Friday, April 3, 2026
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यशवंत वर्मा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, किए तीखे सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई शुरू की। न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने आंतरिक न्यायिक जांच के निष्कर्षों को चुनौती दी है। जिसमें उन्हें दिल्ली स्थित उनके आधिकारिक आवास पर अधजले नोट मिलने के संबंध में कदाचार का दोषी ठहराया गया था। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ए.जी. मसीह की पीठ ने याचिका की रूपरेखा और न्यायाधीश के आचरण पर तीखे सवाल उठाए।

याचिका में आंतरिक पैनल के निष्कर्षों और तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना द्वारा न्यायमूर्ति वर्मा को हटाने की सिफारिश को अमान्य ठहराने की मांग की गई है। यह घटना 14-15 मार्च, 2024 की है। जब दिल्ली पुलिस को न्यायाधीश के आधिकारिक बंगले के अंदर अधजली नकदी मिली थी।

पूरी प्रक्रिया का राजनीतिकरण हुआ – कपिल सिब्बल

न्यायमूर्ति वर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने टेपों के सार्वजनिक प्रकाशन, ऑनलाइन चर्चा और मीडिया द्वारा निकाले गए अपरिपक्व निष्कर्षों का हवाला देते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया का राजनीतिकरण हो गया है। उन्होंने तर्क दिया कि अनुच्छेद 124(5) और संविधान पीठ के पिछले फैसलों के अनुसार, किसी न्यायाधीश के आचरण पर तब तक कोई चर्चा नहीं होनी चाहिए जब तक कि संसद में औपचारिक महाभियोग प्रस्ताव पेश न किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने जांच रिपोर्ट की अनदेखी पर उठाए सवाल

न्यायमूर्ति वर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि उनके मुवक्किल को बिना किसी उचित प्रक्रिया के दोषी ठहराया गया और किसी भी औपचारिक संसदीय प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही संवेदनशील दस्तावेज मीडिया में लीक कर दिए गए। सिब्बल ने अदालत को बताया, रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी गई और न्यायाधीश को समय से पहले ही दोषी घोषित कर दिया गया।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने याचिका में इस चूक पर कड़ी आपत्ति जताई। न्यायमूर्ति दत्ता ने कहा कि आपको अपनी याचिका के साथ आंतरिक जांच रिपोर्ट दाखिल करनी चाहिए थी। यह याचिका इस तरह दाखिल नहीं की जानी चाहिए थी। पीठ ने यह भी सवाल किया कि न्यायमूर्ति वर्मा ने पहले आपत्ति क्यों नहीं जताई या आंतरिक समिति की कार्यवाही में भाग क्यों नहीं लिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा आप एक संवैधानिक प्राधिकारी हैं। आप समिति के समक्ष क्यों नहीं पेश हुए ? आप अज्ञानता का दावा नहीं कर सकते।

‘राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजना समस्याजनक क्यों – सुप्रीम कोर्ट

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सिब्बल से पूछा कि जांच रिपोर्ट कहां भेजी गई है। जब सिब्बल ने जवाब दिया कि रिपोर्ट भारत के राष्ट्रपति को भेजी गई है, तो सुप्रीम कोर्ट ने आगे पूछा आपको क्यों लगता है कि राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजना समस्याजनक है ? पीठ ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति और मंत्रिपरिषद को रिपोर्ट सौंपना मुख्य न्यायाधीश द्वारा महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने के लिए संसद को प्रभावित करने के समान नहीं है। अदालत ने जोर देकर कहा कि यह संचार स्वाभाविक रूप से असंवैधानिक या पूर्वाग्रहपूर्ण नहीं था।

अगली सुनवाई बुधवार को – सुप्रीम कोर्ट

प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद पीठ ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। अब सुनवाई बुधवार (30 जुलाई, 2025) को फिर से शुरू होगी। अब सुप्रीम कोर्ट इस बात की और जांच करेगी कि जांच में अपनाई गई प्रक्रियाओं ने संवैधानिक सुरक्षा उपायों का उल्लंघन किया है या नहीं।

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होम गार्ड भर्ती दौड़ में बेहोश महिला के साथ एंबुलेंस में गैंगरेप, आरोपी गिरफ्तार

बिहार के गयाजी जिले से एक बेहद ही शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां होमगार्ड भर्ती दौड़ के दौरान एक महिला बेहोश हो गई। उसके बाद उसे अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में एम्बुलेंस चालक और तकनीशियन ने मिलकर महिला के बलात्कार किया। जब यह मामला सामने आया तो हंगामा मच गया। पुलिस ने एम्बुलेंस चालक और टेक्नीशियन को गिरफ्तार कर लिया है।

एसएसपी आनंद कुमार ने क्या कहा ?

एसएसपी आनंद कुमार ने बताया कि पीड़िता के जरिए घटना की जानकारी दी गई। सूचना के 2 घंटे के अंदर एंबुलेंस चालक विनय कुमार और टेक्नीशियन अजीत कुमार को गिरफ्तार किया गया है। पीड़िता ने बताया कि अस्पताल ले जाने के क्रम में चलती एंबुलेंस के अंदर चालक और कर्मियों ने रेप की घटना को अंजाम दिया। जिसके बाद इस घटना को गंभीरता से लेते हुए बोधगया एसडीपीओ सौरभ जायसवाल के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन कर घटना में शामिल अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।

सीसीटीवी के जरिए हुई अभियुक्तों की पहचान

एफएसएल की टीम को भी साक्ष्य संकलन के लिए घटनास्थल पर भेजा गया। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिए दोनों अभियुक्तों की पहचान की गई। इस मामले में बोधगया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं आगे की कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी आनंद कुमार ने बताया कि इस मामले में त्वरित जांच कराते हुए आरोप पत्र समर्पित किया जाएगा। दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

दो युवकों पर गैंगरेप का आरोप

बता दें कि युवती गयाजी में बीएमपी-3 में होमगार्ड भर्ती के लिए दौड़ की परीक्षा देने आई थी। इसी बीच उसकी तबीयत खराब हो गई और उसे आनन-फानन में अस्पताल भेजा गया। उसी दौरान एम्बुलेंस में दो युवकों ने उसके साथ गैंगरेप किया। अस्पताल पहुंचने के बाद जब लड़की को होश आया, तो उसने अस्पताल के डॉक्टरों को अपने साथ हुए बलात्कार की जानकारी दी। 26 वर्षीय पीड़िता इमामगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली है। उसने पुलिस को बताया कि एम्बुलेंस में 3 से 4 लोग थे। उन्होंने बेहोशी की हालत में मेरे साथ सामूहिक बलात्कार किया।

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दुख होता है मै ऐसी सरकार का समर्थन कर रहा हूं – चिराग पासवान

बिहार में आए दिन हो रही हत्या की घटनाओं के बाद अब केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का बड़ा बयान सामने आया है। चिराग पासवान ने बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर नीतीश सरकार पर निशाना साधा है। चिराग पासवान ने कहा कि अपराधियों के आगे प्रशासन नतमस्तक हो गया है। मुझे भी दुख होता है कि मैं ऐसी सरकार का समर्थन कर रहा हूं, जहां अपराध बेकाबू हो गया है। चिराग पासवान ने कहा कि हो सकता है चुनाव को लेकर ऐसी घटनाएं कराई जा रही हों, लेकिन यह भी प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाए। इसके अलावा SIR अभ्यास का विरोध करने पर चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा।

आरजेडी में नहीं है अकेले चुनाव लड़ने की हिम्मत

इसके अलावा तेजस्वी यादव द्वारा SIR अभ्यास को लेकर चुनाव का बहिष्कार किए जाने की बात पर चिराग पासवान ने कहा मैं तो कह रहा हूं कि वे करके दिखा दें अगर हिम्मत है तो। ये वो राजनीतिक दल हैं जो अकेले लड़ भी नहीं सकते। बिहार की एक पुरानी पार्टी आरजेडी में अकेले चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं है, वे कांग्रेस के साथ गठबंधन में हैं। कांग्रेस में भी यहां अकेले लड़ने की हिम्मत नहीं है, चिराग पासवान ने 2020 में ऐसा किया था। वे केवल डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव के समय वे कह रहे थे कि संविधान खत्म हो जाएगा, आरक्षण खत्म हो जाएगा, क्या ऐसा हुआ है? SIR के बारे में जिस तरह का भ्रम पैदा किया जा रहा है। वह वैसा ही है जैसा उन्होंने सीएए के समय किया था।

दुख है कि ऐसी सरकार का समर्थन कर रहा – चिराग पासवान

केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने कहा कि बिहार में जिस तरह से अपराध हो रहे हैं। प्रशासन अपराधियों के सामने पूरी तरह नतमस्तक हो गया है। यह सही है कि इस घटना की निंदा जरूरी थी, लेकिन ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं ? अपराधों का एक सिलसिला चल पड़ा है। अगर ऐसा ही चलता रहा, तो स्थिति भयावह होगी, बल्कि भयावह हो गई है। अगर यह कहा जाए कि चुनाव के कारण ऐसा हो रहा है।

तो मैं यह भी कह सकता हूं कि ऐसा हो सकता है। यह सरकार को बदनाम करने की साजिश भी हो सकती है। लेकिन फिर भी इसे नियंत्रित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इन सबके बीच मैं सरकार से समय रहते कदम उठाने का अनुरोध करता हूं। मुझे दुख है कि मैं ऐसी सरकार का समर्थन कर रहा हूं जहां अपराध बेकाबू हो गए हैं।

read more :  अश्लील कंटेट बनाने वाले यूट्यूबर आमिर के खिलाफ एक्शन, हुआ गिरफ्तार

अश्लील कंटेट बनाने वाले यूट्यूबर आमिर के खिलाफ एक्शन, हुआ गिरफ्तार

सोशल मीडिया पर अश्लील और भड़काऊ कंटेंड अपलोड करने के आरोप में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने मोहम्मद आमिर नाम के एक यूट्यूबर को गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। आरोप है कि मोहम्मद आमिर गंदे, भद्दे और भड़काऊ कंटेंट बनाकर अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड करता था। उसके साथी इसे वायरल करते थे।

मुरादाबाद में पाकबड़ा थाने की पुलिस को मोहम्मद आमिर की शिकायत मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने जांच की और आरोप सही मिलने पर यूट्यूबर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब मोहम्मद आमिर के यूट्यूब से जुड़े उन लोगों पर एक्शन लेने वाली है जो इसके भद्दे, अश्लील और भड़काऊ कंटेंट को वायरल करने का काम करते थे।

लाइक और कमेंट बढ़ाने के लिए लांघ रहे मर्यादा

यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लाइक और कमेंट पाकर वायरल होने के चक्कर में युवा मर्यादा की सारी सीमाएं लांघने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। अभी हाल ही में संभल पुलिस ने असमोली क्षेत्र निवासी महक और परी को गिरफ्तार किया था। दोनों अपने अन्य साथियों के साथ महक परी 143 नाम से चैनल चला रही थी। जिसमें अश्लील और आपत्तिजनक कमेंट परोसा जा रहा था। कुछ वैसा ही कंटेंट आमिर के टीआरटी चैनल से भी परोसा जा रहा है। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह की माने तो आमिर के खिलाफ गहनता से जांच कराई जा रही है। इसी वीडियो शेयर करने वालों को भी चिह्नित किया जा रहा है।

आमिर पर अश्लील कंटेट अपलोड करने का आरोप

दरअसल, यूट्यूबर महक परी के पकड़े जाने के बाद अब मुरादाबाद के यूट्यूबर मोहम्मद आमिर को जेल भेजा गया है। आमिर गंदे, भद्दे और भड़काने वाले कंटेंट बनाकर अपने यूट्यूब चैनल पर डालता था, जिसकी शिकायत थाना पाकबड़ा पुलिस को मिली थी। जांच में सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एसपी सिटी रणविजय सिंह के मुताबिक थाना पाकबड़ा पुलिस को शिकायत मिली थी कि थाना क्षेत्र के रहने वाले मोहम्मद आमिर ने अपना एक यूट्यूब चैनल बना रखा है, जिस पर वो गंदे और भद्दे कंटेंट डालता रहता है। इतना ही नहीं आरोपी द्वारा कई भड़काऊ कंटेंट भी डाले गए।

आमिर को पुलिस ने भेजा जेल

एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस द्वारा इसकी जांच की गई। मामला सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी मोहम्मद आमिर को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उचित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर उसे जेल भेज दिया गया है। इतना ही नहीं पुलिस आरोपी आमिर के चैनल से जितने लोग जुड़े हुए हैं और जितने लोग उसके वीडियो को वायरल कर रहे थे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई करेगी। इसके अलावा चेतावनी दी गई है कोई भी व्यक्ति ऐसे गंदे और भद्दे कंटेंट डालेगा तो उसके खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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झालावाड़ स्कूल हादसे में एक और लापरवाही, टायरों से किया अंतिम संस्कार

स्टेट हेड – सादिक़ अली, राजस्थान। राजस्थान के झालावाड़ जिले में एक सरकारी स्कूल की जर्जर इमारत गिरने से मरे सभी सात बच्चों का शनिवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान एक बच्ची के अंतिम संस्कार में टायरों का इस्तेमाल किए जाने से प्रशासन पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बता दें कि पांच बच्चों के अंतिम संस्कार गांव में ही एक साथ हुए। वहीं दो बच्चों के अंतिम संस्कार अलग-अलग जगह पर हुए। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी पूरी तरह से मौके पर डंटा रहा।

गांव में मची चीख-पुकार

इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे बच्चों के शवों को देख कई मां अपना आपा खो बैठीं और अपने नैनिहालों को अर्थी पर जाते देख विलाप करती रहीं। साथ ही प्रशासन से न्याय को गुहार लगाती रहीं। इस बीच मौके पर मौजूद रेंज के आईजी, जिला पुलिस अधीक्षक, जिला कलेक्टर सहित प्रशासन के अन्य अधिकारी परिजनों को ढांढस बांधते रहे और उचित कार्रवाई का भी आश्वासन दिया। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौर ने कहा कि कहां पर कमी रही है उसको देखा जा रहा है और जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।

अंतिम संस्कार में टायरों का किया इस्तेमाल

सरकारी स्कूल में हुए इतने दर्दनाक हादसे के बाद भी स्थानीय प्रशासन ने अपनी लापरवाही की चरम सीमा पार कर दी। आज अंतिम संस्कार के दौरान एक बच्ची पायल के अंतिम संस्कार में बाइक और साइकिल के टायरों का इस्तेमाल किया गया। इससे प्रशासन फिर सवालों के घेरे में आ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन अगर पहले ही ध्यान देता तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता। कई बार प्रशासन को इस इमारत की जर्जर हालत के बारे में बताया गया था, लेकिन लापरवाही के चलते ये हादसा हो गया।

दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी

जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि जिले में जर्जर इमारत के बारे में 20 जून को ही जानकारी ली गई थी और जहां भी सरकारी स्कूल जर्जर इमारत में चल रहे हैं, वहां से बच्चों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के आदेश दिए गए थे। लेकिन इस स्कूल की तरफ से किसी भी तरह की कोई जानकारी प्रशासन को मुहैया नहीं करवाई गई। जांच लगातार जारी है, जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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सऊदी अरब में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एजेंट ने ठगे 2 लाख

रिपोर्ट – मोहम्मद इबरान, बाराबंकी। जिला बाराबंकी के मसौली थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने बेटे को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी का आरोप लगाया है। बता दे रुखसाना ने कर्ज लेकर ₹2 लाख रुपये एजेंट को दिए।

विदेश तो एजेंट ने 1 मार्च 2025 को उमर फैसल को सऊदी अरब तो भेज दिया, लेकिन वहां न तो रहने की व्यवस्था की गई, न ही खाने की, और न ही कोई नौकरी मिली। युवक पूरी तरह फंसा हुआ है और परिजन मानसिक रूप से परेशान हैं। पीड़िता ने इस मामले में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी एजेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

विदेश भेजने के नाम पर ली मोटी रकम

त्रिलोकपुर कस्बा निवासी रुखसाना बानो ने आरोप लगाया कि फतेहपुर थाना क्षेत्र के गगियापुर गांव निवासी एजेंट अनवर ने उनके बेटे उमर फैसल को सऊदी अरब में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके एवज में रुखसाना ने कर्ज लेकर ₹2 लाख रुपये एजेंट को दिए। बिना नौकरी, बिना सुविधा के बेटे को ऐसे ही भेज दिया। विदेश तो एजेंट ने 1 मार्च 2025 को उमर फैसल को सऊदी अरब तो भेज दिया, लेकिन वहां न तो रहने की व्यवस्था की गई, न ही खाने की, और न ही कोई नौकरी मिली। युवक पूरी तरह फंसा हुआ है और परिजन मानसिक रूप से परेशान हैं।

एजेंट देता रहा गलत पते, फिर दी धमकी

जब पीड़ित परिवार ने एजेंट अनवर से संपर्क करना शुरू किया तो वह लगातार टालमटोल करने लगा। पहले अपना पता लखनऊ की मुंशी पुलिया बताया, लेकिन जब परिवार वहां पहुंचा तो दूसरा एड्रेस दे दिया। महीनों तक यही सिलसिला चलता रहा पीड़िता रुखसाना ने जब अपने मायके त्रिलोकपुर में लोगों को फोटो दिखाई, तो पता चला कि आरोपी बाराबंकी के फतेहपुर थाना क्षेत्र के गगियापुर गांव का निवासी है। जब एक बार फोन पर संपर्क हुआ, तो अनवर ने धमकी देते हुए कहा कि मैं एक कत्ल कर चुका हूं, जंगल में छिपा हूं। ज्यादा पीछा किया तो अंजाम भुगतना पड़ेगा। सबूत के तौर पर एजेंट ने महिला के मोबाइल पर बकायदा एक वीडियो भी भेजी। जिसमें कुछ लोग जंगल में छिपे नजर आ रहे है।

काम दिलाया था, लेकिन उसे हटा दिया

जब मामले में आरोपी एजेंट अनवर से बात की गई, तो उसने दावा किया कि उमर फैसल को काम पर लगाया गया था। लेकिन उसने टॉयलेट में सिगरेट पी ली जिससे नाराज़ होकर वहां के मैनेजर ने उसे हटा दिया।

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उदयपुर के डेंटल कॉलेज की छात्रा ने किया सुसाइड, लगाए गंभीर आरोप

स्टेट हेड – सादिक़ अली, राजस्थान। उदयपुर के भीलों का बेदला स्थित पैसिफिक डेंटल कॉलेज में बीडीएस अंतिम वर्ष की एक छात्रा ने गुरुवार देर रात (24 जुलाई) आत्महत्या कर ली। पीड़िता श्वेता सिंह को उसकी रूममेट ने रात करीब 11 बजे उसके हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके कमरे से मिले एक सुसाइड नोट के मुताबिक श्वेता ने कॉलेज स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे संस्थान विवादों में घिर गया है और छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है।

सुसाइड नोट में चौंकाने वाले आरोप

श्वेता सिंह ने सुसाइड नोट में दो संकाय सदस्यों, माही मैम और भागवत सर का नाम लेते हुए उन पर दो साल से ज्यादा समय तक मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। उन्होंने गंभीर शैक्षणिक कुप्रबंधन पर निराशा व्यक्त की। श्वेता ने सुसाइड नोट में परीक्षाओं में देरी और डिग्री पूरी होने की अनिश्चितता की बात कही। इसके अलावा उसने अंतिम वर्ष की छात्रा होने के बावजूद जूनियर छात्रों के साथ आंतरिक परीक्षा देने के लिए मजबूर करने का जिक्र किया। श्वेता ने कॉलेज पर उन छात्रों को पास करने का आरोप लगाया, जो कभी कक्षाओं में उपस्थित ही नहीं हुए।

सुसाइड नोट में चौंकाने वाले आरोप
सुसाइड नोट में चौंकाने वाले आरोप

जानबूझकर फेल करना

श्वेता सिंह ने लिखा कि हमारे बैचमेट बहुत पहले ही इंटर्न बन गए थे, उन्हें 2-3 महीने से ज्यादा हो गए हैं। लेकिन हम अभी भी अंतिम वर्ष में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा था कि हम दो महीने में परीक्षाएं पूरी कर लेंगे, दो साल से ज्यादा हो गए हैं। भगवान ही जाने हमें अपनी डिग्री कब मिलेगी। श्वेता ने आगे लिखा कि उन्होंने मेरा करियर बर्बाद कर दिया। मैं अब और बर्दाश्त नहीं कर सकती। वे पैसों के लिए बच्चों को प्रताड़ित करते हैं। अगर पैसे दोगे तो पास हो जाओगे, नहीं दोगे तो खून चूस लेंगे। श्वेता ने नोट में न्याय की भी अपील की, अगर भारत में न्याय है। तो कृपया सुनिश्चित करें कि भागवत सर को हमेशा के लिए जेल भेज दिया जाए। उन्हें भी वही यातनाएं झेलनी चाहिए जो वे छात्रों पर ढाते हैं।

छात्रा के समर्थन में विरोध प्रदर्शन शुरू

श्वेता सिंह की आत्महत्या के बाद शुक्रवार सुबह कॉलेज के छात्रों ने अपनी मृत सहपाठी के लिए न्याय की मांग करते हुए परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन के लगातार दबाव, पढ़ाई में देरी और मानसिक प्रताड़ना के कारण श्वेता ने इतना बड़ा कदम उठाया। उन्होंने आगे दावा किया कि अब कॉलेज प्रशासन उन पर विरोध प्रदर्शन खत्म करने का दबाव बना रहा है। वहीं सूचना मिलते ही सुखेर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को शांत करने की कोशिश में जुट गई।

पुलिस ने शुरू की जांच

बता दें कि श्वेता सिंह जम्मू की रहने वाली थीं और एक पुलिस कांस्टेबल की इकलौती बेटी थीं। उनकी अचानक मौत ने उनके परिवार और साथियों को स्तब्ध कर दिया है। फिलहाल पुलिस ने आरोपों की जांच शुरू कर दी है और उम्मीद है कि वे संकाय सदस्यों से पूछताछ करेंगे और प्रशासनिक रिकॉर्ड की समीक्षा करेंगे। अधिकारियों ने अभी तक किसी भी औपचारिक आरोप की पुष्टि नहीं की है, लेकिन कहा है कि संस्थागत लापरवाही सहित सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।

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स्कूल में प्रार्थना कर रहे बच्चो पर मौत बनकर टूट पड़ी छत, 10 की गई जान

स्टेट हेड – सादिक़ अली, राजस्थान। राजस्थान के झालावाड़ ज़िले में सुबह बड़ा हादसा हुआ। जब मनोहरथाना ब्लॉक के पिपलोदी गांव में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की छत गिरी, जिसके बाद दीवार भी ढह गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 10 बच्चों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य बच्चों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

घटना के बाद से इलाके में अफरा-तफरी मच गई है और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने हादसे में बच्चों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने कलेक्टर से फोन पर बात कर राहत और बचाव के काम में तेजी लाने और घायल बच्चों के इलाज की समुचित व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए हैं। वहीं झालावाड़ के एसपी अमित कुमार ने बताया कि स्कूल की छत गिरने से कई छात्रों की मौत हुई है। कई छात्र घायल हैं। सूचना मिलने पर झालावाड़ कलेक्टर और एसपी अमित कुमार बुडानिया मौके के लिए रवाना हो गए हैं।

हादसे का कारण क्या है ?

बता दें कि शुरुआती जानकारी के अनुसार स्कूल भवन की छत जर्जर अवस्था में थी, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। वहीं भारी बारिश के कारण दीवार में नमी आने से कमजोरी भी स्थानीय लोगों के द्वारा बताए गए कारणों में से एक है। हादसे पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने X पर पोस्ट किया। झालावाड़ के मनोहरथाना में एक सरकारी स्कूल की इमारत गिरने से कई बच्चों एवं शिक्षकों के हताहत होने की सूचना मिल रही है। मैं ईश्वर से कम से कम जनहानि एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ देने की प्रार्थना करता हूं।

स्कूल में चल रही थी पढ़ाई

दरअसल, शुक्रवार को पिपलोदी गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य जारी था। सुबह छात्र पढ़ने के लिए स्कूल गए हुए थे। इस दौरान भारी बारिश भी हो रही थी। वहीं बारिश की वजह से स्कूल की छत गिर गई। हालांकि हताहतों की सही संख्या की पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन शुरुआती रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि 10 छात्रों की मौत हुई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। अधिकारी राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ले रहे हैं।

एसपी ने दी जानकारी

झालावाड़ के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा,10 बच्चों की मौत हो गई और अन्य घायल हो गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक घटना के समय करीब 35 बच्चे वहां मौजूद थे। घायल बच्चों को झालावाड़ रेफर किया गया है, जिनमें से तीन से चार की हालत गंभीर है। पुलिस ने बताया कि शिक्षकों और ग्रामीणों की मदद से बच्चों को मलबे से बाहर निकाला गया।

घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया शोक जाहिर
घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया शोक जाहिर

शिक्षा मंत्री ने दिया बयान

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा, “प्राथमिक विद्यालय में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जहां छत गिर गई। इस घटना में 10 छात्रों की मौत हो गई। कुछ छात्र घायल हुए हैं और उनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी छात्रों का सरकारी धन से इलाज कराया जाएगा। इस घटना के कारणों का पता लगाने के लिए उच्च-स्तरीय जांच भी शुरू की जाएगी। ज़िला कलेक्टर मौके पर हैं। इसके अतिरिक्त, शिक्षा अधिकारियों को भी घटनास्थल पर जाकर स्थिति की निगरानी करने और आवश्यकतानुसार सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।

सीएम भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को दिए निर्देश

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने झालावाड़ की घटना को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, “झालावाड़ के पिपलोदी में एक स्कूल की छत गिरने से हुई दुर्घटना अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। घायल बच्चों के समुचित उपचार के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।”

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जताया दुख

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटना पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि झालावाड़ के मनोहरथाना में एक सरकारी स्कूल की इमारत गिरने से कई बच्चों एवं शिक्षकों के हताहत होने की सूचना मिल रही है। मैं ईश्वर से कम से कम जनहानि एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ देने की प्रार्थना करता हूं।

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तेजस्वी यादव की जान को खतरा, 4 बार हुई मारने की कोशिश – राबड़ी देवी

बिहार में विधानसभा चुनाव के आयोजन में अब कुछ ही महीनों का समय बाकी रह गया है। चुनाव के नजदीक आते ही सत्ताधारी दलों और विपक्षी दलों के राजनीतिक घमासान चरम पर है। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में भी पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक देखने को मिली है। इस बीच अब शुक्रवार को बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने ऐसा दावा कर दिया है जिससे हर कोई चौंक गया है। राबड़ी देवी ने अपने बेटे और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की जान को खतरा होने की बात कही है।

बिहार में कब है चुनाव ?

वही बिहार में विधानसभा चुनाव इस साल के आखिर में अक्टूबर-नवंबर महीने में आयोजित किए जा सकते हैं। राज्य में कुल 243 सीटों के लिए वोटिंग होगी। किसी भी दल को बहुमत और सत्ता हासिल करने के लिए 122 सीटों की जरूरत पड़ेगी। आपको बता दें कि चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के एनडीए (NDA) गठबंधन और राजद, कांग्रेस व कुछ अन्य दलों के महागठबंधन के बीच है। इसके अलावा प्रशांत किशोर की जन सुराज और ओवैसी की एआईएमआईएम (AIMIM) भी चुनाव मैदान है।

जानिए राबड़ी देवी ने क्या कहा ?

राबड़ी देवी के इस चौंकाने वाले दावे की हर तरफ चर्चा हो रही है। पटना में राबड़ी देवी ने कहा है कि तेजस्वी को जान का खतरा है। तेजस्वी यादव को चार बार मारने की कोशिश हुई थी। मारने की कोशिश हो रही है। साजिश कौन करेगा जेडीयू और बीजेपी को छोड़कर ? वो लोग संस्कारहीन है। नाला का कीड़ा है।

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यूपी में स्कूलों के विलय मामले में यूपी सरकार को हाईकोर्ट से झटका

यूपी में स्कूलों के विलय मामले में हाईकोर्ट लखनऊ बेंच से यूपी सरकार को बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने सीतापुर में स्कूलों के विलय पर यथा स्थिति बनाए रखने का दिया आदेश है। बुधवार को को लखनऊ बेंच हाईकोर्ट में सरकार की ओर से वकील ने अपना पक्ष रखा था। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने भी इस मामले में सुनवाई की।

दोनों पक्षों की ओर से दलीलें पेश की गईं। कोर्ट को बताया गया कि 50 से कम बच्चों वाले स्कूलों के विलय का आदेश दिया है और साथ ही जिन स्कूलों में 50 से अधिक बच्चे थे। उनको भी विलय की सूची में शामिल कर दिया गया है। हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले को निरस्त कर दिया।

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में हुई बहस

बता दें कि बेसिक शिक्षा विभाग के तहत संचालित स्कूलों के विलय मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में बहस हुई थी। हालांकि समय की कमी के चलते बहस पूरी न हो पाने पर मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली व न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ मामले की सुनवायी की। उक्त अपीलों में बच्चों की ओर से उनके अभिभावकों ने विशेष अपीलें दाखिल करते हुए, एकल पीठ के 7 जुलाई के निर्णय को चुनौती दी है।

आंगनबाड़ी कार्य के लिए होगा स्कूल भवनों का उपयोग

उल्लेखनीय है कि 7 जुलाई को एकल पीठ ने स्कूलों का विलय करने के विरुद्ध दाखिल याचिकाओं को खारिज कर दिया था। बहस के दौरान सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता ने दलील दी थी कि स्कूलों का विलय पूरी कर से सम्बंधित प्रावधानों के तहत किया गया। यह भी बताया गया कि खाली हुए स्कूल भवनों का उपयोग बल वाटिका स्कूल के रूप में व आंगनबाड़ी कार्य के लिए किया जाएगा। सरकार की ओर से कुछ अन्य तथ्यों को भी रखने के लिए मंशा जाहिर की गई थी।

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धोखाधड़ी के 100 फीसदी सबूत, राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी पार्टी के पास कर्नाटक के एक विधानसभा क्षेत्र में चुनाव आयोग द्वारा ‘धोखाधड़ी की अनुमति’ देने के 100 प्रतिशत सबूत हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आयोग यह सोचता है कि वह इससे बच निकलेगा, तो यह उसकी ‘गलतफहमी’ है।

कर्नाटक में धोखाधड़ी के 100 फीसदी सबूत – राहुल 

संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, हमारे पास कर्नाटक के एक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव आयोग द्वारा धोखाधड़ी की अनुमति देने के 100 प्रतिशत ठोस सबूत हैं। 90 नहीं, पूरे 100 प्रतिशत। उन्होंने बताया कि पार्टी ने सिर्फ एक निर्वाचन क्षेत्र की समीक्षा की है, और उसमें हजारों संदिग्ध वोटर मिले हैं जिनकी उम्र 50, 60 या 65 वर्ष है, लेकिन वे नए मतदाता के तौर पर दर्ज हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि ऐसा सिर्फ एक क्षेत्र में नहीं, बल्कि संभवतः हर निर्वाचन क्षेत्र में यह नाटक चल रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जब ये सबूत सामने लाने का निर्णय लिया है, तो वह पूरी तैयारी के साथ सामने आएगी।

राहुल गांधी ने किया चुनाव आयोग पर सीधा हमला

बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) को लेकर पूछे गए सवाल पर राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, “यह बहुत ही गंभीर मामला है। चुनाव आयोग भारत के चुनाव आयोग की तरह काम नहीं कर रहा है। आज उन्होंने जो बयान दिया, वह पूरी तरह बकवास है। सच यह है कि चुनाव आयोग अपना काम नहीं कर रहा है।

बचकर नहीं निकल पाओगे – राहुल गांधी

राहुल गांधी ने दो टूक कहा अगर आपको लगता है कि आप इससे बच निकलेंगे, अगर आपके अधिकारी सोचते हैं कि वे इससे बच निकलेंगे, तो आप ग़लत फ़हमी में हैं। हालांकि राहुल गांधी ने उस निर्वाचन क्षेत्र का नाम उजागर नहीं किया जहां कथित गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी अब इस मामले को पूरी गंभीरता से आगे बढ़ाएगी।

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अनिल अंबानी के ठिकानों पर ईडी की रेड, कंपनियों के खिलाफ जांच शुरू

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलांयस अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों (Reliance Anil Ambani Group Companies) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की बड़ी जांच शुरू कर दी है। अनिल अंबानी से जुड़ी 48-50 लोकेशन पर ईडी का सर्च ऑपरेशन चल रहा है। बता दें कि ये कार्रवाई सीबीआई (CBI) की तरफ से 2 एफआईआर दर्ज करने के बाद की जा रही है।

जांच में सामने आया है कि इन कंपनियों ने बैंकों से लोन लेकर पैसों का गलत इस्तेमाल किया। उन्हें दूसरी कंपनियों में घुमाया और आम लोगों, निवेशकों और सरकारी संस्थाओं के साथ धोखा किया गया। कई बड़ी संस्थाओं ने भी ईडी के साथ इस जांच में जानकारी शेयर की। इसमें नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB), सेबी (SEBI), नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (NFRA) और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं।

देशभर में एक साथ 50 जगहों पर रेड

केंद्रीय जांच एजेंसी इस पूरे मामले में आज देशभर में 48-50 जगहों पर रेड कर रही है। ईडी को जांच में ये भी पता चला है कि यस बैंक ने रिलांयस अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों को लोन देते वक्त अपने ही नियमों की धज्जियां उड़ा दीं। लोन से जुड़े सारे जरूरी कागजात बैकडेट में तैयार किए गए। जांच के मुताबिक, बिना क्रेडिट एनालिसिस के ही भारी-भरकम निवेश कर दिया गया। बिना दस्तावेज और बिना सही जांच के लोन पास किए गए। कई कंपनियों के डायरेक्टर्स और एड्रेस एक जैसे हैं। एक ही दिन में लोन एप्लाई और डिसबर्स कर दिए गए। कई बार लोन पास होने से पहले ही पैसे ट्रांसफर कर दिए गए।

ईडी के चौंकाने वाले खुलासे

ईडी की शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि साल 2017 से 2019 के बीच यस बैंक से 3000 करोड़ का लोन लिया गया। जिसे बाद में दूसरी कंपनियों में घुमा दिया गया। इतना ही नहीं लोन पास कराने के लिए यस बैंक के अधिकारियों और प्रमोटर्स को रिश्वत देने की बात भी सामने आ रही है।

इन कंपनियों ने ईडी को दी अहम जानकारी

इस केस में सेबी (SEBI), नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB), नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (NFRA) और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े संस्थानों ने भी ईडी को अहम जानकारी दी है। सेबी (SEBI) ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) से जुड़े एक बड़े मामले की जानकारी दी गई है। जिसमें एक ही साल में कंपनी ने कॉरपोरेट लोन को 3742 करोड़ से बढ़ाकर 8670 करोड़ कर दिया। इस अचानक बढ़ोतरी को भी ईडी शक की नजर से देख रही है।

read more :  इस्तीफा देकर लौटे और शुरू कर दी पैकिंग, मिल भी नहीं रहे जगदीप धनखड़

इस्तीफा देकर लौटे और शुरू कर दी पैकिंग, मिल भी नहीं रहे जगदीप धनखड़

जगदीप धनखड़ ने मानसून सत्र के पहले दिन अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे पूरा देश हैरान है। हालांकि उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखी चिट्ठी में स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया। जगदीप धनखड़ अब जल्द ही उपराष्ट्रपति भवन खाली करेंगे। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि धनखड़ सरकारी बंगले के हकदार हैं।

टाइप-8 कैटेगरी का सरकारी बंगला होगा अलॉट

जगदीप धनखड़ पिछले साल अप्रैल में संसद भवन परिसर के पास चर्च रोड पर नवनिर्मित उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में शिफ्ट हो गए थे। करीब 15 महीने उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में रहने के बाद अब उन्हें उपराष्ट्रपति हाउस छोड़ना होगा। एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें लुटियंस दिल्ली या किसी अन्य इलाके में टाइप आठ का बंगला देने की पेशकश की जाएगी। टाइप-8 का बंगला आमतौर पर वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों या राष्ट्रीय दलों के अध्यक्षों को आवंटित किया जाता है।

इस्तीफे के बाद सामान पैक करने लगे जगदीप धनखड़

जगदीप धनखड़ इस्तीफा देने से पहले सोमवार को अचानक राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे। उन्होंने रात करीब 9:00 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा। इसके आधे घंटे बाद उन्होंने अपना त्यागपत्र सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किया। उसी दिन से उन्होंने उपराष्ट्रपति भवन को खाली करने के लिए सामान पैक करना शुरू कर दिया था। राष्ट्रपति ने एक दिन बाद मंगलवार को उनका इस्तीफा स्वीकार किया।

किसान पुत्र को सम्मानजनक विदाई नहीं दी जा रही

कांग्रेस ने कहा है कि जगदीप धनखड़ के इस्तीफा देने के पीछे स्वास्थ्य कारणों के अलावा कोई और अधिक गहरे कारण हैं। कई विपक्षी पार्टियों ने उनसे मिलने का समय मांगा, लेकिन उन्हें समय नहीं मिला। जब से उन्होंने इस्तीफा दिया है तब से किसी राजनीतिक पार्टियों से मुलाकात नहीं की है। जगदीप धनखड़ पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए, उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश करने वाले कई विपक्षी सांसद अब उनकी तारीफ कर रहे हैं। विपक्ष ने कहा कि किसान पुत्र को सम्मानजनक विदाई नहीं दी जा रही है।

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सैयारा फिल्म पर यूपी पुलिस ने ली चुटकी, दिल दीजिए ओटीपी नहीं

जिसे आपने समझा था सच्चा प्यार हो सकता है वो सिर्फ ट्रू कॉलर तक ही सच्चा हो। क्योंकि फिल्म सैयारा की कहानी तो सिनेमाघरों में लोगों को झूमने पर मजबूर कर रही है। लेकिन यूपी पुलिस ने उसी सैयारा के नाम पर एक ऐसी साइबर चेतावनी दे मारी है कि हंसते-हंसते भी होश ठिकाने लग जाएं। क्योंकि अब इश्क में धोखा सिर्फ दिल तोड़ने तक सीमित नहीं है। अब ये डिजिटल फ्रॉड बनकर सीधे जेब हल्की कर देता है और अंदाज तो देखिए, पहले आई लव यू जानू बोलेगा या बोलेगी फिर कहा जायेगा ओटीपी भेजो न प्लीज और जब आप भेज दोगे। तो यहाँ सिर्फ जज्बात नहीं, बैंक बैलेंस भी उड़ जाएगा।

अच्छा तरीका है लोगों को जागरुक करने का

वही यूपी पुलिस का ये पोस्ट जैसे ही सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। वैसे ही हजारों यूजर्स ने इसे देख डाला तो वहीं कई लोगों ने इसे लाइक और रिपोस्ट भी किया। ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स पोस्ट को लेकर तरह तरह के रिएक्शन भी दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि मैं ओटीपी अपने बलमा को नहीं बताती तो अपने सैयारा को कैसे दूंगी। एक और यूजर ने लिखा कि क्राइम इनसे कंट्रोल हो नहीं रहे, सोशल मीडिया पर पंचायत करालो बस। तो वहीं एक और यूजर ने लिखा कि अच्छा तरीका है लोगों को जागरुक करने का।

यूपी पुलिस ने सैयारा फिल्म का सहारा लेकर किया जागरुक
यूपी पुलिस ने सैयारा फिल्म का सहारा लेकर किया जागरुक

यूपी पुलिस ने सैयारा फिल्म का सहारा लेकर किया जागरुक

आपको बता दे यूपी पुलिस ने हाल ही में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक मजेदार और सतर्कता भरा पोस्ट किया है। जिसमें फिल्म सैयारा की थीम का इस्तेमाल कर ओटीपी फ्रॉड को लेकर लोगों को जागरूक किया गया है। पोस्ट में दो लोगों को कंप्यूटर पर चैट करते हुए दिखाया गया है। एक तरफ लड़की है जो शायद प्यार में खोई हुई है और दूसरी तरफ है एक हुडी पहना हुआ साइबर ठग, जिसकी नजर सिर्फ ओटीपी और पासवर्ड पर है।

https://x.com/Uppolice/status/1947698611548262863

पोस्ट की लाइन है कि कहीं आपका ऑनलाइन सैयारा, साइबर ठग न निकल जाए और नीचे लिखा है कि सावधानी हटी, दुर्घटना घटी। यूपी पुलिस का यह क्रिएटिव वाकई काबिल-ए-तारीफ है। लोगों को रिलेट करने के लिए पॉप कल्चर और ट्रेंडिंग फिल्म्स का ऐसा इस्तेमाल पहले भी देखा गया है। लेकिन यहां जो पंच है, वो सीधा दिल और दिमाग दोनों पर लगता है।

दिल दीजिए ओटीपी नहीं – यूपी पुलिस

ये पोस्ट जितनी मजेदार है, उतनी ही जरूरी भी। क्योंकि आज कल सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के जरिए फ्रॉड्स काफी बढ़े हैं। पहले प्यार का नाटक, फिर इमोशनल ट्रैप और फिर बैंक खातों पर हाथ साफ। यूपी पुलिस की इस पहल से यही संदेश निकलता है कि दिल किसी को दीजिए, लेकिन डेटा किसी को मत दीजिए। सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल होने के बाद यूजर्स अब तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं।

read more : जनसुराज कार्यकर्ताओं पर पुलिस का लाठीचार्ज, प्रशांत के साथ भी धक्का-मुक्की

जनसुराज कार्यकर्ताओं पर पुलिस का लाठीचार्ज, प्रशांत के साथ भी धक्का-मुक्की

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रशांत किशोर राजनीतिक तौर पर आक्रामक दिख रहे हैं। पटना में प्रशांत किशोर के नेतृत्व में उनकी पार्टी जनसुराज के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने विधानसभा का घेराव करने की कोशिश की। विधानसभा में जारी मानसून सत्र के बीच जन सुराज कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच खूब धक्कामुक्की भी हुई।

एक करोड़ लोगों के सिग्नेचर के बाद मार्च शुरू

आपको बता दे कि जनसुराज चीफ प्रशांत किशोर ने बताया शेखपुरा हाउस से विधानसभा घेराव करने के लिए वह और उनके कार्यकर्ता मार्च कर रहे हैं। हस्ताक्षर अभियान में एक करोड़ लोगों के हस्ताक्षर के बाद यह मार्च शुरू किया गया। इसी गर्मी में बिहार के 50 लाख से ज्यादा बच्चे मजदूरी कर रहे हैं और सरकार इस पर ध्यान तक नहीं दे रही है। इसलिए अगर हमें सरकार को जगाना है, तो हमें सड़कों पर उतरना होगा। हम बस जा रहे हैं और पुलिस जो चाहे कर सकती है।

यह जंग की शुरुआत है – प्रशांत किशोर

जनसुराज पार्टी प्रमुख प्रशांत किशोर ने कहा कि हम लोग यहीं पर डटे हुए हैं। जब तक सरकार का कोई प्रतिनिधिमंडल हमें आश्वाशन नहीं दे देता, हम जाने वाले नहीं हैं। यह जंग की शुरुआत है, हम इनका जीना दुश्वार कर देंगे। बिहार की जनता बदलाव चाहती है, ये लोग पुलिस के पीछे और सदन में छुप नहीं सकते। प्रशांत किशोर ने कहा कि हम नीतीश कुमार को उनके घर में घेर लेंगे, किसी से डरते नहीं हैं। अभी एक लाख आदमी लाकर उनके घर का घेराव करेंगे, उनको निकलने नहीं देंगे। इतना ही नहीं, प्रशांत किशोर ने दावा किया कि उनको राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया जा रहा है और जाने से भी रोका जा रहा है।

जनसुराज के कई कार्यकर्ता हुए जख्मी – प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर की पार्टी का दावा है कि पुलिस की लाठीचार्ज और धक्का-मुक्की में कई पार्टी कार्यकर्ता गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। प्रशांत किशोर ने यह भी दावा किया है कि सरकार उन्हें दबाने की कोशिश कर रही है। लेकिन वह ऐसा जवाब देंगे जो पूरा बिहार देखेगा। बता दें कि बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और प्रशांत किशोर अपनी पार्टी को स्थापित करने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। वह लंबे समय से सड़कों पर उतरे हैं और आम आदमी के मुद्दे उठा रहे हैं।

विधानसभा का घेराव क्यों कर रहे प्रशांत किशोर ?

जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने बताया कि तीन मुद्दों को लेकर उनकी पार्टी के कार्यकर्ता विधानसभा घेरने निकले हैं। वह लंबे समय से सड़कों पर उतरे हैं और आम आदमी के मुद्दे उठा रहे हैं।

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मरे लोगों को भी जिंदा करता है ये डॉक्टर, फिर भी यकीन नहीं तो ये देख लीजिए

सोशल मीडिया पर कब क्या वायरल होता हुआ देखने को मिल जाए, कौन जानता है। हर स्कोल के बाद सोशल मीडिया पर कुछ नया और अलग देखने को मिल ही जाता है। कभी हंसाने वाला पोस्ट तो कभी हैरान करने वाला पोस्ट सामने आता है। कभी ऐसा पोस्ट दिख जाता है जिसे देख लोगों को गुस्सा आ जाता है तो कभी कुछ और वायरल होता हुआ देखने को मिल जाता है। आप अगर सोशल मीडिया पर हैं तो फिर आपने भी एक से बढ़कर एक वायरल पोस्ट देखे होंगे। अब उस लिस्ट में एक और वायरल पोस्ट जोड़ने का समय आ गया है। आइए आपको उसके बारे में बताते हैं।
@VishalMalvi_ नाम के अकाउंट से पोस्ट किया
@VishalMalvi_ नाम के अकाउंट से पोस्ट किया

यहां देखें वायरल पोस्ट

आपने अभी जो फोटो देखी उसे एक्स प्लेटफॉर्म पर @VishalMalvi_  नाम के अकाउंट से पोस्ट किया गया है। वीडियो को पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा है, ‘डॉक्टर मुन्ना तिवारी।’ खबर लिखे जाने तक पोस्ट को 11 हजार से अधिक लोगों ने देख लिया है। फोटो देखने के बाद एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा – अब ये किसने लिख दिया। दूसरे यूजर ने लिखा- क्यों मरे मुर्दे उखाड़ रहे हो, शांति से मरे पड़े रहने दो सबको। तीसरे यूजर ने लिखा- गुजरात में ये सब। चौथे यूजर ने लिखा – काला जादू करता होगा। पांचवें यूजर ने लिखा- मुन्ना भाई की ऊपर तक पहुंच है।

https://x.com/VishalMalvi_/status/1947649899689832652

मरे हुए इंसान को किया जाता है जिंदा

अभी हम जिस पोस्ट की बात कर रहे हैं उसमें एक बोर्ड की फोटो है। वो एक डॉक्टर का बोर्ड है जिस पर उसका नाम, पता और साथ में यह भी लिखा हुआ है कि वो किन चीजों का इलाज कर सकता है। डॉक्टर का नाम मुन्ना तिवारी है और साथ में उनकी फोटो भी लगी हुई है। मगर हैरानी करने की बात वो एक लाइन है जो डॉक्टर के नाम के बिल्कुल नीचे लिखी हुई। उस बोर्ड पर नाम के नीचे लिखा हुआ है, ‘मरे हुए इंसान को जिंदा किया जाता।’ अब ये उसी ने लिखवाया है या इसके पीछे का क्या कारण है, वो तो नहीं पता मगर इसी लाइन के कारण फोटो वायरल हो रही है। ऐसा भी हो सकता है कि मजाकिया तौर पर किसी ने फोटो बनाकर पोस्ट किया हो जो वायरल हो गया।

नोट: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। avp24news किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

read more : उपराष्ट्रपति धनखड़ के इस्तीफे के बाद कौन संभालेगा राज्यसभा का चार्ज ?

उपराष्ट्रपति धनखड़ के इस्तीफे के बाद कौन संभालेगा राज्यसभा का चार्ज ?

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार की रात अचानक अपने पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया है, लेकिन उनके इस अचानक से हुए ऐलान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। चूंकि मानसून सत्र शुरू हुआ है और आज पहला दिन ही बीता है और सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अब राज्यसभा की अध्यक्षता कौन करेगा ? संविधान के मुताबिक, भारत का उपराष्ट्रपति राज्यसभा का सभापति होता है और उसी की अध्यता में राज्यसभा का सत्र चलता है। लेकिन अब क्या होगा ?

कौन संभालेगा राज्यसभा का चार्ज ?

संविधान के मुताबिक अगर किसी कारणवश सत्र के बीच में उपराष्ट्रपति इस्तीफा देते है, वैसे ही राज्यसभा के सभापति की कुर्सी खाली हो जाती है। तो ऐसे में सत्र को सुचारु रूप से चलाने के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था आवश्यक होती है। अनुच्छेद 89(1) के मुताबिक, राज्यसभा के उप सभापति, सभापति की अनुपस्थिति में सभी कार्यों की निगरानी करता है। जब राज्यसभा में अध्यक्ष मौजूद न हो, तो राज्यसभा के मौजूदा सत्र की जिम्मेदारी उप सभापति को सौंपी जाती है और वही सत्र सुचारू रूप से चलाते हैं।

सत्र के बीच में उपराष्ट्रपति का इस्तीफा बड़ी बात

अब अगर मौजूदा समय की बात करें तो राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह हैं, जो 2020 से इस पद पर कार्यरत हैं। ऐसे में जब तक नए उपराष्ट्रपति का चुनाव नहीं होता और वो पदभार ग्रहण नहीं कर लेते, तब तक उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा की कार्यवाही को संचालित करेंगे। मानसून सत्र में कई अहम विधेयकों और बहसों की तैयारी है, ऐसे में सभापति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, जो उपराष्ट्रपति होते हैं।

इससे पहले 2017 में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कार्यकाल पूरा होने और चुनाव से पहले कुछ दिनों के लिए सभापति की जिम्मेदारी उप सभापति के पास थी। लेकिन ऐसे वक्त में जब संसद का सत्र चल रहा हो, तब उपराष्ट्रपति का इस्तीफा देना एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।

read more : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा मंजूर, क्या बोले पीएम मोदी ?

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा मंजूर, क्या बोले पीएम मोदी ?

देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा सोमवारको अचानक दिए गए इस्तीफे को अब आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। जल्द ही इस संबंध में राजपत्र (गजट) अधिसूचना जारी की जाएगी। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार देर शाम स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को भेजा था। उन्होंने पत्र में लिखा था कि वे चिकित्सकीय सलाह और अपनी सेहत को प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभाव से उपराष्ट्रपति पद छोड़ रहे हैं। उनके इस फैसले ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, क्योंकि उनका कार्यकाल अगस्त 2027 तक था।

एनडीए सरकार ने बनाया राष्ट्रपति उम्मीदवार

पीएम मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने साल 2022 में जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया था। 6 अगस्त को हुए चुनाव में उन्होंने विपक्ष की प्रत्याशी मार्गरेट अल्वा को भारी अंतर से पराजित किया। धनखड़ को कुल 528 वोट मिले, जबकि अल्वा को केवल 182 वोट हासिल हुए। इसके बाद 10 अगस्त 2022 को उन्होंने भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।

2027 तक था कार्यकाल

उपराष्ट्रपति धनखड़ का कार्यकाल अगस्त 2027 तक था, यानी उनके पास अभी दो साल से अधिक समय बाकी था। ऐसे में अचानक इस्तीफे ने कई तरह की अटकलों को जन्म दिया। उन्होंने अपने त्यागपत्र में स्वास्थ्य कारणों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रति आभार व्यक्त किया।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने पत्र में क्या कहा ?

वही उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे गए अपने इस्तीफे के बारे में कहा था। स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने और चिकित्सीय सलाह का पालन करने के लिए मैं संविधान के अनुच्छेद 67 (ए) के अनुसार तत्काल प्रभाव से भारत के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहा हूं। आपको बता दें कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 74 साल के हैं और उन्होंने अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति का पद संभाला था। उनका कार्यकाल 2027 तक था। कुछ समय पहले उनकी दिल्ली एम्स में एंजियोप्लास्टी हुई थी। इसके अलावा उन्हें इसी साल कुछ दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा

नए उपराष्ट्रपति की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया जल्द

अब राष्ट्रपति द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद संवैधानिक प्रक्रिया के तहत राज्यसभा के सभापति का पद रिक्त हो गया है और नए उपराष्ट्रपति की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। संबंधित विभाग द्वारा जल्द ही गजट अधिसूचना (Gazette Notification) जारी की जाएगी। जिसमें इस्तीफा स्वीकृत किए जाने की आधिकारिक जानकारी दी जाएगी। यह भारत के इतिहास में तीसरा मौका है जब कोई उपराष्ट्रपति कार्यकाल पूरा होने से पहले पद छोड़ रहा है। इससे पहले वीवी गिरि और कृष्णकांत भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके थे।

जगदीप धनखड़ के राजनीतिक जीवन के बारे में प्रमुख बातें

>>  भाजपा, कांग्रेस और जनता दल से जुड़े रह चुके है।

>> 1989 से 1991 तक राजस्थान के झुंझुनू लोकसभा सीट से सांसद रहे।

>> 1993 से 1998 तक राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहे।

>> 2019 से 2022 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रह चुके है।

>> 2022 से 2025 तक भारत के उपराष्ट्रपति रहे।

क्या बोले पीएम मोदी ?

पीएम नरेंद्र मोदी ने जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे के बाद मंगलवार को X पर ट्वीट किया है। पीएम मोदी ने ट्वीट में कहा- “श्री जगदीप धनखड़ जी को भारत के उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।

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ऊर्जा मंत्री के कार्यक्रम में ही गुल हो गई बत्ती, 5 अधिकारी सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के कार्यक्रम के दौरान ही बिजली गुल हो गई। बताया जा रहा है कि मंत्री जी लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। वह फीता काटने ही वाले थे, लेकिन तभी बत्ती गुल हो गई। लगभग 10 मिनट तक अंधेरे में मंत्री जी फीता काटने का इंतजार करते रहे। इसके बाद बिजली आई और कार्यक्रम आगे बढ़ा। बत्ती गुल होने से मंत्री जी बेहद नाराज हुए और बिजली विभाग के पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि बिजली विभाग के पांच वरिष्ठ कर्मचारियों को निलंबित किया गया है।

होलोग्राफिक प्रोजेक्शन मैपिंग कार्यक्रम मे थे ऊर्जा मंत्री

इस घटना के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई, जिसमें निलंबन भी शामिल है। यूपी सरकार में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा पूर्व आईएस हैं। वह मुराबाद में नगर निगम मुरादाबाद द्वारा निर्मित ‘होलोग्राफिक प्रोजेक्शन मैपिंग’ एवं 5 डी मोसन चेयर’ का लोकार्पण करने पहुंचे थे। वह राज्य में भाजपा शासन के आठ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

ऊर्जा मंत्री के कार्यक्रम में हुई बत्ती गुल

पीवीवीएनएल की प्रबंध निदेशक ईशा दुहन को त्वरित सुधारात्मक कदम उठाने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि ऐसी चूक दोबारा न हो। विशेषज्ञों के अनुसार, बिजली के ओवरलोडिंग के कारण केबल में आई खराबी के कारण ब्लैकआउट हुआ था। तकनीकी समस्या 10 मिनट के भीतर हल कर दी गई। निदेशक (कार्मिक) आशु कालिया ने बताया कि मंत्री के निर्देशानुसार पांचों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस साल मंत्री के कार्यक्रम के दौरान यह दूसरी ऐसी घटना है। मार्च में, मंत्री के गृहनगर मऊ में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान बिजली गुल हो जाने के कारण उन्हें अंधेरे में सभा को संबोधित करना पड़ा था।

इस गड़बड़ी से ऊर्जा मंत्री हुए नाराज

यह घटना रविवार रात कंपनी बाग में एक नवनिर्मित 5डी मोशन थिएटर के लोकार्पण के दौरान हुई। यहां जब मंत्री फीता काटने वाले थे, तभी बिजली चली गई। लगभग 10 मिनट तक बिजली गुल रहने के कारण कार्यक्रम स्थल अंधेरे में डूब गया। अधिकारियों ने बताया कि इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के दौरान हुई इस गड़बड़ी से मंत्री नाराज हो गए और उन्होंने तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए। उनके निर्देश पर कार्रवाई करते हुए, मुख्य अभियंता एके सिंघल, अधीक्षण अभियंता सुनील अग्रवाल, अधिशासी अभियंता प्रिंस गौतम, एसडीओ राणा प्रताप और जेई ललित कुमार को निलंबित कर दिया गया।

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स्कूल में घुसा वायु सेना का एफ-7 लड़ाकू विमान, एक की हुई मौत

इस वक्त की बड़ी खबर बांग्लादेश से सामने आ रही है। यहां बांग्लादेश वायु सेना का एक एफ-7 प्रशिक्षण विमान आज दोपहर ढाका में क्रैश हो गया। बांग्लादेश के उत्तरा इलाके में यह हादसा हुआ है। इस हादसे में फिलहाल एक व्यक्ति की मौत होने की पुष्टि कर दी गई है। फिलहाल एयरक्राफ्ट क्रैश होने की वजह से उसमें आग लग गई है, जिस पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है। हजरत शाह जलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस घटना की पुष्टि की है। हालांकि अभी हताहतों के बारे में स्पष्ट रूप से जानकारी नहीं दी गई है।

राहत और बचाव का कार्य जारी

लड़ाकू विमान के क्रैश होने की जानकारी मिलने के बाद मौके पर अग्निशमन विभाग की टीम को भेजा गया है। मौके पर बांग्लादेश सेना के सदस्य और अग्निशमन सेवा व नागरिक सुरक्षा की आठ गाड़ियां भेजी गई है। फिलहाल घटनास्थल पर राहत और बचाव का अभियान शुरू कर दिया गया है। एक छात्र ने बताया कि विमान उत्तरा 17 स्थित माइलस्टोन कॉलेज परिसर में दोपहर लगभग 1:30 बजे दुर्घटनाग्रस्त हुआ। वहीं एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि विमान स्कूल की इमारत से टकराया, जिसके बाद इसमें आग लग गई। हादसे के बाद आस-पास मौजूद लोग भी भाग कर गए और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

वायु सेना का एफ-7 विमान हुआ क्रैश

सेना और एक अग्निशमन अधिकारी ने हादसे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। हादसे के समय स्कूल परिसर में बच्चे मौजूद थे। यहां पर क्लास चल रही थी, इसी दौरान हादसा हो गया। बांग्लादेश सेना के जनसंपर्क कार्यालय ने एक संक्षिप्त बयान में पुष्टि की कि दुर्घटनाग्रस्त विमान एफ-7 वायु सेना का था। अग्निशमन अधिकारी लीमा खान ने फोन पर बताया कि इस दुर्घटना में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। हालांकि यह संख्या और अधिक बढ़ भी सकती है।

पहले भी क्रैश हो चुका है एफ-7 एयरक्राफ्ट

बांग्लादेश में इससे पहले भी एफ-7 वायु सेना का एयरक्राफ्ट क्रैश हो चुका है। 8 अप्रैल 2008 को तंगाइल में एफ-7 क्रैश हो गया था। इस हादसे की वजह से पायलट की जान चली गई थी। पायलट मोर्शेद हसन ने क्रैश से ठीक पहले इजेक्ट कर लिया था, लेकिन पैराशूट में खराबी आ गई थी। वे इसकी वजह से बुरी तरह घायल हो गए थे। पायलट हसन को मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

चीन ने बनाया है एफ-7 एयरक्राफ्ट

एफ-7 एयरक्राफ्ट की बात करें तो इसे चीनी कंपनी चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन ने बनाया है। यह सिंगल सीटर विमान है। हालांकि इसके कुछ संस्करणों में डबल सीट का विकल्प भी मिलता है। एफ-7 की अधिकतम स्पीड मैक 2.02 यानी कि लगभग 2120 किलोमीटर प्रति घंटे की है।

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मुंबई ट्रेन विस्फोट के 12 आरोपियों की सजा रद्द की जाती है – बॉम्बे हाईकोर्ट

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की ट्रेनों में हुए ब्लास्ट के मामले में करीब 19 सालों के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया। इस दौरान हाई कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष मामले को साबित करने में पूरी तरह विफल रहा और यह विश्वास करना मुश्किल है कि उन्होंने अपराध किया है। इसलिए उनकी सजा रद्द की जाती है।

जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस श्याम चांडक की बेंच ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह भी साबित नहीं कर सका कि अपराध में किस प्रकार के बमों का इस्तेमाल हुआ था। जिन साक्ष्यों पर उसने भरोसा किया, वे आरोपियों को दोषी ठहराने के लिए निर्णायक नहीं हैं। गवाहों के बयान और आरोपियों से की गई कथित बरामदगियों का कोई प्रमाणिक महत्व नहीं है। हाईकोर्टने यह भी कहा कि यदि आरोपी किसी अन्य मामले में वांछित नहीं हैं, तो उन्हें तुरंत जेल से रिहा किया जाए।

कब की थी घटना ?

आपको बता दे 11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेन में 11 जुलाई 2006 को 7 विस्फोट हुए थे। इस हमले में 180 लोगों की मौत हुई थी। इस हमले की जांच महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने की थी। निचली अदालत ने पांच लोगों को फांसी की सजा सुनाई थी और अन्य सात को आजीवन कारावास की। हाईकोर्ट ने सभी की सजा रद्द कर दी।

कौन कौन थे आरोपी ?

फांसी की सजा पाए गए दोषियों में कमाल अंसारी (अब मृत), मोहम्मद फैसल अताउर रहमान शेख, एहतशाम कुतुबुद्दीन सिद्दीकी, नावेद हुसैन खान और आसिफ खान शामिल थे। विशेष अदालत ने इन्हें बम लगाने और अन्य कई गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया था। हाईकोर्ट ने तनवीर अहमद, मोहम्मद इब्राहीम अंसारी, मोहम्मद माजिद मोहम्मद शफी, शेख मोहम्मद अली आलम शेख, मोहम्मद साजिद मरगुब अंसारी, मुज़म्मिल अताउर रहमान शेख, सुहैल महमूद शेख और जमीर अहमद लतीउर रहमान शेख को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। एक आरोपी वाहिद शेख को ट्रायल कोर्ट ने 2015 में बरी कर दिया था।

गवाहों पर हाईकोर्ट ने क्या कहा ?

हाईकोर्ट ने उन गवाहों की गवाही को भी अस्वीकार कर दिया, जिनमें टैक्सी ड्राइवर शामिल थे। जिन्होंने आरोपियों को चर्चगेट रेलवे स्टेशन तक छोड़ा था। वे लोग जिन्होंने आरोपियों को बम लगाते देखा, बम बनाते देखा या साजिश रचते हुए देखा था। हाईकोर्ट ने कहा कि इन गवाहों को घटना के दिन आरोपियों को ठीक से देखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला था। जिससे वे उन्हें बाद में सही से पहचान पाते।

हमें ऐसा कोई कारण नजर नहीं आता जिससे उनकी याददाश्त अचानक सक्रिय हो गई हो और वे चेहरे पहचान पाए हों। हाईकोर्ट ने कुछ आरोपियों के कथित इकबालिया बयानों को भी खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा इकबालिया बयान अधूरे हैं और सच्चे नहीं लगते। कुछ हिस्से तो एक-दूसरे की नकल (कॉपी-पेस्ट) हैं। आरोपियों ने यह साबित किया है कि उन्हें बयान के समय प्रताड़ित किया गया था।

हाईकोर्ट ने अभियोजन पक्ष की आलोचना

इस फैसले में हाईकोर्ट ने अभियोजन पक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि उसने इस मामले में महत्वपूर्ण गवाहों को पेश नहीं किया और साथ ही जो वस्तुएं बरामद की गईं। जैसे विस्फोटक और सर्किट बॉक्स, जो कथित रूप से बम बनाने में इस्तेमाल हुए थे। उनकी सीलिंग और रख-रखाव भी बेहद खराब और गलत तरीके से किया गया। अभियोजन यह भी साबित नहीं कर पाया कि अपराध में किस प्रकार के बमों का उपयोग हुआ। इसलिए बरामदगी के सबूत भी अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

एकनाथ शिंदे गुट का बयान

हाई कोर्ट के फैसले ने उन लोगों को नया जख्म दिया है, जिनके परिजन ट्रेन ब्लास्ट में मारे गए थे। उनके मन में सबसे बड़ा सवाल है कि हमले को किसने अंजाम दिया ? इस बीच शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट के शिवसेना सांसद नरेश महस्के ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले से ऐसा लगता है कि जांच सही से नहीं हुई। तत्कालीन सरकार की जिम्मेदारी थी।

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पहलगाम हमले के आतंकी न पकड़े गए, न मारे गए – मल्लिकार्जुन खरगे

राज्यसभा में पहलगाम आतंकी हमले का मुद्दा गरमा गया। राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 22 अप्रैल को हुए इस हमले को लेकर सरकार से तीखे सवाल पूछे। मल्लिकार्जुन खरगे ने नियम 267 के तहत चर्चा की मांग करते हुए कहा कि पहलगाम हमले के आतंकी अब तक न तो पकड़े गए हैं और न ही मारे गए हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के बयान का हवाला देते हुए इंटेलिजेंस फेल्योर का आरोप लगाया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एलजी ने माना कि इंटेलिजेंस फेल्योर है। हमको मालूमात तो दी जानी चाहिए।

ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए सरकार तैयार

मल्लिकार्जुन खरगे की मांग पर नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि यह संदेश नहीं जाना चाहिए कि सरकार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा नहीं चाहती है। सरकार इस पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि हमने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में समय आवंटित करने के लिए प्रस्ताव रखा है। हम पूरी तरह से हर बिंदु पर चर्चा के लिए तैयार हैं। ऑपरेशन सिंदूर के आठ दिनों में जो हुआ, वह आजादी के बाद देश में कभी किसी ऑपरेशन के दौरान नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि वह इतिहास में नहीं जाना चाहते। इस बीच, हंगामा तेज हो गया जिसके बाद सभापति ने 11 बज कर 46 मिनट पर सदन की कार्यवाही दोपहर बारह बजे तक स्थगित कर दी।

देश के लिए अपमानजनक है – मल्लिकार्जुन खरगे

वहीं मल्लिकार्जुन खरगे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने 24 बार यह कहा कि मेरे हस्तक्षेप से भारत-पाकिस्तान युद्ध समाप्त हुआ। ये देश के लिए अपमानजनक है। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में आपने जो दुनिया को बताया, हमको बताया, हिंदुस्तान के लोगों को बताया, उसके बाद हमें इन्फॉर्मेशन तो देनी चाहिए।

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