Saturday, April 4, 2026
Home Blog Page 14

नीतीश ही होंगे बिहार के सीएम, पटना में राजनाथ सिंह ने किया ऐलान

बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को सम्बोधित करते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा और नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास के पथ पर है। हमारे मुख्यमंत्री हो या फिर डिप्टी सीएम हों इनके दामन पर कोई दाग नहीं। कोई माई का लाल ये साबित नहीं कर सकता। वही इस बार का चुनाव केवल विकास पर होगा। इसके साथ ही उन्होंने बता दिया है कि नीतीश कुमार ही बिहार के अगले सीएम होंगे और बिहार में एनडीए की दो तिहाई बहुमत से सरकार बनेगी।

कर्पूरी की विचारधारा सिर्फ एनडीए ला सकती है – राजनाथ सिंह

राजनाथ ने कहा जो लोग बिहार को अंधेरे में धकेलना चाहते हैं, वो सफल नहीं हो पाएंगे। कर्पूरी ठाकुर की विचारधारा केवल और केवल बीजेपी और एनडीए ला सकती है। जननायक कर्पूरी ठाकुर के लिए लालू जी अपशब्दों की भाषा इस्तेमाल करते थे, लालू जी ये दोहरा चरित्र नहीं चलेगा,लालू जी ने कर्पूरी जी कभी सम्मान नहीं दिया। कर्पूरी जी को सही सम्मान उनके मरणोपरांत केंद्र सरकार ने भारत रत्न देकर किया, हम जो कहते हैं वो करते हैं, लालू जी ने कर्पूरी जी को अपनी जीप तक नहीं दिया।

लालू-कांग्रेस पर राजनाथ सिंह ने कसा तंज

राजनाथ सिंह ने लालू प्रसाद यादव पर तंज कसा और कहा कि राजद के साथ-साथ कांग्रेस भी बिहार की बर्बादी के दोषी रहे हैं, इन दोनों की सरकारों ने बिहार को गर्त में पहुंचा दिया था, अपराध.. जातिवाद और जंगलराज के चलते बिहार अंधेरे में चला गया था, धीरे-धीरे ये अंधकार खत्म हुआ है। भाजपा और नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास के पथ पर है, जो बिहार एक समय बर्बाद हो गया था, आज वो बिहार आत्मनिर्भर बन गया है।

राजनाथ सिंह ने लालू यादव को सुनाई खरी खोटी

लालू यादव ने बाबा साहब अंबेडकर की तस्वीर को अपने पैरों के पास रखा, ये बहुत शर्म की बात है। इससे पता चलता है कि आरजेडी (RJD) की विचारधारा और सोंच कैसी है। इन लोगों का असली चेहरा समाज के सामने आ रहा है। आरजेडी और कांग्रेस ने मिलकर बिहार को अपराध-बेरोजगारी दिया और महिलाओं को असुरक्षित रखा। लालू जी के शासनकाल में संविधान के बदले गोलियों की गूंज सुनाई पड़ती थीं, लोगों को यह जरूर याद दिलाना है। सामंतवादी मानसिकता वाले लोगों ने समाजवाद का चोला पहनकर बिहार के साथ धोखा किया है। बिहार के लोगों ये सारी बातें समझानी है।

read more : तीन भाषा को लेकर महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, रद्द किए पुराने फैसले

तीन भाषा को लेकर महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, रद्द किए पुराने फैसले

महाराष्ट्र में हिंदी भाषा की अनिवार्यता के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है। महाराष्ट्र कैबिनेट में शिवसेना के मंत्री गुलाबराव पाटील, संभुराज देसाई और दादा भुसे ने हिंदी भाषा अनिवार्यता पर स्थगिती लाने की मांग की थी। वहीं अब सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इसकी स्थगिती का ऐलान कर दिया है। सीएम ने कहा कि त्रिसुत्री भाषा पर समिती अहवाल तैयार करेगी, तब तक के लिए इसे स्थगित किया जाता है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “सरकार ने त्रिभाषा नीति पर जारी दोनों जीआर रद्द कर दिए हैं। त्रिभाषा नीति लागू करने के लिए समिति का गठन किया है। कैबिनेट बैठक में हमने निर्णय लिया है कि त्रिभाषा नीति किस प्रकार लागू की जानी चाहिए, इस पर विचार के लिए डॉ. नरेंद्र जाधव की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी। यह समिति सभी संबंधित पक्षों से चर्चा करेगी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही त्रिभाषा नीति लागू की जाएगी। इसलिए त्रिभाषा नीति पर जारी दोनों शासकीय आदेश (जीआर) रद्द किए जा रहे हैं। हमारे लिए इस नीति का केंद्र बिंदु मराठी ही रहेगा।

लोग कर रहे दिखावा

उन्होंने कहा, “मराठी के संदर्भ में जो सो रहे हैं उन्हें उठाया जा सकता है, लेकिन जो दिखावा कर रहे हैं, उन्हें नहीं। कर्नाटक और यूपी जैसे राज्यों ने अपनी शैक्षणिक नीति लागू कर दी है। 16 अक्टूबर 2020 को उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में एक जीआर (सरकारी आदेश) जारी किया गया था। इसके तहत रघुनाथ माशेलकर की अध्यक्षता में 18 सदस्यों की एक समिति गठित की गई थी।

इस समिति में शामिल थे थोरात, येवले, राजन वेळुकर, सपकाळ, जी. डी. जाधव, विजय पाटील, नितीन पुजार, अभय वाघ, निरंजन हिरानंदानी, भारत आहुजा, देविदास गोल्लर, मिलिंद साटम, अजित जोशी, विजय कदम (शिवसेना उद्धव गुट के उपनेता), धनराज माने आदि। यह एक मराठी और शिक्षाविदों की विशेषज्ञ समिति थी।

उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने 101 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में उनकी तस्वीर भी है, संपादक भी उपस्थित थे, हालांकि वे पीछे खड़े हैं। मैं खबरों में नहीं जाता, मैं रिपोर्ट की बात करता हूं। रिपोर्ट के पृष्ठ क्रमांक 56 पर यह अनुशंसा दी गई है कि एक उपसमूह बनाया गया था। जिसमें सुखदेव थोरात, नागनाथ कोतापल्ली, विजय कदम भी शामिल थे। उन्होंने सिफारिश की थी कि अंग्रेजी और हिंदी भाषा पहली से बारहवीं तक पढ़ाई जाए। मराठी को प्राथमिकता देना जरूरी बताया गया, लेकिन हिंदी का उल्लेख भी किया गया।

उद्धव ठाकरे की कैबिनेट ने किए थे हस्ताक्षर

सीएम फडणवीस ने कहा कि शिवसेना (उद्धव गुट) के उपनेता भी उस समिति में थे और उन्होंने ही यह अनुशंसा की थी। 14 सितंबर 2021 को यह रिपोर्ट सौंपी गई थी। 7 जनवरी 2022 को यह रिपोर्ट कैबिनेट में प्रस्तुत की गई। उद्धव ठाकरे की कैबिनेट ने इस पर हस्ताक्षर किए। इसलिए यह कहना गलत है कि उस रिपोर्ट को स्वीकार करते समय त्रिभाषा सूत्र मान्य नहीं किया गया था। एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट को भी उस समय मंजूरी दी गई थी।

माशेलकर समिति की रिपोर्ट को स्वीकार किया गया था और इसे लागू करने के लिए एक समिति बनाई गई। उसी समिति के अनुसार अब जो जीआर (GR) निकाले गए हैं, वे आए हैं। 2025 में पहला जीआर (GR) निकाला गया, जिसमें मराठी अनिवार्य भाषा थी, दूसरी अंग्रेज़ी और तीसरी हिंदी बताई गई। जब इस पर सवाल उठे, तो 17 जून को सरकार ने स्पष्ट किया कि तीसरी भाषा कोई भी भारतीय भाषा हो सकती है।

पहली से नहीं पढ़ाई जाएगी तीसरी भाषा

मुख्यमंत्री फडणवीस ने ये भी कहा, तीसरी भाषा पहली से नहीं पढ़ाई जाएगी, बल्कि तीसरी कक्षा से उसका लेखन-पठन होगा। पहली कक्षा से केवल संवाद के स्तर पर भाषा सिखाई जाएगी। हम चाहते हैं कि सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाएं। एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट के अनुसार छात्रों को नंबर नहीं दिए जाएंगे, लेकिन अन्य भाषाओं (जैसे गुजराती, अंग्रेज़ी) वालों को अंक मिलेंगे। ऐसे में हमारी मराठी भाषा वाले बच्चे पीछे रह जाएंगे।

उन्होंने कहा कि यह वास्तविकता है और इसे नए नेताओं के सामने प्रस्तुत करना जरूरी है। इसीलिए हमने दादा भुसे से संवाद करने को कहा था और वे बातचीत कर रहे हैं। कैबिनेट में हमने चर्चा की और यह निर्णय लिया है कि किस कक्षा से नीति लागू की जाए और क्या विकल्प दिए जाएं। अब डॉ. नरेंद्र जाधव के नेतृत्व में एक समिति बनाई जाएगी। इसमें अन्य सदस्य भी होंगे।

मराठी विद्यार्थी महत्वपूर्ण

सीएम फडणवीस ने कहा कि इस समिति के आधार पर ही त्रिभाषा नीति लागू की जाएगी। हमने दोनों पूर्व सरकारी आदेश रद्द करने का निर्णय लिया है। माशेलकर समिति का अध्ययन किया जाएगा, सभी पक्षों की राय ली जाएगी और उसके बाद ही राज्य सरकार अंतिम निर्णय लेगी। हमारे लिए मराठी और मराठी विद्यार्थी महत्वपूर्ण हैं। हमारी नीति छात्र-केंद्रित होगी।

read more :  बिहार विधानसभा चुनाव में चलने वाला है ट्रिपल M फैक्टर, जानें ये है क्या ?

बिहार विधानसभा चुनाव में चलने वाला है ट्रिपल M फैक्टर, जानें ये है क्या ?

बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गई है। हर पार्टी अपने चुनावी अभियान को धार देने में लगी हुई है। इस बार बीजेपी का फोकस महिला, मंदिर और मोदी यानी ट्रिपल M फैक्टर पर है। इस फैक्टर को ध्यान में रखते हुए बीते कुछ दिनों में बिहार सरकार ने महिलाओं को लेकर कई बड़ी घोषणाएं भी की हैं। वहीं बीजेपी भी इसी फैक्टर को ध्यान में रखकर अपनी कुछ योजनाओं की तैयारी कर रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताबड़तोड़ रैलियों से लेकर माता-सीता के भव्य मंदिर की घोषणा तक और इसके बाद राज्य में पेंशन, विवाह मंडप, त्योहारों पर बाहर रहने वाले लोगों को बुलाने समेत कई बड़े ऐलान हो चुके हैं। इनके जरिए बीजेपी और जेडीयू ने मिलकर एक खास नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की है। वही अपने ऐलानों के जरिए एनडीए का फोकस अपने कोर वोटर्स को दुरुस्त करने के साथ ही लुभावने वादों के जरिए लोगों को अपने पाले में खड़े करने का है।

पीएम मोदी का आगामी बिहार दौरा

पीएम मोदी 15 जुलाई से 15 सितंबर के बीच बिहार के सभी 9 प्रमंडलों में रैलियां करेंगे। दो महीने तक पीएम मोदी के चलने वाले इस मैराथन दौरे से पहले भी उन्होंने बिहार के मधुबनी, बिक्रमगंज और सिवान में जनसभाएं की है। अगले ढाई महीनों में 10 से ज्यादा बार अभी बिहार दौरे की योजना है। दूसरी तरफ सीतामढ़ी में माता सीता के भव्य मंदिर का ऐलान भी हो चुका है। जिसका डिजाइन सीएम नीतीश कुमार जारी कर चुके हैं। गृहमंत्री अमित शाह भी कई बार सीता माता के मंदिर का जिक्र कई बार अपनी जनसभाओं में कर चुके हैं।

बीजेपी का ट्रिपल M फैक्टर पर फोकस

इस बार बीजेपी का फोकस महिला, मंदिर और मोदी यानी ट्रिपल M फैक्टर पर है। आपको बता दे बीजेपी इसके जरिए मंदिर और महिला, दोनों वोटर्स पर फोकस कर रही है। महिलाएं खास तौर पर पिछले कुछ चुनावों में बीजेपी और जेडीयू के साथ मजबूती से खड़ी रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कुछ योजनाओं का ऐलान भी किया है। सबसे पहले लंबे वक्त से चली आ रही एक बड़ी मांग को पूरा किया गया। बिहार सरकार ने विधवा, वृद्धा पेंशन की राशि 400 से बढ़ाकर 1100 रुपए करने का ऐलान किया।

बिहार सरकार की जीविका परियोजना

इसके बाद महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए बिहार सरकार ने जीविका परियोजना से जुड़े दो महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। जीविका परियोजना के तहत स्वयं सहायता समूहों को 3 लाख रुपये से ज्यादा के बैंक ऋण पर अब सिर्फ 7 प्रतिशत ब्याज देने का फैसला, पहले ये राशि 10 फीसदी ब्याज पर थी। राज्य सरकार ने जीविका से जुड़े सभी कर्मियों के मानदेय में दोगुने की वृद्धि का फैसला लिया है। इन कर्मचारियों के मानदेय वृद्धि की अतिरिक्त राशि राज्य सरकार खुद वहन करेगी।

गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह कार्यक्रम

इसके अलावा बिहार सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह कार्यक्रम में सुविधा के लिए सभी पंचायतों में विवाह भवन का निर्माण ऐलान किया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना को मंजूरी दी गई और कहा गया कि इन विवाह भवनों का संचालन जीविका दीदियों के द्वारा किया जाएगा। यानी सरकार के इस फैसले के केंद्र में भी महिलाएं ही थीं।

महिलाओं को लेकर और भी घोषणाओं की संभावना

बीजेपी आगामी दिनों में महिलाओं को लेकर और भी घोषणाएं की जाए इसको लेकर कई और योजनाओं पर काम कर रही है। जिनकी घोषणाएं चुनाव के समय पर बीजेपी द्वारा की जा सकती हैं। पिछले कई राज्यों के चुनावों में देखा भी है कि बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में महिलाओं को लेकर कई घोषणाएं भी की थीं। जिनका लाभ पार्टी को चुनावों में मिला और महिलाओं का अच्छा खासा वोट पार्टी को मिला।

इंडिया अलायंस का भी महिलाओं पर फोकस

इधर इंडिया अलायंस ने भी महिला मतदाताओं को साधने की कोशिशें तेज कर दी हैं। कांग्रेस और राजद ने महिलाओं के लिए 50% सरकारी नौकरियों में आरक्षण, मुफ्त स्कूटी और बालिका सुरक्षा निधि जैसी योजनाओं का एलान किया है। वे इस अभियान को ‘बेटी का भविष्य’ अभियान के नाम से चला रहे हैं और साथ ही मंदिर राजनीति पर पलटवार करते हुए इसे भावनात्मक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया है। इंडिया अलायंस का दावा है कि असली मुद्दा रोजगार और महंगाई है।

read more :  जंग खत्म होने के बाद इजरायल ने ईरान को धमकाया, जानिए क्या कहा ?

जंग खत्म होने के बाद इजरायल ने ईरान को धमकाया, जानिए क्या कहा ?

इजरायल और ईरान के बीच जंग तो खत्म हो गई है लेकिन स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने बड़ा बयान देते हुए एक तरह से ईरान को चेतावनी दे डाली है। काट्ज ने साफ कहा है कि ईरान को खतरनाक स्तर तक संवर्धित (एनरिच) किए गए यूरेनियम को वापस करना होगा। एनरिच यूरेनियम से ही परमाणु बम बनाया जा सकता है।

ईरान को सौंपना होगा एनरिच यूरेनियम

इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान को संयुक्त रूप से यह संदेश दिया गया है कि उसे अपना एनरिच यूरेनियम सौंपना होगा। माना जाता है कि ईरान अपने यूरेनियम को 60 फीसदी तक एनरिच कर चुका था। अगर यह स्तर 90 प्रतिशत तक पहुंच जाता तो ईरान परमाणु बम बनाने में सक्षम हो जाता।

इजरायल ने ईरान पर क्यों किया हमला ?

काट्ज ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि इजरायल ने ईरान पर जो हमले किए हैं, उनका मकसद उसकी परमाणु क्षमता को कमजोर करना था। उन्होंने यह दावा भी किया कि अब ईरान के पास ऐसा कोई तरीका नहीं है जिससे वह यूरेनियम को परमाणु बम बनाने के लिए इस्तेमाल कर सके। काट्ज ने कह कि ईरान की उस ट्रांसफर फैसिलिटी को भी नष्ट कर दिया गया है जहं ऐसा करना मुमकिन था।

कहां है ईरान का एनरिच यूरेनियम ?

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप के खुफिया विशेषज्ञों का मानना है कि हमलों के बावजूद ईरान का एनरिच यूरेनियम भंडार अब भी काफी हद तक सुरक्षित है। काट्ज ने भी इंटरव्यू के दौरान कहा है कि इजरायल को इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि ईरान ने अपना एनरिच यूरेनियम कहां छिपा रखा है। इससे चिंता और बढ़ गई है कि कहीं ईरान गुप्त रूप से परमाणु हथियार बनाने की तैयारी तो नहीं कर रहा है।

इजरायल के टारगेट पर थे आयतुल्लाह अली खामेनेई

द इजरायल टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक रक्षा मंत्री काट्ज ने चैनल 13 को दिए इंटरव्यू में यह भी कहा कि ईरान से जंग दौरान इजरायली सेना की योजना ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई को मारने की थी। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि जंग के दौरान ऐसा कोई मौका नहीं आया जब इस योजना को अंजाम दिया जा सके। उन्होंने कहा कि खामेनेई को मौत के घाट उतार दिया जाता लेकिन वो बंकर में छिप गए और अपने सभी कमांडर्स से संपर्क तोड़ लिया। ऐसे में इजरायल के लिए उन्हें खोज पाना मुश्किल हो गया था।

read more :  कोलकाता में एक और गैंगरेप, लॉ कॉलेज की छात्रा को हैवानों ने बनाया शिकार

कोलकाता में एक और गैंगरेप, लॉ कॉलेज की छात्रा को हैवानों ने बनाया शिकार

आर जी कर मेडिकल कॉलेज कांड के बाद कोलकाता में एक अन्य कॉलेज में गैंगरेप का मामला सामने आया है। साउथ कोलकाता में कस्बा लॉ कॉलेज की छात्रा का गैंगरेप हुआ है। कस्बा पुलिस ने गैंगरेप के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तीन लोगों में से दो कॉलेज के छात्र हैं और एक कॉलेज का पूर्व छात्र है। जानकारी के अनुसार, गैंगरेप की घटना 25 जून की है। पीड़िता का आरोप है कि कस्बा लॉ कॉलेज के अंदर शाम 7:30 से 8:50 बजे के बीच उसके साथ गैंगरेप किया गया। पीड़िता की शिकायत के आधार पर कस्बा पुलिस ने गुरुवार को तीनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

बीजेपी ने ममता सरकार पर साधा निशाना

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इस घटना को भयावह बताया। हाल ही में आरजी कर अस्पताल की घटना का जिक्र करते हुए मालवीय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार जारी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और सभी आरोपियों को सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कॉलेज के अंदर छात्रा का हुआ गैंगरेप

पुलिस सूत्रों ने बताया कि मोनोजीत मिश्रा, जैब अहमद और प्रमित मुखर्जी को गिरफ्तार किया गया है। दो छात्रों को 26 जून की शाम को कोलकाता में तालबगान क्रॉसिंग के पास सिद्धार्थ शंकर शिशु रॉय उद्यान के सामने से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के समय उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए। तीसरे आरोपी प्रमित मुखर्जी को 27 जून को सुबह 12.30 बजे उसके घर से गिरफ्तार किया गया और उसका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कथित घटना कॉलेज की इमारत के अंदर ही हुई। पीड़िता की प्रारंभिक चिकित्सा जांच की गई है और कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। तीनों आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं।

आरोपियों की हुई पहचान

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोनोजित मिश्रा (31 वर्ष), जो कॉलेज का पूर्व यूनिट अध्यक्ष था, जैब अहमद (19 वर्ष) और प्रमित मुखर्जी उर्फ प्रमित मुखोपाध्याय (20 वर्ष) के रूप में हुई है। मोनोजित मिश्रा और जैब अहमद को 26 जून की शाम को तालबागान क्रॉसिंग के पास गिरफ्तार किया गया। वहीं प्रमित को 27 जून तड़के 12:30 बजे उसके घर से पकड़ा गया। तीनों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। अदालत ने तीनों आरोपियों को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

मेयर फिरहाद हकीम क्या बोले

कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने इस घटना को “बेहद गंभीर” बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन पुलिस से रिपोर्ट मिलने के बाद वह बयान देंगे।

read more :  दिल्ली में मर्डर से मचा हड़कंप, गैंगस्टर मंजीत के भांजे की गोली मारकर हत्या

दिल्ली में मर्डर से मचा हड़कंप, गैंगस्टर मंजीत के भांजे की गोली मारकर हत्या

दिल्ली के बवाना इलाके में आज सुबह हुई फायरिंग से हड़कंप मच गया। यहां मॉर्निंग वॉक पर निकले एक शख्स की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक का नाम दीपक बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक वह गैंगस्टर मंजीत महल का भांजा था। बवाना इलाके में दीपक अपनी बेटी के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकला था। दोनों मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। इसी दौरान अचानक फायरिंग होने लगी। दीपक की उम्र 43 वर्ष बताई जा रही है।

बेटी को लगी गोली

बताया जाता है कि बदमाशों ने दीपक को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की गोली दीपक और उसकी बेटी को भी लगी। दीपक की गोली लगने से मौत हो गई वहीं दीपक की बेटी के हाथ गोली लगी है। इस हमले में वह घायल हो गई है। उसे तुरंत नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि दीपक नामक 43 वर्षीय युवक की फायरिंग में मौत हो गई है। अज्ञात लोगों ने दीपक पर फायरिंग की। घटना समय दीपक की बेटी भी उसके साथ थी। दीपक की बेटी के हाथ में चोट आई है। वह खतरे से बाहर है।

इस हत्या से गैंगवार की आशंका

इस हत्या के मामले में पुलिस को गैंगवार की आशंका है। क्योंकि मृतक गैंगस्टर मंजीत महल का भतीजा बताया जा रहा है। शक है कि कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया है। दिल्ली पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि की है कि मृतक दीपक कुख्यात गैंगस्टर मंजीत महाल का भतीजा था। हलांकि पुलिस का कहना है कि दीपक का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। पुलिस ने बताया कि दो बदमाश मोटरसाइकिल पर आए और कई राउंड फायरिंग की। दीपक के शरीर पर सात से आठ घाव दिखाई दे रहे हैं, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा कि उसे कितनी गोलियां मारी गईं।

read more :  राजा रघुवंशी मर्डर केस में मजिस्ट्रेट के सामने बयान से पलटे दो आरोपी

राजा रघुवंशी मर्डर केस में मजिस्ट्रेट के सामने बयान से पलटे दो आरोपी

मेघालय में सोनम रघुवंशी की उसके पति राजा रघुवंशी की हत्या में मदद करने वाले तीन लोगों में से दो आरोपी अपने बयान से पलट गए हैं और मजिस्ट्रेट के सामने बयान देने से इनकार कर दिया है। शिलांग के एसपी हर्बर्ट पिनियाड खारकोंगोर ने बताया कि आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी चुप रहे और गुरुवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने पर कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया। इससे पहले मेघालय पुलिस ने दावा किया था कि सभी आरोपियों ने अपराध कबूल कर लिया है।

हमारे पास पर्याप्त सबूत – शिलांग पुलिस

शिलांग के एसपी ने बताया कि हमने पांचों आरोपियों में से केवल दो को मजिस्ट्रेट के पास भेजा। वे कोई बयान नहीं देना चाहते थे। हमारे पास उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। हम फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का भी इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 180 के तहत दर्ज किए गए बयान जांच और जिरह के दौरान अधिकारियों की सहायता करते हैं, लेकिन धारा 183 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किए गए बयान ही न्यायालय में महत्वपूर्ण होते हैं।

दोनों आरोपी पर सोनम-राज की मदद करने का आरोप

आनंद और आकाश के अलावा, विशाल सिंह चौहान ने पिछले महीने मेघालय में अपने हनीमून के दौरान सोनम और उसके प्रेमी राज कुशवाह को उसके नवविवाहित पति राजा की हत्या करने में सहायता की थी। इंदौर के रहने वाले राजा ने सोनम के साथ 11 मई को शादी की थी। पुलिस के अनुसार, सोनम के राज के साथ रिश्ते के बावजूद यह शादी हुई, जो उसके परिवार के स्वामित्व वाली फर्नीचर शीट कंपनी में अकाउंटेंट के रूप में काम करता था।

लैपटॉप अभी तक नहीं हो सका बरामद

राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच को लेकर जानकारी देते हुए शिलांग के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एक वाहन से हमने एक बंदूक, कारतूस और 50,000 रुपये बरामद किए हैं। राज और आकाश ने बैग में एक हथियार का खुलासा किया था। हम यह पता लगाना चाहते हैं कि लैपटॉप जैसी सामग्री को फेंक दिया गया है या नहीं। उन्होंने दावा किया कि लैपटॉप को फेंक दिया गया था, लेकिन हम उनसे पूछताछ करके पता लगाएंगे कि उन्हें वास्तव में कहां फेंका था। क्या उन्हें अभी भी कहीं रखा गया है।

बता दें कि इंदौर में अपनी शादी के बाद राजा और सोनम हनीमून के लिए मेघालय गए। वे 23 मई को नोंगरियाट गांव में एक होमस्टे से चेक आउट करने के कुछ घंटों बाद गायब हो गए, जहां से 2 जून को राजा का शव मिला था।

read more :  हमास ने किया आईडीएफ पर बड़ा हमला, इजरायल के 7 सैनिकों की हुई मौत

हमास ने किया आईडीएफ पर बड़ा हमला, इजरायल के 7 सैनिकों की हुई मौत

हमास ने इजरायली सेना पर बड़ा हमला किया है। यह हमला दक्षिणी गाजा के खान यूनिस शहर में एक इजरायली बख्तरबंद वाहन में विस्फोटक लगाकर किया गया। वाहन के उपरकण में विस्फोट होने से 7 इजरायली सैनिकों की मौत हो गई। इजराइली सेना के एक अधिकारी ने बताया कि गाजा में इजरायली सेना के लिए यह घातक घटना है।

बता दें कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद से लेकर अब तक हमास के साथ शुरू हुए युद्ध में इजराइल के 860 से अधिक सैनिक मारे गए हैं। इजरायली सेना ने बताया कि खान यूनिस इलाके में ही गोलीबारी में मंगलवार को एक सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया। हमास की सैन्य शाखा अल-कासिम ब्रिगेड्स ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा कि उसने दक्षिणी गाजा पट्टी में एक आवासीय इमारत के अंदर छिपे इजराइली सैनिकों पर घात लगाकर हमला किया।

हमास ने बताया कि दक्षिणी खान यूनिस में यासीन 105 मिसाइल और एक अन्य मिसाइल की चपेट में आने से कुछ सैनिकों की मौत हो गयी और अन्य घायल हो गए। अल-कासिम के लड़ाकों ने इसके बाद मशीन गन से इमारत को निशाना बनाया। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या ये दोनों घटनाएं एक ही हैं। इजरायली सेना के लिए यह घातक घटना है।

read more :  छात्रों के लिए खुशखबरी: सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा साल में 2 बार होगी

छात्रों के लिए खुशखबरी: सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा साल में 2 बार होगी

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन यानी सीबीएसई ने 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। 2026 से 10वीं कक्षा की परीक्षा साल में 2 बार होगी। परीक्षा का पहला चरण फरवरी में आयोजित किया जाएगा, उसके बाद मई में दूसरा चरण आयोजित किया जाएगा। दोनों परीक्षाएं पूर्ण पाठ्यक्रम पर आयोजित की जाएंगी। पहला चरण स्टूडेंट्स के लिए अनिवार्य होगा। वहीं, दूसरे चरण स्टूडेंट्स के लिए वैकल्पिक होगा।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने कक्षा 10 के लिए वर्ष में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के मानदंडों को मंजूरी दे दी है। इन्हें नीचे प्वाइंट्स से बेहतर समझ सकते हैं

>> स्वीकृत मानदंडों के अनुसार, शीतकालीन सत्र वाले स्कूलों के सीबीएसई कक्षा 10 के छात्रों को किसी भी चरण में बोर्ड परीक्षा में बैठने का विकल्प मिलेगा।

>> सीबीएसई ने यह भी बताया है कि एकेडमिक सेशन के दौरान आंतरिक मूल्यांकन (Internal assessments) केवल एक बार ही किया जाएगा।

>> परीक्षा के दोनों चरणों के लिए अलग-अलग रिजल्ट घोषित किए जाएंगे।

>> दोनों चरणों के परिणाम क्रमश: अप्रैल और जून में घोषित किए जाएंगे।

सीबीएसई ने फरवरी में मसौदा मानदंडों की घोषणा की थी, जिन्हें हितधारकों की प्रतिक्रिया के लिए सार्वजनिक डोमेन में रखा गया था। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) की सिफारिशों के अनुसार लिया गया है। इसका मकसद छात्रों को लचीला और तनावमुक्त वातावरण देना है। ताकि वे अपनी गलतियों से सीखकर सुधार कर सकें। बोर्ड का मानना है कि एक बार की परीक्षा से किसी छात्र की प्रतिभा का पूरा मूल्यांकन नहीं किया जा सकता।

read more :  सच में गायब हो गया ईरान का 400 किलो यूरेनियम या कहीं छुपाया ?

सच में गायब हो गया ईरान का 400 किलो यूरेनियम या कहीं छुपाया ?

अमेरिका ने कुछ दिन पहले ईरान के परमाणु ठिकानों पर ताबड़तोड़ बमबारी की और ईरान की तीन न्यूक्लियर साइट्स पर 6 बंकर बस्टर बम गिराए। इसके बाद कहा जा रहा है कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु बम बनाने के सपने को तहस नहस कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस हमले के बाद संतुष्ट नजर आए और कहा कि अब ईरान परमाणु बम नहीं बना सकेगा। लेकिन ट्रंप के सुकून के बीच हमले के कुछ ही दिन बाद अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक इंटरव्यू दिया जिसमें उन्होंने ऐसा खुलासा किया जिससे पूरी दुनिया चौंक गई है।

वेंस ने कहा कि ईरान से 400 किलोग्राम यूरेनियम गायब है। ये बात अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एबीसी न्यूज को बताया है और कहा है कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर ‘बंकर बस्टर’ बम गिराए जाने के बाद से 400 किलोग्राम के यूरेनियम भंडार का हिसाब नहीं मिल रहा है। पूरी दुनिया हैरान है कि अमेरिका के हमले के बाद भी ईरान के यूरेनियम का भंडार गया कहां कि खुद अमेरिका को भी अब ये पता नहीं कि 10 परमाणु हथियार बनाने में पर्याप्त ये यूरेनियम आखिर गए कहां।

क्यों खास है यूरेनियम, क्यों मचा है हड़कंप

ईरान के परमाणु ठिकाने से गायब यूरेनियम 60 प्रतिशत तक शुद्ध हैं और इनसे 10 से भी ज्यादा परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं। इसका उपयोग करने के लिए इसे लगभग 90 प्रतिशत तक शुद्ध करने की आवश्यकता होगी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि गायब हुए इन 400 किलो यूरेनियम को ईरान एक शक्तिशाली दांव के रूप में चल सकता है और इसका इस्तेमाल ईरान अब अगली परमाणु डील बातचीत के दौरान बड़ा मोलभाव कर सकता है। वह नए परमाणु समझौते पर अमेरिका के साथ इसकी डील को लेकर बातचीत करेगा, क्योंकि इस यूरेनियम से शक्तिशाली परमाणु बम बनाया जा सकता है।

ईरान ने कहां छुपाया यूरेनियम

वही अमेरिका के हमले के बाद की सैटलाइट की तस्‍वीरों से पता चलता है कि ईरान ने 16 ट्रकों की मदद से फोर्डो प्‍लांट से सामान निकाल रहा है। इस प्‍लांट को पहाड़ के नीचे बनाया गया है और अमेरिकी हमले में भी उसे बहुत नुकसान नहीं पहुंचा है, इसके साथ ही अमेरिका ने नतांज और इस्‍फहान परमाणु स्थलों को भी निशाना बनाया था। इजरायली अधिकारियों ने द न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा है कि ईरान ने अमेरिका के हमले से कुछ दिन पहले ही यूरेनियम स्टॉकपाइल के साथ-साथ कुछ उपकरणों को एक गुप्त स्थान पर ट्रांसफर कर दिया होगा।

अमेरिका ने फाइटर जेट से किया हमला

वही अमेरिका ने अपने बी-2 फाइटर जेट से इस न्यूक्लियर प्लांट पर हमला किया था। अमेरिका ने बम फोर्डो, नतान्ज और इस्फहान परमाणु ठिकानों पर गिराए थे और इस हमले की जो तस्वीरें सामने आई हैं उनमें तीनों प्लांट को काफी नुकसान हुआ लेकिन तस्वीरों में फोर्डो प्लांट के बाहर लगे 16 ट्रक गायब थे। अब उन ट्रक में क्या ले जाया गया और कहां ले जाया गया, ये किसी को पता नहीं है।

read more : नगरपरिषद में कई बार की गई शिकायत लेकिन नहीं हुई कोई ठोस कार्यवाही

नगरपरिषद में कई बार की गई शिकायत लेकिन नहीं हुई कोई ठोस कार्यवाही

स्टेट हेड – सादिक़ अली, डूंगरपुर। डूंगरपुर शहर के रेती स्टैंड पर स्थित अनीता माया ट्रावेल्स के ऑफिस के पीछे पार्क के लिए आरक्षित एवं विवादित बेशकीमती सरकारी भूमि पर एक होटल संचालक द्वारा अवैध रूप से निर्माण कार्य किया जा रहा है। जिसको लेकर शिकायतकर्ता द्वारा पूर्व में कई बार नगर परिषद आयुक्त, उपखंड अधिकारी डूंगरपुर एवं जिला प्रशासन को शिकायत की गई। वहीं उक्त मामला भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कार्यालय, डूंगरपुर में भी विचाराधीन है। जिसमें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के द्वारा जमीन की यथास्थिति बनाये रखने के निर्देश दिए थे तथा मामले में अनुसंधान जारी है। इस बीच शहर के एक होटल संचालक द्वारा उक्त विवादित एवं पार्क के लिए आरक्षित बेशकीमती सरकारी भूमि पर फिर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।

विवादित भूमि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में है विचाराधीन

शिकायतकर्ता ने बताया कि पार्क के लिए आरक्षित एवं विवादित उक्त बेशकीमती सरकारी भूमि का प्रकरण भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दर्ज है। जिसमें प्रकरण संख्या 166/19 में पट्टा क्रमांक 43/2013 के भूखंड क्रमांक 1 से 34 की भूमि एवं पार्क के लिए प्रस्तावित भूमि पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के सक्षम अधिकारी द्वारा अनुसंधान किया जा रहा है। जिसको लेकर ब्यूरो कार्यालय द्वारा प्रकरण संख्या 166/2019/812 के तहत दिनांक 22 अगस्त 2024 को एक पत्र जारी कर भूखंड संख्या 1 से 34 पर अनुसंधान किए जाने तथा पार्क के लिए आरक्षित भूमि को लेकर जांच के बारे में बताया गया है।

वहीं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा दिनांक 7 मार्च 2025 को एक पत्र जारी कर पट्टा क्रमांक 43/2013 पर यथास्थिति रखने के आदेश दिए हैं। इसके बावजूद शहर के होटल संचालक ललित पंवार द्वारा लगातार अवैध तरीके से निर्माण कार्य किया जा रहा है।

नगरपरिषद में कई बार शिकायत करने पर नहीं हुई कार्यवाही

शिकायतकर्ता ने बताया कि पार्क के लिए आरक्षित एवं विवादित सरकारी भूमि को लेकर पूर्व में नगरपरिषद में कई बार शिकायत दी गई। वहीं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा भी मामले में अनुसंधान किए जाने हेतु नगरपरिषद से पत्राचार किया गया। इसके बावजूद भी आज दिनांक तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। जिस वजह से आरोपी के हौसले बुलंद है।

अवैध निर्माण को लेकर नगरपरिषद डूंगरपुर में दिनांक 5 मार्च 2025, 7 मार्च 2025, 18 मार्च 2025 एवं 26 मार्च 2025 तथा इसके बाद भी कई बार शिकायत पत्र दिए गए। लेकिन नगरपरिषद द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिसके चलते ललित पंवार द्वारा एक अवैध निर्माण कार्य नियम विरुद्ध एवं स्वीकृति के विरुद्ध पहले ही पूर्ण कर लिया है। वहीं सोमवार को एक अन्य कार्य पुनः प्रारंभ किया है। जो जांच के दायरे में है।

गलत दस्तावेजों को आधार बनाकर जारी करवाया था पट्टा

उक्त विवादित जमीन पर होटल संचालक ललित पंवार द्वारा गलत दस्तावेजों को आधार बनाकर पट्टा क्रमांक 43/2013 जारी करवाया गया था। जिसकी पुष्टि नगरपरिषद एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के विभिन्न जांच रिपोर्ट में भी हुई है। मामले को लेकर नगरपरिषद कार्यालय द्वारा की गई जांच में पार्क की जमीन (खसरा संख्या 889) पर उक्त पट्टा बनवाने की पुष्टि हुई है। जो पूर्णतः अवैधानिक है तथा इस प्रकार के पट्टे पर प्रदान की गई निर्माण स्वीकृति भी वैध नहीं होगी। इसके बावजूद भी ललित पंवार द्वारा निर्माण कार्य लगातार जारी है।

नगरपरिषद ने अवैध निर्माण कार्य रुकवाकर की खानापूर्ति

सोमवार को शिकायतकर्ता की शिकायत के बाद नगरपरिषद की टीम देर शाम को मौके पहुंची तथा अवैध निर्माण कार्य को रुकवाकर केवल खानापूर्ति करके चली गयी। वहीं ललित पंवार द्वारा मंगलवार को भी निर्माण कार्य जारी रखा। उक्त विवादित एवं पार्क के लिए आरक्षित जमीन पर नगरपरिषद पहले भी दो बार अवैध निर्माण कार्य को रुकवा चुकी है लेकिन निर्माण कार्य नहीं रुका। नगरपरिषद ने ललित पंवार को निर्माण स्वीकृति के दस्तावेज लेकर नगर परिषद में उपस्थित होने को कहा है।

पूर्व स्थिति कायम करने व आरोपी को पाबंद करने की मांग

मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने नगरपरिषद आयुक्त एवं उपखंड अधिकारी को पत्र लिखकर उक्त विवादित एवं पार्क की भूमि पर जारी निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोक लगाकर पूर्व स्थिति कायम करने की मांग की है। साथ ही आरोपी ललित पंवार को पाबंद करवाने की मांग की है। जिससे भविष्य में विवाद की स्थिति उत्पन्न ना हो सके। अब देखने वाली बात यह है कि नगरपरिषद व जिला प्रशासन मामले की गंभीरता को देखते हुए क्या ठोस कार्यवाही अमल में लाता है।

read more :  इजरायल के साथ सीजफायर के बाद अब जासूसों को सजा देने में लगा ईरान

इजरायल के साथ सीजफायर के बाद अब जासूसों को सजा देने में लगा ईरान

ईरान में इजरायली जासूसी नेटवर्क से कथित संबंधों के लिए सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया। ईरान की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है। ईरानी खुफिया और सुरक्षा बलों ने देश में इजरायल के “जासूसी नेटवर्क” का हिस्सा होने के संदेह में 700 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। संदिग्धों को ईरान के साथ इजरायल के 12-दिवसीय युद्ध के दौरान गिरफ्तार किया गया था। ईरान पर इजरायल के सैन्य हमले में एक अभूतपूर्व इजरायली खुफिया अभियान भी शामिल था, जिसमें उच्च पदस्थ सैन्य अधिकारियों और प्रमुख परमाणु वैज्ञानिकों की लक्षित हत्याएं शामिल थीं। ईरानी सरकार की तरफ से की गई पिछली सामूहिक गिरफ्तारियों की मानवाधिकार समूहों की ओर से उचित प्रक्रिया की कमी के लिए आलोचना की गई है।

उर्मिया जेल में दी गई फांसी

ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी ‘इरना’ के मुताबिक ईरान के पश्चिम अजरबैजान प्रांत की उर्मिया जेल में फांसी दी गई पश्चिम अजरबैजान देश का सबसे उत्तर पश्चिमी प्रांत है। ‘इरना’ ने खबर में ईरान की न्यायपालिका का हवाला देते हुए कहा कि इन लोगों पर देश में हथियार लाने का आरोप था। ईरान ने इजराइल के साथ अपने युद्ध के दौरान कई लोगों को फांसी की सजा दी है।

अब तक 6 लोगों को दी गई फांसी

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने आशंका जताई है कि संघर्ष समाप्त होने के बाद कई और लोगों को फांसी पर लटकाया जा सकता है। फांसी पर लटकाए गए तीनों लोगों की पहचान ईरान ने आजाद शोजाई, इद्रिस आली और इराकी नागरिक रसूल अहमद रसूल के रूप में की है। बुधवार को दी गई फांसी के साथ ही 16 जून से युद्ध के दौरान जासूसी के आरोप में फांसी की सजा पाने वालों की कुल संख्या छह हो गई है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर इजराइल के साथ संघर्ष विराम लागू होने के बाद ईरान के लोग अब धीरे धीरे सामान्य जीवन में लौटने की कोशिश कर रहे हैं।

ईरान के 14 न्यूक्लियर साइंंटिस्ट की मौत

बता दें कि इजरायल के हमलों में ईरान के 14 वैज्ञानिकों की मौत हो गई है। ये सभी ईरान के वे न्यूक्लियर साइंटिस्ट थे जिनकी निगरानी में ईरान का परमाणु कार्यक्रम आगे बढ़ा रहा था। इसके साथ ही ईरान के कई आर्मी कमांडर्स को भी इजरायल ने अपने सटीक हमलों में ढेर कर दिया। इससे यह साफ हो गया कि ईरान के अंदर इजरायल का खुफिया तंत्र बेहद मजबूत है। इसके बाद ईरान ने निगरानी तेज करते हुए उन लोगों की धरपकड़ शुरू कर दी जिन लोगों पर जासूसी का शक है।

ईरानी न्यूक्लियर ठिकानों को तबाह किया

12 दिन तक चले ईरान-इजरायल युद्ध के दौरान इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरानी न्यूक्लियर ठिकानों को तबाह किया। इस दौरान ईरान के कई टॉप कमांडर और वैज्ञानिकों की मौत हो गई। इस बीच अमेरिका ने सीधे तौर पर ईरान के तीन न्यूक्लियर सेंटर पर हमला किया था। हालांकि, इस पर ईरान जवाब दिया था कि अमेरिकी हमले तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने में विफल रहे है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु संयंत्र के नष्ट नहीं होने संबंधी रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे फर्जी खबर बताया है और जोर देकर कहा कि न्यूक्लियर साइट्स पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं।

read more :  पंजाब में हड़कंप: बिक्रम मजीठिया गिरफ्तार, 25 ठिकानों पर छापेमारी

पंजाब में हड़कंप: बिक्रम मजीठिया गिरफ्तार, 25 ठिकानों पर छापेमारी

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने अकाली नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को गिरफ्तार किया। इससे पहले पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया के करीब 25 ठिकानों पर छापेमारी की। इसके बाद उन्हें अमृतसर में उनके घर से गिरफ्तार किया गया। इसको लेकर मजीठिया की पत्नी और अकाली दल की विधायक गनीव कौर मजीठिया ने दावा किया कि ब्यूरो की 30 सदस्यीय टीम उनके घर में घुसी। अकाली नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने गिरफ्तारी का वीडियो शेयर करते हुए एक्स पर लिखा मैं गुरु साहिब का बेटा हूं। मैंने पंजाब के मुद्दों को आगे बढ़ाया है और आगे भी उठाते रहेंगे।

क्या है मामला ?

पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) मजीठिया के खिलाफ 2021 के ड्रग्स मामले की जांच कर रही है। अकाली नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को मामले के संबंध में कई बार तलब किया गया और उनसे पूछताछ की गई। इस साल मार्च में एसआईटी ने दावा किया था कि उसने पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया और उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों में ‘संदिग्ध वित्तीय लेनदेन’ का पता लगाया है। पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ ड्रग्स मामले की जांच कर रही एसआईटी ने तब कहा था कि उसने विदेश में वित्तीय लेनदेन का पता लगाने के लिए अपनी जांच का दायरा बढ़ाया है।

बिक्रम मजीठिया गिरफ्तार
बिक्रम मजीठिया गिरफ्तार

ड्रग्स मनी और नशीले पदार्थों को लेकर छापेमारी

जानकारी के मुताबिक अकाली दल नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के चंडीगढ़ स्थित आवास समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। बताया जा रहा है कि ये छापेमारी ड्रग्स मनी और नशीले पदार्थों को लेकर को लेकर की गई। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस संबंध में अभी कुछ नहीं कहा गया है।

बिक्रम मजीठिया ने पंजाब सरकार पर बोला हमला

हिरासत में जाने से पहले अकाली दल नेता बिक्रम मजीठिया ने आरोप लगाया कि नशे के मुद्दे पर ज़बरदस्ती उनके घर पर रेड की जा रही है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में मेरे घर पर रेड की जा रही है, जहां कोई नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इसका फ़ायदा उठाकर कुछ भी प्लांट किया जा सकता है। पंजाब सरकार बौखलाई हुई है और बौखलाहट में इस तरह के क़दम उठा रही है।

बिक्रम मजीठिया ने पंजाब सरकार पर बोला हमला
बिक्रम मजीठिया ने पंजाब सरकार पर बोला हमला

बिना वारंट दिखाए घर में घुसी जांच टीम – गनीव कौर मजीठिया

विक्रम मजीठिया की पत्नी और अकाली दल की विधायक गनीव कौर मजीठिया ने कहा कि 30-35 लोग हमारे घर में घुस आए। उन्होंने न तो हमें कोई वारंट दिखाया और न ही कोई अन्य दस्तावेज, वे बस हमारे घर में घुस आए और हमारे निजी सामान की जांच करने लगे। उन्होंने हमसे बात नहीं की। मैंने अधिकारियों से बात करने की कोशिश भी की। यह ऐसा मामला है जिसकी जांच भी नहीं हुई है। देखते हैं क्या होता है। सरकार जो चाहे करे पर जो कुछ भी हो रहा है, वह सब आपके सामने है। हमने यह लड़ाई लड़ी है और हम लड़ते रहेंगे।

read more :   कौन सा देश परमाणु बम बना रहा कौन सा नहीं, जानिए कैसे होती है निगरानी

कौन सा देश परमाणु बम बना रहा कौन सा नहीं, जानिए कैसे होती है निगरानी

परमाणु बम दुनिया का ऐसा हथियार है, जिसके पास पूरी मानव सभ्यता को नष्ट करने की क्षमता है। यह कितना खतरनाक है अगर इसको देखना है तो आप जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों को देख सकते हैं, जहां इसकी छाप आज भी दिखाई देती है। अमेरिका ने जापान के इन दोनों शहरों पर 1945 में परमाणु बम से हमला किया था, जहां इसका असर आज भी है। यही कारण है कि इजरायल नहीं चाहता कि ईरान के पास परमाणु बम हो।

अगर एक बार ईरान के पास परमाणु बम की क्षमता आ जाती है तो पूरे मिडिल ईस्ट रीजन में इजरायल का दबदबा लगभग खत्म हो जाएगा। ऐसे में सवाल उठता है कि दुनिया के बाकी देशों को कैसे पता चलता है कि कौन सा देश परमाणु बम बना रहा है या उसके पास परमाणु बम बनाने का सामान है ? अगर आपके मन में भी इस तरह के सवाल हैं तो इनके उत्तर विस्तार से जानते हैं।

कैसे पता चले कौन सा देश बना रहा परमाणु बम ?

कौन सा देश परमाणु बम बना रहा है, इसको पता करने के तमाम तरीके होते हैं। इसमें पहला काम खुफिया एजेंसियों का है। हर देश में दूसरे देश की खुफिया एजेंसियां काम करती हैं। उनका मुख्य काम उस देश में क्या चल रहा है ? हथियारों को लेकर कौन से नए रिसर्च पर काम हो रहा है ? क्या-क्या सीक्रेट मिशन उस देश में जारी हैं ? ये उसके बारे में डेटा इकठ्ठा करती हैं। इसमें अगर परमाणु हथियारों से जुड़ी कोई जानकारी निकल कर सामने आती है। तो इसकी जानकारी इंटरनेशनल लेवल पर शेयर की जाती है, ताकि उस देश के न्यूक्लियर मिशन को रोका जा सके।

सैटेलाइट के जरिए भी की जाती है निगरानी

खुफिया एजेंसियों के अलावा इसकी निगरानी सैटेलाइट के जरिए भी की जाती है। इसका उपयोग परमाणु रिएक्टरों की तस्वीरें लेने और निगरानी करने के लिए किया जाता है। उदाहरण के तौर पर अमेरिका ने जब ईरान न्यूक्लियर प्लांट पर हमला किया। तो उसके बाद वहां की सैटेलाइट तस्वीरें निकलकर सामने आईं हैं, जिसमें बम के धमाके से बने गड्ढे दिख रहे हैं।

इंटरनेशनल परमाणु ऊर्जा एजेंसी भी करता है निगरानी

इसके अलावा इंटरनेशनल परमाणु ऊर्जा एजेंसी भी इसमें अहम रोल निभाती है। इसका काम परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना है। 2011 में इंटरनेशनल परमाणु ऊर्जा एजेंसी की रिपोर्ट में यह बताया गया था कि ईरान साल 2003 तक ही परमाणु बम बनाने की गतिविधियों के करीब पहुंच गया था। इसके बाद ईरानी यूरेनियम संवर्धन गतिविधियों को निलंबित कर दिया गया था।

क्या सभी देशों की जानकारी पता चल जाती है ?

हालांकि इतना सब होने के बाद भी कौन सा देश परमाणु बनाने की दिशा में क्या काम कर रहा है। इसकी सटीक जानकारी नहीं मिलती है। उदाहरण के तौर पर इजरायल न तो कभी मानता है कि उसके पास परमाणु बम है और न ही इससे इनकार करता है। इतनी खोजबीन के बावजूद सटीक जानकारी नहीं जुटाई जा सकी है।

read more :  पति की हत्या कर प्रेमी संग फरार, 9 बच्चों को भी छोड़ गई महिला

पति की हत्या कर प्रेमी संग फरार, 9 बच्चों को भी छोड़ गई महिला

यूपी के कासगंज में एक महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को मार डाला और फिर अपने 9 बच्चों को छोड़कर प्रेमी के साथ फरार हो गई। मामला पटियाली थाना क्षेत्र के भरगेन गांव का है। जानकारी के अनुसार, 17 जून को पति पत्नी में विवाद हुआ था। इसके बाद पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी और अपने 9 बच्चों को छोड़कर प्रेमी के साथ भाग गई।

मृतक रतिराम फर्रुखाबाद से अपनी पत्नी और 9 बच्चों के साथ भरगैन के ईंट भट्ठे पर काम करने आया था। इसके कुछ दिन बीतने के बाद पत्नी ने इस घटना को प्रेमी के साथ मिलकर अंजाम दिया। आरोपी पत्नी और प्रेमी फरार दोनों फरार हैं।

ईंट भट्टे पर मिला था शव

पुलिस के अनुसार, भरगेन गांव में रहने वाले शख्स का शव सुनसान ईंट भट्टे में मिला था। जांच में सामने आया कि अपराधी कोई बाहरी व्यक्ति नहीं था। बल्कि उसकी अपनी पत्नी रीना थी। जो नौ बच्चों की मां है। जांच में सामने आया कि रीना का हनीफ के साथ लंबे समय से अवैध संबंध है। प्रेम प्रसंग के मामले को लेकर रतिराम और रीना के बीच महीनों से तनाव चल रहा था। पुलिस का मानना ​​है कि दोनों ने रतिराम को ईंट भट्टे पर फुसलाकर बुलाया, जहां उसकी निर्मम हत्या कर दी गई।

प्रेमी के साथ फरार हो गई महिला

पति को मारने के बाद रीना अपने 9 बच्चों को छोड़कर प्रेमी हनीफ के साथ फरार हो गई। मां और पिता के न रहने के कारण बच्चे अनाथ हो गए हैं। अधिकारियों ने रीना और हनीफ के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार करने की बात कही है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि दोनों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अगर कोई और इसमें शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

read more :  इजरायल का गंभीर आरोप: ढाई घंटे का सीजफायर, ईरान ने किया उल्लंघन

इजरायल का गंभीर आरोप: ढाई घंटे का सीजफायर, ईरान ने किया उल्लंघन

ईरान और इजरायल के बीच युद्ध का आज 12वां दिन है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान और इज़राइल के बीच “पूर्ण और समग्र” युद्ध विराम की घोषणा कर दी है लेकिन उनके इस ऐलान के कुछ घंटों बाद, तेहरान ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि किसी भी युद्ध विराम या सैन्य अभियानों की समाप्ति पर “कोई समझौता” नहीं हुआ है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उन्हें इस युद्ध को जारी रखने में कोई दिलचस्पी नहीं है, बशर्ते कि इज़राइल अपना आक्रमण बंद कर दे।

अराघची ने कहा कि ईरान ने बार-बार स्पष्ट किया है कि इज़राइल ने ईरान पर युद्ध शुरू किया है और अगर इज़राइली शासन ईरानी लोगों के खिलाफ़ अपने अवैध आक्रमण को तेहरान समय के अनुसार सुबह 4 बजे से पहले रोक दे, हमारा उसके बाद अपनी प्रतिक्रिया जारी रखने का कोई इरादा नहीं है। वही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की है। उन्होंने लिखा कि सीजफायर अब प्रभावी होगा। प्लीज इसे न तोड़ें।

ईरान ऐसा देश नहीं है जो झुक जाए – अयातुल्ला अली खामेनेई

अमेरिका की मध्यस्थता से ईरान और इजरायल के बीच सीजफायर की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने तीखा बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि ईरान ऐसा देश नहीं है जो झुक जाए। अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा कि अमेरिका ने हमें धमकाने के लिए मुंह खोला है। वे धमकी तो दे ही रहे हैं और इसके साथ आत्मसमर्पण करने की बात भी कह रहे हैं। ईरान धमकियों से नहीं डरता है।

सीजफायर तोड़ा तो जवाब मिलेगा – इजरायल

ईरान द्वारा सीजफायर के बावजूद इजरायल पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने के बाद इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल कात्ज़ ने सख्त चेतावनी जारी की है। टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक, कात्ज़ ने कहा, “मैंने आईडीएफ (इजरायल डिफेंस फोर्स) को निर्देश दिया है कि ईरान के इस सीजफायर उल्लंघन का कड़ा जवाब दिया जाए। अब ईरान के विभिन्न ठिकानों पर तीव्र और सटीक हमले होंगे।

बम शेल्टर से बाहर आ सकते हैं नागरिक – आईडीएफ

इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) के होम फ्रंट कमांड ने जानकारी दी है कि ईरान की ओर से हुई ताजा मिसाइल अटैक के बाद अब उत्तर इजरायल के लोग बम शेल्टर से बाहर आ सकते हैं। कमांड ने बताया कि खतरे की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, हालांकि नागरिकों को निर्देशों का पालन करते रहने की सलाह दी गई है।

ईरान ने दागीं मिसाइलें – इजरायल का बड़ा दावा

इजरायल ने दावा किया है कि ईरान से उसकी ओर मिसाइलें दागी गई हैं। यह जानकारी इजरायली वायुसेना की ओर से आधिकारिक तौर पर दी गई है। देश के उत्तर क्षेत्रों में सायरन बजाए गए हैं और लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। इजरायली एयरफोर्स ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा थोड़ी देर पहले, ईरान से इजरायली इलाके की ओर मिसाइलें छोड़े जाने के बाद अलर्ट जारी किया गया है।

इजरायल पर कोई मिसाइल हमला नहीं किया – ईरानी मीडिया

ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि सीजफायर लागू होने के बाद ईरान ने इजरायल पर कोई मिसाइल हमला नहीं किया। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब इजरायल की ओर से आरोप लगाया गया कि ईरान ने दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें इंटरसेप्ट कर लिया गया। ईरान की सेना ने स्पष्ट रूप से इनकार किया है कि सीजफायर के बाद इजरायल की ओर कोई मिसाइल दागी गई है। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) ने इजरायल के साथ सीजफायर समझौते को औपचारिक तौर पर मंजूरी दे दी है।

इजरायल में फिर से खुलेगा हवाई क्षेत्र – एयरपोर्ट अथॉरिटी

टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान से सीजफायर के ऐलान के बाद अब इजरायल धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ेगा। इजरायल एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (IAA) ने बताया है कि देश के हवाई क्षेत्र को फेज के अनुसार धीरे-धीरे दोबारा खोला जाएगा। हालांकि इसकी आखिरी मंजूरी रक्षा मंत्रालय से मिलेगी। इजरायल एयरपोर्ट्स अथॉरिटी के अनुसार, इस प्रक्रिया के तहत सिविल एविएशन अथॉरिटी, रक्षा संस्थानों और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर स्थिति की समीक्षा की जा रही है।

कतर ने ईरानी राजदूत को किया तलब

कतर ने अपने देश में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने अल उदैद बेस पर ईरान द्वारा किए गए हमले के बाद ईरानी राजदूत को तलब किया है। यह हमला अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर की गई कार्रवाई के जवाब में किया गया था। कतर के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि हम इस हमले की कड़ी निंदा करते हैं। यह हमारे संप्रभुता और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है। कतर अपने जवाब देने के अधिकार को सुरक्षित रखता है।

फ्रांस ने किया सीजफायर का स्वागत

फ्रांस ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान और इजरायल के बीच सीजफायर की घोषणा का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में शांति कायम होगी। फ्रांस के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया। हम इस घोषणा का स्वागत करते हैं। यह जरूरी है कि अब पूरी तरह से दुश्मनी खत्म हो और सभी पक्ष इस समझौते का सम्मान करें। फ्रांस ने आगे चेताया कि अगर यह हिंसा दोबारा भड़की तो इसके भयानक परिणाम होंगे।

भारत में भी ईरान – इजरायल तनाव का असर

ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और हवाई हमलों के बीच मिडिल ईस्ट के एयरस्पेस बंद होने का असर अब भारत की उड़ानों पर भी साफ दिखने लगा है। देश में 60 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं। कुल 48 उड़ानें दिल्ली एयरपोर्ट से रद्द की गई हैं। दिल्ली के अलावा, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु और गुजरात जैसे राज्यों के एयरपोर्ट्स पर भी उड़ानें रद्द या देर से शेड्यूल हुई हैं।

ईरान-इजरायल में सीजफायर के बाद इन देशों ने खोला एयरस्पेस

अलजजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के चलते जो हवाई सेवाएं प्रभावित हुई थीं। अब वे धीरे-धीरे सामान्य होने लगी हैं। सीरियाई मीडिया के अनुसार, सीरिया ने अपना एयरस्पेस दोबारा खोल दिया है। इसके अलावा, कतर, ओमान और इराक जैसे अन्य देशों ने भी अपना एयरस्पेस फिर से खोल दिया है।

read more : ईरान के टॉप कमांडर की हत्या, क्या है आसिम मुनीर का कनेक्शन ?

ईरान के टॉप कमांडर की हत्या, क्या है आसिम मुनीर का कनेक्शन ?

इजरायल और ईरान की जंग में पाकिस्तान बार-बार इजरायल के खिलाफ बयान देकर ईरान को समर्थन दिखाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ईरानी सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान ने ईरान की पीठ में छुरा घोंपा है। 13 जून को मारे गए ईरान के टॉप कमांडर मोहम्मद हुसैन बकरी की हत्या में पाकिस्तानी सेना प्रमुख और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का नाम सामने आया है। उन पर आरोप है कि कमांडर की लोकेशन उन्होंने ही अमेरिका और इजरायल के साथ शेयर की थी।

ईरान के सूत्रों का दावा, पाकिस्तान खेल रहा डबल गेम

ईरानी सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तान ईरान और इजरायल की जंग में डबल गेम खेल रहा है। वह ईरान और पश्चिम दोनों के साथ रिश्ते बनाकर रखना चाहता है। सूत्रों का दावा है कि मोहम्मद हुसैन बकरी की हत्या से पहले मई महीने के आखिर में आसिम मुनीर ने उनसे मुलाकात की थी और एक स्मार्टवॉच भी उन्हें गिफ्ट की थी।

इस स्मार्टवॉच में लगा था जीपीएस ट्रैकर 

ईरानी मीडिया का कहना है कि इस स्मार्टवॉच में जीपीएस ट्रैकर लगा था। जिससे इजरायली सेना को मोहम्मद हुसैन बकरी की लोकेशन मिल गई। जिसकी वजह से वह उन पर सटीक हमला करने में कामयाब हुई। 13 जून के हमले में ही मोहम्मद हुसैन बकरी के दो डिप्टी भी मारे गए। सूत्रों का यह भी कहना है कि मोहम्मद हुसैन बकरी से मुलाकात के बाद आसिम मुनीर सीक्रेटली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मिले थे।

ईरान तेजी से न्यूक्लियर प्रोग्राम पर कर रहा काम – राष्ट्रपति नेतन्याहू

करीब 10 दिन से ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष चल रहा है। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इजरायल के हमलों में अब तक ईरान के 400 से ज्यादा नागरिकों की जान जा चुकी है, जबकि 3,500 लोग घायल हो गए हैं। मरने वालों में ईरानी सेना के टॉप कमांडर और परमाणु वैज्ञानिक भी शामिल हैं। 13 जून को इजरायली सेना ने ईरान पर हमला किया था। उसका कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया। हमले के बाद इजरायली राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि ईरान तेजी से न्यूक्लियर प्रोग्राम पर काम कर रहा है और तीन सालों में 10,000 बैलिस्टिक मिसाइल बना लेगा। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि अगर ईरान ने छोटे से इजरायल पर ये मिसाइलें दाग दीं तो क्या होगा।

read more :  माथुगामड़ा मार्ग पर हो रहा निजी मोबाइल कंपनी के टावर का निर्माण

माथुगामड़ा मार्ग पर हो रहा निजी मोबाइल कंपनी के टावर का निर्माण

स्टेट हेड – सादिक़ अली, डूंगरपुर। डूंगरपुर शहर के वार्ड नंबर 31 धरती माता कॉलोनी माथुगामड़ा मार्ग पर मुख्य सड़क के किनारे एक निजी मोबाइल कंपनी का टावर लगाया जा रहा है। जिसको लेकर आमजन व राहगीरों को हादसों का भय सताने लगा है। मुख्य सड़क के किनारे मोबाइल टावर लगाने की वजह से सड़क पर आने-जाने वाले राहगीरों एवं वाहन चालकों तथा वार्डवासियों को हादसों का शिकार होना पड़ सकता है। जिसको लेकर आमजन में आक्रोश व्याप्त है। उक्त मोबाइल टावर को हटाने की मांग को लेकर वार्डवासियों ने आक्रोश जताते हुए प्रदर्शन किया तथा टावर को अन्यत्र जगह लगाने की मांग रखी।

आबादी क्षेत्र में लगाया जा रहा है मोबाइल टावर

नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 31 में माथुगामड़ा मार्ग मुख्य सड़क के किनारे एक निजी कंपनी द्वारा मोबाईल टावर लगाया जा रहा है। यह टावर धरती माता कॉलोनी, आरएनटी कॉलोनी, आईटीआई तथा एफसीआई गोदाम जाने वाले रास्ते के तिराहे पर लगाया जा रहा है जो एक आबादी क्षेत्र है जहां आए दिन लोगों की भीड़ रहती है। वहीं, इस टावर लगाने वाली जगह के पास में ही एक निजी विद्यालय है। जहां आठवीं तक के बच्चे भी पढ़ने आते हैं। आबादी क्षेत्र में सड़क किनारे मोबाइल टावर लगाने से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है साथ ही मोबाइल टावर की वजह से स्थानीय वार्डवासियों का जनजीवन भी प्रभावित हो सकता है।

नगर परिषद ने दी स्वीकृति, ठेकेदार ने नहीं दिखाई एनओसी

इस मामले को लेकर वार्डवासियों ने जब ठेकेदार से मोबाइल टावर लगाने की परमिशन के बारे में पूछा तो ठेकेदार ने कहा कि नगर परिषद ने स्वीकृति दी है। इस संबंध में जब ठेकेदार से एनओसी मांगी गई तो ठेकेदार ने दिखाने से मना कर दिया। ठेकेदार का कहना है कि उन्होंने मोबाइल टावर लगाने की परमिशन के बारे में जानकारी वार्ड के पार्षद को दे दी है। टावर निर्माण की स्वीकृति को लेकर जब वार्ड पार्षद से बात की तो उन्होंने बताया कि उन्हें ठेकेदार द्वारा नगर परिषद से मिली स्वीकृति का पत्र व्हाट्सएप पर बताया गया।

read more :  ईरान के फोर्डो परमाणु केंद्र पर फिर से हमला: IAEA ने बताया भारी नुकसान

ईरान के फोर्डो परमाणु केंद्र पर फिर से हमला: IAEA ने बताया भारी नुकसान

ईरान के फोर्डो स्थित भूमिगत परमाणु केंद्र पर फिर हमला हुआ है। एपी ने ईरान के सरकारी टेलीविजन के हवाले से यह खबर दी है। यह खबर ऐसे समय पर आई है जब संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी संस्था के प्रमुख ने सोमवार को कहा कि इस सप्ताहांत में अमेरिका की ओर से अत्याधुनिक बंकर-बस्टर बमों से किए गए हवाई हमले के बाद फोर्डो में ईरान के भूमिगत प्रतिष्ठान को “बहुत भारी क्षति” होने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी ने वियना में यह बयान दिया है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा………

गौरतलब है कि, अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु संयंत्रों पर बमबारी की है। अमेरिका की ओर से किए गए हमलों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि हमलों ने ईरान के तीन परमाणु संवर्धन संयंत्रों को “पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। हालांकि सैटेलाइट तस्वीरों से अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है। परमाणु स्थलों को काफी नुकसान जरूर दिखाई दे रहा है, फिर भी कुछ हिस्से ऐसे हैं जो सुरक्षित हैं। अमेरिकी हमलों का ईरान भूमिगत परमाणु प्रतिष्ठानों पर कितना प्रभाव पड़ा है, इस बारे में अनिश्चितता बनी हुई है।

ईरान ने मार गिराया इजरायली ड्रोन

इस बीच इजरायल की सेना ने कहा है कि ईरान में सोमवार सुबह उसके एक ड्रोन को मार गिराया है। सेना ने यह भी कहा कि 15 लड़ाकू विमानों ने इराक की सीमा से सटे पश्चिमी ईरान में मिसाइल लांचर और भंडारण स्थलों पर हमला किया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार देर रात कहा कि इजरायल, ईरान के परमाणु और मिसाइल खतरों को दूर करने के अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के बेहद करीब है।

क्या बोले IAEA के प्रमुख ?

राफेल मारियानो ग्रॉसी ने कहा कि उपयोग किए गए विस्फोटक आयुध और सेंट्रीफ्यूज की अत्यधिक कंपन संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए, भारी क्षति होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि इस समय IAEA सहित कोई भी फोर्डो में भूमिगत क्षति का पूर्ण आकलन करने की स्थिति में नहीं है।

read more :  समाजवादी पार्टी ने 3 बागी विधायकों को पार्टी से निकाला, की थी क्रॉस वोटिंग

समाजवादी पार्टी ने 3 बागी विधायकों को पार्टी से निकाला, की थी क्रॉस वोटिंग

समाजवादी पार्टी ने अपने 3 बागी विधायकों को पार्टी से निकाल दिया है। समाजवादी पार्टी की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी गई है। सपा की तरफ से कहा गया है कि पार्टी की मूल विचारधारा के खिलाफ जाने के कारण इन लोगों को निष्काषित किया गया है। सपा की तरफ से यह भी बताया गया है कि इन सभी विधायकों को हृदय परिवर्तन के लिए समय दिया गया था और यह समय खत्म होने के साथ ही पार्टी से इनकी सदस्यता आधिकारिक तौर पर खत्म कर दी गई है।
समाजवादी पार्टी ने अपने 3 बागी विधायकों को पार्टी से निकाल दिया
समाजवादी पार्टी ने अपने 3 बागी विधायकों को पार्टी से निकाल दिया

वही समाजवादी पार्टी के तीन विधायकों ने पिछले साल राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग की थी। इसके बाद से तीनों विधायक पार्टी से अलग चल रहे थे। क्रॉस वोटिंग के बाद तीनों विधायक न तो सपा के किसी कार्यक्रम में जाते थे, न ही पार्टी ऑफिस पहुंचते थे। इसके बाद तीनों को पार्टी से निकाल दिया गया है।

समाजवादी पार्टी ने क्या कहा ?

वही समाजवादी पार्टी की तरफ से एक्स पोस्ट में लिखा गया “समाजवादी सौहार्दपूर्ण सकारात्मक विचारधारा की राजनीति के विपरीत साम्प्रदायिक विभाजनकारी नकारात्मकता व किसान, महिला, युवा, कारोबारी, नौकरीपेशा और ‘पीडीए विरोधी’ विचारधारा का साथ देने के कारण, समाजवादी पार्टी जनहित में निम्नांकित विधायकों को पार्टी से निष्कासित करती है।

1. मा. विधायक गोशाईगंज अभय सिंह 2. मा. विधायक गौरीगंज राकेश प्रताप सिंह 3. मा. विधायक ऊंचाहार मनोज कुमार पाण्डेय

इन लोगों को हृदय परिवर्तन के लिए दी गयी ‘अनुग्रह-अवधि’ की समय-सीमा अब पूर्ण हुई, शेष की समय-सीमा अच्छे व्यवहार के कारण शेष है। भविष्य में भी ‘जन-विरोधी’ लोगों के लिए पार्टी में कोई स्थान नहीं होगा और पार्टी के मूल विचार की विरोधी गतिविधियां सदैव अक्षम्य मानी जाएंगी। जहां रहें, विश्वसनीय रहें।

सपा के 7 विधायकों ने की थी क्रॉस वोटिंग

2024 में उत्तर प्रदेश की 10 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव हुआ था। इस दौरान समाजवादी पार्टी के सात विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। वहीं, एक विधायक मतदान के लिए नहीं पहुंचा था। इससे समाजवादी पार्टी को नुकसान हुआ था। राज्यसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने आठ और समाजवादी पार्टी ने तीन उम्मीदवार उतारे थे। सपा उम्मीदवार के लिए जीत की राह बीजेपी के आठवें उम्मीदवार के मुकाबले आसान थी, लेकिन सात विधायकों ने बीजेपी के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कर दिया। इस वजह से बीजेपी उम्मीदवार को जीत मिली थी।

आईये जाने तीनों विधायकों के बारे में ……..

गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह

अमेठी के गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेताओं में गिने जाते थे। वह 2012 से लगातार विधायक बनते आ रहे हैं। 2021 में उन्होंने विधायकी से इस्तीफा भी दे दिया था। इस समय उन्होंने कहा था कि चुनी हुई सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। इस वजह से वह इस्तीफा दे रहे हैं। राकेश प्रताप सिंह की गिनती सपा प्रमुख अखिलेश यादव के करीबियों में होती थी। 2023 में उन्हें मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी अहम जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन 2024 में पार्टी लाइन से अलग वोट कर उन्होंने पार्टी आलाकमान से अपने रिश्ते खराब किए। अब वह पार्टी से बाहर हो चुके हैं। आगामी चुनाव से पहले वह बीजेपी से जुड़ सकते हैं।

गोसाईंगंज सीट से विधायक अभय सिंह

अयोध्या की गोसाईंगंज सीट से विधायक अभय सिंह ने बहुजन समाजवादी पार्टी के साथ अपने सियासी सफर की शुरुआत की थी, लेकिन बाद में वह समाजवादी पार्टी में चले गए हैं। 2012 में उन्होंने गोसाईंगंज सीट से पहली बार विधानसभा चुनाव जीता और 2022 में दूसरी बार विधायक बने थे। उन्होंने 2012 में खब्बू तिवारी और 2022 में उनकी पत्नी आरती तिवारी को हराया था। अभय सिंह मूल रूप से जौनपुर से हैं और वे पूर्व पीएम वीपी सिंह के दूर के रिश्तेदार भी बताए जाते हैं।

अभय को माफिया मुख्तार अंसारी का करीबी माना जाता है। लखनऊ यूनिवर्सिटी में उनकी छात्र राजनीति मुख्तार अंसारी के संरक्षण में शुरू हुई थी। अभय जेलर आरके तिवारी हत्याकांड, विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में आरोपी रह चुके हैं। अभय सिंह ने यूपी विधानसभा अध्यक्ष के साथ राम मंदिर में दर्शन किए थे, जबकि सपा ने ऐसा करने से मना किया था। यहीं से अभय सिंह और अखिलेश यादव के रिश्ते खराब हो गए।

ऊंचाहार सीट से विधायक मनोज पांडे

रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक मनोज पांडे तीन बार विधायक और सपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं। 2012 में ऊंचाहार सीट बनने के बाद से वह लगातार यहां से विधायक रहे हैं। कानपुर के फिरोज गांधी कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई करने वाले मनोज 16 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के मालिक हैं। रायबरेली में उनका दबदबा माना जाता है। 2012 में उन्होंने इस इलाके से सपा को पांच सीटें जीतने में मदद की थी। यहीं से वह अखिलेश के करीबी बन गए। हालांकि, पार्टी लाइन से अलग वोट करके उन्होंने अपने रिश्ते खराब किए और अब सपा से अलग हो चुके हैं।

read more :   गुजरात में बीजेपी और आप ने एक-एक सीट जीती, वही टीएमसी जीत के पास

गुजरात में बीजेपी और आप ने एक-एक सीट जीती, वही टीएमसी जीत के पास

चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आज सामने आएंगे। मतदान पूरा होने के बाद आज वोटों की गिनती की जा रही है। गुजरात की दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल, केरल और पंजाब की एक-एक विधानसभा सीट पर उप चुनाव हो रहे हैं। चार राज्यों की सभी पांच सीटों पर 19 जून को मतदान हुआ था। हालांकि, गुजरात की कुछ जगहों पर परेशानी के बाद चुनाव आयोग ने दोबारा मतदान कराने के आदेश दिए थे।

दोबारा मतदान 21 जून को हुआ। उपचुनाव के नतीजों का किसी भी राज्य की सत्ता पर असर नहीं होगा, लेकिन पंजाब में आम आदमी पार्टी को जीत मिलने पर आप को एक राज्यसभा सांसद मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि पंजाब में आप को जीत मिलने पर अरविंद केजरीवाल राज्यसभा जा सकते हैं।

राष्ट्रीय राजनीति में केजरीवाल की वापसी – सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर लिखा है कि गुजरात की विसावदर और पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीट पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को जीत मिली है। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय राजनीति में अरविंद केजरीवाल की जबरदस्त वापसी है।

विधायक सोलंकी के निधन के बाद खाली हुई सीट

गुजरात की कडी सीट विधायक करसन सोलंकी के निधन के बाद खाली हुई, जबकि विसावदर में आप विधायक भूपेंद्र भयानी ने इस्तीफा दिया था। केरल की नीलांबुर विधानसभा सीट विधायक पीवी अनवर के इस्तीफे के बाद खाली हुई। पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीट से विधायक गुरप्रीत बस्सी गोगी का निधन हुआ था, जिससे उपचुनाव की स्थिति बनी। इसी तरह कालीगंज सीट विधायक नसरुद्दीन अहमद के निधन के बाद खाली हुई थी।

पश्चिम बंगाल में मतगणना के दौरान आग

पश्चिम बंगाल में उपचुनाव मतगणना के दौरान केंद्रीय चुनाव आयोग के राज्य कार्यालय में आग लग गई। इसकी सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दी गई और चुनाव आयोग के कर्मचारियों को बाहर भेजा गया। चुनाव आयोग के सुरक्षाकर्मियों ने आग पर काबू पाया। इसके बाद में दमकल की गाड़ी पहुंची। आग बुझने के बाद मतगणना दोबारा शुरू हो चुकी है।

केरल में कांग्रेस की जीत लगभग तय

केरल की नीलांबुर सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार की जीत लगभग तय हो चुकी है। यहां पूरे 19 राउंड की गिनती के बाद कांग्रेस उम्मीदवार आर्यदन 10928 वोट से आगे हैं। उन्हें कुल 77087 वोट मिले हैं, जबकि दूसरे नंबर पर मौजूद सीपीआई के एम स्वराज को 66159 वोट मिले हैं। हालांकि, कांग्रेस उम्मीदवार की जीत तय है, लेकिन इसका आधिकारिक ऐलान होना बाकी है।

गुजरात उपचुनाव के नतीजे

गुजरात की दो सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। बीजेपी और आम आदमी पार्टी ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की है। विसावदर में आम आदमी पार्टी के गोपाल इटालिया ने बीजेपी के उम्मीदवार को करीब 17554 वोटों से हराया। वहीं, कड़ी विधानसभा सीट पर बीजेपी के राजेंद्र चावड़ा कांग्रेस के उम्मीदवार को 39452 वोटों से हराया।

कालीगंज में टीएमसी जीत की कगार पर

पश्चिम बंगाल के कालीगंज में तृणमूल कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार अलीफा अहमद जीत की कगार पर हैं। तृणमूल का जश्न शुरू हो गया है। नौ राउंड की गिनती के बाद अलीफा 25071 वोट से आगे हैं। अभी 14 राउंड की गिनती बची है, लेकिन दूसरे नंबर पर चल रहे बीजेपी उम्मीदवार काफी पीछे हैं।

लुधियाना पश्चिम उपचुनाव में आप की बंपर जीत

लुधियाना पश्चिम उपचुनाव के नतीजों का फाइनल आंकड़ा आ गया है। आप के संजीव अरोड़ा को 10634 वोटों के अंतर से बड़ी जीत मिली है। आप उम्मीदवार ने कुल 35144 वोट हासिल किए तो वहीं कांग्रेस के भारत भूषण आशु को 24510 वोट मिले हैं। इसके अलावा, बीजेपी उम्मीदवार जीवन गुप्ता के खाते में 20299 वोट आए हैं।

चंडीगढ़ में आप कार्यकर्ताओं ने बांटी मिठाई

आप कार्यकर्ताओं ने चंडीगढ़ में जश्न मनाया और मिठाइयां बांटीं, क्योंकि पार्टी के संजीव अरोड़ा लुधियाना पश्चिम (पंजाब) विधानसभा उपचुनाव (आधिकारिक चुनाव आयोग के रुझानों के अनुसार) में जीत के करीब पहुंच गए हैं और गोपाल इटालिया ने विसावदर (गुजरात) विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल की है।

किसी को 9 तो किसी को मिले 4 वोट

लुधियाना पश्चिम विधानसभा उपचुनाव में कुल 14 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से कई उम्मीदवारों को 8 राउंड की काउंटिंग के बाद डबल डिजिट में वोट भी नहीं मिले। निर्दलीय नेता परमजीत सिंह को 4 तो निर्दलीय गुरदीप सिंह को 9 वोट मिले हैं। वहीं एक और निर्दलीय पवनदीप सिंह को अब तक 11 वोट मिले और नीतू को 33 वोट मिले। राजेश शर्मा को 41 तो बलदेव राज को भी 41 वोट मिले हैं। इसके अलावा नवनीत गोपी को 42 और रेणु को 44 वोट मिले हैं। चार राउंड की काउंटिंग पूरी होने तक लुधियाना पश्चिम सीट पर NOTA का आंकड़ा 251 तक पहुंचा गया।

read more :   अब रीना ने दी पति को खौफनाक मौत, कार में लाश को लेकर घूमती रही

अब रीना ने दी पति को खौफनाक मौत, कार में लाश को लेकर घूमती रही

यूपी के मुरादाबाद से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आयी है। यहां प्रॉपर्टी के लिए महिला ने आने प्रेमी के साथ मिलकर पति की बेरहमी से ह्त्या कर दी। यही नहीं पति की लाश के साथ वो दो दिन कार में प्रेमी के साथ घूमती रही और फिर उसे कोटद्वार के जंगलों में फेक दिया। पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

जानकारी के मुताबिक शहर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की पॉश कालोनी रामगंगा विहार में रविद्र पत्नी रीना सिंधु के साथ रहता था। रीना फिजियोथेरेपिस्ट भी थी। उसके पास बिजनौर नगीना का रहने वाला परितोष भी आता था, जिससे उसके बाद में प्रेम प्रसग हो हो गए थे। रविन्द्र रामगंगा विहार वाली कोठी बेचना चाहता था। लेकिन उससे पहले ही रीना ने प्रेमी के साथ मिलकर 31 मई को मौत के घाट उतार दिया।

भाई ने खोला बड़ा राज

17 जून को मृतक रविंद्र कुमार के भाई राजेश ने थाना कोटद्वार में तहरीर दी। जिसमें इस बात का जिक्र किया कि उनके मृतक भाई रविंद्र कुमार का 2007 में अपनी पहली पत्नी आशा देवी के साथ अनबन हो गई। जिससे वह हरिद्वार आ गए और हरिद्वार में उनकी मुलाकात रीना सिंधु से हुई। 2010-11 में रीना सिंधु से उन्होंने दोबारा शादी कर ली। मृतक रविंद्र कुमार का उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक बड़ा घर था, जिसको वह बेचना चाहते थे। मगर उनकी पत्नी रीना को यह बात नागवार गुजरी। रीना फिजियोथैरेपिस्ट का काम करती थी। जिसके केंद्र पर परितोष अक्सर आता था। रीना को परितोष से प्रेम हो गया और अपने पति को रास्ते से हटाने के लिए रीना ने 10 लाख रुपए का ऑफर भी पारितोष को दिया था और कहा कि पति की हत्या कर दो। जिस के बाद हम लोग साथ रहेंगे।

रीना और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर भेजा जेल

पुलिस ने पत्नी रीना सिंधु और उसके प्रेमी परितोष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मगर जिस तरह से योजना बना कर के रीना सिंधु ने अपने पति की अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की है। उसने समाज में रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, लोग अभी सोनम रघुवंशी और मुस्कान रस्तोगी को भूले भी नहीं थे कि मुरादाबाद की रीना सिंधु ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया।

पति को पहले पिलाई शराब फिर मौत के घाट

पुलिस ने बताया कि इन दोनों ने रविंद्र कुमार की हत्त्या 31 मई के नगीना में पारितोष के घर पर की थी। पहले पति को अपने प्रेमी के घर पर शराब पिलाई। फिर फावड़े से गले पर वार किया, इसके बाद अपने पति के छाती पर फावड़े से वार करके उसे मौत के घाट उतार दिया और अपने प्रेमी के साथ मिलकर एक शव को कार में डालकर सबसे पहले उत्तराखंड के रामनगर के जंगलों में फेंकने का प्लान तैयार किया। मगर रामनगर के जंगल में मौका न मिलने की वजह से कोटद्वार चली आई। कोटद्वार में अपने प्रेमी परितोष की मदद से पत्नी ने अपने पति के शव को जंगलों में फेंक दिया। 5 जून को शव को बरामद किया गया और पुलिस ने छानबीन करने के बाद रविंद्र कुमार की पहचान की।

read more :   राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने कहा गोपनीयता और सुरक्षा जरूरी