डूसू चुनाव में एबीवीपी की बड़ी जीत, अध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव का पद जीता

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU) चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास ने जीत दर्ज की है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने बाजी मारी है। सचिव और संयुक्त सचिव पद पर भी एबीवीपी के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। इस तरह चार केंद्रीय पदों में एबीवीपी के तीन उम्मीदवार विजयी रहे। जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गया।

अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला काफी करीबी रहा है। एबीवीपी के यश डबास को सबसे ज्यादा 24,576 वोट मिले। वहीं कांग्रेस समर्थित भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट हासिल हुए। अनन्या रतूड़ी को 5,377, समीर कुमार को 1,015, अश्मित कुमार को 1,388, एजाज मंसूरी को 837 और समर्थ बेनीवाल को 819 वोट मिले। इस पद पर नोटा को 4,310 वोट पड़े. कुल 60,845 वोट डाले गए।

उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन जीते

उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने बड़ी जीत दर्ज की। उन्हें 30,615 वोट मिले. इशु मौर्य को 16,910 वोट मिले। जबकि वीर छत्रथ को 4,313 वोट हासिल हुए। अरन्या सिंह राठौड़ को 2,274 और अक्षत शिखर को 2,383 वोट मिले। नोटा के खाते में 4,359 वोट गए। इस पद पर कुल 60,854 वोट पड़े।

सचिव पद पर रिया छावड़ी के सिर जीत का ताज

सचिव पद पर एबीवीपी की रिया छावड़ी ने जीत दर्ज की। उन्हें 21,650 वोट मिले. एनएसयूआई की नम्रता चौधरी को 14,869 वोट हासिल हुए। पंकज कुमार को 7,639 और स्टैनजिन डेस्कयॉन्ग को 8,734 वोट मिले। वहीं 7,884 छात्रों ने नोटा का विकल्प चुना। कुल 60,776 वोट पड़े।

संयुक्त सचिव पद पर भी एबीवीपी आगे

संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह ने 16,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। निर्दलीय विशेष यादव को 15,778 और एनएसयूआई के गोपाल चौधरी को 15,206 वोट मिले। बी परिजात को 5,837 वोट मिले, जबकि नोटा को 7,389 वोट पड़े। इस पद पर कुल 60,825 वोट डाले गए।

शुक्रवार को हुआ था मतदान

मालूम हो कि शुक्रवार को छात्रसंघ चुनाव में 40.46 प्रतिशत मतदान हुआ था। चुनाव में आरएसएस समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और कांग्रेस समर्थित भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के बीच मुख्य मुकाबला हुआ। भारतीय राजनीति की नर्सरी कहे जाने वाले दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव पर सबकी निगाहें टिकी रहती हैं और इस बार का ये चुनाव इसलिए भी खास रहा, क्योंकि जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बाद हुआ है। जो GEN-Z के मूड को दर्शाता है। डूसू चुनाव के दौरान सत्य निकेतन में पीजी दुर्घटना का मामला भी सुर्खियों में रहा, जिसमें कई बच्चों की मौत हुई थी।

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