Friday, April 3, 2026
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राहुल गांधी ने लगाया भाजपा पर वोट चोरी का आरोप, आयोग पर उठाये सवाल

कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने बिहार चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा आरोप लगाया। राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव को लेकर सवाल कर दिया। उन्होंने बीजेपी पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले इलेक्ट्रोनिक मशीनें नहीं थीं। फिर भी एक दिन में पूरे देश में चुनाव हो जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होता है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि लोकतंत्र में हर पार्टी को सत्ता विरोध का सामना करना पड़ता है। लेकिन पता नहीं क्या वजह है कि बीजेपी पर इसका प्रभाव नहीं पड़ता और वह ऐसी इकलौती पार्टी भी है। उन्होंने कहा, ”पहले इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन नहीं थी, फिर भी पूरा देश एक ही दिन वोटिंग करता था। अब महीनों वोटिंग चलती है। क्यों अलग-अलग दिन वोटिंग की जाती है।

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राहुल ने चुनाव आयोग पर उठाया सवाल

उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठा दिया। राहुल ने कहा, ”एग्जिट पोल, ओपिनियन पोल कुछ और दिखाते हैं, जैसा कि हरियाणा और मध्य प्रदेश के चुनावों में देखा गया और फिर अचानक रिजल्ट कुछ और ही आ जाता है। इसमें बहुत बड़ा अंतर देखने को मिला है। हमारा सर्वे भी काफी मजबूत रहता है, लेकिन उसका नतीजा भी अलग ही दिखता है। सर्वे में जो भी दिखता है, रिजल्ट उसके विपरीत आ जाता है।

महाराष्ट्र चुनाव में भी हुई धांधली – राहुल गांधी

महाराष्ट्र में 5 महीनों में 5 साल से ज्यादा मतदाताओं के जुड़ने से हमारा संदेह बढ़ा और फिर शाम 5 बजे के बाद मतदान में भारी उछाल आया। विधानसभा में हमारा गठबंधन पूरी तरह से साफ हो गया और लोकसभा में हमारा गठबंधन पूरी तरह से साफ हो गया। यह बेहद संदिग्ध है। हमने पाया कि लोकसभा और विधानसभा के बीच एक करोड़ नए मतदाता जुड़ गए।

हम चुनाव आयोग गए और यह लेख लिखा और हमारे तर्क का सार यह था कि महाराष्ट्र चुनाव चुराया गया था। समस्या की जड़ क्या है ? मतदाता सूची इस देश की संपत्ति है। चुनाव आयोग हमें मतदाता सूची देने से इनकार कर रहा है और फिर उन्होंने कुछ बहुत ही दिलचस्प किया। उन्होंने कहा कि हम सीसीटीवी फुटेज नष्ट कर देंगे। यह हमारे लिए आश्चर्यजनक था क्योंकि महाराष्ट्र में शाम 5:30 बजे के बाद भारी मतदान के बारे में एक सवाल था ताकि संख्याओं का मिलान किया जा सके।

मशीन रीडबल सूची देने से किया इनकार – राहुल गांधी

राहुल के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने ‘मशीन से पढ़ने योग्य’ (मशीन रीडबल) मतदाता सूची देने से इनकार कर दिया। राहुल गांधी ने कहा कि पहले हमारे पास इसका सबूत नहीं था कि भाजपा के साथ मिलकर धांधली की जा रही है। इसके बाद हमने इसका पता लगाने का फैसला किया। राहुल गांधी ने बीते एक अगस्त को दावा किया था कि निर्वाचन आयोग ‘वोट चोरी’ में शामिल है और इस बारे में उनके पास ऐसा पुख्ता सबूत है। जो ‘एटम बम’ की तरह है जिसके फटने पर आयोग को कहीं छिपने की जगह नहीं मिलेगी। निर्वाचन आयोग ने उनके आरोपों को आधारहीन और निंदनीय करार दिया था तथा कहा था कि अब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आयोग और उसके कर्मचारियों को धमकाना भी शुरू कर दिया है।

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सुरक्षा में सेंध लगाने वालों का सम्मान करती थीं पिछली सरकारें – सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के बरेली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज की सतर्कता और प्रशासन की सक्रियता के कारण कांवड़ यात्रा को बदनाम करने की साजिशें बार-बार नाकाम हुई हैं। मुख्यमंत्री ने बरेली में 2,264 करोड़ रुपये की 545 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘कुछ असामाजिक तत्वों ने कांवड़ यात्रा की छवि खराब करने की कोशिश की लेकिन समाज की जागरुकता व प्रशासन की तत्परता ने ऐसी साजिशों को नाकाम कर दिया है।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली पिछली सरकारें सुरक्षा में सेंध लगाने वालों का सम्मान करती थीं। कुछ असमाजिक तत्व कांवड़ यात्रा को बदनाम करने की साजिश रचते हैं, लेकिन समाज की जागरूकता और प्रशासन की तत्परता से ऐसे तत्व विफल हो जाते हैं। यह यात्रा अब एकता और भक्ति की प्रतीक है।

सीएम योगी ने गिनाईं अपनी सरकार की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा, ‘डबल इंजन वाली भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) सरकार विरासत को विकास से जोड़ रही है। मुख्यमंत्री ने रोजगार मेले के माध्यम से चयनित छह हजार से अधिक युवाओं को नियुक्तिपत्र भी वितरित किए और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र व टैबलेट प्रदान किये। सीएम आदित्यनाथ ने ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना के तहत चयनित युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त और गारंटी-मुक्त ऋण प्रदान किया जाता है। समय पर भुगतान करने पर ऋण को 7.5 लाख और फिर 10 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘डबल इंजन वाली सरकार लोगों के जीवन में समृद्धि और खुशी सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास कर रही है।

सीएम योगी ने विपक्षी दलों पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘2017 से पहले बरेली हर तीसरे माह सांप्रदायिक दंगों का गवाह बनता था। आज यह नाथ कॉरिडोर और आध्यात्मिक पर्यटन के लिए जाना जाता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के ‘माफिया मुक्त’ हो जाने का दावा करते हुए कहा कि पहले हर जिले का अपना माफिया डॉन होता था। आज उत्तर प्रदेश एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज और एक जिला, एक उत्पाद के लिए जाना जाता है। हम आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण करते हुए आध्यात्मिक विरासत का संरक्षण कर रहे हैं।

बिना नाम लिए अखिलेश सरकार पर बरसे सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि 2017 से पहले सरकारी नौकरियां राजनीतिक रिश्तेदारों के लिए खुली छूट थीं। चाचा-भतीजे भर्ती को अपने निजी व्यवसाय की तरह समझते थे। पिछले आठ वर्षों में साढ़े आठ लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से नौकरी दी गई है। पुलिस बल में भर्ती का हवाला देते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि हमने 60 हजार 244 पुलिसकर्मियों की भर्ती पूरी कर ली है।

इनमें से 12 हजार से अधिक महिलाएं हैं। उन्होंने दावा किया कि अब किसी भी योजना के क्रियान्वयन में जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता है। उन्होंने कहा कि यह नया भारत है जो ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है।

महिलाओं के लिए निःशुल्क यात्रा की घोषणा – सीएम योगी

डबल इंजन की सरकार लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन (8, 9 और 10 अगस्त) पर प्रदेश भर की बसों में महिलाओं के लिए निःशुल्क यात्रा की घोषणा एक बार फिर की और कहा कि यह व्यवस्था नगर परिवहन और परिवहन निगम की बसों में एक सहयात्री के साथ लागू होगी। उन्होंने स्वच्छता को नागरिक जिम्मेदारी बताते हुए स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी से पहले विशेष स्वच्छता अभियान चलाने की अपील की।

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ऑपरेशन सिंदूर में तबाह हेडक्वार्टर बनाने फिर ऐक्टिव हुआ जैश सरगना

कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सैन्य बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर के कुल 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कर उसे जमींदोज कर दिया था। इसमें कुख्यात आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर स्थित हेडक्वार्टर भी शामिल था। अब खबर है कि इस आतंकी संगठन के मुखिया मसूद अजहर ने उसे हेडक्वार्टर को फिर से खड़ा करने की मुहिम छेड़ी है और इसके लिए ऑनलाइन चंदा जुटा रहा है।

शहीद मस्जिदें फिर से मुस्कुराएंगी – जैश सरगना मसूद

मसूद का दावा मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि जैश सरगना मसूद अजहर ने इस पोस्ट में कहा कि इस कैंपेन से जमीन के कई हिस्से जन्नत बन जाएंगे, शहीद मस्जिदें फिर से मुस्कुराएंगी और रौनक लौट आएगी। पोस्ट में ये भी कहा गया है कि जो दीवाने ‘जेहाद’ की राह में तरस रहे हैं, उनके लिए भी अब नए रास्ते खुलेंगे। मसूद अजहर का भीख मांगने का यह कैम्पेन शुरू हुआ है।

सुभान अल्लाह मस्जिद ही जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर

एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जमात की ओर से पोस्ट कर यह दावा किया गया है कि पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित सुभान अल्लाह मस्जिद का फिर से पुनर्निर्माण किया जा रहा है। सुभान अल्लाह मस्जिद ही जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर था। पोस्ट में कहा गया कि इसके लिए सब एक होकर काम करें, पैसे जमा करें। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि किसने कितना चंदा दिया, इसका किसी को भी पता नहीं चलना चाहिए।

जैश-ए-मोहम्मद का सबसे महत्वपूर्ण आतंकी केंद्र

बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों द्वारा 26 पर्यटकों की धर्म पूछकर की गई हत्या के बाद भारतीय सेना ने 6 और 7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च कर पाकिस्तान और पीओके (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था। 22 मिनट के इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन के ठिकाने बर्बाद कर दिए थे। इसमें सबसे अहम सुभान अल्लाह मस्जिद था। पाकिस्तान पंजाब प्रांत के बहाबलपुर में स्थित यह मस्जिद जैश-ए-मोहम्मद का सबसे महत्वपूर्ण आतंकी केंद्र था, जो 15 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। यह पुलवामा हमले जैसे आतंकी हमलों की योजना और प्रशिक्षण का गढ़ रहा है।

read more : स्वागत के बहाने आए 2 युवक, स्वामी प्रसाद मौर्य को जड़ा थप्पड़

स्वागत के बहाने आए 2 युवक, स्वामी प्रसाद मौर्य को जड़ा थप्पड़

उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य को एक युवक ने थप्पड़ मार दिया। ये घटना तब हुई जब स्वामी प्रसाद मौर्य रायबरेली पहुंचे थे, जहां उनके समर्थक उन्हें माला पहनाकर स्वागत कर रहे हैं। इसी दौरान एक युवक पीछे से आया और उसने पहले माला पहनाई और थप्पड़ मार दिया। दरअसल स्वामी प्रसाद मौर्य रायबरेली के सिविल लाइन इलाके में पहुंचे थे, जहां उनके समर्थकों ने उनके स्वागत का कार्यक्रम रखा था।

समर्थकों ने की हमलावर की पिटाई

इस दौरान बड़ी संख्या में स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थक भी वहां मौजूद थे। जिसके बाद उन्होंने उसे पकड़ लिया और बुरी तरह से पिटाई कर डाली। इस दौरान पुलिस को भी आरोपी युवक को छुड़ाने में काफी मशक़्क़त करनी पड़ी। जिसके बाद पुलिस किसी तरह उन्हें छुड़ा अपने साथ ले गई। बताया जा रहा है ये युवक अपने साथी के साथ आया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अपने साथ थाने ले गई हैं, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। ये दोनों आरोपी कौन थे इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने सीएम योगी पर साधा निशाना

इस पूरे मामले पर स्वामी प्रसाद मौर्य की प्रतिक्रिया भी सामने आई हैं। उन्होंने योगी सरकार में गुंडाराज व ठाकुरों को छूट देने का आरोप लगाया। स्वामी प्रसाद मौर्य ने करणी सेना के लोगों पर हमला करने की बात कही है। जब पुलिस की मौजूदगी में गुंडे माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं। जब पुलिस की मौजूदगी में ये सब हो रहा है तो जहां पुलिस नहीं है वहां क्या होता होगा। इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है। यहां की क़ानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि उनका संबंध योगी जी की बिरादरी से हैं। इसलिए गुंडे माफिया के ख़िलाफ़ सरकार मौन है। ठाकुर होने का उन्हें लाइसेंस मिला है जैसे चाहे वैसे क़ानून तोड़ो। यहीं उत्तर प्रदेश का जंगलराज आज सबके सिर पर चढ़कर बोल रहा है।

read more : यूपी में बाढ़ के बीच भारी बारिश की भविष्यवाणी, ऑरेंज अलर्ट जारी

यूपी में बाढ़ के बीच भारी बारिश की भविष्यवाणी, ऑरेंज अलर्ट जारी

यूपी के कई जिले इस समय बाढ़ और बारिश की चपेट में हैं। पूर्वांचल में सबसे ज्यादा लोग परेशान हैं। प्रयागराज से वाराणसी और बलिया तक गंगा की बाढ़ ने कहर ढा दिया है। जिला प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटा है। इस बीच मौसम विभाग ने पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की भविष्यवाणी करते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट और पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों के लिए अगले 24 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मानसून की रेखा सामान्य स्थिति से खिसकी

मौसम विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक मानसून की रेखा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है और लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, शामली आदि से होकर गुजर रही है। इसके अलावा बिहार से सटे राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्से पर बना एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र भारी बारिश करा रहा है।

मौसम के कहर का असर ख़ासतौर पर कानपुर, लखनऊ और अयोध्या जैसे शहरों में दिखाई दिया है। जहां सड़कें नालों में बदल गई हैं। मूसलाधार बारिश ने गाज़ीपुर में कहर बरपाया। जलभराव के कारण वाहन आधे डूबे हुए और निवासी सीने तक गहरे पानी में चलने को मजबूर दिखाई दिए हैं।

इन जिलों के लिए यलो अलर्ट

सोनभद्र, मिर्ज़ापुर, चंदौली, प्रयागराज, संत रवि दास नगर, वाराणसी, ग़ाज़ीपुर, जौनपुर, बलिया, प्रतापगढ़, चित्रकूट, महोबा, बांदा, कौशाम्बी, हमीरपुर, फतेहपुर, जालौन, राय बरेली, अमेठी, कानपुर नगर, ललितपुर, झाँसी, इटावा, आगरा, फ़िरोज़ाबाद, मैनपुरी, इटाह, हाथरस, मथुरा, कासगंज, आजमगढ़, मऊ, सुल्तानपुर, आंबेडकर नगर, देवरिया, अयोध्या, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, कानपुर देहात, उन्नाव, औरैया, बाराबंकी, कन्नौज, हरदोई, फर्रुखाबाद, सीतापुर, बहराइच, गोंडा, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, शाहजहाँपुर, लखीमपुर खीरी, अलीगढ़, बदायूं, बुलंदशहर, संभल, हापुड़, अमरोहा, मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर में बादल के गजरने के साथ हल्की से मध्यम बारिश और अचानक तेज हवा (30-40 किलोमीटर) चलने की संभावना है।

इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट

लखनऊ, प्रतापगढ़, महोबा, बांदा, हमीरपुर, फ़तेहपुर, जालौन, राय बरेली, अमेठी, कानपुर नगर, सुल्तानपुर, आंबेडकर नगर, अयोध्या, संत कबीर नगर, बस्ती, कानपुर देहात, उन्नाव, औरैया,, बाराबंकी, हरदोई, सीतापुर, गोंडा, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, शाहजहाँपुर, लखीमपुर खीरी, बरेली, पीलीभीत, रामपुर, बदायूं, संभल, अमरोहा, मुरादाबाद, बिजनौर में आकाशीय बिजली के साथ अचानक तेज हवा के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।

read more : उत्तरकाशी में बादल फटने से बड़ी तबाही, मलबे में बह गए हैं कई लोग

उत्तरकाशी में बादल फटने से बड़ी तबाही, मलबे में बह गए हैं कई लोग

उत्तराखंड में इस समय कुदरती आफत पीछा नहीं छोड़ रही है। आज उत्तरकाशी के धराली गांव में अचानक बादल फट गया। बादल फटते ही पहाड़ का मलबा सैलाब बनकर नीचे आ गया। लोगों में इस भयावह घटना को देखते ही चीख-पुकार मच गई। बादल फटने से खीर गंगा ऊफान पर आ गई। राली बाजार व आसपास के क्षेत्र के भारी नुकसान पहुंचा है। यहां कुछ लोगों के दबे होने की भी सूचना है। हर्षिल से आर्मी,पुलिस,एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई हैं।

बादल फटते ही पहाड़ से आया सैलाब

उत्तरकाशी के धराली गांव में दोपहर बादल फटने के बाद पहाड़ से ढेर सारा मलबा सैलाब बनकर नीचे आ गया। इसके चलते कई लोगों के दबे होने की आशंका भी है। वीडियो में देखने पर पता चलता है कि यह जलजला कितना भयावह था। लोगों ने यह दृश्य देखते चीख-पुकार मचाना शुरू कर दी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसांई ने बताया रेस्क्यू टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। लोग वीडियो बनाते वक्त चीख रहे थे।

बादल फटने से हुआ भारी नुकसान, सीएम ने जताया दुख

उत्तरकाशी में हुए इस भयानक हादसे पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि धराली (उत्तरकाशी) क्षेत्र में बादल फटने से हुए भारी नुकसान का समाचार अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ (SDRF), एनडीआरएफ (NDRF) जिला प्रशासन तथा अन्य संबंधित टीमें युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं। इस सम्बन्ध में लगातार वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क में हूं और स्थिति की गहन निगरानी की जा रही है। ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।

आपदा दल मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे

उत्तराखंड पुलिस ने अपने एक्स हैंडल से बताया कि उत्तरकाशी,हर्षिल क्षेत्र में खीर गाड़ का जलस्तर बढने से धराली में नुकसान होने की सूचना पर पुलिस,एसडीआरएफ,आर्मी आदि आपदा दल मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। उक्त घटना को देखते हुए सभी नदी से उचित दूरी बनाएं। पुलिस ने सचेत करते हुए स्वयं,बच्चों व मवेशियों को नदी से उचित दूरी पर ले जाने को कहा है।

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पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक का निधन, दिल्ली के अस्पताल में ली आखिरी सांस

जम्मू-कश्मीर, गोवा, बिहार और मेघालय के राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक का 5 अगस्त 2025, मंगलवार को देहांत हो गया। वह कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे और उनका इलाज चल रहा था। सत्यपाल मलिक ने 79 वर्ष की आयु में दिल्ली स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल में अंतिम सांस ली। सत्यपाल मलिक के निजी सचिव केएस राणा ने यह जानकारी दी। दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के अनुसार पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का आज दोपहर 1.10 बजे निधन हो गया।

सत्यपाल मलिक के सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर उनके निधन की जानकारी दी गई। सत्यपाल मलिक बिहार में भी राज्यपाल थे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार सत्यपाल मलिक को किडनी की समस्या थी। उन्होंने कृषि आंदोलन, भ्रष्टाचार और कई राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी बेबाक राय के लिए सुर्खियां बटोरी थीं।

अनुच्छेद 370 हटा तब राज्यपाल थे सत्यपाल मलिक

बता दें जम्मू और कश्मीर में जब अनुच्छेद 370 और आर्टिकल 35 ए को समाप्त किया गया। तब उस वक्त राज्यपाल सत्यपाल मलिक ही थे। जब जम्मू और कश्मीर को पूर्ण राज्य की जगह केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया, तब सत्यपाल मलिक केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्याल हो गए थे।

सत्यपाल मलिक का सियासी सफर ?

24 जुलाई 1946 को सत्यपाल मलिक, यूपी स्थित बागपत के मूल निवासी थे। मेरठ यूनवर्सिटी से विज्ञान में स्नातक और एलएलबी की डिग्री हासिल करने वाले सत्यपाल ने छात्र जीवन से राजनीति की दुनिया में कदम रखा। 1968-69 के दौरान वह छात्र संघ के अध्यक्ष भी चुने गए थे। उनके वह सन् 1974 में पहली बार विधानसभा के सदस्य चुने गए। इसके बाद सन् 1980 से 86 और 86-89 के दौरान वह यूपी से ही राज्यसभा गए।

सत्यपाल मलिक न सिर्फ राज्यसभा बल्कि लोकसभा के भी सदस्य थे। जनता दल के टिकट पर वह अलीगढ़ से 9वीं लोकसभा के लिए 1989-1991 सांसद थे। इसके बाद सन् 1996 में वह समाजवादी पार्टी के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़े। लेकिन चौथे नंबर पर आए और 40 हजार 789 मतों से चुनाव हार गए।

सियासी दलों के साथ रहे सत्यपाल

सत्यपाल मलिक वर्ष 2012 में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी नियुक्त किए गए थे। अब सियासी करियर में वह बीजेपी के अलावा, भारतीय क्रांति दल, जनता दल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, लोकदल और सपा में भी रहे।

सत्यपाल मलिक सितंबर 2017 से अगस्त 2018 तक बिहार, फिर 21 मार्च 2018 से 28 अगस्त 2018 तक ओडिशा के प्रभारी राज्यपाल, 23 अगस्त 2018 से 30 अक्टूबर 2019 तक जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल, 3 नवंबर 2019 से 18 अगस्त 2020 तक गोवा और फिर 18 अगस्त 2020 से 3 अक्टूबर 2022 तक मेघालय के राज्यपाल थे।

किसने क्या कहा ?

सत्यपालक मलिक के निधन पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शोक व्यक्त किया। सोशल मीडिया साइट एक्स पर अखिलेश ने लिखा- गोवा, बिहार, मेघालय और जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहे श्री सत्यपाल मलिक जी का निधन, अत्यंत दुःखद ! ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें। शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं। भावभीनी श्रद्धांजलि !

भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े पूर्व राज्यपाल सतपाल मलिक के निधन की दुखद सूचना प्राप्त हुई। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें व परिवारजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

सत्यपाल के निधन पर जेडीयू के नेता केसी त्यागी ने कहा कि यह मेरे लिए निजी क्षति है। जब संयुक्त मेरठ था तो हम लोगों की राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक साथ हुई। दोनों चौधरी चरण सिंह की अगुवाई वाले लोकदल में लंबे समय तक साथ रहे फिर बाद में वीपी सिंह की सरकार में हम दोनों साथ सांसद बनें। उनके जाने से पश्चिमी यूपी की बहुत मजबूत आवाज बंद हो गई।

रालोद नेता रोहित अग्रवाल ने कहा कि पूर्व गवर्नर सतपाल मलिक जी का निधन दुखद है, प्रभु उनको अपने चरणों में स्थान दें। विनम्र श्रद्धांजलि।

कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने कहा….

हरियाणा में कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्व गवर्नर श्री सत्यपाल मलिक के निधन का दुखद समाचार मिला। मैं दिवंगत आत्मा की शांति व उनके प्रियजनों के लिए सम्बल की कामना करता हूँ। गाँव देहात व किसान समाज की जो आवाज़ सत्यपाल मलिक जी ने बुलन्द की, उसके लिए समाज सदैव उनका कृतज्ञ रहेगा।

कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने लिखा कि पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक जी का राजनीतिक जीवन सिद्धांतों और स्पष्टवादिता से भरा रहा। उन्होंने किसानों, लोकतंत्र और सच के पक्ष में खुलकर बोलने का साहस दिखाया। सत्यपाल मलिक जी का निधन सार्वजनिक जीवन में एक निर्भीक हस्ती के अंत का प्रतीक है।

सपा नेता आईपी सिंह ने भी सत्यपाल मलिक के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि अत्यंत दुःखद समाचार है किसान नेता पूर्व राज्यपाल चौधरी सत्यपाल सिंह मलिक जी नहीं रहे। देश की एक बेखौफ आवाज आज शांत हो गयी। भावभीनी श्रद्धांजलि ! ओम शांति !

अयोध्या दर्शन को जा रहे युवक की हादसे में मौत, अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर

रिपोर्ट–मोहम्मद इबरान, बाराबंकी। बाराबंकी के फतेहपुर थाना क्षेत्र के जरखा गांव निवासी 25 वर्षीय विकास कुमार की अयोध्या दर्शन के दौरान सड़क हादसे में मौत हो गई। विकास अपने दोस्तों के साथ बाइक से अयोध्या दर्शन के लिए निकले थे रास्ते में फैजाबाद के रौनही थाना क्षेत्र के अंतर्गत लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद विकास बाइक से उछलकर डिवाइडर से टकरा गए। इस घटना में मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। विकास का शव जब गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। परिजनों ने बताया कि विकास फतेहपुर ब्लॉक चौराहे पर स्थित जेपी मोबाइल शॉप पर काम करता था।

युवक की असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। विकास की अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए और सभी ने नम आंखों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी।

read more : गंगा का पानी खतरे के निशान के पार, छतो पर हो रहा अंतिम संस्कार

गंगा का पानी खतरे के निशान के पार, छतो पर हो रहा अंतिम संस्कार

वाराणसी: मध्य प्रदेश समेत देश के अन्य राज्यों में हो रही मूसलाधार बारिश का असर यूपी में भी देखने को मिल रहा है। बारिश का पानी गंगा नदी में आने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। वाराणसी में गंगा का पानी तेज़ी से बढ़ रहा है। गंगा नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है। काशी के सभी 84 घाट पानी में डूब गए हैं। अस्सी घाट का पानी सड़क पर आ गया है। अस्सी पर दुकानें खाली कराई जा रही हैं।

सीएम योगी ने दिए खास निर्देश

यूपी के 12 जिलों में बाढ़ की स्थिति को लेकर सीएम योगी ने अधिकारियों ने दिशा-निर्देश दिए हैं। प्रयागराज, जालौन, औरैया, हमीरपुर, आगरा, मीरजापुर, वाराणसी, कानपुर देहात, बलिया, बांदा, इटावा और फतेहपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को लेकर सीएम योगी ने team- 11 को खास निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि डीएम, एसपी, सीएमओ समेत सभी अधिकारी 24x 7 फील्ड में रहकर काम करें। राहत शिविरों में पेयजल, भोजन, चिकित्सा और महिलाओं और बच्चों की सुविधाओं का समुचित प्रबंध हो।

मणिकर्णिका घाट पर शवों का अंतिम संस्कार छ्त पर

अस्सी घाट पर दुकानदार अपना सामान लेकर जा रहे हैं क्योंकि कभी भी गंगा का पानी दुकानों में घुस सकता है। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली मशहूर गंगा आरती छत पर हो रही है क्योंकि घाट के सभी सीढ़ियों पानी में डूब गई हैं और तेज बहाव में पानी बह रहा है। मणिकर्णिका घाट पर शवों का अंतिम संस्कार छ्त पर किया जा रहा है क्योंकि घाट पानी में डूबा है।

गंगा में नाव चलाने पर लगी रोक

पानी के तेज बहाव की वजह से गंगा में नाव चलने पर रोक लगा दी गई है। सावन का महीना है। गंगा में डुबकी लगाने और जल लेने श्रद्धालु और कावंडिये दूर-दूर से आ रहे हैं। उन्हें सीढ़ियों पर स्नान करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, वाराणसी में वार्निंग लेवल 70.262 मीटर है और डेंजर लेवल 71.262 मीटर है। अभी यहां गंगा वार्निंग लेवल क्रॉस कर चुकी है और 70.87 मीटर पर बह रही है। जिस तरह से पानी बढ़ रहा है शाम तक पानी का लेवल 71.3 मीटर हो जाने की उम्मीद है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे मंत्री

सीएम ने कहा कि किसानों की फसल क्षति, भूमि कटाव और घेरलू नुकसान पर 24 घंटे में सहायता राशि मिले। प्रयागराज में कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी, जालौन में स्वतंत्र देव सिंह और संजय गंगवार बाढ़ क्षेत्रों का दौरा करेंगे। औरैया में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और मंत्री प्रतिभा शुक्ला बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगी।

हमीरपुर में राम केश निषाद, आगरा में जयवीर सिंह, मिर्जापुर में नन्द गोपाल नंदी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। वाराणसी में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, कानपुर देहात में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और बलिया में दयाशंकर मिश्र दयालु बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। बांदा में कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल नंदी, इटावा में धर्मवीर प्रजापति और फतेहपुर में अजीत पाल दौरा करेंगे।

read more :  पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को रेप केस में दोहरी आजीवन कारावास की सजा

पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को रेप केस में दोहरी आजीवन कारावास की सजा

कर्नाटक में निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए एक विशेष अदालत ने पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बलात्कार के गंभीर मामले में दोहरी आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376(2)(K) और धारा 376(2)(N) (बार-बार बलात्कार) के तहत उन्हें दोषी ठहराया। दोनों अपराधों के लिए अलग-अलग आजीवन कारावास के साथ 5-5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने कुल 10 लाख रुपये के जुर्माने में से 7 लाख रुपये पीड़िता को मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ था मामला

ये मामला हासन के गन्निकाडा गेस्ट हाउस में रेवन्ना परिवार की 48 वर्षीय महिला मेड के यौन शोषण से जुड़ा है। प्रज्वल ने इस कृत्य को अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड भी किया था। एसआईटी ने प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (2) (के) के तहत एक महिला पर प्रभुत्व रखने और उसके साथ बलात्कार करने के लिए और 376 (2) (एन) के तहत एक ही महिला के साथ बार-बार बलात्कार करने के लिए, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 ई और अन्य अपराधों के तहत आरोप पत्र दायर किया था।

हासन और बेंगलुरु स्थित आवास में हुआ दुष्कर्म

अभियोजन पक्ष का कहना था कि पीड़िता के साथ 2021 में दो बार बलात्कार हुआ। एक बार रेवन्ना के हासन स्थित आवास पर और फिर बेंगलुरु स्थित आवास पर भी उसके साथ दुष्कर्म हुआ। आरोपपत्र में 113 गवाहों के नाम और मुकदमा 18 जुलाई को समाप्त हुआ था।

चार मामलों में मुख्य आरोपी है रेवन्ना

प्रज्वल रेवन्ना कई महिलाओं के यौन उत्पीड़न को दर्शाने वाले 2000 से अधिक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया सहित ऑनलाइन प्रसारित होने के बाद दर्ज किए गए चार मामलों में मुख्य आरोपी हैं। प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ पहली शिकायत अप्रैल 2023 में दर्ज की गई थी।

कोर्ट में क्या बोले रेवन्ना ?

कोर्ट ने जब दोषी प्रज्वल रेवन्ना से पूछा कि आपको क्या कहना है तो प्रज्वल रेवन्ना ने उदास मन से कहा, ‘मैंने एक सांसद के तौर पर अच्छा काम किया है। मैंने छह महीने से अपने माता-पिता को नहीं देखा है। मैं एक मेधावी छात्र हूँ, मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हूं। मैं राजनीति में बहुत जल्दी आ गया और अच्छा काम करने लगा इसीलिए मुझे फंसाया गया। मैं मीडिया पर आरोप नहीं लगाना चाहता हूं, ये सब पुलिस का काम है।

26 गवाहों से हुई पूछताछ

इस मामले की जांच करने वाले विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सितंबर 2024 में 113 गवाहों के बयानों के साथ 1,632 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष ने 26 गवाहों से पूछताछ की और 180 दस्तावेज पेश किए। प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ चार अलग-अलग मामले दर्ज हैं, जिनकी जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया था। ये मामले तब सामने आए थे, जब प्रज्वल से कथित तौर पर जुड़े अश्लील वीडियो हासन में 26 अप्रैल 2024 को होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले प्रसारित हुए थे। एसआईटी ने होलेनरसीपुरा टाउन पुलिस थाने में दर्ज एक मामले के सिलसिले में प्रज्वल को पिछले साल 31 मई को बेंगलुरु हवाई अड्डे पर उस समय गिरफ्तार किया था, जब वह जर्मनी से लौटे थे।

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रंजीत सिंह गिल के बीजेपी में शामिल होते ही विजिलेंस ने मारा छापा

रियल एस्टेट कारोबारी रंजीत सिंह गिल के बीजेपी में शामिल होने के एक दिन बाद शनिवार को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने उनके आवासीय परिसरों पर छापेमारी की। गिल कल ही यानी शुक्रवार को ही अकाली दल से भाजपा में शामिल हुए थे। बीजेपी ने गिल के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई की कड़ी निंदा की और आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध में लिप्त होने का आरोप लगाया।

आवास और कार्यालय पर विजिलेंस की छापेमारी

जानकारी के मुताबिक, विजिलेंस ब्यूरो के चंडीगढ़ स्थित रंजीत सिंह गिल के आवास और मोहाली के खरड़ स्थित उनके कार्यालय पर छापा मारा। हालांकि, छापेमारी की कार्रवाई के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। चंडीगढ़ और खरड़ स्थित गिल के आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया था।

बीजेपी ने छापेमारी की निंदा की

पंजाब बीजेपी के नेता सुभाष शर्मा ने भगवा पार्टी में शामिल होने के बाद गिल के परिसरों पर छापेमारी के लिए मान सरकार की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि शिरोमणि अकाली दल छोड़ने के बाद से ही गिल पर आप पार्टी में शामिल होने का दबाव बना रही थी। शर्मा ने कहा कि जब गिल ने पंजाब की प्रगति के लिए भाजपा के साथ जाने का फैसला किया तो विजिलेंस की टीमें सुबह उनके आवास पर छापेमारी करने पहुंच गईं। उन्होंने भगवंत मान सरकार पर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ विजिलेंस का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।

बीजेपी में शामिल हुए थे गिल

बता दें कि रंजीत सिंह गिल ने हाल ही में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्हें कभी शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल का करीबी माना जाता था। उन्होंने पहले दावा किया था कि शिअद में पार्टी के वफादार कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर दरकिनार किया जा रहा है, जबकि बाहरी लोगों को निर्वाचन क्षेत्र में प्रमुखता मिल रही है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार रात अपने आधिकारिक आवास पर गिल को भाजपा में शामिल कराया था।

खरड़ से लड़ चुके हैं चुनाव

रंजीत सिंह गिल ने 2017 और 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में खरड़ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 2022 के विधानसभा चुनावों में वह आप के अनमोल गगन मान से हार गए थे। गिल एक रियल एस्टेट फर्म के संस्थापक हैं। उन्होंने मोहाली में कई रियल एस्टेट परियोजनाएं स्थापित की हैं।

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लालू यादव के दोनों बेटों में बढ़ी दरार, तेज प्रताप ने तेजस्वी को दिया चैलेंज

राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपने छोटे भाई और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को खुली चुनौती दी है। महुआ विधानसभा क्षेत्र में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव प्रचार शुरू करते हुए तेज प्रताप ने तेजस्वी को ‘अर्जुन’ होने का दावा साबित करने के लिए बांसुरी बजाने का चैलेंज दे डाला। इसके साथ ही उन्होंने महुआ के मौजूदा आरजेडी विधायक मुकेश रोशन को ‘बहरूपिया’ करार देते हुए तीखा हमला बोला।

लालू परिवार में बढ़ती सियासी खटास

तेज प्रताप का यह बयान लालू परिवार में लंबे समय से चल रही सियासी खटास को और उजागर करता है। तेजस्वी यादव जो आरजेडी के सबसे बड़े चेहरे के रूप में उभरे हैं और तेज प्रताप के बीच मतभेद पहले भी कई बार सामने आ चुके हैं। तेज प्रताप का निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला और तेजस्वी को दी गई यह खुली चुनौती आरजेडी के अंदरूनी कलह को और गहरा सकती है। महुआ में तेज प्रताप का प्रचार अभियान अब जोर पकड़ रहा है। उनके तीखे बयानों और विकास के वादों ने क्षेत्र में सियासी माहौल को गरम कर दिया है।

तेजस्वी को मुरली बजाने की चुनौती

महुआ में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए तेज प्रताप ने तेजस्वी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘देखिए, अर्जुन और कृष्ण का क्या रिश्ता है, ये बताने की जरूरत नहीं है। तेजस्वी को अर्जुन अगर माना था तो अर्जुन माना था और तेजस्वी जी बोल रहे हैं कि हम अर्जुन हैं। तेजस्वी मुरली बजाकर दिखाएं, तो हम मान जाएं कि हम अर्जुन हैं, वो कृष्ण हैं। इस बयान ने दोनों भाइयों के बीच बढ़ती दरार को साफ तौर पर उजागर कर दिया है।

तेज प्रताप की नई सियासी पारी

गौरतलब है कि लालू प्रसाद यादव ने कुछ समय पहले तेज प्रताप को आरजेडी से निकालने का ऐलान किया था। इसके बाद तेज प्रताप लंबे समय तक अंडरग्राउंड रहे। अब उन्होंने महुआ विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपनी नई सियासी पारी शुरू की है। प्रचार के दौरान उन्होंने न केवल अपने छोटे भाई पर तंज कसा, बल्कि क्षेत्र की जनता से खुद को मौका देने की अपील भी की। तेज प्रताप के बयान से साफ है कि तेज प्रताप ने मुकेश रोशन को निशाने पर लिया है और क्षेत्र में अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं।

जब तेज प्रताप ने कहा ‘बहरूपिया’

तेज प्रताप ने महुआ के मौजूदा आरजेडी विधायक मुकेश रोशन पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने मुकेश को ‘बहरूपिया’ करार देते हुए कहा, ‘यहां पर बहुत सारा बहरूपिया भी घूम रहा है। वो ऐसा बहरूपिया, बच्चा की तरह रोने लगता है। जब भी वो रोए बहरूपिया, तो बहरूपिया को झुनझुना दे दीजिए। ले झुनझुना बजा। इसलिए कोई बहरूपिया के चक्कर में नहीं, आप देख लीजिए मेरी। जब-जब हम महुआ आते हैं, तब-तब यहां का बहरूपिया विधायक रोने लगता है।’ उन्होंने जनता से अपील की कि अगर ‘बहरूपिया’ उनके बीच आए, तो उसे झुनझुना थमा दें।

महुआ के लिए तेज प्रताप का वादा

चुनाव प्रचार के दौरान तेज प्रताप ने महुआ की जनता को संबोधित करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए कई वादे किए। उन्होंने खास तौर पर परसौनिया की सब्जी मंडी का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘महुआ के परसौनिया में एक सब्जी मंडी है। अगर हम विधायक बनते हैं, तो सब्जी मंडी के लिए एक अलग ही बिल्डिंग बना देंगे। गरीब है, महिला है, सड़क किनारे वो लोग सब्जी बेचते हैं। उनके लिए बढ़िया एक जगह हो जाएगा और वो लोग सब्जी बेचेंगे।

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प्यार से शादी, फिर हत्या: महिला आरक्षी विमलेश की हत्या का पर्दाफाश

रिपोर्ट – मोहम्मद इबरान, बाराबंकी। आपको बताते दे बाराबंकी में महिला आरक्षी विमलेश पाल हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मृतका के पति इंद्रेश मौर्या को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड, मृतका का पर्स और घटना में प्रयुक्त वैगनार कार (UP 32 CC 8480) बरामद कर ली गई है।

स्वाट,सर्विलांस और मसौली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक अयोध्या परिक्षेत्र प्रवीण कुमार व एसपी बाराबंकी अविनाश पांडेय के निर्देश पर स्वाट, सर्विलांस और मसौली थाना की संयुक्त टीम गठित की गई थी। डिजिटल और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर आरोपी को भैरिया रोड स्थित प्लाईवुड फैक्ट्री के पास से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने तथ्य छिपाने की कोशिश की

इस बीच मामले में नए तथ्य भी सामने आए हैं। मृतका के जीजा दिलीप पाल ने दावा किया है कि पुलिस को विमलेश की स्कूटी 27 जुलाई को ही मिल गई थी, जबकि शव 30 जुलाई को बरामद हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने स्कूटी की बरामदगी को घटना स्थल से दिखाकर तथ्य छिपाने की कोशिश की है। दिलीप पाल ने यह भी बताया कि उन्होंने एसपी से पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी मांगी थी। इस पर एसपी ने उन्हें बताया कि इंद्रेश मौर्य को गिरफ्तार कर लिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मसौली थाना से प्राप्त की जा सकती है।

गौरतलब है कि महिला सिपाही विमलेश चौहान का शव 30 जुलाई को मसौली थाना क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ था। शव की स्थिति अत्यंत खराब थी, जिससे हत्या और दुष्कर्म की आशंका भी जताई गई थी। मामले की जांच में तेजी लाते हुए पुलिस ने अब मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, हालांकि मृतका के परिजन जांच पर सवाल उठा रहे हैं।

पहले दोस्ती प्रेम में बदली और फिर शादी

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 2017 में विमलेश से उसकी दोस्ती हुई थी। इसके बाद में शादी का दबाव बढ़ने पर उसने विमलेश से आर्य समाज मंदिर में विवाह कर लिया। इस दौरान पीड़िता ने आरोपी पर रेप और धमकी की धाराओं में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। लेकिन बयान बदलने के कारण केस बंद कर दिया गया। तनाव की वजह पैसे और साथ निभाने को लेकर बढ़ते विवाद आरोपी इंद्रेश ने विमलेश के नाम पर बैंक से लोन भी लिया था। दोनों के बीच पैसों और रिश्ते को लेकर लगातार विवाद होते थे। इसी के चलते उसने हत्या की योजना बनाई।

हत्या की रात की जानिए पूरी कहानी

घटना की रात की पूरी कहानी 27 जुलाई की रात आरोपी लखनऊ से वैगनार कार लेकर निकला। बिंद्रा पुल के पास विमलेश से मिला और उसे बातचीत के बहाने खेत की ओर ले गया। वहां पीछे से लोहे की रॉड से वार कर उसकी हत्या कर दी। रात एक बजे तक वह लखनऊ लौट गया और अगले दिन सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से सुल्तानपुर चला गया। पुलिस को गुमराह करने की कोशिश भी की। हत्या के बाद पुलिस को भ्रमित करने के लिए आरोपी लगातार विमलेश के मोबाइल पर कॉल करता रहा। जानकारी जुटाने के उद्देश्य से वह बाराबंकी भी लौटा, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

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पटना में अपराधी बेखौफ, घर में सो रहे दो मासूम बच्चों को जिंदा जलाया

बिहार की राजधानी पटना में अपराधी बेखौफ हो गए हैं। राजधानी पटना के जानीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नगवां गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि घर में सो रहे दो मासूम बच्चों को अपराधियों ने जिंदा जला दिया। मृत बच्चों की उम्र करीब 10 और 12 वर्ष बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही जानीपुर थाना पुलिस एवं फुलवारी शरीफ अनुमंडल पदाधिकारी (SDPO) दीपक कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

घटना के समय घर पर नहीं थे माता-पिता

मृतक के पिता ने बताया कि हम चुनाव आयोग में कार्यरत हैं और पत्नी एम्स में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर तैनात है। बच्चे स्कूल से पढ़कर आकर घर में सो रहे थे। इस दौरान किसी ने घर में घुसकर दोनों बच्चों को आग के हवाले कर दिया। पलंग पर दोनों बच्चों का शव जली अवस्था में मिला। सूचना पर घर पर पहुंचे तो देखा दोनों बच्चे जल रहे हैं। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी।

बच्चों को जिंदा जलाकर मारने का आरोप

ग्रामीणों ने घटना पर संदेह जताते हुए आरोप लगाया है कि यह सामान्य हादसा नहीं बल्कि साजिश है। उनका कहना है कि गांव के कुछ दबंगों ने जानबूझकर घर में आग लगाई, जिससे दोनों बच्चों की जान चली गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम को बुला लिया है। डॉग स्क्वायड और स्पेशल टीम भी घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। जांच अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आग लगने से बच्चों की मौत का प्रतीत होता है, लेकिन परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है।

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कौन हैं एसपी गोयल ? जिन्हें बनाया गया यूपी का नया मुख्य सचिव

यूपी की योगी सरकार ने शशि प्रकाश गोयल (एसपी गोयल) को यूपी का नया मुख्य सचिव बनाया है। मौजूदा मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह रिटायर हो गए हैं। उन्हें सेवा विस्तार नहीं मिल सका है। मनोज कुमार का स्थान एसपी गोयल लेंगे। एसपी गोयल 1989 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इस समय वह प्रदेश के सबसे सीनियर मोस्ट अधिकारी भी हैं। यानी यह कहें कि उन्हें वरिष्ठता के आधार पर इस पद की जिम्मेदारी मिली है।

वही एसपी गोयल इस समय मुख्यमंत्री सचिवालय में अपर मुख्य सचिव है। करीब आठ साल से यहां पर तैनात हैं। इससे पहले कई प्रमुख पदों पर भी रहे हैं। एसपी गोयल मुख्यमंत्री सचिवालय से निकलकर अब ब्यूरोक्रेसी की सबसे बड़ी कुर्सी पर आ जाएंगे।

एसपी गोयल के पास होगा लंबा कार्यकाल

वही एसपी गोयल को मुख्य सचिव के पद पर लंबा कार्यकाल मिल रहा है। उनका रिटायरमेंट जनवरी 2027 में है। ऐसे में 18 महीने तक वह मुख्य सचिव रह सकेंगे। अगर इसके बाद विस्तार हुआ। अगला विधानसभा चुनाव इनके ही कार्यकाल में होगा। यूपी में अगले विधानसभा चुनाव की घोषण और आचार संहिता फरवरी-मार्च 2027 में लग सकती है। इससे ठीक पहले तक एसपी गोयल के पास मुख्य सचिव की जिम्मेदारी रहेगी।

एसपी गोयल के खास होगी जिम्मेदारी

ऐसे में सरकार की प्रमुख योजनाओं को धरती पर उतारने और चुनाव से ठीक पहले सरकार के पक्ष में कार्यों की डिलेवरी की खास जिम्मेदारी होगी। आने वाले डेढ़ साल में पंचायत चुनाव भी होने हैं। इसके अलावा इसी साल जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे का काम पूरा होना है। अब इसकी जिम्मेदारी और इसे समय से पूरा कराने का भार एसपी गोयल के कंधे पर आ जाएगा। एसपी गोयल की यूपी की ब्यूूरोक्रेसी में बड़ी पकड़ मानी जाती है। मजिस्ट्रेट के रूप में उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों की शुरुआत की थी। इसके बाद कई जिलों में डीएम भी रहे।

raed more : राष्ट्रीय हितों के लिए उठाएंगे हर जरूरी कदम – केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

राष्ट्रीय हितों के लिए उठाएंगे हर जरूरी कदम – केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

संसद में अमेरिकी टैरिफ के मुद्दे पर हंगामा हो रहा है। विपक्ष अमेरिका के भारत पर 25% टैरिफ लगाने पर सवाल पूछ रहा है। इसे लेकर लोकसभा में आज केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने जवाब दिया। गोयल ने कहा कि टैरिफ के मुद्दे पर अमेरिका के साथ द्विपक्षीय बातचीत चल रही है। मौजूदा हालत का आंकलन कर रहे हैं। कारोबारियोंऔर स्टेक होल्डर्स के साथ बात कर रहे हैं। ग्लोबल ट्रेड में भारत का 16 फीसदी योगदान है। आगे उन्होंने कहा, भारत की युवा और स्किल्ड वर्क फोर्स हमारी ताकत है और हम अपने घरेलू उद्योगों को सुरक्षित रखेंगे। हमारे लिए घरेलू उद्योग का हित सबसे पहले है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने दिया नया बयान

वहीं आपको बता दें कि भारत पर अमेरिकी की तरफ से 25 प्रतिशत टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने की घोषणा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का नया बयान आया है। इस बयान में जब उनसे पूछा गया कि ‘क्या वे भारत के साथ टैरिफ पर बातचीत के लिए तैयार हैं’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हम अभी उनसे बात कर रहे हैं। देखते हैं क्या होता है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में सबसे ज्यादा या लगभग सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाला देश था, हम अभी भारत के साथ बातचीत कर रहे हैं।

ट्रंप ने कहा – प्रधानमंत्री मोदी मेरे मित्र है,लेकिन…

खबर के मुताबिक, भारत पर 25% टैरिफ और जुर्माना लगाने की घोषणा पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, कि प्रधानमंत्री मोदी मेरे मित्र हैं, लेकिन व्यापार के लिहाज से वे हमारे साथ बहुत ज्यादा व्यापार नहीं करते, क्योंकि टैरिफ बहुत ज़्यादा है। इस समय दुनिया में उनका टैरिफ सबसे ज्यादा है। वे इसमें काफी कटौती करने को तैयार हैं। लेकिन देखते हैं क्या होता है।

भारत 5 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में एक है

उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ‘‘एक दशक से भी कम समय में पांच कमजोर अर्थव्यवस्थाओं से निकलकर भारत प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गया है तथा दुनिया की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में एक है। उनका कहना था कि यह भी अपेक्षित है कि भारत कुछ ही वर्षों में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, ‘‘यूएई, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौते किए गए हैं। हम दूसरे देशों के साथ इसी तरह के समझौतों के लिए प्रतिबद्ध हैं।

ट्रंप को नहीं भा रही रूस से भारत की नजदीकियां

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते बुधवार को कहा कि अमेरिका भारत से आने वाले सामानों पर 25% टैरिफ लगाएगा साथ ही भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने के कारण अतिरिक्त आयात कर भी लगाएगा। खबर के मुताबिक, रिपब्लिकन राष्ट्रपति ने आगे कहा कि भारत रूस से सैन्य उपकरण और तेल खरीदता है। जिससे यूक्रेन में मास्को का युद्ध संभव हो पाता है। इसलिए उनका इरादा शुक्रवार से कई देशों पर अपने प्रशासन के संशोधित टैरिफ़ लागू करने के तहत अतिरिक्त जुर्माना वसूलने का है।

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करंट लगने से पत्रकार की मौत, खेत में मोटर चलाते समय हुआ हादसा

रिपोर्ट – मोहम्मद अफ़ज़ल, बाराबंकी। आपको बताते चले कि बाराबंकी के थाना क्षेत्र रामनगर के ग्राम पंचायत तेलवारी में सोमवार को एक दुखद घटना सामने आई। ग्राम तेलवारी निवासी 55 वर्षीय पत्रकार अजय कुमार सिंह की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के अनुसार अजय सिंह अपने खेत में मोटर से पानी लगाने गए थे। इसी दौरान मोटर में अचानक करंट आ गया।

वे इस करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। परिजन उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रामनगर ले गए। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। थाना प्रभारी रामनगर अनिल कुमार पांडे ने इस बात की पुष्टि की है। अजय सिंह की अचानक मौत से पूरे गांव में शोक छा गया है।

ग्रामीणों के अनुसार अजय सिंह हमेशा समाजिक कार्यों में सक्रिय रहते थे। उनकी मौत से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव और मीडिया जगत में शोक की लहर है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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मालेगांव ब्लास्ट केस में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत सभी आरोपी बरी

मालेगांव बम धमाके के केस में 18 साल बाद फैसला आया है। स्पेशल एनआईए कोर्ट ने इस केस में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, कर्नल पुरोहित, रमेश उपाध्याय, समीर कुलकर्णी और सुधाकर द्विवेदी समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। इस मामले में फैसला सुनाते हुए जज एके लाहोटी ने कहा कि इस केस की जांच में पर्याप्त सबूत नहीं दिए गए।

ऐसे में इन सभी आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूतों के अभाव में उन्हें बरी किया जाता है। जज लाहोटी ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं हो सकता। दरअसल इस केस में अदालत ने साफ किया कि कौन से ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब नहीं मिले और आरोपियों को बरी किया जा रहा है।

कैसे कर्नल पुरोहित भी अदालत में निकले पाक-साफ

यह भी पुष्टि नहीं हो सकी कि आरडीएक्स कश्मीर से लाया गया था और उससे एक बम कर्नल पुरोहित ने बनाया था। कर्नल पुरोहित और अन्य लोगों के बीच पैसों का लेनदेन हुआ है। लेकिन इस पैसे को आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल करने के प्रमाण नहीं मिले। अब तक की जानकारी के अनुसार वह पैसा कर्नल पुरोहित ने घर बनवाने और एलआईसी भरने में लगाया था। पुरोहित के भी अन्य लोगों के साथ मिलकर किसी तरह की साजिश रचने के सबूत नहीं मिले हैं।

विश्वास फिर से बहाल करने के लिए धन्यवाद – कर्नल पुरोहित

लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित ने अदालत में कहा, “मैं आपको धन्यवाद देता हूं कि आपने मुझे उसी दृढ़ विश्वास के साथ अपने देश और अपने संगठन की सेवा करने का मौका दिया, जैसा मैं इस मामले में फंसाए जाने से पहले कर रहा था। मैं इसके लिए किसी संगठन को दोष नहीं देता। जांच एजेंसियों जैसे संगठन गलत नहीं हैं, लेकिन संगठन के अंदर के लोग ही गलत हैं। मैं आपको व्यवस्था में आम आदमी का विश्वास फिर से बहाल करने के लिए धन्यवाद देता हूं।

साध्वी प्रज्ञा को अदालत ने किन दलीलों पर दी क्लीन चिट

अदालत ने कहा कि जिस बाइक को साध्वी प्रज्ञा का बताया गया। वह उनकी ही है, यह साबित करने में जांच एजेंसियां फेल रही हैं। उस बाइक का चेसिस नंबर क्या था। यह भी कभी पूरी तरह पता नहीं चल सका। इस धमाके से दो साल पहले ही साध्वी प्रज्ञा संन्यासी बनी थीं। ऐसा कोई प्रमाण नहीं दिया गया कि उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर कोई साजिश रची थी।

कोर्ट के फैसले के बाद साध्वी प्रज्ञा का आया बयान

एनआईए कोर्ट में न्यायाधीश को संबोधित करते हुए साध्वी प्रज्ञा सिंह ने कहा, “मैंने शुरू से ही कहा है कि जिन्हें जांच के लिए बुलाया जाता है, उसके पीछे कोई आधार होना चाहिए। मुझे उन्होंने जांच के लिए बुलाया, गिरफ्तार किया और प्रताड़ित किया। इससे मेरा पूरा जीवन बर्बाद हो गया। मैं एक साधु का जीवन जी रही थी, लेकिन मुझे आरोपी बनाया गया और कोई भी स्वेच्छा से हमारे साथ खड़ा नहीं हुआ। मैं जीवित इसलिए हूं, क्योंकि मैं एक संन्यासी हूं। उन्होंने एक साजिश के तहत भगवा को बदनाम किया। आज भगवा की जीत हुई है, हिंदुत्व की जीत हुई है और जो दोषी हैं उन्हें भगवान सजा देंगे। हालांकि, जिन्होंने भारत और भगवा को बदनाम किया है, उन्हें आपने गलत साबित नहीं किया है।

ऐसे 7 अहम सवाल हैं, जिनका जवाब जांच एजेंसियों की ओर से नहीं दिया जा सका। इन सवालों के जवाब न मिलने से साबित नहीं हुआ कि मालेगांव में धमाका किसने कराया और कौन उसका दोषी हुआ। आइए जानते हैं, कौन से थे ये सवाल…

पहला सवाल – इस ब्लास्ट की साजिशों के लिए मीटिंग हुई थी। इसके बारे में कोई सबूत नहीं मिले हैं।

दूसरा सवाल – स्पॉट पंचनामा ठीक से नहीं किया गया। ऐसे में बहुत से सबूत सिर्फ जुबानी हैं। वास्तव में पेश नहीं किए गए।

तीसरा सवाल – बाइक साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की थी, यह साबित नहीं हो पाया।

चौथा सवाल – धमाके के लिए RDX कर्नल पुरोहित लाए थे और बम तैयार किया था। इसके सबूत नहीं मिले।

पांचवां सवाल – मालेगांव में मस्जिद के पास बम किसने प्लांट किया, सबूत नहीं।

छठा सवाल – यह भी साबित नहीं हुआ कि धमाका बाइक में ही हुआ था या नहीं।

सातवां सवाल – किसने बाइक लगाई, इसके प्रमाण नहीं मिले।

हिंदू कभी आतंकवादी नहीं रहा – जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य

वहीं कांग्रेस पर निशाना साधते हुए स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि भगवाधारियों को सताने के लिए कांग्रेस ने यह सब करवाया था। मैं तो यही कहूंगा कि हमारी विजय हुई और इन सातों लोगों को तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर मानहानि का दावा करना चाहिए। निश्चित वैधानिक कार्रवाई करनी चाहिए, उन्होंने कहा इन्हें इसका दंड भुगतना पड़ेगा। हिंदू कभी आतंकवादी रहा ही नहीं इतिहास उठा कर देख लें।

कांग्रेस को जवाब देना चाहिए – स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती

इससे पहले अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि जहां धर्म है, वहां विजय अवश्य होती है। जहां तक मालेगांव बम विस्फोट मामले की बात है, तो यह एक बहुत ही जटिल मामला था। एक तरह से यूपीए के शासनकाल में सोनिया गांधी – राहुल गांधी के नेतृत्व में हिंदू आतंकवादी परिभाषा गढ़ने का प्रयास ही नहीं किया, बल्कि प्रज्ञा ठाकुर जैसे लोगों को बम ब्लास्ट का अभियुक्त बनाकर 9 सालों तक जेल में रखा गया। इसकी जवाबदेही होनी चाहिए, कांग्रेस को जवाब देना चाहिए।

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लोकसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा – हमने मां,बहनों का लिया बदला

मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस की शुरुआत करते हुए कहा कि मैं उन बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। जिन्होंने देश के लिए अपना बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि पहलगाम में कायराना आतंकी हमला हुआ। हमने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए मां-बहनों का बदला लिया। ऑपरेशन सिंदूर से पहले हर पहलू पर ध्यान दिया गया। ऑपरेशन सिंदूर में 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष के कुछ सदस्य पूछ रहे हैं कि हमारे कितने विमान मार गिराए गए ? मुझे लगता है कि उनका सवाल हमारी राष्ट्रीय भावनाओं का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं करता। उन्होंने हमसे यह नहीं पूछा कि हमारे सशस्त्र बलों ने कितने दुश्मन विमानों को मार गिराया। अगर उन्हें कोई सवाल पूछना ही है, तो वह यह होना चाहिए कि क्या भारत ने आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया और इसका जवाब है, ‘हां’।

अगर आपको कोई सवाल पूछना है। तो वह यह होना चाहिए कि क्या ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा। इसका जवाब है, हां। क्या आतंकवादी सरगनाओं को नष्ट किया गया ? हां। अगर आपको कोई सवाल पूछना है, तो यह पूछें – क्या इस ऑपरेशन में हमारे किसी बहादुर सैनिक को कोई नुकसान पहुंचा ? जवाब है, नहीं, हमारे किसी भी सैनिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

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दबाव में रोका गया, यह कहना गलत – रक्षा मंत्री 

लोकसभा में राजनाथ सिंह ने कहा कि यह कहना गलत है कि किसी दबाव में ऑपरेशन सिंदूर को रोका गया था। रक्षा मंत्री ने कहा, “हमारे सशस्त्र बलों द्वारा किए गए समन्वित हमलों ने 9 आतंकवादी बुनियादी ढांचे के लक्ष्यों को सटीकता से मारा। इस सैन्य अभियान में, यह अनुमान है कि 100 से अधिक आतंकवादी, उनके प्रशिक्षक, हैंडलर और सहयोगी मारे गए। इनमें से अधिकांश जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़े थे। पूरा ऑपरेशन 22 मिनट के अंदर पूरा कर लिया गया।

कार्रवाई पूरी तरह से आत्मरक्षा में थी – राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी कार्रवाई पूरी तरह से आत्मरक्षा में थी, न तो उकसावे वाली थी और न ही विस्तारवादी। फिर भी 10 मई को लगभग 1:30 बजे पाकिस्तान ने मिसाइलों, ड्रोन, रॉकेट और अन्य लंबी दूरी के हथियारों का उपयोग करके भारत पर बड़े पैमाने पर हमला किया। उन्होंने कहा कि S-400, आकाश मिसाइल प्रणाली, वायु रक्षा बंदूकें बहुत उपयोगी साबित हुईं और पाकिस्तान के इस हमले को पूरी तरह से विफल कर दिया।

हमारी सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य थी: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि भारत ने अपनी कार्रवाई रोक दी। क्योंकि पूर्वनिर्धारित राजनीतिक और सैन्य उद्देश्य पूरे हो गए थे। यह कहना कि किसी दबाव में यह ऑपरेशन रोका गया, निराधार और बिल्कुल गलत है और अपने राजनीतिक जीवन में मैंने हमेशा झूठ न बोलने की कोशिश की है। उन्होंने कहा मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि हमारी वायु रक्षा प्रणाली, काउंटर-ड्रोन प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों ने पाकिस्तान के इस हमले को पूरी तरह से विफल कर दिया। पाकिस्तान हमारे किसी भी लक्ष्य को भेद नहीं सका और हमारी किसी भी महत्वपूर्ण संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा। हमारी सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य थी और हर हमले को विफल कर दिया गया।

बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं – राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी सरकार ने भी पाकिस्तान के साथ शांति स्थापित करने के लिए अनेक प्रयास किए हैं। बाद में, 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट एयर स्ट्राइक और 2025 के ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से हमने शांति स्थापित करने के लिए एक अलग रास्ता अपनाया है। नरेंद्र मोदी सरकार का रुख स्पष्ट है- बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते।

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ओसानेश्वर महादेव मंदिर में करंट फैलने से भगदड़, दो श्रद्धालुओं की मौत

रिपोर्ट – मोहम्मद इबरान, बाराबंकी। सावन के तीसरे सोमवार को जिले के हैदरगढ़ क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध अवसानेश्वर महादेव मंदिर में उस समय अफरा-तफरी मच गई। जब जलाभिषेक के दौरान अचानक करंट फैलने से श्रद्धालुओं में भगदड़ की स्थिति बन गई। इस हृदयविदारक हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। जबकि लगभग 38 लोग घायल हो गए हैं। मृतकों में थाना लोनीकटरा के मुबारकपुरा गांव निवासी 22 वर्षीय प्रशांत और एक अन्य श्रद्धालु शामिल हैं। जिनकी मृत्यु त्रिवेदीगंज सीएचसी में इलाज के दौरान हुई।

लोग दहशत में आ गए और भगदड़ मच

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह घटना सुबह करीब 3 बजे उस समय हुई जब भारी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए मंदिर परिसर में एकत्रित थे। बताया जा रहा है कि एक बंदर बिजली के तार पर कूद गया। जिससे तार टूटकर मंदिर परिसर के टीन शेड पर गिर गया। तार के गिरते ही उसमें से करंट शेड में फैल गया। जिससे वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए और श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। हादसे के तुरंत बाद घायलों को त्रिवेदीगंज और हैदरगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचाया गया। त्रिवेदीगंज सीएचसी में कुल 10 घायलों को लाया गया। जिनमें से 5 को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

घटना की जांच के आदेश

हैदरगढ़ सीएचसी पर 20 घायलों का इलाज चल रहा है। जिनमें से एक को गंभीर स्थिति में रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक अपूर्व विजयवर्गीय सहित आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। पूरे मंदिर क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी गई है और घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

स्थिति सामान्य, श्रद्धालुओं में फिर से भरोसा

ओसानेश्वर महादेव मंदिर हादसे के बाद कुछ समय के लिए मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल रहा। लेकिन प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते स्थिति पर काबू पा लिया गया। अब मंदिर में दर्शन-पूजा का क्रम सामान्य रूप से चल रहा है और श्रद्धालु कतारबद्ध होकर भगवान शिव का अभिषेक कर रहे हैं।

हादसे के समय मंदिर में सावन सोमवार के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ सामान्य से कई गुना अधिक थी। प्रशासन की ओर से सभी घायलों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। मंदिर समिति और प्रशासन मिलकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। जिससे भविष्य में ऐसे हादसों को टाला जा सके।

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ऑपरेशन क्लीन के तहत शराब माफिया के खिलाफ पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

रिपोर्ट – मोहम्मद इबरान, बाराबंकी। बाराबंकी पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के ‘ऑपरेशन क्लीन’ अभियान के तहत, मसौली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए। कुल 700 लीटर देशी और अंग्रेजी शराब को नष्ट कर दिया। यह शराब विगत वर्षों में दर्ज विभिन्न आबकारी मुकदमों में जब्त की गई थी। जिसका विनष्टीकरण न्यायालय के आदेश पर किया गया।

थाना परिसर में गड्ढा खोदकर नष्ट की गई शराब मसौली थाना परिसर में शराब को नष्ट करने के लिए एक गहरा गड्डा खोदा गया था। सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए इस भारी मात्रा में शराब का विनष्टीकरण किया गया। इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि शराब का कोई भी अंश पर्यावरण या आमजन को नुकसान न पहुँचाए।

ऑपरेशन क्लीन का उद्देश्य अवैध शराब पर लगाम लगाना

अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी रामनगर गरिमा पंत के पर्यवेक्षण में यह पूरी कार्रवाई संपन्न हुई। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक मसौली सुधीर कुमार सिंह और आबकारी निरीक्षक नवाबगंज क्षेत्र-1 इंगिता पाण्डेय अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे।

पुलिस का कहना है कि ‘ऑपरेशन क्लीन’ अभियान का उद्देश्य जिले में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाना और ऐसे आपराधिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना है। जिससे समाज में शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे। इस कार्रवाई से अवैध शराब के धंधेबाजों को एक कड़ा संदेश मिलेगा।

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