Tuesday, February 3, 2026
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बीजेपी वाले चाहे जो भी कर लें न यूपी जीतेंगे और न ही बंगाल – अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि आगामी चुनाव को प्रभावित करने के लिए भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर सपा के वोट कटवाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव में जहां-जहां इंडिया गठबंधन जीता है, वहां-वहां हर विधान सभा सीट से 50 हजार- 50 हजार वोट काटने की तैयारी है। जिससे कि हम जीतने न पाए। इसके बावजूद ये चाहे जो भी कर लें, ये न यूपी जीतेंगे और न ही बंगाल जीत पाएंगे।

भाजपा वाले जीतने के लिए कुछ भी कर रहे

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने इसके लिए अधिकारियों की टीम को लगा दिया है इसलिए हमें सावधान रहने की जरुरत है। इनके निशाने पर कन्नौज भी आ गया है। ये भाजपा वाले जीतने के लिए कुछ भी कर रहे हैं। प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कन्नौज की एसडीएम से बातचीत भी सुनवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग उत्तर प्रदेश बंगाल और तमिलनाडु में एसआरआई में सहयोग नहीं कर रहा है।

सपा मुखिया ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआरआई) के तहत विपक्ष के वोटरों का लिस्ट से नाम हटाने की कोशिश नई नहीं है लेकिन अब इसे संगठित ढंग से अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बूथ स्तर पर समीक्षा कर रही है। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि हर वोटर का नाम मतदाता सूची में सही तरीके से दर्ज हो।

एसआईआर का समय बढ़ाएं – अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने कहा कि बीएलओ घर-घर नहीं जा रहे हैं। एक ही स्थान पर बैठ कर काम कर रहे हैं। ये शादी का सीजन है फिर भी एसआईआर कराया जा रहा है। सपा की मांग है एसआईआर का समय बढ़ाया जाए और एसओपी जारी की जाए। बीएलओ दलित पिछड़े मुस्लिम, पिछड़े और अति पिछडो के यहां नहीं जा रहे हैं। केवल भाजपा वालों, प्रधान और पार्षद के यहां जा रहे हैं। गणना प्रपत्र मांगने पर बीएलओ कहते हैं मैं आ नहीं पाऊंगा। आप यहां आकर ले लो या फिर कहते हैं कि कहो तो मैं आपको वाट्सअप पर भेज दूं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची से काफी संख्या में नाम गायब हैं। चुनाव आयोग कह रहा है 98.4% प्रपत्र बंट चुका है।

भाजपा सरकार हुई फेल – अखिलेश यादव

अखिलेश यादवने भाजपा सरकार को हर मोर्चे पर फेल बताया। तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की सरकार में खांसी की दवा मत लेना। पहले 500 एमजी की दवा से बुखार ठीक हो जाता था अब 650 एमजी खाने के बाद भी ठीक नहीं होता। यमुना गंदी, गंगा गंदी। देश में हर नीति फेल है। विदेश नीति फेल है। ये झूठा प्रचार कर रहे हैं। सरकार के अधिकारी भाजपा के पदाधिकारी बनकर काम कर रहे हैं। भाजपा चाहती है कि जनता सीधे अधिकारियों से भीड़ जाए।

अखिलेश यादव ने नए श्रम कानूनों पर केंद्र सरकार को घेरा। कहा कि ये उद्योगपतियों के इशारे पर बनाए गए हैं। कुछ कहो तो सरकार कह देगी देश द्रोही है।सपा 2147 का घोषणा पत्र जारी करेगीसपा मुखिया ने कहा कि भाजपा 2047 की बात कर रही है। अरे ये अपना घोषणा पत्र पढ़ लें और उसी पर ही काम कर लें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा से सीख कर सपा 2147 का घोषणा पत्र जारी करेगी।

तभी भाजपा को हरा पाएंगे….

हम लोगों ने जब सैफई में मंदिर बनवाना शुरू किया तो भाजपा ने इसका विरोध शुरू कर दिया। कोई पुजारी नहीं मिला तो भाजपा कार्यकर्त्ता को खड़ा कराकर उसका विरोध शुरू करा दिया। सपा के पूर्व विधायक पर उसके ही पूर्व कर्मी से 32 हजार रूपये का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और साथियों से निवेदन कर रहे हैं कि तैयारी बहुत सूझबूझ से करें और बहुत सूझबूझ से ही चुनाव लड़ना है। हमे कांटे से कांटा निकालने वाली भाजपा की बात को याद रखना है और उसी तरह चुनाव लड़ना होगा, तभी भाजपा को हरा पाएंगे।

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यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने की तैयारी में योगी सरकार

उत्तर प्रदेश में बिजली के बिल और बिजली से जुड़ी अन्य परेशानियों के समाधान को लेकर यूपी पॉवर कॉरपोरेशन ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत दिसंबर महीने से बिजली विभाग द्वारा ‘बिल राहत योजना’ की शुरुआत की जा रही है। जिसमें उपभोक्ताओं की बिजली चोरी, नेवर पेड और लॉन्ग अनपेड जैसी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। शक्ति भवन में कॉरपोरेशन अध्यक्ष डॉ आशीष कुमार गोयल ने ‘बिल राहत योजना’ की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ये योजना बिजली चोरी, नेवर पेड और लॉन्ग अनपेड जैसे मामलों के समाधान के लिए काफी लाभदायक होगी।

दिसंबर से होगी ‘बिल राहत योजना’ की शुरुआत

डॉ आशीष ने कहा कि इसके तहत पहली बार में सरचार्ज पूरी तरह माफ करने से लेकर मूलधन में भारी छूट तक दी जाएगी। लॉन्ग अनपेड और नेवर पेड बिलों को आसान किश्तों में जमा करने की सुविधा से लेकर बिजली चोरी के मामलों में बड़ी राहत मिलेगी। इसके लिए बिजली कर्मचारी घर-घर जाएंगे और उपभोक्ताओं कसे संपर्क कर उन्हें योजना का लाभ उठाने के लिए जागरुक करेंगे।

उपभोक्ताओं को दी जाएंगी कई राहत

कॉरपोरेशन अध्यक्ष ने कहा कि अगर उपभोक्ता एक बार में पूरा बकाया जमा करता है। तो बकाए पर सरचार्ज में सौ फीसद की छूट के साथ मूलधन में भी 25 फीसदी की छूट दी जाएगी। ये योजना दो किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ता और एक किलोवाट तक के वाणिज्यिक उपभोक्ताओं पर लागू होगी। यूपी में कुल 5412443 उपभोक्ता है। जो नेवर पेड में आते हैं इन पर 16105 करोड़ी रुपये का बकाया है।

वहीं लॉन्ग अनपेड उपभोक्ताओं की संख्या 9145985 है। इन पर बतौर मूल धनराशि 15100 करोड़ रुपये का बकाया है। सरचार्ज मिलाकर इन दोनों तरह के उपभोक्ताओं पर ये राशि 45980 करोड़ रुपये तक हो जाती है। यूपी पॉवर कॉरपोरेशन ने उपभोक्ताओं से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है, इससे विभाग को भी फायदा होगा।

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राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तंज, इंदिरा गांधी में था असली दम

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रुकवाने का दावा करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 50 बार अपमान किया है। लेकिन मोदी ‘डरपोक’ हैं और उनमें यह कहने का दम नहीं है कि ट्रंप झूठ बोल रहे हैं। राहुल गांधी ने बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के समय का उल्लेख करते हुए कहा, ‘1971 में अमेरिका ने अपनी नौसेना का सातवां बेड़ा भेजा। लेकिन इंदिरा गांधी ने साफ कह दिया था कि हम आपकी नौसेना से नहीं डरते, हमें जो करना होगा वो हम करेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि इंदिरा गांधी महिला थीं, लेकिन इस मर्द (मोदी) से ज्यादा दम उस महिला (इंदिरा गांधी) में था। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाने संबंधी ट्रंप के दावे का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने 50 बार भारत के प्रधानमंत्री का अपमान किया। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर रुकवाया। अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि सात विमान गिराए गए। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी में यह कहने का दम नहीं है कि ट्रंप झूठ बोल रहे हैं।

पीएम मोदी में न तो दृष्टिकोण है और न ही दम

उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी को ट्रंप से मिलने के लिए विदेश जाना था। लेकिन वह डर गए और नहीं गए। उन्होंने नालंदा में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए यह दावा भी किया कि बिहार में सरकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नहीं चला रहे हैं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और ‘नागपुर’ (आरएसएस) चला रहे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र में ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनने पर नालंदा को एक फिर शिक्षा का वैश्विक केंद्र बनाया जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘नरेन्द्र मोदी जी डरपोक हैं। उनमें न तो दृष्टिकोण है और न ही दम है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कई बार यह दावा किया है कि उन्होंने व्यापार नहीं करने का हवाला देकर भारत और पाकिस्तान के बीच इस साल मई में संघर्ष विराम करवाया था। भारत ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि इस साल मई में पाकिस्तान के सैन्य परिचालन महानिदेशक (डीजीएमओ) द्वारा संपर्क किए जाने पर सैन्य कार्रवाई रोकने पर विचार हुआ था।

पीएम मोदी के हाथ में नीतीश कुमार का रिमोट कंट्रोल

राहुल गांधी ने फिर से यह दावा किया कि नरेंद्र मोदी जी के हाथ में नीतीश जी का रिमोट कंट्रोल है। वह जो बटन दबाते हैं, वही चैनल नीतीश चालू कर देते हैं। उन्होंने कहा, ‘नीतीश कुमार जी सरकार नहीं चला रहे हैं। सरकार मोदी जी, अमित शाह और नागपुर चलाते हैं। राहुल गांधी ने पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे बिहार के ईमानदार और मेहनती युवाओं को नुकसान होता है। उन्होंने यह दावा फिर किया कि छठ पूजा के लिए दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए यमुना के निकट साफ पानी का एक तलाब बनाया गया था।

दो तरह के हिंदुस्तान हैं – राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि अमित शाह कहते हैं कि बिहार में उद्योग के लिए जमीन नहीं है, लेकिन अदाणी को एक रुपये में जमीन मिल जाती है। राहुल गांधी ने कहा कि दो तरह का हिंदुस्तान है। एक हिंदुस्तान बड़े उद्योगपतियों का है और दूसरा दलितों, अति पिछड़ों, पिछड़ों और गरीबों का है। उन्होंने दावा किया कि देश में सरकारी संपत्तियों को अंबानी और अदाणी के हवाले कर दिया गया है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि क्या आप चाहते हैं कि बिहार देश के लिए मजदूर पैदा करने वाला बने ? ऐसा बिहार नहीं चाहिए। हमें नालंदा विश्वविद्यालय वाला बिहार चाहिए जब पूरी दुनिया के लोग शिक्षा के लिए बिहार आते थे। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि एक ऐसा दिन आए जब फोन के पीछे ‘मेड इन बिहार’ और ‘मेड इन नालंदा’ लिखा हो। हम चाहते हैं कि चीन के युवा ‘मेड इन बिहार’ का फोन और टी-शर्ट खरीदें।

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लालटेन युग वाले बिहार को नहीं दे पाएंगे बिजली – प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल को घेरा। उन्होंने कहा कि लालटेन युग के लोग बिहार को बिजली नहीं दे पाएंगे। पीएम मोदी ने लालू यादव के शासन काल को जंगलराज करार दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में एक समय पर 40 हजार रुपए के लिए अपहरण हो जाया करता था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिहार का गौरव और बढ़ाना, बिहार की मीठी बोली, बिहार की संस्कृति को दुनिया के कोने-कोने में ले जाना, बिहार का विकास करना ही एनडीए (NDA) और भाजपा की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

जब भारत समृद्ध था, आर्थिक रूप से, ज्ञान-विज्ञान की सबसे बड़ी ताकत था। तब उसमें बिहार की बहुत बड़ी भूमिका थी। इसलिए आज विकसित भारत बनाने के लिए भी बिहार का विकसित होना बहुत जरूरी है।

जब अपहरणकांड की दिलाई याद

पीएम मोदी ने कहा कि जंगलराज के दिनों को याद करते हैं। तो अंदाजा लगता है कि हालात कितने खतरनाक थे। आप मुजफ्फरपुर के लोग आरजेडी सरकार में हुआ। गोलू अपहरण कांड कभी नहीं भूल सकते। इसी शहर में 2001 में स्कूल जाते हुए एक छोटे से बालक को अपराधियों ने दिन-दहाड़े किडनैप के लिया था और बदले में बहुत सारे रुपये मांगे थे। जब रुपये नहीं दे पाए तो आरजेडी के इन चट्टे-बट्टों ने उस छोटे से बालक के टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जहां कट्टा, क्रूरता का राज हो, वहां कानून दम तोड़ देता है। जहां कटुता बढ़ाने वाली आरजेडी और कांग्रेस हो, वहां समाज में सद्भाव मुश्किल होता है। जहां आरजेडी और कांग्रेस का कुशासन हो, वहां विकास का नामो-निशान नहीं होता है। जहां करप्शन हो, वहां सामाजिक न्याय नहीं मिलता है। गरीब का हक लूट जाता है, सिर्फ और सिर्फ कुछ परिवार ही फलते-फूलते हैं। ऐसे लोग कभी भी बिहार का भला नहीं कर सकते।

आरजेडी पर प्रधानमंत्री मोदी ने कसा तंज

पीएम मोदी ने कहा कि बिहार को आगे बढाने के लिए उद्यम चाहिए, उद्योग चाहिए। उद्योग के लिए जमीन, बिजली, कनेक्टिविटी और कानून का राज चाहिए। सोचिए, जिनका इतिहास जमीन कब्जाने का हो, वो किसी उद्योग को जमीन देंगे क्या ? जिन्होंने बिहार को लालटेन युग में रखा, वो बिजली दे पाएंगे क्या ? रेल को लूटा, वो बिहार में कनेक्टिविटी बढ़ाएंगे क्या ? जिन्होंने भ्रष्टाचार और घोटाले के रिकॉर्ड तोड़ दिए। वो कानून का राज ला सकते हैं क्या ?

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दाऊद इब्राहिम आतंकवादी नहीं, ममता कुलकर्णी के बयान से मचा बवाल

एक्ट्रेस से साध्वी बनी ममता कुलकर्णी का दाऊद इब्राहिम को लेकर एक बयान चर्चा में है। उनसे गोरखपुर में दाऊद इब्राहिम को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘मेरा दाऊद से दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं था। किसी एक का नाम जरूर था, लेकिन आप देखोगे उसने कोई बम ब्लास्ट या एंटी नेशनल चीज नहीं की थी। देश के अंदर, मैं उनके साथ तो नहीं हूं। वह टेररिस्ट नहीं था, जिनके साथ आप मेरा नाम लेते हो, उन्होंने मुंबई में बम ब्लास्ट नहीं किया। दाऊद को मैं अपने जीवन में कभी नहीं मिली। इस बयान पर ममता कुलकर्णी ने अब अपनी सफाई भी दी है।

आपको बता दे कि 90 के दशक में अपनी खूबसूरती और एक्टिंग से सबका दिल जीत लेने वाली ममता कुलकर्णी अब संन्यास ले चुकी हैं और धर्म की राह पर हैं। वह अब महामंडलेश्वर यमाई ममता नंदगिरी बन गई हैं।

दाऊद इब्राहिम आतंकवादी नहीं

ममता कुलकर्णी का नाम विक्की गोस्वामी के साथ जुड़ा रहा है, माना जा रहा है कि दाऊद के सवाल पर विक्की गोस्वामी का नाम लिए बिना कह रही थीं कि वो आतंकवादी नहीं थे। इससे पहले भी कई इंटरव्यू में वह विक्की गोस्वामी को लेकर बहुत सी चीजें कह चुकी हैं। ऐसे में अब दाऊद इब्राहिम के समर्थन में ममता के चौकाने वाले बयान ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी, जो तेजी से वायरल हो रहा है। मंगलवार को गोरखपुर पहुंची ममता ने पत्रकारों को जवाब देते हुए, अपने विवादित बयान में यह कहकर सभी को हैरान कर दिया कि दाऊद इब्राहिम ने बम ब्लास्ट नहीं कराया था।

ममता कुलकर्णी ने विवादित बयान पर दी सफाई

अपने ही दिए हुए बयान पर ममता कुलकर्णी ने सफाई दी है और कहा बयान को ठीक तरीके से सुने और साधु-संत विवेक का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि उनका नाम कभी दाऊद से नहीं जुड़ा, कुछ समय के लिए विक्की गोस्वामी से जुड़ा। लेकिन उसका नाम कभी देश विरोधी गतिविधियों में नहीं आया। बता दें कि महामंडलेश्वर यमाई ममता किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर लक्ष्मी किन्नर के साथ गोरखपुर के पीपीगंज में आयोजित एक कार्यक्रम का हिस्सा थीं।

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एसडीएम की गाड़ी पर पथराव, अफसर ने भागकर बचाई अपनी जान

यूपी के अलीगढ़ में महुआखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव असदपुर कयाम में अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची। नगर निगम की टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। लोगों ने टीम के सामने जमकर हंगामा काटा, जिसके चलते टीम को बीच में ही कार्रवाई बंद करके लौटना पड़ा। लेकिन, उसी दौरान वहां से गुजर रही अतरौली एसडीएम की गाड़ी को लोगों ने घेर लिया और पथराव करके उसका शीशा तोड़ दिया। एसडीएम ने भागकर अपनी जान बचाई। पत्थर लगने से उनका चालक व गनर घायल हो गए। बाद में पुलिस बल ने हालात संभाले। मामले में आठ नामजद व 25-30 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ा

एसएसपी के अलावा पुलिस प्रशासन के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। रात में ही पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ लिया। अन्य की तलाश में टीमें लगी हुई थीं। मामले में नगर निगम के संपत्ति लिपिक विजय गुप्ता की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें कहा है कि गांव असदपुर कयाम में गाटा संख्या 328 राजस्व अभिलेखों में ऊसर अंकित होने के कारण सरकारी भूमि है। इस भूमि सहित अन्य गाटा भूमियों पर पूर्व से अतिक्रमण था। इसे हटाए जाने व सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए विभिन्न जनप्रतिनिधियों व नागरिकों द्वारा शिकायत की जा रही थीं।

इस संबंध में नगर निगम स्तर से भूमियों की जांच कर कब्जा हटाए जाने के लिए जिलाधिकारी कोल को अनेक पत्र प्रेषित किए गए थे। इसी क्रम में बुधवार शाम को तहसील कोल की संबधित राजस्व टीम लेखपाल नीरज व नायब तहसीलदार प्रवीन तोमर की उपस्थिति में नगर निगम टीम गाटा संख्या 328 की जांच कर रही थी। अतिक्रमण हटाने के लिए सभी से कहा गया।

एसडीएम की गाड़ी पर हुआ पथराव

गांव असदपुर कयाम में जैसे ही निगम की टीम ने बाउंड्रीवॉल तोड़ी, तभी भीड़ उग्र हो गई। इसके चलते अफरा-तफरी मच गई। एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची थी। इसका लोगों ने विरोध किया। टीम लौट गई थी, तभी वहां से एसडीएम अतरौली की गाड़ी गुजर रही थी, जिस पर लोगों ने पत्थर फेंके। देररात एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने घटनास्थल का जायजा लिया।

वही मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मुकदमे में टीम पर भी हमला व पथराव करने के अलावा नगर निगम के लोडर ट्रक के भी शीशे टूटने का जिक्र है। घटना के बाद गांव में पुलिस तैनात है। वीडियो के आधार पर आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है।

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खत्म हुआ इंतजार, आठवें वेतन आयोग को मिली केन्द्रीय कैबिनेट की मंजूरी

करीब एक करोड़ से अधिक केंद्रीय वेतनभोगी कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने औपचारिक रूप से आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। जस्टिस रंजन आयोग के चेयरमैन होंगे, जबकि आईआईएम बेंगलुरू के प्रोफेसर पुलक घोष और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) के सचिव पंकज जैन को इसके सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है।

इसके साथ ही पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज न्यायमूर्ति रंजन प्रकाश देसाई को आयोग की अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस वार्ता में बताया कि आयोग को अपनी सिफारिशें 18 महीनों के भीतर प्रस्तुत करनी होंगी। सरकार का इरादा है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू की जाएं।

सिफारिशें भेजने के लिए 18 महीने का समय

आयोग अपनी सिफारिशें अगले 18 महीनों के भीतर सरकार को सौंपेगा। जिसके बाद वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी वर्ष 2027 से लागू हो सकती है। कैबिनेट की बैठक के बाद जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि आठवें वेतन आयोग के लिए टर्म ऑफ रेसरेंस को मंजूरी दी गई है। वेतन आयोग में एक अध्यक्ष, एक सदस्य (पार्ट टाइम) और एक सदस्यीय सेक्रेटरी होंगे। इसके गठन के बाद सिफारिशें भेजने के लिए वेतन आयोग को अठारह महीने का समय दिया गया है। एनसी-जीसीएम (स्टाफ साइड) सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा का कहना है कि 8वें वेतन आयोग को लागू करने में भले ही देरी हो सकती है, लेकिन यह 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा। यानी इसमें अगर देरी होती है तो फिर 1 जनवरी 2026 से स्टाफ को एरियर जोड़कर दिया जा सकता है।

2027 में एरियर के साथ बढ़ी सैलरी

इससे पहले जब सातवें वेतन आयोग को लागू किया गया था, उस समय भी देरी हुई थी और सभी कर्मचारियों और वेतनभोगियों को एरियर दिया गया था। केन्द्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारकों को रिप्रजेंट करने वाले फोरम एनसी-जीसीएम की तरफ से जनवरी में ही केन्द्र सरकार को टर्म ऑफ रेफरेंस सौंपा जा चुका है। गौरतलब है कि देश में बढ़ती महंगाई और अन्य चीजों को देखते हुए हर 10 साल पर नए वेतन आयोग का गठन किया जाता है। जिसमें केन्द्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाओं को संशोधित किया जाता है। इस हिसाब से अगर देखा जाए तो 1 जनवरी 2026 से आठवें वेतन आयोग को प्रभावी होना माना जाएगा।

क्या होता है टर्म ऑफ रेफरेंस

बता दें कि टर्म ऑफ रेफरेंस किसी आयोग, समिति या संस्था को काम करने के लिए सरकार द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश और दायरा होता है। सीधे शब्दों में कहें तो टर्म ऑफ रेफरेंस यह तय करते हैं कि कोई आयोग किस विषय पर काम करेगा, कितने समय में रिपोर्ट देगा और कौन-कौन सी बातें ध्यान में रखेगा।

आयोग किन बातों का ध्यान रखेगा ?

वेतन आयोग अपनी सिफारिशें बनाते समय नीचे दी गई इन 5 बातों को खास ध्यान में रखेगा।

1.  देश की आर्थिक स्थिति और वित्तीय अनुशासन की आवश्यकता।

2.  यह सुनिश्चित करना कि विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रहें।

3.  गैर-योगदान आधारित पेंशन योजनाओं की लागत पर विचार।

4.  राज्य सरकारों पर पड़ने वाले वित्तीय असर, क्योंकि राज्य सरकारें भी आमतौर पर केंद्र की सिफारिशों को अपनाती हैं।

5.  केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन, भत्तों और कार्य परिस्थितियों की तुलना।

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दिल्ली में आर्टिफिशियल बारिश, कानपुर से आए प्लेन ने की क्लाउड सीडिंग

दिल्ली में एक ओर महापर्व छठ का आज जोर-शोर से समापन हुआ है, तो वहीं यहां की हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए आज आर्टिफिशियल बारिश की जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी में कानपुर से आए प्लेन ने क्लाउड सीडिंग की। दिल्ली के खेकड़ा, करोल बाग, मयूर विहार, बुराड़ी समेत कई इलाकों में बादलों में केमिकल डाला गया है। क्लाउड सीडिंग से बारिश होने में अब 40 मिनट से लेकर 4 घंटे तक वक्त लग सकता है।

मौसम पर टिकी निगाहें

कानपुर से आए विमान ने बुराड़ी के पास उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में सीधे जाकर ट्रायल किया। मौसम अनुकूल रहा तो आज शाम ही क्लाउड सीडिंग की दूसरी कोशिश भी की जाएगी। यह ट्रायल राजधानी में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए कृत्रिम वर्षा कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। यह सर्दियों के दौरान बिगड़ती वायु गुणवत्ता को सुधारने की दिल्ली सरकार की वृहद रणनीति का हिस्सा है। कृत्रिम वर्षा ट्रायल की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पिछले हफ्ते सरकार ने बुराड़ी क्षेत्र के ऊपर एक ट्रायल उड़ान भी संचालित की थी।

ट्रायल के दौरान विमान से सिल्वर आयोडाइड और सोडियम क्लोराइड जैसे यौगिकों की कम मात्रा छोड़ी गई, जो कृत्रिम वर्षा उत्पन्न करने में सहायक होते हैं। हालांकि, वातावरण में नमी का स्तर 20 प्रतिशत से कम होने के कारण बारिश नहीं करायी जा सकी क्योंकि कृत्रिम बारिश के लिए सामान्यत: 50 प्रतिशत की नमी की आवश्यकता होती है।

आईआईटी कानपुर ने संभाला जिम्मा

दिल्ली सरकार ने 25 सितंबर को आईआईटी कानपुर के साथ कृत्रिम वर्षा के पांच ट्रायल करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने पहले आईआईटी कानपुर को एक अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच किसी भी समय ट्रायल करने की अनुमति दी थी। इसके अलावा, केंद्रीय पर्यावरण, रक्षा और गृह मंत्रालयों, उत्तर प्रदेश सरकार, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो समेत केंद्र और राज्य की 10 से अधिक एजेंसियों से भी मंजूरी प्राप्त की जा चुकी है।

कैसे कराई जाती है आर्टिफिशियल बारिश ?

कृत्रिम वर्षा या आर्टिफिशियल बारिश से मतलब एक विशेष प्रक्रिया द्वारा बादलों की भौतिक अवस्था में कृत्रिम तरीके से बदलाव लाना होता है, जो वातावरण को बारिश के अनुकूल बनाता है। बादलों के बदलाव की यह प्रक्रिया क्लाउड सीडिंग कहलाती है।

आर्टिफिशियल बारिश में भीग गए तो क्या होगा ?

आर्टिफिशियल बारिश या क्लाउड सीडिंग एक मौसम परिवर्तन तकनीक है, जिसमें विमान या फिर ड्रोन के जरिए बादलों में खास रसायनों को छिड़का जाता है ताकि बारिश हो पाए। क्लाउड सीडिंग के दौरान निकलने वाले मुख्य रसायनों में सिल्वर आयोडाइड, पोटेशियम आयोडाइड, ठोस कार्बन डाइऑक्साइड और कभी-कभी सोडियम क्लोराइड भी शामिल होती है इसमें सिल्वर आयोडाइड सबसे ज्यादा आम है क्योंकि यह बर्फ की संरचना की नकल करता है और बादलों में पानी की बूंद को आपस में मिलकर बारिश के रूप में गिरने में काफी मदद करता है।

वैसे तो आर्टिफिशियल बारिश में भीगना सुरक्षित है क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाले रसायन काफी कम मात्रा में होते हैं लेकिन संवेदनशील त्वचा, एलर्जी या फिर सांस से संबंधित समस्याओं वाले लोगों को इसके संपर्क में कम आना चाहिए। इससे हल्की जलन या फिर बेचैनी हो सकती है। यह उन लोगों की परेशानी की वजह बन सकती है जिनहें अस्थमा या ब्रोंकाइटिस हैं।

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होटल में काम करने वाली युवती से रेप, आरोपी ने अपराध किया स्वीकार

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में महिलाओं के खिलाफ अपराधों का एक और शर्मनाक मामला सामने आया है। कोयला नगर इलाके के एक होटल में काम करने वाली 21 वर्षीय युवती ने होटल संचालक पर बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर चकेरी थाने में मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर सनसनी फैला रही है, बल्कि कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

पीड़िता ने लगाए संगीन आरोप 

पीड़िता चकेरी क्षेत्र की निवासी हैं और पिछले एक वर्ष से कोयला नगर स्थित होटल ‘ट्विंकल गैलेक्सी’ में नौकरी कर रही थीं। होटल के संचालक आदर्श विहार कॉलोनी के निवासी मनोज कुमार पटेल (उम्र लगभग 35 वर्ष) पर पीड़िता ने कई संगीन आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार, मनोज ने कुछ महीनों पहले उनसे प्रेम प्रस्ताव रखा था, जिसे उन्होंने साफ-साफ मना कर दिया था। इसके बावजूद, वह होटल में अपनी ड्यूटी निभाती रहीं। लेकिन बुधवार की देर रात को हुई घटना ने उनके जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया।

हाथ-पैर बांधकर किया दुष्कर्म

पीड़िता ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया कि रात के करीब 11 बजे वह होटल के स्टोर रूम में सामान संभाल रही थीं। तभी संचालक मनोज अचानक आया और जबरन उसे खींचते हुए एक अलग कमरे में ले गया। वहां उसने पीड़िता के हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए और क्रूरता से दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी ने उन्हें गंभीर धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया तो उसके परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा। डर के मारे पीड़िता चुप रही, लेकिन गुरुवार सुबह हिम्मत जुटाकर चकेरी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

आरोपी ने अपराध स्वीकारा

पुलिस ने पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। चकेरी थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी मनोज की तलाश की। गुरुवार दोपहर को उसे पीएसी मोड़ बाईपास के पास से दबोच लिया गया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त रस्सी और अन्य सामान भी बरामद किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में मनोज ने अपना अपराध कबूल कर लिया है।

पुलिस ने कहा……

चकेरी एसीपी अभिषेक पांडेय ने बताया, “पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 (दुष्कर्म), 127 (आपराधिक धमकी) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। हमारी टीम ने आरोपी को पीएसी मोड़ बाईपास से गिरफ्तार कर लिया है। वह न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है और जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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यूएसए-वेनेजुएला तनाव: मादुरो ने पेंटागन की तैनाती पर उतारी रूसी ब्रिगेड

अमेरिका और वेनेजुएला में तनाव चरम पर पहुंच गया है। दोनों देश अब युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं। शुक्रवार को पेंटागन ने लैटिन अमेरिका में 10 हजार सैनिकों और करीब दर्जनों एयरक्रॉफ्ट कैरियर व युद्धपोतों की तैनाती करके युद्ध की आशंका को और बढ़ा दिया है। पेंटागन की इस तैयारी से काराकास के राष्ट्रपति पैलेस में हलचल मच गई है। अब जवाब में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने रूसी हथियारों की तैनाती कर दी है। इससे दोनों देशों में तनाव बढ़ गया है।

क्या अमेरिका कर देगा हमला ?

आपको बता दे लैटिन अमेरिका में जिस तरह से अमेरिका ने करीब 10000 सैनिकों की तैनाती के साथ अपने युद्धपोत, एयरक्रॉफ्ट कैरियर और परमाणु पनडुब्बियों की अचानक तैनाती बढ़ाई है। उससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या वाकई पेंटागन वेनेजुएला पर हमला कर देगा या फिर यह राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बढ़ाने की ट्रंप की कोई नई रणनीति है। ट्रंप ने लैटिन अमेरिका में सैन्य हलचलें तब बढ़ाई हैं। जब पिछले 3 दिनों में अमेरिका ने कैरेबियन सागर में कई तथाकथित ड्रग तस्करी वाली नावों को हवाई हमले में उड़ा दिया है। गत एक महीने में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के नावों पर किए गए महले में 45 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।

राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने की बैठक

अमेरिका की युद्ध तैयारियों के जवाब में राष्ट्रपति मादुरो ने भी वार रूम में बैठक की और उन्होंने रूसी हथियारों की तैनाती का आदेश दे दिया। इससे कैरेबियन सागर में खलबली मच गई है। रूसी हथियारों के समूह ने कैरेबियन सागर को चारों ओर से घेरना शुरू कर दिया है। निकोलस मादुरो वेनेजुएला के लौह-इच्छाशक्ति वाला नेता माना जाता हैं। वह अपने सलाहकारों के साथ युद्ध कक्ष में बैठक कर रहे थे और इस दौरान खुफिया रिपोर्ट्स उनके सामने की स्क्रीन पर चमक रही थीं। इसमें पता चला कि पेंटागन ने कैरिबियन सागर में 10,000 अमेरिकी सैनिक तैनात कर दिए हैं।

पेंटागन की तैनाती पर भड़के राष्ट्रपति मादुरो

कैरेबियन सागर में 10 हजार अमेरिकी सैनिकों के अलावा कई विमानवाहक पोत, लड़ाकू जेट्स और मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स सब कुछ वेनेजुएला के उत्तरी तट के सामने आ गए हैं। इस पर मादुरो ने गरजते हुए कहा, “यह नशे के बहाने है…वे हमारी सरकार को उखाड़ फेंकना चाहते हैं। ट्रंप का नया खेल है!” इस पर मादुरो के सलाहकार चुप थे। सेना प्रमुख जनरल रेमन ने कहा, “राष्ट्रपति, हमारे पास रूस से आए हथियार हैं। इनमें 5,000 इग्ला-एस एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलें, एस-300 सिस्टम, टैंक्स और तोपें हैं, लेकिन अमेरिका की ताकत…” उनके मुंह से पूरी बात निकल पाती कि मादुरो ने अपनी मुट्ठी को जोर से टेबल पर पटका। बोले… “सभी! सभी रूसी हथियारों को तट पर भेजो। पेंटागन के सामने, उनके ठीक विपरीत कोस्ट पर। हम झुकेंगे नहीं।

राष्ट्रपति मादुरो के आदेश से मचा हड़कंप

मादुरो का सख्त आदेश जारी होते ही वेनेजुएला की सेना हरकत में आ गई। ला गुआइरा बंदरगाह से ट्रक और हेलीकॉप्टरों का काफिला निकल पड़ा। 22 वर्षीय युवा सैनिक कार्लोस एक ट्रक में मिसाइल लोड कर रहा था। उसके मन में डर और गर्व का मिश्रण था। “मां, अगर युद्ध हो गया तो?” उसने कल्पना में सोचा। रास्ते में बारिश हो रही थी, लेकिन सैनिकों की आंखों में आग थी। रूसी हथियार सागर की लहरों की तरह चमक रहे थे। कैरेबियन सागर के उत्तरी तट पर, मार्गरिता द्वीप के पास वेनेजुएला के हथियारों और सैनिकों की भी तैनाती शुरू हो गई।

वेनेजुएला ने किया सभी यूनिट को अलर्ट

तोपखाने की दहाड़ मिसाइल लॉन्चरों की चरमराहट के बीच अमेरिकी जहाज भी क्षितिज पर मंडराते दिख रहे हैं, जैसे विशालकाय छायाएं हों। इस बीच वेनेजुएला के जनरल रेमन ने रेडियो पर चिल्लाया सभी यूनिट्स अलर्ट ! कोई उल्लंघन बर्दाश्त नहीं। दूर से, पेंटागन के कमांडर ने अपनी स्क्रीन पर देखा कि वेनेजुएला का तट हथियारों से लबालब हो चुका है। पेंटागन का अधिकारी बड़बड़ाया और बोला यह पागलपन है। इधर कार्लोस पहरा दे रहा था। अचानक रडार पर सिग्नल मिला कि अमेरिकी ड्रोन करीब आ रहे हैं। तब सैनिकों का दिल धड़क उठा, लेकिन जनरल का आदेश आया कि चेतावनी दें, निशाना न लें। मिसाइल लॉन्चर घूमा, लेकिन फायर नहीं किया। जिससे अमेरिकी ड्रोन लौट गया।

संयुक्त राष्ट्र ने बातचीत की पेशकश की

वेनेजुएला और अमेरिका में तनाव को चरम पर पहुंचते देखकर संयुक्त राष्ट्र में भी खलबली मच गई। संयुक्त राष्ट्र ने अपने संदेश में दोनों पक्षों को बातचीत की पेशकश की। राष्ट्रपति मादुरो ने मुस्कुराते हुए कहा कि हमने अपना संदेश दे दिया। अब उनकी बारी। यह तनाव का खेल था, शक्ति का प्रदर्शन और जहां शब्दों से ज्यादा हथियार बोलते हैं। वेनेजुएला का तट अब किले जैसा हो चुका है। रूसी हथियारों की ढाल से सुरक्षित महसूस हो रहा है, लेकिन कार्लोस जानते हैं, शांति का रास्ता लंबा है। सूरज उगते ही, सागर शांत हो गया। लेकिन तूफान की आहट बाकी है। क्या यह युद्ध का आरंभ है, या कूटनीति की जीत अब ये समय ही बताएगा।

क्या है मामला ?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला के प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो पर आरोप लगाते रहे हैं कि वह ड्रग तस्करों पर कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहे। ट्रंप का कहना है कि वेनेजुएला के ड्रग तस्कर अमेरिकी पीढ़ियों को नशे के जाल में फंसाकर बर्बाद करना चाहते हैं। ट्रंप ने गत एक महीने में वेनेजुएला के कथित ड्रग तस्करों की नावों पर कैरेबियन सागर में ताबड़तोड़ मिसाइल हमले कराए हैं। इस कार्रवाई में अब तक 45 से ज्यादा तथाकथित ड्रग तस्कर मारे गए हैं। शुक्रवार को भी अमेरिका ने कैरेबियन सागर में एक ऐसी ही बोट पर हमला किया था, जिसमें 6 ड्रग तस्कर मारे गए थे। वहीं मादुरो का आरोप है कि राष्ट्रपति ट्रंप वेनेजुएला की सरकार को अस्थिर करना चाहते हैं, इसलिए वह ऐसे आरोप लगा रहे हैं।

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उमा भारती खत्म करेंगी राजनीतिक एकांतवास, रखी झांसी वाली शर्त

भाजपा की दिग्गज नेत्री और मध्य प्रदेश की पूर्व सीएम उमा भारती क्या अपना राजनीतिक एकांतवास खत्म करने वाली हैं। इसकी चर्चा भाजपा में जोरों पर है क्योंकि उन्होंने खुद कहा है कि वह 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि झांसी मेरी है और मैं यहीं से लोकसभा का चुनाव लड़ना चाहती हूं। उमा भारती ने खुद ही राजनीति से दूरी बना ली थी और अन्य चीजों को प्राथमिकता बताया था। लेकिन अब खुद ही वह अपना राजनीतिक एकांत खत्म करती दिख रही हैं। उनके बयान से यूपी में चर्चा भी है और फिलहाल झांसी और उसके आसपास के इलाके में हलचल तेज है।

राजनीति में हाशिए पर रत्ती बराबर भी नहीं

वह पहले भी झांसी, महोबा जैसे इलाकों में सक्रिय रही हैं। उमा भारती लोधी समाज से आती हैं और इस बिरादरी की झांसी एवं उसके आसपास के इलाकों में काफी अच्छी है। पश्चिम यूपी, पूर्वी यूपी से लेकर बुंदेलखंड तक में लोधी समाज की अच्छी खासी आबादी है। कल्याण सिंह इस वर्ग के नेता हुआ करते थे, लेकिन अब उनकी गैर-मौजूदगी में उमा भारती शायद अपने लिए स्पेस देख रही हैं। उमा भारती के बयान से इसके संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं राजनीति में हाशिए पर रत्ती बराबर भी नहीं हूं। मैंने पार्टी को सूचना दे दी है कि मैं 2029 में लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। पार्टी अगर चाहेगी तो मैं 2029 का चुनाव जरूर लडूंगी। लेकिन मैं लोकसभा का चुनाव सिर्फ झांसी से लडूंगी।

उमा भारती अपनी भूमिका स्थापित करने की कोशिश में

उन्होंने कहा कि अगर पार्टी कहेगी तो मैं ना नहीं कहूंगी। उन्होंने कहा, बाकी मुझे और किसी प्रकार की राजनीति में रुचि नहीं है। राज्य में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। माना जा रहा है कि इस बयान से उमा भारती अपनी एक भूमिका स्थापित करने की कोशिश में हैं। हालांकि ज्यादातर नेता मानते हैं कि अभी उमा भारती के बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगा। इसकी वजह यह है कि लोकसभा चुनाव के बारे में फैसला हाईकमान को लेना है और अभी 4 साल का वक्त बाकी है। इसके अलावा उमा भारती कई बार पार्टी नेतृत्व को ही इशारों में असहज करने वाले बयान देती रही हैं। ऐसे में उनकी किस स्तर पर और कैसे वापसी होगी। यह कहना मुश्किल है।

क्या हैं समीकरण, जिससे उत्साहित हैं उमा भारती

भाजपा के ही एक नेता का कहना है कि 4 साल पहले किसी चीज के ऐलान का कोई तुक नहीं है। लेकिन शायद वह झांसी में तैयारी रखना चाहती हैं। इसी इरादे से उन्होंने ऐसी बात कही है। फिर भी देखना होगा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में कैसी स्थिति रहती है और उन्हें क्या भूमिका मिलती है। उसके आधार पर ही उनकी 2029 की भूमिक तय होगी। झांसी लोकसभा क्षेत्र के ज्यादातर इलाके में लोधी समाज की बड़ी आबादी है। इस संसदीय क्षेत्र में कुल 5 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से तीन पर लोधी समाज की आबादी एक लाख के करीब है।

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व्यापारी ने घर के फर्श के नीचे छुपाए थे 40 लाख के जेवरात, नौकरों ने उड़ाए

स्टेट हेड – सादिक़ अली। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ कस्बे में धनतेरस के दिन एक व्यापारी के घर से चोरी हुए लाखों के जेवरात का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 15 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात बरामद कर लिए हैं। थानाधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि व्यापारी संदीप महाजन पुत्र राजेंद्र प्रसाद निवासी वार्ड नंबर 5, सूरजगढ़ ने रिपोर्ट दी कि धनतेरस की शाम पूजा के लिए जब उन्होंने अपने कमरे के फर्श में दबे जेवरात निकालने चाहे, तो वहां कुछ नहीं मिला। जांच में सामने आया कि उनके घर में काम करने वाले नौकर कृष्ण कुमार और सियाराम शर्मा ने मिलकर चोरी को अंजाम दिया।

पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि चिड़ावा निवासी कृष्ण नायक लंबे समय से व्यापारी के यहां काम कर रहा था। उसे मालूम था कि मकान में फर्श के नीचे जेवरात छुपाए गए हैं। करीब तीन महीने पहले उसने अपने साथी सियाराम से इस बारे में चर्चा की और दोनों ने चोरी की योजना बना डाली।

40 लाख रुपये के जेवरात चोरी

दोनों नौकरों को पता था कि महाजन दंपत्ति रोज सुबह मॉर्निंग वॉक पर जाते हैं। उसी दौरान सफाई के बहाने उन्होंने फर्श के नीचे बनाए गए तहखाने से करीब 40 लाख रुपये के जेवरात चोरी कर लिए। चोरी के जेवरात दोनों ने गौशाला के पास एक बीड़ में पेड़ के नीचे गड्ढा बनाकर छिपा रखे थे। कुछ आभूषण उन्होंने बेच भी दिए थे। सूरजगढ़ पुलिस बाकी चोरी के जेवरात की बरामदगी और खरीदारों की तलाश में जुटी है। वहीं, संदीप महाजन ने पुलिस को इस काम के लिए धन्यवाद कहा है।

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जब हर एक के हाथ में लाइट है तो लालटेन चाहिए क्या – पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनाव से ठीक पहले समस्तीपुर में लालू यादव के परिवार पर तंज कस्ते हुए उन्होंने कहा कि ये जमानत पर चल रहे लोग हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार गरीबों की सेवा कर रही है। उन्होंने नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार फिर बिहार में सुशासन की सरकार आने वाली है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”इस समय आप जीएसटी बचत उत्सव का भी खूब आनंद ले रहे हैं और कल से छठी मईया का महापर्व भी शुरू होने जा रहा है। ऐसे व्यस्त समय में भी आप इतनी विशाल संख्या में यहां आए हैं। समस्तीपुर का जो ये माहौल है, मिथिला का जो मूड है उसने पक्का कर दिया है कि नई रफ्तार से चलेगा बिहार, जब फिर आएगी एनडीए सरकार। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल का जिक्र करते हुए कहा जब मोबाइल है तो बिहार को लालटेन की जरूरत नहीं है।

पीएम मोदी ने लालू परिवार पर कसा तंज

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि याद दिलाने की जरूरत नहीं है। हजारों करोड़ों के घोटाले में ये जमानत पर चल रहे लोग हैं। जो जमानत पर हैं, वो चोरी के मामले में जमानत पर हैं। चोरी की इनकी आदत है। ये अब जननायक की उपाधि की चोरी में जुटे हैं। बिहार के लोग कर्पूरी बाबू का यह अपमान कभी नहीं सहेंगे। उन्होंने कहा, ”हमारी सरकार गरीबों की सेवा कर रही है। गरीब को पक्का घर, गरीब को मुफ्त अनाज, पेयजल और शौचालय समेत हर सुविधा एनडीए सरकार दे रही है। भाजपा कर्पूरी ठाकुर के दिखाए रास्ते पर चल रही है। हमने सभी पिछड़ों के हितों को प्राथमिकता दी है।

ओबीसी कमीशन को लेकर क्या बोले पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश में ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा देने की मांग कई दशकों से हो रही थी। ये मांग भी एनडीए सरकार ने ही पूरी की। पीएम मोदी ने कहा कि हम जैसे पिछड़े और गरीब परिवार से आने वाले लोग आज इस मंच पर खड़े हैं। इसमें कर्पूरी जी का ही योगदान है। वो मां भारती के अनमोल रत्न थे। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने का मौका मिला, यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। कर्पूरी बाबू मातृभाषा में पढ़ाई के आग्रही थे। एनडीए सरकार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय भाषा में पढ़ाई पर बल दिया। हम सुशासन को समृद्धि में बदल रहे हैं।

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आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में चिन्ना टेकुर के पास हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही कावेरी ट्रैवल्स की एसी बस में आग लगने से कम से कम 20 लोगों के मारे जाने की आशंका है। लगभग 21 लोग बस का शीशा तोड़कर बस से कूद गए जिससे उनकी जान बच गई। जो लोग अपनी जान बचाने में कामयाब नहीं हो सके उनकी जलकर मौत हो गई। ये दर्दनाक हादसा आज सुबह लगभग 3 बजे की है, जब एक बाइक से टक्कर और ईंधन के रिसाव होने के कुछ ही मिनटों बाद बस में आग लग गई, जिसमें 20 लोगों की मारे जाने की खबर मिल रही है, जबकि हादसे में घायल 11 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

बस में सवार अतिरिक्त चालक के अनुसार, उन्होंने पहले आग बुझाने की कोशिश की और जब आग नियंंत्रण से बाहह हो गई तो बाद में हमने बस के शीशे तोड़ने की कोशिश की। राहगीरों ने भी कुछ शीशे तोड़ दिए। कुरनूल के एसपी ने बताया कि जो लोग बस से कूद गए थे, वे बच गए।

जिला कलेक्टर के अनुसार बस में दो चालकों सहित 41 लोग सवार थे। फिलहाल 21 लोगों का पता लगा लिया गया है और बाकी 20 में से 11 के शव बरामद कर लिए गए हैं। दोनों चालक फरार हैं। कहा जा रहा है कि आग लगने के बाद बस का दरवाज़ा बंद कर दिया गया था। सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया। बस पूरी तरह से जलकर खाक हो गई है। घायलों को कुरनूल के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इस हादसे के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर इसकी जांच कर रही है।

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लेकिन में साथ आ गई कांग्रेस और एआईएमआईएम, उपचुनाव में दिया समर्थन

बिहार विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम भी मैदान में उतरी हुई है। एआईएमआईएम कांग्रेस व राजद वाले महागठबंधन का हिस्सा बनना चाहती थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। ऐसे में एआईएमआईएम अकेले चुनाव मैदान में है और इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी जमकर कांग्रेस व राजद व तेजस्वी यादव पर निशाना साध रहे हैं। हालांकि, दूसरी ओर तेलंगाना में एआईएमआईएम और कांग्रेस पार्टी एक साथ आ गए हैं। एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि उनकी पार्टी तेलंगाना की जुबली हिल्स विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करेगी।

क्या बोले असदुद्दीन ओवैसी ?

तेलंगाना की जुबली हिल्स विधानसभा सीट पर उपचुनाव का आयोजन आगामी 11 नवंबर को होने जा रहा है। असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को जानकारी दी है कि उनकी पार्टी इस उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार नवीन यादव का समर्थन करेगी। ओवैसी ने इस फैसले का कारण बताते हुए कहा है कि इस चुनाव के परिणाम से मौजूदा सरकार को कोई नफा या नुकसान नहीं होगा और नवीन यादव के नेतृत्व में विकास संभव है। एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जुबली हिल्स के लोगों से हमारी अपील है कि चुनाव के नतीजों से सरकार नहीं बदलेगी।

हम लगभग चार लाख मतदाताओं से अपील करते हैं जिन्होंने पिछले दस सालों से बीआरएस का समर्थन किया है। अब, मैं आपसे नवीन यादव को वोट देने का अनुरोध करता हूं, जो युवा हैं और जुबली हिल्स में विकास ला सकते हैं।” ओवैसी ने आगे ये भी आरोप लगाया कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) पिछले दस वर्षों से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद कोई विकास कार्य कराने में विफल रही है।

क्यों हो रहा है उपचुनाव ?

जुबली हिल्स विधानसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव 11 नवंबर को होगा। चुनाव आयोग ने बताया है कि इस उपचुनाव का परिणाम बिहार विधानसभा चुनाव के साथ 14 नवंबर को सामने आएगा। इस वर्ष जून में बीआरएस विधायक मगंती गोपीनाथ की हृदयाघात से मृत्यु के कारण इस सीट पर उपचुनाव आवश्यक हो गया था।

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ईंट-पत्थर से मारकर युवक की हत्या, आक्रोशित लोगों ने काटा बवाल

यूपी में पिछले कुछ दिनों से भीड़ हिंसा का तांडव देखने को मिल रहा है। रायबरेली में दलित हरिओम और सहारनपुर में हामिद की पीट-पीटकर हत्या के बाद दिवाली की रात मऊ में 21 साल के युवक की लाठी-डंडे से मारकर हत्या कर दी गई। अब मंगलवार की दोपहर प्रयागराज में एक युवक की सरेराह ईंट पत्थर से कूंचकर मौत के घाट उतार दिया गया है। वारदात शहर के मुंडेरा में एक पेट्रोल पंप के समीप हुई। घटना की जानकारी होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। आक्रोशित लोगों ने चक्काजाम जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। घटनास्थल पर धूमनगंज समेत कई थानों की पुलिस व पीएसी बुलाई गई है।

ईंट-पत्थर से मारकर युवक की हत्या

पुलिस गुस्साए लोगों को समझाने का प्रयास कर रही है। हत्या का सीसीटीवी भी वायरल हो रहा है। नीमसराय निवासी 40 वर्षीय रविंद्र कुमार उर्फ मुन्नू मंगलवार की दोपहर किसी काम से घर से निकला था। आरोप है कि मुंडेरा के समीप कुछ युवकों का रविंद्र से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। युवकों ने रविंद्र की ईंट पत्थर से बेरहमी से पिटाई कर दी। उसके खून से लथपथ होकर बेहोश होने पर आरोपी युवक भाग निकले। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंचे परिजन रविंद्र को लेकर एसआरएन अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

आक्रोशित लोगों ने काटा बवाल

मौत की खबर लगते ही आक्रोश फैल गया। गुस्साए परिजन व स्थानीय लोगों ने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने हत्यारोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। लोगों के हंगामे की सूचना पर कई थाने की पुलिस और पीएसी फोर्स पहुंच गई। एसीपी धूमनगंज अजयेंद्र यादव ने बताया कि हत्या के पीछे अभी विवाद की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

वारदात की सीसीटीवी फुटेज वायरल

रविंद्र संविदा पर रोडवेज बस चालक था। घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें दो पक्ष के लोग एक दूसरे पर ईंट पत्थर फेंकते दिख रहे है। इसी बीच एक ईंट का टुकड़ा रविंद्र के सिर पर लगा और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गया।

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जन सुराज के कैंडिडेट को बीजेपी ने जबरन बिठा दिया – प्रशांत किशोर

जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पटना के बेली रोड स्थिति शेखपुरा हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान प्रशांत किशोर ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। प्रशांत किशोर ने अपने एक प्रत्याशी मुटुर शाह के साथ अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान के साथ तस्वीर दिखाई और बीजेपी पर हमला बोला। प्रशांत किशोर ने कहा कि दानापुर से एक सज्जन (रीतलाल यादव) जो चुनाव लड़ते हैं, अभी जेल में हैं।

बीजेपी भी यहां से लड़ती है, लेकिन उसके पास कहने के लिए कुछ नहीं होता है। तो कहती है कि हमको वोट दीजिए नहीं तो जो सज्जन आरजेडी से जीतते हैं वो आ जाएंगे और आपका जीना हराम कर देंगे। आरजेडी के प्रत्याशी रीतलाल यादव से डरकर बीजेपी को लोग वोट देते हैं और बीजेपी से डरकर आरजेडी को वोट देते हैं। इस बार दानापुर की जनता ने तय किया कि हम लोग डरकर वोट देना नहीं चाहते है।

सारे व्यवसायियों ने बैठकर तय किया कि…

पीके ने कहा कि दानापुर के सारे व्यवसायियों ने एक साथ बैठकर तय किया कि कोई भी जीतता है। तो सबसे ज्यादा दिक्कत व्यापार करने वालों को होती है। तो कई राउंड मेरे साथ बैठे। सबने मिलकर अपने में आपस में से एक राजनीतिक व्यक्ति जो वहां (दानापुर) पर व्यवसायी भी हैं, अखिलेश सिंह नाम है। बोलचाल की भाषा में लोग मुटुर शाह भी बोलते हैं। पूरे समाज ने तय किया कि मुटुर शाह को टिकट दीजिए। हम लोग रीत लाल के डर से बीजेपी और बीजेपी के डर से रीतलाल को जो वोट दे रहे वो बंद हो।

>>  गोपालगंज: जन सुराज के उम्मीदवार शशि शेखर सिन्हा ने अपना नामांकन वापस ले लिया है।

>>  ब्रह्मपुर (बक्सर): इस सीट से उम्मीदवार डॉ. सत्य प्रकाश तिवारी चुनाव मैदान से हट गए हैं।

>>  दानापुर: दानापुर सीट से जन सुराज के उम्मीदवार ने कथित तौर पर नामांकन ही दाखिल नहीं किया, जबकि पार्टी का सिंबल जारी हो चुका था।

सिंबल लेकर गए और निर्वाचन ऑफिस तक नहीं पहुंचे

इसके बाद प्रशांत किशोर ने मुटुर शाह की तस्वीर दिखाते हुए कहा, “ये मुटुर शाह हैं। यहां से सिंबल लेकर गए, सिंबल लेकर तो गए लेकिन निर्वाचन ऑफिस तक नहीं पहुंचे। बीजेपी वाले यह बताते रहे कि आरजेडी के गुंडों ने जन सुराज के प्रत्याशी को बंधक बना लिया है। तस्वीर में भारत के गृह मंत्री हैं अमित शाह, धर्मेंद्र प्रधान हैं जो अपने साथ मुटुर शाह को खड़ा किए हुए हैं। ताकि वो नामांकन भी ना कर सकें।

ये है बीजेपी का चाल-चरित्र-चेहरा। पीके ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा ट्विटर पर बता रहे हैं कि जन सुराज के उम्मीदवार भाग रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक वोटर को प्रत्याशी पैसा देते हुए दिख जाएं तो आचार संहिता का उल्लंघन होता है। सवाल उठाया कि अब चुनाव आयोग कहां है ?

प्रशांत किशोर ने 116 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा

बता दें कि प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने अब तक बिहार विधानसभा चुनाव के लिए 116 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है। पार्टी ने अपनी पहली सूची में 51 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया था। जिसके बाद दूसरी सूची में 65 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए थे। प्रशांत किशोर की पार्टी का लक्ष्य बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से कम से कम 150 सीटें जीतना है। घोषित उम्मीदवारों में कई पेशेवर, सेवानिवृत्त अधिकारी और अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल हैं। जिनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री आर.सी.पी. सिंह की बेटी लता सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की पोती जागृति ठाकुर जैसे चेहरे प्रमुख हैं।

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आरजेडी ने 143 कैंडिडेट की लिस्ट की जारी, तेजस्वी राघोपुर से लड़ेंगे चुनाव

राष्ट्रीय जनता दल ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। बिहार चुनाव के लिए राजद ने 143 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है। यहां आपको बता दें कि साल 2020 में राजद ने 144 उम्मीदवार चुनावी मैदान में खड़े किए थे। इस बार राजद ने 143 उम्मीदवार ही अब तक खड़े किए हैं। भले ही राष्ट्रीय जनता दल ने 143 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है लेकिन महागठबंधन के सभी घटक दलों के बीच अभी सीटों का मसला पूरी तरह नहीं सुलझा है। वही आरजेडी ने राज्य की कुल 243 सीटों में से 143 विधानसभा क्षेत्रों में अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की है। इस घोषणा के साथ ही राजद ने चुनाव के लिए अपनी तैयारियों को औपचारिक रूप से अंतिम रूप दे दिया है।

दो चरणों में होगा बिहार चुनाव

बता दें कि बिहार विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव प्रक्रिया को इस तारीख से पहले पूरा किया जाना है। ऐसे में चुनाव आयोग ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए चुनाव से जुड़ी तारीखों की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग ने बिहार में दो चरणों के तहत मतदान संपन्न कराने का ऐलान किया है। पहले चरण के तहत 06 नवंबर जबकि दूसरे चरण के तहत 11 नवंबर को बिहार में मतदान कराया जाना है। इसके अलावा ,14 नवंबर को मतदान के नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।

राघोपुर से मैदान में तेजस्वी यादव

आरजेडी की ओर से जारी सूची के अनुसार, तेजस्वी यादव वैशाली जिले की अपनी पारंपरिक राघोपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। तेजस्वी यादव पहले ही इस सीट से अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं और अब वह तीसरी बार यहां से अपनी किस्मत आजमाएंगे। राघोपुर सीट को लालू प्रसाद यादव के परिवार का गढ़ माना जाता है, जहां से लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी भी विधायक रह चुकी हैं।

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गाजा में फिर शुरू हुई जंग, आईडीएफ ने हमास पर बरसाए बम

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से गाजा में सीजफायर कराने के बाद एक बार फिर इजरायल और हमास में जंग शुरू हो गई है। इस बीच इजरायली सेना (आईडीएफ) ने रविवार (19 अक्तूबर 2025) को गाजा में एयरस्ट्राइक किया है। हालांकि अभी तक इजरायल की तरफ से इस हमले को लेकर आधिकारिक तौर पर बयान जारी नहीं किया गया है।

अमेरिकी रिपोर्ट के बाद गाजा में एयरस्ट्राइक

अमेरिका ने खुफिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि हमास गाजा के लोगों पर हमला करने और उसके बाद सीजफायर तोड़ने की योजना बना रहा है। इजरायली पीएम नेतन्याहू ने शनिवार (19 अक्तूबर 2025) को चेतावनी देते हुए कहा कि गाजा में जंग तब तक नहीं थमेगा। जब तक हमास को पूरी तरह हथियारबंद नहीं किया जाता है।

राफा बॉर्डर खोलने को लेकर नेतन्याहू की चेतावनी

इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि राफा क्रॉसिंग तभी खोली जाएगी। जब हमास सभी बंधकों को वापस करेगा और समझौते की शर्तें पूरी करेगा। 10 अक्तूबर को हुए समझौते के मुताबिक हमास को 20 जीवित बंधकों को रिहा करना था और आईडीएफ के गाजा में लौटने के बाद 72 घंटे के भीतर 28 मृत बंधकों के शव को सौंपने थे। हालांकि तब से अभी तक हमास ने सिर्फ 10 शव लौटाए हैं।

राफा क्षेत्र में आईडीएफ ने बरसाए बम

इजरायल के चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार, आईडीएफ ने ये हमला गाजा के राफा क्षेत्र में किया है। यह हमला ऐसे समय में किया गया है, जब अमेरिकी ने हमास पर गाजा पट्टी में फिलिस्तीनी लोगों पर हमले की योजना बनाने का आरोप लगाया है। टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक यह हवाई हमला गाजा पट्टी में आतंकवादियों की ओर से राफा में इजरायली सेना पर किए गए हमले का जवाब था। आईडीएफ के अनुसार राफा क्षेत्र में एक सुरंग से कई आतंकवादी निकले और उन्होंने इजरायली सैनिकों पर गोलीबारी शुरू कर दी। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

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कांग्रेस विधायक अफाक आलम का बड़ा आरोप, पैसे लेकर बांटा जा रहा टिकट

महागठबंधन के प्रमुख दल कांग्रेस के अंदर भी टिकट बंटवारे पर घमासान जारी है। अब कांग्रेस के विधायक अफाक आलम ने पार्टी के अंदर पैसे लेकर सीट बेचने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में एक ऑडियो टेप भी जारी किया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि वे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम से बात कर रहे हैं । इस बातचीत में पप्पू यादव का नाम सामने आया। बातचीत में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने अफाक आलम से कहा कि उनकी ओर से नाम फाइनल था लेकिन पप्पू यादव ने पैसा लेकर इरफान को टिकट दे दिया। अफाक आलम ने इस संबंध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की और अपनी बात रखी।

कई नेताओं ने पक्षपात और मनमानी के लगाए आरोप

बता दें कि इससे पहले शनिवार को भी टिकट वितरण को लेकर प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं ने खुले मंच से पार्टी नेतृत्व पर पक्षपात और मनमानी के आरोप लगाए। पटना में कांग्रेस के ‘रिसर्च सेल’ के अध्यक्ष आनंद माधव, पूर्व प्रत्याशी गजानंद शाही, छत्रपति तिवारी, नागेंद्र प्रसाद विकल, रंजन सिंह, बच्चू प्रसाद सिंह और बंटी चौधरी सहित कई नेताओं ने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन कर प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजेश राम पर गंभीर आरोप लगाए।

प्रदेश इकाई दलालों के हाथों में बंधक

इन नेताओं ने कहा कि कांग्रेस की प्रदेश इकाई अब “कुछ नेताओं के निजी दलालों” के हाथों में बंधक बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट वितरण में वर्षों से पार्टी के लिए संघर्ष कर रहे जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर ऐसे चेहरों को प्राथमिकता दी गई है, जिनकी राजनीतिक प्रासंगिकता सीमित है और पहचान केवल धनबल के आधार पर है। असंतुष्ट नेताओं का कहना है कि यह विवाद केवल टिकट मिलने या न मिलने का नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर विचारधारा और कर्मठ कार्यकर्ताओं की उपेक्षा को लेकर है। उन्होंने कहा कि जब टिकट वितरण का आधार संगठनात्मक सक्रियता के बजाय व्यक्तिगत समीकरण और आर्थिक हैसियत बन जाए, तो पार्टी अपनी वैचारिक पहचान खोने लगती है।

ऐसे लोगों को सबक सिखाने की जरूरत – आलम

उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की है कि उनलोगों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाए जो पैसा लेकर टिकट बांट रहे हैं। ऐसे लोगों को सबक सिखाने की जरूरत है ताकि आनेवाली नस्लें सुधर जाएं। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र का हनन हो रहा है। मेरे साथ ब्लैकमेल हुआ। पैसा का काफी उगाही हुआ और पैसा पप्पू यादव के यहां जमा हुआ। फिर ओके होने के बाद टिकट दिया गया।

बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं अफाक आलम

अफाक आलम चार बार पूर्णिया की कस्बा विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं। वे बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। लेकिन इस बार पार्टी ने उनका टिकट काटकर इरफान को चुनाव मैदान में उतारा है। इससे नाराज होकर अफाक आलम ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम से हुई बातचीत का ऑडियो भी जारी कर दिया और कहा कि पार्टी में पैसे लेकर टिकट बांटे जा रहे हैं।

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मोहम्मद शमी ने दी टीम इंडिया में वापसी की दस्तक, दिलाई शानदार जीत

भारत में इन दिनों रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट खेला जा रहा है। इस टूर्नामेंट में एलिट ग्रुप-सी के मैच में बंगाल का सामना उत्तराखंड से हुआ। यह मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेला गया, जहां बंगाल की टीम ने 8 विकेट से जीत दर्ज की। बंगाल की इस जीत में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने अहम भूमिका निभाई। आपको बता दें कि शमी पिछले काफी समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं और अब उन्होंने इस मैच में शानदार गेंदबाजी कर टीम में अपनी वापसी की मजबूत दावेदारी ठोकी है।

अभिमन्यु ईश्वरन ने लगाया शतक

मुकाबले की बात करें तो बंगाल की टीम इस मैच में 8 विकेट से जीत दर्ज करने में कामयाब रही। पहली पारी में उत्तराखंड ने 213 रन बनाए थे। जवाब में बंगाल की टीम ने अपनी पहली पारी में 323 रन बनाकर 110 रन की बढ़त हासिल की थी। इसके बाद उत्तराखंड ने दूसरी पारी में 265 रन बनाए और बंगाल के सामने जीत के लिए 156 रन का टारगेट रखा। इस टारगेट को बंगाल की टीम ने 29.3 ओवर में 2 विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। दूसरी पारी में अभिमन्यु ईश्वरन 71 रन बनाकर नाबाद लौटे। मोहम्मद शमी को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला।

मोहम्मद शमी की फिटनेस पर उठे थे सवाल

आपको बता दें कि शमी की फिटनेस को लेकर काफी चर्चा हो रही है। जहां एक तरफ टीम इंडिया चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने उन्हें अनफिट बताया था। वहीं शमी ने भी इस मैच से पहले अपनी फिटनेस को लेकर बड़ी बातें कही थी। भारतीय तेज गेंदबाज ने रणजी ट्रॉफी 2025 सीजन की शुरुआत से पहले ही खुद को एकदम फिट बताया था। उत्तराखंड के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने 39.3 ओवर गेंदबाजी की और दोनों पारियों में मिलाकर 7 विकेट अपने नाम किए। इसके साथ ही उन्होंने साबित कर दिया कि वह इस वक्त पूरी तरह से फिट हैं।

कैसा रहा मोहम्मद शमी का प्रदर्शन

मोहम्मद शमी ने उत्तराखंड के खिलाफ मैच में पहली पारी में तीन और दूसरी पारी में चार विकेट अपने नाम किए। उन्होंने पहली पारी में 14.5 ओवर गेंदबाजी करते हुए 4 मेडन ओवर फेंके और 37 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए। इस पारी के दौरान उन्होंने ये तीन विकेट चार गेंदों के अंदर लिए। इसके बाद दूसरी पारी में शमी ने 24.4 ओवर गेंदबाजी करते हुए 7 ओवर मेडन फेंके और 38 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। पूरे मैच में उनकी इकॉनमी रेट 2 से कम की रही। वह इस मैच में किफायती गेंदबाजी करते हुए विकेट भी निकालने में कामयाब रहे। वह आगामी मैचों में भी ऐसा ही प्रदर्शन करना चाहेंगे।

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आरोपी को थाने ले जा रही थी पुलिस, कांस्टेबल की हत्याकर हुआ फरार

तेलंगाना के निजामाबाद शहर में एक व्यक्ति ने कांस्टेबल पर चाकू से हमला कर दिया। पुलिस की टीम आरोपी को थाने लेकर जा रही थी। इसी दौरान आरोपी ने कांस्टेबल कर पर कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पूरी घटना 17 अक्टूबर रात 8:30- 09.00 बजे के बीच की बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपी शेख रियाज (24) ने एक मामले में पकड़े जाने के बाद दोपहिया वाहन पर निजामाबाद शहर के थाने ले जाते समय कांस्टेबल ई. प्रमोद की छाती पर चाकू से हमला किया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी घटनास्थल से फरार हो गया। उन्होंने बताया कि प्रमोद की बाद में मौत हो गई।

डीजीपी ने दिए जांच के निर्देश

पुलिस ने बताया कि कांस्टेबल की बाइक का पीछा कर रहे एक उप-निरीक्षक की उंगलियों पर भी आरोपी ने हमला किया, जिससे उसकी उंगलियों में चोट लग गई। कांस्टेबल की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए, तेलंगाना के डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने निजामाबाद पुलिस आयुक्त को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाने का निर्देश दिया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि डीजीपी ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) मल्टी जोन-I एस चंद्रशेखर रेड्डी को निजामाबाद जाकर स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया है। रेड्डी ने आईजीपी से कांस्टेबल के परिवार के सदस्यों को सांत्वना देने और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करने का भी अनुरोध किया।

आरोपी की तलाशी में जुटी आठ टीमें

विज्ञप्ति में कहा गया है कि डीजीपी ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तलाशी अभियान शुरू करने और आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश जारी किए हैं। निजामाबाद के पुलिस आयुक्त पी. साई चैतन्य ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के प्रयास जारी हैं और इसके लिए आठ टीम बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोग घायल कांस्टेबल को अस्पताल पहुंचाने में पुलिस की मदद करने के बजाय तस्वीरें खींच रहे थे।

उन्होंने कहा हमारे उप-निरीक्षक ने घायल कांस्टेबल को अस्पताल ले जाने के लिए ऑटो-रिक्शा वालों से अनुरोध किया, तब भी लोग नहीं रुके। प्रमोद निजामाबाद पुलिस आयुक्तालय की एक शाखा सेंट्रल क्राइम स्टेशन (सीसीएस) में कार्यरत थे। पुलिस ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी पर 50,000 रुपये के नकद इनाम की घोषणा करते हुए बताया कि वह डकैती, लूट और हत्या के मामलों में शामिल था।

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