वाले टोल प्लाज़ाओं को लेकर लंबे समय से चली आ रहें कन्सर्न्स की समस्या भी खत्म हो जाएगी।

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ईरान के हाइपरसोनिक जवाब के बाद इजरायल के जेट फाइटर्स ने मचाई तबाही

ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध ने अब एक नया मोड़ लिया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने बुधवार को जंग का एलान करते हुए ट्विटर (एक्स) पर लिखा, “हैदर के नाम पर जंग शुरू होती है। हम आतंकी यहूदी शासन को कड़ा जवाब देंगे।” उनके इस पोस्ट के बाद ईरान ने इजराइल के विभिन्न शहरों पर 25 मिसाइलें दागीं। जवाबी हमले में इजरायल ने भी ताबड़तोड़ हमले किए। इसके बाद ईरान ने इजरायल की ओर फत्ताह मिसाइलें दागीं हैं। इधर, अमेरिका ने यरूशलेम में तीन दिनों के लिए अपना दूतावास बंद कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि, हमें पता है कि खामेनेई कहां छुपा है। अब ट्रंप का अगला कदम क्या होगा, इसपर सबकी निगाहें टिकी हैं।

ट्रंप ने टॉप आर्मी ऑफिशियल्स के साथ की मीटिंग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल-ईरान युद्ध पर बातचीत के लिए अपने शीर्ष सैन्य सलाहकारों से मुलाकात की। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति तनाव कम करना चाहते हैं। यह बैठक व्हाइट हाउस सिचुएशन रूम में हुई। ट्रम्प प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फोन पर बातचीत की। यह स्पष्ट नहीं है कि क्या बात हुई।

ऑपरेशन “राइजिंग लॉयन” बनाम ऑपरेशन ऑनेस्ट प्रॉमिस 3

इजरायली सेना के प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि हम अब ऑपरेशन “राइजिंग लॉयन” को अंजाम दे रहे हैं और हमने ईरान की परमाणु, बैलिस्टिक और कमांड क्षमताओं पर गहरी चोट पहुंचाई है। हम सैन्य ठिकानों पर निशाना साध रहे हैं। इधर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि इजरायल पर हुए हालिया हमले के दौरान हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया है। हमने ऑपरेशन ऑनेस्ट प्रॉमिस 3 की 11वीं वेव को अंजाम दिया है।

फत्ताह मिसाइलें एक ‘हाइपरसोनिक’ मिसाइल है – ईरान

सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट में बताया, ईरान के मुताबिक, उसकी फत्ताह मिसाइलें एक ‘हाइपरसोनिक’ मिसाइल है, जो मैक 5 या ध्वनि की गति से पांच गुना (करीब 3,800 मील प्रति घंटा, 6,100 किलोमीटर प्रति घंटा) की स्पीड से चलती है और निशाना भेदने में सक्षम है।

तेल अवीव के एक हिस्से को खाली करने की चेतावनी जारी

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने तेल अवीव के एक हिस्से को खाली करने की चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी में हिब्रू में एक बयान शामिल है, जिसमें निवासियों से उत्तरी तेल अवीव के हिस्से को तुरंत छोड़ने के लिए कहा गया है। यह धमकी तब आई है, जब आईडीएफ ने फ़ारसी में इसी तरह की चेतावनी जारी की थी, जिसमें तेहरान के एक हिस्से से लोगों को निकालने का आग्रह किया गया था। ईरानी चेतावनी में एक नक्शा है, जो इज़राइली चेतावनी में शामिल नक्शे के समान दिखाई देता है।

यरुशलेम में अमेरिका ने बंद किया दूतावास

यरुशलम में अमेरिका ने तीन दिनों के लिए अपना दूतावास बंद कर दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार को कहा कि, “सुरक्षा स्थिति को देखते हुए और इजरायल होम फ्रंट कमांड के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, यरुशलेम में अमेरिकी दूतावास बुधवार, 18 जून से शुक्रवार (20 जून) तक बंद रहेगा। इसमें यरुशलम और तेल अवीव में वाणिज्य दूतावास अनुभाग शामिल हैं।

21 मुस्लिम देशों ने किया ईरान का समर्थन

पकिस्तान, सऊदी अरब सहित 21 देशों ने ईरान की समर्थन किया है। सभी देशों ने एक साझा बयान जारी करते हुए कहा कि इजरायल ने ईरान पर हमला कर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है।

इजराइली अटैक में ईरान में मारे गए 585 लोग

ईरान में अभी तक कम से कम 585 लोग मारे गए और 1,326 अन्य घायल हुए हैं। वॉशिंगटन स्थित एक मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के समूह ने कहा कि उसने इजरायली हमले में मारे गए 239 लोगों की पहचान की है। वे सभी सामान्य नागरिक हैं। वहीं 126 लोगों की पहचान सुरक्षाकर्मियों के रूप में हुई है।

जी-7 के देशों ने हमारे नागरिकों की हत्या की अनदेखी की – ईरान

जी-7 के देशों ने एक साझा बयान में इजरायल का समर्थन किया, जिस पर ईरान की प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा, “जी-7 नेताओं के बयान में ईरान के खिलाफ इजरायल की आक्रामकता और हमारे शांतिपूर्ण परमाणु बुनियादी ढांचे पर गैरकानूनी हमलों के साथ-साथ आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाने और हमारे नागरिकों की हत्या की अनदेखी की गई है।

भारत 110 मेडिकल छात्रों को निकाला गया

तेहरान में फंसे 110 भारतीय मेडिकल छात्रों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इनके साथ-साथ भारत के कुछ और लोग भी निकाले गए हैं। वे सभी आर्मेनिया के बॉर्डरसे बाहर निकले हैं। ईरानी मीडिया के मुताबिक इजरायल ने पूर्वी तेहरान में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े इमाम हुसैन विश्वविद्यालय को निशाना बनाया है।

बंद हुआ अमेरिकी दूतावास

अमेरिका ने यरुशलम में अपना दूतावास फिलहाल बंद कर दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार को कहा है कि सुरक्षा स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इजरायल के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए यरुशलम में दूतावास बुधवार से शुक्रवार तक बंद रहेगा।

ईरान के बैंक पर साइबर हमला

ईरान के बैंक सेपाह के ग्राहकों को साइबर हमले के कारण बैंकिंग सेवाओं में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सीएनएन की रिपोर्टे के मुताबिक ईरान ने इजरायल से जुड़े एक हैकर ग्रुप ने बैंक के सिस्टम में सेंध लगाने का दावा किया है।

5 दिन बादआया शी जिनपिंग का बयान

इजरायल और ईरान के बीच चल रही बीते 5 दिनों से जंग के बाद पहली बार चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने चुप्पी तोड़ी है। चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि बीजिंग इस संघर्ष और टकराव से बहुत चिंतित है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने मंगलवार को रिपोर्ट में कहा कि चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश मध्य पूर्व में अचानक तनाव बढ़ने से बहुत चिंतित है। जो ईरान के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई के कारण हुआ है।

21 मुस्लिम देशों ने किया ईरान का समर्थन

पकिस्तान, सऊदी अरब सहित 21 देशों ने ईरान की समर्थन किया है। सभी देशों ने एक साझा बयान जारी करते हुए कहा कि इजरायल ने ईरान पर हमला कर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है।

ईरान को कमजोर करने के लिए कुछ भी करेंगे – इजरायल

इजरायल के राजदूत रुवेन अजार ने कहा, “हम ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कमजोर करने के लिये हमारी क्षमता में जो कुछ भी होगा, उसे करेंगे। अगर हम कूटनीतिक समाधान तक पहुंचने में कामयाब होते हैं तो बेहतर होगा।

बिना किसी शर्त सरेंडर करे ईरान – ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से दो टूक कहा है कि बिना किसी शर्त के सरेंडर करे। इसके अलावा उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को भी धमकी देते हुए कहा कि हमें पता है कि आप कहां छिपे हुए हैं, लेकिन आप सुरक्षित हैं। हम आपको नहीं मारेंगे। ट्रंप ने कहा कि ईरान के एयरस्पेस पर अब हमारा कंट्रोल है।

यूक्रेन ने अपने नागरीकों को इजरायल-ईरान छोड़ने के लिए कहा

मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच यूक्रेन ने अपने नागरीकों को इजरायल और ईरान छोड़ने के लिए कहा है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने कहा, “मिडिल ईस्ट में सुरक्षा को लेकर गिरावट आई है। इजरायल और ईरान में रह रहे यूक्रेनी नागरीक जल्द से जल्द उस जगह को छोड़ दें। इससे पहले चीन और दक्षिण कोरिया ने भी अपने नागरिकों को इजराइल और ईरान छोड़ने की सलाह दी थी।

read more :  बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पंहुचा परदेशी बाबा ट्रस्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पंहुचा परदेशी बाबा ट्रस्ट

महाराष्ट्र के थाने की एक दरगाह को हटाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप किया है। सुप्रीम कोर्ट ने सात दिनों तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। परदेशी बाबा ट्रस्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है, जिसमें दरगाह को हटाए जाने की अनुमति दी गई थी। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला 23 साल से परदेशी बाबा ट्रस्ट और एक प्राइवेट कंपनी के बीच चल रहा है। यह कंपनी जमीन पर मालिकाना हक होने का दावा करती है।

कंपनी का कहना है कि दरगाह के 160 स्कवायर फीट के क्षेत्र को बढ़ाकर 17,160 स्कवायर फीट तक फैला दिया गया और यह जमीन कंपनी की है। इस निर्माण के लिए थाने म्युनिसिपिल कॉर्पोरेशन की भी अनुमति नहीं लगी गई। जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस बी वराले की बेंच मामले पर सुनवाई कर रही थी।

हाईकोर्ट ने परदेशी बाबा ट्रस्ट को लगाई फटकार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस निर्माण के खिलाफ दाखिल रिट पेटीशन पर सुनवाई करते हुए अनधिकृत हिस्से को तोड़ने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस तरह दरगाह के पास निर्माण करने के लिए परदेशी बाबा ट्रस्ट को फटकार लगाई और थाने म्युनिसिपिल कॉर्पोरेशन पर भी नाराजगी जताई कि उसने मामले से जुड़े हलफनामे में तथ्यों को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी।

ट्रस्ट की तरफ से सीनियर एडवोकेट हुफेजा अहमदी ने हाईकोर्ट के फैसले को गलत ठहराते हुए कहा कि कोर्ट ने इस पर ध्यान नहीं दिया कि अप्रैल, 2025 में ही निर्माण को लेकर दाखिल सिविल मुकदमा खारिज कर दिया गया था। उनका यह भी कहना है कि विवाद 3,600 स्कवायर फीट में किए गए निर्माण को लेकर था। लेकिन हाईकोर्ट का फोकस पूरे 17,610 स्कवायर फीट के निर्माण पर था।

ट्रस्ट ने धर्म की आड़ में जमीन पर किया अतिक्रमण

जमीन पर मालिकाना हक बताने वाली कंपनी की तरफ से सीनियर एडवोकेट माधवी दीवान पेश हुईं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने धर्म की आड़ में जमीन पर अतिक्रमण किया। एडवोकेट माधवी ने म्युनिसिपल रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए पूरे धार्मिक निर्माण को गैरकानूनी ठहराया और कहा कि ट्रस्ट ने ध्वस्त किए गए ढांचे के कुछ हिस्से को फिर से बना लिया है और यह दिखाता है कि वह लगातार कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता

एडवोकेट माधवी ने याचिकाकर्ता ट्रस्ट से सवाल किया कि उसे किसने 17,000 स्कवायर फीट की पब्लिक लैंड पर निर्माण की इजाजत दी है। उन्होंने सवाल किया कि दरगाह के लिए कितनी जमीन अलॉट की गई थी। यह एक प्राइवेट लैंड है, पब्लिक नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद प्रक्रियागत अनियमितताओं और तथ्यों को लेकर स्पष्टता नहीं होने पर चिंता जताई। इस बात पर भी अस्पष्टता है कि क्या 10 मार्च, 2025 के विध्वंस के आदेश का पूरी तरह से पालन किया गया। जस्टिस मेहता ने कहा कि मुकदमे के खारिज होने की बात का खुलासा न करना निराशाजनक है और अगर हाईकोर्ट को यह बात पता होती तो वह अलग निष्कर्ष पर पहुंच सकता था।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में इस बिंदू को उठाने की ट्रस्ट को अनुमति दी और सात दिनों के लिए विवादित स्थल पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि हाईकोर्ट को तथ्य बताएं ताकि वह इस पर विचार करे।

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इंडिया गठबंधन से जिसे जाना है वो निकल जाए – अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने कहा, ‘यूपी में बिजली बहुत महंगी होने जा रही है। बिजली इतनी महंगी हो जाएगी कि कई लोग अपना मोबाइल भी चार्ज नहीं कर पाएंगे। पहले आउटगोइंग चीफ मिनिस्टर और डिप्टी सीएम में लड़ाई थी।

पहले इंजन टकरा रहे थे और अब सब डिब्बे यूपी में टकरा रहे हैं।’ वहीं इमरान मसूद के इंडिया गठबंधन वाले बयान पर अखिलेश यादव ने कहा हमें किसी के बयान से कोई लेना देना नहीं है। इंडिया गठबंधन साथ में चुनाव लड़ेगा, जिसको जाना है चला जाए गठबंधन से। पीडीए गठबंधन इमोशनल गठबंधन है, जो पीड़ित हैं वो पीडीए हैं।

अहमदाबाद विमान हादसे पर कही ये बात

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि इजरायल में जो लोग नौकरी के लिए गए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ से अनुरोध है कि वो एयर इंडिया की फ्लाइट में खुद जाएं और सबको वहां से वापस लेकर आएं। अहमदबाद हादसे में कहीं ऐसा तो नहीं कि किसी नाकाबिल आदमी को नौकरी दे दी गई, जिसके कारण ये हादसा हुआ है। बता दें कि इससे पहले सोमवार को अखिलेश यादव ने कहा था कि साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ेगी। अखिलेश यादव ने ये बात लखनऊ में आयोजित समाजवादी अल्पसंख्यक सभा की बैठक में कही थी।

जातीय जनगणना पर बोले अखिलेश यादव

जातीय जनगणना को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि जातीय जनगणना बहुत जरूरी है। पंचायत चुनाव में भाजपा AI का इस्तेमाल कर रही है। जिससे इस तरह से बूथ बढ़ाए, ताकि सपा को नुकसान हो। अखिलेश यादव ने आगे कहा कि जहां भी युद्ध हो रहा है। वहां जो छात्र पढ़ाई कर रहे हैं या जो लोग वहां नौकरी कर रहे हैं, उन लोगों को सरकार वापस बुलाए। पीएम तो वहीं आसपास गए हैं अपने साथ उन लोगों को ही लेकर आ जाएं। अहमदाबाद हादसे को लेकर उन्होंने कहा कि इस हादसे की जिम्मेदारी सरकार की बनती है। अब तक इस मामले में कोई भी इस्तीफा नहीं हुआ है।

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अमेरिका में असीम मुनीर की हुई बेइज्जती, पाकिस्तानियों ने किया विरोध प्रदर्शन

अमेरिका के बुलावे पर वाशिंगटन पहुंचे पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर को बड़ी बेइज्जती का सामना करना पड़ा है। वाशिंगटन में दर्जनों पाकिस्तानी-अमेरिकियों ने जनरल असीम मुनीर के खिलाफ किया जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पाकिस्तानियों ने अमेरिकी सेना परेड के दौरान मुनीर का विरोध जताया और जमकर उनके खिलाफ नारेबाजी की। इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य अमेरिकी नीति निर्माताओं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान पाकिस्तान में सेना की भूमिका और लोकतंत्र पर उसके प्रभाव की ओर आकर्षित करना था।

शेयर किया विरोध का वीडियो

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने भी जनरल असीम मुनीर के भारी विरोध होने का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें दिखाया गया है कि बड़ी संख्या में पाकिस्तानी लोग वाशिंगटन में असीम मुनीर का विरोध कर रहे हैं। वह कह रहे हैं कि पाकिस्तान में हमें लोकतंत्र चाहिए, सेना का शासन नहीं।

असीम मुनीर पाकिस्तान में लोकतंत्र का हत्यारा

यह प्रदर्शन उस समय हुआ जब जनरल मुनीर संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित परेड में भाग लेने के लिए अमेरिका के दौरे पर थे। प्रदर्शनकारी ने हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे, जिन पर पाकिस्तान में मानवाधिकारों के हनन, लोकतंत्र के दमन और पत्रकारों पर अत्याचार को लेकर नारे लिखे गए थे। उन्होंने जनरल मुनीर को पाकिस्तान में लोकतंत्र के हत्यारे के रूप में पेश किया। साथ ही मुनीर को राजनीतिक अस्थिरता, चुनावों में हस्तक्षेप और सेना की बढ़ती राजनीतिक भूमिका के लिए जिम्मेदार ठहराया।

पाकिस्तानियों ने दिया ये संदेश

प्रदर्शन स्थल पर मौजूद एक पाकिस्तानी-अमेरिकी नागरिक ने कहा हम अमेरिका की धरती से दुनिया को यह संदेश देना चाहते हैं कि पाकिस्तान के लोग सेना के अत्याचारों के खिलाफ हैं। गौरतलब है कि जनरल मुनीर अमेरिका की यात्रा के दौरान डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयोजित 250वीं यूएस आर्मी परेड में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित थे। यह परेड अमेरिकी सेना की स्थापना की वर्षगांठ के रूप में आयोजित की गई थी। जिसमें कई देशों के सैन्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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ईरान के खिलाफ जंग में इजरायल-अमेरिका एक साथ: वर्ल्ड वॉर का खतरा बढ़ा

ईरान और इजरायल के बीच चल रहा युद्ध का आज पांचवां दिन है। दोनों देशों के बीच युद्ध बढ़ता जा रहा है और दोनों देश एक दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं। इजरायल के हवाई हमलों में ईरान में कम से कम 224 लोग मारे गए हैं, जिनमें तेहरान के कुछ शीर्ष सैन्य कमांडर, परमाणु वैज्ञानिक और नागरिक शामिल हैं। वहीं इजरायली अधिकारियों ने कहा है कि उनके क्षेत्र में ईरानी हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 24 लोग मारे गए हैं। इजरायल की सेना ने मंगलवार को सुबह ही चेतावनी दी थी कि उसने ईरान से लॉन्च की गई नई मिसाइलों का पता लगा लिया है।

ईरान से बातचीत का अब मूड नहीं – डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका ने इजरायल के हेल्प के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है, अमेरिका ने अपना विमान वाहक यु्द्धपोत यूएसए निमित्ज को मिडिल ईस्ट भेज दिया है। इस युद्धपोत की खासियत ये है कि ये परमाणु ऊर्जा से चलता है। मि़डिल ईस्ट में निमित्ज़ की मौजदूगी अमेरिका और इजरायल को और ताकतवर बना देगा। इतना ही नहीं, अमेरिका ने इजरायल की मदद के लिए पांच और एयरफ्यूलिंग टैंकर भेजे हैं। जो आसमान में फाइटर जेट्स में एयरफ्यूलिंग करेगा, साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को “वास्तविक अंत” तक पहुंचाने की इच्छा जताते हुए कहा कि वह ईरान के साथ बातचीत करने के मूड में नहीं हैं।

ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश

शुक्रवार को इजरायल के बड़े पैमाने पर ईरान पर किए गए हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में स्थिति अब बिगड़ती जा रही है। इजरायल के हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु और सैन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाना था। इजरायल के इस तरह से किए गए हमले के बाद ईरान की तरफ से जवाबी कार्रवाई शुरू हो गई। अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उसपर समझौता करने का दबाव बना रहा है और इसे लेकर तेहरान और वाशिंगटन के बीच बातचीत के दौरान इजरायल और ईरान के बीच भीषण गोलीबारी हुई।

डोनाल्ड ट्रंप की आखिरी कोशिश है कि ईरान को परमाणु समझौते के लिए तैयार किया जाए। इसके लिए अमेरिका के उप राष्‍ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी विदेश मंत्री के बीच जल्‍द ही मुलाकात हो सकती है। वहीं अमेरिका के और ज्‍यादा युद्धपोत भी खाड़ी की ओर बढ़ रहे हैं। माना जा रहा है कि यह ईरान पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। बता दें कि इजरायल कई दिनों से ईरान के परमाणु ठिकानों पर बम और मिसाइलें गिरा रहा है लेकिन इससे कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा है।

ईरान का फोर्डो परमाणु केंद्र पर इजरायल की नजर

इजरायल का कहना है कि ईरान परमाणु बम बनाने से मात्र एक कदम दूर है। इजरायल के सामने सबसे बड़ी मुश्किल ईरान का फोर्डो परमाणु सुविधा केंद्र है जिसे तबाह करने के लिए बंकर बस्‍टर की जरूरत है। यह केंद्र ईरान ने पहाड़ के कई फुट नीचे बनाया है ताकि किसी हमले से उसे बचाया जा सके। इसको नष्‍ट करने की क्षमता केवल अमेरिका के पास है जो अपने परमाणु बॉम्‍बर की मदद से बंकर बस्‍टर बम गिरा सकता है। ईरान इसी का फायदा उठाते हुए चाहता है कि इस लड़ाई से अमेरिका दूर रहे। ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग के बीच चीन ने कहा है कि अमेरिका जल रही आग में घी डालने का काम कर रहा है।

ट्रंप का बदलता बयान, सब हैं हैरान

कनाडा से लौट रहे डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में बदलाव किया और कहा, ‘ईरान परमाणु हथियार रखने के बहुत करीब है। इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान को संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करना चाहिए था और निवासियों से ईरानी राजधानी को खाली करने का आग्रह किया। “सीधे शब्दों में कहें तो, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता। मैंने इसे बार-बार कहा है! सभी को तुरंत तेहरान खाली कर देना चाहिए।

डोनाल्ड ट्रंप के बयान से तेहरान में मचा हड़कंप

उधर डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में हड़कंप मच गया है। तेहरान में रह रहे लोगों में ज़बरदस्त घबराहट देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में लोग तेहरान छोड़ रहे हैं। तेहरान की सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतार नज़र आ रही हैं। तेहरान में ये पैनिक क्यों है? इसकी वजह डोनाल्ड ट्रंप है, ईरानियों को लग रहा है कि अमेरिका कभी भी तेहरान पर अटैक कर सकता है। आज ट्रंप जी-समिट बीच में छोड़कर लौट रहे हैं, तो ट्रंप राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद से आज रात सिचुएशन रूम में तैयार रहने को कहा है। ट्रंप की तेहरान खाली करने की चेतावनी ये बताती है कि वो बहुत बड़ा फैसला लेने वाले हैं।

आग में घी डाल रहा अमेरिका – चीन

चीन ने ईरान-इजराइल के बीच चल रहे युद्ध को लेकर अमेरिका को चेतावनी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के लोगों से शहर खाली करने के लिए कहा था। इसको लेकर चीन ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। उसने अमेरिका को युद्ध का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वह आग में घी डालने का काम कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने एक प्रेस वार्ता में ट्रम्प की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर कहा आग को हवा देने या उसमें घी डालने से मौजूदा स्थिति में सुधार नहीं आएगा। किसी को धमकी देकर या फिर दबाव बनाकर मामले को शांत नहीं करवा जा सकता है। यह और ज्यादा बढ़ जाएगा।

प्रधानमंत्री नेतन्याहू का बड़ा बयान

ईरान पर जारी अटैक के बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू का बड़ा बयान सामने आया है। नेतन्याहू ने कहा है कि ये जंग ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या से ही खत्म होगी। नेतन्याहू ने कहा- हम वही कर रहे हैं जो हमें करना है। नेतन्याहू ने दावा किया कि खामेनेई को निशाना बनाना संघर्ष को बढ़ाएगा नहीं, बल्कि इसे खत्म करेगा। तो वहीं, ईरान का कहना है कि इजरायल और ईरान की इस लड़ाई में अमेरिका सीधे शामिल नहीं होगा।

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ईरान में फंसे भारतीय छात्रों का छलका दर्द, सरकार को भेजा मैसेज

ईरान में लगातार बढ़ रहे इजरायली हवाई हमलों के बीच सैकड़ों भारतीय मेडिकल छात्र अपनी जान बचाने के लिए अपार्टमेंट के बेसमेंट में छिपे हुए हैं। गोलियों की आवाजें, बम धमाकों की गूंज और इंटरनेट की धीमी रफ्तार के बीच छात्र दिन-रात घबराए हुए हैं। इस विकट परिस्थिति में भारतीय छात्रों ने केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई है। कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के रहने वाले इम्तिसाल मोहिदीन, तेहरान की शाहिद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी में तीसरे वर्ष के एमबीबीएस छात्र हैं।

उन्होंने कहा, ‘मैं शुक्रवार को रात 2:30 बजे तेज धमाकों की आवाज से जाग गया। घबराकर बेसमेंट में भागा। तब से लेकर अब तक चैन की नींद नहीं सो पाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के आसपास धमाके हो रहे हैं और एक विस्फोट तो मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर हुआ। शाहिद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी में 350 से अधिक भारतीय छात्र पढ़ते हैं। अब वे सभी खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। यूनिवर्सिटी ने सभी कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और छात्रों को बाहर निकलने से मना किया गया है। हम अब पूरे दिन अपार्टमेंट के बेसमेंट में छिपे रहते हैं। रातभर बमबारी की आवाजें आती हैं। हमने तीन दिन से आंख नहीं बंद की।

डॉक्टर बनने आए थे, अब जिंदा लौटने की कर रहे कोशिश

तेहरान से करीब 1,000 किलोमीटर दूर किरमान शहर में पढ़ रहे एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र फैज़ान नबी ने भी ANI से बात की। वे श्रीनगर के रहने वाले हैं और किरमान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज़ में पढ़ाई कर रहे हैं। फैज़ान ने कहा, “हमारे शहर में आज गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं। तेहरान में रह रहे मेरे दोस्त बेहद डरे हुए हैं। दहशत इतनी है कि हमें पीने का पानी 3-4 दिनों के लिए स्टोर करने को कहा गया है। हर दिन डर के साए में बीत रहा है। उन्होंने आगे कहा, “मेरे माता-पिता दिन में 10 बार कॉल करते हैं। इंटरनेट इतना कमजोर है कि मैं ठीक से मैसेज तक नहीं भेज पाता। हम यहां डॉक्टर बनने आए थे, लेकिन अब हालत ऐसी हो गई है कि बस जिंदा घर लौटने की उम्मीद कर रहे हैं।

बस भारत लौटने की उम्मीद

जम्मू-कश्मीर के सोपोर की रहने वाली मिधात ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में चौथे वर्ष की छात्रा हैं। उन्होंने बताया कि जब पहला हमला हुआ तो वह रात सबसे डरावनी थी। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में उन्होंने कहा, “धमाकों की आवाजें इतनी पास से आईं कि लगा जैसे सब कुछ यहीं हो रहा हो। चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। सब घबराए हुए थे। हम लगातार अपने परिवार से संपर्क में रहने की कोशिश कर रहे हैं और हर एक खबर पर नजर बनाए हुए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय की तरफ से ज्यादा सहयोग नहीं मिला है। भारतीय दूतावास व्हाट्सएप के ज़रिए लगातार संपर्क में है, लेकिन हमने यूनिवर्सिटी से मदद की उम्मीद छोड़ दी है। हममें से ज्यादातर छात्र अब केवल अपार्टमेंट में बंद होकर दिन काट रहे हैं। डर इतना है कि बाहर निकलने की हिम्मत नहीं होती। ईरान के सीमित हवाई क्षेत्र और लगातार जारी बमबारी के कारण छात्रों को यह नहीं पता कि हालात कब सामान्य होंगे। वे अब सिर्फ भारत लौटने की उम्मीद लगाए हुए हैं।

घर में रहें, हेल्पलाइन से जुड़े रहें – भारतीय दूतावास

ईरान में बिगड़ती स्थिति के मद्देनजर तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने एक सार्वजनिक सलाह जारी करते हुए सभी भारतीय नागरिकों और भारतवंशियों से घरों के अंदर रहने और दूतावास की ओर से दिए गए टेलीग्राम लिंक से जुड़ने को कहा है। दूतावास ने कहा कि यह लिंक केवल उन्हीं लोगों के लिए है, जो वर्तमान में ईरान में हैं। दूतावास ने एक पोस्ट में कहा हम अनुरोध करते हैं कि सभी भारतीय नागरिक दिए गए टेलीग्राम लिंक से जुड़े ताकि उन्हें स्थिति से संबंधित ताजा अपडेट मिलते रहें। इसके साथ ही, दूतावास ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।

हालांकि छात्रों का कहना है कि डर का माहौल इतना गहरा है कि केवल सलाह और मैसेज से राहत नहीं मिल रही। इम्तिसाल मोहिदीन ने भावुक होकर कहा हम भारत सरकार से हाथ जोड़कर निवेदन करते हैं कि हमें जल्द से जल्द यहां से सुरक्षित निकाला जाए। इससे पहले कि हालात और बिगड़ें।

read more :  मोहनलालगंज स्थित एसीपी ऑफिस के गेट पर दबंगों ने जमकर की मारपीट

मोहनलालगंज स्थित एसीपी ऑफिस के गेट पर दबंगों ने जमकर की मारपीट

लखनऊ के मोहनलालगंज के कल्ली पूरब गांव में जमीन विवाद को लेकर शुरू हुई मारपीट कोतवाली पहुंचकर जंग में तब्दील हो गई। एसीपी दफ्तर में घुसकर लाठी-डंडे चले साथ ही कोतवाली गेट से लेकर रायबरेली हाईवे तक दबंगों ने तांडव किया। एक दूसरे को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। मिट्टी के बर्तन, घड़े से हमला किया। सड़क किनारे खड़ीं बाइकें गिरा दीं। कस्बे में ड्यूटी कर रहा सिपाही बीच बचाव में अकेले कूद पड़ा लेकिन उसकी कोई सुन नहीं रहा था।

अकेले सिपाही ने संभाला मोर्चा

कोतवाली गेट से शुरू हुए विवाद को रोकने का प्रयास कर रहे सिपाही के साथ भी अभद्रता की गई। उसके कई बार कहने पर भी दोनों पक्ष अलग नहीं हुए। मारपीट करते हुए कोतवाली गेट से आरोपित एसीपी मोहनलालगंज कार्यालय में घुस गए। करीब दस मिनट तक मारपीट होती रही। मात्र एक सिपाही विकास जायसवाल काफी देर तक स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करता रहा। दबंगों की दहशत से आस पास के दुकानदार भी बीच बचाव करने की हिम्मत नही जुटा सके। राहगीरों ने वीडियो बनाया कोई घड़ा उठा कर दूसरे पर हमला कर रहा था तो कोई प्लास्टिक का पाइप लेकर विपक्षी पर हमला कर रहा था। मोहनलालगंज कोतवाली गेट से एसीपी दफ्तर के बीच हुए संघर्ष को देख राहगीर भी हड़बड़ा गए। कुछ लोगों ने घटना का वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।

एसीपी ऑफिस के गेट पर हुई मारपीट

आपको बताते चले कि वीआईपी ड्यूटी होने के नाते कोतवाली में फोर्स कम थी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अतिरिक्त फोर्स पहुंची तो स्थिति संभली। सिपाही विकास जायसवाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कल्ली पूरब के ग्राम प्रधान रामखेलावन के द्वारा लगाए गए गेट पर ताले तथा ज़मीन को लेकर गांव के रहने वाले राम जियावन से विवाद चल रहा है। रविवार को इसी को लेकर दोनों पक्षों में पथराव हुआ।

शिकायत लेकर राम जियावन का पक्ष कोतवाली पहुंच गया। थोड़ी देर बाद ग्राम प्रधान रामखेलावन भी कुछ लोगों के साथ कोतवाली पहुंचे। जहां दोनों पक्षों में फिर मारपीट शुरू हो गई। मारपीट करते हुए दबंग रायबरेली हाईवे पर पांडेय मार्केट तक पहुंच गए जिसे जो मिला उसी से हमला किया। दबंग मारपीट करते हुए एसीपी दफ्तर के भीतर भी घुस गए।

सिपाही की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा

इंस्पेक्टर दिलेश कुमार सिंह ने बताया कि सिपाही विकास जायसवाल ने मोहनलालगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। सिपाही की तहरीर पर पुलिस ने 14 नामजद व 25 अज्ञात के खिलाफ 7 सीएल एक्ट, मारपीट, बलवा व गाली-गलौज करने का केस दर्ज किया है। जिसके आधार पर राम जियावन, राम सिंह, सुमित, राम कुमार, दिनेश, सर्वेश, प्रदीप, अनुज और चन्द्रशेखर को गिरफ्तार किया गया। मारपीट में शामिल नौ लोगों को पकड़ा गया है। वीडियो के आधार पर अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। जिन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।

read more : यूपी में पहली बार इसरो ने पेलोड के साथ किया सफल रॉकेट टेस्टिंग

यूपी में पहली बार इसरो ने पेलोड के साथ किया सफल रॉकेट टेस्टिंग

यूपी के कुशीनगर जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां इसरो और इन-स्पेस के सहयोग ने एस्ट्रोनॉटिकल सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा एक रॉकेट लॉन्च की सफल टेस्टिंग की गई। इसमें खास बात यह रही कि इस रॉकेट के साथ एक पेलोड को भी भेजा गया था। यह ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। यह मॉडल राकेट शनिवार की शाम पांच बजकर 14 मिनट पर लॉन्च किया गया जो 1.1 किलोमीटर तक की ऊंचाई तक पहुंचा। यह कार्यक्रम पूरे क्षेत्र और पूरे देश के बच्चों में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि पैदा करने के लिए आयोजित किया जा रहा है।

1.1 किलोमीटर ऊंचाई तक गया रॉकेट

वहीं टेस्टिंग स्थल पर मौजूद इसरो के वैज्ञानिक अभिषेक सिंह ने कहा, ‘‘रॉकेट को शाम पांच बजकर 14 मिनट 33 सेकंड पर प्रक्षेपित किया गया, जो 1.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक गया। इसके बाद एक छोटा उपग्रह (पेलोड) बाहर आया। जैसे ही यह पांच मीटर नीचे आया, इसका पैराशूट सक्रिय हो गया और उपग्रह जमीन पर 400 मीटर की दूरी पर उतर गया। पंद्रह किलोग्राम का रॉकेट भी सुरक्षित रूप से नीचे उतरा।

सफलतापूर्वक हुई टेस्टिंग

इसके अलावा इन-स्पेस के संवर्धन निदेशालय के निदेशक विनोद कुमार ने इसे टेस्टिंग की सफलता की पुष्टि की। उन्होंने कहा, ‘‘यह कार्यक्रम पूरे क्षेत्र और पूरे देश के बच्चों में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि पैदा करने के लिए आयोजित किया जा रहा है।’’ विनोद कुमार ने कहा कि यह पहली बार था जब उत्तर प्रदेश में रॉकेट द्वारा सीधे उपग्रह प्रक्षेपित किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा। इन-स्पेस अंतरिक्ष विभाग (डीओएस) के तहत संचालित एक स्वायत्त निकाय है।

यूपी में पहली बार हुई रॉकेट लॉन्च की टेस्टिंग

दरअसल यूपी के कुशीनगर जिले में एक सफल मॉडल रॉकेट लॉन्च टेस्टिंग की गई। यह पहली बार है जब राज्य से रॉकेट के जरिए कोई पेलोड प्रक्षेपित किया गया। अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी। भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सहयोग से एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा शनिवार को यह परीक्षण किया गया। इसमें मॉडल रॉकेट शाम पांच बजकर 14 मिनट पर 1.1 किलोमीटर ऊपर तक गया।

read more :  जेसीबी से खुदाई के दौरान भर भराकर गिरे 6 मकान, 3 की मौत

जेसीबी से खुदाई के दौरान भर भराकर गिरे 6 मकान, 3 की मौत

उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक साथ 6 मकानों के भरभराकर गिरने का मामला सामने आया है। मलबे के नीचे दबने से 3 लोगों की मौत हो गई है। वहीं अभी भी कई लोग मलबे में दबे हुए बताए जा रहे हैं। जिन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। अचानक मकानों के गिरने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां बाड़े में (खुली भूमि) में जेसीबी से खुदाई चल रही थी। इस दौरान यह हादसा हो गया। मथुरा के थाना गोविंद नगर क्षेत्र में एक बड़ी घटना सामने आई है। यहां कच्ची सड़क पर बने 6 मकान अचानक भरभराकर गिर गए। यह मकान कच्चे टीले पर बने हुए थे। मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

अचानक भरभरा कर गिरे 6 मकान

जानकारी के मुताबिक, रविवार दोपहर करीब 12 बजे ये हादसा हुआ। अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। 4 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। अभी भी 10-12 लोगों के दबे होने की खबर है। मलबे मे दबे हुए लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू जारी है। सूचना मिलने पर पुलिस, नगर निगम, प्रशासन और दमकल की टीम मौके पर पहुंची हैं। रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। मृतकों की पहचान तोताराम (38), दो सगी बहनें यशोदा (6) और काव्या (3) के तौर पर हुई है।

जेसीबी से चल रही थी खुदाई

सभी 6 मकान जो ढहे हैं, वो मिट्टी के टीले पर बने हुए थे. लोगों ने बताया कि यहां बाड़े (खुली भूमी) में जेसीबी से खुदाई चल रही थी। तभी अचानक मिट्टी धसी और एक के बाद एक सभी मकान मलबे में तब्दील हो गए। लोगों ने बताया कि जब हादसा हुआ तो ऐसा लगा कि भूकंप आ गया हो। लोगों को भागने तक का मौका नहीं मिला। वहीं पुलिस लोगों से पूछताछ कर घटने की जांच में जुट गई है।

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इंद्रायणी नदी पर बना पुल टूटा, 10 से 15 लोगों के बह जाने की आशंका

महाराष्ट्र के पुणे में आज की शाम बड़ा हादसा हो गया। इंद्रायणी नदी पर बने पुल का आधा हिस्सा टूटकर गिर गया। जब ब्रिज गिरा तब मौके पर कई लोग उसी पुल पर मौजूद थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि करीब 10 से 15 लोग नदी में बह गए हैं। दरअसल पुणे के मावल में कुंड मॉल में पुल गिरने से कुछ पर्यटक डूब गए हैं। बताया जा रहा है कि यह घटना दोपहर करीब 3.40 तीन बजे की है। पुल का जो हिस्सा गिरा, वहां पत्थर भी मौजूद थे। जो लोग पत्थर पर गिरे हैं, उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। वहीं कई लोग नदी की धारा में बह गए हैं।

छुट्टी होने के कारण थी ज्यादा भीड़

रविवार होने के चलते बड़ी संख्या में पर्यटक वहां मौजूद थे। कुछ लोग पुल पर खड़े थे और तस्वीरें खिंचवा रहे थे। कितने लोग डूबे हैं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लगभग 20 से 25 लोग डूबे हैं। मौके पर करीब 200 पर्यटक मौजूद थे। हादसे के बाद सभी को मौके से हटाया गया है, ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन में कोई दिक्कत न आए।

पहले भी हुई थी इंद्रायणी नदी पर बने पुल की शिकायत

बताया जा रहा है कि पहले भी पुल की स्थिति खराब होने की शिकायतें प्रशासन के पास पहुंची थीं, लेकिन इसपर काम नहीं हुआ। पुल पर काफी जंग लगा हुआ था। सावधानी बरतने के लिए लगातार अनाउंसमेंट किए जा रहे थे। बीते कुछ दिन से पुणे में लगातार बारिश भी हो रही है, जिसकी वजह से इंद्रायणी नदी में बहाव तेज था। पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय की तलेगांव दाभाड़े पुलिस मौके पर पहुंच गई है। कुंडमाला को पार करने के लिए एक पुल है, इस पार से उस पार जाने के लिए यही पुल गिर गया है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में लाई गई तेजी

मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से शुरू कर दिया गया है। पर्यटकों को बचाने के लिए कई एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई हैं। शाम का समय होने की वजह से बचाव कार्य में तेजी लाई जा रही है। क्योंकि अंधेरा होने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा आ सकती है। जिला मुख्यालय से कई टीमों को बचाव कार्य के लिए रवाना किया गया है। नदी के बहाव की दिशा में आगे के गांवों में भी लोगों को बचाने के लिए काम शुरू हो गया है।

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12048 महिलाओं सहित 60244 पुलिस कांस्टेबलों को मिला नियुक्ति पत्र

उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार (15 जून) को 60244 पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र दिया। इसके लिए राजधानी लखनऊ के डिफेंस एक्सपो में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए। नियुक्ति पत्र पाने वाले सभी अभ्यर्थियों ने यूपी पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा पास की थी। अमित शाह इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इसमें शामिल हुए। यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण ने कार्यक्रम से एक दिन पहले बताया था कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी कांस्टेबल के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। उनके गृह जिले और कार्यक्रम स्थल के बीच एक जिला चुना गया है, जहां कांस्टेबल रात भर विश्राम करेंगे।

इस कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा “न खर्ची, न पर्ची। 48 लाख एप्लीकेशन में से आप सभी अपनी योग्यता से आए हैं। मैं मानता हूं कि इससे बड़ी उपलब्धि किसी भी शासन के लिए कोई नहीं हो सकती है। वर्ष 2017 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी और योगी जी मुख्यमंत्री बने। उत्तर प्रदेश पुलिस बल फिर से नई बुलंदियों को हासिल करने के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

लखनऊ पहुंचें गृहमंत्री अमित शाह

गृहमंत्री अमित शाह दोपहर 12:05 बजे लखनऊ पहुंचे और 12:30 बजे कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां वह लगभग एक घंटे तक रुके। इस दौरान यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा में शीर्ष 50 स्थान हासिल करने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे। इसके बाद वह दिल्ली रवाना हो गए। कार्यक्रम में 55 हजार पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र मिले। कार्यक्रम में कांस्टेबलों के लिए दोपहर के भोजन की व्यवस्था भी की गई थी।

यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने निकाली थी भर्ती

यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने कुल 60 हजार पदों पर भर्ती निकाली थी। इनमें से 12048 पद महिलाओं के लिए थे। इन पदों पर भर्ती के लिए 48 लाख से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया था। प्रदेश के 67 जनपदों में 1174 केंद्रों पर परीक्षा हुई थी। 60244 लोगों ने परीक्षा पास की। अब इन्हें नियुक्ति पत्र मिलेगा। इस भर्ती के लिए परीक्षा फरवरी 2024 में आयोजित हुई थी, जिसे रद्द कर दिया गया था और छह महीने के अंदर दूसरी परीक्षा आयोजित करने के लिए कहा गया था। अगस्त 2024 में दोबारा परीक्षा हुई और इसे पास करने वाले लोगों को अब नियुक्त किया जा रहा है।

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